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तेज रफ्तार बनी मौत की वजह: यूपी में ट्रक-ऑटो टक्कर में पांच लोगों की जान गई

आगरा यूपी के आगरा में शनिवार को भीषण हादसा हो गया। एक तेज रफ्तार ट्रक ने दो ऑटो में टक्कर मार दी। ट्रक की टक्कर लगने से ऑटो में बैठे पांच लोगों की मौत हो गई। जबकि तीन लोग बुरी तरह से घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सभी जगन्नाथपुरी से लौटे थे। ट्रक 100 की स्पीड में आ रहा था। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से भागने का प्रयास करने लगा लेकिन आसपास के लोगों ने पकड़कर उसकी पिटाई कर दी। हादसे की सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची और मृतकों की शिनाख्त करके उनके घर वालों को सूचना दी। हादसा शनिवार को खंदौली थाना क्षेत्र में जलेसर रोड पर हुआ है। पुलिस ने बताया कि हाथरस जिले के थाना धाधयू के भादउ गांव के रहने वाले विजय सिंह उर्फ बीजो गौतम पुत्र राधेश्याम गौतम, लक्ष्मीचंद पुत्र भगवती प्रसाद, रघुवीर पुत्र जगन्नाथ प्रसाद, बिरला मिस्त्री और आगरा के शाहिद पुत्र मुंशी खान निवासी आजम पड़ा थाना शाहगंज समेत आठ दोस्त 20 जनवरी को जगन्नाथपुरी गए थे। दर्शन के बाद सभी शनिवार को जबलपुर होते हुए आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। सभी ने अपने-अपने गांव जाने के लिए दो ऑटो बुक किए थे। रामदत्त दवा लेने के लिए रास्ते में उतर गया। थोड़ी देर बाद नगला चंदन जलेसर रोड पर सामने से एक तेज रफ्तार ट्रक आ रहा था। उसने दोनों ऑटो को टक्कर मार दी, जिससे पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि धनप्रसाद और विजय गंभीर रूप से घायल हो गए। इन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां एक और व्यक्ति ने दम तोड़ दिया। 100 की स्पीड से आ रहा था ट्रक हादसे के बाद आसपास के लोगों ने ट्रक चालक को पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर उनकी शिनाख्त की। पुलिस के अनुसार एक ऑटो शहीद खान चला रहा था। दूसरे चालक का नाम नहीं पता चल पाया है। पुलिस ने बताया कि ट्रक ड्राइवर नशे की हालत में था। वह 100 की रफ्तार से जलेसर रोड की तरफ ट्रक को लहराते हुए चल रहा था। ट्रक चालक ने पहले एक ऑटो को टक्कर मारी, फिर दूसरे को। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों ऑटो उछलकर एक पेड़ से टकराकर गड्ढे में पलट गए। टेंपो पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।

टीकमगढ़ में भयानक हादसा : सेप्टिक टैंक में चप्पलें तैर रही थीं, अंदर पाए गए दो भाईयों के शव

टीकमगढ़   टीकमगढ़ जिले से एक झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहां स्थित एक निर्माणाधीन मकान के खुले सेप्टिक टैंक में गरकर डूबने से दो सगे भाईयों की मौत हो गई। ये सनसनीखेज मामला शहर की शिवनगर कॉलोनी का है, किराये के मकान में रहने वाले सचिन यादव के दो बच्चों, जिनमें 7 वर्षीय नरेंद्र और 5 वर्षीय आशीष की शाम 4 बजे घर से अपनी मां से खेलने का बोलकर घर से निकले और खेलते-खेलते कॉलोनी में मुकुंद यादव के निर्माणाधीन मकान में चले गए, जहां वे खुले सेप्टिक टैंक में गिर गए। देर शाम तक जब बच्चे घर नहीं लौटे तो चिंतित माँ ने पहले बच्चों को कॉलोनी में रहवासियों के घरों में तलाशा, जब बच्चों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली तो कॉलोनी के लोगों ने मिलकर कॉलोनी में लगे सभी सीसीटीवी खंगालने शुरू किए तो एक सीसीटीवी फुटेज में बच्चे निर्माणाधीन मकान के अंदर जाते दिखे। इसके तुरंत बाद पड़ोसी जैसे ही उस मकान में घुसे तो उन्हें सेप्टिक टैंक में दोनों बच्चों के शव पानी में पड़े मिले, जिसके बाद इलाके के लोगों ने घटना की जानकारी कोतवाली पुलिस को दी। पोस्टमार्टम के बाद सौंपे जाएंगे शव मौके पर पहुंची पुलिस ने तत्काल बच्चों को टैंक से निकलवाया और अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण उपरात दोनों भाइयों को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम कक्ष में रखवा दिया गया। आज शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद दोनों शव परिजन को सौंपा जाएंगे। घटना के बाद से इलाके में शोक का माहौल है।

टोल प्लाजा के पास भीषण एक्सीडेंट, परीक्षा देने जा रहे छात्र सहित 4 की जान गई

ग्वालियर  ग्वालियर के महाराजपुरा क्षेत्र में शुक्रवार सुबह भीषण सड़क हादसे में चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। कोहरे के कारण ट्रक और कार की भिड़ंत हो गई। जिसमें चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए रवाना कर दिए गए हैं। हादसा धुंध और ट्रक की अत्यधिक गति के कारण हुआ कार एमपी 07 जेडएफ 5193 और ट्रक एमपी 07 2801 में टक्कर हुई। जिसमें चार लोगों की मौत हो गई। हादसा धुंध और ट्रक की अत्यधिक गति के कारण हुआ है। सुबह करीब 9 बजे हादसा महाराजपुरा इलाके में बरेठा टोल प्लाजा के पास हुआ। मौके पर पहुंची पुलिस हादसे की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह, थाना प्रभारी यशवंत गोयल फोर्स के साथ पहुंचे। क्रेन से ट्रक और कार को अलग करवाया। इसके बाद शवों को बाहर निकाला जा सका। ट्रक ग्वालियर की ओर से आ रहा था, जबकि कार भिंड से आ रही थी। मृतकों में यह शामिल, तीन की पहचान, एक अज्ञात ज्योति यादव पत्नी हरि सिंह यादव यादव मोहल्ला गोरमी राहुल शर्मा पुत्र किशन दत्त शर्मा ग्राम मोरोली थाना मेहगांव राजू प्रजापति निवासी भिंड परीक्षा देने आ रहा था राहुल राहुल बीएससी कृषि का छात्र था। वह गालियां स्थित कृषि महाविद्यालय का छात्र था। शुक्रवार को परीक्षा देने आ रहा था। इसी दौरान हादसे में मौत हो गई।

रेल फाटक खुला और तबाही: देवघर में ट्रेन-ट्रक टकराव, बाइकें चकनाचूर

देवघर देवघर–देवीपुर मुख्य सड़क पर नावाडीह रेलवे फाटक के पास शनिवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। गोरखपुर से आसनसोल जा रही एक यात्री ट्रेन की टक्कर सड़क पार कर रहे ट्रक से हो गई। हालांकि लोको पायलट की सूझबूझ से कोई जानमाल की हानि नहीं हुई। इंजन की टक्कर ट्रक से हो गई देवघर–देवीपुर मुख्य सड़क स्थित नावाडीह रेलवे फाटक के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब जसीडीह से आसनसोल की ओर जा रही यात्री ट्रेन एक ट्रक से टकरा गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देवघर से देवीपुर की ओर जा रहा ट्रक रेलवे फाटक खुला होने के कारण रेल लाइन पार करने लगा, तभी तेज रफ्तार ट्रेन वहां पहुंच गई। खतरे को भांपते हुए लोको पायलट ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाया और ट्रेन की गति कम कर दी, लेकिन ट्रेन पूरी तरह रुक नहीं पाई और इंजन की टक्कर ट्रक से हो गई। टक्कर के बाद ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क की ओर पलट गया और दो मोटरसाइकिलों को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ समय के लिए सड़क और रेल यातायात पूरी तरह बाधित इस घटना में दोनों मोटरसाइकिल सवार घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जानमाल की बड़ी क्षति नहीं हुई। हादसे के कारण कुछ समय के लिए सड़क और रेल यातायात पूरी तरह बाधित रहा। ट्रेन को मौके पर रोक दिया गया, जबकि सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, रेल पुलिस और रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। रेलवे गेटमैन की लापरवाही की आशंका रेलवे प्रशासन ने क्रेन की मदद से ट्रक को रेल लाइन से हटाने का काम शुरू किया, जिसके बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य किया गया। अधिकारियों ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है। सूत्रों के अनुसार इस घटना में रेलवे गेटमैन की लापरवाही की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि फाटक खुला हुआ था। मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। लोको पायलट की सतर्कता से एक बड़ा रेल हादसा टल गया, अन्यथा भारी नुकसान हो सकता था।  

J-K में सेना की गाड़ी 200 फुट गहरी खाई में गिरी, 10 जवानों की मौत

डोडा  जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार को बड़ा हादसा हो गया है। यहां सेना का वाहन खाई में गिरने से कम से कम 10 सैनिकों की मौत हो गई है। अधिकारियों ने बताया है कि हादसे में 9 सैनिक घायल भी हुए हैं। हादसा भद्रवाह-चंबा इंटरस्टेट रोड पर खन्नी टॉप पर हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि इस बुलेट-प्रूफ आर्मी की गाड़ी में हादसे के समय 17 जवान सवार थे और वह एक ऊंची पोस्ट की ओर जा रही थी। तभी खन्नी टॉप पर ड्राइवर ने वाहन के संतुलन खो दिया और गाड़ी 200 फुट गहरी खाई में गिर गई।  इस हादसे में 10 सैन्य जवानों की जान चली गई, जबकि अन्य जवान घायल हो गए. स्थानीय लोगों और बचाव दलों ने मिलकर घायलों को निकाला. हादसे के बारे में जानकारी देते हुए सैन्य अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार को एक सैन्य वाहन 17 जवानों को लेकर ऊंचाई वाले क्षेत्र में मौजूद चौकी की ओर लेकर जा रहा था, तभी डोडा के भादरवाह-चंबा अंतरराज्यीय सड़क क्षेत्र स्थित खानी टॉप के पास सेना का एक बुलेटप्रूफ वाहन सड़क से फिसलकर लगभग 200 फीट गहरी खाई में गिर गया. इस हादसे में 10 जवानों की जान चली गई है, जबकि अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हो गए.    अधिकारियों ने बताया कि इस दर्दनाक हादसे में 9 अन्य जवान घायल हो गए हैं। यह हादसा भद्रवाह-चंबा अंतरराज्यीय मार्ग पर खन्नी टॉप के पास हुआ। अधिकारियों ने बताया कि सेना के बुलेटप्रूफ वाहन में कुल 17 जवान सवार थे। यह वाहन ऊंचाई पर स्थित एक चौकी की ओर जा रहा था। उन्होंने बताया कि चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और वाहन करीब 200 फुट गहरी खाई में जा गिरा। अधिकारियों ने बताया कि सेना एवं पुलिस ने तुरंत संयुक्त बचाव अभियान शुरू किया। इस दौरान चार जवान मृत पाए गए। उन्होंने कहा कि नौ अन्य जवान घायल हो गए हैं। उनमें से गंभीर रूप से घायल तीन जवानों को विशेष इलाज के लिए हवाई मार्ग से उधमपुर के सैन्य अस्पताल ले जाया गया। कश्मीर में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। गुरुवार को अधिकतर स्थानों पर न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। अधिकारियों ने बताया कि कश्मीर के अधिकतर स्थानों पर रात के तापमान में कमी आई और पूरी घाटी में तापमान जमाव बिंदु से नीचे बना रहा। उन्होंने बताया कि श्रीनगर में बुधवार रात न्यूनतम तापमान शून्य से 3.4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो पिछली रात की तुलना में एक डिग्री कम है। इसी के साथ, मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले का पर्यटक स्थल सोनमर्ग घाटी में सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां तापमान शून्य से 6.1 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। पिछली रात यह शून्य से 5.5 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया था। अधिकारियों के मुताबिक, उत्तर कश्मीर के बारामूला जिले में स्थित प्रसिद्ध स्की रिसॉर्ट गुलमर्ग में न्यूनतम तापमान शून्य से चार डिग्री सेल्सियस नीचे रहा। अमरनाथ यात्रा के आधार शिविरों में से एक, दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में न्यूनतम तापमान शून्य से 4.4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। वहीं, घाटी के एंट्री गेट काजीगुंड में न्यूनतम तापमान शून्य से 3.8 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा। जबकि कोकरनाग में यह शून्य से 2.6 डिग्री सेल्सियस नीचे और कुपवाड़ा में शून्य से 3.7 डिग्री सेल्सियस नीचे तापमान दर्ज किया गया। अधिकारियों ने बताया कि आर्मी और पुलिस ने तुरंत मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और चार सैनिकों के शव मिले। उन्होंने बताया कि बचाए गए 9 अन्य सैनिक घायल हैं और उनमें से तीन को गंभीर चोटें आई हैं। सैनिकों को इलाज के लिए एयरलिफ्ट जाए उधमपुर मिलिट्री अस्पताल ले जाया गया है। कुछ दिन पहले गुलमर्ग में हुआ था हादसा इस घटना से पहले गुलमर्ग सेक्टर में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास 2 सेना के कुलियों की फिसलकर मौत हुई थी।     यहां के अनीता पोस्ट जा रहे कुली 8 जनवरी को एक गहरी खाई में गिर गए थे। उनके शव दो दिन बाद बरामद किए गए थे।     पिछले साल मई में, जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में एक वाहन के सड़क से फिसलकर 700 फुट गहरी खाई में गिरने से 3 सेना के जवानों की मौत हो गई थी। ओडिशा में भी भीषण सड़क हादसा ओडिशा के खुर्दा जिले में NH-16 पर एक कार के ट्रक से टकराने के बाद तीन लोगों की मौत हो गई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह दुर्घटना बुधवार रात को उस समय हुई जब एसयूवी कार ने भुवनेश्वर के पास इंफो वैली पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पिटापल्ली इलाके में ट्रक को पीछे से टक्कर मार दी। उन्होंने बताया, "एसयूवी के चालक ने एक वाहन को ओवरटेक करते समय रफ्तार बढ़ा दी और ट्रक से टकरा गया। 20 से 25 वर्ष की आयु के तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य को गंभीर हालत में एम्स भुवनेश्वर में भर्ती कराया गया है।" उन्होंने बताया कि दुर्घटना इतनी भीषण थी कि एसयूवी का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। दमकल कर्मियों को शवों को वाहन से बाहर निकालने के लिए कटर का इस्तेमाल करना पड़ा। अधिकारी ने बताया कि उनके शवों को पोस्टमार्टम के लिए खुर्दा सरकारी अस्पताल भेजा गया है। उन्होंने बताया कि मृतक भुवनेश्वर के निवासी थे।     

मध्य प्रदेश में बरेला सड़क हादसा, मजदूरों की मौत, मुआवजे की घोषणा से परिवारों को राहत

  जबलपुर जबलपुर के बरेला इलाके में हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है. मंडला जिले के बम्होरी गांव से काम के सिलसिले में निकले मजदूर इस हादसे का शिकार हो गए. जानकारी के मुताबिक तेज रफ्तार वाहन की टक्कर के बाद सड़क पर अफरा-तफरी मच गई. मौके पर चीख-पुकार गूंज उठी और कई मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए. इस हादसे में अब तक कई मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कुछ घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है. कैसे हुआ हादसा? मजदूर एक वाहन में सवार होकर जा रहे थे, तभी बरेला के पास तेज रफ्तार और लापरवाही से चल रहे दूसरे वाहन ने टक्कर मार दी. टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन सड़क से उतर गया. हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी. घायलों को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया. घायलों का इलाज जारी, प्रशासन अलर्ट हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासन हरकत में आया. घायलों को तत्काल इलाज मुहैया कराया गया. कुछ मजदूरों को गंभीर हालत में जबलपुर रेफर किया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है. मंत्री राकेश सिंह ने जताया शोक, अधिकारियों से की बात इस दुखद घटना पर राकेश सिंह, लोक निर्माण मंत्री, ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है. जैसे ही उन्हें हादसे की जानकारी मिली, उन्होंने जबलपुर कलेक्टर और NHAI के अधिकारियों से तुरंत बात की. मंत्री सिंह ने साफ कहा कि सरकार घायलों के इलाज में कोई कमी नहीं आने देगी और हर जरूरत का ध्यान रखा जाएगा. मृतकों के परिजनों को राहत, तुरंत मुआवज़ा एनएचएआई ने इस हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिजनों को प्रति मृतक 2-2 लाख रुपये की सहायता देने का फैसला किया है. इसमें से 1-1 लाख रुपये की राशि तत्काल स्वीकृत कर दी गई है, ताकि पीड़ित परिवारों को तुरंत राहत मिल सके. बाकी सहायता भी जल्द दी जाएगी. सरकार और NHAI का भरोसा मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि यह सिर्फ मुआवज़ा नहीं, बल्कि सरकार की जिम्मेदारी है कि पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद दी जाए. घायलों के इलाज का पूरा खर्च और आगे की जरूरतों में भी एनएचएआई सहयोग करेगा. गांव में मातम, सवालों के घेरे में सड़क सुरक्षा मंडला के बम्होरी गांव में इस हादसे के बाद मातम पसरा हुआ है. घरों में चूल्हे ठंडे हैं और परिवार सदमे में हैं. वहीं, एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर सवाल खड़े हो गए हैं.

बड़ा हादसा झारखंड में, बारात ले जा रही बस की ब्रेक फेल, 9 मृत और 80 घायल

लातेहार झारखंड के लातेहार जिले में बारात ले जा रही एक बस के पलट जाने से उसमें सवार कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई और 80 अन्य घायल हो गए. पुलिस ने बताया कि यह हादसा महुआडांड़ पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत ओरसा बंगलाधारा घाटी में हुआ. पुलिस अधीक्षक (एसपी) कुमार गौरव ने कहा, ‘‘छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से बारात लेकर बस लातेहार के महुआडांड़ आ रही थी. बस पलट गई और पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. मरने वालों में से चार महिलाएं शामिल हैं. घायलों को अस्पताल ले जाया गया है.’’ सीएम हेमंत सोरेन ने जताया शोक  वहीं, एक अन्य अधिकारी ने बताया कि लातेहार के अस्पताल में इलाज के दौरान दो और लोगों की मौत हो गई जबकि गुमला सदर अस्पताल में भी दो लोगों की मौत हुई. गुमला के सिविल सर्जन शंभूनाथ चौधरी ने कहा कि नौ घायलों को यहां के सदर अस्पताल में रेफर किया गया था जिनमें से दो को मृत घोषित कर दिया गया. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लातेहार के उपायुक्त को घायलों को उचित चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने का निर्देश दिया.  80 घायल, 32 लोग गंभीर हालत में  उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) विपिन कुमार दुबे ने बताया कि 60 घायलों को महुआडांड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में और 20 से अधिक को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उन्होंने कहा, ‘‘गंभीर हालत वाले 32 लोगों को बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) भेजा जा रहा है.’’ मृतकों की पहचान रेशांति देवी (35), प्रेमा देवी (37), सीता देवी (45), सोनमती देवी (55), सुखना भुइयां (40) और विजय भुइयां के रूप में हुई है. उन्होंने बताया कि लातेहार अस्पताल में जिस महिला की मौत हुई, उसकी पहचान की जा रही है. ब्रेक फेल होने की वजह से हुआ हादसा बस चालक विकास पाठक ने बताया कि बस में करीब 90 यात्री सवार थे. उसने कहा, ‘‘बस के ब्रेक फेल हो गए. हैंडब्रेक का इस्तेमाल करके और इंजन बंद करके गाड़ी रोकने की कोशिश करने के बावजूद, मैं उस पर नियंत्रण नहीं पा सका और अंततः बस पलट गई.’’

पाकिस्तान में दर्दनाक सड़क हादसे: बलूचिस्तान और पंजाब में 23 की मौत, कई घायल

इस्लामाबाद   पाकिस्तान के बलूचिस्तान और पंजाब प्रांत में दो अलग-अलग हादसों में कम से कम 23 लोगों की जान चली गई। इन घटनाओं ने पूरे पाकिस्तान में सड़क सुरक्षा, तेज रफ्तार और खराब विजिबिलिटी को लेकर चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, पहला हादसा बलूचिस्तान में ग्वादर के पास हुआ। मकरान कोस्टल हाईवे पर एक पैसेंजर गाड़ी के पलट जाने से नौ लोगों की जान चली गई और 36 दूसरे घायल हो गए। पुलिस के मुताबिक, यह हादसा ओरमारा के हुद गोथ इलाके के पास हुआ। जिवानी से कराची जा रही पैसेंजर कोच का कंट्रोल खो गया और गाड़ी पलट गई। गाड़ी एक प्राइवेट ट्रांसपोर्ट कंपनी अल उस्मान की थी। कोस्टल हाईवे पुलिस ने कहा कि शुरुआती जांच में पता चला है कि हादसे की मुख्य वजह तेज रफ्तार थी। एसपी असलम बंगुलजई ने कहा कि ड्राइवर बहुत ज्यादा रफ्तार के कारण गाड़ी पर नियंत्रण नहीं रख पाया, जिसकी वजह से यह जानलेवा हादसा हुआ। घटना के तुरंत बाद रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और घायलों को ओरमारा तहसील हॉस्पिटल पहुंचाया। हॉस्पिटल के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस घटना में कई घायल यात्रियों की हालत गंभीर है। इसकी वजह से अनुमान लगाया जा रहा है कि मरने वालों का आंकड़ा बढ़ सकता है। पुलिस ने कहा कि आगे की जांच चल रही है और ड्राइवर और ट्रांसपोर्ट कंपनी के बारे में जानकारी इकट्ठा की जा रही है। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री मीर सरफराज बुगती ने जानमाल के नुकसान पर गहरा दुख जताया और दुखी परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने ग्वादर के डिप्टी कमिश्नर को घायलों को सबसे अच्छा मेडिकल इलाज दिलाने का निर्देश दिया और शवों को पीड़ितों के इलाकों तक पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस सेवा देने का आदेश दिया। एक अन्य मामले में पंजाब के सरगोधा जिले में घने कोहरे के बीच एक मिनी-ट्रक के सूखी नहर में गिरने से कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई। यह हादसा कोट मोमिन तहसील में घालापुर बांग्ला के पास हुआ, जहां बहुत कम विजिबिलिटी के कारण गाड़ी सड़क से उतर गई। बचाव अधिकारियों ने कहा कि सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। बाकी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सात ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे के समय 23 लोग ट्रक में इस्लामाबाद से फैसलाबाद एक अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे थे। कोहरे की वजह से मोटरवे बंद होने के कारण, ड्राइवर ने लोकल रास्ता चुना था। मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, जो सभी इस्लामाबाद के रहने वाले थे। रेस्क्यू टीम ने राहत अभियान चलाया और शवों और घायलों को टीएचक्यू अस्पताल पहुंचाया। हादसे के बाद अधिकारियों ने खराब मौसम में सावधानी बरतने और ट्रैफिक सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करने की बात दोहराई। –

मकर संक्रांति पर नर्मदा स्नान की इच्छा हुई अधूरी, हादसे में पिता, बेटा और दादी की मौत, 5 घर उजड़े

भोपाल  मकर संक्रांति के पावन पर्व पर नर्मदा स्नान की इच्छा लेकर घर से निकले श्रद्धालुओं का वाहन बैरसिया के पास काल का ग्रास बन गया. विद्या विहार स्कूल के पास तेज रफ्तार लोडिंग पिकअप और ट्रैक्टर-ट्रॉली के बीच हुई सीधी भिड़ंत में 5 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. हादसा इतना भीषण था कि टक्कर के बाद पिकअप वाहन सड़क पर ही पलट गया. हादसे में 5 लोगों की मृत्यु हुई है और 9 लोग जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं. घायलों को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. सभी मृतक और घायल विदिशा के सिरोंज के रहने वाले हैं. मृतकों में पिता, पुत्र और दादी भी शामिल हैं. वे मकर संक्रांति मनाने के लिए पिकअप में सवार होकर होशंगाबाद (नर्मदापुरम) नर्मदा स्नान के लिए जा रहे थे. भोपाल में ट्रैक्टर-ट्रॉली और लोडिंग वाहन के बीच आमने-सामने की टक्कर में 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। 12 घायल हुए हैं। हादसा बैरसिया थाना इलाके में बुधवार रात करीब साढ़े 9 बजे हुआ। घायलों में से कुछ की हालत गंभीर है। टीआई वीरेंद्र सेन ने बताया कि सिरोंज के एक ही परिवार के 15 लोग लोडिंग वाहन में थे। इनमें से पांच की मौत हो गई है। नौ घायल हुए हैं। ट्रैक्टर सवार 3 लोग भी घायल हुए हैं। सभी घायलों को बैरसिया शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लोडिंग वाहन में सवार परिवार किसी परिजन की अंतिम क्रिया के लिए नर्मदापुरम जा रहा था। जैसे ही उनका वाहन बैरसिया थाना इलाके में ठाकुर लाल सिंह स्कूल के पास पहुंचा, सामने से आ रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से टक्कर हो गई। इसमें लोडिंग वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। उसमें सवार कई लोग अंदर ही फंस गए। हादसे में इनकी गई जान     लक्ष्मीबाई अहिरवार     बबली बाई     हरि बाई     दीपक     मुकेश ये हुए घायल     सूरज     विनीता     पुनीत     मोनिका     महक     नूरी बाई     लल्लू     प्रदीप     ज्योति     सूरज

सास और पांच बहुएं समेत परिवार के छह सदस्य हुए एक साथ निधन, अंतिम संस्कार से लौटते समय हुआ हादसा

 फतेहपुर शेखावाटी,      राजस्थान में एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया. फतेहपुर शेखावाटी में एक ही परिवार की सात महिलाओं की एक साथ मौत हो गई. यह हादसा इतना भयावह था कि जिसने भी दृश्य देखा, उसकी आंखें नम हो गईं. एनएच-52 पर हरसावा गांव के पास तेज रफ्तार कार पहले एक पिकअप से टकराई और फिर सामने से आ रहे ट्रक में जा घुसी. टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह पिचक गई. हादसे में सास, उनकी पांच बहुएं और बेटी ने मौके पर या इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि चालक और एक युवती गंभीर रूप से घायल हो गए. फतेहपुर सदर थाना क्षेत्र के रघुनाथपुरा गांव निवासी परिवार हाल ही में लक्ष्मणगढ़ गया था. परिवार की बुजुर्ग महिला मोहिनी देवी की ननद, लक्ष्मणगढ़ निवासी कैलाश देवी का निधन हुआ था. पूरा परिवार उनके अंतिम संस्कार में शामिल होकर शाम करीब चार बजे वापस गांव लौट रहा था. परिवार चार गाड़ियों में सवार था. तीन गाड़ियों में पुरुष बैठे थे, जबकि एक कार में महिलाएं और चालक मौजूद थे. किसी को अंदेशा नहीं था कि यह यात्रा उनके जीवन की सबसे आखिरी और सबसे दर्दनाक यात्रा बन जाएगी. तेज रफ्तार, ओवरटेक और पल भर में तबाही प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हरसावा गांव के पास पहुंचते ही कार चालक ने ओवरटेक करने की कोशिश की. इसी दौरान तेज रफ्तार के कारण कार का संतुलन बिगड़ गया. पहले कार पास से गुजर रही पिकअप से टकराई और फिर अनियंत्रित होकर सामने से आ रहे ट्रक में जा घुसी. हादसे की आवाज सुनते ही आसपास के लोग और हाइवे से गुजर रहे वाहन चालक मौके पर पहुंच गए. कार के अंदर महिलाएं बुरी तरह फंसी हुई थीं. काफी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. इन सात महिलाओं की गई जान इस भीषण सड़क हादसे में सास मोहिनी देवी (80) और बहू चंदा देवी (55), तुलसी देवी (45), बरखा देवी (35), आशा देवी (60), संतोष देवी (45) और बेटी इंदिरा (60) की मौत हुई. सभी एक ही परिवार से थीं. बरखा देवी ने जयपुर ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ा. हादसे में सोनू (35) और कार चालक वसीम (25) गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज जारी है. परिवार के सदस्यों ने बताया कि लक्ष्मणगढ़ से रवाना होने से पहले ही ड्राइवर वसीम को कार धीमी गति से चलाने की हिदायत दी गई थी. अंतिम संस्कार के बाद माहौल पहले से ही गमगीन था. बावजूद इसके, रास्ते में चालक ने ओवरटेक करने के चक्कर में रफ्तार बढ़ा दी और यही लापरवाही सात जिंदगियों पर भारी पड़ गई. गांव में पसरा मातम, चूल्हे तक नहीं जले एक ही परिवार की सात महिलाओं की मौत की खबर जैसे ही रघुनाथपुरा गांव पहुंची, पूरा गांव शोक में डूब गया. घर-घर सन्नाटा पसर गया. मोहल्ले में रात को किसी के घर चूल्हा नहीं जला. मोहिनी देवी के पति का पहले ही निधन हो चुका था. अब परिवार की महिलाएं ही घर की धुरी थीं. संतोष देवी के पति सब्जी की दुकान चलाते हैं और उनके दो बेटे व एक बेटी हैं. तुलसी देवी के पति विदेश में मजदूरी करते हैं और छुट्टी पर गांव आए हुए थे. आशा देवी के पति गैस एजेंसी में कार्यरत हैं. हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस महकमा सक्रिय हो गया. फतेहपुर सदर थाना के सीआई सुरेंद्र तम देगड़ा ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया. शवों को धानुका अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया. घायलों की स्थिति जानने के लिए कलेक्टर मुकुल शर्मा एसके अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों को त्वरित और बेहतर इलाज के निर्देश दिए. विधायक हाकम अली, भाजपा नेता श्रवण चौधरी, एडीएम रतनलाल स्वामी, एएसपी डॉ. तेजपाल सिंह, पालिका अध्यक्ष मुश्ताक नजमी समेत कई जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे. सीएम और राज्यपाल ने जताया शोक इस दर्दनाक हादसे पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने गहरा शोक व्यक्त किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि फतेहपुर शेखावाटी में हुए सड़क हादसे की खबर अत्यंत दुःखद है. ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति और शोकाकुल परिवार को संबल प्रदान करें. गौरतलब है कि एनएच-52 पर इससे पहले भी ऐसे दर्दनाक हादसे हो चुके हैं. दो साल पहले भी संक्रांति के दिन ही नरोदड़ा बस स्टैंड के पास हुए सड़क हादसे में भी सात लोगों की जान गई थी. उस समय एक अनियंत्रित कार डिवाइडर से टकराकर दूसरी ओर से आ रही बोलेरो से भिड़ गई थी. लगातार हो रहे हादसे एनएच-52 की सुरक्षा व्यवस्था और तेज रफ्तार वाहनों पर सवाल खड़े कर रहे हैं.