samacharsecretary.com

यात्रियों के लिए खुशखबरी: हरियाणा का यह रेलवे स्टेशन बनेगा हाईटेक, मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

हिसार रेलवे प्रशासन ने हिसार रेलवे स्टेशन की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अहम कदम उठाया है। स्टेशन को पूरी सुरक्षा में लाने के लिए करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है और कंस्ट्रक्शन के लिए टेंडर भी जारी कर दिए गए हैं। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। रेलवे प्रशासन ने स्टेशन परिसर को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए लगभग 2200 मीटर लंबी मजबूत बाउंड्रीवॉल बनाने का निर्णय लिया है। यह दीवार स्टेशन को बाहरी और अनधिकृत लोगों से सुरक्षित रखेगी। हिसार रेलवे स्टेशन की 2200 मीटर लंबी बाउंड्रीवॉल के लिए रेलवे ने 2 करोड़ 19 लाख रुपये की स्वीकृति दे दी है। दीवार बनने के बाद स्टेशन में प्रवेश केवल निर्धारित गेटों और प्लेटफॉर्म मार्गों से संभव होगा। इससे यात्रियों की आवाजाही नियंत्रित होगी और सुरक्षा कर्मियों के लिए निगरानी करना भी आसान हो जाएगा।

कुरुक्षेत्र से CM सैनी का बड़ा ऐलान, 7 हजार जरूरतमंद परिवारों को मिलेंगे 100 गज के प्लॉट

कुरुक्षेत्र कुरुक्षेत्र जिले के गांव प्रहलादपुर, बदरपुर और बणी में आयोजित धन्यवाद एवं जनसंवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 7 हजार भूमिहीन परिवारों को शीघ्र ही 100-100 गज के प्लॉट दिए जाएंगे, जिन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना से जोड़कर मकान निर्माण में सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के तहत 15 हजार से अधिक परिवारों को पहले ही 30 गज के प्लॉट दिए जा चुके हैं और अब पात्र लाभार्थियों को दूसरी किस्त में भी प्लॉट आवंटित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने युवाओं को आश्वस्त किया कि जल्द ही विभिन्न सरकारी विभागों में नई भर्तियां निकाली जाएंगी। मुख्यमंत्री ने गांव प्रहलादपुर, बदरपुर और बणी के लिए 21-21 लाख रुपये के विकास कार्यों की घोषणा की। प्रहलादपुर में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 47.46 लाख रुपये की पाइपलाइन योजना और बदरपुर में 43.31 लाख रुपये की योजना स्वीकृत की गई। इसके अलावा सामुदायिक सुविधाओं के विस्तार के लिए भी धनराशि मंजूर की गई। मुख्यमंत्री ने लाडो लक्ष्मी योजना का जिक्र करते हुए कहा कि अब दिख 1.40 लाख रुपये वार्षिक आय तक के परिवारों की महिलाएं भी इस योजना में आवेदन कर सकेंगी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत महिलाओं को 2100 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं और रोजाना हजारों नए आवेदन प्राप्त हो रहे हैं।

चंडीगढ़ विवाद पर बड़ा खुलासा: रणदीप सुरजेवाला बोले– ₹1 लाख करोड़ मिले तो हरियाणा पीछे हटेगा

चंडीगढ़ हरियाणा-पंजाब के बीच चंडीगढ़ को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला ने बड़ा बयान दिया है।  उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार हरियाणा को नई राजधानी बसाने के लिए एक लाख करोड़ रुपये का फंड दे दे तो हरियाणा चंडीगढ़ पर दावा छोड़ने को तैयार है। सुरजेवाला ने यह बात सेक्टर-35 स्थित कांग्रेस भवन में पत्रकारों से बातचीत में कही।   सुरजेवाला ने कहा कि चंडीगढ़ के मुद्दे पर हरियाणा की स्थिति पूरी तरह साफ है। पंजाब पुनर्गठन अधिनियम के तहत चंडीगढ़ का बंटवारा 60:40 के अनुपात में पंजाब और हरियाणा के बीच किया गया था। ऐसे में हरियाणा का चंडीगढ़ पर 40 प्रतिशत कानूनी और सांविधानिक अधिकार बनता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब यह अधिकार स्पष्ट रूप से मौजूद है, तो हरियाणा बिना किसी ठोस विकल्प के अपना हिस्सा क्यों छोड़े।  चंडीगढ़ से कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी की उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए, जिसमें तिवारी ने चंडीगढ़ को मूल रूप से पंजाब की राजधानी बताया था, सुरजेवाला ने कहा कि मनीष तिवारी अपने दृष्टिकोण से सही हो सकते हैं लेकिन हरियाणा का भी चंडीगढ़ में वैध हिस्सा है। उन्होंने दो टूक कहा कि अगर यह हिस्सा छोड़ने की बात होती है, तो हरियाणा को नई राजधानी बसाने के लिए एक लाख करोड़ रुपये देने होंगे।   नेशनल हेराल्ड मामले पर सुरजेवाला ने मोदी सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि नेशनल हेराल्ड आजादी की लड़ाई और स्वतंत्र पत्रकारिता का प्रतीक है जिसे मौजूदा सरकार बदले और नफरत की राजनीति के तहत खत्म करना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय को राजनीतिक हथियार बनाकर सोनिया गांधी और राहुल गांधी को निशाना बनाया गया। सुरजेवाला ने कहा कि अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि 2014 से 2021 तक न तो सीबीआई और न ही ईडी को कोई आपराधिक या मनी लॉन्ड्रिंग का मामला मिला। इसके बावजूद 2021 में जबरन केस दर्ज किया गया, जो कानून और संविधान दोनों के खिलाफ है। उन्होंने इसे लोकतंत्र और स्वतंत्र संस्थाओं पर सीधा हमला करार दिया।

नौकरी दिलाने के नाम पर 8 लाख हड़पे, यूनिवर्सिटी का नकली ज्वॉइनिंग लेटर बना ठगी का हथियार

कुरुक्षेत्र कुरुक्षेत्र में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 8 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक युवक ने यूनिवर्सिटी में लैब क्लर्क की नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाकर पीड़ित परिवार से मोटी रकम वसूल ली और बाद में फर्जी ज्वाइनिंग लेटर थमा दिया। मामले की शिकायत मिलने पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, कुरुक्षेत्र जिले में मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र के एक गांव के युवक को सरकारी नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया गया था। आरोपी विकास, जो पीड़ित परिवार की जान-पहचान का बताया जा रहा है, ने खुद को प्रभावशाली बताते हुए यूनिवर्सिटी में लैब क्लर्क पद पर नियुक्ति कराने का भरोसा दिलाया। इसी विश्वास के चलते पीड़ित परिवार आरोपी के झांसे में आ गया। 10 लाख की मांग, 8 लाख लिए शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने नौकरी लगवाने के एवज में 10 लाख रुपये की मांग की। बातचीत पक्की होने के बाद परिवार ने 5 लाख रुपये नकद दिए, जबकि 3 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए। कुछ दिनों बाद आरोपी ने पीड़ित युवक को ज्वाइनिंग लेटर सौंप दिया, जिसे देखकर परिवार को नौकरी लगने का यकीन हो गया।   जांच में फर्जी निकला ज्वाइनिंग लेटर  जब युवक ने नियुक्ति प्रक्रिया के संबंध में जानकारी जुटाई तो संदेह हुआ। जांच कराने पर सामने आया कि दिया गया ज्वाइनिंग लेटर फर्जी है। इसके बाद पीड़ित परिवार ने आरोपी से अपने पैसे वापस मांगे। आरोप है कि आरोपी ने पहले तो टालमटोल की और फिर दूसरी जगह नौकरी लगवाने का नया आश्वासन देकर समय खींचता रहा, लेकिन न तो नौकरी लगी और न ही रकम वापस की गई।    पुलिस में शिकायत, FIR दर्ज   आखिरकार पीड़ित परिवार ने थाना बाबैन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि लेन-देन से जुड़े दस्तावेज, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और फर्जी ज्वाइनिंग लेटर की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपी से पूछताछ कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।  लोगों को सतर्क रहने की अपील  पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि सरकारी नौकरी के नाम पर किसी भी प्रकार के दलालों या निजी व्यक्तियों के झांसे में न आएं। किसी भी भर्ती प्रक्रिया की जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइट और नोटिफिकेशन से ही प्राप्त करें। इस तरह के मामलों में समय रहते शिकायत दर्ज कराना जरूरी है, ताकि ठगी करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो सके।

लापरवाही पर गिरी गाज: रोहतक में ASI-कांस्टेबल निलंबित, SP सुरेंद्र भौरिया ने दिखाई सख्ती

रोहतक  रोहतक जिले के महम क्षेत्र की शहर चौकी में युवक से मारपीट के मामले में एएसआई और हवलदार को निलंबित कर दिया गया है। किशनगढ़ निवासी अक्षय ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिसकर्मी उसे किसी मामले के सिलसिले में बाइक पर बैठाकर चौकी ले गए, जहां उसे रातभर रोके रखा गया। अक्षय ने बताया कि चौकी में उसके साथ मारपीट की गई, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। खूब प्रताड़ित करने के बाद उसे अगले दिन छोड़ा गया। बाद में जब पीड़ित का मेडिकल कराया गया तो पैर में फ्रैक्चर होने की पुष्टि हुई।  इस मामले में पीड़ित ने डीएसपी महम और एसपी को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने एएसआई रोहतास और हवलदार कृष्ण को निलंबित कर दिया है। पुलिस प्रशासन ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। फिलहाल पुलिस इस मामले में जांच कर रही है। 

मुफ्त राशन बना सियासी मुद्दा: हरियाणा में 2 साल में 18 लाख परिवार BPL सूची से बाहर

चंडीगढ़ हरियाणा के बीपीएल कार्ड धारकों का मुद्दा उठने के बाद शुक्रवार को हरियाणा विधानसभा में मुफ्त राशन तथा बीपीएल कार्ड धारकों को लेकर हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा द्वारा सदन में यह मुद्दा उठाए जाने के बाद खाद्य आपूर्ति राज्य मंत्री राजेश नागर ने रिपोर्ट पेश की। इस पर बीबी बत्रा ने मुफ्त राशन योजना को स्कैंडल का नाम दिया तो मुख्यमंत्री नायब सैनी स्वयं फ्रंट पर आए और विपक्ष के सवालों का जवाब दिया।  इस मुद्दे पर कांग्रेस के कई विधायकों ने अपनी सीटों पर शोरगुल किया। कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा ने मुफ्त राशन श्रेणियों, लाभार्थियों तथा रद हुए राशन काड़ों के बारे में जानकारी मांगी। खाद्य  आपूर्ति राज्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश में बीपीएल के अंतर्गत 37 लाख 67 हजार 264 तथा अंत्योदय अन्न योजना के अंतर्गत तीन लाख एक हजार 700 राशन कार्ड हे बने बने हुए हैं। बत्रा ने इस जवाब पर असंतुष्टि जताते हुए कहा कि प्रदेश में चुनाव से पहले 51 लाख से अधिक कार्ड धारक थे। चुनाव के बाद इनकी संख्या गिरकर 40 लाख रह गई है। बत्रा ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान मुफ्त राशन के नाम पर बड़ा घोटाला हुआ है। उनके बयान पर आपत्ति पत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने मोर्चा संभाला और कहा कि कांग्रेस को सरकार खारिज कर चुकी है।

वंदे मातरम् को लेकर हरियाणा विधानसभा में बवाल, लंबी बहस और शोरगुल के बाद मुख्यमंत्री हुड्डा ने दिलाई सहमति

हरियाणा  हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान शुक्रवार को राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ पर शुरू हुई चर्चा ने सदन को सियासी अखाड़े में बदल दिया। शून्यकाल में उठी एक वैचारिक बहस कई घंटों के हंगामे के बाद दस कांग्रेस विधायकों के नेम, मार्शलों के साथ धक्का-मुक्की, नारेबाजी, और अंततः मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सहमति से सुलह तक पहुंची। विवाद की शुरुआत कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला के भाषण से हुई। उन्होंने ‘वंदे मातरम’ की हर पंक्ति को पर्यावरणीय संकट से जोड़ते हुए सवाल खड़े किए। सुरजेवाला ने भावुक लहजे में कहा- ‘जिस मां के दूध को जहर बना दिया, उसे प्रणाम करने का नैतिक अधिकार किसे है। आदित्य के भाषण पर परिवहन मंत्री अनिल विज ने कड़ी आपत्ति जताई। बहस तीखी हुई। बादली विधायक कुलदीप वत्स ने भाजपा को घेरा। शून्यकाल के बाद विधायक घनश्याम ने ‘वंदे मातरम’ पर चर्चा का प्रस्ताव रखा, जिसे स्पीकर हरविन्द्र कल्याण ने स्वीकार कर लिया। लंच के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चर्चा की शुरुअात की। सीएम ने ‘वंदे मातरम’ को सबके लिए वंदनीय, युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया और इसके ऐतिहासिक महत्व पर कहा कि एक दौर में पंडित जवाहरलाल नेहरू को भी इसकी गूंज से अपनी कुर्सी डोलती नजर आई। इतना सुनते ही कांग्रेस विधायक भड़क उठे। हुड्डा समेत कांग्रेस विधायक वेल में पहुंच गए, नारेबाजी शुरू हो गई और सदन की कार्यवाही ठप होने लगी। स्पीकर हरविन्द्र कल्याण ने नियमों के उल्लंघन पर कांग्रेस के दस विधायकों- कुलदीप वत्स, बलराम दांगी, इंदूराज भालू, अशोक अरोड़ा, गीता भुक्कल, शंकुलता खटक, जस्सी पेटवाड़, देवेंद्र हंस, नरेश सेलवाल और विकास सहारण को नेम कर दिया। इसके बावजूद विधायक नहीं उठे, तो स्पीकर ने मार्शल बुलाने के निर्देश दिए। इस दौरान जस्सी पेटवाड़, विकास सहारण, बलराम दांगी और नरेश सेलवाल को मार्शलों ने जबरन बाहर निकाला।संसदीय कार्य मंत्री महिपाल ने कांग्रेसियों के हंगामे पर कहा कि वंदे मातरम पर सही और दुरुस्त जानकारी देना सदन का फर्ज है। सहकारिता मंत्री अरविंद शर्मा ने कहा कि विरोध हो, लेकिन कोई वेल में न पहुंचे, ऐसे प्रबंध हों। कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने तंज कसा- ‘वेल में आना एक फैशन बन चुका है।’नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने संसदीय परंपराओं का हवाला देते हुए लंबी बहस के बाद मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि नेम किए गए विधायकों को वापस बुलाया जाए। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने भी स्पीकर से अनुरोध किया। इसके बाद स्पीकर ने सभी कांग्रेस विधायकों को सदन में बुला लिया और कई घंटों बाद सदन में शांति लौटी। 150 साल का मंत्र, 75 साल का संविधान मुख्यमंत्री ने ‘वंदे मातरम’ को सिर्फ गीत नहीं, सांस्कृतिक प्रतिकार बताया। उन्होंने कहा कि 1875 में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह मंत्र स्वाधीनता आंदोलन की आत्मा बना। 1905 के स्वदेशी आंदोलन से लेकर 1947 तक इसने बलिदान, त्याग और तपस्या की ज्वाला जगाई। 15 अगस्त, 1947 को पंडित ओंकार नाथ ठाकुर के गायन से देश भावुक हुआ। सीएम ने कहा- ‘यदि वंदे मातरम की भावना न होती, तो हम आज इस सदन में न होते।’ हुड्डा का तंज- अब भाजपा वाले सिखाएंगे वंदे मातरम सीएम की टिप्पणी पर भाजपा विधायकों की ओर से उठाए जा रहे सवालों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि 16 फरवरी, 1921 को रोहतक में महात्मा गांधी, लाला लाजपत राय और मौलाना आजाद आये। उस ऐतिहासिक सभा में 25,000 लोग जुटे थे, जिसकी अध्यक्षता मेरे दादा चौ. मातूराम ने की थी। मेरे दादाजी, मेरे पिताजी ने वंदे मातरम कहा और मैं भी गर्व से वंदे मातरम कहता हूं। मुझे गर्व है कि वंदे मातरम को उस संविधान सभा ने राष्ट्रगीत के रूप में अपनाया, जिसमें मेरे पूजनीय पिताजी चौ. रणबीर सिंह हुड्डा सदस्य थे। अब क्या भाजपा वाले हमें वंदे मातरम सिखाएंगे?

कैंरावाली में दिनदहाड़े फायरिंग: पूर्व सरपंच के भाई को बनाया निशाना, एक बदमाश काबू, दो गाड़ियां बरामद

ऐलनाबाद  हरियाणा के सिरसा जिले के नाथूसरी चौपटा क्षेत्र के गांव कैंरावाली में गत देर रात उस समय सनसनी फैल गई, जब पूर्व सरपंच के भाई पर गोली चला दी गई। गनीमत रही कि गोली किसी को नहीं लगी और पीड़ित बाल-बाल बच गया। परिजनों ने तत्परता दिखाते हुए एक आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया, जबकि दो अन्य आरोपी अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी छोड़कर पैदल ही फरार हो गए। सूचना मिलने पर चौपटा पुलिस मौके पर पहुंची और एक आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। गांव कैंरावाली निवासी पूर्व सरपंच के भाई सुरेश कुमार पुत्र राम सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि बीती रात करीब साढ़े 12 बजे तीन व्यक्ति एक गाड़ी में सवार होकर उनके घर पहुंचे। रात के समय गाड़ी आने और दरवाजा खटखटाने से परिवार के सदस्य जाग गए। जब सुरेश कुमार ने दरवाजा खोला तो आदमपुर निवासी राजकुमार ने उनसे गांव माखो सरानी जाने का रास्ता पूछा। बताया गया कि बातचीत के दौरान अचानक राजकुमार ने पिस्तौल निकालकर गोली चला दी। गोली सुरेश कुमार को नहीं लगी और वह बाल-बाल बच गए। गोली चलने की आवाज सुनते ही घर के अन्य सदस्य और आसपास के लोग बाहर आ गए। शोर मचने पर आरोपी घबरा गए। इसी दौरान परिजनों ने हिम्मत दिखाते हुए राजकुमार को पकड़ लिया, जबकि उसके साथ आए दो अन्य आरोपी मौके से पैदल ही भाग निकले। फरार होते समय आरोपी अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी वहीं छोड़ गए। घटना की सूचना तुरंत चौपटा पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। पुलिस ने मौके से स्कॉर्पियो गाड़ी को कब्जे में लिया है। पकड़े गए आरोपी राजकुमार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में पुलिस हमले के पीछे की वजह और आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि आरोपी को पकड़ने के दौरान ग्रामीणों और परिजनों द्वारा उसकी पिटाई कर दी गई, जिससे वह घायल हो गया। इसके बाद पुलिस ने घायल आरोपी राजकुमार को चौपटा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती करवाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए सिरसा रेफर कर दिया गया। चौपटा थाना के एएसआई अशोक कुमार ने बताया कि इस संबंध में नाथुसरी चोपटा थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। फरार आरोपियों की तलाश की जा रही हैं। गांव में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना दोबारा न हो।

ED की बड़ी कार्रवाई: BJP नेता के घर से 2 करोड़ रुपये, 6 किलो सोना और 300 किलो चांदी जब्त

पानीपत  हरियाणा के पानीपत में ईडी की टीम ने भाजपा नेता के घर पर रेड डाली है. डंकी रूट से अमेरिका भेजने के आरोपों में ईडी की टीम ने पानीपत में दस्तक दी, इस दौरान अहर-कुराना गांव में भाजपा नेता बलवान शर्मा, पंचायत सचिव प्रवीण उर्फ फोर्ड व एजेंट प्रदीप के कई ठिकानों पर छापे मारे गए. बताया जा रहा है कि ईडी ने इन ठिकानों से 2 करोड़ से ज्यादा की नकदी, 300 किलो चांदी, 6 किलो सोना और संपत्तियों के दस्तावेज जब्त किए हैं. साथ ही लैपटॉप, कंप्यूटर और रिकॉर्ड कब्जे में लिए हैं. पंचायत सचिव प्रवीण उर्फ फोर्ड, खेल कोटे से सरकारी नौकरी में आया और वह सर्कल कबड्डी खिलाड़ी रहा है. जांच में पता चला है कि आरोपी मेक्सिको के रास्ते अमेरिका भेजने के लिए प्रॉपर्टी या जमीन के कागजात गिरवी रखवाता था. इससे पैसा पक्का रहता और कोई भाग नहीं सकता था. गौरतलब है कि ईडी ने  हरियाणा के पानीपत, पिहोवा और पंजाब, दिल्ली समेत 13 व्यावसायिक और आवासीय परिसरों पर छापेमारी की. ईडी की जालंधर जोनल ऑफिस की अलग-अलग टीमों ने रिची ट्रैवल्स (जालंधर), तरुण खोसला (दिल्ली), बलवान शर्मा (पानीपत) से जुड़े व्यवसायिक और आवासीय परिसरों में तलाशी ली. ये कार्रवाई उन सूचनाओं के आधार पर की गई, जिनमें 330 भारतीयों को फरवरी 2025 में अमेरिका की ओर से भारता भेजा गया था. कुरुक्षेत्र में भी मारी थी रेड इससे पहले, कुरुक्षेत्र में भी ईडी की टीम ने रेड मारी थी और पिहोवा का एजेंट फरार हो गया था. बताया जा रहा है कि पिछले महीने एजेंट विशाल चावला के घर चोरी हुई थी और घर से करीब 5 लाख रुपए, विदेश करेंसी और ज्वैलरी चुराई गई थी. वहीं, रेड से पहले एजेंट के फरार होने का शक है.ईडी की रेड में हिमाचल, हरियाणा और पंजाब के आरोपी रडार पर हैं.

CAG का विपक्षी हमला: हरियाणा विधानसभा में कल होगी सैनी सरकार पर अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा

 चंडीगढ़ हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस की ओर से नायब सैनी सरकार के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस को अब औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया गया है. विधानसभा स्पीकर हरविंदर कल्याण ने कांग्रेस के नोटिस को मंजूरी देते हुए इस प्रस्ताव को सदन की कार्यसूची में शामिल कर लिया है. इसके साथ ही यह तय हो गया है कि कल यानि शुक्रवार को विधानसभा में इस प्रस्ताव पर चर्चा होगी. यह कदम कांग्रेस की ओर से राज्य सरकार के खिलाफ विरोध स्वरूप उठाया गया है. विपक्षी दल कांग्रेस ने वर्तमान सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली पर गंभीर आपत्तियां जताई हैं और उन्हें कारण बताते हुए अविश्वास प्रस्ताव रखा है. इससे पहले कांग्रेस ने कई बार सरकार की आलोचना की थी, लेकिन अब इसे आधिकारिक तौर पर विधानसभा में चर्चा के लिए प्रस्तुत किया गया. स्पीकर के द्वारा इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिए जाने के बाद प्रदेश की राजनीतिक स्थिति में तनाव की संभावना जताई जा रही है. विधानसभा में इस प्रस्ताव पर जोरदार बहस होगी, जिसमें दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलें प्रस्तुत करेंगे. इसके बाद हुए मतदान के परिणाम से यह स्पष्ट हो जाएगा कि वर्तमान सरकार को विधानसभा का समर्थन प्राप्त है या नहीं. राज्य की राजनीति में यह एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है, क्योंकि अविश्वास प्रस्ताव सदन के प्रति सदस्यों के विश्वास की परीक्षा होता है. वहीं, सैनी सरकार और उसके समर्थक विपक्ष के इस कदम को राजनीतिक रुपरेखा में देखा जा रहा है. सरकार ने इस प्रस्ताव को केवल राजनीतिक दांव-बाजी करार दिया है और कहा है कि वे विधानसभा में इसका मुकाबला मजबूती से करेंगे.  हरियाणा में साल 2024 में विधानसभा चुनाव हुआ, जिसमें बीजेपी को लगातार तीसरी बार जीत मिली थी. 90 सीटों वाले प्रदेश में बीजेपी ने 48, कांग्रेस ने 37 और इंडियन नेशनल लोकदल ने 2 और निर्दलीय ने तीन सीटें जीती थीं.