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देव प्रबोधिनी एकादशी पर राम पथ गमन क्षेत्र जगमगाएगा 3,51,111 दीपों से

देव प्रबोधिनी एकादशी पर राम पथ गमन क्षेत्र होगा 3,51,111 दीपों से रोशन राम पथ गमन के जिलों में दीपोत्सव पर्व-2025 का आयोजन एक नवम्बर को भोपाल  देव प्रबोधिनी एकादशी के अवसर पर 1 नवंबर, 2025, विक्रम संवत् – 2082, कार्तिक शुक्ल एकादशी पर सायं दीपोत्सव पर्व-2025 के तहत राम पथ गमन क्षेत्र के 9 स्थलों पर 3,51,111 दीपों से रामचंद्र जी, माता सीता, माँ नर्मदा, माँ मंदाकिनी की दीप आराधना की जाएगी। दीप प्रज्वलन के साथ ही भक्ति संगीत संध्या का आयोजन भी किया जाएगा। भक्ति संगीत संध्या में प्रदेश के ख्यातिलब्ध कलाकार भाग लेंगे। रामचन्द्र पथ गमन न्यास द्वारा यह आयोजन राम पथ गमन के चिह्नांकित जिलों में जिला प्रशासन के सहयोग से संयोजित किया जाएगा। न्यास द्वारा चित्रकूट के राघव प्रयाग घाट-पंचवटी घाट, अमरकंटक के रामघाट, मैहर की आल्हा तलैया, नर्मदापुरम् के सेठानी घाट, कटनी के कटायेघाट तालाब, पन्ना के धरम सागर तालाब, उमरिया के प्राचीन सगरा मंदिर में होगा। जबकि शहडोल के सीतामढ़ी (गंधिया) में आयोजन 5 नवंबर को किया जाएगा। न्यास के सीईओ  एन.पी. नामदेव ने बताया कि आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करने वाला यह आयोजन जन-जन तक प्रभु रामंचद्र जी के आदर्शों को सम्प्रेषित करेगा। अनूपपुर जिले में स्थित अमरकंटक में रामघाट पर माँ नर्मदा के पुण्य तट पर 51,000 दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। माँ नर्मदा उद्गम मंदिर के मुख्य पुजारी के साथ 7 पुरोहित माँ नर्मदा की महाआरती करेंगे। इस अवसर पर जबलपुर के  मनीष अग्रवाल भक्ति गायन की प्रस्तुति देंगे। इसी तरह सतना जिले के चित्रकूट स्थित राघव प्रयाग घाट पर 1,11,111 दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। चित्रकूट के पावन घाट पर 15 पंडितों द्वारा माँ मंदाकिनी की महाआरती की जाएगी। इस अवसर पर सागर के “विभोर” इंडियन फ्यूजन बैंड द्वारा रामचंद्र केंद्रित भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी। चित्रकूट के पंचवटी घाट पर 21 हजार दीप प्रज्वलन के साथ ही माँ मंदाकिनी की महाआरती की जाएगी। इस अवसर पर बालाघाट की सु मुस्कान चौरसिया भक्ति गायन की प्रस्तुति देंगी।  शारदा देवी की नगरी मैहर में आल्हा तलैया के पुण्य तट पर 51000 दीप प्रज्वलित होंगेसाथ ही 7 पंडितों द्वारा माँ शारदा की महाआरती की जाएगी। इस अवसर पर सागर की सु साक्षी पटेरिया एवं साथी भक्ति गीतों की प्रस्तुति देंगी। नर्मदापुरम् के सेठानी घाट पर 51000 दीप आराधना के साथ 7 पंडितों द्वारा माँ नर्मदा की महाआरती की जाएगी। भोपाल के दीप म्यूजिकल ग्रुप के कलाकार राम भजनों में अवधी और मध्यप्रदेश के लोकांचलों में रचे-बसे गीतों की प्रस्तुति देंगे। दीपोत्सर्ग के कार्यक्रम में कटनी के कटायेघाट पर 15,000 दीप प्रज्वलन एवं 5 पंडितों द्वारा महाआरती की जाएगी। इस अवसर पर नर्मदापुरम् के  नमन तिवारी एवं साथी लोकगीतों एवं भजनों से वातावरण को भक्तिमय बनाएंगे।  पन्ना के धरम सागर तालाब के तट पर 11 हजार दीप प्रज्वलन के साथ महाआरती की जाएगी। इस अवसर पर पन्ना की सु वेदिका मिश्रा एवं साथी कलाकार भजनों की प्रस्तुति देंगे। उमरिया के प्राचीन सगरा मंदिर प्रांगण में 31,000 दीप अर्पण किए जाएंगे और महाआरती की जाएगी। इस अवसर पर कटनी के  सत्यम आरख एवं साथी भक्ति गायन की प्रस्तुति देंगे। शहडोल के रामचंद्र पथ गमन स्थल सीतामढ़ी(गंधिया) में 5 नवंबर को 11,000 दीप प्रज्ज्वलन के साथ रामचंद्र और माता सीता की महाआरती की जाएगी। इस अवसर पर उमरिया की सु बबली यादव एवं साथी भक्ति गीतों की प्रस्तुति देंगी।

52 लाख से अधिक विद्यार्थियों को सिंगल क्लिक से जारी की 303 करोड़ की राशि

देव दीपावली से पहले मनी विद्यार्थियों की दीवाली राज्य सरकार हर समय विद्यार्थियों के साथ है प्रदेश में हो रहे हैं 369 सांदीपनि विद्यालय, 55 पीएम एक्सीलेंस कॉलेज तैयार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बच्चों को बेहतर शिक्षा देना राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है। बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए सरकार के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है। मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए पहले मां सरस्वती को प्रसन्न करना पड़ता है, अर्थात् विद्यार्थियों के लिए मन लगाकर पढ़ाई में मेहनत करना जरूरी है। बच्चे खूब पढ़ें, आगे बढ़ें, इसके लिए सरकार हर समय विद्यार्थियों के साथ खड़ी है। राज्य सरकार सभी विद्यार्थियों को त्वरित रूप से सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सुखद परिणाम है कि प्रदेश में सामान्यत: छात्रवृत्ति अप्रैल के महीने में सत्र खत्म होने पर मिलती थी, वह अब अक्टूबर माह में ही विद्यार्थियों के खातों में जारी की जा रही है। पात्र विद्यार्थियों को स्कूटी, लैपटॉप, ड्रेस और साइकिल आदि भी समय पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रदेश के 52 लाख से अधिक विद्यार्थियों के बैंक खातों में समेकित छात्रवृत्ति योजना की 300 करोड़ रुपए से अधिक की राशि सिंगल क्लिक से जारी की जा रही है। आज देव दीपावली से पहले विद्यार्थियों की दीपावली मन रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समेकित छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत राशि अंतरण के लिए मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सिंगल क्लिक से विद्यार्थियों के खातों में राशि जारी की। इस अवसर पर जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव तथा मंत्रीगण का पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया गया। राज्य स्तरीय कार्यक्रम से प्रदेश के सभी जिले वर्चुअली जुड़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में शिक्षा व्यवस्था में नई पहल की जा रही है। प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना की जा रही है। देश में सबसे अच्छे शासकीय विद्यालय मध्यप्रदेश में बने हैं। गत माह ही राज्य सरकार द्वारा शिक्षा का अधिकार के अंतर्गत निजी स्कूलों में पढ़ने वाले 8 लाख 50 हजार विद्यार्थियों की फीस की प्रतिपूर्ति की गई। प्रदेश के निजी विद्यालयों में 20 प्रतिशत सीटों पर जरूरतमंद परिवार के विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाता है। प्रदेश में 369 सांदीपनि विद्यालय, 55 पीएम एक्सीलेंस कॉलेज तैयार हो रहे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने कक्षा 6 और 9वीं के 4 किमी दूर रहने वाले 1 करोड़ विद्यार्थियों को नि:शुक्ल साइकिलें वितरित की हैं। बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले 5 लाख विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए गए हैं। विद्यार्थियों को नीट, क्लेट, जेईई सहित सभी प्रकार की कोचिंग भी नि:शुल्क प्रदान करने के लिए योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को डॉक्टर, इंजीनियर, वकील बनने के साथ उद्यमी बन लोगों को रोजगार देने वाला बनने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सक्रिय भागीदारी के लिए विद्यार्थियों को सार्वजनिक जीवन में सक्रिय होना चाहिए। जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश के बच्चों को शिक्षा के नए आयाम दिए जा रहे हैं। प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में गुणवत्ता शिक्षा के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि राज्य सरकार शालेय शिक्षा की बेहतरी के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विद्यार्थियों की उपस्थिति की ट्रेकिंग के साथ शैक्षणिक स्टॉफ की उपस्थिति और उनके द्वारा संचालित गतिविधियों की भी ट्रेकिंग की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्कूली विद्यार्थियों से संवाद और उन्हें प्रेरित करने का कोई अवसर नहीं खोते हैं। प्रदेश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। राज्य सरकार प्रतिभाओं को निखारने और संवारने का हरसंभव प्रयास कर रही है। कार्यक्रम में सचिव स्कूल शिक्षा श्री संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता सहित बड़ी संख्या में प्रदेशभर से आए स्कूली विद्यार्थी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि समेकित छात्रवृत्ति योजना में प्रदेश के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के कक्षा-1 से 12 तक अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की राशि एजुकेशन पोर्टल 3.0 के माध्यम से स्वीकृत की गई है। योजना के तहत 6 विभागों स्कूल शिक्षा, अनुसूचित जाति कल्याण, जनजातीय कल्याण, विमुक्त, घुमक्कड़ और अर्द्ध घुमक्कड़, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण और सामाजिक न्याय विभाग की 20 प्रकार की छात्रवृतियों की राशि प्रदान की जाती है। योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी स्कूल शिक्षा विभाग को सौंपी गई है। अंतरित हुई राशि में सामान्य निर्धन वर्ग छात्रवृत्ति, सुदामा प्री-मेट्रिक, स्वामी विवेकानन्द पोस्ट मेट्रिक, सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारियों के बच्चों की छात्रवृत्ति, पितृहीन कन्याओं की छात्रवृत्ति, इकलोती बेटी की शिक्षा विकास छात्रवृत्ति की राशि शामिल है।  

भोपाल में युवती से शोषण का मामला, आरोपी पर गंभीर धाराओं में FIR दर्ज

इंदौर किन्नर के बहकावे में आकर डेरे पर आई हिंदू युवती दुष्कर्म का शिकार हो गई। दो भाईयों ने उसके साथ जबरदस्ती की और गोली से उड़ाने की धमकी दी। आरोपियों ने दोनों से शादी करने का दबाव बनाया और कहा कि मतांतरण कर मुस्लिम धर्म स्वीकार लो। हीरानगर पुलिस ने दोनों भाईयों के खिलाफ सात गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के अनुसार मूलत: कन्नौद (देवास) निवासी 24 वर्षीय पीड़िता माता-पिता के साथ मूसाखेड़ी (आजादनगर) में रहती है और एक कंपनी में नौकरी करती है। पारिवारिक समस्याओं को लेकर पालदा निवासी सिमरन (किन्नर) से उसकी मुलाकात हुई थी। सिमरन ने एमआर-10 पर रहने वाले गुरु (किन्नर) से मिलवाने का आश्वासन दिया और 16 अक्टूबर 2024 को किन्नरों के डेरे पर आई। डेरा किन्नर सपना हाजी का बताया गया था।   इस दौरान सिमरन ने राजा हाशमी से मुलाकात करवाई और उसकी निजी परेशानियों के बारे में बताया। राजा ने उसके मोबाइल नंबर लिए और तीन दिन बाद पुन:बुलाया। पीड़िता के मुताबिक तीन दिन बाद आरोपित राजा ने गुरु से मिलवाने का झांसा देकर नशीला पदार्थ पिलाया और उसके साथ ज्यादती की। होश में आने पर पीड़िता द्वारा विरोध किया तो राजा ने पिस्तौल निकाली और गोली मारने की धमकी दी। 'मैं यहां राजा हूं।  मैं जो बोलूंगा वो ही होगा' उसने कहा कि मैं यहां राजा हूं। मैं जो बोलूंगा वो ही होगा। परेशानियां दूर करने के लिए तूझे मेरे इशारे पर चलना पड़ेगा। इसके बाद भी राजा ने धमका कर कईं बार डेरे पर मिलने बुलाया। एक बार राजा ने समीर हाशमी से मुलाकात करवाई और कहा कि मेरा छोटा भाई है। समीर ने भी पीड़िता के साथ जबरदस्ती संबंध बनाए। कुछ दिनों बार राजा ने कहा तुझे हम दोनों से शादी करना पड़ेगी। आरोपित ने मुस्लिम धर्म स्वीकारने का दबाव बनाया। किन्नर विवाद में जेल में बंद है सपना और राजा राजा हाशमी फिलहाल जेल में बंद है। उस पर पंढरीनाथ थाना में नंदलालपुरा के किन्नरों ने केस दर्ज करवाया था। इस केस में किन्नर सपना हाजी भी आरोपित है और वह भी जेल जा चुकी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल में ड्रोन टेक वर्कशॉप एक्सपो 2025 को किया संबोधित

कृषि कार्य हो, आपदा की स्थिति हो या पुलिस प्रशासन के लिए मॉनीटरिंग की आवश्यकता सभी जगह ड्रोन तकनीक उपयोगी राज्य सरकार विकास-नवाचार और आत्मनिर्भरता के सशक्त वाहक के रूप में ड्रोन तकनीक का उपयोग करने के पथ पर अग्रसर ड्रोन पर केन्द्रित प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विज्ञान एवं तकनीकी क्षेत्र की सहायता से प्रदेश में विकास के हर संभव प्रयास जारी हैं। प्रदेश सरकार ने अपनी नई ड्रोन पॉलिसी भी तैयार की है। हमें दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है। भारतीय समाज नई तकनीक और नवाचारों को शीघ्रता से आत्मसात करने में कभी पीछे नहीं रहा है। ड्रोन, विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव है। ड्रोन कृषि कार्यों में आज अन्नदाता की मदद कर रहा है। इससे खेतों में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव आसान हुआ है। ड्रोन तकनीक से देश के दुश्मनों का खात्मा भी हो रहा है। अब तो शादियां भी ड्रोन के बिना पूरी नहीं होती हैं। हमारे वैज्ञानिक वाइस कमांड कंट्रोल की सहायता से ड्रोन को ज्यादा आधुनिक बने रहे हैं। दुनिया ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से भारतीय ड्रोन तकनीक की ताकत देखी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में ड्रोन टेक्नोलॉजी के माध्यम से भारत ने दुश्मन को उसके घर में घुसकर मारा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ड्रोन तकनीक कार्यशाला एवं एक्सपो 2025 का विज्ञान भवन- नेहरू नगर में दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर लगाई गई प्रदर्शनी और वर्कशॉप का शुभारंभ कर अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं, स्टार्टअप और औद्योगिक संस्थानों द्वारा लगाए गए स्टॉल्स पर पहुंचकर ड्रोन तकनीक के शैक्षणिक, औद्योगिक और कृषि क्षेत्र में उपयोग के संबंध में जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ड्रोन टेक एक्सपो वर्कशॉप का आयोजन भारत की तकनीकी क्रांति का प्रतीक है। किसान भाइयों के लिए ड्रोन वरदान बन गया है। आपदा कीस्थिति हो या पुलिस प्रशासन के लिए मॉनीटरिंग की आवश्यकता ड्रोन तकनीक ने जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में जिस प्रकार से बदलाव किया है वह अभूतपूर्व है। राज्य सरकार विकास-नवाचार और आत्मनिर्भरता के सशक्त वाहक के रूप में ड्रोन तकनीक का उपयोग करने के पथ पर अग्रसर है। मध्यप्रदेश विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी ने कहा कि मध्यप्रदेश के 70वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में ड्रोन टेक वर्कशॉप एक्सपो-2025 आयोजित की गई है। इसमें ड्रोन तकनीक के प्रशिक्षण के लिए प्रदेशभर के 4 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा उन्हें स्वरोजगार एवं तकनीक आधारित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की जाएगी। विज्ञान एवं तकनीकी नवाचारों के माध्यम से मध्यप्रदेश विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा परिषद मध्यप्रदेश के विकास के लिए हर स्तर पर सहयोग प्रदान करने के लिए तत्पर है। स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर भोपाल के निदेशक श्री कैलाशा राव ने कहा कि आज ड्रोन तकनीक अधोसंरचना विकास कार्यों को मूर्तरूप देने में अहम भूमिका निभा रही है। उज्जैन सहित प्रदेश के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थलों के मानचित्र तैयार करने में यह तकनीक उपयोगी सिद्ध हुई है। ड्रोन तकनीक पर आधारित यह कार्यशाला युवाओं में वैज्ञानिक सोच विकसित करने और जनसामान्य को ड्रोन तकनीक के विविध उपयोगों की जानकारी देने में सहायक सिद्ध होगी। अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा श्री संजय दुबे ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विविध गतिविधियां जारी हैं। प्रदेश के युवाओं को आगे बढ़ने के अनेक अवसर प्राप्त हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ड्रोन टेक्नोलॉजी के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। ड्रोन अब केवल रक्षा या निगरानी का साधन नहीं रहे बल्कि कृषि, भू-सर्वेक्षण, पर्यावरण संरक्षण, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाएँ, परिवहन, उद्योग एवं मीडिया जैसे अनेक क्षेत्रों में उपयोगी साबित हो रहे हैं। भारत सरकार की “ड्रोन नीति 2021” तथा “मेक इन इंडिया” अभियान के अनुरूप राज्य स्तर पर भी ड्रोन तकनीक को नवाचार, स्टार्टअप और रोजगार के नए अवसरों के रूप में विकसित किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि ड्रोन टेक वर्कशॉप एवं एक्सपो 2025 का मुख्य उद्देश्य राज्य में ड्रोन तकनीक की समझ, उपयोगिता और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देना है। इस कार्यक्रम से युवाओं, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स, उद्योगों और नीति निर्माताओं को एक साझा मंच मिलेगा, जिससे ड्रोन तकनीक के व्यावहारिक, सामाजिक और औद्योगिक उपयोग को बढ़ावा दिया जा सकेगा। कार्यक्रम में ड्रोन प्रदर्शनी एवं हैंड्स ऑन वर्कशॉप आयोजित की गई। साथ ही राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय विशेषज्ञों के प्रेरक व्याख्यान, ड्रोन उड़ान के लाइव डेमो एवं टेक्निकल शोकेस, इनोवेशन चैलेंज एवं प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। कार्यक्रम में मनासा विधायक श्री अनिरुद्ध माधव मारू, मुख्यमंत्री डॉ. यादव के संस्कृति सलाहकार श्री राम तिवारी तथा विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं के विद्यार्थी, विषय-विशेषज्ञ, शोधकर्ता और ड्रोन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नवाचार करने वाले युवा तथा उद्यमी उपस्थित थे।  

खेती की जैविक पद्धतियों को अपनाएँ : राज्यपाल पटेल

जैविक उत्पादों के प्रति समाज का बढ़ा रूझान राज्यपाल ने कृषि महाविद्यालय सीहोर के कन्या छात्रावास एवं ऐरोपोनिक्स इकाई का किया लोकार्पण भोपाल  राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि किसान को खेती की जैविक पद्धतियों, प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए प्रेरित करें। कृषि की आधुनिक तकनीक और नई शोध पद्धतियों को अपनाकर उत्पादन की क्वालिटी और क्वांटिटी बढ़ाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि यह सुखद है कि अब समाज में लोगों का रूझान जैविक उत्पादों की ओर बढ़ रहा है। राज्यपाल श्री पटेल गुरूवार को रफी अहमद किदवई कृषि महाविद्यालय सीहोर के कन्या छात्रावास एवं ऐरोपोनिक्स इकाई के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर प्रदेश के कृषि मंत्री श्री एदल सिंह कंसाना भी मौजूद थे। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्राकृतिक खेती, भूमि एवं पर्यावरण हितैषी कृषि पद्धति है, जो भूमि की ऊर्वरता बनाए रखती है। इसके लिए समय-समय पर वर्मी कंपोस्ट का उपयोग भी किया जाना चाहिए। उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों से कहा कि वे किसानों की आय बढ़ाने वाली उन्नत बीजों और नई तकनीकों पर अनुसंधान करें। राज्यपाल श्री पटेल ने महाविद्यालय के विद्यार्थियों को शोध और नवाचार की भावना के साथ मेहनत से कार्य करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, अनुसंधान और पर्यावरण संरक्षण का संयोजन ही राष्ट्र के भविष्य को बेहतर दिशा प्रदान कर सकता है। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए उत्तम आहार और संतुलित जीवनशैली अपनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे जंक फूड का उपयोग नहीं करें। भोजन में स्वास्थ्य वर्धक एवं पोषक तत्वों से भरपूर आहार को प्राथमिकता दें। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि कुपोषण एवं अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के निदान के लिए मशरूम जैसी पौष्टिक फसलों को आम घरों तक पहुँचाने की आवश्यकता है। मशरूम पोषण का उत्तम स्रोत होने के साथ ही किसानों की आय बढ़ाने का महत्वपूर्ण साधन भी बन सकता है। प्रकृति का शोषण नहीं, बल्कि पोषण करना जरूरी राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि देश में सबसे अधिक वन मध्यप्रदेश में हैं। यह प्रकृति का अनमोल खजाना है। हमें इसका संरक्षण और संवर्धन करना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण मिल सके। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि यदि हर व्यक्ति एक पेड़ लगाने की जिम्मेदारी निभाता है तो हमारी धरती और अधिक हरित और समृद्ध बन सकती है। उन्होंने सभी से अपील की कि एक पेड़ “माँ” के नाम अवश्य लगाएं। उसकी नियमित देखरेख भी करें। यह प्रकृति से भावनात्मक जुड़ाव के प्रतीक के साथ प्रकृति संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान साबित होगा। उन्होंने प्रकृति और औषधीय गुणों की चर्चा करते हुए कहा कि अधिकांश पेड़ों में मौजूद औषधीय गुण प्राकृतिक चिकित्सा में बहुत मददगार हैं इसलिए हमें प्रकृति का शोषण नहीं, बल्कि उसका पोषण करना जरूरी है, ताकि भावी पीढ़ी को स्वस्थ और समृद्ध पर्यावरण की विरासत प्रदान कर सके। प्रदेश में किसान कल्याण की अनेक योजनाएं संचालित : कृषि मंत्री श्री कंषाना कृषि मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में कृषि के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा खेती के विकास और किसानों के कल्याण के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। किसानों की आय में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का विशेष प्रयास किया जा रहा है। कृषि प्रदर्शनी का किया अवलोकन राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने महाविद्यालय परिसर में कृषि विज्ञान केंद्रों द्वारा उत्पादित विभिन्न फसलों, जैविक उत्पादों एवं नवीन तकनीक के प्रदर्शन पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया एवं किसानों और वैज्ञानिकों से संवाद किया। कृषि क्षेत्र के नवाचारों एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम में कुलगुरू श्री अरविन्द कुमार शुक्ला ने कृषि महाविद्यालय तथा राजमाता विजयराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय की गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस कृषि वैज्ञानिक, विद्यार्थी, अधिकारी तथा किसान उपस्थित थे। 

प्रदेश में एक नवम्बर से नगरीय निकायों में होगी केन्द्रीयकृत फेस आधारित उपस्थिति प्रणाली अनिवार्य

उपस्थिति प्रक्रिया से प्रशासन होगा और अधिक उत्तरदायी भोपाल  प्रदेश के सभी 413 नगरीय निकायों में केन्द्रीयकृत फेस आधारित उपस्थिति (Face-Based Attendance) प्रणाली सफलतापूर्वक लागू की जा चुकी है। यह व्यवस्था एक नवम्बर से सभी नगरीय निकायों में अनिवार्य रूप से प्रभावशील हो जाएगी। यह प्रणाली निकायों में कार्यरत सभी शासकीय एवं अशासकीय कर्मचारियों पर समान रूप से लागू होगी। आयुक्त श्री संकेत भोंडवे ने बताया कि यह पहल कर्मचारियों की उपस्थिति प्रक्रिया को अधिक सुगम, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नगरीय निकायों में भविष्य में कर्मचारियों के वेतन एवं भुगतान इसी फेस आधारित उपस्थिति के आधार पर किए जाएंगे। वर्तमान में प्रदेश में एक लाख 35 हजार से अधिक नगरीय निकाय कर्मचारियों ने इस प्रणाली में अपना पंजीयन पूर्ण करा लिया है। नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी नगरीय निकायों में यह व्यवस्था सुचारू रूप से कार्य करे और कर्मचारियों को आवश्यक तकनीकी सहायता समय पर उपलब्ध कराई जाए।  

पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के सामाजिक ऑडिट ऐप V-मित्र के 100 दिन पूर्ण

जानकारी दें इनाम पाएं संदेश से नागरिकों को मिले 15 लाख रूपए भोपाल मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा नागरिकों को रिपोर्ट करने और पुरस्कार प्राप्त करने का अवसर देने वाले सामाजिक ऑडिट ऐप वी-मित्र (V-मित्र) को लांच हुए 100 दिन पूर्ण हो गए। ‘जानकारी दें, इनाम पाएं’ का संदेश देने वाले वी-मित्र (V-मित्र) के माध्यम से 100 दिन के दौरान कुल 30 हजार मामले दर्ज हुए। दर्ज मामलों में 17 हजार 200 मामलों की जांच में 3 हजार 850 मामलों में अनियमितताएं पायी गईं। वी-मित्र (V-मित्र) के माध्यम से विद्युत चोरी व अनियमितता की जानकारी देने पर इस दौरान नागरिकों को 3 हजार 150 मामलों में साढ़े 15 लाख रूपए के इनाम बिना किसी कार्यालय गए उनके खातों में ट्रांसफर किए गए। स्ट्राइकिंग रेट 22 फीसदी विभिन्न एजेंसियों द्वारा रिपेार्ट किए गए स्मार्ट मीटर डेटा एनालिसिस मामलों में लगभग सात फीसदी के विरूद्ध वी-मित्र (V-मित्र) ऐप का स्ट्राइक रेट 22 फीसदी रहा। विद्युत चोरी व अनियमितता करने वालों पर पेनाल्टी इस दौरान ऐसे मामलों में 4 करोड़ 64 लाख रूपए की बिलिंग की गई और विद्युत चोरी व अनियमितता करने वालों से कुल 23 लाख रूपए की वसूली की गई। जिन क्षेत्रों में अनियमितता के प्रकरण दर्ज किए गए, वहां के विद्युत अमले पर जुर्माना लगाया गया। ऐसे विद्युत अमले पर 3 लाख 25 हजार रूपए की प्रोविजनल पेनाल्टी लगाई गई। ऐसे 91 मामलों में 26 हजार रूपए की वसूली की गई। इस दौरान नए उपभोक्ता प्रकरण एवं लोड वृद्धि के 3 हजार 100 मामले दर्ज हुए।  

मंत्री विजयवर्गीय ने सोनकच्छ में 17 करोड़ 54 लाख रूपये के कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया

भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दे रही है। इस कार्य में केन्द्र सरकार से निरंतर आर्थिक मदद मिल रही है। मंत्री श्री विजयवर्गीय बुधवार को देवास जिले के सोनकच्छ में 17 करोड़ 54 लाख रुपए के विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन एवं लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इन कार्यों में 'जल जीवन मिशन' अंतर्गत 'नल जल योजना', पानी की टंकी, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व भवन और रेस्ट हाउस पहुंच मार्ग के कार्य शामिल हैं‍। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने सवा करोड़ रूपये की लागत के शाला भवन और 3 करोड़ 7 लाख रूपये की राशि से निर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन का लोकार्पण किया। विधायक सोनकच्छ डॉ. राजेश सोनकर ने कहा कि क्षेत्र में विकास कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निर्माण एजेंसी को तय समय-सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिये गये हैं। कार्यक्रम में अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान, सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लीला अटारिया एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।   शोक संवेदना मंत्री श्री विजयवर्गीय ने ग्राम संवरसी में शहीद संजय मीणा के घर पहुंचकर श्रद्धांजलि दी और परिजन से चर्चा की।

टीकमगढ़ में चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना के साथ ही जिला चिकित्सालय की क्षमता का भी हुआ है उन्नयन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश ने भारत में पहली बार पीपीपी मोड पर (सार्वजनिक-निजी सहभागिता) चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना की पहल की है। धार, पन्ना, कटनी और बैतूल में पीपीपी मोड पर चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना की जा रही है। द्वितीय चरण में 9 जिलों क्रमश: टीकमगढ़, भिंड, मुरैना, खरगोन, अशोकनगर, गुना, बालाघाट, सीधी और शाजापुर में चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित करने की कार्यवाही जारी है। प्रदेश में रोगियों को उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं में वृद्धि के उद्देश्य से टीकमगढ़, नीमच, सिंगरौली, श्योपुर और डिंडौरी में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत निर्मित अतिरिक्त बिस्तरों के संचालन के लिए 810 नवीन पदों के नियोजन की स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, टीकमगढ़ में चिकित्सा सुविधा के विस्तार के लिए उनका आभार मानने मुख्यमंत्री निवास आए युवाओं को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को गजमाला पहनाकर तथा स्मृति चिन्ह व गदा भेंटकर सम्मान किया गया। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ला तथा राज्यमंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल इस अवसर पर उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जिला चिकित्सालय टीकमगढ़ की क्षमता बढ़ाते हुए 300 बिस्तर से 500 बिस्तर में उन्नयन तथा इनके संचालन के लिए 160 नवीन पदों के नियोजन की स्वीकृति प्रदान की गई है। गत वर्ष टीकमगढ़ जिला चिकित्सालय में 16 करोड़ रूपए की लागत से अतिरिक्त 100 बिस्तरीय नवीन भवन का निर्माण किया गया है। टीकमगढ़ अस्पताल में अब विशेषज्ञ ओ.पी.डी, आपातकालीन सेवायें, परिवार कल्याण सेवायें, लैब, रेडियोलॉजी, ट्रामा केयर, कीमोथैरेपी, डायलिसिस, गहन नवजात देखभाल इकाई आदि सुविधाओं के साथ प्रसव पूर्व जांच, टीकाकरण, हाईरिस्क प्रेगनेंसी की पहचान और प्रबंधन, सुरक्षित प्रसव और परिवार कल्याण संबंधी परामर्श व सुविधा उपलब्ध होगी।  

महिलाओं की वीरता और सेवा को मिलेगा राज्य सम्मान

भोपाल महिला एवं बाल विकास विभाग ने वर्ष 2025 के लिए राज्य एवं जिला स्तरीय विभागीय पुरस्कारों के लिये आवेदन आमंत्रित किए हैं। इन पुरस्कारों का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, सम्मान, शिक्षा, स्वास्थ्य, अधिकार जागरूकता तथा सामाजिक सुधार के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित करना है। इन विभागीय पुरस्कारों के अंतर्गत कुल सात सम्मान निर्धारित किए गए हैं। पात्र उम्मीदवारों को निर्धारित तिथियों तक आवेदन जमा करना होगा। रानी अवंतीबाई राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार यह पुरस्कार उन महिलाओं या बालिकाओं को दिया जाएगा जिन्होंने महिलाओं या बच्चों को उत्पीड़न से बचाने, पुनर्वास में योगदान देने या बाल विवाह एवं दहेज जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ साहसिक कार्य किया हो। इस अवसर के तहत विजेता को सम्मान राशि के रूप में ₹1 लाख एवं प्रशस्ति पत्र दिया जायेगा। इस पुरस्कार के लिये आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 नवम्बर 2025 निर्धारित है। राजमाता विजयाराजे सिंधिया समाज सेवा पुरस्कार यह पुरस्कार उन महिलाओं या बालिकाओं को प्रदान किया जाएगा जिन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, साक्षरता, पर्यावरण सुधार, आर्थिक सशक्तिकरण और महिला अधिकार जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हों। इस अवसर के तहत विजेता को सम्मान राशि के रूप में ₹1 लाख एवं प्रशस्ति पत्र दिया जायेगा। इस पुरस्कार के लिये आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 नवम्बर 2025 निर्धारित है। श्री विष्णु कुमार महिला बाल कल्याण समाज सेवा सम्मान पुरस्कार यह पुरस्कार किसी व्यक्ति या स्वयंसेवी संस्था को दिया जाएगा जो महिलाओं और बच्चों से संबंधित समाज सुधार, स्वास्थ्य, शिक्षा, साक्षरता, पर्यावरण संरक्षण और अधिकार जागरूकता के क्षेत्र में कार्यरत हो। इस अवसर के तहत विजेता को सम्मान राशि के रूप ₹1 लाख एवं प्रशस्ति पत्र में दिया जायेगा। इस पुरस्कार के लिये आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 नवम्बर-2025 निर्धारित है। रानी दुर्गावती पुरस्कार यह सम्मान ऐसी महिला को दिया जाएगा जिसने विपरीत परिस्थितियों-जैसे अत्यधिक गरीबी, विकलांगता, एकल जीवन, गंभीर बीमारी, रेप या घरेलू हिंसा जैसी स्थितियों-में संघर्ष करते हुए समाज सेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया हो। इस अवसर के तहत विजेता को सम्मान राशि के रूप में ₹2 लाख एवं प्रशस्ति पत्र दिया जायेगा। इसके लिये आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 नवम्बर-2025 निर्धारित है। मुख्यमंत्री नारी सम्मान रक्षा पुरस्कार यह पुरस्कार उन महिलाओं या पुरुषों को दिया जाएगा जिन्होंने किसी महिला को अपराध या असामाजिक तत्वों से बचाने में असाधारण साहस का परिचय दिया हो। यह पुरस्कार राज्य स्तर पर 4 और जिला स्तर पर 2 व्यक्तियों को दिया जाएगा। इस अवसर के तहत विजेता को सम्मान राशि के रूप में राज्य स्तर पर ₹1 लाख एवं प्रशस्ति पत्र और जिला स्तर पर ₹50,000 एवं प्रशस्ति पत्र दिया जायेगा। जिसकी घटना अवधि 1 जनवरी से 31 दिसम्बर 2025 हो। इच्छुक व्यक्ति आवेदन 5 जनवरी 2026 तक कर सकते है। राष्ट्रमाता पद्मावती पुरस्कार यह पुरस्कार उन महिलाओं या पुरुषों को दिया जाएगा जिन्होंने महिलाओं के सम्मान के लिए असामाजिक तत्वों या कुप्रथाओं के खिलाफ उल्लेखनीय साहसिक कार्य किया हो। इस अवसर के तहत विजेता को सम्मान राशि के रूप में ₹1 लाख एवं प्रशस्ति पत्र दिया जायेगा। जिसकी घटना अवधि: 1 जनवरी से 31 दिसम्बर 2025 हो। इसके लिये आवेदन करने की अंतिम तिथि 5 जनवरी 2026 निर्धारित है। अरुणा शानबाग वीरता पुरस्कार यह सम्मान ऐसी महिला को दिया जाएगा जिसने स्वयं पर किसी भी प्रकार की हिंसा का वीरतापूर्वक सामना करते हुए आत्मरक्षा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया हो। इस अवसर के तहत विजेता को सम्मान राशि के रूप में ₹1 लाख एवं प्रशस्ति पत्र दिया जायेगा। जिसकी घटना अवधि 1 जनवरी से 31 दिसम्बर 2025 हो। इस पुरस्कार के लिये आवेदन करने की अंतिम तिथि 5 जनवरी 2026 निर्धारित है। आवेदन प्रक्रिया आवेदन का प्रारूप महिला एवं बाल विकास विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है तथा इसे जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास कार्यालय से भी प्राप्त किया जा सकता है। आवेदन संबंधित कार्यालय में निर्धारित तिथि से पूर्व जमा करना अनिवार्य है। अंतिम तिथि के पश्चात प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। पुरस्कारों से संबंधित विस्तृत जानकारी विभाग की वेबसाइट http://mpwcdmis.gov.in/ या जिला कार्यक्रम अधिकारी से प्राप्त की जा सकती है।