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रिश्वतखोर पटवारी गिरफ्तार: रजिस्ट्री के नाम पर वसूले जा रहे थे 50 हजार रुपये

टोहाना/फतेहाबाद. हरियाणा के फतेहाबाद जिले में भ्रष्टाचार पर कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो अंबाला की टीम ने खंड पंचायत एवं विकास अधिकारी कार्यालय में तैनात पंचायती राज पटवारी उमेद सिंह बूरा को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। गांव पारता निवासी कपिल कुमार ने एसीबी को शिकायत दी थी कि पटवारी गांव की शामलात भूमि की रजिस्ट्री करवाने के बदले उससे 50 हजार रुपये रिश्वत मांग रहा है और बिना पैसे काम करने से मना कर रहा है। इस पर एंटी करप्शन ब्यूरो ने डीएसपी ओमप्रकाश नैन के नेतृत्व में टीम गठित की। टीम ने शिकायतकर्ता को रिश्वत की तय राशि दे आरोपित के पास भेजा। नोटों के नंबर दर्ज किए व रसायन लगाया गया। जैसे ही पटवारी उमेद ने शिकायतकर्ता से 50 हजार रुपये लिए, एसीबी टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपित के हाथ धुलाए तो पानी लाल हो गया, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हो गई।

तबादलों का दौर जारी: हरियाणा सरकार ने 12 HPS अधिकारियों को किया इधर से उधर

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने पुलिस प्रशासन में बड़ा फेरबदल करते हुए हरियाणा पुलिस सेवा (HPS) के 12 अधिकारियों के तत्काल प्रभाव से तबादले और नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए हैं। राज्यपाल की मंजूरी के बाद गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल (IAS) द्वारा इस संबंध में आधिकारिक सूची जारी कर दी गई है। तबादलों की इस लिस्ट में कई महत्वपूर्ण जिलों के डीएसपी (DSP) और एसीपी (ACP) स्तर के अधिकारी शामिल हैं। 15 एचपीएस अधिकारियों का भी ट्रांसफर इससे पहले शुक्रवार को हरियाणा सरकार ने 15 एचपीसएस अधिकारियों का ट्रांसफर किया था। प्रशासनिक कामकाज में कसावट लाने के उद्देश्य से तुरंत प्रभाव से 15 हरियाणा पुलिस सेवा (HPS) अधिकारियों के तबादले और नियुक्ति के आदेश जारी किए। गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल द्वारा जारी इन आदेशों में कई महत्वपूर्ण जिलों के डीएसपी (DSP) और एसीपी (ACP) स्तर के अधिकारियों को बदला गया है।

हजारों करोड़ के घोटाले के आरोप में कंपनी और 7 निदेशकों पर बैन, हरियाणा में लाइसेंस बंद

 चंडीगढ़ प्लॉट-फ्लैट के नाम पर हजारों करोड़ रुपये का घोटाला करने के आरोपित पार्श्वनाथ डेवलपर्स को अब हरियाणा में लाइसेंस नहीं मिलेंगे। प्रदेश सरकार ने पार्श्वनाथ डेवलपर्स लिमिटेड के साथ ही सात निदेशकों को भी प्रतिबंधित कर दिया है। कंपनी पर पिछले 20 वषों में सोनीपत में आठ सेक्टरों, रोहतक में तीन और पानीपत में दो सेक्टरों में विभिन्न परियोजनाओं के नाम पर निवेशकों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। इसी तरह दिल्ली में भी विभिन्न आरोपों को लेकर बाराखंभा रोड पर स्थित थाने में एफआईआर दर्ज हैं, जिनकी सुनवाई अदालत में चल रही है। नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के निदेशक अमित खत्री ने पार्श्वनाथ डेवलपर्स लिमिटेड और निदेशकों को विभिन्न अनियमितताओं के प्लॉट व फ्लैट के नाम पर हजारों करोड़ के घोटाले के आरोपित, दिल्ली में भी दर्ज हैं एफआईआर आरोपों के चलते हरियाणा में भविष्य में कोई भी लाइसेंस नहीं देने के आदेश जारी कर दिए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार ने पार्श्वनाथ डेवलपर्स को वर्ष 2006 में सोनीपत में आवासीय परियोजनाएं विकसित करने के लिए चार, 2007 में पानीपत और वर्ष 2010 में रोहतक में एक-एक लाइसेंस दिए थे। इन परियोजनाओं का लाइसेंस हरियाणा शहरी क्षेत्र विकास एवं विनियमन अधिनियम 1975 और उसके नियम 1976 के प्रविधानों के तहत धोखाधड़ी के चलते निष्क्रिय किया जा चुका है। भूखंडों और फ्लैटों की बिक्री के दौरान धोखाधड़ी, जालसाजी और किए गए वादों का पालन न करने के संबंध में सरकार के पास आमजन से कई शिकायतें पहुंची हैं। हरियाणा रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (हरेरा) भी लाइसेंसधारी कंपनी के खिलाफ कई आदेश पारित कर चुका है। दिवालियापन के कगार पर पहुंची कंपनी गंभीर वित्तीय और कानूनी समस्याओं का सामना कर रही पार्श्वनाथ डेवलपर्स लिमिटेड दिवालियापन के कगार पर पहुंच चुकी है। राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) 452 करोड़ से अधिक के डिफाल्ट के बाद कंपनी के खिलाफ कॉरपोरेट दिवालिया पन समाधान प्रक्रिया शुरू करने की याचिका स्वीकार कर चुका है। एनसी एलटी ने कंपनी के मामलों का प्रबंधन करने के लिए एक अंतरिम समाधान पेशेवर भी नियुक्त किया है। इससे पहले नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग ने सोनीपत के कुंडली में 84.155 एकड़ क्षेत्र में आवासीय कालोनी विकसित करने के लिए कंपनी को दिया गया लाइसेंस रद कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट भी विभिन्न मामलों में कंपनी को दोषी ठहराते हुए प्रतिकूल आदेश जारी कर चुके हैं। ईडीसी-एसआइडीसी के 331 करोड़ नहीं कराए जमा पार्श्वनाथ डेवलपर्स लिमिटेड पर 19 सितंबर 2024 तक बाह्य विकास शुल्क (ईडीसी) और एसआइडीसी का 333.31 करोड़ रुपये बकाया था, जिसे जमा नहीं कराया। गंभीर आरोपों में जांच का सामना कर रही कंपनी ने लाइसेंस नवीनीकरण के लिए आवेदन तक नहीं किया। इन निदेशकों पर लगा प्रतिबंध दीपा गुप्ता, रक्षिता शर्मा, राजीव जैन, प्रदीप कुमार जैन, संजीव कुमार जैन, सुभाष चंद्र सेतिया व अशोक कुमार  

मौसम ने ली करवट: बारिश के बाद हरियाणा में अब हीटवेव का खतरा, अलर्ट जारी

हिसार. प्रदेश में हुई बारिश के बाद अब आज से मौसम साफ रहेगा। मौसम विभाग की ओर से लू का येलो अलर्ट जारी किया गया है। यह चेतावनी 21 मई तक प्रभावी रहेगी। अब 16 मई से मौसम साफ रहेगा और उसके साथ ही लू चलने का यलो अलर्ट भी जारी किया गया है। इससे तापमान के फिर से बढ़ने की संभावना है। लू की चेतावनी 21 मई तक रहेगी। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण वीरवार को वर्षा हुई। शुक्रवार को दिन के समय धूल भरी हवाएं चली, लेकिन मौसम में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ। दिन के समय धूप तेज होने के कारण अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस पार कर गया। अब मौसम साफ होने के कारण लू चल सकती है। विज्ञानियों ने इस दौरान लू से बचने और जरूरी काम को समय से करने की सलाह दी है। पारा रहेगा 39-42 डिग्री सेल्सियस हरियाणा, दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में दिन के समय तापमान 39-42 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। 16 और 17 मई को तेज गर्म हवाएं चलने की संभावना है, जबकि शाम या रात में कुछ जगहों पर धूलभरी आंधी और हल्की बारिश राहत दे सकती है। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, यूपी और दिल्ली में मौसम विभाग ने तेज हवाओं और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 50 से 80 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

अपराधियों पर शिकंजा: फरीदाबाद में 10 क्राइम ब्रांच टीमों की एक साथ दबिश

फरीदाबाद. एनआईटी-तीन स्थित नेहरू कॉलोनी शनिवार सुबह अचानक पुलिस छावनी में तब्दील हो गई, जब क्राइम ब्रांच की 10 टीमों ने एक साथ नशा तस्करों के खिलाफ बड़ा सर्च अभियान शुरू कर दिया। अभियान में 100 से अधिक पुलिसकर्मी शामिल हैं, जो गली-गली और घर-घर जाकर नशीले पदार्थों की तलाश कर रहे हैं। शुरुआती कार्रवाई में 4 से 5 लोगों को हिरासत में लिए जाने की सूचना है, जबकि मौके से बड़े स्तर पर नशीले पदार्थ बरामद होने की भी चर्चा है। सूत्रों के अनुसार क्राइम ब्रांच को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि नेहरू कॉलोनी में संगठित तरीके से नशे का कारोबार चल रहा है। बताया जा रहा है कि कुछ मकानों को नशा सप्लाई के अड्डों के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। इसी इनपुट के आधार पर शनिवार सुबह अचानक कार्रवाई की गई ताकि किसी आरोपित को भागने का मौका न मिले। संदिग्ध मकानों को घेरकर तलाशी शुरू की पुलिस टीमों ने कालोनी के कई संदिग्ध मकानों को घेरकर तलाशी शुरू की। कई स्थानों पर महिलाओं की मौजूदगी में महिला पुलिसकर्मियों ने भी जांच की। कार्रवाई के दौरान कालोनी में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और बड़ी संख्या में लोग घरों के बाहर जमा हो गए। फरीदाबाद पुलिस इससे पहले भी शहर में नशा तस्करों के खिलाफ बड़े अभियान चला चुकी है। वर्ष 2024 में “ऑपरेशन आक्रमण” के दौरान भी पुलिस ने जिलेभर में एक साथ छापेमारी कर नशा तस्करी, अवैध शराब और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल दर्जनों लोगों को पकड़ा था। शहर में नशा तस्करों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इससे पहले अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों पर भी बुलडोजर कार्रवाई हो चुकी है। नेहरू कॉलोनी में पहले भी कई बार अभियान चला चुकी  क्राइम ब्रांच की टीम नेहरू कॉलोनी में पहले भी कई बार अभियान चला चुकी है, लेकिन पुलिस को आशंका है कि कुछ गिरोह दोबारा सक्रिय हो गए हैं। इसी वजह से इस बार बड़ी संख्या में पुलिस बल उतारा गया है। अधिकारियों का कहना है कि अभियान पूरा होने के बाद बरामदगी और गिरफ्तार किए गए आरोपितों को लेकर विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।

हरियाणा सरकार का बड़ा कदम, कार-पूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की पहल

 चंडीगढ़  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का देश हित में ईंधन बचाने का आह्वान कारगर साबित हो रहा है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से लेकर राज्य सरकार के मंत्री जहां अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम कर चुके हैं, वहीं मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने अधिकारियों व कर्मचारियों से भी ईंधन की बचत करने के महायज्ञ में अपना आहुति डालने का आह्वान किया है। हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों तथा कर्मचारियों से आग्रह किया है कि वे अपने दैनिक सरकारी कार्यों में पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने के लिए हरसंभव प्रयास करें। कार-पूलिंग करने के दिए निर्देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में वैश्विक परिस्थितियों और ऊर्जा संरक्षण की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए देशवासियों से ईंधन बचत के उपाय अपनाने की अपील की है। सरकारी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी अपने कार्यालयों में आने-जाने, बैठकों में भागीदारी तथा आधिकारिक कार्यक्रमों में आने-जाने के लिए ज्यादा से ज्यादा कार-पूलिंग करें। मुख्य सचिव ने सुझाव दिया कि जहां तक संभव हो, पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग किया जाए। विभागाध्यक्षों का भी दायित्व है कि वे अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन तथा अन्य विकल्पों के उपयोग के लिए प्रेरित करें। अनुराग रस्तोगी ने अधिकारियों से अनुरोध किया कि वे बैठकों और आधिकारिक संवाद के लिए वीडियो कान्फ्रेंसिंग वर्चुअल प्लेटफॉर्म का अधिक से अधिक उपयोग करें। सामूहिक रूप से किए गए हमारे छोटे-छोटे प्रयास ईंधन की बचत कर व्यापक राष्ट्रीय हित में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

नायब सरकार सख्त: घोटाले के आरोपों के बीच पार्श्वनाथ डेवलपर्स को नहीं मिलेंगे लाइसेंस

चंडीगढ़. प्लॉट-फ्लैट के नाम पर हजारों करोड़ रुपये का घोटाला करने के आरोपित पार्श्वनाथ डेवलपर्स को अब हरियाणा में लाइसेंस नहीं मिलेंगे। प्रदेश सरकार ने पार्श्वनाथ डेवलपर्स लिमिटेड के साथ ही सात निदेशकों को भी प्रतिबंधित कर दिया है। कंपनी पर पिछले 20 वषों में सोनीपत में आठ सेक्टरों, रोहतक में तीन और पानीपत में दो सेक्टरों में विभिन्न परियोजनाओं के नाम पर निवेशकों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। इसी तरह दिल्ली में भी विभिन्न आरोपों को लेकर बाराखंभा रोड पर स्थित थाने में एफआईआर दर्ज हैं, जिनकी सुनवाई अदालत में चल रही है। नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के निदेशक अमित खत्री ने पार्श्वनाथ डेवलपर्स लिमिटेड और निदेशकों को विभिन्न अनियमितताओं के प्लॉट व फ्लैट के नाम पर हजारों करोड़ के घोटाले के आरोपित, दिल्ली में भी दर्ज हैं एफआईआर आरोपों के चलते हरियाणा में भविष्य में कोई भी लाइसेंस नहीं देने के आदेश जारी कर दिए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार ने पार्श्वनाथ डेवलपर्स को वर्ष 2006 में सोनीपत में आवासीय परियोजनाएं विकसित करने के लिए चार, 2007 में पानीपत और वर्ष 2010 में रोहतक में एक-एक लाइसेंस दिए थे। इन परियोजनाओं का लाइसेंस हरियाणा शहरी क्षेत्र विकास एवं विनियमन अधिनियम 1975 और उसके नियम 1976 के प्रविधानों के तहत धोखाधड़ी के चलते निष्क्रिय किया जा चुका है। भूखंडों और फ्लैटों की बिक्री के दौरान धोखाधड़ी, जालसाजी और किए गए वादों का पालन न करने के संबंध में सरकार के पास आमजन से कई शिकायतें पहुंची हैं। हरियाणा रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (हरेरा) भी लाइसेंसधारी कंपनी के खिलाफ कई आदेश पारित कर चुका है। दिवालियापन के कगार पर पहुंची कंपनी गंभीर वित्तीय और कानूनी समस्याओं का सामना कर रही पार्श्वनाथ डेवलपर्स लिमिटेड दिवालियापन के कगार पर पहुंच चुकी है। राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) 452 करोड़ से अधिक के डिफाल्ट के बाद कंपनी के खिलाफ कॉरपोरेट दिवालिया पन समाधान प्रक्रिया शुरू करने की याचिका स्वीकार कर चुका है। एनसी एलटी ने कंपनी के मामलों का प्रबंधन करने के लिए एक अंतरिम समाधान पेशेवर भी नियुक्त किया है। इससे पहले नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग ने सोनीपत के कुंडली में 84.155 एकड़ क्षेत्र में आवासीय कालोनी विकसित करने के लिए कंपनी को दिया गया लाइसेंस रद कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट भी विभिन्न मामलों में कंपनी को दोषी ठहराते हुए प्रतिकूल आदेश जारी कर चुके हैं। ईडीसी-एसआइडीसी के 331 करोड़ नहीं कराए जमा पार्श्वनाथ डेवलपर्स लिमिटेड पर 19 सितंबर 2024 तक बाह्य विकास शुल्क (ईडीसी) और एसआइडीसी का 333.31 करोड़ रुपये बकाया था, जिसे जमा नहीं कराया। गंभीर आरोपों में जांच का सामना कर रही कंपनी ने लाइसेंस नवीनीकरण के लिए आवेदन तक नहीं किया। इन निदेशकों पर लगा प्रतिबंध दीपा गुप्ता, रक्षिता शर्मा, राजीव जैन, प्रदीप कुमार जैन, संजीव कुमार जैन, सुभाष चंद्र सेतिया व अशोक कुमार

पंचायत भूमि के कथित गलत पंजीकरण पर हाईकोर्ट ने जांच के दिए आदेश

चंडीगढ़  हरियाणा के कैथल जिले के गांव खरोड़ी की पंचायत भूमि को लेकर ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ (एमएफएमबी) योजना में कथित फर्जीवाड़े का मामला पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट पहुंच गया, जहां अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, कैथल के डिप्टी डायरेक्टर को पूरे प्रकरण की जांच कर उचित कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस जगमोहन बंसल की अदालत में गुरमीत सिंह द्वारा दायर याचिका में आरोप लगाया गया कि गांव की पंचायत भूमि, जिसमें चरागाह भूमि भी शामिल है, को कुछ लोगों ने फर्जी तरीके से अपने नाम पर ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल में पंजीकृत करवा लिया। फर्जी काश्तकारों ने किया योजना का दुरुपयोग याचिकाकर्ता के अनुसार यह योजना किसानों की वास्तविक पहचान सुनिश्चित करने और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सहित सरकारी लाभ देने के लिए बनाई गई थी, लेकिन गांव में इस व्यवस्था का दुरुपयोग कर फर्जी काश्तकार खड़े कर दिए गए। याचिका में कहा गया कि कई प्रतिवादी ने पंचायत की बड़ी भूमि, खासकर चरागाह क्षेत्र, पर अवैध पंजीकरण कराया। शिकायतकर्ता ने इस संबंध में सीएम विंडो और जिला प्रशासन सहित विभिन्न अधिकारियों को शिकायत दीं, लेकिन संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। अदालत में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से 21 अप्रैल 2026 की जांच रिपोर्ट पेश की गई, जिसमें बताया गया कि मामले की जांच की जा चुकी है और कुछ सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं। पंचायत भूमि को लीज पर नहीं दी गई हालांकि, याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि रिपोर्ट के बावजूद खेवट नंबर 685, 686 और 690 की पंचायत भूमि को लीज पर नहीं दी गई थी और न ही किसी द्वारा वैध रूप से उपयोग की गई, फिर भी कथित रूप से फर्जी फसल दर्शाकर दूसरे राज्यों से प्राप्त वास्तविक उपज के समायोजन के जरिए राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया। इन तथ्यों के मद्देनजर हाई कोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए डिप्टी डायरेक्टर, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, कैथल को निर्देश दिया कि वह शिकायतकर्ता द्वारा उठाए गए मुद्दों की गहन जांच करें और कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

डिजिटल सिस्टम से बदलेगा हरियाणा का राजस्व विभाग, फेसलेस रजिस्ट्रेशन और ई-स्टांप लागू

 चंडीगढ़ हरियाणा में जमीन संबंधी विवादों को सुलझाने के लिए सभी जिलों में राजस्व लोक अदालतें लगाई जाएंगी। इनमें उपायुक्त, एसडीएम व तहसीलदार विवादित पक्षों के बीच आपसी सहमति से विवादों का समयबद्ध ढंग से समाधान कराने का प्रयास करेंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा तैयार पांच वर्षीय कार्य योजना की समीक्षा करते हुए इस संबंध में निर्देश दिए। बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं वित्तायुक्त राजस्व डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि राजस्व संबंधी विवादों के शीघ्र समाधान के लिए डिजिटल कोर्ट केस मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जाएगा। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व विभाग में नई ऑनलाइन सेवाएं शुरू की जाएं। नव-नियुक्त पटवारियों के लिए लैपटाप व टेबलेट की खरीद की जाए और हाई-स्पीड इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएं जिससे सभी पटवारी डिजिटल माध्यम से सेवाएं दे सकें। पटवारियों को नई तकनीक व राजस्व कार्यों में पारंगत करने के लिए राज्य स्तरीय प्रशिक्षण केंद्र भी खोला जाएगा। प्रदेश में सभी प्रकार के स्टांप की बिक्री ई-स्टांप के माध्यम से की जाएगी। उन व्यक्तियों के लिए फेसलेस रजिस्ट्रेशन की सुविधा शुरू की जाएगी जो कहीं बाहर दूसरे राज्यों या विदेश में रहते हैं और रजिस्ट्री के लिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकते हैं। पेपरलैस रजिस्ट्रेशन के संबंध में अधिकारियों ने बताया कि अब तक चार लाख रजिस्ट्रेशन किए जा चुके हैं। किसी भी तहसील में 15 दिन से पुराना कोई भी रजिस्ट्रेशन आवेदन लंबित नहीं है। राजस्व विभाग द्वारा अपने डाटा की स्टोरेज के लिए हारट्रोन के माध्यम से अपडेटिड डाटा सेंटर स्थापित किया जा रहा है जिसके लिए टेंडर किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने शहरी संपत्ति के राजस्व रिकार्ड को प्रॉपर्टी आइडी के साथ लिंक करवाकर सुव्यवस्थित करवाने के भी निर्देश दिए। पोर्टल पर होगा सरकारी जमीन का रिकॉर्ड कृषि विभाग के साथ मिलकर भूमि अभिलेखों का 100 प्रतिशत डिजिटलीकरण और जीयो-टैगिंग का कार्य किया जा रहा है। सभी लैंड पार्सल का यूनिक नंबर जनरेट किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी विभागों की सरकारी जमीन को पोर्टल पर अपडेट किया जाए। आपदा एवं अग्नि तथा आपात सेवाओं के लिए अलग से विभाग बनाने का प्रस्ताव है। आपदा मित्र योजना आठ जिलों में चल रही है। इसका सभी 23 जिलों तक विस्तार किया जाएगा। आग बुझाने में रोबोट का होगा इस्तेमाल अग्निशमन विभाग के महानिदेशक शेखर विद्यार्थी ने बताया कि सभी जिलों में विदेश की तर्ज पर एआइ आधारित एकीकृत कमांड तथा नियंत्रण केंद्र की स्थापना की जाएगी। अग्निशमन कार्यों में रोबोट के इस्तेमाल की भी संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने अग्निशमन कार्यों में लगे कर्मचारियों का रिस्क कम करने तथा उनके कल्याण हेतु कार्ययोजना तैयार करने के भी निर्देश दिए।  

नायब सैनी का बड़ा फैसला, महिला सशक्तीकरण सूचकांक से बढ़ेगी सुविधाओं की निगरानी

चंडीगढ़  हरियाणा के सभी जिलों में कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल और उनके बच्चों के लिए क्रेच सेंटर बनाए जाएंगे। जिलावार महिला सशक्तीकरण सूचकांक बनाया जाएगा ताकि पता लग सके कि किस जिले में महिलाओं के लिए सुविधाएं बढ़ाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा विजन-2047 के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग की आगामी पांच वर्षीय कार्ययोजना की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए। हर बच्चा अपनी आयु के अनुरूप शारीरिक व मानसिक माइलस्टोन कवर कर रहा है या नहीं, यह जांचने के लिए विविध गतिविधियां शुरू कराई जाएंगी। हर आयु वर्ग के बच्चों के लिए बेबी शो तथा स्वास्थ्य प्रतियोगिता शुरू करवाई जाएंगी जिनके विजेता बच्चों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। समाज, परिवार व सरकार के प्रतिनिधियों को ऐसे कार्यक्रमों में शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों की जन्मदर बढ़ाने के लिए जन-जागरूकता की विशेष कार्ययोजना तैयार करे। लिंगानुपात की दर को राष्ट्रीय औसत 933 से अधिक करने के लक्ष्य पूर्ति के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने महिलाओं व बच्चों के लिए अनीमिया जांच का लक्ष्य बढ़ाने तथा जरूरत के अनुसार सप्लीमेंट्स उपलब्ध करवाने के भी निर्देश दिए। साथ ही तीन साल तक के बच्चों व स्तनपान करवाने वाली महिलाओं को विशेष पोषण सामग्री प्रदान करने के संबंध में भी हिदायतें दीं। आंगनबाड़ी वर्कर्स व सहायकों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त एवं सचिव शेखर विद्यार्थी ने बताया कि इस समय प्रदेश में 25 हजार 962 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इनमें कार्यरत आंगनबाड़ी वर्कर्स व सहायक को महिलाओं व बच्चों से संबंधित कई प्रकार का विवरण ऑनलाइन करना होता है। इसलिए इनकी योग्यता को बढ़ाने तथा आवश्यक उपकरण उपलब्ध करवाने के लिए विभाग द्वारा प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।