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राजस्थान ATS की बड़ी कार्रवाई: फर्जी आधार सेंटर से राष्ट्र विरोधी नेटवर्क का खुलासा

जयपुर राजस्थान में फर्जी आधार कार्ड के रैकेट मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है. ATS की सूचना पर फर्जी आधार सेंटर चलाने में मदद करने वाले DOIT और आधार के कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है. पकड़े गए लोगों में प्रोग्रामर, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के सहायक प्रोग्रामर और एक संविदाकर्मी शामिल है. ये सभी कर्मचारी अपनी आईडी और तकनीकी पहुंच का इस्तेमाल कर फर्जी बायोमेट्रिक्स के जरिए आधार कार्ड बनाने में गिरोह की मदद कर रहे थे. इस मामले में अब तक कुल 7 आरोपियों को दबोचा जा चुका है. जानकारी के मुताबिक, फर्जी तरीके से बनाए गए आधार साइबर क्राइम और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल किया जा रहा था. आरोपी के पास मिले थे कई उपकरण दरअसल, एटीएस ने कुछ दिन पहले भादरा में फर्जी आधार सेंटर पकड़ा था, जिसमें आरोपी कुलदीप शर्मा को गिरफ्तार किया गया था. उसके पास से लैपटॉप, प्रिटंर, आईरिस डिवाइस, जीपीएस डिवाइस, फिंगरप्रिंट डाई, कैमरा, मोबाइल फोन सहित कई अन्य उपकरण बरामद हुए थे. इसके अलावा जसवन्त, बलराम व अमीर खान को भी गिरफ्तार किया जा चुका है. आधार सेंटर जसवंत और आमिर ख़ान के नाम से ही अलॉट था और ये दोनों अपनी फिंगर प्रिंट और आंखों की Retina से कुलदीप से फर्जी आधार सेंटर हनुमानगढ़ में चलवा रहे थे. एटीएस के मुताबिक, गिरोह द्वारा फर्जी तरीके से बनाए गए आधार कार्ड का उपयोग राष्ट्र विरोधी गतिविधियों, फर्जी सिम कार्ड जारी करने, साइबर अपराधों के लिए और फर्जी बैंक खाते खुलवाने में किया जा रहा था. एटीएस के एडीजी एमएन दिनेश ने बताया कि भादरा के ही फर्जी आधार सेंटर से हरियाणा निवासी एक युवक का पासपोर्ट बना था. जब राजस्थान एटीएस ने जांच आगे बढ़ाया तो पता चला कि इस मामले में आधार doit के कुछ कर्मचारी भी मिले हुए हैं. उसके बाद हनुमानगढ़ में ब्लॉक भादरा के दिनेश कुमार (प्रोग्रामर) और रामनिवास सोनी (सहायक प्रोग्रामर) सहित एक संविदाकर्मी रवि शीला (आर-स्वान इंजीनियर) को पकड़ा गया. गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की हो रही जांच आरपियों द्वारा अब तक इस प्रकार फर्जी तरीके से कितने आधार तैयार किए गए हैं. इस बारे में UIDAI & DOIT से समन्वय स्थापित कर जानकारी जुटाई जा रही है. वहीं गिरोह के द्वारा चलाए जा रहे इस धोखाधडी के नेटवर्क मे जुड़े अन्य साथियों के संबध में गहनता से जांच-पड़ताल जारी है. ATS के पास इनपुट है कि इस तरह से फ़र्ज़ी आधार सेंटर राजस्थान में और भी कई शहरों में चल रहे हैं. इस फ़र्ज़ी आधार सेंटर की सहायता से ग़लत लोग फ़र्ज़ी आधार कार्ड बनवा रहे हैं. इससे मोबाइल नंबर लिए जा रहे हैं और ये मोबाइल नंबर साइबर ठगी में उपयोग किया जा रहा है. वहीं, बैंक खाते खुलवाए जा रहे, उसमें साइबर अपराध से जुड़े पैसे मंगवाए जा रहे हैं. इसके अलावा पासपोर्ट बनवाकर राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल में लिया जा रहा है. बता दें कि हाल ही में जयपुर से एक मामला सामने आया था, जिसमें पाकिस्तान का आतंकी खरगोश जयपुर आया और फ़र्ज़ी आधार के इस्तेमाल कर वह पासपोर्ट बनवाकर वापस इंडोनेशिया से खाड़ी देश में फ़रार हो गया. इस तरह से आधार कार्ड का बड़ा रैकेट पूरे राजस्थान में चल रहा है.

गैस उपभोक्ताओं के लिए नई गाइडलाइन: OTP डिलीवरी और eKYC अनिवार्य होने के संकेत

 जयपुर LPG गैस को लेकर आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है. कुछ परेशानी इसलिए भी हुई की लोगों को गैस बुकिंग और डिलिवरी के नियमों की जानकारी नहीं थी. ऐसे में अब 1 मई 2026 से LPG गैस सिलेंडर से जुड़े बदलाव होने वाले हैं तो आपको इसके बारे में जानकारी जरूर होनी चाहिए. इसके तहत LPG की बुकिंग से लेकर डिलिवरी तक कई नियम बदल रहे हैं. अगर आप इसे समझ लेगें तो आपको परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा. बता दें घरेलू गैस की कीमतों में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी. वहीं 1 मई 2026 को गैस के कीमतों में बदलाव किया जा सकता है. साथ ही कमर्शियल सिलेंडर की कीमत भी लगातार बढ़े हैं तो इसकी कीमत भी बदल सकती है. बदलेगा बुकिंग का नियम नए नियम के तहत LPG सिलेंडर बुक करने का समय अंतराल 25 दिन कर दिया गया है. जो पहले 21 दिन था. जबकि ग्रामीण इलाकों में 45 दिन का समय होगा. यानी 45 दिन बाद ही गैस की बुकिंग की जा सकेगी. ऐसे में अगर आप गैस का इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपको बुकिंग के समय को ध्यान रखना होगा. आप गैस सिलेंडर कई तरीकों से बुक कर सकते हैं. व्हाट्सऐप, मिस्ड कॉल, SMS, मोबाइल ऐप या वेबसाइट के जरिए आसानी से बुकिंग की जा सकती है. बस ध्यान रखें कि बुकिंग हमेशा अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से ही करें. साथ ही ध्यान रखें कि किसी अनजान लिंक या नंबर से बुकिंग न करें और पेमेंट करने से पहले डिटेल्स जरूर चेक करें. बदलेगा डिलिवरी का नियम गैस की होम डिलिवरी का नियम भी बदला गया है. गैस की डिलिवरी सुरक्षित तरीके से हो इसके लिए OTP सिस्टम लागू किया गया है. यानी अगर आपके घर पर सिलेंडर आता है तो आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP आएगा जिसे आपको डिलिवरी बॉय को बताना होगा. OTP के जरिए डिलिवरी होने से गैस सिलेंडर सही व्यक्ति को मिलेगा और इसमें गड़बड़ी नहीं होगी. PNG हो सकता अनिवार्य सरकार लगातार PNG कनेक्शन को बढ़ावा दे रही है. ऐसे में जिन क्षेत्रों में PNG पाइपलाइन उपलब्ध है वहां लोगों को तय समय में कनेक्शन लेना अनिवार्य किया जा सकता है. ऐसा नहीं करने पर LPG गैस सिलेंडर की डिलिवरी बंद की जा सकती है. अब गैस सिलेंडर के लिए eKYC जरूरी होगा. ऐसा नहीं करने पर सिलेंडर की डिलिवरी रूक सकती है, जबकि सब्सिडी का लाभ भी मिलना बंद हो सकता है. यह एक वित्त वर्ष में एक बार करना जरूरी होता है.

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों से की अपील: सही जानकारी दें, बनाएँ ‘विकसित राजस्थान’

 जयपुर राजस्थान में 1 मई से जनगणना 2027 का पहला चरण शुरू होने जा रहा है. इससे पहले, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (Bhajanlal Sharma) ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर प्रदेशवासियों से एक खास अपील की है. साथ ही, उन्होंने एक लिंक भी शेयर किया है, जिससे आप घर बैठे आसानी से अपनी जनगणना खुद कर सकते हैं. सीएम ने शेयर किया स्व-गणना का लिंक सीएम भजनलाल शर्मा ने अपने संदेश में लिखा है कि 1 मई से 15 मई 2026 तक नागरिक खुद अपनी गणना कर सकेंगे. इसके बाद 16 मई से 14 जून 2026 तक कर्मचारी घर-घर जाकर मकानों की गणना करेंगे. उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की है कि राजस्थान की अतिथि सत्कार की परंपरा को निभाते हुए कर्मचारियों को सही जानकारी दें, क्योंकि आज की सही जानकारी ही कल के 'विकसित राजस्थान' और 'विकसित भारत' का सपना पूरा करेगी. स्व-गणना के लिए आप इस ऑफिशियल लिंक पर जा सकते हैं: https://se.census.gov.in     पहली बार घर बैठे खुद करें अपनी गणना यह पहली बार है जब भारत में लोगों को वेब पोर्टल के जरिए अपनी जानकारी खुद भरने का मौका मिल रहा है. अगर आप दिए गए लिंक पर जाकर अपनी डिटेल खुद भर देते हैं, तो जब कर्मचारी आपके घर आएंगे, तो आपका बहुत सारा समय बचेगा. ध्यान रहे, ऑनलाइन स्व-गणना का ऑप्शन चुनने के बाद भी कर्मचारी वेरिफिकेशन के लिए आपके घर जरूर आएंगे, लेकिन तब आपको फॉर्म भरने की लंबी कागजी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा. जनगणना के नाम पर साइबर फ्रॉड से बचें पूरी प्रक्रिया के डिजिटल होने की वजह से साइबर ठग भी इसका फायदा उठा सकते हैं. इसलिए प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है. आपके घर आने वाले जनगणना कर्मचारी आपसे सिर्फ आपका मोबाइल नंबर और ऑनलाइन स्व-गणना करने पर मिली SE ID ही मांगेंगे. कर्मचारी आपसे कोई भी OTP नहीं मांगेंगे. अगर कोई आपसे ओटीपी मांगता है, तो समझ लीजिए वह फ्रॉड है. किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी शेयर न करें. तैयार रखें इन 33 सवालों के जवाब पहले चरण के लिए विभाग ने 33 सवालों की एक लिस्ट तैयार की है. कर्मचारी आपके घर की स्थिति और सुख-सुविधाओं से जुड़े ये अहम सवाल पूछेंगे:-     मकान का नंबर, फर्श, दीवार और छत किस सामग्री से बनी है?     परिवार के मुखिया का नाम, जेंडर और क्या वे एससी/एसटी वर्ग से हैं?     मकान अपना है या किराए का? परिवार के पास रहने के लिए कितने कमरे हैं?     पीने के पानी और रोशनी का मुख्य स्रोत क्या है?     शौचालय की सुविधा, गंदे पानी की निकासी और रसोईघर की क्या व्यवस्था है?     खाना पकाने के लिए कौन सा ईंधन (LPG/PNG) इस्तेमाल होता है?     घर में टीवी, इंटरनेट, लैपटॉप, स्मार्टफोन, साइकिल, कार या बाइक जैसी कितनी सुविधाएं मौजूद हैं?     परिवार मुख्य रूप से खाने में किस अनाज का इस्तेमाल करता है? शिक्षकों के तबादलों पर लग सकता है लंबा ब्रेक इस बड़े राष्ट्रीय अभियान को पूरा करने के लिए राजस्थान में करीब 1 लाख 60 हजार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जिनमें सबसे बड़ी संख्या शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की है. ऐसे में लंबे समय से अपने ट्रांसफर का इंतजार कर रहे शिक्षकों को तगड़ा झटका लग सकता है. जनगणना कार्य निदेशालय के निदेशक बिष्णु चरण मल्लिक के मुताबिक, जो कर्मचारी अभी पहले चरण में ड्यूटी कर रहे हैं, वही फरवरी 2027 में शुरू होने वाले दूसरे चरण में भी काम करेंगे.

देशमुख अनिल और आदर्श सिद्धू को BSF में मिली तैनाती, केंद्र में बढ़ी जिम्मेदारी

जयपुर राजस्थान कैडर के पुलिस महकमे से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है. राज्य सरकार और केंद्र के बीच तालमेल के साथ तीन वरिष्ठ IPS अधिकारियों के कार्यभार में फेरबदल किया गया है. इनमें से दो अधिकारियों को केंद्र में डेपुटेशन (Deputation) पर भेजा गया है, जबकि एक अधिकारी को महत्वपूर्ण शैक्षणिक जिम्मेदारी सौंपी गई है. DIG देशमुख पेरिस अनिल अब संभालेंगे BSF की कमान राजस्थान पुलिस में स्पेशल ऑपरेशन्स (Special Operations) के पद पर तैनात DIG देशमुख पेरिस अनिल अब केंद्र में अपनी सेवाएं देंगे. उन्हें बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) में DIG के तौर पर पोस्टिंग दी गई है. अपनी कार्यकुशलता के लिए पहचाने जाने वाले देशमुख का बॉर्डर सिक्योरिटी में जाना एक अहम कदम माना जा रहा है. IPS आदर्श सिद्धू को भी केंद्र में मिली बड़ी जिम्मेदारी देशमुख पेरिस अनिल के साथ ही IPS आदर्श सिद्धू को भी केंद्र सरकार ने डेपुटेशन पर बुलाया है. उन्हें भी BSF में DIG के पद पर नियुक्त किया गया है. सिद्धू का ट्रैक रिकॉर्ड शानदार रहा है, और अब वे देश की सीमाओं की सुरक्षा में अपनी भूमिका निभाएंगे. IPS देवेंद्र कुमार बिश्नोई को मिली अतिरिक्त जिम्मेदारी वहीं, राज्य के भीतर भी एक महत्वपूर्ण नियुक्ति की गई है. IPS देवेंद्र कुमार बिश्नोई को जोधपुर स्थित सरदार पटेल यूनिवर्सिटी ऑफ पुलिस सिक्योरिटी एंड क्रिमिनल जस्टिस के प्रो-वाइस चांसलर (Pro-VC) का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है. बिश्नोई अब पुलिसिंग के साथ-साथ पुलिस यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यों को भी गति देंगे.

भाई ने निभाई परंपरा, बहन के घर 11 लाख का मायरा लेकर निकली भव्य यात्रा

भीलवाड़ा लग्जरी गाड़ियों के दौर में एक किसान भाई ने 11 ऊंट गाड़ियों और 51 ट्रैक्टर पर भात भरण की अनूठी शोभायात्रा निकाली. भीलवाड़ा के जहाजपुर विधानसभा क्षेत्र के पंडेर गांव से टिठोडी गांव तक 7 किलोमीटर की यात्रा की. ग्रामीणों ने भी खूब पुष्प वर्षा की. भात यात्रा का वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. किसान परिवार ने पुरानी परंपरा को न‍िभाया. बहन के घर पहुंचकर 11 लाख का मायरा भरा. "बहन को पिता की कमी महसूस न हो" किसान मुकेश जाट ने कहा क‍ि पिता के देहांत के बाद घर की सारी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई थी. उन्होंने यही कोशिश की कि बहन को कभी पिता की कमी महसूस न हो, जो भी किया है, वह अपने पिता के सपनों को पूरा करने और बहन के चेहरे पर मुस्कान देखने के लिए किया है.   "हमारी पुरानी परंपराएं ही असली पहचान" उन्होंने कहा,  "हमारी पुरानी परंपराएं ही हमारी असली पहचान है, इसलिए मैंने उसी परंपरा को जीवित रखने का प्रयास किया है." बदलते आधुनिक दौर में जहां एक ओर परंपराओं को जिंदा रखा, वहीं भाई ने 11 लाख रुपये का भात भरा. पुरानी परंपराओं को जीवंत करते हुए मायरा भरने की परंपरा को पुनर्जीवत किया.   मुकेश जाट की पत्नी माया पंचायत प्रशासक हैं. पिता के निधन के बाद भाई की अनूठी भात शोभायात्रा को देखकर बहन भी भावुक हो गई. नाचते-गाते हुए करीब 7 किलोमीटर का सफर तय क‍िया.

नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क: बाघ बाघिन ‘रानी’ के पांच शावकों का खास जश्न

जयपुर राजधानी जयपुर के आमेर स्थित नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में इन दिनों जश्न का माहौल है. बाघिन ‘रानी' के पांचों शावकों का मंगलवार (28 अप्रैल) को पहला बर्थडे सेलिब्रेशन हुआ. 27 अप्रैल को जन्मे शावक विजय, शौर्य, सूर्या, अंबे और वृंदा का जन्मदिन पार्क प्रशासन ने उत्साह के साथ मनाया. मौका इसलिए भी खास है क्योंकि पार्क में 2 सफेद बाघों समेत बाघों की कुल संख्या 15 तक पहुंच गई है. यह किसी भी बायोलॉजिकल पार्कों की तुलना में अधिक है, जिससे नाहरगढ़ को वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक मजबूत पहचान मिली है. आकर्षण का केंद्र है 'विजय' नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के एसीएफ देवेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि पांचों शावकों में ‘विजय' सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. क्योंकि वह एक व्हाइट टाइगर है, जबकि बाकी चार शावक गोल्डन रंग के हैं. ‘विजय' अपनी मां रानी के साथ पार्क में अठखेलियां करता नजर आता है, जिसे देखने के लिए स्टाफ भी उत्साहित रहता है. पहली बार एक साथ जन्मे 5 शावक वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ.अरविंद माथुर ने बताया कि देश में यह पहला मौका था, जब किसी बाघिन ने एक साथ पांच शावकों को जन्म दिया है. सभी शावकों का नियमित टीकाकरण किया गया है और उन्हें प्राकृतिक वातावरण में विकसित करने के लिए रोजाना कुछ समय खुले क्षेत्र में छोड़ा जाता है. इससे उनका शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर हो रहा है. पर्यटक भी जल्द कर सकेंगे दीदार व्इन पांचों शावकों को पर्यटकों के लिए डिस्प्ले में लाया जाएगा. इससे न केवल पर्यटकों को नया आकर्षण मिलेगा, बल्कि जयपुर में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा. 

शिक्षा कैलेंडर अपडेट: राजस्थान में 35 दिन की गर्मी छुट्टी, पढ़ाई के दिन बढ़े

 जयपुर अगर आप राजस्थान के स्कूलों में पढ़ते हैं या पढ़ाते हैं, और गर्मियों की लंबी छुट्टियों में नानी के घर जाने या पहाड़ों पर घूमने की लंबी प्लानिंग कर रहे हैं… तो थोड़ा रुक जाइए. क्योंकि इस बार आपकी छुट्टियों पर सरकार ने थोड़ी 'कैंची' चला दी है. हाल ही में शिक्षा विभाग ने सत्र 2026-2027 के लिए शिविरा पंचांग (Academic Calendar 2026-27) जारी कर दिया है. सबसे बड़ी अपडेट यह है कि इस बार ग्रीष्मावकाश यानी गर्मियों की छुट्टियां 17 मई, 2026 से शुरू होकर 20 जून, 2026 तक ही रहेंगी. यानी, जहां पहले 40 से 45 दिनों तक (30 जून तक) की लंबी छुट्टियां मिलती थीं, वहीं अब बच्चों को चिलचिलाती गर्मी में महज 35 दिन ही घर पर एंजॉय करने को मिलेंगे. आखिर सरकार ने छुट्टियां कम क्यों कीं? इसके पीछे दो बहुत बड़े और दिलचस्प कारण हैं. शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने हाल ही में जयपुर के शिक्षा संकुल में शिक्षक संगठनों के साथ एक अहम बैठक की. फोकस एक ही था- शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और बच्चों की सुरक्षा. इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार शिक्षण दिवसों (Teaching Days) को बढ़ाकर 214 दिन कर दिया गया है. जब पढ़ाई के दिन बढ़ेंगे, तो जाहिर सी बात है कि छुट्टियों के दिन तो कम होंगे ही. दूसरा कारण 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' को माना जा रहा है जो हर साल 21 जून को मनाया जाता है. पहले होता यह था कि स्कूल 30 जून तक बंद रहते थे, और योग दिवस के लिए टीचर्स और स्टूडेंट्स को छुट्टियों के बीच में एक दिन के लिए स्कूल आना पड़ता था. यह किसी सिरदर्द से कम नहीं था. लेकिन अब मास्टरस्ट्रोक देखिए. छुट्टियां 20 जून को ही खत्म हो रही हैं. यानी 21 जून को स्कूल खुलेंगे और सभी लोग एक साथ मिलकर बिना किसी छुट्टी कैंसल होने की टेंशन के, आराम से योगाभ्यास कर सकेंगे. 46 डिग्री के पार पहुंचा पारा, जैसलमेर सबसे गर्म राजस्थान के टेम्परेचर की बात करें तो इस वक्त जैसलमेर सबसे गर्म है. यहां तापमान 46.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है. इसी तरह बाड़मेर में 46.0 डिग्री, कोटा में 45.7 डिग्री और चूरू में तापमान 45.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. IMD जयपुर के लेटेस्ट अपडेट के अनुसार, अगले 3 से 4 दिनों तक पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में हीटवेव (लू) चलने की चेतावनी जारी की गई है, जिसके चलते उत्तर-पश्चिमी जिलों में कुछ स्थानों पर पारा 44 से 45 डिग्री तक पहुंच सकता है. हालांकि पश्चिमी और उत्तरी भागों में आज दोपहर बाद मेघगर्जन के साथ धूलभरी आंधी चल सकती है और कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी होने के आसार हैं, जिससे यहां गर्मी से मामूली राहत मिल सकती है. सरकार ने बदला स्कूलों का बदला समय इस भीषण गर्मी को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है. जयपुर, कोटा, चित्तौड़गढ़, जैसलमेर और दौसा में बच्चों को राहत देने के लिए सुबह की शिफ्ट में कक्षाएं चलाई जा रही हैं. कोटा में 12वीं कक्षा तक का समय सुबह 7:30 से 12:30 बजे तक कर दिया गया है. वहीं, दौसा में 8वीं कक्षा तक के लिए 24 अप्रैल से 2 मई तक समय सुबह 7:30 से 12:00 बजे रहेगा. जैसलमेर और चित्तौड़गढ़ में भी 8वीं तक के बच्चों का समय सुबह 7:30 से 12:00 बजे तक तय किया गया है. लू से बचने के लिए राजस्थान सरकार की गाइडलाइन राजस्थान सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस भीषण लू में जरा सी लापरवाही भारी पड़ सकती है. लू से बचाव के लिए आमजन से कहा गया है कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें. जरूरी होने पर हल्के रंग के सूती और ढीले कपड़े पहनें, और सिर को हमेशा छाते या कपड़े से ढककर रखें. पर्याप्त पानी पिएं. ओआरएस (ORS), लस्सी, छाछ और नींबू पानी का सेवन बढ़ाएं. शराब, चाय, कॉफी और सोडा जैसे पेय पदार्थों से परहेज करें, क्योंकि ये डिहाइड्रेशन बढ़ाते हैं. बच्चों और पालतू जानवरों को भूलकर भी बंद खड़ी गाड़ी में अकेला न छोड़ें, अंदर का तापमान तेजी से बढ़ना जानलेवा साबित हो सकता है. चक्कर आने, कमजोरी या बेहोशी (हीट स्ट्रोक) की स्थिति में मरीज के शरीर को गीले कपड़े से पोंछें और तुरंत टोल-फ्री नंबर 108 या 112 पर कॉल करें.

बारां से होते हुए मनोहरथाना में दिखा चीता, वन विभाग अलर्ट

झालावाड़ कूनो से निकला चीता KP-3 राजस्थान में दस्तक दे चुका है. बारां होते हुए चीते की एंट्री झालावाड़ जिले के मनोहरथाना इलाके में हुई, जिससे ग्रामीणों में दहशत और उत्सुकता दोनों का माहौल है. गांव के लोग डर के साए में जी रहे हैं. व‍न व‍िभाग की टीम मॉनिटरिंग कर रही है.   चंदीपुर रेंज में पहुंचा चीता कूनो नेशनल पार्क का चीता KP-3 बारां जिले के शेरगढ़ और हरनावदाशाहजी क्षेत्र से गुजरते हुए झालावाड़ जिले की मनोहरथाना चंदीपुर रेंज में पहुंचा. शाम के समय चीते की मूवमेंट 4 ग्राम पंचायत अर्जुनपुरा, खेरखेड़ा, शोरती और चंदीपुर में देखी गई. इन गांवों से होते हुए चीता पचेटा गांव तक पहुंचा. ग्रामीणों ने देखा चीता   आशंका जताई जा रही है कि चीता KP-3 मध्य प्रदेश के गुना जिले की ओर बढ़ गया है. स्थानीय ग्रामीणों ने चीते की हलचल देखे जाने की पुष्टि की है.  ग्रामीणों में डर का माहौल है, वहीं लोग सतर्क भी नजर आ रहे हैं. वन विभाग की टीम की नजर वन विभाग से मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, कूनो नेशनल पार्क की स्पेशल ट्रैकिंग टीम और मनोहर थाना वन रेंज की टीमें लगातार मौके पर मौजूद हैं. चीते की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है.

16 साल के दलित बच्चे को थर्ड डिग्री, जयपुर अस्पताल में वेंटिलेटर पर भर्ती

 भिवाड़ी राजस्थान के भिवाड़ी में खाकी एक बार फिर सवालों में घिरती नजर आ रही है. यहां यूआईटी थाने में एक 16 वर्षीय नाबालिग दलित बालक के साथ पुलिस कस्टडी में बर्बरता और थर्ड डिग्री यातना देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. पुलिस की कथित पिटाई से मासूम की हालत इतनी बिगड़ गई कि उसे जयपुर के निम्स अस्पताल में वेंटिलेटर पर रखा गया है. भारी जन-आक्रोश और रातभर चले धरने के बाद पुलिस ने आरोपी थाना प्रभारी दारा सिंह सहित चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है. घर से जबरन उठाकर ले गए   परिजनों का आरोप है कि 21 अप्रैल को सिपाही गोपाल और अन्य पुलिसकर्मी नाबालिग को उसके घर से जबरन उठाकर ले गए थे. उस वक्त बच्चा पूरी तरह स्वस्थ था. बाद में पीड़ित के चचेरे भाई को थाना प्रभारी का फोन आया जिस पर बच्चे ने रोते हुए अपनी जान बचाने की गुहार लगाई. अगले दिन जब परिवार थाने पहुंचा तो उन्हें मिलने नहीं दिया गया. दोपहर में अचानक फोन आया कि बच्चा अस्पताल में भर्ती है और उसका आधार कार्ड लेकर पहुंचें. जब परिजन पहुंचे तो मासूम बेहोशी की हालत में वेंटिलेटर पर था. वीडियो डिलीट कराने और मामले को दबाने का आरोप पीड़ित परिवार ने बताया कि जब उन्होंने अस्पताल में बच्चे की हालत की वीडियो बनाने की कोशिश की तो थाना प्रभारी दारा सिंह और पुलिसकर्मी पवन यादव ने उन्हें धमकाया और जबरन वीडियो डिलीट करवा दिए. आरोप है कि पुलिस इस पूरे मामले को दबाने की कोशिश कर रही थी. यहां तक कि शुरुआत में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने से भी मना कर दिया था. भारी तनाव के बीच रात 1 बजे दर्ज हुई FIR पूर्व विधायक संदीप यादव और ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन के बाद भिवाड़ी एसपी ब्रजेश उपाध्याय मौके पर पहुंचे. तनाव बढ़ता देख एसपी के निर्देश पर रात करीब 1 बजे मुकदमा दर्ज किया गया. इस FIR में थाना प्रभारी दारा सिंह, सिपाही गोपाल, गोविंद और पवन यादव को नामजद किया गया है. मामले की जांच एससी एसटी सेल के आरपीएस अधिकारी शीशराम मीणा को सौंपी गई है.

सीकर के वीर सपूत देशराज सिंह की ड्यूटी के दौरान शहीद , गांव में शोक

  सीकर देश की सेवा करते हुए राजस्थान के सीकर का एक और जवान शहीद हो गया है. नीमकाथाना में पाटन इलाके के निवासी जवान देशराज सिंह तंवर की ड्यूटी के दौरान मौत हो गई. जानकारी के मुताबिक, वह अरुणाचल प्रदेश में बॉर्डर पर पेट्रोलिंग कर रहे थे. इसी दौरान लैंडस्लाइड की वजह से एक दर्दनाक हादसा हुआ और वह इसके चपेट में आ गए. जिससे जवान देशराज सिंह की जान चली गई है. देशराज सिंह के ड्यूटी पर शहीद होने की खबर सुनते ही उनके पैतृक गांव काचरेडा में शोक की छा गई. कल राजकीय सम्मान से होगा अंतिम संस्कार बताया जा रहा है कि शहीद देशराज सिंह तंवर का अंतिम संस्कार मंगलवार उनके पैतृक गांव काचरेडा में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा. कल सुबह शहीद के सम्मान में पाटन से काचरेडा तक तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी शामिल होंगे. जानकारी के अनुसार, देशराज सिंह तंवर 25 अप्रैल को सीमा पर पेट्रोलिंग के दौरान अचानक हुए भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की चपेट में आए. जिसमें वह शहीद हो गए. शहीद देशराज के दादा भी भारतीय सेना में रहे सोमवार सुबह शहीद जवान देशराज का पार्थिव शरीर विशेष विमान से गुवाहाटी से दिल्ली लाया गया. इसके बाद दिल्ली से लाकर कोटपूतली के बीडीएम अस्पताल में रखा जाएगा. शहीद देशराज सिंह के परिवार का सेना से पुराना नाता है. उनके चाचा सुबे सिंह ने बताया कि देशराज तीन भाई-बहन थे, जिसमें वह दूसरे नंबर पर थे. उनके बड़े भाई भी भारतीय सेना में सेवा हैं. अपने पीछे छोड़ गए पत्नी और 2 साल की बेटी वहीं उनके दादा भगवान सिंह भारतीय सेना में रहे, जो रिटायर हो चुके हैं. परिजनों ने बताया कि देशराज 5 साल पहले ही सेना में भर्ती हुए थे और भारतीय सेना के ग्रेनेडियर के पद तैनात थे. शहीद अपने पीछे पत्नी और एक 2 साल की मासूम बेटी को छोड़ गए हैं. देशराज की मौत के बाद घर में कोहराम मचा हुआ है. हालांकि अभी तक घर में पिता उदय सिंह, परिवार की महिलाओं और बुजुर्गों को देशराज सिंह के शहीद होने की जानकारी नहीं दी गई है.