samacharsecretary.com

राजा भोज मल्टीक्लास सेलिंग चैम्पियनशिप 2025 का आग़ाज़ 16 सितंबर से, लहरों पर दिखेगा जज़्बा

बड़ी झील(खानूगाँव) बनेगी जलक्रीड़ा उत्सव का केंद्र, देशभर से आएंगे राष्ट्रीय स्तर के नाविक भोपाल भोपाल की जीवनदायिनी बड़ी झील (खानूगाँव) 16 से 21 सितंबर तक रोमांचक जलक्रीड़ा प्रतियोगिता का गवाह बनेगी। इस दौरान आयोजित राजा भोज मल्टीक्लास सेलिंग चैम्पियनशिप 2025 में देशभर से राष्ट्रीय स्तर के नाविक भाग लेंगे और अपने उत्कृष्ट कौशल का प्रदर्शन करेंगे। नियम क्लिनिक संपन्न प्रतियोगिता की तैयारियों के अंतर्गत 12 एवं 13 सितंबर को रूल्स क्लिनिक का आयोजन हुआ। इसमें 85 से अधिक नाविकों ने सक्रिय भागीदारी की। अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित सेलिंग जजों ने प्रतिभागियों को रेसिंग नियमों, तकनीकी प्रक्रियाओं और खेल की बारीकियों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। युवाओं में बढ़ेगा साहस और खेल भावना तेज़ हवाओं और ऊँचे उत्साह के बीच यह चैम्पियनशिप जलक्रीड़ा प्रेमियों के लिए रोमांच और प्रतिस्पर्धा का अनूठा संगम साबित होगी। आयोजन समिति का मानना है कि यह न केवल जलक्रीड़ा को नई पहचान देगा बल्कि युवाओं में साहस, रणनीति और खेल भावना को भी प्रोत्साहित करेगा।

संघर्ष से सफलता तक: मुस्कान सोनी ने पाई MPPSC में बड़ी कामयाबी, बनीं राज्य पुलिस सेवा की अधिकारी

भोपाल   भोपाल के संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) निवासी मुस्कान सोनी ने साबित कर दिया है कि संकल्प को परिवार का प्रोत्साहन मिले तो सफलता मिलकर रहती है। पिता मोटर मैकेनिक थे तो बेटी ने इंजीनियरिंग की राह चुनी। इंजीनियर बनी तो समझ में आया कि उसे कुछ ऐसा करना है जिसका असर समाज पर भी पड़े। उसने राज्य सेवा परीक्षा की राह चुनी। अब मुस्कान का चयन उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) पद पर हुआ है। मुस्कान ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा परीक्षा में 23 वां स्थान हासिल किया है। हासिल किया 10वां स्थान राज्य पुलिस सेवा की रैंकिंग में उसका स्थान 10वां है। कस्बे के एक निम्न मध्यमवर्गीय परिवार की मुस्कान शुरू से ही मेधावी रही है। मुस्कान के पिता मोहन सोनी मैकेनिक हैं। मां ज्योति सोनी गृहिणी है। मध्यम वर्गीय परिवार के बावजूद माता, पिता ने मुस्कान की प्रतिभा को हमेशा प्रोत्साहित किया। उसकी प्रारंभिक शिक्षा साधु वासवानी स्कूल में हुई। वहां उसने 12वीं की प्रावीण्य सूची में अपना नाम दर्ज कराया था। बाद में उसने एमएसीटी से इंजीनियरिंग की। कुछ समय गुजरात की एक कंपनी में टीसीजी इंजीनियर के रूप में काम किया लेकिन उसकी इच्छा लोक सेवा की थी। उसने राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षा की राह चुनी। इस साल उसकी मेहनत सफल रही और उसे मुकाम मिल गया। मुस्कान के डीएसपी बनने की खबर से मां ज्योति, पिता मोहन सोनी, बहन महक, राधिका एवं भाई कमलेश सोनी बहुत खुश हैं। उनके परिवार का वह सपना पूरा हुआ है जो कभी मुस्कान की आंखों में उतरा था। 12 से 14 घंटे पढ़ाई, मोबाइल से दूरी मुस्कान सोनी ने कहा कि लक्ष्य बनाकर आगे बढ़ा जाए तो सफलता निश्चित है। मैंने 12 से 14 घंटे पढ़ाई की। मोबाइल से सुरक्षित दूरी रखी। पहले मुझे इंजीनियर बनने की इच्छा थी वह पूरी हुई लेकिन मन में सिविल सेवा में बड़ा पद पाने की ठान ली थी। अब यह इच्छा पूरी हो गई।  

कलेक्टर का नंबर हैक! शहडोल में अफसरों को मिले फर्जी मैसेज, साइबर टीम एक्टिव

शहडोल  शहडोल जिले के कलेक्टर डॉ. केदार सिंह का आधिकारिक वॉट्सएप मोबाइल नंबर हैक हो गया है। सोमवार को इस नंबर से जिले के कई अधिकारियों व लोगों को संदिग्ध मै मैसेज भी भेजे गए हैं। जानकारी लगते ही कलेक्टर ने पुलिस अधिक्षक रामजी श्रीवास्वत को शिकायत की और जनसंपर्क विभाग के माध्यम से यह सूचना भी प्रसारित कराई गई कि कलेक्टर का नंबर हैक को गया है। सभी अधिकारी-कर्मचारी एवं नागरिक इस नंबर से आने वाले मैसेज का जबाव न दें। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि साइबर एक्सपर्ट को अलर्ट कर दिया है। टीम हैकिंग के तरीके और हैकर के लोकेशन की तकनीकी जांच कर रही है। पुलिस अधीक्षक ने भी सचेत किया है कि कलेक्टर के नंबर से कोई लिंक, मैसेज या कॉल आए तो उस पर भरोसा न करें। किसी को भी अपनी निजी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। प्रशासन का कहना है कि जब तक नंबर पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाता, तब कोई भी व्यक्ति उस पर जवाब न दें। शहडोल जिले में यह पहला ऐसा साइबर मामल है, जिसकी साइबर टीम गंभीरता से जांच कर रही है। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह भी अधिकारी-कर्मचारियों एवं जिले के नागरिकों से कहा है कि जब तक पूरी जांच नहीं हो जाती है, किसी भी मैसेज का जबाव न दें।  

सफर होगा आसान: भोपाल-इंदौर हाईस्पीड एक्सप्रेसवे का रूट तय, दूरी घटेगी, रफ्तार बढ़ेगी

इंदौर   मध्य प्रदेश के इंदौर से राजधानी भोपाल की सड़क यात्रा की दूरी तय करने में फिलहाल साढ़े 3 से 4 घंटे का समय लगता है। इसे कम करने की कवायद शुरू हो चुकी है। दोनों शहरों के बीच हाईस्पीड एक्सप्रेस-वे कॉरिडोर बनने जा रहा है। जिससे दोनों शहरों के बीच का सफर 50 किलोमीटर तक कम होगा और दो घंटे में भोपाल से इंदौर का सफर पूरा किया जा सकेगा। इसका मार्ग फाइनल हो चुका है। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) इसे भारत माला हाईवे की तर्ज पर विकसित करेगी। जिसके लिए मध्य प्रदेश सरकार की जरूरी सैद्धांतिक सहमति के बाद एनएचएआई ने इसकी अलाइनमेंट डीपीआर की मंजूरी के लिए सड़क परिवहन विभाग को भेज दी है। सिंहस्थ 2028 से पहले इस हाइस्पीड एक्सप्रेस-वे को शुरू करने की योजना है।  नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) इसे भारत माला हाईवे की तर्ज पर डेवलप करेगी। राज्य सरकार की सैद्धांतिक सहमति के बाद NHAI ने इसकी अलाइनमेंट डीपीआर मंजूरी के लिए सड़क परिवहन मंत्रालय को भेज दी है। मंजूरी मिलने के बाद एक्सप्रेस वे का मैदानी काम शुरू होगा। बता दे इस समय भोपाल इंदौर के बीच मौजूदा एक्सप्रेसवे में कई गाड़ियों की आवाजाही होती है। जिससे ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है। एनएचएआई ने ट्रैफिक डेटा का विश्लेषण किया तो पता चला कि यहां से रोज़ाना 30 हज़ार से ज्यादा गाड़ियां गुजरती हैं। जिसमें मेहतवाड़ा से लेकर डोडी तक जाम लगता है यहां कई वाहन खड़े होते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। हाई स्पीड कॉरिडोर बनाने की जरूरत क्यों, 4 कारण 1. मौजूदा हाईवे पर ट्रैफिक का दबाव इंदौर-भोपाल के बीच जो मौजूदा सड़क है, उस पर ट्रैफिक का दबाव ज्यादा है। NHAI ने ट्रैफिक डेटा का विश्लेषण किया तो पाया कि यहां से रोजाना 30 हजार से ज्यादा वाहन गुजरते हैं। आने वाले समय में जैसे- जैसे आबादी बढ़ेगी, ट्रैफिक का दबाव बढ़ता जाएगा। ऐसे में दोनों शहरों के बीच नया कॉरिडोर बनाने की जरूरत है। 2. कई हिस्सों में जाम के हालात मौजूद हाईवे पर कई स्पॉट पर जाम के हालात बनते हैं। मेहतवाड़ा से लेकर डोडी तक जाम लगता है। यहां कई वाहन खड़े रहते हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती है। जावर जोड़ से होकर निकलने वाली बसें यहां रुकती है। यात्रियों को यहीं से बैठाया जाता है। सीहोर के पास कुबेरेश्वर धाम की वजह से भी आए दिन जाम के हालात बनते हैं। इसी साल सावन के महीने में कुबेरेश्वर धाम की कांवड़ यात्रा में 5 लाख श्रद्धालु जुटे थे। हाईवे पर 72 घंटे तक जाम लगा रहा। 3. हाईवे से सटे कस्बे ट्रैफिक में रुकावट भोपाल-इंदौर हाईवे सीहोर, आष्टा और सोनकच्छ कस्बों के लिए बायपास रोड है। इन कस्बों में रहने वाले लोग इंदौर या भोपाल जाने के लिए इसी सड़क का इस्तेमाल करते हैं। किसान भी अपने खेतों पर जाने के लिए इसी सड़क का इस्तेमाल करते हैं। इस वजह से यहां टू व्हीलर, ट्रैक्टर की आवाजाही भी रहती है। 4. ढाबा-रेस्टोरेंट और टोल नाके हाईवे के दोनों तरफ की जमीनों का व्यवसायिक इस्तेमाल ज्यादा हो रहा है। इस समय इंदौर- भोपाल रोड पर 50 से ज्यादा ढाबे और रेस्टोरेंट हैं। कमर्शियल एक्टिविटी बढ़ने से वाहनों की आवाजाही बढ़ती जा रही है। एमपीआरडीसी के यहां 4 और एनएचएआई का एक टोल है। भोपाल वेस्टर्न बायपास से इंदौर के एमआर-10 तक बनेगा प्रस्तावित एक्सप्रेस वे भोपाल के वेस्टर्न रिंग रोड से शुरू होगा और इंदौर के एमआर 10 से जुड़ेगा। इसके बीच में तीन जिले भोपाल, सीहोर, देवास की 7 तहसीलें आएंगी। ये पूरी तरह से नया रोड बनेगा। भोपाल से सीहोर इछावर होते हुए आष्टा के इलाही और देवास जिले के हाटपिपल्या और बागली तहसील को जोड़ेगा। एनएचएआई की डीपीआर के मुताबिक, भोपाल वेस्टर्न बाइपास से इंदौर एमआर 10 तक की दूरी 148–150 किमी है। वर्तमान हाईवे से देवास होकर इंदौर तक की दूसरी 195 किमी है। भोपाल-इंदौर के बीच एक्सप्रेस-वे का सफर करीब 50 किमी कम हो जाएगा और यह 2 घंटे में पूरा हो जाएगा। प्रस्तावित कॉरिडोर देवास शहर से होकर नहीं गुजरेगा। 7 तहसील के 59 गांव जुड़ेंगे     भोपाल, हुजूर तहसील: अमरपुरा, समसपुरा, आमला।     सीहोर तहसील: डेहरिया खुर्द, गडिया, रत्नखेरी, पाटनी, गेरूखान, इमलीखेड़ा।     इछावर तहसील: मुबादा, सेमली जादीद, मोहनपुर नौबाद, बावड़िया, सेंधोखेड़ी, लसुड़िया कांगड़, पोंगराखाती, कस्बा इछावर, सेवनियां, निपानिया, नयापुरा, जुझारपुरा, दिवारिया, हिम्मतपुर, मुंडला, बिजोरी, चैनपुरा।     आष्टा तहसील: भऊनरा, भटोनी, अरनिया जोहरी, मगरखेड़ी, दल्लूपुरा, लाखापुरा, झारखेड़ी, कामखेड़ाजबा, कन्नौदमिर्जा, गंगलखोटरी, झानपुरा, पगरियाहट, इलाही।     जावर तहसील: देहमत, उमरदाद, जहांजनपुरा, धुराड़ाकलां।     हाटपिपल्या तहसील: साप्ती, भवरड़ा, कनेरिया, बारोली, दोकरखेड़ा, कंझार, कावड़ी, हमीरखेड़ी, बरहानपुर, पिटावली, रेहली।     बागली तहसील: बिलावली, देवपिपल्या, बावड़ीखेड़ा, गाराखेड़ी, बिजूखेड़ा। डिजाइन से तय होती है गाड़ियों की स्पीड इंडियन रोड कांग्रेस-2013 की गाइडलाइन के मुताबिक, एक्सप्रेस वे की डिजाइन स्पीड 120 किमी प्रतिघंटा तय की गई है। इस स्पीड से गाड़ी चलने पर 180 किलोमीटर की दूरी दो से ढाई घंटे में पूरी होती है। ऐसे ही सिक्स लेन की डिजाइन स्पीड 100 किलोमीटर प्रतिघंटा होती है। इस स्पीड में 180 किमी की दूरी तीन घंटे में तय होती है। 1100 हेक्टेयर जमीन का होगा अधिग्रहण एनएचएआई अफसरों के मुताबिक, अलाइनमेंट को इस तरह से तैयार किया है कि हाईवे ज्यादातर सरकारी और वन भूमि से होकर गुजर रहा है। हालांकि, इसके दायरे में करीब 1100 हेक्टेयर निजी जमीन भी आ रही है। ये पूरे प्रोजेक्ट का करीब 30 से 40 फीसदी हिस्सा है। अफसरों के मुताबिक जैसे ही अलाइनमेंट डीपीआर को केंद्र सरकार से मंजूरी मिलेगी, उसके बाद जमीन के अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू की जाएगी। एनएचएआई के अफसरों का कहना है कि निजी जमीन का एरिया ज्यादा नहीं है इसलिए भूमि अधिग्रहण में ज्यादा समय नहीं लगेगा। ये प्रक्रिया 6 से 8 महीने के बीच पूरी कर ली जाएगी। भूमि अधिग्रहण के लिए राज्य सरकार पूरी प्रक्रिया करेगी। इसके बाद जो भी नियम के अनुसार मुआवजा बनेगा, वो निजी भूमि मालिक को दिया जाएगा। मुआवजा की राशि केंद्र सरकार देगी।

‘भारत बंटेगा नहीं, और मज़बूत हुआ है’ – मोहन भागवत ने ब्रिटेन को दिया इतिहास का जवाब

इंदौर  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख ने मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए. यहां उन्होंने कहा कि भारत विकास की राह पर तेजी से चल रहा है. जो लोग इसे नहीं मानते थे, वह अब ग़लत साबित हुए हैं. उन्होंने ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल का ज़िक्र करते हुए तंज कसा है.  मोहन भागवत ने कहा कि भारत का अस्तित्व और उसकी शक्ति हमारे पूर्वजों द्वारा दिए गए उस भाव में है, जो सबमें अपनापन और भक्ति का संदेश देता है. भारत का जीवनदर्शन हमेशा से यही रहा है कि हम सब एक हैं – पेड़ और इंसान, नदी और इंसान, पहाड़ और इंसान – सबमें एक ही चैतन्य है. इसी भाव से भारत ने हजारों वर्षों तक पूरी दुनिया का नेतृत्व किया है.  भागवत ने कहा कि भारत में यह शिक्षा बचपन से दी जाती है कि हर वस्तु में पवित्रता है. चाहे किताब हो या कागज, उसमें मां सरस्वती का वास माना जाता है. यही विद्या और संस्कार भारत की सबसे बड़ी ताकत रहे हैं. उन्होंने कहा कि इसी भाव के कारण भारत 3000 सालों तक विश्वगुरु रहा. उस समय दुनिया में कोई कलह नहीं था, पर्यावरण संतुलित था और तकनीकी प्रगति भी ऊंची थी. मानव जीवन सुखी और सुसंस्कारित था. विश्व के लिए भारत का योगदान भागवत ने कहा कि भारत ने कभी किसी देश को जीता नहीं, न ही किसी पर अपने धर्म या व्यापार को थोपने का प्रयास किया. जहां भी भारत गया, वहां सभ्यता और शास्त्रों के ज्ञान से जीवन को उन्नत किया. प्रत्येक राष्ट्र अपनी पहचान के साथ सम्मानित रहा, लेकिन आपसी संवाद बना रहा. उन्होंने बताया कि विदेशी विद्वान विलियम डेली ने अपनी किताब द गोल्डन वे में भारत की इसी वैश्विक भूमिका और प्रभाव का उल्लेख विस्तार से किया है. ब्रिटेन पर तंज मोहन भागवत ने ब्रिटेन के मौजूदा हालात पर तंज कसा. उन्होंने ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल का जिक्र करते हुए कहा कि चर्चिल कहते थे कि भारत आजादी के बाद बंटेगा और स्थिर नहीं रह पाएगा. लेकिन भारत एकजुट है और बंटा नहीं है. जबकि ब्रिटेन बंटवारे जैसी स्थिति में आ रही है. आधुनिक समय की चुनौतियां भागवत ने कहा कि आज भले ही विज्ञान और तकनीक में प्रगति हुई है, लेकिन पर्यावरण बिगड़ा है, परिवार टूट रहे हैं और माता-पिता को सड़क पर छोड़ने जैसी स्थितियां पैदा हो रही हैं. नई पीढ़ी में संस्कारों की कमी और विकृत प्रवृत्तियां बढ़ रही हैं. उन्होंने कहा कि दुनिया में हर प्रकार के प्रयोग हुए, लेकिन असली बात, यानी भक्ति और अपनापन, गायब हो गया है. यही कारण है कि आज समस्याएं बढ़ी हैं.

परिधि चौहान को राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने बनाया जिला अध्यक्ष

भोपाल, देश के सबसे बड़े एकीकृत राजपूत संगठन राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना महिला इकाई द्वारा भोपाल जिले के लिए नई जिला अध्यक्ष की घोषणा की गई है। संगठन ने परिधि चौहान को जिला अध्यक्ष, भोपाल (महिला इकाई) पद पर नियुक्त किया है। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष बिंदु दिलीप सिंह राठौड़ ने कहा कि परिधि चौहान संगठन की सक्रिय, ऊर्जावान और समाज सेवा के प्रति समर्पित कार्यकर्ता हैं। उन्हें यह जिम्मेदारी इसलिए सौंपी गई है ताकि संगठन की गतिविधियों को जिले में और सशक्त तरीके से आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने आगे कहा कि “माँ करणी के चरणों में आस्था रखने वाली परिधि चौहान संगठन की रीति-नीति और मर्यादाओं को सर्वोपरि मानकर समाज में महिलाओं को संगठित करने, उनके अधिकारों की रक्षा और राजपूत समाज की गौरवशाली परंपराओं को संरक्षित रखने के कार्य में अहम योगदान देंगी।” परिधि चौहान ने संगठन द्वारा जताए गए विश्वास के लिए आभार प्रकट करते हुए कहा कि वे पूर्ण निष्ठा और समर्पण भाव से संगठन को मजबूत बनाने और समाज के हित में कार्य करने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगी।

1300 एकड़ में बसेगा टेक्सटाइल हब, 17 सितंबर को पीएम करेंगे भूमिपूजन: CM ने बताया निवेश का प्लान

भोपाल  भारत के पहले पीएम मित्रा पार्क का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को करेंगे। उसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन भी है। इससे पहले ही देश की बड़ी टेक्सटाइल कंपनियों ने इसमें दिलचस्पी दिखानी शुरू कर दी है। सीएम मोहन यादव ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क के शिलान्यास के पहले ही देश की अग्रणी 114 टेक्सटाइल कंपनियों से 23 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव आ चुके हैं। इन प्रस्तावों में से 91 कंपनियों और इकाइयों के आवेदन स्वीकृत किए। साथ ही 1294 एकड़ भूमि आवंटित किए जाने की अनुशंसा की जा चुकी है। 20000 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश आ चुके वहीं, जिन कंपनियों को भूमि आवंटित की गई है, उनमें 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे 72 हजार से अधिक रोजगार सृजित होंगे। पार्क परियोजना पूर्ण विकसित होने पर रोजगार का आंकड़ा तीन लाख तक पहुंचने का अनुमान है। यह केवल संख्या नहीं, बल्कि लाखों परिवारों के जीवन में आने वाला ठोस बदलाव है। ये कंपनियां करेंगी निवेश इसके साथ ही देश की जिन अग्रणी टेक्सटाइल कंपनियों को पीएम मित्रा पार्क में भूमि आवंटित की गई है, उनके द्वारा बड़े स्तर पर निवेश के प्रस्ताव दिए गए हैं। इसमें प्रमुख रूप से वर्धमान टेक्सटाइल्स लिमिटेड 2000 करोड़ रुपए का निवेश कर 190 एकड़ भूमि पर इकाई स्थापित करेगा। जैन कॉर्ड इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड 2515 करोड़ रुपए का निवेश 58 एकड़ भूमि पर करेगा। एबी कॉटस्पिन इंडिया लिमिटेड 1300 करोड़ रुपये का निवेश 45 एकड़ भूमि पर, ट्राइडेंट लिमिटेड कंपनी 180 एकड़ भूमि पर 4,881 करोड़ रुपये का निवेश, ऑरा सिक्योरिटीज प्रा.लि. 105 एकड़ भूमि पर 1204 करोड़ रुपए, बेस्ट लाइफस्टाइल अपैरल प्रा.लि. 75 एकड़ भूमि पर 981 करोड़ रुपए का निवेश, नासा फाइबर टू फैशन प्रा.लि. 30 एकड़ भूमि पर 472 करोड़ का निवेश, डोनियर सिंथेटिक लि. 20 एकड़ भूमि पर 220 करोड़ का निवेश, महालक्ष्मी प्रोसेसिंग हाउस प्रा.लि. 30 एकड़ भूमि पर 300 करोड़ रुपए का निवेश, कमर्शियल सिन बैग्स लिमिटेड 8 एकड़ भूमि पर 134 करोड़ रुपए का निवेश और नावकार टेकटेक्स लिमिटेड 8 एकड़ भूमि पर 135 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। वहीं, पीएम मित्रा पार्क में शार्मनजी यार्न्स प्राइवेट लिमिटेड ने 836.70 करोड़, सनातन पॉलिकॉट प्राइवेट लिमिटेड ने 1000 करोड़, सिद्धार्थ प्योरस्पन प्राइवेट लिमिटेड ने 380 करोड़, फैबियन टेक्सटाइल प्राइवेट लिमिटेड ने 308 करोड़, पासा पॉलिटेक्स प्राइवेट लिमिटेड ने 270 करोड़, दादी मां फाइबर्स ने 280 करोड़, ओसीएम फ्लोरिंग प्राइवेट लिमिटेड ने 250 करोड़, सोनिया सिंथेटिक्स एलएलपी ने 240 करोड़, वंश टेक्नोफैब प्राइवेट लिमिटेड ने 233 करोड़, डोनियर रिटेल प्रा. लिमिटेड ने 240 करोड़, तनमय प्योर स्पन ने 220 करोड़, महाशक्ति टेक्सटाइल मिल्स ने 202 करोड़, जिनेन्द्रम टेक्सस्पिन प्राइवेट लिमिटेड ने 200 करोड़, जे.के. क्वालिटी कॉटन इंडस्ट्रीज ने 180 करोड़, लक्ष्मीनाथ कल्पना मिल्स प्राइवेट लिमिटेड ने 155 करोड़, टिकमसा दुलीचंद नैचुरल फाइबर लिमिटेड ने 142 करोड़, मोहिनी एक्टिव लाइफ प्राइवेट लिमिटेड ने 190 करोड़, एल्पाइन टेक्सवर्ल्ड लिमिटेड ने 140.04 करोड़, टैनफैक अपैरल्स लिमिटेड ने 125 करोड़, महावीर स्पिनफैब प्राइवेट लिमिटेड ने 125 करोड़, रमेश टेक्सटाइल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने 115 करोड़, कैनडेक्स फिलामेंट प्राइवेट लिमिटेड ने 113.79 करोड़, अनीका टेक्सफैब ने 100 करोड़, न्यू जील फैशन वेयर प्राइवेट लिमिटेड ने 100 करोड़, मराल ओवरसीज लिमिटेड ने 100 करोड़, श्री पैकर्स (एमपी) प्राइवेट लिमिटेड ने 100 करोड़, आर.आर. जैन इंडस्ट्रीज ने 101.25 करोड़, मैस्कॉट फैशन्स प्राइवेट लिमिटेड ने 80 करोड़, ऋचा ग्लोबल एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने 77.88 करोड़, कोटली क्रिएशन प्राइवेट लिमिटेड ने 60 करोड़, वाइब्रेंट पॉलिमर्स एलएलपी ने 50.61 करोड़, बॉन एंड कंपनी ने 50 करोड़, गोल्डन सीम्स इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड ने 45 करोड़, शंकारी फूड इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड ने 45 करोड़, के.जी. एक्सपोर्ट्स ने 43.35 करोड़, ऑरम विनाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने 40 करोड़ और राघवेंद्र स्पिनटेक्स प्राइवेट लिमिटेड ने 37.60 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। इसके साथ ही अन्य कंपनियों की तरफ से भी निवेश प्रस्ताव आए हैं। टेक्सटाइल की पूरी वेल्यू चेन यहीं डेवलप होगी पीएम मित्रा पार्क में होने वाले निवेशों से यार्न, फैब्रिक और गारमेंट उत्पादन की पूरी वैल्यू चेन यहीं विकसित होगी, जिससे प्रदेश का टेक्सटाइल उद्योग वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकेगा। पीएम मित्रा पार्क में जमीन आवंटन की प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ रही है। पीएम मित्रा की कुल 2158 एकड़ भूमि में से लगभग 1300 एकड़ भूमि का आवंटन पूरा हो चुका है और बाकी जमीन भी चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जा रही है। 6 लाख कपास उत्पादक किसानों को होगा फायदा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कृषि विभाग की समीक्षा बैठक में कहा कि धार जिले के भैंसोला गांव में निर्मित हो रहे पीएम मित्रा पार्क से प्रदेश के कपास और रेशम उत्पादक किसानों की जीवन रेखा बदल जाएगी। सीएम ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क से प्रदेश के 6 लाख से अधिक कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलने के साथ 1 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और 2 लाख लोगों को अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि पीएम मित्रा पार्क में निवेश करने के लिए बड़ी-बड़ी कंपनियों ने रुचि व्यक्त की है। जिस तेजी से पीएम मित्रा पार्क में निवेश के लिए कंपनियां आ रही हैं, यह हमें और बेहतर करने के लिए उत्साहित करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क बनने से मालवा क्षेत्र के किसानों की उत्पादित कपास की खपत लोकल लेवल पर ही हो जाएगी। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा और रॉ-मटेरियल सप्लाई की एक पूरी चैन तैयार होगी। पीएम मित्रा पार्क प्रदेश के किसानों के लिए वरदान की तरह है। गारमेंट उत्पाद की संपूर्ण वैल्यू चेन होगी विकसित इन प्राप्त निवेशों से यार्न, फैब्रिक और गारमेंट उत्पादन की संपूर्ण वैल्यू चेन यहीं विकसित होगी, जिससे प्रदेश का टेक्सटाइल उद्योग वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकेगा। पीएम मित्रा पार्क में भूमि आवंटन की प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ रही है। पीएम मित्रा की कुल 2158 एकड़ भूमि में से लगभग 1300 एकड़ भूमि का आवंटन पूरा हो चुका है और शेष भूमि भी चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जा रही है। पीएम मित्रा पार्क भूमि पूजन के बाद उद्योगों के निर्माण कार्य शुरू होने से निवेश का लाभ शीघ्र ही धरातल पर दिखाई देगा।

केंद्रीय मंत्री शेखावत ने प्रदान किया ‘गोल्डन बैनयन अवॉर्ड’

‘हेरिटेज टूरिज्म – बेस्ट स्टेट’ अवॉर्ड से सम्मानित हुआ मध्यप्रदेश केंद्रीय मंत्री शेखावत ने प्रदान किया ‘गोल्डन बैनयन अवॉर्ड’ हेरिटेज वीक अवॉर्ड्स 2025: दिल्ली में मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड को मिला सम्मान भोपाल केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड (एमपीटीबी) को हेरिटेज वीक अवॉर्ड्स 2025 में हेरिटेज टूरिज्म – बेस्ट स्टेट श्रेणी में प्रतिष्ठित "गोल्डन बैनयन अवॉर्ड" से सम्मानित किया। यह सम्मान नई दिल्ली में 13 सितम्बर को आयोजित हेरीटेज अवॉर्ड्स समारोह में प्रदान किया गया। यह सम्मान मध्यप्रदेश की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसके तहत मध्यप्रदेश ने अपनी सांस्कृतिक विरासत और स्थापत्य धरोहर के संरक्षण व संवर्धन में उल्लेखनीय पहल की है। पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि मध्यप्रदेश भारत की सभ्यता का जीवंत प्रतीक है। खजुराहो के भव्य मंदिर, ग्वालियर के ऐतिहासिक किले और महेश्वर के घाट हमारी धरोहर की कालातीत गरिमा और सतत प्रासंगिकता को दर्शाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश धरोहर संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए पर्यटन आधारित विकास का सशक्त माध्यम बना रहा है। अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि यह अवॉर्ड मध्यप्रदेश की उस सोच का प्रमाण है, जिसके तहत हम अपनी धरोहर को सुरक्षित रखते हुए यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि स्थानीय लोगों को पर्यटन से सीधा लाभ मिले। हमारा ध्यान ऐतिहासिक स्थलों के नए उपयोग, परंपराओं और संस्कृति के संरक्षण और जिम्मेदार पर्यटक भागीदारी पर रहा है। सम्मान हमें और प्रेरणा देता है कि मध्यप्रदेश को भारत का प्रमुख हेरिटेज डेस्टिनेशन बनाया जाए, जहां हर स्मारक एक कहानी कहे और हर परंपरा अपनी पहचान के साथ जीवित रहे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के "विरासत से विकास तक" के मंत्र को साकार करता मध्यप्रदेश आज न केवल अपनी सांस्कृतिक विरासत को सहेज रहा है, बल्कि उसे समकालीन विकास से भी जोड़ रहा है। राज्य की पहचान विश्व धरोहर स्थलों के संरक्षण में अग्रणी रूप में स्थापित हो रही है। मध्यप्रदेश की तीन स्थायी यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल — खजुराहो समूह के मंदिर, भीमबेटका शैलचित्र स्थल, और सांची स्तूप — इसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक गहराई को दर्शाते हैं। इसके अतिरिक्त खजुराहो, ओरछा, मांडू और चंदेरी जैसे ऐतिहासिक नगरों का संरक्षण और संवर्धन इस दिशा में एक सशक्त उदाहरण है। मध्यप्रदेश में कुल 18 स्थल यूनेस्को की विश्व धरोहरें हैं, जो इसकी विरासत के वैश्विक महत्व को रेखांकित करते हैं। ग्वालियर को यूनेस्को द्वारा “संगीत नगरी” के रूप में दी गई अंतर्राष्ट्रीय पहचान, राज्य के सांगीतिक और सांस्कृतिक योगदान को वैश्विक मंच पर स्थापित करती है। सरकार द्वारा पुरातात्विक स्थलों पर संरचनात्मक संरक्षण, आधुनिक सुविधाओं का विकास और डिजिटल तकनीकों का उपयोग कर विरासत को आम जनमानस से जोड़ने का कार्य निरंतर जारी है। यह यात्रा केवल अतीत के गौरव तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यटन, स्थानीय रोजगार और सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था को नई गति देने की दिशा में भी एक निर्णायक कदम है। मध्यप्रदेश एक ऐसे राज्य के रूप में उभर रहा है, जो अपनी परंपराओं को आधुनिकता के साथ जोड़ते हुए समावेशी और सतत विकास की मिसाल प्रस्तुत कर रहा है।  

इलेक्टिक वाहन मालिकों के लिए राहत: MP में मिलेगी EV चार्जिंग पॉइंट की लोकेशन ऐप पर

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने ईवी यानी इलेक्ट्रिक वाहन नीति लाने के बाद नियम भी जारी कर दिए हैं। इसके तहत मोबाइल एप भी बनाया जा रहा है। एप की मदद से शहर में ईवी के चार्जिंग पॉइंट की लोकेशन का पता लगाया जा सकेगा। एप से किसी भी शहर का विकल्प चयन कर चार्जिंग पॉइंट की लोकेशन पता की जा सकेगी। ईवी वाहन के लिए लाइव पोर्टल भी बनाया जाएगा। इसमें पता चल सकेगा कि कितने ईवी पंजीकृत हैं। साथ ही, पीपीपी मोड पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। चार्जिंग स्टेशन के साथ-साथ बैटरी स्वैपिंग के लिए कैपिटल सब्सिडी दी जाएगी। मध्य प्रदेश में जल्दी ही ईवी संवर्धन बोर्ड का गठन किया जाएगा। यह अंतर विभागीय समन्वय सुनिश्चित करने और विभिन्न मुद्दों का समाधान निकालने के लिए जिम्मेदार होगा। आईटी विभाग की मदद से मोबाइल एप और लाइव पोर्टल बनवाया जा रहा है। अधिकारियों का दावा है कि मध्य प्रदेश ईवी नीति बनाने वाला देश का पहला राज्य है। मध्य प्रदेश में एक अप्रैल, 2024 से 31 मार्च, 2025 के बीच 1,00,500 से अधिक ईवी का रजिस्ट्रेशन हुआ। सबसे ज्यादा मांग दोपहिया ईवी की रही। प्रदेश में ईवी उद्योग के लिए आवश्यक कौशल के साथ कार्यबल तैयार करने के लिए नीति में इंजीनयिरिंग कॉलेजों और आइटीआई में ईवी संबंधित पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन को ईवी मॉडल सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। मध्य प्रदेश इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति-2025 के अंतर्गत वर्ष 2030 तक प्रदेश में कुल पंजीकृत दोपहिया, तीन पहिया, चार पहिया वाहन एवं बस के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों का क्रमश: 40 प्रतिशत, 80 प्रतिशत, 15 प्रतिशत एवं 40 प्रतिशत का लक्ष्य रखा गया है। ईवी के लिए दी जाएगी प्रोत्साहन राशि ईवी के लिए विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन जैसे स्माल, मीडियम और लार्ज चार्जिंग स्टेशन के लिए 10 लाख रुपये तक, अनुसंधान, नवाचार एवं कौशल विकास के लिए दो करोड़ रुपये, बैटरी स्वैपिंग स्टेशन के लिए पांच लाख रुपये तक और दोपहिया, तीन पहिया एवं कार के लिए रेट्रोफिटिंग अंतर्गत 25 हजार रुपये तक के वित्तीय प्रोत्साहन का प्रविधान किया गया है।

मंत्री तोमर ने लक्ष्मीबाई कॉलोनी एवं गांधीनगर पार्क में सुनी आमजन की समस्यायें

सागरताल पर चलाया विशेष स्वच्छता अभियान ग्वालियर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की अगुवाई में आयोजित गैंडे वाली सडक पर मिनी मैराथन में ग्वालियर वासियों ने उत्साह और जोश के साथ दौड लगाई तथा ग्वालियर को स्वच्छ और नशा मुक्त बनाने की शपथ ली। स्वच्छता के लिए मिनी मैराथन दौड़ के आयोजन का उद्देश्य लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है। ऊर्जा मंत्री तोमर ग्वालियर शहर को स्वच्छ, सुन्दर, हरा-भरा, प्रदूषण और नशा मुक्त बनाने के लिए प्रत्येक रविवार को मिनी मैराथन के साथ स्वच्छता अभियान भी चलाते हैं। अभियान में बडी संख्या में शहरवासी जुडकर शहर को स्वच्छ व नशामुक्त बनाने का प्रण भी ले रहे हैं। इसी क्रम में आज वार्ड 36 स्थित गैंडे वाली सडक पर बाल्मिक मंदिर से पीएचई ऑफिस तक मिनी मैराथन का आयोजन किया गया। उन्होंने मिनी मैराथन के दौरान झाड़ू लगाकर नागरिकों तक यह संदेश पहुँचाया कि स्वच्छता केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि स्वस्थ और उज्ज्वल जीवन की मजबूत नींव है। यह हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। मंत्री तोमर ने कहा कि युवाओं, विद्यार्थियों और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी ने यह साबित किया कि जब हम एकजुट होते है तो बदलाव निश्चित होता है। आप सभी के सहयोग से हम सब ने मिलकर ग्वालियर को स्वच्छ, हरा-भरा, प्रदूषण और नशा मुक्त बनाने का संकल्प लिया है। इसकी सफलता के लिए आपके इस सेवक के साथ हर नागरिक की सहभागिता जरूरी है। सागरताल पर चलाया विशेष स्वच्छता अभियान मंत्री तोमर ने सागरताल पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर सामूहिक रूप से सागरताल की सफाई की। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सफ़ाई नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और श्रमदान की मिसाल है। उन्होंने शहवासियों से अपील करते हुए कहा कि शहरवासी भी इस स्वच्छता अभियान के प्रयास में सहभागी बने। साथ ही वार्ड क्रमांक 5 आनंद नगर, सूरज सुंदरम गार्डन क्षेत्र का निरीक्षण कर सीवर लाइन एवं गंदे पानी की समस्या का जायज़ा लिया तथा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। लक्ष्मीबाई कॉलोनी एवं गांधीनगर पार्क में विद्युत शिविर लगाकर सुनी आमजन की समस्यायें मंत्री तोमर ने लक्ष्मीबाई कॉलोनी कम्युनिटी हॉल एवं गांधीनगर पार्क में प्रबुद्धजनों से विद्युत समस्याओं के संबंध में चर्चा की तथा आमजन द्वारा बताई गई विद्युत संबंधित समस्याओं के निराकरण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इसके साथ ही लक्ष्मी बाई कॉलोनी में सड़क, सीवर और नालियों का निरीक्षण किया तथा सफाई की। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी मार्ग और नालियां नियमित रूप से स्वच्छ बनी रहें। इस अवसर पर स्थानीय प्रतिनिधि सहित अधिकारी उपस्थित रहे।