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बाबा मक्खन शाह और लक्खी शाह जयंती पर सीएम की बड़ी घोषणा, धर्मशाला को मिलेंगे 31 लाख

 चंडीगढ़ हरियाणा में बंजारा समाज की सभी छह मांगों को सरकार पूरा करेगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को संत कबीर कुटीर में संत-महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रसार योजना के तहत आयोजित बाबा मक्खन शाह लुबाना और बाबा लक्खी शाह बंजारा के राज्य स्तरीय जयंती समारोह में यह भरोसा दिलाया। साथ ही पेहवा में मक्खन शाह लुबाना धर्मशाला और दतौली के सामुदायिक केंद्र के लिए 31-31 लाख रुपये देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा मक्खन शाह लुबाना और बाबा लक्खी शाह बंजारा इतिहास के दो अमर अध्याय हैं। उन्होंने त्याग को धर्म, सेवा को संस्कार और बलिदान को अपनी पहचान बनाया। ऐसी दोनों महान विभूतियों के चरणों में वे श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं। उन्होंने पेहवा में मक्खन शाह लुबाना धर्मशाला के लिए दी गई जमीन से संबंधित कार्रवाई तेजी से पूरी करने का वादा करते हुए कहा कि बाबा मक्खन शाह लुबाना के नाम पर किसी संस्थान का नाम भी रखा जाएगा।  6300 परिवारों को 100-100 गज के प्लॉट नायब ने कहा कि बाबा मक्खन शाह और बाबा लक्खी शाह का जीवन सेवा, समानता और समर्पण का संदेश देता है। इसी भावना के साथ प्रदेश सरकार अंत्योदय के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। परिवार पहचान पत्र के माध्यम से प्रत्येक परिवार को पहचान दी गई है। मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के तहत 14 शहरों में 15 हजार 250 परिवारों को आवास तथा मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत 6300 परिवारों को 100-100 गज के प्लाट तथा घर निर्माण के लिए एक लाख रुपये की सहायता दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक लाख 56 हजार गरीब परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराए गए हैं। डा. भीमराव आंबेडकर आवास नवीनीकरण योजना के अंतर्गत सहायता राशि 30 हजार रुपये से बढ़ाकर 80 हजार रुपये की गई है। अब तक 85 हजार 815 परिवारों को 416 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत 55 हजार से अधिक जरूरतमंदों को स्वरोजगार के लिए बैंक ऋण उपलब्ध कराया गया है। 13 लाख 43 हजार परिवारों को प्रतिमाह 500 रुपये में गैस सिलिंडर दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना के माध्यम से परिवार के कमाने वाले सदस्य की मृत्यु होने पर 74 हजार 245 परिवारों को 2,800 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। इसके अलावा 13 लाख 43 हजार परिवारों को प्रतिमाह 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। विद्यार्थियों को 12वीं तक मुफ्त किताबें, वर्दी और स्टेशनरी उपलब्ध कराई जा रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क कोचिंग के साथ-साथ डा. आंबेडकर मेधावी छात्रवृत्ति योजना के तहत आठ हजार से 12 हजार रुपये तक की वार्षिक छात्रवृत्ति भी दी जा रही है। कार्यक्रम में बंजारा समाज के पुरोहित हुकुम सिंह, सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक के. मकरंद पांडुरंग और अतिरिक्त निदेशक मनीष लोहान सहित प्रदेशभर से आए लुबाना और बंजारा समाज के गण्यमान्य लोग मौजूद थे।

Haryana News: BPL राशन कार्ड धारकों को अगले महीने से नहीं मिलेगा मुफ्त तेल, सरकार का बड़ा फैसला

चंडीगढ़. हरियाणा में बीपीएल परिवारों को गेहूं के साथ मिलने गले एक लीटर सरसों का तेल अगले माह से नहीं मिलेगा। उसकी जगह उन्हें तेल की राशि देने पर प्रदेश सरकार विचार कर रही है। हालांकि अभी तय नहीं हुआ है कि राशि दी जाए के उसकी जगह कुछ अन्य खाद्य पदार्थ दिया जाए। एक सप्ताह के अंदर यह तय कर लिया जाएगा। अगर तेल दिया गया तो उसकी राशि सीधे लाभार्थी के खाते में डाली जाएगी। बता दें कि पश्चिम एशिया में युद्ध संकट के चलते पाम तथा सोयाबीन तेल का आयात प्रभावित होने से सरसों में उछाल आया था। इसके चलते मंडियों में सरसों की सरकारी खरीद कम हुई थी। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से अधिक अधिक रेट मिलने से किसानों ने बाजार में सरसों बेच दी थी। सरकारी एजेंसियों को तय लक्ष्य से कम सरसों मिला था। हालांकि सरकार ने इस वर्ष 6200 रुपये प्रति क्विंटल सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया था, जो पिछले साल के मुकाबले 250 रुपये प्रति क्विंटल अधिक था। लेकिन बाजार में सरसों न्यूनतम समर्थन मूल्य से डेढ़ से दो हजार रुपये प्रति क्विंटल अधिक में बिक रही थी। पश्चिम एशिया में युद्ध संकट के चलते पाम तथा सोयाबीन तेल का दूसरे देशों से होने वाला आयात बुरी तरह से प्रभावित होने के चलते सरसों की मांग बढ़ गई थी। किसानों ने फायदा होते देख सरकारी एजेंसियों के पास जाने के बजाय प्राइवेट खरीदारों को फसल बेच दी थी। अंत्योदय अन्न योजना में होगा बदलाव हरियाणा सरकार अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) यानी गुलाबी राशन कार्ड धारकों के लिए गेहूं वितरण का नियम बदलने जा रही है। अभी तक एक राशन कार्ड पर हर महीने 35 किलो गेहूं मिलता है। अब नई व्यवस्था में हर पात्र सदस्य को 7 किलो गेहूं दिया जाएगा। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है। संभव है कि अगले महीने से नया नियम लागू कर दिया जाएगा। इस बदलाव से बड़े परिवारों को फायदा होगा जबकि पांच से कम सदस्यों वाले परिवारों को पहले की तुलना में कम गेहूं मिलेगा।

Haryana RTE News: 1107 निजी स्कूल हुए ब्लैकलिस्ट, नियमों के उल्लंघन पर सरकार का बड़ा एक्शन

हिसार. शिक्षा निदेशालय की बार-बार चेतावनी देने के बावजूद आखिरकार 22 जिलों के 1107 निजी स्कूलों पर गाज गिर चुकी है। मुख्यमंत्री के आदेश पर उपरोक्त स्कूलों को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। साथ ही दाखिले करने की पावर भी छीन ली गई है। खास बात है कि मुख्यमंत्री ने उपरोक्त ब्लैक लिस्ट में शामिल निजी स्कूलों पर ताला जड़ने के आदेश भी जारी कर दिए हैं। कारण यह है कि प्रदेश के 1107 निजी स्कूल मान्यता से संबंधित दस्तावेज पेश नहीं कर पाए। निदेशालय की बार-बार चेतावनी के बावजूद आरटीई के तहत नियमों को पालन नहीं किया, जिस पर निदेशालय ने उपरोक्त कार्रवाई कर दी है। कैथल, गुरुग्राम व हिसार में सर्वाधिक अवैध स्कूल होंगे बंद शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी रिपोर्ट में सर्वाधिक कैथल में 162, गुरुग्राम में 99 व हिसार में 98 निजी स्कूलों पर कार्रवाई की गई है। सबसे कम फतेहाबाद में है जहां 10 निजी स्कूलों पर कार्रवाई की गई है। शिक्षा मंत्री के गृह जिला पानीपत में 92 निजी स्कूल अवैध चल रहे हैं, जिसे बंद करने के आदेश जारी हो चुके हैं। ब्लैक लिस्ट होने वाले निजी स्कूलों का ब्योरा जिला     ब्लैक लिस्ट संख्या कैथल     162 गुरुग्राम     99 हिसार     98 पानीपत     92 भिवानी     76 फरीदाबाद     70 जींद     67 रोहतक     63 करनाल     57 यमुनानगर     51 सोनीपत     45 महेंद्रगढ़     33 पलवल     30 झज्जर     28 चरखी दादरी     23 कुरुक्षेत्र     22 अंबाला     20 रेवाड़ी     16 सिरसा     16 नूंह मेवात     15 पंचकूला     14 फतेहाबाद     10 कुल योग     1107 413 निजी स्कूलों को दिया था मौका, मानक अधूरे मिले प्रदेश में 413 निजी स्कूलों को मर्सी चांस दिया गया था, जो मानकों को पूरा करने का दावा कर रहे थे। लेकिन मान्यता से संबंधित दस्तावेज मांगे तो संतोषजनक जवाब न मिलने पर इन स्कूलों पर भी कार्रवाई की गई है। तीन साल से अवैध स्कूल शिक्षा निदेशालय की आंखों में धूल झोंक कर रहे हैं। मौलिक शिक्षा निदेशक मनिता मलिक ने कहा कि हमने प्रदेश के 1107 निजी स्कूलों को ब्लैक लिस्ट कर दिया है। सर्वाधिक कैथल में 162, गुरुग्राम में 99 व हिसार में 98 निजी स्कूलों पर कार्रवाई की गई है। अब अगली प्रक्रिया में इन स्कूलों पर ताला जड़ा जाएगा।

सीएम नायब सैनी बोले, हरियाणा में मजबूत खेल संस्कृति बनाना सरकार का प्रमुख लक्ष्य है

पंचकूला  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य केवल पदक जीतना नहीं है, बल्कि ऐसी सशक्त खेल संस्कृति का निर्माण करना है, जहां प्रतिभा को अवसर मिले. परिश्रम को सम्मान मिले और प्रत्येक युवा को अपने सपनों को साकार करने का भरोसा हो. उन्होंने कहा कि "सरकार केवल पुरस्कार प्रदान नहीं कर रही, बल्कि विकसित भारत के लिए खेल शक्ति की मजबूत नींव तैयार कर रही है." मुख्यमंत्री ने खेल क्षेत्र के लिए यह सभी बातें उस समय कही, जब वह सेक्टर 1 के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस, पंचकूला के ऑडिटोरियम में राज्य के उत्कृष्ट खिलाड़ियों के सम्मान में आयोजित नकद पुरस्कार वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे. इस अवसर पर खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम भी उपस्थित रहे. 20.59 करोड़ की इनाम राशि से सम्मान मुख्यमंत्री ने राज्य के अंर्तराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर की प्रमुख खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले व प्रतिभागिता करने वाले 198 खिलाड़ियों को 20.59 करोड़ रुपये की नकद इनाम राशि देकर सम्मानित किया. इसमें विश्वस्तरीय प्रतियोगिताओं के 117 खिलाड़ियों को 13.75 करोड़ रुपये, पैरा एशियन खेल 2022 के 3 खिलाड़ियों को 2.32 करोड़ रुपये और राष्ट्रीय स्तर के 78 खिलाड़ियों को 4.52 करोड़ रुपये की ईनाम राशि शामिल है. उन्होंने कहा कि पिछले लगभग 12 वर्षों में प्रदेश के 16 हजार 984 खिलाड़ियों को 709 करोड़ रुपये की नकद पुरस्कार राशि दी गई है. वर्तमान राशि जोड़कर यह लगभग 730 करोड़ रुपये है. मुख्यमंत्री ने सम्मानित खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि "पदक जीतने का क्षण भले ही कुछ मिनटों का होता है लेकिन उस क्षण तक पहुंचने की यात्रा वर्षों की तपस्या से होकर गुजरती है." हरियाणा में खेल संस्कृति मजबूत करने पर जोर चुनौतियां विजेता बनने की निशानी: मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश की मिट्टी ने ऐसे खिलाड़ी पैदा किए हैं, जिन्होंने पूरी दुनिया को सिखाया कि हालात चाहे कितने भी कठिन हों, यदि इरादे बुलंद हों तो इतिहास बदला जा सकता है. उन्होंने फलाईंग सिख, मिल्खा सिंह, मुरलीकांत पेटकर और मैरी काॅम का उदाहरण देते हुए कहा कि "इन तीनों की जीवन-यात्रा एक ही बात सिखाती है कि चुनौतियां हर किसी के जीवन में आती हैं लेकिन विजेता वही बनता है जो चुनौतियों के सामने झुकता नहीं लड़ता है." सीएम ने कहा कि "उन्हें गर्व है कि हरियाणा ने हमेशा देश को ऐसे खिलाड़ी दिए हैं, जिन्होंने भारत का सिर दुनिया के सामने ऊंचा किया है. देश की आबादी में हरियाणा का हिस्सा भले ही लगभग दो प्रतिशत हो लेकिन भारत के लिए जीते गए पदकों में हरियाणा का योगदान एक-तिहाई से भी अधिक है. पेरिस ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियन गेम्स हों या कॉमनवेल्थ गेम्स, हर मंच पर हरियाणा के खिलाड़ियों ने भारत का गौरव बढ़ाया है. उन्होंने उपस्थित खिलाड़ियों से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप वर्ष 2028, 2032 और 2036 के ओलंपिक खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ी वही होंगे. एआई से खिलाड़ियों की फिटनेस मुख्यमंत्री ने कहा कि "वर्तमान में दुनिया एआई के युग में प्रवेश कर रही है, जिससे खेल भी इससे अछूता नहीं है. आज एआई खिलाड़ियों की फिटनेस का विश्लेषण कर रही है, चोट की संभावना का पहले से अनुमान लगा रही है, विपक्षी टीम की रणनीति समझने में मदद कर रही है और प्रशिक्षण को अधिक वैज्ञानिक बना रही है." उन्होंने कहा कि एआई गति माप सकती है, हृदय गति बता सकती है, तकनीक का विश्लेषण कर सकती है लेकिन जुनून और देशभक्ति को नहीं समझ सकती. एआई कभी उस भावना को नहीं बता सकती, जो तिरंगा कंधों पर लेकर विजय मंच पर खड़े खिलाड़ी की आंखों में दिखाई देती है. मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से कहा कि "तकनीक का उपयोग अवश्य करें लेकिन भीतर के इंसान को जीवित रखें, क्योंकि भविष्य उन्हीं का होगा, जो तकनीक और मानवीय मूल्यों, दोनों को साथ लेकर चलेंगे." 260 खिलाड़ियों को नौकरियां और खेल ग्रेडेशन प्रदेश में खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से उठाए गए विभिन्न महत्वपूर्ण कदमों बारे मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी भर्ती नियमों के तहत 260 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियां दी गई हैं. हाल ही में खेल ग्रेडेशन नीति में संशोधन किया है, जिससे अब हरियाणा स्टेट गेम्स के खिलाड़ियों को भी खेल ग्रेडेशन का लाभ मिलेगा. इसके अलावा अवार्ड विजेता खिलाड़ियों के मासिक मानदेय में बढ़ोतरी की है, जिसके तहत खेलरत्न, द्रोणाचार्य, अर्जुन, ध्यानचंद और तेनजिंग नोर्गे विजेताओं को प्रतिमाह 20 हजार रुपये, और भीम अवॉर्ड विजेताओं को प्रतिमाह 5 हजार रुपये का मानदेय मिल रहा है. 2 हजार खेल नर्सरी और मासिक मानदेय मुख्यमंत्री ने कहा कि "हर चैंपियन की शुरुआत गांव की मिट्टी और स्कूल के मैदान से होती है. इसके मद्देनजर प्रदेश सरकार ने 2 हजार खेल नर्सरियां खोली हैं, जिनमें 8 से 19 वर्ष के खिलाड़ियों को 1500 से 2 हजार रुपये मासिक छात्रवृत्ति दी है, और 25 आवासीय खेल अकादमियों में 500 रुपये प्रतिदिन डाइट मनी दी जा रही है. खेल बुनियादी ढांचे पर 12 वर्षों में 1100 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं और खेल विभाग का बजट 2013-14 के 163 करोड़ रुपये से बढ़कर आज 668 करोड़ 42 लाख रुपये है." उन्होंने कहा कि "पंचकूला के ताऊ देवीलाल खेल परिसर में 10 करोड़ रुपये की लागत से उत्तर भारत का पहला ए-स्टार वैज्ञानिक प्रशिक्षण एवं पुनर्वास केंद्र भी स्थापित किया गया है." 'हरियाणा खेलों के हब के रूप में उभरा ह इस अवसर पर खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि "मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा खेलों के हब के रूप में उभरा है. बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं, ताकि खिलाड़ी कड़ी मेहनत कर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश-प्रदेश का नाम रोशन कर सकें. मिशन 2036 का लक्ष्य खेल मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में मिशन-2036 शुरू किया गया है, जिसके तहत हरियाणा ने 36 पदक जीतने का लक्ष्य निर्धारित किया है. इसके मद्देनजर खिलाड़ियों को आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं. लगभग 300 करोड़ रुपये की लागत से खेल स्टेडियमों के बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) को सुदृढ़ किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आज हरियाणा की खेल नीति की पूरे देश में सराहना हो … Read more

Shilp Sampada Yojana: हरियाणा के शिल्पकारों के लिए बड़ी सौगात, ₹10 लाख लोन और मुफ्त ट्रेनिंग

सिरसा पारंपरिक कला और हस्तशिल्प से जुड़े पिछड़े वर्ग के कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हरियाणा पिछड़ा वर्ग एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग कल्याण निगम की शिल्प संपदा सावधि ऋण योजना एक बड़ा सहारा बनकर उभरी है। इस योजना के तहत राज्य सरकार पात्र शिल्पकारों को अपने व्यवसाय को आधुनिक संसाधनों और नई तकनीक से जोड़ने के लिए 10 लाख रुपये तक का सावधि ऋण उपलब्ध करा रही है। योजना के तहत लाभार्थियों को न केवल वित्तीय सहायता दी जाएगी, बल्कि कंप्यूटर, कैड डिज़ाइन और अन्य आधुनिक तकनीकी उपकरणों का निशुल्क प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इससे कारीगर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग के अनुसार अपने उत्पादों की गुणवत्ता और डिजाइन को बेहतर बना सकेंगे। किन्हें मिलेगा लाभ और पात्रता     आयु सीमा: आवेदक की आयु 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए।     आय सीमा: ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक न हो।     दस्तावेज: आवेदक हरियाणा का स्थायी निवासी हो और पिछड़ा वर्ग से संबंध रखता हो। आवेदन के लिए परिवार पहचान पत्र, जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, बैंक विवरण और पासपोर्ट फोटो अनिवार्य हैं। पात्र आवेदक निगम के पोर्टल https://hbews.org.in/ पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। निगम के जिला प्रबंधक धर्मेंद्र खोथ ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक तंगी के कारण कई हुनरमंद कलाकार अपने पैतृक व्यवसाय को आगे नहीं बढ़ा पाते। यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित करने और पारंपरिक कला को जीवित रखने में मील का पत्थर साबित होगी।  

सीएम सैनी का बड़ा फैसला, सड़क-बिजली-सिवरेज योजनाओं को मिली रफ्तार

चंडीगढ़   हरियाणा में सड़क, सीवरेज और बिजली सहित विभिन्न योजनाओं से जुड़े 340 करोड़ के खरीद प्रस्तावों को प्रदेश सरकार ने मंजूरी दे दी है। इससे विशेषकर गुरुग्राम, सोनीपत, फरीदाबाद और पंचकूला में विकास कार्यों को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हरियाणा निवास में आयोजित उच्चाधिकार प्राप्त क्रय समिति (एचपीपीसी) तथा हाई पावर्ड वर्क्स परचेज कमेटी (एचपीडब्ल्यूपीसी) की बैठक में बोलीदाताओं से मोलभाव कर 15.11 करोड़ रुपये बचाए गए। शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल, सहकारिता मंत्री डा. अरविंद शर्मा तथा लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) मंत्री रणबीर गंगवा की मौजूदगी में हुई बैठक में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के लिए 11 केवी पिल्फर रेजिस्टेंट मीटरिंग क्यूबिकल्स की आपूर्ति हेतु रेट कांट्रेक्ट को मंजूरी प्रदान की गई। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के लिए 11 केवी वीसीबी पैनल, इनकम एवं आउटगोइंग पैनल, कैपेसिटर कंट्रोल पैनल तथा सब-स्टेशन ट्रांसफार्मर पैनलों की खरीद की जाएगी। हरियाणा डेयरी विकास सहकारी प्रसंघ लिमिटेड द्वारा केंद्र सरकार की एनपीडीडी योजना के अंतर्गत पीपीपी मोड पर संचालित की जाने वाली प्रयोगशाला के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद को मंजूरी दी गई है। गुरुग्राम के सेक्टर-78 और 80 के मध्य मास्टर रोड एवं सर्विस रोड का निर्माण किया जाएगा। फरीदाबाद में सेक्टर-9, 10, 14, 15, 15ए, 16, 17, 18, 19, 29, 30, 31, 32, 34, 35 और 37 के ग्रीन बेल्ट तथा पार्कों के लिए छह माइक्रो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने, उनसे संबंधित आधारभूत ढांचे के निर्माण तथा संचालन एवं रखरखाव से जुड़े कार्यों को मंजूरी प्रदान की गई है। सोनीपत के कुंडली में सीवर लाइनें बिछाने एवं मैनहोल निर्माण, खरखौदा में वर्षा जल निकासी व्यवस्था एवं नालों के निर्माण, जीटी रोड से दीवान फार्म तक 65 मीटर चौड़ी सड़क के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण तथा कुंडली में 7.50 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट एवं मुख्य पंपिंग स्टेशन के निर्माण कार्यों को स्वीकृति दी गई है। पंचकूला में आधा दर्जन कार्यों को मंजूरी पंचकूला औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 एवं फेज-2 के लिए 20 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तथा 50 एमएलडी क्षमता के मुख्य पंपिंग स्टेशन के निर्माण, मौजूदा 67.5 एमएलडी क्षमता के मुख्य पंपिंग स्टेशन के सुदृढ़ीकरण, 15 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को बढ़ाकर 30 एमएलडी क्षमता तक करने तथा पिंजौर-कालका शहरी परिसर के सेक्टर-29 में 10 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट एवं मुख्य पंपिंग स्टेशन के निर्माण कार्य को मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामग्री की आपूर्ति गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तथा निर्धारित समयावधि में सुनिश्चित की जाए।  

सतलुज के पानी से हरियाणा में आई हरित क्रांति, 14,800 किमी नहर नेटवर्क ने बदली तस्वीर

 भिवानी आठ जुलाई 1954 को तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने भाखड़ा-नांगल परियोजना की सबसे बड़ी नहर का उद्घाटन किया था। तब शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि सतलुज का यह पानी आने वाले दशकों में हरियाणा की तकदीर बदल देगा। वर्ष 1966 में राज्य गठन के समय जहां खेती का बड़ा हिस्सा मानसून पर निर्भर था, वहीं आज हरियाणा देश के सबसे अधिक सिंचित और सर्वाधिक उत्पादक कृषि राज्यों में शामिल है। इस बदलाव की सबसे मजबूत कड़ी भाखड़ा नहर प्रणाली, पश्चिमी यमुना नहर और दक्षिण हरियाणा तक पहुंची जवाहरलाल नेहरू लिफ्ट कैनाल बनी हैं। हरियाणा आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25, स्टेट स्टैटिस्टिकल एब्स्ट्रैक्ट, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग और बीबीएमबी (भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड) के अनुसार प्रदेश में अब करीब 14,800 किलोमीटर लंबा नहर नेटवर्क है। इसके जरिए लगभग पूरे कृषि क्षेत्र को सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो रही इसके जरिए लगभग पूरे कृषि क्षेत्र को सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो रही है। सिरसा, फतेहाबाद, हिसार और भिवानी जैसे राजस्थान सीमा से लगे जिले हों या महेंद्रगढ़, रेवाड़ी और चरखी दादरी का दक्षिणी शुष्क क्षेत्र, यहां नहरों ने खेती, पेयजल और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल दी है। वर्ष 1966 के बाद सिंचाई सुविधाओं के विस्तार ने हरित क्रांति को गति दी। गेहूं और धान उत्पादन में कई गुना वृद्धि हुई, फसल सघनता बढ़ी, बागवानी और डेयरी को बढ़ावा मिला तथा ग्रामीण आय में लगातार सुधार हुआ। भले ही आजकल नहरों में पानी कम आ रहा है पर आज हरियाणा देश के केंद्रीय पूल में गेहूं और चावल देने वाले प्रमुख राज्यों में शामिल है। आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार प्रति व्यक्ति आय के मामले में हरियाणा देश के अग्रणी राज्यों में है। कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. विनोद फौगाट ने कहा कि हरियाणा की हरित क्रांति की असली ताकत भरोसेमंद सिंचाई रही और इसका सबसे बड़ा आधार भाखड़ा नहर प्रणाली है।भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड की भाखड़ा परियोजना उत्तर भारत की खाद्य सुरक्षा और कृषि समृद्धि की आधारशिला कही जा सकती है।  

PM मोदी 17 जुलाई को करेंगे बड़ा ऐलान, पहली हाइड्रोजन ट्रेन समेत कई मेगा प्रोजेक्ट्स राष्ट्र को समर्पित

जींद. पीएम नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के अलावा 4 मेडिकल कॉलेज, कटरा एक्सप्रेसवे, एलिवेटेड ट्रैक का उद्घाटन करेंगे। इनके अलावा भी कई प्रोजेक्ट का उद्घाटन-शिलान्यास हो सकता है। पीएम नए बस स्टैंड के सामने जनसभा को संबोधित करेंगे। उसी दिन उनके चंडीगढ़ व पंजाब में भी कई प्रोजेक्ट का लोकार्पण-शिलान्यास के कार्यक्रम हैं। मोदी 2014 विधानसभा चुनाव के 12 साल बाद जींद आएंगे। जनसभा में पर्यावरण संरक्षण, ईंधन बचाने का संदेश दिया जाएगा। भाजपा कार्यकर्ताओं से पैदल या साइकिल, ईवी, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से आने की अपील करेगी।   सिख संग्रहालय का वर्चुअली शिलान्यास होगा कुरुक्षेत्र में 'विरासत-ए-खालसा' की तर्ज पर 115 करोड़ से बनने वाले हरियाणा के पहले सिख संग्रहालय का वर्चुअली शिलान्यास होगा। हाइड्रोजन ट्रेन यह जींद-सोनीपत ट्रैक पर75 किमी. प्रति घंटे की स्पीड से चलेगी। इसमें 10 कोच हैं। प्रोजेक्ट की लागत 136 करोड़ है। पीएम हरी झंडी दिखाकर इसका शुभारंभ करेंगे। कटरा एक्सप्रेसवे 35 हजार करोड़ से 670 किमी. लंबा दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे बन रहा है। हरियाणा में 1,866 करोड़ से बने 135 किमी. हिस्से में 22 नवंबर 2024 को ट्रैफिक शुरू हुआ। वर्चुअली उद्घाटन होगा। यह झज्जर, सोनीपत, जींद, कैथल से गुजर रहा है। 2027 तक पूरा बनने पर दिल्ली से कटरा के 14 के बजाय 6 घंटे लेंगे। स्पीड लिमिट कार की 120, भारी वाहन की 80 किमी. प्रति घंटा है। एलिवेटेड ट्रैक 350 करोड़ से कुरुक्षेत्र में 6 किमी. में बने एलिवेटेड ट्रैक से 5 मुख्य रेलवे फाटक हट गए हैं। वर्चुअली उद्घाटन होगा। मेडिकल कॉलेज  नारनौल, भिवानी समेत 4 अलग-अलग जिलों में मेडिकल कॉलेजों का वर्चुअली लोकार्पण होगा, जहां मंत्री मौजूद रहेंगे। इससे जहां चिकित्सा सुविधाएं बढ़ेंगी, वहीं एमबीबीएस की सीटें भी बढ़ेंगी। यह जानकारी भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने दी।

चानौत जल आंदोलन तेज, 24 गांवों ने संभाली जिम्मेदारी, दो घंटे हाईवे रहा जाम

हांसी पेयजल की मांग को लेकर चल रहे चानौत के आंदोलन ने सोमवार को नया और निर्णायक मोड़ ले लिया। आंदोलनकारियों ने दोपहर एक बजे से तीन बजे तक हांसी-बरवाला मार्ग पर टेंट गाड़कर रोड जाम कर दिया, जिससे हाइवे पर दो घंटे तक वाहनों के पहिए थम गए सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। यातायात को वैकल्पिक मार्गों से निकाला गया, जबकि आंदोलन के बीच धरना समिति ने बड़ा एलान करते हुए कहा कि अब यह लड़ाई केवल चानौत की नहीं रहेगी, बल्कि रोघी और बूरा खाप के 24 गांव बारी-बारी से आंदोलन की जिम्मेदारी संभालेंगे। धरना समिति ने घोषणा की कि अब प्रतिदिन एक गांव पूरे आंदोलन का संचालन करेगा। जिस गांव की बारी होगी, उसी दिन उस गांव की पंचायत, महिला शक्ति और ग्रामीण धरनास्थल पर पहुंचकर व्यवस्था संभालेंगे। आंदोलन को लंबे समय तक मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। इसी को लेकर मंगलवार को 24 गांवों के सरपंचों और धरना समिति की संयुक्त बैठक भी बुलाई गई है, जिसमें आगे की रणनीति तय होगी। गांव में टी-कनेक्शन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने की मांग गांव में टी-कनेक्शन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने की मांग को लेकर 16 मई से आंदोलन लगातार जारी है। धरना समिति का कहना है कि उनकी मांग आज भी वही है और जब तक गांव को टी-कनेक्शन से पानी नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। समिति ने दावा किया कि सरकार चाहे जितना समय लगा दे, ग्रामीण पीछे हटने वाले नहीं हैं। धरना समिति के सदस्यों ने बताया कि आंदोलन को लगातार चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। पहले प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों पर उपायुक्तों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे गए। इसके बाद चार जुलाई को धरनास्थल से ट्रैक्टर मार्च निकाला गया और गांव के जलघर तक मानव श्रृंखला बनाकर विरोध दर्ज कराया गया। सोमवार का हाइवे जाम उसी आंदोलन की अगली कड़ी था। हाल ही में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने एनएचआइ से एनओसी नहीं मिलने का हवाला देते हुए भाखड़ा पाइप लाइन का कार्य रोक दिया था। इसके बावजूद ग्रामीणों का कहना है कि उनका संघर्ष पाइप लाइन के लिए नहीं, बल्कि टी-कनेक्शन के माध्यम से गांव को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए है। जाम के दौरान पुलिस और प्रशासन की टीम पूरे समय मौके पर मौजूद रही। अधिकारियों ने स्थिति पर लगातार नजर रखी ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। निर्धारित समय पूरा होने के बाद आंदोलनकारियों ने जाम समाप्त कर दिया, जिसके बाद हाइवे पर यातायात सामान्य हो सका। अब 24 गांव मिलकर लड़ेंगे पानी की लड़ाई धरना समिति के अनुसार अब रोघी और बूरा खाप के 24 गांव आंदोलन को नई मजबूती देंगे। हर दिन एक गांव धरनास्थल की पूरी जिम्मेदारी संभालेगा। उसी गांव के ग्रामीण, पंचायत और महिलाएं पूरे दिन आंदोलन का संचालन करेंगी। समिति का कहना है कि इस व्यवस्था से आंदोलन लगातार चलता रहेगा और सरकार पर समाधान निकालने का दबाव भी बढ़ेगा। मंगलवार को सभी 24 गांवों के सरपंचों की बैठक में इसकी विस्तृत रूपरेखा तय की जाएगी।  

रिश्वत के आरोप पर हरियाणा में बवाल, किसान ने XEN से की हाथापाई

टोहाना. दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के एक्सईएन कार्यालय में सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। गांव गाजूवाला निवासी देवेंद्र व अन्य लोगों ने एक्सईएन कृष्ण कुमार के साथ हाथापाई की और जबरन उनके हाथ में रुपये पकड़ाने की कोशिश की। खुद को बचाने के लिए एक्सईएन स्टाफ कार्यालय की तरफ भागे, लेकिन हमलावर वहां भी पहुंच गए। वहां एक अधेड़ ने एक्सईएन को बगल में दबाने का प्रयास किया। घबराए एक्सईएन लगातार स्टाफ से डायल 112 पर कॉल कर पुलिस बुलाने की गुहार लगाते रहे। इसके बाद अन्य कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर उन्हें छुड़वाया। किसान का आरोप : दलाल के जरिए मांगे दो लाख हमला करने वाले किसान देवेंद्र ने एक्सईएन पर एपी (कृषि पावर) कनेक्शन के लिए दो लाख रुपये मांगने का आरोप लगाया। देवेंद्र के अनुसार, उनका 2018 का कनेक्शन पेंडिंग है। पहले तीन लाख का एस्टीमेट बना, फिर बढ़ाकर सवा चार लाख कर दिया गया। एसई एसएस राय के रिवाइव करने के आदेश और पूरी राशि भरने के बाद भी कनेक्शन नहीं दिया गया, जिससे उन्हें 20 लाख का नुकसान हुआ है। देवेंद्र ने आरोप लगाया कि एक्सईएन अपने दलाल सुमित के जरिए काम करता है और छुट्टी के दिन उनके खेत में ड्रोन से फोटो व तहसीलदार से पैमाइश करवाई जा रही है। इस मामले में उन्होंने बिजली मंत्री अनिल विज और डीएचबीवीएन के एमडी को ईमेल भेजकर एक्सईएन को सस्पेंड करने और मंजूर हुए कनेक्शनों की जांच की मांग की है।