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भोपाल समेत 20 जिलों में बारिश, अगले दिन मानसून की वापसी पर संशय

भोपाल   मध्य प्रदेश में पिछले 3 दिन से तेज बारिश का दौर चल रहा है। मौसम विभाग ने सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में हल्की बारिश होने का अनुमान जताया है। मौसम विभाग के वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि अगले 3 दिन में हल्की बारिश का दौर रहेगा। वहीं, ग्वालियर-चंबल संभाग ड्राई रहेगा। फिलहाल कहीं भी भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। रविवार को भोपाल समेत 20 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। बैतूल में 2 इंच से ज्यादा पानी गिर गया।  भदभदा और कलियासोत डैम एक-एक गेट खोले  रविवार को भोपाल, बैतूल समेत 20 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। भोपाल में ढाई इंच और बैतूल में 2 इंच से ज्यादा पानी गिर गया। भोपाल में शाम को तेज बारिश का दौर चला। भोपाल-इंदौर रोड पर इतनी तेज बारिश थी कि गाड़ियां रेंगती हुई चली। बारिश की वजह से भदभदा और कलियासोत डैम के एक-एक गेट रात में ही खोल दिए गए। गुना, नर्मदापुरम, पचमढ़ी, श्योपुर, शिवपुरी, शाजापुर, सीहोर, छिंदवाड़ा, दमोह, सतना, सिवनी, बालाघाट में भी बारिश हुई। श्योपुर और सिवनी में करीब डेढ़ इंच पानी गिरा। देर रात तक प्रदेश के कई जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हुई। 10 से पूरे प्रदेश में मानसून की वापसी मौसम विभाग के अनुसार, अब तक ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर और रतलाम से मानसून विदा हो चुका है। राजगढ़ और अशोकनगर के कुछ हिस्से से मानसून विदा हुआ है। मौसम विभाग की माने तो मानसून की वापसी के लिए अभी परिस्थिति अनुकूल नहीं है, लेकिन 10 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश से मानसून विदाई ले लेगा। इस साल मानसून ने मध्यप्रदेश में 16 जून को दस्तक दी थी। समय से एक दिन बाद मानसून प्रदेश में एंटर हुआ था। मौसम विभाग के अनुसार, 6 अक्टूबर तक प्रदेश के सभी जिलों से मानसून विदा हो जाता है, लेकिन नया सिस्टम बनने से विदाई की तारीख आगे भी बढ़ सकती है। गुना में सबसे ज्यादा बारिश इस बार गुना में सबसे ज्यादा पानी गिरा है। 65.6 इंच बारिश दर्ज हुई। मंडला-रायसेन में 62 इंच से अधिक और श्योपुर-अशोकनगर में 56 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। वहीं, शाजापुर, खरगोन, खंडवा, बड़वानी और धार सबसे कम बारिश वाले टॉप-5 जिलों में शामिल हैं। शाजापुर में 28.9 इंच, खरगोन में 29.6 इंच, खंडवा में 32 इंच, बड़वानी में 33.5 इंच और धार में 33.6 इंच पानी गिरा है।  एमपी में 24 घंटे के दौरान 21 जिलों में बारिश, रायसेन में 3.7 इंच बरस गया मध्यप्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान 21 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। रायसेन में सबसे ज्यादा 3.7 इंच पानी गिर गया। भोपाल में ढाई इंच, बैतूल में 2 इंच, बालाघाट के मलाजखंड में 1.8 इंच, श्योपुर-शिवपुरी में 1.7 इंच, सिवनी में डेढ़ इंच, टीकमगढ़ में 1.2 इंच और नर्मदापुरम-दमोह में 1 इंच बारिश हुई। सागर, धार, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम, गुना, रतलाम, शाजापुर, सीहोर, देवास, राजगढ़, विदिशा समेत कई जिलों में हल्की बारिश का दौर बना रहा। इतनी तेज बारिश की भोपाल-इंदौर स्टेट हाईवे पर रेंगती हुई चली गाड़ियां रविवार को भोपाल, बैतूल समेत 20 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। भोपाल में ढाई इंच और बैतूल में 2 इंच से ज्यादा पानी गिर गया। भोपाल में शाम को तेज बारिश का दौर चला। भोपाल-इंदौर रोड पर इतनी तेज बारिश थी कि गाड़ियां रेंगती हुई चली। बारिश की वजह से भदभदा और कलियासोत डैम के एक-एक गेट रात में ही खोल दिए गए। गुना, नर्मदापुरम, पचमढ़ी, श्योपुर, शिवपुरी, शाजापुर, सीहोर, छिंदवाड़ा, दमोह, सतना, सिवनी, बालाघाट में भी बारिश हुई। श्योपुर और सिवनी में करीब डेढ़ इंच पानी गिरा। देर रात तक प्रदेश के कई जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हुई। 1 जून से 5 अक्टूबर तक कहां कितनी हुई वर्षा     मध्य प्रदेश में दीर्घावधि औसत से 21% अधिक वर्षा हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 17% और पश्चिमी मध्य प्रदेश 25% अधिक वर्षा हुई है। एमपी में अब तक 47 इंच बारिश हो चुकी है वैसे 37.3 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 7.8 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37.2 इंच है। अब तक 122 प्रतिशत बारिश हो चुकी है पिछले मानसूनी सीजन में औसत 44 इंच बारिश हुई थी।     गुना में सबसे ज्यादा 65.5 इंच बारिश हुई। मंडला-रायसेन में 62 इंच और श्योपुर-अशोकनगर में 56 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। हालांकि शाजापुर, खरगोन, खंडवा, बड़वानी और धार में सबसे कम बारिश हुई।सबसे कम बारिश खरगोन में 27.3 इंच , शाजापुर में 28.7 इंच, खंडवा में 29.1 इंच, बड़वानी में 30.9 इंच और धार में 32.8 इंच हुई है।     ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, अलीराजपुर, बड़वानी, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना और उमरिया में बारिश का कोटा फुल हो चुका है।

रैगिंग मामले में फंसे DAVV के फाइनल ईयर छात्र, IET करेगा कंपनियों को सूचित

इंदौर  इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाजी (आईईटी) के जूनियर छात्रों से रैगिंग करने के मामले में अब फाइनल ईयर के दो छात्रों की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। एंटी रैगिंग कमेटी की रिपोर्ट के बाद भंवरकुआं पुलिस जांच में जुटी है। रिपोर्ट में जिन छात्रों के नाम सामने आए हैं, उनमें फाइनल ईयर के दो ऐसे छात्र भी शामिल हैं, जिन्हें नामी कंपनियों से जाब आफर मिले हैं। संस्थान की प्लेसमेंट सेल अब इस पूरे मामले की जानकारी उन कंपनियों को देने की तैयारी में है, जिन्होंने इन छात्रों को जाब आफर किया है। इस संबंध में कंपनियों को पत्र लिखकर जानकारी देंगे। हालांकि यह भी देखा जाएगा कि विद्यार्थियों का भविष्य पूरी तरह खराब न हो। पत्र भेजने से पहले कुलगुरु डॉ. राकेश सिंघई से चर्चा की जाएगी। करीब दो सप्ताह पहले आईईटी के कुछ सीनियर छात्रों ने फर्स्ट ईयर के विद्यार्थियों को कैंपस के बाहर एक कैफे में बुलाया था। वहां उनसे फर्जी जीमेल, इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स जैसे सोशल मीडिया अकाउंट बनवाकर संस्थान के खिलाफ पोस्ट करने को कहा गया। इसी दौरान कुछ जूनियर्स ने हॉस्टल में तोड़फोड़ भी की। एंटी रैगिंग कमेटी की जांच में यह बात सामने आई कि छात्रों ने नेपाल के जेन-जी आंदोलन की तर्ज पर प्रदर्शन की योजना बनाई थी। रिपोर्ट में दो दर्जन छात्रों पर संदेह एंटी रैगिंग कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में करीब दो दर्जन छात्रों की भूमिका संदिग्ध बताई है। इनमें फर्स्ट ईयर के साथ-साथ थर्ड और फाइनल ईयर के छात्र भी शामिल हैं। फिलहाल भंवरकुआं पुलिस ने होस्टल के सीसीटीवी-डीवीआर तोड़ने के मामले में चार छात्रों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। जबकि रैगिंग प्रकरण की जांच अब भी जारी है। प्लेसमेंट सेल के मुताबिक फाइनल ईयर के जिन दो छात्रों के नाम सामने आए हैं, उन्हें कंपनियों से अच्छे पैकेज पर जाब आफर मिल चुके हैं। अगले साल मई में उन्हें ज्वाइनिंग करनी है। लेकिन नियमानुसार कंपनियों को इससे पहले छात्रों की रिपोर्ट भेजनी होती है। ऐसे में रैगिंग मामले का जिक्र नौकरी पाने वाले छात्रों के रिकार्ड में जोड़ा जा सकता है, जिससे उनकी नौकरी पर असर पड़ सकता है। पुलिस जांच: थर्ड ईयर के छात्र अगले साल नहीं बैठ पाएंगे प्लेसमेंट में     रैगिंग में फाइनल ईयर के कुछ विद्यार्थी लिप्त हैं। इन्हें नौकरियां मिल चुकी हैं। इनके बारे में कंपनियों को पत्र लिखकर बताएंगे, क्योंकि प्रकरण की जांच पुलिस कर रही है। वैसे विद्यार्थियों का भविष्य खराब न हो इसका भी ध्यान रखा जाएगा। पत्र भेजने से पहले कुलगुरु से चर्चा करेंगे। – गोविंद माहेश्वरी, प्लेसमेंट ऑफिसर, आईईटी  

लाड़ली बहना योजना का बजट बढ़ा, सरकार खर्च करेगी 1859 करोड़ प्रति माह

भोपाल  मध्यप्रदेश की सुपरहिट योजनाओं में शुमार मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना से मोहन सरकार को 318 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार आएगा। अभी सरकार कर्ज लेकर हर महीने लाड़ली बहनों को 1250 रुपए दे रही है। अक्टूबर महीने में राशि अंतरित करने के लिए सरकार को 318 करोड़ रुपए का इंतजाम करना होगा। फिलहाल, अक्टूबर महीने में किस दिन लाड़ली बहनों के खाते में 1500 रुपए ट्रांसफर किए जाएंगे यह अभी तय नहीं हुआ है। सीएम डॉ मोहन यादव के द्वारा भाईदूज पर बहनों के खाते में 250 रुपए अतिरिक्त राशि देने का ऐलान किया था। जिसके बाद अब लाड़ली बहनों के खाते में 1500 हर महीने ट्रांसफर किए जाएंगे। हर महीने लाड़ली बहनों के खाते में आएंगे 1500 रुपए सीएम डॉ मोहन यादव ने अगस्त में लाड़ली बहना योजना की राशि 1500 रुपए करने का ऐलान किया था। अक्टूबर महीने में सरकार के द्वारा 250 रुपए बढ़ाकर ट्रांसफर किए जाएंगे। यानी लाड़ली बहनों के खाते में इस महीने से 1500 रुपए ट्रांसफर किए जाएंगे। लाड़ली बहनों के खाते में राशि 15 अक्टूबर के पहले ही ट्रांसफर कर दी जाएगी। पूर्व मंत्री बोले- कर्ज के दलदल में एमपी पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने बातचीत में कहा कि सरकार की लाड़ली बहना योजना अब सिर्फ चुनावी इवेंट बनकर रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि हर महीने इस योजना के भुगतान के लिए राज्य सरकार को कर्ज लेना पड़ रहा है। पटेल ने कहा, सरकार इस महीने से बहनों के खातों में 1500 रुपए ट्रांसफर करने जा रही है, जिससे करीब 300 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय बोझ बढ़ेगा। उन्होंने दावा किया कि पहले लाखों लाड़ली बहनों के नाम योजना से काट दिए गए और अब नई पात्र बहनों नाम जुड़ नहीं पा रहे हैं। पूर्व मंत्री ने सरकार पर आर्थिक कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए कहा, हर महीने मध्यप्रदेश को कर्ज के दलदल में धकेला जा रहा है। राज्य पर प्रति व्यक्ति 60 हजार रुपए का कर्ज हो चुका है।   राखी पर लाड़ली बहनों को 250 रुपए अतिरिक्त मिले थे रक्षाबंधन पर सीएम मोहन यादव ने लाड़ली बहनों के खाते में 250 रुपए अतिरिक्त ट्रांसफर किए थे। जो कि हर महीने 1250 रुपए मिलने वाली राशि से अलग थे। उस दौरान सरकार ने करीब 1.26 करोड़ लाड़ली बहनों के खाते में 1859 करोड़ से अधिक की राशि ट्रांसफर की गई थी। जबकि सितंबर महीने में 1.26 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में 28वीं किस्त के रूप में 1541 करोड़ रुपए अधिक की राशि ट्रांसफर की गई थी।   सरकार को लेना पड़ सकता है कर्ज अक्टूबर महीने में दिवाली का त्योहार है। ऐसे में कर्मचारियों और महिलाओं की मांग को पूरी करने के लिए सरकार फिर से कर्ज ले सकती है। सरकार पर मौजूदा कर्ज 459640.27 करोड़ रुपए तक हो गया। वहीं, चालू वित्तीय वर्ष में आंकड़ा बढ़कर 37900 करोड़ तक पहुंच गया है। सरकार के द्वारा बीते 30 सितंबर को 1 हजार करोड़ का कर्ज लिया गया था। 

राज्यपाल ने दी सलाह: हर जनजातीय परिवार तक पहुँचे कल्याण योजनाओं की रोशनी

जनजातीय कल्याण की योजनाओं का लाभ, अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाए: राज्यपाल  पटेल वीरांगना रानी दुर्गावती के जीवन चरित्र से लें युवा प्रेरणा राज्यपाल ने किया आदि कर्मयोगी अभियान अंतर्गत संवाद भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश में जनजातीय कल्याण का महा अभियान चल रहा है। पीएम जनमन योजना और धरबी आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान जनजातीय सशक्तिकरण की अभूतपूर्व योजनाएं है। उन्होंने सभी से आव्हान किया कि जनजातीय कल्याण की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने आगें आए। राज्यपाल  पटेल रविवार को दमोह के सिंग्रामपुर में आदि कर्मयोगी अभियान अंतर्गत आदि साथी और आदि सहयोगियों से संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर केन्द्रीय राज्यमंत्री  दुर्गादास ऊईके भी मौजूद थे। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि सरकार के साथ जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता भी जनजातीय कल्याण के प्रयासों को जमीनी स्तर पर लागू करने में सक्रिय सहभागिता करें। आम जनों को शासकीय योजनाओं की जानकारी के साथ सिकल सेल, टी.बी. आदि रोगों के कारण, लक्षण और उपाय के प्रति भी जागरूक करें। उन्होंने पीएम जनमन योजना और धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत दी जा रही शासकीय सहायता और सुविधाओं की चर्चा की। शादी के पूर्व जेनेटिक कार्ड का मिलान अवश्य करें राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश की धरती से वर्ष 2047 तक सिकल सेल उन्मूलन का संकल्प लिया है। इस संकल्प को सफल बनाने सरकार के साथ आम नागरिकों का सहयोग भी अत्यंत आवश्यक है। इसलिए हम सभी का दायित्व है कि सिकल सेल की जागरूकता में हर संभव सहयोग करें। उन्होंने कहा कि शादी के पूर्व जेनेटिक कार्ड का मिलान जरूर किया जाए। पेसा पंचायतें ग्राम सभा में सिकल सेल जागरूकता का गंभीर प्रयास करें। सिकल सेल के सामान्य लक्षण, बचाव आदि के बारे में बताएं। ग्रामीणों को शादी के पहले जेनेटिक कार्ड मिलान के महत्व की व्यावहारिक और सरल भाषा में जानकारी दें। वीरांगना के जीवन आदर्शों से लें प्रेरणा युवा राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती सिर्फ मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण भारत का गौरव है। उन्होंने अपने अदम्य वीरता, साहस और नेतृत्व क्षमता से सफलतापूर्वक शासन किया। राज्यपाल  पटेल ने उपस्थित युवाओं से आव्हान किया कि वीरांगना रानी दुर्गावती के जीवन आदर्शों और संघर्ष से प्रेरणा लें। राष्ट्र हित में हमेशा आगे बढ़कर कार्य करें। केन्द्रीय राज्यमंत्री  दुर्गादास ऊईके ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार जनजातीय कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार उनके स्वास्थ्य और सशक्तिकरण की दिशा में हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने जनजातीय समुदाय के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण के प्रति राज्यपाल  मंगुभाई पटेल की संवेदनशीलता और सक्रिय प्रयासों की सराहना की। प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री  धमेन्द्र भाव सिंह लोधी ने राज्यपाल  पटेल के आगमन पर आभार जताया। पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्यमंत्री  लखन पटेल ने कहा कि प्रदेश सरकार पं. दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय की भावना के अनुरूप जनजातीय कल्याण की दिशा में सतत रूप से कार्य कर रही है। कार्यक्रम में दमोह सांसद  राहुल सिंह लोधी, हटा विधायक मती उमा देवी खटीक, मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष मती रंजीता गौरव पटेल, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और आमजन उपस्थित रहे।

चिकनगुनिया का कहर: डेंगू को पीछे छोड़ते हुए केस बढ़े, सावधान रहें!

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में डेंगू के साथ ही चिकनगुनिया के रोगी बढ़ रहे हैं। अब तक डेंगू के 104 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, डेंगू से 4 गुना कम जांच होने के बावजूद चिकनगुनिया की पॉजिटिव दर डेंगू से दो प्रतिशत से अधिक रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में अब तक कुल 7971 लोगों की डेंगू की जांच हुई। इनमें से 104 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। डेंगू पॉजिटिव दर 1.31 प्रतिशत है। इसी तरह अब तक 2006 लोगों की चिकनगुनिया की जांच की गई है, जिसमें से 70 लोगों चिकनगुनिया से पीड़ित पाए गए। चिकनगुनिया की पॉजिटिव दर 3.49 प्रतिशत रही है। विशेषज्ञों के अनुसार राजधानी में डेंगू से अधिक चिकनगुनिया तेजी से पैर पसार रहा है। लक्षण दिखे तो कराएं जांच डॉक्टरों के अनुसार, किसी को बुखार के साथ सर्दी लगे और मांसपेशियों और आंखों के पीछे दर्द हो तो 24 घंटे में डेंगू की जांच करा लेना चाहिए। जेपी अस्पताल, हमीदिया, बीएमएचआरसी और एम्स के साथ ही सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों में मुफ्त जांच की सुविधा है। सितंबर में सर्वाधिक डेंगू के मामले स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सबसे अधिक डेंगू के मामले सितंबर में आए। जनवरी से अगस्त तक आठ महीने में कुल डेंगू के 68 मरीज आए थे। अकेले सितंबर माह में 36 से अधिक डेंगू के मरीज मिले हैं। वहीं, अगस्त माह तक भोपाल में डेंगू सेंसेटिव जोन की संख्या बहुत कम थी।   यहां हालात ज्यादा खराब टीटी नगर, बागसेवनियां, शाहजहांनाबाद और इब्राहिमपुरा में हालात अधिक खराब हैं। जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में डेंगू के मामले और बढ़ सकते हैं। ऐसे करें बचाव चिकनगुनिया एक तीव्र जोड़ों के दर्द का कारण बनता है जो हफ्तों या महीनों तक रह सकता है, इसलिए रोकथाम ही सबसे अच्छा उपाय है। आप मच्छरों के काटने से बचकर, अपने आस-पास सफाई रखकर, और पूरी आस्तीन के कपड़े पहनकर अपना बचाव कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज प्रतिभा सम्मान समारोह में विद्यार्थियों को करेंगे सम्मानित

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज जबलपुर में प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय महाकोशल महाविद्यालय के 13 करोड़ 37 लाख रुपये की लागत से निर्मित नवीन शैक्षणिक भवन और शासकीय विज्ञान महाविद्यालय के 10.05 करोड़ रुपये से बने नये शैक्षणिक भवन का भी लोकार्पण करेंगे। साथ ही महाकोशल महाविद्यालय में 3 करोड़ 67 लाख रुपये से बनने वाले भवन का भूमि-पूजन भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव महाविद्यालय में प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम में शैक्षणिक उत्कृष्टता, खेल, सांस्कृतिक, नवाचार एवं सामाजिक सेवा क्षेत्रों में विशिष्ट उपलब्धि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित भी करेंगे। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, राज्य सभा सदस्य श्रीमती सुमित्रा बाल्मीकि, सांसद श्री आशीष दुबे, महापौर श्री जगत बहादुर सिंह अन्नु, क्षेत्रीय विधायक श्री अशोक रोहाणी, नगर निगम अध्यक्ष श्री रिकुंज विज और जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष श्री आशीष राव विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस के प्राचार्य प्रो. अलकेश चतुर्वेदी ने बताया कि प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस महाकोशल कॉलेज के नवीन शैक्षणिक भवन में कुल 19 व्याख्यान कक्ष, प्रशासनिक ब्लॉक, स्मार्ट कक्षाएँ, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएँ एवं कॉमन रूम जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। यह भवन महाविद्यालय को प्रधानमंत्री उत्कृष्टता योजना के अनुरूप प्रदेश के अग्रणी शिक्षण संस्थानों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि यह अवसर महाकौशल महाविद्यालय के गौरवपूर्ण इतिहास में स्वर्णिम अध्याय जोड़ेगा। लगभग 1500 विद्यार्थी, अभिभावक, शिक्षाविद एवं नागरिक इस अवसर के साक्षी बनेंगे। यह आयोजन जबलपुर की शिक्षा और युवा ऊर्जा का प्रतीक बनकर प्रदेश में उत्कृष्टता और नवाचार के नये मानक स्थापित करेगा।  

उज्जवल भविष्य की ओर कदम: चंबल के बीहड़ में सौर ऊर्जा का नया अध्याय

भोपाल थर्मल पावर पर निर्भरता कम करने के लिए सौर ऊर्जा की ओर बढ़ रही मध्य प्रदेश सरकार अब चंबल के बीहड़ में सोलर प्लांट लगाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए बीहड़ की 60 हजार हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है। इस भूमि पर सोलर प्लांट लगाने की संभावनाओं का आइआइटी रुड़की से अध्ययन कराया जा रहा है। इस अध्ययन रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आइआइटी रुड़की के विशेषज्ञ करेंगे अध्ययन बीहड़ की भूमि कभी डकैतों के लिए प्रसिद्ध रही है, लेकिन इसका उपयोग अब सौर ऊर्जा बनाने में किया जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट में चंबल नदी, जलीय जीवों के संरक्षण और पर्यावरण का भी ध्यान रखा जाएगा। सरकार इस दिशा में भी विचार कर रही है कि क्यों न बीहड़ की भूमि का उपयोग ग्रीन हाइड्रोजन के लिए भी किया जाए। आइआइटी रुड़की के विशेषज्ञ इस पहलू से भी अध्ययन करेंगे।   कार्बन उत्सर्जन लगभग शून्य बता दें कि ग्रीन हाइड्रोजन एक स्वच्छ ऊर्जा स्रोत है, जो नवीकरणीय ऊर्जा से पानी को इलेक्ट्रोलिसिस प्रक्रिया द्वारा विभाजित करके बनाया जाता है, जिसमें कार्बन उत्सर्जन लगभग शून्य होता है। यह भारी उद्योगों, परिवहन और ऊर्जा भंडारण जैसे मुश्किल क्षेत्रों को कार्बन-मुक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भारत ने राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत 2030 तक पांच मिलियन टन ग्रीन हाइड्रोजन के वार्षिक उत्पादन का लक्ष्य रखा है। कितनी भूमि उबड़ खाबड़ और कितनी समतल मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम के प्रबंध संचालक अमनवीर सिंह बैंस ने बताया कि हमारे पास बीहड़ क्षेत्र की सेटेलाइट इमेज है, इसका पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के भूमि का डाटा से मिलान कराया जा रहा है। इससे यह पता लग जाएगा कि कितनी भूमि उबड़ खाबड़ है और कितनी भूमि समतल। भूमि का वर्गीकरण कर मैपिंग की जा रही है और यह निर्णय लिया जाएगा कि कितनी भूमि का सोलर प्लांट लगाने में उपयोग किया जा सकता है। काफी कुछ आइआइटी रुड़की के विशेषज्ञों की ओर से किए जाने वाले अध्ययन की रिपोर्ट के आधार पर तय किया जाएगा।  

MP सरकार की तैयारी: जनवरी से बदलेंगे भर्ती और अवकाश-पेंशन के नियम, कैशलेस सुविधा भी नई

भोपाल मध्य प्रदेश में शासकीय कर्मचारियों की सेवा शर्तों और सुविधाओं को लेकर नए साल यानी वर्ष 2026 में बड़े परिवर्तन की तैयारी है। इनमें सरकारी पदों के लिए होने वाली भर्ती प्रक्रिया, कर्मचारियों का कैशलेस उपचार, अवकाश और पेंशन नियम शामिल हैं। भर्ती नियमों में यह प्रविधान किया जा रहा है कि चयन परीक्षाएं वर्षभर में चार-पांच बार ही होंगी। इसमें जो चयन सूची बनेगी, उसके अनुसार विभाग भर्ती करेंगे। इसी तरह कर्मचारियों को उपचार के लिए पहले राशि खर्च कर उसकी प्रतिपूर्ति के दावा नहीं करना होगा। उनके कैशलेस उपचार की व्यवस्था रहेगी। पेंशन नियम भी भारत सरकार के नियमों की तरह बनाए जा रहे हैं। प्रारूप तैयार हो चुका है। अवकाश निर्धारण के लिए भी समिति बना दी गई है, जो सभी संबंधित पक्षों से चर्चा करने के बाद अंतिम निर्णय लेगी।   एक मेरिट सूची से होगी नियुक्तियां प्रदेश में अगले तीन वर्ष में ढाई लाख से अधिक रिक्त पदों को भरने की तैयारी है। अभी वर्ष भर परीक्षाएं चलती रहती हैं। कर्मचारी चयन मंडल 20 से अधिक परीक्षाएं कराता है। इसमें समय के साथ-साथ संसाधन भी अधिक लगते हैं। इसी तरह राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षाएं होती हैं। मौजूदा पैटर्न से सरकार ने भर्ती का जो लक्ष्य रखा है, वह प्रभावित हो सकता है, इसलिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सामान्य प्रशासन विभाग ने भर्ती नियमों में परिवर्तन का प्रारूप तैयार किया। नई व्यवस्था में वर्ष भर में पांच-छह परीक्षाएं होंगी और समूह परीक्षा की एक चयन प्रावीण्य सूची बनेगी। इसके हिसाब से विभाग नियुक्तियां करेंगे। इसे लेकर मुख्य सचिव अनुराग जैन के साथ विभागीय अधिकारियों की दो दौर की बैठक हो चुकी है। कर्मचारियों के लिए आयुष्मान जैसी योजना राज्य सरकार उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान सरकार की तरह सरकारी कर्मचारियों को उपचार के लिए आयुष्मान जैसी योजना लाने की तैयारी में है। इसमें पांच लाख रुपये तक सामान्य और 10 लाख रुपये तक गंभीर बीमारियों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इसके लिए कर्मचारियों से अंशदान लिया जाएगा, जो उनके वेतन से काटा जाएगा। अंशदान का निर्धारण होना शेष है। पेंशनरों को भी यह सुविधा दी जा सकती है। ऐच्छिक अवकाश का नए सिरे से होगा निर्धारण प्रदेश में अधिकारियों-कर्मचारियों को वर्ष भर में तीन ऐच्छिक अवकाश दिए जाते हैं। सरकार ने वर्षभर के लिए सामाजिक, धार्मिक एवं अन्य आधारों पर 53 ऐच्छिक अवकाश चिह्नित किए हैं। कलेक्टर जिले की स्थितियों को देखते हुए इन्हें घोषित करते हैं। सरकार ने अब सामान्य, सार्वजनिक और ऐच्छिक अवकाश के निर्धारण के लिए समीक्षा कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए सामान्य प्रशासन, गृह, वित्त और राजस्व विभाग के अधिकारियों की समिति गठित की है। यह इस बात का भी परीक्षण कर रही है कि कोरोना महामारी के समय सप्ताह में पांच दिन कार्यालय लगाए जाने की व्यवस्था को जारी रखा जाए या पहले की तरह व्यवस्था बनाई जाए। इसके साथ ही नौकरी में आने के बाद तीसरी संतान होने पर सेवा से बाहर करने और सेवा आचरण नियम में संशोधन पर भी समिति काम कर रही है। केंद्र और राज्य के एक जैसे होंगे पेंशन नियम भारत सरकार ने वर्ष 2011 में 25 वर्ष से अधिक की अविवाहित बेटी, विधवा, परित्यक्ता बेटी को पेंशन देने की पात्रता देने की जो व्यवस्था बनाई, उसे यहां भी लागू किया जाएगा। नियम में यह प्रविधान किया जा रहा है कि अविवाहित पुत्री की स्थिति में आयु 25 साल से अधिक होने के बाद भी जब तक उसका विवाह नहीं होता, तब तक उसे परिवार पेंशन मिलती रहेगी।  

जान जोखिम में डालकर बचाई चार की जिंदगी: एमपी डैम में फंसी कार का रोमांचक रेस्क्यू

शिवपुरी  मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है यहां एक कार को ट्रक ने टक्कर मार दी। ट्रक की टक्कर के बाद कार सिंध डैम में जा गिरी, कार में पति-पत्नी व दो बच्चे सवार थे। गनीमत रही की हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद लोग अपनी जान खतरे में डालकर डैम में कूदे और कार में सवार पति-पत्नी व दोनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना अमोला थाना इलाके की है। बताया जा रहा है कि कार में सवार परिवार सत्संग में शामिल होने के लिए जा रहा था।   कार की टक्कर से डैम में गिरी कार शिवपुरी जिले के अमोला थाना इलाके में रविवार को सिंध डैम पर एक बड़ा हादसा होते होते टल गया। यहां एक कार को पीछे से आ रहे ट्रक ने टक्कर मार दी। टक्कर के बाद कार अनियंत्रित होकर सिंध डैम में जा गिरी। कार के डैम में गिरते ही मौके पर मौजूद गोपाल परिहार, सुखदेव लोधी, मनोज कलावत और राकेश मिस्त्री ने बिना अपनी जान की परवाह किए डैम में छलांग लगाई और पानी में डूब रही कार में फंसे पति-पत्नी व दोनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। कार में कोटा निवासी शैलेन्द्र सिंह हांडा, उनकी पत्नी रेखा हांडा और बच्चे नोदिघ हांडा व देवदत्त हांडा सवार थे। पुलिस ट्रक की तलाश में जुटी घटना का पता चलते ही पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन तब तक कार में सवार सभी लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया था। कार को टक्कर मारने के बाद ट्रक चालक ट्रक लेकर मौके से फरार हो गया है जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। बताया गया है कि कोटा के रहने वाले शैलेन्द्र हांडा अपने परिवार के साथ कार से उरई में बाबा जयगुरूदेव के सत्संग में शामिल होने के लिए जा रहे थे तभी रास्ते में ये हादसा हुआ। जान बचने के बाद पीड़ित परिवार ने जान बचाने वाले लोगों और भगवान का शुक्रिया अदा किया है।

खंडवा सड़क हादसा: ट्रक की टक्कर से ई-बाइक में लगी आग, दो लोगों की दर्दनाक मौत

खंडवा राखड़ से भरे ट्रक ने फिर दो लोगों की जान ले ली। राखड़ से भरे ट्रक ने ई-बाइक को रौंद दिया। ई-बाइक सवार दोनों लोग ट्रक में दब गए इसके बाद ई-बाइक में आग लगने के कारण बाइक सवार दोनों लोग जिंदा जल गए। भीषण सड़क हादसा रविवार को इंदौर-इच्छापुर नेशनल हाइवे पर मोरटक्का चौकी क्षेत्र के एक पेट्रोल पंप के पास हुआ। हादसे के बाद मोरटक्का चौकी पुलिस ने आरोपित ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया। हादसे के बाद सड़क पर लंबा जाम लग गया, पुलिस ने व्यवस्था संभाल जाम खुलवाया। भीषण सड़क हादसे ने दहला इलाका जिले के ओंकारेश्वर थाने अंतर्गत मोरटक्का पुलिस चौकी क्षेत्र में रविवार को हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। जानकारी के अनुसार ट्रक संत सिंगाजी थर्मल पावर से राखड़ भरकर आ रहा था। तेज रफ्तार ट्रक ने ई-बाइक सवार बड़वाह निवासी 35 वर्षीय विनीत शर्मा जो खंडवा में सहायक कोषालय अधिकारी के पद पदस्थ थे व उनके मित्र 40 वर्षीय मोहसिन अली को अपनी चपेट ले लिया।   टक्कर के बाद पलटा ट्रक, बाइक सवार दबकर जिंदा जले ट्रक ने ई-बाइक को जोरदार टक्कर मारी इसके बाद ट्रक पलट गया। ट्रक के नीचे बाइक सहित सवार दो लोग भी दब गए। ई-बाइक में आग लग गई। जिससे बाइक सहित दोनों युवकों को बाहर निकालना संभव नहीं हो सका। देखते-देखते दोनों लोग आग में जिंदा जल गए। सूचना मिलते ही पुनासा एसडीएम पंकज वर्मा, ओंकारेश्वर तहसीलदार उदय मंडलोई और मोरटक्का चौकी प्रभारी लखन डावर पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और मशक्कत कर शवों को बाहर निकाला। लेकिन तब तक दोनों पूरी तरह जल चुके थे। हादसे के बाद सड़क के दोनों ओर लंबा जाम लग गया, जिसे देर रात तक पुलिस जवानों ने कड़ी मेहनत से खुलवाया। भारी वाहनों पर राजनीति का दबाव स्थानीय लोगों ने इस दर्दनाक हादसे के पीछे प्रशासनिक लापरवाही और राजनीतिक दबाव को जिम्मेदार ठहराया है। उल्लेखनीय है कि पिछले दो वर्षों से देशगांव से इंदौर मार्ग पर भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगी हुई थी, लेकिन हाल ही में राजनीति दबाव में आकर खंडवा कलेक्टर ने इस मार्ग पर फिर से भारी वाहनों की अनुमति दे दी। नतीजतन, इस सड़क पर रोजाना ट्रकों और डंपरों की भरमार है और दुर्घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।   कीड़े-मकोड़ों की तरह जान गवां रहे लोग लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर आमजन की जानें कीड़े-मकोड़ों की तरह जा रही हैं। हादसे से आक्रोशित लोगों ने एक बार फिर शासन-प्रशासन से मांग की है कि खंडवा-इंदौर इच्छापुर मार्ग पर भारी वाहनों का आवागमन तत्काल प्रतिबंधित किया जाए, अन्यथा आने वाले दिनों में और भी भयावह घटनाएं सामने आ सकती हैं।