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सहेली के घर से मोबाइल और 2 लाख रुपए की चोरी: भोपाल पुलिस की डीएसपी फंस गई

भोपाल एमपी पुलिस को शर्मसार करने वाली एक घटना और घटी है। पुलिस मुख्यालय में पदस्थ एक डीएसपी पर सहेली के घर चोरी का आरोप लगा है। साथ ही सहेली ने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज भी दिए हैं। महिला डीएसपी पर आरोप है कि उन्होंने अपनी सहेली के घर से मोबाइल और दो लाख रुपए की चोरी की है। DSP कल्पना रघुवंशी पर केस दर्ज दरअसल, यह आरोप महिला डीएसपी कल्पना रघुवंशी पर लगा है। सहेली की शिकायत पर महिला डीएसपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई है। जहांगीराबाद थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार महिला डीएसपी ने अपनी सहेली के घर से मोबाइल और दो लाख रुपए की चोरी की है। बताया जा रहा है कि पुलिस के हस्तक्षेप के बाद डीएसपी ने मोबाइल फोन लौटा दिए हैं। वहीं, दो लाख रुपए के साथ वह फरार हैं। नहाने गई थी सहेली सहेली ने पुलिस को दिए बयान में बताया है कि मैं नहाने गई थी। इसी दौरान कल्पना रघुवंशी घर में घुसीं। चार्जिंग में लगे फोन और बैग से दो लाख रुपए नगद लेकर चली गईं। बताया जा रहा है कि घटना के बाद महिला डीएसपी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। पुलिस महकमे की फजीहत गौरतलब है कि इस घटना ने पुलिस महकमे को एक बार फिर से शर्मसार किया है। कुछ दिनों अंदर एमपी पुलिस कई मामलों में फंस चुकी है। इसकी वजह से डैमेज कंट्रोल को लेकर पुलिस ने विभाग ने अपने ही अधिकारियों पर कार्रवाई की है। अब बताया जा रहा है कि चोरी के आरोपों में घिरी कल्पना रघुवंशी पर भी विभाग एक्शन ले सकती है। साथ ही कल्पना रघुवंशी को नोटिस भी जारी कर सकती है।  

इंजन से उतरकर वंदे भारत ड्राइवर ने किया ऐसा काम, वीडियो वायरल होते ही मचा बवाल!

ग्वालियर देश की सबसे आधुनिक ट्रेनों में गिनी जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस इस बार गलत वजह से चर्चा में है। दिल्ली से भोपाल जा रही ट्रेन के लोको पायलट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिसमें वह ग्वालियर स्टेशन पर इंजन से उतरकर ट्रैक पर पेशाब करता हुआ दिखाई दे रहा है। सूत्रों के अनुसार यह घटना प्लेटफॉर्म नंबर 1 की है। वहां मौजूद यात्रियों ने पूरी घटना अपने मोबाइल कैमरों में रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर शेयर कर दी। वीडियो में साफ दिख रहा है कि लोको पायलट बिना किसी झिझक के ट्रैक पर पेशाब कर रहा है, जबकि आसपास कई यात्री मौजूद थे। रेलवे के नियमों के अनुसार, स्टेशन पर रुकने के दौरान स्टाफ के लिए शौचालय की सुविधा उपलब्ध रहती है, लेकिन पायलट ने उसका उपयोग नहीं किया। इस घटना ने न केवल रेलवे की छवि पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि स्वच्छ भारत अभियान की भावना को भी ठेस पहुंचाई है। रेलवे प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने कहा कि वीडियो की प्रामाणिकता की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। इस घटना से यात्रियों में आक्रोश और हैरानी दोनों देखी जा रही है। हालांकि पंजाब केसरी इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कटनी घटना में मृतक के प्रति व्यक्त किया दुख

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कटनी विवाद में मृत्यु पर शोक व्यक्त किया प्रभारी मंत्री कटनी जायेंगे, शोकाकुल परिजनों से मिलकर संवेदना जतायेंगे एक आरोपी गिरफ्तार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कटनी में दो पक्षों के बीच हुए विवाद में एक व्यक्ति की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि घटना अत्यंत दुखद है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी और शोक-संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। पुलिस ने एक आरोपी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार भी कर लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हाल ही में जबलपुर में संभागीय बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि अपराधी कोई भी हो उसे बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने कटनी जिले के प्रभारी मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह को कटनी जाकर शोक-संतप्त परिवार से भेंट कर संवेदना व्यक्त करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में कानून और व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जो भी कानून-व्यवस्था को चुनौती देगा उसे उसके कृत्य का परिणाम अवश्य ही भुगतना पड़ेगा।  

कृषि उपज मंडियों में सोयाबीन की जोरदार खरीदी, भावांतर योजना ने किसानों को दिलाई राहत

भावांतर योजनांतर्गत कृषि उपज मंडियों में हो रही है सोयाबीन की खरीदी 27 हजार 63 किसानों से 47 हजार 493 टन सोयाबीन की खरीदी भोपाल  प्रदेश में सोयाबीन फसल के लिए लागू की गई भावांतर योजना में 9 लाख 36 हजार 352 किसानों ने पंजीयन कराया है। सोयाबीन का विक्रय 24 अक्टूबर से प्रारंभ हुआ है जो 15 जनवरी 2026 तक जारी रहेगा। अभी तक 27 हजार 63 किसानों से 47 हजार 493 टन सोयाबीन खरीदी गई है। मंगलवार 28 अक्टूबर को 10 हजार 851 किसानों से 19 हजार 191 टन सोयाबीन की खरीदी हुई। कृषि उपज मंडी देवास में सर्वाधिक 1699, इंदौर में 1579, उज्जैन में 1538, गंजबासौदा में 1283, बैरसिया में 1154, आगर में 1085, आष्टा में 1061, शाजापुर में 1053, तराना में 1040 एवं सागर मंडी में 962 टन सोयाबीन की खरीदी हुई। इसी प्रकार सर्वाधिक किसानों के पहुँचने की टॉप मंडियों में गंजबासौदा मंडी में 1254, देवास में 1182, उज्जैन में 1106, आष्टा में 1075, बैरसिया में 900, आगर में 891, इंदौर में 795, शाजापुर में 787, सीहोर में 741 एवं नरसिंहगढ़ मंडी में 701 किसान सोयाबीन की विक्री के लिए पहुँचे। मंडी बड़नगर जिला उज्जैन में अधिकतम भाव 5725 रूपये प्रति क्विंटल रहा। प्रदेश में सोयाबीन की बुवाई का रकवा गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 58.72 लाख हेक्टेयर था जो वर्तमान में 53.20 लाख हेक्टेयर है। इस वर्ष 2025-26 में 55.54 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन का उत्पादन हुआ है। भावांतर योजनांतर्गत 3 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक पंजीयन हुए थे। सोयाबीन खरीदी के प्रथम मॉडल भाव की घोषणा 7 नवंबर 2025 को की जाएगी।  

राजभवन लोक कल्याण का केंद्र बने: राज्यपाल पटेल ने प्रतिनिधि मंडल से मुलाकात में कही बात

राजभवन को लोक कल्याण का केन्द्र बनाया : राज्यपाल पटेल राज्यपाल से गोवा के सूचना एवं प्रचार विभाग का प्रतिनिधि मंडल मिला भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल से गोवा के सूचना एवं प्रचार विभाग का प्रतिनिधि मंडल बुधवार को राजभवन में मिला। निदेशक सूचना एवं प्रचार दीपक बांडेकर के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल मध्यप्रदेश के पांच दिवसीय प्रवास के दौरान राजभवन आया था।राज्यपाल पटेल का निदेशक सूचना एवं प्रचार ने गोवा का पारंपरिक परिधान पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया और दल के सदस्यों का परिचय कराया।इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दल के साथ चर्चा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंशा-अनुसार उन्होंने राजभवन को लोक कल्याण का केन्द्र बनाया है। प्रदेश के दूरस्थ पिछड़े और वंचित क्षेत्रों के साथ जीवंत संवाद कायम किया है। कार्यकाल के पहले दो वर्षों में ही प्रदेश के सभी जिलों का भ्रमण किया है। वंचितों के साथ आत्मीयता के सूत्र कायम किए है। वे प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के घर पर परिजनों के साथ सह भोज करते है। प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सजग करने की मंशा से पूर्व में पांच गांवों के भ्रमण का कार्यक्रम देते हैं। अंतिम क्षण में किसी एक गांव का भ्रमण कर सम्पर्क और संवाद के द्वारा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हैं। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मध्यप्रदेश के वनों, दर्शनीय स्थलों के संबंध में भी दल को जानकारी दी। प्रदेश के विकास कार्यों और गतिविधियों के बारे में बताया। उन्होंने दल को प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में कार्य के अनुभवों को साझा किया।बताया कि प्रधानमंत्री में जनजातीय समुदाय के प्रति विशेष संवेदनशीलता है। धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान एवं प्रधानमंत्री जनमन योजना की पहल अभूतपूर्व है। योजनाओं के माध्यम से देश के हर जनजातीय परिवार को लाभान्वित करने का प्रयास है। उन्होंने आदि कर्मयोगी योजना के माध्यम से जनजातीय जन जागरण के प्रयासों का भी ब्यौरा दिया। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दल के सदस्यों को जनजातीय समुदाय के स्वास्थ्य की प्रमुख बाधा सिकल सेल एनीमिया रोग के संबंध में बताया। उन्होंने रोग के प्रत्यक्ष लक्षणों व्यवहारिक समस्याओं और रोग के चिकित्सकीय कारणों के बारे बताया। मध्यप्रदेश में रोग नियंत्रण, उपचार प्रबंधन प्रयासों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2047 तक सिकल सेल रोग उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय मिशन गठित कर प्रयास किए जा रहे हैं। मिशन के क्रियान्वयन में प्रदेश का देश में अग्रणी स्थान है। उन्होंने बताया कि सिकल सेल रोग नियंत्रण में दो पहलू बहुत महत्वपूर्ण है। पहला जेनेटिक काउंसलिंग, रोगी और वाहक युवक-युवती आपस में विवाह नहीं करें। दूसरा स्क्रीनिंग, सामान्य रोग वाहक और रोगी की पहचान करना है। राज्य ने इस दिशा में अग्रणी रहकर कार्य किया है। अनुमानतः 01 करोड़ 90 लाख की जनजातीय आबादी में से 01 करोड़ 23 लाख से अधिक की स्क्रीनिंग कर ली गई है। जेनेटिक काउंसलिंग के लिए 01 करोड़ से अधिक डिजिटल जेनेटिक काउंसिल कार्ड वितरित किए जा चुके है। प्रधानमंत्री मोदी ने स्वयं 01 करोड़ वॉ कार्ड वितरित कर प्रदेश के प्रयासों का अनुसमर्थन किया है। राज्यपाल पटेल ने दल के प्रतिनिधियों से अपेक्षा की है कि वह जनजातीय समुदाय में स्वास्थ्य, शिक्षा के प्रति जन जागरण के प्रयासों को प्राथमिकता प्रदान करेंगे। विकास का वातावरण निर्मित करने में सक्रिय योगदान देंगे। प्रतिनिधि दल पांच दिवसीय प्रवास पर मध्यप्रदेश आया है। दल इंदौर, उज्जैन और भोपाल में जनसंपर्क, मीडिया हाऊसेस के साथ चर्चा करेगा। उनकी कार्यप्रणाली का अध्ययन करेगा। इन स्थानों के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों का भ्रमण भी करेगा।राजभवन के वैंक्वेट हॉल में आयोजित बैठक में सूचना अधिकारी, डीआईपी, ऑल्विन एक्स. परेरा, संपादक, द नवहिंद टाइम्स, विजय डी.सूजा, संपादक, तरूण भारत, सागर जावड़ेकर, संपादक, लोकमत, सदगुरु पाटिल, गोयनकारपोन्न, सूरज नांद्रेकर, संपादक, नवप्रभा, परेश प्रभु, संपादक, आरडीएक्स मीडिया राजन केरकर, इन गोवा संपादक, अनिल लाड, सूचना सहायक, डीआईपी, सिद्धेश सामंत,फोटोग्राफर, डीआईपी, चंदू कोरगांवकर और राज्यपाल के प्रेस अधिकारी मौजूद थे।    

ग्वालियर में अदनान सामी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई, धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज

 ग्वालियर प्रसिद्ध गायक अदनान सामी पर ग्वालियर की एक इवेंट आर्गेनाइजर ने गंभीर आरोप लगाए हैं। इवेंट आर्गेनाइजर लावण्या सक्सेना ने जिला न्यायालय में परिवाद दायर किया है जिसमें कहा है कि अदनान सामी की टीम ने रद्द हुए म्यूजिक कान्सर्ट की 17 लाख 62 हजार रुपये की एडवांस राशि अब तक वापस नहीं की है। लावण्या सक्सेना ने 27 सितंबर 2022 को ग्वालियर में अदनान सामी का एक म्यूजिक कान्सर्ट आयोजित करने की योजना बनाई थी। इस कार्यक्रम के लिए कुल 33 लाख रुपये की फीस तय हुई, जिसमें से लावण्या ने 17.62 लाख रुपये का एडवांस भुगतान अदनान सामी की टीम को कर दिया था। हालांकि, एडवांस राशि प्राप्त होने के कुछ समय बाद ही अदनान सामी की टीम ने कार्यक्रम रद्द कर दिया। उस समय टीम की ओर से यह कहा गया था कि बाद में नई तारीख तय की जाएगी। लेकिन कार्यक्रम दोबारा आयोजित नहीं हो सका। पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की इसके बाद जब लावण्या ने अपनी एडवांस राशि वापस मांगी, तो टीम ने पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया। पैसे न लौटाए जाने से परेशान होकर लावण्या सक्सेना ने चार सितंबर को थाना इंदरगंज में लिखित शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उन्होंने 11 सितंबर को एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव को शिकायत सौंपी और छह अक्टूबर को आइजी अरविंद सक्सेना के कार्यालय में भी आवेदन दिया, लेकिन वहां से भी कोई राहत नहीं मिली। आखिरकार लावण्या ने 27 अक्टूबर 2025 को जिला न्यायालय ग्वालियर का दरवाजा खटखटाया। अब इस मामले की सुनवाई 24 नवंबर को होगी।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का निर्देश: सभी राजनीतिक दल करें बीएलए की नियुक्ति

भोपाल  मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा ने मंगलवार को मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ निर्वाचन सदन, भोपाल में बैठक की। बैठक में उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2025 की प्रक्रिया की जानकारी दी और सभी राजनीतिक दलों से अपने बूथ लेवल एजेंट (BLA) की अनिवार्य नियुक्ति करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर की दूसरी चरण की तारीखें घोषित की जा चुकी हैं, जिनमें मध्यप्रदेश भी शामिल है। प्रदेश में पुनरीक्षण प्रक्रिया औपचारिक रूप से प्रारंभ हो चुकी है और मतदाता सूची फिलहाल फ्रीज कर दी गई है। नागरिक अपने नाम की स्थिति voters.eci.in या मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की वेबसाइट पर देख सकते हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि पुनरीक्षण के दौरान बीएलओ तीन बार घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेंगे, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम सूची में सम्मिलित हो सके। नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन के लिए क्रमशः फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 भरना आवश्यक होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति एन्यूमरेशन फॉर्म में मिथ्या जानकारी देता है, तो उसके खिलाफ जुर्माना या कारावास का प्रावधान है। बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राम प्रताप सिंह जादौन, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजय श्रीवास्तव, सुरभि तिवारी, राजेश यादव, कांग्रेस से जेपी धनोपिया, भाजपा से भगवानदास सबनानी और एसएस उप्पल, तथा आम आदमी पार्टी से सुमित चौहान उपस्थित रहे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी झा ने बताया कि प्रक्रिया के दौरान नागरिक पासपोर्ट, जन्म प्रमाण-पत्र, शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, निवास या जाति प्रमाण-पत्र जैसे दस्तावेजों से अपनी पात्रता सिद्ध कर सकेंगे। पुनरीक्षण की प्रमुख तिथियां – 28 अक्टूबर से 3 नवंबर तक बीएलओ प्रशिक्षण – 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक घर-घर सर्वेक्षण – 9 दिसंबर को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन – 9 दिसंबर 2025 से 9 जनवरी 2026 तक दावा-आपत्तियां – 7 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 

मौसम अलर्ट: श्योपुर, मुरैना समेत मध्यप्रदेश के 11 जिलों में चार दिन तक बारिश जारी

भोपाल  राजधानी भोपाल में मोंथा तूफान का असर देखा जा रहा है. मौसम वैज्ञानिकों ने मध्य प्रदेश में तीन अलग-अलग सिस्टम एक्टिव होने के चलते कुल 11 जिलों में भारी बारिश का अनुमान किया है. मंगलवार को मोंथा तूफान के असर से सात जिलों में बारिश हुई थी, जिससे भोपाल और इंदौर शहर अछूता नहीं था. रिपोर्ट के मुताबिक मोंथा तूपान का असर मंगलवार को मध्य प्रदेश में देखा गया, जब तीन अलग-अलग सिस्टम एक्टिव होने से कुल सात जिलों में जमकर बारिश हुई. मोंथा तूफान का ही असर कहेंगे कि मौसम वैज्ञानिकों ने बुधवार को श्योपुर, मुरैना समेत 11 जिलों में बुधवार को भारी बारिश का अलर्ट भेजा है.  मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट मौसम विभाग ने (29 अक्टूबर) के लिए श्योपुर, मुरैना, बुरहानपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं प्रदेश के अन्य जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक, वर्तमान सिस्टम के प्रभाव से अगले चार दिन तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहेगा। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों ओर बने सिस्टम की वजह से नमी लगातार आ रही है, जिससे बादल छाए रहेंगे और मौसम ठंडा रहेगा। अगले चार दिनों तक मध्य प्रदेश में है बारिश के आसार मोंथा तूफान के असर से मध्य प्रदेश में अगले चार दिनों तक बारिश और गरज-चमक का दौर बना रहेगा. जिन 11 जिलों में बारिश का अनुमान किया गया है, उन जिलों में बारिश के चलते दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को कड़ाके वाली ठंड का एहसास होगा.   छत्तीसगढ़ में चक्रवातीय तूफान का असर बढ़ने की संभावना मौसम विभाग ने अगले 3 दिनों तक पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में चक्रवातीय तूफान मोंथा के असर से कई जिलों में तेज हवाओं और भारी बारिश की चेतावनी दी है. इनमें दक्षिण छत्तीसगढ़ के पांच जिलों क्रमशः नारायणपुर, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिले शामिल हैं, जहां रेड अलर्ट जारी किया गया है. भोपाल-इंदौर में चली तेज आंधी 28 अक्टूबर को ग्वालियर, रतलाम, धार, बैतूल, श्योपुर, शिवपुरी, रीवा, मुरैना और उमरिया में अच्छी बारिश हुई। वहीं राजधानी भोपाल में दिनभर बादल छाए रहे और शाम को तेज आंधी चली। रतलाम में करीब 3 इंच, ग्वालियर में 2.5 इंच, जबकि शिवपुरी में 1.5 इंच बारिश दर्ज की गई। बारिश से कई जिलों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। ग्वालियर का दिन का तापमान 25 साल में सबसे कम 19.5°C तक पहुंच गया। मंगलवार को 9 जिलों में पानी गिरा सिस्टम की एक्टिविटी होने की वजह से मंगलवार को बैतूल, धार, रतलाम, मुरैना, ग्वालियर, श्योपुर, शिवपुरी, रीवा और उमरिया में बारिश हुई। भोपाल में तेज आंधी का असर देखने को मिला। बारिश की वजह से कई जिलों में फसलों को नुकसान भी पहुंचा है। बता दें कि मध्य प्रदेश से मानसून की आधिकारिक विदाई हो चुकी है, लेकिन बारिश का दौर जारी है। 29, 30 और 31 अक्टूबर को भी तेज बारिश हो सकती है। 30 अक्टूबर को सिस्टम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा।   अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के दो सिस्टम एक्टिव मौसम विभाग के अनुसार, अरब सागर में बना डिप्रेशन तेजी से उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ रहा है, जबकि बंगाल की खाड़ी में बना तूफान ‘मोंथा’ आंध्र प्रदेश तट को पार कर चुका है। इन दोनों सिस्टम्स से मिलने वाली नमी की वजह से मध्य प्रदेश के ऊपर ट्रफ लाइन एक्टिव है, जिससे लगातार बारिश हो रही है। प्रदेश के कई हिस्सों में अगले 48 घंटे तक बादल और गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 30 और 31 अक्टूबर को कैसा रहेगा मौसम 30 अक्टूबर (गुरुवार) को पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी है। ऑरेंज अलर्ट: सतना, रीवा, सीधी, शहडोल, अनूपपुर और सिंगरौली में 4 से 8 इंच तक वर्षा संभव। येलो अलर्ट: पन्ना, कटनी, उमरिया, डिंडौरी, मंडला, सिवनी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, झाबुआ, अलीराजपुर और बड़वानी। 31 अक्टूबर (शुक्रवार) को भी कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहेगा। भारी बारिश का अलर्ट: झाबुआ, अलीराजपुर, बैतूल, पांढुर्णा, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर और शहडोल। मौसम विभाग का कहना है कि, 1 नवंबर तक प्रदेश का मौसम ऐसा ही रहेगा और 2 नवंबर से बादल छंटने लगेंगे। इसके बाद धीरे-धीरे ठंड बढ़ने लगेगी। 25 साल में अक्टूबर का सबसे ठंडा दिन लगातार बारिश और बादलों की वजह से ग्वालियर का तापमान 19.5°C तक गिर गया, जो अक्टूबर महीने में 25 सालों का सबसे ठंडा दिन रहा। श्योपुर में भी तापमान 13.3°C तक लुढ़क गया। वहीं खंडवा में अधिकतम तापमान 31.5°C दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, नवंबर से फरवरी तक इस बार ठंड सामान्य से ज्यादा रहेगी। 2010 के बाद की सबसे ठंडी सर्दी इस बार महसूस की जा सकती है। ‘ला-नीना’ की परिस्थितियां बनने से सर्दियों के दौरान भी सामान्य से ज्यादा बारिश और तेज ठंडी हवाएं चलने की संभावना है। नवंबर-जनवरी में पड़ेगी कड़ाके की सर्दी मौसम विभाग के अनुसार, नवंबर से कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो जाता है, जो जनवरी तक रहता है। इस बार फरवरी तक ठंड का असर रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले सर्दियों के मौसम में 2010 के बाद सबसे भीषण ठंड का एहसास हो सकता है। सर्दियों के दौरान इस बार सामान्य से ज्यादा बारिश देखने को मिल सकती है, उत्तर-पश्चिम भारत के इलाकों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ अधिक संख्या में प्रभावित करेंगे। मौसम विभाग ने भी जल्द ही ला-नीना परिस्थितियां विकसित होने की पुष्टि की है। पूरे एमपी से विदा हो चुका है मानसून मौसम विभाग के अनुसार, पूरे मध्य प्रदेश से मानसून विदा हो गया है। इस साल मानसून 3 महीने 28 दिन एक्टिव रहा। 16 जून को प्रदेश में मानसून की एंट्री हुई थी और 13 अक्टूबर को वापसी हुई। इसके बावजूद बारिश का दौर बना हुआ है। अक्टूबर का आखिरी सप्ताह भी बारिश वाला ही रहेगा। इसके बाद ठंड का असर शुरू हो जाएगा। इस बार प्रदेश में मानसून की 'हैप्पी एंडिंग' रही। भोपाल, ग्वालियर … Read more

मुख्य सचिव को चुनाव आयोग का अलर्ट: बिना अनुमति अफसरों के तबादले नहीं होंगे

भोपाल  मध्य प्रदेश में प्रशासनिक स्थिरता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निर्वाचन आयोग ने राज्य के कलेक्टरों, एसडीएमों और तहसीलदारों के तबादलों पर तत्काल रोक लगाने का निर्देश दिया है. यह फैसला मुख्य रूप से विशेष गहन पुनरक्षिण कार्य (Special Intensive Revision – SIR) के महत्व को देखते हुए लिया गया है, जो मतदाता सूची पुनरीक्षण से संबंधित है.आयोग के निर्देशानुसार ये तबादले अब 7 फरवरी 2026 तक नहीं किए जाएंगे. MP में अफसरों के ट्रांसफर पर रोक! दरअसल, राज्य में कलेक्टर, SDM (जॉइंट कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर) और तहसीलदारों के ट्रांसफर 7 फरवरी तक नहीं हो पाएंगे. चुनाव आयोग ने चीफ सेक्रेटरी को निर्देश जारी कर कहा है कि SIR प्रोसेस पूरा होने तक इन अधिकारियों का ट्रांसफर न किया जाए. बहुत ज़रूरी होने पर ही चुनाव आयोग से परमिशन लेकर ट्रांसफर किए जा सकेंगे. सरकार इस दौरान सीनियर IAS अधिकारियों का ट्रांसफर कर सकेगी और इस पर कोई रोक नहीं होगी. भारत निर्वाचन आयोग ने इसको लेकर जारी निर्देश में मुख्य सचिव से साफ तौर पर कहा है कि मतदाता सूची के काम में जिला निर्वाचन अधिकारी और कलेक्टर, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (जॉइंट कलेक्टर या डिप्टी कलेक्टर), सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (तहसीलदार या नायब तहसीलदार) के तबादले एसआईआर की प्रक्रिया शुरू होने के बाद नहीं होंगे। आयोग ने कहा है कि मुख्य सचिव की यह भी जिम्मेदारी होगी कि किसी भी विधानसभा क्षेत्र में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी का पद रिक्त नहीं होना चाहिए ताकि आयोग द्वारा तय टाइमलाइन में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की कार्यवाही की जा सके। इस काम में आवश्यक बीएलओ और सुपरवाइजर्स की कमी भी नहीं हो, इसका ध्यान कलेक्टर और राज्य शासन रखेगा। 7 फरवरी 2026 के बाद होंगे तबादले बता दें कि तबादलों पर रोक SIR यानी विशेष गहन पुनरक्षिण कार्य के कारण  लगाई गई है. मूल्यांकन/प्रशिक्षण 28 अक्टूबर से 3 नवंबर, 2025 तक होगी.  घर-घर जाकर गिनती 4 नवंबर से 4 दिसंबर, 2025 तक होगी.   प्रारंभिक मतदाता सूची का प्रकाशन 9 दिसंबर, 2025 को किया जाएगा. दावे/आपत्तियों की का समय 9 दिसंबर, 2025 से 8 जनवरी, 2026 तक होगा. फाइनल वोटर लिस्ट 7 फरवरी 2026 को पब्लिश की जाएगी. निर्देशों के मुताबिक ये ट्रांसफर अब 7 फरवरी, 2026 तक नहीं किए जाएंगे. अपर कलेक्टर प्रभावित नहीं, संभागायुक्त मॉनिटरिंग करेंगे चुनाव आयोग ने वैसे तो तबादले से संभागायुक्तों को सीधे तौर पर प्रतिबंधित नहीं किया है लेकिन मतदाता सूची के परीक्षण की पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी संभागायुक्तों को सौंपी गई है। इसलिए संभागायुक्त भी तबादले से बचे रह सकते हैं। जिलों में पदस्थ अपर कलेक्टर स्तर के अधिकारी जो अपर कलेक्टर और सीईओ जिला पंचायत की जिम्मेदारी निभाते हैं वे जरूर चुनाव आयोग के तबादला प्रतिबंध के दायरे में नहीं आएंगे। सरकार उनके तबादले कर सकती है। आईपीएस, एसपीएस और सीनियर आईएएस पर भी रोक नहीं चुनाव आयोग ने यह भी साफ किया है कि पुलिस अधीक्षक, आईजी और अन्य सीनियर आईपीएस के अलावा एसडीओपी, सीएसपी, डीएसपी स्तर के अधिकारी या टीआई भी किसी तरह के तबादले के प्रतिबंध में नहीं रहेंगे। सरकार चाहे तो मंत्रालय और विभिन्न विभागों में पदस्थ सीनियर आईएएस अफसरों के भी तबादले कर सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि ये अधिकारी मतदाता सूची के रजिस्ट्रीकरण की कार्यवाही से किसी तरह से सीधे तौर पर नहीं जुड़े हैं। कलेक्टरों, संभागायुक्तों को आज मिलेगी ट्रेनिंग उधर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव झा ने बुधवार को प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी तथा संभागायुक्तों को SIR की ट्रेनिंग देगा। इसको लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने मंगलवार को सामान्य प्रशासन विभाग को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि कलेक्टरों, संभागायुक्तों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये दी जाने वाली ट्रेनिंग में उपस्थित रहने के निर्देश शासन स्तर पर जारी किए जाएं। चुनाव से जुड़ी मुख्य तारीखें     मूल्यांकन/प्रशिक्षण: 28 अक्टूबर से 3 नवम्बर 2025     घर-घर गणना: 4 नवम्बर से 4 दिसम्बर 2025     प्रारंभिक मतदाता सूची प्रकाशन: 9 दिसम्बर 2025     दावे/आपत्तियों की अवधी: 9 दिसम्बर 2025 से 8 जनवरी 2026     अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन: 7 फरवरी 2026  

मध्य प्रदेश में100 दिन तक चलेगी SIR प्रक्रिया, हर मतदाता तक बीएलओ तीन बार पहुंचेंगे

भोपाल   मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण यानी एसआइआर की प्रक्रिया शुरू हो गई। बताया गया है कि अब एक मतदान केंद्र पर अधिकतम 1200 मतदाता ही रहेंगे। इसके अलावा एक परिवार के सभी सदस्यों का नाम एक ही पोलिंग बूथ में होगा। जिला प्रशासन ने स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया। छह चरणों में प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अंतिम चरण सात फरवरी 2026 को मतदाता सूची का फाइनल प्रकाशन का रहेगा। करीब 100 दिन तक चलने वाली प्रक्रिया में हर मतदाता तक बीएलओ कम से कम तीन बार पहुंचेगा। आप अपना नाम मतदाता सूची में बनाए रखना चाहते हैं तो अपनी पहचान, जन्म के साथ माता-पिता की पहचान जन्म और इसी तरह के दस्तावेज संभालकर रख लें। एसआइआर के तहत आपसे जो गणना फार्म जमा कराया जाएगा, उसमें इनकी जरूरत होगी। हर मतदाता का अलग गणना फार्म होगा प्रकाशित हर मतदाता का एक गणना फार्म होगा। फार्म पर मतदाता का पुराना फोटो व डिटेल रहेगी। फार्म में मतदाता को पुराने फोटो के पास बने बॉक्स में नया फोटो जोडऩा होगा। गणना फार्म में जन्म दिनांक दर्ज करना होगा। आधार नंबर वैकल्पिक होगा। पिता का नाम व उनका मतदाता नंबर, माता का नाम व उनका मतदाता नंबर भी दर्ज करना होगा। इसमें मतदाता व बीएलओ को हस्ताक्षर होंगे। कहीं वोटर लिस्ट से कट न जाए आपका नाम, मतदाता सूची अभियान में इन बातों का रखें ध्यान देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट की समीक्षा का ऐलान चुनाव आयोग ने कर दिया है. इसके दायरे में 51 करोड़ वोटर आएंगे. 28 अक्टूबर से ये प्रक्रिया शुरू भी हो गई है, जो 103 दिनों तक  यानी 7 फरवरी तक चलेगी. 103 दिन की प्रक्रिया में वोटर लिस्ट का अपडेशन होगा. इसमें बंगाल, तमिलनाडु जैसे चुनावी राज्यों को भी शामिल किया गया है. अगर आप भी वोटर्स हैं और आपकी वोटर आईडी में किसी तरह के बदलाव की जरूरत है तो एसआईआर प्रक्रिया में जरूर हिस्सा लें. मसलन, अगर आप बिहार से यूपी या दिल्ली स्थायी तौर पर प्रवास कर चुके हैं तो आपको नया अपडेशन कराना चाहिए.ऐसा न हो कि बिहार में पुराने पते पर न होने से आपका नाम कट जाए और नई जगह रजिस्टर न कराने से दिल्ली में भी आपका नाम न जुड़ पाए. बीएलओ तीन बार घर जाएंगे बीएलओ वोटर लिस्ट समीक्षा के दौरान घर-घर जाकर फॉर्म भरवाएंगे. हर वोटर के यह फॉर्म रहेगा. अगर परिवार बाहर है तो दूसरे या तीसरे प्रयास में इसमें शामिल हो सकता है. बीएलओ 3 बार फॉर्म भरवाने की कोशिश करेगा. फिर भी कोई आवास पर नहीं मिलता है तो बूथ लेवल ऑफिसर नोटिस दे सकता है. इसके बाद भी एसआईआर में शामिल न होने पर आपका नाम हटाया जा सकता है. BLO या BLA से संपर्क साधें मौजूदा जो वोटर हैं, उन्हें एसआईआर से घबराने की जरूरत नहीं है. SIR में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) या बूथ लेवल एजेंट (BLA) वोटर को संबंधित फॉर्म देंगे. मतदाता उनका मिलान कराएगा. अगर आपका नाम दो जगह वोटर लिस्ट में है तो एक जगह से हटवाना होगा. अगर मतदाता सूची में नाम नहीं है तो ऐड कराने के लिए फॉर्म भरें. इसके लिए स्थायी पते समेत संबंधित दस्तावेज देने होंगे. किसी विदेशी या अवांछनीय व्यक्ति का नाम है तो उसे भी हटाया जाएगा. एक महीने में अपील संभव अगर आपका नाम किसी वजह से मतदाता सूची से कट गया है तो जब दिसंबर में ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होगी तो उसमें चेक करें. एक महीने में अपील कर सकते हैं.‎ डीएम और जिलाधिकारी के फैसले के खिलाफ राज्य निर्वाचन आयोग ‎सीईओ तक अपील कर सकते हैं.‎हेल्पलाइन 1950 पर कॉल कर सकते हैं. बीएलओ या जिला चुनाव कार्यालय से संपर्क साध सकते हैं. Voter List में कैसे Check करें नाम वोटर लिस्ट में अपना नाम चेक करना है तो electoralsearch.eci.gov.in और voters.eci.gov.in पर EPIC नंबर डालकर लिस्ट में नाम चेक कर सकते हैं. फोन पर NVSP ऐप डाउनलोड कर वोटर लिस्ट देख सकते हैं. डिजिटल वोटर आईडी कार्ड भी निकाल सकते हैं.  SIR की 3 बड़ी बातें 18 साल से अधिक उम्र के नए वोटरों के नाम जोड़े जाएंगे  वोटर लिस्ट में सामने आने वाली गलतियां सुधारी जाएंगी मृत लोगों या दूसरी जगहों पर स्थायी प्रवास पर नाम हटाए जाएंगे इन राज्यों में होगा एसआईआर अंडमान निकोबार छत्तीसगढ़ गोवा गुजरात केरल लक्षद्वीप मध्य प्रदेश पुडुचेरी राजस्थान तमिलनाडु उत्तर प्रदेश पश्चिम बंगाल काम की बातें——     51 करोड़ वोटर्स इन 12 राज्यों के दायरे में      फॉर्म 7 और फॉर्म 8 वोटर आईडी कार्ड में सुधार के लिए      फॉर्म 6 नाम जुड़वाने से जुड़े एनरोलमेंट फॉर्म के लिए     फॉर्म 8 सुधार के साथ नाम कहीं और वोटर लिस्ट में दर्ज कराने के लिए चुनाव आयोग ने जिन 12 राज्यों में एसआईआर का ऐलान किया है. उनमें  बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं. गोवा, गुजरात और उत्तर प्रदेश में 2027 में चुनाव होना है. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में वर्ष 2028 में चुनाव कराया जाना है. SIR के अभियान में कब क्या     28 अक्टूबर से 3 नवंबर- प्रिटिंग एंड ट्रेनिंग     4 नवंबर से 4 दिसंबर- घर-घर जाकर सत्यापन     ड्रॉफ्ट वोटर लिस्ट- 9 दिसंबर तक     आपत्ति, दावे-9 दिसंबर से 8 जनवरी 2026 तक     सुनवाई, सत्यापन-9 दिसंबर से 31 जनवरी 2026     फाइनल वोटर लिस्ट- 7 फरवरी 2026 SIR में आधार कार्ड समेत ये डॉक्यूमेंट मान्य आधार कार्ड पेंशनर आई कार्ड कोई सरकारी पहचान पत्र जन्म प्रमाणपत्र पासपोर्ट हाईस्कूल मार्कशीट वन अधिकार प्रमाणपत्र स्थायी निवास प्रमाणपत्र जाति प्रमाणपत्र राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) में नाम फैमिली रजिस्टर में नाम रजिस्ट्री जैसे भू रिकॉर्ड