samacharsecretary.com

बिल पास करने की एवज में मांगी रिश्वत, इंजीनियर नरेंद्र गुप्ता रंगेहाथ पकड़े गए

मंडला  मध्य प्रदेश में लोकायुक्त की टीम ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है। हर दिन दो से तीन भ्रष्ट कर्मचारी और अधिकारी पकड़े जा रहे हैं। जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने मंडला जिले में कार्रवाई की है। रिटायरमेंट की उम्र में एक इंजीनियर साहब 20000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े गए हैं। पकड़े जाने के बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है। ये है मामला दरअसल, रौशन कुमार तिवारी नाम के शिकायतकर्ता ने जबलपुर लोकायुक्त से शिकायत की थी। शिकायत में उसने कहा था कि हमारी फर्म बोरिंग बिल्डर्स ने वर्ष 2024 में आदिवासी जनजातीय विभाग मंडला में रिपेयर और मेंटेनेंस का काम किया था। विभाग में बिल का बकाया था। बिल भुगतान के लिए सहायक इंजीनियर नरेंद्र कुमार गुप्ता 56000 रुपए की रिश्वत मांग रहे थे। रिश्वत नहीं देने पर बिल पास नहीं हो रहा था। लोकायुक्त में की शिकायत सहायक इंजीनियर नरेंद्र कुमार गुप्ता की शिकायत फरियादी ने लोकायुक्त से की। लोकायुक्त ने शिकायत की जांच की। जांच के दौरान मामला सही पाया गया। इसके बाद कार्रवाई के लिए ट्रैप दल का गठन किया गया है। 11 सितंबर को रिश्वत की पहली किस्त 20000 रुपए लेते हुए उन्हें रंगे हाथ पकड़ा गया है। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन)2018 की धारा-7,13(1)B, 13(2) के अंतर्गत कार्यवाही की जा रही है। इस कार्रवाई से जनजातीय कार्यालय में हड़कंप मच गया है। रिटायरमेंट की उम्र में पकड़े गए वहीं, मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मियों की रिटायरमेंट की उम्र 62 साल है। सहायक इंजीनियर गुप्ता 61 साल के हैं। कुछ दिनों में वह रिटायर हो जाते। इससे पहले ही रिश्वत के मामले में पकड़े गए हैं। पकड़े जाने के बाद उनके चेहरे पर शिकन दिख रहा था। पूजा कर आए थे ऑफिस गौरतलब है कि पकड़े जाने के बाद सहायक इंजीनियर गुप्ता की तस्वीर सामने आई है। उस तस्वीर में दिख रहा है कि माथे पर चंदन है। साथ ही उंगलियों में अंगूठियां हैं। इससे साफ पता चलता है कि वह दफ्तर पूजा पाठ के बाद आए थे। लेकिन रिश्वत की बोहनी के समय ही लोकायुक्त के ट्रैप में फंस गए। इसके बाद टेबल पर अपनी हथेली सीधी कर दिखा रहे थे।

धीरेंद्र शास्त्री की अगली पदयात्रा की तैयारी शुरू, मीडिया संवाद में साझा किया विज़न

छतरपुर  कथावचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर से पदयात्रा निकालने की तैयारी में हैं. बाबा बागेश्वर की यह दूसरी पदयात्रा होगी. इससे पहले भी वो पिछले साल नवंबर में बागेश्वर धाम से ओरछा तक 160 किलोमीटर की पदयात्रा निकाल चुके हैं. इस पदयात्रा को 'सनातन हिंदू एकता पदयात्रा' नाम दिया गया है. इस पदयात्रा पर सुझाव और सहयोग के लिए उन्होंने अपने धाम में 'मीडिया संवाद' कार्यक्रम का आयोजन किया. जहां उन्होंने मीडिया से आग्रह किया की इस पदयात्रा में जरूर शामिल हो और इसे देश के कोने-कोने तक पहुंचाएं. दिल्ली से वृंदावन की पदयात्रा करेंगे धीरेंद्र शास्त्री बाबा बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग को लेकर चर्चा में रहते हैं. वो सनातन धर्म से जुड़े कुछ न कुछ काम हमेशा करते रहते हैं. अब वो दोबारा पदयात्रा पर निकलने की तैयारी में हैं. धीरेंद्र शास्त्री आगामी 7 नवंबर से 18 नवंबर तक दिल्ली से वृंदावन तक की पदयात्रा की तैयारी में हैं. उनका कहना है कि "यह यात्रा राजपीठ से धर्मपीठ तक की है. पहले भारत को जोड़ेंगे फिर भारत को अखंड बनाएंगे. इस पदयात्रा का मूल उद्देश्य जाति-पाति की दीवार तोड़कर सबको हिंदू राष्ट्र के लिए एक करना है." सात राज्यों के पत्रकार, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हुए शामिल धीरेंद्र शास्त्री ने इस पदयात्रा को लेकर  अपने धाम में मीडिया मंथन कार्यक्रम का आयोजन किया. कार्यक्रम में करीब 7 राज्यों यूपी, एमपी, महाराष्ट्र, राजस्थान, बिहार, दिल्ली और गुजरात के पत्रकार, यूट्यूबर और सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर शामिल हुए. पत्रकारों को यात्रा के संबंध में आवश्यक सुझाव भी लिए गए. बाबा बागेश्वर ने इस दौरान एक क्यूआर कोड लॉन्च किया और यात्रा का लोगों भी जारी किया. उन्होंने मीडिया से अपील करते हुए कहा, "इस सनातन हिंदू एकता पदयात्रा को जन-जन तक पहुंचाएं, क्योंकि भारत को जोड़ने में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण है." क्यूआर स्कैन करके यात्रा के लिए कर सकते हैं रजिस्ट्रेशन क्यूआर कोड के माध्यम से सनातन हिंदू एकता पदयात्रा में जाने के लिए पंजीयन हो सकेगा. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, "यह यात्रा पूर्ण रूप से आध्यात्मिक यात्रा है. धर्म को बचाने के लिए गांव-गांव के लोगों को यात्रा में शामिल करने के उद्देश्य से क्यूआर जारी हुआ है, ताकि लोग कहीं से भी इसे स्कैन कर अपना पंजीयन कर सके." उन्होंने कहा, "लाखों लोग ऐसे हैं जिनसे मुलाकात नहीं हो पाती, लेकिन यह यात्रा ऐसे ही लोगों के लिए है. जिससे वे मिलेंगे उससे भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए प्रेरित करेंगे."

ISIS से जुड़ा नेटवर्क ध्वस्त, स्पेशल सेल ने राजगढ़ से पांच संदिग्ध आतंकवादी दबोचे

राजगढ़  दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बुधवार को मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा से ISIS से जुड़े आतंकवादी कामरान कुरैशी को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी कई राज्यों में एक साथ की गई कार्रवाई का हिस्सा है, जिसमें कुल पांच आतंकवादियों को पकड़ा गया है। पुलिस के अनुसार, ये सभी पाकिस्तान आधारित पैन टेरर मॉड्यूल से जुड़े हुए हैं। गिरफ्तार किए गए आतंकवादियों में दो लोग दिल्ली से, एक झारखंड, एक मध्यप्रदेश और एक तेलंगाना से हैं। उनके पास से हाइड्रोक्लोरिक एसिड, नाइट्रिक एसिड, सल्फर पाउडर, कॉपर शीट, बॉल बेयरिंग, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की गई है। यह सामग्री संभावित रूप से किसी बड़े हमले की तैयारी में उपयोग की जा सकती थी। कामरान कुरैशी की गिरफ्तारी का विवरण कामरान कुरैशी, जो ब्यावरा का निवासी है, के खिलाफ अवैध हथियारों की खरीदारी का आरोप है। पुलिस ने बताया कि उसने इस साल कुछ अन्य आरोपियों के साथ मिलकर अवैध देशी कट्टे और अन्य हथियार खरीदे थे। इन हथियारों का उपयोग किसी वारदात को अंजाम देने के लिए किया जा सकता था। दिल्ली पुलिस ने कामरान की गिरफ्तारी के लिए ब्यावरा में सुबह 5:30 बजे दबिश दी। पुलिस की विशेष टीम ने सिविल ड्रेस में तीन गाड़ियों से पहुंचकर उसे उसके घर से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए युवक के पिता का मोबाइल भी जब्त किया गया है। पुलिस कार्रवाई की जानकारी ब्यावरा के टीआई वीरेंद्र धाकड़ ने बताया कि कामरान कुरैशी को सहायक के रूप में आरोपित किया गया है। दिल्ली में अन्य आरोपियों ने अवैध हथियारों की खरीदारी की थी, जिसमें वह शामिल था। इस गिरफ्तारी से पुलिस को आतंकवादी गतिविधियों की योजना को नाकाम करने में मदद मिली है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि वे इस तरह की गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रहे हैं। पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी से अन्य संभावित आतंकवादी गतिविधियों को रोकने में मदद मिलेगी। आतंकवादियों के नेटवर्क का खुलासा गिरफ्तार किए गए आतंकवादियों का नेटवर्क पाकिस्तान से संचालित होता है, जो भारत में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने का प्रयास कर रहा था। पुलिस ने बताया कि यह नेटवर्क अवैध हथियारों की खरीदारी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में संलग्न था। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि सुरक्षा एजेंसियां आतंकवाद के खिलाफ कितनी सक्रिय हैं। पुलिस ने यह भी कहा है कि वे आगे की जांच जारी रखेंगे और इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने का प्रयास करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मोहन भागवत को दी जन्म दिवस की बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत को जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना की। उन्होंने कहा कि भागवत का मार्गदर्शन प्रत्येक भारतीय में राष्ट्रवादी संस्कारों का संचार कर भारत को पुनः उसके परम वैभव पर ले जाने में सहायक सिद्ध हो, ईश्वर से यही प्रार्थना है।  

IPS कैडर में शामिल होंगे MP के 5 अधिकारी, 15 नाम UPSC को भेजे गए

भोपाल   मध्यप्रदेशराज्य पुलिस सेवा के पांच अधिकारियों का आईपीएस अवार्ड होगा। इसके लिए डीपीसी 12 सितंबर को कराने की तैयारी है। इस बार राज्य पुलिस सेवा के कुल पांच अधिकारियों को आइपीएस(IPS Officer) बनाया जाएगा। जिसमें 1997-98 बैच के 15 अधिकारियों के नामों पर विचार किया जाएगा। लेकिन 5 अधिकारियों को ही आइपीएस बनाया जाएगा। 15 अधिकारियों के नामों का पैनल तैयार कर यूपीएससी को भेजा है। बता दें डीपीसी में यूपीएससी के एक मेंबर के साथ सीएस अनुराग जैन, डीजीपी कैलाश मकवाना और एसीएस होम शिवशेखर शुक्ला शामिल होंगे। दो नामों पर फंसा पेंच वरिष्ठता के क्रम में राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी सीताराम ससत्या का नाम सबसे पहले है। लेकिन उनका एक विभागीय प्रकरण होने के कारण पेंच फंसा है। ऐसे ही वरिष्ठता में दूसरा नंबर अमृत मीणा का है लेकिन जाति प्रमाण पत्र का एक मामला अभी कोर्ट में चल रहा है। इन नामों पर होगा विचार डीपीसी में राज्य पुलिस सेवा के 1997-98 बैच के 15 अधिकारियों के नामों पर विचार किया जाएगा।     सीताराम ससत्या     अमृत मीणा     विक्रांत मुराब     सुरेंद्र कुमार जैन     आशीष खरे     राजेश रघुवंशी     निर्मिषा पांडेय     राजेश कुमार मिश्रा     मलय जैन     अमित सक्सेना     मनीषा पाठक सोनी     सुमन गुर्जर     संदीप मिश्रा     सव्यसाची सर्राफ     समर शर्मा

एमपी में शुरू होगी आधुनिक बस सेवा, परिवहन विभाग ने की बड़े पैमाने पर तैयारी

भोपाल  मध्य प्रदेश में लगभग 20 साल पहले बंद हुई लोक परिवहन सेवा अब पीपीपी मॉडल पर शुरू होने जा रही है। यह संभव हो रहा है ।  मध्यप्रदेश में सुविधा शुरू करने के लिए कई प्रदेशों की बस सेवा (Government Bus Service) का अध्ययन किया गया है। अब पर्यटन विभाग (Transport Department) ऐसा आदर्श मॉडल तैयार कर रहा है जो देश में अपने तरीके का इकलौता होगा। घर बैठे प्री-टिकट, सीट रिजर्वेशन, रियल टाइम बस लोकेशन जैसी सुविधा मिलेगी। सुरक्षा के लिए वीएलडीटी से हर 5-10 सेकंड में बस की जानकारी कंट्रोल रूम पर पहुंचेगी। परिवहन मंत्री ने गिनाई सुविधाएं परिवहन मंत्री (Transport Minister) उदयप्रताप सिंह ने बताया, आधुनिक और सर्व सुविधायुक्त बस टर्मिनल, बस स्टैंड का निर्माण होगा। इंट्रीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) आधारित मॉडल में यात्री और बस ऑपरेटर्स के लाभ व सरकार की संतुष्टि तीनों पक्षों को प्राथमिकता पर रखा है। ज्ञात रहे कि बस सेवा की शुरुआत इंदौर संभाग से की जानी है। यह मार्च-अप्रेल 2026 से संभव है। 50% पंचायत वंचित, गांवों में पहुंच बढ़ेगी परिवहन विभाग के सचिव मनीष सिंह ने बताया, वर्तमान में ऐसे क्षेत्र भी हैं जहां के लिए परमिट जारी हुए हैं लेकिन, बसें नहीं चलतीं। इसके विपरीत रूट वाइलेंस की स्थिति भी मिलती है। ऐसी बातों को देखते हुए बसों के रूट तय किए जा रहे हैं। अभी लगभग 50 प्रतिशत पंचायतों तक यात्री बसों (public transport service) की पहुंच है। नई व्यवस्था में यह पहुंच बढ़कर 75 प्रतिशत तक हो जाएगी। सीधा लाभ ग्रामीण क्षेत्र के यात्रियों को मिलेगा। रोडवेज की बसें बंद होने के सालों बाद प्रदेश की डॉ मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार के द्वारा मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत बसों का संचालन गांव तक शुरू करने का फैसला लिया गया है। इसके लिए सरकार के द्वारा अलग से मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एवं अधो संरचना लिमिटेड के नाम से एक कंपनी का गठन भी किया जा चुका है। इस कंपनी के द्वारा बस सेवा को शुरू करने के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस दिशा में अब तक हुए कामकाज की कल भोपाल में समीक्षा की। इस समीक्षा बैठक में डॉ यादव ने कहा कि इस बस सेवा को इंदौर से जल्द शुरू किया जाए। इस बस सेवा में यात्रियों की सुविधाओं और किफायती किराए का ध्यान रखा जाए। इस बैठक में बताया गया कि इंदौर से ही यह बस सेवा शुरू की जाएगी। पूरे प्रदेश में इंदौर ही बसों की आवाजाही का सबसे बड़ा केंद्र है। यह निश्चित किया गया है कि इस बस सेवा के तहत जो बसें संचालित की जाएगी उन बसों में आगे के कांच पर उन शहरों और गांव के नाम लिखे जाएंगे जहां पर की यह बस जाएगीं। इस बैठक में प्रदेश के परिवहन सचिव मनीष सिंह ने बताया कि उज्जैन जिले में सार्वजनिक बस के संचालन का विस्तृत सर्वे पूरा कर लिया गया है। जबलपुर और इंदौर में रूट सर्वे तथा श्रेणी वार संचालित बसों की संख्या का अनुमान और आवश्यक सर्वे भी लगभग पूरा किया जा चुका है। इस सर्वे में 6 बिंदुओं पर प्राथमिकता के साथ ध्यान दिया जा रहा है। इसमें संस्थागत व्यवस्था एवं स्टाफ, नियम एवं करो में संशोधन रूट सर्वे एवं स्कीम की अधिसूचना, आईटी प्लेटफार्म तथा एजेंसी का चयन और परिवहन संरचना की योजना ऑपरेटर से चर्चा कैपेसिटी बिल्डिंग पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत सरकार के द्वारा निजी क्षेत्र की भागीदारी से पूरे रूट पर बस स्टैंड, बस स्टॉप का निर्माण किया जाएगा। बसों की पार्किंग के लिए दीपक बनाए जाएंगे। पूरी अधो संरचना का विकास किया जाना है। यह पूरा कार्य निजी क्षेत्र की भागीदारी के साथ किया जाएगा। इसमें जो बेसन का संचालन होगा वह भी निजी क्षेत्र की भागीदारी का ही होगा।

CM मोहन यादव का तोहफा: 7832 टॉपर्स को स्कूटी सहित पुरस्कार, बच्चों में खुशी की लहर

भोपाल  मध्य प्रदेश के स्कूली बच्चों के लिए 11 सितंबर का दिन बेहद खास रहा. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 7832 बच्चों को स्कूटी गिफ्ट में दी. इसके साथ ही सीएम डॉ. यादव ने सेनिटेशन-हाइजीन योजना के तहत 20 लाख से ज्यादा बच्चियों को 61.12 करोड़ से ज्यादा और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय योजना के तहत 20 हजार से ज्यादा बच्चियों को 7 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की. इतना ही नहीं उन्होंने एक बच्ची की स्कूटी पर पीछे बैठकर स्कूटी राइड का आनंद भी उठाया. इसके बाद प्रदेश के मुखिया ने बच्चों को गाड़ी सावधानी से चलाने, लाइसेंस बनवाने और नंबर प्लेट लगवाने की सलाह भी दी. दूसरी ओर, स्कूटी पाकर बच्चों के चेहरे खिल गए.उन्होंने इस गिफ्ट के लिए सीएम डॉ. मोहन यादव को धन्यवाद दिया. इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में बच्चों के लिए बेहतर भविष्य के अवसर बन रहे हैं. प्रदेश के विद्यार्थियों को स्कूटी, लैपटॉप, साइकिल, कॉपी-किताबें सहित अनेक सौगातें मिल रही हैं. आज स्कूल शिक्षा विभाग के माध्यम से 12वीं बोर्ड परीक्षा में स्कूल के टॉपर रहे 7832 बच्चों को स्कूटी दी गई है. वर्तमान में विश्व में भारत का समय चल रहा है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए संकल्पित हैं. भारतीयों ने हर मुश्किल परिस्थिति में अपनी क्षमता के माध्यम से दुनिया में पहचान बनाई है. बदलते दौर में भारत सरकार नई तकनीक को प्रोत्साहित कर रही है. दुनिया भारत की ओर आशा भरी निगाहों से देख रही है. दुनिया का बड़े से बड़ा मंच प्रधानमंत्री मोदी की गैर-मौजूदगी से सूना महसूस करता है. पड़ोसी देश पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री भी कहते हैं कि काश, मोदी हमारे देश के भी प्रधानमंत्री होते. आज भारत अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में प्रगति कर रहा है. प्रधानमंत्री मोदी हर स्थिति में वैज्ञानिकों के साथ हैं. मध्यप्रदेश में हो रहे बड़े काम सीएम डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में कभी सरकारी स्कूलों की स्थिति बहुत दयनीय थी. इनमें बच्चों के लिए बुनियादी सुविधाओं का अभाव रहता था. अब शहर-शहर में सांदीपनि विद्यालय की स्थापना हो रही है. कांग्रेस की सरकार ने बच्चों को कभी पेन तक नहीं दिया. कांग्रेस के लोग शर्म करें कि इजरायल और जापान हमारे साथ आजाद हुए. लेकिन, आज दोनों देश कहां पहुंच गए? शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर कार्य हुआ. राज्य सरकार मध्यप्रदेश में सिंचाई क्षेत्र को विस्तार देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. सिंचाई का क्षेत्र 52 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है. विश्व का पहला नदी जोड़ो अभियान केन बेतवा लिंक परियोजना बुंदेलखंड की धरती पर शुरू हुई है. इसकी आधारशिला प्रधानमंत्री मोदी ने रखी थी. नौकरी करने वाले नहीं, देने वाले बनें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने वर्ष 1923 में आईसीएस की परीक्षा में शीर्ष स्थान प्राप्त किया था. लेकिन, उन्होंने नौकरी नहीं की. वे अंग्रेजों को मुंहतोड़ जवाब देकर देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़े. आज भारत में लोकतंत्र की खूबसूरती ये है कि कोई भी व्यक्ति देश और राज्य का सर्वोच्च पद प्राप्त कर सकता है. मैं भी प्रधानमंत्री मोदी की तरह गरीब परिवार और मुश्किल वक्त से निकला हूं. सरकार बच्चों को इस स्कूटी पर बैठ कर आगे बढ़ते देखना चाहती है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले 15 साल में 1300 करोड़ राशि से 5 लाख से अधिक विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए. लगभग 3000 करोड़ राशि से 1 करोड़ से अधिक साइकिलें वितरित की गईं. वहीं, 250 करोड़ राशि से 23 हजार से अधिक विद्यार्थियों को स्कूटी दी जा चुकी है.   सीएम ने कहा कि बदलते दौर में प्रदेश के युवा नौकरी करने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें, इसके लिए राज्य सरकार औद्योगीकरण का अभियान चला रही है. प्रधानमंत्री मोदी 17 सितंबर को धार आ रहे हैं. जहां वे बदनावर में देश के पहले पीएम मित्र पार्क का शिलान्यास करेंगे. इससे पूर्व प्रधानमंत्री मोदी फरवरी 2025 में भोपाल आए थे. उस वक्त जीआईएस में प्रदेश को 30 लाख 77 हजार करोड़ रुपए का बड़ा निवेश मिला था. बच्चों के लिए जश्न का दिन स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि आज स्कूल शिक्षा विभाग के बच्चों के लिए जश्न का दिन है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव सदैव बच्चों का उत्साहवर्धन करते हैं. राज्यस्तरीय स्कूटी वितरण कार्यक्रम में प्रदेश के सभी जिलों के छात्र और अधिकारी जुड़े हुए हैं. युवाओं के रोजगार के लिए मुख्यमंत्री निरंतर प्रयासरत हैं. प्रदेश में उद्योगों को विस्तार देने के लिए हर संभव कोशिश जारी है. खेल-सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार बहुत तेज गति से कार्य कर रही है. गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य से ही अच्छे समाज का निर्माण किया जा सकता है. हाइजीन और स्टेशनरी के लिए भी मिली राशि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समग्र शिक्षा की सेनिटेशन-हाइजीन योजना अंतर्गत कक्षा 7वीं-12वीं की 20 लाख 37 हजार 439 बच्चियों को 61.12 करोड़ रुपये डीबीटी के माध्यम से दिए. इस योजना के तहत सरकारी स्कूलों की कक्षा सातवीं से 12वीं तक की बच्चियों को स्वास्थ्य स्वच्छता के लिए 300 रुपये की राशि हर साल दी जाती है. इसके अलावा सीएम डॉ. मोहन ने 20 हजार 100 बच्चियों के बैंक खातों में 7 करोड रुपये की राशि भी ट्रांसफर की. बता दें, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय टाइप (IV) योजना अंतर्गत हॉस्टल में रह रहीं बच्चियों को टी.एल.एम और स्टायपंड के लिए हर बच्ची को 3400 रुपये हर साल दिए जाते हैं.

छतरपुर के परिवारों की नेपाल से सुरक्षित वापसी के लिए CM मोहन ने किया एक्शन, हालात पर रखी नजर

भोपाल भारत के पड़ोसी देश नेपाल में हालात इन दिनों खराब है । वहां पर सरकार के खिलाफ जनता ने मोर्चा खोल दिया और माहौल अराजक हो गया है । वहीं इसी बीच खबर ये है कि नेपाल में मध्यप्रदेश के छतरपुर के कुछ परिवार फंसे हुए है । इसको लेकर सीएम मोहन यादव गंभीर हो गए है। मुख्यमंत्री ने संवेदना दिखाते हुए मामले पर  संज्ञान लिया है। नेपाल में फंसे हुए छतरपुर के 4 परिवारों के सदस्यों की घर वापसी के लिए सीएम मोहन ने प्रतिबद्धता दिखाई हैऔर केंद्र सरकार के माध्यम से प्रयास किए जा रहे हैं। सीएम मोहन यादव ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि छतरपुर के कुछ परिवारों के सदस्य नेपाल में हैं। इनकी चिंता करते हुए मैंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। भारत सरकार के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर उनकी सकुशल भारत वापसी के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। संकट की इस घड़ी में हम सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ नागरिकों की हरसंभव मदद के लिए तत्पर हैं।   MP के 14 लोग नेपाल हिंसा में फंसे, PM मोदी से लगाई सुरक्षित निकालने की गुहार नेपाल में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच भारत के हजारों लोग फंसे हुए और भारत के PM मोदी से सुरक्षित निकालने की गुहार लगा रहे हैं तो वह छतरपुर एमपी के भी 4 परिवार नेपाल में फंसे हुए हैं जिसमें बच्चों सहित 14 लोग शामिल है। छतरपुर के परिवार ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सुरक्षित बाहर निकलवाने की गुहार लगाई है। नेपाल में लगातार हिंसा, विद्रोह बढ़ता जा रहा है और फंसे हुए लोगों में डर का माहौल भी बना हुआ है। हिंसा के दौरान भीषण आगजनी तोड़फोड़ के साथ कई लोगों के मरने की खबरें भी आ रही है। छतरपुर के ये लोग नेपाल में फंसे नेपाल घूमने गए छतरपुर के 4 परिवार हिंसा के बीच एक होटल में फंसे हुए हैं। जिसमें छतरपुर कोतवाली इलाके के गल्ला मंडी ने रहने बाले व्यापारी पप्पू मातेले पिता स्व.सुक्कू मातेले, ट्रांसपोर्ट कारोबारी निर्देश अग्रवाल, गुड्डू अग्रवाल पिता जयनारायण अग्रवाल गल्ला मंडी, एक कुशवाहा परिवार भी इसी ग्रुप के साथ मौजूद है जो नेपाल के काठमांडू में फंस चुके हैं और अब उन्हें लगातार डर सता रहा है। तो वहीं काठमांडू के होटल में फंसे छतरपुर के निर्देश अग्रवाल ने होटल की खिड़की से बाहर हो रही हिंसा आग जनी का वीडियो बनाकर भी भेजा है। इनमें आठ यात्री भोपाल के और इंदौर के निवासी यहां 98 यात्री फंसे हुए है। इसमें भोपाल से अनिल अग्रवाल, शुभा अग्रवाल, हेम कुमार गोयल, रजनी गोयल, संजय कुमार, सुबोध सिंह, अर्चना सिंह, सौम्या मिश्रा और इंदौर से विवेक जैन शामिल है। इसी प्रकार राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात सहित अलग-अलग स्थानों से भी यात्री साथ है। सभी यात्री एक दूसरे को ढांढस बंधा रहे हैं। इन यात्रियों का परमिट नेपाल होते हुए है। जहां यात्री रुके हैं। वहां से नेपाल बार्डर लगभग 25 किमी दूर है। ऐसे में यात्री चाहते हैं कि उन्हें उत्तराखंड बार्डर के रास्ते से निकाला जाए। यात्री सोशल मीडिया के जरिए भी सरकार से अपील कर रहे हैं। CM मोहन यादव ने किया ट्वीट उक्त मामले में प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी ट्वीट किया है, उन्होंने लिखा है कि- मेरे संज्ञान में आया है कि प्रदेश के छतरपुर के कुछ परिवारों के सदस्य नेपाल में हैं। इनकी चिंता करते हुए मैंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। भारत सरकार के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर उनकी सकुशल भारत वापसी के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। संकट की इस घड़ी में हम सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ नागरिकों की हरसंभव मदद के लिए तत्पर हैं। छतरपुर विधायक ने की वीडियो कॉलिंग पर बात मामले में छतरपुर विधायक ललिता यादव ने भी नेपाल में फंसे छतरपुर के लोगों/परिवारों से बात की और उनकी मदद का हर संभव का प्रयास करने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि मामले की जानकारी प्रदेश के मुख्यमंत्री को है, मैनें भी नेवाल में फंसे लोगों से बात की है, इससे पहले भी छतरपुर, प्रदेश और देश के लोग विदेशों में फंसे थे पर हमारी सरकार हमारे देश के प्रधानमंत्री उन्हें सकुशल वापस लाये ऐसे ही उन्हें वापिस लाया जायेगा, वे और उनके परिवार के लोग चिंता न करें सरकार हर संभव मदद और उन्हें लाने के प्रयास में लगी हुई है।

उज्जैन :उच्च सुरक्षा के बीच बेगम बाग में बुलडोजर कार्रवाई, 11 अवैध निर्माण ध्वस्त

उज्जैन  विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर के पास बेगम बाग क्षेत्र में 11 अवैध बिल्डिंगों पर बुलडोजर चला है। यह मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र है जो कि महाकाल मंदिर की पहुंच मार्ग पर है। कार्रवाई महाकाल मंदिर के नीलकंठ द्वार के पास हो रही है। यह प्रॉपर्टी उज्जैन विकास प्राधिकरण की है, जिसे 30 वर्ष की लीज पर आवासीय उपयोग के लिए दिया गया था। बावजूद इसके यहां धर्म विशेष के लोगों ने नियम विरुद्ध इसका व्यावसायिक उपयोग किया। लीज का नवीनीकरण नहीं हुआ वहीं, लीज समाप्ति के बाद भी इसका नवीनीकरण नहीं हो सका है। जब उज्जैन विकास प्राधिकरण ने नोटिस दिए तो संबंधित लोग न्यायालय पहुंच गए। लोअर कोर्ट, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से स्टे खारिज होने के बाद अवैध अतिक्रमण पर अब यह कार्रवाई की जा रही है। सुबह नौ बजे से कार्रवाई शुरू सुबह 9 बजे शुरू हुई कार्रवाई में किसी प्रकार का कोई विरोध प्रदर्शन देखने को नहीं मिला। दरअसल यहां पिछले 3 माह के भीतर इसी प्रकार 13 बिल्डिंग को जमीदोंज किया गया था, तब जरूर विरोध हुआ था। आज कार्रवाई शांतिपूर्ण चल रही है। यहां 100 से अधिक पुलिस अधिकारी और जवान तैनात किए गए है। जिनमें सीएसपी, टीआई व जवान मौजूद है। वहीं, करीब 100 की संख्या में प्रशासन का भी अमला भी मौजूद है। जिसमे विकास प्राधिकरण सीईओ, नगर निगम उपायुक्त, तहसीलदार, पटवारी और निगमकर्मी शामिल है। महाकाल मंदिर के पास है एरिया जिस जगह कार्रवाई चल रही है, यह महाकाल मंदिर के पास है। मुस्लिम बाहुल्य होने के कारण अति संवेदनशील क्षेत्र माना गया है। इसलिए एक ओर से रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया गया है। उज्जैन विकास प्राधिकरण का है इलाका दरअसल, पूरा मामला इस प्रकार है कि उज्जैन विकास प्राधिकरण ने वर्ष 1985 में बेगम बाग क्षेत्र में करीब 30 भूखंड आवासीय तौर पर 30 साल की लीज पर दिए थे। भूखंड धारकों ने इन भूखंडों का उपयोग आवासीय तौर पर करने की बजाए पूरी तरह व्यावसायिक तौर पर कर लिया। जो कि नियम विरुद्ध था। इसके साथ ही वर्ष 2014-15 में लीज भी समाप्त हो गई । जिसे नवीनीकरण भी नहीं कराया गया। भूखंडों को लेकर उज्जैन विकास प्राधिकरण ने लगातार नोटिस दिए। वर्ष 2023-24 में उज्जैन विकास प्राधिकरण ने भूखंड धारकों की लीज समाप्त कर दी । जिसको लेकर भूखंड धारक न्यायालय पहुंचे जहां उन्हें स्टे मिल गया। इन भूखंडों का अलग-अलग न्यायालय में मामला विचाराधीन रहा। न्यायालय का स्टे हटते ही तोड़ने की कार्यवाही शुरू कर दी गई । यहां पूर्व में भी तीन चरणों मे करीब तीन माह के भीतर 13 बिल्डिंगों को हटाया गया था। बड़े-बड़े हैं प्लॉट खास बात तो यह है कि उज्जैन विकास प्राधिकरण ने यहां 30 भूखंड आवंटित किए थे। जिनमें प्रत्येक की साइज करीब 2400 स्क्वायर फीट थी। भूखंड धारकों ने इनके अलग-अलग टुकड़े कर करीब 65 बिल्डिंग बना ली। आज दिनांक तक 65 में से 24 बिल्डिंग को जमीदोंज किया गया है। शेष 41 बिल्डिंगों को भी कानूनी प्रक्रिया के तहत तोड़ा जाएगा। आज जिन 11 बिल्डिंगों पर कार्रवाई की जा रही है न्यायालय ने इनका स्टे खारिज कर दिया था । इसके बाद विकास प्राधिकरण की ओर से नोटिस दिया गया था, जिनकी समय सीमा समाप्त हो गई। भवन मालिकों से बातचीत की गई और उन्हें न्यायालय प्रक्रिया के बारे में समझाया गया। इसके बाद उन्होंने स्वतः अपनी बिल्डिंग खाली करना शुरू कर दी। इसलिए यह कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से चल रही है। इनलोगों के हैं मकान आज जिन 11 बिल्डिंग को जमीदोंज किया जा रहा है उनकी विस्तृत जानकारी यह है कि इसका भूखंड क्रमांक 15, 18, 29, 59 और 65 है। इन 5 भूखंडों पर 11 बिल्डिंग बना ली गई थी। जो कि वर्तमान में शेर बानो नागौरी, मोहम्मद अकरम, शहीदुर रहमान, सरफराज, मुबारिक, मोहम्मद तौसीब, अब्दुल लतीफ, सैय्यद कमर अली, मोहम्मद सिद्दीकी कुरेशी, नासिर अली, मोहम्मद सलीम के नाम पर है। उज्जैन विकास प्राधिकरण सीईओ संदीप कुमार सोनी ने बताया कि माननीय न्यायालय से स्टे खारिज होने के बाद यह कार्रवाई की जा रही है । भूखंड धारक को भूखंड आवासीय तौर पर दिए गए थे जिसे उन्होंने व्यावसायिक उपयोग किया। इसके अलावा लीज समाप्त होने के बाद लीज नवीनीकरण भी नहीं हो सका है। इसलिए यह कार्रवाई की गई।

फ्लाईओवर विवाद में नया खुलासा, HC में रिपोर्ट से सामने आया ब्रिज का 119 डिग्री ढलान

भोपाल  हाईकोर्ट में भोपाल के ऐशबाग क्षेत्र स्थित फ्लाईओवर ब्रिज को लेकर महत्वपूर्ण रिपोर्ट पेश की गई। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ के समक्ष मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MANIT) के प्रोफेसर ने जांच रिपोर्ट दाखिल की। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि ब्रिज का मोड़ 90 डिग्री नहीं, बल्कि 118 से 119 डिग्री के बीच है। याचिकाकर्ता मेसर्स पुनीत चड्ढा की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाया गया था कि उनकी कंपनी को बिना सुनवाई का अवसर दिए सरकार ने ब्लैकलिस्ट कर दिया। याचिका में कहा गया कि फ्लाईओवर निर्माण का ठेका 2021-22 में कंपनी को मिला था और कार्य सरकारी एजेंसी द्वारा जारी जीएडी (जनरल अरेंजमेंट ड्राइंग) के आधार पर किया गया। बाद में 2023 और 2024 में जीएडी में संशोधन भी किया गया। गौरतलब है कि ब्रिज में 90 डिग्री का मोड़ होने की खबरें सामने आने के बाद सरकार ने पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। समिति ने पाया कि मोड़ वाले हिस्से के नीचे से रेलवे ट्रैक गुजरता है और राज्य सरकार तथा रेलवे विभाग के बीच समन्वय की कमी रही। साथ ही, ब्रिज के खंभे भी निर्धारित दूरी पर नहीं लगाए गए थे। हाईकोर्ट ने प्रोफेसर को ब्रिज की तकनीकी जांच का जिम्मा सौंपा था और इसके लिए याचिकाकर्ता को एक लाख रुपये फीस देने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि याचिकाकर्ता का दावा सही पाया जाता है तो वह फीस की राशि वसूलने का हकदार होगा। साथ ही, फिलहाल कंपनी के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी। बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान सरकार ने रिपोर्ट के आधार पर कंपनी के खिलाफ की गई कार्रवाई को निरस्त करने के लिए समय मांगा। युगलपीठ ने यह आग्रह स्वीकार कर लिया और अगली सुनवाई 17 सितंबर को निर्धारित की है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सिद्धार्थ कुमार शर्मा और प्रवीण दुबे ने पैरवी की।