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राष्ट्रीय एकता दिवस पर प्रदेशभर में शपथ कार्यक्रम, प्रशासन ने की तैयारियां पूरी

भोपाल  प्रदेश में एकता, अंखडता और सुरक्षा की भावना को मजबूती प्रदान करने के लिए ''राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ  31 अक्टूबर को दिलायी जायेगी। शपथ कार्यक्रम के बाद प्रत्येक जिले में कम से कम एक स्थान पर ''रन फॉर यूनिटी'' का आयोजन स्थानीय जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में आमजन की सहभागिता से किया जायेगा। जिले के समस्त पुलिस स्टेशनों में शुभारंभ समारोह, एकता शपथ ग्रहण समारोह, स्कूलों व पुलिस स्टेशनों में सरदार पटेल फोटो प्रदर्शनी, एकता वृक्षारोपण (''एकता वृक्ष'' अभियान) का आयोजन किया जायेगा।  सामान्य प्रशासन विभाग ने जिलों में आयोजित शपथ कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक, समस्त संभागायुक्त, कलेक्टर एवं अधिकारियों तथा कर्मचारियों को उपस्थित रहने के निर्देश दिये हैं। मंत्रालय स्थित वल्लभ भाई पटेल पार्क में दिलायी जायेगी राष्ट्रीय एकता की शपथ मंत्रालय स्थित वल्लभ भाई पटेल पार्क में प्रात: 10 बजे एकता, अंखडता और सुरक्षा की भावना को मजबूती प्रदान करने के लिए ''राष्ट्रीय एकता दिवस'' की शपथ दिलायी जायेगी। शपथ में मंत्रालय, सतपुड़ा एवं विंध्याचल भवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं विभागाध्यक्षों को उपस्थित रहने के निर्देश दिये हैं।  

भोपाल में शुरू होगा ड्रोन तकनीक एक्सपो-2025, मुख्यमंत्री डॉ. यादव देंगे स्टार्टअप्स को नई उड़ान

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् के मुख्य सभागृह में "ड्रोन तकनीक कार्यशाला एवं एक्सपो-2025” का 11:45 बजे शुभारंभ करेंगे। कार्यशाला का आयोजन मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद्, मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम एवं आई. आई. टी, इंदौर द्वारा किया जा रहा है। मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित यह दो दिवसीय कार्यशाला एवं एक्सपो राज्य में ड्रोन तकनीक के विकास, उपयोग और नवाचारको को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। ड्रोन टेक वर्कशॉप एवं एक्सपो-2025 का मुख्य उद्देश्य राज्य में ड्रोन तकनीक की समझ, उपयोगिता और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देना है। कार्यशाला से युवाओं, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स, उद्योगों और नीति निर्माताओं को एक साझा मंच मिलेगा जिससे ड्रोन तकनीक के व्यावहारिक, सामाजिक और औद्योगिक उपयोग को बढ़ावा दिया जा सकेगा। कार्यक्रम में ड्रोन प्रदर्शनी एवं हैंड्स ऑन वर्कशॉप आयोजित की जाएगी। एक्सपो में राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय विशेषज्ञों के प्रेरक व्याख्यान, ड्रोन उड़ान के लाइव डेमो एवं टेक्निकल शोकेस, इनोवेशन चैलेंज एवं प्रतियोगिताएँ,सहभागी संस्थाओं, विद्यार्थियों को डिजिटल सहभागिता प्रमाण पत्र वितरण किया जायेगा। कार्यशाला में विज्ञान एवं प्रौद्योगिक के अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे, मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी, स्कूल ऑफ प्लानिंग एण्ड आर्किटेक्चर के निदेशक डॉ. कैलासा राव, म.प्र. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी उपस्थित रहेंगे।  

33.21 करोड़ की लागत से खातेगांव जल प्रदाय परियोजना का कार्य तेजी से प्रगति पर

खातेगांव जल प्रदाय परियोजना का कार्य तेजी से जारी परियोजना की लागत 33 करोड़ 21 लाख रूपये खातेगांव देवास जिले की खातेगांव जल प्रदाय परियोजना का कार्य एशियन डेवलपमेंट बैंक के सहयोग से तेजी से किया जा रहा है। परियोजना के तहत नर्मदा नदी से जल लेकर 7.9 एमएलडी क्षमता वाले जल शोधन संयंत्र में शुद्ध किया जाएगा। वर्तमान में 4.75 एमएलडी क्षमता का नया जल शोधन संयंत्र बनाया जा रहा है, जबकि 3.75 एमएलडी क्षमता का संयंत्र पहले से ही कार्य कर रहा है। जल संग्रहण के लिए 1000 किलोलीटर क्षमता का नया ओवरहेड टैंक बनाया जा रहा है। साथ ही एक मौजूदा ओवरहेड टैंक का उपयोग भी किया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत कुल 6 हजार 300 घरों में नल कनेक्शन दिए जाने का कार्यक्रम बनाया गया है, इनमें से अब तक 3 हजार 526 घरों को जल प्रदाय नेटवर्क से जोड़ा जा चुका है। इस योजना से खातेगांव की लगभग 18 हजार से अधिक की आबादी को शुद्ध पेयजल की सुविधा प्राप्त होगी। परियोजना की कुल लागत करीब 33 करोड़ 21 लाख रुपये है और कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में पेयजल संकट का स्थायी समाधान होगा तथा नागरिकों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आएगा। उल्लेखनीय है कि कार्य के अंतर्गत नर्मदा नदी पर निर्माणाधीन इंटेक वेल का कार्य भी पंप के फ्लोर लेवल तक पूर्ण होकर एपोर्च ब्रिज का कार्य जारी है। वहीं खातेगॉव नगर परिषद के पुराने ट्रेंचिंग ग्राउंड पर जल शोधन संयंत्र के विभिन्न घटकों का निर्माण भी तेज गति से जारी है। नेमावर इनटेक वेल से खातेगॉव तक रॉ वॉटर पाइप लाइन बिछाने का कार्य भी शीघ्र प्रारंभ किया जा रहा है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी की उज्जैन इकाई के अंतर्गत यह कार्य किया जा रहा है। कंपनी द्वारा कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि यह परियोजना लंबे समय तक जनहित में उपयोगी सिद्ध हो सके। परियोजना की खास बात यह है कि सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप किए जा रहे हैं और शीघ्र ही खातेगांव को नियमित एवं स्वच्छ पेयजल आपूर्ति का लाभ मिलेगा।    

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले – माँ नर्मदा में मगरमच्छ को पुनर्स्थापित करने का संकल्प हो रहा पूर्ण

पुण्य सलिला माँ नर्मदा के वाहन मगरमच्छ को माँ नर्मदा में बसाने का पूर्ण हो रहा है संकल्प : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 30 अक्टूबर गुरुवार को माँ नर्मदा के जल में छोड़े जाएंगे मगरमच्छ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार पुण्य सलिला माँ नर्मदा के वाहन मगरमच्छ को माँ नर्मदा में बसाने का अपना संकल्प पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। मगरमच्छों के आवास के लिए नर्मदा जी की धारा अत्यंत अनुकूल है। गुरुवार 30 अक्टूबर को माँ नर्मदा के जल में मगरमच्छों को छोड़ा जाएगा। राज्य सरकार सभी प्रकार के जीवों के संरक्षण के लिए संकल्पित है। प्रदेश में वन्य जीवों के साथ ही घड़ियाल, मगरमच्छ जैसे सभी प्रकार के जलीय जीवों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष चंबल नदी में घड़ियाल छोड़े गए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह जानकारी अटल पथ पर मीडिया से चर्चा के दौरान दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सभी प्रकार के वन्यजीवों के संरक्षण का अभियान चल रहा है। भारतीय संस्कृति में मनुष्य एवं वन्य जीव परस्पर एक-दूसरे पर निर्भर हैं। मां नर्मदा जी का वाहन निर्मल जल में अठखेलियां करता दिखाई देगा। नर्मदा जी में मगरमच्छों को छोड़ते समय इस बात का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा कि इस जलीय जीव को ऐसे स्थान पर छोड़ा जाए, जहां लोगों को इससे खतरा न हो। मगरमच्छ की मौजूदगी मां नर्मदा के लिए शुभ होगी और यह जल की धारा को सशक्त बनाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 30 अक्टूबर को खण्डवा जिले के नर्मदानगर प्रवास पर रहेंगे।  

मध्य प्रदेश को बड़ी सौगात: पीएमश्री हेली सेवा इन शहरों से करेगी उड़ान

भोपाल  एक नवंबर को मध्य प्रदेश का 70वां स्थापना दिवस है। 1956 में बने मध्य प्रदेश 70 साल का हो जाएगा। इस अवसर पर सरकारी स्तर पर कई बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। वहीं, प्रदेश को कई नई सौगातें मिलने वाली हैं। एक नवंबर को मध्य प्रदेश को पीएमश्री पर्यटन हेली सेवा की सौगात मिलेगी। तीन क्षेत्रों से होगी पीएम हेली सेवा की शुरुआत दरअसल, मध्य प्रदेश के तीन क्षेत्रों से पीएम हेली सेवा की शुरुआत होगी। पहला क्षेत्र भोपाल से उज्जैन, इंदौर, मांडव और ओंकारेश्वर है। वहीं, दूसरा क्षेत्र नर्मदापुरम जिले स्थित हिल स्टेशन पचमढ़ी के साथ ही छिंदवाड़ा जिले के तामिया और छतरपुर जिले में स्थित विश्व धरोहर स्थल खजुराहो है। इसके साथ ही तीसरा क्षेत्र जबलपुर और कान्हा, पेंच और पन्ना राष्ट्रीय उद्यानों तक है। वहीं, पीएम हेली सेवा की शुरुआत से मध्य प्रदेश में टूरिज्म को बुस्टोर डोज मिलेगा। इससे पर्यटक कम समय में अपनी पसंदीदा जगहों पर पहुंच सकते हैं। मध्य प्रदेश में सबसे अधिक पर्यटक इन्हीं जगहों पर आते हैं। सरकार लगातार इन जगहों के विकास के लिए कार्य कर रही है। टाइगर रिजर्व पार्कों में हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश स्थापना दिवस के मौके पर प्रदेश में इस बार अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पूरे प्रदेश में तीन दिनों तक उत्सव चलने वाला है। इसकी शुरुआत एक नवंबर से होगी। सभी जगहों पर तैयारी चल रही है। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पहले वायु सेवा की शुरुआत हो चुकी है।

बेटियों का घर बसाने की पहल: धीरेंद्र शास्त्री बोले- 300 कन्याओं के हाथ होंगे पीले

छतरपुर बागेश्वर धाम में अगले वर्ष यानी साल 2026 में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर 8वां सामूहिक कन्या विवाह का आयोजन होगा. जिसमें 300 बेटियों को परिणय सूत्र में बांधा जाएगा. इस साल यानी कि साल 2025 में 251 जोड़ों को परिणय सूत्र में बांधा गया था. पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि "इस बार (साल 2026) 300 बेटियों के घर बसाने का संकल्प लिया है. सामूहिक विवाह में 300 बेटियों के हाथ पीले किए जाएंगे." गुरु शिष्य मिलन कार्यक्रम का आयोजन बागेश्वर धाम में गुरु शिष्य मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिसमें बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि "बालाजी और सन्यासी बाबा की प्रेरणा से इस बार 50 अतिरिक्त बेटियों के साथ 300 बेटियों के हाथ पीले किए जाएंगे. गत वर्ष 251 जोड़ों को परिणय सूत्र में बांधा गया था." इस दौरान महाराज ने सभी शिष्य मंडल को बेटियों के विवाह कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया. बेटियों के घर बसाने खुलती है दान पेटियां पंडित धीरेंद्रे शास्त्री ने कहा, संकल्प पूरा हो इसके लिए सभी शिष्य मंडल अपनी जिम्मेदारी निभाये. बागेश्वर धाम की दान पेटी गरीब बेटियों का घर बसाने के लिए ही खोली जाती है. चढ़ोतरी में जो भी राशि आती है, वह बेटियों का वैवाहिक जीवन में प्रवेश कराने में खर्च की जाती है. यदि देश के मंदिरों की दान पेटियां गरीब बेटियों का घर बसाने लगे, तो कोई भी गरीब, बेटी को बोझ नहीं मानेगा." हजारों बेटियों का करा चुके हैं विवाह बागेश्वर धाम से अब तक हजारों बेटियों को विवाह के बंधन में बांधा जा चुका है. पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने गुरु शिष्य मिलन कार्यक्रम में शिष्यों से कही कि "जल्द ही एक आयोजन रखा जाएगा, जिसमें फिर से शिष्यों के साथ इत्मीनान से बैठकर बात होगी और भेंट होगी." 'जिनकी दुकानें बंद हो रहीं, वे साजिश में जुटे' बागेश्वर महाराज ने कहा कि "आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सहारा लेकर उनके विरोध में वीडियो जारी किए जा रहे हैं. जिन तांत्रिकों की दुकानें बंद हो रही हैं वे बौखला रहे हैं और फेक वीडियो के माध्यम से बदनाम करने की कोशिश में लगे हैं. ऐसा ज्ञात हुआ है कि देश-विदेश के 22 लोगों की टीम दुष्प्रचार करने में लगी है. ऐसे लोगों के खिलाफ एक्शन की भी तैयारी चल रही है." सनातन एकता पदयात्रा वैचारिक क्रांति पंडित धीरेंद्रे शास्त्री ने कहा कि "सनातन हिंदू एकता पदयात्रा वैचारिक क्रांति की यात्रा है. जब हिंदू बचेगा, तभी हिंदुस्तान बचेगा. इसलिए इस वैचारिक क्रांति की यात्रा में सबको साथ चलना है. 7 नवंबर से 16 नवंबर तक दिल्ली से वृंदावन की पदयात्रा में न केवल स्वयं शामिल हों, बल्कि अपने रिश्तेदारों, दोस्तों को भी शामिल करें. जब कभी बागेश्वर धाम का इतिहास लिखा जाएगा तो आप सबका भी नाम आएगा. आपकी आने वाली पीढ़ी इस बात की जरूर चर्चा करेगी कि सनातन एकता पदयात्रा के लिए आपके घर से भी कोई निकला था."

पदयात्रा रोको, नहीं तो आंदोलन होगा’ — दामोदर यादव ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र

छतरपुर  भीम आर्मी और दलित पिछड़ा समाज संगठन बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र शास्त्री की सनातन हिंदू एकता पदयात्रा के विरोध में खुलकर सामने आ गए हैं। संगठन के नेताओं ने धीरेन्द्र शास्त्री पर समाज को तोड़ने का आरोप लगाया है। दलित और पिछड़ा समाज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष दामोदर यादव ने कहा धीरेन्द्र शास्त्री की 170 किलोमीटर की पदयात्रा को रोकने के लिए पांच दिन पहले राष्ट्रपति को पत्र लिख चुके हैं। अब संगठन की लीगल टीम दो दिन बाद जबलपुर हाईकोर्ट में भी याचिका दायर कर यात्रा पर रोक की गुहार करेगी। धर्म की बातें करने वाले तोड़ रहे समाज बीते दिन पत्रकार वार्ता में यादव ने कहा देश में जातिवादी राजनीति बढ़ रही है। प्रदेश भी इससे अछूता नहीं है। दमोह, कटनी, छतरपुर, दतिया और भिंड में दलित, पिछड़ों के साथ जातिगत घटनाएं सामने आई हैं। पुलिस ने इन घटनाओं में एससी एसटी एक्ट की धारा लगाई हैं। संगठन की मांग है आरोपियों पर रासुका की कार्रवाई होना चाहिए। यादव ने धीरेन्द्र शास्त्री पर कटाक्ष करते हुए कहा हैरानी की बात है कि धर्म की बातें करने वाले ही समाज को तोड़ने में लगे हैं। आजाद समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सत्येन्द्र विद्रोही ने कहा हम वर्ग संघर्ष नहीं संवैधानिक व्यवस्था चाहते हैं। जाति के नाम पर सांप्रदायिकता फैलाने वालों पर अंकुश जरूरी है। आजाद समाज पार्टी युवा विंग के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अनिल गुर्जर ने कहा जहां भी सांप्रदायिकता फैलाई जाएगी भीम आर्मी उसे सफल नहीं होने देगी। यात्रा रोकी जाए, नहीं तो आंदोलन होगा यादव ने कहा धीरेन्द्र शास्त्री 7 नवंबर को दिल्ली से सनातन हिंदू एकता पदयात्रा शुरू कर रहे हैं 170 किलोमीटर की यात्रा 16 नवंबर को वृदावंन में समाप्त होगी। इसके जरिए समाज में सांप्रदायिकता बढ़ावा मिलेगा। इस यात्रा को रोका जाना चाहिए इसलिए उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिख है। अब दो दिन बाद संगठन की लीगल टीम यात्रा पर रोक के लिए जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका भी दायर करेगी। अगर यात्रा नहीं रोकी गई तो संगठन आंदोलन करेगा।

मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव विद्यार्थियों के खातों में गुरूवार को अंतरित करेंगे 300 करोड़ रूपये की छात्रवृत्ति

 52 लाख से अधिक विद्यार्थियों को पहुँचेगा फायदा भोपाल मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार 30 अक्‍टूबर को 52 लाख से अधिक विद्यार्थियों के बैंक खातों में समेकित छात्रवृत्ति योजना की 300 करोड़ रूपये से अधिक की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे। यह कार्यक्रम दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन के सभागार में आयोजित होगा। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह और जनजातीय कल्याण मंत्री कुँवर विजय शाह भी मौजूद रहेंगे। इस अवसर पर मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव विद्यार्थियों और जन-समुदाय को वर्चुअली संबोधित करेंगे। कार्यक्रम का सजीव प्रसारण सभी जिलों के समस्त विद्यालयों में भी होगा। कार्यक्रम में समेकित छात्रवृत्ति योजना के पात्र विद्यार्थी जिला अथवा विकासखण्ड के विद्यालयों के समेकित छात्रवृत्ति कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। जिला एवं विकासखण्ड स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों में विधायक और जन-प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है। उल्‍लेखनीय है कि समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन में समेकित छात्रवृत्ति योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी स्कूल शिक्षा विभाग को सौंपी गई है। इस योजना के तहत 6 विभागों स्कूल शिक्षा, अनुसूचित जाति कल्याण, जनजातीय कल्याण, विमुक्त, घुमक्कड़ और अर्द्ध घुमक्कड़, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण और सामाजिक न्याय विभाग की 20 प्रकार की छात्रवृतियों की राशि प्रदान की जाती है। समेकित छात्रवृत्ति योजना में प्रदेश के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के कक्षा-1 से 12 तक अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की राशि एजुकेशन पोर्टल 3.0 के माध्यम से स्वीकृत की गई है। मुख्‍यमंत्री द्वारा अंतरित की जाने वाली राशि में स्कूल शिक्षा विभाग की 7 प्रकार की छात्रवृत्ति जैसे सामान्य निर्धन वर्ग छात्रवृत्ति, सुदामा प्री-मेट्रिक, स्वामी विवेकानन्द पोस्ट मेट्रिक, सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारियों के बच्चों की छात्रवृत्ति, पितृहीन कन्याओं की छात्रवृत्ति, इकलोती बेटी की शिक्षा विकास छात्रवृत्ति की राशि भी शामिल है। लोक शिक्षण संचालनालय ने जारी किये निर्देश लोक शिक्षण संचालनालय ने समेकित छात्रवृत्ति-2025 के संबंध में समस्त जिला शिक्षा अधिकारी एवं जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्तों को निर्देश जारी किये हैं। निर्देश में जिला स्तर पर होने वाले कार्यक्रम में विद्यार्थियों और स्थानीय जन-प्रतिनिधियों को शामिल किये जाने के संबंध में निर्देश दिये गये हैं।  

मंडी में प्याज के दाम गिरे जमीन पर, किसानों ने कहा- अब तो नुकसान ही नुकसान

शाजापुर कृषि उपज मंडी शाजापुर में बुधवार को प्याज की बंपर आवक के साथ ही भाव ऐसा गिरा कि किसान मायूस होकर लौटे। स्थिति यह रही कि कुछ किसानों की प्याज दो रुपए प्रति किलो तक बिकी। कमिश्नर आशीष सिंह के निरीक्षण के दौरान एक किसान ने खुद अपनी व्यथा बताई कि साहब, जो भाव मिला है, उससे ट्रक का किराया भी नहीं निकलेगा। बामनगांव निवासी किसान पूनमचंद पुत्र गुलाब सिंह ने कमिश्नर से मुलाकात कर अपनी नीलामी पर्ची दिखाई और बताया कि उनकी 40 कट्टी प्याज मात्र दो रुपए प्रति किलो के हिसाब से कुल 3200 रुपए की बिक्री हुई। “साहब, इतना खर्च तो खेत से मंडी तक ट्रक में प्याज लाने में लग गया। अब तो घाटा ही घाटा है।' किसानों की यह शिकायत सुनकर खुद संभाग कमिश्नर आशीष सिंह ने मंडी अधिकारियों को जांच के निर्देश देने पड़े। कमिश्नर ने मौके पर ही मंडी सचिव और संबंधित अधिकारियों को तलब किया। उन्होंने कहा कि किसानों को उचित मूल्य दिलाने में किसी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने खरीदी प्रक्रिया की पारदर्शिता बढ़ाने और नीलामी में निष्पक्षता बनाए रखने के निर्देश दिए। मंडी में बुधवार को प्याज की रिकॉर्ड 27,497 क्विंटल आवक हुई। इतनी भारी मात्रा में प्याज आने से भाव औंधे मुंह गिर गए। कई किसानों को दो से चार रुपए प्रति किलो के बीच का भाव मिला।   भावांतर योजना इसी दिशा में एक बड़ा कदम बुधवार दोपहर को उज्जैन संभाग कमिश्नर आशीष सिंह शाजापुर कृषि उपज मंडी पहुंचे। उन्होंने भावांतर योजना के तहत सोयाबीन खरीदी की समीक्षा की। व्यापारियों और किसानों के बीच नीलामी प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अवलोकन किया और किसानों से बातचीत कर मंडी की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कमिश्नर सिंह ने कहा कि “राज्य सरकार किसानों की उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। भावांतर योजना इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। मंडी में मौजूद व्यापारियों और अधिकारियों ने बताया कि प्याज की दर गुणवत्ता के आधार पर तय होती है। जो प्याज आकार में छोटी या नमीदार होती है, उसका भाव स्वाभाविक रूप से कम रहता है। किसान सवाल कर रहे हैं जब मेहनत का दाम नहीं मिलेगा, तो खेती कौन करेगा? वहीं जब तक बाजार व्यवस्था में स्थायित्व नहीं आता, तब तक प्याज के आंसू किसानों की आंखों से बहते रहेंगे। मंडी परिसर में किसानों की भीड़, मायूस चेहरे सुबह से मंडी परिसर में ट्रैक्टर-ट्रालियों की कतारें लगी रहीं। किसानों की भीड़ ऐसी थी कि प्याज की बोरियां मंडी के गेट के बाहर तक ढेर लग गईं। परंतु जब नीलामी शुरू हुई, तो भाव सुनकर कई किसानों के चेहरे उतर गए। किसी को दो, किसी को तीन, तो कुछ को चार किलो का भाव मिला वहीं अधिकतम भाव 1075 प्रति क्विंटल रहा। कई किसानों ने अपनी उपज वापस ले जाने का विचार भी किया, लेकिन ट्रांसपोर्ट खर्च के डर से उन्हें औने-पौने भाव पर बेचना पड़ा। किसानों ने बताया कि इस सीजन में प्याज की पैदावार अच्छी रही, लेकिन लागत लगातार बढ़ती जा रही है। खाद, बीज, सिंचाई और मजदूरी पर हजारों रुपए खर्च करने के बाद जब दो किलो का भाव मिलता है, तो हिम्मत टूट जाती है। किसानों ने प्रशासन से प्याज की खरीदी के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने और परिवहन सहायता देने की मांग की।  

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों का अधिकारी अनिवार्य रूप से करें पालन

मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने कमिश्नर और कलेक्टर के साथ की वर्चुअल बैठक भोपाल  मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजीव कुमार झा ने वीडियो कांफ्रेसिंग से सभी संभागों के कमिश्नर एवं कलेक्टर तथा जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में सभी संभागों के कमिश्नर एवं सभी जिलों के कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी शामिल हुए। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के संबंध में दिए गए निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें। निर्देशों का अच्छी तरह से अध्ययन कर लें। भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट वोटर्स.डॉट.ईसीआई.इन पर जाकर कोई भी मतदाता 2003 की मतदाता सूची देख सकता है। इसके अलावा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की वेबसाइट पर भी मतदाता सूची उपलब्ध है। विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान बीएलओ तीन बार मतदाताओं के घर घर जाएंगे, यह सुनिश्चित करें। इसके साथ ही जो व्यक्ति 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहा है, वह भी मतदात सूची में अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकता है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म 6, हटवाने के लिए फॉर्म 7 और सुधार या संशोधन के लिए मतदाता को फॉर्म 8 भरना होगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने बताया कि एन्यूमरेशन फार्म भरने में यदि कोई व्यक्ति मिथ्या घोषणा करता है तो जुर्माने या कारावास के लिए दंडनीय होगा। बैठक के दौरान संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राम प्रताप सिंह जादौन, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजय श्रीवास्तव, श्रीमती सुरभि तिवारी और राजेश यादव उपस्थित रहे। 7 फरवरी 2026 तक चलेगी प्रक्रिया मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजीव कुमार झा ने बताया कि एसआईआर की प्रक्रिया 28 अक्टूबर से प्रारंभ हो गई है जो 8 फरवरी 2026 तक चलेगी। इस बीच 3 नवंबर तक बीएलओ को ट्रेनिंग दी जाएगी। बीएलओ द्वारा 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक घर घर जाकर सर्वे किया जाएगा। मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन 9 दिसम्बर तक किया जाएगा। दावा आपत्तियों के 9 दिसंबर से 8 जनवरी 2026 तक आवेदन लिए जाएंगे। दस्तावेजों का सत्यापन 9 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक किया जाएगा। फाइनल मतदाता सूची का 7 फरवरी 2026 को प्रकाशन होगा।