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पीएम मोदी–अमित शाह के साथ नीतीश कुमार की बैठक, दिल्ली में राजनीतिक सरगर्मियां तेज

पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यह, एक महीने पहले  मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार का राष्ट्रीय राजधानी का पहला दौरा है। इस दौरान राज्य के विकास से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। वहीं उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी साथ में मौजूद रहे। सम्राट चौधरी ने इस संबंधी सोशल मीडिया पर पोस्ट भी शेयर की। सम्राट चौधरी ने पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि बिहार में NDA को मिले भारी जनादेश के बाद आज दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता, माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  से बिहार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात हुई। पीएम मोदी के निर्देशन और नेतृत्व में देश और बिहार लगातार आगे बढ़ रहा है। इस दौरान विकसित बिहार के लक्ष्यों पर बहुमूल्य मार्गदर्शन भी मिला। डबल इंजन सरकार डबल स्पीड से कर रही काम सम्राट चौधरी ने अमित शाह से हुई मुलाकात को लेकर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि आज नई दिल्ली में NDA की बड़ी जीत के बाद, देश के यशस्वी गृह और सहकारिता मंत्री माननीय अमित शाह और बिहार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिला। डबल इंजन सरकार "विकसित बिहार" के लिए डबल स्पीड से काम कर रही है। बता दें सीएम नीतीश कुमार रविवार को दो दिवसीय दौरे पर यहां पहुंचे थे। बैठक में मकर संक्रांति के बाद संभावित राज्य मंत्रिमंडल विस्तार के मुद्दे पर चर्चा होने की उम्मीद है।

‘अभ्युदय एमपी ग्रोथ समिट’ से बदलेगा ग्वालियर का भविष्य: 25 दिसंबर को अमित शाह का आगमन, 2 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव

 भोपाल मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए ग्वालियर में बड़ा आयोजन होने जा रहा है। 25 दिसंबर को ‘अभ्युदय एमपी ग्रोथ समिट 2025’ का आयोजन होगा, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस समिट में निवेश और रोजगार सृजन पर गहन मंथन होगा। मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल के तहत ग्वालियर के मेला मैदान में 25 दिसंबर को ‘अभ्युदय एमपी ग्रोथ समिट 2025’ आयोजित की जा रही है। इस समिट का फोकस औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजन करना है। समिट में करीब 2 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों का भूमिपूजन किया जाएगा, जबकि 10 हजार करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण होगा। इन परियोजनाओं से राज्य में हजारों नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे और वे इन निवेश परियोजनाओं की औपचारिक शुरुआत करेंगे। यह आयोजन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर हो रहा है, इसलिए समिट में अटल जी के जीवन और योगदान पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। समिट में विभिन्न विभागों की सफल योजनाओं और उपलब्धियों की प्रदर्शनियां भी होंगी, जिससे आम जनता को सरकार की योजनाओं की जानकारी मिल सकेगी और वे इसका लाभ उठा सकें।  मध्य प्रदेश सरकार का यह प्रयास राज्य को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाने और आर्थिक विकास को तेज करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। 

अमित शाह का विपक्ष पर वार: SIR मुद्दे पर झूठ की राजनीति बंद करें

नई दिल्ली  सांसद में शीतकालीन सत्र के दौरान केंद्रीय मंत्री अमित शाह विपक्ष पर गरजे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष SIR को लेकर झूठ फैला रहा है। EC एक संवैधानिक संस्था है और यह तब बनी थी, जब BJP नहीं बनी थी। अपनी बात को जारी रखते हुए शाह ने कहा कि विपक्ष के सदस्य बार- बार इस मुद्दे पर अपने विचार रख रहे थे, इसलिए उन्हें जवाब देना था। उन्होंने पहले के सभी एसआईआर (SIR) का गहन अध्ययन किया है और कांग्रेस की ओर से फैलाए गए "झूठ" का अपने तर्कों के आधार पर जवाब देना चाहते हैं। SIR पर चर्चा से इनकार का कारण अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि बीते दो दिनों तक संसद की कार्यवाही ठीक से नहीं चल सकी और विपक्ष ने यह संदेश देने की कोशिश की कि सरकार चर्चा नहीं चाहती। इस पर उन्होंने अपनी स्थिति स्पष्ट की। गृह मंत्री ने कहा, "हमने चर्चा के लिए 'ना' कहा, इसके पीछे कारण थे। विपक्ष की मांग थी SIR पर चर्चा की।" उन्होंने तर्क दिया, "यह (एसआईआर) चुनाव आयोग का काम है। अगर इस पर चर्चा होगी, तो जवाब कौन देगा?" शाह ने जोर देकर कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है।   इसके अलावा शाह ने  बुधवार को लोकसभा में चुनाव सुधारों पर हो रही चर्चा का जवाब देते हुए, सदन की कार्यवाही बाधित होने और चर्चा से इनकार करने के आरोपों पर विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने साफ किया कि बीजेपी और एनडीए के लोग कभी भी बहस से पीछे नहीं हटते। उन्होंने बताया कि उन्होंने SIR पर चर्चा करने से मना क्यों किया था। चुनाव सुधार पर चर्चा को मिली सहमति गृह मंत्री ने बताया कि जब विपक्ष चुनाव सुधार के व्यापक मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हुआ, तब सरकार ने सहमति दी। अमित शाह ने कहा कि चर्चा चुनाव सुधार पर तय हुई थी, लेकिन विपक्ष के सदस्यों ने बार-बार SIR पर ही अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जवाब तो उन्हें देना ही था।  अमित शाह ने यह स्पष्ट किया कि सरकार संसद को देश की सबसे बड़ी पंचायत मानती है और चर्चा के लिए हमेशा तैयार है, लेकिन विषय संवैधानिक सीमाओं के भीतर होना चाहिए।  

संसद भवन में BJP की अहम बैठक: नया अध्यक्ष कौन बनेगा, रेस में इन नामों पर चर्चा

नई दिल्ली जेपी नड्डा के बाद अगला बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन होगा, इसको लेकर लंबे समय से अटकलें जारी हैं। बिहार चुनाव के दौरान एक इंटरव्यू में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बताया था कि चुनाव खत्म होने के बाद अध्यक्ष के नाम का ऐलान हो जाएगा। इसी सिलसिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा, बीएल संतोष के बीच संसद भवन में एक अहम बैठक हुई। लगभग घंटेभर तक चली बैठक में अगले बीजेपी चीफ और यूपी बीजेपी चीफ पर चर्चा हुई। बीजेपी अध्यक्ष नड्डा का कार्यकाल लोकसभा चुनाव से पहले ही खत्म हो गया था, लेकिन आम चुनाव तक पहले उसे बढ़ाया गया। इसके बाद फिर से उसे बढ़ाया जा चुका है। पार्टी के भीतर लगातार बैठकों का दौर चल रहा है। पिछले कुछ महीनों में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, शिवराज सिंह चौहान समेत कई नाम सामने आए हैं, जिनके रेस में होने की चर्चा है। हालांकि, आधिकारिक रूप से कुछ भी स्पष्ट नहीं किया गया है। बीजेपी के नियम के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने से पहले पार्टी को 50 फीसदी स्टेट यूनिट्स में चुनाव करवाने होते हैं और अब तक यह पूरा भी हो चुका है। अध्यक्ष पद की रेस में कौन-कौन से नाम? पिछले एक दशक में बीजेपी का नया रूप देखने को मिला है, जिसके तहत बड़े पदों पर चुने जाने वाले नाम अक्सर चौंकाने वाले होते हैं। फिर चाहे वह यूपी 2017 में योगी आदित्यनाथ को सीएम बनाया जाना हो या फिर हाल ही में दिल्ली में रेखा गुप्ता को मुख्यमंत्री चुना जाना हो। ऐसे में मौजूदा भाजपा में अगले अध्यक्ष के नाम का अंदाजा लगाना आसान नहीं होगा। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, रेस में कई नाम हैं। धर्मेंद्र प्रधान, शिवराज सिंह चौहान के अलावा, भूपेंद्र यादव, देवेंद्र फडणवीस, निर्मला सीतारमण, विनोद तावड़े आदि के नाम भी रेस में चल रहे हैं। यूपी बीजेपी चीफ के लिए घंटों बैठक  यूपी में एक अहम बैठक हुई, जोकि तीन घंटे तक चली। सीएम योगी आदित्यनाथ के आवास पर भाजपा और आरएसएस के बीच समन्वय बैठक हुई। माना जा रहा है कि इसी हफ्ते यूपी बीजेपी के अध्यक्ष के नाम का ऐलान किया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के लिए एक ब्राह्मण, दलित और तीन ओबीसी नेताओं के नाम रेस में आगे चल रहे हैं। नया अध्यक्ष, इन नेताओं के नाम की अटकलें भारतीय जनता पार्टी को जल्द ही नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिलने के संकेत हैं। खबर है कि बुधवार को कई उच्च स्तरीय बैठकें हुई हैं, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह समेत कई बड़े नाम शामिल हुए। अटकलें ये भी हैं कि भाजपा ने उत्तर प्रदेश अध्यक्ष के नाम का भी फैसला कर लिया है और सिर्फ ऐलान बाकी है। हालांकि, पार्टी ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। अब संभावनाएं जताई जा रही हैं कि भाजपा 15 दिसंबर से पहले नया अध्यक्ष चुन सकती है। 15 दिसंबर से पहले क्यों मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भाजपा में चर्चाएं हैं कि 15 दिसंबर से पहले नया अध्यक्ष चुना जा सकता है। इसकी वजह 16 दिसंबर से खरमास महीना शुरू होना है। हालांकि, पार्टी ने अब तक साफ नहीं किया है कब तक नए अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा। डेक्कन क्रॉनिकल की रिपोर्ट के अनुसार, अगले साल यानी 2026 में कई राज्यों में चुनाव होने के चलते कई नेताओं का मानना है कि इन चुनावों से पहले नए अध्यक्ष का चुनाव हो। 2026 में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी और असम में विधानसभा चुनाव होने हैं। बुधवार को एक के बाद एक हुईं बैठकों में पीएम मोदी, गृहमंत्री शाह, मौजूदा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और भाजपा महासचिव बीएल संतोष शामिल रहे। यूपी अध्यक्ष का भी जल्द हो सकता है ऐलान खास बात है कि कुछ दिनों पहले संतोष यूपी में भी थे, जहां उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार समेत कई बड़े नामों से मुलाकात की थी। अटकलें हैं कि यूपी के लिए भाजपा अध्यक्ष के नाम पर मुहर लग गई है और इसे लेकर जल्द ही बड़ी घोषणा हो सकती है। फिलहाल, इसे लेकर आधिकारिक घोषणा बाकी है। ये नाम आगे अब तक साफ नहीं है कि भाजपा किसके नाम पर मुहर लगाएगी। हालांकि, अटकलें हैं कि रेस में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, शिवराज सिंह चौहान, भूपेंद्र यादव और भाजपा नेता विनोद तावड़े का नाम है। महिला नेताओं में केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, डी पुरंदेश्वरी और वनति श्रीनिवासन का नाम आगे चल रहा है। बिहार विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत के बाद माना जा रहा है कि प्रधान का नाम रेस में सबसे आगे है। हालांकि, पार्टी ने इसपर स्थिति स्पष्ट नहीं की है। प्रधान बिहार चुनाव प्रभारी थे। नड्डा का कार्यकाल साल 2024 में लोकसभा चुनाव से पहले ही मौजूदा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री नड्डा का कार्यकाल पूरा हो चुका है। हालांकि, बाद में उन्हें कई बार विस्तार दिया गया।

अमित शाह की शादी में शिरकत, BJP टाइपिस्ट की बेटी की शादी बनी चर्चा का विषय

 नई दिल्ली राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP), दोनों के बारे में एक बात समान रूप से कही जाती है कि दोनों ही संगठन अपने कार्यकर्ताओं का सम्मान करते हैं। इसकी एक झलक हाल ही में देखने को मिली जब भाजपा कार्यालय में वर्षों से टाइपिस्ट की नौकरी कर रहे रामधन की बेटी की शादी में भारत के गृह मंत्री अमित शाह खुद पहुंच गए। इस तस्वीर की खूब चर्चा हो रही है। सोशल मीडिया में लोग इस तस्वीर को पोस्ट करते हुए इसे भाजपा की असली ताकत करार दे रहे हैं। 23 अगस्त को नई दिल्ली के द्वारका में संपन्न हुई इस शादी में भाजपा के कई नेताओं ने शिरकत की। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम भी इस शादी में शामिल हुए। उन्होंने भी एक तस्वीर पोस्ट की है। यह कोई पहला मौका नहीं है जब आरएसएस या भाजपा या फिर किसी दूसरे दल के कार्यकर्ताओं और कर्मचारियों के यहां उस दल का नेता पहुंचा हो। इससे पहले हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हरियाणा एक शादी समारोह में पहुंचे थे। वह अपने पीएसओ की बेटी को आशीर्वाद देने के लिए पटना से हरियाणा आए थे। जीनत राणा नाम के एक हैंडल ने तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा है, ‘इस तस्वीर में पहले नंबर पर खड़े व्यक्ति का नाम रामधन हैं। रामधन जी बीजेपी मुख्यालय में टाइपिस्ट हैं। रामधन जी की बेटी की कल शादी थी, सारे व्यस्तताओं को किनारे करके गृहमंत्री अमित शाह जी ना केवल शादी में शामिल हुए बल्कि एक मुखिया की तरह वहां मौजूद रहकर बारातियों की अगवानी भी की।आपको इस तस्वीर से इस सवाल का जवाब मिल जायेगा की मोदी जी – शाह जी की जोड़ी के लिए उनकी टीम क्यों समर्पित रहती हैं?’

अमित शाह की बैठक के बीच दिल्ली ब्लास्ट जांच में तेजी, 30 स्थानों पर ED और अन्य एजेंसियों की रेड

नई दिल्ली दिल्ली ब्लास्ट और उससे जुड़े फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल की जांच में अब केंद्र सरकार ने पूरी ताकत झोंक दी है. इसी सिलसिले में एक बड़ा कदम उठाते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क पर औपचारिक रूप से केस दर्ज कर लिया है और शनिवार सुबह से ही देश के तीन राज्यों में बड़े पैमाने पर छापेमारी अभियान चल रहा है. ED के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार सुबह से दिल्ली, हरियाणा के फरीदाबाद और मध्यप्रदेश में कुल 30 लोकेशंस पर एक साथ सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया. यह छापेमारी सीधे तौर पर उस नेटवर्क को खंगालने के लिए है जो फरिदाबाद टेरर मॉड्यूल और कथित व्हाइट कॉलर आतंकी फंडिंग के शक के दायरे में आया है. अमित शाह की हाई-लेवल मीटिंग के बाद एक्शन में ED सूत्र बताते हैं कि यह कार्रवाई अचानक नहीं हुई, बल्कि इसकी पृष्ठभूमि केंद्रीय गृह मंत्रालय में एक अहम बैठक में तैयार हुई थी. इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह के साथ केंद्रीय खुफिया एजेंसी IB, जांच एजेंसियाँ NIA और ED के शीर्ष अधिकारी मौजूद थे. इस बैठक में दिल्ली ब्लास्ट के बाद सामने आए नए इनपुट्स खासकर टेरर फंडिंग, “व्हाइट कॉलर टेररिज़्म” और मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट पर विस्तृत चर्चा हुई थी. इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने साफ चेतावनी दी थी कि इस हमले के लिए जिम्मेदार आतंकवादी अगर पाताल में भी छुपे हैं, तो जांच एजेंसियां उन्हें खोज कर निकालेंगी. गृह मंत्री ने बैठक में साफ निर्देश दिया था कि दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े हर आर्थिक लिंक की गहराई से जांच की जाए. आतंकी फंडिंग या हवाला नेटवर्क को नहीं छोड़ा जाए. ED और NIA को विशेष अधिकारों के साथ त्वरित और संयुक्त कार्रवाई का “ग्रीन सिग्नल” दिया जाए. इसी मीटिंग के बाद यह तय हो गया था कि टेरर मॉड्यूल की फंडिंग लाइन को तलाशने के लिए ED एक अलग मनी लॉन्ड्रिंग केस दर्ज कर तेज कार्रवाई शुरू करेगी. फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल कितना बड़ा? पिछले सप्ताह दिल्ली ब्लास्ट की जांच में यह संकेत मिला था कि मॉड्यूल के तार सिर्फ जमीन पर काम कर रहे आतंकियों से नहीं, बल्कि व्हाइट कॉलर नेक्सस से भी जुड़े हो सकते हैं, जहां शिक्षा संस्थानों, एनजीओ, निजी कारोबारियों और मध्यस्थों के जरिए धन का प्रवाह हो रहा था. इसी शक के बाद एजेंसियों ने अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े लेन-देन, फंड मूवमेंट और संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी. अब जब पर्याप्त इनपुट्स सामने आए, तो ED ने PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग कानून) के तहत मामला दर्ज कर छापेमारी शुरू कर दी. अमित शाह की अध्यक्षता वाली हाई-लेवल बैठक के ठीक बाद इतनी बड़ी कार्रवाई से साफ है कि केंद्र सरकार दिल्ली ब्लास्ट को सिर्फ एक आतंकी घटना नहीं, बल्कि एक संगठित और व्यापक टेरर नेटवर्क की तरह देख रही है. इसी वजह से दिल्ली में धमाका करने वालों के साथ-साथ उन ‘व्हाइट कॉलर’ व्यक्तियों तक पहुंचने की कोशिश है, जो पर्दे के पीछे फंडिंग, लॉजिस्टिक्स और सपोर्ट सिस्टम खड़ा कर रहे थे.

Bihar News: बिहार में 2 नेताओं को ‘बड़ा आदमी’ बनाएगी भाजपा

पटना. बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Election) के दौरान भाजपा के दिग्गज नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार भाजपा के दो नेताओं के लिए जब चुनाव प्रचार में पहुंचे तो उन्होंने प्रचंड बहुमत से जीत दिलाने की अपील उन क्षत्रों की जनता से की थी। इसके बदले में उन्होंने इन दोनों नेताओं के 'बड़ा आदमी' बनाने का वादा उन विधानसभा क्षेत्रों की जनता से किया था। इनमें पहला नाम बिहार सरकार में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का है। वहीं, दूसरा नाम सीतमढ़ी से चुनाव लड़ रहे सुनील कुमार पिंटू का है। तारापुर से विधानसभा चुनाव लड़ रहे सम्राट चौधरी के पक्ष में जब मुंगेर पहुंचे थे तो उन्होंने लोगों से भाजपा के पक्ष में वोट डालने की अपील की थी। इस दौरान उन्होंने कहा, 'आप भरोसा रखिए। सम्राट चौधरी को प्रचंड बहुमत से जिताइए। मोदी जी सम्राट चौधरी को बड़ा आदमी बनाएं।' इसके अलावा उन्होंने मुंगेर के लिए किए गए विकास कार्यों का भी हिसाब किताब दिया। साथ ही बताया कि कैसे डबल इंजन की सरकार का फायदा बिहार को मिल रहा है। वहीं, सीतामढ़ी से चुनाव लड़ रहे सुनील कुमार पिंटू के पक्ष में चुनाव प्रचार करने के लिए पहुंचे अमित शाह ने उन्हें अपना दोस्त बताया था। लोगों से अपील करते हुए कहा था, "सुनील कुमार पिंटू मेरा दोस्त है। आप इसे प्रचंड बहुमत से जिताओ। हम इसे बड़ा आदमी बनाएंगे।' आपको बता दें कि तारापुर में सम्राट चौधरी ने आरजेडी के अरुण कुमार को 45843 मतों से चुनाव हराया। भाजपा को यहां 122480 मत मिले थे। वहीं, अरुण कुमार के खाते में 76637 मत गए। सीतामढ़ी की बात करें तो यहां भाजपा के सिंबल पर चुनाव लड़ रहे सुनील कुमार पिंटू को 104226 मत मिले। उन्होंने आरजेडी प्रत्याशी सुनील कुमार को 5562 मतों से हराया।

बिहार में नक्सली साजिश? अमित शाह बोले- खतरे के संकेत साफ

अरवल बिहार विधानसभा के प्रचार के आखिरी दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को अरवल में चुनावी सभा को संबोधित किया और उन्होंने लोगों को सचेत किया कि बिहार में लाल झंडे की आड़ में नक्सलवाद लाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जोड़ी ने बिहार में नक्सलवाद और जंगलराज को समाप्त कर दिया है। अब किसी की हिम्मत नहीं है कि बिहार में फिरौती, खून-खराबा, अपहरण और नक्सलवाद को फिर से फैलाए। अमित शाह ने कहा कि बिहार में एनडीए सरकार उद्योग-धंधे लाने को लेकर काम कर रही है। उन्होंने लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि इन लाल झंडे वाले ‘माले’ वालों को अरवल में ही रोक लें, ताकि यह पटना नहीं पहुंच पाए। यदि लाल झंडा आया तो ये उद्योग कभी नहीं आने देंगे।  अमित शाह ने एनडीए की फिर से सरकार बनने का दावा करते हुए कहा कि बिहार में पहले चरण का चुनाव समाप्त हो चुका है। पहले ही चरण में लालू की पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया। पहले चरण में तय हो चुका है कि बिहार में एनडीए की सरकार बनने वाली है। उन्होंने कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा कि राहुल गांधी कभी 15 दिन तक शरीर पर धूल नहीं लगने देते, लेकिन फिर भी उन्होंने घुसपैठियों के लिए बिहार में यात्रा निकाली है। उन्होंने कहा कि ये घुसपैठिए युवाओं की नौकरियां छीनते हैं, गरीबों के हिस्से में सेंध लगाते हैं और देश को भी असुरक्षित करते हैं। उन्होंने लोगों से पूछा कि क्या यहां घुसपैठिए रहने चाहिए? उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को जितनी यात्रा निकालनी है बिहार से लेकर इटली तक निकाल लें, लेकिन यहां से एक-एक घुसपैठिए को बाहर निकाला जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री ने कांग्रेस पर बाबा साहेब का अपमान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि बाबा साहेब का नाम इनके लिए वोट बटोरने का नाम है जबकि हमारे लिए यह श्रद्धा है। बाबा साहेब जब तक जिंदा रहे, तब तक कांग्रेस ने उनका विरोध किया। उन्हें भारत रत्न तब मिला, जब कांग्रेस सत्ता से बाहर गई। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस ने बाबू जगजीवन राम का भी अपमान किया, उन्हें प्रधानमंत्री नहीं बनने दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की चर्चा करते हुए कहा कि महिलाओं के खाते में अभी 10 हजार रुपए भेजे गए, लेकिन राजद वाले कहते हैं कि इसे वापस ले लिया जाएगा, जबकि वे जान लें, यह राशि कोई वापस नहीं ले सकता। अगले कुछ दिनों में इन्हें दो लाख रुपए और दिए जाएंगे। उन्होंने जहां अयोध्या में भव्य राम मंदिर की चर्चा की, वहीं उन्होंने सीतामढ़ी में मां जानकी की जन्मस्थली पर भव्य मंदिर बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि एनडीए जब आता है तो सड़कें और बिजली आती है, जबकि महागठबंधन वाले आते हैं तो नरसंहार और खून-खराबा लाते हैं।

अमित शाह की तीखी टिप्पणी: सासाराम में कांग्रेस और आरजेडी नेतृत्व पर बोला हमला

सासाराम गृहमंत्री अमित शाह ने सासाराम में सभा को संबोधित करते हुए आतंकवाद, राष्ट्रीय सुरक्षा और अवैध घुसपैठियों के मुद्दे को उछाला तथा विपक्षी नेताओं पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकारों के समय आतंकवादियों पर कार्रवाई ढीली रहती थी, जबकि नरेंद्र मोदी सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। अमित शाह ने कहा, “जब सोनिया, मनमोहन और लालू के समय था, तो आतंकवादी घुस आते थे, हमारे देश में हमला करते थे और भाग निकलते थे, कोई सवाल नहीं करता था। नरेंद्र मोदी सरकार आने के बाद उरी हमले के जवाब में सर्जिकल स्ट्राइक की गई और पुलवामा हमले के बाद हवाई कार्रवाई की गई। पाहलगाम में हमारे टूरिस्टों से उनके धर्म के बारे में पूछा गया और उन्हें मारा गया। 22 दिनों में हमने ऑपरेशन सिंदूर करके पाकिस्तान में घुसकर आतंकवाद को समाप्त करने का काम किया।” उन्होंने शस्त्राई स्वर में कहा, “यहां मां शाक्तिपीठ की पवित्र भूमि पर मैं कहता हूं, अगर आतंकवादी गोली चलाएंगे तो हम गोलाबारी से जवाब देंगे। क्या आप जानते हैं वह गोला कहां बनेगा? प्रधानमंत्री मोदी बिहार में डिफेंस कॉरिडोर बनाएंगे और एक आर्डनेंस फैक्ट्री स्थापित की जाएगी।” घुसपैठियों के मुद्दे पर अमित शाह ने आरोप लगाया कि कुछ विपक्षी नेता विशेषकर राहुल और तेजस्वी घुसपैठियों के समर्थन में यात्रा निकालते हैं। उन्होंने कहा, “कुछ दिन पहले राहुल और तेजस्वी ने एक यात्रा निकाली थी, ये यात्रा उन्होंने घुसपैठियों को बचाने के लिए निकाली थी। हमारे देश में घुसपैठिये हमारे युवाओं की नौकरियां छीन रहे हैं, गरीबों के राशन में अपना हिस्सा ले रहे हैं और देश की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन रहे हैं।” अमित शाह ने स्पष्ट किया, “राहुल और तेजस्वी जो करना चाहें, करने दें,  मैं आज सासाराम की धरती से यह कहता हूं कि हम बिहार और देश से एक-एक घुसपैठिए को निकालने का काम करेंगे। उन्होंने (राहुल और तेजस्वी) घुसपैठियों को अपना वोट बैंक बना लिया है। हमें घुसपैठियों के वोट नहीं चाहिए, हम सासाराम के युवाओं के वोट और मेहनती दीदियों के वोट से जीतने आए हैं।” सभा में अमित शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा, सीमाओं के उल्लंघन तथा स्थानीय युवाओं के रोजगार जैसे मुद्दों पर जोर देते हुए सरकार की नीतियों का बचाव किया और जनता से बीजेपी का समर्थन मांगते हुए कहा कि वह बिहार और देश की रक्षा के लिए सख्त कदम उठाते रहेंगे।

सीमांचल से अमित शाह का हमला: राहुल और तेजस्वी पर साधा निशाना

पूर्णिया  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज बिहार के पूर्णिया में विशाल जनसभा को संबोधित करने पहुंचे। इस दौरान अमित शाह ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि राजग 160 से अधिक सीट हासिल करके बिहार में सरकार बनाएगा। पहले चरण के चुनाव में आधे राज्य ने पहले ही कांग्रेस-राजद को बाहर का दरवाजा दिखा दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्णिया में विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल और तेजस्वी बिहार के सीमांचल क्षेत्र को घुसपैठियों का अड्डा बनाने पर तुले हुए हैं। अभी-अभी राहुल बाबा और लालू प्रसाद का बेटा तेजस्वी यादव घुसपैठिए बचाओ यात्रा लेकर निकले थे। वो चाहते हैं कि सीमांचल घुसपैठियों का गढ़ बने लेकिन मैं कहता हूं कि ना केवल सीमांचल बल्कि पूरे बिहार से एक-एक घुसपैठिए को हम चुन-चुनकर निकालने का काम करेंगे। हर घुसपैठिये की पहचान की जाएगी, उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जाएंगे और उन्हें उनके देश वापस भेजा जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आगे कहा इस चुनाव में दो खेमे लगे हैं- एक ओर बिखरा हुआ ठगबंधन है और दूसरी ओर पांच पांडवों की तरह NDA है। आधे बिहार ने वोट डाल दिए हैं। पहले चरण के चुनाव में लालू और राहुल की पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया है। बिहार में 160 से ज्यादा सीटों के साथ NDA की सरकार बनने वाली है। मोदी जी और नीतीश बाबू के नेतृत्व में बिहार बहुत आगे बढ़कर एक विकसित राज्य बनने जा रहा है।