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सरकारी अफसर का फर्जीवाड़ा बेनकाब, एसीबी ने किया केस दर्ज

जयपुर भ्रटाचार के मामले में पहले ही ED और ACB के निशाने पर मौजूद राज्य सरकार की कंपनी RAJCOMP के सीनियर अफसर प्रद्युम्न दीक्षित पर एसीबी ने एफआईआर दर्ज कर ली है। अमर उजाला ने सबसे पहले इस महाघूस कांड में प्रद्युम्न दीक्षित के कारनामों का खुलासा किया था। इसमें दीक्षित ने एक प्राईवेट कंपनी को डीओआईटी के डाटा सेंटर में मैनपॉवर नियुक्त करने का काम दिया। इसके बाद इसी कंपनी में अपनी पत्नी पूनम दीक्षित को बतौर कंसलटेंट लगावा कर उसे लाखों रुपए का भुगतान कर दिया। अमर उजाला ने इस पूरी मनी ट्रेल का खुलासा दस्तावेजों के साथ किया था।  हालांकि अमर उजाला में प्रकाशित खबर के बाद  मुख्यमंत्री कार्यालय ने मामले में डीओआईटी को जांच के निर्देश दिए। लेकिन महकमें के बड़े अफसरों ने  दीक्षित को मात्र 17 सीसी नोटिस देकर मामला रफा-दफा कर दिया। मामले में पब्लिक अगेंस्ट करप्शन के सदस्य एडवोकेट टीएन शर्मा ने सरकार को रिप्रेंटेशन भी दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले में वे दो बार मुख्य सचिव व दो बार डीओआईटी सचिव को रिप्रेजेंटेशन देकर मामले में कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह मामला PC Act का बनता था। इस मामले में परिवादी अधिवक्ता डॉ टी एन शर्मा के अनुसार समान प्रकार के प्रकरण बहुत सारे अधिकारियों के है जिन्हें एसीबी और विभाग बचा रहा है। उन्होने कहा- रणवीर सिंह, आर सी शर्मा, लिंकवेल एनालॉजिक्स आदि प्रमुख घोटाले है जिन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। एसीबी जांच की कर रही जांच एसीबी ने जांच के दौरान प्रद्युमन दीक्षित के तीन बैंक खातों का रिकॉर्ड जब्त किया। जांच में प्रद्युमन और पूनम का संयुक्त बैंक खाता एसबीआई तिलकनगर में मिला है। जिसमें जिसमें नियमित रूप से बड़ी रकम ट्रांसफर हो रही थी। जानकार सूत्रों के मुताबिक इनकी पत्नी कभी कार्यालय नहीं गईं। वहीं, फर्म AURIONPRO अप्रैल 2019 से एक निश्चित राशि पूनम के अकाउन्ट में लगातार ट्रांसफर कर रही है। वर्तमान में लगभग 1 लाख 60 हजार रुपये प्रतिमाह AURIONPRO के जरिए पूनम के बैंक अकाउन्ट में ट्रान्सफर होते रहे। अमर उजाला के पास इस मनी ट्रेल के दस्तावेज भी मौजूद हैं। प्रद्युम्न ने अपनी पत्नी के जरिए कंपनी से अब तक करीब 50 लाख रुपये का बड़ा खेल किया है। पब्लिक अगेंस्ट करप्शन के सदस्य डॉ. टी.एन शर्मा(एडवोकेट) का कहना है कि यह काम पी.सी. एक्ट 1988 की धारा 13(1)(ए) के अंतर्गत criminal misconduct और धारा 409, 403 आईपीसी का अपराध कारित है।  

एसीबी को मिला नया महानिदेशक: गोविंद गुप्ता ने संभाली जिम्मेदारी, कहा– ईमानदारी ही बनेगी पहचान

जयपुर राजस्थान के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में नए नेतृत्व के रूप में गोविन्द गुप्ता ने सोमवार को महानिदेशक का कार्यभार ग्रहण किया। झालाना डूंगरी स्थित मुख्यालय में आयोजित इस औपचारिक समारोह में अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। इसके पश्चात गुप्ता को गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। कार्यक्रम में एसीबी मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारीगण उपस्थित रहे। पदभार ग्रहण करने के बाद महानिदेशक गुप्ता ने भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को मजबूती से लागू करने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार उन्मूलन की लड़ाई पारदर्शिता, त्वरित जांच कार्रवाई और टीम वर्क के सिद्धांतों पर आधारित रहकर आगे बढ़ाई जाएगी। गुप्ता के अनुसार आमजन का विश्वास एसीबी की सबसे बड़ी शक्ति है और इसे और अधिक मजबूत बनाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने ब्यूरो की कार्यप्रणाली को और अधिक जन-केंद्रित बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने की घोषणा की। इस दौरान उन्होंने सूचना तंत्र को सुदृढ़ करने और भ्रष्टाचार के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने पर विशेष बल दिया। गुप्ता ने कहा कि एसीबी की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1064 और व्हाट्सएप नंबर 94135-02834 का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि हर नागरिक बिना किसी भय के शिकायत दर्ज करा सके। महानिदेशक ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई के दौरान किसी निर्दोष को नुकसान न पहुंचे, इसकी पूरी सतर्कता बरती जाएगी। साथ ही भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर तथा त्वरित दंडात्मक कदम सुनिश्चित किए जाएंगे। उन्होंने इसे प्रदेश की सुशासन व्यवस्था को सुदृढ़ करने का अनिवार्य तत्व बताया। गुप्ता ने प्रदेशवासियों से आह्वान करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त समाज के निर्माण में जन-सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ इस जनआंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाएं तथा एसीबी के हेल्पलाइन और व्हाट्सएप नंबर पर शिकायतें भेजकर भ्रष्टाचार दूर करने में सहयोग प्रदान करें।

आईएमडी अलर्ट: राजस्थान के कोटा-बारां में आज हो सकती है भारी बारिश

जयपुर अरब सागर में बना डिप्रेशन सिस्टम राजस्थान के मौसम में बदलाव लेकर आ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, आज से उदयपुर, कोटा और अजमेर संभाग के जिलों में हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। इन इलाकों में तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की भी संभावना जताई गई है। जयपुर मौसम केंद्र ने सुबह साढ़े छह बजे कोटा, बारां में बारिश का यलो अलर्ट भी जारी किया है। आज 9 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है — बूंदी, कोटा, बारां, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और उदयपुर में बरसात की संभावना है। क्यों बदलेगा मौसम? मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार,अरब सागर में बना डिप्रेशन सिस्टम लगातार मजबूत हो रहा है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी में एक और डिप्रेशन सिस्टम सक्रिय है, जो आने वाले दिनों में साइक्लोन या सीवियर साइक्लोन में बदल सकता है। वहीं, उत्तर भारत में 27 अक्टूबर से एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस भी सक्रिय होगा। इन तीनों सिस्टम के संयुक्त असर से आज से राजस्थान में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। विशेष रूप से उदयपुर, कोटा और अजमेर संभाग में मेघगर्जना के साथ तेज बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। बढ़ेगी सर्दी, गिरेगा तापमान मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि आज से उत्तरी हवाएं तेज होने लगेंगी, जिसका असर बीकानेर और जयपुर संभाग के जिलों में दिखेगा। सीकर, झुंझुनूं, चूरू, गंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, नागौर और अलवर में इन हवाओं के चलते तापमान में गिरावट आएगी और सर्दी का असर बढ़ेगा। तापमान का हाल पिछले 24 घंटों में सुबह-शाम हल्की ठंडी हवाएं चलीं, जबकि दिन में तेज धूप निकली। राज्य में सबसे ज्यादा सर्दी सीकर में रही, जहां न्यूनतम तापमान 13°C दर्ज हुआ। दौसा में न्यूनतम तापमान 14.1°C रहा, जबकि दिन में सबसे अधिक गर्मी बाड़मेर में रही, जहां अधिकतम तापमान 37.1°C रिकॉर्ड किया गया।  

राजस्थान प्रशासन में बड़ा फेरबदल: 67 RAS अधिकारियों का ट्रांसफर, जिलों में बदलाव

जयपुर राजस्थान सरकार ने शनिवार देर रात प्रशासनिक फेरबदल करते हुए राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) के 67 अधिकारियों के स्थानांतरण एवं पदस्थापन के आदेश जारी किए हैं।  सूची में 24 अफसरों को उपखंड मजिस्ट्रेट (SDM) के पद पर नियुक्त किया गया है। तबादला सूची में वे अधिकारी भी शामिल हैं, जिन्हें दो दिन पहले ही पदोन्नत किया गया था। राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार गजेन्द्र सिंह राठौड़ को माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर का सचिव, भागचंद बधाल को जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) में अतिरिक्त आयुक्त, दिनेश कुमार शर्मा को राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड का सचिव, गुंजन सोनी को राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय जयपुर का रजिस्ट्रार, संजय कुमार माथुर को अतिरिक्त जिला कलक्टर (एडीएम-III) जयपुर और नरेन्द्र कुमार वर्मा को अतिरिक्त जिला कलक्टर जयपुर पूर्व के पद पर नियुक्त किया गया है।     गजेंद्र सिंह राठौड़ — सचिव, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर     (केशव चंद्र मीणा के स्थान पर)     गोपाल राम बिरदा — अतिरिक्त आयुक्त, उपनिवेशन-कम-राजस्व अपीलीय अधिकारी, बीकानेर     भागनंद बघाल — अतिरिक्त आयुक्त, जयपुर विकास प्राधिकरण, जयपुर     दिनेश कुमार शर्मा — सचिव, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड, जयपुर     मुकुट बिहारी जांगिड़ — संयुक्त शासन सचिव, कार्मिक विभाग, जयपुर     भागीरथ विश्नोई — अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन),एचसीएम रीपा, जोधपुर     कैलाश चंद्र शर्मा — मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद, दौसा     डॉ. गुंजन सोनी — रजिस्ट्रार, राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर     बृजमोहन नोगिया — सचिव, राजस्थान राज्य अल्पसंख्यक आयोग, जयपुर     संजय कुमार माथुर — अतिरिक्त जिला कलेक्टर-III, जयपुर     निशु कुमार अग्निहोत्री — अतिरिक्त आयुक्त (TAD-माडा), जयपुर     अरविंद कुमार झाखड़ — मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद, नागौर     रामस्वरूप चौहान — उप आयुक्त, उपनिवेशन विभाग, जैसलमेर     आकाश दीप अरोड़ा — उपायुक्त , एसएसए एवं राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद, जयपुर     डॉ. नरेंद्र चौधरी —  अतिरिक्त निदेशक, साक्षरता एवं सतत शिक्षा, जयपुर     अनुराधा गोगिया — शासन उप सचिव, कला, संस्कृति एवं साहित्य विभाग, जयपुर     राकेश कुमार-I —  अयुक्त (प्रशासन), वाणिज्यिक कर विभाग, जयपुर     प्रभा व्यास —  अतिरिक्त निदेशक, एचसीएम रीपा, जयपुर     नरेंद्र कुमार वर्मा — अतिरिक्त कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (शहर), जयपुर (पूर्व)     डॉ. राष्ट्रदीप यादव — शासन उप सचिव, नगरीय विकास एवं आवासन विभाग, जयपुर     जितेंद्र कुमार पांडेय —  मुख्य कार्यकारी अधिकारी नाथद्वारा     बिरदी चंद — अतिरिक्त जिला कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, दौसा     रामवतार कुमावत — उप महासचिव, पंजीयन एवं मुद्रांक, बांसवाड़ा-वृत्त     सुरेन्द्र सिंह यादव — अतिरिक्त निदेशक, कृषि विपणन विभाग, जयपुर     नवीन यादव — रजिस्ट्रार, कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर     डॉ. प्रीति सिंह पंवार —  उप सचिव, देवनारायण बोर्ड, जयपुर     कपिल कुमार यादव —  उपयुक्त, भरतपुर विकास प्राधिकरण, भरतपुर     रविंद्र सिंह — उप निदेशक, राजस्व मंडल, अजमेर-II     अश्विन के. पंवार — अतिरिक्त आयुक्त , जनजातीय क्षेत्रीय विकास विभाग, जोधपुर     प्रकाश चंद रैगर —  अतिरिक्त जिला कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, शाहपुरा (भीलवाड़ा)           रागिनी डामोर – उप महा निरीक्षक, पंजीयन एवं मुद्रांक, उदयपुर वृत्त     ओम प्रभा – अतिरिक्त जिला कलेक्टर (सीलिंग), न्यायालय पाली     नरेंद्र कुमार मीणा – अतिरिक्त जिला कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (शहर), अजमेर     सुख राम पिण्डेल – सचिव, नगर विकास न्यास, अजमेर     मुकेश कुमार चौधरी-I – उपखंड अधिकारी, डीग     समदर सिंह भाटी – रजिस्ट्रार, कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर     रामावतार मीणा-III – उपखंड अधिकारी, कोटपूतली-बहरोड़     जे.पी. बैरवा – उप निदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, जयपुर-I     सचिन यादव – उपखंड अधिकारी, नदबई (भरतपुर)     दूराराम – उपखंड अधिकारी, धोरीमन्ना(बाड़मेर)     लाखाराम – उपखंड अधिकारी, बागोड़ा (जालोर)     गांगाधर मीणा – उपखंड अधिकारी, वैर (भरतपुर)     सुनील कुमार चौहान – उपखंड अधिकारी, खेतड़ी     वर्षा मीणा – उपखंड अधिकारी, खण्डार (सवाई माधोपुर)     विनित कुमार सुखाड़िया – उपखंड अधिकारी, धरियाबाद (प्रतापगढ़)     चंद्र प्रकाश वर्मा – सहायक निदेशक, लोक सेवाएं, प्रतापगढ़     सोहन सिंह नरूका – आयुक्त, नगर निगम, अलवर     सुशीला मीणा – उपखंड अधिकारी, राजाखेड़ा (धौलपुर)     निहारिका शर्मा – विशेषाधिकारी (भूमि अवाप्ति), रीको, जयपुर     अमिता मान – कार्यालय निदेशालय, राज्य भ्रष्टाचार नियंत्रण प्रकोष्ठ, जयपुर     बृजेश कुमार-II – उपखंड अधिकारी, अकलेरा (झालवाड़)     पूजा मीणा – उपखंड अधिकारी, जिनियारा (टोंक)

दूध पाउडर घोटाले में बड़ी कार्रवाई, बाल गोपाल योजना के पांच कर्मचारी निलंबित

जयपुर राजस्थान में पन्नाधाय बाल गोपाल योजना के तहत वितरित दूध पाउडर की कालाबाजारी करने वाले सरकारी स्कूल के पांच शिक्षकों को निलंबत कर दिया है।  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर  इस मामले में  तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, राजस्थान सिविल सेवा (CCA) नियम 1958 की धारा 13(1) के तहत निलंबित अधिकारियों में शामिल हैं —     शीला बलई (शिक्षिका, राजकीय प्राथमिक विद्यालय, जाटों की ढाणी, गंगावास, कल्याणपुर),     सुरेश कुमार (प्रबोधक, राजकीय प्राथमिक विद्यालय, नागनेशियों की ढाणी, गंगावास, कल्याणपुर),     मंगलाराम (वरिष्ठ शिक्षक, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, भारी नगर, बावड़ी, जोधपुर),     पप्पूराम गोदारा (व्याख्याता, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, नागाणा फांटा, बालोतरा), और     राजेश मीणा (प्रधानाध्यापक, मनमोरों की ढाणी)। जांच समिति को स्कूल शिक्षा निदेशालय, बीकानेर के अधीन कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। समिति चार दिन में दुरुपयोग की शिकायतों की पुष्टि, साक्ष्य संकलन और विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। अगर जांच में अन्य अधिकारी या शिक्षक शामिल पाए गए, तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को निर्देश दिया है कि तीन दिनों में कार्रवाई रिपोर्ट सौंपें। साथ ही पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी (PEEO) और शहरी क्लस्टर प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी (UCEEo) को प्रत्येक दो विद्यालयों का निरीक्षण कर राज्यभर के लगभग 22,500 स्कूलों की स्थिति की रिपोर्ट देने को कहा गया है। स्कूल शिक्षा सचिव कृष्ण कुनाल ने बताया कि सभी स्कूलों में स्टॉक का भौतिक सत्यापन करने के भी आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा, “अगर सत्यापन के दौरान कोई अनियमितता पाई गई, तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” पन्नाधाय बाल गोपाल योजना के तहत सरकारी स्कूलों में प्री-प्राइमरी से कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों को स्किम्ड मिल्क पाउडर से तैयार गरम दूध पिलाया जाता है, ताकि बच्चों के पोषण स्तर में सुधार हो सके। इस योजना से वर्तमान में लगभग 57 लाख छात्र लाभान्वित हो रहे हैं, जिस पर सरकार हर साल करीब ₹722 करोड़ रुपये खर्च करती है।

अजमेर में भीषण हादसा : ट्रक की टक्कर से 28 लोग जख्मी

जयपुर राजस्थान के अमजेर में शनिवार देर शाम भीषण सड़क हादसा हो गया। राष्ट्रीय राजमार्ग 48 पर ग्राम खेड़ी में एक बेकाबू ट्रक ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को जबरदस्त टक्कर मार दी, जिससे ट्रैक्टर में सवार लोग पलट गए, जिसमें 28 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। गंभीर घायलों को अजमेर के जेएलएन अस्पताल में रेफर किया गया है। जबकि मामूली घायलों को इलाज के लिए बांदनवाड़ा चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। ट्रैक्टर में सवार लोग रामदेवरा जा रहे थे। यह  भीषण हादसा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बांदनवाड़ा कस्बे के पास हुआ। हादसे की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने बताया कि सभी घायलों को बांदनवाड़ा अस्पताल ले जाया गया। उनमें से चार की हालत गंभीर है। दो पुरुष और दो बच्चों की हालत गंभीर पुलिस के अनुसार ट्रॉली में बैठे लोगों में महिलाएं और बच्चे भी थे। पुलिस ने बताया कि घायलों में से चार – दो पुरुष और दो बच्चे – को प्राथमिक उपचार के बाद अजमेर अस्पताल रेफर कर दिया गया, जबकि अन्य का स्थानीय स्तर पर इलाज चल रहा है। पुलिस ने बताया कि जातरू गुजरात से बाबा रामदेव के दर्शन के लिए रामदेवरा की तरफ जा रहे थे। इस बीच भीलवाड़ा की ओर से तेज रफ्तार में आ रहे एक ट्रक ने हाईवे पर ग्राम खेड़ी में हाईवे पर होटल के पास आगे चल रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली को जोरदार टक्कर मार दी, जिसके बाद ट्रॉली पलट गई और चीख-पुकार मच गई। हादसे के बाद मचा हड़कंप हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई, लोगों ने अपने स्तर पर घायलों को निकालने का काम शुरू किया। वहीं सूचना के बाद बांदनवाड़ा थाने से पुलिस जाप्ता मौके पर पहुंचा और एंबुलेंस की मदद से घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।

चाल और कद-काठी ने जीता दिल: पुष्कर मेले में ‘नगीना’ बनी आकर्षण का केंद्र

पुष्कर अजमेर का विश्वप्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय पुष्कर पशु मेला इस बार एक खास मेहमान की वजह से चर्चा में है। यह मेहमान है 1 करोड़ रुपये मूल्य की मारवाड़ी नस्ल की घोड़ी ‘नगीना’, जो अपने सौंदर्य, चाल और अनोखी बनावट से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रही है।  पंजाब से आई ‘नगीना’, दिलबाग की बेटी और 5 शो की विजेता भटिंडा (पंजाब) के सरां स्टड फार्म के मालिक गोरा भाई हर साल पुष्कर मेले में अपने श्रेष्ठ घोड़े लेकर पहुंचते हैं। इस बार वे 10 घोड़े-घोड़ियों के साथ आए हैं और जल्द ही 15 और पशु लाने वाले हैं। गोरा भाई बताते हैं कि नगीना देशभर में मशहूर घोड़े ‘दिलबाग’ की बेटी है। वह अब तक 5 राष्ट्रीय शो में विजेता रह चुकी है। मात्र 31 महीने की उम्र में ही वह अपनी नस्ल की सर्वश्रेष्ठ घोड़ियों में गिनी जाती है और वर्तमान में ढाई महीने की गर्भवती भी है।   63 इंच की ऊंचाई और रेशमी चाल ने जीता दिल नगीना की हाइट 63 इंच है, जो आने वाले समय में 66 इंच तक पहुंचने की संभावना है। पशु विशेषज्ञों के अनुसार, मारवाड़ी नस्ल के घोड़ों में यह कद और चाल अत्यंत दुर्लभ मानी जाती है। गोरा भाई ने बताया कि नगीना की चाल बेहद रेशमी है, उसकी गर्दन की लचक और शरीर की बनावट उसे अन्य घोड़ियों से अलग बनाती है। लग्जरी खानपान और 8 लोगों की टीम करती है देखभाल नगीना की देखभाल किसी रानी से कम नहीं। उसके लिए 7 से 8 लोगों की टीम 24 घंटे तैनात रहती है। उसे उच्च गुणवत्ता वाला चारा, सूखे मेवे और विशेष सप्लीमेंट्स दिए जाते हैं। सरां स्टड फार्म में 5 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक की घोड़े-घोड़ियां हैं, जिनमें नगीना सबसे कीमती मानी जाती है।   नगीना बनी दर्शकों की पसंदीदा, खरीददारों की नजरें भी टिकीं पुष्कर मेले में नगीना को देखने के लिए देशभर से आए पशुपालक और पर्यटक जुट रहे हैं। गोरा भाई का कहना है कि यदि कोई उचित कीमत की पेशकश करता है तो वे नगीना को बेचने पर विचार कर सकते हैं। अभी तक नगीना मेले की सबसे आकर्षक और चर्चित घोड़ी बन चुकी है।

‘मुझे तो 10-10 थप्पड़ मारते थे’ — SDM छोटूलाल पर पत्नी पूनम के गंभीर आरोप से मचा हड़कंप

भीलवाड़ा भीलवाड़ा सीएनजी पंप विवाद में निलंबित आरएएस अधिकारी छोटूलाल शर्मा का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। एक ओर जहां शर्मा ने अपनी पत्नी दीपिका व्यास के साथ सामने आकर खुद को निर्दोष बताया था, वहीं अब उनकी पहली पत्नी पूनम जखोड़िया भी खुलकर सामने आई हैं और कई गंभीर आरोप लगाए हैं। पूनम ने न केवल घरेलू हिंसा की बात कही है, बल्कि यह भी दावा किया है कि दोनों के बीच तलाक की प्रक्रिया अभी न्यायालय में लंबित है।   ‘मैं आज भी उनके नाम का सिंदूर भरती हूं’ पिलानी निवासी पूनम जखोड़िया ने कहा कि वह आज भी छोटूलाल शर्मा के नाम का सिंदूर भरती हैं और उन्हें अपना पति मानती हैं। उन्होंने बताया कि जब शर्मा संघर्ष के दौर में थे, तब उन्होंने गरीबी में पढ़-लिखकर परिवार को संभाला और हर मुश्किल में उनका साथ दिया। लेकिन जैसे ही छोटूलाल आरएएस अधिकारी बने, उनका व्यवहार पूरी तरह बदल गया। पूनम ने भावुक होकर कहा कि गरीबी के दिनों में मैंने बच्चों को पालने के लिए खुद मेहनत की, लेकिन आरएएस बनते ही उनका दिमाग फिर गया। अब वह मुझे और बच्चों को नजरअंदाज करते हैं।   ‘मुझे थप्पड़ मारते थे, बच्चे डर से कुर्सियों के पीछे छिप जाते थे’ पूनम जखोड़िया ने अपने बयान में दावा किया कि छोटूलाल शर्मा का स्वभाव हिंसक था। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं कि उन्होंने पंप वाले को एक थप्पड़ मारा, लेकिन मुझे तो 10-10 थप्पड़ मारते थे। बच्चे डर के मारे बिस्तर और कुर्सियों के पीछे छिप जाते थे।   पूनम ने आगे बताया कि उन्होंने 2022 में भी छोटूलाल शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया था कि शर्मा उन्हें धमकाते थे और कहते थे कि मैं आरएएस हूं, कानून और पुलिस मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकती। उनका दावा है कि कई बार पुलिसकर्मी खुद उनके घर के बाहर खड़े रहते थे और शर्मा को सलाम करते थे। इस वजह से वह लंबे समय तक शिकायत करने से डरती रहीं।

दुर्घटना का कहर: मृतकों की संख्या बढ़कर 27, हादसे में एक और घायल की जान गई

जैसलमेर जोधपुर-जैसलमेर हाइवे पर बस आग हादसे ने एक बार फिर राजस्थान को शोक में डूबो दिया है। शनिवार को इलाज के दौरान एक और घायल इकबाल ने दम तोड़ दिया, जिसके बाद इस भीषण हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है। हादसे में घायल एक व्यक्ति अब भी वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है, जबकि चार अन्य घायलों का सामान्य वार्ड में इलाज जारी है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार सभी घायलों की हालत पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की टीमें चौबीसों घंटे ड्यूटी पर हैं ताकि किसी भी तरह की स्थिति से निपटा जा सके। इलाज के दौरान तोड़ा दम, परिवार में मचा कोहराम महात्मा गांधी अस्पताल, जोधपुर के अधीक्षक डॉ. फतेह सिंह भाटी ने बताया कि लाठी गांव निवासी ओमप्रकाश (40), जो वेंटिलेटर पर भर्ती थे, ने मंगलवार को इलाज के दौरान अंतिम सांस ली थी। इसके बाद शनिवार को एक और घायल इकबाल ने भी दम तोड़ दिया। दोनों ही मरीज गंभीर रूप से झुलसे हुए थे और पिछले कई दिनों से वेंटिलेटर पर थे। डॉ. भाटी ने कहा कि हमारी पूरी कोशिश थी कि सभी को बचाया जा सके, लेकिन झुलसने की गंभीरता बहुत ज्यादा थी। एयरफोर्स परीक्षा देकर लौट रहा युवक भी नहीं बच सका हादसे के पीड़ितों में एक नाम महिपाल सिंह का भी था, जिसने 18 अक्तूबर को अपनी अंतिम सांस ली। महिपाल एयरफोर्स की परीक्षा देकर जैसलमेर से अपने गांव लौट रहा था। हादसे के वक्त वह बस में सवार था और उसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह झुलसने के बाद खुद बस से नीचे उतरता दिखा था। बाद में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।   कैसे हुआ यह दिल दहला देने वाला हादसा राजस्थान के जैसलमेर जिले में 14 अक्तूबर यानी मंगलवार दोपहर चलती एसी बस में अचानक भीषण आग लग गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि यात्रियों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। बस का फाटक लॉक हो गया था, जिससे कई लोग अंदर फंस गए। कुछ यात्रियों ने खिड़कियां तोड़कर किसी तरह अपनी जान बचाई। बस में कुल 57 यात्री सवार थे। शुरुआती जांच में पता चला कि शॉर्ट सर्किट से बस के इंजन में आग लगी, जो देखते ही देखते पूरे वाहन में फैल गई। अधिकांश यात्री जोधपुर और जैसलमेर के ग्रामीण इलाकों से थे और कामकाज या परीक्षा से लौट रहे थे। राज्यभर में शोक, सरकार ने की थी मदद की घोषणा इस हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। मुख्यमंत्री और स्थानीय प्रशासन ने मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की थी। वहीं, सरकार ने हादसे की मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश दिए थे ताकि आग लगने की वास्तविक वजह का पता लगाया जा सके।   मौतों का बढ़ता आंकड़ा और टूटते परिवार अब तक इस हादसे में 27 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से कई एक ही परिवार के सदस्य थे, जिनकी एक साथ चिताएं जलने से गांवों में मातम का माहौल है। घायलों के परिजन अब भी अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं और हर गुजरते दिन के साथ उम्मीदें कमजोर पड़ती जा रही हैं।

बॉन्ड नीलामि से राजस्थान को 5,000 करोड़ का कर्ज, RBI से हुआ समझौता

जयपुर राजस्थान सरकार ने विकास कार्यों और योजनाओं के वित्तीय प्रबंधन के लिए इस बार 5000 करोड़ रुपये का कर्ज रिजर्व बैंक (RBI) के माध्यम से स्टेट ग्रांटेड सिक्योरिटीज (SGS) बॉन्ड जारी करके जुटाया है। यह राशि सरकार ने सीधे कर्ज लेने के बजाय तीन अलग-अलग बॉन्ड के जरिए एकत्र की है। इन बॉन्ड्स की अदायगी 10 से 26 साल की अवधि में की जाएगी।  तीन बॉन्ड से जुटाए 5000 करोड़ रुपये आरबीआई की ओर से जारी की गई प्रेस रिलीज के अनुसार ; राजस्थान SGS 2043 बॉन्ड के रि-इश्यू से 1500 करोड़ रुपये जुटाए गए हैं, जिस पर 7.57% ब्याज देना होगा (अवधि 18 वर्ष)। राजस्थान SGS 2035 बॉन्ड के जरिए 2000 करोड़ रुपये जुटाए गए हैं, जिस पर 7.23% ब्याज (अवधि 10 वर्ष) निर्धारित है। राजस्थान SGS 2051 बॉन्ड से 1500 करोड़ रुपये जुटाए गए हैं, जिसकी अवधि 26 वर्ष है और ब्याज दर 7.30% रखी गई है। राज्य सरकार हर साल विकास योजनाओं के लिए बॉन्ड के माध्यम से फंड जुटाती है, लेकिन इस बार अन्य राज्यों की तुलना में राजस्थान को अपने बॉन्ड पर थोड़ा अधिक ब्याज देना पड़ रहा है। अन्य राज्यों ने भी बॉन्ड से जुटाया फंड राजस्थान के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु ने भी आरबीआई के जरिए फंड जुटाया है।     महाराष्ट्र ने 5000 करोड़,     तमिलनाडु ने 3000 करोड़,     छत्तीसगढ़ ने 2000 करोड़,     और उत्तर प्रदेश ने 2000 करोड़ रुपये जुटाए हैं। तमिलनाडु को अपने बॉन्ड पर राजस्थान की तुलना में कम ब्याज दर पर फंड मिला है।  दिवाली के दिन हुआ बॉन्ड नीलामी परिणाम जारी 20 अक्टूबर (दिवाली के दिन) आरबीआई ने राजस्थान समेत सभी राज्यों के बॉन्ड की नीलामी आयोजित की थी। इसके बाद बॉन्ड नीलामी के परिणाम सार्वजनिक किए गए।  बढ़ता कर्ज, विकास योजनाओं के लिए कर्ज पर निर्भरता राजस्थान सरकार पर कुल कर्ज का बोझ लगातार बढ़ रहा है। बीते 10 वर्षों में राज्य का ऋण तेजी से बढ़ा है और अब यह 8 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया है। बजट दस्तावेजों के अनुसार, 2025-26 तक यह आंकड़ा 8 लाख करोड़ पार कर सकता है। सरकार की आय का बड़ा हिस्सा कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में खर्च हो जाता है, जिसके कारण विकास कार्यों के लिए कर्ज लेना मजबूरी बन गया है। इस साल राजस्थान ने अपने बजट में करीब 70 हजार करोड़ रुपए का कर्ज प्रस्तावित किया है।