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राजस्थान कांग्रेस का बड़ा कार्यक्रम: 45 नए जिलाध्यक्ष दिल्ली में होंगे ट्रेनिंग कैंप में शामिल

जयपुर राजस्थान में संगठन सृजन अभियान के तहत घोषित किए गए 45 नए जिलाध्यक्षों को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने रविवार को महत्वपूर्ण बयान दिया। कांग्रेस वार रूम में नवनियुक्त जिलाध्यक्षों से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ पूरी की गई है और योग्यताओं के आधार पर ही जिम्मेदारी सौंपी गई है। डोटासरा ने बताया कि सभी जिलाध्यक्षों के लिए जल्द ही दिल्ली में प्रशिक्षण शिविर आयोजित होगा, जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी सहित कई वरिष्ठ नेता उनसे सीधा संवाद करेंगे। इसके बाद राजस्थान में भी सात दिन का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें संगठनात्मक संरचना, कार्यकारिणी गठन और जिला इकाइयों को मजबूत करने पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया जाएगा। 6 महीने बाद होगी समीक्षा उन्होंने कहा कि संगठनात्मक रूप से राजस्थान में 50 जिले बनाए गए हैं। अंता उपचुनाव के कारण झालावाड़ और बारां जिले में जिलाध्यक्ष नियुक्ति की प्रक्रिया अभी जारी है, जबकि तीन अन्य जिलों में नामों को लेकर स्थिति स्पष्ट होनी बाकी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी नए जिलाध्यक्षों के कार्यों की 6 माह बाद समीक्षा की जाएगी। यदि कोई पदाधिकारी अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरता है तो पार्टी हाईकमान नए नेतृत्व का फैसला ले सकता है।   बीजेपी सरकार पर डोटासरा का निशाना पीसीसी प्रमुख ने भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा शासन पूरी तरह दिशाहीन है। मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम के जरिए कांग्रेस समर्थक वोटों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है, जिसे पार्टी कार्यकर्ता सफल नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि अंता उपचुनाव के नतीजे जनता की नाराजगी को साफ दर्शाते हैं और सरकार की नाकामियों पर जनता ने मुहर लगा दी है।   सरकार में खींचतान का उठाया मुद्दा डोटासरा ने प्रदेश में मंत्रियों और अधिकारियों के बीच बढ़ती खींचतान को सरकार की नाकामी बताते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता इन मुद्दों को मजबूती से जनता के बीच ले जाएंगे। इससे पहले कई जिलाध्यक्षों ने उनसे मुलाकात कर भरोसा जताया और मार्गदर्शन प्राप्त किया।

अरुण चतुर्वेदी की कार का बड़ा एक्सीडेंट, वित्त आयोग अध्यक्ष बाल-बाल बचे

जयपुर राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी शनिवार शाम एक गंभीर सड़क दुर्घटना में घायल होने से बच गए। पाली से जयपुर लौटते समय ब्यावर के पास उनका सरकारी वाहन (RJ14 UE 5560) अनियंत्रित होकर जोरदार टक्कर का शिकार हुआ, जिसमें कार का आगे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। चतुर्वेदी पाली के रणकपुर में सिक्किम के राज्यपाल ओम माथुर की पोती के विवाह समारोह में शामिल होकर लौट रहे थे। हादसे के तुरंत बाद सुरक्षा कर्मियों और स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया। वाहन में मौजूद ड्राइवर और सुरक्षाकर्मी भी सुरक्षित रहे। चतुर्वेदी ने हादसे की जानकारी खुद ‘एक्स’ पर साझा करते हुए लिखा- “होइहि वही जो राम रचि राखा।” उन्होंने लिखा कि ईश्वर की कृपा से एक बड़ा हादसा टल गया। हादसे की सामने आई तस्वीरें वाहन के बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने की पुष्टि करती हैं।   उन्होंने एक्स पर घटना से जुड़ी तस्वीरें भी साझा की हैं, जिसमें गाड़ी का आगे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त दिखाई दे रहा है।

कांग्रेस संगठन विस्तार: 45 जिलाध्यक्षों की सूची जारी, 5 पद खाली

जयपुर कांग्रेस ने संगठनात्मक पुनर्गठन के तहत 50 में से 45 जिलाध्यक्षों की नई नियुक्ति कर दी है, जबकि 5 जिलों में नाम का ऐलान अभी बाकी है। नई सूची में 12 मौजूदा विधायकों को जिलाध्यक्ष बनाकर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के गृह जिले सीकर सहित 8 जिलों में पुराने जिलाध्यक्षों को दोबारा मौका दिया गया है। वहीं, 37 जिलों में नए जिलाध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं। ये नियुक्तियां राहुल गांधी के दिशा-निर्देशों के तहत की गई रायशुमारी प्रक्रिया के आधार पर अंतिम रूप से तय की गई हैं, जिसे संगठनात्मक पारदर्शिता और स्थानीय समीकरणों को साधने की रणनीति माना जा रहा है। कांग्रेस ने 12 जिलों में अपने मौजूदा विधायकों को संगठन की कमान सौंपते हुए जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है। इनमें अजमेर ग्रामीण से विधायक विकास चौधरी, बांसवाड़ा से अर्जुन सिंह बामणिया, डीडवाना-कुचामन से जाकिर हुसैन गैसावत, धौलपुर से संजय जाटव, जयपुर ग्रामीण वेस्ट से विद्याधर सिंह चौधरी, डूंगरपुर से गणेश घोघरा, झुंझुनूं से रीटा चौधरी, जोधपुर ग्रामीण से गीता बरवड़, करौली से घनश्याम मेहर, सवाई माधोपुर से इंदिरा मीणा, श्रीगंगानगर से रूपिंदर सिंह कुन्नर और चूरू से मनोज मेघवाल शामिल हैं।                                                                                                                            पूरी लिस्ट — कौन नया, कौन रिपीट अजमेर ग्रामीण – विकास चौधरी (नए) अजमेर शहरी – राजकुमार जयपाल (नए) अलवर – प्रकाश गंगावत (नए) बालोतरा – प्रियंका मेघवाल (नए) बांसवाड़ा – अर्जुन बामनिया (नए) बाड़मेर – लक्ष्मणसिंह गोदारा (नए) ब्यावर – किशोर चौधरी (नए) भरतपुर – दिनेशसिंह सूपा (रिपीट) भीलवाड़ा ग्रामीण – रामलाल जाट (नए) भीलवाड़ा शहरी – शिवराम खटीक (नए) बीकानेर ग्रामीण – बिशनाराम सियाग (रिपीट) बीकानेर शहरी – मदनगोपाल मेघवाल (नए) बूंदी – महावीर मीणा (नए) चित्तौड़गढ़ – प्रमोदसिंह सिसोदिया (नए) चूरू – मनोज मेघवाल (नए) दौसा – रामजीलाल ओड (रिपीट) डीडवाना-कुचामन – जाकिर हुसैन गैसावत (रिपीट) डीग – राजीव सिंह (नए) धौलपुर – संजय कुमार जाटव (नए) डूंगरपुर – गणेश घोघरा (नए) हनुमानगढ़ – मनीष मकासर (नए) जयपुर ग्रामीण ईस्ट – गोपाल मीणा (रिपीट) जयपुर ग्रामीण वेस्ट – विद्याधर चौधरी (नए) जैसलमेर – अमरदीन फकीर (नए) जालौर – रमीला मेघवाल (नए) झुंझुनूं – रीटा चौधरी (नए) जोधपुर ग्रामीण – गीता बरवड़ (नए) जोधपुर शहरी – ओमकार वर्मा (नए) करौली – घनश्याम मेहर (नए) खैरथल-तिजारा – बलराम यादव (नए) कोटा ग्रामीण – भानुप्रताप सिंह (रिपीट) कोटा शहरी – राखी गौतम (नए) कोटपूतली-बहरोड़ – इंद्रराज गुर्जर (नए) नागौर – हनुमानराम बांगड़ा (कार्यकारी को प्रमोशन) पाली – शिशुपाल सिंह (नए) फलौदी – मोहम्मद सलीम नागौरी (नए) सलूंबर – परमानंद मेहता (नए) सवाई माधोपुर – इंदिरा मीणा (नए) सीकर – सुनीता गठाला (रिपीट) सिरोही – लीलाराम गरासिया (नए) श्रीगंगानगर – रुपिंदर सिंह कुन्नर (नए) टोंक – सैयद सउद सैदी (नए) उदयपुर ग्रामीण – रघुवीर मीणा (नए) उदयपुर शहर फतेह सिंह राठौड़ 5 जिलों में पूर्व विधायकों को जिम्मेदारी कांग्रेस ने 5 जिलों में पूर्व विधायकों को जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है। भीलवाड़ा ग्रामीण में पूर्व मंत्री रामलाल जाट, जयपुर ग्रामीण पूर्व में गोपाल मीणा, कोटपूतली–बहरोड़ में इंद्राज गुर्जर, उदयपुर ग्रामीण में रघुवीर मीणा और अजमेर शहर में राजकुमार जयपाल को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

राजस्थान में कड़ाके की ठंड और घनी धुंध, फतेहपुर रहा न्यूनतम पारे पर

जयपुर राजस्थान में तेज सर्दी के साथ उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण धुंध (स्मॉग) छाने लगी है। श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, अलवर, झुंझुनूं, सीकर और जयपुर समेत कई शहरों में सुबह धुंध का हल्का असर दिखा, जिससे दिन में धूप सामान्य दिनों की तुलना में कमजोर रही। इसी प्रभाव के कारण रात का तापमान 1 डिग्री तक बढ़ा और कई शहरों में सिंगल डिजिट से डबल डिजिट में पहुंच गया। माउंट आबू को छोड़कर शुक्रवार को प्रदेश का सबसे ठंडा शहर फतेहपुर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.6°C दर्ज हुआ। नागौर 7.4°C, जालोर 7.8°C, सिरोही 8.3°C और चूरू-दौसा 9.5°C रहे, जबकि ज्यादातर शहरों में न्यूनतम तापमान 10°C से ऊपर रहा। करौली, बारां, उदयपुर, पिलानी, अलवर और भीलवाड़ा में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। अधिकतम तापमान में भी हल्की गिरावट देखी गई। धुंध के चलते पश्चिमी, उत्तरी और पूर्वी राजस्थान में धूप कमजोर रही। शुक्रवार को बाड़मेर सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 33.4°C दर्ज हुआ। बीकानेर 31.6°C, चूरू 30.6°C, जैसलमेर 30°C, पिलानी 30.5°C, अजमेर 28.7°C, जयपुर 27.5°C और कोटा 27.2°C रहा। मौसम केंद्र जयपुर ने राज्य में अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क और साफ रहने का अनुमान जताया है। शहर — अधिकतम — न्यूनतम     अजमेर – 28.7 – 11.9     भीलवाड़ा – 28 – 10     वनस्थली (टोंक) – 27.6 – 10.1     अलवर – 28.6 – 10.5     जयपुर – 27.5 – 13.5     पिलानी – 30.5 – 10.2     सीकर – 28 – 9     कोटा – 27.2 – 12.7     चित्तौड़गढ़ – 28.8 – 10.2     उदयपुर – 28 – 10.2     बाड़मेर – 34.4 – 13.9     जैसलमेर – 30 – 13.9     जोधपुर – 30.6 – 12     बीकानेर – 31.6 – 14.4     चूरू – 30.6 – 9.5     गंगानगर – 28.3 – 12     नागौर – 30.2 – 7.4     बारां – 27.9 – 10.5     जालोर – 30.1 – 7.8     सिरोही – 24.2 – 8.3     फतेहपुर – 30.5 – 6.6     करौली – 25.9 – 11     दौसा – 28 – 9.5     प्रतापगढ़ – 28.3 – 12.9     झुंझुनूं – 29 – 10.6

48 IAS अधिकारियों का तबादला आदेश जारी, शिखर की जगह अखिल अरोड़ा को मिली CM एसीएस की जिम्मेदारी

 जयपुर राजस्थान में नए मुख्य सचिव की एंट्री के साथ ही ब्यूरोक्रेसी में बदलाव शुरू हो गए। राज्य सरकार ने शुक्रवार देर रात 48 IAS अधिकारियों का बड़े पैमाने पर तबादला कर दिया। सबसे बड़ा बदलाव मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में देखा गया, जहां सीएम के एसीएस शिखर अग्रवाल को हटाकर उद्योग विभाग भेज दिया गया। उनकी जगह जलदाय विभाग के एसीएस अखिल अरोड़ा को मुख्यमंत्री का नया एसीएस बनाया गया है। नए मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास के पदभार संभालने के बाद CMO में किया गया यह फेरबदल राजनीतिक और प्रशासनिक तौर पर बड़ा संकेत माना जा रहा है। रोडवेज एमडी पुरुषोत्तम शर्मा को अतिरिक्त जिम्मेदारी देते हुए अब परिवहन आयुक्त का चार्ज भी सौंपा गया है। प्रवीण गुप्ता को चार अहम विभाग मिले पीडब्ल्यूडी एसीएस प्रवीण गुप्ता का दायरा बढ़ाते हुए सरकार ने उन्हें पर्यटन, कला-संस्कृति, RTDC अध्यक्ष और आमेर विकास प्राधिकरण का CEO भी बनाया। यह इस फेरबदल का सबसे बड़ा प्रोमोशन माना जा रहा है। शिखर अग्रवाल की सीएमओ से छुट्टी, उद्योग दिया उद्योग विभाग, BIP के प्रमुख सचिव आलोक गुप्ता को हटाकर Pollution Control Board का अध्यक्ष बनाया गया। उनकी जगह शिखर अग्रवाल को उद्योग विभाग की कमान दी गई है। राजेश यादव सचिवालय से बाहर पर्यटन और कला-संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव राजेश यादव को हटाकर HCM रिपा का DG लगाया गया है। इसे सचिवालय से बाहर भेजने की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। वित्त व स्वास्थ्य में भी बड़ा फेरबदल नवीन जैन को वित्त व्यय से हटाकर GAD व कैबिनेट सचिवालय भेजा गया।स्वास्थ्य सचिव गायत्री राठौड़ को प्रमोशन देते हुए मेडिकल एजुकेशन की जिम्मेदारी भी दी गई। वहीं टीना सोनी को वित्त व्यय सचिव तथा राजन विशाल को बजट में सचिव पद पर लगाया गया है। तीन बड़े विभागों की जिम्मेदारी मनजू राजपाल को मंजू राजपाल को सहकारिता विभाग व रजिस्ट्रार के साथ कृषि-उद्यानिकी विभाग और बीज निगम अध्यक्ष का बड़ा पोर्टफोलियो सौंपा गया। महिला बाल विकास, DLB और आईटी विभाग में भी बदलाव भवानी सिंह देथा को खाद्य विभाग से हटाकर महिला एवं बाल विकास में लगाया गया।रवि जैन को स्वायत्त शासन विभाग में रखते हुए अब DLB कमिश्नर और JCTCL अध्यक्ष की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई। डॉ. रवि सुरपुर को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष पद से हटाकर IT विभाग का सचिव बनाया गया। राजस्व विभाग की कमान जोगाराम को GAD सचिव जोगाराम को राजस्व व पंचायतीराज विभाग का सचिव तथा आयुक्त नियुक्त किया गया है। अम्बरीश कुमार का तबादला मेडिकल एजुकेशन से खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में कर दिया गया है।

इंडिया पहुंचीं जे-लो: उदयपुर रॉयल वेडिंग में करेंगी धमाकेदार परफॉर्मेंस

उदयपुर यूएस बेस्ड अरबपति राजू मंटेना और पद्मजा मंटेना की बेटी नेत्रा की उदयपुर में शाही शादी है, जिसमें बॉलीवुड और हॉलीवुड की नामचीन हस्तियां पहुंच चुकी हैं। जहां संगीत नाइट में रणवीर सिंह से लेकर वरुण धवन, कृति सेनन, जान्हवी कपूर और जैकलीन फर्नांडिस ने अपनी परफॉर्मेंस से चार चांद लगाए, वहीं जेनिफर लोपेज भी इंडिया पहुंच चुकी हैं। वह नेत्रा मंटेना की शाही शादी में हिस्सा लेने आई हैं। नेत्रा की शादी वामसी गडिराजू हो रही है और दोनों अमेरिका के पॉपुलर कपल हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस शाही शादी पर खूब पैसा खर्च किया गया है और शादी में परफॉर्म करने आ रहे सेलिब्रिटीज को भी मोटी रकम दी गई है। इसमें जेनिफर लोपेज का भी नाम शामिल है। जेनिफर लोपेज जैसे ही इंडिया पहुंचीं, उन्हें एयरपोर्ट पर फैंस और पपाराजी ने घेर लिया। जेनिफर ने सबको फ्लाइंग किस की और स्माइल करते हुए हाथ हिलाकर अभिवादन किया। जेनिफर की यह उदयपुर में पहली परफॉर्मेंस नहीं है। इससे पहले उन्होंने साल 2015 में संजय हिंदूजा की शादी में परफॉर्म किया था। जेनिफर लोपेज के संजय हिंदुजा की शादी में ली थी इतनी फीस  एक रिपोर्ट के मुताबिक, जेनिफर लोपेज जब साल 2015 में संजय हिंदुजा और अनुसूया महतानी की शादी में शामिल हुईं थीं। इसके लिए तब उन्होंने 6.5 करोड़ रुपये चार्ज किए थे। वहीं, अरबपति कपल- संजय और अनुसूया ने जेनिफर को लग्जरी कोहिनूर सूट में ठहराया था, जिसका एक रात का किराया 3 लाख रुपये बताया जाता है। इसके बाद साल 2016 में जेनिफर लोपेज पॉपुलर रूसी कपल Khadija Uzhakhova और Said Gutseriev की शादी में शामिल हुई थीं। खादिजा रूसी तेल व्यवसायी मिखाइल गुटसेरिएव के बेटे हैं। उन्होंने 20 साल की डेंटिस्ट स्टूडेंट से शादी की थी। इस शादी में शामिल होने के लिए जेनिफर लोपेज ने करीब 9 करोड़ रुपये प्रति घंटे के हिसाब से फीस ली थी। वहीं, 'ईटाइम्स' के मुताबिक, जेनिफर लोपेज ने साल 2011 में यूक्रेन के अरबपति Serhiy Taruta की बेटी की शादी में परफॉर्म करने के लिए 1 मिलियन डॉलर लिए थे। जगमंदिर आइलैंड पैलेस में नेत्रा मंटेना की शादी, 24 नवंबर तक कार्यक्रम मालूम हो कि नेत्रा और वामसी की शादी उदयपुर के पिछोला लेक के बीच बने जगमंदिर आइलैंड पैलेस में 23 नवंबर को होगी। उनकी शादी के कार्यक्रम 24 नवंबर तक चलेंगे। शादी की रस्मों की शुरुआत संगीत सेरिमनी से हुई थी, जिसे द लीला पैलेस में रखा गया था। नेत्रा और वामसी गडिराजू की संगीत नाइट को करण जौहर ने होस्ट किया था और पूरा मजमा रणवीर सिंह लूट ले गए। उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटे को 'व्हाट झुमका' गाने पर नचाया। बाद में बाकी मेहमानों को भी जमकर नचाया।

समाजिक अनुशासन पर जोर: जांगिड़ समाज ने प्री-वेडिंग शूट और डीजे बैन किए

बाड़मेर बाड़मेर के जांगिड़ समाज की महापंचायत हुई। इसमें  बाड़मेर, बालोतरा और जैसलमेर के समाज के लोग शामिल हुए। इस महापंचायत  शादी, सगाई सहित समस्त सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन पूर्ण सादगी और अपनी संस्कृति, मूल्यों और परम्पराओं के साथ करने का फैसला हुआ।  आयोजन के नाम पर कोई दिखावा व फिजूलखर्ची नहीं की जाएगी। नशे, प्री वेडिंग, डीजे पर पूर्ण रोक एवं विवाह के दौरान आभूषण की भी सीमा का निर्धारण भी महापंचायत में किया गया। जांगिड़ पंचायत के मीडिया प्रमुख लव कुमार धीर ने बताया कि   वर्तमान में पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव में हम लोग अपने मूल्यों, संस्कारों और परम्पराओं से भटक रहे हैं। आयोजनों के नाम पर दिखावा और फिजूलखर्ची की जा रही है। सोने चांदी के बढ़ते भावों ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। ऐसे में जरूरत है कि हम सब मिलकर एक साथ ऐसे निर्णय ले जिससे समाज के परिवारों को राहत और सबल मिल सके। हरीश जांगिड़ मारुडी ने कहा कि नशे से घर के घर बर्बाद हो रहे है। कुरीतिया समाज को गर्त में ले जा रही हैं। भूरचंद आचू ने कहा कि हमें विचारधाराओं को बदलना होगा। पाश्चात्य संस्कृति को छोड़कर अपनी मूल संस्कृति को अपनाना होगा। समाज में व्याप्त कुरितियों के बोझ के तले परिवार के परिवार घुट रहे हैं। दिखावे की होड़ में परिवार टूट रहे हैं। ऐसे में समय की मांग है कि हम सब मिलकर एक साथ इन पर मंथन करें। सर्वसम्मति के साथ ऐसे निर्णय ले जो समाज और परिवारों के हित में हों, उन्हें सबल और राहत देने वाले हों। जांगिड़ समाज महापंचायत ने ये लिए निर्णय शादी व सगाई में सोने व चांदी की अधिकतम उपयोग सीमा क्रमशः 2 तोला व 10 तोला रहेगी। साथ ही वर वधु को दिए जाने वाले उपहारों का प्रदर्शन कोई भी पक्ष नहीं करेगा। शादी, सगाई सहित समस्त सामाजिक कार्यक्रमों में किसी भी प्रकार के नशे के उपयोग की पूर्ण पाबंदी रहेगी। प्री वेडिंग शूट, संगीत संध्या व बारात में डीजे बंद रहेगा। महंगे निमंत्रण पत्र, कपड़ों के लेन देन सहित अन्य फिजूलखर्ची पर रोक रहेगी। मृत्यभोज का अभी कोई आयोजन नहीं होगा। मृत्यु के बाद शोक के सभी दिनों व बारहवें के संस्कार में किसी भी प्रकार का मिष्ठान नहीं परोसा जाएगा। इसके साथ शादी, सगाई सहित अन्य समस्त सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन सादगी व मर्यादा पूर्ण तरीके से होंगे। मातृ शक्ति  ने जताई सहमति आमसभा में समाज की मातृ शक्ति  भी मौजूद रहीं। शादी, सगाई सहित समस्त सामाजिक कार्यक्रमों व उत्सवों में परिवार की महिलाओं की महत्ती भूमिका है। ऐसे में आमसभा में समाज की मातृशक्ति भी बड़ी संख्या में मौजूद रहीं और अपनी बात रखी। जांगिड़ महिला मंडल की अध्यक्षा मगी देवी ने कुरीतियों के उन्मूलन पर जोर देते हुए बच्चों की शिक्षा पर जोर दिया। उन्होंने दिखावे और नशे के उपयोग का विरोध करते हुए पूर्ण सादगी और अपनी संस्कृति के अनुरूप उत्सवों के आयोजन की बात कही।

अमायरा सुसाइड केस में चौंकाने वाली रिपोर्ट: 45 मिनट तक होती रही गुहार, CBSE की जांच में खुली लापरवाही

जयपुर  जयपुर और दिल्ली में हाल की घटनाओं ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और मानसिक स्थिति पर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। जयपुर में 9 साल की छात्रा अमायरा ने स्कूल की चौथी मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी। वहीं, दिल्ली में दसवीं कक्षा के छात्र शौर्य पाटिल ने मेट्रो स्टेशन से छलांग लगाकर आत्महत्या की। इन दोनों घटनाओं की साझा वजह यह रही कि बच्चों की बार-बार की गई शिकायतों और मानसिक तनाव के संकेतों को स्कूल प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया। जयपुर में अमायरा की घटना CBSE की जांच समिति ने पाया कि अमायरा ने करीब 45 मिनट तक किए जाने की जानकारी दी, लेकिन स्कूल ने कोई कार्रवाई नहीं की। स्कूल प्रशासन ने सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किया, ऊपरी मंजिलों पर सुरक्षा जाल नहीं लगाए और घटना स्थल पर फोरेंसिक सबूतों से छेड़छाड़ भी हुई।   जांच में सामने आए महत्वपूर्ण बिंदु:     एंटी-बुलिंग कमिटी ने शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की।     बाल सुरक्षा और POCSO नियमों का पालन नहीं हुआ।     मानसिक तनाव के संकेत मिलने के बावजूद काउंसलिंग नहीं कराई गई।     स्कूल में स्टाफ की अनुपस्थिति और अवैध फ्लोर संरचना ने खतरे को बढ़ाया। अमायरा के माता-पिता ने स्कूल की एफिलिएशन रद्द करने और सख्त कार्रवाई की मांग की है। दिल्ली में शौर्य पाटिल की मौत दिल्ली के शौर्य पाटिल मानसिक रूप से तनाव में थे और टीचर्स के लगातार अपमान का सामना कर रहे थे। उनके क्लासमेट्स ने उनकी परेशानियों को स्कूल काउंसलर तक पहुंचाया, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया। घटना वाले दिन शौर्य को स्कूल में डांटा गया और सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया। उनके पिता प्रदीप पाटिल ने बताया कि स्कूल ने केवल घटना के बाद मदद का आश्वासन दिया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बच्चों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर सबक     बच्चों की छोटी-छोटी बातें अनसुनी नहीं करनी चाहिए।     स्कूलों में नियमित काउंसलिंग और मेंटल हेल्थ मॉनिटरिंग अनिवार्य हो।     एंटी-बुलिंग नीतियों और सुरक्षा नियमों का पालन कड़ाई से होना चाहिए।     टीचर्स और अभिभावकों को बच्चों के व्यवहार और मानसिक स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। ये दोनों घटनाएं यह दर्शाती हैं कि बच्चों की भावनाओं और शिकायतों की अनदेखी सिर्फ संवेदनहीनता नहीं, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकती है।

इंटरसिटी ट्रेन 21 दिन प्रभावित: जयपुर तक नहीं जाएगी, वैकल्पिक व्यवस्था की मांग तेज

उदयपुर जयपुर रेलवे स्टेशन के स्टेशन यार्ड में एयर कंकॉर फेज-2 का निर्माण शुरू होने के बाद रेलवे ने कई दिनों का ब्लॉक किया गया है। इस ब्लॉक का सीधा असर उदयपुर से चलने वाली उदयपुर सिटी-जयपुर इंटरसिटी पर पड़ा है। रेलवे ने इस ट्रेन को 21 दिनों के लिए आंशिक रूप से रद्द कर दिया है। अब यह ट्रेन जयपुर तक नहीं जाएगी। तय अवधि में सिर्फ अजमेर तक चलेगी। गाड़ी संख्या 12991 और 12992 को 21 नवंबर से 10 दिसंबर तक और 13 दिसंबर को जयपुर की जगह अजमेर से ही संचालित होगी। इंटरसिटी के आंशिक रद्द होने के बाद यात्रियों को अब सीधे जयपुर पहुंचने के लिए अलग व्यवस्था करनी पड़ रही है। ट्रेन अजमेर तक ही जाती है, जिससे आगे की यात्रा के लिए बस या दूसरी ट्रेन पकड़ना मजबूरी बन गया है। कई यात्रियों का कहना है कि अजमेर पहुंचने के बाद कनेक्शन ट्रेनें समय पर नहीं मिल रहीं, जबकि कुछ लोग बस स्टैंड तक पहुंचने में ही देर होने की शिकायत कर रहे हैं। रोजाना जयपुर आने-जाने वाले डेली पैसेंजर्स के लिए यह बदलाव सबसे ज्यादा परेशानी भरा साबित होगा। मौजूदा हालात इसलिए भी चुनौतीपूर्ण हैं, क्योंकि नवंबर-दिसंबर में शादियों का भारी सीजन शुरू हो रहा है। इन महीनों में बड़ी संख्या में विवाह मुहूर्त होते हैं और शादी से जुड़े कामों के लिए भी लोग जयपुर की ओर यात्रा करते हैं। उदयपुर से कई परिवार रिश्तेदारी, शॉपिंग, डॉक्यूमेंट वर्क और होटल बुकिंग आदि के लिए जयपुर जाते हैं। इंटरसिटी उनकी पहली पसंद थी, लेकिन अब उन्हें दूसरी ट्रेनों या रोड ट्रांसपोर्ट का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे समय भी ज्यादा लग रहा है और खर्च भी बढ़ रहा है। फिलहाल उदयपुर से जयपुर जाने वाले यात्रियों को अजमेर के बाद आगे की यात्रा के लिए अन्य साधनों पर निर्भर रहना होगा। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि दिसंबर के पहले हफ्ते के बाद इंटरसिटी अपनी नियमित सेवा में जल्द लौटेगी, ताकि रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों को फिर से राहत मिल सके।

न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी, आबू में पारा 1 डिग्री दर्ज

जयपुर उत्तर भारत से चल रही सर्द हवाओं का असर अब राजस्थान में धीरे-धीरे कम हो रहा है। इसके चलते सीकर, चूरू, झुंझुनूं और माउंट आबू सहित कई शहरों में न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। हिल स्टेशन माउंट आबू में गुरुवार को तापमान जमाव बिंदु से ऊपर दर्ज हुआ। मौसम केन्द्र जयपुर ने अगले दो सप्ताह का पूर्वानुमान जारी किया है, जिसके अनुसार प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा, आसमान साफ रहेगा और तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। गुरुवार को माउंट आबू में न्यूनतम तापमान 1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। नागौर में 6.2, फतेहपुर में 6.1, सिरोही में 7.2, सीकर में 7.5, अलवर में 9.5, उदयपुर में 9.2, चित्तौड़गढ़ और चूरू में 9, बारां व करौली में 9.9, जालोर में 8, जयपुर में 12.3, अजमेर में 10.8, वनस्थली (टोंक) में 10.3, बाड़मेर व जैसलमेर में 13.8, जोधपुर में 10.9, बीकानेर में 12.8 और गंगानगर में 11.7°C दर्ज किया गया। सीकर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी ठंडी हवाओं से राहत महसूस की गई। अधिकतम तापमान में उतार-चढ़ाव सर्द हवाओं के कमजोर होने से कई जिलों में अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी हुई। चित्तौड़गढ़, कोटा, अलवर और जालोर में दिन का तापमान करीब 1 डिग्री बढ़ा, जबकि शेखावाटी क्षेत्र में गिरावट रही।सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान बाड़मेर में 32.5°C रिकॉर्ड किया गया। जैसलमेर और बीकानेर में 31.2, जोधपुर में 31, फलोदी में 29.2, जालौर में 30.2, नागौर में 29.7, चूरू और चित्तौड़गढ़ में 29.4, अलवर में 28.8 और जयपुर में 27.5°C दर्ज हुआ। सिरोही 23.6°C के साथ सबसे ठंडा रहा। अगले दो सप्ताह मौसम रहेगा शुष्क मौसम विभाग के अनुसार राज्य में 4 दिसंबर तक दिन का तापमान सामान्य के आसपास रहने की उम्मीद है, जबकि रात का तापमान सामान्य से 2–3 डिग्री कम रह सकता है। पूरे प्रदेश में अगले दो हफ्तों तक आसमान साफ रहेगा और दिन के समय तेज धूप मिलेगी।