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वजीरपुर में महिला और 4 बच्चों की मौत, पति पर हत्या का शक

गुरुग्राम हरियाणा के गुरुग्राम से एक हिला देनेवाली खबर सामने आई है। यहां के वजीरपुर इलाके में एक घर के अंदर से पांच शव मिले, जिनमें एक महिला और चार बच्चों के शव शामिल हैं। महिला के पति नाजिम की हालत गंभीर है। फिलहाल माना जा रहा है कि शख्स ने अपनी पत्नी और बच्चों की हत्या करके आत्महत्या करने की कोशिश की। शुरुआती जांच से पता चलता है कि उस व्यक्ति ने कथित तौर पर अपनी जान लेने की कोशिश करने से पहले अपनी पत्नी और बच्चों को ज़हर दिया था। उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसका इलाज चल रहा है। शनिवार रात करीब 8 बजे घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। फोरेंसिक विशेषज्ञों और स्थानीय पुलिस टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया और घर से मोबाइल फोन तथा अन्य सबूत ज़ब्त किए। अधिकारी फिलहाल पति के इस कदम के पीछे के संभावित कारणों की जांच कर रहे हैं। देर रात पुलिस को मिली सूचना पुलिस के मुताबिक, उन्हें शनिवार रात 9.30 बजे से 10 बजे के बीच परिवार के पड़ोसियों ने हेल्पलाइन पर इस घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंची इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम को घर के अंदर पांच लोग पड़े मिले। इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम ने तुरंत एम्बुलेंस बुलाई और शवों को जांच के लिए गुरुग्राम के सेक्टर 10 स्थित सिविल अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने महिला के परिवार को सूचना दे दी है और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जा रहा है। आगे की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। गुरुग्राम पुलिस को शख्स पर पत्नी और बच्चों की हत्या का शक पुलिस के मुताबिक, पिता पर अपनी पत्नी, तीन बेटियों और एक बेटे की हत्या करने का शक है। इसके बाद उसने अपनी कलाई काट ली और पुलिस को वह भी मौके पर खून से लथपथ हालत में पड़ा मिला। उसकी सांसें चल रही थीं। पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया है। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। मुरादाबाद का रहने वाला था परिवार पुलिस ने बताया कि मरने वाला परिवार उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद का रहने वाला था। नाजिम गुरुग्राम में सलून चलाता था। वह अपनी 30 वर्षीय पत्नी और चार बच्चों के साथ यहां वजीरपुर इलाके में रहता था।  

पलवल से कोसीकलां और मथुरा तक चलेंगी EMU ट्रेनें

फरीदाबाद  उत्तर रेलवे ने पलवल से कोसीकलां और मथुरा तक दो ईएमयू शटल ट्रेनों के विस्तार को मंजूरी दे दी है। इस मंजूरी के बाद फरीदाबाद-पलवल रूट पर रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों को राहत मिलेगी। ये दोनों ट्रेनें 5 मई से कोसीकलां और मथुरा तक चलना शुरू हो जाएंगी। अभी इसे अस्थाई तौर पर 31 जुलाई तक चलाने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान यात्रियों से मिलने वाले फीडबैक और यात्रियों की संख्या पर इसे स्थाई रूप से चलाया जा सकता है। इन ट्रेनों के शुरू होने से कोसी और मथुरा तक सफर करने वाले हजारों यात्रियों को सुविधा होगी। इनका किया गया विस्तार उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि ट्रेन नंबर 64016 और 64082 ईएमयू सेवाओं के विस्तार को मंजूरी दी गई है। ये दोनों ट्रेनें अभी शकूरबस्ती से पलवल और नई दिल्ली से पलवल के बीच चलती है। इन्हीं ट्रेनों को आगे कोसीकलां और मथुरा तक बढ़ाया गया है। अभी 64016 शकूरबस्ती पलवल शटल दोपहर करीब ढाई बजे शकूरबस्ती से चलती है और 4 बजकर 45 मिनट पर पलवल पहुंचकर खड़ी हो जाती है। यही ट्रेन 64019 पलवल शकूरबस्ती बनकर रात करीब 10 बजकर 20 मिनट पर चलती है और रात करीब 12 बजकर 45 मिनट पर शकूरबस्ती पहुंचती है। जबकि नई दिल्ली से चलकर पलवल जाने वाली 64082 शटल शाम छह बजे नई दिल्ली से चलती है और रात 7 बजकर 40 मिनट पर पलवल पहुंचकर खड़ी हो जाती है। यही ट्रेन 64051 पलवल गाजियाबाद बनकर रात 11 बजकर 5 मिनट पर चलती है और रात 1 बजकर 40 मिनट पर गाजियाबाद पहुंचती है। दैनिक यात्रियों के लिए ये जरूरत भी है और समय की मांग भी। इन ट्रेनों के चलने से हजारों यात्रियों को सुविधा मिलेगी। उनका कहना है कि लंबे समय से इस तरह की सुविधा की मांग की जा रही थी। इन ट्रेनों पर भीड़ का दबाव होगा कम रेलवे अधिकारियों ने बताया कि उक्त ट्रेनों का विस्तार कोसीकलां और मथुरा तक होने से पीक आवर्स में अन्य ट्रेनों जैसे आगरा इंटरसिटी एक्सप्रेस, मेवाड़ एक्सप्रेस और मथुरा शटल जैसी ट्रेनों में भीड़ का दबाव कम होगा। क्यों कि अभी इंटरसिटी और मेवाड़ एक्सप्रेस में दैनिक यात्रियों की भीड़ बेकाबू रहती है। सबसे बुरा हाल 12963 मेवाड़ एक्सप्रेस का होता है। क्योंकि ये ट्रेन शाम छह बजकर 25 मिनट पर निजामुद्दीन से चलती है। इसका स्टापेज बल्लभगढ़ में दिया गया है। ये ट्रेन छह बजकर 46 मिनट पर बल्लभगढ़ पहुंचती है। इस समय घर जाने वाले दैनिक यात्रियों की भीड़ अधिक होती है। कोसीकलां के सैकड़ाें यात्री इस ट्रेन के रिजर्वेशन कोच तक में घुस जाते हैं।ऐसे में रिजर्वेशन के साथ सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी होती है। कई बार तो बल्लभगढ़ स्टेशन से चढ़ने वाले रिजर्वेशन वाले यात्री भीड़ के कारण ट्रेन में चढ़ तक नहीं पाते। 5 हजार से अधिक यात्रियों को होगा मिलेगा फायदा रेल अधिकारियों के मुताबिक उक्त दोनों शटल ट्रेनों का विस्तार होने से कोसीकलां और मथुरा तक सफर करने वाले पांच हजार से अधिक यात्रियों को इसका फायदा मिलेगा। क्याेंकि औसतन 12 कोच वाली ट्रेन में करीब 1300 यात्री एक साफ सफर कर सकते हैं। ऐसे में दोनों ट्रेनों के अप और डाउन में करीब 5200 यात्री सफर कर सकेंगे। इन दो ट्रेनों के चलने से पलवल से कोसीकलां और मथुरा स्टेशन के बीच के स्टेशनों के यात्रियों को आठ लोकल ट्रेनें मिल जाएगी। अभी तक केवल दो मथुरा शटल अप व डाउन, एक कोसीकलां शटल अप व डाउन और एक पलवल से आगरा मेमू ट्रेन चलती है।  

मंडी में फंसा किसानों का अनाज: करनाल में बोरियों के ढेर से बढ़ी परेशानी

करनाल/चंडीगढ़. तरावड़ी अनाज मंडी में इन दिनों अव्यवस्था चरम पर है। एजेंसियों द्वारा उठान लिफ्टिंग नहीं किए जाने से मंडी में अनाज के ढेर लग गए हैं। इससे आढ़ती और किसान दोनों भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है उठान ठप होने के कारण किसानों को उनकी फसल की पेमेंट भी समय पर नहीं मिल पा रही है। मंडी में कई दिनों से अनाज की खरीद तो हो रही है, लेकिन उसका उठान नहीं हो रहा। इसके चलते मंडी में जगह की भारी कमी हो गई है और नई फसल की आवक भी प्रभावित हो रही है। किसान अपनी उपज लेकर मंडी पहुंच रहे हैं, लेकिन उचित व्यवस्था न होने के कारण उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान सुभाष गुप्ता ने प्रशासन और फूड एंड सप्लाई विभाग पर सवाल उठाते हुए कहा जब एजेंसियों के पास अनाज रखने की पर्याप्त जगह ही नहीं थी, तो खरीद प्रक्रिया शुरू ही क्यों की गई। उन्होंने कहा उठान न होने से पूरा सिस्टम चरमरा गया है और इसका खामियाजा सीधे किसानों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जल्द से जल्द उठान की प्रक्रिया तेज की जाए, ताकि मंडी में व्यवस्था बहाल हो सके और किसानों को उनकी मेहनत का पैसा समय पर मिल सके। मंडी में लगातार बढ़ रहे अनाज के ढेर और किसानों की लंबी कतारें यह साफ संकेत दे रही हैं यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो स्थिति और बिगड़ सकती है। किसान और आढ़ती अब प्रशासन की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं कि कब उनकी समस्या का समाधान होगा।

पानी की जिम्मेदारी अब पंचायतों के हाथ: फतेहाबाद में 233 गांवों में लागू होगा नया मॉडल

फतेहाबाद. ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिले की 233 ग्राम पंचायतों को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की नई आपरेशन एंड मेंटेनेंस नीति-2026 के तहत अब पंचायतें खुद पानी के बिल की वसूली, जल आपूर्ति प्रबंधन और रख-रखाव का काम संभालेंगी। खास बात यह है कि पंचायत जितना राजस्व बिल के रूप में एकत्रित करेगी, सरकार भी उतनी ही अतिरिक्त राशि पंचायत के खाते में देगी। इससे पंचायतों को जल सुविधाओं के सुधार और विस्तार के लिए पर्याप्त संसाधन मिलेंगे। जिले में 258 पंचायतें है। ऐसे में आने वाले दिनों में इन पंचायतों को भी शामिल किया जाएगा। इस योजना के तहत चयनित पंचायतों के बैंक खाते खोले जा रहे हैं, जिन्हें मुख्यालय स्तर के सिंगल खाते से जोड़ा जाएगा। पंचायतों द्वारा एकत्रित राजस्व पहले मुख्य खाते में जमा होगा, जिसके बाद सरकार उसी राशि को जोड़कर दोगुनी रकम पंचायत को वापस देगी। इस राशि का उपयोग जल प्रबंधन से जुड़े कार्यों में किया जाएगा। पंचायतों को मिली व्यापक जिम्मेदारी नई नीति के तहत पंचायतें अब पानी के कनेक्शन जारी करने, बिल वसूली, शिकायत निवारण, मीटरिंग और जल गुणवत्ता की निगरानी तक की जिम्मेदारी निभाएंगी। इसके अलावा पाइपलाइन, ओवरहेड टैंक, पंप और अन्य संसाधनों की मरम्मत व रख-रखाव भी पंचायतों के जिम्मे होगा। अवैध कनेक्शनों पर कार्रवाई और जल हानि को कम करने के निर्देश भी दिए गए हैं, जिससे जल संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। पानी के बिलों की वसूली में स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की महिलाओं को जोड़ा गया है। उपभोक्ताओं से प्राप्त जल शुल्क का 10 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि के रूप में इन समूहों को दिया जाएगा। इससे न केवल वसूली प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी, बल्कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी भी मजबूत होगी। पंचायतें बिस्वास पोर्टल के माध्यम से नए कनेक्शन जारी करने, कनेक्शन काटने, मीटर लगाने और शिकायतों का आनलाइन समाधान कर सकेंगी। इसके साथ ही बिल वितरण, भुगतान की निगरानी और उपभोक्ताओं को एसएमएस के जरिए सूचना देने की जिम्मेदारी भी पंचायतों को दी गई है। इससे पूरी प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी बनेगी। योजना के तहत प्रत्येक उपभोक्ता को 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन पानी उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। जल गुणवत्ता की नियमित जांच फील्ड टेस्ट किट से की जाएगी और वितरण के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग तकनीकी सहयोग, प्रशिक्षण और गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित करेगा। विभाग द्वारा जल आपूर्ति योजनाओं को अपग्रेड कर 24 घंटे जल उपलब्धता के लक्ष्य को भी हासिल करने का प्रयास किया जाएगा। इस व्यवस्था से ग्रामीण जल आपूर्ति अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनेगी। साथ ही पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हुए जल प्रबंधन में स्थानीय भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा। आने वाले समय में जिले की सभी पंचायतों को इसके दायरे में लाने की तैयारी की जा रही है।

हत्या केस पर सख्त रुख: अनिल विज ने एसपी से बात कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के दिए आदेश

अंबाला. हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने बीती रात टुंडला के निकट गोली लगने से युवक गुरप्रीत सिंह की मौत के मामले में आरोपितों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश अंबाला एसपी को दिए। विज ने सुबह छावनी सिविल अस्पताल में पहुंचकर मृतक के स्वजनों को इस मामले में हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। विज ने मौके पर ही एसपी को फोन मिलाते हुए मामले में संलिप्त आरोपितों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि रात्रि गौ तस्कर थे जोकि गोवंशों को लेकर जा रहे थे और जैसे ही पुलिस को पता लगा तो हमारी पुलिस की दो जिप्सियां पीछे लगी। आरोपितों ने गोलियां चलाई जोकि उनके हलके के गांव गरनाला निवासी युवक गुरप्रीत सिंह को लगी। पोस्टमार्टम में पता चलेगा कि गोली किसकी लगी। उन्होंने इस मामले में अंबाला एसपी को सख्त निर्देश दिए हैं कि जल्द आरोपितों को पकड़ा जाए।

करनाल के इंडस्ट्रियलिस्ट्स का सरकार को सुझाव: ‘मेक इन हरियाणा 2026’ में संपदाओं के एकीकरण पर जोर

करनाल. हरियाणा सरकार द्वारा आगामी मेक इन हरियाणा औद्योगिक नीति- 2026 को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज हो गई है। राज्य को औद्योगिक केंद्र बनाने के विजन के साथ तैयार किए जा रहे। इस मसौदे पर हितधारकों से सुझाव मांगे गए हैं। इसी कड़ी में करनाल कृषि उपकरण निर्माता संघ (पंजीकृत) काइमा और औद्योगिक विकास निगम कल्याण संघ ने सरकार को महत्वपूर्ण नीतिगत सुझाव भेजकर औद्योगिक संपदाओं के प्रबंधन में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने की अपील की है। नीति के दायरे को व्यापक बनाने पर जोर काइमा के अध्यक्ष मनीष गाबा और औद्योगिक विकास निगम कल्याण संघ के अध्यक्ष राज बजाज ने संयुक्त रूप से बताया कि सरकार की प्रस्तावित पहल स्वागत योग्य है, लेकिन इसके लाभ का दायरा केवल उद्योग विभाग तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उनके अनुसार, औद्योगिक नीति के खंड 14.4.6 में उन संपदाओं को भी अनिवार्य रूप से शामिल किया जाना चाहिए, जो पूर्व में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित की गई थीं और अब हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड द्वारा अधिग्रहित या हस्तांतरित कर ली गई हैं। आइडीसी और एचएसवीपी आवंटियों की साझा कठिनाइयां एसोसिएशन के महासचिव अक्षय कटारिया द्वारा दिए गए सुझावों में स्पष्ट किया गया कि वर्तमान में उद्योग विभाग द्वारा विकसित औद्योगिक विकास कालोनी और एचएसवीपी से हस्तांतरित संपदाएं एचएसआइआइडीसी की संपदा प्रबंधन प्रक्रिया के अधीन आती हैं। इन संपदाओं के मालिकों को अपने आवंटन पत्र की शर्तों और औद्योगिक प्रबंधन को लेकर कई व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यदि नई नीति में एचएसवीपी द्वारा विकसित क्षेत्रों को भी आईडीसी के समान श्रेणी में शामिल किया जाता है, तो सैकड़ों उद्यमियों को बड़ी राहत मिलेगी और प्रशासनिक बाधाएं दूर होंगी। नई नीति से औद्योगिक विकास को लगेंगे पंख उद्यमियों का मानना है कि मेक इन हरियाणा नीति का वास्तविक लाभ तभी मिल सकता है जब सभी औद्योगिक क्लस्टर एक समान नियमों के तहत काम करें। यह है संघ की मांग उद्योग विभाग द्वारा विकसित आइडीसी को उनके आवंटन पत्र की मूल शर्तों के तहत नीति में जगह मिले। एचएसआइआइडीसी द्वारा अधिग्रहित पुरानी संपदाओं के लिए नियम सरल किए जाएं। प्रस्तावित नीति निवेश और रोजगार के साथ-साथ ईज आफ डूइंग बिजनेस के मूल मंत्र पर आधारित हो। बता दें कि सरकार ने नीति का मसौदा सार्वजनिक कर उद्योगपतियों से इनपुट मांगे हैं। करनाल के इन प्रमुख औद्योगिक संघों द्वारा दिए गए सुझावों पर अब राज्य स्तर पर चर्चा होने की उम्मीद है। यदि सरकार इन सुझावों को स्वीकार करती है, तो यह प्रदेश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।

उभरते खिलाड़ियों का संगम: करनाल में 2600 प्रतिभाएं खेल महाकुंभ में बहा रहीं पसीना

करनाल. इस बार जिले में खेल नर्सरियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इससे खेल प्रतिभाओं को निखारने का पूरा मौका मिलेगा। पिछले साल जहां जिले में 86 नर्सरियों में 2150 खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे थे, वहीं इस बार 104 नर्सरियों में करीब 2600 खिलाड़ी अभ्यास करेंगे। अभ्यास प्रक्रिया शुरू हो गई है। आंकड़ों के अनुसार गत वर्ष 53 सरकारी और 30 निजी नर्सरियां जिले में चल रही थीं, जबकि इस बार निजी नर्सरियों की संख्या बढ़कर 74 हो गई है और सरकारी नर्सरियां 30 ही हैं। इस प्रकार कुल 28 नर्सरियों की वृद्धि हुई है, जिससे खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिल रहे हैं। प्रत्येक नर्सरी में एक कोच की नियुक्ति की गई है। जिनमें निजी नर्सरियों के कोच को प्रति माह 25 हजार रुपये वेतन दिया जाता है, जबकि खिलाड़ियों को 1500 से 2 हजार रुपये प्रतिमाह डाइट भत्ता प्रदान किया जाता है। यह राशि खिलाड़ियों व कोचों के खाते में डायरेक्ट आती है। इससे खेल नर्सरियों की बढ़ती संख्या से अधिक से अधिक युवा खेलों की ओर आकर्षित होंगे और भविष्य में जिले का नाम राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करेंगे। इस साल का सत्र भी शुरू हो गया है और खिलाड़ी निरंतर अभ्यास के लिए आ रहे है। जून-जुलाई महीने में आयोजित होने वाली जिला व प्रदेश स्तर की प्रतियोगिता के लिए तैयारी शुरु कर दी है। सभी कोच निरंतर खिलाड़ियों का प्रशिक्षण दे रहे है। पिछले साल के मुकाबले बढ़ी नर्सरियों की संख्या जिला खेल अधिकारी सत्यवीर पोसवाल ने बताया कि हमें पिछले साल के मुकाबले अधिक नर्सरियां मिली हैं। सभी खेल नर्सरियों को शुरू कर दिया गया है, ताकि खिलाड़ी निरंतर अभ्यास कर सके। पिछले साल जिले को 86 नर्सरियों मिली थी। जिले में खेल नर्सरी और उनका स्थान खेल का नाम     खेल नर्सरी केंद्र (स्थान) वॉलीबाल     राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रायपुर रोडान, ग्राम पंचायत उपलानी, शाहपुर, हेमदा, गांव बस्तली, पुंडरक, गगसीना, गुढ़ा, चोरकारसा, नलवी खुर्द, जीएसएसएस ब्रास, दादूपुरा रोडान, गवर्नमेंट हाई स्कूल कलामपुरा, ग्राम पंचायत बड़ा गांव। कुश्ती     पीएमश्री जीएसएसएस असंध, गांव मंगलौरा, गवर्नमेंट हाई स्कूल रायपुर रोडान, ग्राम पंचायत मूनक, जीएसएसएस इशाक। हैंडबाल     जीएसएसएस बड़ौता, पीएमश्री जीएसएसएस नीलोखेड़ी, जीएसएसएस सारसा। फुटबाल     नीलोखेड़ी वार्ड नं 4 खेल मैदान, डीएवी पुलिस लाईन करनाल, गांव पींगली, जीएसएसएस खेड़ी नरू, जीएसएसएस सीकरी, पीएम श्री जीएसएसएस कुंजपुरा, ग्राम पंचायत बढ़ी, विवेकानंद विद्यालय निकेतन असंध। मुक्केबाजी     हसनपुर स्टेडियम, ग्राम पंचायत शेखपुरा जागीर, पीएमश्री स्कूल जवाहर विद्यालय सग्गा, गवर्नमेंट मिडिल स्कूल रांवर, संत कबीर स्कूल ग्राउंड। कबड्डी     गवर्नमेंट मिडिल स्कूल कैरवाली, जीएसएसएस रायपुर जाटान, पीएमश्री सीनियर सेकेंडरी स्कूल असंध, जीएसएसएस अमृतपुर कलां, गांव सालवन, ग्राम पंचायत मोर माजरा, जीएसएसएस मिर्जापुर। बास्केटबाल- जीएसएसएस मंजूरा, जीएसएसएस मॉडल टाउन करनाल, पीएम श्री कुटैल, गांव बदराना। ताइक्वांडों     जीजीएमएसएसएस रेलवे रोड करनाल। व्यायाम (Athletics/Exercise)     ग्राम पंचायत कालरों, गांव ऊंचा समाना, जीएसएसएस ऊंचाना, गुरुनानक गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, ग्राम पंचायत गंगाटेहड़ी, पनौड़ी खेल स्टेडियम, ग्राम पंचायत इंद्रगढ़, ग्राम पंचायत काछवा, जीएसएसएस रामसरन माजरा, ग्राम पंचायत बड़ा गांव। खेल का नाम     खेल नर्सरी केंद्र (स्थान) टेबल-टेनिस     गवर्नमेंट हाई स्कूल, जयसिंहपुरा कराटे     गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, इंद्री वुशु     गवर्नमेंट प्राइमरी स्कूल धेरुमाजरा, खेल परिसर ऊंचा समाना, ग्राम पंचायत दादूपुर, मलिकपुर जूडो     ग्राम पंचायत बल्ला, गांव मानपुरा, स्वामी अमर देश आदर्श पब्लिक स्कूल (गांव गोंदर) हाकी     ग्राम पंचायत काछवा साइक्लिंग     गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल अमीन, ग्राम पंचायत बालू, ग्राम पंचायत समाना बाहु बैडमिंटन     कर्ण स्टेडियम, करनाल लॉन टेनिस     कर्ण स्टेडियम, करनाल योगा     ग्राम पंचायत डबरी शूटिंग     आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल, असंध जिमनास्टिक     जीएसएसएस ठस्का मीरांजी केनोइंग     ग्राम पंचायत बुढनपुरा तलवारबाजी     ग्राम पंचायत पिंगली

ट्रांसपोर्ट और कम्युनिकेशन जोन में अब लग सकेंगे उद्योग, सरकार का नया फैसला

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए इंडस्ट्रियल लाइसेंसिंग पालिसी में बड़ा बदलाव किया है। इसके अंतर्गत ट्रांसपोर्ट और कम्युनिकेशन जोन में 25 प्रतिशत तक इंडस्ट्रियल कालोनियों को विकसित करने की मंजूरी दी जाएगी। एग्रीकल्चर जोन में लाइसेंस पर इन्फ्रास्ट्रक्चर लागत का नया नियम लागू होगा। यदि कोई इंडस्ट्रियल लाइसेंस शहरी सीमा से 500 मीटर से बाहर एग्रीकल्चर जोन में लिया जाता है तो वहां आवश्यक इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की लागत संबंधित डेवलपर से वसूल की जाएगी। निवेशकों को राहत प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने ईडीसी (बाह्य विकास शुल्क) में भी राहत प्रदान की है। हरियाणा सरकार ने साल 2015 में इंडस्ट्रियल लाइसेंसिंग पालिसी तैयार की थी, जिसमें 24 मार्च को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में संशोधन करने पर सहमति बनी थी। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल ने संशोधित पालिसी का परिपत्र जारी कर दिया है। हरियाणा में औद्योगिक विकास पर जोर नई व्यवस्था के तहत अब प्रकाशित डेवलपमेंट प्लान के अंतर्गत इंडस्ट्रियल जोन के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट और कम्युनिकेशन जोन में भी औद्योगिक कालोनियां स्थापित करने की अनुमति दी जाएगी। यह अनुमति कुल नियोजित क्षेत्र के 25 प्रतिशत तक ही सीमित रहेगी। हरियाणा सरकार का मानना है कि इस बदलाव से राज्य में उद्योगों के लिए सकारात्मक माहौल बनेगा। आसान नियम, लागत में पारदर्शिता और राहत के प्रविधानों के चलते अधिक से अधिक निवेशक नये उद्योग लगाने के लिए आगे आएंगे तथा पुराने उद्योगपतियों को राहत मिलेगी। प्रदेश सरकार राज्य में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए लगातार बैठकें कर रही है। राज्य सरकार का यह निर्णय हरियाणा को औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने में सहयोग प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली सरकार के संशोधित फैसले के मुताबिक अब शहरी क्षेत्रों में उद्योग स्थापित करना पहले से अधिक आसान हो जाएगा। पहले केवल सीमित क्षेत्रों में ही उद्योग करने की अनुमति मिलती थी, मगर अब ट्रांसपोर्ट और कम्युनिकेशन जोन को भी शामिल करने से औद्योगिक विस्तार के नये रास्ते खुलेंगे। एग्रीकल्चर जोन में ढांचागत विकास का खर्च निवेशक से वसूलेगी सरकार हरियाणा सरकार ने पालिसी में एक बड़ा बदलाव एग्रीकल्चर जोन को लेकर किया है। यदि कोई इंडस्ट्रियल लाइसेंस शहरी सीमा से 500 मीटर से बाहर एग्रीकल्चर जोन में लिया जाता है, तो वहां आवश्यक इन्फ्रास्ट्रक्चर की लागत संबंधित डेवलपर को वहन करनी होगी यानी सड़क, बिजली, पानी जैसी सुविधाओं का खर्च सीधे निवेशक से लिया जाएगा। इस बदलाव का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ न पड़े और विकास जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़े। एग्रीकल्चर जोन में लिए इंडस्ट्रियल लाइसेंस के शहरी क्षेत्र में शामिल होने पर ईडीसी माफ टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल की ओर से जारी संशोधित पालिसी के अऩुसार यदि पहले से एग्रीकल्चर जोन में लिया गया इंडस्ट्रियल लाइसेंस बाद में शहरी क्षेत्र में शामिल हो जाता है और उस पर निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, तो उस हिस्से पर एक्सटर्नल डेवलपमेंट चार्ज (ईडीसी-बाह्य विकास शुल्क) नहीं लिया जाएगा। हालांकि, जो हिस्सा अभी अधूरा है, उस पर लागू नियमों के अनुसार ईडीसी देना होगा। इससे पुराने निवेशकों को बड़ी राहत मिलेगी और नये निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।

नगर निगम की सख्ती: पानीपत में अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर

 पानीपत  नगर निगम की डीटीपी ब्रांच की टीम ने शुक्रवार को शहर में 3 जगहों पर काटी जा रही अवैध कालोनियों में 29 कच्ची व पक्की गलियां और 18 प्लॉट में बनाई जा रही नींव को उखाड़ा। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि संबंधित अवैध कॉलोनियां काटने वालों को नगर निगम अधिनियम 1994 के तहत 3 बार नोटिस जारी किए गए थे। जिसके बाद भी इन अवैध कालोनियों में न तो कोई निर्माण कार्य हुए और न ही कॉलोनियां काटने वालों ने प्लॉट बेचने का काम बंद कराया। कच्ची सड़कों को अब पक्का बनाने का काम भी चल रहा था। जबकि नोटिस के माध्यम से कालोनाइजरों को बोला जा रहा था कि वे निर्माण कार्य बंद करवाकर इस भूमि को कृषि योग्य बनाए। ऐसा नहीं करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद भी आदेशों की अनुपालना नहीं की गई। अब केस भी दर्ज होंगे हरियाणा नगर निगम अधिनियम 1994 की धारा 350-सी के तहत अवैध कॉलोनी काटने वाले मालिकों व डीलरों पर पुलिस केस दर्ज होंगे। साथ ही उचित कानूनी कार्यवाही करते हुए गिरफ्तार करने के निर्देश जारी किए गए हैं। अब इन अवैध कालोनियों को तोड़ने के लिए जिलाधीश पानीपत द्वारा नियुक्त डयूटी मैजिस्ट्रेट भी लगाया गया। साथ ही जिला नगर योजनाकार जितेंद्र, रिंकू व राजेश के अलावा पुलिस बल भी तैनात किया गया। यह वीडियो भी देखें कॉलोनियों में की गई कार्रवाई     पावर हाउस के पास कुटानी रोड के नजदीक काटी जा रही अवैध कॉलोनी में 15 सड़कें व 8 नींव उखाड़ी गई।     जगदीश कॉलोनी के सामने वर्मा चौक के पास काटी जा रही अवैध कॉलोनी में 6 गलियां और 3 नींव को उखाड़ा गया।     कुटानी रोड पर ही पवन नाम के व्यक्ति द्वारा काटी जा रही अवैध कॉलोनी में 8 नींव और 5 नींव को उखाड़ा गया।  

पुलिस घेराबंदी के दौरान बड़ा हादसा: तस्करों की गोलीबारी में युवक की जान गई

अंबाला हरियाणा के अंबाला जिले के पंजोखरा थाना क्षेत्र में टुंडला के पास देर रात करीब दो बजे उस समय सनसनी फैल गई, जब गौ-तस्करों ने पुलिस से बचने के प्रयास में दो बाइक सवार युवकों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। हमले में गरनाला निवासी गुरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी (25) की आंख पर गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक किसी तरह जान बचाने में सफल रहा। पुलिस द्वारा गौ-तस्करी की सूचना के बाद घेराबंदी की गई थी। इसी दौरान एक पिकअप वाहन में सवार तस्कर पुलिस से बचने के लिए तेजी से भाग रहे थे। घबराहट में उन्होंने रास्ते में आ रहे दो युवकों को पुलिसकर्मी समझ लिया और बिना कुछ सोचे-समझे उन पर फायरिंग शुरू कर दी। गोलियां सीधे गुरप्रीत सिंह को जा लगीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। वहीं, दूसरा युवक इस हमले में सुरक्षित बच निकला और उसने ही घटना की सूचना पुलिस को दी। बताया जा रहा है कि तस्कर थोड़ी दूरी पर गाय और भैंस से लदी पिकअप को छोड़कर मौके से फरार हो गए। वाहन में करीब तीन तस्कर सवार थे। पुलिस ने पिकअप को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और आसपास के इलाकों में आरोपियों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इलाके में दहशत इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। दिन-रात सक्रिय रहने वाले तस्करों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब आम लोगों की जान भी खतरे में पड़ने लगी है जांच में जुटी पुलिस पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं। जल्द ही आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही, घटनास्थल से सबूत जुटाए जा रहे हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।