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महाराष्ट्र में केसरिया तूफान: मुंबई-पुणे-नागपुर सब फतह, किसके नाम जाएगी ऐतिहासिक जीत?

मुंबई महाराष्ट्र के निकाय चुनाव में भाजपा की प्रचंड लहर देखने को मिल रही है। देश के सबसे अमीर नगर निकाय बीएमसी में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जहां अब तक शिवसेना का दबदबा रहा करता था। 227 सीटों में से 158 के अब तक रुझान आए हैं और भाजपा अकेले ही 65 पर आगे। उसकी सहयोगी एकनाथ शिंदे की शिवसेना 18 पर आगे है, जबकि उद्धव सेना 52 पर आगे है। यह रुझान यदि नतीजों में बदले तो भाजपा की यह विक्ट्री ऐसी होगी कि हिस्ट्री रच दी जाएगी। ऐसा पहली बार होगा, जब बीएमसी में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी होगी। यहां की सत्ता में सबसे आगे रहने का उसका पुराना सपना रहा है, जो अब पूरा होता दिख रहा है।   इसी तरह नागपुर की बात करें को यहां भी भाजपा बेहद मजबूत होकर उभरी है। जिले के 151 वार्डों में से 94 पर अकेले भाजपा ही आगे है। अब तक 129 सीटों के ही रुझान सामने आए हैं। इसलिए माना जा रहा है कि कुल 151 सीटों के रुझान आने तक भाजपा अपने ही दम पर सेंचुरी लगा सकती है। वहीं भाजपा की सहयोगी एकनाथ शिंदे की शिवसेना को अब तक 2 सीटों पर ही बढ़त मिली है। आरएसएस के मुख्यालय वाले इस शहर में भाजपा के मुकाबले कोई दूर-दूर तक नहीं है और दूसरे नंबर वाली कांग्रेस महज 31 सीटों पर ही आगे है। इस तरह बीएमसी में ठाकरे परिवार का वर्चस्व खत्म होता दिख रहा है तो वहीं पुणे, नागपुर समेत कई शहरों में भाजपा का जलवा रहेगा। ब्रांड फडणवीस होगा और मजबूत, गठबंधन में भी बढ़ेगी पावर ऐसा ही हाल पुणे का भी है। पुणे में भाजपा फिलहाल 47 सीटों पर आगे है। उसके अलावा अन्य सभी दल मिलकर भी 22 सीटों पर ही आगे हैं। इस तरह अजित पवार और शरद पवार मिलकर भी भाजपा के आगे पस्त हैं। भाजपा की यह विक्ट्री हिस्ट्री रचने वाली है। यह जीत सीएम देवेंद्र फडणवीस का कद पार्टी में बढ़ा देगी। इसके अलावा गठबंधन के अंदर भी वह और मजबूत हो जाएंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि अजित पवार अलग लड़कर पराजित हो रहे हैं। इसके अलावा एकनाथ शिंदे की शिवसेना की रफ्तार भी सुस्त है। साफ है कि देवेंद्र फडणवीस का कद इससे बढ़ेगा और उनका ब्रांड मजबूत होगा। ठाकरे ब्रदर्स हारते दिख रहे हैं अस्तित्व की लड़ाई, वर्चस्व पहले ही खत्म यह चुनाव ठाकरे ब्रदर्स के लिए अस्तित्व के लिए संघर्ष वाला था, जिस लड़ाई को वह हारते दिख रहे हैं। अब आने वाले चुनावों में उद्धव सेना के लिए और मुश्किल होगा। ठाकरे परिवार की पावर पूरे महाराष्ट्र में कभी नहीं रही। लेकिन कुछ इलाकों में वह हमेशा मजबूत थी और इनमें मुंबई तो उसका गढ़ था। अब यहां की हार उसे गहरा दर्द देने वाली है।

भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का नाम 20 जनवरी को होगा घोषित, 19 जनवरी को होगा नामांकन

नई दिल्ली  भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम का ऐलान 20 जनवरी को किया जाएगा, जबकि नामांकन 19 जनवरी को दाखिल किया जाएगा. भारतीय जनता पार्टी के 'संगठन पर्व' के अंतर्गत राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी डॉ. के. लक्ष्मण द्वारा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्वाचन के कार्यक्रम की घोषणा कर दी गई है. बता दें कि नितिन नबीन को भाजपा ने पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष चुना है. इस वजह से ये तय माना जा रहा कि नितिन नबीन ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पदभार संभालेंगे. इसके साथ ही वो सबसे लंबे समय तक पार्टी अध्यक्ष का दायित्व संभालने वाले जेपी नड्डा का स्थान लेंगे. नितिन नबीन 19 जनवरी को नामांकन दाखिल करेंगे भाजपा में अहम संगठनात्मक बदलाव के क्रम में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन 19 जनवरी को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे. नामांकन प्रक्रिया के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावक के तौर पर उपस्थित रहने की संभावना है. साथ ही पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे. नितिन नबीन के प्रस्तावक बन सकते हैं प्रधानमंत्री पीएम मोदी की मौजूदगी को भाजपा की संगठनात्मक और स्थिरता पर जोर देने के रूप में देखा जा रहा है. नामांकन प्रक्रिया भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को चुनने के लिए उसके स्थापित आंतरिक संगठनात्मक ढांचे का हिस्सा है. कार्यक्रम में कई वरिष्ठ नेता, केंद्रीय नेतृत्व के सदस्य और प्रमुख पदाधिकारी के अलावा भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हो सकते हैं.

भाजपा का अब BMC में मेयर, बहुमत लाकर BJP ने बजाई डंका, उद्धव की लग गई लंका

मुंबई  बीएमसी चुनाव रिजल्ट के रुझानों में अबकी बार भाजपा सरकार की झलक दिख गई है. बीएमसी में पहली बार भाजपा का कब्जा होता दिख रहा है. उद्धव की शिवसेना संग क्लोज फाइट के बाद भाजपा ने लंबी छलांग लगा दी है. बीएमसी चुनाव 2026 के रुझानों में भाजपा वाला महायुति 109 सीटों से आगे चल रहा है. वहीं ठाकरे ब्रदर्स 64 सीटों पर सिमटते दिख रहे हैं. रुझानों अगर ऐसे ही नतीजों में बदलते हैं  बीएमसी यानी बृहन्मुंबई नगर निगम   चुनाव के रिजल्ट में भाजपा बाला साहेब ठाकरे की विरासत को खत्म करती दिख रही है. ठाकरे दोनों भाई अपने किले को बचाने आए थे, मगर ऐसा लग नहीं रहा कि बीएमसी का ताज बच पाएगा. भाजपा और शिंदे वाली शिवसेना बीएमसी पर कब्जा जमाते दिख रहे हैं. बीएमसी चुनाव 2026 के लिए आज सुबह 10 बजे सो वोटों की गिनती जारी है. अभी केवल रुझान आएं हैं, दोपहर के बाद बीएमसी चुनाव के नतीजे साफ हो जाएंगे. बीएमसी चुनाव रिजल्ट के लिए मतगणना स्थल पर सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था है. बीएमसी चुनाव में सभी ‘एग्जिट पोल’ ने भाजपा-शिवसेना गठबंधन की स्पष्ट जीत और शिवसेना (यूबीटी)-महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) की हार का अनुमान जताया है. ‘माई एक्सिस इंडिया’ के ‘एग्जिट पोल’ के अनुसार, भाजपा-शिवसेना गठबंधन देश की वाणिज्यिक राजधानी में 131-151 सीट जीतकर 42 फीसदी मत प्रतिशत हासिल करने की स्थिति में है. वहीं, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के शिवसेना (उबाठा)-मनसे-राकांपा (एसपी) गठबंधन के 58-68 सीट जीतने और 32 फीसदी मत प्रतिशत हासिल करने की उम्मीद है.  अरुण गवली की बेटी चुनाव हारीं गैंगस्टर से राजनेता बने अरुण गवली की बेटी योगिता गवली 2026 के बीएमसी चुनाव हार गई हैं. सियासत में गवली परिवार की अगली पीढ़ी की यह चुनावी शुरुआत असफल रही है. योगिता गवली ने बायकुला-चिंचपोकली क्षेत्र के वार्ड नंबर 207 से अपने पिता अरुण गवली द्वारा स्थापित क्षेत्रीय पार्टी अखिल भारतीय सेना (ABS) के टिकट पर चुनाव लड़ा था.  बीजेपी को बहुमत मिला बीजेपी में पहली बार बीजेपी + को बहुमत मिल गया है. ताजा रुझानों में बीजेपी + 115 सीटों पर आगे चल रहा है. इससे पहले लगातार यह सवाल पूछा जा रहा था कि क्या राज और उद्धव के हाथ मिलाने से बीजेपी को नुकसान होगा लेकिन चुनावी रुझानों ने साफ कर दिया है कि अब उद्धव गुट की शिवसेना की विदाई अब तय है. अभी तक 201 सीटों के रुझान आ गए हैं जिसमें से बीजेपी + को 115 तथा उद्धव सेना गठबंधन को 68 सीटें मिलती दिख रही है. इसके अलावा 10 सीटों पर कांग्रेस है. RSS के गढ़ में भाजपा की लहर नागपुर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गढ के तौर पर देखा जाता है। इसी शहर से संघ की स्थापना हुई थी और यहीं पर उसका मुख्यालय भी बीते 100 सालों से है। इसलिए भाजपा भी यहां जीत की उम्मीद रखती रही है। शुक्रवार को आए निकाय चुनाव के नतीजों में में भाजपा की यह उम्मीद सिरे चढ़ती दिख रही है। अब तक आए रुझानों में कुल 151 वार्डों में से 94 पर अकेले भाजपा ही आगे है। अब तक 129 सीटों के ही रुझान सामने आए हैं। इसलिए माना जा रहा है कि कुल 151 सीटों के रुझान आने तक भाजपा अपने ही दम पर सेंचुरी लगा सकती है। वहीं भाजपा की सहयोगी एकनाथ शिंदे की शिवसेना को अब तक 2 सीटों पर ही बढ़त मिली है। यह शहर इसलिए भी अहम है क्योंकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यहीं के हैं और नितिन गडकरी भी इसी शहर से सांसद हैं। अब तक के रुझानों में एनसीपी को महज 1 सीट पर बढ़त है। इसके अलावा कांग्रेस 31 सीटों पर लीड के साथ दूसरे नंबर पर है। लेकिन हालात ऐसे हैं कि भाजपा के मुकाबले कोई भी दूर-दूर तक नहीं दिख रहा है। उद्धव ठाकरे की शिवसेना को तो सिर्फ एक ही सीट पर बढ़त मिली है। भाजपा को बीएमसी में भी बड़ा फायदा होता दिख रहा है और दशकों के बाद ठाकरे परिवार का वर्चस्व मुंबई की सत्ता से खत्म हो जाएगा। पुणे और बीएमसी में भी भाजपा की लहर, उद्धव और पवार पस्त बीएमसी में भाजपा 65 सीटों पर आगे है, जबकि शिंदे की शिवसेना 18 पर आगे चल रही है। उद्धव ठाकरे की शिवसेना 52 सीटों पर आगे चल रही है और कांग्रेस को महज 11 सीटों पर ही लीड है। अब बात पुणे की करें तो यहां भी नागपुर जैसे ही हालात हैं। भाजपा गठबंधन को अब तक 47 सीटों पर लीड मिली है, जबकि शरद पवार और अजित पवार की एनसीपी मिलकर भी 15 सीटों पर ही आगे हैं। कांग्रेस को तो 4 सीटों पर ही बढ़त मिल पाई है। उद्धव ठाकरे की शिवसेना सिर्फ एक सीट पर आगे चल रही है। बता दें कि पुणे में अपनी ताकत ज्यादा बताते हुए अजित पवार गठबंधन से अलग राह पर चले थे। अब जो रुझान हैं, वह पवार परिवार को झटका देने वाले हैं। बहुमत के करीब बीजेपी बीएमसी में भारतीय जनता पार्टी पहली बार बहुमत के करीब पहुंच गई है. अभी तक 227 में से 172 सीटों के रुझान आए हैं जिसमें से 108 पर बीजेपी गठबंधन आगे है जबकि उद्धव शिवसेना गठबंधन महज 56 सीटों पर ही आगे चल रहा है और 3 पर कांग्रेस आगे है. बहुमत का आंकड़ा 114 का है. मुंबई में बीजेपी गठबंधन की 'महा-बढ़त', जमाई 'सेंचुरी' बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के 227 वार्डों के लिए जारी मतगणना में अब तस्वीर साफ होने लगी है. ताजा रुझानों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाला 'महायुति' गठबंधन की बढ़त 102 सीटों की हो गई है. वहीं, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) और राज ठाकरे की मनसे का गठबंधन (UBT+) फिलहाल 57 सीटों पर ही आगे चल रहा है. नवाब मलिक के भाई चुनाव हारे एनसीपी शरद पवार के उम्मीदवार और नवाब मलिक के भाई कप्तान मलिक वार्ड 165 से चुनाव हार गए हैं. यहां से कांग्रेस के अशरफ आज़मी जीत गए हैं. इसके अलावा मुंबई में 7 उम्मीदवार विजेता घोषित किए गए हैं जिसमें शिवसेना के 3 उम्मीदवार शामिल हैं.  बीएमसी चुनाव रिजल्ट 2026 के रुझानों में भाजपा शतक के करीब पहुंच चुकी है. बीएमसी चुनाव में महायुति … Read more

BJP में छिंदवाड़ा गुटबाजी पर प्रदेश अध्यक्ष का सख्त एक्शन, बंटी साहू और शेषराव यादव को भोपाल बुलाया

 भोपाल मध्य प्रदेश की राजनीति में छिंदवाड़ा से बड़ी खबर सामने आई है, जहां भाजपा में आंतरिक कलह चरम पर पहुंच गई है। लोकसभा सांसद विवेक ‘बंटी’ साहू और जिला अध्यक्ष शेषराव यादव के बीच चल रही खींचतान को लेकर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने दोनों नेताओं को भोपाल स्थित पार्टी कार्यालय में तलब किया। दोनों को साथ बैठाकर बातचीत कराई गई और पार्टी की एकता बनाए रखने का सख्त अल्टीमेटम दिया गया। छिंदवाड़ा जिले में भाजपा की जिला इकाई में लंबे समय से गुटबाजी चल रही है। सांसद बंटी साहू और जिलाध्यक्ष शेषराव यादव के बीच मतभेद खुलकर सामने आ चुके हैं। जिलाध्यक्ष की बैठकों में सांसद शामिल नहीं हो रहे थे, जबकि शेषराव यादव सांसद के खिलाफ बयानबाजी कर रहे। यह विवाद जिला कार्यकारिणी गठन, पदों के बंटवारे और संगठनात्मक फैसलों को लेकर गहरा गया था।  भोपाल में हुई बैठक में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने दोनों नेताओं से कहा कि लंबे संघर्ष के बाद पार्टी ने छिंदवाड़ा में सफलता हासिल की है, लेकिन वर्तमान स्थिति पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा रही है। दोनों को पार्टी हित में मतभेद भुलाकर एकजुट काम करने का निर्देश दिया गया। संगठन महामंत्री हितानंद ने मध्यस्थता की और खींचतान तुरंत खत्म करने की चेतावनी दी। भाजपा सूत्रों के अनुसार, बैठक सकारात्मक रही और दोनों नेताओं ने पार्टी निर्देश मानने का आश्वासन दिया है।

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर बड़ी खबर, पीएम मोदी, अमित शाह और राजनाथ सिंह प्रस्तावक बनेंगे

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के संबंध में नई जानकारी सामने आई है. सूत्रों से जानकारी के मुताबिक बीजेपी (BJP) के नेताओं ने आज मंगलवार को इसको लेकर एक बैठक की. यह बैठक इसलिए की गई ताकि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को चुनने के प्रॉसेस की रूपरेखा को तय किया जा सके. ऐसी उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इसकी आधिकारिक तौर पर घोषणा की जाएगी. बता दें, यह बैठक भारतीय जनता पार्टी के मुख्यालय में हुई. इस बैठक में मीटिंग में राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए बनी कमिटी के संयोजक के. लक्ष्मण शामिल हुए. इनके अलावा सह संयोजक संबित पात्रा और नरेश बंसल ने भी हिस्सा लिया. सूत्रों से यह भी पता चला है कि कमेटी ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी खास बातों पर चर्चा की, जिसमें प्रक्रियात्मक औपचारिकताएं, समयसीमा और संगठनात्मक समन्वय शामिल हैं. चर्चा का मकसद पार्टी के संवैधानिक ढांचे के हिसाब से एक आसान, पारदर्शी और समय पर चुनाव पक्का करना है. सूत्रों से पता चला है कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव सोमवार 19 जनवरी को हो सकता है. अगले दिन 20 तारीख को चुनाव कराए जाएंगे. पार्टी के वर्किंग प्रेसिडेंट नितिन नबीन 19 जनवरी को अध्यक्ष पद के लिए नामांकन करेंगे. वहीं, यह भी पता चला है कि पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत पार्टी के सीनियर नेता प्रस्तावक बनेंगे. पार्टी के सीनियर नेता इस बैठक पर करीब से नजर रख रहे हैं, और बातचीत खत्म होने के बाद इसकी आधिकारिक बातचीत या घोषणा होने की उम्मीद है. बीजेपी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव एक अहम संगठनात्मक कदम खासकर पार्टी के भविष्य के राजनीतिक और चुनावी रोडमैप के तौर पर देखा जा रहा है. इससे पहले दिसंबर में, बीजेपी ने बिहार के पांच बार के विधायक नितिन नबीन को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया था. अभी केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा नेशनल पार्टी की कमान संभाल रहे हैं. नवीन की नियुक्ति को पार्टी के युवा लीडरशिप पर फोकस करने के तौर पर देखा जा रहा है. बीजेपी हेडक्वार्टर में मीटिंग जारी है, इसलिए आगे की जानकारी का इंतजार है. ऐसे होता है भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव जानकारी के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी के संविधान और नियम की धारा-19 के मुताबिक राष्ट्रीय और प्रदेश परिषद के सदस्यों का एक इलेक्टोरल कॉलेज बनाया जाता है. यही पूरा चुनाव संपन्न कराता है. चुनाव पार्टी के नियमों और कार्यकारिणी के अनुसार ही कराया जाता है. इसके लिए दो शर्ते होती हैं. पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के लिए कम से कम 15 साल से प्राथमिल सदस्य होना आवश्यक है. इलेक्टोरल कॉलेज के कम से कम 20 सदस्यों का प्रस्तावक होना जरूरी है.     बात चुनाव की करें तो पहले नामांकर फॉर्म भरना होता है.     इसके बाद वोटिंग की जाती है.     बैलेट बॉक्स की गिनती होती है.     सबसे आखिरी में नए अध्यक्ष को चुना जाता है.     सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को 3 साल के लिए चुना जाता है. यह कार्यकाल बढ़ाया भी जाता है.   

नितिन नवीन के शपथ समारोह को BJP बनाएगी शक्ति प्रदर्शन, PM मोदी की मौजूदगी के मायने

नई दिल्ली भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन 20 जनवरी को पार्टी के पूर्णकालिक अध्यक्ष बन जाएंगे। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह मौजूद रहेंगे। इसके अलावा कैबिनेट के तमाम मंत्रियों, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों, भाजपा के पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा कई राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष भी दिल्ली आएंगे। भाजपा का शीर्ष नेतृत्व चाहता है कि नितिन नवीन की ताजपोशी धूमधाम के साथ और एक गरिमामय आयोजन में की जाए। ऐसा इसलिए ताकि नितिन नवीन का पार्टी अध्यक्ष के तौर पर इकबाल कायम हो सके। नितिन नवीन भाजपा की नई पीढ़ी के नेताओं में से हैं और उन्हें पार्टी ने जिम्मेदारी देकर भविष्य की तैयारियों के संकेत दिए हैं। ऐसे में वरिष्ठ नेताओं के बीच भी उनका कद स्थापित हो सके। इसके लिए खुद पीएम नरेंद्र मोदी उनकी ताजपोशी में मौजूद रहेंगे और पूरी कैबिनेट भी रहेगी। इसके जरिए एक संदेश देने का प्रयास किया जाएगा कि भाजपा अध्यक्ष का पद संगठन में शीर्ष पर है और भले ही कोई भी नेता उस जिम्मेदारी को संभाल रहा हो। कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद से नितिन नवीन ने भाजपा के तमाम नेताओं से मुलाकात की है। माना जा रहा है कि उन्होंने संगठन में फेरबदल के लिहाज से भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। 20 जनवरी को उनकी ताजपोशी के बाद वह अपनी टीम तय करेंगे और कई नए चेहरों की भाजपा के संगठन में एंट्री हो सकती है। केंद्र सरकार में भी फेरबदल की है तैयारी, कई नए चेहरों को एंट्री इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार में भी फेरबदल दिख सकते हैं। वजह यह है कि पंकज चौधरी अब यूपी के प्रदेश अध्यक्ष हैं। वह मोदी सरकार की कैबिनेट में भी हैं। ऐसे में उनका कैबिनेट से हटना तय माना जा रहा है। इसके अलावा कुछ और नेताओं को संगठन से सरकार में लाया जा सकता है। वहीं आरएसएस से जुड़े कुछ लोगों को पार्टी में अहम पद दिए जा सकते हैं। 46 साल के नितिन नवीन भाजपा के अब तक के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। अकेले ही नामांकन करेंगे नितिन, पहले दिन नॉमिनेशन और दूसरे दिन ऐलान भाजपा सूत्रों का कहना है कि नितिन नवीन अकेले ही अध्यक्ष पद के लिए नामांकन करेंगे और चुनाव होने की संभावना न के समान है। माना जा रहा है कि वह 18 या 19 जनवरी को नामांकन दाखिल करेंगे। फिर उनके निर्वाचन की घोषणा होगी और उनके पदभार ग्रहण करने के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी समेत तमाम दिग्गज नेता मौजूद रहेंगे। भाजपा फिलहाल खरमास की समाप्ति का इंतजार कर रही है, जो मकर संक्रांति के साथ खत्म होगा।  

चीन की कम्युनिस्ट पार्टी का डेलिगेशन भाजपा दफ्तर पहुंचा, गलवान घटना के बाद पहली बार हुआ संवाद

नईदिल्ली  चीन की कम्युनिस्ट पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल  भाजपा के मुख्यालय पहुंचा। 2020 में गलवान घाटी में हुए खूनी संघर्ष के बाद यह पहला मौका था, जब चीन के एक मात्र राजनीतिक दल का प्रतिनिधिमंडल भारत की सत्ताधारी पार्टी से संवाद के लिए पहुंचा। चीनी डेलिगेशन का नेतृत्व सुन हाइयान कर रहे थे, जो कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के अंतरराष्ट्रीय विभाग के वाइस मिनिस्टर हैं। उनके साथ चीनी डेलिगेशन के भाजपा दफ्तर पहुंचने की जानकारी बीजेपी के विदेश मामलों के विभाग के प्रभारी विजय चौथाइवाले ने एक्स पर दी। उन्होंने बताया कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के डेलिगेशन के साथ इस बात को लेकर चर्चा हुई कि कैसे संवाद को बढ़ाया जा सकता है। इस दौरान चीनी कम्युनिस्ट पार्टी से वार्ता का नेतृत्व भाजपा की ओर से महासचिव अरुण सिंह ने किया। इस बैठक में भारत में चीन के राजदूत शू फेइहॉन्ग भी मौजूद थे। अरुण सिंह ने भी इस बैठक की जानकारी एक्स पर दी है। उन्होंने लिखा, 'आज भाजपा दफ्तर में सुन हाइयान की लीडरशिप में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का डेलिगेशन आया। इस बैठक के दौरान हमने चर्चा की कि कैसे भाजपा और सीपीसी के बीच संवाद को बढ़ाया जा सकता है।' ऐतिहासिक रूप से भाजपा और चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के बीच एक औपचारिक संवाद वर्ष 2000 से ही जारी रहा। हालांकि इसका सिलसिला बीच-बीच में बाधित भी हुआ है। खासतौर पर गलवान में हुई झड़प के बाद दोनों देशों के बीच जो तनाव पैदा हुआ था, उसके 6 साल बाद ऐसी कोई औपचारिक मीटिंग हुई है। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच संबंधों में सहजता अक्तूबर 2024 के बाद से आई है। जब पीएम नरेंद्र मोदी की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से रूस के कजान में मुलाकात हुई थी। इस मीटिंग के बाद लद्दाख में सेना भी दोनों देशों ने कम की है। इसके अलावा कूटनीतिक स्तर पर संवाद भी शुरू हुआ है। दरअसल बीजिंग से संवाद को लेकर भारत की राजनीति में भी पसोपेश की स्थिति रही है। इसे लेकर कांग्रेस और भाजपा एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे हैं।

कानपुर दौरे पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, 16 जनवरी को 15 जगहों पर भव्य अभिनंदन

कानपुर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी 16 जनवरी को कानपुर दौरे पर रहेंगे। उनके दौरे को लेकर यहां पार्टी कार्यकर्ता जोर शोर से तैयारी में जुटे हुए हैं। प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व संभालने के बाद चौधरी का यह पहला कानपुर आगमन होगा। भाजपा के प्रदेश महामंत्री अनूप गुप्ता ने रविवार को प्रस्तावित स्वागत मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत में नहीं रहेगी कोई कमी दोपहर लगभग तीन बजे कानपुर पहुंचे अनूप गुप्ता ने भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल सहित वरिष्ठ नेताओं के साथ जाजमऊ से लेकर एचबीटीयू तक प्रस्तावित मार्ग का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान विभिन्न स्वागत बिंदुओं का भी निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए, ताकि प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत में किसी प्रकार की कमी न रहे। मार्ग निरीक्षण के उपरांत शाम चार बजे एचबीटीयू सभागार में प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत को भव्य बनाने को लेकर एक वृहत बैठक आयोजित की गई। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि आगमन से पूर्व पूरे कानपुर नगर को भाजपा व भगवा झंडों, होल्डिंग्स और स्वागत द्वारों से सजाया जाएगा। महानगर के सभी प्रमुख चौराहों को विशेष रूप से सजाया जाएगा।         इन स्थानों पर होगा भव्य स्वागत   बैठक में यह भी तय हुआ कि नगर में स्थापित सभी महापुरुषों की प्रतिमाओं पर आगमन से एक दिन पूर्व विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा तथा विधिवत माल्यार्पण किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत के लिये 15 स्थानों पर भव्य स्वागत की योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जिसमें कानपुर महानगर के 10 विधानसभा क्षेत्रों के कार्यकर्ता सहभागिता करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का काफिला जाजमऊ से लाल बंगला, फूलबाग, बड़ा चौराहा, चुन्नीगंज, मोतीझील होते हुए कोका-कोला चौराहा, गोल चौराहा, रावतपुर मार्ग से एचबीटीयू पहुंचेगा। एचबीटीयू में वे कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र की महत्वपूर्ण बैठक को संबोधित करेंगे।

BJP झारखंड इकाई में बड़ा बदलाव, अध्यक्ष पद के लिए आदित्य साहू सबसे आगे

रांची झारखंड बीजेपी को जल्दी ही नया पूर्णकालिक अध्यक्ष मिलने जा रहा है. संगठन पर्व के तहत प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव होगा. माना जा रहा है कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले झारखंड बीजेपी के अध्यक्ष का चुनाव हो सकता है. इसके लिए शनिवार केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम को चुनाव अधिकारी नियुक्त कर दिया गया. ओराम जल्दी ही रांची पहुंच कर प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया को संपन्न कराएंगे. मकर संक्रांति के तुरंत बाद झारखंड बीजेपी को नया अध्यक्ष मिल सकता है. इससे पहले बीजेपी ने 23 जिला अध्यक्षों की नियुक्ति भी कर दी है जिनमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं. झारखंड बीजेपी को जल्द ही नया अध्यक्ष मिल जाएगा. भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में अध्यक्ष के चुनाव के लिए चुनाव अधिकारी नियुक्त किया कर दिया है. जुएल ओरांव को पार्टी चुनाव प्रभारी बनाया जाएगा. 20 जनवरी से पहले झारखंड में नए प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव कर लिया जाएगा. ये चुनाव राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले होगा. भारतीय जनता पार्टी ने इसे लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, केंद्रीय कैबिनेट मंत्री जुएल ओरांव को राज्य अध्यक्ष और राष्ट्रीय परिषद सदस्यों के चुनाव के लिए झारखंड का राज्य चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया है. आदित्य साहू की नियुक्ति कर बीजेपी ने यह संदेश दिया था कि सामान्य कार्यकर्ता भी संगठन की कमान संभाल सकता है. जिला स्तर से राजनीति की शुरुआत करने वाले आदित्य साहू ने प्रदेश स्तर पर अपनी पहचान बनाई और बाद में उन्हें पार्टी ने राज्य सभा भेजा. चर्चा है कि झारखंड के कार्यकारी अध्यक्ष आदित्य साहू को ही प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है. आदित्य साहू मौजूदा समय में राज्यसभा सदस्य हैं. राजनीति में आने से पहले वो प्रोफेसर थे. बताते चले कि भारतीय जनता पार्टी लंबे समय से इस दुविधा में है कि वो किसी झारखंड की कमान सौंपे. मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी विधानसभा में नेता विपक्ष भी हैं. अब मरांडी की जगह नया अध्यक्ष बनना था. पूर्व सीएम और कैबिनेट मंत्री अर्जुन मुंडा और प्रदीप वर्मा के नामों की भी चर्चा है. आदित्य साहू और रघुवर दास ओबीसी हैं, जबकि मुंडा आदिवासी. चुनाव अधिकारी के रूप में नियुक्त किए जुएल ओराम ओडिशा के बड़े आदिवासी नेता हैं. इसके जरिए भी बीजेपी ने इस आदिवासी बहुल राज्य में एक राजनीतिक संदेश देने का प्रयास किया है.

भाजपा का संगठनात्मक अभियान: MP में जिला कार्यालयों पर MLA करेंगे कार्यकर्ताओं की समस्याओं का समाधान

भोपाल मध्य प्रदेश भाजपा संगठन ने कार्यकर्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान और संगठन-सत्ता के बीच बेहतर समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से एक नई पहल शुरू की है। अब जिस तरह प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्रतिदिन मंत्रियों की ड्यूटी लगाकर कार्यकर्ताओं की सुनवाई की जा रही है, उसी तर्ज पर जिला स्तर पर भी व्यवस्था लागू की जा रही है। पार्टी ने तय किया है कि जिला मुख्यालयों पर भाजपा विधायक नियमित रूप से पार्टी कार्यालय में बैठकर कार्यकर्ताओं की शिकायतें सुनेंगे और उनके निराकरण के लिए पहल करेंगे। इस व्यवस्था से कार्यकर्ताओं को सीधे जनप्रतिनिधियों तक पहुंच मिलेगी और संगठन की पकड़ जमीनी स्तर पर और मजबूत होगी। भाजपा ने सभी जिला अध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे सप्ताह में अवकाश के दिनों को छोड़कर शेष दिनों के लिए जिले के विधायकों का पार्टी जिला कार्यालय में बैठने का कार्यक्रम तय करें। किस दिन और किस समय कौन विधायक कार्यकर्ताओं से मिलेंगे, इसकी जानकारी पहले से सार्वजनिक की जाएगी। इस कार्यक्रम का इंटरनेट मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक कार्यकर्ता अपनी समस्याएं रख सकें।   प्रदेश कार्यालय की तर्ज पर बनाई गई व्यवस्था गौरतलब है कि सोमवार से शुक्रवार तक भाजपा प्रदेश कार्यालय में दो मंत्री प्रतिदिन दोपहर एक से तीन बजे तक कार्यकर्ताओं से संवाद कर रहे हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं। मंत्री एक-एक कर सभी की बातें सुनते हैं और समाधान का प्रयास करते हैं। अब तक 20 मंत्री इस व्यवस्था के तहत कार्यकर्ताओं से संवाद कर चुके हैं। समन्वय टोली के निर्णय का विस्तार यह निर्णय सत्ता और संगठन के बीच समन्वय के लिए गठित समन्वय टोली की बैठक में लिया गया था। अब इसी निर्णय को आगे बढ़ाते हुए विधायकों को भी जिले स्तर पर यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। राज्य स्तरीय समस्याएं शासन तक पहुंचेंगी विधायक जिला कार्यालय में कार्यकर्ताओं की विधानसभा क्षेत्र या जिला स्तर की समस्याओं को संबंधित अधिकारियों को भेजकर त्वरित समाधान कराएंगे। वहीं, जिन मामलों का समाधान राज्य स्तर पर जरूरी होगा, उन्हें विधायक शासन में संबंधित विभाग के संज्ञान में लाएंगे। इससे कार्यकर्ताओं की आवाज सीधे शासन तक पहुंचेगी और समस्याओं का समाधान तेज गति से हो सकेगा।