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राजस्थान में फिर बदलेगा मौसम, बीकानेर-सीकर समेत कई जिलों में बारिश के आसार; तापमान गिरेगा

जयपुर  राजस्थान में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में नया परिसंचरण तंत्र बनने की प्रबल संभावना है। इसके प्रभाव से 10 और 11 अक्टूबर को प्रदेश के कई जिलों में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, 13 और 14 अक्टूबर को भी उत्तर-पश्चिमी राजस्थान में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर और भरतपुर संभाग के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। बारिश के दौर के बाद प्रदेश में तापमान में गिरावट होने के आसार हैं। राजस्थान के इन जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के पूर्वानुमान के अनुसार, 10 और 11 अक्टूबर को बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर, झुंझुनूं और आसपास के जिलों में कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। अलवर में तेज धूप से बचने के लिए छतरी लेकर दोपहिया वाहन पर बैठी महिला (फोटोः अंशुम आहूजा) इसके बाद 13-14 अक्टूबर को भी उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। दूसरी ओर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर और भरतपुर संभाग के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। पिलानी में सबसे ज्यादा गर्मी, माउंट आबू में सबसे कम तापमान राजस्थान में मौसम बदलने की संभावना के बीच दिन के तापमान में गर्मी का असर बना हुआ है। पिलानी में अधिकतम तापमान 39.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। वहीं, बाड़मेर में 38.6, चूरू और जैसलमेर में 38.5-38.5 तथा श्रीगंगानगर और फलोदी में 38-38 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज हुआ। राजधानी जयपुर में अधिकतम तापमान 36.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से करीब 1 डिग्री अधिक था। रात के तापमान में भी दिखा अंतर प्रदेश में दिन और रात के तापमान में बड़ा अंतर देखने को मिला। माउंट आबू में न्यूनतम तापमान 15.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। सिरोही में न्यूनतम तापमान 16.4, फतेहपुर में 18, चूरू में 18.3 और नागौर में 19.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, फलोदी में रात का तापमान 26.6 डिग्री और श्रीगंगानगर में 25.6 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में बारिश के प्रभाव के बाद तापमान में गिरावट होने की संभावना है।  

लिवर रोगों की समय पर पहचान होगी आसान, राजस्थान में बनेगी मरीजों की विशेष रजिस्ट्री

 उदयपुर  लिवर की बीमारी की समय पर पहचान और बेहतर इलाज के लिए शुरू किया गया जन आरोग्य लिवर क्लीनिक अब प्रदेशभर में विस्तार की राह पर है। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इसके लिए छह विशेषज्ञों की समिति गठित की है। आरएनटी मेडिकल कॉलेज के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. विपिन कुमार माथुर को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। समिति प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में क्लीनिक शुरू करने के साथ ही मरीजों की जांच, उपचार और नियमित निगरानी की व्यवस्था का खाका तैयार करेगी। मरीजों की बनेगी लिवर रोग रजिस्ट्री : चिकित्सा शिक्षा आयुक्त चिकित्सा शिक्षा आयुक्त बाबूलाल गोयल की ओर से 5 अक्टूबर को जारी आदेश के अनुसार, समिति लिवर रोगों की पहचान, इलाज और मरीजों की निगरानी की व्यवस्था तैयार करेगी। इसके लिए राज्य लिवर रोग रजिस्ट्री बनाई जाएगी, जिसमें मरीजों और उनकी बीमारी से जुड़ी जरूरी जानकारी दर्ज होगी। इससे प्रदेश में लिवर रोगों की स्थिति और इलाज की जरूरत वाले क्षेत्रों का आकलन किया जा सकेगा। शोध के लिए बनेगा जैव बैंक लिवर रोग से जुड़े नमूनों और जरूरी जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए जैव बैंक विकसित किया जाएगा। इससे बीमारी पर शोध और नए उपचार की दिशा में काम करने में मदद मिलेगी। समिति मौजूदा क्लीनिकों को बेहतर बनाने और प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेजों में जन आरोग्य लिवर क्लीनिक शुरू करने की योजना भी तैयार करेगी। छह विशेषज्ञों की समिति डॉ. माथुर की अध्यक्षता वाली समिति में कोटा के डॉ. अनिल शर्मा, जोधपुर के डॉ. साबिर हुसैन, बीकानेर की डॉ. विनीता चौधरी और अजमेर के डॉ. राज मणि सदस्य हैं। एसएमएस मेडिकल कॉलेज, जयपुर के डॉ. के.के. शर्मा संयोजक एवं समन्वयक होंगे। “लिवर की बीमारी का इलाज तभी आसान है, जब उसका पता समय रहते चल जाए। जन आरोग्य लिवर क्लीनिक इसी सोच के साथ मरीजों तक जांच, सलाह और जरूरी उपचार पहुंचाने की पहल है।” -डॉ. विपिन माथुर, अध्यक्ष, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग, आरएनटी मेडिकल कॉलेज

अरावली की परिभाषा और खनन पर होगी पड़ताल, 11 से 13 अक्टूबर तक वागड़ में रहेगी सुप्रीम कोर्ट की कमेटी

 जयपुर अरावली हिल्स और रेंज की परिभाषा, पारिस्थितिक स्थिति और संरक्षण से जुड़े मामलों की पड़ताल के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित हाई-पावर्ड कमेटी (एचपीसी) एक बार फिर राजस्थान के दौरे पर आ रही है। गुजरात के अरावली क्षेत्र का दौरा करने के बाद कमेटी 11 से 13 अक्टूबर तक डूंगरपुर और बांसवाड़ा में रहेगी। इस बार फोकस वागड़ के उन इलाकों पर है, जहां पहाड़ियों, जंगल, खनन और स्थानीय लोगों, खासकर आदिवासी समुदायों की आजीविका के बीच सीधा संबंध है। क्यों बनी कमेटी सुप्रीम कोर्ट ने 25 मई, 2026 के आदेश में आइसीएफआरई के महानिदेशक की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय एचपीसी गठित की थी। इसका मकसद पहले तैयार की गई अरावली की परिभाषा और उसके आधार पर होने वाले सीमांकन का स्वतंत्र और विशेषज्ञ मूल्यांकन करना है। दोनों जिलों में सरकार ने लगाया पूरा प्रशासन कमेटी के दौरे को लेकर राज्य सरकार ने भी संबंधित अधिकारियों को लगाया है। वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी को फील्ड कोऑर्डिनेटर के रूप में नियुक्त किया जाएगा, जबकि डूंगरपुर और बांसवाड़ा के उप वन संरक्षक और फील्ड स्टाफ कमेटी के साथ रहेंगे। रिपोर्ट पेश करेगी कमेटी कमेटी पहले भी राजस्थान के पांच दिवसीय दौरे पर आ चुकी है। उस दौरान विभिन्न स्थानों पर फील्ड विजिट और हितधारकों से संवाद किया गया था, लेकिन सभी संबंधित पक्षों, विशेषकर ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के लोगों की पर्याप्त भागीदारी नहीं होने की बात सामने आई थी। इसके बाद राजस्थान के दक्षिणी हिस्से में दोबारा जमीनी पड़ताल और स्थानीय लोगों से सीधे संवाद की मांग उठी। सुप्रीम कोर्ट ने भी 7 सितंबर के आदेश में स्पष्ट किया कि कमेटी को राजस्थान और गुजरात के आदिवासी समुदायों समेत सभी संबंधित हितधारकों को अपनी बात रखने का उचित अवसर देना होगा। कोर्ट ने कमेटी को 30 नवंबर, 2026 तक व्यापक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। जमीनी तथ्य जुटाकर तैयार होगी रिपोर्ट राजस्थान के इस दौरे में कमेटी चयनित स्थलों पर खनन, क्वारी, स्टोन क्रशर, भूमि उपयोग, वन क्षेत्र, जलस्रोत और आसपास के पर्यावरणीय परिदृश्य का आकलन करेगी। जिलों में शाम को होने वाली बैठकों में पर्यावरणविदों, विशेषज्ञों, खनन पट्टाधारकों, ग्रामीणों, किसानों, श्रमिकों और आदिवासी समुदायों समेत अन्य हितधारकों से सुझाव लिए जाएंगे। 11 को डूंगरपुर और 12 को बांसवाड़ा हाई-पावर्ड कमेटी (एचपीसी) 8 से 10 अक्टूबर तक गुजरात के अरावली क्षेत्रों का दौरा करेगी। 11 अक्टूबर को दक्षिणी राजस्थान में प्रवेश के बाद डूंगरपुर जिले के पालदेवल-सरकन क्षेत्र में फील्ड विजिट होगी। इसके बाद 12 अक्टूबर को बांसवाड़ा जिले के केवड़िया-कोठारा क्षेत्र में पड़ताल की जाएगी। शाम को संबंधित हितधारकों से संवाद होगा। दोनों दिन शाम को करीब तीन घंटे तक स्थानीय लोगों और अन्य हितधारकों के साथ व्यापक चर्चा होगी।

राजस्थान के 7 जिलों में JOSH टीमों का पायलट लॉन्च, युवा बताएंगे टीबी से बचाव और इलाज का महत्व

जयपुर  केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार के प्रयासों के साथ समाज और युवाओं की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। युवाओं में ऊर्जा, उत्साह और समाज तक पहुंचने की क्षमता है। जोश (जाइंट स्क्वायड फॉर हेल्थ) टीमों के माध्यम से युवाओं को टीबी के खिलाफ जागरूकता और जनभागीदारी के अभियान से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जोश टीमें टीबी के लक्षणों, बचाव, समय पर जांच और पूरा इलाज कराने का संदेश समुदाय तक पहुंचाने के साथ ही टीबी से जुड़े भ्रम और भेदभाव को दूर करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। नड्डा ने यह बात गुरुवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में जोश टीमों के राष्ट्रीय शुभारंभ के अवसर पर कही। कार्यक्रम में केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता तथा केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव श्रीमती पुण्य सलिला श्रीवास्तव सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। प्रथम चरण में देश के 11 राज्यों के 55 जिलों में जोश टीमों शुरू की जा रही हैं। राष्ट्रीय कार्यक्रम के साथ राजस्थान में भी जोश टीमों से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की गईं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ की अध्यक्षता में स्वास्थ्य भवन, जयपुर में अधिकारियों एवं चिकित्सकों ने राष्ट्रीय कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से भाग लिया। ब्लॉक स्तर पर युवाओं की टीम करेगी लोगों को जागरूक भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार जोश टीम में ब्लॉक स्तर पर 5 माय भारत वॉलंटियर्स और 5 एनसीसी कैडेट्स शामिल किए जा रहे हैं। टीम का नेतृत्व नामित क्लास-1 अधिकारी करेंगे। ये युवा लोगों को टीबी के लक्षणों, जांच और इलाज के बारे में जानकारी देने के साथ समय पर जांच एवं उपचार के लिए प्रेरित करेंगे। साथ ही टीबी को लेकर फैली गलत धारणाओं और भेदभाव को दूर करने में भी सहयोग करेंगे। राजस्थान के 7 जिलों में जोश टीम का पायलट शुभारंभ राजस्थान में प्रथम चरण में अलवर, बारां, बांसवाड़ा, जयपुर, जोधपुर, उदयपुर एवं राजसमंद जिलों में जोश टीम का पायलट शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही राज्य के अन्य जिलों में भी जिला स्तरीय लॉन्च और ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किए गए। विभिन्न कार्यक्रमों में माय भारत वॉलंटियर्स, एनसीसी कैडेट्स एवं अन्य प्रतिभागियों ने टीबी मुक्त भारत की शपथ ली। पायलट जिलों में टीमों को उनकी जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी गई तथा फील्ड गतिविधियों की शुरुआत की गई। इन टीमों के माध्यम से टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने और लोगों को समय पर जांच एवं इलाज के लिए प्रेरित करने पर विशेष जोर रहेगा। प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने माय भारत वॉलंटियर्स एवं एनसीसी कैडेट्स से संवाद करते हुए कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से टीबी के खिलाफ जागरूकता अभियान को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने टीबी मुक्त भारत का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने और जनभागीदारी को बढ़ाने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में टीबी मुक्त भारत अभियान में सक्रिय सहयोग के लिए माय भारत वॉलंटियर्स को श्रीमती गायत्री राठौड़ एवं निदेशक जन स्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा द्वारा प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। राज्य स्तरीय कार्यक्रम में निदेशक जन स्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा, अतिरिक्त मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन श्रीमती टी. शुभमंगला, निदेशक एड्स डॉ. सुशील परमार, राज्य टीबी अधिकारी डॉ. पुरुषोत्तम सोनी, डॉ. एस.एन. धोलपुरिया, माय भारत के अधिकारी एवं स्वयंसेवक तथा एनसीसी कैडेट्स उपस्थित रहे।

राजस्थान में सक्रिय होगा नया पश्चिमी विक्षोभ, बीकानेर-शेखावाटी में बारिश; 12 अक्टूबर बाद बढ़ेगी ठंड

जयपुर  राजस्थान में अक्टूबर की गर्मी अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, लेकिन मौसम में बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। दिन में जहां कई शहरों में तापमान 37 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, वहीं रात के तापमान में गिरावट शुरू हो गई है। मौसम केन्द्र जयपुर के अनुसार प्रदेश में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इसके असर से 10 से 12 अक्टूबर के बीच बीकानेर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र के कुछ जिलों में बादल छाने और मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। इसके बाद तापमान में गिरावट से मौसम में सर्दी का असर बढ़ना शुरू हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार 10 अक्टूबर के बाद प्रदेश के न्यूनतम और अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है। ऐसे में दिन की गर्मी से कुछ राहत मिलने के साथ रातें भी ठंडी होने लगेंगी। हालांकि पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव प्रदेश के सभी हिस्सों में नहीं रहेगा। अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने का पूर्वानुमान है। 11 अक्टूबर को बीकानेर संभाग में बारिश की संभावना है, जबकि 12 अक्टूबर को जयपुर सहित बीकानेर संभाग में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। 8 से 13 अक्टूबर तक प्रदेश के अधिकांश अन्य हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई गई है। 11 अक्टूबर को इन जिलों में बारिश के आसार मौसम विभाग के अनुसार 11 अक्टूबर को बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, डीडवाना-कुचामन, सीकर, झुंझुनूं, कोटपूतली-बहरोड़, खैरथल-तिजारा, अलवर और डीग में कुछ-कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में बादल छाने और मेघगर्जन की स्थिति भी बन सकती है। पिलानी सबसे गर्म, माउंट आबू सबसे ठंडा बुधवार को राजस्थान में दिन का तापमान कई शहरों में 37 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। पिलानी में अधिकतम तापमान 39.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.8 डिग्री अधिक रहा। वहीं फलोदी में न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री दर्ज हुआ, जो सामान्य से 5.2 डिग्री अधिक था। दूसरी ओर माउंट आबू में न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। राजधानी जयपुर में अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री रहा, जो सामान्य से 2.6 डिग्री अधिक है। न्यूनतम तापमान 23.2 डिग्री दर्ज हुआ, जो सामान्य से 2.4 डिग्री कम है। इस तरह जयपुर में दिन और रात के तापमान में करीब 14 डिग्री का अंतर रहा। 10 अक्टूबर से बढ़ेगा सर्दी का असर राजस्थान में दिन के समय गर्मी बनी हुई है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के असर के बाद तापमान में गिरावट से मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। 10 अक्टूबर के बाद गर्मी से राहत और सर्दी की शुरुआत के संकेत मिलने लगेंगे।

पंचायत चुनावों को लेकर स्वीप अभियान तेज, पंचायत समिति स्तर पर होगा प्रत्याशी प्रबोधन कार्यक्रम

जयपुर  राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने निर्देश दिए कि आगामी पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव को देखते हुए पंचायत समिति स्तर पर 10 अक्टूबर को *प्रत्याशी प्रबोधन कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से चुनाव लड़ने के इच्छुक व्यक्तियों को नामांकन प्रक्रिया, पात्रता एवं योग्यता, आवश्यक दस्तावेज, नामांकन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों तथा किन परिस्थितियों में नामांकन पत्र निरस्त हो सकता है, सहित चुनाव प्रक्रिया से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी जाए, ताकि अभ्यर्थी पूरी जानकारी के साथ अपना नामांकन प्रस्तुत कर सकें। सिंह राज्य निर्वाचन आयोग के सभागार में आज गुरुवार को आयोजित मतदाता जागरूकता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की अध्यक्षता कर रहे थे। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 के दौरान की गई स्वीप गतिविधियों की जानकारी ली तथा आगामी पंचायती राज चुनावों में की जाने वाली मतदाता जागरूकता गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने मतदाता साक्षरता क्लब के कैंपस एम्बेडसर छात्र, छात्राओं से संवाद कर उनके द्वारा की गई स्वीप गतिविधियों की भी जानकारी ली। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने 'एक शाम लोकतंत्र के नामक, 'एक पेड़ लोकतंत्र के नाम', ‘एक दीप लोकतंत्र के नाम’, 'एक खेल लोकतंत्र के नाम' कार्यक्रम आयोजित करने, आदर्श मतदान केंद्र स्थापित कर वहां मतदाता संदेश बोर्ड लगाने, नुक्कड़ नाटक, चुनाव चौपाल, युवा मतदाता संवाद एवं महिला मतदाता संवाद आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक पंचायत समिति क्षेत्र में कम से कम एक हरित एवं स्वच्छ बूथ स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही मेहंदी प्रतियोगिता, मोटरसाइकिल एवं साइकिल रैली, सतरंगी सप्ताह तथा मैराथन  तथा मतदाता प्रश्नोत्तरी जैसी गतिविधियां आयोजित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत ग्रामीण स्थानीय शासन की महत्वपूर्ण इकाई है। इन चुनावों में एक लाख 55 हजार जनप्रतिनिधि चुने जाने है। सरपंच एवं अन्य निर्वाचित जनप्रतिनिधि सीधे ग्रामीणों से जुड़े होते हैं और गांव की स्थानीय आवश्यकताओं एवं विकास कार्यों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। इसलिए पंचायती राज चुनावों में मतदाताओं के साथ-साथ चुनाव लड़ने के इच्छुक व्यक्तियों को भी चुनाव प्रक्रिया एवं नियमों की सही और पूरी जानकारी होना आवश्यक है। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव में अधिक से अधिक मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर मतदाता जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएं। उन्होंने युवा, महिला एवं पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को विशेष रूप से जागरूक करने के निर्देश दिए। वीसी के प्रारंभ में राजेश वर्मा, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राज्य निर्वाचन आयोग ने स्वागत उद्बोधन किया। वीसी में सभी मुख्य कार्यकारी अधिकारी, राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्य, महाविद्यालयों के ईएलसी नोडल अधिकारी एवं कैंपस एम्बेडसर जुड़े।

Rajasthan Panchayat Election: नामांकन शुरू, 6940 पंचायतों में जल्द चुने जाएंगे सरपंच

जयपुर  राजस्थान में पंचायत चुनाव का औपचारिक आगाज हो गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने पहले चरण के चुनाव के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही 16 जिला परिषदों व 104 पंचायत समितियों में सदस्यों के नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिला परिषद सदस्यों के लिए जिला स्तर और पंचायत समिति​ मेंबर के लिए उपखंड स्तर पर नामांकन होंगे। नामांकन की आखिरी तारीख 13 अक्टूबर है। पहले चरण में ही 3314 ग्राम पंचायतों में पंच-सरपंच के चुनाव भी हैं, जिनके लिए नामांकन प्रक्रिया मतदान से एक दिन पहले 23 अक्टूबर को पूरी होगी। राजस्थान में लगभग आधी 6940 ग्राम पंचायतों को पंच, सरपंच व उपसरपंच इसी माह मिल जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार पहले चरण की 3314 ग्राम पंचायतों में 25 एवं दूसरे चरण की 3626 ग्राम पंचायतों में 31 अक्टूबर को चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। शेष दो चरणों के चुनाव अगले माह होंगे। मतदान दलों को नहीं लाने पडेंगे गद़्दे-तकिया, पांच दिन रुकेंगे मतदानकर्मी राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बार मतदान दलों की सुविधाओं का भी पूरा ध्यान रखा है। इस बार में सुरक्षाकर्मियों सहित मतदान दल में शामिल कर्मचारियों को अपने साथ बिस्तर नहीं ले जाने पडेंगे, उनके लिए गद्दे-चद्दर-तकिया की व्यवस्था के लिए आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को व्यवस्था सौंप दी है। इसके अलावा छाया-पानी व रोशनी की व्यवस्था के लिए भी पहले से ही दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं, जिससे मतदाताओं व चुनाव कर्मियों को परेशानी का सामना नहीं करना पडेगा। मतदान कर्मी करीब पांच दिन रुकेंगे, इसको देखते हुए उनके लिए कुक व हेल्पर की व्यवस्था भी जिला निर्वाचन अधिकारी करेंगे। इसका खर्च मतदानकर्मी स्वयं वहन करेंगे, जिसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से प्रत्येक मतदानकर्मी को 2200 से 3450 रुपए तक भुगतान किया जाएगा। प्रत्येक मतदान केंद्र पर 17650 रुपए खर्च राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से प्रत्येक दल को पांच दिन में होने वाले खर्च के रूप में 17650 रुपए दिए जाएंगे। इस दल में सहायक मतदान अधिकारी से रिटर्निंग अधिकारी तक कुल 6 कर्मचारी शामिल होंगे, जिनको प्रतिदिन के हिसाब से कुल 2550 रुपए मिलेंगे। शांतिपूर्ण मतदान के लिए 10 बड़े प्रतिबंधात्मक आदेश लागू राजस्थान में पंचायती चुनाव को लेकर प्रशासन भी एक्शन मोड में है। निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए 10 बड़े प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए हैं। सरकारी कर्मचारियों के अवकाश और बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर रोक रहेगी। रात 10 से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर प्रतिबंधित रहेगा। प्रचार वाहन, सभा और जुलूस के लिए अनुमति जरूरी होगी। BNSS की धारा 163 के तहत हथियारों के प्रदर्शन पर रोक रहेगी। सरपंच प्रत्याशियों को सीमित प्रचार समय मिलेगा और विजय जुलूस नहीं निकलेगा। सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट पर कार्रवाई होगी। मतदान केंद्र के 200 मीटर दायरे में मोबाइल प्रतिबंधित रहेगा। मतदान से 48 घंटे पहले और मतगणना के दिन ड्राई डे रहेगा।

राजस्थान में महंगा हुआ CNG-PNG, जयपुर में CNG ₹99.50 और PNG ₹53.50; जानें सबसे सस्ता शहर

जयपुर राजस्थान के गैस उपभोक्ताओं को महंगाई का झटका लगा है। टोरेंट गैस ने सीएनजी (CNG) और पीएनजी (PNG) की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है, जिससे आम जनता की जेब पर सीधा असर पड़ा है। कंपनी द्वारा बढ़ाई गई ये नई दरें 6 अक्टूबर 2026 की रात 12 बजे यानी 7 अक्टूबर से प्रभावी हो चुकी हैं। खास बात यह है कि कंपनी ने करीब 4 महीने के अंतराल के बाद अपने दामों में यह बदलाव किया है, जिससे जयपुर के लगभग 50,000 घरेलू उपभोक्ताओं और हजारों सीएनजी वाहन चालकों को अधिक खर्च करना पड़ेगा। टोरेंट गैस द्वारा जारी आधिकारिक रेट लिस्ट के अनुसार, घरेलू पाइप नेचुरल गैस (PNG) और वाहन ईंधन सीएनजी दोनों के दामों में करीब-करीब दो-दो रुपए की बढ़ोतरी की गई है। पीएनजी (घरेलू रसोई गैस): पहले इसकी दर 51.50 रुपए प्रति SCM थी, जिसे बढ़ाकर अब टैक्स सहित 53.50 रुपए प्रति SCM कर दिया गया है। पीएनजी की बेस प्राइस 47.91 रुपए से बढ़ाकर 49.77 रुपए की गई है, जिस पर स्थानीय वैट जुड़ने के बाद उपभोक्ताओं को 53.50 रुपए का भुगतान करना पड़ रहा है। सीएनजी (वाहन ईंधन): वाहन चालकों के लिए सीएनजी की कीमत 97.50 रुपए प्रति किलो से बढ़ाकर 99.50 रुपए प्रति किलो कर दी गई है। अचानक हुए इस इजाफे से रोजाना ऑफिस आने-जाने वाले कैब, ऑटो और निजी वाहन चालकों का मासिक बजट बिगड़ गया है। अन्य जिलों में क्या है हाल? राजस्थान के विभिन्न जिलों में भौगोलिक स्थिति, परिवहन लागत (लॉजिस्टिक्स) और अलग-अलग सप्लायर कंपनियों के नेटवर्क के कारण सीएनजी और पीएनजी की कीमतें अलग-अलग हैं। राज्य के मुख्य शहरों में नवीनतम दरों का परिदृश्य कुछ इस प्रकार है: सर्वाधिक दर वाले जिले: बीकानेर और चुरू जैसे क्षेत्रों में परिवहन दूरी अधिक होने के कारण सीएनजी की कीमतें राजस्थान में सबसे उच्चतम स्तर यानी 107.75 रुपए प्रति किलो पर बनी हुई हैं। इसके अलावा शाहपुरा, दूदू और गंगापुर सिटी में भी यही उच्च दर लागू है। मध्यम दर वाले जिले: जयपुर और अलवर में नई कीमतों के बाद दरें 99.50 रुपए के आसपास पहुंच चुकी हैं, जबकि अजमेर में यह लगभग 96.33 रुपए प्रति किलो है। सबसे कम दर वाले जिले: जयपुर के नजदीकी जिलों जैसे दौसा, टोंक और करौली में सीएनजी दरें अपेक्षाकृत कम 92.50 रुपए प्रति किलो पर स्थिर हैं। वहीं बांसवाड़ा और डूंगरपुर जैसे दूरस्थ दक्षिणी हिस्सों में विशेष सब्सिडी या स्थानीय सप्लायर नेटवर्क की वजह से यह न्यूनतम 88.94 रुपए प्रति किलो पर उपलब्ध है। बहरहाल, त्योहारी सीजन के नजदीक आते ही ईंधन के दामों में हुई इस बढ़ोतरी ने आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है। राजस्थान में CNG के शहरवार दाम क्र.    शहर    CNG कीमत    कीमत में बदलाव 1    अजमेर    ₹96.33    ₹0.00 2    अलवर    ₹99.50    +₹2.00 3    बांसवाड़ा    ₹88.94    ₹0.00 4    बारां    ₹102.00    +₹2.00 5    बाड़मेर    ₹98.50    ₹0.00 6    भरतपुर    ₹98.00    +₹0.50 7    भीलवाड़ा    ₹99.90    ₹0.00 8    बीकानेर    ₹107.75    ₹0.00 9    बूंदी    ₹99.90    ₹0.00 10    चित्तौड़गढ़    ₹99.20    ₹0.00 11    चूरू    ₹107.75    ₹0.00 12    दौसा    ₹92.50    ₹0.00 13    धौलपुर    ₹101.00    +₹2.00 14    डूंगरपुर    ₹88.94    ₹0.00 15    गंगानगर    ₹101.89    ₹0.00 16    हनुमानगढ़    ₹101.89    ₹0.00 17    जयपुर    ₹99.50    +₹2.00 18    जैसलमेर    ₹97.00    ₹0.00 19    जालोर    ₹88.94    ₹0.00 20    झालावाड़    ₹102.00    +₹1.00 21    झुंझुनूं    ₹98.90    ₹0.00 22    जोधपुर    ₹97.00    ₹0.00 23    करौली    ₹92.50    ₹0.00 24    कोटा    ₹102.00    +₹2.00 25    कोटपूतली-बहरोड़    ₹99.50    +₹2.00 26    नागौर    ₹99.70    ₹0.00 27    पाली    ₹96.33    ₹0.00 28    राजसमंद    ₹96.33    ₹0.00 29    सवाई माधोपुर    ₹92.50    ₹0.00 30    सीकर    ₹98.90    ₹0.00 31    सिरोही    ₹88.94    ₹0.00 32    टोंक    ₹92.50    ₹0.00 33    उदयपुर    ₹99.90    ₹0.00 राजस्थान में CNG के शहरवार दाम क्र.    शहर    CNG कीमत    कीमत में बदलाव 1    अजमेर    ₹96.33    ₹0.00 2    अलवर    ₹99.50    +₹2.00 3    बांसवाड़ा    ₹88.94    ₹0.00 4    बारां    ₹102.00    +₹2.00 5    बाड़मेर    ₹98.50    ₹0.00 6    भरतपुर    ₹98.00    +₹0.50 7    भीलवाड़ा    ₹99.90    ₹0.00 8    बीकानेर    ₹107.75    ₹0.00 9    बूंदी    ₹99.90    ₹0.00 10    चित्तौड़गढ़    ₹99.20    ₹0.00 11    चूरू    ₹107.75    ₹0.00 12    दौसा    ₹92.50    ₹0.00 13    धौलपुर    ₹101.00    +₹2.00 14    डूंगरपुर    ₹88.94    ₹0.00 15    गंगानगर    ₹101.89    ₹0.00 16    हनुमानगढ़    ₹101.89    ₹0.00 17    जयपुर    ₹99.50    +₹2.00 18    जैसलमेर    ₹97.00    ₹0.00 19    जालोर    ₹88.94    ₹0.00 20    झालावाड़    ₹102.00    +₹1.00 21    झुंझुनूं    ₹98.90    ₹0.00 22    जोधपुर    ₹97.00    ₹0.00 23    करौली    ₹92.50    ₹0.00 24    कोटा    ₹102.00    +₹2.00 25    कोटपूतली-बहरोड़    ₹99.50    +₹2.00 26    नागौर    ₹99.70    ₹0.00 27    पाली    ₹96.33    ₹0.00 28    राजसमंद    ₹96.33    ₹0.00 29    सवाई माधोपुर    ₹92.50    ₹0.00 30    सीकर    ₹98.90    ₹0.00 31    सिरोही    ₹88.94    ₹0.00 32    टोंक    ₹92.50    ₹0.00 33    उदयपुर    ₹99.90    ₹0.00 सबसे महंगी CNG: बीकानेर और चूरू — ₹107.75/kg सबसे सस्ती CNG: बांसवाड़ा, डूंगरपुर, जालोर और सिरोही — ₹88.94/kg

राजस्थान BJP में राजनीतिक नियुक्तियों की हलचल तेज, 100 से ज्यादा बोर्ड-आयोगों में पद खाली

जयपुर लंबे समय से राजनीतिक नियुक्तियों का इंतजार कर रहे भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए अब उम्मीद बढ़ गई है। बोर्ड, आयोग, निगम, प्राधिकरण और अकादमियों में नियुक्तियों को लेकर दिल्ली स्तर पर हलचल शुरू हो गई है। संभावित दावेदारों के पास फोन पहुंचने और उनसे बायोडेटा व राजनीतिक-संगठनात्मक पृष्ठभूमि की जानकारी, दायित्व पूछने और सहमति मांगे जाने को नियुक्तियों की कवायद के आगे बढ़ने का बड़ा संकेत माना जा रहा है। पंचायत चुनाव के बाद नियुक्तियां होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार संभावित नामों का पैनल पहले ही तैयार कर केंद्रीय नेतृत्व को भेजा जा चुका है। अब सूची में शामिल नामों को लेकर दिल्ली से नब्ज टटोलने की कवायद चल रही है। राजस्थान सरकार अब तक करीब 11 महत्वपूर्ण नियुक्तियां कर चुकी है, लेकिन अभी भी 100 से अधिक बोर्ड, आयोग, निगम, प्राधिकरण और यूआईटी में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य के पद रिक्त है। सामाजिक-क्षेत्रीय संतुलन के साथ साधे जाएंगे सियासी समीकरण पार्टी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक नियुक्तियों में क्षेत्रीय, सामाजिक और राजनीतिक संतुलन को प्रमुख आधार बनाया जा रहा है। संगठन की राय को भी महत्व दिया गया है। इनमें लंबे समय से पार्टी और संगठन में सक्रिय नेताओं के साथ अलग-अलग जिम्मेदारियां निभा चुके कार्यकर्ताओं को मौका मिलने की चर्चा है। वहीं पिछले कुछ समय में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए नेताओं के नाम भी संभावित सूची में हो सकते हैं। विधानसभा चुनाव हारने वाले कुछ नेता भी कतार में है। इन बोर्ड और आयोगों में रिक्त हैं पद राज्य महिला आयोग, पर्यटन विकास निगम, स्टेट कृषि विपणन बोर्ड, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, बुनकर संघ, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, पशुधन विकास बोर्ड, राज्य खेल परिषद, कर बोर्ड, युवा बोर्ड, आवासन मंडल, जन अभाव अभियोग निराकरण समिति, बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति, अल्पसंख्यक आयोग, बाल अधिकार संरक्षण आयोग, समाज कल्याण बोर्ड, वक्फ बोर्ड, बीज निगम, हज कमेटी, डांग विकास बोर्ड, मुस्लिम वक्फ बोर्ड, मगरा विकास बोर्ड सहित कई अकादमियों और यूआइटी में नियुक्तियां होनी हैं कांग्रेस शासन में 70 से ज्यादा नेताओं को पद, 35 को मंत्री दर्जा पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने भी अपने कार्यकाल में 70 से अधिक नेताओं को विभिन्न बोर्ड, आयोग, निगम, अकादमियों और अन्य संस्थानों में राजनीतिक नियुक्तियां दी थीं। इनमें 35 से अधिक नेताओं को कैबिनेट मंत्री और राज्यमंत्री का दर्जा मिला था। राजनीतिक नियुक्तियों का यह सिलसिला पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के अंतिम दौर तक भी चर्चा में रहा था।  

नल कनेक्शन पर हाईकोर्ट की रोक, ₹8,100 वाली व्यवस्था खत्म; विभाग के अगले कदम पर नजर

जयपुर राजस्थान हाईकोर्ट ने ठेकेदार के माध्यम से 8,100 रुपए में नल कनेक्शन देने की व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। कोर्ट ने जलदाय विभाग की ओर से 12 फरवरी 2025 को परिपत्र के जरिए राजस्थान वाटर सप्लायर नियम, 1967 में किए गए संशोधन को रद्द कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि नियमों में संशोधन के लिए अधिसूचना जारी करना जरूरी है। इसे केवल कार्यालय आदेश या परिपत्र के जरिए बदला नहीं जा सकता। वहीं, विभाग ने अभी यह तय नहीं किया है कि आगे नई व्यवस्था क्या होगी या कोर्ट के आदेश को चुनौती दी जाएगी। पहले की तरह एल फॉर्म के जरिए कनेक्शन देने के संबंध में भी अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है। अधिसूचना से ही हो सकता है नियमों में बदलाव न्यायाधीश शुभा मेहता ने पीएचईडी कॉन्ट्रेक्टर कल्याण समिति की याचिका पर यह आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि अधिसूचना के जरिए नियम जारी करना एक विधिक प्रक्रिया है। ऐसे नियमों में प्रशासनिक आदेश या परिपत्र के माध्यम से बदलाव नहीं किया जा सकता। कोर्ट के अनुसार, 12 फरवरी 2025 के परिपत्र के जरिए किए गए संशोधन से नल कनेक्शन की पूरी प्रक्रिया प्रभावित हुई। इसमें प्लंबिंग, जल मीटर, रोड कट और नल कनेक्शन सहित विभिन्न कार्यों की प्रक्रिया में बदलाव किया गया था। कोर्ट ने कहा कि प्रक्रिया को सरल बनाने और लोगों को सुविधा देने के नाम पर नियमों में प्रशासनिक आदेश के जरिए बदलाव नहीं किया जा सकता। याचिकाकर्ता पक्ष के अधिवक्ता बाबूलाल गुप्ता और अंकुल गुप्ता ने कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार ने 12 फरवरी 2025 को नियमों में संशोधन कर नल कनेक्शन से जुड़े कार्य के लिए 8100 रुपए शुल्क तय किया था। इसके तहत ठेकेदार लाइसेंसी प्लंबरों के माध्यम से यह कार्य करवाते। याचिकाकर्ता पक्ष ने तर्क दिया कि इस व्यवस्था से सरकार को राजस्व का नुकसान होगा। मामले में सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने परिपत्र के जरिए किए गए नियम संशोधन को रद्द कर दिया। अब विभाग के अगले कदम पर नजर हाईकोर्ट के आदेश के बाद 8100 रुपए में ठेकेदार के माध्यम से नल कनेक्शन देने की व्यवस्था फिलहाल समाप्त हो गई है। हालांकि, जलदाय विभाग ने अभी नई व्यवस्था लागू करने अथवा हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया है। वहीं, पहले की तरह एल फॉर्म के जरिए नल कनेक्शन देने की व्यवस्था को लेकर भी विभाग की ओर से अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।