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CM सैनी का संदेश: आपदा में राजनीति नहीं, सेवा में दिखे पक्ष-विपक्ष और जनता की एकजुटता

हरियाणा  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जलभराव की आपदा में पक्ष, विपक्ष और आमजन को मिलकर धैर्य के साथ सेवा करने की जरूरत है, ताकि सभी मिलकर इस आपदा से निजात पा सकें। उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे पानी कम हो रहा है और समस्याओं भी कम हो रही हैं। पहाड़ों से आए ज्यादा पानी से प्रदेश के करीब 3000 गांव प्रभावित हुए हैं। इन गांवों में फसल और अन्य नुकसान की भरपाई के लिए प्रदेश सरकार ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला हुआ है, जहां पर अब तक 1,69,738 किसानों ने 9,96,701 एकड़ फसल के खराबे का आवेदन किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शनिवार को शाहाबाद रेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इससे पहले मुख्यमंत्री ने जलभराव से प्रभावित गांवों के जन प्रतिनिधियों से बातचीत की और एक एक गांव की स्थिति, नुकसान के बारे में बारीकी से पूछा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मार्कण्डेश्वर मंदिर में पूजा अर्चना की और साथ ही जलभराव प्रभावित क्षेत्र से शिफ्ट किए हुए नागरिकों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को जाना और आश्वासन दिया कि प्रदेश सरकार नागरिकों के साथ हर स्थिति में मदद के लिए तैयार है।  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्र से ज्यादा पानी आने की वजह से प्रदेश के गांवों जलभराव से प्रभावित हुए हैं। पानी ज्यादा बह रहा है। जिन लोगों के घर तक पानी पहुंचा है, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है। उनके लिए रहने, खाने-पीने और अन्य सुविधाएं पहुंचाई गई है। इसके अलावा पशुओं के चारे का भी प्रबंध किया जा रहा है। वर्ष 2023 में भी प्रदेश के अंदर ऐसी स्थिति पैदा हुई थी। प्रदेश में अधिकारी व्यवस्था बनाने के लिए लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने आमजन के खराबी की भरपाई के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला गया है, जिस पर आमजन रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। पानी धीरे-धीरे कम होगा और प्रदेश की स्थिति नॉर्मल होगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि सभी नहर, नदी, नालों और बाढ़ राहत के लिए बनाई गई व्यवस्थाओं की साफ सफाई की जाती है। पहाड़ों से पानी आने के कारण इस बार स्थिति गड़बड़ा गई है। ऐसी आपदा की स्थिति में विपक्ष का राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस स्थिति में विपक्ष ने सरकार को सुझाव और सहयोग देना चाहिए। उन्होंने जनता से आग्रह किया कि प्रदेश के नागरिकों को जलभराव आपदा में सहयोग करे।   मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मारकंडा को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि मारकंडा में 25000 क्यूसिक पानी की क्षमता है। इस बार लगभग 40,000 क्यूसिक पानी पहुंचा है, जो ओवरफ्लो होकर खेतों और आसपास के क्षेत्र में जल भराव की स्थिति को पैदा कर रहा है।  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, जेपी नड्डा स्वयं उत्तरी भारत में जल प्रभावित प्रदेशों की निगरानी रखे हुए हैं। हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर को लेकर केंद्र से विशेष निर्देश दिए गए हैं। पंजाब प्रदेश में हरियाणा से ज्यादा जल का प्रभाव हुआ है। केंद्र की तरफ से हरियाणा को पंजाब की मदद करने में के लिए आदेश प्राप्त हुए हैं। इस पर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पंजाब की अलग-अलग जगहों पर सहयोग पहुंचा जा रहा है। हरियाणा की तरफ से पंजाब में खाने, पीने और पशुओं के लिए चारा भेजा जा रहा है।

तरावड़ी के गोदामों में सीएम फ्लाइंग की रेड, सरकारी गेहूं की लाखों की चोरी पकड़ी गई

करनाल  मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने डीएसपी सुशील कुमार के नेतृत्व में तरावड़ी के खाद्य आपूर्ति विभाग के कई गोदामों में चेकिंग की। इस दौरान कई विभाग के अधिकारियों की लापरवाही सामने आई। एक गोदाम में गेहूं के करीब 20 हजार से ज्यादा अतिरिक्त बैग मिले, जिनका मौके पर रिकाॅर्ड नहीं मिला। जिसके बाद हड़कंप मच गया। मामला सामने आने के बाद करनाल के डीएफएससी अनिल कुमार ने बताया कि सीएम फ्लाइंग टीम जो अतिरिक्त गेहूं के बैग बता रही है, उनका पूरा रिकाॅर्ड विभाग के पास उपलब्ध है।  यही नहीं गेहूं की पूरी जानकारी हेड क्वार्टर के पास रेगुलर तौर पर भेजी जाती रही है। ये स्टॉक 2020-21 का है। सीएम फ्लाइंग के डीएसपी सुशील कुमार ने बताया कि सूचना मिली थी कि तरावड़ी के अंदर खाद्य आपूर्ति विभाग के गोदामों में 2025-26 में खरीदे गये गेहूं के स्टॉक में नियमों की पालना नहीं की गई। इसके अलावा सरप्लस गेहूं भी पड़ा है। जिसके बाद छापेमारी की गई, इस दौरान कई हैरान करने वाली बातें भी सामने आईं। छापेमारी में विभाग के 4 अधिकारियों की लापरवाही व सरकार को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया। जिनके खिलाफ केस दर्ज करने के लिए हेड क्वार्टर को लिखा गया है।  जांच में सामने आया कि करीब 6 लाख बैग 2 माह तक खुले में रखे गए, जिन्हें अगस्त में एफसीआई ने उठाने से मना कर दिया था, क्योंकि इनमें नमी 12 की बजाए 14 प्रतिशत पाई गई। इसके अलावा करीब 666 बैग बिल्कुल खराब हो चुके हैं। इसके अलावा 1500 बैग अतिरिक्त मिले है, जो 2020-21 के हैं। इन सबकी जांच के बाद हेड क्वार्टर को केस दर्ज करने के लिए लिखा जा चुका है। वहीं एक गोदाम जो विभाग की सूची में नहीं था, वहां 20 हजार गेहूं के भरे बैग मिले, जो कि पुराने बारदाने में नया गेहूं भरा हुआ था। इसका कोई रिकाॅर्ड नहीं मिला। डीएफएससी अनिल कुमार ने कहा कि जिस 20 हजार बैग गेहूं की बात की जा रही है, वो एफसीआई के पुल से बाहर हो चुका है। ये गेहूं 2020-21 का है, जिसे बैगों में भरकर रखा जा रहा है, इसमें नए व पुराने बैग हो सकते हैं। गेहूं के रिकाॅर्ड की जानकारी खाद्य आपूर्ति विभाग के हेड क्वार्टर के पास है। जल्द गेहूं के स्टॉक का ऑक्शन करवाकर सारा पैसा सरकारी खंजाने में जमा करवा दिया जाएगा।

GST में बदलाव पर हुड्डा का बयान – कहा, बिहार चुनाव को ध्यान में रखकर की गई घोषणा

रोहतक रोहतक स्थित अपने आवास पर प्रेस वार्ता में बोलते हुए हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने जीएसटी में बदलाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार पर जमकर कटाक्ष किए हैं। उन्होंने कहा कि वोट के मुद्दे को दबाने के लिए और बिहार चुनाव को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले 8-9 साल से जो भारी भरकम जीएसटी राज्यों से वसूला गया उसके लिए कौन जिम्मेदार है। इस जीएसटी टैक्स की वजह से प्रदेशों को जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई कौन करेगा। इसलिए पिछले 8-9 साल का जीएसटी टैक्स प्रदेशों को वापस किया जाना चाहिए ताकि डेवलपमेंट हो सके। साथ ही भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मौजूदा प्रदेश सरकार पर महिलाओं को ₹2100 देने के चुनावी वायदे को लेकर कटाक्ष करते हुए कहा कि जब सभी महिलाओं को यह पैसा नहीं देना था तो फिर चुनाव में यह वायदा क्यों किया गया। उन्होंने कहा की जो वायदा लागू किया जा रहा है वह भी 1 साल बाद लागू हो रहा है। इसलिए सरकार बताएं कि पिछले एक साल का बकाया पैसा महिलाओं को कब दिया जाएगा।प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर भी भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मौजूदा प्रदेश की भाजपा सरकार पर बोलते हुए कहा कि हरियाणा की कानून व्यवस्था बदहाल हो चुकी है और महिला विरुद्ध अपराध में हरियाणा नंबर एक पर है और यह रिपोर्ट होम मिनिस्ट्री की है। भूपेंद्र सिंह हुडडा ने एक बार फिर से वोट मामले को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि अगर चुनाव आयोग अपनी सभी वोटर लिस्ट ठीक होने का एफिडेविट देता है तो मैं यह सबूत दूंगा कि एक घर में 400-400 वोट बनी हुई है। 

वीटा के लड्डू और पिन्नी दिल्ली में! 600 स्टोर्स पर दीवाली से पहले तैयार रहें स्वाद का मज़ा लेने

हरियाणा  दिल्लीवासी अब सिर्फ हरियाणा की ताजी सब्जियां या फल ही नहीं, बल्कि यहां के पारंपरिक स्वाद का आनंद भी उठा सकेंगे। हरियाणा डेयरी विकास सहकारी संघ (वीटा) और दिल्ली दुग्ध योजना (डीएमएस) के बीच हुए समझौते के तहत राजधानी में जल्द ही हरियाणा के मशहूर देसी घी के बेसन लड्डू और काजू पिन्नी की मिठास लोगों की थाली तक पहुंचेगी। दीवाली से पहले दिल्ली के 600 रिटेल प्वाइंट्स पर आधा दर्जन से अधिक वीटा उत्पाद उपलब्ध होंगे। हरियाणा के सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कि इस समझौते से हरियाणा के वीटा ब्रांड को दिल्ली जैसे विशाल बाजार में जगह बनाने का मौका मिलेगा। उन्होंने बताया कि दूध और डेयरी उत्पादों की सबसे अधिक खपत दिल्ली में होती है और वहां के उपभोक्ता शुद्ध व गुणवत्तापूर्ण उत्पादों को खूब पसंद करते हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा की पहचान गुणवत्ता और शुद्धता में है। यह समझौता न केवल दिल्लीवासियों को अच्छे उत्पाद देगा, बल्कि हरियाणा के किसानों और दुग्ध उत्पादकों को भी बड़ा लाभ पहुंचाएगा। हरियाणा का स्वाद और दिल्ली की राजनीति दिल्ली और हरियाणा के बीच रिश्ते सिर्फ भौगोलिक नहीं, बल्कि स्वाद और राजनीति में भी गहरे हैं। पिछले साल दिल्ली विधानसभा चुनावों के दौरान गोहाना (सोनीपत) के मशहूर मातूराम हलवाई की जलेबियां राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र रही थीं। अलग-अलग पार्टियों के नेताओं से लेकर आम मतदाता तक इस मिठाई के जिक्र से जुड़ते रहे। अब जब वीटा के लड्डू और पिन्नी दिल्ली के बाजार में उतरेंगे, तो माना जा रहा है कि हरियाणा की मिठास न सिर्फ थाली में बल्कि चुनावी चर्चाओं में भी जगह बना सकती है। क्या-क्या मिलेगा दिल्लीवासियों को डीएमएस के साथ सह-ब्रांडिंग में दिल्ली में वीटा के कई उत्पाद उपलब्ध होंगे। इनमें दही, पनीर, लस्सी, रबड़ी, मक्खन, काजू पिन्नी और देसी घी से बने बेसन लड्डू शामिल हैं। त्योहारों के सीजन में ये सभी उत्पाद दिल्ली दुग्ध योजना के 600 रिटेल प्वाइंट्स पर पहुंचेंगे। धीरे-धीरे सप्लाई को अन्य इलाकों तक भी बढ़ाया जाएगा। एनसीआर से होगी सप्लाई दही, लस्सी, पनीर और रबड़ी जैसे ताजे उत्पाद सीधे दिल्ली-एनसीआर स्थित वीटा प्लांट्स से सप्लाई होंगे। ट्रायल सप्लाई पहले ही शुरू हो चुकी है। लक्ष्य है कि त्योहारों से पहले बड़े पैमाने पर आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। डॉ. शर्मा ने कहा कि दीवाली पर जब दिल्लीवासी मिठाइयों का आनंद लेंगे, तो उनमें हरियाणा के देसी घी से बने बेसन लड्डू और काजू पिन्नी की भी मिठास होगी। यह सिर्फ कारोबार नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और राजनीतिक जुड़ाव भी है। किसानों और उत्पादकों को लाभ इस साझेदारी से हरियाणा के किसानों और दुग्ध उत्पादकों को भी बड़ा फायदा होगा। दिल्ली जैसे विशाल बाजार में एंट्री से दूध की खपत बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिलेगा। सरकार का मानना है कि यह समझौता केवल कारोबारी लाभ नहीं, बल्कि दोनों राज्यों के बीच रिश्तों की मिठास को और गहरा करेगा। त्योहारों पर जब दिल्ली के लोग हरियाणा की लस्सी, पनीर, रबड़ी और लड्डुओं का स्वाद चखेंगे तो यह साझेदारी सांस्कृतिक जुड़ाव और राजनीतिक संवाद दोनों का हिस्सा बनेगी। अगले 15 दिन में शुगर फ्री दूध की लॉन्चिंग सहकारिता मंत्री ने बताया कि वीटा अगले 15 दिनों में शुगर फ्री बटर स्कॉच फ्लेवर्ड दूध लॉन्च करेगा। उन्होंने कहा कि यह उत्पाद मधुमेह पीड़ितों और कम मीठा पसंद करने वाले उपभोक्ताओं के लिए खास होगा। अभी वीटा इलायची, केसर, पिस्ता और बटर स्कॉच फ्लेवर में दूध की आपूर्ति कर रहा है। शुगर फ्री वेरिएंट जुड़ने से कंपनी का ग्राहक आधार और मजबूत होगा।

सरकार की बड़ी पहल: हरियाणा को मिलेंगी 450 इलेक्ट्रिक बसें, कम कीमत में सफर

हरियाणा  देशभर में प्रदूषण की समस्या से निपटने और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने ‘पीएम-ई-बस सेवा योजना’ के तहत 10 हजार इलेक्ट्रिक बसें राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में रियायती दरों पर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत हरियाणा को 450 ई-बसें स्वीकृत की गई हैं। इनमें से 100 बसें अकेले गुरुग्राम जिले को आवंटित होंगी। यह निर्णय राजधानी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता में सुधार लाने, सार्वजनिक परिवहन को सशक्त बनाने और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लिया गया है। केंद्र की यह पहल न सिर्फ़ प्रदूषण नियंत्रण में मदद करेगी, बल्कि लोगों को किफायती, आरामदायक और आधुनिक यातायात सुविधा भी प्रदान करेगी। केंद्रीय शहरी विकास, आवास एवं उर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इसकी पुष्टि की है। दरअसल, केंद्र ने अगस्त-2023 में इस योजना की शुरूआत की थी। योजना को लगभग 20 हजार करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता के साथ देशभर में लागू किया जा रहा है। अहम बात यह है कि पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत बसों का संचालन होगा। केंद्र द्वारा तय शर्तों के तहत 12 मीटर लंबी स्टैंडर्ड बस के लिए 24 रुपये प्रति किमी, 9 मीटर मिडी बस के लिए 22 रुपये तथा 7 मीटर मिनी बस के लिए 20 रुपये प्रति किलोमीटर की केंद्रीय सहायता तय की है। चार्जिंग स्टेशन व डिपो के लिए भी मदद साथ ही, चार्जिंग स्टेशन, बस डिपो और अन्य नागरिक ढांचे के निर्माण पर भी केंद्र की ओर से 100 प्रतिशत तक की मदद दी जाएगी। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बताया कि योजना के तहत हरियाणा को 450 बसों का कोटा मिला है। इनमें से गुरुग्राम को 100 इलेक्ट्रिक बसें दी जाएंगी। गुरुग्राम को इसलिए प्राथमिकता दी गई है क्योंकि यहां दिल्ली से सटे क्षेत्रों में वाहनों की संख्या सबसे अधिक है और वायु प्रदूषण भी लगातार चिंता का विषय रहा है। अनुबंध में देरी से लटकी डिलीवरी योजना की घोषणा को दो साल बीत चुके हैं, लेकिन गुरुग्राम में 100 ई-बसों का संचालन अब तक शुरू नहीं हो पाया है। सूत्रों के अनुसार, राज्य परिवहन विभाग और निजी ऑपरेटर के बीच अनुबंध पूरा न होने की वजह से बसों की डिलीवरी अटक गई है। बताते हैं कि अब राज्य सरकार इस परियोजना को लेकर गंभीर हो गई है। जल्द ही इसे सिरे चढ़ाया जाएगा ताकि हरियाणा को उसके हिस्से की सभी बसें मिल सकें। रोजगार के अवसर भी मिलेंगे विश्व संसाधन संस्थान का अनुमान है कि यह योजना देशभर में 45 से 55 हजार नए रोजगार पैदा कर सकती है। वहीं, इंटरनेशनल काउंसिल ऑन क्लीन ट्रांसपोर्टेशन की रिपोर्ट बताती है कि अब तक चल रही 3,800 से ज्यादा ई-बसों से करीब 1,200 टन नाइट्रोजन ऑक्साइड और 700 टन कार्बन मोनोऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आई है। इसका सीधा असर आम जनता के स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ेगा।

IAS अफसरों का बड़ा ट्रांसफर: हरियाणा में 20 अधिकारियों की पोस्टिंग बदली

हरियाणा  हरियाणा सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 20 आईएएस अधिकारियों और एक एचसीएस अधिकारी के स्थानांतरण एवं नियुक्ति आदेश जारी किए हैं। शनिवार को जारी एक सरकारी आदेश के अनुसार, स्थानांतरित किए गए भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारियों में रोहतक मंडल के आयुक्त फूल चंद मीणा भी शामिल हैं, जिन्हें हरियाणा सरकार के मानव संसाधन विभाग में आयुक्त एवं सचिव के पद पर स्थानांतरित किया गया है। वह सी जी रजनी कंथन का स्थान लेंगे। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी महानिदेशक तथा करनाल मंडल के आयुक्त राजीव रतन को उनके वर्तमान कार्यभार के अलावा रोहतक मंडल का आयुक्त नियुक्त किया गया है। हरियाणा सरकार के मत्स्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) राजा शेखर वुंडरू को उनके वर्तमान कार्यभार के अलावा परिवहन विभाग का एसीएस नियुक्त किया गया है। वह टी एल सत्यप्रकाश की जगह लेंगे। सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा अंत्योदय (एसईडब्ल्यूए) विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव जी अनुपमा को उनके वर्तमान कार्यभार के अलावा नागरिक संसाधन सूचना विभाग का अतिरिक्त मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। फतेहाबाद की उपायुक्त (डीसी) मनदीप कौर को मानव संसाधन विभाग, हरियाणा का निदेशक तथा मानव संसाधन विभाग का विशेष सचिव नियुक्त किया गया है। वह विनय प्रताप सिंह का स्थान लेंगी। चरखी दादरी के उपायुक्त मुनीश शर्मा को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी का सचिव नियुक्त किया गया है। मोनिका गुप्ता, डीसी, पंचकुला को स्थानांतरित कर रिक्त पद पर प्रशासक, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, पंचकुला और अतिरिक्त निदेशक, शहरी संपदा, पंचकुला नियुक्त किया गया है। आदेश में कहा गया है कि वर्तमान में हरियाणा सरकार के उप सचिव, निगरानी और समन्वय और विशेष अधिकारी (स्वच्छता), कुरुक्षेत्र के पद पर तैनात हरियाणा सिविल सेवा (एचएससी) के अधिकारी कपिल कुमार को उनके वर्तमान कर्तव्यों के अलावा कैथल के जिला नगर आयुक्त के पद पर स्थानांतरित और नियुक्त किया गया है। वह आईएएस अधिकारी दीपक बाबूलाल करवा का स्थान लेंगे।  

वीरता पुरस्कार का हकदार: हरियाणा के जवान ने खतरे को ठुकराकर किया वीर कार्य

हिसार  ऑपरेशन सिंदूर में असाधारण साहस और नेतृत्व क्षमता का परिचय देने वाले हिसार जिले के रावलवास खुर्द गांव के सैनिक भले सिंह बालौदा को राष्ट्रपति द्वारा वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। उनका चयन 14 अगस्त को किया गया था और आगामी राष्ट्रीय कार्यक्रम में उन्हें यह सम्मान प्रदान होगा। मूल रूप से राजस्थान से ताल्लुक रखने वाले भले सिंह का परिवार पिछले 35 वर्षों से हिसार जिले में रह रहा है। उन्होंने प्राथमिक से लेकर दसवीं तक की पढ़ाई अपने ही गांव से की। वर्तमान में वे वायुसेना की एस-400 यूनिट में तैनात हैं और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान लॉन्चर प्रभारी की जिम्मेदारी निभा रहे थे। खतरे के बावजूद लॉन्चर दुरुस्त किया ऑपरेशन सिंदूर के समय 10 मई की रात मिसाइलों की लगातार फायरिंग के बीच एक लॉन्चर अचानक खराब हो गया। खतरे के बावजूद उसे मौके पर छोड़ने के बजाय भले सिंह ने 4 अन्य सैनिकों के साथ मिलकर उसे दुरुस्त करने का फैसला लिया। उस समय दुश्मन की ओर से ड्रोन और मिसाइलों की लगातार बौछार हो रही थी, फिर भी उन्होंने जोखिम उठाकर लॉन्चर को ठीक किया और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

शिक्षा विभाग की नई योजना: हरियाणा में 2026 से बदल जाएगा स्कूल सिस्टम

हरियाणा हरियाणा की एजूकेशन में शिक्षा विभाग बड़ा बदलाव करने जा रहा है। दरअसल, नए शिक्षण सत्र (2026) में विभाग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिलेबस शुरू करने की तैयारी कर रहा है। विभाग इसे 4 फेज में लागू करेगा। पहले फेज में, एआई सिलेबस क्लास 9 के स्टूडेंट के लिए होगी पढ़ाई।  टीचर, क्लास और टीचिंग में एआई एक्यूपमेंट को भी शामिल किया जाएगा, ताकि लेसन को अधिक आकर्षक और व्यावहारिक बनाया जा सके। इस मुहिम को सफल करने के लिए शिक्षा विभाग करीब एक लाख टीचरों को चरणबद्ध तरीके से ट्रेनिंग भी देगा।हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा भी अपने स्तर पर इस मुहिम को मॉनिटर कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि जल्द से जल्द इस पर बचा हुआ काम पूरा कर लिया जाए। 25 से 29 सितंबर तक जिला स्तरीय ट्रेनिंग होगी डाइट डिंग द्वारा 25 से 29 सितंबर तक एक जिला स्तरीय ट्रेनिंग कैंप का आयोजन किया जाएगा, जहां सिरसा जिले के 50 शिक्षकों को एआई की बुनियादी बातों, परियोजना-आधारित शिक्षा, प्रश्नपत्र डिजाइन और मूल्यांकन तकनीकों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। शिक्षा विभाग अधिकारियों ने बताया कि 5 विषयों में 40-45 मिनट की अवधि में पढ़ाए जाने वाले इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में रचनात्मकता, समस्या-समाधान कौशल और डिजिटल उपकरणों के उपयोग को बढ़ाना है, जिससे उच्च शिक्षा और नौकरियों के लिए उनकी संभावनाएं मजबूत होंगी। पहले चरण में पाठ्यक्रम सिर्फ 9वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए शुरू होगा। इसके बाद हर साल एक-एक करके 10वीं, 11वीं फिर 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए एआई पाठ्यक्रम लागू हो जाएगा। एआई के एक पाठ्यक्रम में पांच पार्ट होंगे, जिनमें अलग-अलग तरह के कौशल (स्किल्स) वाले कोर्स बच्चों को पढ़ाए जाएंगे।पाठ्यक्रम की शुरुआत की तैयारी अभी से शुरू कर दी गई है। स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। वहीं शिक्षकों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। 6वीं से 8वीं के लिए 40 मिनट का चलेगा पीरियड सरकारी स्कूलों में 6वीं, 7वीं और 8वीं कक्षा में एआई पाठ्यक्रम अभी शामिल नहीं होगा। इन तीनों कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए 40 मिनट का एआई पीरियड अनिवार्य होगा। इस दौरान प्रशिक्षित शिक्षक इन तीनों कक्षा के विद्यार्थियों को एआई पाठ्यक्रम संबंधित जानकारी देंगे। पाठ्यक्रम के 100 अंक होंगे 9वीं कक्षा के एआई पाठ्यक्रम में मशीन लर्निंग, न्यूरल नेटवर्क और एआई एप्लीकेशन जैसी मूलभूत श्रेणियां शामिल हैं। इसके जरिए विद्यार्थी एआई से दैनिक जीवन को प्रभावित करने वाले पहलू, उसमें सुधार के प्रारंभिक तरीके और परिणाम को समझेंगे। इसमें 50 अंकों की व्यावहारिक मूल्यांकन और 50 अंकों की सैद्धांतिक परीक्षाएं शामिल हैं, जो कुल 100 अंकों की होंगी। मॉडल स्कूल और पीएमश्री स्कूलों में चल रहा पाठ्यक्रम प्रदेश के सभी मॉडल स्कूल और पीएमश्री स्कूलों में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से पाठ्यक्रम चलते हैं। इसी कारण इन स्कूलों में पहले से एआई पाठ्यक्रम चल रहे हैं। कुल 468 सरकारी मॉडल संस्कृति (जीएमएस) और पीएमश्री माध्यमिक उच्च विद्यालय और 1420 सरकारी मॉडल संस्कृति प्राइमरी स्कूल हैं।  

बड़ी कार्रवाई: हरियाणा के 1680 निजी स्कूलों को जुर्माने के साथ मान्यता संकट का सामना

चंडीगढ़ हरियाणा शिक्षा विभाग ने शिक्षा के अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत गड़बड़ी करने वाले निजी स्कूलों पर कड़ा रुख अपनाया है। विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए दाखिला प्रक्रिया में लापरवाही बरतने वाले 1680 स्कूलों पर जुर्माना ठोका है। सूत्रों के अनुसार, जिन स्कूलों ने RTE दाखिलों का ब्यौरा MIS पोर्टल पर अपलोड नहीं किया, उन पर कार्रवाई की गई है। जिसमें 1 हजार रुपये तक फीस लेने वाले स्कूलों पर 30 हजार रुपये और 3 हजार रुपये तक फीस लेने वाले स्कूलों पर 70 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वहीं, 3 हजार रुपये से अधिक फीस लेने वाले संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और सुनवाई के बाद उन पर कठोर कदम उठाए जाएंगे। 1126 स्कूलों की मान्यता पर भी खतरा इसके साथ ही, 1126 स्कूलों की मान्यता भी खतरे में है। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों ने मान्यता संबंधी खामियों और अन्य आधारों पर इन्हें खारिज किया है। विभाग ने अल्पसंख्यक दर्जा रखने वाले संस्थानों से प्रमाण-पत्र जमा कराने को कहा है। सत्यापन के बाद इनकी अलग सूची तैयार होगी।   नियम तोड़ने वाले संस्थानों पर होगी कार्रवाई निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को 10 सितंबर तक पूरी कार्रवाई कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि केवल विभाग द्वारा जारी वास्तविक और नवीनीकृत मान्यता-पत्र ही मान्य होंगे। शिक्षा विभाग ने दोहराया कि छात्रों के अधिकारों और आरटीई के प्रावधानों से समझौता नहीं किया जाएगा। नियम तोड़ने वाले संस्थानों को हर हाल में दंडित किया जाएगा।

दीपेंद्र हुड्डा ने बाढ़ पर सरकार पर निशाना साधा, जनता के लिए मुआवजे की अपील

चंडीगढ़  कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने हरियाणा में बाढ़ और जलभराव की स्थिति को लेकर राज्य की भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की निष्क्रियता के कारण बाढ़ की स्थिति विकराल होती जा रही है, जिससे कई क्षेत्रों में हालात बदतर हो गए हैं। मीडिया से बातचीत में सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि पिछले 10 सालों में भाजपा सरकार ने न तो कोई नई नहर बनाई और न ही ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत किया। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की नीति का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने सिर्फ उन किसानों की जमीन पर ड्रेन बनाने की नीति अपनाई, जो खुद जमीन उपलब्ध कराते थे। इसके अलावा, उन्होंने दादूपुर-नलवी नहर परियोजना को रद्द करने के फैसले की आलोचना की। कांग्रेस सांसद ने सरकार से मांग की कि सिर्फ क्षतिपूर्ति पोर्टल शुरू करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने विशेष गिरदावरी करवाकर किसानों को प्रति एकड़ कम से कम 50 हजार रुपए मुआवजे की मांग की। साथ ही, प्रभावित क्षेत्रों में पंप सेट, पाइप, बिजली कनेक्शन और लाइनों की तत्काल व्यवस्था करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार को युद्ध स्तर पर स्थिति की निगरानी कर इन सुविधाओं को उपलब्ध कराना चाहिए। हुड्डा ने सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाए, यह कहते हुए कि हरियाणा में बाढ़ के कारण कई लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा सरकार सोई हुई है। कांग्रेस सांसद ने आखिर में बात दोहराते हुए कहा कि तत्काल कार्रवाई की जरूरत है। इस बीच, कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हिसार के साबरवास गांव का दौरा किया और बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात की। सुरजेवाला ने भी हरियाणा सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "ये संकट की घड़ी है। स्थिति बहुत ही चिंताजनक है। घर, फसलें और आजीविका तबाह हो चुकी है। बहुत ही दुख व चिंता की बात है कि भाजपा सरकार की ओर से समय पर राहत कार्यों में कमी दिख रही है। इस वक्त प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता की जरूरत है, लेकिन भाजपा की लापरवाही व ढिलाई लोगों का दर्द और ज्यादा बढ़ा रही है।"