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चौंकाने वाला शोध: रात में जागना और मोबाइल की लत कैंसर के जोखिम को बढ़ा रहे

भोपाल  अकसर लोग आजकल रात में अधिक देर तक मोबाइल चलाने और देर रात तक जागते हैं। लेकिन अगर आप भी ऐसे ही लोगों में से एक हैं तो आज से ही अपनी जीवन शैली बदल लीजिए। क्योंकि, मध्य प्रदेश की राजधानी में स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल में हालही में हुए एक शोध में चौंकाने वाला तथ्य सामने आए हैं कि, नींद की किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सीधे तौर पर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का आमंत्रण है। शधकर्ता और एम्स के डॉ. अशोक कुमार ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि, हमारा शरीर दिन और रात के एक चक्र में काम करने के लिए बना है। यही चक्र हमारी नींद, पाचन, हार्मोन और सबसे खास रोग प्रतिरोधक क्षमता को नियंत्रित करने का काम करता है। देर रात तक जागने, नाइट शिफ्ट में काम करने और अनियमित दिनचर्या से जैविक घड़ी पटरी से उतर जाती है। ये होता है नुकसान अगर ऐसा होता है तो ऐसी स्थिति में शरीर की रक्षा कोशिकाएं 'सुस्त' पड़ जाती हैं, जिसके चलते कैंसर कोशिकाएं हमारी ऊर्जा प्रणाली पर कब्जा कर लेती हैं। धीरे-धीरे कैंसर कोशिकाएं इतनी शक्तिशाली हो जाती हैं कि, हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली उन्हें पहचानने के बावजूद नष्ट करने में असमर्थ रहती है। इंटरनेशनल जर्नल में मिली पहचान, मिला सम्मान डॉ. अशोक कुमार ने यह शोध डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव (केजीएमयू लखनऊ), मनेन्द्र सिंह तोमर और मोहित के सहयोग से पूरा हुआ। इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित जर्नल 'स्लीप मेडिसिन रिव्यूज' में प्रकाशित किया गया है। यही नहीं, डॉ. अशोक कुमार को 'बेस्ट पेपर अवार्ड' से भी नवाजा गया है। आमजन को 'सुरक्षा मंत्र' -सोने का समय तय करें। रोज एक तय समय पर सोएं और जागें, ताकि जैविक घड़ी का संतुलन बना रहे। -सोने से 01 घंटे पहले मोबाइल, लैपटॉप और टीवी की स्क्रीन से दूरी बनाएं। -अनियमित खान-पान शरीर के मेटाबॉलिज्म को बिगाड़ता है। समय पर भोजन करें। क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स? इस संबंध में भोपाल एम्स के कार्यपालक निदेशक और सीईओ डॉ. माधवानन्द कर का कहना है कि, नींद और कैंसर के बीच छुपे संबंध पर ये शोध समाज के लिए एक वेकअप कॉल का काम करेगा। यह वैज्ञानिक उपलब्धि न सिर्फ चिकित्सकीय जगत में सबसे मूल्यवान है, बल्कि आम लोगों को ये समझाने में भी कारगर होगी कि, स्वस्थ जीवनशैली ही कैंसर के खिलाफ सबसे मजबूत सुरक्षा कवच है।

अदरक के चौंकाने वाले फायदे: इन 4 तरह के लोगों को जरूर मिलती है खास राहत

नई दिल्ली अदरक, जो हर घर में चाय से लेकर सब्जियों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह अपने स्वाद और खुशबू के लिए तो जाना ही जाता है, लेकिन सेहत के लिए भी किसी चमत्कार से कम नहीं। अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो सेहत से जुड़ी समस्याओं से बचाने में मदद करता है। खासकर कुछ लोगों के लिए यह बेहद फायदेमंद साबित होता है। आइए जानते हैं वो 4 लोग जिन्हें अदरक जरूर खाना चाहिए। पाचन समस्या वाले लोग खराब पाचन और पेट से जुड़ी समस्याएं हर किसी को काफी परेशान कर देता है, जिससे राहत पाने के लिए लोग दवाइयां और घरेलू उपाय अपनाते हैं। ऐसे में इन लोगों के लिए अदरक खाना काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। साथ ही, यह इरिटेबल बाउल सिंड्रोम और इन्फ्लेमेटरी बाउल डिजीज के मरीजों का खाना आसानी से पचाने में मदद करता है और पेट की तकलीफ से भी राहत दिलाता है। वहीं, अदरक खाने से शरीर की सूजन, अपच, बदहजमी और पाचन तंत्र में अल्सर का खतरा कम करता है और यह कोलोरेक्टल कैंसर के जोखिम से भी बचाता है। वजन घटाने वाले लोग बढ़ते वजन को लेकर अक्सर लोग परेशान रहते हैं, इसके लिए वह डाइट में बदलाव व एक्सरसाइज का सहारा भी लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि अदरक वेट लॉस के लिए एक हेल्दी ऑप्शन हो सकता है? जी हां, अगर आप भी वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो इसे डाइट में जरूर शामिल करें। यह आपको मोटापे से छुटकारा दिलाने और कमर को कम करने में मदद करता है। पीरियड्स के दर्द में असरदार कुछ लड़कियों को पीरियड्स के दौरान पेट में ऐंठन, दर्द और कई तरह की परेशानियां होती हैं। अगर आप भी इन दिनों दर्द से राहत पाना चाहती हैं, तो अदरक को डाइट में जरूर शामिल करें। यह पीरियड्स के दर्द से राहत दिलाने में मदद करता है। उल्टी या मतली से परेशान लोग मतली से परेशान लोगों के लिए अदरक खाना काफी कारगर हो सकता है। खासकर प्रेग्नेंसी में उल्टी और मतली की समस्या होने पर। साथ ही, यह सर्जरी कराने वाले लोगों और कीमोथेरेपी से जुड़ी मतली को कम करने में भी मददगार है। प्रेग्नेंट महिलाएं ज्यादा मात्रा में अदरक खाने से बचें और इसे खाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें, क्योंकि यह हर किसी के लिए सेफ नहीं होता है।  

भारत में Apple पर संकट के बादल, सरकार की चेतावनी से बढ़ी टेंशन

  नई दिल्ली भारत की प्रतिस्पर्धा नियामक संस्था यानी कि Competition Commission of India (CCI) ने Apple को एक कड़ी चेतावनी जारी की है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक ऐपल 2021 से चल रही एंटीट्रस्ट जांच में देरी करने की कोशिश कर रही है। इससे नाराज होकर CCI ने कंपनी को आखिरी चेतावनी दी है। यह मामला इन ऐप पेमेंट से जुड़ा है और कंपनी पर 38 बिलियन डॉलर यानी कि लगभग 32 लाख करोड़ रुपये का जुर्माना लग सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक ऐपल बार-बार जवाब देने में देरी कर रही है, जिससे जांच प्रक्रिया बाधित हो रही है। अब CCI ने साफ कर दिया है कि अगर अगले हफ्ते तक Apple ने जवाब नहीं दिया, तो वह एकतरफा कार्रवाई करेगी। क्या है पूरा मामला? भारत में ऐपल 2021 से एक एंटीट्रस्ट मामले में फंसी है, जो कि इन-ऐप पेमेंट से संबंधित है। इस कानूनी लड़ाई में कंपनी पर 38 बिलियन डॉलर का जुर्माना लग सकता है। वहीं ऐपल ने भारत के नए एंटीट्रस्ट दंड कानून को चुनौती दी है। दरअसल यह कानून CCI को जुर्माने की राशि तय करने के लिए ऐपल के ग्लोबल टर्नओवर का इस्तेमाल करने की मंजूरी देता है। इसके जवाब में CCI ने ऐपल से जांच पर अपनी आपत्तियां दर्ज करने के लिए कहा था। इस पर ऐपल को लंबे समय से मौका दिया जा रहा है। CCI की सख्त चेतावनी 31 दिसंबर 2025 एक आदेश में CCI ने कहा है कि साफ निर्देश के बाद भी बार-बार समय बढ़ाना सही नहीं है और इससे नियम-कानून कमजोर होते हैं। साथ ही ऐसा करने से मामले को समय पर खत्म करने में समस्या आती है। ऐपल को लेकर CCI का यह भी कहना है कि ऐसी छूट हमेशा के लिए नहीं दी जा सकती। अब CCI ने फैसला किया है कि अगर अगले हफ्ते तक Apple की ओर से जवाब नहीं मिलता, तो वह खुद ही आगे बढ़ेगी और फैसला लेगी। बता दें कि लंबे समय से ऐपल सरकारी आदेश के जवाब देने में सुस्ती दिखा रही है, जिससे मामले को आगे बढ़ाने में समस्या हो रही है। ऐपल का रुख और आगे क्या? रिपोर्ट के मुताबिक Apple का मानना है कि CCI अदालती कार्यवाही को रोकने की कोशिश कर रही है। इस मामले में अगली सुनवाई 27 जनवरी को है और इससे पहले ऐपल की ओर से CCI को जवाब दिया जाना संभव नहीं है। ऐसे में साफ है कि ऐपल अदालत के फैसले के इंतजार में है। हालांकि अगर Apple जवाब नहीं देती है, तो भारत सरकार सख्त कदम उठा सकती है और भारी जुर्माना लगा सकती है।

शंख भस्म: हड्डियों और जोड़ों के लिए अमृत, कैल्शियम से भरपूर लाभकारी तत्व

 आयुर्वेद में उपचार के लिए सदियों से दुर्लभ जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल होता आया है। जड़ी-बूटियों के गुण बड़े से बड़े रोग से मुक्ति दिलाने की शक्ति रखते हैं, लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि आयुर्वेद में भस्म के जरिए भी रोगों को दूर करने का काम पहले से होता आया है। हम बात कर रहे हैं शंख भस्म की, जिसे आयुर्वेद में चमत्कारी भस्म के नाम से जाना जाता है। शंख भस्म एक आयुर्वेदिक औषधि है जिसका उपयोग एसिड रिफ्लक्स जैसी समस्याओं के उपचार में किया जाता है। इसमें अम्लरोधी गुण होते हैं जो सीने में जलन और दर्द जैसे लक्षणों से राहत प्रदान करते हैं। रसशास्त्र में शंख को शुद्ध वर्ग के अंतर्गत एक खनिज के रूप में वर्णित किया गया है। शंख भस्म आयुर्वेदिक चिकित्सकों द्वारा दैनिक अभ्यास में उपयोग की जाने वाली महत्वपूर्ण भस्मों में से एक है। शंख भस्म का उपयोग पेट से जुड़े विकारों से लेकर हड्डियों और जोड़ों के विकारों को ठीक करने में किया जाता है, लेकिन ध्यान रखने वाली बात ये है कि बिना चिकित्सक के शंख भस्म का इस्तेमाल न करें, क्योंकि इसे सीधा खाया नहीं जाता है, बल्कि किसी न किसी चीज में मिक्स कर इसका सेवन किया जाता है। ये स्वाद में तीखी होती है और रोग के अनुसार इसके सेवन की मात्रा तय की जाती है। अगर पेट की पाचन अग्नि कमजोर हो गई है, पेट में दर्द रहता है, गैस बनने की वजह से उल्टी की परेशानी या सिर में दर्द होता है, तो शंख भस्म का इस्तेमाल किया जा सकता है। शंख भस्म पाचन अग्नि को रीसेट करती है, जिससे खाना अच्छे से पचता है और पाचन की प्रक्रिया में सुधार आता है। शंख भस्म मुख्य रूप से कैल्शियम कार्बोनेट होता है। यह हड्डियों के स्वास्थ्य को बनाए रखने, ऑस्टियोपोरोसिस को रोकने और दांतों की मजबूती को बनाए रखने में मदद करता है। अगर शरीर में कैल्शियम की कमी है, तब भी शंख भस्म का सेवन किया जा सकता है, लेकिन गर्भवती महिलाएं सेवन से पहले चिकित्सक की सलाह जरूर लें। शंख भस्म शरीर में वात और कफ दोषों को संतुलित करने का काम भी करती है। अगर ये दोनों ही दोष शरीर में असंतुलित हैं तो कई बीमारियों का जन्म होता है। इससे पेट से लेकर स्किन से जुड़ी परेशानियां होने लगती हैं। इसके अलावा, चेहरे के मुहांसों और दाग धब्बों से छुटकारा पाने के लिए भी शंख भस्म का लेपन और सेवन कर सकते हैं।

परफेक्ट फिगर ही नहीं, ब्यूटी भी है उतनी ही जरूरी

वजन कम करने की ठान ली हो, तो अपनी फिगर के साथ-साथ ब्यूटी पर भी ध्यान दें, जिससे आगे चलकर परेशानी न हो। मोटी महिलाएं अगर छरहरी होने की ठान लें, तो उनके इस संकल्प के आड़े कोई नहीं आ सकती। मोटापे से नाता टूटे, उससे पहले ब्यूटी से अपना रिश्ता जोड़ें। वजन चाहे व्यायाम, डाइटिंग या किसी सर्जरी की सहायता से कम करें, हर सूरत में त्वचा प्रभावित होगी। वजन कम करने की इस पूरी प्रक्रिया में कई बार त्वचा इतनी लटक जाती है कि कसावट की स्थिति में लाने में काफी समय लगता है। त्वचा का लटकना आगे चलकर ठीक हो पाएगा कि नहीं यह महिला की उम्र, वह कितने लंबे समय तक मोटी रही और उसने कितनी मात्रा में वजन कम किया जैसी बातों पर भी खासतौर से निर्भर करता है। त्वचा की कोशिकाओं में प्रोटीन और प्रोटीन और फैट 2 तरह के मेट्रो एलिमेंट होते हैं, जिसे लाइपोप्रोटीन कहा जाता है। इससे त्वचा में लचक बनती है। जो महिलाएं वजन कंट्रोल की प्लानिंग कर रही है, वे अपनी कोशिकाओं में मौजूद फैट को नियंत्रित कर लेती हैं और पतली हो जाती हैं। लेकिन इससे शरीर में फैट और प्रोटीन का संतुलन बिगड़ जाता है। त्वचा की लचक कम हो जाती है, त्वचा में जल्दी झुर्रियां पड़ जाती हैं, त्वचा में जल्दी झुर्रियां पड़ जाती हैं। और त्वचा ढीली हो जाती है। इसलिए डॉक्टर बताते हैं कि जब भी वजन कम करें, तो अपनी डाइट पर पूरा ध्यान रखें। खाने में प्रोटीन कम न करें, लेकिन फैट और कार्बोहाइड्रेट पर नियंत्रण रख सकती हैं। किडनी में समस्या है, शरीर में यूरिक एसिड ज्यादा बन रहा है, तो उसे डॉक्टरी सलाह पर प्रोटीन की मात्रा कम लेनी चाहिए। वजन कम करनेवाली रही महिलाएं कुछ बातों पर गौर करें- -शरीर से चर्बी घटेगी, तो सबसे पहले गाल पिचकेंगे। -वक्ष, कूल्हे, बांहों और जांघों की त्वचा पर सफेद धारियां पड़ने लगेंगी और मांसपेशियां ढीली दिखने लगेंगी। -आंखों के आसपास की त्वचा पर झुर्रियां व काले घेरों की परेशानी होगी। इतना ही नहीं आंखों की रोशनी पर भी विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। -हाथों व पैरों का गुदगुदापन कम हो जाएगा और उंगलियां सिकुड़ी-सी दिखाई देंगी। -सिर के बाल तेजी से झड़ेंगे। -त्वचा चमकहीन दिखाई देगी। आंखों की देखभाल -सूर्योदय से पहले रोज सुबह उठकर अपने मुंह में ढेर सारा पानी भर कर बंद आंखों पर 15-2-बार ठंडे पानी के छींटे मारें। इससे आंखों के आसपास पड़ने वाली झुर्रियां कम होंगी या देरी से पड़ेंगी। -कभी भी देर तक व्यायाम करने के बाद या गर्मी में बाहर से आने के बाद तुरंत ठंडे पानी से चेहरा और आंखें न धोएं। जब शरीर का पसीना सूखे, तब चेहरे व आंखों पर ठंडे पानी का इस्तेमाल करें। -दूर की किसी चीज को देर तक न देखें। पलकें तनाव में रहेंगी और झुर्रियां जल्दी पड़ेगी। पलके झपकाएं, आंखों को आराम मिलेगा। -तेज धूप में सनग्लास का इस्तेमाल करें। -कम रोशनी में पढ़ने-लिखने का काम न करें। इससे आंखों थकी और सुस्त दिखाई देंगी। -वजन कम करने से आंखों के नीचे काले घेरों की शिकायत भी आम है, इसके लिए रात को सोने से पहले अंडर आई जैल का इस्तेमाल करें। आलू का रस या खीरे के स्लाइस 15 मिनट तक आंखों पर लगाकर रखेंगी तो भी लाभ मिलेगा। -आंखों की सूजन से बचने के लिए टी बैग्स, गुलाबजल में डूबे रुई के फाहे भी इस्तेमाल कर सकती हैं। गाल व गरदन की कसावट:- वजन कम होने का प्रभाव चेहरे पर पड़ता है। गालों और गरदन की कसावट बनी रहे इसके लिए 15 दिन के अंतराल पर फेशियल कराएं। -घर पर त्वचा के प्रकार के अनुसार पैक का प्रयोग कर सकती हैं। रूखी त्वचा वाली मोटी महिलाएं बादाम, दही और दूध से बने पैक का इस्तेमाल करें। सामान्य त्वचा वाली महिलाएं नीम व चंदनयुक्त फेस पैक इस्तेमाल कर सकती हैं। -हफ्ते में एक बार सरदियों के मौसम में ऑलिव ऑइल से गरदन से ऊपर की ओर ठोड़ी से कनपटी की ओर उंगलियों के ऊपर स्ट्रोक्स से चेहरे की मालिश करें। गर्मियों में तिल के तेल और बर्फ के पानी को बराबर मात्रा में मिलाकर मालिश करें। बदन और झुर्रियां:- -बदन से चरबी छंटते ही झुर्रियों से बचने के लिए कंडीशनर का प्रयोग करें। एक बड़ा चम्मच शहद और 2 बड़े चम्मच क्रीम को मिलाकर 2-मिनट के लिए चेहरे या बदन पर लगाकर धो लें। -पतले होने के दौरान हो सकता है शरीर में कुछ हारमोन्स की गड़बड़ी भी हो और गालों पर पिगमेंटेशन हो। इसके लिए स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लें। घर आलू या खीरे का पैक भी नियमित लगाएं, ताकि बाहरी तौर पर त्वचा को नमीयुक्त व लचकदार बनाए रखें। -जांघों, बांहों और वक्षों की कसावट के लिए अरंडी और जैतून के तेल के बराबर की मात्रा में गरम करें और मालिश करें। -ऑइल मसाज के बाद कुछ स्किन लिफ्टिंग बॉडी पैक भी लगा सकती हैं, जैसे बादाम का पाउडर, दही, अंडे की सफेदी, शहद और गुलाब के फूलों के पेस्ट से तैयार बॉडी पैक। -कूल्हे और जांघों पर सफेद धारियों से बचने के लिए जैतून के तेल में विटामिन ई के कैप्सूल को तोड़ कर मिलाएं। इससे 2-मिनट तक कूल्हे और जांघों की मालिश करें। बाल रहें खूबसूरत:- शरीर में पौष्टिकता की कमी होते ही बाल तेजी से झड़ने लगते हैं। ऐसा हो, इसके लिए आयरन, प्रोटीन और विटामिन से भरपूर फल-सब्जियां खाएं। चुकन्दर का सलाद, पालक, आंवला, मछली, चैलाई व बथुआ खाएं, जो स्वस्थ बालों के लिए जरूरी हैं। -महीने में 2 बार हेअर पैक का इस्तेमाल करें। मेंहदी के हेअर पैक में ऑलिव आइल और अंडे की सफेदी भी डालें। बाल मुलायम रहेंगे। -हमेशा शैंपू के बाद बालों को कंडीशन करें।  

Nothing का बड़ा कदम, बेंगलुरु में खुलेगा भारत का पहला फ्लैगशिप स्टोर

मुंबई  यूके की टेक कंपनी नथिंग अब भारत में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करने जा रही है. कंपनी ने आधिकारिक तौर पर कन्फर्म किया है कि वह भारत में अपना पहला फ्लैगशिप स्टोर खोलने वाली है. यह स्टोर कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में खुलेगा. हालांकि, कंपनी ने अभी तक इसकी ओपनिंग डेट का खुलासा नहीं किया है, लेकिन सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए यह साफ कर दिया गया है कि स्टोर जल्द ही शुरू होगा. नथिंग ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में बताया कि यह फ्लैगशिप स्टोर ग्राहकों के लिए एक खास अनुभव लेकर आएगा. यहां लोग कंपनी के अलग-अलग प्रोडक्ट्स को खरीदने से करीब से देख और इस्तेमाल कर सकेंगे. इस स्टोर में नथिंग के स्मार्टफोन, ट्रू वायरलेस ईयरबड्स यानी TWS और दूसरे स्मार्ट डिवाइस शामिल होंगे. कंपनी का मकसद है कि ग्राहक प्रोडक्ट को सिर्फ तस्वीरों या ऑनलाइन रिव्यू के आधार पर न खरीदें, बल्कि उसे हाथ में पकड़कर उसका डिजाइन, फील और कम्फर्ट खुद महसूस करें और उसके बाद उसे खरीदने का मन बनाएं. यह स्टोर नथिंग का भारत में पहला और दुनिया का दूसरा फ्लैगशिप स्टोर होगा. फिलहाल कंपनी का एकमात्र ब्रांड-ओन्ड स्टोर लंदन के सोहो इलाके में मौजूद है. ऐसे में भारत में फ्लैगशिप स्टोर खोलना यह दिखाता है कि नथिंग भारतीय बाजार को कितनी अहमियत दे रही है. आपको बता दें कि बीते कुछ समय में कंपनी ने भारत में कई प्रोडक्ट लॉन्च किए हैं और अलग-अलग शहरों में प्रोडक्ट ड्रॉप इवेंट्स भी आयोजित किए हैं. CMF बनी इंडियन कंपनी नथिंग की सब-ब्रांड CMF को लेकर भी कंपनी ने हाल ही में एक बड़ी घोषणा की थी. CMF अब भारत में एक अलग और कानूनी रूप से रजिस्टर्ड कंपनी बन चुकी है. दिसंबर 2025 में इसे आधिकारिक तौर पर शामिल किया गया और अब इसका नाम CMF इंडिया प्राइवेट लिमिटेड हो गया है. इसकी खास बात यह है कि CMF का हेडक्वार्टर भी अब भारत में ही है. कंपनी के को-फाउंडर और इंडिया प्रेसिडेंट अकीस इवेंजेलिडिस ने कहा कि CMF भारत के लिए एक अहम भूमिका निभाएगा. उनका मानना है कि भारत तेजी से ग्लोबल कंज्यूमर टेक इकोसिस्टम का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है. इसी को देखते हुए कंपनी ने भारत में अपने ऑपरेशंस को और बढ़ाने का फैसला किया है. इसमें स्मार्टफोन और वियरेबल्स की मैन्युफैक्चरिंग, ऑपरेशंस और रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर खास फोकस रहेगा. कुल मिलाकर, बेंगलुरु में खुलने वाला नथिंग का पहला फ्लैगशिप स्टोर न सिर्फ कंपनी के लिए बल्कि भारतीय टेक मार्केट के लिए भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है. इससे ग्राहकों को ब्रांड से जुड़ने और उसके प्रोडक्ट्स को बेहतर तरीके से समझने का मौका मिलेगा.

AI ने कहा ‘नो बिकनी’, X के नए नियमों का दावा और टेस्ट में सामने आई अलग हकीकत

आखिरकार दुनियाभर में भद्द पिटवाने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले Twitter) ने अपने AI चैटबॉट Grok में जरूरी बदलाव किए हैं। ये बदलाव इसलिए किए गए हैं ताकि X पर लोग Grok का इस्तेमाल करके लोगों की अनुचित तस्वीरें न बनाई जा सकें। बता दें कि इससे पहले AI चैटबॉट Grok के जरिए लोग महिलाओं और नाबालिगों की तस्वीरें X पर शेयर करके डिजिटली उनके कपड़े उतार रहे थे। The Verge की एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनियाभर में आलोचना और कार्रवाई की धमकी मिलने के बाद X ने इसे लेकर जरूरी बदलाव किए हैं। हालांकि इस फीचर को टेस्ट करने वाले पत्रकारों ने बताया है कि Grok अभी भी अश्लील तस्वीरे बना रहा है। इससे पहले X के मालिक एलन मस्क ने कहा था कि वह इसे ठीक कर रहे हैं। हालांकि रिपोर्ट्स के मुताबिक पत्रकारों ने टेस्ट में पाया कि Grok अभी भी बेहद आसानी से किसी की भी बिना कपड़ों के तस्वीर बना पा रहा है। क्या है पूरा मामला? दरअसल X के AI चैटबॉट Grok का इस्तेमाल किसी की भी फोटो को अश्लील बनाने के लिए किया जा रहा था। इस अनिचित फीचर के निशाने पर ज्यादातर महिलाएं और यहां तक कि नाबालिग भी थे। बता दें कि इस तरह की तस्वीरों को डीपफेक कहा जाता है, यानी कि ऐसी नकली तस्वीरें जो कि बिलकुल असली लगती हैं। इस खतरनाक फीचर का इस्तेमाल किसी की भी प्रतिष्ठा की धज्जियां उड़ाने के लिए किया जा सकता था। इसे लेकर एलन मस्क का कहना था कि ऐसा यूजर्स और हैकर्स की वजह से हो रहा है लेकिन टेक एक्सपर्ट्स का कहना था कि बाकी AI टूल्स की तुलना में Grok में अश्लीलता को लेकर किसी तरह के फिल्टर का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। मस्क ने रातों-रात किया बदलाव मंगलवार को X की ओर से घोषणा हुई हैं कि उन्होंने Grok की पॉलिसी में बदलाव किए हैं। अब लोग उनके AI टूल का इस्तेमाल कर अश्लील तस्वीरें नहीं बना सकेंगे। हालांकि रिपोर्ट्स के अनुसार बुधवार को भी टेस्टिंग में Grok अश्लील तस्वीरें बनाते पाया गया। ऐसे में दावा किया जा रहा है कि कंपनी की कथनी और करनी में फर्क हैं। क्या कर रहीं सरकारें? X को पहले ही भारत सरकार की ओर से अल्टीमेटम मिल चुका है और X ने अपनी गलती भी मानी है। वहीं ब्रिटेन की संचार नियामक संस्था Ofcom ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। गौरतलब है कि इसी हफ्ते ब्रिटेन में एक कानून पास होने वाला है, जिसके मुताबिक किसी की बिना सहमति अश्लील डीपफेक बनाने को अपराध घोषित किया जाएगा। ब्रिटेन की सरकार ने साफ किया है कि वह तब तक पीछे नहीं हटेंगे, जब तक X पूरी तरह से अपने AI टूल को सुधार नहीं लेता। क्या सुधर गया Grok? एलन मस्क और X की ओर से भले कहा जा रहा हो कि उन्होंने X में जरूरी बदलाव किए हैं लेकिन इसे टेस्ट करने वाले पत्रकारों ने बताया है कि Grok अभी भी अश्लील तस्वीरें बना रहा है।

लंबा बैकअप, जबरदस्त परफॉर्मेंस: OnePlus लाने वाला है 8000mAh बैटरी वाला फोन

 नई दिल्ली OnePlus एक ऐसा स्मार्टफोन लाने की तैयारी में है, जो 8000mAh बैटरी के साथ आएगा। लीक हुई जानकारी के मुताबिक, इस स्मार्टफोन में बड़ी बैटरी के साथ-साथ फ्लैट LTPS डिस्प्ले और दमदार परफॉर्मेंस वाला सॉफ्टवेयर दिया जाएगा। अभी तक कंपनी ने फोन की लॉन्चिंग या फीचर्स कन्फर्म नहीं किए हैं। कई रिपोर्ट से पता चला है कि फोन को बेहतरीन बैटरी पावर और परफॉर्मेंस के लिए लाया जा रहा है। आइये, फोन के बारे में जानते हैं। 6.59 इंच के डिस्प्ले वाले फोन की चल रही टेस्टिंग एक जाने-माने टिप्सटर डिजिटल चैट स्टेशन ने बताया है कि कंपनी की एक फैक्ट्री में 6.59 इंच के फ्लैट डिस्प्ले का टेस्ट चल रहा है। यह डिस्प्ले 1.5K LTPS पैनल वाला है, जिसके कोने गोल होंगे और चारों तरफ एक जैसे बेजेल्स होंगे। इस डिस्प्ले को एक ऐसे फोन के लिए टेस्ट किया जा रहा है, जिसे मिड-साइज परफॉरमेंस मॉडल के तौर पर पेश किया जाएगा। टिप्सटर ने यह भी साफ किया है कि यह डिस्प्ले सैमसंग की बजाय चीन के ही एक सप्लायर से लिया गया है। बैटरी की बात करें तो, मिड-साइज डिस्प्ले वाले फोन में 8,000mAh तक की बैटरी आसानी से लगाई जा सकती है, जबकि बड़े डिस्प्ले में बैटरी का साइज बढ़ाना मुश्किल होता है। स्क्रीन साइज और बैटरी हार्डवेयर को देखकर लग रहा है कि यह वनप्लस का कोई नया मॉडल हो सकता है। वनप्लस Ace 6 Ultra नाम से भी आ सकता है फोन इससे पहले भी कुछ रिपोर्ट्स सामने आया थीं, जिनमें एक वनप्लस इंजीनियरिंग प्रोटोटाइप का जिक्र किया गया था। इस प्रोटोटाइप में 6.78 इंच का 1.5K LTPS फ्लैट डिस्प्ले था, जिसका रिफ्रेश रेट 165Hz था। यह प्रोटोटाइप मीडियाटेक के Dimensity 9500 चिपसेट से लैस था। पिछली लीक के अनुसार, इस प्रोटोटाइप को वनप्लस Ace 6 Ultra नाम से लाना था। इसमें बड़े गोल कोने, अल्ट्रासोनिक इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर और 8000mAh की बैटरी के साथ टेस्टिंग चल रही थी। ऐसी भी खबरें हैं कि भविष्य के वर्जन में इसमें 9,000mAh की बैटरी, कस्टम परफॉरमेंस ट्यूनिंग और एक एक्टिव कूलिंग फैन भी शामिल हो सकता है। यह नया फोन उन लोगों के लिए खास हो सकता है, जो एक ऐसा स्मार्टफोन चाहते हैं जिसमें गेमिंग या भारी ऐप्स चलाने पर भी परफॉरमेंस कम ना हो और बैटरी भी दिन भर चले।

बेजल-लेस स्क्रीन और दमदार साउंड के साथ Haier TV

नई दिल्ली जाने-माने होम अप्‍लायंसेज ब्रैंड हायर ने Flipkart पर अपने नए स्‍मार्ट टीवी लॉन्‍च किए हैं। इन्‍हें Haier H5E सीरीज 4K अल्‍ट्रा HD स्‍मार्ट Google TV के तहत लाया गया है। नए हायर टीवी बेजल-लेस स्‍क्रीन ऑफर करते हैं। इनमें डाउन-फायरिंग स्टीरियो स्पीकर्स लगे हैं। कंपनी का कहना है कि बेजल-लेस स्‍क्रीन पर एकदम साफ 4K अल्‍ट्रा एचडी विजुअल्‍स नजर आएंगे। शानदार डॉल्‍बी ऑडियो साउंड दिया जाएगा। खास बात है कि कंपनी ने 25990 रुपये की शुरुआती कीमत में इन टीवी को उतारा है। यह 43 इंच टीवी के दाम है। Haier H5E Series 4K Ultra HD की कीमत Haier H5E Series 4K Ultra HD को 43 इंच, 50 इंच, 55 इंच, 65 इंच स्‍क्रीन साइज में लाया गया है।     43 इंच मॉडल के दाम 25990 रुपये हैं।     50 इंच वाला स्‍मार्ट टीवी 32990 रुपये में लाया गया है।     55 इंच मॉडल की कीमत 38990 रुपये है।     65 इंच मॉडल को 57990 रुपये में लिया जा सकेगा। Haier H5E Series 4K Ultra HD टीवी के फीचर्स, स्‍पेसिफ‍िकेशंस Haier H5E सीरीज के सभी मॉडलों में 4K रेजॉलूशन वाला बेजल लेस डिस्‍प्‍ले दिया गया है। दावा है कि इसमें शार्प और डिटेल्‍ड विजुअल्‍स उभरते हैं। कंपनी ट्रू 4K रेजॉलूशन की बात कह रही है और HDR10 सपोर्ट दिया गया है। यह दर्शाता है कि सभी टीवी में ज्‍यादा क्‍लीयर इमेज मिलेगी। कॉन्‍ट्रास्‍ट भी बेहतर होगा। कलर्स में एकदम रियल नजर आएंगे। बच्‍चों के लिए किड्स मोड सभी नए हायर टीवी में किड्स मोड दिया गया है। इससे यह तय करना आसान हो जाएगा कि बच्‍चों को क्‍या कंटेंट दिखाना है। हायर टीवी में 178 डिग्री वाइड व्‍यूइंग एंगल है। इसका फायदा यह होगा कि किसी भी साइड से देखने पर एक जैसी पिक्‍चर क्‍वॉलिटी मिलेगी। ये MEMC टेक्‍नोलॉजी के साथ आते हैं जो ओरिजिनल फ्रेम्‍स के बीच एक्‍स्‍ट्रा फ्रेम को जोड़कर उन्‍हें स्‍मूथ बनाता है और मोशन ब्‍लर को कम करता है। इससे ऐक्‍शन सीन ज्‍यादा रियल नजर आते हैं। 2 जीबी रैम, 32 जीबी स्‍टोरेज Haier H5E सीरीज में 7 मल्टी पिक्चर मोड्स दिए गए हैं। इससे यूजर्स को यह चुनने की सुविधा मिलती है कि वो क्या देख रहे हैं। इस फीचर से फिल्में ज्‍यादा सिनेमैटिक लगती हैं। रही बात साउंड की तो, नए हायर टीवी में 20W डाउन-फायरिंग स्‍टीरियो स्‍पीकर्स दिए गए हैं। इनमें डॉल्‍बी ऑड‍ियो का सपोर्ट है। सराउंड साउंड दिया गया है, जिससे डायलॉग्‍स एकदम क्‍लीयर सुनाई देंगे। नए हायर टीवी में 2 जीबी रैम, 32 जीबी इंटरनल स्‍टोरेज है। 2.4GHz और 5GHz डुअल बैंड वाई-फाई सपोर्ट दिया गया है। इससे ब्लूटूथ 5.1 को सपोर्ट करने वाले हेडफोन, स्पीकर और अन्य एक्सेसरीज आसानी से कनेक्‍ट हो जाती हैं। इसमें 4 HDMI पोर्ट्स और 2 USB पोर्ट्स के साथ, गेमिंग कंसोल, साउंडबार, सेट-टॉप बॉक्स और स्टोरेज डिवाइस को कनेक्ट किया जा सकता है।

हर दिन ‘जिंदा’ होने की पुष्टि नहीं की तो परिवार को भेज देगा मौत का मैसेज, वायरल ऐप की सच्चाई

 नई दिल्ली अगर आपका फोन हर दो दिन में आपसे एक सवाल पूछे… 'क्या आप जिंदा हैं'?  और अगर आपने जवाब नहीं दिया, तो आपके परिवार को अलर्ट चला जाए. सुनने में अजीब लगता है, लेकिन चीन में यही ऐप इस वक्त लाखों लोग डाउनलोड कर रहे हैं. ये ऐप अनोखे फीचर की वजह से वायरल भी हो रहा है.  इस ऐप का नाम है 'Are You Dead?'. इसका काम बेहद सीधा है. यूज़र को हर 48 घंटे में एक बटन टैप कर के बताना होता है कि वह ठीक है. अगर लगातार दो बार चेक-इन नहीं हुआ, तो ऐप अपने-आप आपके चुने हुए इमरजेंसी कॉन्टैक्ट को मैसेज भेज देता है कि शायद कुछ गलत हुआ है. यह ऐप खासतौर पर अकेले रहने वालों के लिए बना है. बड़े शहरों में काम करने वाले युवा, परिवार से दूर रहने वाले प्रोफेशनल्स, या वो बुज़ुर्ग जिनके बच्चे दूसरे शहरों में बस चुके हैं. टेक्नोलॉजी यहां सुविधा नहीं, बल्कि सुरक्षा की छोटी गारंटी बनकर सामने आई है. सबसे दिलचस्प बात इसका नाम है. 'Are You Dead?' . सीधा लेकिन डार्क और चौंकाने वाला. यही वजह है कि यह ऐप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ. कुछ लोग इसे मज़ाकिया मानते हैं, तो कुछ इसे आज के शहरी जीवन की कड़वी सच्चाई बताते हैं. ऐप का इंटरफेस बेहद सिंपल है. कोई चैट, कोई सोशल फीचर, कोई लंबा प्रोफाइल नहीं. बस एक बड़ा बटन.  'I’m Alive'. टेक एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यही सादगी इसकी ताकत है. यूज़र पर कोई बोझ नहीं, लेकिन जरूरत पड़ने पर अलर्ट सिस्टम काम करता है. असल में यह ट्रेंड चीन के बदलते समाज की तरफ इशारा करता है. बड़े शहरों में लाखों लोग अकेले रहते हैं. परिवार दूर है. पड़ोसियों से बातचीत कम है. ऐसे माहौल में अगर किसी के साथ कुछ हो जाए, तो कई बार देर से पता चलता है. यही डर इस ऐप की मांग बना रहा है. अब सवाल उठ रहा है, क्या टेक्नोलॉजी रिश्तों की जगह ले सकती है? क्या एक ऐप वो काम कर सकता है, जो पहले परिवार या समाज करता था? कुछ लोग इसे लोनलीनेस टेक कह रहे हैं, यानी टेक्नोलॉजी जो अकेलेपन की समस्या को थोड़ा मैनेजेबल बनाने की कोशिश कर रही है. लेकिन साथ ही यह बहस भी शुरू हो गई है कि क्या हम ऐसी दुनिया की तरफ जा रहे हैं, जहां जिंदा होने का सबूत भी मोबाइल ऐप से देना पड़ेगा. फिलहाल इतना तय है कि 'Are You Dead?' सिर्फ एक ऐप नहीं रहा. यह आज की शहरी ज़िंदगी, टूटते सोशल कनेक्शन और अकेलेपन की डिजिटल तस्वीर बन चुका है. और शायद यही वजह है कि यह कहानी सिर्फ चीन की नहीं, बल्कि आने वाले वक्त में भारत जैसे देशों की भी बन सकती है.