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ममता बनर्जी के किले में अमित शाह का शंखनाद, बोले— बंगाल को चाहिए बॉर्डर सील करने वाली सरकार

कोलकाता  पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए भारतीय जनता पार्टी ने बिगुल फूंक दिया है। मंगलवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने तृणमूल कांग्रेस सरकार को डर और घुसपैठ वाला शासन करार दिया है। उन्होंने कहा है कि राज्य को ऐसी सरकार की जरूरत है, जो बॉर्डर सील कर सके। शाह सोमवार रात कोलकाता पहुंचे थे, जहां उन्हें पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक की है। शाह ने कहा, 'अप्रैल में बंगाल में विधानसभा के चुनाव होने जा रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'भय, भ्रष्टाचार, कुशासन और घुसपैठ की जगह विकास, विरासत और गरीब कल्याण की एक मजबूत सरकार बनाने का बंगाल की जनता का संकल्प दिखाई पड़ता है।' उन्होंने कहा, 'टीएमसी के 15 साल के शासन में भय, भ्रष्टाचार, कुशासन और विशेषकर घुसपैठ से बंगाल की जनता भयभीत भी है, आशंकित भी है।' उन्होंने कहा, 'हम बंगाल की जनता को आश्वासन भी देना चाहते हैं और वादा भी करते हैं कि मोदी जी के नेतृत्व में बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के साथ ही यहां की विरासत को पुनर्जीवित करेंगे, विकास की गंगा फिर से तेज गति से बहेगी और गरीब कल्याण को प्राथमिकता देंगे।' उन्होंने कहा, 'बंगाल की सीमा से हो रही घुसपैठ सिर्फ बंगाल का मामला नहीं है, यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। देश की संस्कृति को बचाना है, देश की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है, तो बंगाल की सीमाओं को सील करने वाली सरकार लानी पड़ेगी। यह टीएमसी नहीं कर सकती, यह सिर्फ भाजपा कर सकती है।' भाजपा सरकार बनने का दावा शाह ने कहा, '14 वर्षों से भय और भ्रष्टाचार, बंगाल की पहचान बना हुआ है। 15 अप्रैल, 2026 के बाद जब बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी, तब बंग गौरव, बंग संस्कृति और उसके पुनर्जागरण की हम शुरुआत करेंगे। विवेकानंद जी, बंकिम बाबू, गुरुदेव टैगोर, श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों का बंगाल बनाने का प्रयास करेंगे।' उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भी भाजपा ने 39 प्रतिशत वोट प्राप्त किए और 12 सीटें प्राप्त कीं। 2026 में हम निश्चित रूप से प्रचंड बहुमत के साथ बंगाल में भाजपा की सरकार बनाने वाले है। कांग्रेस पर निशाना गृहमंत्री ने कहा, '2014 के लोकसभा चुनाव में हमें बंगाल में 17 प्रतिशत वोट और दो सीटें मिली थीं। 2016 के विधानसभा चुनाव में हमें 10 प्रतिशत वोट मिले और तीन सीटें मिलीं। 2019 के लोकसभा चुनाव में हमें 41 प्रतिशत वोट मिले और 18 सीटें मिलीं। 2021 के विधानसभा चुनाव में हमें 38 प्रतिशत वोट मिले और 77 सीटें मिलीं। जिस पार्टी को सिर्फ 3 सीटें मिली थीं, उसे पांच साल के अंतराल में 77 सीटें प्राप्त हुईं। कांग्रेस, जिसकी स्थापना ही बंगाल से शुरू हुई, वह कांग्रेस पार्टी शून्य पर पहुंच गई, और 34 वर्षों तक राज करने वाला कम्युनिस्ट गठबंधन भी एक भी सीट प्राप्त नहीं कर पाया, और हम प्रमुख विपक्ष बने।'

अमित शाह का मिशन बंगाल, दो दिवसीय दौरे में संगठन और हिंदुत्व के मुद्दे पर होगी जोरदार चर्चा

कलकत्ता दिल्ली और बिहार की चुनावी जंग फतह करने के बाद बीजेपी का पूरा फोकस 2026 में होने वाले चुनावी राज्यों पर है. अगले साल देश के चार राज्यों में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं, जिसको लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पूरी तरह से जमीन पर उतर गए हैं और सियासी माहौल तैयार करने में जुट गए हैं. गृहमंत्री अमित शाह ने 2026 में होने वाले चार राज्यों, असम, पश्चिम बंगाल, केरल और तमिलनाडु में होने वाले विधानसभा चुनाव का दौरे पर निकल पड़े हैं. अमित शाह असम में दो दिनों तक मंथन करने के बाद सोमवार शाम पश्चिम बंगाल पहुंच गए हैं. इसके बाद जनवरी के पहले हफ्ते में तमिलनाडु और उसके बाद केरल का दौरा करेंगे. पश्चिम बंगाल के दौरे पर पहुंचे अमित शाह मंगलवार और बुधवार दो दिनों तक कोलकाता में रहेंगे. इस दौरान अमित बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करने के साथ-साथ आरएसएस के कोलकाता दफ्तर जाएंगे. इस तरह बंगाल चुनाव को लेकर रूपरेखा तैयार करेंगे. बंगाल को फतह करने उतरे अमित शाह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार शाम पश्चिम बंगाल पहुंचे है. अमित शाह के दौरे को बीजेपी के चुनावी अभियान के लिए अहम कड़ी माना जा रहा है. 29 दिसंबर की रात बंगाल पहुंचते ही अमित शाह ने बीजेपी के कोर ग्रुप के नेताओं के साथ बैठक किया, जिसमें चुनावी रणनीति और संगठनात्मक तैयारियों पर मंथन किया गया. अमित शाह मंगलवार को कोर ग्रुप के अलावा पार्टी के सामान्य नेताओं के साथ भी बैठक करेंगे. इसके बाद शाह कोलकाता में मीडिया से रूबरू होंगे और एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे. मंदिर से संघ दफ्तर तक का शाह करेंगे दौरा अमित शाह मंगलवार की शाम कोलकाता के प्रसिद्ध इस्कॉन मंदिर में दर्शन करने भी जाएंगे और फिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कोलकाता स्थित कार्यालय का दौरा करेंगे. यहां वह संघ के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रसारकों के साथ बंगाल से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर लंबी मंत्रणा करेंगे. अमित शाह बुधवार को कोलकाता में बीजेपी कार्यकर्ताओं के एक बड़े सम्मेलन को संबोधित करेंगे. इस के जरिए शाह चुनावी राज्य बंगाल के कार्यकर्ताओं में जोश और उत्साह भरने की कोशिश करेंगे. भाजपा सूत्रों के अनुसार, यह दौरा बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. संगठन को मजबूती तो हिंदुत्व को धार अमित शाह बंगाल में पार्टी की जमीनी हकीकत परखेंगे और रणनीति को धार देने का काम करेंगे. अमित शाह का बंगाल दौरा मुख्य रूप से संगठनात्मक मजबूती पर केंद्रित है. इसीलिए रैलियों के बजाय बंद कमरों की बैठकों (स्ट्रेटेजी मीटिंग्स) को ज्यादा फोकस अमित शाह कर रहे हैं. कोलकाता के साल्ट लेक के सेक्टर पांच में बीजेरी ने एक नई बिल्डिंग किराए पर ली है, जिसे चुनाव का मुख्य मुख्यालय बनाया गया है. अमित शाह ने सोमवार को बीजेपी के इसी नए ठिकाने पर बंगाल के पार्टी दिग्गजों के साथ 2026 में कमल खिलाने का खाका तैयार करने का काम किया है. बीजेपी इस बार बंगाल चुनाव में 'हिंदू अस्मिता' और बांग्लादेश में हिंदुओं की हो रही हत्या और राजनीतिक हालातों को बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है. ऐसे में गृह मंत्री अमित शाह का दौरा बंगाल की राजनीति में बीजेपी के आक्रामक रुख का साफ संकेत दे रहा है. अमित शाह बीजेपी सांसदों और विधायकों के साथ भी अलग बैठक करेंगे. इस दौरे का मकसद केवल चुनाव की तैयारी ही नहीं, बल्कि राज्य के फीडबैक के आधार पर आउटरीच प्रोग्राम को और असरदार बनाना है. इस तरह अमित शाह जमीनी हकीकत को समझते हुए आगे की रणनीति बनाने का काम करेंगे.

अमित शाह का बयान: बांग्लादेशी घुसपैठिए कांग्रेस के लिए वोट बैंक, असम को मुक्त करने के लिए पांच साल और दें

बोरदुवा  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह बांग्लादेशी घुसपैठियों को अपना वोट बैंक मानती है. चुनाव वाले राज्य असम के अपने दौरे के दौरान, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को विरोधी कांग्रेस पर कड़ा हमला किया. उन्होंने कांग्रेस को बांग्लादेशी घुसपैठियों का रक्षक बताया. शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी की बांग्लादेशी घुसपैठियों को वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल करने की पॉलिसी ने असम के मूल निवासियों, उनकी पहचान और उनकी पुरखों की जमीनों को खतरा पैदा कर दिया है. हां नागांव जिले के बोरदुवा (बटद्रवा) में एक रैली को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केंद्र न केवल असम से बल्कि पूरे भारत से भी पड़ोसी देश से आने वाले सभी अवैध अप्रवासियों की पहचान करेगा. शाह ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न केवल असम के लोगों की सांस्कृतिक पहचान की सुरक्षा सुनिश्चित की है, बल्कि राज्य के हर तरह के विकास पर भी ध्यान दिया है. बता दें कि, गृह मंत्री अमित शाह ने यहां नागांव जिले में वैष्णव संत श्रीमंत शंकरदेव के जन्मस्थान, बटद्रवा थान के 227 करोड़ रुपये के पुनर्विकास परियोजना का उद्घाटन किया. इस दौरान शाह ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक मौका है कि श्रीमंत शंकरदेव के जन्मस्थान को 'अतिक्रमण से मुक्त' कर दिया गया है. शाह ने आगे कहा कि, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की नेतृत्व वाली असम सरकार ने बांग्लादेशी घुसपैठियों से 1 लाख बीघा से ज्यादा जमीन मुक्त करवाया है. असम में 2026 की शुरुआत में चुनाव होने वाले हैं, इसलिए शाह ने लोगों से भाजपा को वोट देने की अपील करने का मौका नहीं छोड़ा. उन्होंने रैली में लोगों से कहा, "असम को घुसपैठियों से मुक्त बनाने के लिए भाजपा को और पांच साल दीजिए." उन्होंने कहा, ''हम न सिर्फ असम से बल्कि पूरे भारत से भी सभी बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान करेंगे.'' शाह ने आगे कहा कि शंकरदेव ने 'एक भारत' का नारा दिया था, जिसे अब प्रधानमंत्री मोदी पालन कर रहे हैं. इस बात पर जोर देते हुए कि असम पूर्वोत्तर का ग्रोथ इंजन बन गया है और इस इलाके को विकास की ओर ले जा रहा है, शाह ने बताया कि इन 11 सालों में पीएम मोदी 80 बार पूर्वोत्तर इलाकों का दौरा किया, जिसमें से मोदी 36 बार वे असम आए हैं, जिससे पता चलता है कि भाजपा सरकार पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास पर ध्यान दे रही है. रैली को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि, प्रधानमंत्री ने असम में शांति और विकास पक्का करने के लिए कदम उठाए हैं, जो सिर्फ कागज पर नहीं बल्कि हकीकत है. उन्होंने कहा कि पिछले 11 सालों में भाजपा सरकार ने राज्य में अलग-अलग मिलिटेंट ग्रुप के साथ शांति समझौते किए हैं और इन समझौतों के 92 प्रतिशत क्लॉज पूरे किए गए हैं.

सुरक्षा बलों की गहन कार्रवाई से आतंकियों को करारा जवाब, भारत का सम्मान बढ़ा: अमित शाह

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस के दृढ़ निर्देश के बीच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) का 5वां आतंकवाद-विरोधी सम्मेलन आयोजित किया गया। इस दौरान एनआईए ने शनिवार को भारत की आतंकवाद-विरोधी क्षमता को बढ़ाने पर जोर दिया। केंद्र सरकार ने सम्मेलन में आतंकवाद के किसी भी रूप के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति को दोहराया और देश के आतंकवाद-विरोधी तंत्र को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संबोधन में राज्यों को भारत की आतंकवाद विरोधी क्षमताओं को मजबूत करने के लिए एकसमान आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) संरचना को शीघ्रता से लागू करने का निर्देश दिया।  उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पूरे देश में मजबूत, एकसमान और सुसंगत परिचालन क्षमता के बिना हम खुफिया जानकारी का उचित उपयोग और प्रभावी समन्वित जवाबी कार्रवाई सुनिश्चित नहीं कर सकते। अमित शाह ने पहलगाम और दिल्ली के लाल किले पर हुए आतंकी हमलों में विभिन्न एजेंसियों और राज्य पुलिस बलों की सफल कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले में इन एजेंसियों की गहन कार्रवाई ने देश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने इस जघन्य हमले में शामिल तीनों आतंकवादियों को सफलतापूर्वक ट्रैक करके मार गिराने का जिक्र करते हुए कहा कि यह पहली आतंकी घटना है जिसमें हमने 'ऑपरेशन सिंदूर' के जरिए आतंकी कृत्य की योजना बनाने वालों को सजा दी और 'ऑपरेशन महादेव' के जरिए हमले को अंजाम देने वाले आतंकवादियों को मार गिराया। उन्होंने इस दोहरी कार्रवाई को पाकिस्तान में बैठे आतंकी सरगनाओं के खिलाफ भारत सरकार, भारत के सुरक्षा बलों और भारत की जनता की ओर से एक मजबूत और निर्णायक जवाब बताया। अमित शाह ने लगातार बदलती प्रौद्योगिकी और आतंकी परिदृश्य की ओर इशारा करते हुए केंद्र और राज्यों की सभी एजेंसियों से साइबर युद्ध, हाइब्रिड युद्ध के प्रति सतर्कता, बहु-सुरक्षा स्तर और खुफिया जानकारी के निर्बाध प्रवाह जैसे अंतरराष्ट्रीय आयामों पर ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने कहा कि यह भारत की आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति को रेखांकित करने का एक साधन है, चाहे वह सीमा पार आतंकवाद हो, मादक पदार्थों से संबंधित आतंकवाद हो या साइबर आतंकवाद। उन्होंने देश के सामने मौजूद विभिन्न खतरों, विशेष रूप से कट्टरता, भर्ती और कमजोर युवाओं के शोषण से उत्पन्न होने वाले खतरों के प्रति अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता पर बल दिया। 

अमित शाह ने गिनाईं उपलब्धियां: शिवराज ने हटाया बीमारू टैग, मोहन यादव दे रहे विकास को नई रफ्तार

 ग्वालियर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ग्वालियर की धरती से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व पर बड़ी मुहर लगा दी. 'अभ्युदय मध्य प्रदेश ग्रोथ समिट' के मंच से शाह ने न केवल पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के योगदान को सराहा, बल्कि सूबे के मौजूदा मुखिया मोहन यादव की कार्यशैली को अधिक ऊर्जावान बताया. अमित शाह ने कहा, ''किसी जमाने में दिग्विजय सिंह का शासन था, मध्य प्रदेश बीमारू राज्य बनकर रह गया था. शिवराज जी ने मध्य प्रदेश पर से बीमारू का टैग हटाया, वह भाजपा के लंबे समय तक रहने वाले मुख्यमंत्री बने. और अब मोहन यादव जी शिवराज जी से ज्यादा ऊर्जा के साथ इसको आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं.'' बता दें कि शिवराज सिंह चौहान (66) रिकॉर्ड 4 बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. 2023 के विधानसभा चुनावों में BJP को शानदार जीत दिलाने के बाद उन्होंने विधानसभा से इस्तीफा दे दिया और विदिशा से 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ा और जीता. अब चौहान केंद्र की मोदी कैबिनेट में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री हैं.  अटल जी को श्रद्धांजलि भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर शाह ने उनके मजबूत नेतृत्व को याद किया. कहा, "अटल जी ही थे जिन्होंने दुनिया के दबाव के बावजूद यह सिद्धांत पेश किया कि परमाणु शक्ति का इस्तेमाल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए भी किया जा सकता है और उन्होंने भारत को एक परमाणु शक्ति बनाया. जब घुसपैठिए कारगिल में घुसे, तो अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान के साथ बातचीत करने के लिए भारी अंतरराष्ट्रीय दबाव था. अटल जी ने इसे बहुत मजजबूती से संभाला.'' 'घुसपैठियों को बाहर निकालने तक कोई बात नहीं' शाह ने कहा कि हमने शांति के लिए कोशिशें कीं, लेकिन हमें धोखा दिया गया. अब, जब तक हर एक घुसपैठिए को भारत से बाहर नहीं निकाल दिया जाता, तब तक पाकिस्तान से कोई बात नहीं होगी, और कारगिल में जीत अटल जी के दौर की मजबूत लीडरशिप का सबूत है… भारतीय जनता पार्टी के करोड़ों कार्यकर्ताओं और देश की जनता की ओर से, मैं उन्हें दिल से श्रद्धांजलि देता हूं." ₹2 लाख करोड़ का निवेश, 1.93 लाख रोजगार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अटल जी की जन्मभूमि ग्वालियर में 'अभ्युदय मध्य प्रदेश ग्रोथ समिट' का उद्घाटन किया और 2 लाख करोड़ रुपए की औद्योगिक परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया. शाह ने इस मौके पर ग्वालियर मेले का भी उद्घाटन किया और अटल संग्रहालय में किए गए नवीनीकरण कार्य को लोगों को समर्पित किया. पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर आयोजित इस समिट में 25 हजार लाभार्थी और हजारों उद्यमी और निवेशकों ने भाग लिया. दावा है कि इन औद्योगिक परियोजनाओं से 1.93 लाख रोजगार के अवसर पैदा होंगे. इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, राज्य विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और राज्य भाजपा प्रमुख हेमंत खंडेलवाल सहित अन्य लोग मौजूद थे. CM मोहन यादव ने इस मौके पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने और देश को दुनिया की तीसरी सबसे शक्तिशाली अर्थव्यवस्था बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है. उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार के अनुसार, ग्रोथ समिट मध्य प्रदेश के विकास मॉडल को एक नए और व्यापक दृष्टिकोण के साथ पेश करेगी. यह समिट सिर्फ निवेश प्रस्तावों और औद्योगिक घोषणाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि एक एकीकृत दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है जिसमें उद्योग, शहरी विकास, पर्यटन, स्टार्टअप और रोजगार एक साथ आगे बढ़ते हैं.

ग्वालियर में निवेश का बड़ा दिन: अमित शाह ने ₹2 लाख करोड़ की औद्योगिक परियोजनाओं का भूमिपूजन-लोकार्पण किया

ग्वालियर  पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर ग्वालियर के मेला ग्राउंड में ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट निवेश से रोजगार’ का राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ने अटल जी की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यकम की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने करीब 2 लाख करोड़ रुपये की औद्योगिक परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया। इन परियोजनाओं से राज्य में लगभग 1.93 लाख रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना जताई गई है। समिट के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने ग्वालियर मेले का उद्घाटन किया और अटल संग्रहालय के नवीनीकरण कार्य को भी जनता को समर्पित किया। अधिकारियों के अनुसार समिट में करीब 25 हजार लाभार्थी तथा हजारों उद्यमी और निवेशक भाग ले रहे हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य में निवेश को बढ़ावा देना और औद्योगिक विकास को नई दिशा देना है।  अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एमपी ग्रोथ समिट में लगी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ग्वालियर व्यापार मेले और अटल म्यूजियम का शुभारंभ किया। इसके बाद मंच से 2 लाख करोड़ रुपए की औद्योगिक इकाइयों का भूमि पूजन और लोकार्पण भी किया। इसमें 1655 औद्योगिक इकाइयां है। इस मौके पर अमित शाह ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को राजा साहब कहकर संबोधित किया। मंच से यह सुनकर पब्लिक ने खूब तालियां बजाई। आगे उन्होंने कहा कि ग्वालियर की धरती साधारण नहीं है। यही वह भूमि है जहां तानसेन का जन्म हुआ और ग्वालियर घराने के अनेक महान संगीतकारों ने अपनी साधना की। उन्होंने कहा कि इसी भूमि ने अटल बिहारी वाजपेयी जैसे महान नेता को देश को दिया। यहीं से निकलकर अटल जी ने संघर्ष किया और आज पूरा देश उन्हें लाड़ करता है। शाह ने कहा कि मध्य प्रदेश में देश की सबसे बड़ी आदिवासी आबादी है। अटल जी से पहले आदिवासियों के लिए न तो कोई ठोस योजना थी और न ही कोई अलग विभाग, जिससे उनके विकास और उत्थान का कार्य हो सके। अटल बिहारी वाजपेयी ने आदिवासियों के कल्याण के लिए अलग आदिवासी विभाग का गठन किया और उनके अधिकारों को मजबूती दी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित कई वरिष्ठ मंत्री और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। यह ग्रोथ समिट भारत रत्न से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर आयोजित की गई है। समारोह में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री एदल सिंह कंषाना, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग सहित अन्य कैबिनेट मंत्री मौजूद हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सरकार विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने और देश को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। राज्य सरकार के अनुसार यह ग्रोथ समिट केवल निवेश प्रस्तावों और औद्योगिक घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें उद्योग, शहरी विकास, पर्यटन, एमएसएमई, स्टार्टअप और रोजगार को एक साथ आगे बढ़ाने का समग्र विजन प्रस्तुत किया गया है। समिट के माध्यम से मध्यप्रदेश के विकास मॉडल को एक नए और व्यापक दृष्टिकोण के साथ देश और दुनिया के सामने रखा जा रहा है। ग्रॉथ समिट में देश के प्रमुख उद्योगपति ग्रोथ समिट में देश के प्रतिष्ठित उद्योगपति और औद्योगिक संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हैं। इनमें गोदरेज इंडस्ट्रीज, गौतम सोलर, हीडलबर्ग सीमेंट, एलएनजे भीलवाड़ा समूह, जेके टायर, टोरेंट पावर, मैकेन फूड, एलिक्सर इंडस्ट्रीज, ग्रीनको, जुपिटर वैगन्स, डाबर इंडिया, वर्धमान समूह, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड जैसे प्रमुख औद्योगिक समूह शामिल हैं। गृहमंत्री के कार्यक्रम के चलते शहर में 17 घंटे हाई अलर्ट केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सुरक्षा के कारण शहर 17 घंटे हाई अलर्ट पर है। जिन स्थानों पर गृहमंत्री का कार्यक्रम है, वहां सुरक्षा के खास प्रबंध किए गए हैं। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा इतनी कड़ी है कि इन मार्गों पर कोई भी बिना अनुमति प्रवेश नहीं कर सकेगा।  

अमित शाह प्राकृतिक खेती प्रकल्प का करेंगे शुभारंभ, वर्ष 2026 होगा कृषि वर्ष

रीवा केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज रीवा में प्राकृतिक खेती पर कृषक सम्मेलन कार्यक्रम में शामिल होंगे। केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शाह एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव बसामन मामा गौ अभ्यारण्य में अपरान्ह 3 बजे से आयोजित कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती प्रकल्प का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद गौ अभ्यारण्य के समीप आयोजित विशाल कृषक सम्मलेन में शिरकत करेंगे। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, श्री हेमन्त खंडेलवाल भी शामिल होंगे। अतिथियों द्वारा ई-कार्ट के माध्यम से गौ-शाला का अवलोकन किया जायेगा। कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई कृषि विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। कार्यक्रम में प्रगतिशील व प्राकृतिक खेती करने वाले कृषकों को सम्मानित किया जायेगा। बसामन मामा गौ अभ्यारण्य का निर्माण बेसहारा और बीमार गौवंश को आश्रय देने के लिए किया गया है। इसमें वर्तमान में सात हजार से अधिक गौवंश को आश्रय दिया गया है। इस गौ-शाला से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में निकलने वाले गोबर से जैविक खाद, गो काष्ठ, गोनाइल तथा अन्य उत्पाद बनाए जा रहे हैं। यह कार्य स्वयंसेवी संस्था द्वारा किया जा रहा है। वर्ष 2026 को कृषि वर्ष मनाये जाने का निर्णय लिया गया है। इसके अंतर्गत समन्वित रूप से कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में कृषकों की आय में वृद्धि की जायेगी, कृषि को प्राकृतिक खेती के माध्यम से जलवायु अनुकूल बनाया जायेगा, किसानों की उपज के लिए उचित मूल्य सुनिश्चित किया जायेगा, तकनीकी सुधार एवं यंत्रीकरण पर विशेष जोर होगा, डिजीटल एग्री के माध्यम से क्षेत्र का आधुनिकीकरण करना एवं कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में विविधीकरण को बढावा देना, मूल्य संवर्धन के माध्यम से नये रोजगार सृजन किया जायेगा। कृषि परिदृश्य देश में मध्य प्रदेश मक्का एवं सोयाबीन के उत्पादन में प्रथम स्थान तथा गेहॅू, उड़द, मसूर, चना, सरसों, कुल तिलहन, कुल दलहन, कुल खाद्यान्न, कुल मोटा अनाज में द्वितीय स्थान पर है। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा गत 2 वर्षों में 48 लाख 51 हजार किसानों से 02 करोड़ 41 लाख 31 हजार मीट्रिक टन अनाज खरीदा गया है। जिसके विरूद्ध 81 हजार सात सौ अड़सठ करोड़ रूपये का भुगतान किसानों के खाते में किया गया है। सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना किसान भाईयों की मेहनत को प्रतिफल प्रदाय करने के लिये सोयाबीन की फसल के लिये भावांतर भुगतान योजना लागू की गई है। अभी तक लगभग छ: लाख कृषकों के द्वारा तेरह लाख नवासी हजार मेट्रिक टन सोयाबीन का विक्रय मंडियों में किया गया है, जिससे दो चरणों में मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा दो लाख सरसठ हजार किसानों के खाते में चार सौ बियासी करोड़ रूपये अंतरित किये गये है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्राकृतिक आपदाओं से फसल क्षति होने पर किसानों को सहायता के लिये गत 2 वर्षों में राज्य सरकार द्वारा सत्तर लाख कृषक आवेदनों पर बारह सौ सेंतीस करोड़ चौवन हजार राशि रूपये का दावा भुगतान किया गया है। प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री  किसान सम्मान निधि योजना प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किसान सम्मान निधि के रूप में किसानों को छ: हजार रूपये दिये जा रहे थे, मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा भी किसानों को छ: हजार रूपये की राशि दी जा रही है, इस प्रकार प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत माह अप्रैल, 2025 से अभी तक एक करोड़ अडसठ लाख किसानों को छ: हजार सात सौ छप्पन करोड़ की राशि का भुगतान किया जा चुका है। ‘रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना’’     रानी दुर्गावती श्री अन्नध प्रोत्सारहन योजना अंतर्गत प्रदेश में प्रथम बार 16 जिलों – जबलपुर, कटनी, मण्डला, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, शहडोल, अनुपपुर, उमरिया, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर, बालाघाट, सिवनी, सीधी एवं सिंगरौली में उपार्जन किया जा रहा है।     राज्य सरकार द्वारा राशि रुपए एक हजार प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से प्रदाय की जाएगी।     परंपरागत कृषि विकास योजना प्रमाणित जैविक खेती को प्रोत्सावहित एवं बढावा देने के लिए संचालित है।     वर्ष 2025-26 में तेतालीस हजार तीन सौ पचास हैक्टेयर में 09 सर्विस प्रोवाईडर के माध्यम से कृषक समूहों में जैविक प्रमाणीकरण कार्यक्रम क्रियान्वित किये जा रहे है। कृषकों को राशि रूपये पांच हजार प्रति हैक्टेयर प्रति वर्ष अनुदान दिया जाता है। नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग     नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित एवं बढावा देने के लिये योजना संचालित है। प्रदेश में पन्द्रह सौ तेरह क्लस्टर में एक लाख नवासी हजार एक सौ पच्चीस एकड़ में एक लाख नवासी हजार एक सौ पच्चीस किसानों के साथ क्रियान्वित की जा रही है। प्रत्येक कृषक को राशि रूपये चार हजार प्रति एकड़ प्रति वर्ष अनुदान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना     प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा "प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना कृषि उत्पादकता और ग्रामीण समृद्धि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुभारंभ किया गया है। योजना में मध्यप्रदेश के 8 जिले यथा-अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, सीधी, अलीराजपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़ एवं डिण्डोरी को शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री धन – धान्य कृषि योजनाभारत सरकार की एक नई पहल है, जो कि केन्द्र एवं राज्य सरकार की प्रचलित योजनाओं जिसमें कृषि विभाग की 19 तथा मछली पालन / पशुपालन / दुग्ध / सहकारिता / जल संसाधन / खाद्य प्रस्करण / ग्रामीण विकास  / कौशल विभाग / लघु एवं सुक्ष्म उद्योग विभागों की 17 प्रचलित  योजनाओं का अभिसरण (कवरेज) कर क्रिन्यावित किया जायेगा।    वर्तमान में दलहन उत्पादन में मध्यप्रदेश प्रथम स्थान पर है। वर्ष 2024-25 में दलहन का कुल क्षेत्रफल चवालीस लाख बानवे हजार हैक्टेयर है, जिसे आगामी 03 वर्षो में लगभग पचपन लाख हैक्टेयर किये जाने का लक्ष्य है।

ग्वालियर में अमित शाह का दौरा, व्यापार मेला का उद्घाटन और सुरक्षा के सख्त इंतजाम

 ग्वालियर  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 24 दिसंबर को ग्वालियर आ जाएंगे। आधिकारिक कार्यक्रम के मुताबिक रात करीब नौ बजे वह ग्वालियर विमानतल पर उतरेंगे। इसके बाद होटल ताज ऊषा किरण पैलेस के लिए रवाना होंगे। अगले दिन सुबह 11:50 बजे होटल से कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना होंगे। फिर मेला ग्राउंड से सभा संपन्न होने के बाद दोपहर करीब दो बजे विमानतल के लिए रवाना हो जाएंगे। कई बार सड़कों पर वीवीआइपी मूवमेंट रहेगा केंद्रीय गृह मंत्री के ग्वालियर आगमन से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित अन्य केंद्रीय, राज्यमंत्री ग्वालियर पहुंच जाएंगे। बुधवार शाम करीब सात बजे से लेकर 25 दिसंबर को कार्यक्रम संपन्न होने तक कई बार शहर की सड़कों पर वीवीआइपी मूवमेंट रहेगा। पुलिस ने एडवायजरी जारी की विमानतल से लेकर मेला ग्राउंड और होटल तक कई बार, कई रास्तों पर ट्रैफिक रोका जाएगा। इसके लिए पुलिस ने एडवायजरी भी जारी कर दी है। वहीं पुलिस ने सुरक्षा प्लान भी तैयार कर लिया है। सुरक्षा में करीब 4500 जवान रहेंगे। ऊंची इमारतों पर स्नाइपर तैनात होंगे। कार्यक्रम स्थल से लेकर होटल तक कड़ी सुरक्षा रहेगी। अमित शाह करेंगे ग्वालियर व्यापार मेला का शुभारंभ शहर की शान और मध्य भारत के सबसे बड़े 'ग्वालियर व्यापार मेले' का काउंटडाउन खत्म होने को है। 25 दिसंबर से शुरू हो रहे इस ऐतिहासिक मेले का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। प्रशासन और मेला प्राधिकरण ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है और अब बस उस पल का इंतजार है जब ग्वालियर की यह विरासत गुलजार होगी। मेले का आगाज बेहद खास होने जा रहा इस वर्ष मेले का आगाज बेहद खास होने जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति ने व्यापारियों और सैलानियों के उत्साह को दोगुना कर दिया है। प्राधिकरण को इस संबंध में सूचना मिल चुकी है, जिसके बाद सुरक्षा और स्वागत की भव्य तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। ऑटोमोबाइल सेक्टर में शोरूम तैयार करने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। आरटीओ छूट की उम्मीद में बड़ी संख्या में लोग वाहन खरीदी की योजना बना रहे हैं। इलेक्ट्रोनिक्स सेक्टर में आधुनिक गैजेट्स और घरेलू उपकरणों के साथ विभिन्न जगह से आए व्यापारी अपने स्टॉल को अंतिम रूप दे रहे हैं। झूला सेक्टर और फूड जोन रोमांच युवाओं के लिए आधुनिक हाई-टेक झूले फिटनेस टेस्ट पास कर तैयार हैं। फूड जोन में प्रसिद्ध व्यंजनों के साथ-साथ राजस्थानी, पंजाबी और दक्षिण भारतीय स्वाद का तड़का भी लगेगा। मेला केवल व्यापार का नहीं, बल्कि कला और शक्ति का भी केंद्र बनेगा। एक जनवरी से कला के विविध रंगों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। पहलवानी का दम जनवरी का महीना दंगल के नाम रहेगा। 19 से 20 जनवरी तक जिला स्तरीय और 23 से 25 जनवरी तक राज्य स्तरीय पुरुष व महिला कुश्ती प्रतियोगिता आयोजित होगी, जो खेल प्रेमियों के लिए बड़ा आकर्षण होगी। व्यापारियों में नया उत्साह दुकान आवंटन की पारदर्शी प्रक्रिया के कारण इस साल उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली से बड़ी संख्या में व्यापारी पहुंचे हैं। हस्तशिल्प और फर्नीचर सेक्टर में इस बार ऐसी कलाकृतियां देखने को मिलेंगी जो पहले कभी नहीं आईं। सभी प्रकार के भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित सभी प्रकार के भारी वाहनों का प्रवेश शहर में प्रतिबंधित रहेगा। भिंड, मालनपुर की तरफ जाने वाले सभी वाहन लक्ष्मणगढ़ पुल होते हुए निरावली, अटल गेट, जलालपुर चौराहा से सागरताल होते हुए जाएंगे। भिंड, मालनपुर से आने वाले वाहन बेहटा चौकी, बड़ागांव पुल से एमएच तिराहा, हुरावली तिराहा, सचिन तेंदुलकर मार्ग होते हुए शहर में प्रवेश करेंगे। इन रूटों पर ट्रैफिक रहेगा डायवर्ट     गोला का मंदिर चौराहा से एमआइटीएस, दूध डेयरी तिराहे से इंद्रमणि नगर मार्ग, दुल्लपुर रोड से सूर्य नमस्कार तिराहा तक मार्ग पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा।  मुरैना से आने वाले वाहन निरावली से प्रवेश करेंगे। मुरार से मुरैना की तरफ जाने वाले वाहन छह नंबर चौराहा, आर्मी एरिया, बड़ागांव हाईवे होते हुए जा सकेंगे।     मुरैना से दतिया, झांसी, शिवपुरी की तरफ जाने वाले वाहन निरावली से प्रवेश कर रायरू, अटल द्वार से मोतीझील, बहोड़ापुर, बेला की बावड़ी होते हुए जा सकेंगे।     मांढ़रे की माता से बहोड़ापुर जाने वाले वाहन इंदरगंज से डायवर्ट होकर पाटनकर बाजार, नई सड़क, हनुमान चौराहा, जीवाजीगंज, कटी घाटी होते हुए जा सकेंगे।     बहोड़ापुर से शिंदे की छावनी होते हुए मांढ़रे की माता चौराहे की तरफ जाने वाले वाहन बहोड़ापुर से कटीघाटी, जीवाजीगंज से हनुमान चौराहा, नई सड़क, पाटनकर चौराहा, इंदरगंज चौराहा, अचलेश्वर मंदिर होते हुए जा सकेंगे।     कोटेश्वर मंदिर से कंपू जाने वाले वाहन बहोड़ापुर से कटीघाटी, हनुमान चौराहा, पाटनकर चौराहा, इंदरगंज होते हुए जा सकेंगे।     कंपू से पड़ाव जाने वाले वाहन अचलेश्वर चौराहा, चेतकपुरी होते हुए जा सकेंगे। कोटेश्वर मंदिर से शिंदे की छावनी जाने वाले दोपहिया वाहनों को छोड़कर सभी वाहन प्रतिबंधित रहेंगे।     चिरवाई नाका से विक्की फैक्ट्री, बेला की बावड़ी, गोल पहाड़िया, हुरावली, मोहनपुर, बड़ागांव, लक्ष्मणगढ़ पुल, सुसैरा कोठी से शहर में आने वाले वाहन पूर्णत: प्रतिबंधित रहेंगे। अभ्युदय एमपी ग्रोथ समिट का शुभारंभ करेंगे शाह अमित शाह अटलजी के जन्मदिन पर गुरुवार को मेला मैदान पर राज्यस्तरीय आयोजन अभ्युदय एमपी ग्रोथ समिट में दो लाख करोड़ के उद्योगों का शुभारंभ-भूमि पूजन करेंगे। इस दौरान उद्योगपतियों से मुलाकात कराने की व्यवस्था भी की गई है। समिट का आयोजन सुबह 11 बजे से होगा जिसमें दो घंटे शाह मौजूद रहेंगे। उसके बाद यहां से रीवा जाएंगे। मेला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री सिंधिया सहित प्रदेश के मंत्रीगण-विधायक भी मंच पर रहेंगे। एमपी ग्रोथ समिट में प्रदेश में उद्योग-निवेश के लिए हुए प्रयासों को एक ही मंच से लोकार्पित व शिलान्यास किया जाएगा। इसमें 10 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव,आशय पत्र व आवंटन पत्र भी दिए जाएंगे। एक लाख लोगों की मौजूदगी का दावा है, जिसमें ग्वालियर-चंबल अंचल के सभी जिलों से लोगों को लाया जा रहा है।  

सुशासन दिवस पर ग्वालियर में बड़ी सौगात, अमित शाह करेंगे अटल म्यूजियम का उद्घाटन

ग्वालियर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 25 दिंसबर को ग्वालियर के दौरे पर हैं। इस दिन गृह मंत्री महाराज बाड़ा स्थित गोरखी स्कूल में तीन साल पहले बनकर तैयार अटल म्यूजियम का शुभारंभ करेंगे। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री इस म्यूजियम को देखने के लिए पहुंच सकते हैं, क्योंकि उनका अटलजी के पैतृक निवास जाने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। अटल म्यूजियम के साथ ही शासकीय प्रेस बिल्डिंग में तैयार किए गए औद्योगिक म्यूजियम का भी लोकार्पण होने की संभावना है, क्योंकि ये म्यूजियम भी बनकर तैयार है और इसके संचालन-संधारण की एजेंसी भी फाइनल कर ली गई है। स्मार्ट सिटी कॉर्पोरेशन के माध्यम से लोकार्पण वाले प्रोजेक्टों में दोनों म्यूजियम का प्रस्ताव भेजा गया था। गौरतलब है कि स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन द्वारा लगभग साढ़े नौ करोड़ रुपये में अटल म्यूजियम को तैयार कराया गया था। वर्ष 2022 में ये म्यूजियम बनकर तैयार हो गया था, लेकिन अभी तक इसका विधिवत उद्घाटन नहीं हुआ है। अटलजी की यादों को समर्पित इस म्यूजियम में उनसे जुड़ी कई वस्तुएं रखी हुई हैं। म्यूजियम में अटलजी के जीवन के विभिन्न पहलुओं को दर्शाती गैलरियों में फोटो गैलरी, काव्य गैलरी, साइंस गैलरी, डार्क रूम गैलरी सहित विभिन्न गैलरियों का समावेश किया गया है। इनके माध्यम से अटल जी जीवन के विभिन्न पहलुओं को दर्शाया गया है। वहीं साइंस गैलरी के माध्यम से जहां अटलजी के प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान भारत के तकनीक और विज्ञान में सफलता की कहानी को डायरोमा माडल इत्यादि द्वारा प्रदर्शित किया गया है, तो वहीं काव्य गैलरी में अटल जी द्वारा लिखी गई विभिन्न कविताओं का सृजन किया गया है। इन गैलरियों में एक डार्क रूम भी तैयार किया गया है, जिसमें अटल जी के विभिन्न छायाचित्रों को स्पेशल लाइटिंग इफेक्ट से प्रदर्शित किया गया है।

ग्वालियर में औद्योगिक महाकुंभ: अमित शाह करेंगे 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन

ग्वालियर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के मौके पर 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की औद्योगिक परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे. यह प्रोजेक्ट लॉन्च इवेंट वाजपेयी के जन्मस्थान ग्वालियर में होगा. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती को 'सुशासन दिवस' के रूप में मनाया जाता है. राज्य सरकार औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए वाजपेयी की जयंती पर ग्वालियर में 'अभ्युदय मध्य प्रदेश ग्रोथ समिट' का आयोजन कर रही है. सीएम यादव ने इंदौर में पत्रकारों से कहा कि केंद्रीय मंत्री शाह इस समिट में शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि इस कॉन्फ्रेंस में शाह राज्य के अलग-अलग हिस्सों में स्थित 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा औद्योगिक परियोजनाओं का एक साथ शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे.  इस आयोजन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शामिल होंगे। समिट में देश के अनेक प्रमुख औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधि और बिजनेस लीडर भी सहभागिता करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के नागरिकों को नए निवेश के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। इसी क्रम में अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट एक अभिनव प्रयास है, जिसके माध्यम से उच्च रोजगार सृजन करने वाले उद्यमियों का सम्मान, औद्योगिक परियोजनाओं का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया जाएगा। यह आयोजन ग्वालियर के मेला ग्राउंड में दोपहर 11.30 बजे से होगा।  CM यादव ने कहा, "यह ऐतिहासिक कॉन्फ्रेंस वाजपेयी को समर्पित होगी. वह एक ऐसी शख्सियत थे जिन्होंने अपना पूरा जीवन लोकतंत्र को समर्पित कर दिया. चाहे वह सरकार में रहे हों या विपक्ष में, उन्होंने एक अमिट छाप छोड़ी." स्व. प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर “निवेश से रोजगार-अटल संकल्प” विषय पर 45 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में भव्य प्रदर्शनी लगाई जाएगी। प्रदर्शनी में अटल जी के जीवन और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को दर्शाया जाएगा, साथ ही प्रदेश की औद्योगिक परियोजनाओं, सफल स्टार्टअप्स, ओडीओपी और जीआई टैग उत्पादों की जानकारी भी प्रदर्शित की जाएगी। इस अवसर पर प्रोत्साहन राशि वितरण, भूमि आवंटन, ग्वालियर व्यापार मेले का उद्घाटन तथा ई-जीरो एफआईआर प्रणाली का शुभारंभ भी किया जाएगा। समिट में गोदरेज इंडस्ट्रीज, ग्रीनको, वर्धमान समूह, जेके टायर, जुपिटर वैगन्स, मैकेन फूड, डाबर इंडिया, बीपीसीएल सहित अनेक प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।