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बुजुर्गों की सुरक्षा और देखभाल: हरियाणा में ‘प्रहरी’ पहल, स्वयंसेवक करेंगे नियमित मुलाकात

चंडीगढ़. उम्र के आखिरी पड़ाव में अकेलेपन का दंश झेल रहे हरियाणा के बुजुर्गों के लिए एक बेहद सुकून भरी खबर है। राज्य सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी 'प्रहरी' योजना का दायरा बढ़ाते हुए अब प्रदेश भर में एक हजार 'स्वयंसेवकों' की फौज उतारने का फैसला किया है। ये वॉलंटियर न सिर्फ नियमित रूप से बुजुर्गों के घर जाकर उनका हालचाल जानेंगे, बल्कि बीमारी या किसी अन्य जरूरत के वक्त तुरंत सरकारी मशीनरी को एक्टिव कर उनकी मदद भी सुनिश्चित करेंगे। दरअसल, साल 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री और मौजूदा केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने 80 साल से ऊपर के बुजुर्गों के लिए इस अनूठी योजना का खाका खींचा था। अब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसे नई रफ्तार देते हुए इसके लिए अलग से बजट का भी भारी-भरकम प्रावधान कर दिया है। सरकार की इस पहल से उन बुजुर्गों को सबसे बड़ा संबल मिलेगा, जिनके बच्चे नौकरी या पढ़ाई के सिलसिले में दूर शहरों या विदेशों में बस गए हैं। प्रहरी योजना के इस राज्यव्यापी विस्तार का सीधा असर हरियाणा के करीब तीन लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों की जिंदगी पर पड़ेगा। मैदान में उतरे ये स्वयंसेवक सिर्फ हालचाल पूछने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि आपात स्थिति में एंबुलेंस बुलाने से लेकर अन्य सामाजिक सेवाओं का लाभ दिलाने तक हर मोर्चे पर मुस्तैद दिखेंगे। एक तरह से ये वॉलंटियर बुजुर्गों और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के बीच एक मजबूत सेतु का काम करेंगे। इस नेक काम में राज्य सरकार ने समाज के उन रिटायर्ड सरकारी कर्मचारियों को भी शामिल करने का फैसला किया है, जो अपनी दूसरी पारी में समाजसेवा का जज्बा रखते हैं। फिलहाल रोहतक, गुरुग्राम, भिवानी और पंचकूला समेत प्रदेश के 14 प्रमुख शहरों में डे-केयर सेंटर शानदार तरीके से चल रहे हैं। इन सेंटरों का मुख्य मकसद बुजुर्गों को दिन के वक्त एक ऐसा खुशनुमा और सुरक्षित माहौल देना है, जहां वे अपनी हमउम्र संगत के साथ अपना अकेलापन बांट सकें। बुजुर्गों को स्थायी छत और पक्का आसरा देने के लिए राज्य के हर प्रमुख शहर में 'वरिष्ठ नागरिक सेवा आश्रम' खोलने का काम भी युद्ध स्तर पर जारी है। रेवाड़ी और करनाल में ये आश्रम बनकर तैयार हो चुके हैं, जबकि 14 नए स्थानों को भी इस नेक काम के लिए चिन्हित कर लिया गया है। इसके अलावा, पानीपत और अंबाला में रेडक्रॉस सोसाइटी अपना मोर्चा संभाले हुए है, वहीं पंचकूला में श्री माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड का आधुनिक वृद्धाश्रम बेसहारा बुजुर्गों के लिए एक बड़ी उम्मीद बना हुआ है।  

हाइड्रोजन ट्रेन की वापसी: एयर ब्रेक टेस्ट और तकनीकी जांच पूरी कर दिल्ली से जींद पहुंची

जींद. एक सप्ताह बाद दिल्ली से हाइड्रोजन ट्रेन जींद पहुंची। दिल्ली में हाइड्रोजन ट्रेन के एयर ब्रेक की जांच की गई। डीजल इंजन की सहायता से ट्रेन को जींद लाया गया है। सात मार्च को तकनीकी सुधार व मेंटेनेंस के लिए हाइड्रोजन ट्रेन को दिल्ली के शकूरबस्ती भेजा गया था। शनिवार को लगभग साढ़े नौ बजे ट्रेन जींद पहुंच गई थी। इसके बाद इसे हाइड्रोजन प्लांट के यार्ड में खड़ा कर दिया गया है। हाइड्रोजन प्लांट में इलेक्ट्रोफायर भी खराब पड़ा है, जिससे प्लांट में अच्छी गुणवत्ता वाली गैस का उत्पादन नहीं हो पा रहा है। इलेक्ट्रोफायर की वाल्व खराब बताई जा रही है, जिसे ठीक करने के लिए बाहर से तकनीकी कर्मचारी को बुलाया जाएगा। बता दें कि हाइड्रोजन ट्रेन का रनिंग ट्रायल 25 से 28 फरवरी तक हुआ था। पहले दिन पांडू पिंडारा तक डीजल इंजन की मदद से ट्रेन को ले जाया गया था। पांडू पिंडारा से आगे ललित खेड़ा तक हाइड्रोजन इंजन के साथ ट्रेन का रनिंग ट्रायल हुआ था। दोनों स्टेशनों के बीच दो बार ट्रेन को चलाया गया था। इस दौरान ट्रेन की स्पीड 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा रही थी। फिर पिंडारा पहुंचने के बाद गोहना से आगे मुहाना तक डीजल इंजन के साथ हाइड्रोजन ट्रेन को ले जाया गया। वापसी में ट्रेन को हाइड्रोजन इंजन संग चलाया गया। 26 फरवरी को दूसरे दिन जींद से सोनीपत जाते समय ट्रेन की स्पीड 60 किलोमीटर प्रति घंटा रही थी।

मार्च में ही गर्मी का कहर: हरियाणा में मई-जून जैसा तापमान, बिजली खपत में उछाल

भिवानी. हरियाणा के तमाम जिलों में मार्च के शुरुआती दिनों में ही इस बार गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। हालात ऐसे हैं कि लोगों को अप्रैल-मई जैसी गर्मी का अहसास अभी से होने लगा है। दिन में तेज धूप और रात में बढ़ती गर्मी के कारण घरों में पंखे चलने लगे हैं। यही वजह है कि जिले में बिजली की खपत भी तेजी से बढ़ रही है। पिछले कुछ दिनों में प्रतिदिन बिजली की खपत 82 लाख यूनिट तक पहुंच गई है, जो मार्च महीने के लिहाज से काफी अधिक मानी जा रही है। बिजली विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो मार्च 2026 में कई दिनों की बिजली खपत पिछले वर्ष की तुलना में ज्यादा रही है। तीन मार्च 2026 को बिजली की खपत 87.29 लाख यूनिट दर्ज की गई, जबकि पिछले वर्ष इसी दिन यह 64.46 लाख यूनिट थी। चार मार्च को 73.74 लाख यूनिट बिजली खर्च हुई, जबकि 2025 में यह 69.09 लाख यूनिट थी। पांच मार्च को 69.31 लाख यूनिट बिजली खपत दर्ज की गई, जो पिछले साल 65.78 लाख यूनिट थी। छह मार्च 2026 को बिजली की खपत 78.34 लाख यूनिट रही, जबकि 2025 में यह 72.46 लाख यूनिट थी। सात मार्च को 79.68 लाख यूनिट बिजली खर्च हुई, हालांकि पिछले वर्ष इस दिन 80.57 लाख यूनिट खपत हुई थी। आठ मार्च को इस वर्ष 79.75 लाख यूनिट बिजली खर्च हुई, जबकि 2025 में यह आंकड़ा 84.92 लाख यूनिट था। नौ मार्च को बिजली की खपत 80.87 लाख यूनिट रही, जो पिछले साल 82.28 लाख यूनिट थी। इस तरह से बिजली खपत रफ्तार पकड़ने लगी है। कूलर और पंखों की बढ़ने लगी डिमांड दुकानदारों का कहना है इसी तरह तापमान बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में बिजली की खपत और बढ़ सकती है। साथ ही पंखे, कूलर और एसी की बिक्री भी तेजी पकड़ने लगी है। कुल मिलाकर मार्च के शुरुआती दिनों में ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं और इसका सीधा असर बिजली खपत पर साफ दिखाई देने लगा है। मौसम में बदलाव की संभावना बेशक समय से पहले तेज गर्मी ने दस्तक दे दी हो मगर मौसम वैज्ञानिकों की माने तो शनिवार से मौसम में परिवर्तन हो सकता है। प्रदेश में कुछ जगह वर्षा की संभावनाएं जताई जा रही है। जिससे लोगों को गर्मी से राहत की उम्मीद है। मार्च 2025 और 2026 ने में इस प्रकार हुई बिजली खपत तिथि     यूनिट खपत लाख (2026)     यूनिट खपत लाख (2025) 3 मार्च     87.29     64.46 4 मार्च     73.74     69.09 5 मार्च     69.31     65.78 6 मार्च     78.34     72.46 7 मार्च     79.68     80.57 8 मार्च     79.75     84.92 9 मार्च     80.87     82.28 10 मार्च     81.15     81.10 11 मार्च     81.70     80.20 12 मार्च     82.90     81.15 बिजली सुचारू आपूर्ति के जरूरी प्रबंध किए बिजली की सुचारू आपूर्ति के लिए जरूरी प्रबंध किए गए हैं। इस बार गर्मियों में बिजली संकट नही होने दिया जाएगा। उपभोक्ताओं से आग्रह है बिजली की फिजूल खर्ची न करें। हमारा प्रयास है 24 घंटे सप्लाई दी जाए। – विनोद पूनिया, अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम।

राज्यसभा चुनाव को लेकर BJP सतर्क, हरियाणा विधायकों को गुप्त जगह पर कराया जाएगा मॉक ड्रिल

चंडीगढ़. हरियाणा में राज्यसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। बीजेपी ने हरियाणा निवास में अपने विधायकों को इकट्ठे करने शुरू कर दिए हैं। हरियाणा निवास से सभी बीजेपी विधायकों को बसों में बैठाकर किसी दूसरी स्थान पर ले जाया जाएगा, जहां उनकी एक मीटिंग होगी। इस बैठक में मुख्यमंत्री नायब सैनी, हरियाणा बीजेपी अध्यक्ष मोहनलाल बडौली और हरियाणा बीजेपी के प्रभारी सतीश पूनिया मौजूद रहेंगे। इस मीटिंग में बीजेपी अपने विधायकों को राज्यसभा चुनाव में वोटिंग की प्रक्रिया के बारे में समझाएगी। बीजेपी कराएगी चुनावी मॉक ड्रिल इतना ही नहीं, राज्यसभा चुनाव की एक मॉक ड्रिल भी होगी, जिसमें राज्यसभा में जिस तरह से चुनाव होता है, ठीक उसी तरह चुनाव करवाया जाएगा। ताकी बीजेपी विधायक पहली वरीयता वोट, दूसरी वरीयता वोट कहां टिक मार्क करना है ये प्रक्रिया आसानी से समझ जाएं। कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी को चुनाव एजेंट बनाया गया। कैबिनेट मंत्री रणवीर सिंह गंगवा और विधायक योगेंद्र राणा को काउंटिंग एजेंट नियुक्त किया है। वहीं, पार्टी प्रतिनिधि एवं पार्टी एर्जेंट के तौर पर खेल मंत्री गौरव गौतम और विधायक सुनील सांगवान जिम्मेदारी दी गई है। बीजेपी ने काउंटिंग एजेंट के तौर पर चेतन मित्तल और घनश्याम को लगाया है।

कचरा अलग-अलग करना होगा जरूरी: हिसार के 1.55 लाख प्रॉपर्टी मालिकों को चेतावनी, नियम तोड़ने पर जुर्माना

हिसार. शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने की दिशा में नगर निगम ने सख्ती के संकेत दे दिए हैं। अब घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से निकलने वाले कचरे का सेग्रीगेशन (गीला-सूखा अलग करना) अनिवार्य कर दिया गया है। नियमों की अनदेखी करने वाले प्रापर्टी मालिकों को अब चेतावनी ही नहीं, बल्कि आर्थिक दंड भी भुगतना पड़ेगा। नगर निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि कचरा अलग-अलग डस्टबिन में नहीं रखने वालों के चालान किए जाएंगे। चालान के संबंध में नगर निगम के मुख्य सभागार में आयोजित बैठक में निगमायुक्त नीरज ने अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त डॉ. प्रदीप हुड्डा, सीएसआइ राजकुमार, एक एनजीओ प्रतिनिधि डॉ. रूबी मखीजा, एएसआई तथा कचरा संग्रहण एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में कचरा प्रबंधन की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर में कचरा सेग्रीगेशन की व्यवस्था को सख्ती से लागू कराया जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के नियमानुसार चालान किए जाएं। गलती दोहराई तो 500 का चालान निगमायुक्त ने स्पष्ट किया कि यदि कोई घर कचरे का सेग्रीगेशन नहीं करता पाया जाता है तो पहली बार 200 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। यदि वही गलती दोबारा दोहराई गई तो 500 रुपये का चालान किया जाएगा। गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग डस्टबिन में डालना अब अनिवार्य है। जुर्माना जमा नहीं कराने पर नगर निगम जोड़ेगा प्रापर्टी टैक्स में नगर निगम की टीम ने शुक्रवार को शहर में कार्रवाई करते हुए खुले में कचरा फेंकने के मामले में दो लोगों के चालान भी किए। प्रत्येक पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। निगमायुक्त ने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति सड़कों या सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकता पाया गया तो उसके खिलाफ पांच हजार रुपये का चालान किया जाएगा। जुर्माना जमा न करने पर यह राशि संबंधित प्रापर्टी के टैक्स में जोड़ दी जाएगी। सड़क के किनारे पशुओं को गीला कचरा डालने पर भी होगी कार्रवाई शहर में कई स्थानों पर बेसहारा पशुओं के लिए लोग सड़क किनारे गीला कचरा डाल देते हैं। निगम ने इसे भी स्वच्छता नियमों का उल्लंघन माना है। अब सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह कचरा डालते पाए जाने पर भी चालान किए जाएंगे। एजेंसियों से मांगी विस्तृत रिपोर्ट निगमायुक्त ने शहर से कचरा संग्रहण करने वाली निजी एजेंसियों को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्रों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। रिपोर्ट में यह बताया जाएगा कि कितने घरों से नियमित कचरा एकत्रित हो रहा है और कितने घर अभी इस व्यवस्था से नहीं जुड़े हैं। इसके अलावा कचरा सेग्रीगेशन की स्थिति का भी विवरण देना होगा। एजेंसियों की रिपोर्ट का सत्यापन एएसआइ करेंगे और उसके बाद सीएसआई व एएसआइ की टीम नियमों के तहत चालान की कार्रवाई करेगी। एनजीटी भी सख्त, बढ़ाए जुर्माने राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने भी स्वच्छता नियमों के उल्लंघन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। सालिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम-2016 के तहत सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकना प्रतिबंधित है। पहली बार उल्लंघन पर पांच हजार, जबकि दोबारा गलती पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। बल्क वेस्ट जनरेटर (बीडब्ल्यूजी) पर पहली बार में 25 हजार व पुनः उल्लंघन पर 50 हजार जुर्माना लगाया जाएगा। दो व्यक्तियों के काटे 10 हजार के चालान एएसआई राहुल सैनी, राहुल पंवार व रोहित ने खुले में कचरा डालने पर ज्योतिपुरा मुहल्ले के पास एक दुकानदार का पांच हजार का चालान काटा। एएसआइ कपिल ने कैमरी रोड पर खुले में कचरा जलाने पर एक व्यक्ति का पांच हजार का चालान किया। कचरे का सेग्रीगेशन करना अनिवार्य कचरे का सेग्रीगेशन करना अब अनिवार्य है। जो घर कचरे को अलग-अलग नहीं करेंगे उनके चालान किए जाएंगे। शहरवासियों से अपील है कि स्वच्छता में सहयोग करें। खुले में कचरा न फेंकें। – नीरज, निगमायुक्त, हिसार

नकल कांड पर हरियाणा शिक्षा बोर्ड सख्त, परीक्षा केंद्र का पूरा स्टाफ हटाया

बाढड़ा. बाढड़ा स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय परीक्षा केंद्र पर सामूहिक नकल का मामला सामने आने के बाद हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए परीक्षा केंद्र के पूरे स्टाफ को बदल दिया गया है। जानकारी के अनुसार 9 और 11 मार्च को आयोजित परीक्षा के दौरान केंद्र पर सामूहिक नकल की शिकायत मिली थी। विशेष उड़नदस्ते द्वारा की गई जांच में सीसीटीवी फुटेज में भी नकल के दृश्य सामने आए थे। फुटेज में परीक्षार्थियों द्वारा खुलेआम नकल करते हुए देखा गया, जिसके बाद रिपोर्ट बोर्ड मुख्यालय को भेजी गई थी। रिपोर्ट के आधार पर हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. पवन शर्मा ने तुरंत कार्रवाई करते हुए परीक्षा केंद्र पर नियुक्त समस्त स्टाफ को बदलने के निर्देश जारी कर दिए। बोर्ड प्रशासन का कहना है कि परीक्षा की निष्पक्षता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। बोर्ड अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नकल के मामलों पर सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों के खिलाफ नियमों के अनुसार कदम उठाए जाएंगे। वहीं, इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा केंद्रों की निगरानी को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।

वसंत उत्सव से झलकती है सामाजिक समरसता और संस्कृति की विरासत: नायब सिंह सैनी

चंडीगढ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार सेक्टर-5 स्थित टाउन पार्क में तीन दिवसीय 38वें वसंत उत्सव का शुभारंभ किया। 37 वर्षों में पहली बार इस उत्सव का आयोजन सूरजकुंड मेले की तर्ज पर किया जा रहा है। इसके साथ ही, रखरखाव के लिए साल भर से बंद एशिया का सबसे बड़ा कैक्टस गार्डन भी जनता के लिए खोला गया है। इससे पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का कार्यक्रम में पंहुचने पर परंपरागत पगड़ी बांध कर व ढोल नगाड़ो और वाद्ययंत्रों से स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने वसंत उत्सव में फूलों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और कट फ्लावर, ड्राई फ्लावर और फ्रेस फ्लावर सैक्शन में फूलों की विभिन्न किस्मों में गहरी रूचि दिखाई। उन्होंने स्वयं सहायता समूह द्वारा निर्मित विभिन्न उत्पादों के स्टॉलों का भी अवलोकन किया। इस आयोजन ने पंचकूला की सुंदरता को और भी बढ़ा दिया है कार्यक्रम को मुख्यतिथि के रूप में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वसंत उत्सव हमारी संस्कृति, प्रकृति प्रेम व सामाजिक समरसता का जीवंत उत्सव है। यह उत्सव पूरे प्रदेश के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पंचकूला हरियाणा का एक आधुनिक और व्यवस्थित शहर है। यह नगर प्राकृतिक सुंदरता, स्वच्छ वातावरण और सुव्यवस्थित विकास का अद्भुत उदाहरण है। यहां आधुनिकता और परंपरा का सुंदर संगम दिखाई देता है और आज के इस आयोजन ने इस शहर की सुंदरता को और भी बढ़ा दिया है। वसंत उत्सव में विभिन्न प्रतियोगिताओं से बच्चों और युवाओं में रचनात्मकता विकसित होगी उन्होंने कहा कि इस उत्सव को आकर्षक बनाने के लिए पुष्प सज्जा, कट फ्लावर, रंगोली प्रतियोगिता, चित्रकला, पॉट पेंटिंग, फेस पेंटिंग और टैटू प्रतियोगिता, पर्यावरण क्विज, मेहंदी प्रतियोगिता एवं फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने इन सभी प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को भी बधाई दी और कहा कि इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से न केवल प्रतिभाओं को मंच मिलेगा बल्कि बच्चों और युवाओं में रचनात्मकता भी विकसित होगी। वसंत उत्सव हमें जीवन को नए दृष्टिकोण से देखने की प्रेरणा देता है मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विश्व का ऐसा देश है, जहां प्रकृति ने हमें अनेक ऋतुओं का वरदान दिया है। हर ऋतु अपने साथ एक नई अनुभूति और नई ऊर्जा लेकर आती है। हमारे देश की संस्कृति भी ऋतुओं के साथ गहराई से जुड़ी हुई है। इसलिए हर ऋतु के आगमन पर कोई न कोई पर्व या उत्सव मनाया जाता है। वसंत उत्सव हमें जीवन को नए दृष्टिकोण से देखने की प्रेरणा देता है। यह उत्सव हमें सिखाता है कि परिवर्तन प्रकृति का नियम है और सकारात्मक परिवर्तन ही प्रगति की ओर ले जाता है। प्राणवायु देवता पेंशन योजना के तहत 75 साल से ऊपर के पेड़ों के रखरखाव के लिए 3 हजार रुपये सालाना पेंशन का प्रावधान पर्यावरण से जुड़े विषयों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरण प्रदूषण जैसी गंभीर समस्याओं का सामना कर रही है। इन समस्याओं का समाधान केवल प्रकृति के संरक्षण से ही संभव है। हरियाणा सरकार भी पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में हरित क्षेत्र बढ़ाने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने और जैव विविधता को सुरक्षित रखने के लिए अनेक योजनाएं शुरू की हैं। पेड़ों के संरक्षण के लिए प्राणवायु देवता पेंशन योजना के तहत 75 साल से ऊपर के पेड़ों के रखरखाव के लिए 3 हजार रुपये सालाना पेंशन देने का प्रावधान किया हुआ है। अब तक 3,819 पेड़ों की पहचान करके उनके अभिरक्षकों को 2 करोड़ 5 लाख रुपये की राशि पेंशन के रूप में दी गई है। इनके अलावा 1,541 अतिरिक्त पेड़ों की पहचान की गई है। प्रदेश में 20 ऑक्सीवन स्थापित किए गये हैं उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदेश में ’ऑक्सीवन’ विकसित करने की पहल भी शुरू की है। अब तक प्रदेश में 20 ऑक्सीवन स्थापित किए गये हैं। इसके तहत 5 से 100 एकड़ भूमि पर पेड़ लगाए जाते हैं। पंचकूला के बीड़ घग्गर तथा करनाल में पुरानी बादशाही नहर पर ऑक्सीवन का कार्य प्रगति पर है। इसमें अनेक दुर्लभ और औषधीय गुणों वाले पेड़ लगाए जा रहे हैं, जिससे लोगों को स्वच्छ हवा और स्वस्थ वातावरण मिल सकेगा। हरियाणा सरकार पर्यावरण संरक्षण को पर्यटन और विकास से जोड़ रही है मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार पर्यावरण संरक्षण को पर्यटन और विकास से भी जोड़ रही है। इसी दिशा में गुरुग्राम के अरावली क्षेत्र में दुनिया की सबसे बड़ी जंगल सफारी विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है। यह परियोजना न केवल वन्य जीवों के संरक्षण में मदद करेगी, बल्कि पर्यटन और स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगी। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में पर्यावरण सरंक्षण की दिशा में शामिल किए गए अनेक प्रावधान वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में पर्यावरण सरंक्षण की दिशा में शामिल किए गए अनेक प्रावधानों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में वृक्ष आवरण बढ़ाने और प्लाईवुड उद्योगों को और समर्थन देने के लिए हरियाणा राज्य एग्रो फोरेस्ट्री पॉलिसी लागू की जाएगी। एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत पंचायत भूमि और सार्वजनिक भूमि पर बड़े पैमाने पर पौधा रोपण अभियान चलाया जाएगा और पवित्र उपवन संरक्षण के लिए सभी पवित्र उपवन को अधिसूचित किया जाएगा। इसके अलावा गांव हसनपुर, करनाल में वन विभाग की 100 एकड़ भूमि में लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से एक डियर पार्क बनाया जाएगा।  

गर्मी से बढ़ी परेशानी! हरियाणा में लगातार बढ़ रहा तापमान, 15 से मौसम बदलेगा

सिरसा. हरियाणा के तमाम जिलों में मौसम में बदलाव के चलते अधिकतम तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। दोपहर के समय तेज गर्मी के चलते अब पछेती गेहूं का दाना प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग अनुसार, प्रदेश के कई जिलों में 15 व 16 मार्च को बारिश के आसार हैं, जिससे आमजन व किसानों को गर्मी से राहत मिलेगी। सिरसा में बुधवार को अधिकतम तापमान 33 व न्यूनतम तापमान 17.4 डिग्री दर्ज किया गया। सुबह से ही तेज धूप लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। तेज धूप के कारण गेहूं और सरसों की फसल भी लगातार प्रभावित हो रही है। अगेती गेहूं में अब दाना लगभग बन चुका है, जबकि पछेती गेहूं में दाना तैयार हो रहा है। गर्मी के कारण दाना बारिक होने की भी आशंका है। गर्मी से गेहूं को बचाने के लिए किसान लगातार सिंचाई कर रहे है, लेकिन चल रही हल्की हवाओं से गेहूं गिरने का खतरा भी बना हुआ है। मौसम विभाग अनुसार, जिले में 14 मार्च तक लगातार मौसम में बदलाव होगा और बादलवाही की स्थिति बनेगी। 15 व 16 मार्च को बादलों की गरज के साथ बारिश होने के आसार है। इस दौरान तेज हवा चलती है तो फसलों को काफी नुकसान होगा और फसलों के गिरने का खतरा बनेगा। अगर तेज हवा या बारिश से गेहूं की फसल जमीन पर बिछ जाती है तो इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा। औसत उत्पादन में गिरावट होने से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, हल्की बारिश से फसलों को लाभ मिलने की उम्मीद है। अगेती गेहूं में दाना बन चुका है। पछेती गेहूं में अभी दाना तैयार हो रहा है। गर्मी के कारण पछेती गेहूं का नुकसान होने की आशंका है। किसान गेहूं को गर्मी से बचाने के लिए हल्की सिंचाई करे। जिससे गेहूं में नमी बनी रहेगी। – डॉ. सुखदेव सिंह, कृषि उपनिदेशक सिरसा।

RSS की बड़ी बैठक हरियाणा में, एजेंडे में चुनावी तैयारी और UGC विवाद

पनीपत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था 'अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा' की तीन दिवसीय बैठक हरियाणा के पनीपत में शुक्रवार से शुरू हो रही है. संघ के टॉप लीडरशिप की इस बैठक में आरएसएस के 100 साल के कार्य विस्तार की समीक्षा के साथ-साथ आगामी 100 सालों के कार्यक्रमों-अभियानों की रूपरेखा तैयार की जाएगी. इतना ही नहीं संघ के एजेंडे में 2026 और 2027 की चुनाव से लेकर यूजीसी विवाद पर मंथन किए जाने की संभावना है। आरएसएस की कार्य पद्धति में निर्णय करने वाली सर्वोच्च ईकाई अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा है. इसकी साल में महज एक बार बैठक होती है. संघ के शताब्दी वर्ष पूरे होने के बाद एबीपीएस की बैठक इस बार हरियाणा के पनीपत जिले की समालखा स्थित माधव सृष्टि परिसर में हो रही है। संघ की तीन दिनों तक चलने वाली महत्वपूर्ण बैठक के लिए सरसंघचालक मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले पहुंच चुके हैं. क्षेत्र-प्रांत संघचालक, कार्यवाह, प्रचारक और संघ प्रेरित 32 संगठनों के पदाधिकारी शामिल होंगे. देशभर से संघ और संघ प्रेरित संगठनों के 1487 प्रतिनिधि शिरकत करेंगे।  RSS की हरियाणा में तीन दिन की बैठक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने बताया कि बैठक का औपचारिक आगाज शुक्रवार सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले की उपस्थिति में होगा, जो रविवार तक चलेगी. बैठक में आरएसएस से जुड़े भारतीय मजदूर संघ, विश्व हिंदू परिषद, एबीवीपी, सेवा भारती और भारतीय किसान संघ जैसे संगठन शामिल होंगे. इस दौरान संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों,सामाजिक चुनौतियों और संगठन विस्तार की आगामी रूपरेखा पर गहन मंथन किया जाएगा। सुनील आंबेकर ने कहा कि संघ की चर्चाओं में सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संत शिरोमणि रविदास की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों को भी शामिल किया जाएगा. माना जा रहा कि बैठक में शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में चल रहे कार्यक्रमों की समीक्षा होगी. इसके साथ ही अगले वर्ष की योजनाओं पर चर्चा होगी और  जिन्हें पिछली बेंगलुरू बैठक में जिम्मेदारियों सौंपी गई थी, उन्होंने उसे कितना पूरा किया, इस पर भी चर्चा होगी. पदाधिकारियों को नई जिम्मेदारियां भी दी जाएंगी। संघ अगले एक साल का बनाएगा प्लान RSS के शताब्दी वर्ष के जनसंपर्क अभियान के तहत, 'गृह संपर्क अभियान' ने कई राज्यों में 10 करोड़ से अधिक परिवारों से पहले ही संपर्क स्थापित कर लिया है. पिछले एक वर्ष में 5,500 से अधिक नई RSS शाखाएं शुरू की गई हैं. शताब्दी वर्ष की गतिविधियों के हिस्से के रूप में पूरे देश में लगभग 97 प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे. बैठक के अंतिम दिन संडे को दत्तात्रेय होसबाले मीडिया को संबोधित करेंगे और बैठक लाए गए प्रस्तावों और निर्णयों का विवरण साझा करेंगे। संघ के 'पंच परिवर्तन' प्रोजेक्ट पर फिर से ज़ोर दिए जाने की संभावना है. इस प्रोजेक्ट का मुख्य मकसद सामाजिक सद्भाव, पारिवारिक मूल्यों, पर्यावरण संरक्षण, अपनी पहचान, आत्मनिर्भरता और नागरिक कर्तव्यों को बढ़ावा देना है। RSS के एजेंडे में UGC से चुनाव तक संघ सूत्रों के मुताबिक एबीपीएस की बैठक में यूजीसी के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा हो सकती है. देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और पिछड़ी जाति के छात्रों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए यूजीसी ने नए नियम बनाए थे, जिसे लेकर विरोध शुरू हो गया था. संघ की कोशिश है कि यूजीसी के नियमों लागू करने का स्वरूप इस कदर बनाया जाए, जिससे सामाजिक विरोध न हो सके।  यूजीसी के नियम को लेकर विवाद खड़ा हो गया था. एक तरफ उच्च जाति के समुदायों को लगता है कि इन नियमों से उनके साथ ज्यादती होगी और कानून का गलत इस्तेमाल हो सकता है. वहीं, सुप्रीम कोर्ट के द्वारा अदालतों द्वारा इन पर रोक लगाए जाने से दलितों के बीच जवाबी लामबंदी शुरू हो गई है। ओबीसी और दलित समूह कथित तौर पर नाराज माने जा रहे हैं जबकि ये समुदाय महत्वपूर्ण वोट बैंक बनाते हैं, जिन्हें बीजेपी लुभाने की कोशिश कर रही है. 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव को देखते हुए, इस मुद्दे ने पार्टी को एक मुश्किल स्थिति में डाल दिया है. ऐसे में सूत्रों की माने तो संघ की इस अहम बैठक में यूजीसी के नए नियमों पर चर्चा हो सकती है. संघ इस मुद्दे पर कोई दिशा दे सकता है।  2026 में देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव है, जिसमें असम, बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी शामिल हैं. ऐसे में संघ की बैठक में इन राज्यों के चुनाव को लेकर भी चर्चा हो सकती है. वैचारिक रूप से बीजेपी से बंगाल, केरल व तमिलनाडु को अहम माना जाता है और सियासी तौर पर पार्टी अभी तक इन राज्यों में सत्ता में नहीं आ सकी है. इस तरह संघ की बैठक में चुनावी राज्यों के लिए मंथन कर रणनीति बनाई जा सकती है। घुसपैठ के मुद्दे पर भी क्या होगी चर्चा पड़ोसी मुल्कों से गैरकानूनी माइग्रेशन के चलते देश के कुछ राज्यों में हो रहे जनसंख्या असंतुलन को लेकर आरएसएस चिंतित है.घुसपैठ के कारण देश के कई राज्यों की जनसंख्या की स्थिति बदल रही है. असम और पश्चिम बंगाल में पहले से ही अवैध घुसपैठ का मुद्दा शुरू से ही रहा है. इन दोनों राज्यों में अगले महीने विधानसभा चुनाव होने हैं. बीजेपी इन राज्यों में घुसपैठ को मुद्दा बनाने में जुटी है. ऐसे में एबीपीएस की चर्चाओं में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान और उन्हें वापस भेजने के मुद्दे पर भी बात हो सकती है।  एबीपीएस मीटिंग के दौरान कई 'राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों' पर एक प्रस्ताव पारित करने की भी उम्मीद है. हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि यूजीसी और एनआरसी पर कोई प्रस्ताव आएगा या नहीं, लेकिन संघ की यह सबसे महत्वपूर्ण बैठक है. इसमें सरसंघचालक मोहन भागवत और दूसरे नंबर के नेता दत्तात्रेय होसबले सहित सभी सह सरकार्यवाह सहित अहम पदाधिकारियों की उपस्थित होगी।  संघ के एबीपीएस बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता भी बैठक में शामिल हो सकते हैं. इस दौरान अहम मुद्दों पर चर्चा करने साथ लिए गए फैसले न केवल अगले वर्ष के लिए संघ को दिशा देते हैं बल्कि बीजेपी की केंद्र और राज्य सरकारों को यह भी संकेत देते हैं कि वह … Read more

हुस्न के जाल में फंसाकर ठगी: ब्लड सैंपल के नाम पर गुरुग्राम में हनीट्रैप, 3 आरोपी अरेस्ट

गुरुग्राम गुरुग्राम में हनीट्रैप का एक नया और चौकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक लैब कर्मी को एक युवती ने ब्लड सैंपल के बहाने फ्लैट पर बुलाया। फिर उसके साथियों ने उसके साथ मारपीट कर उसका न्यूड वीडियो बनाया और 1.63 लाख रुपए वसूल लिए। आरोपी उस पर और भी पैसे देने के लिए उसे तंग करने लगे और 5 लाख रुपये मांगने लगे। इस से तंग आकर पीड़ित युवक ने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने 24 साल की ज्योति व उसके दो साथियों को ब्लैकमेलिंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। उसके दोनों साथियों की पहचान राजस्थान के अलवर जिले के गांव काहनावास निवासी हरीश यादव उर्फ मोनू और हरियाणा के महेंद्रगढ़ के गांव खैरोली के रहने वाले श्याम सुंदर उर्फ अशोक के रूप में हुई है। ज्योति गुरुग्राम के ताजनगर की रहने वाली है। पुलिस ने आरोपियों से 1.63 लाख रुपए, स्कॉर्पियो गाड़ी और 4 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। रिपोर्ट व्हाट्सएप पर लेने के लिए ले लिया मोबाइल नंबर पीड़ित युवक ने 6 मार्च को पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह सेक्टर-83 की एक लैब में काम करता है। 25 फरवरी को यह एवीएल 36 सोसाइटी मोहम्मदपुर में ज्योति नामक लड़की का ब्लड सैंपल लेने गया था। ज्योति ने ब्लड रिपोर्ट व्हाट्सएप पर लेने के लिए उसका मोबाइल नंबर ले लिया। इसके बाद ज्योति ने ब्लैकमेलिंग का खेल शुरू किया। दो मार्च को फिर से ज्योति ने उसे ब्लड सैंपल लेने के लिए बुलाया। ब्लैकमेल कर ट्रांसफर कराई रकम फ्लैट में जाने के कुछ देर बाद ज्योति ने दरवाजा खोलकर छोड़ दिया, तभी वहां पर 24-25 साल के दो युवक आए। दोनों लोगों ने उसके साथ मारपीट करते हुए कपड़े उतार दिए और न्यूड वीडियो बना ली। आरोपियों ने उसे ब्लैकमेल करके रुपए ट्रांसफर करवा लिए। इसके बाद तीनों पीड़ित को स्कॉर्पियो गाड़ी में लेकर गए और मारपीट की। न्यूड वीडियो वायरल करने की धमकी दे 5 लाख मांगे आरोपी फोन करके लगातार उस पर रुपए का दबाव बना रहे थे। उन्होंने पीड़ित से पांच लाख रुपए की डिमांड की। पैसे नहीं देने पर उसकी न्यूड वीडियो वायरल करने की धमकी देने लगे। पीड़ित ने अपने एक परिचित को घटना के बारे में बताया और उसे साथ लेकर सेक्टर-37 थाने में शिकायत दी। इसके बाद जिसके बाद पुलिस एक्टिव हुई और ज्योति व उसके दो साथियों हरीश यादव उर्फ मोनू और श्याम सुंदर उर्फ अशोक को ब्लैकमेलिंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। पैसे कमाने के चक्कर में गिरोह बनाया पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि महेंद्रगढ़ का अशोक बीटेक पास है, उस पर पहले भी मारपीट के केस दर्ज हैं। वो राजस्थान के हरीश का दोस्त है। पिछले साल इनकी दोस्ती इंस्टाग्राम पर ज्योति से हुई। हरीश और ज्योति 12वीं पास है। तीनों बेरोजगार थे और पैसे कमाने के चक्कर में तीनों ने गिरोह बनाया। लैब कर्मी के साथ वारदात को अंजाम दिया। गिरोह कितनों को बचा चुका है शिकार? पुलिस अब मामले की गहनता से जांच कर रही है। तीनों बेरोजगार होने के बावजूद गाड़ी में चलते थे। पुलिस अब जांच कर रही है कि यह गिरोह पहले भी और कितने लोगों को शिकार बना चुका है। पुलिस तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर उन्हें रिमांड पर लेगी जिसके बाद उनकी तरफ से अंजाम दी गई वारदातों का पता चलेगा।