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सियासी हत्या का मामला: कटनी में BJP नेता की हत्या और आरोपियों का एनकाउंटर

कटनी   कटनी जिले के कैमोर में हिंदू संगठन और बीजेपी से जुड़े नेता नीलेश 'नीलू' रजक की गोली मारकर हत्या के बाद उपजा तनाव अब पुलिस की कड़ी कार्रवाई से शांत होता दिख रहा है. हत्या के दोनों आरोपी पुलिस एनकाउंटर में घायल हो गए हैं.एडिशनल एसपी संतोष डहरिया ने बताया कि हत्या के दोनों आरोपी अकरम खान और प्रिंस जोसफ को अलसुबह जिले के कजरवारा से पकड़ा गया. गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों ने पुलिस पर फायर किया. पुलिस की जवाबी फायरिंग में 4 गोलियां चलीं और दोनों आरोपी घायल हो गए. दोनों घायलों को तत्काल इलाज के लिए जबलपुर रेफर कर दिया गया है.  'लव जिहाद' और छेड़छाड़ का विरोध बनी हत्या की वजह इस सनसनीखेज हत्याकांड के पीछे छेड़छाड़ और 'लव जिहाद' का विरोध मुख्य कारण बताया जा रहा है. एक महीने पहले कैमोर के DAV स्कूल में लड़की छेड़ने से मना करने पर अकरम और नीलेश में विवाद हुआ था. परिवार के अनुसार, तब कैमोर पुलिस ने उल्टा नीलेश पर मामला दर्ज कर दिया था और TI के सामने अकरम खान ने नीलेश को गोली मारने की धमकी दी थी. बिहार से लौटे संजय पाठक हत्या की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्रीय विधायक संजय पाठक (जो बिहार चुनाव प्रचार में थे) विशेष विमान से विजयराघवगढ़ हॉस्पिटल पहुंचे. पाठक ने जिला कलेक्टर और एसपी से मांग की थी कि अपराधियों की गिरफ्तारी, अवैध गतिविधियों पर अंकुश और संरक्षण देने वालों पर कार्यवाही होने तक मृतक का पोस्टमार्टम और दाह संस्कार नहीं किया जाएगा.  संजय पाठक ने एक समुदाय विशेष के लिए कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा, "हम इस्लामिक राष्ट्र बनने नहीं देंगे." स्थानीय लोगों के आक्रोश और विधायक की मांग के बाद देर शाम पुलिस अधीक्षक ने कैमोर टीआई अरविंद चौबे और प्रधान आरक्षक प्रेम शंकर पटेल को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है. खबर लिखे जाने तक विजयराघवगढ़ हॉस्पिटल में सैकड़ों लोग जमा थे और कटनी-विजयराघवगढ़ मार्ग पर चक्का जाम जारी था. हालात को देखते हुए आईजी और डीआईजी भी मौके पर नजर बनाए हुए थे.

साइबर सुरक्षा पर जोर: सीएम मोहन यादव ने रैली और मैराथन को किया उद्घाटन

भोपाल  मुख्यमंत्री ने साइबर जागरूकता रैली में भाग लिया. उन्होंने मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. डीजीपी कैलाश मकवाना समेत अन्य पुलिस अधिकारी भी इस कार्यक्रम में मौजूद थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल पेमेंट में भारत ने दुनियाभर में अपनी पहचान बनाई है, लेकिन हमें साइबर अपराधों को भी रोकना है. डिजिटल लेन-देन को छोड़ने का विकल्प नहीं है, इसलिए प्रधानमंत्री के आह्वान पर अक्टूबर माह में साइबर जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया. मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मां नर्मदा नदी में मगरमच्छ छोड़े जाएंगे. कल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस कार्य को अंजाम देंगे. मुख्यमंत्री ने बताया कि मां नर्मदा का वाहन मगरमच्छ है, और इससे पहले उन्होंने चंबल नदी में घड़ियाल छोड़े हैं. नर्मदा नदी में मगरमच्छों की संख्या बढ़ाने के लिए ये कदम उठाया जा रहा है. मध्य प्रदेश में सभी जीवों के संरक्षण का अभियान चल रहा है. बिहार दौरे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि एनडीए को बिहार में प्रचंड बहुमत मिलेगा. भाजपा के पक्ष में सभी मिलकर बिहार में प्रचार कर रहे हैं, जिससे एक बार फिर एनडीए की सरकार बनेगी. बिहार का मध्य प्रदेश से 2200 साल पुराना रिश्ता है. एनडीए की सरकार बनने के बाद बिहार ने चहुमुंखी प्रगति की है. इस दौरान प्रदेशभर में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्यशालाएँ, व्याख्यान, स्कूल-कॉलेजों में सत्र और सोशल मीडिया अभियान चलाए गए। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अक्टूबर माह को “राष्ट्रीय साइबर जागरूकता माह” के रूप में मनाया जा रहा है। इस दौरान प्रदेशभर में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्यशालाएँ, व्याख्यान, स्कूल-कॉलेजों में सत्र और सोशल मीडिया अभियान चलाए गए। इस अभियान के समापन पर भोपाल में “साइबर जागरूकता रन– 2025” का आयोजन किया जा रहा है। यह रन कल सुबह 8:00 बजे प्लेटिनम प्लाज़ा, अटल पथ से शुरू होगी और एपेक्स बैंक तिराहा होते हुए टी.टी. नगर स्टेडियम पर समाप्त होगी। सुरक्षित रहें – सतर्क रहें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस कार्यक्रम का फ्लैग ऑफ करेंगे। रन में पुलिस अधिकारी, कर्मचारी, विद्यार्थी, स्वयंसेवी संस्थाएँ और आम नागरिक शामिल होंगे। प्रतिभागियों के लिए ड्रेस कोड सफेद टी-शर्ट और लोअर निर्धारित है। रन के दौरान “सुरक्षित रहें – सतर्क रहें – साइबर अपराध से बचें” जैसे संदेशों वाले बैनर और पोस्टर प्रदर्शित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य नागरिकों को फिशिंग, ऑनलाइन धोखाधड़ी और डेटा चोरी जैसे साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूक करना है। साइबर-सुरक्षित समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा मध्यप्रदेश पुलिस का मानना है कि साइबर अपराध से निपटने का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता है। यह आयोजन नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करेगा और साइबर-सुरक्षित समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती: गौरव, श्रद्धा और भव्य आयोजन का प्रतीक उत्सव

गरिमा और भव्यता के साथ मनाई जाएगी भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में 15 नवम्बर को भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती गरिमा के साथ धूमधाम से मनाई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन को भव्य और गरिमापूर्ण बनाने के लिए जनजातीय परम्पराओं के अनुरूप संसदीय क्षेत्रों में सामुदायिक रैलियां आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आयोजन की रूपरेखा पर चर्चा करते हुए कहा कि जनजातीय संस्कृति एवं जनजाति कल्याण के लिए सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यों को रेखांकित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास (समत्व भवन) में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के 150वें जयंती वर्ष के आयोजनों पर जनजातीय प्रतिनिधित्व करने वाले मंत्रीगण एवं जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे। बैठक में जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री मती सम्पतिया उईके, महिला एवं बाल विकास मंत्री मती निर्मला भूरिया, अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री  नागर सिंह चौहान, पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री मती राधा सिंह, विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष  हेमंत खण्डेलवाल सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री मती सावित्री ठाकुर और  जनजातीय कार्य राज्यमंत्री  दुर्गादास उईके बैठक में वर्चुअली शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विकासखण्डवार यात्राएं निकालने, महानायकों के जीवन और योगदान पर जिला स्तरीय संगोष्ठियां और सम्मेलन आयोजित करने, खेल प्रतियोगिताएं, ढोल- मादल एवं बांसुरी प्रतियोगिताएं आयोजित करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले जनजातीय युवाओं को सम्मानित भी किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व-सहायता समूहों के सम्मेलन, हस्तशिल्प की प्रदर्शनी तथा लोक कलाओं पर केन्द्रित गतिविधियों का आयोजन किया जाये। उन्होंने कहा कि जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में लगने वाले मेलों में भी स्वतंत्रता सेनानियों से संबंधित विषय-वस्तु का प्रदर्शन करने की योजना बनाई जाए। इस अवसर पर होने वाले कार्यक्रमों में सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और विकास गतिविधियों की जानकारी जन-जन तक पहुंचायें। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव रखे। बैठक में अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य  गुलशन बामरा, मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार  राम तिवारी, आयुक्त आदिम जाति विकास  मन शुक्ला और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

मध्यप्रदेश में रोजगार का नया मॉडल: एक परीक्षा से सभी पदों पर भर्ती, दो लाख नए पद होंगे सृजित

भोपाल प्रदेश में संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) की तरह एक ही परीक्षा से सभी वर्गों के कर्मचारियों- अधिकारियों का चयन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने कहा कि यूपीएससी की तर्ज पर मध्य प्रदेश में भी एक परीक्षा कराई जाएगी, ताकि अलग-अलग पदों को भरने के लिए कई परीक्षाएं न करानी पड़ें। पुलिस भर्ती में तेजी लाने के लिए पुलिस भर्ती बोर्ड बनाया जा रहा है। पुलिस विभाग में 20 हजार पद भरे जाएंगे। भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। आंगनबाड़ी पर्यवेक्षकों के 476 नए पद स्वीकृत किए गए हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाओं के 19,504 नए पदों पर पहली बार डिजिटल पद्धति से भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा रही हैं। साथ ही नई भर्ती आरंभ कर दो लाख नए पद भी सृजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री यादव राज्य कर्मचारी संघ द्वारा मंत्रालय स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में आयोजित दीपावली मिलन समारोह को संबोधित कर रहे थे।   कर्मचारियों के पदनाम परिवर्तन के लिए नए आयोग का गठन होगा मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि सरकार की सफलता कर्मचारियों के सहयोग के बिना संभव नहीं है। कर्मचारी प्रदेश के सच्चे कर्मयोगी हैं जो प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना को जमीन पर उतारने में अहम भूमिका निभाते हैं। राज्य सरकार कर्मचारियों के हितों के लिए हर कदम पर साथ खड़ी है। राज्य शासन ने एक जनवरी 2005 को या उसके बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए एकीकृत पेंशन योजना लागू करने के लिए समिति गठित करने का निर्णय लिया है, इससे पेंशन की विसंगतियों को दूर करने में मदद मिलेगी। राज्य सरकार सभी वर्गों का समान रूप से ध्यान रख रही है। विभिन्न कर्मचारी संवर्गों की वेतन विसंगति, ग्रेड पे, पदनाम परिवर्तन के लिए सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारियों को सम्मिलित कर नया आयोग बनाया जाएगा। जल्द देंगे पदोन्नति का लाभ     मुख्यमंत्री डा. यादव ने कहा कि कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखते हुए राज्य सरकार ने नौ साल से लंबित हाउस रेंट अलाउंस का निराकरण कराया है।     सरकार की मंशा है कि सभी पात्र अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रमोशन हों लेकिन प्रकरण अभी कोर्ट में लंबित है। हमें विश्वास है कि प्रदेश के लगभग चार लाख अधिकारियों-कर्मचारियों को जल्द ही पदोन्नति का लाभ मिलेगा।     मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में केंद्रीय कर्मचारियों के समान कर्मचारियों को भी 55 प्रतिशत महंगाई भत्ते का लाभ दिया है और एरियर का भुगतान भी पांच समान किस्तों में जून से अक्टूबर 2025 तक कर्मचारियों को किया जा चुका है।     जल्द ही राज्य सरकार के दो साल पूरे होने जा रहे हैं, इस मौके पर कर्मचारियों के हित में हर संभव निर्णय लिए जाएंगे।     अब तक कर्मचारियों को स्मार्ट सिटी परियोजना के 366 आवास आवंटित किए जा चुके हैं। नए 300 से अधिक आवास भी बनकर तैयार हैं। जल्द ही इन्हें सिंगल क्लिक के माध्यम से अधिकारियों-कर्मचारियों को आवंटित किया जाएगा। 25 वर्षों में कई बार बदल गईं भर्ती एजेंसियां प्रदेश में पिछले 25 वर्षों में कर्मचारियों की भर्ती के लिए कई बार नई- नई एजेंसियों का गठन हो चुका है, फिर भी गड़बड़ियां नहीं रुक पाई हैं। कांग्रेस सरकार में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती के लिए मिनी पीएससी हुआ करती थी। इसके बाद कई वर्षों तक मेडिकल और इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा करवाने वाले व्यावसायिक परीक्षा मंडल(व्यापम) द्वारा कराई गईं। लेकिन 2013 में परीक्षा भर्ती घोटाला सामने आने के बाद इसका नाम बदलकर पीईबी यानी प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड कर दिया गया। इसके साथ ही कर्मचारी चयन मंडल के जरिए भर्ती कराई जा रही है। कई भर्ती परीक्षाओं का जिम्मा एमपी ऑनलाइन को भी दिया गया है।     एक जनवरी 2026 से होगी वर्ष में एक बार परीक्षा संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की तर्ज पर वर्ष में केवल एक बार परीक्षा होगी और सभी श्रेणी के पदों के लिए प्रावीण्य सूची बना ली जाएगी।     प्रतीक्षा सूची भी एक ही रहेगी। जनवरी, 2026 से भर्ती-चयन की यह प्रक्रिया लागू करने की तैयारी है।     राज्य लोक सेवा आयोग (पीएससी) और कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से होने वाली भर्ती परीक्षाएं अब बार-बार नहीं होंगी।     प्रदेश में द्वितीय और कार्यपालिक तृतीय श्रेणी के पदों की भर्ती पीएससी के माध्यम से होती है। तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के लिए कर्मचारी चयन मंडल परीक्षाएं कराता है।     अभी जैसे-जैसे विभागों की ओर से पद उपलब्ध होते हैं, वैसे-वैसे दोनों एजेंसियां अपने कैलेंडर के हिसाब से परीक्षाएं आयोजित करती हैं। नई प्रक्रिया में युवाओं को बार- बार फीस भी नहीं देनी पड़ेगी।

शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए हो रहे लगातार नवाचार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

बच्चों को शिक्षा देने के साथ उनके समग्र विकास के होंगे प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए हो रहे लगातार नवाचार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्कूल शिक्षा विभाग की कला से समृद्ध शिक्षा है अनुगूंज: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 200 सीटर बालक छात्रावास का किया लोकार्पण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में उभरती प्रतिभाओं को स्कूल शिक्षा विभाग ने अनुगूंज के माध्यम से सशक्त मंच दिया है, जो सराहनीय है। स्कूल शिक्षा विभाग बच्चों में शिक्षा के साथ उनके समग्र व्यक्तित्व विकास के लिए प्रतिबद्ध है। डॉ. यादव ने कहा कि सरकारी स्कूलों के विकास के लिए निरंतर नवाचार किए जाते रहेंगे। हमारे कई सरकारी स्कूलों ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त कर मध्यप्रदेश को गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय भोपाल में आयोजित अनुगूंज कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री  उदय प्रताप सिंह, विधायक  भगवान दास सबनानी, भोपाल महापौर मती मालती राय, अध्यक्ष नगर निगम  किशन सूर्यवंशी, भोपाल जिला पंचायत के उपाध्यक्ष  जाट भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुभाष शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में सुपर -100 योजना में अध्ययन करने वाले 200 सीटर बालक छात्रावास भवन का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासकीय शिक्षकों का योगदान वास्तव में अद्भुत है। जिस कर्मठता और दिल से शिक्षक काम करते हैं। निश्चित ही वे बधाई के पात्र हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि दिल्ली में लाल किले के बाद सम्राट विक्रमादित्य नाट्य का मंचल अब भोपाल में 2 और 3 नवम्बर को होने वाला है। उन्होंने बड़ी संख्या में नागरिकों से इसमें शामिल होने का अनुरोध किया। सांदीपनि विद्यालय की हो रही है प्रशंसा मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य हो रहे हैं, अब सांदीपनि विद्यालयों में प्रवेश के लिए विद्यार्थी इच्छुक रहते हैं। यह बदलते दौर का मध्यप्रदेश है। प्रदेश में श्रेष्ठ परीक्षा परिणाम आ रहे हैं। प्रदेश में अब बच्चे प्राइवेट स्कूल से सरकारी स्कूलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। उन्होंने अनुगूंज कार्यक्रम के लिए मंच सज्जा और आकल्पन की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्राट विक्रमादित्य का उल्लेख करते हुए इन्हें राष्ट्र को स्वतंत्र करवाने से लेकर सुशासन, वीरता और दानशीलता के क्षेत्र में अद्भुत कार्य करने वाला शासक बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा हमारे बीच मानो आज भी सम्राट विक्रमादित्य शासन कर रहे हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अनुगूंज में शामिल मेंटर्स को सम्मानित किया। जनजाति कल्याण मंत्री कुंवर डॉ. विजय शाह ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति: 2020 विद्यार्थी के सर्वागींण विकास पर जोर देते हुए कला और संस्कृति के समावेश की दिशा को प्रशस्त करती है। इसका सर्वश्रेष्ठ उदाहरण अनुगूंज है। सांस्कृतिक कार्यक्रम अनुगूंज के सातवें संस्करण में स्कूल के विद्यार्थियों ने वाद्य संगीत, ओडिसी विधा में आम और चमेली का विवाह, भरतनाट्यम विधा में दशावतारम, कथक नृत्य वाटिका विधा में आमंत्रण सिंहस्थ का और मणिपुरी नृत्य विधा में कृष्ण वन्दना की प्रस्तुति दी। नाटक में बच्चों ने ताना बना टूट ना जाए की प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आमंत्रण सिंहस्थ का सहित सभी प्रस्तुतियों की प्रशंसा की। कार्यक्रम में आयुक्त लोक शिक्षण मती शिल्पा गुप्ता ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अन्य अतिथियों का स्वागत किया। स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. संजय गोयल ने आभार माना। कार्यक्रम का संचालन स्कूल के बच्चों ने किया। इसके साथ मंच संचालन में  विनय उपाध्याय ने बच्चों का सहयोग किया।  

मध्यप्रदेश में बढ़ेंगे मतदान केंद्र, इलेक्शन कमीशन को भेजा गया प्रस्ताव

भोपाल मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के साथ ही मध्य प्रदेश में करीब 8001 नए पोलिंग बूथ (मतदान केंद्र) भी बनाए जाएंगे। इसका प्रस्ताव तैयार करके मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने भारत निर्वाचन आयोग को भेज दिया है। प्रदेश में वर्तमान में 65 हजार 14 मतदाता बूथ हैं। वर्तमान में औसतन 1500 मतदाताओं पर एक बूथ है। चुनाव आयोग की नई गाइडलाइन के मुताबिक अब किसी भी पोलिंग बूथ पर अधिकतम 1200 मतदाता ही रखे जा सकेंगे। इस लिहाज से एमपी में कुल बूथों की संख्या 73 हजार 15 हो जाएगी। राजनीतिक दलों को भी बढ़ानी होगी बीएलए की संख्या राजनीतिक दलों की ओर से 1,18,500 बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त किए गए हैं। भाजपा के निर्वाचन आयोग समन्वय विभाग के प्रदेश संयोजक एसएस उप्पल ने बताया कि भाजपा के प्रदेश में 64 हजार 500 बीएलए है और कांग्रेस के 54 हजार बीएलए हैं। बूथों की संख्या बढ़ने से राजनीतिक दलों को भी अपने बीएलए बढ़ाने होंगे। उनका प्रशिक्षण से लेकर उनकी जानकारी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय को देनी होगी। इसी आधार पर वे आगामी चुनाव में पार्टी के लिए कार्य कर पाएंगे।   इसलिए पड़ी जरूरत 1500 मतदाताओं पर एक बूथ की व्यवस्था है लेकिन इतनी संख्या होने पर समय से मतदान की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती है। कई बार देर रात तक मतदान की स्थिति देखी गई है। ऐसे में निर्वाचन आयोग ने इसकी नई गाइडलाइन तय कर किसी भी पोलिंग बूथ पर अधिकतम 1200 मतदाता ही रखे जाने का निर्णय लिया। राजनीतिक पार्टियों ने क्या कहा? भाजपा प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल ने कहा कि निर्वाचन आयोग की तैयारियों के साथ हमारी भी तैयारी है। हमारे अभी करीब 64 हजार 500 बीएलए है। इनकी चुनावी प्रक्रिया के माध्यम से नियुक्ति की गई है। जैसे ही निर्वाचन आयोग बूथों की संख्या बढ़ाएगा, हम अपने बीएलए भी उसी अनुरूप बनाएंगे। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के सलाहकार केके मिश्रा ने कहा कि निर्वाचन आयोग के हर पारदर्शी निर्णय का कांग्रेस पार्टी पालन करने को तैयार है। हमारी पूरी तैयारियां भी है, किंतु निर्वाचन आयोग को अपनी ईमानदार और निष्पक्षता वाली शैली को देश के सामने प्रस्तुत करना होगा।

10 नवंबर को राहुल गांधी पहुंचेंगे पचमढ़ी, जिला अध्यक्षों से करेंगे चर्चा — MP में पहली बार करेंगे नाइट स्टे

भोपाल लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 10 नवंबर को मध्यप्रदेश आएंगे। वे पचमढ़ी में जिला अध्यक्षों और पदाधिकारी से चर्चा करेंगे। राहुल गांधी पहली बार प्रदेश में रात बिताएंगे। राहुल गांधी के पचमढ़ी दौरे को लेकर मध्यप्रदेश कांग्रेस दफ्तर में बैठक जारी है। बैठक में राहुल गांधी के दौरे को लेकर रोड मैप बन रहा है। बता दें कि 2 नवंबर से 11 नवंबर तक पचमढ़ी में ट्रेनिंग होनी है। प्रदेश के नवनियुक्त जिला अध्यक्षों की ट्रेनिंग होगी। राहुल गांधी पचमढ़ी जिला अध्यक्षों के ट्रेनिंग में शामिल होंगे।   30- 32 साल से कांग्रेस को निपटा रहे मामले पर बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा- राहुल गांधी अपनी जिंदगी में पहली बार मध्यप्रदेश की धरती पर रात बिताने आ रहे हैं। 60 – 65 साल के राहुल गांधी 30- 32 साल से कांग्रेस को निपटा रहे हैं। 30-32 साल में मध्यप्रदेश में कभी नहीं रुके, पचमढ़ी है इसलिए रुक रहे हैं और कहीं होता तो रुकते भी नहीं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट चुका यह फुरफुर वाले नेता है। यही बोलने आते हैं लंगड़ा है यह घोड़ा है, कौन से कार्यकर्ताओं से बात करेंगे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट चुका है। नियुक्ति से लेकर दायित्वों में कांग्रेसी ठगे गए। ना राजनीतिक भविष्य है ना व्यक्तिगत उद्धार हो रहा है, न ही पद मिल रही ना ही प्रतिष्ठा, ऐसे में राहुल गांधी का आना व्यर्थ है।

गुजरात में चमकेगा मध्य प्रदेश पुलिस का जलवा, राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में 334 जवान होंगे शामिल

भोपाल गुजरात में मध्य प्रदेश पुलिस का तराना गूंज रहा है। दरअसल, गुजरात के गांधीनगर एवं केवड़िया में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस परेड-2025 में एमपी पुलिस के कुल 334 जवान भाग लेंगे। यह दल अदम्य उत्साह, अनुशासन और देशभक्ति की भावना के साथ राज्य का प्रतिनिधित्व करेगा। मध्यप्रदेश पुलिस का कॉन्टिजेंट गांधीनगर और केवड़िया में रहकर प्रशिक्षण, रिहर्सल और परेड अभ्यास में संलग्न है। जवानों ने प्रतिकूल परिस्थितियां एवं गहन अभ्यास कार्यक्रमों के बावजूद अथक परिश्रम और एकजुटता के साथ अपने प्रदर्शन की तैयारी की है। दल गुजरात पहुंच गया है। 31 अक्टूबर 2025 को आयोजित एकता दिवस परेड के दौरान मध्यप्रदेश पुलिस के कॉन्टिजेंट अपनी अनुशासित चाल, सटीक कमांड तथा उत्कृष्ट तालमेल से सभी को प्रभावित करेगा। परेड दल का नेतृत्व परेड कमाण्डर उपुअ अन्नपूर्णा सिरसाम, सहायक कमाण्डर के रूप में उपनिरीक्षक संजय चौहान एवं उपनिरीक्षक चंचल रोमड़े दायित्व संभालेंगे। सहयोगार्थ उपुअ निति दण्डोत्या, उपनिरीक्षक राजवीर विक्रम और उपनिरीक्षक रितेश सिसौदिया महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। कॉन्टिजेंट में प्लाटून संख्या 144 एवं बैण्ड बल 72 का संयोजन रहेगा।

देश-समाज पर चिंतन: जबलपुर में RSS का अभियान और शताब्दी वर्ष हिंदू सम्मेलन

जबलपुर   राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी मंडल की बैठक के पहले संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने बताया कि बैठक में देश की सामाजिक हालातों पर चिंतन होगा। इसमें बस्ती-मंडल स्तर पर होने वाले हिंदू सम्मेलन की कार्ययोजना पर बात होगी। इसके अलावा शताब्दी वर्ष पर प्रारंभ होने वाले सघन गृह संपर्क अभियान पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरसंघचालक समेत सरकार्यवाह, सहकार्यवाह के अलावा अखिल भारतीय पदाधिकारी और प्रांत के पदाधिकारियों समेत 407 लोग इस बैठक में शामिल होंगे। 30 अक्टूबर से एक नवंबर के बीच तीन दिवीसीय यह बैठक होगी। पत्रकारवार्ता संघ की बैठक स्थल कचनार क्लब में हुई। सुनील आंबेकर ने कहा कि गृह संपर्क अभियान में विशिष्टजनों से संपर्क किया जाएगा। इसके अलावा हिंदू धर्म के लिए त्याग बलिदान देने वाले गुरु तेग बहादुर के 350वीं शहीदी वर्ष पर विशेष साहित्य और कार्यक्रम तय होंगे। इसी तरह भगवान बिरसा मुंडा की भी 15 नवंबर को 150वीं जयंती है इन पर भी विशेष साहित्य और कार्यक्रम पर बैठक में चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि युवाओं को संघ से विशेषरूप से जोड़ने के लिए विशेष आयोजन होंगे। पंच परिवर्तन के कार्यक्रम से प्रेरित संस्था,व्यक्तियों, मठ, मंदिरों, सामाजिक शैक्षणिक संस्था से शताब्दी वर्ष के दौरान संपर्क किया जाएगा। यह व्यापक अभियान होगा इसके लिए स्तर पर संपर्क किया जाएगा। इसमें ऐसी महिला,माताओं से भी संपर्क होगा। उन्होंने कहा कि तीन दिवसीय बैठक में समाज जीवन पर होने वाली बातों के अलावा देश की सुरक्षा जैसे विषयों पर भी चिंतन किया जाएगा। इसके अलावा शताब्दी वर्ष को लेकर देश में जहां-जहां भी जो कार्यक्रम हुए उस पर बैठक में चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि शताब्दी वर्ष पर देशभर में सरसंघचालक डा.भागवत और सरकार्यवाह, सह सरकार्यवाह का प्रवास है। इस दौरान कई कार्यक्रम बन रहे हैं जिसमें वे सार्वजनिक रूप से भी कई स्थानो पर संवाद करेंगे।

इंदौर के अंदाज में देपालपुर में बनेगा नया स्वच्छता पार्क, 39 लाख की परियोजना

देपालपुर  देपालपुर को स्वच्छ बनाने के उद्देश्य से नगर निगम ने एक नई पहल की है। जिस तरह इंदौर के देवगुराड़िया स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड पर उद्यान तैयार किया गया है, उसी तर्ज पर अब देपालपुर के ट्रेंचिंग ग्राउंड पर भी 39 लाख रुपए की लागत से “स्वच्छता पार्क” विकसित किया जाएगा। इस पार्क में एमआरएफ प्लांट, कम्पोस्ट यूनिट, एफएसटीपी प्लांट स्थापित किए जाएंगे और पुराने कचरे का निपटान बायोरेमीडिएशन तकनीक से किया जाएगा। इसके साथ ही क्षेत्र का सौंदर्यीकरण भी कराया जाएगा ताकि यह क्षेत्र स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का उदाहरण बन सके। निरीक्षण में मिली कई खामियां, आयुक्त ने दिए सुधार के निर्देश हाल ही में निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ई-बस से देपालपुर पहुंची और वहां की सफाई व्यवस्था का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आयुक्त के साथ अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया, कार्यपालन यंत्री अश्विनी जनवदे, मनीष पांडे, सौरभ माहेश्वरी, श्रद्धा तोमर, अंकुश जैन, अमित दुबे और एनजीओ प्रतिनिधि मौजूद रहे। टीम ने पाया कि देपालपुर में 300 से अधिक आवारा पशु सड़कों पर घूम रहे हैं, जिससे स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित हो रही है। बाजार और घरों से कचरे का सही से पृथक्करण नहीं किया जा रहा है। इस पर आयुक्त यादव ने स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों को कचरा सेग्रीगेशन और शुल्क वसूली बढ़ाने की दिशा में जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि वॉटर प्लस और थ्री स्टार रेटिंग के साथ सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाने के लिए जनप्रतिनिधियों का सहयोग जरूरी है। स्वच्छता पार्क का लेआउट हुआ फाइनल, जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य देपालपुर के ट्रेंचिंग ग्राउंड पर बनने वाले स्वच्छता पार्क के लिए लेआउट भी फाइनल कर दिया गया है। आयुक्त ने बताया कि कचरा संग्रहण वाहनों में विभाजन (पार्टिशन) करवाया जाएगा ताकि गीले और सूखे कचरे का अलग-अलग निपटान किया जा सके। जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा और देपालपुर की स्वच्छता व्यवस्था को इंदौर की तरह सुदृढ़ किया जाएगा। इस पहल से न केवल सफाई व्यवस्था में सुधार होगा बल्कि क्षेत्र का पर्यावरण भी बेहतर बनेगा। जनप्रतिनिधियों ने जताया आभार, सीवरेज प्लांट होगा पुनः संचालित देपालपुर के जनप्रतिनिधियों ने इंदौर नगर निगम का धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा कि इंदौर की तर्ज पर अब देपालपुर को भी नंबर वन बनाने का जो संकल्प लिया गया है, वह सराहनीय कदम है। देपालपुर में कुल 15 वार्ड और चार जोन हैं। निरीक्षण के दौरान सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बंद मिला, जिसे शीघ्र चालू कराया जाएगा। अगले तीन सप्ताह के भीतर इंदौर निगम की टीम यहां मैदानी कार्य शुरू कर देगी। इसके अलावा स्वच्छता पार्क के विकास के लिए सीएसआर फंड से भी आर्थिक सहयोग लिया जाएगा। टीम ने गलियों में कचरा, जाम नालियां और डस्टबिनों में मिक्स कचरा मिलने पर सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।