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तरनतारन कॉलेज में स्टूडेंट ने छात्रा को मारी गोली, फिर आरोपी छात्र ने भी की आत्महत्या

तरन तारन पंजाब के तरनतारन जिले में एक फर्स्ट ईयर के लॉ स्टूडेंट ने कथित तौर पर अपनी क्लासमेट लड़की को गोली मारकर हत्या कर दी। फिर उसी हथियार से उसने खुद को भी गोली मार ली। पुलिस ने बताया कि तरनतारन के लॉ कॉलेज में सोमवार (9 फरवरी) को यह घटना घटी। पुलिस ने बताया कि युवक ने पहले सरेआम युवती की गोली मारकर हत्या कर दी। फिर खुद भी गोली मारकर सुसाइड कर लिया। यह गोलीबारी क्लासरूम के CCTV कैमरे में कैद हो गई। घटना से जुड़ा 10 सेकंड का एक CCTV फुटेज भी सामने आया है। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि छात्रा क्लासरूम में बैंच पर बैठी है, इसी दौरान युवक उसे गोली मारता है। फिर पलक झपकते ही स्टूडेंट ने खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद कॉलेज कैंपस में हड़कंप मच गया। छात्र-छात्राओं में दहशत का माहौल है। डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) जगबीर सिंह ने PTI को फोन पर बताया कि प्रिंस राज ने क्लासरूम के अंदर संदीप कौर पर गोलियां चलाई। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद उसने खुद को भी गोली मार ली। पुलिस ने बताया कि राज द्वारा कौर की हत्या के पीछे का मकसद अभी पता नहीं चला है। फिलहाल, मामले की जांच चल रही है। पुलिस के मुताबिक, दोनों तरनतारन के उस्मा गांव में स्थित एक लॉ कॉलेज में फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट थे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि राज क्लास शुरू होने से पहले क्लासरूम में घुसा और पिस्तौल से कौर के सिर में गोली मार दी। इसके बाद उसने उसी हथियार से क्लासरूम के अंदर खुद को भी गोली मार ली। उन्होंने बताया कि कौर की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि राज को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। यह घटना उस्मा के माई भागो लॉ कॉलेज (Mai Bhago Law College in Usma) में हुई। दोनों को मृत घोषित कर दिया गया है। CCTV फुटेज में प्रिंस राज पीठ पर बैग टांगे क्लासरूम में जाते दिख रहा है। फिर वह कौर और एक दूसरी महिला क्लासमेट के पास जाता है। इस दौरान उनसे थोड़ी देर बात करता है। इसके बाद तीनों क्लासरूम के पीछे की सीटों पर चले जाते हैं। यहां तीनों बातें करते रहते हैं। कुछ ही देर बाद वीडियो में दिखता है कि प्रिंस राज अचानक खड़ा होता है और दोनों महिलाओं की तरफ पीठ करके अपना बैग खोलता है। वह एक बंदूक निकालता है। फिर मुड़ता है और कौर पर बहुत करीब से गोली चला देता है। इसके बाद कौर जमीन पर गिर जाती है। जबकि दूसरी क्लासमेट सदमे से पीछे हट जाती है। फिर प्रिंस राज बंदूक अपनी कनपटी पर रखता है और गोली चला देता है। फिर वह जमीन पर गिर जाता है।

कानून-व्यवस्था पर सख्ती: झारखंड HC ने थानों में CCTV लगाने की तय की अंतिम तिथि

रांची  झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को प्रदेश के सभी थानों में सीसीटीवी कैमरा लगाने का निर्देश दिया है। अदालत ने साफ कहा है कि यह कार्यवाही तय समयसीमा के भीतर पूरी की जानी चाहिए, ताकि थानों में होने वाली हर गतिविधि पारदर्शी रहे और किसी भी प्रकार की अवैध कारर्वाई पर रोक लग सके। झारखंड हाईकोर्ट ने मंगलवार को ‘प्रॉपर्टी रिएल्टी प्राइवेट लिमिटेड‘, शौभिक बनर्जी सहित अन्य की ओर से दाखिल एक याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया।  पिछली सुनवाई में अदालत ने मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी और आईटी विभाग की सचिव को सशरीर उपस्थित होने का आदेश दिया था। अदालत के निर्देश पर ये सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित हुए और कोर्ट के समक्ष अब तक की प्रगति रिपोर्ट पेश की। सभी 334 थानों में जल्द से जल्द कैमरे लगाने का आदेश सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि 31 दिसंबर से पहले सभी जिलों के थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) और टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। इसके बाद राज्य के सभी 334 थानों में जल्द से जल्द कैमरे लगाने का काम आरंभ किया जाए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि सीसीटीवी कैमरे चालू अवस्था में रहें और उनका डाटा नियमित रूप से संरक्षित किया जाए। साथ ही कोटर् ने 5 जनवरी तक आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट मांगी है। यह मामला पश्चिम बंगाल निवासी शौभिक बनर्जी की याचिका पर आधारित है। याचिकाकर्ता ने बताया कि चेक बाउंस मामले में वह धनबाद कोर्ट में जमानत के लिए आए थे, लेकिन धनबाद पुलिस ने उन्हें दो दिनों तक अवैध रूप से थाना परिसर में रोके रखा और जबरन दबाव बनाकर दूसरे पक्ष का पक्ष लिया। उन्होंने दावा किया कि पूरी घटना बैंक मोड़ थाना में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई थी, किंतु पुलिस ने अदालत को बताया कि केवल दो दिन का ही सीसीटीवी बैकअप उपलब्ध है। अदालत ने इस पर गंभीर आपत्ति जताते हुए कहा कि धनबाद जैसे अपराधग्रस्त शहर में सीसीटीवी डेटा का सही रखरखाव न होना बेहद चिंताजनक है। अदालत ने सरकार को आदेश दिया कि भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो और सभी थानों में रिकॉडिर्ंग का पर्याप्त स्टोरेज सुनिश्चित किया जाए।

दिल्ली धमाका: पहली बार सामने आया वीडियो, गाड़ियों के बीच ब्लास्ट का खौफनाक दृश्य

नई दिल्ली दिल्ली कार ब्लास्ट का नया वीडियो सामने आया है.यह वीडियो उस वक्त का है जब ब्लास्ट हुआ था. वीडियो में एक आई 20 कार नजर आ रही है जो पार्किंग से निकलते ही ब्लास्ट हो जाती है. पुलिस जांच कर रही है और नए सीसीटीवी फुटेज सामने आ रहे हैं. माना जा रहा है कि यह पैनिक में किया गया अटैक था और टारगेट कुछ और था. ब्लास्ट का असर पूरे इलाके में देखा गया. लाल किले के पास सोमवार शाम हुए कार धमाके का वीडियो पहली बार सामने आया है। सीसीटीवी वीडियो में वह मंजर कैद हुआ है जब विस्फोटक लदे कार में जोरदार धमाके ने 12 लोगों की जिंदगी छीन ली और बहुतों को बुरी तरह जख्मी कर दिया। सीसीटीवी फुटेज पर 10 नवंबर 2025 की तारीख है तो समय 18:50:52 सेकेंड दिखता है। अंधेरा हो चुका है और चौराहे पर काफी ट्रैफिक है। बाइक, कार और ऑटो की कतारें हैं। ट्रैफिक सिग्नल भी ग्रीन हो चुका होता है और गाड़ियां धीमे-धीमे आगे बढ़ रही हैं तभी अचानक वहां एक आग का गोला उठता है और फिर अंधेरा छा जाता है। सोमवार शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास ट्रैफिक सिग्नल पर धीमी गति से चल रही कार में धमाका हुआ था। इस धमाके में 12 लोगों की मौत हो गई जबकि 20 अन्य घायल हो गए। धमाके की चपेट में आने कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। इससे पहले कुछ वीडियो सामने आए थे जिसमें लोग धमाके के बाद इधर, उधर भागते हुए दिखे थे। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि विस्फोटक से लदी कार को जानबूझकर व्यस्त चौराहे पर लाया गया था। जांच में ये भी पता चला है कि ये विस्फोट हड़बड़ी में हुआ। मुख्य आरोपी के रूप में डॉक्टर उमर नबी का नाम सामने आया है, जो जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले का रहने वाला एक डॉक्टर है और संदेह है कि वह ही कार चला रहा था जब धमाका हुआ। उसके परिवार के सदस्यों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है, जबकि फरीदाबाद में छापेमारी से बरामद अमोनियम नाइट्रेट जैसे विस्फोटक पदार्थों से इस घटना का लिंक जोड़ा जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की और जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क को उजागर करने के लिए कश्मीर से दिल्ली-एनसीआर तक सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। पुलिस की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है, जिसमें राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को केस सौंप दिया गया है, और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अब संदिग्धों की तलाश में लगी हुई है।इस तरह की घटना ने राजधानी में आतंकवाद की पुरानी यादों को ताजा कर दिया है, जहां पहले भी इसी तरह के हमलों ने आम जनजीवन को प्रभावित किया था।

कोर्ट का निर्देश: शराब घोटाले में EOW कार्यालय के सभी CCTV रिकॉर्ड्स को तुरंत संरक्षित किया जाए

रायपुर  विशेष अदालत ने राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (EOW-ACB) को अपने कार्यालय के 122 दिनों के सीसीटीवी फुटेज और आवक-जावक रजिस्टर सुरक्षित रखने का आदेश दिया है। यह निर्देश 3,200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले से जुड़े एक मामले में रायपुर सेंट्रल जेल में बंद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल (CG Liquor Scam News) की ओर से दाखिल आवेदन पर सुनवाई के बाद दिया गया। कोर्ट का आदेश EOW-ACB विशेष न्यायाधीश नीरज शर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 5 जून 2025 से 5 अक्टूबर 2025 तक के सभी सीसीटीवी फुटेज और कार्यालय के आवक-जावक रजिस्टर को न्यायालय के अवलोकन के लिए सुरक्षित रखा जाए। इस दौरान कोर्ट में राज्य के उप महाधिवक्ता और एसीबी के विशेष लोक अभियोजक डॉ. सौरभ कुमार पांडेय तथा एडीपीओ एक्का मौजूद रहे। न्यायालय ने उन्हें निर्देश दिया कि वे इस आदेश की जानकारी संबंधित प्राधिकरण को तुरंत दें और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। जेल से किया गया दूसरा आवेदन चैतन्य बघेल की ओर से दाखिल एक अन्य आवेदन में आग्रह किया गया कि उन्हें रायपुर सेंट्रल जेल में अपने एकाउंटेंट, लेखा परीक्षक, प्रबंधकीय कर्मचारियों और व्यवसायिक सहयोगियों से अलग कक्ष में प्रत्येक कार्य दिवस पर मुलाकात की अनुमति दी जाए। इस पर एसीबी की ओर से कोई आपत्ति नहीं जताई गई। कोर्ट ने चैतन्य बघेल के अधिवक्ता फैजल रिजवी को निर्देश दिया कि वे मुलाकात करने वाले व्यक्तियों के नाम के साथ पृथक आवेदन प्रस्तुत करें, जिस पर आगे निर्णय लिया जाएगा। जांच के लिए अहम माना गया आदेश शराब घोटाले की जांच के बीच यह आदेश बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील माना जा रहा है। कोर्ट के इस निर्देश से अब EOW कार्यालय की कार्यप्रणाली और वहां हुई गतिविधियों का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा, जो जांच की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

टैंकर विस्फोट का भयावह मंजर सामने आया, CCTV फुटेज देख दहल उठे लोग

होशियारपुर/जालंधर  जालंधर-होशियारपुर मार्ग पर स्थित गांव मंडियाला में हुए एल.पी.जी. टैंकर ब्लास्ट मामले में मरने वालों की संख्या बढ़ गई है। इस हादसे का CCTV वीडियो सामने आया है, जिससे पता चलता है कि इस हादसे ने सब कुछ तहस-नहस कर दिया। आपको बता दें कि हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 30 लोग घायल हो गए। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान 5 और लोगों की मौत हो गई। पहले मृतकों की संख्या तीन बताई जा रही थी, और अब 4 और लोगों की मौत हो गई है। इस हादसे में अब तक कुल 7 लोगों की मौत हो चुकी है। 7 लोगों की मौत की पुष्टि डॉ. मनवीर ने की है। मृतकों और घायलों की पहचान मृतकों में सुखजीत सिंह, बलवंत राय, धरमिंदर वर्मा, विजय, मंजीत सिंह, उनकी पत्नी जसविंदर कौर और आराधना वर्मा शामिल हैं। घायलों में बलवंत सिंह, हरबंस लाल, अमरजीत कौर, सुखजीत कौर, ज्योति, सुमन, गुरुमुख सिंह, हरप्रीत कौर, कुसुमा, भगवान दास, लाली वर्मा, सीता, अजय, संजय, राघव, पूजा, अभि आदि शामिल हैं।   हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने रविवार को भी हाईवे पर धरना दिया, जिससे यातायात जाम हो गया। आपको बता दें कि सी.सी.टी.वी. फुटेज में हादसे का समय साफ दिखाई दे रहा है। हादसा शुक्रवार रात 10 बजे हुआ। वीडियो में दिख रहा है कि सब्जियों से भरा एक पिकअप ट्रक एक गैस टैंकर से टकरा जाता है। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तुरंत गैस लीक होने लगी। कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका गैस से भर गया, जिसके बाद अचानक आग लग गई और ब्लास्ट हुआ। कुछ ही देर में पूरा गांव आग की लपटों में घिर गया।

घरेलू शोषण की हदें पार: अधिकारी ने पत्नी की जासूसी कर किया मानसिक उत्पीड़न

पुणे महाराष्ट्र के पुणे में एक क्लास वन अधिकारी पर गंभीर आरोप लगे हैं. उसने कथित तौर पर अपनी पत्नी के निजी पलों को गुप्त रूप से रिकॉर्ड करने और उसे ब्लैकमेल करने की धमकी देने के लिए बाथरूम सहित अपने घर के अंदर कई स्पाई कैमरे लगाए थे.पीड़ित महिला, जो खुद भी एक क्लास वन की अधिकारी है, ने अंबेगांव पुलिस स्टेशन में अपने पति और उसके परिवार के सात सदस्यों पर उत्पीड़न, ब्लैकमेल और निजता के हनन का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस के अनुसार, कपल की शादी 2020 में हुई थी. कुछ सालों के बाद, पति को कथित तौर पर अपनी पत्नी के चरित्र पर शक हो गया और उसने उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया. उस पर नज़र रखने के लिए, उसने कथित तौर पर पूरे घर में जासूसी कैमरे लगा दिए थे. यहां तक कि काम के दौरान भी, वह उसकी गतिविधियों पर नजर रखता था. शिकायत में आगे कहा गया है कि आरोपी ने बार-बार धमकी दी थी कि अगर वह कार और होम लोन की ईएमआई चुकाने के लिए अपने मायके से 1.5 लाख रुपये नहीं लाएगी, तो वह उसके नहाते हुए वीडियो ऑनलाइन लीक कर देगा. महिला ने अपनी सास, ससुर, देवर, ननद और अन्य ससुराल वालों पर शादी के बाद से ही लगातार मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न करने और अपने माता-पिता से पैसे और कार लाने का दबाव डालने का आरोप लगाया है. पुलिस ने पति और सात ससुराल वालों के खिलाफ ब्लैकमेलिंग, घरेलू हिंसा, शोषण और निजता के हनन के लिए बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. जांचकर्ता घर से बरामद जासूसी कैमरों और वीडियो फुटेज की जांच कर रहे हैं.