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हादसों पर भड़के मंत्री सिलावट, NHAI को दी सख्त चेतावनी — ‘अब बख्शा नहीं जाएगा’

इंदौर इंदौर देवास बायपास पर लगातार हो रहे हादसों के बीच अब प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की नींदें भी उड़ने लगी हैं। अमर उजाला द्वारा बायपास पर अंधेरे की वजह से लगातार हो रहे हादसे की खबरों को प्रमुखता से उठाया गया। इसके बाद जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने इंदौर देवास रोड पर अर्जुन बड़ौद बायपास पर निर्माणाधीन फ्लाय ओवर ब्रिज और सर्विस रोड का निरीक्षण किया।  तुरंत लाइटें चालू करें मंत्री सिलावट ने यहां पर निर्माण कार्य कर रही कंपनी एनएचएआई के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे ओवरब्रिज और सर्विस रोड निर्माण कार्य में गति लाएं। उन्होंने सड़क पर रात में होने वाले अंधेरे और लगातार हो रहे हादसों पर भी चिंता जताई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सड़क की लाइटें तुरंत चालू करवाएं।  दुर्घटना होने पर एनएचएआई के अधिकारी जिम्मेदार होंगे मंत्री सिलावट ने एचएचएआई पर नाराजगी दिखाते हुए कहा कि सर्विस रोड के निर्माण के दौरान दुर्घटनाएं ज्यादा हो रही हैं, जिससे कई लोगों की जान जा रही है। यहां ऐसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें, जिससे दुर्घटनाएं न हो। किसी भी प्रकार की दुर्घटना होने पर एनएचएआई के अधिकारी जिम्मेदार होंगे। मंत्री सिलावट ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि एनएचएआई कंपनी अर्जुन बड़ौद बायपास में निर्माणाधीन फ्लाय ओवर ब्रिज और सर्विस रोड के कार्य में गति लाकर कार्य जल्दी समाप्त करे। निरीक्षण के दौरान मंत्री सिलावट के साथ सहायक प्रोजेक्ट ऑफिसर राहुल सिंह, मंडल अध्यक्ष रवि वाजपेई, हुकुम पटेल, माखन पटेल, थाना प्रभारी कैलाश सिंह सहित क्षेत्रीय प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।  कलेक्टर ने ली थी बैठक बायपास पर हो रहे हादसों को लेकर हाल ही में कलेक्टर शिवम वर्मा भी बैठक ले चुके हैं। उन्होंने निर्माण कार्य कर रही कंपनी एनएचएआई के अधिकारियों को कहा है कि बारिश खत्म हो गई है और तुरंत सर्विस लेन का काम पूरा करना है। इसके साथ उन्होंने गड्ढे भरने, लाइटें लगाने और ट्रैफिक जाम को खत्म करने के भी निर्देश दिए हैं।  32 ब्लैक स्पॉट में भी बायपास शामिल कलेक्टर के द्वारा बनाई गई टीम ने पिछले सप्ताह शहर के 32 ब्लैक स्पॉट को चिन्हित किया है। इनमें इंदौर देवास का बायपास भी शामिल है जहां पर लगातार हादसों में लोगों की जान जा रही है। टीम की रिपोर्ट के बाद कलेक्टर ने सुझाव मांगें हैं और जल्द से जल्द इन सभी जगह पर हादसे रोकने के लिए योजना बनाने का कहा है।  

सांसद कुशवाह ने की उपमुख्यमंत्री शुक्ल से मुलाकात, ग्वालियर की स्वास्थ्य सेवाओं पर हुई गंभीर चर्चा

भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल से ग्वालियर के सांसद  भारत सिंह कुशवाह ने मंत्रालय भोपाल में सौजन्य भेंट की। इस दौरान ग्वालियर क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, चिकित्सा संस्थानों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता तथा जन-स्वास्थ्य से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुँचाने का लक्ष्य सरकार का सर्वोच्च प्राथमिकता क्षेत्र है। उन्होंने ग्वालियर क्षेत्र की आवश्यकताओं को शीघ्र प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का आश्वासन दिया। बैठक में ग्वालियर क्षेत्र के अस्पतालों में चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ एवं सहायक चिकित्सकीय सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। सांसद  कुशवाह ने ग्वालियर जिले के प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में आवश्यक पदों की शीघ्र पूर्ति एवं चिकित्सकीय उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाने का आग्रह किया।  

कांग्रेस की सरकारों ने नहीं की इंफ्रास्ट्रक्चर, अर्थव्यवस्था और एक्सपोर्ट की चिंता :CM

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद  अरुण सिंह ने मंगलवार को आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान को लेकर भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया – -आत्मनिर्भर भारत से साकार होगा विकसित भारत का संकल्प  -कांग्रेस की सरकारों ने नहीं की इंफ्रास्ट्रक्चर, अर्थव्यवस्था और एक्सपोर्ट की चिंता  -मध्यप्रदेश को तेजी से विकास के रास्ते पर ले जा रही भाजपा की डबल इंजन सरकार  -आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश, आत्मनिर्भर भारत का मजबूत स्तंभ -डबल इंजन सरकारों से साकार होगा आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का संकल्प – अरुण सिंह  भोपाल  भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव, सांसद व आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के राष्ट्रीय संयोजक  अरुण सिंह ने मंगलवार को प्रदेश कार्यालय में पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान को लेकर कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी हमेशा इस बात पर चिंतन करते हैं कि देश कैसे आत्मनिर्भर बने। उनका कहना है कि हम आत्मनिर्भर भारत के माध्यम से ही विकसित भारत के संकल्प को साकार करेंगे। प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर ही स्वदेशी का यह अभियान देश भर में चलाया जा रहा है और पार्टी के कार्यकर्ता समाज के साथ मिलकर इस अभियान को एक जनआंदोलन बनाने के लिए काम कर रहे हैं। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश ही आत्मनिर्भर भारत का मजबूत स्तंभ है। डबल इंजन सरकारों से आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का संकल्प साकार होगा। घर-घर स्वदेशी का मंत्र हमारी शक्ति के रूप में समूचे विश्व के सामने प्रदर्शित हो, इसी लक्ष्य को लेकर देश-प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। पत्रकार-वार्ता में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक  हेमंत खण्डेलवाल की गरिमामयी उपस्थिति रही।  कांग्रेस की सरकारों ने नहीं की देश को आत्मनिर्भर बनाने की चिंता  भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद  अरुण सिंह ने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक कांग्रेस की सरकारों ने शासन किया। उन सरकारों ने सीमेंट, लोहा, औद्योगिक उपकरण जैसे अनेक बड़े क्षेत्रों को सरकार के लिए रिजर्व कर दिया। 1991 में लिबराइजेशन और ग्लोबलाइजेशन का दौर आया और इन क्षेत्रों का निजीकरण किया गया। उसके बाद भी लंबे समय तक कांग्रेस की सरकारें रहीं, लेकिन उन्होंने कभी देश के इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के बारे में नहीं सोचा। यूपीए की सरकार के समय देश में इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर महज 2.5 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाते थे।  नरेंद्र मोदी जी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद यह निश्चय किया कि देश का इन्फ्रास्ट्रक्चर वर्ल्ड क्लास होना चाहिए। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी की सरकार आज इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हर साल 12 लाख करोड़ रुपये खर्च कर रही है।  प्रधानमंत्री  मोदी जी के प्रयासों का दिखने लगा असर  भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद  अरुण सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी ने देश को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने के लिए जो कदम उठाए हैं, उनके परिणाम दिखाई देने लगे हैं। भारत जापान को पीछे छोड़ कर दुनिया की चौथी अर्थव्यवस्था बन चुका है और बहुत जल्द जर्मनी को पीछे छोड़कर हम दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था बन जाएंगे। प्रधानमंत्री जी ने मेक फॉर द वर्ल्ड का आह्वान किया, उसी का परिणाम है कि आज हम दुनिया के दूसरे सबसे बड़े मोबाइल निर्माता हैं। रक्षा क्षेत्र की अगर बात करें तो गोला-बारूद से लेकर बुलेटप्रूफ जैकेट तक हर चीज विदेशों से आती थी, लेकिन प्रधानमंत्री  मोदी जी ने तय किया कि हम रक्षा उत्पादन देश में ही करेंगे। इसका परिणाम है कि आज हम राइफल बना रहे हैं, गोला-बारूद बना रहे हैं, बुलेटप्रूफ जैकेट बना रहे हैं और आकाश तथा ब्रह्मोस जैसी मिसाइलें भी बना रहे हैं। ये वही मिसाइलें हैं, जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में स्थित आतंक के अड्डों को ध्वस्त किया था। आज दुनिया के अनेक देश भारत से रक्षा उपकरणों और हथियारों की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि डिफेंस कॉरिडोर के निर्माण के बाद देश के रक्षा उत्पादन में और वृद्धि होगी। कांग्रेस की सरकारों ने दशकों तक शासन करने के बाद भी देश में सेमीकंडक्टर के उत्पादन के बारे में नहीं सोचा। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के प्रयासों से देश में छह सेमीकंडक्टर उत्पादन यूनिट लग रही हैं और जल्द ही गुजरात में स्थापित यूनिट से उत्पादन भी शुरू हो जाएगा। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी ने डिजिटल इंडिया का आह्वान किया था और मुझे यह बताते हुए गर्व हो रहा है कि हमारा यूपीआई आज दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म बन चुका है। विज्ञान और प्रोद्योगिकी के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी की सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। विकास के रास्ते पर दौड़ रहा मध्यप्रदेश  राष्ट्रीय महासचिव व सांसद  अरुण सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की डबल इंजन वाली सरकार मध्यप्रदेश को तेजी से विकास के रास्ते पर आगे ले जा रही हैं। प्रदेश में नर्मदा विकास पथ, मालवा विकास, विंध्य विकास पथ, बुदेलखंड विकास पथ, चंबल एक्सप्रेस वे, विंध्य एक्सप्रेस वे, नर्मदा एक्सप्रेस जैसी परियोजनाएं लागू की गई हैं। ओंकारेश्वर में दुनिया का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्लांट लग रहा है। इंदौर-भोपाल में मेट्रो परियोजना, इंदौर में 35 मंजिला स्टार्टअप पार्क बनाया जा रहा है। धार में मेगा टेक्सटाइल पार्क बन रहा है, जहां से कपास और रेशम का एक्सपोर्ट होगा। 44600 करोड़ रुपये लागत वाली केन-बेतवा लिंक परियोजना पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। किसानों के हित में भावांतर योजना लागू की गई है, जिसके लिए मैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का अभिनंदन करता हूं। इसके अलावा प्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। करीब 30 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे करीब 23 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। प्रदेश के सांची दूध को पूरे देश में पहचान दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। महाकाल लोक की तर्ज पर प्रदेश में 11 नए सांस्कृतिक केंद्रों के विकास का काम चल रहा है।  भविष्य में भी नं.-1 रहेगा मध्यप्रदेश का पार्टी संगठन  राष्ट्रीय महासचिव व सांसद  अरुण सिंह ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत ‘हर घर स्वदेशी,  घर-घर स्वदेशी’ के मंत्र को जन-जन तक पहुंचाने के लिए अनेक कार्यक्रमों की रचना की गई है। युवा … Read more

सिवनी लूटकांड पर सीएम डॉ. यादव सख्त, 11 पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कड़ा रुख सिवनी लूट मामले में 11 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों के विरूद्ध दर्ज हुई एफआईआर 5 आरोपियों को किया गिरफ्तार कानून का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा कानून सबके लिये बराबर भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिवनी लूट मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। सिवनी एसडीओपी पूजा पांडे सहित 11 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। इनमें से 5 आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। इसमें एसडीओपी सिवनी पूजा पांडे, एसआई अर्पित भैरम, कॉन्सटेबल योगेंद्र, नीरज और जगदीश शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखना, अपराध मुक्त वातावरण बनाना और नागरिकों की सुरक्षा पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों का मुख्य दायित्व है। अपने कर्तव्यों से हटकर कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को राज्य सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिवनी प्रकरण में जो भी दोषी पाए गए हैं, उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ कानूनी कार्रवाई भी होगी। प्रदेश में कानून सबके लिए बराबर है। कानून का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कोई भी हो। राज्य सरकार प्रदेश में सुशासन स्थापित करने सतत रूप से कार्य कर रही हैं, इस दिशा में किसी का हस्तक्षेप सहन नहीं होगा। ये भी हैं आरोपी सिवनी मामले में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 310(2) डकैती, 126(2) गलत तरीके से रोकना, 140(3) अपहरण और 61(2) आपराधिक षडयंत्र के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार किये गये 5 अधिकारी एवं कर्मचारियों के अलावा जिनके विरूद्ध एफआईआर दर्ज की गई, उनमें प्रधान आरक्षक माखन, प्रधान आरक्षक राजेश जंघेला, प्रधान आरक्षक रविंद्र उईके, आरक्षक रितेश वर्मा, एसएएफ आरक्षक केदार और एसएएफ आरक्षक सुभाष सदाफल शामिल हैं।  

हमारे नगर-निगम अब मेट्रोपॉलिटन सिटी बनने की ओर अग्रसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

स्वच्छता के लिए बने वातावरण से अब शहरों और प्रदेशों में साफ-सफाई के लिए बढ़ी प्रतिस्पर्धा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव हमारे नगर-निगम अब मेट्रोपॉलिटन सिटी बनने की ओर अग्रसर नगरीय निकायों को दी रुपए 7 हजार करोड़ की परियोजनाओं की सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर दीपावली से पहले हुआ स्वच्छता मित्रों का सम्मान 5वें राज्य स्तरीय स्वच्छता सम्मान एवं कार्यशाला “स्वच्छता समग्र समारोह” में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से स्वच्छता को अपनी महत्वपूर्ण प्राथमिकता बनाया। उनकी इस पहल से स्वच्छता के क्षेत्र में न केवल देश का माहौल बदला अपितु विश्व के कई देशों ने उनकी इस पहल को अनुकरणीय बताया। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में भारत आर्थिक रूप से सशक्त देश के रूप में स्थापित हुआ है। अब हमारी पहचान स्वच्छ देश के रूप में होने लगी है। स्वच्छता को दी गई प्राथमिकता से राज्यों के साथ शहरों में भी स्वच्छता के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। राज्य सरकार और प्रदेशवासियों के लिए यह उपलब्धि और गर्व का विषय है कि मध्यप्रदेश देश के प्रमुख स्वच्छतम राज्यों में शामिल है। यह प्रधानमंत्री  मोदी का ही नेतृत्व और मार्गदर्शन है जिसके परिणामस्वरूप हमारे नगर-निगम अब मेट्रोपॉलिटन सिटी बनने की ओर अग्रसर हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को रवीन्द्र भवन में 5वें राज्य स्तरीय स्वच्छता सम्मान एवं कार्यशाला “स्वच्छता समग्र समारोह” को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया तथा सफाई मित्रों का सम्मान किया। इस अवसर पर स्वच्छता अभियान पर केंद्रित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री मती प्रतिमा बागरी उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक से प्रदेश के नगरीय निकायों को रुपए 7 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश को ग्रीन और क्लीन सिटी वाला प्रदेश बनाने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहे हैं। स्वच्छता में इंदौर ने नित नए कीर्तिमान गढ़े हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण में मध्यप्रदेश के उज्जैन, भोपाल और जबलपुर सहित 8 शहरों को स्वच्छता पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। स्वच्छता में मंडला, टीकमगढ़ जैसे 6 छोटे जिलों ने भी स्थान बनाया है। राज्य सरकार का संकल्प है कि हम आने वाले समय में शहरों से लिगेसी वेस्ट को समाप्त करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में स्थान प्राप्त करने पर जबलपुर, उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर, देवास, इंदौर नगर निगम, शाहगंज नगर परिषद, बुदनी नगर पालिका के जनप्रतिनिधियों एवं सफाई मित्रों को पुरस्कार प्रदान किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है आज स्वच्छता की विभिन्न कैटेगरी में 64 पुरस्कार प्रदान किए गए हैं। प्रदेश को दीपावली से पहले ही साढ़े 22 हजार करोड़ रुपए की सौगात मिल रही है। आज 10 हजार करोड़ रुपए की नमामि नर्मदे योजना प्रारंभ की जा रही है। अमृत 2 योजना के अंतर्गत 7 हजार करोड़ रुपए की सौगात मिल रही है। मुख्यमंत्री अधोसंरचना योजना की भी शुरुआत हो रही है जो 5 हजार करोड़ रुपए लागत की है। आगामी 3 वर्षों में लगभग 20 हजार करोड़ रुपए की योजनाएं मूर्तरूप लेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ: 2028 उज्जैन का ही नहीं, विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक मेला है। इसके लिए विशाल स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। पृथ्वी पर जल से ही जीवन की उत्पत्ति हुई है इसीलिए सिंहस्थ जैसे आयोजनों में पवित्र नदियों में जल को नमन करते हुए स्नान का महत्व है। सिंहस्थ-2028 का आयोजन विश्व के लिए उदाहरण बनेगा। हमें स्वच्छता को संस्कार में लाना होगा : राज्यमंत्री मती प्रतिमा बागरी नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री मती प्रतिमा बागरी ने कहा कि हमें आसपास स्वच्छता के साथ मानसिक स्वच्छता को भी सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। हमें स्वच्छता को संस्कार में लाना होगा और अपने विचार और संस्कार से ही व्यक्ति अपने आसपास की स्वच्छता के लिए सक्रिय होता है। हमें वार्डवार कचरा प्रबंधन सुनिश्चित करते हुए कचरा संग्रहण के लिए सक्रिय होना होगा, तभी शहरों को सुंदर बनाया जा सकेगा। सड़कों और गलियों के साथ-साथ जल संरचनाओं की स्वच्छता को भी प्राथमिकता देनी होगी। अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास  संजय दुबे ने कहा कि स्वच्छता के क्षेत्र में मध्यप्रदेश निरंतर 8 वर्षों से नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छता के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की शुरुआत की है। प्रधानमंत्री  मोदी की मंशा के अनुरूप राज्य सरकार ने स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर ही सफाई मित्रों के स्वागत और सम्मान का यह कार्यक्रम रखा गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विचार था कि दीपावली पर्व पर सफाई का बहुत महत्व है और हमारे घर-द्वार तथा इलाके की सफाई में सफाई मित्रों का विशेष महत्व रहता है। स्वच्छता मित्रों का सम्मान दीपावली से पहले किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस प्रतिबद्धता के परिणाम स्वरूप ही यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प है कि इस वर्ष बारिश से पहले प्रदेश के लगभग 40 नगरीय निकायों में वर्षों से जमा कचरे को हटा दिया जाएगा। प्रदेश में डोर टू डोर कचरा संकलन गतिविधि का विस्तार किया जाएगा। कार्यक्रम में विधायक  रामेश्वर शर्मा, महापौर भोपाल मती मालती राय, राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष  प्रताप सरोठिया, आयुक्त नगरीय विकास  संकेत भोंडवे सहित प्रदेश से आए महापौर, पार्षदगण एवं सफाई मित्र उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया सफाई मित्रों का सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वच्छता सम्मान समारोह में उल्लेखनीय कार्य करने वाले नगरीय निकायों को पुरस्कृत किया। साथ ही उल्लेखनीय कार्य करने वाले सफाई मित्र लक्ष्मी, गुड्डी बाई, पुष्पा, कालीचरण और जीवन को सम्मानित कर पुरस्कार किया। पुरस्कृत स्थानीय निकाय सफाई मित्र सुरक्षित श्रेणी में जबलपुर नगर निगम, सुपर स्वच्छ लीग में उज्जैन नगर निगम, स्वच्छ शहर श्रेणी में जनसंख्या के अनुसार भोपाल, ग्वालियर, देवास नगर निगम को सम्मानित किया गया है। वायु सर्वेक्षण में देवास, स्वच्छ शहर में सीहोर जिले के शाहगंज और बुदनी नगरीय निकायों को पुरस्कृत किया गया। इन नगरीय निकायों ने राष्ट्रीय स्तर पर भी पुरस्कार प्राप्त किये हैं। समारोह में पीएम आवास योजना में इंदौर, बैरसिया और निवाली बुजुर्ग को, पीएम स्वनिधि योजना में रतलाम, सारणी, … Read more

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्वास्थ्य विभाग की भर्ती और विकास कार्यों की व्यापक समीक्षा की

उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने स्वास्थ्य विभाग में भर्ती प्रक्रिया और अधोसंरचना विकास कार्यों की वृहद समीक्षा की भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय भोपाल में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की गतिविधियों की वृहद समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने निर्देश दिए कि नर्सिंग, ए.एन.एम. और अन्य तकनीकी संवर्गों की भर्ती प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के साथ पूर्ण किया जाए ताकि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मानव संसाधन सुदृढ़ हो सकें। उन्होंने उपकरणों की खरीदी प्रक्रिया और अधोसंरचना विकास कार्यों की समीक्षा की। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव  संदीप यादव और आयुक्त  तरुण राठी उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने विभाग में विभिन्न पदों पर की जा रही भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा की और समय अनुसार पदपूर्ति की कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिए। बताया गया कि वर्ष 2023 में रिक्त 515 पदों पर प्रतीक्षा सूची से काउंसलिंग की प्रक्रिया 13 अक्टूबर से प्रारंभ की गई है, वर्ष 2024 की 972 पदों पर भर्ती कार्यवाही वर्ष 2023 की प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत की जाएगी। नर्सिंग संवर्ग के लगभग 1260 पदों के लिए नियम संशोधन का प्रस्ताव वित्त विभाग को प्रेषित किया गया है। चिकित्सा महाविद्यालयों में नर्सिंग के लगभग 1000 पदों तथा नर्सिंग ट्यूटर (टीचर्स) के कुल 711 पदों (328 + 383) की भर्ती संबंधी प्रस्तावों पर विभागीय स्तर पर कार्यवाही प्रगति पर है। सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों में मेडिकल टीचर्स के वेतन-भत्तों में वृद्धि, नर्सिंग कॉलेजों में शिक्षकों की भर्ती शीघ्र पूर्ण करने और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा कर उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने दिशानिर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने रीवा जिला चिकित्सालय में 200 बेड उन्नयन उपरांत 225 नये पदों की स्वीकृति की प्रक्रिया की समीक्षा कर शीघ्र औपचारिकताओं की पूर्ति करने के निर्देश दिए। साथ ही सागर चिकित्सा महाविद्यालय में यू जी अपग्रेडेशन के लिए टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में श्योपुर और सिंगरौली के नवीन चिकित्सा महाविद्यालयों के अनुबंध पुनरीक्षण की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए ताकि परियोजनाओं की समयसीमा में कोई विलंब न हो। इसके साथ ही बुधनी चिकित्सा महाविद्यालय के अनुबंध पुनरीक्षण एवं एम.पी.बी.डी.सी. द्वारा निर्माणाधीन सी.सी.एच.बी. भवनों के भुगतान संबंधी समस्याओं के निराकरण पर भी चर्चा हुई।  

स्थापना दिवस से अटल जी की जयंती 25 दिसंबर तक राज्योत्सव के रूप में होंगे अनेक कार्यक्रम

इस वर्ष स्थापना दिवस की थीम होगी उद्योग एवं रोजगार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्थापना दिवस से अटल जी की जयंती 25 दिसंबर तक राज्योत्सव के रूप में होंगे अनेक कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले किया संबोधन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रिपरिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में कलेक्टर कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में हुए भावांतर योजना, केन्द्र सरकार द्वारा प्रदेश को रेलवे के क्षेत्र में मिली सौगातों और सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम विभाग द्वारा 13 अक्टूबर को भोपाल में आयोजित उद्यमी सम्मेलन में वितरित प्रोत्साहन सहायता राशि के संबंध में जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीपावली, गोवर्धन पूजा और मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के संबंध में भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के स्थापना दिवस की थीम उद्योग एवं रोजगार वर्ष होगी। उन्होंने कहा कि सभी विधानसभा क्षेत्रों में आत्मनिर्भर भारत-आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश विषय पर भी कार्यक्रम आयोजित किऐ जाएं। इन गतिविधियों में उद्योग लगाने वालों से लेकर रोजगार पाने वालों तक को शामिल किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगामी त्यौहारों का उल्लेख करते हुए कहा कि 20 अक्टूबर को दीपावली और 21 अक्टूबर को गोवर्धन पूजा का पर्व है। उन्होंने मंत्रीगण से अपने-अपने क्षेत्र में सार्वजनिक रूप से गोवर्धन पूजा का आयोजन लोक परंपरा अनुसार करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 1 नवंबर को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस है। इस वर्ष 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व.  अटल बिहारी वाजपेई का शताब्दी वर्ष भी है। स्थापना दिवस 1 नवंबर से अटल बिहारी वाजपेई की जयंती 25 दिसंबर तक रोजगार एवं उद्योग वर्ष की थीम पर निरंतर गतिविधियां संचालित की जाएंगी। उद्योग, कौशल उन्नयन, रोजगार के अवसर, एमएसएमई, भारी उद्योग, कुटीर उद्योग सहित स्वावलंबन पर केंद्रित गतिविधियां संचालित की जाएंगी। सभी जिलों में राज्योत्सव के रूप में गतिविधियां संचालित हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भावांतर योजना के अंतर्गत पंजीयन 3 अक्टूबर से आरंभ हुआ है जो 17 अक्टूबर तक चलेगा। एमएसपी से कम कीमत पर सोयाबीन बिकता है तो किसानों के घाटे की भरपाई भावांतर योजना के तहत सरकार द्वारा की जाएगी। किसान पहले की भांति मंडियों में सोयाबीन का विक्रय करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा रेलवे मल्टी ट्रैकिंग परियोजना को दी गई मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी का आभार मानते हुए कहा कि इससे प्रदेश को बहुत लाभ होगा। प्रदेश में 237 किलोमीटर लंबी इटारसी -भोपाल- बीना चौथी लाइन और गुजरात व मध्य प्रदेश के बीच 259 किलोमीटर लंबी बड़ोदरा-रतलाम तीसरी और चौथी लाइन को मंजूरी मिली है। इससे पर्यटन के साथ-साथ कोयला, कंटेनर, सीमेंट, फ्लाई ऐश, खाद्यान्न, इस्पात आदि के परिवहन के लिए अतिरिक्त सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल में 13 अक्टूबर को हुए एमएसएमई सम्मेलन में 700 एमएसएमई इकाइयों को सिंगल क्लिक से 197 करोड रुपए से अधिक की प्रोत्साहन राशि वितरित की गई। शासन की नवीन स्टार्टअप नीति के अंतर्गत 63 स्टार्टअप ईआइआर सहायता योजना के तहत सालाना 1 लाख 20 हजार रुपए प्रति स्टार्टअप की दर से एक करोड रुपए से अधिक की सहायता राशि के चेक वितरित किए गए। इसके साथ ही 237 एमएसएमई उद्यमियों को भू आवंटन आशय पत्र भी प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत 5084 युवाओं को 347 करोड रुपए से अधिक की बैंक ऋण सहायता राशि वितरित की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 7- 8 अक्टूबर को भोपाल में हुई कलेक्टर कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के संबंध में बताया कि दो दिवसीय कांफ्रेंस के आठ सत्रों में कानून व्यवस्था, कृषि एवं उद्यानिकी, स्वास्थ्य, औद्योगिक निवेश एवं रोजगार, नगरीय विकास, शिक्षा, ग्रामीण विकास, जनजाति विकास और सुशासन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। कॉन्फ्रेंस में जिलों में हुए नवाचारों का प्रस्तुतीकरण भी हुआ।  

15 अक्टूबर को होगा प्रदेश स्तरीय सड़क सुरक्षा सेमिनार, CM डॉ. यादव लेंगे हिस्सा

भोपाल मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम और लोक निर्माण विभाग द्वारा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास के सहयोग से एक दिवसीय प्रदेश स्तरीय सड़क सुरक्षा सेमिनार का आयोजन मंगलवार 15 अक्टूबर को आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, स्वर्ण जयंती सभागार, भोपाल में होगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम का आयोजन मध्यप्रदेश स्टेकहोल्डर्स एलायंस मीटिंग फॉर डेटा-ड्रिवन हाईवे लोकेल इंटरवेंशंस के अंतर्गत किया जा रहा है। इस आयोजन में प्रदेशभर के लगभग 500 तकनीकी अधिकारी शामिल होंगे। सेमिनार में सड़क सुरक्षा से जुड़े नवीनतम तकनीकी उपायों, डेटा विश्लेषण आधारित सड़क सुधार रणनीतियों तथा सड़क दुर्घटना नियंत्रण उपायों पर विशेषज्ञों द्वारा विचार-विमर्श किया जाएगा। सेमिनार का उद्देश्य सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और प्रबंधन को एक साझा मंच पर लाना है जिससे राज्य में सड़क सुरक्षा उपायों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। यह आयोजन प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना और सुरक्षित भारत मिशन के उद्देश्यों के अनुरूप एक महत्त्वपूर्ण पहल है जो ‘सुरक्षित सड़कें, सुरक्षित जीवन’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में ठोस कदम साबित होगा।  

सोयाबीन उत्पादक किसानों को लाभांवित करने भावांतर योजना की स्वीकृति

कोदो-कुटकी का पहली बार उपार्जन किये जाने का निर्णय सोयाबीन उत्पादक किसानों को लाभांवित करने भावांतर योजना की स्वीकृति प्रदेश में "RAMP" योजना को सैद्धांतिक रूप से लागू किये जाने की स्वीकृति राज्य के शासकीय पेंशनर, परिवार पेंशनर को देय मंहगाई राहत की दर में वृद्धि किये जाने का निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रमुख कोदो-कुटकी उत्पादक जिलों के कृषकों से पहली बार कोदो-कुटकी उपार्जन का किये जाने का निर्णय लिया, जिससे अधिक से अधिक जनजातीय कृषकों को फायदा होगा। इस के लिए रानी दुर्गावती अन्न प्रोत्साहन योजना अंतर्गत प्रमुख कोदो-कुटकी उत्पादक जिलों जबलपुर, कटनी, मण्डला, डिंडोरी, छिंदवाडा, शहडोल, अनुपपुर, उमरिया, रीवा, सीधी एवं सिंगरौली के कृषकों से कोदो-कुटकी का उपार्जन किया जायेगा। साथ ही अन्य जिलों से मांग आने पर उन जिले के कृषकों से भी उपार्जन किये जाने पर विचार किया जायेगा। अन्न उत्पादक जिलों के कृषकों से अन्न कंसोर्टियम ऑफ फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (अन्न फेडरेशन) द्वारा कोदो-कुटकी का उपार्जन किया जायेगा। खरीफ 2025 में उत्पादित अन्न कुटकी 3500 रूपये प्रति क्विंटल एवं कोदो 2500 रुपये प्रति क्विंटल के मान से लगभग 30 हजार मेट्रिक टन का उपार्जन किया जायेगा। इसके लिए अन्न फेडरेशन को 80 करोड़ रूपये का ब्याज मुक्त ऋण शासन के मूल्य स्थिरीकरण कोष से प्रदाय किया जायेगा। इसके अतिरिक्त कृषको को प्रोत्साहन राशि के रूप में 1000 रुपये प्रति क्विंटल के मान से संबंधित कृषकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से प्रदाय किये जायेंगे। सोयाबीन किसानों के लिए भावांतर योजना की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा खरीफ वर्ष 2025 में प्रदेश के सोयाबीन के किसानों को लाभांवित किये जाने के लिए भारत सरकार की प्राईज डिफिसिट पेमेन्ट स्कीम लागू की गयी है, जो प्रदेश में भावांतर योजना कहलायेगी। प्रदेश में सोयाबीन भावांतर योजनांतर्गत 24 अक्टूबर, 2025 से 15 जनवरी, 2026 तक सोयाबीन का विक्रय, राज्य की अधिसूचित मंडियों में किया जायेगा। प्रदेश की मंडियों में 14 दिवस के सोयाबीन के विक्रय मूल्य के Weighted औसत के आधार पर सोयाबीन के मॉडल रेट की गणना की जायेगी। न्यूनतम समर्थन मूल्य से विक्रय दर/मॉडल रेट अंतर की राशि पंजीकृत कृषकों के पोर्टल पर दर्ज बैंक खाते में डी.बी.टी. के माध्यम से अंतरित की जायेगी। एम.एस.पी 5328 रूपये है। 'रेशम समृद्धि योजना'' के क्रियान्वयन की सैद्धांतिक स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार की सिल्क समग्र-2 योजना को 25% राज्यांश के साथ, राज्य में रेशम समृद्धि योजना के रूप में क्रियान्वयन की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई। योजना अंतर्गत हितग्राहियों को रेशम उत्पादन संबंधी 23 गतिविधियों में सहायता प्राप्त होगी, जिसमें सामान्य वर्ग के हितग्राही को इकाई लागत की 75 प्रतिशत और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को 90 प्रतिशत आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी। इसमें क्रमशः 25 प्रतिशत एवं 10 प्रतिशत हितग्राही अंश रहेगा। योजना के क्रियान्वयन से मलबरी, वन्या और पोस्ट ककून क्षेत्रों में हितग्राहियों की सतत् रोजगार उपलब्ध होने के साथ उनकी आय में वृद्धि होगी। वर्तमान में कुल लागत इकाई राशि रूपये 3.65 लाख होती थी जिसमें 2.0875 लाख राज्य शासन से राज्य सहायता प्राप्त होती थी। रेशम समृद्धि योजना में इकाई की कुल लागत राशि रूपये 5 लाख होगी। उसमें से सामान्य वर्ग के हितग्राहियों को केन्द्रांश राशि रूपये 2.50 लाख, राज्यांश राशि रूपये 1.25 लाख एवं हितग्राही का अंश राशि रुपये 1.25 लाख तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को केन्द्रांश राशि रूपये 3.25 लाख, राज्यांश राशि रूपये 1.25 लाख एवं हितग्राही का अंश राशि रूपये 0.50 लाख होगा। यह योजना रेशम किसानों के लिए बहुत लाभदायक सिद्ध होगी। प्रदेश में (RAMP)" योजना को सैद्धांतिक स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, नई दिल्ली की "Raising and Accelerating MSME Performance" योजना को प्रदेश में सैद्धांतिक रूप से लागू किये जाने की स्वीकृति दी गयी हैं। योजनान्तर्गत प्रदेश के लिए स्वीकृत बजट 105 करोड़ 36 लाख रूपये अन्तर्गत राज्यांश की 30 प्रतिशत राशि 31 करोड़ 60 लाख रूपये की स्वीकृति दी गयी है। पेंशनर और परिवार पेंशनर को देय मंहगाई राहत की दर में वृद्धि मंत्रि-परिषद द्वारा राज्य के शासकीय पेंशनरों परिवार पेंशनरों को देय मंहगाई राहत की दर में वृद्धि किये जाने का निर्णय लिया गया हैं। राज्य के पेंशनरों / परिवार पेंशनरों को वर्तमान में देय मंहगाई राहत सातवें वेतनमान अंतर्गत 53 प्रतिशत एवं छठवें वेतनमान अंतर्गत 246 प्रतिशत में 1 सितम्बर 2025 (भुगतान माह अक्टूबर, 2025) से वृद्धि की जाकर कुल मंहगाई राहत सातवें वेतनमान अंतर्गत 55 प्रतिशत एवं छठवें वेतनमान अंतर्गत 252 प्रतिशत किये जाने का निर्णय लिया गया हैं। शासकीय पेंशनरों / परिवार पेंशनरों को मंहगाई राहत में वृद्धि करने पर राज्य के कोष पर इस वितीय वर्ष में लगभग 170 करोड़ रूपये का अतिरिक्त व्यय भार आयेगा। छत्तीसगढ़ शासन के पत्र 25 अगस्त 2025 के अनुक्रम में सहमति प्रदान किये जाने के लिए निर्णय लिया गया है। ''सरदार पटेल कोचिंग प्रशिक्षण योजना 2021 में नए प्रावधान सम्मिलित करने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद् द्वारा प्रदेश के "सरदार पटेल कोचिंग प्रशिक्षण योजना वर्ष 2021" के विद्यमान प्रावधानों के साथ अन्य प्रावधानों को सम्मिलित किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना अंतर्गत वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग के 5 हजार युवाओं को विभिन्न रोजगारोन्मुखी प्रतियोगी परीक्षाओं का निःशुल्क परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। अन्य निर्णय मंत्रि-परिषद् द्वारा आरक्षक (विसबल) 620 अरुण सिंह भदौरिया, 15वीं वाहिनी विसबल, इंदौर को प्रधान आरक्षक (विसबल) के पद पर क्रम से पूर्व पदोन्नति प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया हैं।  

सिवनी में पुलिस पर बड़ी गाज: हवाला लूट मामले में SDOP-एसआई सहित 5 गिरफ्तार, 6 अब भी फरार

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिवनी लूट मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। सिवनी एसडीओपी पूजा पांडे सहित 11 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। इनमें से 5 आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। इसमें एसडीओपी सिवनी पूजा पांडे, एसआई अर्पित भैरम, कॉन्सटेबल योगेंद्र, नीरज और जगदीश शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखना, अपराध मुक्त वातावरण बनाना और नागरिकों की सुरक्षा पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों का मुख्य दायित्व है। अपने कर्तव्यों से हटकर कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को राज्य सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिवनी प्रकरण में जो भी दोषी पाए गए हैं, उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ कानूनी कार्रवाई भी होगी। प्रदेश में कानून सबके लिए बराबर है। कानून का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कोई भी हो। राज्य सरकार प्रदेश में सुशासन स्थापित करने सतत रूप से कार्य कर रही हैं, इस दिशा में किसी का हस्तक्षेप सहन नहीं होगा। मध्य प्रदेश पुलिस महकमे को झकझोर देने वाले सिवनी हवाला लूट मामले में पुलिस महानिदेशक (DGP) कैलाश मकवाना के सख्त निर्देशों के बाद बड़ी कार्रवाई की गई है। इस मामले की मुख्य आरोपी मानी जा रही SDOP (नगर पुलिस अधीक्षक/अनुविभागीय अधिकारी पुलिस) पूजा पाण्डेय और एसआई (उप-निरीक्षक) अर्पित भैरम सहित कुल 5 पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। ​गिरफ्तार आरोपियों पर डकैती, अवैध रूप से रोकना, अपहरण और आपराधिक षडयंत्र जैसी गंभीर धाराओं (बीएनएस 310(2), 126(2), 140(3), 61(2) के तहत अपराध क्रमांक 473/2025, थाना लखनवाड़ा) के तहत मामला दर्ज किया गया है। ​हालांकि, एफआईआर में नामजद कुल 11 आरोपी पुलिसकर्मियों में से 6 पुलिसकर्मी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। ​डीजीपी के निर्देश पर पुलिस की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि खाकी वर्दी में छिपे अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। इस चर्चित मामले ने पूरे प्रदेश में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ये भी हैं आरोपी सिवनी मामले में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 310(2) डकैती, 126(2) गलत तरीके से रोकना, 140(3) अपहरण और 61(2) आपराधिक षडयंत्र के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार किये गये 5 अधिकारी एवं कर्मचारियों के अलावा जिनके विरूद्ध एफआईआर दर्ज की गई, उनमें प्रधान आरक्षक माखन, प्रधान आरक्षक राजेश जंघेला, प्रधान आरक्षक रविंद्र उईके, आरक्षक रितेश वर्मा, एसएएफ आरक्षक केदार और एसएएफ आरक्षक सुभाष सदाफल शामिल हैं।