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वेबसाइट अपडेट न करने पर यूजीसी की सख्त कार्रवाई, भोपाल के 10 निजी विश्वविद्यालय डिफॉल्टर बने

 भोपाल  विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने प्रदेश के 10 निजी विश्वविद्यालयों को डिफॉल्टर की श्रेणी में शामिल किया है। इसमें तीन निजी विवि भोपाल के हैं।यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों को नोटिस जारी कर स्पष्ट किया है कि निजी विश्वविद्यालयों को तय फार्मेट में प्रमाणित दस्तावेज समय-सीमा के भीतर जमा करने थे, लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी कई विश्वविद्यालयों ने यह प्रक्रिया पूरी नहीं की। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए आयोग ने सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यूजीसी का कहना है कि निजी विश्वविद्यालयों को हर साल तय फार्मेट में प्रमाणित दस्तावेज जमा करना होता है। इसमें दाखिले से संबंधित विवरण, डिग्री की मान्यता, शैक्षणिक गतिविधियां और फैकल्टी की स्थिति शामिल होती है, लेकिन इन विश्वविद्यालयों ने ऐसा नही किया। यूजीसी ने विश्वविद्यालयों की आधिकारिक वेबसाइटों की जांच की। पाया गया कि कई विश्वविद्यालय अपनी वेबसाइट को समय पर अपडेट नहीं कर रहे हैं। वहां पाठ्यक्रम, मान्यता, फैकल्टी, फीस संरचना और प्रशासनिक विवरण उपलब्ध नहीं थे। यूजीसी ने चेतावनी दी है कि यदि विश्वविद्यालय अब भी नियमों का पालन नहीं करते, तो उनके खिलाफ बड़ी कार्यवाही की जाएगी। इसमें विश्वविद्यालय की मान्यता निरस्त करने से लेकर प्रवेश प्रक्रिया रोकने तक के कदम उठाए जा सकते हैं। इससे निजी विश्वविद्यालयों में हड़कंप मच गया है। कई विवि अब जल्दबाजी में अपनी वेबसाइट और दस्तावेज अपडेट करने की तैयारी में जुट गए हैं। सूची में इन विश्वविद्यालयों का नाम     अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी भोपाल     जेएनसीटी प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी भोपाल     शुभम यूनिवर्सिटी भोपाल     एलएन विद्यापीठ यूनिवर्सिटी इंदौर     मानसरोवर ग्लोबल यूनिवर्सिटी सीहोर     आर्यावर्त यूनिवर्सिटी सीहोर     डॉ. प्रीति ग्लोबल यूनिवर्सिटी शिवपुरी     ज्ञानवीर यूनिवर्सिटी सागर     महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय जबलपुर     महाकौशल यूनिवर्सिटी जबलपुर  

झूठी शिकायत करने वालों के लिए अब कड़ा कदम, मोहन सरकार ने बनाई ब्लैक लिस्ट नीति

भोपाल  मध्य प्रदेश में CM हेल्पलाइन को लेकर बड़ी कार्रवाई सामने आई है. इस शिकायत निवारण मंच पर लगातार फर्जी और भ्रामक कॉल्स की शिकायतों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है. इसे रोकने के लिए सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी किए हैं. दरअसल, कुछ समय पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा बैठक में पाया कि इसका उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है, लेकिन कई लोग इसका दुरुपयोग कर झूठी शिकायतें दर्ज कर रहे हैं और ब्लैकमेलिंग की कोशिश कर रहे हैं. इससे वास्तविक जरूरतमंदों की शिकायतों का समय पर निपटारा नहीं हो पाता और सरकारी संसाधनों पर अनावश्यक बोझ पड़ता है. इसके बाद सीएम हेल्पलाइन कार्यालय ने सभी जिला कलेक्टरों को आदेश जारी कर फर्जी, आदतन झूठी और ब्लैकमेलिंग करने वाले शिकायतकर्ताओं की सूची तैयार करने को कहा. इस सूची में शिकायतकर्ता का नाम, मोबाइल नंबर, शिकायतों की संख्या और उनके बारे में टिप्पणी अनिवार्य होगी. इसका मतलब है कि हेल्पलाइन का दुरुपयोग करने वालों और ब्लैकमेलिंग की मंशा से कॉल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. सभी जिलों से नियमित रूप से ऐसी शिकायतों की रिपोर्ट मांगी गई है, ताकि इस प्रवृत्ति पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके. अधिकारी अपनी टिप्पणी के साथ भेजेंगे जानकारी इसके लिए शासन ने एक फार्मेट भी जारी किया है, जिसमें शिकायतकर्ता का नाम, मोबाइल नंबर, अब तक की गई कुल शिकायतों की संख्या और उसके बारे में अधिकारियों की टिप्पणी दर्ज की जाएगी। यह जानकारी लेवल अधिकारियों की लॉगिन आईडी के जरिए पोर्टल पर दर्ज की जाएगी। गौरतलब है कि सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा बैठकों में बार-बार यह तथ्य सामने आया है कि कुछ लोग फर्जी शिकायतें कर अफसरों-कर्मचारियों को परेशान करते हैं। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव पहले ही ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दे चुके हैं। अब पहली बार सरकार ने बाकायदा आदेश जारी कर कलेक्टरों से रिपोर्ट तलब की है।

पुलिस से बचने के लिए बादल करता था ड्रग सप्लाई, मछली गैंग में इस्तेमाल होता था खास कोड

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में बहुचर्चित ड्रग्स कांड में बड़ा खुलासा हुआ है। दिल्ली का बादल मछली गैंग का सबसे बड़ा ड्रग सप्लायर है। पुलिस के बचने के लिए अलग अलग राज्यों के खास कोड के जरिए डील होती थी। यासीन के अंशुल और बादल के चैट्स मिले यासीन के अंशुल और अंशुल के बादल से चेट्स भी क्राइम ब्रांच को मिले हैं। सभी के बीच दो दर्जन से अधिक बार बैंक ट्रांजेक्शन भी हुए हैं। इन तमाम बातों का खुलासा यासीन और शाहवर मछली समेत 10 आरोपियों के खिलाफ 15 सितंबर को कोर्ट में पेश चालान से हुआ है।चालान में खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार सभी आरोपियों की काल डिटेल्स क्राइम ब्रांच ने निकाली हैं। बीते 6 महीने के भीतर इन सभी आरोपियों के बीच कई बार फोन पर बातचीत हुई है।दरअसल विशाल उर्फ बादल अरोरा मछली गैंग को सबसे अधिक ड्रग्स खपाता था। यासीन मछली का करीबी अंशुल भूरी नाइजीरियन गुर्गे के संपर्क रहता था। यासीन के अंशुल और अंशुल के बादल के चैट्स भी क्राइम ब्रांच पुलिस को मिले है। सभी के बीच दो दर्जन से अधिक बार बैंक ट्रांजक्शन भी हुए है। यासीन और शाहवर मछली समेत 10 आरोपियों के खिलाफ 15 सितंबर को कोर्ट में पेश हुआ। यह था मामला भोपाल में ड्रग्स तस्करों के गिरोह की धरपकड़ के बाद नशे के कारोबार और यौन शोषण का एक बड़ा नेटवर्क सामने आया था। यह नेटवर्क हिंदू लड़कियों के दुष्कर्म और वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करने वाले मुस्लिम युवाओं के गिरोह से भी जुड़ा हुआ है। आशू और सैफउद्दीन भोपाल में यासीन मछली के सबसे बड़े पैडलर थे। इनकी गिरफ्तारी के बाद ही पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ था। यासीन के मेमोरेंडम में चौंकाने वाले खुलासे यासीन ने अपने मेमोरेंडम में बताया है कि वो अंशुल उर्फ भूरी ड्रग्स की खेंप लाने के लिए भेजा करता था। अंशुल ड्रग्स विशाल उर्फ सावन अरेरा निवासी दिल्ली से लाता था। पूरी डील सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर ही कन्फर्म होती थीं। अंशुल का साथी अमन था जो ड्रग्स को लाने में उसकी मदद किया करता था। पुलिस को यासीन, अंशुल, विशाल और अमन के बीच बैंक ट्रांजेक्शन मिले हैं। विशाल इस मामले में फरार चल रहा है। पुलिस ने इस मामले में सैफुद्दीन, शाहरुख, यासीन मछली, शाहवर मछली, अंशुल, बेंचामत (नाइजीरियन), ओविन्ना (नाइजीरियन), अमन, लारिब उर्फ बच्चा, शाकिर के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया जा चुका है। इनके खिलाफ 6 अक्टूबर को आरोप तय करने पर बहस होगी। इन आरोपियों की नहीं हो सकी गिरफ्तारी ड्रग्स केस में आरोपी डॉ. रहमान मलिक, मोनिस, उमेर पट्टी, विशाल और सनव्वर अभी फरार चल रहे हैं। इनकी गिरफ्तारी के बाद इनके खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया जाएगा। आरोपी सनव्वर के भाई को ड्रग्स तस्करी में बनाया आरोपी पुलिस को आरोपी सनव्वर की तलाश थी। सनव्वर अपने भाई शाकिर के घर पर छिपा था। पुलिस जब उसकी तलाश में शाकिर के घर पहुंची, तो सनव्वर वहां से उनको भागता दिखा था, पीछा करने के बाद भी वह चकमा देने में कामयाब हो गया था। जिसके बाद पुलिस ने शाकिर के खिलाफ आरोपी को संरक्षण देने के लिए मामला दर्ज किया। इसके बाद आगे की जांच में शाकिर का कनेक्शन ड्रग्स के साथ पुलिस को मिला। जिसके बाद पुलिस ने उसे भी आरोपी बना दिया है। अलग-अलग राज्यों में होती थी डील पुलिस को चकमा देने के लिए आरोपी बादल ड्रग्स की डिलीवरी अलग-अलग राज्यों में अंशुल को दिया करता था। जिसमें प्रमुख तौर दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान शामिल हैं। सावन मूल रूप से पंजाब का ही रहने वाला है। एमडी ड्रग्स मामला:मछली समेत 10 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश राजधानी के चर्चित ड्रग्स मामले में यासीन और शाहवर मछली समेत 10 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया जा चुका है। इसमें खुलासा हुआ है कि यासीन और अन्य आरोपियों के बीच ड्रग्स सप्लाई को लेकर बैंकिंग ट्रांजेक्शन मिले हैं।

सैकड़ों अनाथ बेटियों की उम्मीद बनीं, समाज सेवा में उदाहरण पेश कर रहीं ये महिला

कटनी  डॉ. स्नेह चौधरी ने पति डॉ. समीर चौधरी के साथ 2005 से समाज सेवा का ऐसा काम शुरू किया है जो हर किसी के दिल को छू जाता है। जिन बेटियों का कोई नहीं होता, उनके लिए डॉ. स्नेह ने मां का काम करना शुरू किया। उनकी देखरेख में बेटियां पढ़ाई, स्किल डेवलपमेंट, नौकरी, शादी और पूरी देखभाल पा रही हैं। इस कार्य में उनके पति डॉ. समीर चौधरी का भी विशेष सहयोग है। हिरवारा स्थित लिटिल स्टार फाउंडेशन में वर्तमान में 26 बेटियों को आश्रय मिला हुआ है। यहां उन्हें माता-पिता के स्नेह जैसी देखभाल, शिक्षा और जीवन के हर अवसर की सुविधा दी जा रही है। डॉ. स्नेह और डॉ. समीर चौधरी का यह प्रयास अनाथ बेटियों की जिंदगी में आशा की किरण बन गया है। उनके प्रयास ने कटनी में समाज सेवा का एक मार्मिक और प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है, जो हर किसी के लिए सीख और प्रेरणा बन सकता है। अनाथ बेटियों की सुरक्षा का बीड़ा उठाया डॉ. स्नेह चौधरी ने बताया कि उनकी समाज सेवा की शुरुआत एक ऐसे मामले से हुई, जब एमजीएम अस्पताल में एक गंभीर हालत में बेटी आई थी, जिसका परिवार उसे रखने को तैयार नहीं था। नाना-नानी रख पाने में असमर्थ थे। बेटी को जबलपुर के अनाथालय में भेजा गया, लेकिन वहां रखने से मना कर दिया गया। समाजसेवियों की मदद से वह कटनी वापस आई और इसी बेटी की देखभाल ने डॉ. स्नेह और डॉ. समीर को लिटिल स्टार फाउंडेशन शुरू करने की प्रेरणा दी।   शुरुआत में एक परिवार की मदद से बेटी की देखभाल शुरू की गई। गायत्री नगर में किराये का मकान लेकर डॉक्टर दंपत्ति ने वहां बेटी की देखभाल सुनिश्चित की। धीरे-धीरे इस प्रयास में और बेटियां जुड़ती गईं और संख्या 30 तक पहुंच गई। कलेक्टर एम. सैल्वेद्रम ने मदद का आश्वासन दिया और बाद में फाउंडेशन की नींव पड़ी। बेटियों के लिए साढ़े 3 एकड़ जमीन कलेक्टर एम. सैल्वेद्रम ने दिलवाई। इसके बाद कलेक्टर अशोक सिंह, विकास नरवाल और समाजसेवकों की मदद से सेंटर का निर्माण कराया गया। अब तक 600 बेटियों को आश्रय और शिक्षा दी जा चुकी है।   बेटियों को मिल रही नई जिंदगी सेंटर में बेटियों को पढ़ाई के साथ कढ़ाई, बुनाई, हॉर्स राइडिंग और स्किल डेवलपमेंट कोर्स भी करवाए जाते हैं। हॉर्स राइडिंग में 7 बेटियों ने बेहतर प्रदर्शन कर नौकरी भी हासिल की है। अब तक सेंटर में 7 बेटियों की शादी, 22 बेटियों को गोद दिलाया जा चुका है। देश-विदेश से लोग बेटियों को गोद ले चुके हैं। सेंटर में बेटियों को सभी सुविधाएं दी जाती हैं और डॉक्टर दंपत्ति उन्हें माता-पिता की तरह स्नेह व सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने पार्श्व गायक सोनू निगम को राष्ट्रीय लता मंगेशकर सम्मान से किया अलंकृत

भारत रत्न लता मंगेशकर ने अपने स्वरों से भारतीय संगीत को दी नई ऊंचाइयां : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने पार्श्व गायक सोनू निगम को राष्ट्रीय लता मंगेशकर सम्मान से किया अलंकृत अंकित तिवारी एवं दल ने दी सुरमयी प्रस्तुतियां इंदौर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर की सांस्कृतिक धरती पर आज गीत-संगीत के आयोजित अद्भुत, भव्य एवं गरिमामय समारोह में सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक सोनू निगम को राष्ट्रीय लता मंगेशकर सम्मान से विभूषित किया। यह आयोजन संस्कृति विभाग तथा जिला प्रशासन इंदौर के सहयोग से हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत रत्न लता मंगेशकर ने अपने स्वर से भारतीय संगीत को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया। उनके नाम पर दिया जाने वाला यह सम्मान अद्वितीय है। यह उन कलाकारों के योगदान को नमन है, जिन्होंने गीत-संगीत के क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने कहा कि आज हम विश्व प्रसिद्ध गायक सोनू निगम को सम्मानित कर गौरांवित हो रहे हैं। सोनू निगम के आने से ऐसा लग रहा है जैसे अमावस की रात में पूनम का चांद आया है। उन्होंने कहा कि आज हम गर्वित है कि संगीत की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। इंदौर की संगीत परंपरा अद्वितीय है। पार्श्व गायक सोनू निगम ने भावुक स्वर में कहा कि लता जी हमारे लिए केवल प्रेरणा नहीं, बल्कि संगीत की जीती-जागती परंपरा रही हैं। इस सम्मान को पाकर मैं स्वयं को धन्य महसूस कर रहा हूँ। यह पल मेरे जीवन के सबसे खास पलों में से एक है। उन्होंने कहा कि जिस लता मंगेशकर अलंकरण समारोह में प्रस्तुति देने के लिए मैं 30 वर्ष पूर्व इंदौर आया था, उसी सम्मान समारोह में मुझे आज यह सम्मान मिलना बेहद गौरव का विषय है। संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने कहा कि आज का दिन हमारे लिए अत्यंत गौरव का है, क्योंकि संगीत जगत की महान हस्ती भारत रत्न स्वर कोकिला लता मंगेशकर का जन्म दिवस है और उसी दिन हम यह कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। राष्ट्रीय लता मंगेशकर सम्मान संगीत जगत में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। लता जी के नाम पर सम्मान प्रदान करना मध्यप्रदेश के लिए गर्व की बात है। लता जी ने भारतीय संस्कृति और संगीत को विश्व स्तर पर स्थापित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा समारोह में वर्ष 2025 का राष्ट्रीय लता मंगेशकर सम्मान सुप्रतिष्ठित पार्श्व गायक सोनू निगम (मुंबई) को प्रदान किया गया। अलंकरण के पश्चात संगीत संध्या का आयोजन हुआ जिसमें लोकप्रिय पार्श्व गायक अंकित तिवारी एवं उनके दल ने एक से बढ़कर एक मधुर प्रस्तुतियां दीं और श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। कार्यक्रम के प्रारंभ में संचालक संस्कृति  एस.पी. नामदेव ने प्रशस्ति पत्र का वाचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वर कोकिला लता मंगेशकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किये। साथ ही लता मंगेशकर के जीवन पर केन्द्रित चित्र लतिका का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, सांसद  शंकर लालवानी, महापौर  पुष्यमित्र भार्गव, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, कलेक्टर  शिवम वर्मा, विधायक  महेन्द्र हार्डिया, सु उषा ठाकुर, मती मालिनी गौड़,  मधु वर्मा,  गोलू शुक्ला, पूर्व विधायक  जीतू जिराती,  सुमित मिश्रा सहित बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी उपस्थित रहे।  

उज्जैन के प्रमुख मंदिरों का भी किया जाएगा विस्तारीकरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

दुनिया देखेगी सिंहस्थ-2028 का वैभव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन के प्रमुख मंदिरों का भी किया जाएगा विस्तारीकरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सिंहस्थ आयोजन से संबंधित निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण किए जाए: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने नवरात्रि पर उज्जैन को दी विकास कार्यों की सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लगभग 370 करोड़ रुपए की राशि के 11 कार्यों का किया भूमिपूजन उज्जैन जिले के नवीन संयुक्त प्रशासनिक भवन का किया भूमिपूजन  उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 में भारतीय संस्कृति का वैभव पूरी दुनिया देखेगी। सिंहस्थ 2028 के लिए हाल ही में 2675 करोड़ रुपए की लागत राशि से 33 प्रमुख कार्यों को मंजूरी दी गई है। उज्जैन के प्रमुख मंदिरों का भी विस्तारीकरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिला कार्यालय एक ही छत के नीचे होने चाहिए इसलिए नवीन कलेक्टर कार्यालय भवन के निर्माण की आज आधारशिला रखी गई है। कलेक्टर कार्यालय का नवीन भवन 7 मंजिला बनेगा। नवरात्रि पर मां हरसिद्धी और भगवान महाकाल की कृपा से उज्जैन को लगभग 370 करोड़ लाख लागत के 11 विकास कार्यों की सौगात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को उज्जैन में नवीन संयुक्त प्रशासनिक भवन के साथ अन्य विकास कार्यों के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्या पूजन और दीप प्रज्ज्वल कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के लिए शिप्रा नदी पर लगभग 30 किलोमीटर लंबे सुविधायुक्त नवीन घाटों का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही पुराने घाटों का उन्नयन कर 5 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान की व्यवस्था की जा रही है। शिप्रा नदी पर ब्रिजों की श्रृंखलाओं का निर्माण किया जा रहा है। बहुत जल्द मेट्रो ट्रेन भी उज्जैन में आएगी। उन्होंने कहा कि कृषकों के लिए भावांतर योजना लागू कर लगभग 35 लाख से अधिक किसानों को लाभ दिया जायेगा। सिंहस्थ के लिए साधु-संतों की मंशानुसार कार्य हो रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सिंहस्थ में क्राउड मैनेजमेंट, मध्यप्रदेश और उज्जैन की कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शिप्रा नदी पर 77 करोड़ से अधिक की लागत से बनने वाले 4 नए पुलों से आने वाले दिनों में मोक्षदायिनी शिप्रा मैया पुलों वाली नदी भी कहलाएंगी। यह उज्जैन की काया पलटने वाले विकास कार्य हैं जो सिंहस्थ-2028 को भव्यता प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लगभग 135 करोड़ रुपये की लागत से उज्जैन में बन रहा संयुक्त प्रशासनिक भवन लोक-कल्याण और सुशासन का उदाहरण बनेगा। यह अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं से सुसज्जित होगा। अधिकारियों के लिए नवीन आवासीय भवन बनाए जायेंगे। इस अवसर पर विधायक  सतीश मालवीय ने कहा कि उज्जैन की दिशा और दशा बदलने का काम निरंतर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हो रहा है। एक ही छत के नीचे जिला अधिकारी नवीन प्रशासनिक भवन में आमजन की सेवा में अपना काम करेंगे। विधायक  अनिल जैन कालूहेडा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा शिप्रा नदी में कान्ह नदी का पानी न मिले इसके लिए कान्ह डायवर्जन योजना का कार्य निरंतर जारी है। उन्होंने कहा कि उज्जैन शहर के साथ-साथ इंदौर एवं उज्जैन संभाग के जिलों में विकास के कार्य कराएं जा रहे है। इन विकास कार्यों का भी हुआ शिलान्यास कार्तिक चौक से शंकराचार्य चौराहा रोड (छोटा पुल) शिप्रा नदी पर पुल के निर्माण के लिए 27.06 करोड़, लालपुल के डाउन स्ट्रीम में रेल्वे पुल के समानांतर शिप्रा नदी पर नवीन 4 लेन पुल निर्माण के लिए 17.69 करोड़, काल भैरव मंदिर से गढकालिका मार्ग (ओखलेश्वर) को जोडने वाले पुल के समानांतर शिप्रा नदी पर नवीन टू लेन पुल के निर्माण के लिए 13.96 करोड, एम.आर 24 इन्दौर मार्ग से चिंतामन रेल्वे स्टेशन मार्ग पर शिप्रा नदी पर नवीन 4 लेन पुल निर्माण के लिए 15.86 करोड, उज्जैन शहर की ओर आने वाले प्रमुख मार्गों पर शहर से 10 कि.मी. दूरी पर नवीन विश्राम गृह निर्माण 20.64 करोड, केंद्रीय जेल उज्जैन में आवास गृहों के निर्माण 19.18 करोड़,100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल माधवनगर का 200 बिस्तरीय सिविल अस्पताल भवन में उन्नयन / निर्माण कार्य के लिए 24.08 करोड़, मुल्लापुरा में 50 कक्षों के नवीन सर्किट हाउस निर्माण के लिए 49.10 करोड़ और पंचक्रोशी यात्रा मार्ग के 06 पड़ाव एवं उप पड़ाव पर सुविधा केंद्र निर्माण कार्य (डोम, शौचालय एवं रसोईघर) के लिए 14.52 करोड़ रुपए के कार्यों का भूमि पूजन हुआ। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद  बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, महापौर  मुकेश टटवाल, सभापती मती कलावती यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष मती कमला कुंवर, उपाध्यक्ष मती शिवानी कुंवर, पूर्व विधायक  राजेन्द्र भारती,  संजय अग्रवाल,  रुप पमनानी,  विशाल राजौरिया,  जगदीश पांचाल,  ओम जैन,  आनंद खिची, कलेक्टर  रौशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक  प्रदीप शर्मा, नगर निगम आयुक्त  अभिलाष मिश्रा तथा बड़ी संख्या में गणमान्यनागरिक उपस्थित थे।  

स्वदेशी को अपनाकर आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

स्वदेशी को अपनाकर आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा: उप मुख्यमंत्री शुक्ल स्वदेशी अभियान ही भारत की मजबूती की नींव है – उप मुख्यमंत्री शुक्ल का संदेश भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि स्वदेशी अभियान को बढ़ावा देकर ही भारत को सशक्त बनाया जा सकता है। स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग से जहां एक ओर हमारा पैसा हमारे देश में रहेगा वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों को उनके उत्पाद का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि रीवा में गत 5 वर्षों से आयोजित हो रहे कला उत्सव में स्थानीय हस्तशिल्प, लोककला और परंपराओं को बढ़ावा मिल रहा है जिससे यह आयोजन न सिर्फ शॉपिंग फेस्टिवल है बल्कि एक सामाजिक आंदोलन भी है जो शिक्षा, महिला सशक्तीकरण और लोक संस्कृति को प्रोत्साहित करता है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी का भी आह्वान है कि स्वदेशी अपनाओ राष्ट्र भक्त कहलाओ। रीवा लक्ष्मी एजुकेशन एवं ट्रेनिंग समिति द्वारा कृष्णा राजकपूर आडिटोरियम में कला उत्सव मेले में ड्रेस, ज्वेलरी, होमडेकोर, गिफ्टस एवं हस्तशिल्प आदि वस्तुएँ प्रदर्शित की गयी। इस आयोजन के माध्यम से 100 से अधिक महिला उद्यमियों, कलाकारों और कारीगारों को आर्थिक आत्मनिर्भरता एवं सामाजिक पहचान मिली। संस्था के अध्यक्ष  राजेन्द्र वास्तव ने बताया कि गत 5 वर्षों में इस आयोजन ने रीवा सहित पूरे विन्ध्य में अपनी पहचान बनाई है। सचिव सोनाली वास्तव ने बताया कि इस चैरिटेवल एग्जिविशन से प्राप्त आय अंकुर पाठशाला के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों की नि:शुल्क शिक्षा पर खर्च की जायेगी। सेवा पखवाड़ा अन्तर्गत स्वच्छ भारत, स्वच्छ रीवा अभियान के तहत कला उत्सव का आयोजन का लक्ष्य महिला सशक्तीकरण व स्वदेशी अभियान को बढ़ावा देना है। अध्यक्ष नगर निगम  व्यंकटेश पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जन उपस्थित रहे। चुनरी यात्रा में हुए शामिल नवरात्रि के पावन पर्व पर रीवा में आयोजित चुनरी यात्रा में उप मुख्यमंत्री  शुक्ल शामिल हुए। अखिल भारतीय ब्राम्हण महासभा द्वारा जनकल्याण एवं धार्मिक सदभाव के उद्देश्य से 51 मीटर की भव्य चुनरी यात्रा कोठी कम्पाउंड के शंकर जी के मंदिर से प्रारंभ होकर रानी तालाब में माँ कालिका के मंदिर में समाप्त हुई। यात्रा में शामिल भक्तों ने माँ जगत जननी के चरणों में सामूहिक रूप से चुनरी अर्पित की। उप मुख्यमंत्री ने मनकामेश्वर मंदिर में पूजा अर्चना की तथा कन्या पूजन किया।  

नवरात्र: आस्था, परंपरा और नारी शक्ति का प्रतीक पर्व – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उज्जैन में 121 स्थलों पर हुआ 25 हजार से अधिक कन्याओं का पूजन ‘गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में हुआ दर्ज उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि नवरात्र आस्था और परंपरा के उत्सव के साथ नारी शक्ति के सम्मान एवं सामाजिक एकता का अनुपम उदाहरण है। उज्जैन में रविवार को 121 स्थानों पर 25 हजार से अधिक कन्याओं का पूजन किया गया, जो एक रिकॉर्ड है। इसे ‘गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में दर्ज किया गया है। उज्जैन की पावन धरा पर अर्जित हुई यह उपलब्धि भारतीय संस्कृति को वैश्विक मंच पर स्थापित करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दी हैं। कन्या पूजन का आयोजन लोकमान्य तिलक समिति द्वारा किया गया। समिति के संयोजक विधायक  अनिल जैन कालूहेडा ने कहा कि इस आयोजन की सफलता में नागरिकों का अहम योगदान है। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद  बालयोगी उमेश नाथ जी महाराज, विधायक  सतीश मालवीय, महापौर  मुकेश टटवाल, नगर निगम अध्यक्ष मती कलावती यादव,  संजय अग्रवाल,  राजेंद्र भारती,  शांतिलाल जैन,  दिनेश जाटवा उपस्थित रहे।  

सुपर अपडेट: मध्य प्रदेश में प्राइवेट स्कूल फीस अब सरकार भर देगी, जानिए कैसे मिलेगा 20 हजार का लाभ

भोपाल प्राइवेट स्कूलों की भारी भरकम फीस चुकाना हर किसी के वश की बात नहीं है। कई नामी स्कूलों का सालाना अध्ययन शुल्क 1 लाख के पार जा चुका है। मामूली आमदनी वाले अभिभावक निजी स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाने की सोच भी नहीं सकते। हालांकि ऐसे बच्चों और उनके अभिभावकों की सहायता के लिए राज्य सरकार आगे आई है। प्रदेश में निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों की फीस सरकार चुकाती है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम में गैर-अनुदान प्राप्त प्राइवेट स्कूलों में प्रथम प्रवेशित कक्षा की न्यूनतम 25 प्रतिशत सीटों पर नि:शुल्क प्रवेश का प्रावधान है। ऐसे 20 हजार से ज्यादा स्कूलों के बैंक खातों में राज्य सरकार बच्चों की फीस की राशि डालेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इन विद्यालयों के खातों में फीस की राशि अंतरित करेंगे। हरदा जिले के खिरकिया में 29 सितम्बर को आयोजित कार्यक्रम में स्कूलों के बैंक खातों में सिंगल क्लिक से 489 करोड़ रुपए डाले जाएंगे। बच्चों की वर्ष 2023-24 की फीस शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत कुल 20 हजार 652 निजी स्कूलों को फीस की राशि अंतरित की जाएगी। प्रदेशभर के 8 लाख 45 हजार बच्चों की फीस की प्रतिपूर्ति होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव खिरकिया के कार्यक्रम में नि:शुल्क अध्ययनरत बच्चों की वर्ष 2023-24 की फीस डालेंगे। यहां अनेक विकास कार्यों का भूमि-पूजन, लोकार्पण भी करेंगे। बता दें कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम में गैर-अनुदान प्राप्त निजी स्कूलों में वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों को प्रथम प्रवेशित कक्षा की न्यूनतम 25 प्रतिशत सीटों पर नि:शुल्क प्रवेश का प्रावधान है। प्रदेश में वर्ष 2011-12 से लागू इस प्रावधान के तहत अब तक 19 लाख बच्चे लाभान्वित हो चुके हैं। राज्य सरकार द्वारा अब तक कुल 3 हजार करोड़ रुपए की फीस प्रतिपूर्ति की जा चुकी है। प्राइवेट स्कूलों में वर्तमान में प्रदेशभर में करीब 8 लाख 50 हजार बच्चे नि:शुल्क शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

रेलवे ने बढ़ाया सुविधा का तोहफा, त्योहारों में 3 राज्यों के लिए 8 स्पेशल ट्रेनें चलेंगी

रतलाम  पश्चिम रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए बड़ा फैसला लिया है। दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ पूजा के त्योहारी सीज़न के दौरान स्पेशल ट्रेने चलाई जाएंगी। यात्रियों को जानकारी के लिए बता दें कि बांद्रा टर्मिनस-अयोध्या कैंट, बांद्रा टर्मिनस-लुधियाना और उधना-जयनगर के बीच विशेष किराए पर त्योहार स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएगी। ये रहेगी टाइमिंग ट्रेन नंबर 09095 बांद्रा टर्मिनस-अयोध्या कैंट साप्ताहिक स्पेशल प्रत्येक बुधवार को बांद्रा टर्मिनस से सुबह 11 बजे चलेगी अगले दिन शाम 5:30 बजे अयोध्या कैंट पहुंचेगी। यह ट्रेन 1 अक्टूबर से 19 नवंबर तक चलेगी। इस ट्रेन का रतलाम 8.30/8.40 आगमन/प्रस्थान होगा। इसी प्रकार, ट्रेन नंबर 09096 अयोध्या कैंट-बांद्रा टर्मिनस स्पेशल प्रत्येक गुरुवार को अयोध्या कैंट से रात 9 बजे चलेगी और शनिवार सुबह 6 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी, रतलाम शाम 6 बजे ट्रेन आएगी। ट्रेन 2 अक्टूबर से 20 नवंबर तक चलेगी। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में बोरीवली, पालघर, वापी, वलसाड, नवसारी, सूरत, भरूच, वडोदरा, दाहोद, मेघनगर, रतलाम, नागदा, उज्जैन, मक्सी, शुजालपुर, सीहोर, संत हिरदाराम नगर, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, उरई, कानपुर सेंट्रल, लखनऊ और बाराबंकी स्टेशनों पर रुकेगी। ट्रेन में एसी-3 टियर, स्लीपर क्लास और जनरल सेकेंड क्लास कोच होंगे। बांद्रा टर्मिनस-लुधियाना स्पेशल ट्रेन नंबर 09097 बांद्रा टर्मिनस-लुधियाना साप्ताहिक स्पेशल प्रत्येक रविवार को बांद्रा टर्मिनस से रात 9:50 बजे चलेगी और मंगलवार रात 12:30 बजे लुधियाना पहुंचेगी। सोमवार सुबह 7.25 ट्रेन रतलाम आएगी। यह 5 अक्टूबर से 30 नवंबर तक चलेगी। ट्रेन नंबर 09098 लुधियाना-बांद्रा टर्मिनस साप्ताहिक स्पेशल प्रत्येक मंगलवार को लुधियाना से सुबह 4 बजे चलेगी और अगले दिन सुबह 10:20 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी। मंगलवार को रात 10.10 ट्रेन रतलाम आएगी। ट्रेन 7 अक्टूबर से 2 दिसंबर तक चलेगी। ट्रेन दोनों दिशाओं में बोरीवली, पालघर, वापी, वलसाड, सूरत, भरूच, वडोदरा, रतलाम, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, हिंडौन सिटी, मथुरा, नई दिल्ली, पानीपत और अंबाला स्टेशनों पर रुकेगी। उधना-जयनगर स्पेशल ट्रेन नंबर 09151 उधना-जयनगर स्पेशल 30 सितंबर को उधना से सुबह 6:45 बजे चलेगी और अगले दिन रात 9:30 बजे जयनगर पहुंचेगी। रतलाम यह ट्रेन दोपहर 1 बजे आएगी। ट्रेन संया 09152 जयनगर-उधना स्पेशल 1 अक्टूबर को जयनगर से रात 11 बजे चलेगी और शुक्रवार शाम 5:45 बजे उधना पहुंचेगी। रतलाम सुबह 9.35 बजे ट्रेन आएगी। ट्रेन दोनों दिशाओं में सूरत, भरूच, वडोदरा, गोधरा, रतलाम, उज्जैन, शुजालपुर, संत हिरदाराम नगर, बीना, कटनी मुरवारा, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, पंडित दीन दयाल उपाध्याय, बक्सर, आरा, दानापुर, पाटलिपुत्र, सोनपुर, हाजीपुर, मुजफरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा और मधुबनी स्टेशनों पर रुकेगी। बांद्रा टर्मिनस -सांगानेर सुपरफास्ट बांद्रा टर्मिनस-सांगानेर सुपरफास्ट स्पेशल प्रत्येक गुरुवार को बांद्रा टर्मिनस से शाम 4:45 बजे चलेगी और अगले दिन दोपहर 12:30 बजे सांगानेर पहुंचेगी। इस ट्रेन का रतलाम रात 3.40/3.50 आगमन-प्रस्थान होगा। ट्रेन 2 अक्टूबर से 27 नवंबर तक चलेगी। इसी प्रकार ट्रेन संया 09024 सांगानेर-बांद्रा टर्मिनस सुपरफास्ट स्पेशल प्रत्येक शुक्रवार को सांगानेर से शाम 4:50 बजे चलेगी और अगले दिन 11:15 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी। ट्रेन का रतलाम रात 12.55/1.05 बजे आगमन-प्रस्थान होगा। ट्रेन 3 अक्टूबर से 28 नवंबर तक चलेगी। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में बोरीवली, पालघर, वापी, वलसाड, सूरत, भरूच, वडोदरा, रतलाम, नागदा, चौमहला, शामगढ़, भवानी मंडी, रामगंज मंडी, कोटा और सवाई माधोपुर स्टेशनों पर रुकेगी।