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मध्यप्रदेश स्थापना दिवस: पूरे राज्य में उत्सव और कार्यक्रमों की भरमार

प्रदेश में हर्षोल्लास से मनाया जायेगा मध्यप्रदेश स्थापना दिवस मुख्य कार्यक्रम लाल परेड ग्राउंड भोपाल में होगा जिला-स्तर पर भी आयोजित होंगे कार्यक्रम भोपाल मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर राजधानी भोपाल सहित जिला मुख्यालयों पर एक से तीन नवम्बर तक 3 दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। एक नवम्बर को शासकीय भवनों पर रात्रि में प्रकाश व्यवस्था की जायेगी। अनेक नवाचारों का होगा शुभारंभ स्थापना दिवस समारोह का मुख्य कार्यक्रम एक नवम्बर को प्रात: 11 बजे से लाल परेड मैदान पर आयोजित किया जायेगा। कार्यक्रम में "विकसित मध्यप्रदेश @2047" दृष्टि पत्र का विमोचन, एमपीई-सेवा एवं 'इन्वेस्ट एमपी' पोर्टल का शुभारम्भ होगा। साथ ही प्रतिष्ठित कलाकारों द्वारा सुगम संगीत की प्रस्तुति तथा आतिशबाजी की जायेगी। सायंकाल में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी होगा। विभिन्न विभागों की लगेगी विकास प्रदर्शनी स्थापना दिवस पर 2 एवं 3 नवम्बर को स्व-सहायता समूह एवं प्रदेश के प्रतिष्ठित शिल्पियों की 'आर्ट एण्ड क्राफ्ट' प्रदर्शनी सह विक्रय स्टॉल के माध्यम से प्रदेश की बहुआयामी कला-संस्कृति का लोकव्यापीकरण और मंचीय कार्यक्रम में महाराजा विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन एवं सुगम संगीत का कार्यक्रम होगा। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं की सतत प्रगति, विरासत से विकास, उद्योग/विज्ञान क्षेत्र की विशिष्ट उपलब्धियों पर केन्द्रित आकर्षक प्रदर्शनी एवं मध्यप्रदेश के विकास पर केन्द्रित फिल्म का प्रदर्शन प्रदेश, जिला एवं ब्लॉक स्तर पर होगा। स्कूल-कॉलेजों में होंगी विभिन्न प्रतियोगिताएँ युवाओं को जोड़ने के लिए मध्यप्रदेश की गौरवशाली विरासत, बहुआयामी संस्कृति, पर्यटन, उद्योग, विज्ञान के क्षेत्र से संबंधित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता, वाद-विवाद, निबंध प्रतियोगिता, मध्यप्रदेश के विकास, पर्यटन एवं सांस्कृतिक महत्व के स्थलों पर आधारित चित्र/फोटो प्रदर्शनी/पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन विभिन्न स्कूलों एवं कॉलेजों में किया जायेगा। सेवा के क्षेत्र में कार्य करने वाली संस्थाएँ, विज्ञान और उद्योग व्यवसाय के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि अर्जित करने वाली संस्थाओं सहित संवाद, गोष्ठी, युवा वैज्ञानिक सम्मेलन भी आयोजित किये जायेंगे। जिला-स्तरीय समारोह जिला मुख्यालयों पर स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियाँ, जिलावार उत्कृष्ट कार्यों तथा जिला उत्पादों पर केन्द्रित प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। प्रभारी मंत्रियों के समन्वय से जिला स्तर पर कलेक्टर कार्यक्रम को अंतिम रूप देंगे। जिला मुख्यालय पर प्रमुख शासकीय भवनों पर एक नवम्बर की रात्रि को प्रकाश की व्यवस्था की जायेगी। स्थापना दिवस के कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, उद्योगपतियों, व्यावसासियों, समाजसेवियों, धर्मगुरुओं, स्वयंसेवी संस्थाओं, हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्ड्री विद्यालयों एवं महाविद्यालयीन छात्र/छात्राओं, शासकीय अधिकारी/कर्मचारियों, जिले के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, लोकतंत्र सेनानियों एवं शहीद सैनिकों के परिवारों तथा महत्वपूर्ण उपलब्धि अर्जित करने वाले स्व-सहायता समूह/स्टार्टअप के पदाधिकारियों को भी विशेष तौर पर आमंत्रित किया जायेगा। जिससे कार्यक्रम में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।  

डॉ. यादव करेंगे ‘अनुगूँज’ कार्यक्रम की शुरुआत, सांस्कृतिक रंगों से रोशन होगा आयोजन

डॉ. यादव करेंगे 'अनुगूँज' कार्यक्रम की शुरुआत, सांस्कृतिक रंगों से रोशन होगा आयोजन सांस्कृतिक महोत्सव अनुगूँज का शुभारंभ, कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे शासकीय विद्यालयों के 500 विद्यार्थी करेंगे अपनी सांस्‍कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों की सहभागिता से आयोजित किये जाने वाले सांस्‍कृतिक कार्यक्रम "अनुगूंज" का आयोजन मंगलवार 28 अक्‍टूबर को भोपाल स्थित शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय, शिवाजी नगर में शाम 5:30 बजे से होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम के मुख्‍य अतिथि होंगे। जनजातीय कल्‍याण मंत्री कुँवर विजय शाह एवं स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री  उदय प्रताप सिंह कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। अनुगूँज के प्रथम भाग 'धनक' के अंतर्गत वाद्य संगीत के साथ ही भारत के विविध शास्‍त्रीय नृत्‍य ओडिसी, भरतनाट्यम, कथक और मणिपुरी नृत्‍य आदि की मनमोहक प्रस्‍तुतियाँ होंगी। कार्यक्रम के द्वितीय भाग 'रंगकार' के अंतर्गत 'नाटक ताना बाना टूट न जाए' का मंचन विद्यार्थियों द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम के सहभागी विद्यार्थियों ने एक माह की अल्पावधि में इन प्रस्तुतियों के लिए खुद को तैयार किया है। आत्‍मानुशासन, लगन, उत्साह और जोश के साथ भोपाल सहित प्रदेश के विभिन्‍न अंचलों से शासकीय विद्यालयों के लगभग 500 विद्यार्थियों ने अपनी अभिव्यक्ति को नए सोपान देने का प्रयास अनुगूँज में किया है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अनुगूँज के आकल्पन को आकार देने के लिए प्रदेश के राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय ख्‍यातिप्राप्‍त रंगकर्मी और कलाकारों को मेंटर्स के रूप में संयोजित किया गया है। इन मेंटर्स ने एक कुशल मार्गदर्शक के रूप में इस विशेष कार्यक्रम और भविष्य के लिए भी विद्यार्थियों को विभिन्न कलाओं में पारंगत कराया है। उल्‍लेखनीय है कि अनुगूँज समारोह स्कूल शिक्षा विभाग का एक रचनात्मक प्रयास है जो विद्यार्थियों की शिक्षा के साथ-साथ उनके रचनात्मक और सर्वांगीण विकास पर केंद्रित है। विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के लिए प्रदेश के राष्‍ट्रीय और अंतर्राष्‍ट्रीय ख्‍याति प्राप्‍त कलाकार विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर रहे है। इनमें सुप्रसिद्ध संगीतकार मॉरिस लाजरस, ओडसी नृत्‍य की अंतर्राष्‍ट्रीय ख्‍याति प्राप्‍त नृत्‍य गुरू सु बिंदु जुनेजा, भरतनाट्यम शैली की शीर्षस्‍थ नृत्‍य गुरू सु भारती होम्‍बल, ख्‍याति प्राप्‍त कथक नृत्‍य गुरू मती पद्मजा रघुवंशी और मणिपुरी नृत्‍य शैली के प्रसिध्‍द आचार्य और राष्‍ट्रीय अंतर्राष्‍ट्रीय ख्‍याति प्राप्‍त नृत्‍य गुरू  एम.के. होजाइनगम्‍बा सिेंह, ख्‍यात रंग निदेशक  सादात भारती के साथ ही प्रसिद्ध मंच संचालक  विनय उपाध्‍याय जैसे शीर्षस्‍थ कला मनीषी शामिल हैं। एक भारत-श्रेष्‍ठ भारत की अवधारणा पर सजी अनुगूँज की इन प्रस्‍तुतियों को साकार करने के लिए देश की विभिन्‍न प्रदर्शनकारी सांस्‍कृतिक प्रस्‍तुतियों के प्रदर्शन के लिये विशाल मंच का निर्माण महाकाल की नगरी उज्‍जैन के महाकाल लोक के मॉडल पर तैयार किया गया है।  

नरसिंहपुर से 10 हजार का इनामी राजा हाशमी पकड़ा गया, इंदौर किन्नर विवाद में फिनाइल पिलाने का मामला

इंदौर    इंदौर पुलिस को किन्नर समाज से जुड़े एक विवादित में बड़ी सफलता हाथ लगी है. झगड़े के दौरान एक को फिनाइल पिलाने और मारपीट करने की घटना में फरार चल रहे 10 हजार रुपए के इनामी मुख्य आरोपी राजा हाशमी को गिरफ्तार कर लिया गया है.   किन्नर समाज से जुड़े विवाद में एक व्यक्ति को फिनाइल पिलाने और मारपीट करने का गंभीर आरोप. आरोपी राजा हाशमी घटना के बाद से पिछले एक हफ्ते से फरार चल रहा था, जिस पर डीसीपी जोन ने 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था. पुलिस टीम को तकनीकी जानकारी और मुखबिर की मदद से राजा हाशमी की लोकेशन गोटेगांव, जिला नरसिंहपुर (जबलपुर के पास) में मिली. पुलिस ने उसके बहनोई के घर पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया. आरोपी को हिरासत में लेकर इंदौर लाया गया है और पुलिस पूछताछ के लिए उसे अदालत में पेश कर रिमांड की मांग करेगी. इस मामले में पुलिस ने कुल चार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था. एक आरोपी सपना हाजी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था. आरोपी अक्षय कुमायूं और पंकज जैन अब भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस के प्रयास लगातार जारी हैं. 

सड़क सुरक्षा के लिए कार्रवाई, उज्जैन में बुलेट साइलेंसर पर पुलिस ने चलाया रोडरोलर

उज्जैन  अपने वाहनों से कर्कश ध्वनि फैलाकर ध्वनि प्रदूषण और सार्वजनिक शांति भंग करने वालों पर उज्जैन पुलिस ने फिर सख्ती दिखाई. टॉवर इलाके में पुलिस ने 5 लाख रुपए से अधिक कीमत के 30 से ज्यादा मोडिफाइड साइलेंसरों पर रोडरोलर चलवाकर उन्हें नष्ट किया. इस कार्रवाई के जरिए पुलिस ने संदेश दिया कि नियमों के खिलाफ कार्य बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे और ऐसे कृत्यों पर सख्त कार्रवाई होगी.  दरअसल, शहर में तेज आवाज वाले साइलेंसरों से लोगों को परेशान करने, तेज रफ्तार से वाहन चलाकर पटाखे जैसी आवाज निकालने और राहगीरों को परेशानी में डालने वालों पर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है. लंबे समय से चल रही इस कार्रवाई में पुलिस ने ऐसी बाइकों, खासकर बुलेट में लगे मोडिफाइड साइलेंसर निकलवाए और वाहन चालकों पर जुर्माना भी लगाया. जब्त किए गए साइलेंसरों को टॉवर चौक पर जनता के सामने नष्ट कर पुलिस ने स्पष्ट किया कि ऐसी गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी. एएसपी नितेश भार्गव ने बताया कि उज्जैन ट्रैफिक पुलिस शहर में यातायात नियम तोड़ने वालों, तेज रफ्तार से वाहन चलाने वालों और गैर-मानक साइलेंसरों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है.  करीब 5 लाख रुपए कीमत के 30 साइलेंसरों को सार्वजनिक स्थान पर नष्ट किया गया, ताकि समाज को यह संदेश जाए कि ऐसी चीजें वैध नहीं हैं और इन पर पुलिस कानूनी रूप से सख्त कार्रवाई करती है. पिछले कुछ समय से लगातार कार्रवाई चल रही है और भविष्य में भी अलग-अलग तरह की कार्रवाइयां नियोजित हैं.

संतोष चौबे’ के कहानी संग्रह ‘ग़रीबनवाज़’ का हुआ लोकार्पण

भोपाल. वरिष्ठ कवि–कथाकार, निदेशक विश्व रंग एवं रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे के नए कहानी संग्रह 'ग़रीबनवाज़' का लोकार्पण एवं पुस्तक चर्चा का आयोजन रवीन्द्र भवन के गौरांजनी सभागार में समारोह पूर्वक किया गया। यह महत्वपूर्ण आयोजन रबीन्द्रनाथ टैगोर विशवविद्यालय, वनमाली सृजन पीठ एवं स्कोप ग्लोबल स्किल्स विश्वविद्यालय, भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। इस अवसर पर श्री संतोष चौबे ने अपने कहानी संग्रह से "मगर शेक्सपियर को याद रखना" कहानी का बेहतरीन पाठ किया। उन्होंने इस अवसर पर अपनी रचना प्रक्रिया पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पठनीयता को लेकर मैं हमेशा सजगता बरतता हूँ। कहानी पढ़ते समय पाठक पहले ही वाक्य से कहानी के भीतर प्रवेश करें और फिर उसे पूरा पढ़कर ही रहें। मेरा मानना है कि लेखक की पवित्रता और उसका भोलापन हमेशा बना रहना चाहिए। मेरी कहानियों का मुख्य आधार उनमें दृश्यात्मकता और इंटेनसिटी का होना हैं।   समारोह की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ कथाकार एवं वनमाली सृजन पीठ, भोपाल के अध्यक्ष श्री मुकेश वर्मा ने कहा ‘गरीबनवाज़’ कहानियाँ हमें जीवन के भीतर छिपे उस करुण पक्ष से जोड़ती हैं जो अक्सर हमारी दृष्टि से ओझल रह जाता है। संतोष चौबे की कहानियाँ सिर्फ घटनाएँ नहीं, बल्कि मनुष्य के भीतर चल रहे संवाद का दस्तावेज़ हैं। उनका कथा संसार हमारे समय का गहन आत्मपरिचय कराता है।   समारोह के मुख्य अतिथि वरिष्ठ कथाकार श्री शशांक ने कहा कि संतोष चौबे की कहानियों में जीवन की संवेदना, मानवीय द्वंद्व और सामाजिक सरोकार गहराई से जुड़े हुए हैं। उनके पात्र आम जन की जद्दोजहद और आशाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस संग्रह की कहानियाँ अपने शिल्प और कथ्य दोनों में उल्लेखनीय हैं।”   विशिष्ट अतिथि प्रतिष्ठित कथाकार डॉ. उर्मिला शिरीष ने अपने वक्तव्य में कहा कि कहानी संग्रह में स्त्री–पुरुष संबंधों, सामाजिक असमानताओं और नैतिक प्रश्नों की प्रस्तुति बेहद संवेदनशीलता के साथ की गई है। चौबे जी की कहानियाँ इस बात का प्रमाण हैं कि आधुनिक हिंदी कथा साहित्य अब भी मनुष्य की जड़ों और उसकी करुणा से जुड़ा हुआ है।   कार्यक्रम में साहित्यकार रेखा कस्तवार, भालचंद्र जोशी, पंकज सुबीर ने भी अपनी टिप्पणियाँ दीं। वक्ताओं ने कहा कि चौबे जी की कहानियाँ गहरी मानवीय दृष्टि से ओतप्रोत हैं और वे पाठक को भीतर तक झकझोर देती हैं। युवा कथाकार सुश्री प्रज्ञा रोहिणी (दिल्ली) ने कहा कि संतोष चौबे जी की कहानियां उत्तर आधुनिकता के शिफ्ट की कहानियां है। हमारे समय की नजर नहीं आने वाली बड़ी-बड़ी खाईयों को पाटने का महत्वपूर्ण कार्य संतोष चौबे तमाम द्वदों के बावजूद अपनी रचनाओं के माध्यम से करते हैं।   युवा आलोचक श्री अच्युतानंद मिश्र (केरल) ने कहा कि संतोष जी रचनाओं में विधाओं में आवाजाही सबसे महत्वपूर्ण पक्ष है। सामाजिक स्वरूप और सामाजिक आलोचना को लेकर चिंता और गहरी वैचारिकी दृष्टि उनकी कहानियों में विन्यस्त है।   अतिथियों का स्वागत वनमाली सृजन पीठ की राष्ट्रीय संयोजक एवं आईसेक्ट पब्लिकेशन की प्रबंधक सुश्री ज्योति रघुवंशी द्वारा किया गया। स्वागत उद्बोधन भी सुश्री ज्योति रघुवंशी द्वारा दिया गया। लोकार्पण समारोह का संचालन युवा कथाकार एवं वनमाली कथा के संपादक श्री कुणाल सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में वरिष्ठ रचनाकारों डॉ. विजय बहादुर सिंह, डॉ. विनीता चौबे, डॉ. करुणा शंकर उपाध्याय (मुंबई), आनंद प्रकाश त्रिपाठी, डॉ. नितिन वत्स, बलराम गुमास्ता, डॉ. जवाहर कर्नावट, मेजर जनरल श्री श्याम श्रीवास्तव, श्री हरि भटनागर, प्रज्ञा रावत, नीलेश रघुवंशी, देवीलाल पाटीदार, डॉ. रामवल्लभ आचार्य, डॉ. गिरजेश सक्सेना, करुणा राजुरकर राज, मोहन सगोरिया सहित युवा रचनाकारों, साहित्यप्रेमियों ने अपनी रचनात्मक उपस्थिति दर्ज की।

महिला एवं बाल विकास विभाग ने बच्चों के पोषण पर जारी की गाइडलाइन, छह महीने के बाद मांसाहारी परिवारों के लिए खास सलाह

भोपाल  मध्य प्रदेश में महिला और बाल विकास विभाग ने दो साल तक के बच्चों के आहार को लेकर नई सलाह जारी की है। विभाग का कहना है कि छह माह की उम्र पूरी होने के बाद यदि परिवार मांसाहारी है, तो बच्चों को अंडा, मांस और मछली खिलाना चाहिए।विभाग ने बच्चों के पोषण के पांच सूत्र जारी किए हैं और इनका प्रचार-प्रसार आंगनवाड़ी केंद्रों और जनजागरूकता अभियानों के जरिए करने को कहा है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि बाजार की चीजें जैसे बिस्किट, चिप्स, मिठाई, नमकीन और जूस बच्चों के लिए नुकसानदायक हैं, क्योंकि इनमें आवश्यक पोषक तत्व नहीं होते। पोषण अभियान के तहत दिए निर्देश केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के पोषण अभियान के तहत यह दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। मंत्रालय ने सभी राज्यों को इन सूत्रों को अपनाने को कहा है। मध्य प्रदेश में इन्हें राज्य की महिला एवं बाल विकास विभाग की वेबसाइट पर भी अपलोड किया गया है। पोषण के पांच सूत्र इस प्रकार हैं:     पहले 1000 सुनहरे दिन: बच्चे के जन्म से दो वर्ष तक का समय सबसे महत्वपूर्ण माना गया है, जिसमें पोषण और स्वास्थ्य पर खास ध्यान देने की जरूरत है।     पौष्टिक आहार: परिवार मांसाहारी हो तो बच्चे को अंडा, मांस और मछली देने की सलाह।     अनीमिया से बचाव: आयरन और प्रोटीन से भरपूर भोजन का सेवन बढ़ाने की सलाह।     डायरिया से बचाव: साफ पानी और स्वच्छ भोजन पर ध्यान।     स्वच्छता और साफ-सफाई: संक्रमण और बीमारियों से बचाव के लिए व्यक्तिगत व घरेलू स्वच्छता पर फोकस। बच्चों के लिए 1000 दिन बताए सुनहरे पोषण के पांच सूत्र बताते हुए कहा गया है कि पहले सौ दिनों में बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास तेजी से होता है। इसमें गर्भावस्था की अवधि से लेकर बच्चे के जन्म के दो साल तक की उम्र की अवधि शामिल है। इस दौरान उचित स्वास्थ्य, पर्याप्त पोषण, प्यार भरा व तनाव मुक्त माहौल और सही देखभाल होना चाहिए, ताकि बच्चे का पूरा विकास हो। इस दौरान मां और बच्चे को सही पोषण की सर्वाधिक जरूरत होती है। इन 1000 सुनहरे दिनों में 270 दिन गर्भावस्था, 365 दिन बच्चे के जन्म के पहले साल के और 365 दिन बच्चे के जन्म के दूसरे साल के शामिल होते हैं। पौष्टिक आहार में कहा- मांस, मछली, अंडा खाना चाहिए सभी उम्र के लोगों के साथ बच्चे को छह माह का होने पर पर्याप्त मात्रा में अलग-अलग आहार खिलाने की बात कही गई है। साथ ही कहा गया है कि विभिन्न खाद्य पदार्थ जैसे रोटी, चावल और पीले व काले रंग की दालें, हरी पत्तेदार सब्जियां मसलन पालक, मैथी, चौलाई, सरसों, पीले फल आम, पका पपीता आदि खाना चाहिए। विभाग ने इसमें यह भी कहा है कि यदि मांसाहारी हैं तो अंडा, मांस और मछली खाना चाहिए। विभाग के अनुसार खाने में दूध, मिल्क प्रोडक्ट, अखरोट आदि शामिल करने के साथ आंगनवाड़ी में मिलने वाले पोषाहार अवश्य खाना चाहिए। जब बच्चा छह माह का हो जाए तो मां के दूध के साथ घर का बना मसला और गाढ़ा ऊपरी आहार भी दिया जाना चाहिए। इसमें कद्दू, लौकी, गाजर, पालक, दाल शामिल हैं। अगर मांसाहारी हैं तो अंडा, मांस और मछली भी देना चाहिए। बच्चे के खाने में नमक, चीना और मसाला कम डालें और बच्चे को बाजार का बिस्कुट, चिप्स, मिठाई, नमकीन और जूस जैसी चीजें न पिलाएं। इससे बच्चे को सही पोषक तत्व नहीं मिलते। अनीमिया रोकने के लिए भी अंडा, मांस, मछली खाने को कहा पोषण का तीसरा सूत्र अनीमिया रोकने को लेकर किए जाने वाले प्रयास बताए गए हैं जिसमें कहा गया है कि अनीमिया रोकथाम के लिए आयरन युक्त भोजन जैसे दालें, हरी पत्तेदार सब्जियां, पालक, मैथी, सरसों, फल, दूध, दही, पनीर आदि बच्चे को खिलाएं। एमपी में हो चुका है अंडा खिलाने का विरोध प्रदेश में आंगनवाड़ी केंद्रों में जाने वाले बच्चों को अंडा खिलाने का प्रस्ताव पूर्व में भी महिला और बाल विकास विभाग में आ चुका है जिसका जमकर विरोध हुआ और इसके बाद सरकार ने इस फैसले को वापस ले लिया है। अब केंद्रीय महिला और बाल विकास विभाग के पोषण के पांच सूत्र बताए जाने के बाद इसे जिला अधिकारियों को लागू करने के लिए कहा गया है। हालांकि आंगनवाड़ी केंद्रों से इसकी सप्लाई को लेकर कोई बात नहीं कही गई है। बच्चे के माता पिता के लिए यह सलाह दी गई है।

जनजातीय वन-भूमि पट्टाधारी किसानों के लिए खुशखबरी, सब्जी उत्पादन पर मिलेगा विशेष अनुदान

भोपाल प्रदेश में जनजाति बाहुल्य ग्रामों में वनपट्टाधारी परिवारों को सब्जी उत्पादन के प्रति प्रोत्साहित कर, उनके सामाजिक और आर्थिक जीवन में सुधार लाने के प्रयास किए जा रहे हैं, इसके तहत प्रदेश के चार संभाग के 16 जिलों में जनजाति वर्ग के लोगों को वन भूमि पर पैदावार बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत सब्जियों के उत्पादन के लिए विशेष अनुदान दिया जाएगा। अनुदान राशि प्रति हैक्टेयर इकाई लागत का 90% तक हो सकता है। आयुक्त उद्यानकी से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में नर्मदापुरम संभाग में नर्मदापुरम , बैतूल, हरदा, जबलपुर संभाग में जबलपुर, मंडला, सिवनी, छिंदवाड़ा कटनी, नरसिंहपुर, डिंडोरी और बालाघाट, शहडोल संभाग में शहडोल, उमरिया और अनूपपुर तथा भोपाल संभाग में भोपाल और सीहोर जिलों के कोलार बांध के आसपास के वनपट्टाधारी किसानों को योजना का लाभ मिलेगा। इन किसानों को कृषि तकनीकी विशेषज्ञ और मार्केटिंग एक्सपर्ट की सलाह पर उच्चमूल्य वाली सब्जी फसलों जैसे:- टमाटर, लौकी, करेला, फूलगोभी, पत्ता गोभी, ब्रोकली ब्रुसेल्स, स्प्राउट, बाकलावली, हरी मटर, बैंगन, शिमला मिर्च, भिंडी, खीर, हरी मिर्च, गाजर चुकंदर, शलजम, मूली, गांठ गोभी, राजमा, शकरकंद, केल-करम साग, सहजना की फली या मुनगा तथा पात्तिदार सब्जियों पर अनुदान सहायता राशि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों को विभाग के एमपीएफएसटीएस पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीयन कराना अनिवार्य है। जिन किसानों का चयन योजना के अंतर्गत किया जाएगा, उनको उद्यानकी विभाग द्वारा सब्जी फसल उत्पादन की नवीन तकनीकियों, फसलोत्तर प्रबंधन, विपणन एवं संस्करण और विषयों का प्रशिक्षण भी दिया जायेगा।  

किसानों के लिए बड़ी राहत: शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर फसल ऋण योजना जारी रहेगी

किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर फसल ऋण योजना निरंतर जारी रहेगी राज्य शासन ने किया आदेश जारी भोपाल राज्य शासन ने वर्ष 2025-26 के लिये सहकारी बैंकों के माध्यम से प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) द्वारा शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसानों को अल्पावधि फसल ऋण देने की योजना को निरंतर रखने का निर्णय लिया है। इस संबंध में राज्य शासन ने आदेश जारी किया है। जारी आदेशानुसार खरीफ 2025 सीजन के लिये देय तिथि 28 मार्च 2026 तथा रबी 2025-26 सीजन के लिये देय तिथि 15 जून 2026 नीयत की गई है। राज्य शासन द्वारा अल्पावधि फसल ऋण लेने वाले सभी किसानों को गत वर्ष के समान 1.5 प्रतिशत (सामान्य) ब्याज अनुदान तथा खरीफ एवं रबी सीजन की निर्धारित देय तिथि तक ऋण की अदायगी करने वाले किसानों को 4 प्रतिशत प्रोत्साहन स्वरूप (अतिरिक्त ब्याज अनुदान) दिया जायेगा। 

फेक ऑडियो विवाद में चंद्रशेखर आजाद का बयान — विवाद नहीं चाहिए, रोहिणी बोलीं- सबूत दो

इंदौर इंदौर की रोहिणी घावरी ने एक बार फिर चंद्रशेखर आजाद पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि कोई मेरे आरोपों को गलत कहता है तो साबित कर के दिखाए। दरअसल उत्तर प्रदेश के नगीना से सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने अपनी पूर्व परिचित डॉ. रोहिणी घावरी द्वारा लगाए गए आरोपों पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि, मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह महिलाओं का सम्मान करते हैं और किसी भी विवादित बयानबाजी में पड़ना नहीं चाहते। चंद्रशेखर बोले- मैं मरा नहीं हूं.. चंद्रशेखर ने कहा, "मैं मरा नहीं, जिंदा हूं। जब मैं खुद सामने बोल रहा हूं, तो किसी ऑडियो या वीडियो के पास जाने की क्या जरूरत है?" उन्होंने आगे कहा कि वह हमेशा बसपा प्रमुख मायावती और कांशीराम साहब का सम्मान करते आए हैं। "हमारे राजनीतिक रास्ते भले अलग हों, लेकिन बहनजी के संघर्ष और कांशीराम साहब की विचारधारा के प्रति हमारा आदर हमेशा रहेगा। यही हमारे संस्कार हैं, जो हमें माता-पिता से मिले हैं।" रोहिणी घावरी ने दी खुली चुनौती चंद्रशेखर के इस बयान के बाद डॉ. रोहिणी घावरी ने सोशल मीडिया पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा, "अगर हिम्मत है, तो चंद्रशेखर खुलकर कहें कि बहनजी को लेकर वायरल ऑडियो फेक है।" उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि, "जब वह सांसद हैं, तो अपनी पद की ताकत से जांच क्यों नहीं कराते ताकि सच्चाई सामने आ सके?" इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है, जहां समर्थक और विरोधी दोनों ही पक्ष खुलकर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

सुश्री भूरिया का निर्देश, आंगनवाड़ी केंद्रों में भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए

आंगनवाड़ी केन्द्रों में नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करें : मंत्री सुश्री भूरिया हितग्राहियों के पंजीयन और पोषण ट्रैकर की मॉनिटरिंग को अभियान के रूप में संचालित करने के निर्देश भोपाल  महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने सोमवार को विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में संचालित सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों में कार्यकर्ता और सहायिका के रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण की जाए ताकि सेवाओं में कोई व्यवधान न आए। उन्होंने कहा कि हितग्राहियों का पंजीयन और पोषण ट्रैकर की मॉनिटरिंग नियमित रूप से सुनिश्चित की जाए। इस कार्य को विभागीय स्तर पर एक अभियान के रूप में संचालित किया जाए जिससे प्रदेश में प्रत्येक पात्र महिला, गर्भवती, धात्री माता और बच्चों को योजनाओं का लाभ समय पर प्राप्त हो सके। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित (ऑपरेशन रहित) प्रसव सुनिश्चित करने के लिये प्रसव की नियत तिथि के चार दिवस पूर्व शासकीय चिकित्सालयों में ठहरने के लिये वार्ड चिन्हांकित किए जाएं। इस कार्य के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग को स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश के 25,239 भवनविहीन आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए नवीन भवन निर्माण की योजना तैयार की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक प्रतिवर्ष 3,000 नए आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण प्रस्तावित है मंत्रि परिषद से स्वीकृति के लिये प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया जा रहा है। प्रमुख सचिव श्री मनीष सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश ने महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में अनेक नवाचार किए हैं जिनकी जानकारी भारत सरकार को भी होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम का प्रभावी अनुश्रवण करें, साथ ही आंगनवाड़ी केंद्रों में मेडिकल किट का नियमित रूप से परीक्षण किया जाए। आयुक्त महिला एवं बाल विकास श्रीमती निधि निवेदिता ने बैठक में कहा कि शहरी क्षेत्रों की सुपरवाइज़र यह सुनिश्चित करें कि आंगनवाड़ी केंद्र समय पर खुल रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब विभाग की ओर से ट्रैकिंग सिस्टम विकसित किया जा रहा है जिससे यह पता चल सके कि आंगनवाड़ी केंद्र माह में कितने दिन संचालित रहा। सितंबर 2025 के आंकड़ों के अनुसार 97,791 में से 99.11% केंद्र 21 से 24 दिवस तक खुले जबकि 91.16% केंद्र माह में 25 दिवस से अधिक खुले रहे। यह अवधि मध्य जोनल क्षेत्र में सर्वाधिक है। उन्होंने बताया कि 11,786 आंगनवाड़ी केंद्रों को शासकीय भवनों में स्थानांतरित किया गया है तथा 21,954 एक कमरे वाले केंद्रों को सुविधायुक्त भवनों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया जारी है। साथ ही विद्युत विहीन केंद्रों में विद्युत प्रदाय के लिये पांच वर्षों में प्रतिवर्ष 7,500 केंद्रों को विद्युत कनेक्शन प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि कुपोषण निवारण के लिये जुलाई और अगस्त 2025 में विशेष अभियान चलाया गया, जिसमें 9,49,161 बच्चों के वजन, ऊँचाई और लंबाई के आंकड़ों का सत्यापन कर वास्तविक डेटा दर्ज किया गया। इसके परिणामस्वरूप ठिगनापन के रिपोर्टिंग आंकड़ों में 7.5% की कमी दर्ज की गई।सभी कुपोषित बच्चों के लिए जिला अस्पताल स्तर पर सीबीसी टेस्ट सुनिश्चित किया जा रहा है और गंभीर कुपोषित बच्चों के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में 5 दिवसीय परामर्श सत्रों की व्यवस्था की जा रही है।वर्तमान में 26,583 आंगनवाड़ी केंद्र किराए के भवनों में संचालित हैं जिनमें से 14,649 ग्रामीण और 11,934 शहरी क्षेत्र में स्थित हैं। पीएम जनजातीय न्याय महाअभियान के तहत 605 आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन प्रारंभ किया गया है तथा 217 भवनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (दा-जगुआ) के अंतर्गत 66 नवीन आंगनवाड़ी केंद्र एवं भवन स्वीकृत एवं संचालित हैं। समीक्षा के दौरान भवनविहीन आंगनवाड़ी केंद्रों का निर्माण, पूरक पोषण आहार की व्यवस्था, पोषण ट्रैकर एवं आरसीएच अनमोल डेटा की एकरूपता तथा हितग्राहियों तक समय पर सेवाओं की उपलब्धता जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।