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न्याय की दिशा में बड़ा कदम: 1984 सिख दंगा पीड़ित परिवारों को सरकारी नौकरी का मौका, जानें अंतिम तारीख

रेवाड़ी हरियाणा सरकार ने वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों में अपने परिजनों को खोने वाले सिख समुदाय के परिवारों के प्रति संवेदनशील रुख अपनाते हुए एक महत्वपूर्ण पहल की है। सरकार ने ऐसे पीड़ित परिवारों के आश्रितों को सरकारी नौकरी देने का निर्णय लिया है, जिससे वर्षों से न्याय और पुनर्वास की प्रतीक्षा कर रहे परिवारों को सम्मानजनक आजीविका का अवसर मिल सके। इस संबंध में उपायुक्त कार्यालय, रेवाड़ी द्वारा जिले के सभी ऐसे नागरिकों से अपील की गई है जो वर्ष 1984 के सिख दंगों से प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित रहे हों और जिनके परिवार के किसी सदस्य की उन दंगों में मृत्यु हुई हो।  ऐसे सभी पात्र एवं प्रभावित परिवारों से आग्रह किया गया है कि वे 18 दिसंबर तक अपनी संपूर्ण जानकारी उपायुक्त कार्यालय, रेवाड़ी की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर अवश्य भेजें, ताकि समय रहते संकलित सूचना सरकार को प्रेषित की जा सके और सरकारी नौकरी प्रदान करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।  उपायुक्त कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि इस जानकारी का उद्देश्य केवल प्रभावित परिवारों की पहचान करना तथा सरकार तक सही एवं प्रमाणिक विवरण पहुंचाना है। इसके तहत संबंधित व्यक्ति या उनके परिजन को अपना नाम, पता, संपर्क विवरण, दंगों से संबंधित संक्षिप्त विवरण तथा मृत्यु से जुड़े उपलब्ध दस्तावेज (यदि हों) साझा करने होंगे, ताकि सत्यापन की प्रक्रिया सरल और पारदर्शी ढंग से पूरी हो सके।  हरियाणा सरकार का यह निर्णय 1984 के दंगों में जान गंवाने वाले निर्दोष नागरिकों की स्मृति को सम्मान देने के साथ-साथ उनके परिजनों के पुनर्वास की दिशा में एक सकारात्मक और मानवीय कदम माना जा रहा है। जिला प्रशासन ने अपील की है कि रेवाड़ी जिले में निवासरत कोई भी पात्र परिवार निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी जानकारी अवश्य साझा करे, ताकि कोई भी योग्य परिवार इस लाभ से वंचित न रह जाए। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त सूचनाओं पर कार्रवाई संभव नहीं होगी, इसलिए समय रहते जानकारी भेजना आवश्यक है।

राशन वितरण में गड़बड़ी उजागर: सीएम फ्लाइंग की कार्रवाई, डिपो से मिली 50 किलो अतिरिक्त चीनी

फरीदाबाद एनआईटी विधानसभा क्षेत्र की पर्वतीय कॉलोनी स्थित चाचा चौक के पास सरकारी राशन डिपो पर देर शाम सीएम फ्लाइंग और फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट की संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण किया। डिपो पर स्टॉक में गड़बड़ी और लाभार्थियों को कम राशन दिए जाने की शिकायत मिलने के बाद टीम जांच के लिए मौके पर पहुंची। निरीक्षण के दौरान विभागीय रिकॉर्ड से मिलान किया गया, जिसमें गेहूं और सरसों का तेल निर्धारित स्टॉक के अनुसार पाया गया, लेकिन चीनी का स्टॉक 50 किलो अधिक मिला। जब टीम ने डिपो संचालक मोहर सिंह से अतिरिक्त चीनी के संबंध में पूछताछ की तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इस पर फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट ने तुरंत डिपो संचालक को नोटिस जारी कर दिया और डिपो के संचालन पर रोक लगा दी। फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट के इंस्पेक्टर संदीप कुमार ने बताया कि इस डिपो को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें मिल चुकी थीं कि लाभार्थियों को निर्धारित मात्रा से कम राशन दिया जाता है। इन्हीं शिकायतों के आधार पर सीएम फ्लाइंग की टीम के साथ संयुक्त कार्रवाई की गई। जांच में अनियमितता पाए जाने पर डिपो को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है और पूरे स्टॉक का विवरण मांगा गया है। इंस्पेक्टर संदीप कुमार ने बताया कि अब इस डिपो को आसपास के किसी अन्य सरकारी राशन डिपो के साथ अटैच कर दिया जाएगा, ताकि इस डिपो से जुड़े लाभार्थियों को राशन मिलने में कोई परेशानी न हो। संबंधित उपभोक्ता अब निर्धारित वैकल्पिक डिपो से जाकर अपना राशन प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि मामले की पूरी रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर डिपो संचालक के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने सभी राशन डिपो संचालकों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई भी संचालक राशन वितरण में गड़बड़ी करता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इंस्पेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा राशन वितरण के लिए समय सीमा निर्धारित की गई है। सर्दियों में शाम 7 बजे तक और गर्मियों में रात 8 बजे तक ही राशन वितरण किया जाना है। इसके बावजूद कई डिपो संचालक देर रात 9–10 बजे तक राशन बांटते पाए जाते हैं, जो नियमों का उल्लंघन है। यदि कोई डिपो संचालक तय समय सीमा के बाद राशन वितरित करता पाया गया, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।    

हांसी को बड़ी सौगात: CM सैनी करेंगे 288 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण, जिला बनने की अटकलें तेज

हांसी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी हांसी को देंगे 288 करोड़ रुपए लागत की पांच बड़ी विकास परियोजना की सौगात दे सकते हैं। आज विकास रैली में मुख्यमंत्री 288 करोड रुपए लागत की पांच विकास परियोजना का उद्घाटन एवं शिलान्यास करेंगे। इनमें 10 करोड़ 84 लाख रुपए लागत का मल्टीपरपज हॉल, 200 करोड़ रुपए लागत से बनने वाली पुलिस लाइन , 61 करोड़ 44 लाख रुपए लागत की बरवाला ब्रांच से हांसी शहर के लिए पानी प्रबंधन परियोजना का शिलान्यास तथा डंडेरी गांव में नवनिर्मित 33 के. वी. बिजली सब स्टेशन व लोहारी राघो गांव में 8 करोड़ 44 लाख रुपए लागत से बने इतनी ही क्षमता के बिजली सब स्टेशन का उद्घाटन करेंगे।  

रेलूराम परिवार हत्याकांड में नया मोड़: दोनों अपराधियों की रिहाई के बाद भतीजे ने प्रशासन से सुरक्षा की गुहार

हिसार घरेलू राम हत्याकांड मामले में ही मनाने के दोनों अपराधियों को दो महीने की अंतरिम ज़मानत दी गई है। रेलूराम पूनिया के भतीजे जितेंद्र ने कहा कि सोनिया व संजीव ने 2001 वे जो हत्या नहीं की थी उन्हें फाँसी की सजा सुनाई गई थी। देरी होने की वजह से इनकी फाँसी की सज़ा टाल दी गई थी अब इन्हें दो महीने की रिहाई दी गई है। जेल से बाहर आने के बाद एक बार फिर किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं जिसका हमें डर है। हमारे परिवार के ऊपर ये हमला कर सकते हैं। जितेंद्र ने कहा कि अब हम सुप्रीम कोर्ट में जाएंगे हम प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हैं कि हमें सुरक्षा प्रदान की जाए। उन्होंने बताया कि कल हमारे घर के पास लोगों से भरी हुई दो गाड़ियां आयी थी जिसमें हथियार रखे हुए थे। हिसार के पुलिस अधीक्षक से मिलकर हम सुरक्षा की माँग करेंगे। एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल ने बताया कि प्रभुवाला ग्राम हत्याकांड मामला 23 अगस्त 2001 का है जिसमें तत्कालीन विधायक रेलु राम की बेटी व दामाद ने रेलु राम उनकी पत्नी सहित आठ लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस केस की सुनवाई हिसार की ट्रायल कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक गई थी जहाँ उन्होंने उन्हें फाँसी की सजा सुनाई गई थी। संजीव पर सोनिया ने अपनी फाँसी के लिए दया याचिका दाख़िल की थी जिसे तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा देवीसिंह पाटिल का प्रणब मुखर्जी ने ख़ारिज कर दिया था। दया याचिका में देरी होने को कारण मानते हुए सुप्रीम कोर्टने फाँसी को उम्रक़ैद में बदल दिया था।  लाल बहादुर कोवान ने बताया कि दोनों अपराधियों ने जेल में रहते हुए भी अनेक अपराध किए हैं इसकी वजह से इनके ऊपर एफ़आइआर भी दर्ज की गई थी। 2024 में दोनों ही अपराधियों ने हाईकोर्ट में प्रीमैच्योर रिहाई के लिए पिटीशन दायर की थी। ।उसमें अब दोनों को दो महीने की अंतरिम ज़मानत दी गई है। अब परिवार की तरफ़ से सुप्रीम कोर्ट में SLP डालने की तैयारी की जा रही है। एडवोकेट लाल बहादुर को वाल ने कहा कि परिवार की तरफ़ से बताया गया है कि कुछ संदिग्ध लोग हथियारों के साथ दो गाड़ियों में बैठकर घर तक पहुँचे थे।यह एक बड़ा गंभीर मामला है और उन्हें सुरक्षा मुहैया करवाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अभी दोनों अपराधियों को दो महीने की अंतरिम ज़मानत मिली हैं।दो महीने बाद पाँच लोगों की कमेटी फ़ैसला लेगी कि इन्हें पूर्ण रिहाई दी जाए या नहीं। उन्होंने कहा कि रेल व हत्याकांड मामले को लेकर लोगों में 2001 में भी रोष था और आज भी रोष है।

ज्वेलर ने DSP पर लगाए सनसनीखेज आरोप, ACB में दी शिकायत, जान का खतरा बताया

फतेहाबाद फतेहाबाद के व्हिसल ब्लोअर ज्वेलर ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने डीएसपी व उसके रीडर के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो को शिकायत दी है। आरोप है कि पुलिस उसके घर व दुकान की रैकी कर रही है। उसे डरा रहे है कि पुलिस कभी भी मरवा सकती है। मीडिया से बातचीत में भूना निवासी ज्वेलर नरेश सोनी ने बताया कि डीएसपी की तरफ से उसके पास नोटिस आया कि आपके खिलाफ भागुराम ने शिकायत दे रखी है। यह शिकायत उस मामले को दबाने के लिए दिलवाई गई है, जिसमें उन्होंने डीएसपी संजय बिश्नोई के भ्रष्टाचार का मामला उठाया था।   उस मामले को दबाने के लिए पुलिस ऐसे फर्जी शिकायतें लेकर उसको परेशान कर रही है। जिसने शिकायत दी है, उसी ने डीएसपी के रीडर तक पैसे पहुंचाए थे। इस मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो थाने में रीडर पर केस भी दर्ज हो चुका है। इस मामले की हाईकोर्ट में 18 दिसंबर को सुनवाई है। उससे पहले उस पर दबाव डालकर मामला निपटाने की कोशिश की जा रही है। सिलसिलेवार जानिए नरेश सोनी और पुलिस में खींचतान के मामले  राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण को शिकायत दी: 17 अप्रैल 2023 को भूना निवासी ज्वेलर नरेश सोनी के खिलाफ क्रिकेट मैच सट्‌टा बुकी चलाने के आरोप में केस दर्ज किया गया था। इसके बाद इस केस को चैलेंज करते हुए नरेश सोनी ने राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण को शिकायत की थी। उस मामले की जांच के बाद प्राधिकरण ने तत्कालीन सीआईए इंस्पेक्टर सहित आठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की सिफारिश की थी। इन पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज करने की सिफारिश: प्राधिकरण ने डीएसपी को चेतावनी जारी करने की सिफारिश का फैसला सुनाया था। प्राधिकरण ने तत्कालीन सीआईए इंस्पेक्टर कपिल सिहाग, एएसआई प्रवीण कुमार, एएसआई रामअवतार, एचसी गुरपान सिंह, एचसी रोहताश कुमार, ईएचसी सुभाष चंद्र, कॉन्स्टेबल कमलदीप व कॉन्स्टेबल सतीश के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की सिफारिश की थी। डीएसपी व रीडर पर लगाया था भ्रष्टाचार का आरोप ज्वेलर नरेश सोनी ने एससी-एसटी एक्ट का केस रद्द करने के लिए डीएसपी संजय बिश्नोई और उनके रीडर दर्शन लाल पर रिश्वत लेने के आरोप लगाए थे। इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो को दी थी। इस मामले में एसीबी के हिसार थाने में रीडर दर्शनलाल पर केस दर्ज हुआ था। डीएसपी संजय बिश्नोई से भी पूछताछ की गई थी। एक महीने पहले किया था सोनी पर केस दर्ज वहीं, भूना पुलिस ने करीब तीन साल पुरानी शिकायत के आधार पर एक महीने पहले नरेश सोनी के खिलाफ गैंबलिंग एक्ट में केस दर्ज कर लिया। इसके बाद स्वर्णकार समाज ने भूना थाने पहुंच कर रोष भी जताया था। एफआईआर रद्द करने की मांग उठाई गई थी।  

‘हरियाणा को मिले कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की सह-मेज़बानी’—संसद में सांसदों ने उठाई मांग

नई दिल्ली देश में खेलों का पावरहाउस माने जाने वाले हरियाणा को कॉमनवेल्थ खेल 2030 का सह-मेज़बान राज्य (Co-host state) बनाने की मांग को लेकर आज संसद परिसर में जोरदार प्रदर्शन हुआ। सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में, हरियाणा के कई सांसदों ने हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार से खेल आयोजन में हरियाणा की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की। सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि प्रदर्शन में उनके साथ सांसद जय प्रकाश, सांसद वरुण मुलाना, और सांसद श्रवण कुमार ब्रह्मचारी भी शामिल थे। इस दौरान मांग की गई कि  कॉमनवेल्थ खेल 2030, जिसकी मेजबानी हाल ही में भारत को मिली है, उसमें हरियाणा को सह-मेज़बान राज्य के रूप में शामिल किया जाए। साथ ही, राज्य के खेल अवसंरचना (Sports Infrastructure) को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा पर्याप्त बजट आवंटित किया जाए।   सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने लोकसभा में भी इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि हरियाणा देश की कुल आबादी का मात्र तीन फीसदी है, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय खेलों में यह भारत के लिए लगभग 50 प्रतिशत मेडल दिलाता है। उन्होंने इस आयोजन की मेज़बानी से हरियाणा को बाहर रखने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे राज्य के खिलाड़ियों के साथ "अन्याय और उनके अद्वितीय योगदान का अपमान" बताया।   यह मांग ऐसे समय में आई है जब भारत को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी मिली है, जिसके लिए अहमदाबाद को प्रमुख मेज़बान शहर के रूप में औपचारिक मंजूरी मिली है। हरियाणा के सांसदों का कहना है कि राज्य की खेल प्रतिभा और मौजूदा खेल सुविधाओं को देखते हुए, उसे सह-मेज़बान बनाना देश के हित में होगा।

दिल्ली की जहरीली हवा ने छीने 2 साल! RBI ने 4 साल के आंकड़ों से खोली सच्चाई

नई दिल्ली  उत्तर भारत के शहरों में सांस लेना अब महंगा पड़ रहा है। दिल्ली और पंजाब जैसे राज्यों में प्रदूषण की वजह से लोगों की औसत आयु लगातार घट रही है। आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले चार वर्षों में दिल्ली में लोगों की औसत आयु 1.7 साल कम हो गई है। विशेषज्ञ प्रदूषण के साथ पानी और बदलती जीवनशैली को इसका मुख्य दोषी मान रहे हैं। वहीं, कुछ राज्यों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और सुधरी जीवनशैली ने जीवन प्रत्याशा बढ़ाई है। हाल में केंद्रीय बैंक ने सांख्यिकी पुस्तिका 2024-25 में औसत आयु से जुड़े आंकड़े जारी किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2015-19 के मुकाबले 2019-23 में दिल्ली में 1.7 साल और पंजाब में दो साल औसत आयु कम हुई। वहीं, हरियाणा में औसत उम्र 1.1 वर्ष कम हो गई। इस तरह, औसत आयु में गिरावट के मामले में पंजाब के बाद दूसरे स्थान पर दिल्ली है। हालांकि, इस अवधि के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर औसत आयु 0.6 साल बढ़ गई है। राष्ट्रीय स्तर पर औसत आयु 70.3 वर्ष की है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होने और जीवनशैली में सुधार से यूपी, बिहार और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में औसत आयु में वृद्धि दर्ज की गई है। केरल में औसत आयु बेहतर : रिपोर्ट के अनुसार, केरल में औसत आयु सबसे अधिक 75.1 वर्ष है। सबसे कम औसत आयु छत्तीसगढ़ में 64.6 वर्ष है। हालांकि, 2019 के बाद से लगातार औसत आयु में गिरावट के बाद भी दिल्ली में लोगों की उम्र यूपी, पंजाब समेत अन्य राज्यों से अधिक है। लेकिन रिपोर्ट के अनुसार, सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि बीते पांच-छह वर्षों से लगातार औसत उम्र कम हो रही है। हरियाणा में पांच वर्षों में बढ़ोतरी हुई आरबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, हरियाणा में वर्ष 2019-22 के बीच औसत आयु 68.6 वर्ष की थी, जो वर्ष 2019-23 में 68.8 वर्ष हो गई। यानी बीते पांच वर्षों में हरियाणा में लोगों की औसत आयु में 0.2 वर्ष की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यूपी में औसत आयु सबसे अधिक बढ़ी उत्तर प्रदेश के लोगों की औसत आयु 65.6 वर्ष से बढ़कर 68.0 वर्ष हो गई है। यह पूरे देश में सबसे अधिक है। उत्तर प्रदेश में 2015-2019 से वर्ष 2019-2023 के बीच औसत आयु 2.4 वर्ष बढ़ी है। उत्तराखंड में 70.6 वर्ष से बढ़कर 71.3 वर्ष हो गई है। बिहार में औसत आयु 69.2 से बढ़कर 69.3 वर्ष हो गई है। कई अन्य रिपोर्ट में दावा हाल में जारी शिकागो विश्वविद्यालय की 2025 की रिपोर्ट में भी दावा किया गया है कि भारत में वायु प्रदूषण से औसत उम्र 3.5 साल तक घट रही है। अधिकांश आबादी विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों से ज्यादा प्रदूषित हवा में रहती है। इससे हृदय रोग, सांस संबंधी बीमारियां, कैंसर का खतरा बढ़ता है। प्रदूषण कम हो तो जीवन प्रत्याशा बढ़ सकती है, खासकर दिल्ली जैसे शहरों में जो जहरीली हवा से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। डॉ. संजय राय, प्रोफेसर, कम्युनिटी मेडिसिन, एम्स, ''मौजूदा दौर में जीवनशैली के साथ हवा, भोजन-पानी सब प्रदूषित हो चुका है। हवा और पानी में ऐसे कैंसर कारक तत्व मिले हैं, जिसे कम उम्र में कैंसर हो रहा है। इसलिए प्रदूषण भी जीवन प्रत्याशा कम होने का कारण हो सकता है।''

डांस फ्लोर बना रणक्षेत्र: शादी समारोह में महिला डांसर से बदसलूकी, युवक की जमकर पिटाई

नूंह  नूंह जिले में शादी से पहले आयोजित डांस कार्यक्रमों को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। पल्ला गांव में सोमवार देर रात आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान महिला डांसर से अभद्रता की कोशिश के आरोप के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस घटना में एक युवक को मौके पर मौजूद कुछ युवकों ने पकड़कर लाठियों से पीट दिया। पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम में मेवात की प्रसिद्ध महिला डांसर और बॉलीवुड सिंगर सलमान अली प्रस्तुति देने पहुंचे थे। देर रात तक चले कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। इसी दौरान कथित तौर पर एक युवक ने स्टेज पर महिला डांसर के साथ अभद्र व्यवहार करने की कोशिश की। स्थिति बिगड़ते देख वहां मौजूद कुछ युवकों ने आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस की मौजूदगी के बावजूद उसकी लाठियों से पिटाई कर दी।   वायरल वीडियो में युवक को जमीन पर गिराकर लाठियों से पीटते हुए साफ देखा जा सकता है। वहीं, महिला डांसर को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए उसके साथियों ने दीवार फांदकर उसे वाहन में बैठाया और वहां से ले गए। घटना के दौरान कार्यक्रम स्थल पर पुलिस तैनात थी, इसके बावजूद हिंसा होने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले 16 नवंबर को तावड़ू उपमंडल के पचगांव गांव में भी शादी से पहले आयोजित डांस कार्यक्रम में महिला डांसर से छेड़छाड़ का मामला सामने आया था, जिसका वीडियो वायरल होने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हुई थी। हालांकि, उस मामले में भी कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ था। बताया जा रहा है कि पल्ला गांव के इस कार्यक्रम को लेकर कुछ धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने पहले ही आपत्ति जताई थी और इसे सामाजिक बुराई बताते हुए रोकने की कोशिश की थी, लेकिन इसके बावजूद कार्यक्रम आयोजित किया गया। रातभर चले आयोजन में युवाओं की भारी भीड़ जुटी रही। सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग ऐसे कार्यक्रमों को सामाजिक समस्याओं से जोड़ रहे हैं, जबकि कुछ इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मुद्दा बता रहे हैं। एक महीने के भीतर मेवात क्षेत्र में महिला डांसरों से जुड़ी छेड़छाड़ की यह दूसरी घटना सामने आने से बहस और गहरा गई है। पुलिस की ओर से अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। न ही यह स्पष्ट है कि किसी की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई है या नहीं। आरोपी युवक की पहचान भी फिलहाल नहीं हो सकी है।

बाजरा किसानों की बल्ले-बल्ले! हरियाणा सरकार ने खातों में डाले 380 करोड़ रुपये

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बताया कि सरकार ने भावांतर भरपाई योजना के तहत 380 करोड़ रुपए बाजरा उत्पादक किसानों के लिए जारी किए हैं। किसानों की समृद्धि के बिना प्रदेश में खुशहाली नहीं आ सकती, इसलिए किसान हित सरकार के लिए सर्वोपरि हैं। किसान को बिजाई से लेकर कटाई तक के कृषि यंत्रों पर सबसिडी दी जाती है। यदि प्राकृतिक आपदा से फसल को नुकसान होता है तो मुआवजे व फसल बीमा का प्रावधान है। कटाई के बाद फसल के दाने-दाने की खरीद की व्यवस्था की गई है और भुगतान सीधा किसान के खाते में डाला जाता है। वह रविवार को अपने सरकारी आवास संत कबीर कुटीर में किसान मोर्चा के पदाधिकारियों को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने किसान मोर्चा के पदाधिकारियों से आह्वान किया कि वे प्रदेश के किसानों को सूक्ष्म सिंचाई के प्रति प्रेरित करें, इससे जहां पानी की बचत होगी वहीं फसल पर किसान की लागत में भी कमी आएगी। उन्होंने कहा कि आज किसान की सभी 24 फसलों की खरीट न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जा रह है। आपदा के समय किसानों के साथ सरकार खड़ी रहती है। पिछले 11 सालों में किसानों को फसल खराबे के मुआवजे के रूप में 15,728 करोड़ रुपए दिए हैं। खरीफ सीजन-2025 की फसलों को प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान के लिए 53,821 किसानों को 116 करोड़ 51 लाख रुपए से अधिक की राशि मुआवजे के रूप में जारी की गई। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे आबियाने को जड़ से खत्म कर दिया है। यही नहीं किसानों की तरफ पिछले आबियाने का 133 करोड़ 55 लाख 48 हजार रुपए बकाया माफ किया गया। हरियाणा आप्रेशनल पायलट परियोजना के अंतर्गत राज्य में अब तक 1 लाख 54 हजार 985 एकड़ भूमि का सुधार किया जा चुका है। प्राकृतिक खेती योजना के तह 31,873 एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक खे अपनाने के लिए 19,723 किसा का सत्यापन किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि हाल ही किसानों की पैक्सों की तरफ बका अतिदेय ऋण की समस्या समाधान के लिए एकमुश्त निपट योजना शुरू की गई। इस योज तहत प्रदेश के 6 लाख 81 हजा 182 किसानों और गरीब मजद का 2 हजार 266 करोड़ रुपए क ब्याज माफ किया है। उन्होंने कहा कि बैंकों से किसा के लेन-देन पर लगने वाली स्टाम फीस 2000 रुपए से घटाकर 10 रुपए की गई है। साल से अधिन पुराने रजबाहों को भी दोबारा पक्क किया जाएगा।

पंजाब से कुरुक्षेत्र मेले तक सफेद घोड़े का जलवा, करोड़ों की कीमत के बावजूद मालिक ने बेचने से किया इनकार

कुरुक्षेत्र  कुरुक्षेत्र के पिहोवा पशु मेले में 1 करोड़ का घोड़ा पहुंचा है। यह घोड़ा पंजाब के संगरूर से लाया गया है। घोड़े का नाम प्रताप रूप है, जो सिर से पैर तक पूरी तरह सफेद है। घोड़े की उम्र 28 महीने की है और यह 67 इंच ऊंचा है। लोग घोड़े के साथ फोटो खिंचवाने आ रहे हैं।  घोड़े के मालिक सरपंच हरप्रीत सिंह और उनके पिता निर्भय सिंह ने बताया कि इसकी 1 करोड़ रुपए तक की कीमत लग चुकी है। लेकिन तब भी उन्होंने इसे नहीं बेचा। घोड़े को 3 टाइम अलग-अलग डाइट दी जाती है। सर्दियों में उसे दूध में बादाम उबालकर दिए जाते हैं। इसके अलावा नहलाकर एक घंटे तेल मालिश की जाती है। जानें घोड़े की तीनों टाइम की डाइट   सुबह के समय प्रताप को 2 से 3 किलो काले चने दिए जाते हैं। 11 बजे उसे फॉर्म में घुमाने के लिए लेकर जाते हैं।   दोपहर को फॉर्म में उसे खुला रखते हैं, जहां वो घास चरता है।   शाम को प्रताप रूप को घर लाकर दूध पिलाते हैं। सर्दी में दूध में बादाम को डालकर उबालकर दिया जाता है। इसके बाद खाने के लिए उबला जौ भी देते हैं। गर्मी के दिनों में उसे सेब भी दिए जाते हैं।