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अब मनमाना किराया नहीं! राजस्थान में कैब का रेट तय करेगी सरकार

जयपुर  राजस्थान गिग वर्कर्स के लिए परिवहन विभाग ने एग्रीगेटर पॉलिसी लागू कर दी है। परिवहन विभाग संयुक्त शासन सचिव और अतिरिक्त आयुक्त परिवहन, ओपी बुनकर ने इसको लेकर नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है।   इस नोटिफिकेशन के बाद अब राज्य में कैब कंपनियां को नियमों के तहत काम करना होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना भरना होगा साथ ही लाइसेंस भी निरस्त होगा। कैब का किराया अब सरकार तय करेगी। किराए की 80% राशि वाहन मालिक को दी जाएगी। यदि कोई यात्रा बिना उचित कारण रद्द की जाती है, तो ड्राइवर या यात्री पर अधिकतम 100 रुपए तक पेनल्टी लगेगी।  इसी के साथ ही अब यात्रियों की सुरक्षा के लिए 24×7 सक्रिय कंट्रोल रूम और कॉल सेंटर खोलना अनिवार्य होगा। एप के जरिए यात्री अपनी लाइव लोकेशन शेयर कर सकेंगे और आपात स्थिति में पैनिक अलर्ट सीधे पुलिस और कंट्रोल रूम तक पहुंचेगा। कंपनियां को 5 साल के लिए लाइसेंस दिया जाएगा। जिसके लिए 10 हजार रुपए आवेदन शुल्क और अधिकतम 5 लाख रुपए तक लाइसेंस शुल्क निर्धारित किया गयाय है। कंपनियां को हर साल ड्राइवरों की रिफ्रेशर ट्रेनिंग करानी होगी। इसके साथ ही एग्रीगेटर कंपनियों को प्रत्येक ड्राइवर के लिए 5 लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा और 10 लाख रुपए का दुर्घटना बीमा उपलब्ध कराना होगा। किसी भी वाहन की आयु आठ साल से ज्यादा नहीं हो सकेगी। सरकारी नियमों के तहत उनकी पालना नहीं करने पर कंपनी का लाइसेंस तीन महीने तक निलंबित किया जा सकेगा। एक वित्तीय वर्ष में तीन बार निलंबन या किसी गंभीर अपराध की पुष्टि होने पर लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। महिला यात्रियों को यात्रा के दौरान महिला ड्राइवर चुनने का विकल्प भी होगा। शिकायतों के निपटारे के लिए हर कंपनी को एक ग्रिवेंस ऑफिसर नियुक्त करना होगा। कंपनियों को अपनी वाहन संख्या के आधार पर 10 लाख से लेकर 50 लाख तक सुरक्षा जमा राशि भी देनी होगी। राज्य में संचालन करने वाली प्रत्येक कंपनी के लिए राजस्थान में कार्यालय खोलना और एक अधिकृत एप्लायंस अधिकारी नियुक्त करना होगा।  

डिजिटल इनोवेशन का महाकुंभ: राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट 2026 का आयोजन 4–6 जनवरी

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान के स्टार्टअप्स को फंडिंग और मेंटरिंग का वैश्विक मंच उपलब्ध कराने के लिए 4 से 6 जनवरी तक जयपुर में ‘राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट 2026’ का महत्वपूर्ण आयोजन होने जा रहा है। इससे प्रदेश आई.टी. और स्टार्टअप विकास के प्रमुख केन्द्र के रूप में अपनी पहचान बनाएगा। उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आयोजन से संबंधित सभी तैयारियां पूर्ण समन्वय से पूरी की जाए।  शर्मा गुरुवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट 2026 की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान में पहली बार वृहद् स्तर पर आयोजित होने जा रही इस समिट में 10 हजार से अधिक संख्या में प्रतिभागी शामिल होंगे, जिनमें देश व राज्य के स्टार्टअप्स, निवेशक, युवा उद्यमी, आई.टी. प्रोफेशनल्स, शिक्षण संस्थान एवं स्टूडेंट्स सहित कई राज्यों के सूचना प्रौद्योगिकी तथा उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण शामिल होंगे।  मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देश में आयोजित होने जा रहे राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट 2026 में 1 हजार 200 से अधिक वैश्विक कम्पनियों के फाउण्डर, सीईओ व निवेशकों सहित 20 से अधिक यूनीकॉर्न/सूनीकॉर्न स्टार्टअप्स के फाउण्डर शामिल होंगे। इस समिट में स्टार्टअप्स के संस्थापकों को फंडिंग और मेंटरिंग का अवसर मिलेगा। साथ ही, डिजिफेस्ट में आयोजित हो रहे सेक्टोरल सेशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सहित अन्य विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी।  मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 2 वर्षों में स्टार्टअप्स के लिए कई नीतिगत निर्णय लिए हैं, जिससे प्रदेश में स्टार्टअप और प्रौद्योगिकी के विकास का नया ईको सिस्टम विकसित हुआ है। इस समिट के माध्यम से राजस्थान के स्टार्टअप्स को 200 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, राजस्थान के आई-स्टार्ट प्रोग्राम में चिन्हित स्टार्टअप्स को इस आयोजन के जरिए एक वर्ष की मेंटरशिप मिलेगी। उन्होंने कहा कि सेक्टोरल सेशन के जरिए भी स्टार्टअप्स और युवा उद्यमियों को फिनटेक, ई-कॉमर्स, एग्रीटेक, हेल्थटेक, प्रोपटेक, एवीजीसी, मीडियाटेक, स्पोर्ट्सटेक, एआईएमएल और डीपटेक जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के विशेषज्ञ संबंधित क्षेत्र की जानकारी साझा करेंगे।  शर्मा ने कहा कि इस समिट में कई राज्यों सहित राजस्थान के सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग के पवेलियन के जरिये प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी तथा स्टार्टअप्स के 114 स्टॉल्स के माध्यम से नवाचारों को पहचान दिलाने का अवसर भी मिलेगा।  

राजस्थान में घने कोहरे का कहर, 20 जिलों में ऑरेंज-येलो अलर्ट, श्रीगंगानगर में आंगनबाड़ी बंद

जयपुर  राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से ठंड का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को राज्य के 20 जिलों में घने कोहरे को लेकर मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। शेखावाटी क्षेत्र और सीमावर्ती जिलों में सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा। कोहरे और खराब मौसम के चलते उदयपुर और जैसलमेर में फ्लाइट संचालन प्रभावित होने की आशंका है। इंडिगो एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। वहीं, श्रीगंगानगर जिले में तेज सर्दी को देखते हुए 10 जनवरी तक सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं। जयपुर, सीकर, दौसा, भरतपुर सहित कई जिलों में सुबह से बादल छाए हुए हैं। सीकर के पलसाना क्षेत्र में विजिबिलिटी घटकर मात्र 50 मीटर रह गई। राजसमंद झील क्षेत्र में भी सुबह घना कोहरा देखा गया। मौसम विभाग के अनुसार, 4 जनवरी से प्रदेश में शीतलहर तेज होगी और न्यूनतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। गुरुवार को कई जिलों में दिन और रात के तापमान में ज्यादा अंतर नहीं रहा। श्रीगंगानगर में इस सीजन का सबसे कम अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। जयपुर, अलवर, बीकानेर और चूरू में दिन का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। गुरुवार शाम से ही उत्तरी राजस्थान में कोहरे का असर तेज हो गया था। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि आने वाले दिनों में रात का तापमान और गिरेगा, जिससे ठंड और तेज महसूस होगी।

जहां हुई थी पत्थरबाजी, वहीं पर चला बुलडोजर, जयपुर के चौमूं में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई

 चौमूं जयपुर के चौमूं कस्बे में शुक्रवार सुबह प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई शुरू की. यह कार्रवाई उसी इलाके में हो रही है, जहां कुछ दिन पहले अतिक्रमण हटाने गई पुलिस टीम पर हिंसक भीड़ ने पथराव किया था. प्रशासन का कहना है कि सड़क पर अवैध रूप से लगाए गए लोहे के रेलिंग और अन्य ढांचे यातायात में बाधा बन रहे थे, जिन्हें हटाना जरूरी था. बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर तैनात हैं ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके.  प्रशासन का दावा है कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानून के तहत और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप की जा रही है. बता दें कि जयपुर से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित चौमूं में दिसंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में कलंदरी मस्जिद के पास बस स्टैंड क्षेत्र में लंबे समय से पड़े बड़े पत्थरों और लोहे की रेलिंग को हटाने की कोशिश की गई, जो सड़क पर अतिक्रमण माने जा रहे थे. इनसे ट्रैफिक जाम की समस्या वर्षों से बनी हुई थी. 25 दिसंबर की रात को मस्जिद समिति और नगर निगम के बीच बातचीत हुई, जिसमें पत्थर हटाने पर सहमति बनी.  अतिक्रमण हटाने पर सहमति के बावजूद पथराव लेकिन 26 दिसंबर की सुबह पुलिस ने जब बुलडोजर से रेलिंग हटाने की कार्रवाई शुरू की, तो तो स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया. देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए. भीड़ ने पुलिस पर पत्थरबाजी की, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. हालात बेकाबू होने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया. स्थिति तनावपूर्ण होने पर इंटरनेट सेवाएं निलंबित करनी पड़ीं, जो बाद में बहाल हुईं.  दो दर्जन के खिलाफ हुई थी नामजद एफआईआर कानून-व्यवस्था की स्थिति न उत्पन्न हो इसके लिए क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया और फ्लैग मार्च निकाला गया. हिंसक भीड़ द्वारा पथराव करने के मामले में पुलिस ने 110 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया, जबकि दो दर्जन के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई. प्रशासन ने 29 दिसंबर को इलाके में 4 अवैध निर्माणों और 20 अवैध बूचड़खानों पर नोटिस चस्पा किए, जिसमें तीन दिन की मोहलत दी गई थी कि सीढ़ियां, रैंप, प्लेटफॉर्म आदि सार्वजनिक भूमि से हटा लें, वरना बुलडोजर चलाया जाएगा.  24 पत्थरबाजों के घरों पर भी चस्पा हुआ था नोटिस पुलिस पर पत्थरबाजी में शामिल 24 आरोपियों के घरों पर भी नोटिस चस्पा कर तीन दिन में जवाब मांगा गया था. इसकी मियाद 31 दिसंबर को पूरी हो गई. संबंधित लोगों ने न नोटिस का जवाब दिया और न ही अपना अवैध अतिक्रमण हटाया, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन ने चिन्हित अवैध निर्माणों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई शुरू की. स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना पर्याप्त नोटिस दिए उनके ढांचे गिराए जा रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है. वहीं प्रशासन का पक्ष है कि अतिक्रमण हटाने को लेकर पहले भी कई बार चेतावनी दी जा चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद अवैध कब्जे नहीं हटाए गए.

भा.ज.पा. विधायक की फ्लाइट में हनुमान चालीसा पाठ, यात्रियों ने भी जुड़कर किया मंत्रोच्चार

 जयपुर फ्लाइट के अंदर मौजूद यात्रियों द्वारा हनुमान चालीसा का पाठ करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में भाजपा नेता बालमुकुंद आचार्य खड़े होकर चालीसा का पाठ करते दिखाई देते हैं। उनके साथ-साथ प्लेन में सवार अन्य लोग भी सस्वर पाठ करते हैं। बताया जा रहा है कि प्लेन में सवार लोग विधायक और उनके परिवार से जुड़े सदस्य हैं। जानिए क्या है पूरा मामला? नेताओं ने दुबई के लिए भरी उड़ान दरअसल राजस्थान में भजनलाल सरकार के कई विधायक और भाजपा नेता नए साल पर एक निजी विदेश दौरे पर रवाना हुए हैं। जानकारी के मुताबिक, 1 जनवरी की सुबह इस डेलीगेशन ने हवाई जहाज से दुबई के लिए उड़ान भरी है। इसी फ्लाट के विजुअल्स सीन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। हवामहल सीट से हैं विधायक वीडियो में खड़े होकर चालीसा का पाठ करने वाले नेता राजस्थान के हवामहल सीट से भाजपा के विधायक हैं। उनका नाम बालमुकुंद आचार्य है। वीडियो में अन्य लोग भी दिखाई दे रहे हैं, इनमें से कई विधायक हैं, जबकि अन्य उनके परिवार से जुड़े लोग। ये सभी लोग चालीसा पाठ करने के दौरान भक्ति में लीन दिखाई दिए। 8 दिवसीय दौरे की बात सामने आई एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस डेलीगेशन में हवामहल विधानसभा के विधायक समेत अन्य नेता भी शामिल हुए हैं। इनके नाम हैं- बांदीकुई विधायक भागचंद टांकडा, वरिष्ठ नेता अनिता बघेल आदि। जानकारी के मुताबिक, बांदीकुई विधायक भागचंद टांकडा अपने परिवार सहित इस आठ दिवसीय विदेश यात्रा पर गए हैं। यह प्रतिनिधिमंडल दुबई की यात्रा पूरी कर 8 जनवरी की रात को वापस भारत लौटेगा।

राजस्थान दहलाने की साजिश नाकाम? 150 किलो विस्फोटक से लदी कार पकड़ी गई, मकसद पर सस्पेंस

जयपुर  राजस्थान में नए साल पर अलर्ट पुलिस ने भारी मात्रा में विस्फोटक से लदी एक कार को बरामद किया है। राजस्थान के टोंक में पकड़ी गई कार में 150 किलो अमोनियम नाइट्रेट था, जिसे यूरिया के कट्टों में छिपा कर रखा गया था। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर इन विस्फोटकों को किस मकसद से और कहां ले जाया जा रहा था। टोंक के डीएसपी मृत्युंजय मिश्रा ने बताया कि मारुति सियाज गाड़ी बूंदी से रवाना हुई और टोंक जा रही थी। सूचना आधार पर बरौनी थाना क्षेत्र में नाकाबंदी कर इस कार को रोका गया। जांच में इसके अंदर भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद हुआ है। यह विस्फोटक 150 किलो अमोनियम नाइट्रेड था, जो यूरिया के कट्टों में छिपाकर रखा गया था। इसके साथ 200 डेंजर एक्सप्लोसिव कार्टेज और सेफ्टी फ्यूज वायर के 6 बंडल (कुल करीब 1100 मीटर) बरामद किए गए। पुलिस ने विस्फोटक ले जा रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान सुरेंद्र (48) पुत्र भंवरलाल, और सुरेंद्र मोची (33) पुत्र दुलीलाल के रूप में हुई है। दोनों करवर बूंदी के रहने वाले हैं। पुलिस आरोपियों से विस्फोटक सामग्री की सप्लाई और इसके उपयोग को लेकर गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस पता लगा रही है कि ये लोग विस्फोटक कहां से लाए थे और किसके पास ले जा रहे थे। पुलिस की जांच मुख्य रूप से इस बात पर केंद्रित है कि विस्फोटक किस मकसद से कहां ले जाया जा रहा था। क्या-क्या आशंकाएं, पुलिस बोली- हर पहलू से जांच डीएसपी ने कहा कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि इन्होंने पहले कब-कहां इस तरह विस्फोटक की आपूर्ति की है। अमोनियम नाइट्रेड किसी भी तरह की विस्फोटक घटना को अंजाम देने में काम आ सकता है। जब उनसे पूछा गया कि दिल्ली धमाकों में भी इसी का इस्तेमाल हुआ था तो उन्होंने कहा, 'जितने भी तथ्य हैं और जो भी पहलू हैं, सबकी जांच की जा रही है। इस पहलू की भी जांच की जा रही है। अरावली में खनने के लिए भी विस्फोटकों का इस्तेमाल होता है, इसको लेकर किए गए सवाल पर डीएसपी ने कहा कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि कहीं खनन के लिए तो नहीं ले जा रहे थे। इसके अलावा नए साले के पहलू को भी ध्यान में रखकर पूछताछ की जा रही है।

बीजेपी संगठन में बड़ा फेरबदल: राजस्थान में मोर्चों के नए अध्यक्ष घोषित

जयपुर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने प्रदेश स्तर पर विभिन्न मोर्चों के नए अध्यक्षों की घोषणा की है। पार्टी ने संगठनात्मक विस्तार के तहत युवा, एससी, एसटी, ओबीसी, किसान और अल्पसंख्यक मोर्चों के प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए हैं। इन नियुक्तियों से बीजेपी का उद्देश्य राज्य में विभिन्न वर्गों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करना और संगठन को नई मजबूती देना है।  बीजेपी ने शंकरलाल गोरा को युवा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। पूर्व सांसद निहालचंद मेघवाल को एससी मोर्चा की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि विधायक गोपीचंद मीणा को एसटी मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। ओबीसी मोर्चा की कमान महेंद्र कुमावत को सौंपी गई है। वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी को किसान मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। हमीद खां मेवाती को अल्पसंख्यक मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। भा.ज.पा. के सूत्रों के अनुसार, इन नियुक्तियों से पार्टी संगठन को नई ऊर्जा और मजबूती मिलेगी। विभिन्न वर्गों के बीच पार्टी की पकड़ और प्रभाव को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है। बीजेपी का मानना है कि इन मोर्चों के जरिए संगठन और पार्टी के कार्यकर्ता विभिन्न समुदायों और वर्गों के बीच अपना कार्य और संवाद बेहतर तरीके से बढ़ा सकेंगे, जो आगामी चुनावों में भी पार्टी के लिए फायदेमंद होगा।  इन नियुक्तियों को लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है और पार्टी के नेताओं का कहना है कि इस कदम से पार्टी में और भी गतिशीलता आएगी।  

कड़ाके की ठंड से कांपा राजस्थान, कई जिलों में कोल्ड वेव अलर्ट जारी

जयपुर राजस्थान में सर्दी का असर तेज हो गया है। उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण शनिवार को प्रदेश के कई जिलों में तापमान तेजी से गिरा। करौली में न्यूनतम तापमान 3.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा। पाली में भी पारा 3.4 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने चूरू, सीकर, झुंझुनूं और अलवर में तेज शीतलहर की चेतावनी जारी की है। शेखावाटी और आसपास के इलाकों में ठंड का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। कई शहरों में सुबह के समय ओस की बूंदें जमने लगी हैं। सीकर में फसलों पर जमी ओस ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बीते 24 घंटों में करौली, पाली, भीलवाड़ा, टोंक, कोटा, उदयपुर, बारां और प्रतापगढ़ में सीजन की सबसे सर्द रात दर्ज की गई। दौसा में न्यूनतम तापमान 4.7, बारां में 4.5, अलवर में 5.2, सीकर में 5, फतेहपुर में 5.4 और अजमेर में 7.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। ठंडी हवाओं के कारण दिन में भी गलन बनी रही। जयपुर में अधिकतम तापमान 24.1 डिग्री रहा, जबकि सभी शहरों में दिन का तापमान 30 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले दो से चार दिन तक इसी तरह कड़ाके की ठंड बने रहने की संभावना जताई है।

अरावली को लेकर कांग्रेस का एक्शन मोड, लापरवाह जिलाध्यक्षों पर गिरेगी गाज, BJP पर बढ़ाया दबाव

जयपुर अरावली क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर कांग्रेस ने भजनलाल सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने आरोप लगाया है कि अरावली में अवैध खनन में बीजेपी के मंत्री और विधायक हिस्सेदार हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस संवेदनशील क्षेत्र को खनन माफियाओं के हवाले कर दिया है। डोटासरा ने कहा कि जब मौजूदा सरकार सत्ता में आई थी, तब अवैध खनन के खिलाफ सात दिन का अभियान चलाया गया था, लेकिन उसके बाद यह कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई। उन्होंने चिंता जताई कि पिछले दो वर्षों में अरावली क्षेत्र के पहाड़ तेजी से गायब हो रहे हैं। 'अरावली क्षेत्र में 52 खनन टेंडर जारी कर दिए' डोटासरा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और खनन मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकारी अधिकारी, बीजेपी के मंत्री और विधायक अवैध खनन में हिस्सेदारी रखते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पहली सरकार है जिसने खनन माफियाओं को खुली छूट दी है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने मात्र एक महीने में अरावली क्षेत्र में 52 खनन टेंडर जारी कर दिए। अवैध खनन स्थलों को किया जा रहा नियमित प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि हाल के महीनों में हजारों अवैध खनन स्थलों को नियमित किया जा रहा है, जो पहले कानून के तहत बंद थे। उन्होंने विधानसभा सत्र में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में कांग्रेस द्वारा इस मुद्दे पर सरकार को कड़े कदम उठाने के लिए मजबूर करने की चेतावनी दी। प्रदर्शन नहीं करने वाले 8 जिलाध्यक्षों को नोटिस डोटासरा ने बताया कि अरावली और अवैध खनन के खिलाफ कांग्रेस के आह्वान के बावजूद प्रदेश के आठ जिलों में अब तक प्रदर्शन नहीं हुए हैं। ऐसे में संबंधित जिला कांग्रेस अध्यक्षों को नोटिस देने की तैयारी की जा रही है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। भाजपा का पलटवार भाजपा के प्रवक्ता रामलाल शर्मा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि डोटासरा को अवैध खनन में हिस्सेदारी का अनुभव है, क्योंकि उनके कार्यकाल में भी यह समस्या मौजूद थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार में पांच विभागों की संयुक्त टीमें अवैध खनन के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही हैं। रामलाल शर्मा ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अरावली क्षेत्र में वृक्षारोपण के लिए 200 करोड़ रुपये का फंड जारी किया है।

अरावली पर्वतमाला हमारी अमूल्य धरोहर: अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई के लिए विशेष अभियान की घोषणा

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि अरावली पर्वतमाला प्रदेश की अमूल्य प्राकृतिक धरोहर है और राज्य सरकार इसके संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट रुख है कि अरावली के स्वरूप के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए अरावली जिलों में वन एवं पर्यावरण, खान तथा पुलिस सहित संबंधित विभागों की ओर से संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय से इस संबंध में कड़ी कार्रवाई करें। शर्मा ने शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित वन एवं पर्यावरण और खान विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अरावली क्षेत्र में किसी भी प्रकार के नए खनन की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस संबंध में केन्द्र सरकार की ओर से भी निर्देश जारी किए गए हैं। ये निर्देश पूरे अरावली भू-भाग पर समान रूप से लागू होंगे। इससे पर्वत श्रंृखला के प्राकृतिक स्वरूप को सुरक्षित रखा जा सकेगा और अनियमित व अवैध खनन पर प्रभावी रूप से रोक लग सकेगी।   मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने खनन लीज जारी करने में सुप्रीम कोर्ट और सीईसी द्वारा समय-समय पर जारी की गई गाइडलाइंस के साथ ही सभी पर्यावरण सुरक्षा उपायों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया है। उन्होंने कहा कि अरावली पर्वतमाला को हरा-भरा बनाने के लिए 250 करोड़ रुपये की हरित अरावली विकास परियोजना बनाई गई है। परियोजना के तहत अरावली जिलों के 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सघन वृक्षारोपण करवाया जा रहा है। बैठक में मुख्यमंत्री कार्यालय, वन एवं पर्यावरण तथा खान विभाग के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।