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मूंग दाल इडली रेसिपी: हेल्दी और प्रोटीन से भरपूर साउथ इंडियन ट्विस्ट

साउथ इंडियन फूड की बात हो और इडली का नाम न आए. ऐसा भला कैसे हो सकता है. इसे समूचे भारत के लोग खूब पसंद करते हैं. लेकिन आमतौर पर घरों में चावल, सूजी या उड़द की दाल का इस्तेमाल करके इडली बनाई जाती है. लेकिन अगर आप इस पारंपरिक स्वाद में एक हेल्दी और न्यूट्रिशियस ट्विस्ट देना चाहते हैं तो जाने-माने सेलिब्रिटी सेलिब्रिटी शेफ कुणाल कपूर की बताई यह रेसिपी आपके बड़े काम आएगी. कुणाल कपूर ने कुछ समय पहले अपने यूट्यूब चैनल पर मूंग दाल की इडली बनाने का एक बेहद अनोखा और आसान तरीका शेयर किया था. अगर आप भी घर पर मूंग दाल की इडली बनाते हैं तो यह ना केवल आपको नया स्वाद देगी बल्कि यह प्रोटीन से भी भरपूर होगी जो आपकी सेहत के लिए बहुत जरूरी होता है. सामग्री (Ingredients) धुली मूंग दाल: 1 कप (3 घंटे भीगी हुई) दही: 1/2 कप सूजी (रवा): 1/4 कप (बाइंडिंग के लिए) हरी मिर्च और अदरक का पेस्ट: 1 चम्मच गाजर: 1/4 कप (बारीक कद्दूकस की हुई) हरा धनिया: 2 चम्मच (बारीक कटा हुआ) इनो (फ्रूट साल्ट): 1 छोटी चम्मच नमक: स्वादानुसार तड़के के लिए: 1 चम्मच तेल, 1 चम्मच राई, 1 चम्मच उड़द दाल, 7-8 कढ़ी पत्ता, एक चुटकी हींग. बनाने का तरीका इसके लिए बिना छिलके वाली मूंग दाल को रात भर के लिए भिगो दें. अब इसे धोने के बाद ग्राइंड करना है जिसके लिए पहले इसमें जरा सी दही डालें जो फर्मेंट के काम आती है. इसके बाद इसमें अदरक, हरी मिर्च, करी पत्ता और नमक डालकर बिना पानी के इसे ग्राइंड करके फाइन पेस्ट बना लें. अब इसमें पानी डालें थोड़ा और फिर ग्राइंड करें. इडली का बेटर तैयार हो गया है.   अब इस इंस्टैंट इडली के लिए सिंपल सा तड़का लगाना है. इसके लिए गर्म तेल में हींग, राई डालें और फिर हल्की सी हल्दी भी डालें. इस तड़के को इडली के बेटर में डाल दें. मूंग दाल की इस इडली में आपको गाजर और हरा धनिया भी डालना है. आप चाहें तो स्किप कर सकते हैं. आखिर में इडली के बेटर में हल्का सा बेकिंग सोडा या इनो मिलाएं. ये दही के साथ मिलकर फर्मेंट करता है और इडली फूली-फूली बनती हैं. अब इडली के मोल्ड को तेल से ग्रीस कर लें. अगर आपके पास ये नहीं हैं तो स्टील की कटोरी में भी इडली बना सकते हैं. इनमें बैटर को डालें और 12 से 15 मिनट तक पकाएं.

आलू के छिलके हैं कमाल: त्वचा, बाल और सेहत के लिए चौंकाने वाले फायदे

आलू एक ऐसी सब्जी है जो हर घर की रसोई में आमतौर पर रोज ही बनती है लेकिन अक्सर हम इसके छिलकों को बेकार समझकर कूड़ेदान में फेंक देते हैं. अगर आप भी ऐसा करते हैं तो रुक जाइए. आलू के ये छिलके असल में आपकी त्वचा और सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं. इनमें प्रचुर मात्रा में विटामिन सी, पोटैशियम, आयरन और प्राकृतिक ब्लीचिंग एजेंट पाए जाते हैं. आलू के छिलकों के इस्तेमाल से आपकी स्किन को कई फायदे हो सकते हैं. आइए जानते हैं कि आलू के छिलकों का इस्तेमाल कैसे करना है. 1. चेहरे के दाग-धब्बे और झाइयां होंगी दूर आलू के छिलकों में प्राकृतिक रूप से ब्लीच करने के गुण होते हैं. अगर आपके चेहरे पर धूप के कारण कालापन (टैनिंग), पिंपल्स के दाग या झाइयां हैं, तो आलू के छिलकों को साफ करके सीधे अपने चेहरे पर हल्के हाथों से रगड़ें. इसके बाद छिलकों को चेहरे पर ही 10-15 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर सादे पानी से धो लें. नियमित इस्तेमाल से त्वचा बेदाग और चमकदार हो जाती है. 2. डार्क सर्कल्स में मिलेगी मदद देर रात तक जागने या थकान की वजह से आंखों के नीचे होने वाले काले घेरों और सूजन को कम करने के लिए आलू के छिलके अचूक दवा हैं. आलू के ताजे छिलकों को थोड़ी देर के लिए फ्रिज में रख दें ताकि वे ठंडे हो जाएं. इसके बाद इन ठंडे छिलकों को अपनी आंखों पर रखकर 15 मिनट के लिए लेट जाएं. यह आंखों के आसपास के हिस्से को ठंडक देकर काले घेरे पूरी तरह साफ कर देता है. 3. घर पर बनाएं खाद अगर आप चेहरे या बालों पर इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहते, तो इसे फेंकने के बजाय अपने घर के पेड़-पौधों के गमलों में डाल दें. आलू के छिलकों में पोटैशियम, नाइट्रोजन, फास्फोरस और आयरन बहुत ज्यादा मात्रा में होता है. इन छिलकों को रातभर पानी में भिगोकर रखें और सुबह उस पानी को पौधों में डाल दें, या फिर छिलकों को सुखाकर मिट्टी में मिला दें. इससे पौधों की ग्रोथ बहुत तेजी से होती है. 4. ऑयल कंट्रोल करने में असरदार जिन लोगों की त्वचा तैलीय (ऑयली) होती है, उनके चेहरे पर धूल-मिट्टी जल्दी जमती है और मुंहासे होने लगते हैं. आलू के छिलकों में भरपूर मात्रा में स्टार्च पाया जाता है. इन छिलकों को पीसकर इनका रस निकाल लें और उसमें दो बूंद नींबू का रस मिलाकर चेहरे पर लगाएं. यह त्वचा से अतिरिक्त तेल को सोख लेता है और रोमछिद्रों को गहराई से साफ करता है. 5. बालों को बना सकता है आलू के छिलके सिर्फ त्वचा ही नहीं, बल्कि बालों के लिए भी बहुत फायदेमंद हैं. एक बर्तन में दो कप पानी लें और उसमें एक कप आलू के छिलके डालकर 10 से 15 मिनट तक अच्छे से उबालें. जब पानी आधा रह जाए, तो इसे छानकर ठंडा कर लें. बाल धोने (शैम्पू करने) के बाद इस पानी को अपने बालों और जड़ों में लगाएं. यह सफेद होते बालों को प्राकृतिक रूप से धीरे-धीरे काला करने का एक बेहतरीन घरेलू तरीका है.

कोरियन स्किनकेयर ट्रेंड: कोलेजन बढ़ाने के 5 घरेलू नुस्खे जो स्किन को बनाते हैं ग्लोइंग

 आजकल कोरियन वेब सीरीज और फिल्मों का ही नहीं, बल्कि कोरियन स्किनकेयर का ट्रेंड भी पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ रहा है. हर कोई कोरिया के लोगों की साफ, चमकदार और ग्लोइंग स्किन से इंप्रेस होकर अपनी स्किन को वैसा ही बनाना चाहता है. बड़ी उम्र की कोरियन महिलाओं और पुरुषों की स्किन भी ऐसे दमकती रहती है, जैसे वो 25-30 साल के हों. उनकी स्किन पर ना तो झुर्रियां दिखती है और ना ही उनकी स्किन ढीली पड़ती है. इसका सीक्रेट उनके ब्यूटी रूटीन में है. दरअसल, कोरियंस अपने रूटीन में कोलेजन को खास महत्व देते हैं, क्योंकि ये स्किन को टाइट, मुलायम और जवान बनाए रखने में मदद करता है. उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कोलेजन लेवल कम होने लगता है, जिससे झुर्रियां, ढीलापन और रूखापन नजर आने लगता है. ऐसे में अगर आप भी झर्रियों, झांइयों और स्किन के ढीले पड़ने से छुटकारा पाना चाहते हैं और 60 की उम्र में भी 30 वाला ग्लो चाहते हैं तो आपको अपने ब्यूटी रूटीन में कोलेजन शामिल करना होगा. इसके लिए आपको बाजार के महंगे प्रोडक्ट्स खरीदने की जरूरत नहीं है क्योंकि आप कुछ आसान घरेलू नुस्खों की मदद से घर पर ही कोलेजन बढ़ा सकते हैं. 1. बोन ब्रॉथ: कोरियन ब्यूटी का पुराना सीक्रेट कोरिया में बोन ब्रॉथ को अंदर से सुंदरता बढ़ाने वाली ड्रिंक माना जाता है. ये कोलेजन से भरपूर होता है और स्किन के लिए बहुत फायदेमंद भी साबित होता है. इसे बनाने के लिए आपको चिकन की हड्डियों को एक बड़े बर्तन में डालें. इसमें 2 बड़े चम्मच एप्पल साइडर विनेगर मिलाएं. इसके बाद आप इसमें स्वाद और पोषण बढ़ाने के लिए अदरक, लहसुन और प्याज डाल सकते हैं. इसे धीमी आंच पर कई घंटों तक पकाना होता है, जिससे इसका स्वाद बढ़ता है. जब ये तैयार हो जाए तो आप इसे एक कप रोजाना पिएं. कहा जाता है कि बोन ब्रोथ को रोजाना पीने से स्किन की नमी और इलास्टिसिटी बेहतर हो सकती है. 2. सीवीड और एलोवेरा से बनाएं कोलेजन जेल मास्क आप सीवीड और एलोवेरा को मिलाकर कोलेजन जेल मास्क बना सकते हैं. सीवीड में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और कई पोषक तत्व होते हैं, जो स्किन को हेल्दी रखने में मदद करते हैं. ये कोलेजन जेल मास्क बनाने के लिए आपको सूखे सीवीड को गुनगुने पानी में 10 मिनट के लिए भिगोना होगा. इसके बाद इसे पीसकर पेस्ट बना लें. इसमें 2 चम्मच फ्रेश एलोवेरा जेल मिलाएं. अगर आप चाहते हैं तो इसमें 3-4 बूंद रोजहिप ऑयल भी मिला सकते हैं. अगर आप अपनी स्किन को हेल्दी बनाना चाहते हैं तो इसे चेहरे पर 15-20 मिनट लगाकर रखें और फिर धो लें. इस मास्क का इस्तेमाल हफ्ते में 2 बार किया जा सकता है. 3. राइस वॉटर टोनर इस लिस्ट में अगला नाम राइस वॉटर टोनर का है. ये कोरियन महिलाओं का सबसे पसंदीदा नुस्खा रहा है. चावल का पानी लंबे समय से कोरियन ब्यूटी रूटीन का हिस्सा रहा है. इसमें अमीनो एसिड्स और एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होता है, जो स्किन को ताजगी देने में मदद करते हैं. राइस वॉटर टोनर बनाने के लिए आपको 1 कप चावलों को अच्छी तरह धोना होगा. चावलों को अच्छे से धोने के बाद 2 कप पानी में 30 मिनट तक भिगोकर रखें. पानी को छानकर बोतल में भर लें. इसे फ्रिज में रखें और 3-4 दिनों तक इस्तेमाल किया जा सकता है. चेहरा साफ करने के बाद इसे टोनर की तरह लगाया जा सकता है. 4. कोलेजन स्मूदी स्किन को देगी अंदरूनी पोषण अगर आप सोचते हैं कि बाहरी चीजें लगाकर आपकी स्किन पर ग्लो आ जाएगा, तो आप गलत है. केवल बाहरी देखभाल ही नहीं, बल्कि सही खानपान भी स्किन के लिए बहुत जरूरी है. कोरियंस अपनी स्किन को हेल्दी और जवान बनाए रखने के लिए डाइट में कोलेजन बढ़ाने के लिए स्मूदी शामिल करते हैं. इसे बनाने के लिए आपको 1 कप अनार का जूस, आधा एवोकाडो, 1 बड़ा चम्मच अलसी या चिया सीड्स, थोड़ी सी ब्लूबेरी की जरूरत पड़ेगी. आप इसका स्वाद बढ़ाने के लिए थोड़ा सा शहद डाल सकते हैं. सभी चीजों को ब्लेंड करके सुबह के नाश्ते या स्नैक के रूप में लिया जा सकता है. 5. नाइट कोलेजन पैक रात के समय स्किन खुद को रिपेयर करती है, इसलिए कोरियन स्किनकेयर में नाइट पैक को बेहद खास माना जाता है. नाइट कोलेजन पैक बनाने के लिए आपको 1 अंडे का सफेद हिस्सा चाहिए होगा. अंडे के सफेद हिस्से में आधा चम्मच स्नेल म्यूसिन (ऑप्शनल) मिलाएं. 1 चम्मच शहद डालें. सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर चेहरे पर लगाएं. इसे रातभर लगा छोड़ दें और सुबह गुनगुने पानी से धो लें.

RBI का DEA Fund: 10 साल से निष्क्रिय खातों का पैसा ऐसे करें वापस क्लेम

नई दिल्ली क्या आपके या आपकी फैमिली के किसी मेंबर का पुराना बैंक अकाउंट लंबे टाइम से यूज नहीं हुआ है? या फिर किसी फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD की मैच्योरिटी के बाद उसकी रकम को किसी ने भी क्लेम नहीं किया है, तो ऐसे मामलों में आपका ये डिपाजिट हमेशा के लिए गायब नहीं होता बल्कि आप इस पैसे को वापस पा सकते हैं। जी हां, भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI के पास ऐसी रकम को सुरक्षित रखने की खास व्यवस्था है और सही प्रोसेस अपनाकर इसे दोबारा हासिल किया जा सकता है। RBI ने ऐसे निष्क्रिय और बिना दावे वाले एकाउंट्स की रकम को संभालने के लिए Depositor Education and Awareness यानी DEA Fund बना रखा है। मई 2014 में शुरू किए गए इस फंड में उन एकाउंट्स का पैसा ट्रांसफर किया जाता है, जो लगातार 10 साल तक इनएक्टिव हैं या जिनकी जमा राशि पर कोई दावा नहीं किया गया है कब 'अनक्लेम्ड डिपॉजिट' बन जाती है आपका पैसा? RBI के रूल्स के अनुसार अगर किसी सेविंग्स या करंट अकाउंट में 10 साल तक कोई लेनदेन नहीं होता या किसी FD की मैच्योरिटी के 10 साल बाद तक रकम नहीं निकाली जाती, तो उस पैसे को इस Unclaimed Deposit में रखा जाता है। इसके बाद बैंक उस राशि को DEA Fund में भेज देता है। हालांकि सबसे अच्छी बात ये है कि बैंक अकाउंट होल्डर या उसके कानूनी उत्तराधिकारी बाद में भी इस रकम को ले सकते हैं। ब्याज वाले अकाउंट के मामले में लागू रूल्स के मुताबिक ब्याज भी दिया जाता है। UDGAM Portal से कैसे ढूंढे अपना भुला हुआ पैसा? इस काम को आसान बनाने के लिए RBI ने UDGAM यानी Unclaimed Deposits-Gateway to Access Information पोर्टल काफी पहले लॉन्च किया था। आज आप इस पोर्टल के जरिए एक ही जगह पर कई बैंक अकाउंट में मौजूद अनक्लेम्ड डिपॉजिट की डिटेल्स देख सकते हैं। सबसे पहले तो इसके लिए आपको अपना नाम और मोबाइल नंबर एंटर करके रजिस्ट्रेशन पूरा करना होगा। इसके बाद अकाउंट होल्डर का नाम, बैंक का नाम और PAN, वोटर आईडी, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या जन्मतिथि जैसी डिटेल्स देकर सर्च करना होगा। अगर आपके पास इनमें से कोई डॉक्यूमेंट उपलब्ध नहीं है तो भी टेंशन लेने की जरूरत नहीं है। आप अकाउंट होल्डर का एड्रेस एंटर करके भी सर्च कर सकते हैं। कैसे वापस मिलेगा Unclaimed पैसा? अनक्लेम्ड पैसा वापस लेने के लिए सबसे पहले तो अकाउंट होल्डर या कानूनी उत्तराधिकारी को संबंधित बैंक में दावा करना होगा। इसके बाद बैंक वेरिफिकेशन प्रोसेस को पूरा करेगा। वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद ग्राहक को रकम और लागू ब्याज दिया जाएगा। क्लेम करना है काफी आसान     सबसे पहले अपने बैंक की किसी भी ब्रांच में जाएं।     आधार, वोटर आईडी, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस जैसे KYC डाक्यूमेंट्स के साथ क्लेम फॉर्म जमा करें।     डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन होने के बाद बैंक आपकी राशि वापस कर देगा। किन अकाउंट का पैसा DEA Fund में जाती है? दरअसल DEA Fund में सेविंग्स अकाउंट, करंट अकाउंट, FD, RD, कैश क्रेडिट अकाउंट, अनक्लेम्ड डिमांड ड्राफ्ट, बैंकर चेक, NEFT क्रेडिट बैलेंस, प्रीपेड कार्ड बैलेंस और कई तरह के अन्य इनएक्टिव अकॉउंटस की राशि इसमें शामिल की जाती है।  

घर पर बनाएं केमिकल-फ्री फेस वॉश, स्किन को दें नेचुरल ग्लो और साफ़ निखार

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बाहरी धूल-मिट्टी और पॉल्यूशन की वजह से हमारी स्किन अपनी नेचुरल ग्लो खोटी चली जा रही है. वैसे तो हम सभी अपने चेहरे की सफाई करने के लिए फेस वॉश या फिर एक क्लींजर का इस्तेमाल करते ही हैं, लेकिन कई बार इनमें मौजूद केमिकल्स हमारी स्किन को फायदा पहुंचाने की जगह पर नुकसान ज्यादा पहुंचा देते हैं. आपको भले ही एक हफ्ते या फिर एक महीने में इन केमिकल्स का असर अपनी स्किन पर देखने को न मिले, लेकिन एक समय के बाद आपको इन केमिकल्स की वजह से हुआ नुकसान जरूर दिखाई देगा. अगर आप अपने चेहरे को एक नेचुरल तरीके से साफ करना चाहते हैं, तो आज की यह आर्टिकल आपके काम की होने वाली है. आज हम आपको आपके घर और किचन में ही मौजूद कुछ चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनका इस्तेमाल करके आप एक नेचुरल और ज्यादा सुरक्षित फेस वॉश आसानी से खुद ही तैयार कर सकते हैं. तो चलिए जानते हैं घर पर नेचुरल फेस वॉश बनाने और उसे इस्तेमाल करने का सबसे आसान तरीका. बेसन और हल्दी का फेस वॉश हमारे घरों में बेसन का इस्तेमाल सदियों से चेहरे को निखारने के लिए किया जाता रहा है. बेसन स्किन की गहराई से सफाई करता है और एक्स्ट्रा ऑयल को रिमूव करने में मदद भी करता है वहीं, हल्दी में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल क्वालिटीज पिंपल्स को दूर रखते हैं. इसे बनाने के लिए एक कटोरी में दो चम्मच बेसन लें और उसमें आधा छोटा चम्मच हल्दी पाउडर मिलाएं. अब इसमें ड्राई स्किन के लिए जरूरत के अनुसार कच्चा दूध या ऑयली स्किन के लिए गुलाब जल मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लें. यह सिंपल सा पेस्ट चेहरे की गंदगी को पूरी तरह साफ कर देता है. एलोवेरा और शहद का फेस वॉश अगर आपकी स्किन बहुत ही ज्यादा सेंसिटिव या ड्राई है, तो एलोवेरा और शहद का कॉम्बिनेशन आपके लिए सबसे अच्छा साबित हो सकता है. एलोवेरा स्किन को ठंडक और फ्रेशनेस देता है, जबकि शहद मॉइस्चर को लॉक करके चेहरे को नैचुरली ग्लोइंग बनाता है. इसे बनाने के लिए दो चम्मच फ्रेश एलोवेरा जेल में एक चम्मच प्योर शहद मिलाएं और दोनों को अच्छी तरह से मिक्स कर लें. इस मिश्रण को आप चाहें तो एक छोटे कंटेनर में बनाकर फ्रिज में दो से तीन दिनों के लिए रख भी सकते हैं. ओट्स और दही का फेस वॉश धूप के कारण अगर चेहरे पर टैनिंग हो गई है या स्किन बेजान लग रही है, तो ओट्स और दही का फेस वॉश बेहतरीन तरीके से काम करता है. ओट्स आपकी स्किन को साफ करता है और दही में मौजूद लैक्टिक एसिड दाग-धब्बों को हल्का करने में मदद करता है. इसे तैयार करने के लिए सबसे पहले ओट्स को पीसकर उसका पाउडर बना लें और फिर एक चम्मच ओट्स पाउडर में एक से दो चम्मच फ्रेश दही मिलाएं. इन दोनों ही चीजों को अच्छे से मिक्स करके पेस्ट बना लें. यह आपकी स्किन की डेड सेल्स को हटाने में बहुत असरदार है. इस्तेमाल करने का सही तरीका घर पर बने इस नेचुरल फेस वॉश का इस्तेमाल करना बेहद आसान है. सबसे पहले अपने चेहरे को सादे पानी से गीला कर लें. इसके बाद तैयार किए गए पेस्ट को चेहरे पर लगाएं और उंगलियों की मदद से गोल-गोल घुमाते हुए 1 से 2 मिनट तक हल्की मसाज करें. अब चेहरे को साफ पानी से धो लें और किसी साफ तौलिए से थपथपाकर सुखाएं. चेहरा धोने के तुरंत बाद चेहरे पर थोड़ा सा मॉइस्चराइजर या गुलाब जल जरूर लगाएं ताकि मॉइस्चर बनी रहे. नेचुरल फेस वॉश के फायदे घर के बने फेस वॉश पूरी तरह से केमिकल-फ्री और सल्फेट-फ्री होते हैं, जिससे स्किन को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है. ये आपके बजट में फिट बैठते हैं और इनका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता. इन्हें रोजाना इस्तेमाल करने से चेहरे का नेचुरल ग्लो वापस आता है और स्किन अंदर से हेल्दी भी रहती है.

डैमेज बालों के लिए दही और शहद से नेचुरल हेयर मास्क

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में पॉल्यूशन और केमिकल लोडेड प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते-करते हमारे बाल बेजान और ड्राई हो जाते हैं. जब बाल डैमेज हो जाते हैं तो रिपेयर करने के लिए अक्सर हम महंगे ट्रीटमेंट लेते हैं या फिर हेयर स्पा का सहारा लेते हैं. अगर आपके बाल डैमेज हो चुके हैं और आप इन्हें नेचुरल तरीके से रिपेयर करना चाहते हैं, तो इसके लिए जितनी भी जरूरी चीजें चाहिए वे आपके किचन में ही मौजूद हैं. जब आप इन चीजों का इस्तेमाल करके हेयर मास्क बनाते हैं तो इससे आपके बालों को डीप नरिशमेंट मिलती है और वे पहले से काफी ज्यादा हेल्दी भी लगने लगते हैं. तो चलिए जानते हैं ऐसी कुछ चीजों के बारे में जिनका इस्तेमाल करके आप काफी आसानी से और मिनटों में ही एक असरदार हेयर मास्क तैयार कर सकते हैं. ड्राई बालों के लिए दही और शहद का मास्क अगर आपके बाल बहुत ज्यादा ड्राई और बेजान हो गए हैं, तो दही और शहद का मास्क आपके लिए सबसे अच्छा ऑप्शन है. दही में लैक्टिक एसिड होता है जो स्कैल्प को साफ करता है, जबकि शहद एक नेचुरल मॉइस्चराइजर है जो बालों की मॉइस्चर को एब्जॉर्ब करके उन्हें सॉफ्ट बनाता है. इस मास्क को बनाने के लिए आधा कप फ्रेश दही लें और उसमें दो चम्मच शहद मिला लें. अब इन दोनों ही चीजों को अच्छी तरह मिक्स करके पेस्ट बना लें. अब इसे अपने स्कैल्प से लेकर बालों की पूरी लंबाई तक लगाएं. इसे करीबन 30 मिनट तक इसे लगा रहने दें और फिर किसी माइल्ड शैम्पू से बाल धो लें. हफ्ते में एक बार इसका इस्तेमाल करने से बाल बेहद सॉफ्ट और शाइनी हो जाते हैं. मजबूत बालों के लिए अंडा और ऑलिव ऑयल अगर आप बालों के टूटने और झड़ने की समस्या से परेशान हैं, तो ऐसे में आपको अंडे और ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल करके एक हेयर मास्क तैयार कर लेना चाहिए. अंडे में प्रोटीन की मात्रा बहुत ही ज्यादा पायी जाती है, जो बालों की जड़ों को मजबूत बनाता है. वहीं, ऑलिव ऑयल आपके बालों को अंदर से न्यूट्रिशन देता है. इसे बनाने के लिए एक कटोरी में एक अंडा तोड़ें और फिर इसमें दो चम्मच ऑलिव ऑयल मिलाएं. इस मिश्रण को अच्छी तरह फेंट लें और फिर इसे अपने बालों में लगाएं और 20 से 25 मिनट के लिए छोड़ दें. इसके बाद बालों को ठंडे पानी और शैंपू से धो लें. इस बात का ख्याल रखें कि अंडा लगाने के बाद कभी भी गर्म पानी का इस्तेमाल न करें, नहीं तो अंडे की महक बालों से नहीं जाएगी. शाइनी और स्मूद बालों के लिए केला और नारियल तेल अगर आपको मालूम नहीं है तो बता दें पके हुए केले में आपको भरपूर मात्रा में पोटैशियम, नेचुरल ऑयल और विटामिन्स मिल जाते हैं, जो आपके बालों के ड्राइनेस को दूर करके उन्हें सिल्की बनाते है. नारियल तेल बालों को न्यूट्रिशन देकर उन्हें टूटने से बचाता है. इस हेयर मास्क को बनाने के लिए एक पका हुआ केला लें और उसे अच्छी तरह मैश कर लें ताकि उसमें कोई गांठ न रहे. अब इसमें एक से दो चम्मच नारियल का तेल मिलाएं. इस पेस्ट को अपने बालों पर लगाएं और कम से कम 30 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर नॉर्मल पानी से ही अपने बालों को अच्छी तरह से धो लें. यह मास्क नेचुरल कंडीशनर की तरह काम करता है और बालों को गजब की शाइन देता है.

वीकेंड थेरेपी: नींद, डिजिटल डिटॉक्स और नेचर से तनाव कम करने के आसान तरीके

 सोमवार से लेकर शुक्रवार या फिर शनिवार तक हम सभी एक भागदौड़ भरी जिंदगी जीते हैं. ऑफिस के कामों को खत्म करना और घर की जिम्मेदारियों को पूरा करने के चक्कर में हम सिर्फ फिजिकली ही नहीं बल्कि मेंटली भी पूरी तरह से थक जाते हैं. इस समय हम सिर्फ वीकेंड का इंतजार करते हैं क्योंकि इसी एक या दो दिनों के दौरान हम खुद को रिलैक्स करने के लिए कुछ कर पाते हैं. वीकेंड पर हमारे अंदर बहुत कुछ करने की इच्छा तो होती है लेकिन फिर भी हम इसे सोने या फिर सोशल मीडिया स्क्रॉल करने में ही बर्बाद कर देते हैं, जिस वजह से हमारी थकान दूर नहीं हो पाती है. अगर आप सच में इस वीकेंड खुद को रिलैक्स और रिफ्रेशिंग फील करना चाहते हैं, तो आपको वीकेंड थेरेपी जरूर अपनानी चाहिए. आज इस आर्टिकल में हम आपको ऐसे ही कुछ आसान कामों के बारे में बताने वाले हैं, जिन्हें इस वीकेंड करके आप अपने शरीर और दिमाग को पूरी तरह से रिलैक्स्ड फील करवा सकते हैं. तो चलिए इनके बारे में जानते हैं विस्तार से. सही तरीके से पूरा करें नींद का कोटा पूरे हफ्ते सुबह जल्दी उठने के चक्कर में हमारी नींद अधूरी रह जाती है. वीकेंड पर आप अपनी इस अधूरी नींद को पूरा कर सकते हैं. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप दोपहर के 12 बजे तक सोते रहें. ऐसा करने से शरीर में सुस्ती और बढ़ जाती है और साथ ही दिमाग भी थका हुआ महसूस करने लगता है. आप रोज के समय से सिर्फ एक या दो घंटा ज्यादा सो सकते हैं. एक अच्छी और गहरी नींद आपके दिमाग के सेल्स को शांत करती है और आपको मेंटल पीस देती है. डिजिटल डिटॉक्स भी है बेहद जरूरी आज के समय में हम हर समय मोबाइल, लैपटॉप या टीवी की स्क्रीन से चिपके रहते हैं. सोशल मीडिया की रील्स और ऑफिस के ई-मेल्स हमारे दिमाग को कभी शांत नहीं होने देते. वीकेंड पर कम से कम 4 से 5 घंटे के लिए अपने फोन को खुद से दूर रखें. ऐसा करने को डिजिटल डिटॉक्स करना कहते हैं. जब आप स्क्रीन से दूरी बनाएंगे, तो आपकी आंखों को आराम मिलेगा और दिमाग का स्ट्रेस भी कम होगा. नेचर के साथ बिताएं थोड़ा समय कंक्रीट के जंगलों और बंद कमरों से बाहर निकलकर थोड़ी फ्रेश ऑक्सीजन लेना भी बहुत जरूरी है. वीकेंड की सुबह या शाम को किसी नजदीकी पार्क में जाएं. हरी घास पर नंगे पैर चलें, पौधों को देखें और लंबी सांसें लें. नेचर के बीच रहने से शरीर में हैप्पी हार्मोन्स बढ़ते हैं, जिससे डिप्रेशन और एंग्जायटी दूर होती है. यह आपके शरीर को नेचुरली रीचार्ज करने का सबसे अच्छा तरीका है. अपनी पसंद का कोई काम करना भागदौड़ भरी इस जिंदगी में हम अक्सर अपनी उन हॉबीज को भूल जाते हैं जो हमें खुशी देती थीं. इस वीकेंड अपने उस पुराने शौक को फिर से जगाने की कोशिश करें. चाहे वह शौक पेंटिंग करने का हो, कोई अच्छी किताब पढ़ने का हो, गार्डनिंग करने का हो या फिर म्यूजिक सुनने का. जब आप अपनी पसंद का काम करते हैं, तो दिमाग का सारा स्ट्रेस गायब हो जाता है और अंदर से एक नई पॉजिटिव एनर्जी का अहसास होता है. खुद को दें रिलैक्सिंग मसाज या बाथ हफ्ते भर की थकान के कारण मसल्स में खिंचाव और दर्द होने लगता है. शरीर को आराम देने के लिए आप वीकेंड पर गुनगुने पानी से नहा सकते हैं या फिर हल्के तेल से शरीर की मसाज कर सकते हैं. इसके अलावा गुनगुने पानी में थोड़ा सा सेंधा नमक डालकर पैर डुबोकर बैठने से भी बहुत आराम मिलता है. इससे शरीर का ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और सारी फिजिकल थकावट भी पल भर में दूर हो जाती है. अपनों के साथ दिल खोलकर बातें करें अकेलेपन और काम के प्रेशर से भी आपको मेंटल स्ट्रेस हो सकती है. वीकेंड का कुछ समय अपने परिवार, बच्चों या दोस्तों के साथ बिताएं. उनके साथ बैठकर चाय पीते हुए अपनी पुरानी यादें ताजा करें या हंसी-मजाक करें. अपनों के साथ खुलकर बात करने और हंसने से मन का बोझ हल्का होता है. यह एक ऐसी थेरेपी है जो किसी भी दवाई से ज्यादा असरदार है.

iPhone 15 vs iPhone 16: कीमत घटने के बाद कौन सा iPhone 2026 में ज्यादा सही?

भारत में आईफोन (iPhone) खरीदने का सपना देखने वालों के लिए 2026 दिलचस्प साल बन गया है. एक तरफ iPhone 15 की कीमत लॉन्च के मुकाबले काफी कम हो चुकी है, वहीं दूसरी तरफ iPhone 16 भी अब पहले जितना महंगा नहीं रहा. ऐसे में दोनों मॉडल्स के बीच कीमत का अंतर पहले की तुलना में काफी घट गया है. यही वजह है कि कई खरीदार इस दुविधा में हैं कि कम पैसे बचाकर iPhone 15 लेना समझदारी होगी या फिर थोड़ा ज्यादा खर्च करके iPhone 16 खरीदना बेहतर फैसला साबित होगा. अगर आप भी नया iPhone लेने की योजना बना रहे हैं, तो दोनों फोन्स के बीच का अंतर समझना जरूरी है. कीमत कम हुई तो मुकाबला हुआ और दिलचस्प कुछ समय पहले तक iPhone 16 को प्रीमियम विकल्प माना जाता था, जबकि iPhone 15 बजट के हिसाब से बेहतर डील माना जाता था. लेकिन अब तस्वीर बदल चुकी है. ऑनलाइन सेल, बैंक ऑफर और एक्सचेंज डील्स की वजह से दोनों डिवाइसेज की कीमतों में अंतर कम हो गया है. यही कारण है कि अब फैसला सिर्फ कीमत पर नहीं, बल्कि लंबे समय तक मिलने वाली वैल्यू और फीचर्स पर भी निर्भर करता है. कई खरीदारों के लिए यह तय करना आसान नहीं है कि अतिरिक्त रकम खर्च करने का फायदा वास्तव में मिलेगा या नहीं. प्रॉसेसर में है सबसे बड़ा अंतर दोनों स्मार्टफोन देखने में काफी हद तक एक जैसे लगते हैं, लेकिन अंदर की ताकत अलग है. iPhone 15 में ए16 बायोनिक चिपसेट मिलता है, जबकि iPhone 16 में नया ए18 प्रॉसेसर दिया गया है. रोजमर्रा के इस्तेमाल में दोनों फोन शानदार परफॉर्मेंस देते हैं. सोशल मीडिया, वीडियो स्ट्रीमिंग, मल्टीटास्किंग और गेमिंग जैसे काम दोनों डिवाइसेज आसानी से संभाल लेते हैं. हालांकि आने वाले वर्षों में नए फीचर्स और सॉफ्टवेयर अपडेट्स के मामले में iPhone 16 को बढ़त मिल सकती है. जो लोग 4 से 5 साल तक एक ही फोन इस्तेमाल करने का सोच रहे हैं, उनके लिए यह एक महत्वपूर्ण पहलू हो सकता है. कैमरा क्वाॅलिटी में दोनों हैं दमदार फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए अच्छी खबर यह है कि दोनों स्मार्टफोन्स में 48 मेगापिक्सल का मुख्य कैमरा मिलता है. इससे हाई-क्वाॅलिटी फोटो और वीडियो कैप्चर किये जा सकते हैं. iPhone 16 में कैमरा सिस्टम को और बेहतर बनाने के लिए कुछ सुधार किए गए हैं, लेकिन सामान्य यूजर के लिए दोनों फोन्स के बीच का अंतर बहुत बड़ा महसूस नहीं होगा. अगर आप पुराने iPhone या किसी एंड्रॉयड फोन से अपग्रेड कर रहे हैं, तो दोनों ही डिवाइस कैमरा के मामले में बड़ा सुधार साबित हो सकते हैं. बैटरी और रोजमर्रा का अनुभव बैटरी लाइफ के मामले में iPhone 16 को उसके नए प्रॉसेसर का फायदा मिलता है. बेहतर पावर एफिशिएंसी की वजह से यह थोड़ी लंबी बैटरी लाइफ देने में सक्षम है. हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि iPhone 15 कमजोर है. सामान्य उपयोग में यह भी पूरे दिन आराम से साथ निभा सकता है. दोनों फोन्स में यूएसबी-सी पोर्ट, डायनामिक आइलैंड और प्रीमियम बिल्ड क्वाॅलिटी जैसे फीचर्स मौजूद हैं. यानी दैनिक उपयोग का अनुभव दोनों में काफी स्मूद और फ्लैगशिप स्तर का मिलता है. किसके लिए सही है iPhone 15 और किसे लेना चाहिए iPhone 16? अगर आपका मकसद कम बजट में Apple इकोसिस्टम में एंट्री लेना है, तो iPhone 15 अभी भी सबसे आकर्षक विकल्पों में से एक है. इसमें वे लगभग सभी जरूरी फीचर्स मिल जाते हैं जिनकी आम यूजर को जरूरत होती है. वहीं अगर आप लेटेस्ट हार्डवेयर चाहते हैं, भविष्य में आने वाले एआई फीचर्स का फायदा उठाना चाहते हैं और लंबे समय तक फोन बदलने का इरादा नहीं है, तो iPhone 16 ज्यादा समझदारी भरा विकल्प साबित हो सकता है. कुल मिलाकर फैसला कीमत के अंतर पर निर्भर करेगा. यदि iPhone 15 काफी कम कीमत में उपलब्ध है, तो यह 2026 में भी सबसे वैल्यू-फॉर-मनी iPhones में शामिल रहेगा. लेकिन अगर दोनों मॉडल्स के बीच अंतर बहुत कम है, तो iPhone 16 पर थोड़ा अतिरिक्त खर्च भविष्य के लिए बेहतर निवेश साबित हो सकता है.

200MP कैमरे वाला Samsung Galaxy S26 Ultra सस्ता हुआ, जानें फीचर्स और कीमत

सैमसंग गैलेक्सी एस 26 अल्ट्रा, एक फ्लैगशिप ग्रेड का स्मार्टफोन है. इस हैंडसेट में पावरफुल परफॉर्मेंस, 200 मेगापिक्सल का कैमरा और कई अच्छे फीचर्स मिलते हैं. सैमसंग ने कुछ महीने पहले ही इस हैंडसेट को लॉन्च किया है और अब इस पर 15 हजार रुपये बचाने का मौका मिल रहा है. Samsung Galaxy S26 Ultra को भारत में 1,39,999 रुपये में लॉन्च किया था. ईकॉमर्स प्लेटफॉर्म ऐमेजॉन इंडिया पर इसको 1,30,999 रुपये में लिस्ट किया है, जिसमें 9 हजार रुपये का फ्लैट डिस्काउंट मिल रहा है. सैमसंग के इस हैंडसेट पर 9 हजार रुपये सीधे बचाने का मौका मिल रहा है. वहीं, 6 हजार रुपये का इंस्टैंट बैंक डिस्काउंट भी मिल रहा है, जिसके लिए चुनिंदा बैंक के कार्ड का यूज करना होगा. ऐसे में यूजर्स को पूरे 15 हजार रुपये तक बचाने का मौका मिलेगा. Samsung Galaxy S26 Ultra के स्पेसिफिकेशन्स Samsung Galaxy S26 Ultra में कई कमाल के फीचर्स दिए गए हैं. इसमें 200 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा दिया है. साथ ही इसमें 50 मेगापिक्सल का पेरिस्कोप टेलीफोटो लेंस, 10 मेगापिक्सल का टेलीफोटो और 50 मेगापिक्सल का अल्ट्रा वाइड एंगल लेंस दिया गया है. Samsung Galaxy S26 Ultra का डिस्प्ले Samsung Galaxy S26 Ultra में 6.9 इंच का डायनेमिक LTPO AMOLED 2X डिस्प्ले पैनल का इस्तेमाल किया गया है. कॉर्निंग गोरिल्ला आर्मर 2 ग्लास प्रोटेक्शन दी गई है. Samsung Galaxy S26 Ultra का प्रोसेसर Samsung Galaxy S26 Ultra में क्वालकॉम का स्नैपड्रैगन 8 इलाइट जेन 5 (3nm) चिपसेट का यूज किया है. साथ इसमें 5000 mAh की बैटरी दी गई है, जिसके साथ 60W फास्ट चार्जर मिलता है. इसमें रिवर्स और वायरलेस चार्जिंग का सपोर्ट मिलता है.

सिर्फ पानी से बाल धोना कितना सही? जानें ‘नो-शैम्पू’ ट्रेंड के फायदे और नुकसान

बिना शैंपू के सिर्फ पानी से बाल धोना (Water-Only Hair Washing) आजकल एक बड़ा ट्रेंड बन चुका है, जिसे 'नो-शू मूवमेंट' भी कहा जा रहा है. लोग केमिकल से बचने के लिए इसे अपना रहे हैं, लेकिन क्या यह वाकई बालों के लिए फायदेमंद है? एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सिर्फ पानी से सिर धोने से धूल-मिट्टी तो साफ हो सकती है, लेकिन बालों में जमा एक्स्ट्रा ऑयल (Sebum) और डर्ट पूरी तरह साफ नहीं होते. ऑयल और पानी का कॉम्बिनेशन न मिलने के कारण स्कैल्प पर चिपचिपाहट बनी रहती है, जिससे इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है.   क्या कहते हैं विदेशी एक्सपर्ट्स और रिसर्च? हेल्थलाइन के अनुसार, शैंपू न लगाने से स्कैल्प के नेचुरल ऑयल्स सुरक्षित रहते हैं जिससे बाल कम ड्राई होते हैं. लेकिन इसका दूसरा पहलू यह है कि पानी अकेले तेल को ब्रेकडाउन नहीं कर सकता. बालों में जमा नेचुरल ऑयल (सीबम) और हेयर प्रोडक्ट्स के केमिकल पानी से नहीं निकलते. इसके लिए शैंपू में मौजूद सर्फेक्टेंट्स यानी क्लींजिंग एजेंट्स की जरूरत होती है. सिर्फ पानी से बाल धोने के फायदे हेल्थकेयर रिसर्च फर्म Hims के मुताबिक, अगर आप बिना शैंपू के बाल धोते हैं तो इसके कुछ फायदे भी हैं. केमिकल्स से बचाव: शैंपू में मिलने वाले सल्फेट और पैराबेंस जैसे हार्ड केमिकल्स से बाल बच जाते हैं. कम ड्राइनेस: जो लोग बहुत ज्यादा शैंपू करते हैं, उनके बाल रूखे हो जाते हैं. पानी से धोने पर बालों की नेचुरल नमी बनी रहती है. सस्ता ऑप्शंस: यह पूरी तरह से फ्री है और प्लास्टिक बोतलों का इस्तेमाल कम होने से पर्यावरण को भी फायदा होता है. स्कैल्प इन्फेक्शन और डैंड्रफ का खतरा सिर्फ पानी के इस्तेमाल से फायदे कम और नुकसान ज्यादा हो सकते हैं. हेयर केयर और ट्राइकोलॉजी एक्सपर्ट्स के अनुसार, जब बालों से तेल साफ नहीं होता तो स्कैल्प के पोर्स बंद हो जाते हैं. इससे स्कैल्प पर गंदगी जमा होने लगती है जो आगे चलकर डैंड्रफ, तेज खुजली और हेयर फॉल का कारण बन सकती है. जिन लोगों के बाल पतले या बहुत ऑयली हैं उनके बाल सिर्फ पानी से धोने पर ज्यादा चिपचिपे और बेजान दिखने लगते हैं. क्या है सही तरीका? एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि आपको पूरी तरह शैंपू बंद करने की जरूरत नहीं है. आप हफ्ते में 1 या 2 बार माइल्ड या सल्फेट-फ्री शैंपू का इस्तेमाल कर सकते हैं. बीच के दिनों में बालों को फ्रेश रखने के लिए केवल सादे पानी से रिंस (Rinse) किया जा सकता है. इससे बालों का नेचुरल ऑयल बैलेंस भी नहीं बिगड़ेगा और स्कैल्प भी पूरी तरह क्लीन और हेल्दी रहेगी.