samacharsecretary.com

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने की वर्चुअल बैठक में सहभागिता, युवा और खेल मुद्दों पर हुई चर्चा

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने की वर्चुअल बैठक में सहभागिता, युवा और खेल मुद्दों पर हुई चर्चा अरुण साव ने केंद्रीय बैठक में रखे विचार, युवाओं और खेल क्षेत्र को लेकर जताई प्रतिबद्धता नवोदय एवं एकलव्य विद्यालयों में खेलों पर विशेष फोकस करने तथा प्रशिक्षकों की कोचिंग स्किल अपडेट करने का दिया सुझाव रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव आज केन्द्रीय युवा कार्य एवं खेल  मंत्री मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में आयोजित वर्चुअल बैठक में शामिल हुए। बैठक में खेल एवं युवा विकास से संबंधित चुनौतियों व अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई। साव अपने प्रवास के दौरान मुंगेली कलेक्टोरेट से ऑनलाइन बैठक में शामिल हुए।  बैठक में युवाओं को खेलों से जोड़ने और देश में खेल संस्कृति विकसित करने के लिए 'खेलो इंडिया' योजना की तर्ज पर नई युवा कल्याण योजना शुरू करने पर चर्चा की गई। साथ ही हर राज्य में खेल विश्वविद्यालयों की स्थापना, खेल प्राधिकरण ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय केंद्रों की संख्या में वृद्धि, खेल अधोसंरचनाओं के रखरखाव एवं मरम्मत के लिए विशेष बजट प्रावधान, एकीकृत डिजिटल स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म के विकास जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। उप मुख्यमंत्री साव ने बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार के स्कूलों में खेलों के लिए बुनियादी ढांचे विकसित करने तथा आवश्यक स्टॉफ की भर्ती करने का सुझाव दिया। उन्होंने नवोदय एवं एकलव्य विद्यालयों में भी खेलों पर विशेष फोकस करते हुए प्रतिभावान खिलाड़ियों को आगे ले जाने की जरूरत बताई। उन्होंने राज्य के सभी स्कूलों और कॉलेजों में नियमित खेल गतिविधियां संचालित करने विशेष कार्ययोजना तैयार करने की भी बात कही।  साव ने बैठक में ‘‘साइ’’ (SAI) के रीजनल सेंटर्स में खेल प्रशिक्षकों की कोचिंग स्किल तथा उनके ज्ञान एवं कौशल के उन्नयन का भी सुझाव दिया। उन्होंने खेल कोटे से शासकीय सेवाओं में नियुक्त खिलाड़ियों को अन्य कार्यों में संलग्न न कर केवल खेल से जुड़ी जिम्मेदारियां देने पर जोर दिया ताकि उभरते खिलाड़ियों को उनके अनुभवों का लाभ मिल सके। साव ने कहा कि खेलों को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालयों की संख्या बढ़ाने तथा खेल अधोसंरचनाओं के विस्तार की जरूरत है। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने व्यवस्थित खेल नीति बनाने व खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर की मॉनिटरिंग के लिए कार्ययोजना बनाने का भी सुझाव दिया। उप मुख्यमंत्री साव के साथ मुंगेली की अतिरक्त कलेक्टर निष्ठा पाण्डेय तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा और एसडीएम अजय शतरंज भी वर्चुअल बैठक में मौजूद थे।

उप मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा की

रायपुर : भू-अर्जन की कार्यवाहियों में लाएं तेजी – अरुण साव उप मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा की सड़क निर्माण के कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश, बरसात के तुरंत बाद युद्धस्तर पर करें सड़कों की मरम्मत कार्यों की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी, अगली बैठक के पहले भू-अर्जन, प्राक्कलन, निविदा, कार्य अनुबंध व कार्यादेश संबंधी सभी कार्यवाहियों को पूर्ण करने कहा रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने आज विभागीय कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित बैठक में शासन द्वारा स्वीकृति प्राप्त सड़क निर्माण के कार्यों के लिए जरूरी भू-अर्जन की कार्यवाहियों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस संबंध में जिला कलेक्टर के साथ मिलकर त्वरित कार्यवाही करने को कहा। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ ही उन्हें निर्धारित समय पर पूरा करने पर जोर दिया। लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह और प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए। भू-अर्जन की कार्यवाहियों में लाएं तेजी – अरुण साव उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि सड़क, सेतु और भवन निर्माण की सभी परियोजनाओं के कार्यों को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाते हुए समय-सीमा में पूर्ण करें। उन्होंने कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को फील्ड में सक्रियता व गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त सभी कार्यों में तेजी से भू-अर्जन कर निविदा की कार्यवाही पूर्ण करने और यथाशीघ्र कार्यारंभ करने को कहा।  भू-अर्जन की कार्यवाहियों में लाएं तेजी – अरुण साव उप मुख्यमंत्री साव ने बैठक में मौजूद सेतु बंध तथा सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंताओं को निर्देशित करते हुए कहा कि अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करते हुए प्रस्तावित कार्यों के लिए जरूरी मंजूरी तत्परता से प्रदान करें। उन्होंने डीपीआर बनाते समय ही परियोजना का अच्छे से मूल्यांकन करने को कहा ताकि बजट और कार्य पूर्णता के लिए निर्धारित समय के पुनरीक्षण की जरूरत न पड़े। उन्होंने बरसात के तुरंत बाद प्रदेशभर में सड़कों की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने दिसम्बर तक सभी जिलों में मरम्मत का काम पूर्ण करने को कहा।  भू-अर्जन की कार्यवाहियों में लाएं तेजी – अरुण साव साव ने सभी मुख्य अभियंताओं को अगली समीक्षा बैठक के पहले भू-अर्जन, प्राक्कलन, निविदा, कार्य अनुबंध और कार्यादेश से संबंधित सभी कार्यवाहियों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में सड़कों पर पेच रिपेयर के लिए कार्ययोजना के अनुसार अनुबंध एवं कार्यादेश की स्थिति, राष्ट्रीय राजमार्ग तथा ए.डी.बी. के अपूर्ण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की।

छत्तीसगढ़ रायफल एसोसिएशन शूटिंग प्रतियोगिता का समापन, अरुण साव बोले- खेल सिखाता है जिंदगी की जंग

छत्तीसगढ़ प्रदेश रायफल एसोसिएशन शूटिंग प्रतियोगिता का समापन  खेल से खिलाड़ी का न केवल शारीरिक स्वास्थ्य सही रहता हैं बल्कि जीवन की चुनौतियों से किस तरह से लड़ा जाए इसकी भी सिख मिलती हैं –अरुण साव रायपुर  छत्तीसगढ़ रायफल एसोसिएशन के द्वारा निशानेबाजी प्रतियोगिता का आयोजन 28 अगस्त से 06 सितम्बर से किया गया जिसमें छत्तीसगढ़ के सभी जिलों से आए शूटर्स ने हिस्सा लिया। दस बारह दिवसीय इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़  के करीब 388शूटर्स ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता का आयोजन हर वर्ष जिंदल स्टील के सहयोग से कराया जाता है जिसमें प्रदेश के शूटर्स हर वर्ष भाग लेते रहे हैं। 28 अगस्त से शुरू हुई इस प्रतियोगिता के समापन समारोह में  माननीय श्री अरुण साव उप मुख्यमंत्री मुख्य अतिथि शामिल हुए, जहां उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ प्रदेश रायफल एसोसिएशन एवं जिंदल स्टील को बधाई दी साथ ही इस चैंपियनशिप में विजयी शूटर्स को भी बधाई दी,उन्होंने कहा चैंपियनशिप में यदि कोई प्रतिभागी भाग लेता हैं तो निश्चित तौर पर उसे कुछ न कुछ सीखने जरूर मिलता हैं इसलिए खिलाड़ी को हार के बाद निराश नहीं होना चाहिए और लगातार प्रयास करते रहना चाहिए।  डॉ.कमलप्रीत सिंह सचिव लोकनिर्माण विभाग,श्री अनिल साहू प्रमुख सचिव मौसम एवं जलवायु  एवं जिंदल स्टील प्रेसिडेंट श्री प्रदीप टंडन विशेष अतिथि शामिल हुए। इस बार 388 शूटर्स इस प्रतियोगिता में शामिल हुए जिसमें अलग अलग श्रेणी में 50मीटर रायफल,10मीटर एयर रायफल एवं पिस्टल,25मीटर और एयर तथा सेंटर फायर पिस्टल के इवेंट हुए जिसमें सभी शूटर्स ने बढ़चढकर हिस्सा लिया।

संपत्ति करों के युक्तियुक्तकरण के लिए उप मुख्यमंत्री ने सभी नगरीय निकायों की ली बैठक

रायपुर : विसंगतियां दूर करने संपत्ति कर सुधार अति आवश्यक : अरुण साव संपत्ति करों के युक्तियुक्तकरण के लिए उप मुख्यमंत्री ने सभी नगरीय निकायों की ली बैठक वार्षिक भाड़ा मूल्य को संपत्ति के वर्तमान मूल्यों के अनुरूप अपडेट करने के दिए निर्देश महापौर, आयुक्त, नगर पालिका और नगर पंचायत अध्यक्ष तथा सीएमओ वर्चुअल बैठक में हुए शामिल रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने आज नगरीय निकायों में संपत्ति करों के युक्तियुक्तकरण के लिए बैठक ली। मंत्रालय, महानदी भवन में आयोजित वर्चुअल बैठक में राज्य के सभी नगर निगमों के महापौर व आयुक्त तथा नगर पालिकाओं व नगर पंचायतों के अध्यक्ष और मुख्य नगर पालिका अधिकारी शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री साव के साथ नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. और संचालक आर. एक्का भी मंत्रालय से बैठक में ऑनलाइन जुड़े। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बैठक में कहा कि नगरीय निकायों के कार्यों से प्रदेश की छवि निर्मित होती है। शहर में नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराना संबंधित नगरीय निकाय की जिम्मेदारी है। उन्होंने महापौरों तथा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के अध्यक्षों से कहा कि शहर को आगे ले जाने का जिम्मा आप पर है। शहर में संपत्ति करों के मूल्यांकन और उनमें सुधार की शुरुआत अपने कार्यालयों और अपने घरों से करें। उन्होंने कहा कि वार्षिक भाड़ा मूल्य (ARV) को वर्तमान संपत्ति मूल्यों के अनुरूप अपडेट करने से राजस्व में अच्छी बढ़ोतरी होगी। इससे कर भार सभी संपत्ति मालिकों पर समानुपातिक रूप से वितरित होगा। उन्होंने कहा कि अधिक राजस्व से निकाय वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनेंगे और उन्हें अनुदानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। बढ़े हुए राजस्व से नागरिकों को तेजी से बेहतर जनसुविधाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। उप मुख्यमंत्री साव ने नगरीय निकायों से कहा कि राज्य शासन की मंशा ई-गवर्नेंस मॉडल के माध्यम से नागरिकों को पारदर्शी और सुगम सेवाएं प्रदान करने की है। यह शहरों के चहुंमुखी विकास और त्वरित नागरिक सेवाओं के लिए जरूरी है। इससे साफ-सफाई, पानी और बिजली आपूर्ति की व्यवस्थाएं और बेहतर होंगी। साव ने बताया कि वर्ष 2016 के बाद से संपत्ति कर प्रणाली में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके चलते कई नगरीय निकायों में विसंगतियां उत्पन्न हो गई हैं। उन्होंने सभी महापौरों और अध्यक्षों से संपत्ति करों में सुधार के कार्यों को पूरी शिद्दत और गंभीरता से करने का आग्रह किया। साव ने बैठक में नगरीय निकायों को अटल परिसरों और नालंदा परिसरों के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों को अच्छी गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करने को कहा। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को रोज प्रातः भ्रमण कर निर्माण और साफ-सफाई के कार्यों का निरीक्षण करने को भी कहा। उन्होंने निविदा प्रक्रिया में त्रुटि या लापरवाही पाए जाने पर संबंधितों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी। नगरीय प्रशासन विभाग की उप सचिव डॉ. रेणुका श्रीवास्तव, राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ शशांक पाण्डेय और नगरीय प्रशासन विभाग के अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य भी बैठक में मौजूद थे।

रायपुर: उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा, बस्तर के आदिवासियों की चिंता दोनों सरकारें कर रही हैं

रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव आज कांकेर में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने भानुप्रतापपुर ब्लॉक के ग्राम कोरर में मावा मोदोल लाइब्रेरी का शुभारंभ किया। उन्होंने ग्राम हाटकोंदल में बहुप्रतीक्षित तीन निर्माण कार्यों का लोकार्पण और एक निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी किया। सांसद भोजराज नाग, विधायक श्रीमती सावित्री मंडावी और आशाराम नेताम भी कार्यक्रम में शामिल हुए। हाटकोंदल हायर सेकंडरी स्कूल परिसर में आयोजित लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि यहां के विद्यार्थियों को सर्वसुविधायुक नवीन स्कूल भवन की सुविधा मिली है, जिससे वे बेहतर माहौल में शिक्षा ग्रहण कर देश-दुनिया में अपना भविष्य संवार सकें। उन्होंने उपस्थित महिलाओं और ग्रामीणों को तीज पर्व और गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि किसी समय में माओवाद का गढ़ कहलाने वाला बस्तर अब सतत् विकास की दिशा में बढ़ रहा है। यहां के आदिवासियों की चिंता राज्य के विष्णु देव साय की सरकार ही नहीं, अपितु केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार भी कर रही है। बस्तर में शांति स्थापित करने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने स्थानीय सरपंच की मांग पर हाटकोंदल से भीरावाही मार्ग पर छोकरा नाला में पुल निर्माण की घोषणा की। उन्होंने हाटकोंदल में रंगमंच निर्माण के लिए पांच लाख रुपए देने की भी घोषणा की। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज हाटकोंदल में 7 करोड़ 32 लाख 93 हजार रुपए के 4 निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 4 करोड़ 60 लाख 54 हजार रुपए के तीन निर्माण कार्यों का लोकार्पण और 2 करोड़ 72 लाख 93 हजार रुपए के एक निर्माण कार्य का भूमिपूजन शामिल है। उन्होंने दुर्गूकोंदल विकासखंड के ग्राम आमाकड़ा में 1 करोड़ 62 लाख 76 हजार रुपए की लागत से 50 सीटर आदिवासी कन्या आश्रम के निर्माण कार्य तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हाटकोंदल में एक करोड़ 20 लाख 93 हजार रुपए से निर्मित स्कूल भवन तथा जाड़ेकुर्से नाला पर एक करोड़ 76 लाख 85 हजार रुपए की लागत से निर्मित उच्च स्तरीय पुल का लोकार्पण किया। इनके साथ ही उन्होंने कंगलू कुम्हार शासकीय महाविद्यालय दुर्गुकोंदल में 2 करोड़ 72 लाख 39 हजार रुपए की लागत से बनने वाले 100 बिस्तरों के छात्रावास भवन के निर्माण का भूमिपूजन भी किया। कांकेर जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी, कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर और जिला पंचायत के सीईओ हरेश मंडावी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण और ग्रामीण भी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

नालंदा परिसर का शुभारंभ, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया भूमिपूजन

रायपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया नालंदा परिसर का भूमिपूजन 4.71 करोड़ की लागत से बनेगा 250 सीटर सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-रीडिंग जोन रायपुर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज कांकेर में नगर घड़ी चौक के पास नालंदा परिसर (सेंट्रल लायब्रेरी-सह-रीडिंग जोन) का भूमिपूजन किया। चार करोड़ 71 लाख रूपए की लागत से इस 250 सीटर लाइब्रेरी का निर्माण किया जा रहा है। सांसद भोजराज नाग और विधायक  आशाराम नेताम भी इस दौरान उपस्थित थे।  उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नालंदा परिसर के निर्माण के लिए भूमिपूजन करने के बाद कांकेरवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में लगातार विकास कार्यों की स्वीकृति दी जा रही है। जनसुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के नगरीय निकायों को स्वच्छता में रैंकिंग में सात अवॉर्ड प्राप्त हो चुके हैं जो नागरिकों की जागरूकता और नगरीय प्रशासन विभाग की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करते हैं। साव ने कार्यक्रम में बताया कि पिछले एक साल में प्रदेश भर के नगरीय निकायों को सात हजार करोड़ रूपए से अधिक की राशि आबंटित की गई है। कांकेर नगर पालिका को भी 21 करोड़ रूपए विभिन्न विकास कार्यों को पूर्ण करने के लिए जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार बनते ही पीएससी घोटाले की जांच कराकर युवाओं के साथ न्याय किया गया। इसी तरह मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के अंतर्गत स्कूलों और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया गया जिससे प्रदेशभर के 300 से अधिक शिक्षकविहीन विद्यालयों में शिक्षक पदस्थ किए गए तथा 5 हजार एकल शिक्षकीय विद्यालयों में अध्यापकों की व्यवस्था की गई।  उप मुख्यमंत्री ने नागरिकों को आश्वस्त किया कि ‘सिटी डेवलपमेंट प्लान’ के तहत आगे भी विकास कार्यों के लिए कांकेर जिले के नगरीय निकायों को पर्याप्त राशि दी जाएगी। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए नालंदा परिसर का लाभ लेने और अपना भविष्य संवारने की बात कही। उन्होंने नालंदा परिसर के निर्माण हेतु अनुबंधित एजेंसी को समय से पहले गुणवत्तायुक्त परिसर का निर्माण करने तथा शहर की गरिमा के अनुरूप कार्य करने के लिए निर्देशित किया। सांसद भोजराज नाग ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पूरा कर रहे हैं। पुराने समय के तक्षशिला और नालंदा विश्वविद्यालयों की तर्ज पर प्रदेश सरकार प्रतिभाओं को आगे लाने और अवसर प्रदान करने लगातार प्रयास कर रही है। विधायक आशाराम नेताम ने जिला प्रशासन के सहयोग से संचालित मावा मोदोल कोचिंग सेंटर की उपलब्धियों तथा यहां के बच्चों के होमगॉर्ड में चयनित होने की जानकारी दी। उन्होंने नगरीय प्रशासन मंत्री साव द्वारा कांकेर नगर के विकास के लिए बजट में प्रावधान करने पर आभार प्रकट किया। नगर पालिका के अध्यक्ष अरूण कौशिक ने शहर में अब तक हुए कार्यों की जानकारी दी। कलेक्टर निलेशकुमार महादेव, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी, उपाध्यक्ष श्रीमती ताराबती ठाकुर, कांकेर नगर पालिका के उपाध्यक्ष उत्तम यादव, पूर्व विधायकद्वय श्रीमती सुमित्रा मारकोले एवं शिशुपाल शोरी तथा जिला पंचायत के सी.ई.ओ. हरेश मंडावी सहित पार्षदगण और अनेक गणमान्य नागरिक भी कार्यक्रम में मौजूद थे।

मावा मोदोल लाइब्रेरी का शुभारंभ, उप मुख्यमंत्री अरुण साव रहे मुख्य अतिथि

रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने आज कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के ग्राम कोरर में मावा मोदोल लाइब्रेरी का शुभारंभ किया। इस 75 सीटर लाइब्रेरी में चार बैचेस में 300 छात्र-छात्राएं विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं लोक सेवा आयोग, व्यापम, शिक्षक भर्ती, वन विभाग, पुलिस विभाग भर्ती इत्यादि की तैयारी कर सकेंगे। कांकेर जिला प्रशासन द्वारा लाइब्रेरी में निःशुल्क पाठ्य सामग्री, फर्नीचर, बैठक व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था, शौचालय, सुरक्षा के लिए सीसीटीव्ही, वाई-फाईयुक्त परिसर और डिजिटल क्लास रूम की व्यवस्था की जा रही है।  उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने लाइब्रेरी का शुभारंभ करते हुए बच्चों से संवाद कर बेहतर भविष्य के लिए मन लगाकर पढ़ाई करने तथा अपने पसंदीदा क्षेत्र में अच्छा मुकाम हासिल कर जिले व राज्य का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित कर अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लाइब्रेरी के विजिर्ट्स रजिस्टर में अपने हस्ताक्षर भी किए। सांसद भोजराज नाग, विधायक श्रीमती सावित्री मंडावी और आशाराम नेताम, कांकेर जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी, कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर और जिला पंचायत के सीईओ हरेश मंडावी सहित जनप्रतिनिधि व छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में लाइब्रेरी के शुभारंभ के दौरान मौजूद थे।

देशभर से आए विशेषज्ञ निर्माण कार्यों में प्रयुक्त सामग्री और कार्यों के नए मानकों की दे रहे जानकारी

रायपुर : गुणवत्तापूर्ण निर्माण सामग्रियों के चयन के लिए मानकों की जानकारी जरूरी – अरुण साव पीडब्लूडी के अभियंताओं के लिए बीआईएस द्वारा आयोजित क्षमता निर्माण कार्यक्रम में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री देशभर से आए विशेषज्ञ निर्माण कार्यों में प्रयुक्त सामग्री और कार्यों के नए मानकों की दे रहे जानकारी रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव आज भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं के लिए आयोजित क्षमता निर्माण कार्यक्रम में शामिल हुए। भारतीय मानक ब्यूरो के रायपुर कार्यालय द्वारा रायपुर के नवीन विश्राम भवन में 6 अगस्त और 7 अगस्त को दो दिवसीय इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। देशभर से आए विषय विशेषज्ञ कार्यक्रम में अभियंताओं को अलग-अलग तरह के निर्माण कार्यों में प्रयुक्त सामग्रियों और कार्यों के नए मानकों की जानकारी दे रहे हैं। लोक निर्माण विभाग के विभिन्न जिलों के अभियंता इसमें हिस्सा ले रहे हैं जिनमें अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता और सहायक अभियंता शामिल हैं। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने क्षमता निर्माण कार्यक्रम में कहा कि लगातार बदल रही तकनीकों, जरूरतों और अनुसंधानों के बीच नए मानकों और नवाचारों से अपडेट रहना जरूरी है। एक इंजीनियर के रूप में सम-सामयिक तकनीकी पहलुओं और उनके नवीन मापदंडों की जानकारी आवश्यक है। अलग-अलग तरह के निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने में इनकी अच्छी जानकारी काफी मददगार होती है। उन्होंने भारतीय मानक ब्यूरो को क्षमता निर्माण कार्यक्रम के आयोजन के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि इससे हमारे अभियंताओं की दक्षता और क्षमता बढ़ेगी। उप मुख्यमंत्री साव ने अभियंताओं को संबोधित करते हुए कहा कि निर्माण उद्योग में अलग-अलग कंपनियों और आपूर्तिकर्ताओं की भिन्न-भिन्न गुणवत्ता और कीमत वाली सामग्री मौजूद हैं। गुणवत्ता और मानकों की अच्छी जानकारी रहने से आप सही सामग्रियों का चयन कर सकते हैं। आपके पर्यवेक्षण (Supervision) में हो रहे कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी आपकी है। इसके लिए निर्माण कार्यों में मानकों के अनुरूप प्रमाणित सामग्रियों का उपयोग करें। साव ने दो दिनों तक चलने वाले इस क्षमता निर्माण कार्यक्रम का पूरा लाभ लेते हुए अपनी जानकारियों को अपडेट करने को कहा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं को कार्यस्थल पर प्रभावी कार्य संपादन में सहायता मिलेगी।  लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी ने कहा कि देश-दुनिया में प्रचलित मानकों और मापदंडों से विभाग के अभियंताओं को अवगत कराने भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि हर अभियंता को मानकों की पूरी जानकारी रखने के साथ ही फील्ड में इनका कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराना चाहिए। उन्होंने मानकों और मापदंडों का पालन कर राज्य में हो रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बढ़ाने को कहा। भारतीय मानक ब्यूरो के क्षेत्रीय निदेशक सुमन कुमार गुप्ता और वैज्ञानिक श्रीमती मधुरिमा माधव ने भी प्रतिभागी अभियंताओं को संबोधित किया। भारतीय मानक ब्यूरो के रायपुर कार्यालय के संयुक्त निदेशक फालेन्द्र कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद थे।  सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्यों तथा सामग्रियों के मानकों की दी जा रही जानकारी भारतीय मानक ब्यूरो के विशेषज्ञ दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम में लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं को अलग-अलग सत्रों में सिविल और इलेक्ट्किल कार्यों के मानकों की जानकारी दे रहे हैं। सिविल कार्यों में रिसोर्स पर्सन के रूप में भारतीय मानक ब्यूरो के विशेषज्ञ डी.एस. धपोला, डॉ. आदित्य प्रताप सान्याल, डॉ. आर.पी. देवांगन, डॉ. प्रवीण निगम और डॉ. ललित कुमार गुप्ता नए मानकों और मापदंडों की जानकारी दे रहे हैं। वहीं इलेक्ट्रिकल कार्यों में सर्वबाबुल चक्रवर्ती, उमा शंकर, सुहासकृष्णन के.वी. और सुभावना कस्तुरिया मानकों की जानकारी दे रहे हैं।

‘2020 में जेटली ने धमकाया?’ राहुल गांधी के बयान पर उठा सवाल, BJP ने याद दिलाई मौत की तारीख

 नई दिल्ली कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के हालिया बयान ने एक बार फिर सियासी भूचाल ला दिया है. शनिवार को कांग्रेस के वार्षिक लीगल कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने दिवंगत पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली को लेकर ऐसा दावा कर दिया, जिसे भाजपा ने 'फेक न्यूज' करार देते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि जब अरुण जेटली का निधन 2019 में हो गया तो वह राहुल गांधी से मिलने 2020 में कैसे आ गए? लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के इस दावे पर कि दिवंगत पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने उन्हें कृषि कानूनों को लेकर धमकाया था, डीडीसीए प्रमुख रोहन जेटली ने शनिवार को कांग्रेस नेता को याद दिलाया कि उनके पिता का निधन इन कानूनों के लागू होने से पहले ही हो गया था। उन्होंने कहा, "मैं उन्हें याद दिला दूं कि मेरे पिता का निधन 2019 में हो गया था। कृषि कानून 2020 में लागू हुए थे।" एक्स पर एक पोस्ट में, रोहन जेटली ने लिखा, "राहुल गांधी अब दावा कर रहे हैं कि मेरे दिवंगत पिता अरुण जेटली ने उन्हें कृषि कानूनों को लेकर धमकाया था। मैं उन्हें याद दिला दूं कि मेरे पिता का निधन 2019 में हो गया था। कृषि कानून 2020 में लागू हुए थे। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि मेरे पिता के स्वभाव में किसी को भी विरोधी विचार के लिए धमकाना नहीं था। वह एक कट्टर लोकतांत्रिक व्यक्ति थे और हमेशा आम सहमति बनाने में विश्वास रखते थे।" उन्होंने आगे लिखा, "अगर ऐसी कोई स्थिति आती, जैसा कि राजनीति में अक्सर होता है, तो वह सभी के लिए पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान पर पहुंचने के लिए स्वतंत्र और खुली चर्चा का आह्वान करते। वह ऐसे ही थे और आज भी उनकी यही विरासत है। मैं राहुल गांधी से कहता हूं वे उन लोगों के बारे में बोलते समय सचेत रहें जो हमारे साथ नहीं हैं। उन्होंने मनोहर पर्रिकर जी के साथ भी कुछ ऐसा ही करने की कोशिश की, उनके अंतिम दिनों का राजनीतिकरण किया, जो भी उतना ही घटिया था। दिवंगत आत्मा को शांति मिले।'' इससे पहले दिन में, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दावा किया कि एनडीए सरकार ने दिवंगत केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा पहले लाए गए कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ने की कोशिश करने पर उन्हें धमकाने के लिए भेजा था। राहुल गांधी ने कहा, "मुझे याद है कि जब मैं कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ रहा था, तो अरुण जेटली को मुझे धमकाने के लिए भेजा गया था। उन्होंने मुझसे कहा था, 'अगर आप सरकार का विरोध करते रहेंगे और कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ते रहेंगे, तो हमें आपके खिलाफ कार्रवाई करनी होगी।' मैंने उनकी तरफ देखा और कहा, ''मुझे नहीं लगता कि आपको पता है कि आप किससे बात कर रहे हैं।'' दरअसल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कार्यक्रम के दौरान कहा, "मुझे याद है जब मैं कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ रहा था, वो (अरुण जेटली) अब नहीं हैं, इसलिए मुझे ऐसा नहीं कहना चाहिए लेकिन फिर भी कहूंगा, अरुण जेटली जी को मुझे मिलने और धमकी देने के लिए भेजा गया था." राहुल ने कहा कि जेटली जी ने मुझसे कहा, "अगर तुम इस रास्ते पर चलते रहे, सरकार का विरोध करते रहे और कृषि कानूनों पर हमसे लड़ते रहे, तो हमें तुम्हारे खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ेगी. मैंने जवाब दिया कि मुझे नहीं लगता कि आपको अंदाजा है कि आप किससे बात कर रहे हैं. हम कांग्रेस वाले हैं, डरते नहीं हैं, झुकते नहीं हैं. हमें तो अंग्रेज नहीं झुका पाए." भाजपा का पलटवार: फर्जी बयानों से दूर रहें राहुल राहुल गांधी के इस बयान पर सबसे तीखा जवाब आया बीजेपी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय की ओर से. उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, 'Fake News Alert!' उन्होंने आगे लिखा, "राहुल गांधी दावा कर रहे हैं कि अरुण जेटली ने उन्हें 2020 में लाए गए कृषि कानूनों को लेकर धमकाया था. लेकिन तथ्य यह है कि अरुण जेटली का निधन 24 अगस्त 2019 को हो गया था, जबकि कृषि कानूनों का मसौदा पहली बार 3 जून 2020 को केंद्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष पेश किया गया था और ये कानून सितंबर 2020 में पास हुए." अमित मालवीय ने आगे कहा, "ऐसे में यह दावा सरासर झूठा और भ्रामक है कि जेटली जी ने उन्हें किसी बात के लिए संपर्क किया. यह साफ है कि राहुल गांधी एक बार फिर टाइमलाइन को तोड़-मरोड़ कर अपनी राजनीतिक कहानी गढ़ने की कोशिश कर रहे हैं." पिता की आत्मा को शांति से रहने दें: रोहन जेटली अरुण जेटली के बेटे और दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) के अध्यक्ष रोहन जेटली ने भी राहुल गांधी की टिप्पणी पर तीखा पलटवार किया. उन्होंने एक्स पर लिखा, "राहुल गांधी अब यह दावा कर रहे हैं कि मेरे दिवंगत पिता अरुण जेटली ने कृषि कानूनों को लेकर उन्हें धमकी दी थी. मैं उन्हें याद दिलाना चाहता हूं कि मेरे पिता का निधन 2019 में हो गया था, जबकि कृषि कानून 2020 में लाए गए थे. और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मेरे पिता कभी किसी को किसी विचार के विरोध के लिए धमकाने वाले नहीं थे. वह एक सच्चे लोकतांत्रिक व्यक्ति थे जो हमेशा संवाद और सहमति में विश्वास रखते थे." उन्होंने आगे कहा, "मैं राहुल गांधी से आग्रह करता हूं कि जो अब हमारे बीच नहीं हैं, उनके बारे में बोलते समय थोड़ी संवेदनशीलता दिखाएं. उन्होंने मनोहर पर्रिकर जी के अंतिम दिनों को भी राजनीति से जोड़कर अपमानजनक हरकत की थी." हर बात में झूठ, कांग्रेस कब सुधरेगी: अनुराग ठाकुर बीजेपी सांसद और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी राहुल गांधी पर जोरदार हमला बोला. उन्होंने कहा, "राहुल गांधी की हर बात झूठ है. हर साल झूठ बोलते हैं, वो सुधर नहीं सकते. रोज एक नया झूठ. कांग्रेस कब तक झूठ की राजनीति करेगी? अरुण जेटली बड़े नेता थे. उनका निधन 2019 में हुआ और कृषि कानून 2020 में संसद में आया. कितने झूठ बोलेंगे राहुल गांधी? जब जेटली जी 2019 में ही गुजर गए, तो वो उनसे 2020 में मिलने कैसे आ सकते हैं? राहुल गांधी को अरुण जेटली के परिवार … Read more

नवा रायपुर स्थित सर्किट हाउस में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन, सभी महापौर और आयुक्त हुए शामिल

 महापौरो और आयुक्तों के इंदौर शहर के अध्ययन भ्रमण का छत्तीसगढ़ को मिलेगा लाभ: उप मुख्यमंत्री अरुण साव  महापौरो और आयुक्तो ने शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने उप मुख्यमंत्री अरुण साव के साथ किया मंथन नवा रायपुर स्थित सर्किट हाउस में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन, सभी महापौर और आयुक्त हुए शामिल उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने दिया मार्गदर्शन अन्य नगरीय निकायों के अध्यक्षों और सीएमओ को भी स्वच्छ्तम शहरों के अध्ययन भ्रमण पर भेजा जायेगा रायपुर   प्रदेश के सभी नगर निगमों के महापौरो एवं आयुक्तों की आज नवा रायपुर स्थित सर्किट हॉउस में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई । कार्यशाला में सभी नगर पालिक निगमों के महापौर एवं आयुक्त ने उप मुख्यमंत्री अरुण साव के समक्ष अपने इंदौर अध्ययन भ्रमण के अनुभवों को साझा किया । साथ ही प्रदेश में स्वच्छता अभियान को लेकर भविष्य की योजनाओं तथा विभिन्न नवाचारो पर चर्चा की गयी तथा आगे की रणनीति पर मंथन किया गया । उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने कार्यशाला में कहा कि एक महापौर अपने शहर का प्रथम नागरिक और  मुखिया  होता है, महापौर को अपने निगम क्षेत्र में असीमित अधिकार एवं संसाधन प्राप्त है, किसी और जन प्रतिनिधि के पास इतने अधिकार एवं संसाधन नहीं होते है, उन्होंने आगे कहा की जब हम अपने लिए घर बनाते है तब हम विचार करते है की घर भले ही छोटा हो लेकिन साफ स्वच्छ एवं सुविधायुक्त हो, इसी प्रकार हमें अपने शहर की भी कार्य योजना बनाते समय ध्यान रखना होगा कि शहर साफ, स्वच्छ एवं सुविधापूर्ण हो, जिसमे आम नागरिको के लिए आवश्यक सुविधाओ की कमी न रहे | उप मुख्यमंत्री साव ने कार्यशाला में कहा कि किसी राज्य की छवि उसके शहरों से बनती है, यदि आपका शहर साफ स्वच्छ एवं सुविधापूर्ण होगा तो आपके प्रदेश की छवि भी सुधरेगी | एक मुखिया होने के नाते पूरा शहर आपका घर है और घर को साफ स्वच्छ एवं सुविधा पूर्ण बनाना मुखिया की जिम्मेदारी होती है| साव ने आगे कहा की इंदौर शहर विगत सात वर्षो से भारत सरकार की स्वच्छता रैंकिंग में प्रथम स्थान प्राप्त कर रहा है| इसीलिए महापौरों एवं आयुक्तों को  इंदौर शहर के भ्रमण पर भेजा गया था कि आप खुद जाकर वहां की कार्यप्रणाली का अवलोकन करे और उन अनुभवों  को अपने शहर में क्रियान्वित करें। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अन्य नगरीय निकायों के अध्यक्षों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को भी देश के स्वच्छ्तम शहरों के अध्ययन भ्रमण पर भेजा जायेगा|    कार्यशाला में रायपुर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने इंदौर भ्रमण के अनुभव साझा करते हुए बताया कि वहां की सबसे अच्छी बात शहर की नालियों का पूरी तरह से कवर्ड और अंडरग्राउंड होना है जिससे कचरा नालियों में नहीं जाता है और नालियां जाम  नहीं होती है| उन्होंने बताया कि इंदौर शहर की स्वच्छता में जनप्रतिनिधि और जनता का पूरा समन्वय दिखाई देता है| इसके लिए आवश्यक है कि जनप्रतिनिधि भी जनता के बीच जनजागरूकता लाने हेतु प्रयास करे, केवल सरकार के भरोसे यह संभव नहीं है|  नगर निगम बिलासपुर की महापौर श्रीमती पूजा विधानी ने इंदौर भ्रमण के अनुभव साझा करते हुए बताया कि भ्रमण के दौरान पूरे शहर में उन्हें कहीं  भी सड़क पर मवेशी या कुत्ता दिखाई नहीं दिया,   सड़क किनारे बने नालियों के ऊपर ठेले-खोमचे वाले भी नहीं दिखे, यह केवल निगम, जनप्रतिधि तथा जनता के बीच परस्पर समन्वय से ही संभव हो सकता है|  कार्यशाला में नगर निगम  कोरबा की महापौर श्रीमती संजुदेवी राजपूत ने कहा की इंदौर शहर में बैनर एवं होर्डिंग्स पर विशेष प्रावधान लागू किया गया है, बैनर तथा होर्डिंग्स लगाने वालों को चाहे वह राजनीतिक  हो या गैर राजनीतिक उन्हें २४ घंटे के भीतर स्वयं हटाना पड़ता है| इससे भी शहर को साफ-सुथरा रखने में मदद मिलती है| इंदौर की मोनिटरिंग प्रणाली का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ए-आई आधारित मोनिटरिंग प्रणाली के माध्यम से सभी गाडियों की लोकेशन ट्रेस की जाती है जिससे निर्धारित समय पर कचरे का संग्रहण किया जा सकता है| उन्होंने कहा कि कोरबा नगर निगम में भी इंदौर से प्राप्त अनुभवों को लागू करने का प्रयास किया जा रहा है| नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक आर.एक्का, सुडा के अतिरिक्त सीईओ दुष्यंत कुमार रायस्त और नगरीय प्रशासन विभाग के अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य भी कार्यशाला में मौजूद थे।