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25 सितंबर से शुरू होंगे आवेदन, लाडो लक्ष्मी पोर्टल का ट्रायल आज से; CM की घोषणा के बाद बढ़ी हलचल

हिसार  हरियाणा सरकार 25 सितंबर से दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा है कि जल्द ही आवेदन के लिए पोर्टल खोला जाएगा। इसके लिए जिलों में आज से ट्रायल भी शुरू हो चुका है। हालांकि, योजना की पात्रता संबंधी सभी शर्तें अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई हैं। इस योजना के लिए समाज कल्याण विभाग के कर्मचारियों को फॉर्म भरने की विशेष ट्रेनिंग दी गई है। ट्रायल के दौरान आने वाली किसी भी समस्या के समाधान के लिए वे तुरंत उच्च अधिकारियों से संपर्क करेंगे। हरियाणा में 15 साल की रिहाइश प्रमाण पत्र सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जा रहा है। इसी कारण डोमिसाइल सर्टिफिकेट बनवाने के लिए भारी भीड़ लग रही है, खासकर उन परिवारों में जहां बहुएं दूसरे राज्यों से हैं और जिनकी शादी को 15 साल पूरे नहीं हुए हैं। ऐसे में पति डोमिसाइल सर्टिफिकेट बनवा रहे हैं। कॉमन सर्विस सेंटरों (CSC) पर इसके लिए बड़े विज्ञापन लगाए गए हैं।   हरियाणा सरकार दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना को शुरू करने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री नायब सैनी की ओर से घोषित इस योजना के तहत 18 से 20 लाख महिलाओं को हर महीने ₹2100 दिए जाएंगे। योजना का आवेदन पोर्टल 25 सितंबर से खुलने की उम्मीद है और इसके लिए आज से जिलों में ट्रायल भी शुरू हो गया है। हालांकि, योजना की पात्रता से जुड़ी कुछ शर्तें लाभार्थियों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पा रही हैं, जिससे कई परिवारों में असमंजस की स्थिति है। विशेषकर 'डोमिसाइल' की शर्त ने उन परिवारों को सबसे ज्यादा परेशान किया है, जिनकी बहुएं दूसरे राज्यों से हैं। आइए, इस योजना के हर पहलू को गहराई से समझते हैं। योजना की शर्तें मुख्यमंत्री ने भले ही 18 से 20 लाख महिलाओं को लाभ देने की बात कही हो, लेकिन इस योजना की कुछ शर्तें लाभार्थियों की संख्या को सीमित कर रही हैं। यहां उन तीन मुख्य शर्तों पर गौर करते हैं जिन्होंने इस योजना को जटिल बना दिया है। 1. उम्र की सीमा : हरियाणा में योजना का लाभ 23 से 60 वर्ष की महिलाओं को मिलेगा, जबकि देश के अन्य राज्यों जैसे दिल्ली, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में ऐसी योजनाओं के लिए न्यूनतम उम्र 18 से 21 वर्ष है। हरियाणा की यह शर्त कई युवा महिलाओं को दायरे से बाहर कर देती है। 2. आय की टफ शर्त : योजना का लाभ केवल उन महिलाओं को मिलेगा जिनकी पारिवारिक आय ₹1 लाख वार्षिक से कम है। यह शर्त महाराष्ट्र (₹2.5 लाख) और मध्य प्रदेश (₹2.5 लाख) जैसे राज्यों की तुलना में काफी सख्त है। अगर हरियाणा सरकार बीपीएल परिवारों को ही लाभ देती, तो लाभार्थियों की संख्या लगभग 42 लाख होती, लेकिन आय की सीमा ने इस संख्या को घटाकर 19-20 लाख तक सीमित कर दिया है। 3. डोमिसाइल की शर्त सबसे भारी : यह शर्त इस योजना की सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। आवेदन करने वाली अविवाहित महिला को खुद हरियाणा का स्थायी निवासी होना चाहिए, जबकि विवाहित महिला के लिए उसके पति का पिछले 15 साल से हरियाणा का मूल निवासी होना अनिवार्य है। यह नियम उन लाखों परिवारों के लिए एक बड़ी समस्या बन गया है जिनकी बहुएं पड़ोसी राज्यों से आई हैं और जिनकी शादी को अभी 15 साल पूरे नहीं हुए हैं। यह शर्त उन सामाजिक संबंधों को भी प्रभावित कर रही है जो हरियाणा की सीमा से सटे राज्यों जैसे पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के साथ दशकों से चले आ रहे हैं। पति बनवा रहे हैं सर्टिफिकेट डोमिसाइल इस डोमिसाइल की शर्त को पूरा करने के लिए उन परिवारों में होड़ मची हुई है, जिनकी बहुएं दूसरे राज्यों की हैं। चूंकि बहुओं की शादी को अभी 15 साल नहीं हुए हैं, इसलिए उनके पति अपने 'डोमिसाइल सर्टिफिकेट' बनवा रहे हैं ताकि वे इस योजना के लिए आवेदन कर सकें। महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, भिवानी, यमुनानगर, अंबाला, सिरसा और नूंह जैसे जिलों में ऐसी संख्या बहुत ज्यादा है, क्योंकि इन जिलों की सीमाएं पड़ोसी राज्यों से सटी हुई हैं। राजस्थान के डूमोली गांव की रहने वाली अनीता, जिनकी शादी नारनौल के चिंडालिया गांव के अमित से हुई। उसने बताया कि वे भी इस डोमिसाइल की शर्त से परेशान हैं। उनकी तरह ही राजस्थान के मेघपुर की मंजू, जिनकी शादी 2014 में हुई थी, के पति भी सर्टिफिकेट बनवाने में लगे हैं। ये महिलाएं कहती हैं कि 'अब तो हम भी हरियाणवी बहुएं बन गई हैं, यह डोमिसाइल की शर्त सही नहीं है।' यह स्थिति दिखाती है कि सरकार की एक अच्छी मंशा वाली योजना भी कैसे कुछ नियमों के कारण जटिल बन सकती है। सरकारी तैयारी और पोर्टल की सुविधाएं योजना को लागू करने के लिए सरकार ने भी कमर कस ली है। समाज कल्याण विभाग के कर्मचारियों को फॉर्म भरने की विशेष ट्रेनिंग दी गई है। आज से जिलों में फॉर्म भरने का ट्रायल वर्जन शुरू होगा, ताकि 25 सितंबर को पोर्टल खुलने पर कोई तकनीकी दिक्कत न आए। सरकार ने कुछ प्रावधानों को सरल भी किया है। • एक मोबाइल नंबर से 3 फॉर्म : एक परिवार आईडी में एक ही मोबाइल नंबर से तीन फॉर्म भरे जा सकते हैं, भले ही वह नंबर फैमिली आईडी में पंजीकृत न हो। यह उन परिवारों के लिए एक बड़ी सुविधा है जहां एक ही फोन का इस्तेमाल कई लोग करते हैं। • आधार और बैंक अकाउंट की अनिवार्यता : लाभार्थी का आधार कार्ड उसके मोबाइल नंबर और बैंक अकाउंट से जुड़ा होना अनिवार्य है। साथ ही, बैंक अकाउंट का फैमिली आईडी से लिंक होना भी जरूरी है ताकि राशि सीधे खाते में भेजी जा सके। दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना एक महत्वाकांक्षी पहल दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना एक महत्वाकांक्षी पहल है जिसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करना है। लेकिन इसकी पात्रता की शर्तें, विशेषकर आय और डोमिसाइल की, कई योग्य लाभार्थियों को दायरे से बाहर कर सकती हैं। जहां एक तरफ सरकार इस योजना को लागू करने की तैयारी में है, वहीं दूसरी तरफ उन लाखों परिवारों की चिंता भी बढ़ गई है जिनकी बहुएं दूसरे राज्यों से आई हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार भविष्य में इन शर्तों में कोई … Read more

5 दिन बाद हरियाणा से विदा होगा मानसून, उससे पहले झमाझम बारिश; क्षतिपूर्ति पोर्टल आज होगा बंद

चंडीगढ़   हरियाणा में 22 सितंबर से मानसून के लौटने के आसार है. मौसम विभाग के अनुसार, 16 से 17 सितंबर के बीच राज्य में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. इसकी वजह पहाड़ों पर सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ व बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र को माना जा रहा है. 17 से 19 सितंबर के बीच हरियाणा के कई जिलों में छिटपुट बारिश हो सकती है. इसके बाद, मानसून की रवानगी की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि हरियाणा से मानसून की विदाई 22 सितंबर के आसपास से होगी. प्रदेश में 22-23 जून को मानसून की एंट्री हुई थी। उसके बाद से अब तक सामान्य से 41% ज्यादा बारिश हो चुकी है। कल, 14 सितंबर तक प्रदेश में 401.1 एमएम बारिश होनी चाहिए थी लेकिन 564.8 एमएम बरसात हो चुकी है। वहीं बारिश न होने से दिन के समय फिर से गर्मी और उमस बढ़ने लगी है। दिन का तापमान 35 डिग्री तक पहुंचने लगा है। अब दिन का तापमान बढ़ रहा है और रात का तापमान गिरने लगा है। वहीं बारिश से फसलों के नुकसान के लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल पर आवेदन करने का आज अंतिम दिन है। कल से इसको लेकर स्पेशल गिरदावरी शुरू की जाएगी। हुई इतनी बारिश पिछले साल हरियाणा से मानसून की वापसी 2 अक्टूबर को हुई थी, लेकिन इस साल यह सामान्य से पहले लौटेगा. इस सीजन में प्रदेश में अब तक 564.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 42 प्रतिशत ज्यादा है और 27 साल का रिकॉर्ड तोड़ चुकी है. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की विदाई के बाद भी यदि मौसमी सिस्टम सक्रिय होते हैं व बारिश होती है, तो सर्दी इस बार समय से पहले दस्तक दे सकती है. मानसून की विदाई नजदीक आते ही बढ़ना लगा तापमान हरियाणा में मानसून की समाप्ति नजदीक आने के साथ ही तापमान में बदलाव दिखने लगा है। रविवार को दिन के अधिकतम तापमान में औसतन 0.5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी देखी गई। प्रदेश में अधिकतम तापमान नूंह में 36.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जींद में दिन के तापमान में सबसे ज्यादा 2 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हुई। वहीं, अगर रात के तापमान की बात करें तो प्रदेश में न्यूनतम तापमान में औसतन 0.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हुई है। गुरुग्राम में रात का सबसे कम तापमान 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान में सबसे ज्यादा गिरावट सिरसा में 4.5 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज की गई। यहां ओटू सेंटर पर रात का तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नूंह में रात का सबसे अधिक तापमान 28.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे रातें अब ठंडी होनी शुरू हो जाएंगी। क्षतिपूर्ति पोर्टल का आज अंतिम दिन मानसून में बारिश और जलभराव से फसलों के नुकसान का मुआवजा लेने के लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल पर आवेदन करने का आज, 15 सितंबर को अंतिम दिन है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 14 सितंबर तक 4 लाख 85 हजार 90 किसान क्षतिपूर्ति के लिए आवेदन कर चुके हैं। किसानों का कहना है कि उनकी 28 लाख 46 हजार 98 एकड़ फसल का नुकसान हो चुका है। करीब 6,292 गांवों में यह नुकसान दर्ज किया गया है। सबसे ज्यादा नुकसान भिवानी, जींद, हिसार, चरखी दादरी और महेंद्रगढ़ में होने का अनुमान है। हिसार में 2 हफ्ते बाद खुले स्कूल, ट्रैक्टर पर पहुंचे बच्चे हिसार के बरवाला में जलभराव की वजह से स्कूल 2 हफ्ते बाद खुले। यहां के सुलखनी गांव में सड़कों पर जलभराव की वजह से बच्चे ट्रैक्टर पर बैठकर स्कूल पहुंचे। सुलखनी गांव के रमेश, संदीप, जगदीप ने बताया कि भारी बारिश के कारण राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय और राजकीय प्राथमिक विद्यालय दोनों के मैदान और कक्षाओं में पानी भर गया था, जिसके चलते शिक्षा विभाग को स्कूलों में छुट्टी घोषित करनी पड़ी थी। नुकसान भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के पूर्व प्रधान वैज्ञानिक डाॅ. वीरेंद्र सिंह लाठर ने बताया कि मानसून सीजन में अधिक बारिश से इस बार धान की अगेती फसल को पहले ही 15- 20 फीसदी तक नुकसान पहुंच चुका है. यदि अब बारिश हुई तो पकी हुई फसल को भी 10- 15 फीसदी तक और नुकसान हो सकता है.

गोल्डन पंच! मीनाक्षी हुड्डा ने कजाकिस्तान की बॉक्सर को हराकर दिलाया भारत को स्वर्ण

रोहतक  विश्व मुक्केबाजी प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए रोहतक की बॉक्सर  मीनाक्षी हुड्डा ने गोल्ड मेडल जीता है। मीनाक्षी ने कजाकिस्तान की बॉक्सर नाजिम क्यजैबे को हराकर स्वर्ण पदक जीता। मीनाक्षी ने दो माह बाद ही बदला ले लिया। नाजिम क्यजैबे चार बार वर्ल्ड चैंपियन रह चुकी है। इसके अलावा पिछले पेरिस ओलंपिक की रजत पदक विजेता खिलाड़ी है। कोच विजय हुड्डा ने बताया कि जुलाई में बॉक्सिंग का वर्ल्ड कप कजाकिस्तान में हुआ था। इस वर्ल्ड कप में कजाकिस्तान की बॉक्सर नाजिम क्यजैबे के साथ ही मीनाक्षी का फाइनल मैच था। उन्होंने दावा किया कि इसमें मीनाक्षी को विवाद पूर्ण तरीके से हरा दिया था जिसके कारण रजत पदक से संतोष करना पड़ा। जहां वर्ल्ड कप हो रहा था उसी देश की होने के कारण उस खिलाड़ी को फायदा हुआ। उन्होंने बताया कि उसी समय से मीनाक्षी ने मन में ठान लिया था। इस बॉक्सर से बदला जरूर लूंगी। वह बदला पूरा हो गया। उन्होंने विजेता खिलाड़ी को बधाई दी व आगे भी शानदार प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। मीनाक्षी ने बताया कि फाइनल मैच में पहला राउंड 4-1 से जीता, लेकिन दूसरे राउंड में 3-2 से हार का सामना करना पड़ा। मन में था इससे बदला लेना है। किसी भी हालत में तीसरा राउंड जितना है। तीसरे राउंड में शुरू से ही अपना दबदबा बनाया। राउंड को एक तरफा करते हुए 4-1 से पदक जीता। मीनाक्षी के पिता कृष्ण ने बताया कि बेटी की जीत से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। उसने पूरे गांव, कोच, प्रदेश व देश का नाम रोशन कर दिया। पूरे परिवार ने मीनाक्षी के सभी मैच लाइव देखे। पिता ने कहा कि मुझे बेटी पर गर्व है। मीनाक्षी आगे भी शानदार प्रदर्शन करके देश का नाम रोशन करेगी। 

उद्योगों की समस्याओं पर चर्चा के लिए समालखा में हुआ उद्यमी सम्मेलन, सीएम सैनी और केंद्रीय मंत्री रहे मौजूद

समालखा मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल सेवा साधना एवं ग्राम विकास केंद्र समालखा में पहुंचे। यहां लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित उद्यमी सम्मेलन में शिरकत की। इनके साथ राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सह कार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल ने शिरकत की। देशभर से ढाई हजार उद्यमी इस सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं।  संगठन के राष्ट्रीय महासचिव ओमप्रकाश गुप्ता ने बताया कि समालखा  के पट्टी कल्याणा गांव में स्थित सेवा साधना एवं ग्राम विकास केंद्र में तीन दिवसीय सम्मेलन सोमवार को सम्पन्न होगा जिसमें उद्यमियों ने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों और उद्योगों को चलाने में आने वाली कठिनाइयों पर चर्चा की और इन्हें प्रस्ताव बनाकर दिया।  

मेट्रो का नया विस्तार: गुरुग्राम से पचगांव तक सीधा कनेक्शन, साइबर सिटी आएंगे खुश

गुरुग्राम सेक्टर-56 रैपिड मेट्रो स्टेशन से पचगांव चौक तक मेट्रो विस्तार की व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार हो गई है। राज्य सरकार रिपोर्ट का अध्ययन कर रही है। उम्मीद है कि इस महीने के अंत तक रिपोर्ट को हरी झंडी मिल जाएगी। इसके बाद डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होगी। नए रूट में एचएसआईडीसी की भी सहयोगी भूमिका होगी, यानी वह बजट साझा करेगी। नए रूट से एचएसआईडीसी को काफी फायदा होगा क्योंकि मानेसर और आसपास के इलाकों में उसके कई बड़े प्रोजेक्ट आ रहे हैं। सभी प्रोजेक्ट्स में बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी होगी। साथ ही साइबर सिटी और आसपास के इलाकों के लाखों लोगों को सुविधा मिलेगी। इस रूट के बनने के बाद गुरुग्राम जिले के ज्यादातर इलाके सीधे मेट्रो से जुड़ जाएंगे। राज्य सरकार की योजना साइबर सिटी और आसपास के सभी इलाकों को मेट्रो से जोड़ने की है। इस दिशा में पुराने गुरुग्राम में मेट्रो के विस्तार के साथ-साथ सेक्टर-56 से पचगांव चौक और पालम विहार से दिल्ली के द्वारका तक मेट्रो का विस्तार किया जाएगा। सेक्टर-56 से पचगांव चौक तक की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार हो गई है। सेक्टर-56 रैपिड मेट्रो का आखिरी स्टेशन है। वहाँ एक इंटरचेंज बनाया जाएगा और आगे एक नया कॉरिडोर जोड़ा जाएगा। कॉरिडोर पर कितने स्टेशन होंगे और कहां होंगे, इसकी पूरी जानकारी डीपीआर से सामने आएगी। सभी भीड़-भाड़ वाले इलाकों में स्टेशन बनाने का प्रयास किया जाएगा। मानेसर के आसपास विकसित कई सोसायटियों को सीधे मेट्रो से जोड़ा जाएगा। 30 से ज़्यादा गाँव सीधे मेट्रो से जुड़ेंगे। इससे सड़कों पर यातायात का दबाव कम होगा और क्षेत्र में विकास की गति भी तेज़ होगी। पचगांव चौक पर आरआरटीएस कॉरिडोर से जुड़ेगा मेट्रो कॉरिडोर पचगांव चौक पर मेट्रो कॉरिडोर को रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा। यह चौक आरआरटीएस कॉरिडोर का जंक्शन होगा। आरआरटीएस कॉरिडोर दिल्ली के सराय काले खां से राजस्थान के अलवर तक विकसित किया जाएगा। इस तरह, अलवर तक मेट्रो यात्रियों का सफ़र आसान हो जाएगा। रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) को हीरो होंडा चौक के पास पुराने गुरुग्राम के लिए विकसित किए जा रहे मेट्रो कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा। इससे किसी भी क्षेत्र से मेट्रो सुविधाओं का लाभ उठाया जा सकेगा। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने आरआरटीएस कॉरिडोर विकसित करने की योजना को हरी झंडी देने की तैयारी कर ली है। जल्द ही कैबिनेट से इसे मंजूरी मिलने की उम्मीद है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने कुछ दिन पहले गुरुग्राम में आयोजित एक समारोह में इसके संकेत दिए थे। आरआरटीएस कॉरिडोर के विकसित होने के बाद अलवर तक की तस्वीर बदल जाएगी। दिल्ली और गुरुग्राम में काम करने वाले लोग न केवल आस-पास रहना पसंद करेंगे, बल्कि वे अलवर तक भी रह सकेंगे, क्योंकि कॉरिडोर पर हर 10 से 15 मिनट में नमो ट्रेन चलने की सुविधा उपलब्ध होगी। आरआरटीएस कॉरिडोर तीन चरणों में विकसित  आरआरटीएस कॉरिडोर का विकास राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) द्वारा तीन चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में, दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी (शाहजहांपुर-नीमराना-बहरोड़) 106 किलोमीटर, दूसरे चरण में बहरोड़ से सोतानाला और तीसरे चरण में सोतानाला से अलवर तक कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इस कॉरिडोर पर नमो भारत ट्रेनें 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति से दौड़ सकेंगी। औसत गति 100 किलोमीटर होगी। 10 से 15 मिनट के अंतराल पर ट्रेन की सुविधा उपलब्ध होगी।

20 महिला सरपंचें पहुंचीं इस गांव, जानने पंचकूला की सरपंच से सफलता की कहानी

बरवाला पंचकूला जिले की ग्राम पंचायत बुंगा। यहां की सरपंच कविता चौधरी अपनी दूरदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ गांव को आगे बढ़ाया है, जोकि पूरे प्रदेश की महिला सरपंचों के लिए प्रेरणास्रोत है। पंचायत को महिला फ्रेंडली का दर्जा मिला हुआ है। यही वजह है कि महिला हितैषी पंचायत के तहत आयोजित एक्सपोजर विजिट कार्यक्रम में यमुनानगर जिले की 20 महिला सरपंच बूंगा गांव की पंचायत के कामकाज करने के तरीके को देखने पहुंचीं। सरपंच कविता चौधरी ने बुंगा गांव को महिला सशक्तिकरण और विकास कार्यों की मिसाल के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने गांव में अब तक हुए विकास कार्यों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी। प्रतिभागी महिला सरपंचों ने गांव में बने महिला सांस्कृतिक केंद्र, आंगनवाड़ी, डेम और सामुदायिक केंद्र का निरीक्षण किया और पंचायत की कार्यशैली की सराहना की। गांव बुंगा में हुए विकास कार्यों पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई, जिसमें बताया गया कि किस तरह ग्राम पंचायत बूंगा को एक महिला फ्रेंडली पंचायत के रूप में विकसित किया जा रहा है। महिला सरपंचों ने कहा कि सरपंच कविता चौधरी ने जिस दूरदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ गांव को आगे बढ़ाया है, वह पूरे प्रदेश की महिला सरपंचों के लिए प्रेरणास्रोत है। पहले भी लिया था बड़ा फैसला, बुंगा गांव में वाहनों पर लाउड म्यूजिक पर रोक सरपंच कविता चौधरी ने काफी समय पहले ही बुंगा गांव में एक सराहनीय पहल करते हुए वाहनों पर तेज आवाज में म्यूजिक बजाने पर पाबंदी लगा दी थी। यह कदम उस समय चर्चा का विषय बना था, क्योंकि आमतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी सख्ती देखने को नहीं मिलती। ग्रामीण बताते हैं कि इस फैसले से गांव में शांति और अनुशासन कायम हुआ है। खासकर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों और बुजुर्गों को राहत मिली। आज यह फैसला कविता चौधरी की दूरदर्शिता और मजबूत नेतृत्व क्षमता की मिसाल बनकर सामने आ रहा है, जिसे अब दूसरी पंचायतों के लिए भी मॉडल के तौर पर देखा जा रहा है।

धोखेबाज पार्टी पर निशाना: अनिल विज बोले, AI से फैल रहा कांग्रेस का भ्रम

हरियाणा हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने शनिवार को कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस अब एआई (आर्टिफिशियल इंटलीजेंस) का सहारा लेकर झूठ फैलाने का काम कर रही है क्योंकि उनके पास अब बोलने के लिए आदमी/नेता भी खत्म हो गए हैं, जो कुछ कह सकें, बोल सकें. कांग्रेस पास कुछ कहने के लिए भी नहीं रहा है. अनिल विज मीडिया कर्मियों द्वारा बिहार कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी माता पर वोट चोरी के संबंध में बनाए गए एआई वीडियो के संदर्भ में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे. लोगों को भ्रम में डालना चाहती है कांग्रेस उन्होंने कहा कि यह सभी को पता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माता का स्वर्गवास बहुत पहले से हो चुका है. अनिल विज ने कहा कि कांग्रेस लोगों को भ्रम में डालना चाहती है, लोगों को गुमराह करना चाहती है, क्योंकि कांग्रेस धोखेबाज पार्टी है और धोखे का ही काम कर रही है. हरियाणा में राजनीतिक हलचल इससे पहले हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने शुक्रवार को यह दावा करके राजनीतिक हलचल पैदा कर दी कि कुछ लोग वरिष्ठ नेताओं के आशीर्वाद से अंबाला छावनी में बीजेपी की समानांतर इकाई चला रहे हैं.विज ने ‘एक्स’ पर लिखा, अंबाला छावनी में कुछ लोग समानांतर बीजेपी चला रहे हैं जिनको ऊपर वालों का आशीर्वाद भी प्राप्त है. पार्टी का बहुत नुकसान हो रहा है. अनिल विज ने लगाया आरोप उन्होंने लोगों से सुझाव भी मांगे कि वह इनसे निपटने के लिए क्या करें.यह पहली बार नहीं है जब अनिल विज ने उन्हें परेशान करने वाले मुद्दों पर सार्वजनिक तौर पर आवाज उठाई हो. इस साल की शुरुआत में अनिल विज ने आरोप लगाया था कि पिछले साल विधानसभा चुनाव में उन्हें हराने की कोशिश की गई. बाद में उन्होंने कुछ तस्वीरें साझा कीं और दावा किया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के एक मित्र के साथ दिखे कार्यकर्ता उन निर्दलीय उम्मीदवार के साथ नजर आए जिन्हें उन्होंने अक्टूबर 2024 के चुनाव में हराया था. विज ने यह भी सवाल किया था कि सैनी के मित्र विधानसभा चुनाव में उनका विरोध क्यों किया.वरिष्ठ नेता लगातार यह कह रहे हैं कि अंबाला छावनी से विधानसभा चुनाव में उन्हें हराने की भूमिका निभाने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई.विज निर्दलीय प्रत्याशी चित्रा सरवारा को हराकर सातवीं बार विधायक बने.  

प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने का ऐलान, आरती राव बोलीं

चंडीगढ़  हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने और आम जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। जारी बयान में उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 135 नए स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण को प्रशासनिक मंजूरी प्रदान कर दी है। इन संस्थानों के निर्माण पर लगभग 74.43 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी।  स्वास्थ्य मंत्री ने जानकारी दी कि इनमें 126 सब हेल्थ सेंटर शामिल हैं, जिन पर लगभग 6993 लाख रुपये की लागत आएगी। इसी के साथ 9 ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट्स के निर्माण को भी स्वीकृति प्रदान की गई है, जिन पर कुल 450 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने विस्तार से बताया कि जिन जिलों में सब हेल्थ सेंटर स्थापित किए जाएंगे, उनमें महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, भिवानी, चरखी दादरी, फतेहाबाद, गुरुग्राम, झज्जर, जींद, करनाल, कुरुक्षेत्र, कैथल, पलवल, पानीपत और सोनीपत शामिल हैं। वहीं ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट्स का निर्माण सिरसा, भिवानी, रेवाड़ी, झज्जर और पानीपत जिलों में किया जाएगा।

गीता ही भारत और इंडोनेशिया की सांस्कृतिक विरासत की रीढ़: अरविंद शर्मा

हरियाणा  हरियाणा के विरासत व पर्यटन मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने कहा कि भारत व इंडोनेशिया में सनातन धर्म की जीवंतता एवं आध्यात्मिक परम्पराओं की साझी विरासत को जोड़ने में गीता ज्ञान रीढ़ की भांति योगदान दे रही है। गीता ज्ञान का अलौकिक प्रकाश पुंज हमेशा से ही काल, देश और सीमाओं से परे रहा है, ऐसे में कुरुक्षेत्र की धरती से प्रारम्भ अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव अब वैश्विक आंदोलन बन चुका है, जिसे दुनिया भर में पहुंचाने के लिए हमें मिलकर काम करना है। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के दूसरे दिन इंडोनेशिया के बाली स्तिथ गरुड़ विष्णु कंचन संस्कृति पार्क में 'शांति, सद्भाव व भाईचारे के लिए' विषय पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसका गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज व विरासत व पर्यटन मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित करते हुए शुभारम्भ किया। संगोष्ठी में मुख्यातिथि के नाते संबोधित करते हुए पर्यटन मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने कहा कि कुरुक्षेत्र में आरम्भ हुआ यह महोत्सव एवं वैश्विक आंदोलन बन गया है, जो भारत से गीता के शाश्वत ज्ञान को दुनिया भर में पहुंचा रहा है।  मॉरीशस, इंग्लैंड, कनाडा, आस्ट्रेलिया, श्रीलंका होते हुए इंडोनेशिया के बाली में पहुंचना ऐतिहासिक है, क्योंकि इस भूमि के साथ भारत के गहरे सांस्कृतिक, सभ्यतागत और आध्यात्मिक संबंध हैं। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की जीवंतता वाला बाली इस महोत्सव का स्वाभाविक घर है। इस भूमि की आध्यात्मिक परंपराओं ने धर्म सद्भाव और भक्ति के शाश्वत मूल्यों को जीवित रखा है, ये वे जीवित मूल्य हैं, जो भागवत गीता का भी मूल है। इसलिए यह आयोजन न केवल साझी विरासत का उत्सव है, बल्कि भारत और इंडोनेशिया के बीच सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक सेतु को सशक्त बनाने का माध्यम भी है। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा भागवत गीता एक यात्रा है, जो अशांति से शांति, अंधकार से प्रकाश की तरफ लेकर जाती है। भागवत गीता हिंदुओं की आस्था है, यह सत्य है, लेकिन यह पूरे विश्व के लिए एक ऐसा माध्यम है, जो उनके सामने आने वाली चिंताओं, समस्याओं और दुविधाओं का निराकरण करती है।   इंडोनेशिया ने गीता के नाम से जारी किया डाक टिकट मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा के कुरुक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए ज्ञान के दिव्य संदेश को पूरे विश्व मे फैलाया जा रहा है। इंडोनेशिया के साथ भारत के पुराने सांस्कृतिक संबंध तो थे ही अब इन संबंधों में गीता ज्ञान भी शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शनिवार की शाम को इंडोनेशिया के बाली संसद सभागार में चल रही तीन दिवसीय छठे अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के अवसर पर अपना वीडियो संदेश दे रहे थे। इस दौरान इंडोनेशिया ने गीता पर डाक टिकट जारी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंडोनेशिया में स्वामी ज्ञानानंद के तत्वाधान में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया गया है। यहां के नागरिक भी गीता का ज्ञान प्राप्त कर आगे प्रचार करेंगे। ताकि इस ज्ञान के आलोक से जगत का कल्याण हो सके।

खटीक धर्मशाला विवाद: डिप्टी स्पीकर शिलान्यास तोड़ने पर दो आरोपी FIR में नामजद

जींद जींद के पटियाला चौक के निकट संत नगर स्थित खटीक धर्मशाला में में दो लोगों ने जमकर तोड़ फोड़ की। धर्मशाला में लगाए गए हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर एवं विधायक डा. कृष्ण मिड्ढा के शिलान्यास पत्थर को भी तोड़ डाला। यहां मौजूद खटीक बिरादरी के लोगों ने जब तोड़ फोड़ कर रहे लोगों को रोकने की कोशिश की, तो उनके साथ गाली गलौज की और बुरा अंजाम भुगतने की धमकी दी। शहर थाना पुलिस ने धर्मशाला के कोषाध्यक्ष की शिकायत पर दोनों आरोपितों के खिलाफ तोड़ फोड़ करने, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने सहित विभिन्न भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर लिया है। घटना से समाज के लोगों में भारी रोष है। खटीक धर्मशाला के कोषाध्यक्ष सावित्री नगर निवासी रामसिंह ने शहर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि संत नगर में समाज के लोगों द्वारा धर्मशाला का निर्माण करवाया जा रहा है, जिसमें डिप्टी स्पीकर डा. कृष्ण मिड्ढा ने साढ़े 17 लाख 90 हजार रुपये का अनुदान दिलवाने में सहायता की हुई है। समाज के लोगों द्वारा इसके लिए धर्मशाला में डिप्टी स्पीकर डा. कृष्ण मिड्ढा के नाम से शिलान्यास बोर्ड लगवाया गया था। 6 सितंबर को समाज के लोगों ने धर्मशाला में अपने अराध्य को लेकर भंडारे का आयोजन किया गया था। उस दौरान वहां पर समाज के नानक चंद पुत्र खैराती लाल निवासी सावित्री नगर व उसका भतीजा राकेश पुत्र ओमप्रकाश वासी सावित्री नगर भी मौजूद थे, जो समाज के मौजिज लोगों से अभद्र व्यवहार उतर आए। इसका विरोध समाज के लोगों ने किया तो वे दोनों गाली गलौज पर उतर आए और बुरा अंजाम भुगतने की धमकी दी। बाद में आरोपियों ने धर्मशाला में तोड़फोड़ की और साथ ही हरियाणा विधानसभा डिप्टी स्पीकर एवं विधायक डा. कृष्ण मिड्ढा के शिलान्यास पत्थर को तोड़ दिया। साथ ही दानी सज्जन के लगे पत्थर को भी तोड़ डाला। शिकायत में कहा गया कि आरोपी नानक चंद ने धर्मशाला के नाम की फर्जी पर्ची बुक छपवाई हुई है,और लोगों से चंदा लेकर हड़प रहा है। बकायदा पर्ची में इसने अपने आपको स्वयंभु प्रधान घोषित कर रखा है। शहर थाना पुलिस ने धर्मशाला के कोषाध्यक्ष रामसिंह की शिकायत पर नानक चंद व राकेश के खिलाफ तोड़फोड़ करने, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने सहित विभिन्न भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर लिया है। घटना से समाज के लोगों में भारी रोष है।