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‘BJP की डबल इंजन सरकार का असर’, यूपी दिवस पर अमित शाह ने दिया शक्तिशाली संदेश

लखनऊ  'जो उत्तर प्रदेश कभी देश को सिर्फ मजदूर (Labour Source) देता था, आज वही राज्य प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत का सबसे बड़ा 'ग्रोथ इंजन' बन चुका है।' यह हुंकार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर भरी। शाह ने न केवल विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार किया, बल्कि इशारों-इशारों में यह भी साफ कर दिया कि साल 2047 के 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने के लिए योगी आदित्यनाथ का नेतृत्व कितना अनिवार्य है। इलेक्ट्रॉनिक निर्यात में UP की 11 प्रतिशत हिस्सेदारी अमित शाह ने समाजवादी पार्टी (SP) और कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि 2017 से पहले इन दलों ने उत्तर प्रदेश को 'बीमारू' राज्य बनाकर छोड़ दिया था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि, 'कांग्रेस और सपा के दौर में यूपी की पहचान सिर्फ पलायन और अपराध से होती थी। आज स्थिति यह है कि प्रदेश का युवा नौकरी के लिए बाहर नहीं जा रहा, बल्कि हर जिले में रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं। आज भारत के कुल इलेक्ट्रॉनिक निर्यात में 11 प्रतिशत हिस्सेदारी अकेले उत्तर प्रदेश की है।'  2047 का संकल्प और योगी का नेतृत्व कार्यक्रम के दौरान अमित शाह का सबसे बड़ा बयान यूपी के भविष्य को लेकर आया। उन्होंने कहा, "15 अगस्त 2047 को जब देश अपनी आजादी का शताब्दी वर्ष मनाएगा, तब उत्तर प्रदेश एक पूर्ण विकसित राज्य के रूप में 'विकसित भारत' की आत्मा होगा।" राजनीतिक गलियारों में शाह के इस बयान को इस संकेत के रूप में देखा जा रहा है कि 2047 के इस लंबे विजन को पूरा करने के लिए भाजपा की कमान योगी आदित्यनाथ के हाथों में ही सुरक्षित है। राम मंदिर से महाकुंभ तक: सनातन का उत्थान गृह मंत्री ने कानून-व्यवस्था और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद पर जोर देते हुए कहा कि आज यूपी में कनेक्टिविटी सुधरी है और निवेश का माहौल बना है। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण और प्रयागराज में आगामी महाकुंभ को 'सनातन धर्म' की शक्ति का प्रतीक बताया। शाह ने कहा कि यूपी न केवल आईटी और डेटा सेंटर का हब बन रहा है, बल्कि देश की सुरक्षा में भी इसकी भूमिका अब और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। UP: शुभंशु शुक्ला को 'उत्तर प्रदेश गौरव' सम्मान समारोह के दौरान एक खास पल तब आया जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गृह मंत्री अमित शाह ने ग्रुप कैप्टन शुभंशु शुक्ला को 'उत्तर प्रदेश गौरव' पुरस्कार से सम्मानित किया। अंतरिक्ष अन्वेषण और नवाचार (Innovation and Space Exploration) के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया गया, जो बदलते और आधुनिक होते उत्तर प्रदेश की एक नई तस्वीर पेश करता है। सीएम योगी ने किया गर्मजोशी से स्वागत लखनऊ पहुंचते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आत्मीय स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच सौहार्दपूर्ण संवाद देखने को मिला। मुख्यमंत्री योगी ने अमित शाह को पुष्पगुच्छ भेंट कर प्रदेश सरकार की ओर से स्वागत किया। यह दृश्य भाजपा नेतृत्व की एकजुटता और संगठनात्मक मजबूती को दर्शाता नजर आया। डिप्टी सीएम और मंत्रियों ने किया अभिनंदन मुख्यमंत्री के साथ ही उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने भी अमित शाह का स्वागत किया। इसके अलावा यूपी सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री भी एयरपोर्ट पर मौजूद रहे और केंद्रीय गृह मंत्री का गर्मजोशी से अभिनंदन किया। प्रदेश सरकार के मंत्रियों ने स्थापना दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर अमित शाह की उपस्थिति को उत्तर प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण बताया। भाजपा संगठन के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी केंद्रीय गृह मंत्री का स्वागत किया। इसके साथ ही पार्टी के संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने अमित शाह का अभिनंदन किया। भाजपा संगठन के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी से यह साफ संकेत मिला कि यूपी स्थापना दिवस समारोह को पार्टी और सरकार दोनों ही स्तर पर विशेष महत्व दिया जा रहा है। प्रशासनिक अमला भी रहा उपस्थित राज्य के मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल और पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने भी एयरपोर्ट पर अमित शाह का स्वागत किया। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी से सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर पूरी सतर्कता दिखाई दी।अमित शाह के दौरे को लेकर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। यूपी स्थापना दिवस समारोह में होंगे शामिल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उत्तर प्रदेश के 77 वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य रूप से शामिल होंगे। इस अवसर पर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, विकास यात्रा और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा। समारोह में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रदर्शनी और विकास से जुड़े प्रस्तुतीकरण की योजना है। अमित शाह के कार्यक्रम में शामिल होने से आयोजन को राष्ट्रीय स्तर की पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं की मजबूत मौजूदगी यूपी स्थापना दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह आयोजन केवल सांस्कृतिक नहीं, बल्कि विकास और सुशासन के संदेश को आगे बढ़ाने का भी मंच बनेगा। उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा पर रहेगा फोकस स्थापना दिवस समारोह के दौरान उत्तर प्रदेश की 77 वर्षों की यात्रा, उपलब्धियां और भविष्य की योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रदेश सरकार द्वारा कानून-व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण के क्षेत्रों में किए गए कार्यों को प्रदर्शित किया जाएगा। अमित शाह की उपस्थिति में यह संदेश देने की कोशिश होगी कि उत्तर प्रदेश अब देश के विकास का अहम स्तंभ बन चुका है। राजनीतिक दृष्टि से भी अहम दौरा राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अमित शाह का यह दौरा केवल औपचारिक नहीं है, बल्कि आगामी राजनीतिक रणनीतियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। स्थापना दिवस समारोह के बहाने केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों को साझा करने का अवसर मिलेगा। राजधानी में उत्सव जैसा माहौल अमित शाह के आगमन और यूपी स्थापना दिवस को लेकर राजधानी लखनऊ में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। सरकारी भवनों को सजाया गया है और कार्यक्रम स्थल पर विशेष तैयारियां की गई हैं। स्थापना दिवस समारोह में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आम नागरिकों … Read more

आज से शुरू UP दिवस 2026 समारोह, अमित शाह करेंगे उद्घाटन, क्या है खास थीम?

 लखनऊ 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' थीम पर आधारित तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश दिवस 2026 शनिवार को लखनऊ में नए बने राष्ट्र प्रेरणा स्थल परिसर में शुरू होगा. इस कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के तौर पर करेंगे. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि यह कार्यक्रम सिर्फ़ एक सरकारी कार्यक्रम बनकर न रहे, बल्कि एक जन उत्सव बने जिसमें राज्य के हर नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित हो. इसलिए कार्यक्रम में राज्य की सांस्कृतिक विविधता और जीवंत भावना के अलावा विकास यात्रा को भी दिखाया जाएगा. मुख्य आकर्षण होगा ODOC इस साल उत्तर प्रदेश दिवस का मुख्य आकर्षण मुख्यमंत्री आदित्यनाथ द्वारा घोषित 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन कुज़ीन' (ODOC) योजना होगी. ODOC योजना के तहत राज्य के हर जिले से एक पारंपरिक और मशहूर व्यंजन चुना गया है. इस खास कार्यक्रम में राज्य भर के सभी ODOC व्यंजन एक ही जगह पर उपलब्ध होंगे. यह पहल न सिर्फ़ उत्तर प्रदेश के व्यंजनों की विविधता को दिखाएगी, बल्कि स्थानीय सांस्कृतिक पहचान को भी मज़बूत करेगी. यह यूपी के स्वाद को राज्य की पहचान का प्रतीक बनाने का एक ज़रिया बनेगा. इसके साथ ही 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट' (ODOP) योजना के तहत कारीगरों द्वारा बनाए गए उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी. साथ ही उन्हें यूपी दिवस के मौके पर बेचा भी जाएगा. इसके अलावा GI टैग वाले उत्पादों को भी ट्रेड शो के रूप में प्रदर्शित किया जाएगा. इन लोगों को किया जाएगा सम्मानित उत्तर प्रदेश दिवस समारोह के दौरान 'उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान 2025-26' प्रदान किया जाएगा. साथ ही इस साल, शिक्षा, साहित्य, कृषि, महिला सशक्तिकरण और अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाली पांच जानी-मानी हस्तियों को भी सम्मानित किया जाएगा. 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान' के तहत शानदार प्रदर्शन करने वाले जिलों को भी सम्मानित किया जाएगा. इस मौके पर मुख्यमंत्री औपचारिक रूप से ODOC योजना लॉन्च करेंगे और सरदार वल्लभभाई पटेल रोज़गार व औद्योगिक क्षेत्र योजना का उद्घाटन करेंगे. इसके अलावा लोक, शास्त्रीय और समकालीन कला रूपों पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे.  हर जिले में होगा कार्यक्रम का प्रसारण कार्यक्रम का प्रसारण सभी जिलों में किया जाएगा. साथ ही कार्यक्रम स्थलों का चयन समयबद्ध ढंग से पूरा करने और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए उन्हें कार्यक्रमों में आमंत्रित करने पर विशेष जोर दिया गया है. इसके अलावा यह कार्यक्रम फिजी, मॉरीशस, मालदीव, सिंगापुर और थाईलैंड स्थित भारतीय दूतावासों के सहयोग से विदेशों में भी मनाया जाएगा.

25 दिसंबर को ग्वालियर में अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह होंगे मुख्य अतिथि

अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट 25 दिसंबर को ग्वालियर में, केंद्रीय गृह मंत्री शाह होंगे शामिल निवेश से रोजगार का अटल संकल्प, विकास की नई दिशा ग्वालियर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सहभागिता और मुख्यमंत्री की उपस्थिति में 25 दिसंबर 2025 को ग्वालियर के मेला ग्राउंड में ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट’ का राज्य स्तरीय आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती के अवसर पर उनके विकासवादी विचारों, सुशासन की अवधारणा और राष्ट्रनिर्माण के संकल्प को समर्पित रहेगा। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी की दूरदर्शी विकास दृष्टि से प्रेरित यह समिट ‘निवेश से रोजगार – अटल संकल्प, उज्ज्वल मध्यप्रदेश’ की थीम पर आधारित है। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रदेश में बीते दो वर्षों के दौरान हुए औद्योगिक विस्तार, निवेश उपलब्धियों और रोजगार सृजन के ठोस एवं धरातलीय परिणामों से नागरिकों को अवगत कराना तथा भविष्य की औद्योगिक प्राथमिकताओं और विकास के स्पष्ट रोडमैप को साझा करना है। इस राज्य स्तरीय आयोजन में लगभग एक लाख लाभार्थियों की सहभागिता अपेक्षित है। समिट के दौरान ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट एवं विभिन्न राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय निवेश आयोजनों के माध्यम से प्राप्त दो लाख करोड़ रु. से अधिक के निवेश प्रस्तावों से जुड़ी परियोजनाओं का भूमि-पूजन, दस हजार करोड़ रु. से अधिक की पूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण, औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटन तथा आशय-पत्रों का वितरण किया जाएगा। साथ ही निवेश प्रस्तावों से जुड़े लाभार्थियों का सम्मान तथा रोजगार-केंद्रित पहलों का प्रस्तुतीकरण भी किया जाएगा। कार्यक्रम में औद्योगिक इकाइयों के माध्यम से रोजगार प्राप्त युवाओं, सफल लाभार्थियों और महिला उद्यमियों द्वारा संचालित इकाइयों को विशेष रूप से प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे महिला सशक्तिकरण और समावेशी विकास का स्पष्ट संदेश सामने आए। औद्योगिक सुधार और नवाचार के अंतर्गत विशेष औद्योगिक क्षेत्र का शुभारंभ, एक क्लिक प्रोत्साहन वितरण प्रणाली की शुरुआत, नए औद्योगिक क्लस्टरों तथा प्लग-एंड-प्ले इकाइयों का उद्घाटन किया जाएगा। विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित महत्वपूर्ण औद्योगिक परियोजनाओं का लोकार्पण भी कार्यक्रम का हिस्सा रहेगा। प्रदेश सरकार की पिछले दो वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित एक विस्तृत प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें औद्योगिक सुधारों, नीतिगत नवाचारों, निवेश प्रोत्साहन, अधोसंरचना विकास और रोजगार सृजन से जुड़े प्रयासों को प्रभावी एवं दृश्यात्मक रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। जिला स्तर पर औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन की उपलब्धियों को भी इस मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा। स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर एक विशेष स्मृति प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें उनके दूरदर्शी नेतृत्व, आधारभूत संरचना विकास, औद्योगिक दृष्टि और सुशासन से जुड़े ऐतिहासिक योगदान को प्रदर्शित किया जाएगा। यह प्रदर्शनी अटल जी के विचारों से प्रेरित वर्तमान मध्यप्रदेश की औद्योगिक यात्रा को रेखांकित करेगी। समिट में प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, निवेश-अनुकूल नीतियाँ, सिंगल विंडो प्रणाली, भूमि एवं अधोसंरचना उपलब्धता तथा MSME, स्टार्ट-अप, महिला उद्यमिता, युवा कौशल विकास और क्षेत्रीय औद्योगिक संभावनाओं से जुड़े अवसरों को दर्शाने वाली थीमेटिक प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। इस आयोजन में उद्योग जगत के प्रमुख निवेशक, औद्योगिक संघों के प्रतिनिधि, महिला एवं युवा उद्यमी, लाभार्थी समूह तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी सहभागिता करेंगे। अटल जयंती के अवसर पर आयोजित यह राज्य स्तरीय आयोजन आत्मनिर्भर, समृद्ध और रोजगार-समृद्ध मध्यप्रदेश की दिशा में प्रदेश के विकास संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।  

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर टिप्पणी, बालाघाट के शिक्षक सुनील मेश्राम निलंबित

बालाघाट  सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी एक शिक्षक को भारी पड़ गई। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को लेकर फेसबुक पर टिप्पणी करने के आरोप में बालाघाट जिले के एक उच्च श्रेणी शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है। कलेक्टर मृणाल मीणा के निर्देश पर यह कार्रवाई आदिवासी विकास विभाग की सहायक आयुक्त शकुंतला डामोर द्वारा की गई। खास बात यह है कि सुनील मेश्राम राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक हैं। ऐसे में निलंबन की कार्रवाई को लेकर शिक्षा विभाग और जिले में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। परसवाड़ा के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पदस्थ शिक्षक सुनील मेश्राम पर आरोप है कि उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से भारत सरकार और राज्य शासन के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी साझा की थी। मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता माना। नोटिस के बाद भी नहीं मिला संतोषजनक जवाब प्रशासन की ओर से चार दिसंबर को शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसके जवाब में 8 दिसंबर को मेश्राम ने अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया, लेकिन विभागीय स्तर पर इसे स्वीकार नहीं किया गया। अधिकारियों का कहना है कि शिक्षक के आचरण से शासन की छवि प्रभावित हुई है, जो सेवा नियमों के विरुद्ध है। सेवा नियमों के तहत निलंबन पूरे प्रकरण के बाद मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम 1966 के नियम 9 के अंतर्गत शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। शिक्षक ने दी सफाई निलंबन के बाद सुनील मेश्राम ने कहा कि संबंधित पोस्ट किसी राजनीतिक दल या संगठन से जुड़ी नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति की भावनाएं आहत हुई हैं तो उन्हें खेद है। मेश्राम का दावा है कि वह पोस्ट उनकी नहीं थी और उसे उनके फेसबुक अकाउंट से हटा दिया गया है। 

बस्तर सहित पूरे भारत से नक्सलवाद 31 मार्च 2026 तक खत्म हो जायेगा- अमित शाह

रायपुर : केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में बस्तर ओलिंपिक के समापन समारोह को संबोधित किया बस्तर सहित पूरे भारत से नक्सलवाद 31 मार्च 2026 तक खत्म हो जायेगा- अमित शाह अगले 5 साल में बस्तर संभाग देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनेगा-अमित शाह 2026 का बस्तर ओलंपिक नक्सलवाद से मुक्त बस्तर में होगा नक्सलवाद छोड़कर 700 से अधिक युवाओं का बस्तर ओलंपिक 2025 से जुड़ना हम सभी के लिए गर्व की बात है आत्मसमर्पण करने वालों ने भय की जगह आशा व विनाश की जगह विकास को चुना, यही मोदी जी की विकसित बस्तर की संकल्पना है जिस बस्तर में पहले ‘लाल सलाम’ के नारे लगते थे, अब वहाँ ‘भारत माता की जय’ के नारे गूँज रहे हैं शांति ही विकास का मार्ग प्रशस्त कर सकती है, इसलिए नक्सली हथियार डालकर मुख्यधारा में आयें और पुनर्वसन नीति का लाभ उठाएं आने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स और ओलंपिक में बस्तर के खिलाड़ी देश का नाम रोशन करें, इसके प्रबंध किए जा रहे हैं बस्तर ओलम्पिक 2025 में 3 लाख 91 हज़ार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, जो ढाई गुना बढ़ा है, खिलाड़ियों की वृद्धि दर में बहनों ने भाइयों से बाजी मारी आत्मसमर्पण करने वाले और नक्सल हिंसा के शिकार लोगों के लिए हम बहुत आकर्षक पुनर्वसन योजना लाएंगे केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार कंधे से कंधा मिलाकर विकसित बस्तर बनाने के लिए कार्य कर रही हैं गृह मंत्री ने समाज के प्रमुखों और समाजसेवकों से अपील करते हुए कहा कि वे हथियारबंद नक्सलियों को समझाकर समाज की मुख्यधारा में वापस लाने में सहयोग करें रायपुर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में बस्तर ओलिंपिक के समापन समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि हमने तय किया था कि 31 मार्च, 2026 से पहले पूरे देश से लाल आतंक को खत्म कर देंगे और आज बस्तर ओलंपिक- 2025 में हम इस कगार पर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष नवंबर-दिसंबर तक बस्तर ओलंपिक-2026 के समय तक पूरे भारत और छत्तीसगढ़ से लाल आतंक समाप्त हो चुका होगा औऱ नक्सलमुक्त बस्तर आगे बढ़ रहा होगा। अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हमने यह संकल्प लिया है कि पूरे बस्तर और भारत को नक्सलमुक्त कराना है। उन्होंने कहा कि हमें यहीं नहीं रुकना बल्कि कांकेर, कोंडागांव, बस्तर, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर और दंतेवाड़ा के 7 ज़िलों का संभाग बस्तर, दिसंबर 2030 दिसंबर तक देश के सबसे अधिक विकसित आदिवासी संभाग बनेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर के हर व्यक्ति को रहने के लिए घर, बिजली, शौचालय, नल से पीने का पानी, गैस सिलिंडर, 5 किलो अनाज और 5 लाख तक का मुफ्त इलाज, बस्तर के घर घर में पहुचाने का संकल्प हमारी सरकार का संकल्प है। शाह ने कहा कि हमने अगले पांच साल में बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि इसमें प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार और विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार कंधे से कंधा मिलाकर बस्तर को विकसित बस्तर बनाने के लिए मिलकर आगे बढ़ेंगे। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर का हर गांव सड़क से जुड़ेगा, वहां बिजली होगी, 5 किलोमीटर के क्षेत्र में बैंकिंग सुविधाएं होंगी और सबसे घने पीएचसी/सीएचसी का नेटवर्क बनाने का काम भी हमारी सरकार करेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में वन उपज की प्रोसेसिंग के लिए कोऑपरेटिव आधार पर यूनिट्स लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर के सातों ज़िले सभी आदिवासी ज़िलों में सबसे अधिक दूध उत्पादन कर डेयरी के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने वाले ज़िले बनेंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर में नए उद्योग, उच्च शिक्षा की व्यवस्था, भारत में सबसे अच्छा स्पोर्ट्स संकुल और अत्याधुनिक अस्पताल की व्यवस्था भी हम करेंगे। शाह ने कहा कि कुपोषण के लिए भी यहां विशेष स्कीम चलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन्होंने आत्मसमर्पण किया है और जो नक्सलवाद के कारण घायल हुए हैं, उनके लिए एक बहुत आकर्षक पुनर्वसन योजना भी हम लाएंगे। गृह मंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि नक्सलवाद समाप्त हो क्योंकि नक्सलवादी इस क्षेत्र के विकास पर नाग बनकर फन फैलाए बैठे हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद समाप्त होने के साथ ही इस क्षेत्र में विकास की एक नई शुरूआत होगी और प्रधानमंत्री मोदी जी और विष्णुदेव जी के नेतृत्व में यह सबसे विकसित क्षेत्र बनेगा। अमित शाह ने कहा कि बस्तर ओलंपिक-2025 में सात ज़िलों की सात टीमें और एक टीम आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की थी। उन्होंने कहा कि जब 700 से अधिक सरेंडर्ड नक्सलियों ने इन खेलों में भाग लिया तो यह देखकर बहुत अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के झांसे में आकर उनका पूरा जीवन तबाह हो जाता और हथियार डालकर मुख्यधारा में आने वाले ऐसे 700 से अधिक युवा आज खेल के रास्ते पर आए हैं। शाह ने दोहराया कि 31 मार्च, 2026 को यह देश नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा। उन्होंने हिंसा में लिप्त नक्सलियों से अपील करते हुए कहा कि अब भी गुमराह होकर हमारे ही जो लोग हाथ में हथियार लेकर बैठे हैं, वो हथियार डाल दें, पुनर्वसन नीति का फायदा उठाएं, अपने और अपने परिवार के कल्याण के बारे में सोचें और विकसित बस्तर के संकल्प के साथ जुड़ जाएं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से किसी का भला नहीं होता, न हथियार उठाने वाले लोगों का, न आदिवासियों और न सुरक्षाबलों का भला होता है। उन्होंने कहा कि सिर्फ शांति ही विकास का रास्ता प्रशस्त कर सकती है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि आत्मसमर्पण कर चुके 700 नक्सलियों ने इन खेलों में खिलाड़ी के रूप में सामने आकर पूरे देश के लिए बहुत बड़ा उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों ने भय की जगह आशा चुनी, विभाजन की जगह एकता का रास्ता चुना और विनाश की जगह विकास का रास्ता चुना है और यही प्रधानमंत्री मोदी जी की नए भारत और विकसित बस्तर की संकल्पना है। उन्होंने कहा कि हमारे बस्तर की संस्कृति … Read more

जगदलपुर : केंद्रीय गृह मंत्री के प्रवास के अवधि में नो ड्रोन फ्लाइंग जोन घोषित

जगदलपुर कार्यालय कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी  आदेश के तहत केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री, भारत सरकार   अमित शाह का  13 दिसंबर 2025 को बस्तर जिला प्रवास कार्यक्रम नियत है। बस्तर जिला प्रवास दौरान  केन्द्रीय गृह मंत्री, की सुरक्षा व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुए सम्पूर्ण जगदलपुर शहर को समय दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक के लिए नो ड्रोन फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है।

रायपुर में 3 दिन के लिए मिनी PMO तैयार, 500 अफसरों के साथ PM मोदी और गृहमंत्री करेंगे महत्वपूर्ण बैठक

रायपुर  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 28 से 30 नवंबर तक डीजी कांफ्रेंस का आयोजन होगा, जिसमें  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, देशभर के डीजीपी और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुख भी शामिल होंगे. कॉन्फ्रेंस में आतंकवाद, नक्सल, साइबर क्राइम और पुलिस सुधार पर मंथन होगा, जिसकी तैयारियों के लिए प्रशासनिक अमला जुट गया है. बंगला M-01 तीन दिनों के लिए मिनी PMO रायपुर में डीजी कॉन्फ्रेंस के दौरान नवा रायपुर का बंगला M-01 तीन दिनों के लिए मिनी PMO में तब्दील होगा. यह बंगला विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह का बंगला है. बैठक में पीएम मोदी, अमित शाह और अजित डोभाल के अलावा 70 डीजी, पैरामिलिट्री चीफ समेत 500 अफसर जुटेंगे. इसके लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं और NSG की तैनाती की जा रही है. इसके अलावा 400 गाड़ियां तैयार की गई है. बैठक में किस रणनीति पर होगी चर्चा? डीजी कॉन्फ्रेंस (DG Conference) के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह मुख्य रूप से नक्सलवाद, आतंकवाद, साइबर क्राइम और पुलिस सुधार पर चर्चा करेंगे. नक्सलियों के खात्मे के लिए मार्च 2026 की डेडलाइन तय है, जिसमें अब सिर्फ पांच महीने का समय बचा है. ऐसे में यह बैठक नक्सलवाद के खात्मे को लेकर बेहद अहम मानी जा रही है. डीजी कॉन्फ्रेंस के दौरान देशभर के पुलिस महानिदेशकों और केंद्रीय बलों के प्रमुख अधिकारियों की मौजूदगी में नक्सलवाद खत्म करने पर चर्चा होगी और इसको लेकर रणनीति तय की जाएगी. इसके अलावा आधुनिक पुलिसिंग के तरीकों, तकनीक का उपयोग करके निगरानी (जैसे तकनीकी निगरानी), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी सुरक्षा चुनौतियों और राज्यों के बीच खुफिया जानकारी साझा करने (इंटेलिजेंस शेयरिंग) जैसे महत्वपूर्ण आंतरिक सुरक्षा के विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी और योजनाएं बनाई जाएंगी. आईआईएम भवन में होग कॉन्फ्रेस! डीजी कॉन्फ्रेंस सम्मेलन का आयोजन नवा रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) भवन में होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी के रात्रि विश्राम के लिए बंगला M-01 के चुनाव के पीछे खास वजह हो सकती है. इस बंगले से आईआईएम और नया विधानसभा भवन बेहद नजदीक हैं, जिससे आवागमन में सहूलियत होगी. 

रायपुर से नई दिल्ली: CM विष्णु देव साय ने अमित शाह से की सौजन्य भेंट

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से की सौजन्य भेंट नक्सल उन्मूलन अभियान और बस्तर में राहत कार्यों की दी जानकारी रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से सौजन्य भेंट कर छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन अभियान एवं विकास कार्यों से संबंधित जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि दिसंबर 2023 से अब तक सुरक्षा बलों की आक्रामक रणनीति के परिणामस्वरूप 453 माओवादी न्यूट्रलाइज हुए हैं, 1616 गिरफ्तार किए गए हैं और 1666 ने आत्मसमर्पण किया है। इस अवधि में 65 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं। सड़क, पुल-पुलिया और मोबाइल नेटवर्क जैसी आधारभूत सुविधाओं का भी तेजी से विस्तार हुआ है। मुख्यमंत्री साय ने बस्तर में आई बाढ़ और चल रहे राहत कार्यों की जानकारी भी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को दी। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवार तक मदद पहुंचाना और उनका पुनर्वास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर में नक्सल उन्मूलन के साथ ही विकास और शांति की स्थापना के लिए हमारी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

लोकसभा में ‘दागी नेता हटाओ’ बिल पेश, विपक्षी सांसदों ने कॉपी फाड़ी, शाह पर कागज फेंके

नई दिल्ली प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को अपराध के गंभीर आरोपों के बाद पद से हटाने वाला बिल बुधवार को अमित शाह ने लोकसभा में पेश किया। कांग्रेस, सपा समेत सभी विपक्षी दलों ने बिल का पुरजोर विरोध किया। कांग्रेस ने बिल को पूरी तरह से विनाशकारी बताया, जबकि अमित शाह ने कहा कि बिल को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) में भेजा जाएगा। बिल में प्रस्तावित किया गया है कि अगर कोई मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री या फिर मंत्री पर गंभीर आरोप हैं और उसकी गिरफ्तारी होती है तो 30 दिनों तक जेल में रहने के बाद 31वें दिन उसके इस्तीफा देना पड़ेगा या फिर उसे बर्खास्त कर दिया जाएगा। अमित शाह की तरफ उछाले कागज विपक्ष के कुछ सांसद लोकसभा की वेल में आकर नारेबाजी करने लगे. इस दौरान कुछ विपक्षी सांसदों ने बिल की कॉपी भी फाड़ दी और कागज के टुकड़े अमित शाह की तरफ उछाले. हालांकि अमित शाह ने बिल पेश करने के दौरान कहा कि सरकार इस बिल को जेपीसी को भेजने का प्रस्ताव रखती है. बावजूद इसके बिल को विरोध का सामना करना पड़ा. संविधान के 130वें संशोधन विधेयक पेश होने के दौरान सदन में लगातार नारेबाजी होती रही. विपक्षी सांसदों ने सत्ता पक्ष को घेर लिया और गृह मंत्री का माइक मोड़ने की कोशिश की. इस पर काफी हंगामा हुआ और सदन के अंदर स्थिति तनावपूर्ण हो गई. इस दौरान सत्ता पक्ष के कई सांसद, गृह मंत्री का बचाव करने के लिए आगे आकर विपक्षी सांसदों को रोकने की कोशिश करने लगे. लोकसभा में अमित शाह के बिल पेश करने के बाद विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत समूचे विपक्ष का हंगामा देखने को मिला, जिसके बाद सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा। अमित शाह ने कहा कि दागी सीएम-पीएम और मंत्रियों को हटाने वाला बिल संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के सामने विचार के लिए भेजा जाएगा। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने बिल को "पूरी तरह से विनाशकारी" बताया। कांग्रेस सांसद ने कहा, ''भारतीय संविधान कहता है कि कानून का शासन होना चाहिए, और इसका आधार यह है कि जब तक दोषी साबित न हो जाए, तब तक आप निर्दोष हैं। यह विधेयक इसमें बदलाव की उम्मीद करता है। यह एक कार्यकारी एजेंसी के अधिकारी को प्रधानमंत्री का बॉस बनाता है।'' बिल का विरोध करते हुए एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "मैं जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2025, केंद्र शासित प्रदेश सरकार (संशोधन) विधेयक 2025 और संविधान (एक सौ तीसवां संशोधन) विधेयक 2025 को पेश किए जाने का विरोध करता हूं। यह सरकार चुनने के अधिकार को कमजोर करता है। यह कार्यकारी एजेंसियों को तुच्छ आरोपों और संदेह के आधार पर न्यायाधीश और जल्लाद बनने की खुली छूट देता है। सरकार पुलिस राज्य बनाने पर तुली हुई है। यह निर्वाचित सरकार के लिए मौत की कील होगी। इस देश को पुलिस राज्य में बदलने के लिए भारत के संविधान में संशोधन किया जा रहा है।" आम आदमी पार्टी ने भी बिल का विरोध किया है। इंडिया गठबंधन का हिस्सा न होने पर भी आप ने कहा कि वह इसका कड़ा विरोध करती है। 'आप' नेता अनुराग ढांडा ने कहा, “केंद्र सरकार संसद में जो बिल पेश करेगी, उसका 'आप' कड़ा विरोध करती है। यह बिल तानाशाही लागू करने का तरीका है। केंद्र सरकार विपक्षी नेताओं के खिलाफ एजेंसियों का दुरुपयोग करती रही है। कभी मंत्रियों को गिरफ्तार करती है, तो कभी दूसरी पार्टियों के मुख्यमंत्रियों को। सत्येंद्र जैन पर फर्जी केस लगाकर उन्हें डेढ़ साल से ज़्यादा जेल में रखा और कुछ दिन पहले कहा कि उनके पास उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। इस बिल के मुताबिक, निर्दोष होते हुए भी सत्येंद्र जैन को मंत्री पद से हटाया जा सकता है। इस बिल का इस्तेमाल करके वे पूरी सरकार भी गिरा सकते हैं।” केंद्रीय गृह मंत्री ने लोकसभा में बुधवार को कुल तीन बिल पेश किए। ये तीनों बिल संविधान (एक सौ तीसवां संशोधन) विधेयक, 2025, केंद्र शासित प्रदेश सरकार (संशोधन) विधेयक, 2025, जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक हैं। सरकार ने तीनों बिलों में सख्त प्रावधान किए हैं। वेल में आकर विपक्ष की नारेबाजी सत्ता पक्ष की ओर से रवनीत बिट्टू, कमलेश पासवान, किरेन रिजिजू, सतीश गौतम ने गृह मंत्री के पास नारेबाजी कर रहे आक्रामक सांसदों को रोकने की कोशिश की. लोकसभा की वेल में नारेबाजी की शुरुआत टीएमसी सांसदों ने की और कल्याण बनर्जी ने विधेयक पेश होते ही नारेबाजी शुरू कर दी. बाद में, कांग्रेस सांसद और महासचिव केसी वेणुगोपाल ने अपनी सीट से बिल की कॉपी फाड़कर फेंक दी. इसके बाद सभी कांग्रेस सांसद वेल में आ गए. केसी वेणुगोपाल के बाद सपा के धर्मेंद्र यादव ने भी अपनी सीट से बिल की कॉपी फाड़कर फेंक दी और समाजवादी पार्टी के सभी सदस्य संसद वेल में आ गए. इसके बाद जब गृह मंत्री अमित शाह विधेयक पेश कर रहे थे, तो सभी विपक्षी दल के सदस्य लोकसभा की वेल में आ गए और हंगामा करने लगे. स्थिति बिगड़ती देख लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी. 'जेल जाने पर मैंने दिया था इस्तीफा' अमित शाह बिल पेश करते हुए कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल की आलोचना की और कहा कि मैं जब झूठे मामले में जेल गया था, तब नैतिकता के आधार पर पद से इस्तीफा देकर गया था. उन्होंने कहा कि जब तक अदालत ने मुझे निर्दोष साबित नहीं किया, तब तक किसी भी संवैधानिक पद को ग्रहण नहीं किया. हम इतने बेशर्म नहीं हैं, कि हम पर आरोप लगें और पद पर बने रहें. उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता हमें नैतिकता का पाठ नहीं पढ़ा सकते. अमित शाह ने कहा कि मैं चाहता हूं कि ये नैतिकता के मूल्य बढ़ें.   अमित शाह ने बिल पेश करते हुए इसे 21 सदस्यों वाली जेपीसी के पास भेजने का प्रस्ताव पेश किया. इस पर ध्वनिमत से मतदान के दौरान विपक्ष ने वेल से ही विरोध दर्ज किया. लेकिन प्रस्ताव के ध्वनिमत से पारित होने के बाद स्पीकर ओम बिड़ला ने कहा कि कुछ विधेयक राजनीति में शुचिता और नैतिकता के लिए आते हैं, क्योंकि राजनीति में शुचिता और नैतिकता जरूरी है. अब ये बिल जेपीसी के पास चर्चा के लिए भेजे गए … Read more

केंद्रीय सहकारिता मंत्री शाह से प्रदेश की विभिन्न पैक्स के कार्यकर्ताओं को मिली सराहना

केंद्रीय सहकारिता मंत्री शाह ने मध्यप्रदेश के सहकारी कार्यकर्ताओं के साथ किया संवाद महिला प्रतिनिधियों ने साझा किये केंद्रीय सहकारिता मंत्री शाह से संवाद के अनुभव केंद्रीय सहकारिता मंत्री शाह से प्रदेश की विभिन्न पैक्स के कार्यकर्ताओं को मिली सराहना भोपाल  केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सहकारिता मंत्रालय के चार वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर गुजरात के आणंद में अमूल एवं नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) के विविध विकास कार्यों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर देशभर से आये सहकारी समितियों के सदस्यों, विशेषकर महिला प्रतिनिधियों से संवाद कर सहकारिता के क्षेत्र में उनके योगदान को सराहा। इसमें मध्यप्रदेश की विभिन्न पैक्स (प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों) के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और अपने अनुभव साझा किए, जिस पर उन्हें सराहना मिली। धार जिले की श्रीमती रुचिका परमार – नवाचार की ओर बढ़ती पैक्स केंद्रीय मंत्री शाह को धार जिले की नौगांव पैक्स की प्रबंधक श्रीमती रुचिका परमार ने बताया कि उनकी संस्था से 2508 सदस्य जुड़े हैं और प्रतिवर्ष लगभग ₹15 करोड़ मूल्य का नकद एवं खाद वितरण किया जाता है। संस्था समर्थन मूल्य योजना और पीडीएस संचालन के साथ अनुपयोगी भूमि पर मैरिज गार्डन की योजना पर कार्य कर रही है। मंत्री शाह ने इस प्रस्ताव की सराहना करते हुए उन्हें जिला सहकारी बैंक से ऋण के लिए आवेदन करने की सलाह दी एवं पैक्स को आयवर्धक गतिविधियाँ जैसे हर घर नल योजना का रखरखाव, सीएससी सेंटर, डेयरी इकाई, माइक्रो एटीएम और बैंक मित्र जैसी सेवाएँ शुरू करने के लिये प्रेरित किया। किसान श्रीमती सुदामा अछालिया – आधुनिक तकनीकों से बढ़ी आय केंद्रीय मंत्री शाह को धार जिले की कृषक श्रीमती सुदामा अछालिया ने बताया कि वे ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग तकनीक का उपयोग कर टमाटर, मक्का और सोयाबीन जैसी फसलों की वैज्ञानिक खेती कर रही हैं। संस्था से उन्हें बिना ब्याज पर ऋण भी प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों के उपयोग से उनकी उत्पादकता में 75 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। मंत्री शाह ने उन्हें एनएएफईडी और एनसीसीएफ के माध्यम से पंजीकरण कर फसलें एमएसपी पर बेचने की सलाह दी, जिससे उन्हें बेहतर मूल्य प्राप्त हो सके। उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसान मंडी में बेहतर दाम पाएँ तो स्वतंत्र हैं, लेकिन न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम दर होने पर भारत सरकार उनकी फसल खरीदेगी। श्रीमती सुदामा ने मक्का की बुवाई के लिए हाथ से चलने वाली मशीन सब्सिडी पर उपलब्ध कराने का सुझाव दिया, जिस पर केंद्रीय मंत्री शाह ने बताया कि एक नई योजना के तहत पैक्स के माध्यम से कृषि यंत्र किराये पर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। रायसेन के कुंवर सिंह दांगी – नेपियर घास से बढ़ी आमदनी केंद्रीय मंत्री शाह को रायसेन जिले की सलामतपुर पैक्स के प्रतिनिधि कुंवर सिंह दांगी ने बताया कि उनकी समिति ने 50 एकड़ क्षेत्र में नेपियर घास की खेती प्रारंभ की है, जिससे किसानों को प्रति एकड़ ₹1 लाख तक का लाभ प्राप्त हो रहा है। उन्होंने बताया कि संस्था का मशरूम वर्ल्ड कंपनी से टाईअप भी हुआ है। मंत्री शाह ने पैक्स के बायलॉज में किए गए संशोधन का उल्लेख करते हुए उन्हें जिला सहकारी बैंक के निरीक्षक से विस्तृत जानकारी प्राप्त कर नई गतिविधियों को जोड़ने की सलाह दी। दांगी ने बताया कि उनकी समिति प्रधानमंत्री अन्न भंडारण योजना के अंतर्गत 2 एकड़ भूमि पर 3000 टन क्षमता का वेयरहाउस स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है। खरगोन के वीरेंद्र सिंह चौहान – जनऔषधि केंद्र से ग्रामीणों को राहत केंद्रीय मंत्री शाह को खरगोन पैक्स के सदस्य वीरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि उनकी संस्था जन औषधि केंद्र का संचालन कर रही है, जहाँ बाजार मूल्य से 50 से 90 प्रतिशत तक सस्ती दवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। छह माह में ₹8 लाख की औषधियाँ बेची गई हैं। केंद्र स्थानीय अस्पताल से मात्र 300 मीटर दूर है, जिससे लोगों को सुविधा हो रही है। उन्होंने बताया कि एक बी-फार्मा केमिस्ट को नियुक्त किया गया है और प्रचार के लिए घरों में पेम्फलेट वितरण एवं हाट में उद्घोषणा की जा रही है। मंत्री शाह ने सुझाव दिया कि गाँव में प्रचार कर लोगों को जागरूक करें कि यहाँ डायबिटीज की दवाएँ मात्र 20 प्रतिशत, बीपी की दवाएँ 10 प्रतिशत, और मौसमी बीमारियों की दवाएँ 35 प्रतिशत लागत में मिलती हैं, जिससे केंद्र की लोकप्रियता बढ़ेगी। उन्होंने यह भी सराहा कि डॉक्टर अब जन औषधि की दवाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। सहकारिता आंदोलन को गति देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि देश में दो लाख नई पैक्स का गठन किया जाएगा, जो उत्पादन, अनाज विक्रय और ग्रामीण सेवा वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी। साथ ही, एक राष्ट्रीय सहकारी विश्वविद्यालय तथा तीन नई डेयरी आधारित सहकारी समितियाँ स्थापित की जाएंगी, जिससे सहकारिता क्षेत्र को शिक्षित, संगठित और व्यावसायिक रूप से सक्षम बनाया जा सकेगा। पैक्स को बहुआयामी संस्था में रूपांतरित करने का आह्वान कार्यक्रम के समापन पर केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि पैक्स को केवल खाद या बीज वितरण तक सीमित न रखें। उन्हें खाली जमीन का उपयोग, मशीन किराये पर देना, जनऔषधि केंद्र का संचालन, और नई कृषि तकनीकों का प्रयोग करते हुए गांवों को आत्मनिर्भर बनाना चाहिए। उन्होंने सभी सहकारी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे मॉडल बायलॉज, कृषि एप्स, और नवीन योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर अपनी समिति को आर्थिक रूप से सक्षम एवं सेवा-प्रधान इकाई के रूप में विकसित करें।