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उज्जैन की आघ्यात्मिक धरोहर पूरे विश्व को दे रही है दिशा: केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री शेखावत

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन देश की आत्मा है। देश की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रमुख केंद्र है और इस ऊर्जा का मूल आधार स्वयं बाबा महाकाल हैं। उन्होंने कहा कि बाबा महाकाल सम्पूर्ण चराचर जगत को गतिमान रखने वाली नैसर्गिक ऊर्जा के केंद्र हैं। उनके आशीर्वाद से ही यह शहर आज देश की धार्मिक आस्था और परम्पराओं के संवाहक के रूप में प्रसिद्धि पाकर “द बेस्ट रिलीजिएस एण्ड स्पिरिचुअल डेस्टिनेशन” बन चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन का यह गौरवशाली स्वरूप ऐसे ही नहीं बना। इसके पीछे एक लंबी कहानी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा श्री महाकाल लोक के लोकार्पण के बाद से उज्जैन शहर की पहचान, आकर्षण और आस्था विश्वव्यापी हो गए हैं। अब यहां देश-विदेश से श्रद्धालु और पर्यटक बड़ी संख्या में आ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को उज्जैन के होटल अंजुश्री में दूसरे ग्लोबल स्पिरिचुअल टूरिज्म कॉन्क्लेव 'रूहMantic' के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने दीप प्रज्ज्वलन कर इस कॉन्क्लेव का विधिवत् शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री श्री शेखावत ने उज्जैन में कॉन्क्लेव के दौरान फेथ एंड फ्लो पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन काल गणना की नगरी है। आज भारत का समय है और पूरी दुनिया भारत की ओर आशा भरी नजरों से देख रही है। पहले दुनिया के जो देश भारत से प्रतियोगिता कर रहे थे, आज वे सभी खुद को भारत के अनुगामी हैं। उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण ने अनेक कलाएं और विद्या ग्रहण कीं। आत्म चिंतन के लिए भारत से अच्छा दुनिया में कोई स्थान नहीं है। आज देश की सीमाएं हो सकती हैं, लेकिन धर्म और संस्कृति की कोई सीमा नहीं हैं। भारतीय संस्कृति ईरान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान तक फैली हुई है। उज्जैन में एक हजार बीघा जमीन पर बाबा महाकाल का मंदिर बना हुआ है। हम विभिन्न स्वरूपों में ईश्वर की आराधना करते हैं। श्रीआनंदपुर धाम में निरंकारी भाव से गुरु महाराज की भक्ति की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ईश्वर ने हमें प्रकृति के साथ मिलकर चलने की सीख दी है। भगवान की भक्ति के साथ शरीर की क्षमताओं का उपयोग करें। पर्यटन के साथ तीर्थाटन के माध्यम से जनकल्याण की कल्पना इस आयोजन के माध्यम से की गई है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भारत में आध्यात्मिक पर्यटन को गति प्रदान करने की दृष्टि दी है। देवी अहिल्या बाई ने काशी में बाबा विश्वनाथ का मंदिर बनाया। उज्जैन के राजा विक्रमादित्य ने 2000 साल पहले मंदिर बनवाया था, जो बाबर के काल में गिरा दिया गया था। देश का पुराना संसद भवन मुरैना के मंदिर और नया भवन विदिशा के बीजापुर मंदिर के डिजाइन पर बना है, ये हमारे लिए गर्व की बात है। हमारे देवालय भी लोकतंत्र का आधार हो सकते हैं। उन्होंने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि इस कॉन्क्लेव में तिरुपति बालाजी ट्रस्ट, शिरडी साईंबाबा ट्रस्ट, काशी विश्वनाथ ट्रस्ट से भी प्रतिनिधि पधारे हैं। इनसे हमें मध्यप्रदेश को धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में और आगे ले जाने के लिए इन सभी के सुझाव और अनुभव भी प्राप्त होंगे। उज्जैन की आध्यात्मिक धरोहर वैश्विक स्तर पर आध्यात्मिक पर्यटन को दे रही है नई दिशा केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि उज्जैन की आध्यात्मिक धरोहर न केवल भारत की सांस्कृतिक धारा को समृद्ध कर रही है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी आध्यात्मिक पर्यटन को नई दिशा दे रही है। उन्होंने कहा कि पर्यटन नीति में हमने देश की सांस्कृतिक ताकत बढ़ाने वाले धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन केन्द्रों के विकास के लिए बड़े प्रावधान किए हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन भारत की संस्कृति और पर्यटन को विश्व पटल पर नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि विश्व में अनेक संस्कृतियों का जन्म हुआ, लेकिन भारतीय संस्कृति आज भी जीवंत है। हमारी संस्कृति ने 2000 साल तक आक्रमण झेला, 200 साल की गुलामी तक झेली, लेकिन आज भी भारतीय संस्कृति समृद्ध है। आज से ढाई हजार साल पहले दुनिया में जब मानव अपना वजूद खोज रहा था, तब भारत में तीर्थाटन की परंपरा थी। उन्होंने बताया कि तीर्थाटन हमारे संस्कारों में हैं। उनकी दादी बैलगाड़ी से तीर्थाटन करने जाया करती थीं। केंद्रीय मंत्री श्री शेखावत ने कहा कि आदि शंकराचार्य ने केरल से पर्सिया तक 24 हजार किलोमीटर की यात्रा कर भारतीय संस्कृति से दुनिया का परिचय कराया। उन्होंने कहा कि देश में ब्रिटिश काल में लेखकों ने भारतीय विविधता की अपने तरीके से व्याख्या की, परन्तु आज भी भारत एक और अखंड भारत है। इसका उदाहरण प्रयागराज महाकुंभ है, जहां हर मत, पंथ, संप्रदाय के लोग एक मंच पर आए और विश्व शांति का संदेश दिया। सैकड़ों साल पहले जब इंफ्रास्ट्रक्चर इतना डेवलप नहीं था, तब भी लोग केदारनाथ और बद्रीनाथ तीर्थाटन के लिए जाते थे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में देश की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ी है। उज्जैन में पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। पहले जितने लोग साल भर में आते थे, उतने अब एक से डेढ़ हफ्ते में आ जाते हैं। पर्यटन संभावनाएं विकसित करने राज्यों के बीच चल रही है प्रतियोगिता केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज पर्यटन संभावनाएं विकसित करने के लिए राज्यों के बीच प्रतियोगिता चल रही है। मध्यप्रदेश हार्ट ऑफ इंक्रेडिबल इंडिया है। मध्यप्रदेश के पास टूरिज्म सेक्टर में अपार संभावनाएं हैं। मध्यप्रदेश ने अपने टूरिज्म सेक्टर को प्रापरली एक्सपलोर कर इस मामले में राजस्थान को भी पीछे छोड़ दिया है। श्री शेखावत ने कहा कि भारत के पास दुनिया की सबसे प्रचीन परंपरा और विरासत है। देश में घरेलू पर्यटन बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। आज देश सांस्कृतिक पुर्नजागरण से गुजर रहा है। भारतवासियों का देश के प्रति नजरिया बदल गया है। नई पीढ़ियों के बच्चे अब दूसरे देशों में जाने की इच्छा नहीं रखते हैं। हमारे देशवासियों ने अपनी परंपरा और संस्कृति पर गर्व करना शुरू कर दिया है। भारत बहुत जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। उन्होंने कहा कि … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन की प्रसिद्ध श्री सांवरिया कचोरी का लिया स्वाद

दुकान पर कारकेड रुकवाकर खाई कचौरी भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन प्रवास के दौरान ढाबा रोड स्थित उज्जैन की सुप्रसिद्ध श्री सांवरिया कचौरी भंडार पर कारकेड रुकवाकर कचौरी खाई और उसकी सराहना की। साथ ही संबंधित दुकानदार से चर्चा भी की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आग्रह किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की मंशानुरूप प्रदेश के सभी नागरिक लोकल उत्पादों को प्राथमिकता देकर प्रोत्साहन दें, जिससे देश की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी।  

उज्जैन की आघ्यात्मिक धरोहर पूरे विश्व को दे रही है एक नई दिशा : केंद्रीय पर्यटन मंत्री शेखावत

देश की आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र है उज्जैन… और इस ऊर्जा के मूल आधार हैं बाबा महाकाल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन की आघ्यात्मिक धरोहर पूरे विश्व को दे रही है एक नई दिशा : केंद्रीय पर्यटन मंत्री शेखावत उज्जैन में हुआ ग्लोबल स्पिरिचुअल टूरिज्म कॉन्क्लेव रूहMantic का शुभारंभ उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन देश की आत्मा है। देश की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रमुख केंद्र है और इस ऊर्जा का मूल आधार स्वयं बाबा महाकाल हैं। उन्होंने कहा कि बाबा महाकाल सम्पूर्ण चराचर जगत को गतिमान रखने वाली नैसर्गिक ऊर्जा के केंद्र हैं। उनके आशीर्वाद से ही यह शहर आज देश की धार्मिक आस्था और परम्पराओं के संवाहक के रूप में प्रसिद्धि पाकर “द बेस्ट रिलीजिएस एण्ड स्पिरिचुअल डेस्टिनेशन” बन चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन का यह गौरवशाली स्वरूप ऐसे ही नहीं बना। इसके पीछे एक लंबी कहानी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा महाकाल लोक के लोकार्पण के बाद से उज्जैन शहर की पहचान, आकर्षण और आस्था विश्वव्यापी हो गए हैं। अब यहां देश-विदेश से श्रद्धालु और पर्यटक बड़ी संख्या में आ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को उज्जैन के होटल अंजुमें दूसरे ग्लोबल स्पिरिचुअल टूरिज्म कॉन्क्लेव 'रूहMantic' के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने दीप प्रज्ज्वलन कर इस कॉन्क्लेव का विधिवत् शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री शेखावत ने उज्जैन में कॉन्क्लेव के दौरान फेथ एंड फ्लो पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन काल गणना की नगरी है। आज भारत का समय है और पूरी दुनिया भारत की ओर आशा भरी नजरों से देख रही है। पहले दुनिया के जो देश भारत से प्रतियोगिता कर रहे थे, आज वे सभी खुद को भारत के अनुगामी हैं। उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण ने अनेक कलाएं और विद्या ग्रहण कीं। आत्म चिंतन के लिए भारत से अच्छा दुनिया में कोई स्थान नहीं है। आज देश की सीमाएं हो सकती हैं, लेकिन धर्म और संस्कृति की कोई सीमा नहीं हैं। भारतीय संस्कृति ईरान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान तक फैली हुई है। उज्जैन में एक हजार बीघा जमीन पर बाबा महाकाल का मंदिर बना हुआ है। हम विभिन्न स्वरूपों में ईश्वर की आराधना करते हैं। श्रीआनंदपुर धाम में निरंकारी भाव से गुरु महाराज की भक्ति की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ईश्वर ने हमें प्रकृति के साथ मिलकर चलने की सीख दी है। भगवान की भक्ति के साथ शरीर की क्षमताओं का उपयोग करें। पर्यटन के साथ तीर्थाटन के माध्यम से जनकल्याण की कल्पना इस आयोजन के माध्यम से की गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत में आध्यात्मिक पर्यटन को गति प्रदान करने की दृष्टि दी है। देवी अहिल्या बाई ने काशी में बाबा विश्वनाथ का मंदिर बनाया। उज्जैन के राजा विक्रमादित्य ने 2000 साल पहले मंदिर बनवाया था, जो बाबर के काल में गिरा दिया गया था। देश का पुराना संसद भवन मुरैना के मंदिर और नया भवन विदिशा के बीजापुर मंदिर के डिजाइन पर बना है, ये हमारे लिए गर्व की बात है। हमारे देवालय भी लोकतंत्र का आधार हो सकते हैं। उन्होंने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि इस कॉन्क्लेव में तिरुपति बालाजी ट्रस्ट, शिरडी साईंबाबा ट्रस्ट, काशी विश्वनाथ ट्रस्ट से भी प्रतिनिधि पधारे हैं। इनसे हमें मध्यप्रदेश को धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में और आगे ले जाने के लिए इन सभी के सुझाव और अनुभव भी प्राप्त होंगे। केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि उज्जैन की आध्यात्मिक धरोहर न केवल भारत की सांस्कृतिक धारा को समृद्ध कर रही है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी आध्यात्मिक पर्यटन को नई दिशा दे रही है। उन्होंने कहा कि पर्यटन नीति में हमने देश की सांस्कृतिक ताकत बढ़ाने वाले धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन केन्द्रों के विकास के लिए बड़े प्रावधान किए हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन भारत की संस्कृति और पर्यटन को विश्व पटल पर नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि विश्व में अनेक संस्कृतियों का जन्म हुआ, लेकिन भारतीय संस्कृति आज भी जीवंत है। हमारी संस्कृति ने 2000 साल तक आक्रमण झेला, 200 साल की गुलामी तक झेली, लेकिन आज भी भारतीय संस्कृति समृद्ध है। आज से ढाई हजार साल पहले दुनिया में जब मानव अपना वजूद खोज रहा था, तब भारत में तीर्थाटन की परंपरा थी। उन्होंने बताया कि तीर्थाटन हमारे संस्कारों में हैं। उनकी दादी बैलगाड़ी से तीर्थाटन करने जाया करती थीं। केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि आदि शंकराचार्य ने केरल से पर्सिया तक 24 हजार किलोमीटर की यात्रा कर भारतीय संस्कृति से दुनिया का परिचय कराया। उन्होंने कहा कि देश में ब्रिटिश काल में लेखकों ने भारतीय विविधता की अपने तरीके से व्याख्या की, परन्तु आज भी भारत एक और अखंड भारत है। इसका उदाहरण प्रयागराज महाकुंभ है, जहां हर मत, पंथ, संप्रदाय के लोग एक मंच पर आए और विश्व शांति का संदेश दिया। सैकड़ों साल पहले जब इंफ्रास्ट्रक्चर इतना डेवलप नहीं था, तब भी लोग केदारनाथ और बद्रीनाथ तीर्थाटन के लिए जाते थे। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में देश की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ी है। उज्जैन में पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। पहले जितने लोग साल भर में आते थे, उतने अब एक से डेढ़ हफ्ते में आ जाते हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज पर्यटन संभावनाएं विकसित करने के लिए राज्यों के बीच प्रतियोगिता चल रही है। मध्यप्रदेश हार्ट ऑफ इंक्रेडिबल इंडिया है। मध्यप्रदेश के पास टूरिज्म सेक्टर में अपार संभावनाएं हैं। मध्यप्रदेश ने अपने टूरिज्म सेक्टर को प्रापरली एक्सपलोर कर इस मामले में राजस्थान को भी पीछे छोड़ दिया है। शेखावत ने कहा कि भारत के पास दुनिया की सबसे प्रचीन परंपरा और विरासत है। देश में घरेलू पर्यटन बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। आज देश सांस्कृतिक पुर्नजागरण से गुजर रहा है। भारतवासियों का देश के प्रति नजरिया बदल गया है। नई पीढ़ियों के बच्चे अब दूसरे देशों में जाने की इच्छा नहीं रखते हैं। हमारे देशवासियों ने अपनी परंपरा और संस्कृति पर गर्व करना शुरू कर दिया है। भारत बहुत … Read more

एमपी: पेट्रोल-डीजल टैंकर में लगी आग, भीषण हादसे में युवक की मौत

सिवनी जिला मुख्यालय से लगभग 40 किमी दूर सिवनी-बालाघाट मार्ग में 26-27 अगस्त की रात पेट्रोल-डीजल टैंकर तथा कौड़िया-घीसी गांव में संचालित संतोष ढाबा में हुई भीषण आगजनी में एक युवक पंकज पुत्र नरेन्द्र पटले (23) जिंदा जल गया। जबकि कौड़िया गांव निवासी मृतक का बड़ा भाई राहुल पटेल (27) झुलस गया। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड कंपनी का लगभग 14 हजार लीटर तीव्र ज्वलनशील ईंधन से भरा टैंकर (वाहन क्र. एमपी 14 एचसी 5013) जबलपुर से बालाघाट जा रहा था, जो कौडिया के संतोष ढाबे में रूका था। टैंकर में फैली आग से ड्राइवर अरविंद परिहार (45) बरगी जबलपुर निवासी के हाथ-पैर झुलस गए। दोनों घायलों का इलाज बरघाट अस्पताल में चल रहा है, जिनकी स्थिति खतरे से बाहर है। रात लगभग 11.30 बजे ढाबे व पेट्रोल-डीजल से भरे टैंकर में एक साथ भड़की आग को बरघाट पुलिस ने लगभग तीन घंटे की मशक्कत कर रात लगभग 2 बजे काबू किया। घटना के दौरान ढाबे में संचालक संतोष सोनी के अलावा एक कमरे में पान दुकान संचालित कर रहा पंकज व उसका बड़ा भाई राहुल पटले मौजूद थे। आग इतनी भीषण थी कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई। टैंकर का हेल्पर व ढाबे में मौजूद लोग डरकर इधर-उधर भाग निकले।

किसानों की भलाई और कृषि विकास पर ध्यान देंगे शिवराज, अध्यक्ष पद की दौड़ से अलग

भोपाल   केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साफ कर दिया है कि वे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की दौड़ में नहीं हैं। चौहान ने कहा कि उनका पूरा ध्यान किसानों की आय बढ़ाने और कृषि उत्पादन को नई ऊँचाई पर ले जाने पर है। ग्वालियर स्थित राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित अखिल भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान गोष्ठी के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा—“मेरा एक ही लक्ष्य है कि कृषि उत्पादन कैसे बढ़े। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुझे कृषि और ग्रामीण विकास की जिम्मेदारी दी है। इस समय कृषि मेरे रोम-रोम में है और किसान मेरी सांसों में।” लोगों की सेवा करना मेरे लिए ईश्वर की पूजा है भाजपा अध्यक्ष के मुद्दे पर इसी तरह के एक सवाल का फिर से जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मैं फिर से कहूंगा कि न तो मैंने कभी इसके बारे में सोचा है, न ही किसी ने मुझे बताया है। मैं इसके बारे में सोच भी नहीं सकता। इस बार उन्होंने अपने पहले के बयान को दोहराया और कहा कि लोगों की सेवा करना मेरे लिए ईश्वर की पूजा है और मैं अपनी अंतिम सांस तक यही पूजा करता रहना चाहता हूं। चार बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे बता दें कि विदिशा निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा सांसद चुने जाने से पहले, 66 वर्षीय केंद्रीय मंत्री चौहान, जो एक प्रमुख ओबीसी नेता हैं, रिकॉर्ड चार बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और उन्हें ज़मीनी स्तर से जुड़े राजनेता के रूप में देखा जाता है। 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ा और जीता मध्य प्रदेश में नवंबर 2023 के विधानसभा चुनावों में भाजपा को शानदार जीत दिलाने के बाद, उन्होंने मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया और विदिशा सीट से 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ा और जीता भी। कार्यकाल बढ़ा दिया गया बाद में, पिछले साल नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के तीसरे कार्यकाल में वे कैबिनेट मंत्री बने। गौरतलब है कि वर्तमान भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा का तीन साल का कार्यकाल लगभग दो साल पहले समाप्त हो गया था और उसके बाद उनका कार्यकाल बढ़ा दिया गया था।   क्या कहा मीडिया ने उनसे आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के साथ कथित मुलाकात और भाजपा अध्यक्ष पद की संभावना को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने कहा—“न मैंने इसके बारे में कभी सोचा, न किसी ने मुझसे कहा। मैं इस बारे में सोच भी नहीं सकता। लोगों की सेवा करना ही मेरे लिए ईश्वर की पूजा है और मैं अंतिम सांस तक यही करता रहूंगा।” चार बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे 66 वर्षीय शिवराज सिंह चौहान को जमीनी नेता और प्रभावशाली ओबीसी चेहरा माना जाता है। नवंबर 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को भारी जीत दिलाने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद छोड़ा और विदिशा से 2024 का लोकसभा चुनाव जीतकर संसद पहुंचे। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में वे कैबिनेट मंत्री बने।   केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार (26 अगस्त, 2025) को भाजपा के अगले अध्यक्ष बनने की संभावनाओं पर पूछे गए सवालों को टाल दिया और कहा कि उनका पूरा ध्यान कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय बढ़ाने पर है। पिछले सप्ताहांत नई दिल्ली में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के साथ उनकी कथित मुलाकात के बारे में मीडियाकर्मियों द्वारा पूछे जाने पर, जिससे उनके भाजपा अध्यक्ष पद के दावेदार होने की अटकलों को बल मिला, श्री चौहान ने सवालों को टाल दिया और कहा कि वह अपने मंत्री पद की जिम्मेदारियों को संभालने में व्यस्त हैं। "मैं एक बात कहना चाहता हूँ – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुझे कृषि, किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्रालयों का कार्यभार सौंपा है। इस समय, कृषि मेरे रोम-रोम में है और किसान मेरी साँसों में हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा, "एक पक्षी की आंख की तरह, मेरा एक ही लक्ष्य है – कृषि उत्पादन कैसे बढ़ाया जाए, किसानों की आय कैसे बढ़ाई जाए, ग्रामीण क्षेत्रों का विकास कैसे किया जाए, और अधिक लखपति दीदी कैसे बनाई जाएं।" लखपति दीदी स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की सदस्य होती हैं, जिनकी वार्षिक घरेलू आय 1 लाख रुपये से अधिक होती है। जब पत्रकारों ने अगले भाजपा अध्यक्ष के मुद्दे पर और सवाल पूछे, तो श्री चौहान ने कहा, "न तो मैंने कभी इसके बारे में सोचा है, न ही किसी ने मुझे बताया है। मैं इसके बारे में सोच भी नहीं सकता। मैं कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री हूँ। मैं इस काम को पूजा की तरह कर रहा हूँ। किसानों की सेवा मेरे लिए ईश्वर की पूजा है, और मैं यह पूजा करते रहना चाहता हूँ।" 66 वर्षीय श्री चौहान, एक प्रमुख ओबीसी नेता, रिकॉर्ड चार बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और उन्हें ज़मीनी स्तर से जुड़े राजनेता के रूप में देखा जाता है। नवंबर 2023 में मध्य प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा को शानदार जीत दिलाने के बाद, उन्होंने विधानसभा की सदस्यता छोड़ दी और 2024 का लोकसभा चुनाव विदिशा से लड़ा और जीता। बाद में वे मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के मंत्रिमंडल में शामिल हुए। वर्तमान भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा का तीन साल का कार्यकाल करीब दो साल पहले समाप्त हो गया था। उसके बाद उनका कार्यकाल बढ़ा दिया गया था।    

विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर ने देश के नागरिकों को स्वदेशी अपनाने का किया आव्हान

गोपालसिंह इंजीनियर का संदेश – स्वदेशी ही है भारत की आत्मनिर्भरता की कुंजी विधायक कार्यालय में भगवान गणेश जी की हुई स्थापना श्रद्धा भक्ति के साथ भगवान गणेश जी की,की भक्ति, आष्टा   आज गणेश चतुर्थी के शुभ दिवस पर आष्टा विधायक गोपालसिंह इंजीनियर के कार्यालय पर रिद्धिसिद्धि के दाता भगवान श्री गणेश जी की स्थापना की गई । आज दोपहर में भारतीय जनता पार्टी के समस्त कार्यकर्ताओं पदाधिकारी की उपस्थिति में विधायक श्री गोपाल सिंह इंजीनियर ने विधि विधान के साथ भगवान श्री गणेश जी की स्थापना की एवं सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं ने मिलकर भगवान श्री गणेश जी की आरती की । भगवान श्री गणेश जी की स्थापना की विधि उमेश शर्मा ने पूर्ण कराई । इस अवसर पर विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने दस दिवसीय गणेशोत्सव के शुभारम्भ अवसर पर सभी नागरिकों से आव्हान किया की वे अपने दैनिक जीवन मे उपयोग में आने वाली वस्तुएं स्वदेशी ही खरीदे ।  देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने देश की जनता से स्वतंत्रता दिवस पर जो आव्हान किया कि हम सब देशवासी भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए दैनिक जीवन के उपयोग में जो वस्तुएं आती है,जब आप बाजार में उक्त वस्तुएं खरीदने जाये तो वे वस्तुएं स्वदेशी ही हो,स्वदेशी ही खरीदे । हम सब जब  दैनिक उपयोग की वस्तुओं में जितना ज्यादा से ज्यादा स्वदेशी वस्तुओं का क्रय करेंगे,उसका उपयोग करेंगे  ताकि हमारा देश विदेशी वस्तुओं पर निर्भर न होकर स्वदेशी वस्तुओं के द्वारा आत्मनिर्भर बने और भारत आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर हो । विधायक श्री गोपाल सिंह इंजीनियर ने कहा कि हम अपने स्थानीय उद्योगों को भी ऐसे ही स्वदेशी अपनाने के आवाहन के तहत बढ़ावा दे सकते हैं । विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर ने भारतीय जनता पार्टी के समस्त कार्यकर्ताओं पदाधिकारी से भी आव्हान किया कि वह भी स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने के लिए अपने-अपने क्षेत्र में प्रचार प्रसार कर नागरिकों को स्वदेशी अपनाने के लिए प्रेरित करें विधायक कार्यालय में भगवान श्री गणेश जी की स्थापना के अवसर पर बड़ी संख्या में भाजपा के कार्यकर्ता,पदाधिकारी,जनप्रतिनिधि आदि उपस्तिथ थे ।

जनगणना की तैयारी शुरू, एमपी सरकार ने बनाई हाईपावर स्टेट लेवल कमेटी

भोपाल  मध्य प्रदेश में सरकार ने जनगणना की तैयारी शुरू कर दी है. प्रदेश भर में जनगणना को लेकर सरकार ने हाईपावर स्टेट लेवल कमेटी बनाई है. स्टेट लेवल कमेटी के लिए मुख्य सचिव को अध्यक्ष बनाया गया है. 6 एसीएस, 3 पीएस और 15 अधिकारियों की कमेटी बनी है. प्रदेश में 2027 में होनी वाली जनगणना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा. पहले चरण में साल 2026 में मकानों की संख्या की जानकारी होगी इकट्ठा की जाएगी. 30 दिनों में कमेटी अपनी रिपोर्ट पेश करेगी. दूसरे चरण में 20 दिनों के भीतर जनगणना की रिपोर्ट तैयार की जाएगी. इसके साथ ही जनगणना के लिए विभाग मास्टर ट्रेनर्स, फील्ड ट्रेनर्स का भी प्रशिक्षण होगा. 31 दिसंबर 2025 तक सभी विभागों के अधिकारी और कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जाएगी.31 दिसंबर 2025 तक सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की ट्रेनिंग पूरी कर ली जाएगी। मध्य प्रदेश सरकार इस जनगणना को समयबद्ध और व्यवस्थित रूप से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य अप्रैल से सितंबर 2026 के मध्य, राज्य शासन द्वारा निर्धारित 30 दिवस की अवधि में संपन्न किया जाएगा। द्वितीय चरण अंतर्गत जनसंख्या की गणना का कार्य नौ से 28 फरवरी 2027 की अवधि में किया जाएगा। जनगणना 2027 के लिए संदर्भ तिथि एक मार्च 2027 की रात्रि 12 बजे होगी। मध्य प्रदेश शासन ने मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता में जनगणना 2027 के लिए राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति का गठन किया है। यह समिति प्रदेश में जनगणना के राष्ट्रीय महत्व के कार्य के सुचारू एवं सफल संचालन करेगी एवं जनगणना कार्य निदेशालय एवं राज्य शासन के विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय एवं योजनाबद्ध रूप से कार्य करेगी। इन्हें दी गई जिम्मेदारी समिति में अपर मुख्य सचिव गृह, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, नगरीय विकास एवं आवास, सामान्य प्रशासन, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी, वित्त, प्रमुख सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जनजातीय कार्य, राजस्व, सचिव, स्कूल शिक्षा, जनसंपर्क, अपर सचिव गृह विभाग एवं नोडल अधिकारी निदेशक एनआईसी सदस्य होंगे। निदेशक, जनगणना कार्य निदेशालय मप्र भोपाल को संयोजक/सदस्य सचिव बनाया गया है। समिति दोनों चरणों में शासन के संबंधित विभागों के मध्य अपेक्षित सहयोग एवं समन्वय स्थापित करने का कार्य करेगी। समिति की बैठक में जनगणना कार्य के लिए लगाए जाने वाले कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित कराना, जनगणना के मास्टर ट्रेनर फील्ड ट्रेनर्स और फील्ड स्टाफ का प्रशिक्षण निर्धारित कार्यक्रम अनुसार आयोजित करना। 31 दिसंबर 2025 तक प्रशासनिक इकाइयों की सीमाओं के परिवर्तन संबंधी समस्त प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया जाना इत्यादि बिंदुओं पर निर्णय लिया जाएगा। समिति का कार्यकाल 31 मार्च 2027 तक रहेगा। डिजिटल प्रक्रिया होगी जनगणना की पूरी तरह से डिजिटल प्रक्रिया होगी, जिसमें प्रगणक मोबाइल पर डाटा एकत्र करेंगे और जनता को स्व-गणना करने का विकल्प भी दिया जाएगा। जनगणना के समस्त फील्ड कार्य की सतत निगरानी के लिए भारत के महारजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा एक वेब पोर्टल सीएमएमएस विकसित किया गया है।

यात्रियों के लिए खुशखबरी: झांसी-पुरी स्पेशल ट्रेन 19 सितंबर से 29 नवंबर तक

झांसी त्योहारी सीजन को देखते हुए रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। यात्रियों की सुविधा के लिए 19 सितंबर से लेकर 29 नवंबर के बीच 11 फेरों के लिए वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-पुरी साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन का संचालन किया जाएगा। यात्रियों को जानकारी के लिए बता दें कि ये ट्रेन झांसी से ग्वालियर, भिंड, इटावा होकर संचालित की जाएगी। इस ट्रेन में दो एसएलआर, दो सेकंड एसी, पांच थर्ड एसी, छह इकॉनमी और चार स्लीपर कोच रहेंगे। इन स्टेशनों से गुजरेगी ट्रेन 01929 झांसी-पुरी साप्ताहिक स्पेशल हर शुक्रवार को सुबह 11.55 बजे झांसी से रवाना होकर दतिया, डबरा होते हुए दोपहर 1.25 बजे ग्वालियर आएगी। ये ट्रेन मालनपुर, सोनी, इटावा, गोविंदपुरी, फतेहपुर, सूबेदारगंज, मिर्जापुर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, गया, कोडरमा, पारसनाथ, गोमोह, आद्रा, बांकुर, विष्णुपुर, मिदनापुर, हिजली, बालासोर, भद्रक, जाजपुर, कटक, भुवनेश्वर, खुर्दा रोड होते हुए शनिवार रात 8.15 बजे पुरी पहुंचेगी। वहां से ये ट्रेन रात में 11.45 बजे रवाना होकर विभिन्न स्टेशनों से होते हुए सोमवार की सुबह 8.25 बजे ग्वालियर आएगी। यहां से रवाना होकर ट्रेन सुबह 11.15 बजे झांसी स्टेशन पहुंचेगी। ये ट्रेन भी चलेगी यात्रियों के लिए 08630 गोरखपुर-रांची 19 अक्तूबर से दो नवंबर तक हर रविवार, 04214 लखनऊ-टाटानगर स्पेशल 24 सितंबर से 28 नवंबर तक सप्ताह के हर बुधवार और शुक्रवार, 04213 टाटानगर-लखनऊ स्पेशल 25 सितंबर से 29 नवंबर तक, 06063 कोयंबत्तूर-धनबाद स्पेशल पांच सितंबर से 28 नवंबर तक हर शुक्रवार, 06064 धनबाद-कोयंबत्तूर स्पेशल आठ सितंबर से एक दिसंबर तक हर सोमवार को चलेगी।

कृषि मंत्री शिवराज सिंह बोले- मप्र में 30 तालाबों का निर्माण, मछली पालन होगा प्रोत्साहित

  दतिया  दतिया में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान(Shivraj Singh Chouhan) ने कहा कि अत्याधुनिक पशु अस्पताल में यूपी और एमपी के किसानों के पशुओं का इलाज मिलेगा। उन्होंने कहा कि जलवायु के परिवर्तन से निपटने के लिए 14 और 15 सितंबर को पूसा में रबी कॉफ्रेंस आयोजित की जा रही है। उन्होंने बताया कि जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ते तापमान, अनियमित बारिश और पानी की कमी जैसी चुनौतियों से निपटने के उपाय किए जा रहे हैं। ऐसी किस्मे विकसित की जा रही हैं, जो बदलते जलवायु में अनुकूल हों और ऊंचे तापमान में भी बेहतर पैदावार दे। साथ ही भविष्य में संभावित बीमारियों से बचाव के लिए नई किस्मों पर काम चल रहा है। 30 तालाबों का निर्माण फिसरीज अस्पताल द्वारा परिसर में मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए 30 तालाबों का निर्माण किया जाएगा। उधर तालाबों के निर्माण के साथ-साथ एक हेचरी की स्थापना भी की जा रही है। आगामी दिनों में मछली के बीज भी तैयार किए जाएंगे। जिससे किसान आर्थिक तौर पर सशक्त होंगे। वहीं कालेज में पढ़ने वाले छात्रों को भी मछली के प्रजनन की वैज्ञानिक प्रक्त्रिस्या को सीखने के लिए प्रायोगिक ज्ञान भी मिलेंगे। वन्य जीवों का भी होगा इलाज उधर पशुओं के एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, और ऑपरेशन की सुविधा के साथ-साथ वन्य जीवों का भी यहां इलाज हो सकेगा। वहीं शिवपुरी, श्योपुर, और पन्ना तक के वाइल्ड लाइफ और सेंचुरी में पाए जाने वाले शेर सहित अन्य वन्य जीवों का इलाज भी इस अस्पताल में किया जाएगा।

ओबीसी आरक्षण पर कल सर्वदलीय चर्चा, मोहन सरकार करेगी सभी दलों से विचार साझा

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार ने ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर 28 अगस्त को सर्वदलीय बैठक आयोजित करने का फैसला किया है। इस बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से 27 प्रतिशत आरक्षण से जुड़े पहलुओं पर चर्चा होगी। सूत्रों के अनुसार, ओबीसी आरक्षण से संबंधित मामला सुप्रीम कोर्ट द्वारा टॉप ऑफ द बोर्ड को सौंपा गया है, जो 28 अगस्त के बाद प्रतिदिन इस पर निगरानी रखेगा और राज्य सरकार से प्रगति रिपोर्ट भी मांगेगा। ओबीसी आयोग के सर्वे के मुताबिक, प्रदेश की कुल आबादी में इस वर्ग की हिस्सेदारी लगभग 52 प्रतिशत है। लेकिन लगातार न्यायालय में चुनौती दिए जाने के कारण भर्ती व अन्य प्रक्रियाओं में इसका पूर्ण लाभ नहीं मिल पा रहा। अब सरकार सभी दलों से सुझाव लेकर ओबीसी की हिस्सेदारी के प्रतिशत पर स्पष्ट नीति तय करेगी और उसी आधार पर रिपोर्ट बोर्ड को सौंपी जाएगी। आरक्षण मुद्दे पर गरमाई राजनीति ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर दोनों प्रमुख दल खुद को श्रेय देने की कोशिश कर रहे हैं। अब सर्वदलीय बैठक को लेकर भी राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस विधायक और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का आरोप है कि पिछले छह वर्षों से शिवराज सिंह चौहान और मौजूदा मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार की वजह से ओबीसी वर्ग 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ नहीं पा सका। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कमलनाथ सरकार के समय विधानसभा में अध्यादेश लाकर ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया गया था, जो बाद में कानून भी बन गया, लेकिन उसका क्रियान्वयन अब तक नहीं हो पाया। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब मुख्यमंत्री स्वयं ओबीसी आरक्षण देने की प्रतिबद्धता जता रहे हैं, तो फिर सर्वदलीय बैठक बुलाने की आवश्यकता क्यों है। पार्टी का कहना है कि सरकार को अब और विलंब न करते हुए दो दिनों के भीतर सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर मामला वापस लेना चाहिए, ताकि ओबीसी वर्ग को उनका हक मिल सके।