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राजस्थान में कल निकाय चुनाव का पहला चरण, 162 नगरीय निकायों में होगी वोटिंग; जानें पूरी तैयारी

जयपुर राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव के पहले चरण के लिए बुधवार (9 सितंबर) को मतदान होगा. पहले चरण में 162 नगरीय निकायों में सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक वोट डाले जाएंगे. मतदान को लेकर निर्वाचन विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं. पोलिंग पार्टियां मतदान केंद्रों पर पहुंच रही हैं. मतदान के लिए मतदाता सूची में नाम होना जरूरी है. इसके साथ पहचान के लिए फोटोयुक्त दस्तावेज दिखाना होगा. अगर किसी मतदाता के पास वोटर आईडी कार्ड नहीं है, तो भी वह मतदान कर सकता है. इसके लिए चुनाव आयोग ने 11 वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेज मान्य किए हैं. जयपुर में 565 मतदान केंद्र पर वोटिंग पहले चरण में 17 नगर पालिकाओं के 25 वार्ड, 4 नगर परिषदों के 6 वार्ड और एक नगर निगम का एक वार्ड निर्विरोध चुना जा चुका है. इन वार्डों को छोड़कर बाकी सीटों पर मतदान होगा. जयपुर जिले में 18 नगरीय निकायों के लिए 565 मतदान केंद्रों पर वोटिंग होगी. पहले चरण में मतदान वाले प्रमुख नगर परिषदों और नगर पालिकाओं में चौमूं, शाहपुरा, बाड़मेर, जैसलमेर, तिजारा, खैरथल, भिवाड़ी, करौली, कुचामन सिटी, डीडवाना, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा, झालावाड़, बूंदी, बारां, जालोर, झुंझुनूं, फतेहपुर, सवाई माधोपुर, धौलपुर, सुजानगढ़, चूरू, कोटपूतली, ब्यावर और नागौर शामिल हैं. वोटर आई के अलावा 11 वैकल्पिक दस्तावेज     आधार कार्ड     विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी मनरेगा कार्ड     बैंक या डाकघर की फोटोयुक्त पासबुक     श्रम मंत्रालय की योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड या आयुष्मान भारत हेल्थ कार्ड     ड्राइविंग लाइसेंस     पैन कार्ड     भारतीय पासपोर्ट     फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज     केंद्र या राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रम या सार्वजनिक लिमिटेड कंपनी की ओर से जारी फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र     सांसद या विधानसभा सदस्य को जारी सरकारी पहचान पत्र     सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से जारी यूडीआईडी कार्ड में से कोई एक दस्तावेज मतदान केंद्र पर जाने से पहले मतदाता अपना नाम मतदाता सूची में जरूर जांच लें. साथ ही मतदान केंद्र की जानकारी पहले से कर लें. मतदान के बाद 11 सितंबर को दूसरे चरण का मतदान होगा. निकाय चुनाव की मतगणना 14 सितंबर को होगी.

पाली में गरजे भजनलाल शर्मा, गहलोत से पूछा- पेपर लीक और JJM पर क्यों नहीं बोलते

पाली  राजस्थान में नगर निकाय चुनाव 2026 को लेकर भाजपा ने चुनावी अभियान तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को पाली में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में रोड शो किया। करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे रोड शो के दौरान बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने सिंधी कॉलोनी पहुंचकर जनसभा को संबोधित किया और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का रोड शो सूरजपोल से शुरू हुआ। इसके बाद काफिला सर्राफा बाजार, फतेहपुरिया बाजार और पानी दरवाजा होते हुए सिंधी कॉलोनी पहुंचा। रोड शो में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, मंत्री जोराराम कुमावत, सांसद पीपी चौधरी, पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख, जिला अध्यक्ष सुनील भंडारी समेत पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। बीजेपी कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह रोड शो के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यकर्ता ढोल बजाते हुए आगे चल रहे थे। वहीं, एक बुजुर्ग महिला हाथ में भाजपा का झंडा लेकर डांस करती नजर आईं। रोड शो के दौरान लोगों ने मुख्यमंत्री के सामने शहर की फैक्ट्रियां दोबारा शुरू कराने और स्थानीय स्तर पर विकास से जुड़े मुद्दे भी उठाए। 'पाली लंबे समय से कांग्रेस मुक्त'- भजनलाल शर्मा सिंधी कॉलोनी में लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि पाली में उत्साह और उमंग दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि यहां की जनता का भाजपा के प्रति प्यार और विश्वास साफ नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री ने पाली को भाजपा का गढ़ बताते हुए कहा कि यह शहर लंबे समय से कांग्रेस मुक्त है और यहां का एक-एक कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काम कर रहा है। JJM और पेपर लीक को लेकर कांग्रेस पर निशाना मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन (JJM) को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा जो कहती है, वह करके दिखाती है। पिछले ढाई साल में सरकार ने जो काम किए हैं, वे सभी के सामने हैं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि गहलोत जी पेपर लीक और जल जीवन मिशन के मुद्दे पर क्यों नहीं बोलते। उन्होंने 'दो साल बनाम पांच साल' के कामकाज पर भी कांग्रेस से सवाल किया। सीएम ने कहा कि राजस्थान की जनता प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत बनाना चाहती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आगामी निकाय चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों को जिताने और नगर निकायों में कमल खिलाने की अपील की। आधुनिक शहर बनाने का दावा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार का लक्ष्य नगर निकायों को केवल प्रशासनिक इकाई तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें आधुनिक और आत्मनिर्भर शहर बनाना है। उन्होंने सुदृढ़ आधारभूत ढांचे, आधुनिक सीवरेज व्यवस्था, एलईडी लाइट, स्वच्छ पेयजल और वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन जैसी सुविधाओं को प्राथमिकता देने की बात कही। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में भी पाली की जनता के उत्साह का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा सरकार शहरी क्षेत्रों में विकास की अंतिम कड़ी तक सुविधाएं पहुंचाने के लिए संकल्पित है। उन्होंने विश्वास जताया कि कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के आशीर्वाद से आगामी निकाय चुनाव में भाजपा को ऐतिहासिक जनादेश मिलेगा।

गैस सिलेंडर बुकिंग का बदला नियम, ग्रामीणों के लिए 45 दिन की सीमा खत्म

जयपुर  केंद्र सरकार ने राजस्थान समेत देश भर के रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए राहत भरा फैसला लिया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों के घरेलू एलपीजी उपभोक्ता भी शहरवासियों की तरह 25 दिनों के अंतराल पर अपना गैस सिलेंडर बुक करा सकेंगे। पहले ग्रामीण इलाकों के लिए यह सीमा 45 दिनों की तय की गई थी। राज्यमंत्री सुरेश गोपी ने दी जानकारी पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस तथा पर्यटन राज्यमंत्री सुरेश गोपी ने सोमवार को इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया, सरकार ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) जैसी प्रमुख तेल विपणन कंपनियों को इस नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। दरअसल, मिडिल ईस्ट में जारी जंग और अमेरिका-ईरान तनाव के कारण होर्मुज से होने वाली तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई थी। इससे देश में एलपीजी की उपलब्धता को लेकर दबाव बढ़ गया था। ऐसे में सरकार ने घरेलू गैस की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने और जमाखोरी व कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए रिफिल बुकिंग के बीच अंतर बढ़ा दिया था। इसके तहत शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन बाद अगली LPG बुकिंग की अनुमति थी। सरकार ने कई सख्त कदम उठाए एलपीजी गैस की कमी से निपटने और आपूर्ति नियंत्रण में रखने के लिए सरकार ने मार्च में 'आवश्यक वस्तु अधिनियम' के तहत कई सख्त कदम उठाए थे। इसी अस्थायी मांग प्रबंधन रणनीति के तहत शहरी क्षेत्रों में एलपीजी रिफिल का अंतराल 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तय कर दिया गया था। इसके अतिरिक्त सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया था कि प्रोपेन (C3) और ब्यूटेन (C4) जैसी गैसों का उपयोग प्राथमिकता से घरेलू LPG के उत्पादन में किया जाए, ताकि आम जनता को रसोई गैस की किल्लत का सामना न करना पड़े। मंत्रालय ने की समीक्षा सोमवार यानी 7 सितंबर को पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा ओएमसी के अध्यक्षों और प्रबंध निदेशकों को भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया कि अब स्थिति में काफी सुधार हुआ है। सुरेश गोपी ने अपने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से मंत्रालय द्वारा जारी पत्र की प्रति साझा करते हुए लिखा, वर्तमान में एलपीजी आपूर्ति की बेहतर होती स्थिति और रिफिल बैकलॉग (बकाया ऑर्डर) में आई भारी कमी को ध्यान में रखते हुए मंत्रालय ने मौजूदा रिफिल बुकिंग अंतराल की समीक्षा की है। अब ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के सभी घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए 25 दिनों का एक समान रिफिल बुकिंग अंतराल लागू करने का निर्णय लिया गया है। व्यावसायिक एलपीजी पर पहले ही हट चुकी हैं पाबंदियां घरेलू LPG की बुकिंग के नियमों में ढील देने से पहले जून में सरकार ने कमर्शियल LPG की सप्लाई पर लगी पाबंदियां भी हटा दी थीं। तेल कंपनियों को युद्ध से पहले जितनी मात्रा में गैर-घरेलू LPG की सप्लाई होती थी, उसे फिर से सामान्य स्तर पर शुरू करने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही, उद्योगों का काम प्रभावित न हो, इसके लिए उन्हें संकट से पहले होने वाली खपत की 50% तक LPG सप्लाई की अनुमति दे दी गई थी। वैश्विक ऊर्जा संकट के चलते भारत में एलपीजी की कीमतों में भी वृद्धि देखी गई थी। मार्च में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में 60 रुपए की बढ़ोतरी की गई थी, जिसके बाद जून में 29 रुपए की और वृद्धि हुई। आपूर्ति की स्थिति सुधरने और बुकिंग अंतराल घटने से देश के करोड़ों ग्रामीण परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी, जिन्हें अब अगला सिलेंडर बुक करने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

बीकानेर में चुनाव से पहले शराब का जखीरा पकड़ा, कार से राजनीतिक दल का दुपट्टा भी मिला

जयपुर राजस्थान में जारी नगर पालिका और निकाय चुनावों की राजनीतिक सरगर्मियों के बीच बीकानेर जिले के देशनोक क्षेत्र में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह से निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा की जा रही सख्त नाकेबंदी के दौरान देशनोक में एक लग्जरी कार से भारी मात्रा में अवैध देशी और अंग्रेजी शराब बरामद की गई है। पुलिस की इस मुस्तैद कार्रवाई से पूरे बीकानेर जिले के राजनीतिक और चुनावी गलियारों में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मौके से शराब के साथ-साथ संदिग्ध ब्लैक लग्जरी कार को भी जब्त कर लिया है। तलाशी के दौरान गाड़ी के अंदर से एक प्रमुख राजनीतिक दल का दुपट्टा और कुछ अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज मिलने का दावा भी किया जा रहा है। पुलिस प्रशासन अब इस पूरे मामले की जांच इस एंगल से कर रहा है कि कहीं इस अवैध शराब का इस्तेमाल निकाय चुनाव में मतदाताओं को लुभाने या बांटने के लिए तो नहीं किया जाना था। देशी-अंग्रेजी पव्वे और बोतलें बरामद देशनोक थानाधिकारी सुमन शेखावत के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इलाके में विशेष चेकिंग अभियान चला रखा था। इसी दौरान एक संदिग्ध ब्लैक रंग की कार को रोककर जब उसकी बारीकी से तलाशी ली गई, तो पुलिस कर्मी भी हैरान रह गए। कार के अंदर अवैध शराब का जखीरा छिपाकर रखा गया था। पुलिस द्वारा की गई आधिकारिक जब्ती के अनुसार, गाड़ी से कुल 141 देशी शराब के पव्वे, 96 अंग्रेजी शराब के पव्वे और 12 बड़ी बोतलें बरामद की गई हैं। पुलिस ने मौके पर ही शराब की पूरी खेप को अपने कब्जे में लेकर वाहन को सीज कर दिया। चुनावी माहौल में शराब खपाने की आशंका थानाधिकारी सुमन शेखावत ने बताया कि देशनोक पालिका चुनाव के मद्देनजर क्षेत्र में किसी भी तरह की गैर-कानूनी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि चुनाव की वोटिंग से ठीक पहले इस शराब की सप्लाई की जानी थी ताकि मतदान को प्रभावित किया जा सके। पुलिस ने इस पूरे मामले में आबकारी अधिनियम (Excise Act) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। घटना के हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि शराब कहां से लाई गई थी और इसे कहां डिलीवर किया जाना था। पुलिस टीम ने की मुस्तैद कार्रवाई देशनोक में हुई इस बड़ी जब्ती को अंजाम देने में स्थानीय पुलिस टीम की सतर्कता की काफी तारीफ हो रही है। इस कार्रवाई को हेड कांस्टेबल अशोक, कांस्टेबल दिनेश और कांस्टेबल कैलाश की विशेष टीम ने अंजाम दिया। पुलिस की इस तत्परता से चुनाव में अवैध संसाधनों के इस्तेमाल की कोशिश कर रहे असामाजिक तत्वों में खौफ का माहौल है। देशनोक पुलिस का कहना है कि मतदान की प्रक्रिया पूरी होने तक क्षेत्र में 24 घंटे सघन चेकिंग और निगरानी जारी रहेगी।

राजस्थान में निकाय चुनाव का पहला चरण आज, 57.52 लाख मतदाता करेंगे 20,623 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला

जयपुर राजस्थान के 39 जिलों के 5 हजार 393 वार्डों में नगरीय निकाय चुनाव के पहले चरण के लिए बुधवार को सुबह 7 से शाम 6 बजे तक मतदान होगा। इन 168 नगरीय निकाय क्षेत्रों में सोमवार शाम रैलियों, सभाओं, रोड शो और जुलूस का चुनावी शोर थम गया, अब घर-घर जाकर प्रचार हो सकेगा। प्रशिक्षण के बाद मंगलवार को मतदान दल रवाना होंगे, जो शाम तक संबंधित मतदान केंद्र पहुंचकर अगले दिन होने वाले मतदान की तैयारियां शुरू कर देंगे। लोकसभा और विधानसभा चुनाव के समान मतदाताओं तक पर्ची नहीं पहुंचने व बुजुर्ग मतदाताओं को होम वोटिंग सुविधा न मिलने से मतदान प्रतिशत में कमी का अंदेशा है। वहीं, 35 वर्ष आयु तक के 40% से अधिक मतदाताओं का जोश मतदान बढ़ाने में मदद करेगा। उधर, पहले चरण में 40 वर्ष तक के युवा प्रत्याशी 49% से अधिक जिनका जोश भी चुनाव मैदान में दिखाई देगा। पहले चरण में 39 जिलों के 5 हजार 393 वार्डों में मतदाता अपने पार्षद चुनेंगे, जबकि प्रदेशभर के कुल वार्डों की संख्या 10 हजार 245 है। पहले चरण में प्रदेश के चार नगर निगमों सहित 168 नगरीय निकायों में मतदान होगा, जिनमें से पाली, भरतपुर, भीलवाड़ा और अलवर नगर निगम शामिल हैं। 10 में से जयपुर नगर निगम सहित 6 नगर निगमों में 11 सितंबर को मतदान होगा। दोनों चरणों की मतगणना 14 सितंबर को होगी। पहला चरण: 20 हजार 623 प्रत्याशी और 7 हजार 683 मतदान केंद्र मतदाताओं को निर्धारित पहचान दस्तावेज लाना होगा। पहले चरण के चुनाव में 57 लाख 52 हजार 278 मतदाता, 20 हजार 623 प्रत्याशियों के लिए 7 हजार 683 मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मतदाताओं का गणित     1 करोड़ 44 लाख 3 हजार 853 कुल मतदाता     कुल निकाय 309     पुरुष मतदाता 73 लाख 98 हजार 415     महिला मतदाता 70 लाख 04 हजार 927     511 थर्ड जेंडर     27.24% मतदाता बढ़े वर्ष 2019 की तुलना में वोट मैनेजमेंट पर जोर: भाजपा बूथ पर, कांग्रेस निर्दलीयों के साथ जोड़ रही समीकरण पहले चरण का प्रचार थमते ही भाजपा और कांग्रेस ने चुनावी रणनीति का फोकस वोट मैनेजमेंट पर कर दिया है। भाजपा ने कमजोर बूथों की पहचान कर कार्यकर्ताओं का नेटवर्क सक्रिय किया है। उधर, कांग्रेस 50 से 100 वोट काटने की क्षमता रखने वाले निर्दलीयों से संपर्क साध रही है। कंट्रोल रूम एक्टिव, बागियों और निर्दलीयों पर नजर प्रचार अभियान थमने के साथ ही भाजपा ने रणनीति का फोकस 'वोटिंग और प्रत्याशी मैनेजमेंट' पर कर दिया है। अब समर्थक मतदाताओं को घर से बूथ तक पहुंचाने पर जोर रहेगा। कमजोर बूथों की पहचान से लेकर मतदान के दिन कार्यकर्ताओं की सक्रियता तक की मॉनिटरिंग की जा रही है। निर्दलीय और बागियों की सूची भी तैयार की है, जिन्हें संगठन 'आगे' मान रहा है। जिला संगठनों ने यह सूची प्रदेश संगठन को भेज दी है। सोमवार से इनके साथ संपर्क का दौर भी तेज किया गया है। पार्टी इसे निकायों में बहुमत का आंकड़ा जुटाने की संभावित रणनीति के तौर पर देख रही है। कांग्रेसः बागियों को साध रहे, पोस्ट-पोल मैनेजमेंट की तैयारी राजस्थान में पहले चरण का मतदान समाप्त होते ही कांग्रेस ने अब चुनावी प्रबंधन का अगला चरण शुरू कर दिया है। पार्टी ने ऐसे निर्दलीय प्रत्याशियों की सूची पर काम शुरू किया है, जो खुद जीत की स्थिति में नहीं हैं, लेकिन कांग्रेस प्रत्याशी के वोट काटने की क्षमता रखते हैं। कांग्रेस की रणनीति अब ऐसे उम्मीदवारों को अपने पक्ष में लाने और दूसरे चरण में पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान का माहौल मजबूत करने की है। कांग्रेस का मानना है कि निकाय चुनाव में मुकाबला कई वार्डों में बेहद करीबी है। ऐसे में 50 से 100 या इससे अधिक वोट लेने वाला निर्दलीय भी नतीजे को प्रभावित कर सकता है। पार्टी अब प्रभावित खासतौर पर कांग्रेस विचारधारा से जुड़े ऐसे उम्मीदवारों से संपर्क कर रही है। जिला स्तर के नेताओं को इनसे बातचीत की जिम्मेदारी दी गई है। जिलाध्यक्ष, विधायक और वरिष्ठ नेताओं को इन लोगों से संपर्क साधने की जिम्मेदारी दी जा रही है।  

उदयपुर की हवा हुई जहरीली! 6 साल में सबसे खराब AQI, लोगों के लिए बढ़ा खतरा

 उदयपुर उदयपुर शहर की आबोहवा छह साल में इस अगस्त जितनी जहरीली कभी नहीं रही। एयर क्वालिटी इंडेक्स के आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 2021 से 2025 तक शहर की हवा ज्यादातर दिन मॉडरेट यानी सामान्य श्रेणी में दर्ज हुई थी। पिछले साल अगस्त में पूरे 31 दिन सामान्य रहे, 2023 और 2024 में भी 90 फीसदी से ज्यादा दिन मॉडरेट में गुजरे। पर, बीते अगस्त ने रुझान पूरी तरह तोड़ दिया। यही नहीं सितंबर के पहले सप्ताह में भी हवा गुणवत्ता खराब बनी हुई है। आमतौर पर दिवाली के आसपास प्रदूषण का जो स्तर होता है, वह इन दिनों है। इस साल के अगस्त के 31 दिनों में से 23 दिन खराब और सात दिन सीधे हानिकारक श्रेणी में रहे हैं। यानी हर तीसरा दिन ऐसा रहा, जब सांस लेना सेहत के लिए नुकसानदेह साबित हुआ। इसके उलट, अच्छी श्रेणी का एक भी दिन बीते अगस्त में दर्ज नहीं हुआ, जबकि 2024 में तीन और 2022 में एक दिन इस श्रेणी में मिला था। 2021 में भी 25 दिन खराब श्रेणी में रहे थे, लेकिन उस साल एक भी दिन हानिकारक स्तर तक नहीं पहुंचा था। जबकि इस साल सात दिन इस निशान को पार कर गए। इसलिए मनाया जाता है इंटरनेशनल डे संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2019 में यह दिवस घोषित किया था, जो पहली बार 7 सितंबर 2020 को मनाया गया। इसका उद्देश्य वायु प्रदूषण के प्रति जागरुकता बढ़ाना और साफ हवा के लिए प्रेरित करना है। ऐसी हवा, जिसमें प्रदूषण का स्तर इतना कम हो कि इंसान स्वस्थ हवा में सांस ले सके। इस बात पर जोर दिया जाता है कि साफ दिखाई देने वाला आसमान हमेशा साफ हवा की गारंटी नहीं है। सबसे भारी रहे ये दिन बीते अगस्त में 28 तारीख को सबसे ज्यादा (168 एक्यूआई) दर्ज हुआ, जो महीने का सबसे प्रदूषित दिन रहा। इसके अलावा 20 से 24 अगस्त के बीच लगातार 5 दिन शहर हानिकारक श्रेणी में झेलता रहा। पिछले पांच सालों में ऐसा कोई लगातार दौर सामने नहीं आया है। ऐसे समझें AQI कितना खराब और कितना अच्छा     0-50 तक अच्छा     51-100 तक सामान्य     101-150 तक खराब     151-200 हानिकारक     201-300 तक बेहद खराब     301 से ऊपर खतरनाक वर्षवार अगस्त में एक्यूआई (दिनों की संख्या) वर्ष        अच्छा    सामान्य    खराब    हानिकारक 2021    00            05           25         01 2022    01              23         07         00 2023    00              30           01       00 2024    03              28           01        00 2025    00             31           00          00 2026    00            01           23           07 नोट: बेहतर खराब और खतरनाक श्रेणी के दिनों को शामिल नहीं किया गया है। इनका कहना है… इस साल बरसात नहीं होना सबसे बड़ा कारण है, जिससे प्रदूषक तत्व वातावरण में देर तक टिके हुए हैं। साथ ही पूर्व में हुई बरसात के बाद सड़कों के क्षतिग्रस्त होने से उड़ने वाली धूल भी वजह रहती है। शहर में बड़े निर्माण कार्य भी चल रहे हैं। -विनय कट्टा, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण मंडल

स्कूल निर्माण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, राजस्थान में कनिष्ठ अभियंता निलंबित, अधिकारियों को सख्त निर्देश

जयपुर  स्कूली शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि जांच के दौरान निर्माण कार्य में कोई लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यादव सोमवार को शासन सचिवालय में स्कूली शिक्षा विभाग के विभिन्न निर्माण कार्यों को लेकर वीसी के माध्यम से समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने भवनों की मरम्मत, नए भवनों के निर्माण, अनुपयोगी और जर्जर हो चुके भवनों को नष्ट (डिसमेंटल) करने तथा भूमि आवंटन की प्रक्रियाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। यादव ने कहा कि 'स्कूल नॉर्म्स' के अनुसार सभी विद्यालयों में पर्याप्त और सुलभ शौचालयों का निर्माण सुनिश्चित किया जाए तथा जहां आवश्यकता हो, वहां निर्माण कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किए जाएं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 2,021.25 करोड़ रुपए के प्रस्तावित कार्यों के विरुद्ध विभिन्न योजनाओं एवं अभिसरण के माध्यम से लगभग 3,037.21 करोड़ रुपए के कार्य स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें 1,293 नवीन विद्यालय भवन, 5,348 वृहद मरम्मत कार्य तथा 9,334 नवीन/अतिरिक्त कक्षा-कक्ष शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 290 नवीन विद्यालय भवन, 599 वृहद मरम्मत कार्य तथा 2,099 कक्षा-कक्षों का निर्माण कार्य प्रगतिरत है। उन्होंने इन सभी कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने तथा निर्माण की प्रत्येक स्तर पर गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। यादव ने कहा कि सभी निर्माण कार्य स्वीकृत निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप ही करवाए जाएं। उन्होंने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कोनी, जिला नागौर में प्रगतिरत निर्माण कार्य में तकनीकी पर्यवेक्षण में प्रथमदृष्टया गंभीर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कनिष्ठ अभियंता को तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता एवं तकनीकी मानकों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। एसीएस यादव ने कहा कि जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारी स्वयं जाकर ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों का सघन निरीक्षण करें। वे वहां चल रहे मरम्मत और नए भवन निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन करें और उस संबंध में राज्य स्तर पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्कूलों से संबंधित किसी भी आवश्यक कार्य—चाहे वह निर्माण कार्य हो या मरम्मत के लिए केवल पत्र लिखने से काम नहीं चलेगा। संबंधित अधिकारी कार्यों को समय पर पूरा करवाएंगे। किसी भी स्तर पर गड़बड़ी पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने टीम के साथ एकजुट होकर काम करने और किसी भी समस्या को तुरंत राज्य स्तर पर अवगत कराने के निर्देश दिए। कोई भी कार्य अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहना चाहिए। साथ ही एसीएस ने निर्देश दिए कि वर्तमान में प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का दौर जारी है, बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए। विभिन्न विभागीय योजनाओं की हुई विस्तृत समीक्षा बैठक में विभिन्न महत्वपूर्ण विभागीय योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की गई। इनमें पीएम-जनमन (PM-JANMAN), पीएम श्री (PM Shri) योजना के विभिन्न चरण, समग्र शिक्षा अभियान (SMSA), स्टार्स (STARS) प्रोजेक्ट के तहत वोकेशनल रूम्स व हॉस्टल निर्माण, राज्य बजट घोषणाओं के तहत स्वीकृत कार्य, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DAJGUA) और डाइट (DIET) को 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' बनाने से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही वर्ष 2026-27 के एक्शन प्लान के क्रियान्वयन की स्थिति पर भी चर्चा की गई। जिला स्तरीय निर्माण प्रकोष्ठों की समस्याओं पर मंथन समीक्षा बैठक में जिला स्तर के निर्माण प्रकोष्ठों (ADPC) के समक्ष आ रही व्यावहारिक चुनौतियों पर भी विस्तार से मंथन हुआ। कार्यालयों में एमआईएस (MIS) सपोर्ट की आवश्यकता, साइट निरीक्षण, भूमि विवाद व नामान्तरण (Land-Related Issues), टेंडर प्रक्रिया एवं संवेदकों के बिल भुगतान में होने वाले विलंब जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। कार्यों में तेजी लाने के लिए टेंडर प्रक्रिया, गुणवत्ता नियंत्रण लैब्स स्थापित करने के सुझावों पर भी विचार किया गया।

राजस्थान में बदला मौसम का मिजाज, अभी कमजोर रहेगा मानसून; 12 सितंबर से फिर बढ़ेगी बारिश

जयपुर राजस्थान में एक बार फिर मौसम के मिजाज में बदलाव आ गया है। मौसम विभाग की नई भविष्यवाणी के अनुसार वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार पूर्वी राजस्थान के अधिकांश भागों में आगामी 4-5 दिन कमजोर मानसून परिस्थितियां रहने तथा अधिकांश भागों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि, आज भरतपुर, कोटा संभाग में छुटपुट स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, बीकानेर संभाग के अधिकांश भागों में आगामी एक सप्ताह कमजोर मानसून परिस्थितियां दर्ज होने तथा अधिकांश स्थानों पर मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है। इस दौरान बीकानेर संभाग के जिलों में दिन के समय अपेक्षाकृत तेज सतही हवाएं 20-25 KMPH चलने की संभावना है। मौसम विभाग के नए अपडेट के अनुसार पूर्वी राजस्थान के कुछ भागों में 12 सितंबर से एक और नया बारिश का दौर शुरू होने तथा पुनः बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है। वेल मार्क लो प्रेशर एरिया कमजोर प्रदेश में मानसून की गतिविधियां अब कमजोर पड़ने लगी हैं। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के अनुसार वेल मार्क लो प्रेशर एरिया कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया है और वर्तमान में दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना हुआ है। इसके असर से बीते 24 घंटों में पूर्वी राजस्थान के कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश हुई। वहीं सोमवार व मंगलवार से बारिश की गतिविधियों में कमी आएगी। प्रदेश में 1 जून से 6 सितंबर तक 313 MM बारिश दर्ज तीन दिन बारिश के दौर के बाद प्रदेश में अब तक सामान्य बारिश का करीब 81 फीसदी कोटा पूरा हो चुका है। 1 जून से 6 सितंबर तक 385.04 MM की तुलना में 313 MM बारिश हो चुकी है। अब कोटा पूरा होने में अभी भी 111 MM बारिश शेष है। इधर रविवार को अलवर, बारां, भरतपुर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, चूरू, दौसा, डीग, धौलपुर, झालावाड़, कोटा, प्रतापगढ़, सवाईमाधोपुर और टोंक में मध्यम स्तर की बारिश हुई। इससे कई इलाकों में मौसम सुहाना हुआ। जयपुर का आज अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना राजस्थान के पश्चिमी जिलों में मानसून के कमजोर रहने और लगातार मौसम ड्राई रहने से गर्मी बरकरार है। रविवार को फलोदी में अधिकतम तापमान 38.6 ​डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। जयपुर का दोपहर 3 बजे तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं आज जयपुर का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 25 डिग्री रहने की संभावना है।  

राजस्थान में अवैध शराब के खिलाफ जीरो टॉलरेंस, कई जिलों में छापेमारी और बड़ी बरामदगी

जयपुर आबकारी आयुक्त नमित मेहता के निर्देशानुसार प्रदेश में निकाय चुनाव आदर्श आचार संहिता के तहत अवैध मदिरा निर्माण, भण्डारण, परिवहन एवं विक्रय पर रोकथाम के लिए जारी निरोधात्मक गतिविधियों के तहत नाकाबंदी, गश्त, दबिश की प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। आबकारी आयुक्त नमित मेहता के निर्देशन में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए अन्य राज्य की शराब की तस्करी, अवैध मदिरा के निर्माण, परिवहन व विक्रय पर आबकारी निरोधक टीमों द्वारा प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। जयपुर में आचार संहिता की पालना के तहत नाकाबंदी में जीप कम्पास की तलाशी लेने पर एक कार्टन में 12 बोतल ब्लेक लेबल, 3 बोतल ऐब्सोल्यूट वोदका फोर सेल इन हरियाणा बरामद करते हुए अभियुक्त धीरज चैधरी एवं अनिल जैन को गिरफ्तार किया। चित्तौड़गढ़ में ईपीएफ टीम ने एक हजार लीटर वाॅश सहित 2 कच्ची भट्टियां नष्ट करते हुए 30 बोतल अवैध हथकड़ मदिरा जब्त की। हनुमानगढ़ के गंगागढ़, गंगाघाट, देबूघाट, मक्कासर आदि हथकड़ संवेदनशील क्षेत्रों में दबिश की कार्रवाई में 5 हजार लीटर वाॅश, 8 कच्ची भट्टियां नष्ट की गई। मौके से 65 लीटर हथकड़ मदिरा एवं देशी मदिरा के 39 पव्वे जब्त करते हुए अभियोग दर्ज किए। कोटा में आबकारी निरोधक दल ने दबिष देते हुए 1300 लीटर वाॅश सहित 2 कच्ची भट्टियां नष्ट करते हुए मौके से 59 लीटर अवैध हथकड़ शराब भी जब्त की। अलवर जिले में रविवार को आबकारी दल एवं आरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में अलवर जंक्षन पर 662 पव्वे आईएमएफएल के फोर सेल इन चंडीगढ़ बरामद किए। जब्त मदिरा की अनुमानित कीमत एक लाख 8 हजार 550 रूपए आंकी गई है। इसी प्रकार प्रदेश में समस्त अतिरिक्त आबकारी आयुक्त जोन, आबकारी उपायुक्त, जिला आबकारी अधिकारी, आबकारी निरीक्षक एवं आबकारी निरोधक दल द्वारा अवैध मदिरा के विरूद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्यवाही की जा रही है।

राइजिंग राजस्थान को रफ्तार देने की तैयारी, 10 दिसंबर तक ज्यादा से ज्यादा निवेश प्रोजेक्ट्स धरातल पर लाने का लक्ष्य

जयपुर मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि राइजिंग राजस्थान के माध्यम से प्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है। उन्होंने अधिकारियों को मुख्यमंत्री की मंशानुरूप आगामी 10 दिसंबर को प्रवासी राजस्थानी दिवस तक अधिकाधिक एमओयू ग्राउंड ब्रेकिंग के लक्ष्य की दिशा में प्रभावी एवं समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव सोमवार को शासन सचिवालय में आयोजित राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान हुए एमओयू की प्रगति एवं उनके क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विभिन्न विभागों से संबंधित लंबित प्रकरणों की स्थिति की जानकारी लेते हुए इनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निवेश परियोजनाओं से संबंधित आवश्यक प्रस्ताव एवं फाइलें शीघ्र प्रस्तुत की जाएं। साथ ही, संबंधित जिला कलक्टरों के साथ सतत समन्वय स्थापित कर परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से ऊर्जा एवं राजस्व विभाग से अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। मुख्य सचिव ने भूमि संबंधी प्रकरणों के त्वरित निस्तारण को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि की पहचान एवं आवंटन से जुड़े मामलों का शीघ्र समाधान किया जाए, ताकि निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब न हो और परियोजनाओं को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, उद्योग शिखर अग्रवाल ने विभागवार प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि राइजिंग राजस्थान के अंतर्गत 35 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव विभिन्न चरणों में हैं। इनमें 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है उन्होंने कहा कि आगामी लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए जिन प्रकरणों में स्वीकृति दी जानी है, उनमें अनावश्यक विलंब न हो और उन्हें शीघ्र अनुमोदित किया जाए। वहीं, जिन प्रकरणों में स्वीकृति संभव नहीं है, उनमें भी तत्काल निर्णय लेकर उन्हें लंबित न रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करते हुए अनावश्यक रूप से कोई प्रकरण लंबित नहीं रखा जाए। बैठक में विभागवार निर्धारित लक्ष्यों एवं उनके विरुद्ध अर्जित प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि निवेश प्रस्तावों से जुड़े प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई में तेजी लाई जाए।