samacharsecretary.com

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 13 जिलों के किसानों को 653.34 करोड़ रुपये की राहत राशि सिंगल क्लिक से खातों में की अंतरित

किसानों के चेहरों की मुस्कान ही हमारी असली दीवाली : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 13 जिलों के किसानों को 653.34 करोड़ रुपये की राहत राशि सिंगल क्लिक से खातों में की अंतरित किसानों को पहली बार मिला सोयाबीन में पीला मोजेक से हुए नुकसान का मुआवजा मुख्यमंत्री को किसानों ने दिया धन्यवाद और किया अभिनंदन मुख्यमंत्री से किसानों ने कहा – आपने दीपावली से पहले ही हमारी दीपावली मनवा दी बाढ़ प्रभावित 3.90 लाख किसानों को मिली 371 करोड़ की राहत राशि पीला मोजैक से प्रभावित सोयाबीन फसल के मुआवजे के रूप में किसानों को मिली 282 करोड़ रूपए से अधिक की मदद मुआवजा राशि मिलने से किसानों का खाद-बीज खरीदना हुआ आसान मुख्यमंत्री डॉ. यादव 6 अक्टूबर को बड़वानी में नशामुक्ति सम्मेलन में होंगे शामिल मुख्यमंत्री 10 अक्टूबर को रतलाम में भावांतर योजना रैली में करेंगे सहभागिता भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों की सेवा ही भगवान की सेवा है। बाढ़ हो, आपदा हो, ओलावृष्टि हो या कीट प्रकोप हो, किसान भाई हर विपदा से लड़ते और जूझते हैं। किसान पर कोई भी विपदा या आपदा आए सरकार संकट की हर घड़ी में साथी बनकर किसानों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से कहा कि आप अकेले नहीं हैं, पूरा परिवार बनकर हम आपके साथ हैं। आपकी खुशी में ही प्रदेश की खुशी है। उन्होंने कहा कि हर प्रकार की आपदा और कीट प्रकोप से फसलों को हुई क्षति की राहत राशि किसानों को दी जाएगी। ये राहत राशि किसानों को बड़ा संबल देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब तक आखिरी पीड़ित किसान को सहायता राशि नहीं मिल जाती, हमारी सरकार चैन से नहीं बैठेगी। उन्होंने कहा कि किसानों के चेहरों की मुस्कान ही हमारी असली दीपावली जैसी है। किसानों की मेहनत और जज्‍बा फिर से उनके खेतों को जीवन और समृद्धि से भर देगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में किसानों को प्राकृतिक आपदा और कीट प्रकोप से हुई फसल क्षति की राहत राशि वितरण कार्यक्रम को वर्चुअल संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने राज्य के विभिन्न जिलों में बीते माहों में हुई अतिवृष्टि-बाढ़ और सोयाबीन में पीला मोजेक रोग से हुए फसल नुकसान के लिए 13 प्रभावित जिलों के 8 लाख 84 हजार 772 किसानों को 653.34 करोड़ की राहत राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इसमें अतिवृष्टि/बाढ़ से हुई फसल क्षति से प्रभावित 3 लाख 90 हजार 167 किसानों को 331.34 करोड़ रूपये एवं पीला मोजेक/कीट व्याधि से हुई फसल क्षति से प्रभावित 4 लाख 94 हजार 605 किसानों को 322 करोड़ रुपये की राहत राशि शामिल है। खोई मुस्कान लौटाना हमारी पहली प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी पीड़ित किसान भाईयों को राहत राशि देने और फसल सर्वे के कार्य में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है। किसानों के चेहरे की खोई मुस्कान लौटाना हमारी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 4 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से 6 लाख 69 हजार से अधिक धान उत्पादक किसानों के खाते में 337 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का अंतरण किया है। सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भी भावान्तर योजना शुरू की गई है। फसल के विक्रय मूल्य और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के अन्तर की राशि सरकार सीधे किसानों को देगी। हम किसानों का कोई नुकसान नहीं होने देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों भाईयों के दुख-दर्द में हम आपके सेवक बनकर खड़े हैं। किसानों के माथे का पसीना बेकार नहीं जाएगा, आपकी मेहनत फिर से हरियाली का रूप लेकर प्रदेश को समृद्ध करेगी, हम सदैव आपके साथ हैं। राज्य सरकार हर कदम पर किसानों के साथ खड़ी है और उनके सुख-दु:ख में सहभागी है। हम प्रदेश के किसी भी किसान को आपदा में अकेला नहीं छोड़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2025-26 में अब तक विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों को विभिन्न मदों में कुल 229 करोड़ 45 लाख रुपये की सहायता राशि दी जा चुकी है। गत माह 6 सितंबर को ही फसल क्षति के लिए 11 जिलों के 17 हजार से अधिक किसानों को 20 करोड़ से अधिक की राहत राशि दी थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार राज्य सरकार द्वारा सोयाबीन में पीले मोजेक रोग से फसल प्रभावित किसानों को राहत राशि दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने किया किसानों से संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राहत राशि वितरण के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पीड़ित किसानों से आत्मीय संवाद भी किया। संवाद के दौरान किसानों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने दशहरा एवं भव्य शस्त्र पूजन के आयोजनों एवं सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भावांतर योजना लागू करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त करते हुए अभिनंदन किया। किसानों ने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने दीपावली से पहले ही हमारी दीपावली मनवा दी। हमें यह महसूस हो रहा है कि सरकार हमारे साथ है। पीला मोजेक की राहत राशि हमें पहली बार मिली। यह सच्चे अर्थों में किसान हितैषी सरकार है। उत्साहित किसानों ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से राहत राशि मिलने से दशहरे पर ही किसानों की दीपावली हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुरहानपुर जिले के किसानों से चर्चा करते हुए कहा कि केला आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राहत राशि मिलने पर सभी किसानों को बधाई देते हुए कहा कि आज से ही सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भावांतर योजना के तहत पंजीयन प्रारंभ हो गया है। अब किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। सोयाबीन मंडी में बेचें, यदि एमएसपी से कम राशि में फसल बिकती है, तो बेची गई फसल की कीमत और एमएसपी के अंतर की राशि यानि भावांतर की राशि अगले 15 दिनों में सीधे किसानों के बैंक खाते में भेज दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैश्विक परिदृश्य को देखते हुए किसानों को इस साल सोयाबीन का अत्यधिक भाव मिलेगा। इस बार सोयाबीन की एमएसपी 500 रुपए से अधिक बढ़कर 5328 रुपए हो गई है। … Read more

CM हेल्पलाइन का दुरुपयोग पड़ा महंगा, फर्जी शिकायतकर्ताओं पर अब होगा तगड़ा एक्शन

ग्वालियर  सीएम हेल्पलाइन में बार-बार और झूठी शिकायत दर्ज कराने वाले शिकायतकर्ताओं को ग्वालियर में भी चिह्नित किया जा रहा है। ऐसे कुछ आदतन शिकायत करने वालों के कुछ नाम मिल भी गए हैं जो जन सुनवाई से लेकर सीएम हेल्पलाइन में लगातार अलग-अलग शिकायतों से लेकर एक ही शिकायत बार-बार कर रहे हैं। सीएम हेल्पलाइन के लेवल वन स्तर पर आने वाली शिकायतों को डील करने वाले अधिकारियों से जानकारी मांगी गई है, शासन ने सभी जिलों से ऐसे लोगों के नाम व पूरी जानकारी कलेक्टरों से मांगी है। इसी क्रम में ग्वालियर के अधिकारी भी जानकारी तैयार कर रहे हैं। प्रदेश के सभी कलेक्टरों को भेजा पत्र बता दें कि शासन की ओर से कुछ दिनों पहले ही प्रदेश के सभी कलेक्टरों को पत्र भेजा गया है। इसमें लिखा गया कि सीएम हेल्पलाइन पोर्टल के तहत झूठी व आदतन शिकायतकर्ता के संबंध में जानकारी प्रदान करने व उक्त शिकायतकर्ताओं पर कार्रवाई किए जाने के लिए निर्देशित किया गया है। इसके अतिरिक्त जन प्रतिनिधियों एवं विभागों द्वारा भी समय-समय पर इस संबंध में कार्रवाई का आग्रह किया गया है। सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर ऐसे शिकायतकर्ताओं के बारे में जानकारी व टीप दर्ज करने की सुविधा अधिकारियों की लाग इन आईडी में उपलब्ध है। ऐसे शिकायतकर्ताओं की पूरी जानकारी के साथ अधिकारियों से रिमार्क भी मांगा गया है। ब्लैकमेलिंग का जरिया बन रही सीएम हेल्पलाइन हकीकत में सीएम हेल्पलाइन का प्रभाव वर्तमान में कम हो गया है, हजारों शिकायतें हर माह आती हैं जिनमें बड़ी संख्या में ऐसी शिकायतें मिलती हैं जो बार-बार या ब्लैकमेल करने की नीयत से लगाई गई है। वहीं यह भी सच ही है कि अधिकारी अब सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को लेकर उतने संवेदनशील नहीं है जितने पहले थे।

कार्तिकेयसिंह चौहान का विधायक कार्यालय पर विधायक गोपालसिंह इंजीनियर के नेतृत्व में किया भव्य स्वागत और सम्मान

भगवान श्री राम की प्रतिमा स्मृति चिन्ह के रूप में की भेंट आष्टा विजयदशमी (दशहरा) उत्सव में मुख्यातिथि के रूप में शामिल होने आष्टा पधारे मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराजसिंह चौहान के बड़े सुपुत्र कार्तिकेयसिंह चौहान दशहरा उत्सव में भाग लेने आष्टा पहुंचे । कार्तिकेयसिंह चौहान के आष्टा पहुचने पर विधायक गोपालसिंह इंजीनियर के नेतृत्व में आष्टा नगर की सीमा किलेरामा पर श्री कार्तिकेयसिंह चौहान की भव्य अगवानी की गई । विधायक के नेतृत्व में वाहनों के काफिले के साथ कार्तिकेयसिंह चौहान को विधायक कार्यालय लाया गया । विधायक कार्यालय आगमन पर विधायक गोपालसिंह इंजीनियर के नेतृत्व में कार्तिकेयसिंह चौहान का भव्य स्वागत और सम्मान किया गया । विधायक कार्यालय पर उपस्तिथ भाजपा के समस्त पदाधिकारियों,जनप्रतिनिधियों,कार्यकर्ताओ ने कार्तिकेयसिंह जी का स्वागत किया । अपने कार्यालय पर प्रथम आगमन पर कार्तिकेयसिंह चौहान का विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर ने राजस्थानी साफा बंधवा कर रामनामी दुपट्टा डाल कर गुलदस्ता भेंट किया एवं आष्टा विधानसभा क्षेत्र की ओर से विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने कार्तिकेयसिंह चौहान को जन जन की आस्था के केंद्र भगवान श्रीराम जी की प्रतिमा स्मृति चिन्ह के रूप में भेंट की । इस अवसर पर सीहोर जिला भारतीय जनता पार्टी के  अध्यक्ष नरेश मेवाडा का भी स्वागत सम्मान किया गया । स्वागत सम्मान कार्यक्रम में रायसिंह मेवाडा,सोनू गुणवान,महेन्द्र इंजीनियर, सुशील संचेती,अतुल शर्मा, हरेन्द्र ठाकुर,योगेंद्रसिंह ठाकुर,राकेश प्रजापति,ऋतु आनन्द जैन,अंजली विशाल चौरसिया,गिरजा माखन कुशवाह,तारा कटारिया,संध्या  देवांग,मानकुंवर मेवाडा,कृष्णा गोपालसिंह इंजीनियर,नीलिमा मनोहर बैरागी, ऋषि विश्वकर्मा,उत्थान धारवा,मोहित सोनी,सौरभ शीतल,सुरेश परमार,मनोहर भोजवानी,अनिल श्रीवास्तव, राकेश कुशवाह, यशवंत ठाकुर, कल्लु मुकाती,राजेश घेंघट,अनन्त साहू,भूपेंद्र राणा,नीलेश शर्मा,राजेश पचलासिया,भगवत मेवाडा,आकाश सुरणा,राजेन्द्रसिंह ठाकुर,संयम जैन,सुनील केलिया,महेन्द्र ठाकुर सहित बड़ी संख्या में भाजपा के कार्यकर्ता उपस्तिथ थे ।

ऊर्जा मंत्री तोमर का बयान: दिवंगत कर्मी के परिजनों को मिला ईएसआईसी व पीएफ का सहारा

आउटसोर्स कर्मी की मृत्यु पर परिजन को मिला ईएसआईसी और पीएफ का लाभ : ऊर्जा मंत्री  तोमर भोपाल  ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि प्रदेश में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अब समय पर पात्र व्यक्तियों तक पहुँच रहा है। ऊर्जा विभाग में आउटसोर्स कर्मचारियों को भविष्य निधि एवं कर्मचारी राज्य बीमा जैसी योजनाओं से सुरक्षा दी जा रही है। इसी कड़ी में मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने एक दिवंगत आउटसोर्स कर्मी के परिवार को राहत पहुँचाने के लिये संवेदनशील पहल की। उज्जैन स्थित 220 के.वी. उपकेन्द्र पर ड्यूटी के दौरान सुरक्षा कर्मी  शेखर राठौर को हृदयाघात हुआ और अस्पताल मे इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी। वे मेसर्स डेक्कन सिक्योरिटी सर्विसेस, इंदौर के माध्यम से पदस्थ थे। आश्रितों को मिला हितलाभ एम पी ट्रांसको की पहल से उनकी पत्नी मती पूजा राठौर को कर्मचारी राज्य बीमा निगम के अंतर्गत प्रतिदिन 173.16 रूपये की दर से आश्रित हितलाभ प्रदान किया जा रहा है। साथ ही कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) द्वारा 3,05,283 रूपये की बीमा राशि भी परिजनों के खाते में जमा की गई है। आश्रितों के लिए प्रतिमाह पेंशन की सुविधा भी स्वीकृत की गई है।  

छिंदवाड़ा में 9 और राजस्थान में 2 बच्चों की मौत, कफ सिरप में मिलावट की जांच शुरू

छिंदवाड़ा  सर्दी खांसी के चलते दूषित कप सिरप पीने से छिंदवाड़ा जिले में किडनी फेल होने से पिछले 20 दिनों में सात बच्चों की मौत हो चुकी है। इनमें से ज्यादातर बच्चों ने नागपुर के निजी अस्पतालों में दम तोड़ा। कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने कहा है कि आरंभिक जांच रिपोर्ट में दूषित कप सीरप से बच्चों की किडनियां फेल होने से मौतें हुई हैं। संबंधित कप सिरप को जिले में प्रतिबंधित कर दिया गया है। मामले में आगे जांच जारी है। हालांकि, सवाल यह है कि जिले में कफ सिरप पर पाबंदी लगा दी गई है, लेकिन इस दूषित दवा को बेचने वाले और बनाने वालों को कौन सजा देगा? उन्हें सरकारी कार्रवाई की खुराक कब मिलेगी? छिंदवाड़ा के सीएमएचओ डॉ. नरेश गुन्नाडे ने बताया कि पहला संदिग्ध मामला 24 अगस्त को सामने आया था। 4 सितंबर से 26 सितंबर के बीच परासिया क्षेत्र में 6 मासूमों की मौत हुई है। 5 बच्चे अभी भी छिंदवाड़ा और नागपुर के अस्पतालों में भर्ती हैं। 27 सितंबर को बच्चों के सैंपल पुणे लैब भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही असली वजह सामने आ सकेगी। छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. पवन नांदुलकर ने बताया कि जिन बच्चों की मौत हुई है, उनमें से कई की किडनी बायोप्सी जांच कराई गई। इसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि कफ सिरप में मिला डायएथिलीन ग्लायकॉल दूषित पाया गया है। यही सिरप इन बच्चों को दिया गया था, जिससे उनकी किडनी फेल हुई। छिंदवाड़ा में बच्चों की मौतों के मामले में नागपुर लैब से आई किडनी बायोप्सी रिपोर्ट में टॉक्सिन मीडिएटेड इंजरी की पुष्टि हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि संभावित रूप से डाय एथिलीन ग्लाइकोल (डीईजी) से सिरप में कंटेमिनेशन हुआ हो सकता है, जिससे बच्चों की किडनी पर घातक असर पड़ा।  दोनों राज्यों को मिलाकर अब तक कुल 11 मौतें हुई हैं. छिंदवाड़ा में परासिया के अनुविखीभागीय दंडाधिकारी शुभम यादव ने बताया कि कल देर रात तक छिंदवाड़ा में नौ बच्चों की मौत हो चुकी है. उन्होंने बताया कि एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं. 1 अक्टूबर तक छह मौतें दर्ज की गई थीं. रोग निगरानी के लिए सरकार की नोडल एजेंसी, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) ने मध्य प्रदेश और राजस्थान के अस्पतालों और अन्य स्थलों से पानी और कीटविज्ञान संबंधी दवाओं के नमूने कलेक्ट किए हैं, जहां कथित रूप से दूषित कफ सिरप के सेवन के कारण गुर्दे की विफलता से कई बच्चों की मौत हो गई थी. राजस्थान के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खीमसर ने बच्चों की मौत पर सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि माताओं द्वारा दी गई दवाइयां सरकारी सिफारिश या अस्पताल के प्रिस्क्रिप्शन से नहीं थीं. उन्होंने कहा कि ऐसे हादसे होने पर विभाग की कोई भूमिका नहीं होती है, क्योंकि यह उनके दायरे से बाहर है. 'स्वास्थ्य विभाग का कोई रोल नहीं…' गजेंद्र सिंह खीमसर ने बच्चों की मौत के मामले पर बयान दिया है. मंत्री ने कहा, "इस हादसे में स्वास्थ्य विभाग का कोई रोल नहीं है. यह उनके डिपार्टमेंट के दायरे से बाहर है. यह हादसा उन दवाइयों से हुआ है, जो माताओं ने बच्चों को दीं. ये दवाइयां सरकारी अस्पताल के प्रिस्क्रिप्शन या सिफारिश से नहीं थीं." दायरे से बाहर, फिर भी करेंगे जांच… मंत्री खीमसर ने इस पूरे मामले को विभाग के दायरे से बाहर बताया है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा है कि फिर भी वह जब जयपुर जाएंगे तो इसकी और जांच करेंगे. उन्होंने साफ किया कि माता-पिता द्वारा बिना सरकारी सिफारिश के दवा देने से हुए इस हादसे की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की नहीं है. पीटीआई के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि परीक्षण के नतीजे आने के बाद, उन्हें राज्य औषधि अधिकारियों के साथ साझा किया जाएगा. सूत्रों ने पीटीआई को बताया, "राजस्थान चिकित्सा सेवा निगम (आरएमएससीएल) ने सिरप के 19 बैचों की बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है और स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों, डॉक्टरों और दवा संचालकों को सतर्क रहने की सलाह जारी की है."

रिश्वतखोरी पर शिकंजा: इंदौर में 40 हजार की घूस लेते दो अधिकारी गिरफ्तार

 इंदौर  मध्यप्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं EOW और लोकायुक्त रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मध्यप्रदेश के इंदौर जिले का है जहां सहायक राजस्व अधिकारी को 40 हजार रूपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है। इस मामले में प्रभारी बिल कलेक्टर को भी आरोपी बनाया गया है। सील गोदाम को दोबारा खोलने के बदले मांगी रिश्वत शिकायतकर्ता संतोष सिलावट निवासी गीता नगर इंदौर ने 01 अक्टूबर को ईओडब्लयू कार्यालय इंदौर में शिकायत की थी कि उसके गोदाम को निगम के राजस्व अधिकारी द्वारा नोटिस चस्पा कर सील कर दिया गया है और अब सील गोदाम को खोलने हेतु पुनीत अग्रवाल सहायक राजस्व अधिकारी नगर पालिका निगम झोन-19 एवं रोहित साबले, प्रभारी बिल कलेक्टर, राजस्व विभाग, नगर पालिका निगम, झोन क्रमांक 19 उससे 40 हजार रूपये रिश्वत की मांग कर रहे हैं। EOW ने रिश्वत लेते पकड़ा फरियादी संतोष पटेल की शिकायत की जांच के बाद EOW ने रिश्वतखोर अधिकारियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। 3 अक्टूबर को फरियादी संतोष सिलावट को रिश्वत के 40 हजार रूपये देने के लिए सहायक राजस्व निरीक्षक पुनीत अग्रवाल के पास भेजा गया। सहायक राजस्व अधिकारी पुनीत अग्रवाल ने नगर पालिका निगम जोन-19 के दफ्तर में रिश्वत देने के लिए फरियादी को बुलाया और जैसे ही वहां उसने व प्रभारी बिल कलेक्टर रोहित साबले ने रिश्वत की रकम की तो EOW की टीम ने दोनों को रंगेहाथों पकड़ लिया।

CM मोहन ने पीड़ित परिवारों से की मुलाकात, बोले– इस दुख की घड़ी में हम साथ हैं

खंडवा मुख्यमंत्री मोहन यादव खंडवा के पंधाना पहुंचे और यहां हादसे में हताहत हुए परिवारों को सांत्वना दी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक-एक कर सभी पीड़ित परिवारों से बात की और उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने सभी पीड़ित परिवारों को चार-चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता के चेक भी दिए। इस पूरी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यह हादसा बहुत ही हृदयविदारक है।  “इस दुख की घड़ी में मैं सभी पीड़ित परिवारों के साथ हूं। मैं उनका दुख साझा करने के लिए स्वयं यहां आया हूं। हमने सरकार की ओर से सभी मृतकों के परिवारों की मदद करने की पूरी कोशिश की है।” उन्होंने बताया कि घटना में मृतकों के परिवारों को चार लाख रुपए, गंभीर रूप से घायल लोगों को एक लाख रुपए और कम घायल हुए लोगों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा, जिन्होंने इस घटना में लोगों को बचाने का काम किया, उन्हें 26 जनवरी को पुरस्कार दिया जाएगा और 51,000 रुपए के साथ उन्हें सम्मानित किया जाएगा।  सीएम ने पीड़ित परिवारों से की मुलाकात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शाम 3.40 बजे खंडवा के पाडलफाटा गांव पहुंचे। यहां प्रशासन ने एक टेंट के नीचे सभी पीड़ित परिवारों को बुलवा लिया था। सीएम ने करीब 25 मिनट तक पीड़ित परिवारों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की मुआवजा राशि दी गई हैं। घायलों को 50 हजार रुपए और गंभीर घायलों को एक-एक लाख रुपए की राशि दी जाएगी। साथ ही जामली के जिन ग्रामीणों ने लोगों की जान बचाई हैं, उन युवाओं को भी पुरस्कृत किया जाएगा। एक ही वक्त जली 11 चिताएं खंडवा में विसर्जन के दौरान हुए हादसे में जान गंवाने वाले 11 लोगों का शुक्रवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। गुरुवार को जहां शोभायात्रा में सभी डीजे पर डांस कर रहे थे, आज वहीं परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में शोक का माहौल है। जिस 8 साल की चंदा का शव सबसे आखिरी में पानी से निकाला गया था, उसकी दो छोटी बहनें हैं। दोनों बहनें चंदा के शव के आसपास खेलती रहीं। वे इस बात से अनजान हैं कि उनकी बड़ी बहन चंदा की मौत हो चुकी है। बता दें, खंडवा में गुरुवार को दुर्गा विसर्जन के दौरान डैम के बैकवाटर में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट जाने से 11 लोगों की जान चली गई थी। ट्रॉली में दुर्गा प्रतिमा के साथ करीब 30 लोग सवार थे। जान गंवाने वालों में 8 साल की बच्ची से लेकर 25 साल तक की महिला शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने विजयादशमी के अवसर पर खंडवा और उज्जैन जिले में घटित अलग-अलग घटनाओं में नागरिकों की असामयिक मृत्यु पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत नागरिकों की आत्मा की शांति और प्रभावित परिवारों को यह दु:ख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है. मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में विजयदशमी के दिन एक बड़ा हादसा हो गया था. माता की प्रतिमा विसर्जन से लौट रहे ग्रामीणों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली नदी में गिर गई थी, यह हादसा पंधाना थाना क्षेत्र के जामली गांव के पास आबना में हुआ था. गांव में भारी पुलिस बल तैनात पंधाना सिविल अस्पताल से शवों को एक-एक कर एम्बुलेंस से गांव लाया गया। संवेदनशील हालात को देखते हुए प्रशासन ने पाडला फाटा में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। एडिशनल एसपी महेंद्र तारणेकर और डीएसपी हेडक्वार्टर अनिल सिंह चौहान मौके पर मौजूद रहे। मंत्री विजय शाह और पटवारी गांव पहुंचे मंत्री विजय शाह ने पाडलफाटा में मृतकों के परिजन से घर-घर जाकर मुलाकात की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पीड़ित परिवारों के साथ है। हर संभव मदद की जाएगी। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी भी गांव पहुंचे और मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। इन मृतकों की हुई पहचान  इस हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. मृतकों में शर्मिला (16 वर्ष), आरती (18 वर्ष), दिनेश (16 वर्ष), उर्मिला (16 वर्ष), गणेश (16 वर्ष), किरण (14 वर्ष), पातलीबाई (22 वर्ष), रेव सिंह (12 वर्ष), आयुष (10 वर्ष), संगीता (16 वर्ष), और चंदा (8 वर्ष) शामिल हैं. सीएम मोहन ने मदद का किया ऐलान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने नई दिल्ली प्रवास में दोनों जिले की घटनाओं की जानकारी प्राप्त होते ही उज्जैन और खंडवा कलेक्टर को इन घटनाओं में दिवंगत नागरिकों के परिजन को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि देने के निर्देश दिए. इसके साथ ही इन घटनाओं में घायल हुए व्यक्तियों का समुचित उपचार सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं. उन्‍होंने पोस्‍ट में आगे लिखा, "मृतकों के निकटतम परिजनों को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि और घायलों को नजदीकी अस्पताल में समुचित उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. देवी मां दुर्गा से सभी घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ और शोक संतप्त परिजनों को संबल हेतु प्रार्थना है." यह दर्दनाक हादसा उस समय हुई जब ट्रैक्टर-ट्रॉली पुलिया पार कर रही थी. अचानक संतुलन बिगड़ने से ट्रैक्टर-ट्रॉली नदी में जा गिरी. ट्रॉली में महिलाओं और बच्चों सहित करीब 14 से ज्यादा लोग सवार थे. हादसे के तुरंत बाद अफरा-तफरी मच गई. ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों को बचाने का प्रयास किया. ट्रैक्टर-ट्रॉली तालाब तक ले जाने को लेकर दो अलग-अलग बातें 1. कोटवार ने रोका, ट्रैक्टर ड्राइवर नहीं माना… जामली गांव के लोगों ने बताया कि तालाब तक जाने वाली पुरानी सड़क पर एक पुलिया है। तालाब में ज्यादा पानी होने पर यह पुलिया डूब जाती है। इन दिनाें तालाब में पानी कम है, तो पुराने रोड पर तालाब के पास एक कोटवार लोकेंद्र बारे की ड्यूटी भी लगी थी। कोटवार ने ट्रैक्टर ड्राइवर को तालाब के अंदर जाने से रोका भी था, लेकिन वो नहीं माना। पुलिया पर हल्का पानी था। पुलिया पार करते समय ट्रैक्टर का पहिया नीचे उतर गया। ट्राली में ही ग्रामीणों के साथ दुर्गा प्रतिमा भी रखी हुई थी। लोग मूर्ति और ट्रॉली के नीचे दब गए। लोकेंद्र बारे ने बताया कि ड्राइवर नशे में लग रहा था। 2. तैरना जानते थे फिर भी जान नहीं बची… प्रत्यक्षदर्शी जालम सिंह ने बताया कि ड्राइवर दीपक किराड़े ट्रैक्टर … Read more

दुकान पर झाडू लागने की बात को लेकर दो पक्षों में हुआ विवाद , 2 घंटे रहा चक्का जाम

चंदला चंदला में दो पक्षों में विवाद हो गया विवाद का कारण आपसी बुराई बताया जा रहा है।प्राप्त जानकारी के अनुसार बाला वर्मा चंदला के महावीर ऑटो पार्ट्स के सामने एक मिठाई की दुकान संचालित करता है सौरभ जैन अपनी जानकारी देते हुए बताया कि आज सुबह बाला वर्मा का पुत्र अमन वर्मा जब दुकान खोलने आया तो मैं भी अपनी दुकान के बाहर झाड़ू लगा रहा था तभी अमन बुरी बुरी गालियां देने लगा जिसको लेकर विवाद हो गया विवाद इस कदर बढ़ा कि अमन ने फोन लगाकर अपने दोस्तों और भाइयों को मौके पर बुला लिया जिससे अमन और उसके भाई पिता और साथियों ने जैन परिवार के साथ मारपीट की घटना को अंजाम दे डाला वहीं गुस्साए परिजनों ने मुख्य सड़क पर जाम की स्थिति निर्मित कर दी जैसे ही पूरे मामले की जानकारी चंद्ला पुलिस को लगी तो मौके पर पहुंची पुलिस ने जाम हटवाने का प्रयास किया मगर जैन समाज के लोग एक नहीं माने और देखते ही देखते सैकड़ो की तादाद में महिलाएं और पुरुष एकत्रित होते गए वहीं जब यह मामला तूल पकड़ता दिखाई दिया तो पुलिस ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की जानकारी दी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे एसडीओपी नवीन दुबे और चंदला थाना प्रभारी उदयवीर सिंह तोमर की समझाइए इसके बाद जाम में बैठे लोग मान गए और थाने पहुंचकर पूरे मामले की एफआईआर दर्ज करवाने को तैयार हुए वही चंदला पुलिस ने बताया कि फरियादी राजेश जैन की रिपोर्ट पर बाला वर्मा अमन वर्मा गोलू वर्मा दीपू वर्मा नायक श्रीवास संकल्प मिश्रा शिवकुमार वर्मा सचिन सांसिया  सुमित भुर्जी सहित 9 लोगों पर विभिन्न धाराओं पर मामला पंजीबद्ध किया गया है पूरे मामले पर पांच से अधिक लोग घायल हुए हैं दोनों पक्षों पर विवाद हुआ था दोनों पक्षों के लोग घायल है अभी एक पक्ष के घायलों की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई किंतु अब देखना यह है कि पुलिस प्रशासन निष्पक्ष जांच करके आरोपी गणों को कब तक सलाखों के पीछे धकेला जाएगा जो शासन प्रशासन के लिए चुनौती का विषय बना हुआ है

मैत्री प्रोजेक्ट: मध्य प्रदेश के किसानों के लिए पेश होगा आसान और लाभकारी पशुपालन मार्गदर्शन

भोपाल मध्य प्रदेश में नस्ल सुधार करके दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग द्वारा नियुक्त मैत्री कार्यकर्ता एक लाख से अधिक परिवारों तक पहुंचेंगे। पहले चरण में उन परिवारों तक पहुंचा जाएगा, जिनके पास दस या उससे अधिक दुधारू पशु हैं। इन्हें बताया जाएगा कि नस्ल सुधार करने से उन्हें कितना लाभ होगा। पोषण आहार में जो खर्च होगा, उससे अधिक कैसे आय होगी। सरकार कैसे-कैसे सहयोग करेगी। विभाग ने तीन चरण में सभी पशुपालकों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है। पहला चरण नौ अक्टूबर तक चलेगा। इसमें 10 या इससे अधिक गो-वंश रखने वाले पशुपालकों से सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी या मैत्री कार्यकर्ता द्वारा गृह भेंट की जाएगी। इन्हें पशु पोषण, पशु स्वास्थ्य एवं नस्ल सुधार के संबंध में जागरूक किया जाएगा।   साथ ही पशुओं में टैग लगाने संबंधी जानकारी भी एकत्र की जाएगी। मैत्री कार्यकर्ता को प्रति पशुपालक पांच रुपये मानदेय भी मिलेगा। दूसरे चरण में पांच या अधिक गो-वंश रखने वाले और तीसरे चरण में पांच या इससे कम गो-वंश रखने वाले पशुपालकों से संपर्क किया जाएगा।

6 अक्टूबर से इंदौर में माल ढुलाई ठप! ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने नो एंट्री नियम का किया विरोध

इंदौर ट्रांसपोर्ट कारोबारियों ने 6 अक्टूबर से माल की बुकिग पूरी तरह से बंद करने का निर्णय लिया है। शहर के नो एंट्री क्षेत्र में संचालित करीब 500 ट्रांसपोर्ट कार्यालय और गोदामों से माल की बुकिंग और डिलीवरी बंद रहेगी। इससे बाजारों में वस्तुओं की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। ट्रांसपोर्टरों ने यह निर्णय नो एंट्री को लेकर बरती जा रही सख्ती के कारण लिया है। एसोसिएशन ऑफ पार्सल ट्रांसपोर्ट एंड फीट ऑनर्स के द्वारा सोमवार से शहर में लोहा मंडी और अन्य क्षेत्रों में संचालित अपने कार्यालय और गाेदाम में माल की बुकिंग नहीं ली जाएगी। एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश तिवारी ने बताया कि प्रशासन द्वारा लगाए गए नो एंट्री नियमों के कारण उनका कारोबार लगातार प्रभावित हो रहा है।   प्रशासन ने सुबह 6 बजे से रात ग्यारह बजे तक प्रवेश पर रोक लगा दी है। वहीं निवेदन करने पर केवल दोपहर 12 से 3 बजे तक ही ट्रकों को लोहामंडी क्षेत्र में प्रवेश की छूट दी गई है। जबकि पहले दोपहर 12 से 5 बजे तक और रात 9 बजे से सुबह 9 बजे तक प्रवेश मिलता था। कम समय होने से बुकिंग और सप्लाई प्रभावित हो रही है। कई शहरों तक होती है सप्लाई इंदौर से करीब 1500 ट्रक रोजाना माल लोडिंग होता है। जो प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ ही पडा़ेसी राज्यों के कई शहरों तक जाता है। वहीं इतने ही ट्रक माल अन्य शहरों से इंदौर पहुंचता है।इंदौर आने वाले माल को यह ट्रांंसपोर्टर ही बाजारों में सप्लाई करते है।वहीं बाहर से आने वाले व्यापारी इंदौर में खरीदे गए माल को ट्रांसपोर्ट के माध्यम ले जाते है। बुकिंग बंद होने से बाजार में सप्लाई और माल की बिक्री दोनों प्रभावित होगी।