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भीलवाड़ा में शराब समझकर एसिड पीने से 4 की मौत

भीलवाड़ा. राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के गंगापुर कस्बे में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है। जहां शराब के धोखे में 'केमिकल फ्यूल' (एसिड) पीने से तीन महिलाओं सहित चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। बता दें कि राज्य सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संवेदनशीलता दिखाई है और मुख्यमंत्री सहायता कोष से प्रत्येक मृतक के परिवार को 1-1 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। कैसे हुई घटना? जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना गंगापुर थाना क्षेत्र के आलोली गांव से जुड़ी है। मृतकों ने 9 और 10 जनवरी को एक शादी समारोह में बर्तन साफ करने और अन्य कार्यों का ठेका लिया था। काम खत्म करने के बाद, ये लोग वहां से बर्तन धोने या खाना गर्म करने के काम आने वाला तरल पदार्थ (केमिकल फ्यूल) अपने साथ ले गए थे। गुरुवार देर रात इन लोगों ने उस तरल पदार्थ को गलती से शराब समझ लिया और उसका सेवन कर लिया। सेवन के कुछ ही देर बाद सबकी तबीयत बिगड़ने लगी। अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ा हालत बिगड़ने पर चारों को तत्काल गंगापुर अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने तीन महिलाओं को मृत घोषित कर दिया। वहीं, एक पुरुष की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान रतन (पुत्र मसरिया कंजर, निवासी माधोपुर) सुशीला देवी जमनी देवी (पत्नी शंकर कंजर) बदामी देवी कंजर प्रशासनिक मुस्तैदी और जांच के आदेश घटना की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) धर्मेंद्र सिंह यादव मौके पर पहुंचे। इस हादसे से पुलिस प्रशासन और आबकारी विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच के लिए एक तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें शामिल हैं पुलिस अधीक्षक (SP), मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) और जिला आबकारी अधिकारी। पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव ने बताया कि शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि वह फ्यूल असल में क्या था और उसे किस दुकान से खरीदा गया था। संबंधित दुकान की भी जांच जारी है। पीड़ित परिवारों में कोहराम शादी की खुशियों के बीच हुए इस हादसे ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और कानूनी कार्रवाई जारी है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों या लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

जहर नहीं बनी मौत की वजह! प्रेम बाईसा केस में FSL रिपोर्ट से नया मोड़

जयपुर पश्चिमी राजस्थान की लोकप्रिय कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में गुरुवार को बड़ा अपडेट सामने आया। निधन के 16 दिन बाद उनकी एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी गई है। देर शाम करीब 7 बजे यह रिपोर्ट जोधपुर पुलिस कमिश्नर को सौंपी गई पश्चिमी राजस्थान की लोकप्रिय कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया। निधन के 16 दिन बाद उनकी एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी गई है। देर शाम करीब 7 बजे यह रिपोर्ट जोधपुर पुलिस कमिश्नर को सौंपी गई, जिसके बाद इसे आगे की प्रक्रिया के लिए मेडिकल बोर्ड को भेज दिया गया। अब सभी की निगाहें मेडिकल बोर्ड की अंतिम राय पर टिकी हैं, जिससे मौत के वास्तविक कारणों पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जहर की पुष्टि नहीं, अंतिम राय बाकी पुलिस सूत्रों के अनुसार एफएसएल रिपोर्ट में जहर की पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि साध्वी प्रेम बाईसा की मौत जहर या किसी अन्य अप्राकृतिक कारण से हुई हो, इसका कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अंतिम निष्कर्ष मेडिकल बोर्ड की राय के बाद ही सामने आएगा। मेडिकल बोर्ड रिपोर्ट का अध्ययन कर अपनी चिकित्सकीय राय देगा, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। डीसीपी (पश्चिम) विनीत कुमार बंसल के माध्यम से रिपोर्ट मेडिकल बोर्ड को भेजी गई है। संभावना जताई जा रही है कि अगले 24 घंटों में मेडिकल ओपिनियन मिल सकता है। इसके बाद ही मौत के कारणों पर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होगी। 28 जनवरी को बिगड़ी थी तबीयत घटना 28 जनवरी की है। उस दिन पाल रोड स्थित आरती नगर के आश्रम में साध्वी प्रेम बाईसा की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। बताया गया कि उन्हें दो इंजेक्शन लगाए गए थे। इसके कुछ समय बाद ही उनकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं और मामले ने तूल पकड़ लिया था। 29 जनवरी को देर शाम पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद पार्थिव शरीर परिजनों को सौंप दिया गया। 30 जनवरी को बाड़मेर जिले के परेऊ गांव में उन्हें समाधि दी गई। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में अनुयायी और स्थानीय लोग मौजूद रहे। 2 फरवरी को भेजे गए थे विसरा सैंपल घटना के बाद विसरा सैंपल जांच के लिए सुरक्षित रखे गए थे। 31 जनवरी और 1 फरवरी को अवकाश होने के कारण सैंपल तत्काल एफएसएल नहीं भेजे जा सके। अवकाश समाप्त होने के बाद 2 फरवरी को सैंपल जांच के लिए प्रेषित किए गए। अब रिपोर्ट आने के बाद जांच में नया मोड़ आया है। एफएसएल रिपोर्ट को जांच प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है, क्योंकि प्रारंभिक स्तर पर जहर की आशंका को लेकर कई अटकलें लगाई जा रही थीं। रिपोर्ट में जहर की पुष्टि नहीं होने से उन आशंकाओं को फिलहाल विराम मिला है, लेकिन मेडिकल बोर्ड की अंतिम राय से पहले कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगा। पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ रही जांच पुलिस प्रशासन का कहना है कि पूरी जांच प्रक्रिया पारदर्शिता और तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार किसी भी तरह की अफवाह से बचते हुए केवल वैज्ञानिक रिपोर्ट और मेडिकल विशेषज्ञों की राय के आधार पर ही अंतिम निर्णय सार्वजनिक किया जाएगा। इस बीच, साध्वी प्रेम बाईसा के अनुयायियों और स्थानीय लोगों में मामले को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। सभी को मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि मौत स्वाभाविक कारणों से हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह रही। फिलहाल एफएसएल रिपोर्ट ने जांच की दिशा बदल दी है। अब अंतिम तस्वीर मेडिकल बोर्ड की राय के बाद ही साफ हो पाएगी। पुलिस का कहना है कि जैसे ही आधिकारिक निष्कर्ष सामने आएगा, उसे सार्वजनिक कर दिया जाएगा।

खेजड़ी आंदोलन खत्म, पेड़ों की अवैध कटाई रोकने को विशेष कानून की तैयारी

बीकानेर बीकानेर में खेजड़ी वृक्षों की कटाई के विरोध में पिछले 11 दिनों से जारी महापड़ाव गुरुवार देर शाम समाप्त हो गया। लंबे समय से खेजड़ी संरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे स्थानीय लोगों ने सरकार के फैसले के बाद धरना खत्म करने की घोषणा की। 12 फरवरी की शाम सरकार की ओर से एक प्रतिनिधिमंडल वार्ता के लिए धरना स्थल पहुंचा। इसमें मंत्री केके बिश्नोई, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारी बिश्नोई, जसवंत बिश्नोई और पब्बाराम बिश्नोई शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत के बाद अहम निर्णय लिया गया। सरकार ने पूरे राजस्थान में खेजड़ी वृक्षों की कटाई पर रोक लगाने के आदेश जारी कर दिए हैं। राजस्व सचिव की ओर से लिखित आदेश जारी कर सभी संभागीय आयुक्तों और जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि अवैध कटाई पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सख्त निगरानी रखने और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करने को कहा गया है। उल्लेखनीय है कि 5 फरवरी को विधानसभा में खेजड़ी संरक्षण को लेकर घोषणा की गई थी, जिसके बाद इस दिशा में कार्रवाई तेज कर दी गई। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि खेजड़ी संरक्षण के लिए विशेष कानून लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रस्तावित विधेयक के जरिए अवैध कटाई पर सख्त प्रावधान, नियमित निरीक्षण और प्रशासनिक जवाबदेही तय की जाएगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे पर गंभीर नजर आ रहे हैं। सरकार का कहना है कि मरुस्थलीय क्षेत्रों में खेजड़ी का विशेष पारिस्थितिक महत्व है और इसे संरक्षित करना प्राथमिकता में शामिल है। सरकार के निर्णय के बाद संत समाज और पर्यावरण प्रेमियों ने आभार जताया है। उनका कहना है कि लंबे समय से खेजड़ी संरक्षण की मांग की जा रही थी और अब सरकार की पहल से सकारात्मक संदेश गया है। कब, क्या-क्या हुआ? 2 फरवरी : पॉलिटेक्निक कॉलेज में विशाल जनसभा के साथ महापड़ाव शुरू। हजारों पर्यावरण प्रेमी देशभर से पहुंचे। 3 फरवरी : 29 संतों सहित 363 पर्यावरण प्रेमी आमरण अनशन पर बैठे। 4 फरवरी : आमरण अनशन करने वालों की संख्या 537 पहुंची, महापड़ाव स्थल पर अस्थायी अस्पताल बनाया गया। 5 फरवरी : संसद और विधानसभा में गूंजी खेजड़ी संरक्षण की आवाज। मुख्यमंत्री का संदेश लेकर प्रतिनिधिमंडल पहुंचा, आमरण अनशन समाप्त हुआ। 6 फरवरी : प्रदेशभर में खेजड़ी कटाई पर रोक की मांग पर अड़े पर्यावरण प्रेमी, क्रमिक अनशन शुरू। 8 फरवरी : संतों का प्रतिनिधिमंडल जयपुर में मुख्यमंत्री से मिला। 9 फरवरी : महापड़ाव जारी रखने की घोषणा। 10 फरवरी : शहर में कलश यात्रा निकाली गई। 11 फरवरी : संतों ने मांग पूरी होने पर महापड़ाव स्थगित करने का शपथ पत्र दिया, मौन जुलूस निकाला। 12 फरवरी : सरकार के निर्देश जारी होने के बाद आंदोलन स्थगित करने की घोषणा। खेजड़ी संरक्षण कानून की तैयारी, प्रशासन अलर्ट राजस्व विभाग के निर्देशों के बाद अब प्रदेशभर में प्रशासन अलर्ट मोड पर है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि खेजड़ी कटाई रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही विशेष कानून लाकर खेजड़ी संरक्षण को स्थायी रूप से मजबूत किया जाएगा।

महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी पर गंभीर आरोप, पीड़िता ने समझौते की धमकियों की जानकारी पुलिस को दी

जयपुर  महामंडलेश्वर और कथावाचक उत्तम स्वामी पर राजस्थान निवासी एक युवती ने गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती ने ई-मेल के माध्यम से दिल्ली पुलिस को शिकायत दी है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि धर्म और आस्था का भरोसा दिलाकर उसके साथ मानसिक रूप से प्रभाव डालते हुए दुष्कर्म किया गया। शिकायत में युवती का कहना है कि उत्तम स्वामी स्वयं को आध्यात्मिक गुरु बताते हैं और समाज में उनका व्यापक प्रभाव है। युवती के अनुसार, जब उन्हें यह जानकारी मिली कि वह उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने जा रही है, तो उसे सीधे और परोक्ष रूप से धमकियां दी जाने लगीं, ताकि वह एफआईआर दर्ज न कराए। पीड़िता का कहना है कि एफआईआर दर्ज करवाने की भनक लगते ही उसे धमकियां मिलने लगी हैं। उत्तम स्वामी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से संपर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं। उनके करीबी लोग समझौते का दबाव बना रहे हैं। युवती ने ई-मेल में लिखा है कि उसके और उसके परिवार के बारे में बेहद निजी जानकारी रखी जा रही है। उसे नुकसान पहुंचाए जाने की आशंका है। पीड़िता ने कहा- धर्म की आड़ में कई साल किया यौन शोषण युवती ने आरोप लगाया है कि उत्तम स्वामी कई साल से उसका यौन शोषण कर रहा था। जब वह नाबालिग थी, तभी से धर्म की आड़ में उसके साथ गलत काम किए गए। उसने विरोध किया तो उसे डराया-धमकाया गया। उत्तम स्वामी के प्रभाव के कारण लंबे समय तक वह शिकायत नहीं कर सकी। पीड़िता ने यह भी कहा है कि उसके पास आरोपों से जुड़े सबूत हैं और वह कानून की मदद लेना चाहती है। उसने आशंका जताई है कि आरोपी के प्रभाव के कारण साक्ष्यों से छेड़छाड़ की जा सकती है। गवाहों को प्रभावित करने की आशंका युवती ने अपनी शिकायत में आशंका जताई है कि मामले के गवाहों को प्रभावित किया जा सकता है। साथ ही उसने दावा किया है कि उसे लगातार डराया-धमकाया जा रहा है और सबूतों के साथ छेड़छाड़ की आशंका भी है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी के पास ऐसे समर्थक हैं, जो उसकी गतिविधियों और लोकेशन की जानकारी हासिल कर सकते हैं, जिससे उसकी सुरक्षा को खतरा है। पीड़िता के अंग्रेजी में भेजे गए ईमेल का हिन्दी में अनुवाद… मैं (पीड़िता) अपने लिए तत्काल पुलिस सुरक्षा का औपचारिक अनुरोध करने के लिए यह पत्र लिख रही हूं। मुझे उत्तम स्वामी (आरोपी) द्वारा गंभीर यौन अपराध (बलात्कार) का शिकार बनाया गया है। मैं भारतीय न्याय संहिता (BNS)/भारतीय दंड संहिता (IPC) की संबंधित धाराओं के अंतर्गत औपचारिक शिकायत दर्ज कराने वाली हूं। आरोपी स्वयंभू आध्यात्मिक व्यक्ति है, जिसका काफी प्रभाव और बड़ा अनुयायी वर्ग है। उसे हाल ही में मेरे द्वारा कानूनी कार्रवाई करने के इरादे की जानकारी मिल गई है। तब से मुझे एफआईआर दर्ज होने से रोकने और चुप कराने के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष धमकियां दी जा रही हैं। आरोपी के “गॉडमैन” जैसे प्रभाव के कारण गवाहों को प्रभावित करने, शारीरिक डराने-धमकाने और सबूत नष्ट करने का गंभीर खतरा है। आरोपी के पास मेरे आवागमन पर नजर रखने के संसाधन हैं, जिससे मैं अत्यंत असुरक्षित महसूस कर रही हूं। साथ ही, मीडिया में खबरें आने और आरोपी को मेरी पहचान पता चलने के कारण मेरी सुरक्षा खतरे में है। आरोपी ने धर्म और आस्था के नाम पर मुझे बहला-फुसलाकर कई स्थानों पर मेरे साथ बलात्कार किया है। बलात्कार के अतिरिक्त उस पर धोखाधड़ी, छल और आपराधिक विश्वासघात के भी आरोप हैं। मैं निवेदन करती हूं कि मेरे वर्तमान निवास पर 24×7 पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए। कृपया मेरी पहचान और वर्तमान स्थान को गोपनीय रखा जाए। हमें आपके कार्यालय की प्रतिबद्धता पर विश्वास है और आशा है कि भय के कारण न्याय बाधित नहीं होने दिया जाएगा। कांग्रेस ने की जांच और कार्रवाई की मांग उत्तम स्वामी पर लगे दुष्कर्म के आरोपों को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के मीडिया सलाहकार केके मिश्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ट्वीट कर मामले में भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े नेताओं की जांच और कार्रवाई की मांग की है।

हंसी और मज़ाक का तड़का: जयपुर में महामूर्ख सम्मेलन 28 फरवरी को

जयपुर.  फरवरी की हल्की ठंडक के बीच 28 तारीख को मानसरोवर का दीप स्मृति ऑडिटोरियम कुछ अलग ही रंग में नजर आएगा। यहां न कोई गंभीर भाषण होगा, न सियासी बहस… बल्कि मंच सजेगा ठहाकों, तंज और व्यंग्य की धार से। मौका होगा तरुण समाज (गुलाबी) के तत्वावधान में आयोजित 50वें महामूर्ख सम्मेलन का। जैसे-जैसे तारीख करीब आ रही है, शहर में उत्सुकता बढ़ती जा रही है—आखिर इस बार हंसी का बादशाह कौन बनेगा? कौन अपनी चुटीली बातों से दर्शकों को लोटपोट कर देगा? सम्मेलन में देशभर से हास्य और व्यंग्य के दिग्गज जुटेंगे। अजमेर के रासबिहारी गौड़ से लेकर बारां के सुरेन्द्र यादवेन्द्र, मध्यप्रदेश के संदीप शर्मा और नाथद्वारा के लोकेश महाकाली तक—हर नाम अपने साथ हंसी का तूफान लाएगा। गुरुग्राम के अशोक बत्रा, दिल्ली की बलजीत कौर, शक्करगढ़ के राजकुमार बादल और अलवर के राजेंद्र खंडेलवाल भी मंच पर रंग जमाएंगे। कविताओं के तीर चलेंगे, व्यंग्य के वार होंगे और दर्शक ठहाकों में डूब जाएंगे। यह सिर्फ सम्मेलन नहीं, बल्कि हंसी का ऐसा उत्सव होगा, जहां ‘मूर्खता’ ही सबसे बड़ा सम्मान बनेगी।

कर्मचारियों के हित में बड़ा फैसला, 8वें वेतन आयोग की दिशा में अहम कदम

जयपुर राजस्थान सरकार ने बजट 2026 में सरकारी कर्मचारियों और ग्रामदानी किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। वित्त मंत्री दिया कुमारी ने बताया कि आठवें वेतन आयोग के गठन के लिए एक हाई पावर कमेटी बनाई जाएगी। इसके साथ ही 8 नए जिलों और नई पंचायत समितियों में सरकारी दफ्तर बनाए जाएंगे। नई ग्राम पंचायतों को मिला बड़ा तोहफा राज्य के 3467 नई ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए 3000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ग्रामदानी गांवों के किसानों को अब खातेदारी अधिकार दिए जाएंगे, जो अब तक उन्हें प्राप्त नहीं थे। मुख्य सचिव कार्यालय में डिरेगुलेशन सेल बनाई जाएगी और डिजिटल अरेस्ट की बढ़ती घटनाओं पर नियंत्रण के लिए राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर खोला जाएगा। होमगार्ड की संख्या में हुई बढ़ोत्तरी शहरों में होमगार्ड की संख्या बढ़ाकर 5000 की जाएगी, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। वहीं, उपनिवेशन विभाग को समाप्त कर उसका राजस्व विभाग में विलय किया जाएगा। गृह विभाग का रिवॉल्विंग फंड बढ़ाकर 7 करोड़ रुपये कर दिया गया है। सरकार ने बेहतरीन काम करने वाली पंचायतों के लिए राष्ट्रीय पंचायती पुरस्कार की तर्ज पर राज्य स्तरीय ‘स्टेट पंचायत अवॉर्ड’ की घोषणा भी की है। इसके अलावा, शेखावाटी तक हथनीकुंड से यमुना जल लाने के लिए 32,000 करोड़ रुपये की विशाल परियोजना का काम जल्द ही शुरू होगा। राजस्थान सरकार ने कर्मचारियों, किसानों और पंचायतों के लिए इन घोषणाओं के माध्यम से प्रशासनिक क्षमता, सुरक्षा और विकास को मजबूत बनाने का संदेश दिया है।  

बड़ी घोषणाएँ राजस्थान बजट में: सोलर पार्क, हर घर नल और युवाओं के लिए वित्तीय समर्थन

जयपुर  राजस्थान की उप-मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री दीया कुमारी ने राज्य के 2026-27 के बजट में गांव और शहर की आबादी को नल का पानी देने के लिए 6,800 करोड़ रुपये और बीकानेर और जैसलमेर में सोलर पार्क बनाने के लिए करीब 3,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा है। साल 2026-27 का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री दीया कुमारी ने मौजूदा सरकार की ओर से किए गए स्ट्रक्चरल सुधारों और समझदारी भरे फाइनेंशियल मैनेजमेंट के असर पर रोशनी डाली और कहा कि राज्य का इकोनॉमिक साइज़ काफी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि CM जल जीवन मिशन के तहत गांवों को कवर किया जाएगा और हर घर को नल के पानी से जोड़ा जाएगा। इस पर 4,500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। शहरों में 2,300 करोड़ रुपये की लागत से पीने का पानी दिया जाएगा। 10 लाख तक बिना ब्याज का लोन मिलेगा बीकानेर और जैसलमेर में 2,950 करोड़ रुपये से नए सोलर पार्क बनाए जाएंगे। CM सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट स्कीम के तहत, 10 लाख रुपये तक का बिना ब्याज वाला लोन और ग्रांट दिया जाएगा। इससे 30,000 युवाओं को फायदा होगा। इसके अलावा, नॉन-पैचेबल सड़कों पर 1,400 करोड़ रुपये और मिसिंग लिंक सड़कों पर 600 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि राजस्थान की इकॉनमी 2026-27 में 21,52,100 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, और राज्य की प्रति व्यक्ति आय भी 2025-26 के आखिर तक 1.67 लाख रुपये से बढ़कर 2.02 लाख रुपये हो जाएगी। दीया कुमारी ने कहा कि यह ग्रोथ फिस्कल डिसिप्लिन और पॉलिसी रिफॉर्म के जरिए इकॉनमी को मजबूत करने पर सरकार के फोकस को दिखाती है। 'पीएम मोदी के सिद्धांतों पर चल रहे हैं' दीया कुमारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरित होकर, राज्य सरकार "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास" के मुख्य सिद्धांतों को अपनाते हुए, राज्य को आर्थिक समृद्धि, टिकाऊ और समावेशी विकास के रास्ते पर आगे ले जाने के लिए लगातार कोशिश कर रही है। अपने बजट भाषण में उन्होंने कहा, "2047 तक एक विकसित राजस्थान के सपने को पूरा करने के लिए, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में हमारी सरकार ने सेवा, समर्पण और अच्छे शासन को प्राथमिकता दी है, और इस विकास यात्रा में गरीबों, युवाओं, किसानों और महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को ध्यान में रखा है।"

12 फरवरी से राजस्थान बोर्ड की परीक्षा, शिक्षा विभाग पूरी तैयारी के साथ

जयपुर,  माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान ने सत्र 2025–26 के लिए माध्यमिक, उच्च माध्यमिक व्यावसायिक एवं राज्य स्तरीय समान परीक्षा का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। बोर्ड द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार प्रदेशभर में लाखों विद्यार्थियों की परीक्षाएं विभिन्न चरणों में आयोजित की जाएंगी। जारी शेड्यूल के अनुसार 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं 12 फरवरी से शुरू होंगी। बोर्ड के अनुसार कक्षा 8वीं की परीक्षा 19 फरवरी से और 5वीं की परीक्षा 20 फरवरी से आयोजित की जाएगी। वहीं राज्य स्तरीय समान परीक्षा के अंतर्गत कक्षा 9वीं और 11वीं की परीक्षाएं 7 मार्च से शुरू होंगी, जबकि कक्षा 3 से 7 (सीबीए) तक की परीक्षाएं 14 मार्च से प्रारंभ की जाएंगी। कक्षा वार परीक्षा तिथियां — (प्रात: 8:30 से 11:45 बजे तक) – कक्षा 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा – 12 फरवरी से (दोपहर 1:30 से 4:00 बजे तक) – कक्षा 8वीं परीक्षा – 19 फरवरी से – कक्षा 5वीं परीक्षा – 20 फरवरी से (प्रथम पारी: 8:30 से 11:45 तक, द्वितीय पारी: अपराह् 1:00 से सायं 4:15 बजे तक) – राज्य स्तरीय समान परीक्षा – (कक्षा 9 व 11) 7 मार्च से – राज्य स्तरीय समान परीक्षा – (कक्षा 3 से 7) 14 मार्च से परीक्षाओं के सफल संचालन की सभी तैयारियां पूर्ण: बोर्ड ने सभी स्कूलों और विद्यार्थियों को निर्देश दिए हैं कि वे समय पर प्रवेश पत्र प्राप्त करें और परीक्षा से जुड़ी सभी तैयारियां निर्धारित समयसीमा में पूरी करें। इन परीक्षाओं के लिए सभी केंद्रों पर तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, गोपनीयता और अनुशासन को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सुरक्षा एवं पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए ब्लॉक और जिला स्तर पर उड़नदस्तों की नियुक्ति की गई है। परीक्षाओं हेतु आवश्यक वीक्षकों की नियुक्ति कर ली गई है। इसके लिए प्रारंभिक शिक्षा से भी वीक्षक लगाए गए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थानीय अवकाश का बोर्ड सहित अन्य परीक्षाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। सभी विद्यार्थियों को परीक्षा से पहले अपना प्रवेश पत्र अनिवार्य रूप से प्राप्त करना होगा। बिना प्रवेश पत्र के किसी भी छात्र को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। विद्यार्थियों से समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने और अनुशासन बनाए रखने की अपील की गई है।

राजस्थान बजट 2026 से उम्मीदें: नौकरी, किसान और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस

जयपुर भजनलाल सरकार बुधवार को अपने कार्यकाल का तीसरा बजट पेश करने जा रही है। वित्त मंत्री दीया कुमारी सदन में आय-व्यय अनुमान पेश करेंगी। इस बजट से राजस्थान को अगले साल क्या मिलने वाला है, इस पर सभी की नजरें है। मौटे तौर पर बजट का फोकस किन सेक्टर्स पर होगा और कौन सी बड़ी घोषणाएं हो सकती हैं पढ़िए इस रिपोर्ट में… इस बार का बजट युवाओं, महिलाओं, किसानों, शहरी-ग्रामीण विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित रहने की संभावना है। सरकार की ओर से नई योजनाओं, भर्तियों और बड़े विकास कार्यों की घोषणाएं की जा सकती हैं। भर्ती प्रक्रिया में बदलाव, 1.50 लाख नई नौकरियां भजनलाल सरकार नौकरियों को लेकर लगातार बड़े दावे कर रही है। पिछले बजट में एक लाख नई नौकरियों का ऐलान किया गया था। इस बजट में करीब 1.50 लाख नई भर्तियों की घोषणा की जा सकती है। आरएएस और उच्च पदों को छोड़कर अधिकांश भर्तियों में इंटरव्यू खत्म कर केवल परीक्षा आधारित चयन लागू किया जा सकता है। मुख्यमंत्री फैलोशिप योजना के तहत चयनित युवाओं की संख्या बढ़ाने का भी एलान हो सकता है। सरकारी विभागों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों की सैलेरी बढ़ाने का प्रावधान बजट में किया जा सकता है, वहीं सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं में 15 प्रतिशत बढ़ोतरी की घोषणा की संभावना है। इंफ्रा सेक्टर: 15 शहरों में ग्रीन फील्ड व सिटी इकोनॉमिक रीजन स्कीम राजस्थान में इंफ्रा सेक्टर के लिए बजट में कई बड़े ऐलान हो सकते हैं। इसमें बीकानेर, जैसलमेर, जोधपुर, सीकर, झालावाड़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, धौलपुर सहित 15 शहरों में रिंग रोड व नए ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे के लिए बजट का प्रावधान हो सकता है। इसके साथ ही प्रदेश की धार्मिक स्थलों से जुड़े शहरों के विकास के लिए 'सिटी इकोनॉमिक रीजन' में  ऐलान  किया जा सकता है। जयपुर में मेट्रो फेज टू के लिए तय रूट में एयरपोर्ट टर्मिनल्स को शामिल करने सहित- दूसरे चरण का का काम शुरू करने के लिए बजट का प्रावधान किया जा सकता है। जयपुर में पार्किंग से जुड़ी समस्या को लेकर पीपीपी पर नए पार्किंग जोन्स डवलप प्रोजेक्ट का एलान किया जा सकता है। वेडिंग डेस्टिनेशन साइट्स डवलप करने के लिए आर्थिक सहायता और शेखावाटी हैरिटेज टूरिज्म संरक्षण के लिए भी बजट में प्रावधान किए जाने की संभावना है। किसान: सम्मान निधि में बढ़ोतरी, बोनस में इजाफा किसान सम्मान निधि की राशि को चरणबद्ध तरीके से 12 हजार रुपये तक बढ़ाने की घोषणा संभव है। ब्याजमुक्त फसली कर्ज योजना का दायरा बढ़ेगा और लाखों नए किसानों को इससे जोड़ा जाएगा। एमएसपी पर गेहूं समेत कुछ फसलों पर बोनस, बाजरा और ज्वार की सरकारी खरीद, हाईटेक खेती योजनाओं और नई सिंचाई परियोजनाओं के लिए बजट बढ़ाया जा सकता है। दूध खरीद पर मिलने वाले बोनस में बढ़ोतरी, पशुधन बीमा योजना का विस्तार और महिलाओं के लिए डेयरी प्रोत्साहन योजना की घोषणा संभव है। बाड़मेर में अनार और सवाई माधोपुर में अमरूद प्रोसेसिंग यूनिट्स का भी ऐलान हो सकता है। महिलाओं और बच्चों के लिए योजनाएं लखपति दीदी योजना का दायरा बढ़ाने, मेधावी छात्राओं को स्कूटी योजना के विस्तार और महिला स्वयं सहायता समूहों के बजट में बढ़ोतरी की संभावना है। आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन राशि देने का एलान भी हो सकता है। दो से अधिक बच्चों वाले लोगों पर चुनाव लड़ने की रोक हटाने के लिए बिल लाने की घोषणा भी बजट सत्र में संभव है। शिक्षा और स्वास्थ्य सीएसआर की सहायता से प्रदेश के सरकारी स्कूलों की मरम्मत के लिए बजट का प्रावधान किया जा सकता है। इसके अलावा जिन जिलों में मेडिकल कॉलेज नहीं है वहां नए मेडिकल कॉलेजों का ऐलान किया जाना भी संभव है। मेडिकल में चिकित्सकों व पैरा मेडिकल स्टॉफ के पद बड़ी संख्या में खाली चल रहे हैं इन पर भी भर्तियों का ऐलान हो सकता है। 

कल पेश होगा राजस्थान सरकार का बजट, शिव से विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने गिनाईं प्राथमिकताएँ

जयपुर राजस्थान सरकार अपना वार्षिक बजट कल विधानसभा में पेश करेगी। उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी बजट प्रस्तुत करेंगी। बजट से पहले पश्चिमी राजस्थान में विभिन्न वर्गों की उम्मीदें सामने आ रही हैं, जिनमें शिक्षा, सड़क, चिकित्सा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को लेकर विशेष अपेक्षाएं जताई जा रही हैं। शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी की प्राथमिकताएं शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने बजट से पहले पत्रकारों से बातचीत में कहा कि बजट से बहुत सारी उम्मीदें हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा, सड़क और चिकित्सा पर प्रदेश सरकार का विशेष फोकस रहना चाहिए। साथ ही युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर किस प्रकार दिए जा सकें, इस दिशा में ठोस प्रावधानों की आवश्यकता है।   रोजगार और औद्योगिक अवसरों पर जोर विधायक भाटी ने कहा कि सरकार ने एक एनुअल कैलेंडर जारी किया है, लेकिन उसमें तमाम लोगों को शामिल नहीं किया जा सका। मल्टीनेशनल कंपनियों के माध्यम से रिफाइनरी आ रही है, साथ ही अन्य फैक्टरियां और इंडस्ट्रीज भी स्थापित होंगी। इन सभी क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं को किस तरह अवसर मिल सकें, इस पर ध्यान देना जरूरी है।   सड़क और चिकित्सा ढांचे की जरूरत उन्होंने सड़कों पर विशेष रूप से गांवों की इंटरनल सड़कों और हाईवे के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। हाल ही में एक बस दुर्घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इलाके में 1 यूनिट की सुविधा नहीं होने के कारण घायलों को जोधपुर तक ले जाना पड़ा। उन्होंने कहा कि चिकित्सा व्यवस्था को किस तरह मजबूत किया जाए, इस पर बजट में ध्यान दिया जाना चाहिए, क्योंकि गांव और ढाणियां दूर-दूर स्थित हैं।   खेल जगत से जुड़ी उम्मीदें खेल जगत से जुड़े हेमंत शर्मा ने भी राज्य सरकार के बजट से काफी उम्मीदें जताईं। उन्होंने कहा कि जोधपुर की मूलभूत सुविधाओं जैसे पानी, सड़क और बिजली पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। जोधपुर में पानी की गंभीर समस्या है, जहां हर सातवें और आठवें दिन पानी की कटौती की जा रही है।   पानी और सीवरेज की समस्या हेमंत शर्मा ने कहा कि जोधपुर में सीवरेज की समस्या भी काफी बढ़ गई है। यदि बजट में इन समस्याओं के समाधान के लिए प्रावधान किए जाएं, तो प्रदेश के दूसरे बड़े शहर जोधपुर के लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।   संजय गौड ने उम्मीद जताई कि पूर्ववर्ती गहलोत सरकार द्वारा लागू की गई योजनाओं को उचित बजट जारी कर प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया जाए, ताकि आम जनता को फायदा मिल सके। उन्होंने कहा कि यह बजट युवाओं के लिए उम्मीद की किरण बन सकता है।   महंगाई और चिकित्सा योजनाओं पर नजर संजय गौड ने यह भी कहा कि चिकित्सा क्षेत्र की योजनाएं फिर से रफ्तार पकड़ें, इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए। महंगाई अपने चरम स्तर पर है, ऐसे में बजट में इसे लेकर भी कुछ ठोस कदम उठाए जाने की अपेक्षा की जा रही है।