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राजस्थान सरकार ने औद्योगिक विकास का तैयार किया वार्षिक रोडमैप

जयपुर. राजस्थान सरकार ने वर्ष 2026 के औद्योगिक विकास के लिए रोडमैप तैयार किया है। सरकार का फोकस बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को नए स्तर पर ले जाने पर है, ताकि प्रदेश निवेशकों और उद्यमियों के लिए अधिक आकर्षक बन सके। इसमें जेपीएमआइए (जयपुर-मुंबई इंडस्ट्रियल एरिया) के विकास, डीएमआइसी के तहत दौसा और केबीएनआइआर जैसे दो नए नोड्स, भीलवाड़ा में टेक्सटाइल पार्क तथा किशनगढ़ में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग जोन को विकसित करना शामिल है। इसके साथ ही इस वर्ष दौसा-बांदीकुई औद्योगिक क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता दी गई है। सबसे बड़ा मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब बनेगा जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र को पूर्ण इंडस्ट्रियल टाउनशिप के रूप में विकसित कर रही है। यह टाउनशिप लगभग 3600 हेक्टेयर भूमि में विकसित की जा रही है। योजना के तहत पहले चरण में 641 हेक्टेयर भूमि पर प्रारंभिक विकास कार्य शुरू कर दिया गया है। इस चरण में करीब 370 करोड़ की लागत से इन्फ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट होगा। दूसरे चरण में करीब 1100 हेक्टेयर भूमि पर औद्योगिक विकास किया जाएगा। इस औद्योगिक टाउनशिप में राज्य का सबसे बड़ा मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब स्थापित करने का प्रस्ताव भी है। इसके जरिए परिवहन और लॉजिस्टिक सुविधाओं को मजबूती मिलेगी तथा उद्योगों की लागत में कमी आएगी। उद्यमियों को प्रतिस्पर्धी दरों पर भूमि आवंटन शुरू करने की तैयारी कर ली है।

हस्तशिल्प भारतीय सभ्यता की आत्मा और अर्थव्यवस्था की शक्ति: शेखावत

जयपुर. एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट द्वारा ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर में आयोजित हैंडीक्राफ्ट एक्सपो जोधपुर का उद्घाटन केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल भी उपस्थित रहे। शेखावत ने कहा कि भारत की शिल्प, काष्ठ एवं रंग कला हमारी हजारों वर्ष पुरानी सभ्यता की जीवंत पहचान हैं। ऐसे आयोजनों से देश की सांस्कृतिक धरोहर को संजोने और उसे वैश्विक मंच तक पहुंचाने में नई ऊर्जा मिलती है। उन्होंने कहा कि भारतीय हस्तशिल्पियों की रचनात्मकता पीढ़ी-दर-पीढ़ी विकसित हुई है। यह कला न केवल कौशल का प्रतीक है, बल्कि भारत की आत्मा से जुड़ी सांस्कृतिक चेतना की अभिव्यक्ति भी है। विविधताओं से समृद्ध है भारतीय कला जगत संस्कृति मंत्री ने कहा कि आज क्रिएटिव इकोनॉमी के विभिन्न आयामों में हैंडीक्राफ्ट उद्योग को नई पहचान मिली है। जहां कुछ देशों की कला सीमित शैलियों तक केंद्रित है, वहीं भारतीय हस्तशिल्प विविधताओं से परिपूर्ण और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी है। हस्तशिल्प उद्योग रोजगार और समावेशन का माध्यम शेखावत ने कहा कि हस्तशिल्प उद्योग अर्थव्यवस्था के विकेंद्रीकरण के साथ-साथ शहरी-ग्रामीण अंतर को पाटने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह क्षेत्र देश में सर्वाधिक रोजगार उपलब्ध कराने वाले क्षेत्रों में शामिल है। ‘वोकल फॉर लोकल’ से ‘लोकल फॉर ग्लोबल’ की ओर भारत उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल फॉर ग्लोबल’ के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है। वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच सरकार हस्तशिल्प उद्योग सहित समस्त व्यापारिक क्षेत्रों के साथ मजबूती से खड़ी है। संस्कृति मंत्री ने कहा कि देश परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है और इस परिवर्तन में सरकार उद्योग जगत के साथ साझेदारी की भावना से कार्य कर रही है, ताकि कारीगरों और उद्यमियों को सम्मानजनक आजीविका के अवसर मिल सकें। कार्यक्रम में एपीसीएच के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर राजेश रावत, निर्मल भंडारी, हंसराज बाहेती, नरेश बोथरा सहित जनप्रतिनिधि एवं हस्तशिल्प उद्यमी उपस्थित रहे।

जलरंगों में साकार होती संवेदनाएं कल्पना से परे- दिया कुमारी

जयपुर. कला जगत में शनिवार (17 जनवरी) का दिन बेहद खास रहा जब प्रदेश की उपमुख्यमंत्री  तथा पर्यटन, कला एवं संस्कृति मंत्री दिया कुमारी ने जवाहर कला केंद्र की अलंकार आर्ट गैलरी में सुप्रसिद्ध जलरंग कलाकार डॉ. सुषमा महाजन के कला चित्रों से सुसज्जित तीन दिवसीय “मेलोडी ऑफ़ कलर्स”  एकल प्रदर्शनी का भव्य उद्घाटन किया। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने यहां प्रदर्शित डॉ. सुषमा महाजन की 60 जलरंग कृतियों को निहारने और उनका बारीकी से अवलोकन करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि "डॉ. सुषमा महाजन द्वारा तैयार ये कला कृतियां निश्चित ही उत्कृष्ट हैं, अद्भुत है। उन्होंने कहा कि "ये जलरंगों में साकार होती संवेदनाएं कल्पना से परे हैं" उपमुख्यमंत्री दिया ने उत्कृष्ट कला कृतियों से अत्यंत प्रभावित भाव से कहा " डॉ. सुषमा द्वारा ये जल रंग कृतियां बहुत बारीकी से ऊकेरी गई हैं, जिनमें वाइब्रेन्ट रंग और उनकी कलात्मकता मानवीय संवेदनाओं का प्रतिनिधित्व कर रहें हैं। दिया कुमारी ने कहा कि डॉ. सुषमा महाजन वास्तव में जल रंग कला कृतियों की सिद्धस्त कलाकार हैं, वे इस वाटर कलर आर्ट की मास्टर हैं। जल रंग में महारथ रखने वाली डॉ सुषमा की यह कला देश-प्रदेश और समूचे सृजन जगत में नायाब है, जो देश और दुनिया में राजस्थान की कला संस्कृति के परचम को फहरा रही है। उल्लेखनीय है कि इस तीन दिवसीय प्रदर्शनी का अवलोकन 19 जनवरी तक कला प्रेमी प्रतिदिन प्रातः 11:00 बजे से सायं 7:30 बजे तक कर सकेंगे। इस प्रदर्शनी में लगभग 60 जलरंग कृतियां प्रदर्शित की गईं हैं। इनमें 22 नई कृतियां विशेष रूप से इस प्रदर्शनी के लिए तैयार की गई हैं। साथ ही, पेरिस, जयपुर और नई दिल्ली में पूर्व में प्रदर्शित चुनिंदा कृतियों को भी इसमें सम्मिलित किया गया।

किसानों को हर क्षेत्र में उन्नत एवं खुशहाल बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर. प्रदेश में आयोजित होने वाली ‘ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम)-2026’ से पूर्व गिरदावर सर्किल स्तर पर 23 जनवरी (बसंत पंचमी) से विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-2026 के संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक में इस संबंध में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मीट में अधिक से अधिक कृषकों और पशुपालकों की सहभागिता सुनिश्चित करने और उन्हें धरातल पर विभागीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए ये शिविर महत्वपूर्ण सिद्ध होंगे।  शर्मा ने कहा कि किसानों के लिए बसंत पंचमी का विशेष महत्व है क्योंकि यह रबी फसलों की कटाई के मौसम की शुरुआत का प्रतीक है, जो अच्छी पैदावार और समृद्धि की उम्मीद जगाती है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 22 जनवरी को ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभा का आयोजन कर ग्रामीणों को शिविरों के आयोजन के संबंध में जानकारी दी जाए।  गिरदावर सर्किल स्तर आयोजित होंगे शिविर— प्रदेश में गिरदावर सर्किल स्तर पर इन शिविरों का आयोजन 23, 24, 25 व 31 जनवरी तथा 1, 5, 6, 7 व 9 फरवरी को किया जाएगा। शिविरों में विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम-2025 (वीबी-जी राम जी) के तहत गांवों में आवश्यक विकास कार्यों के प्रस्ताव लेने के साथ ही सॉइल हेल्थ कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, मंगला पशु बीमा योजना के तहत पॉलिसी वितरण, पॉलीहाउस की स्वीकृति, पशु टीकाकरण सहित कृषि एवं उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, डेयरी आदि से संबंधित विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को हर क्षेत्र में उन्नत एवं खुशहाल बनाने के लिए ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-2026 का आयोजन करने जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों के सफल आयोजन के लिए कृषि, उद्यानिकी, डेयरी, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता, सिंचाई सहित सभी संबंधित विभाग समन्वय स्थापित कर कृषकों एवं पशुपालकों सहित ग्रामीणों को विभागीय योजनाओं का लाभ पहुंचाएं।  देश-विदेश के कृषक एवं विशेषज्ञ होंगे शामिल — मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मीट के राज्य स्तरीय आयोजन में देश-विदेश के किसान, पशुपालक हिस्सा लेंगे। साथ ही, कृषि एवं पशुपालन की उन्नत तकनीक साझा करने के लिए देश-विदेश से विभिन्न प्रदर्शक फर्म भी आएंगी। कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों का भी ग्राम-2026 में   सम्मान किया जाए। साथ ही, देश-विदेश में उन्नत कृषि, जल प्रबंधन, फसल विविधीकरण जैसे नवाचारों को उपयोग में लाने वाले कृषि विशेषज्ञ, वैज्ञानिकों तथा तकनीकी जानकारों को भी आमंत्रित किया जाएगा। श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आयोजन को लेकर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, जिससे ग्रामीण स्तर पर किसानों को कार्यक्रम एवं योजनाओं की जानकारी मिल सके। बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन अभय कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग शिखर अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव ग्रामीण विकास श्रेया गुहा सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे। 

भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया, कहा- ‘जनमानस के साथ खेल रही है भ्रम की राजनीति’

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वीबी-जी रामजी जनजागरण अभियान की प्रदेश स्तरीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि एक ओर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं, जो बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों और पं. दीनदयाल उपाध्याय की सोच को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी के नेता हैं जो हर योजना में कमी निकालने का काम करते हैं। चाहे वह सीएए हो, ईवीएम का मुद्दा हो या फिर एसआईआर। कांग्रेस हर विषय पर भ्रम फैलाने का प्रयास करती है। मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि अब कांग्रेस को ‘जी रामजी’ नाम से भी आपत्ति है। हमने तो राजस्थान से ‘आरए’ और मध्यप्रदेश से ‘एम’ लिया और महत्वपूर्ण परियोजना ईआरसीपी का नाम स्वतः ही ‘राम जल सेतु’ हो गया। यदि कांग्रेस को राम जी से ही दिक्कत है तो इसमें हम क्या कर सकते हैं। प्रकृति का नियम है कि जो होना है, वह होकर रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश और देश धीरे-धीरे रामराज्य की ओर बढ़ रहे हैं।   न भ्रष्टाचार करने देंगे, न होने देंगे मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आजादी के बाद से ही कांग्रेस ने देश को खोखला करने का काम किया है। वह हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति करती आई है, लेकिन अब मोदी जी का जमाना है। अब न तो भ्रष्टाचार करने दिया जाएगा और न ही भ्रष्टाचार होने दिया जाएगा। कांग्रेस को इस बात का दर्द है कि अब वे भ्रष्टाचार नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भ्रष्टाचार हुआ भी है तो मोदी सरकार उसे बाहर निकाल कर सामने लाएगी। सीएम शर्मा ने कहा कि कांग्रेस झूठ बोलने में नंबर वन है, भ्रम फैलाने में नंबर वन है और तुष्टिकरण के आधार पर राजनीति करना चाहती है। इसलिए झूठ का पर्दाफाश करना आज सबसे अधिक आवश्यक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वीबी-जी रामजी जनजागरण अभियान को लेकर गांव-गांव और ढाणी-ढाणी तक पहुंचना होगा। लोगों को यह बताना होगा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 100 नहीं बल्कि 125 दिन का रोजगार दिया है और 15 दिन में मजदूरी की गारंटी दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी डबल इंजन सरकार युवाओं के रोजगार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार ने अब तक 1 लाख से अधिक युवाओं को नियुक्तियां दी हैं, 1.43 लाख भर्तियां प्रक्रिया में हैं और 1 लाख पदों का भर्ती कैलेंडर जारी किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को हमने पहले ही कह दिया था कि आप पेन और डायरी लेकर बैठ जाएं, हम आपको हर बात का हिसाब देंगे। पेपर लीक के मामलों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि अब तक 400 लोग जेल में हैं। अब यह गिनती करना कांग्रेस का काम है कि ये 400 लोग छोटी मछली हैं या बड़े मगरमच्छ। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पारदर्शिता, सुशासन और विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है और जनता के विश्वास पर पूरी तरह खरी उतरेगी।  

सेना दिवस परेड में दिखा राजस्थान का रंग, विशाल कठपुतली ने बिखेरी लोक कलाओं की छटा

जयपुर सेना दिवस के अवसर पर जयपुर में महल रोड पर आयोजित सेना परेड में राजस्थान पर्यटन, कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से प्रस्तुत कलात्मक एवं भव्य झांकी को देखकर वहां उपस्थित दर्शकगण मन्त्रमुग्ध हो गए। राजस्थान की इस भव्य झांकी में ने हमारी गौरवशाली परंपराओं एवं आधुनिक पर्यटन का प्रतिनिधित्व किया। जिसमें राज्य की सदियों पुरानी वास्तुकला, पारंपरिक हस्तशिल्प और विश्व प्रसिद्ध लोक कलाओं की अनूठी झलक दिखी। भारत माँ की जयकार तथा वहां उपस्थित प्रत्येक भारतीय के मन में राष्ट्रभक्ति की हिलोरों के बीच राजस्थान की लोक कलाओं का खूब जयगान एवं यशगान हुआ। ऐसी रही राजस्थान की झांकी झांकी के आगे की साइड में राजस्थान की सबसे लोकप्रिय लोक कलाओं में से एक, कठपुतली कला को उत्कृष्ट रूप में दर्शया गया। जिसमें एक विशाल कठपुतली (पपेट) राजस्थान की लोक कला एवं संस्कृति की अगुवाई करते नज़र आई। राजस्थान की झांकी में कठपुतली कलाकार राजू भाट की अंगुलियों पर नाचती हुई कठपुतलियों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। आर्मी डे परेड में राजस्थान की समस्त लोक कलाओं का नेतृत्व कर रही यह विशाल कठपुतली जैसे आगंतुकों का स्वागत करने की राजस्थान की विशिष्ट परम्परा का निर्वहन कर रही हो। झांकी के वाहन के मध्य भाग पार्ट पर राजस्थान के क्राफ्ट & स्किल्स को दिखाया गया। जिसमें राजस्थान के प्रसिद्ध मोलेला की टेराकोटा में उकेरी गई मूर्तियों का धार्मिक व सांस्कृतिक आकृतियों का कलाकारों द्वारा प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही जयपुर की प्रसिद्ध ब्लू पॉटरी के बर्तनों का प्रमुखता से प्रदर्शन किया गया है। झांकी में फड़चित्रण दिखाया गया। राज्य के कुटीर उद्योगों की जीवटता को दिखाते हुए झांकी में हस्तशित्य कलाकारों को पारंपरिक पेशभूषा में कार्य करते हुए दिखाया गया है। झांकी के ऊपरी भाग पर राजस्थान के भरतपुर क्षेत्र के प्रसिद्ध फूलों की होली नृत्य की लोक कलाकारों द्वारा मनुहारी प्रस्तुति दी गई। इसके साथ ही बम रसिया नृत्य प्रस्तुत किया गया।

भजनलाल शर्मा का संदेश: जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल ने फिर दिखाया राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारे देश की संस्कृति एवं साहित्य अद्भुत है। यहां वृक्षों, पेड़ों, पहाड़ों और नदियों को पूजा जाता है। हमें अपनी इस सांस्कृतिक विरासत को संजोते हुए आगे बढ़ना है, ताकि आगामी पीढ़ी इससे प्रेरणा ले तथा गर्व की अनुभूति करे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के विकास के साथ-साथ अपनी संस्कृति और साहित्य के विकास के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी से साहित्य को जीवन का हिस्सा बनाने की भी अपील की। शर्मा गुरुवार को जयपुर में आयोजित जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान की धरती सदियों से ज्ञान, कला और संस्कृति की संवाहक रही है। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल विचारों का उत्सव एवं महासागर है। यह आयोजन साहित्य के साथ राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर को और अधिक उजागर करने में मददगार साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान साहित्य, संगीत और कला की पुण्य भूमि है। यहां आमेर के किले से लेकर हवा महल तक हर विरासत में संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। पृथ्वीराज रासो राजस्थान की वीरगाथात्मक संस्कृति का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने कहा कि मीरा की भक्ति, ढोला-मारू की कहानियां आज भी करोड़ों हृदयों को स्पर्श करती है। विजयदान देथा, कन्हैयालाल सेठिया, कोमल कोठारी जैसे साहित्यकार राजस्थान की साहित्यिक और सांस्कृतिक चेतना की मशाल हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान की धरा भक्ति और शक्ति की धरा है। महाराणा प्रताप, पन्नाधाय, अमृता देवी जैसे शूरवीरों ने अपने त्याग, बलिदान और समर्पण से प्रदेश की मिट्टी को गौरवान्वित किया है। पुस्तक पीढ़ियों तक फैलाती है ज्ञान का प्रकाश शर्मा ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का कहना है कि हमें गुलदस्ते की जगह पुस्तक भेंट करनी चाहिए क्योंकि पुस्तक पीढ़ियों तक ज्ञान का प्रकाश फैलाती है। श्री शर्मा ने कहा कि किताबें जीवन को समझने का नया दृष्टिकोण देती हैं। साथ ही साहित्य मनुष्य को संवेदना और करुणा से जोड़कर चिंतनशील और विनम्र बनाता है। हमारे पूर्वजों ने ज्ञान, विज्ञान, अनुसंधान और जनकल्याण के ग्रंथ श्लोक में लिखे और इस ज्ञान को साहित्य के द्वारा लोगों तक पहुंचाकर लोकप्रिय बनाया। उन्होंने कहा कि मुगल आक्रांताओं के विरुद्ध वीरों को प्रेरित करने, आजादी के आंदोलन में सेनानियों में जोश भरने, आपातकाल के दिनों में तानाशाही शासन को चुनौती देने से लेकर युद्ध में सेना का हौसला बढ़ाने तक हर समय साहित्य ने राष्ट्रनिर्माण का कार्य किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, डॉ. प्रेम चंद बैरवा, पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा, जेएलएफ डायरेक्टर सुश्री नमिता गोखले, श्री विलियम डेलरिंपल, टीमवर्क आटर््स के एमडी श्री संजय रॉय सहित ख्यातनाम लेखक, साहित्यकार एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

सेना दिवस पर जयपुर में अर्जुन टैंक और धनुष तोप का शानदार प्रदर्शन

जयपुर  आज भारतीय सेना दिवस पर भव्य परेड का आयोजन किया गया, जहां भारतीय सेना के शौर्य, पराक्रम और अनुशासन की झलक जयपुरवासियों को देखने को मिली. परेड में खासतौर पर भारतीय सेना के जवानों ने मार्च-पास्ट से लेकर आसमान में हेलीकॉप्टर की फ्लाई-पास्ट का भव्य प्रदर्शन किया, जिससे महला रोड पर पूरी तरह देशभक्ति का माहौल बना रहा. परेड के दौरान भारतीय सेना के भव्य हथियारों, जिनमें अर्जुन टैंक, के-9 वज्र, धनुष तोप, बीएमपी, सिलिका जैसे अत्याधुनिक हथियारों और बख्तरबंद वाहनों का प्रदर्शन किया गया. भारतीय सेना के भव्य हथियारों में शामिल उन स्वदेशी हथियारों पर ध्यान केंद्रित किया, जिन्हें भारतीय सेना की सबसे खास ताकत माना जाता है. ऐसे खास हथियारों को लेकर सेना की भव्य प्रदर्शनी में सेना के जवानों से बातचीत की गई. जवानों ने बताया कि भारतीय सेना के हथियारों में वैसे तो सभी हथियार बेहद खास हैं, लेकिन उनमें अर्जुन मार्क-1 टैंक और धनुष तोप विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं, जो पूरी तरह भारत में बने हैं. अपनी खास खूबियों के चलते ये हथियार सेना के लिए सबसे महत्वपूर्ण हथियारों में से एक माने जाते हैं. अर्जुन मार्क-1 टैंक अपनी जबरदस्त फायर पावर, मजबूत कवच (आर्मर) से मिलने वाली सुरक्षा और आधुनिक तकनीक के लिए जाना जाता है. वहीं धनुष तोप भारतीय सेना की स्वदेशी आर्टिलरी ताकत है, जिसमें डिजिटल कंट्रोल सिस्टम और ऑटोमैटिक गन लेइंग जैसी आधुनिक तकनीकों के चलते यह सेना के लिए बेहद खास मानी जाती है. जबरदस्त फायर पावर और मजबूत कवच के लिए फेमस है अर्जुन टैंक  भारतीय सेना के जवान बताते हैं कि अर्जुन मार्क-1 टैंक हाइड्रोलिक सिस्टम के कारण रेगिस्तान से लेकर सड़कों तक चलने में सक्षम है. अर्जुन मार्क-1 टैंक भारत का स्वदेशी मेन बैटल टैंक है, जिसे खासतौर पर भारतीय सेना के लिए तैयार किया गया है, जो युद्ध के समय सेना के लिए खासा मददगार साबित होता है. यह टैंक विशेष रूप से अपनी जबरदस्त फायर पावर, मजबूत कवच से मिलने वाली सुरक्षा और आधुनिक तकनीक के लिए जाना जाता है. टैंक में ऐसा फायर कंट्रोल सिस्टम लगा है, जिसके चलते यह 70 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलते हुए भी दिन, रात या किसी भी मौसम में सटीक निशाना लगाने में सक्षम है. इसी टैंक का नया वर्जन अर्जुन मार्क-1A 72 नए फीचर्स और सुधारों के साथ सेना में शामिल किया गया है, जिससे इसकी परफॉर्मेंस और भरोसेमंद क्षमता पहले से बेहतर हुई है. जवान बताते हैं कि अगर इसकी बनावट और खासियत की बात करें तो अर्जुन टैंक को डीआरडीओ द्वारा विकसित किया गया है. इसमें 4 सैनिक बैठकर इसे संचालित करते हैं, इसकी लंबाई 10,640 मिमी और चौड़ाई 3,866 मिमी है, जबकि इसकी ऊंचाई 3,030 मिमी है. इसका वजन 62.5 टन है, जिसके चलते यह भारतीय सेना के सबसे भारी टैंकों के बेड़े में शामिल है. इसकी मुख्य तोप 120 मिमी की है, जो जबरदस्त फायर पावर प्रदान करती है. टैंक में खासतौर पर विमान-रोधी मशीन गन भी लगी है, जिसके चलते हवाई हमलों के समय भी टैंक से फायर किया जा सकता है, इस टैंक की मारक क्षमता 5 किलोमीटर तक है. भारतीय सेना की स्वदेशी आर्टिलरी ताकत है धनुष  सेना के जवान बताते हैं कि अर्जुन टैंक के अलावा भारतीय सेना के पास स्वदेशी आर्टिलरी ताकत के रूप में धनुष तोप भी है, जो डिजिटल कंट्रोल सिस्टम और ऑटोमैटिक गन लेइंग जैसी आधुनिक तकनीकों से लैस है. जवान बताते हैं कि धनुष तोप मध्यम गन श्रेणी का हथियार है, जो कई किलोमीटर तक चलने में सक्षम है। इसका वजन 12.7 टन है. धनुष तोप खासतौर पर 30 डिग्री दाएं-बाएं और -3 डिग्री से 70 डिग्री तक ऊंचाई में फायर करने में सक्षम है. इसके अलावा धनुष तोप की मैन फायरिंग दर की बात करें तो यह 15 सेकंड में 3 राउंड और 60 मिनट में 60 राउंड की तीव्र गति से फायर करने में सक्षम है. धनुष में लगी तोप 155 मिमी/45 कैलिबर की है, जो 38 से 40 किलोमीटर तक लक्ष्य भेदने में सक्षम है.

दीया कुमारी ने कहा- ‘हमारी संस्कृति को प्रमोट करना है, यह हमारी पहचान है’

जयपुर  राजस्थान के जयपुर में मकर संक्रांति के मौके पर टूरिज्म डिपार्टमेंट द्वारा आयोजित पतंग महोत्सव में राजस्थान की डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि हमें अपनी संस्कृति को बढ़ावा देना चाहिए। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि यह सच में एक खूबसूरत इवेंट था। पूरे जयपुर में आतिशबाजी हो रही थी। यहां आए पर्यटकों को भी काफी आनंद मिला है। लोग अपने घरों से पटाखे चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए बहुत अच्छा दिन है, मकर संक्रांति के दिन लोगों ने सुबह पतंगें उड़ाईं, लोग अब आतिशबाजी देख रहे हैं, मुझे बहुत अच्छा लग रहा है।  यह हमारी संस्कृति है, हमारा त्योहार है और इसे बढ़ावा देना चाहिए, नई पीढ़ी को समझना चाहिए और इसे आगे बढ़ाना चाहिए। डिप्टी सीएम ने कहा कि हमारी सरकार ऐसे इवेंट्स को बढ़ावा देने की कोशिश करती है, हमने घूमर फेस्टिवल किया, हम इसे हर जिले तक ले जाने की कोशिश करेंगे, यह बहुत जरूरी है। हम यहां टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहे हैं, लेकिन टूरिस्ट्स को अच्छा अनुभव देना जरूरी है, जो हमारे पास पहले से है, अगर हम उन्हें बचाकर रखें, उन्हें बेहतर बनाएं, कनेक्टिविटी दें, तो यह भी एक उपलब्धि होगी। एक्स पोस्ट में डिप्टी सीएम ने लिखा कि मकर संक्रांति के पावन अवसर पर जयपुर के विश्व-प्रसिद्ध हवामहल पर राजस्थान पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित भव्य लालटेन प्रज्ज्वलन एवं आतिशबाजी कार्यक्रम में सम्मिलित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। रंग-बिरंगी लालटेनें और आतिशबाजी ने हवामहल की ऐतिहासिक भव्यता को और भी आकर्षक बना दिया। यह आयोजन राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन और परंपराओं को वैश्विक पहचान दिलाने का एक सुंदर प्रयास है। राजस्थान की लोकसंस्कृति, पर्व-परंपराओं और पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से भविष्य में प्रदेश के सभी जिलों में इस प्रकार के विशिष्ट और आकर्षक आयोजनों को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि हर अंचल की पहचान विश्वभर में स्थापित हो सके। उन्होंने आगे लिखा कि भाजपा परिवार के वरिष्ठ सदस्यों एवं समर्पित कार्यकर्ता बंधुओं के साथ हर्षोल्लास एवं पारस्परिक सौहार्द के साथ मकर संक्रांति का पावन पर्व मनाया। यह पर्व सूर्य के उत्तरायण होने के साथ जीवन में नई ऊर्जा, सकारात्मक सोच और सामाजिक समरसता का संदेश देता है। वरिष्ठजनों का सान्निध्य और कार्यकर्ताओं का उत्साह संगठन की मजबूती और एकता का प्रतीक है।

सास और पांच बहुएं समेत परिवार के छह सदस्य हुए एक साथ निधन, अंतिम संस्कार से लौटते समय हुआ हादसा

 फतेहपुर शेखावाटी,      राजस्थान में एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया. फतेहपुर शेखावाटी में एक ही परिवार की सात महिलाओं की एक साथ मौत हो गई. यह हादसा इतना भयावह था कि जिसने भी दृश्य देखा, उसकी आंखें नम हो गईं. एनएच-52 पर हरसावा गांव के पास तेज रफ्तार कार पहले एक पिकअप से टकराई और फिर सामने से आ रहे ट्रक में जा घुसी. टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह पिचक गई. हादसे में सास, उनकी पांच बहुएं और बेटी ने मौके पर या इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि चालक और एक युवती गंभीर रूप से घायल हो गए. फतेहपुर सदर थाना क्षेत्र के रघुनाथपुरा गांव निवासी परिवार हाल ही में लक्ष्मणगढ़ गया था. परिवार की बुजुर्ग महिला मोहिनी देवी की ननद, लक्ष्मणगढ़ निवासी कैलाश देवी का निधन हुआ था. पूरा परिवार उनके अंतिम संस्कार में शामिल होकर शाम करीब चार बजे वापस गांव लौट रहा था. परिवार चार गाड़ियों में सवार था. तीन गाड़ियों में पुरुष बैठे थे, जबकि एक कार में महिलाएं और चालक मौजूद थे. किसी को अंदेशा नहीं था कि यह यात्रा उनके जीवन की सबसे आखिरी और सबसे दर्दनाक यात्रा बन जाएगी. तेज रफ्तार, ओवरटेक और पल भर में तबाही प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हरसावा गांव के पास पहुंचते ही कार चालक ने ओवरटेक करने की कोशिश की. इसी दौरान तेज रफ्तार के कारण कार का संतुलन बिगड़ गया. पहले कार पास से गुजर रही पिकअप से टकराई और फिर अनियंत्रित होकर सामने से आ रहे ट्रक में जा घुसी. हादसे की आवाज सुनते ही आसपास के लोग और हाइवे से गुजर रहे वाहन चालक मौके पर पहुंच गए. कार के अंदर महिलाएं बुरी तरह फंसी हुई थीं. काफी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. इन सात महिलाओं की गई जान इस भीषण सड़क हादसे में सास मोहिनी देवी (80) और बहू चंदा देवी (55), तुलसी देवी (45), बरखा देवी (35), आशा देवी (60), संतोष देवी (45) और बेटी इंदिरा (60) की मौत हुई. सभी एक ही परिवार से थीं. बरखा देवी ने जयपुर ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ा. हादसे में सोनू (35) और कार चालक वसीम (25) गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज जारी है. परिवार के सदस्यों ने बताया कि लक्ष्मणगढ़ से रवाना होने से पहले ही ड्राइवर वसीम को कार धीमी गति से चलाने की हिदायत दी गई थी. अंतिम संस्कार के बाद माहौल पहले से ही गमगीन था. बावजूद इसके, रास्ते में चालक ने ओवरटेक करने के चक्कर में रफ्तार बढ़ा दी और यही लापरवाही सात जिंदगियों पर भारी पड़ गई. गांव में पसरा मातम, चूल्हे तक नहीं जले एक ही परिवार की सात महिलाओं की मौत की खबर जैसे ही रघुनाथपुरा गांव पहुंची, पूरा गांव शोक में डूब गया. घर-घर सन्नाटा पसर गया. मोहल्ले में रात को किसी के घर चूल्हा नहीं जला. मोहिनी देवी के पति का पहले ही निधन हो चुका था. अब परिवार की महिलाएं ही घर की धुरी थीं. संतोष देवी के पति सब्जी की दुकान चलाते हैं और उनके दो बेटे व एक बेटी हैं. तुलसी देवी के पति विदेश में मजदूरी करते हैं और छुट्टी पर गांव आए हुए थे. आशा देवी के पति गैस एजेंसी में कार्यरत हैं. हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस महकमा सक्रिय हो गया. फतेहपुर सदर थाना के सीआई सुरेंद्र तम देगड़ा ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया. शवों को धानुका अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया. घायलों की स्थिति जानने के लिए कलेक्टर मुकुल शर्मा एसके अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों को त्वरित और बेहतर इलाज के निर्देश दिए. विधायक हाकम अली, भाजपा नेता श्रवण चौधरी, एडीएम रतनलाल स्वामी, एएसपी डॉ. तेजपाल सिंह, पालिका अध्यक्ष मुश्ताक नजमी समेत कई जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे. सीएम और राज्यपाल ने जताया शोक इस दर्दनाक हादसे पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने गहरा शोक व्यक्त किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि फतेहपुर शेखावाटी में हुए सड़क हादसे की खबर अत्यंत दुःखद है. ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति और शोकाकुल परिवार को संबल प्रदान करें. गौरतलब है कि एनएच-52 पर इससे पहले भी ऐसे दर्दनाक हादसे हो चुके हैं. दो साल पहले भी संक्रांति के दिन ही नरोदड़ा बस स्टैंड के पास हुए सड़क हादसे में भी सात लोगों की जान गई थी. उस समय एक अनियंत्रित कार डिवाइडर से टकराकर दूसरी ओर से आ रही बोलेरो से भिड़ गई थी. लगातार हो रहे हादसे एनएच-52 की सुरक्षा व्यवस्था और तेज रफ्तार वाहनों पर सवाल खड़े कर रहे हैं.