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भवानीपुर में भाजपा की बढ़त, ममता बनर्जी की राजनीति को क्या होगी चुनौती?

नई दिल्ली एक केंद्र शासित प्रदेश समेत देश के पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में नतीजों की घड़ी आ गई है. वोटों की गिनती के साथ ही रुझान आने शुरू हो गए हैं. बंगाल के रुझानों में टीएमसी-बीजेपी के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है. वहीं असम में बीजेपी आगे चल रही है जबिक केरलम में यूडीएफ को बढ़त दिख रही है. वहीं तमिलनाडु में सत्ताधारी डीएमके अपनी बढ़त को कायम किए हुए है.  जिन पांच राज्यों के चुनाव नतीजे आज आ रहे हैं, उनमें पश्चिम बंगाल और असम के साथ ही केरल और तमिलनाडु भी शामिल हैं. केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में रंगास्वामी राज जारी रहेगा या सत्ता बदलेगी, इसका फैसला भी आज आएगा।  पश्चिम बंगाल में विधानसभा की कुल 294 सीटें हैं. जिन पर वोट डाले गए थे. पहले चरण में 152 सीटों के लिए 23 अप्रैल को मतदान हुआ था. वहीं, दूसरे चरण में 142 सीटों पर 29 अप्रैल को वोट डाले गए थे. एक सीट पर पुनर्मतदान होना है, जिसकी वजह से आज 293 सीटों के नतीजे आ रहे हैं. शुरुआती रुझानों में बीजेपी और टीएमसी के बीच टाइट फाइट नजर आ रही है।  बंगाल में बीजेपी 129 सीटों पर आगे पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने फिर से लीड ले ली है. बीजेपी के उम्मीदवार शुरुआती रुझानों में 129  सीटों पर आगे चल रही है. वहीं, टीएमसी 110 सीटों पर आगे है. कांग्रेस एक सीट पर बढ़त बनाए हुए है. लेफ्ट का खाता भी खुलता नजर नहीं आ रहा है।  असम में बहुमत से आगे निकली बीजेपी असम के रुझानों में बीजेपी बहुमत के आंकड़े से आगे निकल गई है. बीजेपी 66 सीटों पर आगे निकल गई है. कांग्रेस की अगुवाई वाला गठबंधन 19 सीटों पर आगे चल रहा है. अन्य का खाता अब तक खुलता नहीं नजर आ रहा है।   बंगाल के रुझानों में टाइट फाइट पश्चिम बंगाल के शुरुआती रुझानों में फाइट टाइट दिख रही है. कभी बीजेपी, तो कभी टीएमसी आगे निकल रही है. फिलहाल, बीजेपी ने 122 विधानसभा सीटों पर लीड ले ली है. टीएमसी भी अधिक पीछे नहीं है. ममता बनर्जी की पार्टी 105 सीटों पर आगे चल रही है।  बंगाल और असमें बीजेपी को बढ़त, केरलमें यूडीएफ आगे बंगाल में 162 सीटों के रुझान आ गए ङैं जिसमें बीजेपी 88 सीटों पर आगे है जबकि टीएमसी72 सीटों पर आगे है. वहीं असम में 126 में से 54 सीटों के रुझान आ गए हैं जिसमें बीजेपी 44 सीटों पर आगे हैं जबकि कांग्रेस 10 सीटों पर आगे है.  केरलम में 140 सीटों में से 27 के रुझान आए हैं जिसमें यूडीएफ 15 और एलडीएफ और बीजेपी 5-5 सीटों पर आगे चल रहे हैं।  कभी बीजेपी, तो कभी टीएमसी आगे निकल रही है. शुरुआती रुझानों में बीजेपी और टीएमसी, दोनों दलों की लीड का आंकड़ा सौ के पार पहुंच चुका है. सत्ताधारी टीएमसी ममता बनर्जी की अगुवाई में जीत का चौका लगाने की कोशिश में है, वहीं बीजेपी को कमल खिलने की पुरजोर उम्मीद है., पश्चिम बंगाल में आजादी के बाद से अब तक का सर्वाधिक मतदान दर्ज किया गया है. सूबे में 92 फीसदी से अधिक मतदान हुआ है. भवानीपुर विधानसभा सीट पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सूबे की विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी आमने-सामने हैं।  एक्टर विजय का प्रचंड उलटफेर, असम में बीजेपी की जीत तय पश्चिम बंगाल : बैलट पेपर के शुरुआती रुझानों के मुताबिक बीजेपी आगे चल रही है. हालांकि टीएमसी ज्यादा पीछे नहीं है. पश्चिम बंगाल विधानसभा में 294 सीटें हैं. बहुमत का आंकड़ा 148 है. एक सीट फालटा में वोटों की गिनती नहीं हो रही है. बीजेपी की पैठ इस बार दमदार है. अब तक भद्रलोक बीजेपी के साथ नहीं था. इस बार कोलकाता, हावड़ा, आसनसोल जैसे शहरी इलाकों में 2021 के मुकाबले 20 प्रतिशत ज्यादा वोटिंग हुई. इसका असर रुझानों में है. इन शहरी सीटों पर बीजेपी आगे है।  तमिलनाडु : डीएमके पर जनता फिर भरोसा जताती दिख रही है. एक्टर विजय के टीवीके से भी पिछड़ गई है एआईएडीएमके. तमिलनाडु विधानसभा में 324 सीटें हैं और बहुमत के लिए 173 सीटें चाहिए।   तमिलनाडु में टीवीके बड़ी ताकत के तौर पर उभर रही है असम : कांग्रेस से अलग होने के बाद इसी की हस्ती मिटाने वाले हिमंत बिस्वा सरमा भगवा झंडा फिर फहराने की तैयारी में है. असम विधानसभा में 126 सीटें हैं और बहुमत का जादुई आंकड़ा 64 है।  केरलम : अपने अस्तित्व के लिए लड़ रहा लेफ्ट फ्रंट कठिन दौर से गुजर रहा है. हालांकि पिनरई विजयन की पार्टी कांग्रेस की अगुआई वाले यूडीएफ को कड़ी टक्कर दे रही है. अगर एलडीएफ की हार होती है तो पूरे देश से कम्युनिस्टों का सफाया हो जाएगा. ताजा डेटा के मुताबिक 76 सीटों पर यूडीएफ आगे है. केरलम विधानसभा में 140 सीटें हैं और बहुमत का जादुई आंकड़ा 71 है. रुझान अगर परिणाम में तब्दील हो गए तो कांग्रेस का सीएम बनना तय है।  असम में विधानसभा की कुल 126 विधानसभा सीटें हैं. प्रदेश की सभी 126 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल को वोट डाले गए थे. मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की अगुवाई में चुनाव मैदान में उतरी बीजेपी को जीत की हैट्रिक लगाने का भरोसा है. वहीं, सूबे की सत्ता से 10 साल लंबा वनवास समाप्त कराने की कोशिशों में जुटी कांग्रेस को भी जीत की उम्मीद है. प्रदेश में इस बार रिकॉर्ड 85 फीसदी से अधिक वोटिंग हुई है।  तमिलनाडु में 234 विधानसभा सीटों हैं. इन सीटों के लिए 23 अप्रैल को मतदान हुआ था. सूबे में मतदाताओं ने जबरदस्त उत्साह दिखाया और मतदान का आंकड़ा सभी पिछले रिकॉर्ड तोड़ते हुए 85.14 फीसदी तक पहुंच गया. सूबे में डीएमके की अगुवाई वाली मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की सरकार है. विपक्षी एनडीए की अगुवाई सूबे में एआईएडीएमके कर रही है. थलापति विजय की अगुवाई वाली नई नवेली टीवीके मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश में है।  केरलम की बात करें तो इस तटीय प्रदेश की 140 विधानसभा सीटों के लिए एक ही चरण में 9 अप्रैल को वोट डाले गए थे. इस बार सूबे में 78.27 फीसदी मतदान हुआ है. वहीं, केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की 30 सीटों के लिए भी 9 अप्रैल को ही वोट डाले … Read more

BJP की धांसू रणनीति: MP में राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस से तीसरी सीट छीनने की तैयारी

भोपाल  मध्य प्रदेश की राज्यसभा चुनाव के लिए बिसातें बिछनी शुरु हो गई हैं। प्रदेश में तीन राज्यसभा सीटें अगले महीने यानी की जून में रिक्त हो रही हैं, इस सीटों के खाली होने के पहले ही बीजेपी और कांग्रेस में प्योर रणनीति पर काम शुरु हो चुका है। प्रदेश की जिन सीटों पर जून 2026 में चुनाव होगों उनमें कांग्रेस के दिग्विजय सिंह, दूसरी पर भाजपा के सुमेर सिंह सोलंकी और तीसरी सीट पर राज्य मंत्री जार्ज कुरियन राज्यसभा सदस्य हैं। इन्ही तीन सीटों पर चुनाव होगें। संख्या बल के हिसाब से देखें तो 2 सीटें भाजपा और एक कांग्रेस के खाते में जानी तय मानी जा रही है लेकिन कांग्रेस सीट पर दिग्विजय सिंह के मना करने और कांग्रेस के बढ़ते दावेदारों के साथ ही, कांग्रेस में चल रही गुटबाजी और कलह का फायदा उठाकर भाजपा तीसरी सीट को भी अपने पाले में ले जाने की योजना पर विचार कर रही है, भाजपा अपना उम्मीदवार उतारने का प्लान बना रही है। भाजपा कर रही इस ऱणनीति पर काम दरअसल पहले इस सीट के लिए पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का नाम चर्चाओं में था, लेकिन दतिया में राजेंद्र भारती की सदस्यता पर लटकी तलवार से संभावित विधानसभा उपचुनाव के चलते अब स्थिति बदल रही है।   किसी आदिवासी चेहरे को मैदान में उतारने पर विचार किया जा रहा है। इस प्लान के लिए दो वजहें है जिस पर भाजपा विचार कर रही है। पहली है कांग्रेस के आदिवासी विधायकों का समर्थन हासिल करने का मकसद, वहीं दूसरे कारण है  विपक्ष की शक्ति को कम करना। जानकारी के मुताबिक  भाजपा दावा कर रही है कि कांग्रेस के कुछ आदिवासी विधायक उनके संपर्क में हैं। कांग्रेस के लिए आसान मानी जाने वाली राज्यसभा की तीसरी सीट पर गणित कुछ और ही बन रहा है  क्योंकि  दतिया विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद कांग्रेस विधायकों की संख्या घटकर 64 हो गई है। विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा के मतदान पर कोर्ट ने रोक लगाई है तो बीना विधायक निर्मला सप्रे का मामला भी कोर्ट में हैं। इस स्थिति में कांग्रेस के घटकर 62 पर पहुंच चुके हैं,यहां से बीजेपी कुछ खेल कर सकती है। वैसै बात करें तो कांग्रेस के पास अपनी राज्यसभा सीट पाने का संख्या बल है लेकिन  पार्टी में संभावित क्रास वोटिंग को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही है।

बंगाल चुनाव में किंगमेकर कौन बनेगा? त्रिशंकु विधानसभा का गणित

कलकत्ता पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में किसी एक पार्टी की लहर नहीं, बल्कि एक कड़ा 'चुनावी गतिरोध' देखने को मिल रहा है। ज्यादातर एग्जिट पोल यह नहीं बता रहे हैं कि कौन जीत रहा है, बल्कि यह दिखा रहे हैं कि 148 के जादुई आंकड़े के इर्द-गिर्द मुकाबला कितना कांटे का है। हालात ये हैं कि महज 5-10 सीटों का हेरफेर ही यह तय कर देगा कि राज्य में एक स्थिर सरकार बनेगी या फिर सूबे में त्रिशंकु विधानसभा की नौबत आएगी। टीएमसी और बीजेपी में कांटे की टक्कर ज्यादातर एग्जिट पोल के रुझानों से साफ है कि सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और राज्य में अपना विस्तार कर रही भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच सीधी और कांटे की टक्कर है। क्या कहते हैं एग्जिट पोल के आंकड़े? मैट्रिज (Matrize-ABP): इसके मुताबिक बीजेपी को 146-161 और टीएमसी को 125-140 सीटें मिल सकती हैं। अगर बीजेपी 146 पर रुकती है, तो वह बहुमत से दूर रह जाएगी और यह सीधे तौर पर त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति होगी। पीमार्क (PMARQ): इन आंकड़ों में बीजेपी का पलड़ा थोड़ा भारी है। बीजेपी को 150-175 और टीएमसी को 118-138 सीटें दी गई हैं। हालांकि, यहां भी बीजेपी का निचला आंकड़ा (150) बहुमत (148) से जरा सा ही ऊपर है, जो एक कमजोर जनादेश का इशारा है। एक्सिस माई इंडिया (Axis My India): इस मशहूर पोलस्टर ने बंगाल के लिए अपने आंकड़े ही जारी नहीं किए। उनका कहना है कि बहुत बड़ी संख्या में वोटरों ने अपनी पसंद का खुलासा करने से इनकार कर दिया, जिससे कड़े मुकाबले की पुष्टि होती है। पीपुल्स पल्स (Peoples Pulse): इस पोल ने दोनों पार्टियों के आंकड़ों को एक-दूसरे के काफी करीब दिखाया है, जिसका मतलब है कि तकनीकी रूप से कोई भी जीत सकता है। त्रिशंकु विधानसभा के पूरे आसार आंकड़ों को देखें तो बंगाल में त्रिशंकु विधानसभा की संभावना काफी मजबूत है। ज्यादातर अनुमान बीजेपी को 140-160 और टीएमसी को 120-140 सीटों के आसपास दिखा रहे हैं। दोनों बहुमत के करीब तो हैं, लेकिन लगातार इससे ऊपर नहीं दिख रहे। हालांकि, ध्यान रखना जरूरी है कि एग्जिट पोल सिर्फ एक अनुमान होते हैं और अतीत में इनके गलत साबित होने का भी इतिहास रहा है। क्या होती है त्रिशंकु विधानसभा और क्या है नियम? बंगाल में त्रिशंकु विधानसभा का मतलब है कि किसी भी दल को 148 सीटें नहीं मिलेंगी और कोई भी अपने दम पर सरकार नहीं बना पाएगा। ऐसी स्थिति में राज्यपाल की भूमिका अहम हो जाती है। नियम के मुताबिक, राज्यपाल सबसे बड़ी पार्टी को सबसे पहले सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करते हैं। बहुमत नहीं मिला तो सरकार कैसे बनेगी? बीजेपी की रणनीति: अगर बीजेपी बहुमत से चूकती है, तो वह छोटी पार्टियों और निर्दलीय विधायकों से समर्थन मांग सकती है। टीएमसी की रणनीति: ममता बनर्जी की पार्टी समर्थन के लिए कांग्रेस और लेफ्ट का रुख कर सकती है। जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से जरूरत पड़ने पर टीएमसी को समर्थन देने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने के बजाय कहा कि पार्टी तस्वीर साफ होने का इंतजार करेगी। फ्लोर टेस्ट और राष्ट्रपति शासन का विकल्प जो भी सरकार बनेगी, उसे विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के जरिए अपना बहुमत साबित करना ही होगा। अगर कोई भी गठबंधन काम नहीं करता है, तो राज्य में कुछ समय के लिए राष्ट्रपति शासन लगने और दोबारा चुनाव होने की भी संभावना बन सकती है, हालांकि ऐसा दुर्लभ ही होता है। 92% बंपर वोटिंग और 'किंगमेकर' की भूमिका पहले के चुनावों के उलट, 2026 का चुनाव पूरी तरह से टीएमसी और बीजेपी के बीच का चुनाव बन गया है। सत्ता विरोधी वोट कई दलों में बंटे हुए हैं और 92 प्रतिशत से ज्यादा की बंपर वोटिंग मजबूत लामबंदी का संकेत देती है। बीजेपी के लिए इसके मायने: अगर त्रिशंकु विधानसभा बनती है और बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरती है, तब भी उसे सहयोगियों की जरूरत पड़ेगी। ममता बनर्जी से सत्ता छीनने की कोशिश कर रही बीजेपी के लिए यह स्थिति राज्य में उसके नियंत्रण को सीमित कर देगी। टीएमसी के लिए इसके मायने: यह विपक्षी एकजुटता की एक बड़ी परीक्षा होगी। अगर कांग्रेस और लेफ्ट साथ देते हैं, तो बीजेपी से पिछड़ने के बावजूद टीएमसी सत्ता बरकरार रख सकती है। कांग्रेस-लेफ्ट के लिए इसके मायने: ऐसी स्थिति में कम या शून्य सीटें होने के बावजूद कांग्रेस और लेफ्ट के पास 'किंगमेकर' बनने और अपनी प्रासंगिकता हासिल करने का एक बड़ा मौका होगा।

BJP में संगठनात्मक बदलाव, Hemant Khandelwal की सहमति से नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति

भोपाल मध्यप्रदेश में संगठन को मजबूत करने के लिए भारतीय जनता पार्टी लगातार सक्रिय नजर आ रही है। इसी क्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष Hemant Khandelwal की सहमति से मध्यप्रदेश भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्षों की नई नियुक्तियों की सूची जारी कर दी गई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इन नियुक्तियों के जरिए संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त बनाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। खासकर किसान मोर्चा के माध्यम से ग्रामीण और कृषक वर्ग तक पार्टी की पहुंच को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। गौरतलब है कि प्रदेश भाजपा में इन दिनों लगातार नियुक्तियों का दौर जारी है। अलग-अलग मोर्चों और संगठनों में नई जिम्मेदारियां देकर पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जा रहा है, जिससे आगामी चुनावी तैयारियों को धार मिल सके। नई सूची जारी होने के बाद कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है और उम्मीद जताई जा रही है कि नए जिला अध्यक्ष अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन को और मजबूती प्रदान करेंगे।

पंजाब में FIR, AAP छोड़कर BJP में गए संदीप पाठक के खिलाफ कार्रवाई

चंडीगढ़  आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए राज्यसभा सदस्य संदीप पाठक की मुश्किलें बढ़ सकती है। सूत्रों अनुसार उनके खिलाफ पंजाब के 2 अलग-अलग जिलों में एफआईआर दर्ज होने के बाद गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है। पंजाब के अलग-अलग जिलों से जुड़े हुए हैं दोनों केस सूत्रों के अनुसार, संदीप पाठक के खिलाफ दर्ज दोनों मामलों में गैर-जमानती धाराएं लगाई गई हैं, जिससे पुलिस को किसी भी समय सख्त कार्रवाई करने का अधिकार मिल गया है। बताया जा रहा है कि ये दोनों केस पंजाब के अलग-अलग जिलों से जुड़े हुए हैं। सामने आया संदिप पाठक का बयान उधर, संदिप पाठक ने FIR की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा: “मुझे ऐसी किसी भी FIR की जानकारी नहीं है, और न ही किसी पुलिस अधिकारी ने मुझे इसके बारे में सूचित किया है। मैंने अपना पूरा जीवन ईमानदारी और निष्ठा के साथ देश की सेवा में लगाया है। देश किसी भी पार्टी से बड़ा है—मैं न कभी इसके साथ विश्वासघात करूंगा और न किसी और को ऐसा करने दूंगा। अगर मेरे जैसे व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है, तो यह केवल उनके डर को दर्शाता है। मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहता।” हालांकि अभी तक पुलिस या संबंधित अधिकारियों की ओर से मामले की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। लेकिन कानूनी स्थिति को देखते हुए यह माना जा रहा है कि आने वाले समय में पुलिस कार्रवाई तेज हो सकती है। फिलहाल, पूरे घटनाक्रम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं और आगे की अपडेट का इंतजार किया जा रहा है।

BJP की नई टीम पर फोकस, 33% महिला भागीदारी के साथ ड्रीम पूरा करने की तैयारी

  नई दिल्ली पश्चिम बंगाल और असम सहित पांच राज्यों के चुनाव नतीजे के बाद बीजेपी में कई अहम फैसले होंगे. बीजेपी अध्यक्ष की कमान संभाल रहे नितिन नवीन को अपनी टीम का गठन करना हो तो उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार तक कैबिनेट विस्तार पेंडिग है. बीजेपी संगठन और सरकार के हिसाब से मई का महीना कई बड़े बदलाव लेकर आएगा।  माना जा रहा है कि 4 मई को बाद बीजेपी नवीन टीम के साथ यूपी से बिहार तक कैबिनेट गठन को अमलीजामा पहनाने का काम करेगी. लंबे समय से लटके पड़े कई फ़ैसले मई में लागू होने की संभावना है. इनमें सबसे महत्वपूर्ण उत्तर प्रदेश में योगी सरकार में फेरबदल शामिल है।  उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसे पहले बीजेपी कैबिनेट विस्तार करके सियासी समीकरण को साधने की कवायद करना चाहती है. बिहार में सीएम और डिप्टीसीएम बनाए जाने के बाद अब कैबिनेट विस्तार होना है, जिसे अब बीजेपी अमलीजामा पहनाना चाहती है? बीजेपी शीर्ष नेतृत्व ने सारी तैयारी कर ली है, जिसे चार मई के बाद किसी भी दिन अमल में लाया जा सकता है?    नवीन टीम में युवा और महिलाओं को तवज्जे?  जेपी नड्डा की जगह नितिन नवीन बीजेपी के अध्यक्ष 2025 के आखिर में बन गए हैं, लेकिन पांच महीने के बाद भी अपनी टीम का गठन नहीं कर सके हैं. बीजेपी शीर्ष नेतृत्व ने चार मई के बाद नवीन टीम के गठन का प्लान बनाया है. इस तरह संगठन में राष्ट्रीय स्तर पर बदलाव करने का है.  बीजेपीके राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में जल्द ही एक नई टीम बनने की संभावना है।  माना जा रहा है कि नितिन नवीन की टीम में अनुभवी और युवा नेताओं का मिश्रण होगा ताकि एक संतुलन टीम बन सके. युवाओं के साथ महिलाओं को भी शामिल करने की रणनीति है. बीजेपी की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में 33 फीसदी महिलाओं को शामिल करने की योजना है।  यूपी में योगी कैबिनेट का विस्तार का प्लान उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने भूपेंद्र चौधरी की जगह पर पंकज चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष तो बना दिया है, लेकिन अभी तक उनकी टीम नहीं बन सकी है. सूत्रों के अनुसार यूपी में ख़ाली पड़ें पदों को भरने के अलावा कुछ फेरबदल भी हो सकता है. इसमें कुछ मौजूदा मंत्रियों की ज़िम्मेदारी में बदलाव की भी संभावना है.पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र चौधरी की सरकार में वापसी तय मानी जा रही है।  2027 के चुनावों को ध्यान में रख कर क्षेत्रीय जातीय समीकरणों को भी साधा जाएगा. बीजेपी नेताओं के अनुसार योगी कैबिनेट में फेरबदल के साथ ही प्रदेश बीजेपी में भी नई टीम का गठन होने की संभावना है. प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की नई टीम और योगी कैबिनेट दोनों का निर्णय करते समय आगामी 2027 विधानसभा चुनाव का ध्यान रखा जाएगा।  बिहार में सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल का गठन यूपी कैबिनेट विस्तार के साथ बिहार में सम्राट चौधरी के अगुवाई में बनी एनडीए सरकार के मंत्रिमंडल का गठन होना है. बीजेपी जेडीयू के फार्मूले के अनुसार दोनों के पास सोलह-सोलह मंत्री पद रहने की संभावना है, वर्तमान में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास जो विभाग हैं, वो सभी बीजेपी कोटे से बनने वाले मंत्रियों को दिए जा सकते हैं. ऐसे ही जेडीयू के दोनों उपमुख्यमंत्रियों के पास के विभाग जेडीयू कोटे से बनने मंत्रियों को दिए जाएंगे।  उम्मीद है कि मई का महीना बीजेपी में संगठन और सरकार, दोनों ही स्तरों पर बड़े बदलाव लेकर आएगा. इन बदलावों की मुख्य वजह आगामी चुनाव और राजनीतिक संतुलन बनाए रखना होगा। 

बंगाल में BJP की सत्ता से होगा भूचाल, बांग्लादेशी MP ने दी शरणार्थियों को लेकर चेतावनी

ढाका  पश्चिम बंगाल में आगामी 4 मई को विधानसभा चुनाव के नतीजे आने वाले हैं। इससे पहले बंगाल से लेकर बांग्लादेश तक खलबली मची हुई है। हाल ही में एक बांग्लादेशी सांसद ने नतीजों को लेकर चिंता जताई है और कहा है कि अगर 4 मई को भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आती है तो यह बांग्लादेश के लिए बुरी स्थिति होगी क्योंकि बीजेपी सैकड़ों लोगों को सीमा पार धकेल देगी। MP ने कहा कि इससे बांग्लादेश में शरणार्थी संकट खड़ा हो सकता है। नेशनल सिटीजन पार्टी के संसद सचिव अख्तर हुसैन ने देश की संसद में यह बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बंगाल में बीजेपी की जीत के बाद से ही अवैध प्रवासियों को बांग्लादेश की तरफ भेज दिया जाएगा, जो देश के लिए चिंता की बात है। हुसैन ने कहा, “पश्चिम बंगाल के एग्जिट पोल में BJP को जीतते हुए दिखाया जाता है और अगर BJP वहां सरकार बनाती है, तो वे सभी बांग्लादेशियों को इस तरफ धकेल देंगे। इससे हमारे लिए एक बड़ा शरणार्थी संकट खड़ा हो जाएगा। हम इस बात को लेकर चिंतित हैं।” मुसलमानों को लेकर जताई चिंता सांसद ने आगे कहा, "BJP प्रवासियों के एक सैलाब को बांग्लादेश पहुंचा देगी। इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि मुसलमानों को हमारे पड़ोसी देश से वापस नहीं भेजा जाएगा। हमें एकजुट रहना होगा।" बता दें कि बंगाल चुनाव में अवैध प्रवासियों का मुद्दा अहम रहा था और भाजपा ने वादा किया है कि वह घुसपैठियों को चुन-चुन कर देश से बाहर कर देगी। निशिकांत दुबे ने शेयर किया वीडियो बांग्लादेशी सांसद के वीडियो को भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने शेयर किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट पर उन्होंने यह वीडियो शेयर पर तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा। निशिकांत दुबे ने लिखा, "बांग्लादेश के सांसद अख़्तर हुसैन ने आज बांग्लादेश के संसद में कहा कि भाजपा की पश्चिम बंगाल की जीत घुसपैठ को रोकेगी और बांग्लादेशी मुसलमानों को भगाएगी, यह खतरनाक है। तृणमूल कांग्रेस के मददगार धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं।” एग्जिट पोल में भाजपा की दिख रही जीत इस बीच बंगाल चुनाव के नतीजों से पहले एग्जिट पोल के आंकड़े सामने आए हैं जिनमें भाजपा को जीत मिलती दिख रही है। 'पोल डायरी' के आंकड़ों के मुताबिक पश्चिम बंगाल में भाजपा 142 से 171 सीटों के साथ पहली बार सत्ता में आ सकती है। इस सर्वे के आंकड़ों की मानें तो, टीएमसी को 99 से 127 से ही संतोष करना पड़ सकता है। वहीं 'मैट्रिज' एग्जिट पोल में कहा गया है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा 146 से 161 सीटों के साथ सरकार बना सकती है और टीएमसी को 125 से 140 सीटें मिल सकती है और वह सत्ता से बाहर हो सकती है। हालांकि कुछ पोल में ममता बनर्जी की टीएमसी की जीत का भी अनुमान है। 'पी-मार्क' के सर्वेक्षण में कहा गया है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा को 150 से 175 सीटें मिल सकती हैं तो टीएमसी को 118-138 सीटें मिलने का अनुमान है। 'पीपुल्स प्लस' के सर्वे के मुताबिक तृणमूल कांग्रेस 177 से 187 सीटें हासिल करके अपनी सत्ता बरकार रख सकती है। वहीं भाजपा को 95 से 110 सीटें मिलने का अनुमान है। कांग्रेस को एक से तीन सीट मिलने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा 'जनमत पोल्स' के एग्जिट पोल के मुताबिक तृणमूल कांग्रेस को 195 से 205 सीटें मिल सकती हैं तो वहीं भाजपा को 80 से 90 सीटों से ही संतोष करना पड़ सकता है। पश्चिम बंगाल में आगामी 4 मई को विधानसभा चुनाव के नतीजे आने वाले हैं। इससे पहले बंगाल से लेकर बांग्लादेश तक खलबली मची हुई है। हाल ही में एक बांग्लादेशी सांसद ने नतीजों को लेकर चिंता जताई है और कहा है कि अगर 4 मई को भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आती है तो यह बांग्लादेश के लिए बुरी स्थिति होगी क्योंकि बीजेपी सैकड़ों लोगों को सीमा पार धकेल देगी। MP ने कहा कि इससे बांग्लादेश में शरणार्थी संकट खड़ा हो सकता है। नेशनल सिटीजन पार्टी के संसद सचिव अख्तर हुसैन ने देश की संसद में यह बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बंगाल में बीजेपी की जीत के बाद से ही अवैध प्रवासियों को बांग्लादेश की तरफ भेज दिया जाएगा, जो देश के लिए चिंता की बात है। हुसैन ने कहा, “पश्चिम बंगाल के एग्जिट पोल में BJP को जीतते हुए दिखाया जाता है और अगर BJP वहां सरकार बनाती है, तो वे सभी बांग्लादेशियों को इस तरफ धकेल देंगे। इससे हमारे लिए एक बड़ा शरणार्थी संकट खड़ा हो जाएगा। हम इस बात को लेकर चिंतित हैं।” मुसलमानों को लेकर जताई चिंता सांसद ने आगे कहा, "BJP प्रवासियों के एक सैलाब को बांग्लादेश पहुंचा देगी। इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि मुसलमानों को हमारे पड़ोसी देश से वापस नहीं भेजा जाएगा। हमें एकजुट रहना होगा।" बता दें कि बंगाल चुनाव में अवैध प्रवासियों का मुद्दा अहम रहा था और भाजपा ने वादा किया है कि वह घुसपैठियों को चुन-चुन कर देश से बाहर कर देगी। निशिकांत दुबे ने शेयर किया वीडियो बांग्लादेशी सांसद के वीडियो को भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने शेयर किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट पर उन्होंने यह वीडियो शेयर पर तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा। निशिकांत दुबे ने लिखा, "बांग्लादेश के सांसद अख़्तर हुसैन ने आज बांग्लादेश के संसद में कहा कि भाजपा की पश्चिम बंगाल की जीत घुसपैठ को रोकेगी और बांग्लादेशी मुसलमानों को भगाएगी, यह खतरनाक है। तृणमूल कांग्रेस के मददगार धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं।” एग्जिट पोल में भाजपा की दिख रही जीत इस बीच बंगाल चुनाव के नतीजों से पहले एग्जिट पोल के आंकड़े सामने आए हैं जिनमें भाजपा को जीत मिलती दिख रही है। 'पोल डायरी' के आंकड़ों के मुताबिक पश्चिम बंगाल में भाजपा 142 से 171 सीटों के साथ पहली बार सत्ता में आ सकती है। इस सर्वे के आंकड़ों की मानें तो, टीएमसी को 99 से 127 से ही संतोष करना पड़ सकता है। वहीं 'मैट्रिज' एग्जिट पोल में कहा गया है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा 146 से 161 सीटों के साथ सरकार बना सकती है और टीएमसी को 125 से 140 सीटें मिल सकती है और वह सत्ता से … Read more

‘ममता बनर्जी आराम करें’, सुवेंदु ने कहा- बंगाल में BJP को मिलेगी 180 से ज्यादा सीटें

कलकत्ता पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में दूसरे और आखिरी चरण की वोटिंग खत्म हो चुकी है. खबर लिखे जाने तक इस फेज की 142 सीटों पर करीब 90 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ है. दूसरे फेज के चुनाव में सबकी नजर भाजपा प्रत्याशी शुभेंदु अधिकारी और ममता बनर्जी की सीट भवानीपुर पर टिकी हुई है. वोटिंग के बाद शुभेंदु अधिकारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई दावे किए।  180 से अधिक सीटें जीतने का दावा सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य में इस बार सत्ता परिवर्तन तय है और भाजपा 180 से अधिक सीटें जीतकर सरकार बनाएगी. उन्होंने कहा कि 4 मई को भाजपा की सरकार बनेगी और वे भवानीपुर सीट से 30 हजार से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज करेंगे. उन्होंने ममता बनर्जी को अब आराम करने की सलाह दी. उन्होंने कहा, 'ममता बनर्जी अब आराम करेंगे, हम 180 से अधिक सीटें जीतेंगे।  सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया कि उनके निर्वाचन क्षेत्र भवानीपुर में 90 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ और बड़ी संख्या में हिंदू मतदाताओं ने परिवर्तन के पक्ष में वोट दिया. उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं के परिश्रम के लिए आभार व्यक्त किया।  उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने स्थानीय पुलिस, केंद्रीय बलों और अन्य लोगों को डराने की कोशिश की. सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि ममता बनर्जी कथित तौर पर गुंडों के साथ घूमती रहीं, लेकिन सुवेंदु ने लोगों में भरोसा जगाया।  जमात-ए-इस्लामी समर्थकों पर हमले का आरोप भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि आज शाम 5 बजे के बाद जब वे इकबालपुर पहुंचे, तो जमात-ए-इस्लामी समर्थकों ने उन पर हमला करने की कोशिश की, हालांकि पुलिस ने स्थिति संभाल ली. उन्होंने दावा किया कि कुछ लोगों ने 'जय बंगला' के नारे लगाकर उन्हें घेरने की कोशिश की।  सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि यह नया बंगाल है, जो भगवा रंग में रंगा हुआ है. अंत में उन्होंने ममता बनर्जी को संदेश देते हुए कहा, 'अब आप आराम कीजिए।  जहांगीर खान का दावा- हम 200 प्रतिशत चुनाव जीत रहे हैं इस बीच तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान ने भाजपा और चुनावी पर्यवेक्षकों पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि फाल्टा के मतदाता हर उस कार्रवाई का जवाब देंगे, जिसे वे बाहरी दबाव या हस्तक्षेप मानते हैं. उन्होंने कहा, हम 200 प्रतिशत चुनाव जीत रहे हैं।  एक विशेष बातचीत में जहांगीर खान ने कहा कि 'गुजरात और उत्तर प्रदेश की राजनीति या संस्कृति बंगाल में नहीं चलेगी.' उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के चुनावी माहौल को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन बंगाल की जनता इसे स्वीकार नहीं करेगी।  ईवीएम पर टेप लगाए जाने पर क्या बोले? ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोपों पर उन्होंने कहा कि भाजपा उम्मीदवार ने खुद ईवीएम को टेप किया और फिर झूठे आरोप लगाकर माहौल बनाने की कोशिश की. उनके अनुसार यह एक सोची-समझी रणनीति थी, ताकि चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए जा सकें।  फाल्टा में हाल में हुई 'सिंघम कार्रवाई' और चुनावी तनाव पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी. उनका कहना था कि मतदाता इस पूरे घटनाक्रम का जवाब अपने वोट से देंगे. अभिषेक बनर्जी द्वारा कानूनी कार्रवाई की बात पर जहांगीर खान ने समर्थन जताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने वालों के खिलाफ कानून के तहत कदम उठना चाहिए।  उन्होंने विश्वास जताया कि उनकी पार्टी फाल्टा सीट पर भारी बहुमत से जीत दर्ज करेगी. जहांगीर खान ने कहा, 'हम 200 प्रतिशत जीत को लेकर आश्वस्त हैं। 

BJP की धाक दिल्ली नगर निगम में, प्रवेश वाही बने मेयर, मोनिका पंत डिप्टी मेयर

नई दिल्ली दिल्ली नगर निगम की सियासत में बुधवार को एक बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार प्रवेश वाही को नया मेयर चुना गया. पीठासीन अधिकारी राजा इकबाल सिंह ने प्रवेश वाही के मेयर चुने जाने की आधिकारिक घोषणा की. रोहिणी ईस्ट से पार्षद प्रवेश वाही ने कुल 156 वोट हासिल किए, जिनमें इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी के 14 पार्षदों का भी समर्थन शामिल रहा. वहीं कांग्रेस उम्मीदवार हाजी जराफ को महज 9 वोट मिले।  आनंद विहार से बीजेपी पार्षद मोनिका पंत को 156 वोटों के साथ डिप्टी मेयर चुना गया. स्थायी समिति (स्टैंडिंग कमेटी) के लिए बेगमपुर से पार्षद जय भगवान यादव और पहाड़गंज से पार्षद मनीष चड्ढा निर्वाचित हुए, जबकि शालीमार बाग से पार्षद जलज चौधरी भी इस पैनल में चुने गए. मेयर चुने जाने के बाद प्रवेश वाही ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पार्टी नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि आने वाले महीनों में दिल्ली को साफ-सुथरा बनाने और विकास कार्यों को गति देने पर जोर दिया जाएगा।  उन्होंने कहा, 'हम दिल्ली को स्वच्छ बनाएंगे और विकास के लिए निरंतर काम करेंगे.' इस बार मेयर चुनाव के लिए कुल 273 वोटों का इलेक्टोरल कॉलेज था, जिसमें 249 पार्षद, दिल्ली विधानसभा द्वारा नामित 14 विधायक, 7 लोकसभा सांसद और 3 राज्यसभा सदस्य शामिल थे. जीत के लिए 137 वोटों की जरूरत थी, जिसे बीजेपी उम्मीदवार ने आसानी से पार कर लिया. दिलचस्प बात यह रही कि आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस चुनाव से दूरी बनाई और मतदान में हिस्सा नहीं लिया।  आम आदमी पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह फैसला बीजेपी को एमसीडी की जिम्मेदारी संभालने देने और उसके कामकाज को जनता के सामने उजागर करने के लिए लिया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के सभी स्तरों पर होने के बावजूद बीजेपी दिल्ली में कोई बड़ा बदलाव नहीं ला सकी है. इससे पहले नवंबर 2024 में आम आदमी पार्टी के महेश कुमार खिंची बेहद करीबी मुकाबले में तीन वोटों से मेयर चुने गए थे. बता दें कि 22 मई 2022 को पूर्वी दिल्ली नगर निगम, उत्तरी दिल्ली नगर निगम और दक्षिणी दिल्ली नगर निगम को एकीकृत कर एक ही संस्था- दिल्ली नगर निगम (MCD) का गठन किया गया था। 

CG BJP का प्लान तैयार: जिलावार ट्रेनिंग से कार्यकर्ताओं के कौशल को मिलेगा नया आयाम

रायपुर. भारतीय जनता पार्टी की आज प्रदेश कार्यालय में अगले महीने से शुरू होने वाले प्रशिक्षण को लेकर अहम बैठक होने वाली है. जिलों में प्रशिक्षण वर्ग को लेकर कार्ययोजना तैयार की जाएगी. सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि बीजेपी सिर्फ चुनाव के समय नहीं, बल्कि हर समय तैयारी करती है. शांतिकाल में भी हम युद्ध के लिए शस्त्र तैयार रखते हैं. कार्यकर्ताओं को पार्टी के इतिहास, कार्यपद्धति की ट्रेनिंग देंगे. प्रशिक्षण में कार्यकर्ताओं के कौशल विकास फोकस होगा. मंडल, जिला और प्रदेश स्तर पर प्रशिक्षण आयोजित होंगे. नक्सल प्रभावित इलाकों में विदेशी फंडिंग का खुलासा ईडी जांच में नक्सल प्रभावित इलाकों में विदेशी फंडिंग का खुलासा होने के बाद छत्तीसगढ़ का सियासी तेज है. राजनांदगांव से भाजपा सांसद संतोष पांडेय ने कांग्रेस और भूपेश बघेल पर हमला बोला है. गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इसीलिए कांग्रेस और भूपेश बघेल ने ईडी पर रोका छेका किया. कांग्रेस ने फॉरेन फंडिंग से लोगों को जेएनयू भेजा. आदिवासी क्षेत्रों में फंडिंग से कई गतिविधियां संचालित की गई. कांग्रेस का नक्सलियों के बीच नेटवर्क था, यह जनता जान चुकी थी. भाजपा सांसद ने कहा कि मोदी सरकार ने विदेशी फंडिंग वाले गैर सरकारी संगठन पर रोक लगाई. वहीं प्रदेश में धर्मांतरण रोकने के लिए कानून भी भाजपा ही लेकर आई. भारतीय राजनीति में शुक्रवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम हुआ. संदीप पाठक, राघव चढ्ढा समेत कई आप सांसद ने पार्टी छोड़कर भाजपा ज्वाइन कर ली. इसे लेकर बीजेपी सांसद संतोष पांडे ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में एक कहावत है. बकरी पालन हो तो फईरिका से भी काम चल जाता है. लेकिन बीजेपी का गेट बहुत बड़ा है, सिंहद्वार है. इसमें सभी तरह के लोगों का प्रवेश हो जाता है. उन्हें अपनी रीति-नीति में ढाल कर राष्ट्र के लिए उपयोगी बनाया जाता है.  TS सिंहदेव पर सांसद संतोष का पलटवार  TS सिंहदेव के प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने की आशंका को लेकर बड़ा बयान दिया था. इस पर अब बीजेपी सांसद संतोष पांडे ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि इतने परेशान क्यों हो रहे हैं टीएस सिंहदेव. कोरोना काल में अफवाह फैलाने का ठेका अपने ही ले रखा था. कोरोना वैक्सीन के बारे में क्या अफवाह नहीं फैलाया? यहां तक कहा था कि इससे विकृति होगी, नपुंसकता आ जायेगी. लेकिन उसी वैक्सीन से हमने 150 देश की मदद की थी.