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वन विहार में सकारात्मक बदलाव, अब पर्यटकों के वाहनों का प्रवेश रहेगा निषेध

पर्यटकों के भ्रमण के लिये 40 गोल्फ कार्ट का होगा संचालन प्रदूषण मुक्त होगा वन विहार भोपाल वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल में सकारात्मक बदलाव करते हुए वन्य-प्राणियों के लिये शोररहित बनाने के लिये अब पर्यटकों के वाहनों का प्रवेश निषेध रहेगा। वन विहार को प्रदूषण मुक्त करने के लिये जल्द ही पर्यटकों के भ्रमण के लिये 40 गोल्फ कार्ट का संचालन शुरू किया जायेगा। इन 40 गोल्फ कार्ट में से 32 गोल्फ कार्ट 'हाफ ऑन हाफ ऑफ' पद्धति से संचालन के लिये उपलब्ध रहेंगे, वहीं 8 गोल्फ कार्ट (6 सीटर) पर्यटकों के लिये पूर्ण रूप से 3 घंटे के लिये बुकिंग पर उपलब्ध रहेंगे। इन गोल्फ कार्ट का संचालन वन विहार के दोनों गेटों से हर 10 मिनट पर निरंतर जारी रहेगा। ये कार्ट प्रत्येक ब्ल्यू प्वाइंट पर 30 सेकेंड से एक मिनट के लिये रुकेंगी। इससे पर्यटकों को स्वेच्छानुसार वन्य-प्राणियों को देखने का पर्याप्त समय मिलेगा। वन विहार में पैदल भ्रमण, किराये और स्वयं की साइकिल से भ्रमण के लिये शाकाहारी सफारी की सुविधा उपलब्ध रहेगी। पर्यटकों के लिये सशुल्क 150 नई साइकिलें भी उपलब्ध रहेंगी, जिससे वन विहार भ्रमण और सुगम बनेगा। विभिन्न प्रकार के माध्यम से भ्रमण करने के लिये पर्यटकों को विभिन्न रंग के पर्यावरण अनुकूल बैण्ड दिये जायेंगे, जिससे किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो। वन विहार में पर्यटक वाहन पार्किंग के लिये निर्धारित न्यूनतम शुल्क पर विशेष व्यवस्था की गयी है। चार पहिया वाहनों की पार्किंग के लिये प्रवेश द्वारा क्रमांक-2 पर पार्किंग स्थल बनाया गया है और दो पहिया वाहनों की पार्किंग प्रवेश द्वार क्रमांक-1 और 2 पर रहेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का किसानों ने भावांतर योजना शुरू करने पर किया आत्मीय स्वागत

पुष्प-वर्षा कर दिया धन्यवाद भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का रविवार को उज्जैन में किसानों ने द्वारा आत्मीय स्वागत कर भावांतर योजना शुरू करने के लिए आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पुलिस लाइन उज्जैन हैलीपेड पहुँचने पर बड़ी संख्या में किसानों ने पुष्पमाला और पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री का स्वागत करने किसान भाई "सोयाबीन भावांतर के लिए मुख्यमंत्री जी का धन्यवाद" की तख्तियां लेकर हैलीपेड पहुँचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों का अभिवादन करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों की हितैषी सरकार है। किसानों के हित के लिए सरकार के पास राशि की कोई कमी नहीं है। किसान-कल्याण हमारी पहली प्राथमिकता में है। किसानों के लिए राज्य सरकार अनेक योजनाएं भी संचिालत कर रही है। सोयाबीन उत्पादक किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाम मिले इसके लिए भावांतर योजना शुरू की गई है। ऐसे किसान जिन्हें निर्धारित समर्थन मूल्य से कम दर मिली है। उसके अंतर की राशि राज्य सरकार द्वारा दी जायेगी। किसानों को किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं होने दिया जायेगा। स्वदेशी मेला-प्रदर्शनी में खरीदे खादी के कपड़े मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर घर स्वदेशी घर-घर स्वदेशी अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किए गए आहवान पर खादी ग्राम उद्योग मंडल द्वारा आयोजित की गई स्वदेशी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। भारतीय ज्ञानपीठ परिसर में आयोजित स्वदेशी मेला-प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वयं के लिए खादी के कुर्ते का कपड़ा खरीदा और अपने मोबाइल वॉलेट से भुगतान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खादी ग्रामोद्योग मंडल और भारतीय ज्ञानपीठ परिवार के द्वारा लगाई गई इस प्रदर्शनी को सराहा। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रदर्शनियों को प्रदेश में सभी जगह पर लगाया जाना चाहिए, जिससे जनता स्वदेशी अभियान को आगे बढ़ाये और और स्वदेशी उत्पादों के प्रति जागरूक होकर उनका लाभ लें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बंगाली मार्केट और ऋषि नगर में माता काली और माता शक्ति का पूजन किया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को उज्जैन प्रवास के दौरान शहर में बंगाली मार्केट और ऋषि नगर में आयोजित नवदुर्गा उत्सव में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बंगाली कॉलोनी में माँ काली मंदिर में पूजा कर धूप अर्पित की। उन्होंने कहा कि यहां के आयोजन की परम्परा बहुत पुरानी और समृद्धशाली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऋषि नगर में माँ शक्ति की पूजा कर आशीर्वाद लिया और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लगातार विकास के कार्य हो रहे हैं। उज्जैन में सिंहस्थ-2028 के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। माता के आशीर्वाद से सिंहस्थ का आयोजन बहुत दिव्य होगा। उन्होंने सभी माता-बहनों और श्रद्धालुओं को नवरात्रि पर्व की मंगल कामनाएँ दी।  

उज्जैन के प्रमुख मंदिरों का भी किया जाएगा विस्तारीकरण

मुख्यमंत्री ने नवरात्रि पर उज्जैन को दी विकास कार्यों की सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लगभग 370 करोड़ रुपए की राशि के 11 कार्यों का किया भूमिपूजन उज्जैन जिले के नवीन संयुक्त प्रशासनिक भवन का किया भूमिपूजन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 में भारतीय संस्कृति का वैभव पूरी दुनिया देखेगी। सिंहस्थ 2028 के लिए हाल ही में 2675 करोड़ रुपए की लागत राशि से 33 प्रमुख कार्यों को मंजूरी दी गई है। उज्जैन के प्रमुख मंदिरों का भी विस्तारीकरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिला कार्यालय एक ही छत के नीचे होने चाहिए इसलिए नवीन कलेक्टर कार्यालय भवन के निर्माण की आज आधारशिला रखी गई है। कलेक्टर कार्यालय का नवीन भवन 7 मंजिला बनेगा। नवरात्रि पर मां हरसिद्धी और भगवान श्रीमहाकाल की कृपा से उज्जैन को लगभग 370 करोड़ लाख लागत के 11 विकास कार्यों की सौगात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को उज्जैन में नवीन संयुक्त प्रशासनिक भवन के साथ अन्य विकास कार्यों के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्या पूजन और दीप प्रज्ज्वल कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के लिए शिप्रा नदी पर लगभग 30 किलोमीटर लंबे सुविधायुक्त नवीन घाटों का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही पुराने घाटों का उन्नयन कर 5 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान की व्यवस्था की जा रही है। शिप्रा नदी पर ब्रिजों की श्रृंखलाओं का निर्माण किया जा रहा है। बहुत जल्द मेट्रो ट्रेन भी उज्जैन में आएगी। उन्होंने कहा कि कृषकों के लिए भावांतर योजना लागू कर लगभग 35 लाख से अधिक किसानों को लाभ दिया जायेगा। सिंहस्थ के लिए साधु-संतों की मंशानुसार कार्य हो रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सिंहस्थ में क्राउड मैनेजमेंट, मध्यप्रदेश और उज्जैन की कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शिप्रा नदी पर 77 करोड़ से अधिक की लागत से बनने वाले 4 नए पुलों से आने वाले दिनों में मोक्षदायिनी शिप्रा मैया पुलों वाली नदी भी कहलाएंगी। यह उज्जैन की काया पलटने वाले विकास कार्य हैं जो सिंहस्थ-2028 को भव्यता प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लगभग 135 करोड़ रुपये की लागत से उज्जैन में बन रहा संयुक्त प्रशासनिक भवन लोक-कल्याण और सुशासन का उदाहरण बनेगा। यह अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं से सुसज्जित होगा। अधिकारियों के लिए नवीन आवासीय भवन बनाए जायेंगे। इस अवसर पर विधायक श्री सतीश मालवीय ने कहा कि उज्जैन की दिशा और दशा बदलने का काम निरंतर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हो रहा है। एक ही छत के नीचे जिला अधिकारी नवीन प्रशासनिक भवन में आमजन की सेवा में अपना काम करेंगे। विधायक श्री अनिल जैन कालूहेडा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा शिप्रा नदी में कान्ह नदी का पानी न मिले इसके लिए कान्ह डायवर्जन योजना का कार्य निरंतर जारी है। उन्होंने कहा कि उज्जैन शहर के साथ-साथ इंदौर एवं उज्जैन संभाग के जिलों में विकास के कार्य कराएं जा रहे है। इन विकास कार्यों का भी हुआ शिलान्यास कार्तिक चौक से शंकराचार्य चौराहा रोड (छोटा पुल) शिप्रा नदी पर पुल के निर्माण के लिए 27.06 करोड़, लालपुल के डाउन स्ट्रीम में रेल्वे पुल के समानांतर शिप्रा नदी पर नवीन 4 लेन पुल निर्माण के लिए 17.69 करोड़, काल भैरव मंदिर से गढकालिका मार्ग (ओखलेश्वर) को जोडने वाले पुल के समानांतर शिप्रा नदी पर नवीन टू लेन पुल के निर्माण के लिए 13.96 करोड, एम.आर 24 इन्दौर मार्ग से चिंतामन रेल्वे स्टेशन मार्ग पर शिप्रा नदी पर नवीन 4 लेन पुल निर्माण के लिए 15.86 करोड, उज्जैन शहर की ओर आने वाले प्रमुख मार्गों पर शहर से 10 कि.मी. दूरी पर नवीन विश्राम गृह निर्माण 20.64 करोड, केंद्रीय जेल उज्जैन में आवास गृहों के निर्माण 19.18 करोड़,100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल माधवनगर का 200 बिस्तरीय सिविल अस्पताल भवन में उन्नयन / निर्माण कार्य के लिए 24.08 करोड़, मुल्लापुरा में 50 कक्षों के नवीन सर्किट हाउस निर्माण के लिए 49.10 करोड़ और पंचक्रोशी यात्रा मार्ग के 06 पड़ाव एवं उप पड़ाव पर सुविधा केंद्र निर्माण कार्य (डोम, शौचालय एवं रसोईघर) के लिए 14.52 करोड़ रुपए के कार्यों का भूमि पूजन हुआ। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्री बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, महापौर श्री मुकेश टटवाल, सभापती श्रीमती कलावती यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कमला कुंवर, उपाध्यक्ष श्रीमती शिवानी कुंवर, पूर्व विधायक श्री राजेन्द्र भारती, श्री संजय अग्रवाल, श्री रुप पमनानी, श्री विशाल राजौरिया, श्री जगदीश पांचाल, श्री ओम जैन, श्री आनंद खिची, कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अभिलाष मिश्रा तथा बड़ी संख्या में गणमान्यनागरिक उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव विद्यालयों के खातों में अंतरित करेंगे 489 करोड़ रुपये

हरदा जिले के खिरकिया में 29 सितम्बर को होगा कार्यक्रम 20 हजार से अधिक अशासकीय विद्यालयों के बैंक खातों में अंतरित होगी राशि भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार 29 सितम्बर को हरदा जिले के खिरकिया में शिक्षा का अधिकार अधिनियम अंतर्गत 20 हजार 652 अशासकीय विद्यालयों को 489 करोड़ रुपये की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे। प्रदेश में नि:शुल्क अध्ययनरत बच्चों की वर्ष 2023-24 की 8 लाख 45 हजार बच्चों की फीस की प्रतिपूर्ति होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव साथ ही विकास कार्यों का भूमि-पूजन, लोकार्पण और इस राशि से जन-कल्याणकारी योजनाओं में हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण भी करेंगे। शिक्षा का अधिकार अधिनियम में गैर-अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों को उनके समीप के विद्यालय में प्रथम प्रवेशित कक्षा की न्यूनतम 25 प्रतिशत सीटों पर नि:शुल्क प्रवेश का प्रावधान है। वर्तमान में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत प्रदेश में लगभग 8 लाख 50 हजार बच्चे अशासकीयविद्यालयों में नि:शुल्क शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश में वर्ष 2011-12 से लागू इस प्रावधान के तहत अब तक 19 लाख बच्चे लाभान्वित हो चुके हैं। राज्य सरकार द्वारा अब तक 3 हजार करोड़ रुपये की फीस प्रतिपूर्ति की जा चुकी है।  

सड़क और ड्रेनेज सुधार पर ग्वालियर प्रशासन करेगा अहम निर्णय

ग्वालियर  शहर में अतिवर्षा के कारण सड़कों की स्थिति खराब है। वर्षा जल की निकासी नहीं होने के कारण डामर की सड़कें उधड़ चुकी हैं। इसका मुख्य कारण सामने आया है कि सड़कों के किनारे नाले-नालियों के अलावा ड्रेनेज का प्रविधान नहीं होने से यह स्थिति बनी है। नईदुनिया ने भी लगातार ये मुद्दा उठाया कि सड़कों के किनारे ड्रेनेज सिस्टम का प्रविधान किया जाए, जिसके बाद निगम के जनकार्य विभाग ने कई कॉलोनियों में नई सड़कें स्वीकृत करने के साथ ही उन्हें ड्रेनेज का प्रविधान करना शुरू कर दिया है। व्हाइट टॉपिंग या सीसी रोड बनाई जाएंगी जो नए टेंडर भी अपलोड किए जा रहे हैं, उनमें ड्रेनेज का प्रविधान विशेष रूप से किया जा रहा है। इसके अलावा जिन स्थानों पर जल निकासी की व्यवस्था नहीं होगी, वहां प्रयास किया जाएगा कि डामर की सड़कें तैयार नहीं की जाएं। वहां व्हाइट टॉपिंग या सीसी रोड बनाई जाएंगी। इसके अलावा जहां-जहां बिटुमिन की नई सड़कें बनाई जा रही हैं, वहां ड्रेनेज व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी। इन स्थानों पर ड्रेनेज का प्रविधान वार्ड 30 एयरटेल ऑफिस रोड और नाली निर्माण। वार्ड 19 सूर्य विहार कॉलोनी में बिटुमिन रोड के किनारे सीसी ड्रेनेज। वार्ड 55 शिवाजी नगर में चौहान हाउस से सिकरवार हाउस तक और राकेश तोमर वाली गली में सीसी रोड और ड्रेनेज। वार्ड 62 पदमपुर खेरिया के पटेल मोहल्ला में सीसी रोड व ड्रेनेज। वार्ड 63 के ग्राम रुद्रपुर में सीसी रोड और ड्रेनेज। वार्ड 63 के ग्राम मालनपुर में सीसी रोड व ड्रेनेज। वार्ड 49 हारकोटासीर में सीसी रोड व ड्रेनेज निर्माण। (इसके अलावा लगभग 20 सड़कों के निर्माण में ड्रेनेज का प्रविधान कर टेंडर किए जा रहे हैं।) निगमायुक्त ने की समीक्षा, 15 दिन में सड़कें चकाचक करने के निर्देश उधर नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने शनिवार को शहर की सड़कों को दुरुस्त करने के लिए संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने निर्देशित किया कि शीघ्र सड़कों पर काम प्रारंभ करें और 15 दिवस में शहर की सड़कें चकाचक दिखने लगें। जिन सड़कों के वर्क आर्डर जारी हो गए हैं, उनमें अगले पांच दिवस में कार्य शुरू हो जाएं। साथ ही जो सड़कें स्वीकृत हो चुकी हैं और अनुबंध होना है, उसमें तत्काल अनुबंध कर कार्य प्रारंभ कराएं। सड़कों के किनारे ड्रेनेज की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। सड़कों के किनारे ड्रेनेज की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। कई नई सड़कों को स्वीकृति देते समय ड्रेनेज का प्रविधान किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि जहां हम ड्रेनेज की व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं, वहां डामर की सड़कें बनाई ही ना जाएं। वहां सीसी रोड या व्हाइट टापिंग कराई जाए। – संघ प्रिय, आयुक्त नगर निगम

सभी को स्वदेशी संकल्प की शपथ दिलाई, स्वदेशी उत्पाद भी खरीदे

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार सबके समग्र विकास का ध्येय लेकर आगे बढ़ रही है। किसान, गरीब, युवा, महिलाओं के कल्याण एवं विकास के लिए पृथक-पृथक मिशन चलाये जा रहे हैं। सबका विकास हमारा संकल्प है और इस संकल्प की पूर्ति के लिए हम अपना हर वादा पूरा करके दिखायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को भोपाल जिले की बैरसिया विधानसभा क्षेत्र के ग्राम जगदीशपुर में राज्य संरक्षित स्मारक समूह स्थल चमन महल में ग्रामीणों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मन की बात कार्यक्रम के 126वें एपिसोड का स्थानीय स्व-सहायता समूहों की दीदियों के साथ श्रवण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रामीणों को स्वदेशी संकल्प की शपथ दिलाई और अपील की कि सभी अपने जीवन में अधिकतम भारतीय उत्पादों का उपयोग करें और आयातित वस्तुओं की जगह देशी विकल्प अपनाएं। साथ ही पर्यावरण के प्रति सजग रहकर स्वदेशी और प्रकृति-अनूकूल उत्पादों का ही प्रयोग करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को नवरात्रि पर्व, दशहरा और दीपावली त्यौहारों की अग्रिम मंगलकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि त्यौहारों में सिर्फ स्वदेशी और भारत में निर्मित वस्तुएं ही खरीदें। इससे हर घर में त्यौहार मनेगा। मुख्यमंत्री ने 'हर घर स्वदेशी और घर-घर स्वदेशी' का नारा उद्घोष करते हुए कहा कि सभी को स्वदेशी अपनाने के लिए संकल्पित कराया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी वस्तुएं खरीदने से ही हमारे सूक्ष्म, लघु, मध्यम एवं कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा। इसी से हमारे कुशल कारीगर, शिल्पकार और कुम्भकारों के घरों में भी दीपावली मनेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को भावांतर योजना की जानकारी देते हुए कहा कि वे 5 से 25 अक्टूबर तक पंजीयन करा लें। फिर 1 नवम्बर से 31 जनवरी 2026 के दौरान बेची गई सोयाबीन की फसल पर ही भावांतर योजना का लाभ मिलेगा। यदि किसी किसान की सोयाबीन की फसल समर्थन मूल्य 5328 रुपये प्रति क्विंटल पर नहीं बिकती, तो जितनी राशि में बिकी है और समर्थन मूल्य के बीच के अंतर की राशि सरकार किसान को देगी। इस प्रकार किसानों को सोयाबीन की फसल बेचने पर समर्थन मूल्य 5328 रुपये प्रति क्विंटल की राशि ही मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पहली बार ग्राम जगदीशपुर आकर बेहद हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि गोंडवाना साम्राज्य का सदियों पुराना यह किला आज भी हमें उस गौरवशाली अतीत की याद दिलाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल में लगाये गए स्वदेशी उत्पादों के स्टॉलों का अवलोकन किया। स्टॉल में मिट्टी के दिए, मिट्टी के तवे, कुल्हड़, मटके, करवा चौथ पूजन की सामग्री सहित मिट्टी से बने अन्य उत्पाद भी प्रदर्शित किए गए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्टॉल का अवलोकन कर मिट्टी के दिए, तवे और अन्य उत्पाद भी खरीदे और स्टॉल स्वामी को नगद भुगतान भी किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पौधा देकर एवं किश-मिश खिलाकर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने भी गांव की तीन महिलाओं सुश्री विजयमाला, श्रीमती गीता बाई एवं श्रीमती फूलवती बाई को 'एक बगिया मां के नाम' अभियान के अंतर्गत पौधा देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने चमन महल परिसर में कदम्ब का पौधा लगाया। इससे पहले मन की बात के 126वें एपिसोड में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सभी से अपील करते हुए कहा है कि इस बार त्यौहार सिर्फ स्वदेशी के साथ ही मनाएं। देशवासी वोकल फॉर लोकल को खरीदारी का मूल मंत्र बनाएं। जो देश में बन रहा है, वही स्वदेशी खरीदें। स्वदेशी वस्तुएं खरीद कर हम एक प्रकार से किसी कलाकार या कारीगर का सम्मान कर रहे होते हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अमर शहीद भगत सिंह और स्वर कोकिला लता मंगेशकर की जयंती पर इनका पुण्य स्मरण इन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि शहीद भगत सिंह ने अपनी शहादत से पूरे देश को आंदोलित किया था। उन्होंने कहा कि लताजी द्वारा गाया हुआ 'ज्योति कलश छलके' उनका सबसे पसंदीदा गीत है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा है कि 11 साल में देश में खादी के प्रति आकर्षण काफी बढ़ा है। आने वाले 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी जी की जयंती पर सभी देशवासी कम से कम एक खादी वस्त्र खरीदने का संकल्प अवश्य लें और गर्व से कहें कि हम स्वदेशी हैं। प्रधानमंत्री ने देशवासियों को छठ पूजा की शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि भारत सरकार छठ पूजा को यूनेस्को की सांस्कृतिक धरोहरों की सूची में शामिल कराने के लिए प्रयासरत है। कोलकाता की दुर्गा पूजा को इस सूची में पहले ही स्थान मिल चुका है। प्रधानमंत्री ने नाव से अंटार्टिका भ्रमण पर गईं दो बहनों के अदम्य साहस की भी सराहना की। उन्होंने स्व. श्री भूपेन हजारिका और स्व. श्री जुबिन गर्ग को भी श्रद्धांजलि दी। मन की बात श्रवण कार्यक्रम में बैरसिया विधायक श्री विष्णु खत्री, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रामकुंवर नोरंग सिंह गुर्जर सहित सर्वश्री तीरथ सिंह, राघेवन्द्र शर्मा, राहुल कोठारी, लक्ष्मी नारायण मिश्रा सहित जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में महिलाएं एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।  

आईआईटी इंदौर में 624.57 करोड़ रुपये की विस्तार परियोजना का हुआ शिलान्यास

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने शनिवार को रखी आधारशिला जटिल प्रयोगों और डेटा विश्लेषण की एडवांस रिसर्च में इंदौर बनेगा सिरमौर भोपाल देश में प्रौद्योगिकी शिक्षा अब नये दौर में प्रवेश कर चुकी है। देश के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भी अब नए क्षितिज की ओर अग्रसर हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को ओडीसा से देश के 8 आईआईटी केन्द्रों में विस्तार परियोजना का वर्चुअली शिलान्यास किया। इनमें आईआईटी इन्दौर भी शामिल है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आईआईटी इन्दौर में कुल 624.57 करोड़ रुपये की क्षमता विस्तार एवं आधारभूत संरचना विकास परियोजना की आधारशिला रखी। प्रौद्योगिकी शिक्षा के क्षेत्र में होगा नये युग का सूत्रपात : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आईआईटी इन्दौर को दी गई इस बड़ी सौगात के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार का यह कदम अब प्रौद्योगिकीय शिक्षा में एक नये युग का सूत्रपात करेगा। इससे हमारे युवाओं को अध्ययन, शोध एवं नवाचार करने के व्यापक अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने बताया कि आईआईटी इन्दौर में इस विस्तार परियोजना के लिए उच्चतर शिक्षा के प्रोत्साहन एवं फंडिंग हेतु अधिकृत वित्तपोषण एजेंसी (HEFA) द्वारा तीसरे चरण के अंतर्गत मंजूरी दी गई है। विस्तार परियोजना में मंजूर की गई राशि में अत्याधुनिक शैक्षणिक भवनों, आवासीय परिसरों, औद्योगिकीय अनुसंधान पार्क, डिजाइन विभाग, विद्यार्थी गतिविधि केंद्र, व्याख्यान कक्ष परिसर और आगंतुक छात्रावास के निर्माण के साथ अत्याधुनिक एवं उन्नत उपकरणों की खरीद एवं स्थापना भी शामिल है। इस विस्तार परियोजना में 374.38 करोड़ रुपये से अत्याधुनिक शैक्षणिक भवनों, 123.15 करोड़ रुपये से आवासीय सुविधाओं और सामान्य एवं उपयोगिता सेवाओं के निर्माण के साथ 27.04 करोड़ रुपये से उन्नत उपकरणों की खरीदी भी शामिल है। आईआईटी इंदौर के निदेशक प्रोफेसर सुहास जोशी ने कहा कि आधारभूत संरचना में विकास से न केवल हमारा शैक्षणिक और अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत होगा, बल्कि छात्रों और शिक्षकों के नवाचार, सहयोग और समग्र विकास के लिए एक विश्वस्तरीय परिवेश भी तैयार होगा। इंदौर आईआईटी का होगा बहुआयामी तकनीकी विस्तार आईआईटी इंदौर की लैब को और अधिक बहुआयामी बनाने के लिए केंद्र सरकार ने 100 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शनिवार को ही देश के 7 आईआईटी संस्थानों को यह राशि स्वीकृत की है। इंदौर के आईआईटी में एडवांस रिसर्च इक्विपमेंट बढ़ाने के लिए 100 करोड़ की लागत से लैब का विस्तार होगा। आईआईटी इंदौर के पदाधिकारी ने बताया कि विभिन्न वैज्ञानिक और तकनीकी क्षेत्रों में उपयोग होने वाले उच्च-स्तरीय उपकरण शामिल होते हैं, जो जटिल प्रयोगों, डेटा विश्लेषण और अनुसंधान के लिए डिज़ाइन किए जाते हैं। इन उपकरणों का उपयोग भौतिकी, रसायन विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, और अन्य क्षेत्रों में होता है।  

उप मुख्यमंत्री देवड़ा लखेरापुरा में व्यवसायियों के बीच पहुंचे

भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि स्वदेशी अपनाओ अभियान विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक मजबूत कदम है। इस समय नवरात्रि चल रही है, दशहरा और दीपावली आने वाली है, हम सब का दायित्व है कि स्वदेशी अपनाएं  और भारत को समृद्ध बनाएं। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने यह बात रविवार को भोपाल के लखेरापुरा मार्केट के दुकानदारों के बीच जाकर कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का संलल्प है कि 2047 में हमारा देश विकसित राष्ट्र की श्रेणी में आए और हमारा भारत देश विश्व गुरू के रूप में स्थापित हो। दुकानदारों को दिलाया स्वदेशी का संकल्प उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने आत्मनिर्भर भारत की दिशा में स्वदेशी संकल्प पत्र स्वयं भरा और दुकानदारों एवं ग्राहकों से भी अपील की कि वे भी स्वदेशी सामग्री क्रय-विक्रय का संकल्प लें। श्री देवड़ा ने उपस्थित दुकानदारों एवं उपभोक्ताओं को सामूहिक रूप से स्वदेशी अपनाने की शपथ भी दिलाई। घटी जीएसटी मिला उपहार, धन्यवाद मोदी सरकार उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने लखेरापुरा मार्केट में स्वदेशी अपनाओ अभियान के तहत स्थानीय व्यापारी बंधुओ से भेंट कर उन्हें अभियान के संबंध में जानकारी दी और स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने ग्राहकों को भी जागरूक कर स्वदेशी वस्तुएं खरीदने वालों को प्रोत्साहित किया। स्वदेशी अपनाओ अभियान के तहत श्री देवड़ा ने कहा कि  "घटी जीएसटी मिला उपहार धन्यवाद मोदी सरकार" हम सभी स्थानीय स्तर पर बने उत्पादों पर गर्व करें। श्री देवड़ा ने लखेरापुरा मार्केट में दौरा कर दुकानों में स्वदेशी अपनाओं के स्लोगन लिखे पोस्टर चिपकाए और अपने विचार साझा किए। 

राज्य निर्वाचन आयोग के कर्मचारियों का हुआ नेत्र परीक्षण

भोपाल राज्य निर्वाचन आयोग में गत दिनों नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित किया गया। शिविर में नेत्र चिकित्सक डॉ. गजेन्द्र चावला की टीम ने राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारी-कर्मचारियों का नेत्र परीक्षण कर उन्हें उचित सलाह एवं मार्गदर्शन दिया। शिविर में आयोग के लगभग 80 कर्मचारियों का नेत्र परीक्षण किया गया।