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‘बहू गर्म रोटी न दे तो मेरे पास आ जाना’, SDM की मजेदार बात का वीडियो हुआ वायरल

जयपुर सरकारी कार्यक्रमों की तस्वीर दिमाग में लाइए. मंच पर अफसर, सामने कुर्सियों पर बैठे लोग, फाइलें, भाषण और औपचारिक बातें. लेकिन जयपुर के चौमू में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान ऐसा डायलॉग सुनने को मिला कि पूरा माहौल ही बदल गया. मौका था पट्टा वितरण शिविर का. एक बुजुर्ग महिला अपनी जमीन बेटे के नाम कर रही थीं. सारी कागजी प्रक्रिया पूरी हुई, दस्तावेज सौंपे गए और तभी चौमू के एसडीएम आशीष शर्मा ने मुस्कुराते हुए महिला से कहा- अब जमीन दे दी… बहू गर्म रोटी नहीं दे तो मेरे पास आ जाना. बस… इतना सुनना था कि पूरा पंडाल ठहाकों से गूंज उठा. खुद बुजुर्ग महिला भी मुस्कुरा दीं. सबसे मजेदार बात ये रही कि उस समय उनका बेटा और बहू भी वहीं खड़े थे और उन्होंने भी इस बात को हंसी-मजाक में ही लिया. दरअसल, अक्सर यह कहा जाता है कि कई बुजुर्ग अपनी सारी संपत्ति बच्चों के नाम कर देते हैं और बाद में उन्हें उपेक्षा का सामना करना पड़ता है. एसडीएम ने इसी सामाजिक धारणा को हल्के-फुल्के अंदाज में छेड़ते हुए यह कमेंट किया था. वहां मौजूद लोगों ने इसे मजाक के तौर पर लिया और माहौल खुशगवार हो गया. VIDEO सोशल मीडिया पर छा गया कार्यक्रम में मौजूद किसी शख्स ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया. देखते ही देखते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. लोग एसडीएम के इस अंदाज की तारीफ कर रहे हैं. कई यूजर्स लिख रहे हैं कि सरकारी कार्यक्रमों में ऐसे हल्के पल कम ही देखने को मिलते हैं. वहीं कुछ लोग इस कमेंट के पीछे छिपे मैसेज की भी चर्चा कर रहे हैं. उनका कहना है कि मजाक के जरिए बुजुर्गों की देखभाल और सम्मान जैसी बात भी सामने आ गई. हालांकि, यह वीडियो सिर्फ इसलिए वायरल नहीं हो रहा कि एसडीएम ने मजेदार बात कही, बल्कि इसलिए भी कि एक औपचारिक सरकारी कार्यक्रम में कुछ पल के लिए माहौल बिल्कुल घरेलू हो गया. और यही वजह है कि चौमू का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है.

हाईकोर्ट की 31 जुलाई समयसीमा पर संकट, राजस्थान में चुनाव टलने के संकेत तेज

जयपुर  राजस्थान में पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव तय समय पर कराना अब संभव नहीं लग रहा। राजस्थान हाईकोर्ट की ओर से 31 जुलाई तक चुनाव कराने की समय-सीमा में अब सिर्फ 25 दिन बाकी है, लेकिन राज्य निर्वाचन आयोग ने सरकार को साफ बता दिया है कि आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी चुनाव कराने के लिए कम से कम 90 दिन चाहिए। यानी, कोर्ट की मौजूदा समय-सीमा में चुनाव कराना लगभग असंभव है। दिलचस्प यह भी है कि इससे पहले राजस्थान हाईकोर्ट के 15 अप्रैल तक चुनाव कराने के आदेश का भी पालन नहीं हो पाया था और अब दूसरी बार अदालत की तय समय-सीमा पर संकट खड़ा हो गया है। हालांकि, कांग्रेस विधायक संयम लोढ़ा की अवमानना याचिका के बाद सरकार और आयोग दोनों सक्रिय हो गए हैं और हाईकोर्ट से समय-सीमा बढ़ाने की रणनीति पर मंथन शुरू हो गया है। 14 अगस्त तक ओबीसी आयोग की रिपोर्ट का इंतजारः पंचायती राज विभाग ने निर्वाचन आयोग को बताया है कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग अपनी आरक्षण संबंधी रिपोर्ट 14 अगस्त तक सौंप सकता है। इसके बाद विभाग 31 अगस्त तक सभी वर्गों का आरक्षण तय करने की तैयारी में है। आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही निर्वाचन आयोग चुनाव कार्यक्रम जारी करेगा। दो चरण में निकाय, चार चरण में पंचायत चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायती राज विभाग और स्वायत्त शासन विभाग को भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि आरक्षण निर्धारण पूरा होने के बाद ही चुनाव कार्यक्रम घोषित किया जा सकेगा। आयोग के अनुसार पंचायत चुनाव में करीब 50 दिन और नगरीय निकाय चुनाव में 40 दिन लगेंगे। नगरीय निकाय चुनाव 2 चरणों में और पंचायत चुनाव 4 चरणों में कराए जाएंगे। आयोग का तर्क है कि नई पंचायत समितियों, ग्राम पंचायतों और वार्डों की संख्या बढ़ने से चुनावी प्रबंधन पहले की तुलना में अधिक जटिल हो गया है। पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि 31 जुलाई की समय-सीमा का पालन व्यावहारिक रूप से संभव नहीं दिख रहा। ऐसे में हाईकोर्ट में समय सीमा बढ़ाने के लिए आवेदन करने की जरूरत है। मंगलवार को स्वायत्त शासन विभाग और विधि विभाग के अधिकारियों ने इसी मुद्दे पर बैठक कर अदालत में सरकार का पक्ष रखने की रणनीति पर चर्चा की।

राजस्थान में पांचना समझौता लागू, तकनीकी खामी दूर कर बांध के सभी गेट खोले गए

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश और लगातार मॉनिटरिंग के बाद पांचना समझौते के तहत जल प्रवाहित कर दिया गया. जल प्रवाह के दौरान आई तकनीकी खामी को दूर करने के लिए जल संसाधन विभाग और एसडीआरएफ की टीमें पूरी रात मौके पर जुटी रहीं. स्थिति की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया और जल संसाधन विभाग तथा एसडीआरएफ की तकनीकी टीमों को मौके पर लगाया. मुख्यमंत्री के निर्देश पर विभाग के अधिकारियों और विशेषज्ञों ने युद्ध स्तर पर पूरी रात तकनीकी खामी को दूर करने का काम किया. सभी गेट खोल दिए गए लिफ्ट, कैनाल और नदी की ओर निर्धारित सभी गेट खोले गए. जिस गेट में तकनीकी दिक्कत आ रही थी, उसे भी मंगलवार तड़के सुबह 4:50 बजे सफलतापूर्वक खोल दिया गया. इसके लिए पूरी रात टीमें लगातार काम करती रहीं. भरतपुर, बीसलपुर और मथुरा से विशेषज्ञों को भी बुलाया गया था.  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा दिल्ली प्रवास के दौरान भी पूरे घटनाक्रम की लगातार मॉनिटरिंग करते रहे, और अधिकारियों से नियमित फीडबैक लेते रहे. अधिकारियों के अनुसार जिन गेटों में करीब 20 वर्षों से तकनीकी खामी के कारण संचालन में दिक्कत आ रही थी, उन्हें भी इस अभियान के दौरान खोल दिया गया, जिससे पांचना समझौते के तहत जल प्रवाह सुनिश्चित हो सका. 20 साल बाद पानी की निकासी शुरू राजस्थान के करौली जिले में पांचना बांध है. 20 साल बाद पानी की निकासी शुरू हो गई है. सोमवार दोपहर 12 बजे मंत्री सुरेश रावत और गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने पहले गेटों का पूजन किया. इसके बाद बटन दबाकर पांचना बांध से गंभीर नदी, कमांड क्षेत्र की नहरों और गुडला-पांचना लिफ्ट परियोजना के लिए एक साथ पानी छोड़ा. 21 राजस्व गांवों के किसानों को होगा फायदा 61 करोड़ रुपये की लागत वाली गुडला-पांचना लिफ्ट परियोजना के जीर्णोद्धार और दो नवीन लिफ्ट परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया. बांध से पानी छोड़े जाने के बाद 21 राजस्व गांवों के किसानों को फसल की सिचाई का फायदा होगा. पांचना बांध से पानी छोड़े से जाने के बाद कुछ किसानों में खुशी दिखी. 

राजस्थान में अगले चार दिन भारी बारिश के आसार, आठ जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी

जयपुर प्रदेश में मॉनसून सक्रिय है.  जयपुर, उदयपुर, कोटा, भरतपुर संभाग में कई जगहों पर जमकर बरसात हुई. आज प्रदेश में बांसवाड़ा, बारां, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, झालावाड़, प्रतापगढ़, सलूंबर, उदयपुर में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.  31 जिलों में आंधी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है.  राजधानी जयपुर में सोमवार को दिन भर की उमस के बाद देर शाम हल्की बरसात हुई.  इस दौरान सीकर के श्रीमाधोपुर में सर्वाधिक 75 मिमी बरसात दर्ज की गई. सड़कों पर भरा पानी बार‍िश होने से सड़कों पर पानी भर गया. जयपुर के मानसरोवर में सड़क धंस गईं, ज‍िसकी वजह से लंबा जाम लग गया. जाम से न‍िकलने के ल‍िए भार मशक्‍कत करनी पड़ी.   सक्रिय रहेगा मॉनसून मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक डॉ राधेश्याम शर्मा ने बताया कि अगले कुछ दिनों तक राजस्थान में मॉनसून सक्रिय रहेगा. इस दौरान दक्षिण पूर्वी जिलों में भारी बारिश की संभावना भी है. पूर्वी भारत में बना डिप्रेशन अब दक्षिण-पूर्वी झारखंड और उत्तरी उड़ीसा के आसपास पहुंच गया है, जिसका असर राजस्थान में भी देखने को मिलेगा. भारी से अति भारी बारिश का अनुमान 6 से 9 जुलाई के बीच उदयपुर और कोटा संभाग सहित दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कई इलाकों में कहीं-कहीं भारी से अति भारी बारिश हो सकती है.  वहीं जयपुर, अजमेर, भरतपुर, बीकानेर और जोधपुर संभाग में भी मेघगर्जन के साथ मध्यम से तेज बारिश की संभावना है.   10 जुलाई के बाद बारिश में कमी की संभावना पश्चिमी राजस्थान में भी 7 और 8 जुलाई को बारिश की गतिविधियां बढ़ने के आसार हैं.  लगातार हो रही बारिश को देखते हुए लोगों से नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है.  हालांकि, 10 जुलाई के बाद भारी बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आने की संभावना है.

जिला प्रशासन की बैठक में रियल एस्टेट पर बड़ा फैसला, नई दरें जल्द लागू होंगी

जयपुर जयपुर में जमीन खरीदना अब महंगा हो सकता है. शहर में जमीने 49 फीसदी तक महंगी हो सकती है, जिसे 7 दिन के भीतर ही लागू कर दिया जाएगा. जिला प्रशासन की बैठक में डीएलसी दरों में बड़े बदलाव का फैसला लिया गया है. जिला कलक्टर संदेश नायक की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला दर निर्धारण समिति की बैठक आयोजित हुई. इस बैठक में डीएलसी दरों को लेकर रिवाइज करने का निर्णय लिया है. शहर की डीएलसी दरों में 10% से लेकर 49% तक की बढ़ोतरी को प्रस्तावित किया गया है. गौरतलब है कि इससे पहले अप्रैल महीने में भी डीएलसी दरों में 10% की वृद्धि की गई थी. इस बार जिन क्षेत्रों में बाजार मूल्य अधिक है और जहां तेजी से विकास हो रहा है, वहां दरों में बढ़ोतरी की गई है. वहीं, कुछ इलाकों में डीएलसी दरें घटाने के प्रस्ताव भी सामने रखे गए हैं. क्या होती है डीएलसी रेट किसी भी जमीन की बाजार कीमत सरकार निर्धारित करती है. यही डीएलसी रेट होती है, जिसे जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में बैठक में तय किया जाता है. डीएलसी की दरों पर जमीन की रजिस्ट्री या भूमि का आवंटन होता है. नगर निकाय द्वारा आरक्षित दर पर जमीन आवंटन के साथ ही विकास शुल्क को भी शामिल किया जाता है.   50 फीसदी से अधिक की दरों पर सरकार करेगी फैसला जानकारी के मुताबिक, 50% से कम बढ़ोतरी वाले प्रस्ताव 7 दिन के भीतर लागू कर दिए जाएंगे. जबकि 50% से अधिक वृद्धि वाले प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजे जाएंगे. इसी तरह, दरों में कमी से जुड़े प्रस्तावों पर भी अंतिम फैसला राज्य सरकार ही करेगी. नई डीएलसी दरों का सीधा असर संपत्ति की खरीद-फरोख्त और रजिस्ट्री पर पड़ेगा.

राजस्थान में सड़क सुरक्षा और एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं पर सरकार का बड़ा फोकस

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं शिक्षाविद् डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की. उन्होंने प्रदेश के 4 प्रमुख पार्कों का नाम उनके नाम पर करने और उनके आदर्शों को समर्पित स्मारक स्थापित करने की घोषणा की. उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों पर चलने की अपील की. चार शहरों में चार पार्कों के नाम बदले सीएम ने कहा कि जयपुर स्थित वुडलैंड पार्क, जोधपुर के विवेक विहार स्थित सेंट्रल पार्क, कोटा के रामचंद्रपुरा अटवाल नगर स्थित पार्क तथा उदयपुर की सेक्टर-12 योजना स्थित पार्क का नामकरण डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर किया जाएगा. साथ ही, इन सभी स्थानों पर राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को प्रदर्शित करने वाले स्मारक भी स्थापित किए जाएंगे.       महान शिक्षाविद्, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी का संपूर्ण जीवन 'राष्ट्र प्रथम' की भावना, राष्ट्रीय एकता और अखंडता के प्रति समर्पित रहा। उनके आदर्श आज भी हम सभी को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं। श्यामा प्रसाद के आदर्शों को आत्मसात करने की अपील सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा क‍ि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का पूरा जीवन राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ एकता, अखंडता और जनसेवा के लिए समर्पित रहा. उनके विचार, त्याग और राष्ट्रभक्ति आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं. ऐसे में यह पहल भावी पीढ़ियों को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों से प्रेरणा देने का एक विनम्र प्रयास है. सीएम ने प्रदेश के लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि वे उनके आदर्शों और संकल्पों को आत्मसात करते हुए विकसित भारत और विकसित राजस्थान के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं. इन 4 पार्कों के नाम श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी     जयपुर का 'वुडलैंड पार्क'       जोधपुर के विवेक विहार कॉलोनी में स्थित लोकप्रिय 'सेंट्रल पार्क'       कोटा के रामचंद्रपुरा अटवाल नगर स्थित प्रमुख पार्क     उदयपुर की सेक्टर-12 योजना के तहत बने बड़े पार्क को इस सूची में शामिल किया गया है.

सोशल मीडिया पोस्ट विवाद में एक्शन, पुलिस ने शांतिभंग के मामले में यूट्यूबर को पकड़ा

जयपुर पीएम नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में अजमेर पुलिस ने एक्शन लिया. पुलिस ने यूट्यूबर नरेश राघानी को गिरफ्तार किया है. नरेश राघानी कांग्रेस से जुड़ा रहा है और पार्टी में कई जिम्मेदारी भी निभा चुका है. यही वजह है कि गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं. कृष्णगंज थाना पुलिस ने शिकायत दर्ज होने के बाद राघानी को शांतिभंग की आशंका में गिरफ्तार किया. कई अन्य धाराएं जोड़ने की तैयारी में पुलिस राघानी के खिलाफ आरोप है कि उसने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक पोस्ट साझा की थी. मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं. कांग्रेस की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. एडिशनल एसपी हिमांशु जांगिड़ ने बताया कि एडिशनल एसपी हिमांशु जांगिड़ ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी. शिकायतकर्ता ने की कार्रवाई की मांग शिकायतकर्ता दिनेश पाराशर ने आरोप लगाया कि नरेश राघानी ने सोशल मीडिया पर लगातार विवादित टिप्पणियां की थीं. इस संबंध में कार्रवाई की मांग की गई थी. पुलिस ने राघानी को हिरासत में लेकर मेडिकल परीक्षण कराया और आगे की कार्रवाई कर दी है. हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी.

समान नागरिक संहिता को लेकर सियासी घमासान, कांग्रेस ने जनसुनवाई बहिष्कार का ऐलान किया

जयपुर राजस्थान सरकार समान नागरिक संहिता (RUCC-2026) का मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है. इन सबके बीच सियासी घमासान भी शुरू हो गया है. कांग्रेस ने हर संभाग स्तर पर होने वाली जनसुनवाई का बहिष्कार करने की तैयारी कर ली है. दरअसल, विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों और आम नागरिकों से सुझाव के लिए जनसुनवाई की तैयारी है. इसमें सामाजिक संगठन, विधि विशेषज्ञ, गैर-सरकारी संगठन, चुनाव आयोग से मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और आम नागरिक अपनी राय रख सकेंगे. इस रायशुमारी के बाद समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार किया जाएगा. 30 जून को बैठक में दिए थे निर्देश गृह विभाग की ओर से 30 जून को अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई थी. बैठक में सभी संभागीय आयुक्तों और जिला कलेक्टरों को जनसुनवाई के दौरान आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है. अधिकारियों से कहा गया कि जनसुनवाई में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो और पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से संचालित की जाए. इन मुद्दों पर सुझाव लेगी सरकार संयुक्त शासन सचिव अंजली राजोरिया ने बताया कि समिति विवाह, विवाह विच्छेद (तलाक), भरण-पोषण, उत्तराधिकार, लिव-इन रिलेशनशिप और दत्तक ग्रहण जैसे विषयों पर सुझाव ले रही है. जयपुर में जनसुनवाई रिटायर्ड आईएएस शत्रुघ्न सिंह की अध्यक्षता में गठित समिति करेगी. कलेक्ट्रेट में 10 जुलाई को सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक सुझाव लिए जाएंगे. इसके बाद दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक आम नागरिकों के लिए जनसुनवाई होगी, जिसमें कोई भी व्यक्ति समिति के समक्ष अपने सुझाव प्रस्तुत कर सकेगा. 11 जुलाई को सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक आम नागरिकों की जनसुनवाई होगी. इस दौरान RUCC-2026 समिति की सदस्य डॉ. शुचि चौहान नागरिकों से सुझाव लेंगी. ये है संभागवार कार्यक्रम बीकानेर: 2 और 3 जुलाई जोधपुर: 6 और 7 जुलाई अजमेर: 6 और 7 जुलाई उदयपुर: 13 और 14 जुलाई कोटा: 7 और 8 जुलाई भरतपुर: 9 और 10 जुलाई  

करौली में किसानों का ऐलान, 30 दिन में मांगें पूरी नहीं हुईं तो होगा बड़ा आंदोलन

 करौली पांचना बांध को लेकर करौली जिले के गुनेसरी स्थित तुलसीपुरा मोड़ पर रविवार को किसानों की पंचायत हुई. जिसमें बांध से लिफ्ट परियोजना के माध्यम से 24 गांवों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई. पंचायत में गोपालपुर, धांधुपुरा, गुनेसरी, आनंदगढ़, देहमौली, कीरतपुरा, सायपुर, सेसरीपुरा, हजारीपुरा, रतनपुर, रघुवंशी, मोहनपुर, विंदापुरा, पितरामपुरा, भोलूपुरा, जगतपुरा, खांडेपुरा, नयाबास, खूबपुरा, रतिपुरा, मकनपुर, मल्हापुरा, हाथीपुरा समेत अन्य गांवों के पंच-पटेल और किसान शामिल हुए. इस दौरान किसानों ने कहा कि क्षेत्र में सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध नहीं होने से खेती प्रभावित हो रही है, इसलिए पांचना बांध से लिफ्ट परियोजना के जरिए पानी उपलब्ध कराया जाए. कल मंत्री को ज्ञापन सौपेगी समिति किसानों की पंचायत में 11 सदस्यीय समिति गठित करने का निर्णय लिया गया. समिति सोमवार दोपहर 12 बजे करौली सर्किट हाउस में गृहमंत्री जवाहर सिंह बेढम और जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत को ज्ञापन सौंपेगी. ज्ञापन में सरकार को मांगों के समाधान के लिए 30 दिन का समय दिया जाएगा. अगर इन 30 दिनों में किसानों की मांगे पूरी नहीं हुईं तो 30 दिन बाद तुलसीपुरा मोड़ पर पुन बड़ी बैठक आयोजित कर आंदोलन की आगामी रणनीति तय की जाएगी. किसानों की बैठक में क्या निर्णय हुआ? हमारी संघर्ष समिति का नाम " जल संघर्ष समिति वजीरपुर रोड " रहेगा. आगे की कमान संभालने के लिए एक कार्य समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें 18-20 लोगों का प्रतिनिधित्व रहेगा. वर्तमान में क्षेत्र के लोगों को पानी के लिए दर दर की ठोकर खाना पड़ रहा है, निरंतर गिरते भूजल से भविष्य में पेयजल का संकट और भयावह हो जाएगा, जिससे आने वाली पीढ़ी को जल के लिए संघर्ष करना पड़ेगा. हमारी प्रमुख मांग- पशु व कृषि प्रधान क्षेत्र होने से आजीविका का एकमात्र साधन है, इसलिए पेयजल और सिचाई हेतु जल का प्रबंध किया जाए. इसके लिए पांचना लिफ्ट परियोजना का विस्तार कर उसी में जोड़ा जाना सबसे अच्छा विकल्प है. हमारी मांगों के लिए सरकार और प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करने के लिए सोमवार 6 जुलाई को संबंधित मंत्री और सम्बन्धित प्रतिनिधियों को समिति के सदस्यों द्वारा ज्ञापन दिया जाएगा. किसान ने कहा कि अगर अगले 15 दिन में या 21 जुलाई तक ठोस कार्य योजना और कार्रवाई नहीं होती है तो 24 गांवों के नेतृत्व में   'जल संघर्ष समिति वजीरपुर रोड' के द्वारा आगामी कार्य योजना का निर्धारण किया जाएगा. इस सबंध में अलग से समय और स्थान का निर्धारण कर सूचित किया जाएगा. 28 गावों के पंच-पटेले हुए इकट्ठा किसान नेता सियाराम गुर्जर ने बताया कि यह कोई सभी नहीं थी. हमारे 28 गांवों के एक-एक दो-दो आदमी जो चुनिंदा लोग थे, वह यहां बुलाए थे. यह आम सभा नहीं थी. हम लोगों ने यहां डिसीजन लिया है. हमने एक 11 सदस्य एक संघर्ष समिति का गठन किया है. उसके बाद में हमारे सब पंच पटेलों ने ये निर्णय लिया है कि आगामी कोई तारीख अभी हमने फिक्स नहीं की. शायद हो सके तो महीना भर के बाद में. एक महीने के बाद में फिर दोबारा यही इसी जगह पर एक मीटिंग और लेंगे. सियाराम गुर्जर ने कहा कि हमारी डिमांड पानी की है. हमें पानी चाहिए. हमारा जल स्तर नीचे जा चुका है और जब तीन जगह पानी पांचने में जा सकता है तो हमारा भी हक बनता है कि हमें भी नहरों के द्वारा पानी चाहिए. किसान नेताओं ने आगामी तैयारी के बारे में बताया कि हम कल सिंचाई मंत्री और प्रभारी मंत्री जवाहर मैडम को कलेक्टेट में ज्ञापन सौंपेंगे और उसके बाद में वह हमें क्या आश्वस्त करते हैं, उनकी तरफ हम देखेंगे क्या होता है. किसान नेता राजेश चतुर्वेदी ने कहा कि आज हमारी मीटिंग हुई है. इसमें सिर्फ 28 गांव के पंच पटेलों को हमने एकत्रित किया है. ना कि हमारी कोई महापंचायत है, ना कोई बड़ी किसान पंचायत है. इसलिए आपको संख्या बल भी कम दिख रहा है और हमारी मेन डिमांड है पानी की. लिफ्ट योजना जब तीन जगह जा रही है तो चौथी जगह हमको भी क्यों नहीं मिला, पानी हमारा अधिकार है.

स्वदेशी भारत टैक्सी ऐप से सस्ती और सुरक्षित यात्रा का दावा, जीरो कमीशन मॉडल

जयपुर सहकार सप्ताह के छठवें दिन सहकार भवन में युवाओं के लिये सहकारिता की महत्ता एवं भारत टैक्सी सेवा पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम ​की अध्यक्षता एसएलडीबी (SLDB) के प्रबंध निदेशक जितेंद्र शर्मा ने की । इस दिन को यूथ दिवस (युवा दिवस) के रूप में बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। शर्मा ने बताया कि भारत टैक्सी भारत की अपनी टैक्सी है। इस सेवा में कोई भी विदेशी प्रदाता सम्मिलित नहीं है। इस स्वदेशी टैक्सी ऐप ने बहुत कम समय में बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बना ली है। उन्होंने बताया कि भारत टैक्सी एप्प से पहली राइड बुकिंग करने पर उपभोक्ता को अमूल आइसक्रीम का एक विशेष कूपन जारी किया जायेगा, जिसे ब्लिंकिट से मंगवाया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि भारत टैक्सी सेवा एक किफायती एवं सुरक्षित सेवा है, जिसमें किराया अन्य सेवा प्रदाताओं की तुलना में 10 प्रतिशत तक कम है। भारत टैक्सी का किराया सर्ज फ्री प्राइसिंग पर आधारित है और इसमें टैक्सी ड्राइवर के साथ-साथ उपभोक्ताओं के हितों को सुरक्षित किया गया है। भारत टैक्सी के नोडल अधिकारी भोमाराम ने कहा कि उपभोक्ता द्वारा भारत टैक्सी की बुकिंग को किसी कारण से केन्सिल भी करना पडता है तो उससे किसी प्रकार का कैंसिलेशन चार्ज वसूला नहीं जायेगा। महिला की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने एवं उनको आत्मनिर्भर बनाने के लिये महिला ड्राइवर्स को भी रोजगार के विशेष अवसर दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर ड्राइवर्स का पुलिस वेरिफिकेशन पूर्ण होने पर ही उन्हें भारत टैक्सी सेवा से जोडा गया है। भारत टैक्सी सेवा जीरो कमीशन मॉडल पर काम करता है, जिससे ड्राइवर्स को उनकी मेहनत का पूरा लाभ मिलेगा तथा उपभोक्ताओं को भी कम मूल्य पर बेहतर, सुरक्षित एवं विश्वसनीय सेवा मिलेगी। कार्यक्रम के अंत में सहकारिता और स्वदेशी के इस अनूठे संगम की सराहना की गई और युवाओं से इस स्वदेशी मुहिम से जुड़ने का आह्वान किया गया।