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छत्तीसगढ़ को नई रफ्तार: मुख्यमंत्री साय का 15 वर्षीय विज़न, बिलासपुर को बनाया जाएगा ग्रोथ हब

रायपुर  छत्तीसगढ़ की डबल इंजन सरकार ने आज यह स्पष्ट संदेश दे दिया कि आने वाले दशक में बिलासपुर राज्य का अगला ग्रोथ इंजन बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक ने बिलासपुर के समग्र विकास के लिए एक बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक अभियान का स्वरूप ग्रहण कर लिया है। बैठक में जिस प्रकार केंद्र और राज्य के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी दर्ज हुई, उसने यह साबित कर दिया कि बिलासपुर का विकास केवल स्थानीय मुद्दा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ में प्राथमिकता का विषय बन चुका है। बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, विधायक अमर अग्रवाल , विधायक सुशांत शुक्ला, विधायक धरमलाल कौशिक, महापौर पूजा विधानी, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह तथा विभिन्न विभागों के सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारीगण सभी एक ही मंच पर उपस्थित थे। इस संयुक्त उपस्थिति ने यह शक्तिशाली संदेश दिया कि बिलासपुर का विकास दिल्ली और रायपुर दोनों स्तरों के बीच प्रत्यक्ष समन्वय से आगे बढ़ेगा और योजनाओं की स्वीकृति, वित्तीय प्रावधान और क्रियान्वयन में गति लाने के लिए राजनीतिक तथा प्रशासनिक इच्छा-शक्ति पूरी तरह सक्रिय है। मुख्यमंत्री साय ने बैठक में स्वयं बिलासपुर के अगले 10–15 वर्षों के शहरी विकास का विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने केवल वर्तमान समस्याओं पर नहीं, बल्कि भविष्य की जनसंख्या वृद्धि, शहरी विस्तार, ट्रैफिक प्रबंधन, आवास, जल आपूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज और समग्र नगर नियोजन पर व्यापक चर्चा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि “नाली से लेकर नगर नियोजन तक” कोई भी विषय चर्चा से बाहर नहीं छोड़ा गया। यही संदेश यह स्थापित करता है कि सरकार केवल घोषणाएँ नहीं कर रही, बल्कि बारीकी से जमीन पर लागू होने योग्य योजना बना रही है। इस दृष्टिकोण ने मुख्यमंत्री की छवि एक दूरदर्शी शहरी विकास नेता के रूप में और सुदृढ़ की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यह भी संकेत दिया कि बिलासपुर को सिर्फ एक बड़े शहर के रूप में नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के नए आर्थिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य हब विकसित किया जाएगा। लॉजिस्टिक सपोर्ट, इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और निवेश के नए अवसरों के साथ बिलासपुर को मध्य भारत का प्रमुख शहरी केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है।आने वाले वर्षों में बिलासपुर को मॉडल सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा, जहाँ आधुनिक नगरीय सुविधाएं, स्वच्छता व्यवस्था, सस्टेनेबल शहरी ढांचा और रोजगार सृजन के नए अवसर साथ-साथ आगे बढ़ेंगे। इससे न केवल बिलासपुर, बल्कि पूरे उत्तर छत्तीसगढ़ क्षेत्र को नई आर्थिक दिशा मिलेगी। बैठक में जनप्रतिनिधियों की व्यापक भागीदारी ने समावेशी राजनीति का स्पष्ट संदेश दिया। विधायक, महापौर और अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने यह स्थापित किया कि बिलासपुर का विकास किसी एक दल का मुद्दा नहीं, बल्कि शहर के भविष्य का सामूहिक संकल्प है। सरकार ने यह भी संकेत दिया कि विकास के प्रश्न पर दलगत राजनीति को पीछे छोड़ दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। इससे यह संदेश गया कि बिलासपुर विकास रोडमैप केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके लिए वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। सरकार ने आवश्यक बजट प्रावधान और दीर्घकालिक निवेश योजना के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। केंद्र और राज्य समन्वय के इस मॉडल ने यह सिद्ध कर दिया कि छत्तीसगढ़ की शहरी विकास योजनाएं अब सीधे राष्ट्रीय मिशनों से जुड़ चुकी हैं। स्मार्ट सिटी, अमृत मिशन, हाउसिंग, नगरीय परिवहन और आधारभूत संरचना से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन में गति आएगी, जिससे बिलासपुर को विशेष लाभ मिलेगा। बैठक के बाद मीडिया में प्रमुखता से यह संदेश उभरा कि बिलासपुर आने वाले समय में छत्तीसगढ़ का अगला ग्रोथ इंजन बनेगा। औद्योगिक निवेश, शहरी रोजगार, रियल एस्टेट, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से यहाँ विकास की नई लहर उत्पन्न होने जा रही है। बिलासपुर के विकास का यह अभियान प्रदेश की समग्र राजनीति में भी महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगा। शहरी विकास, रोजगार सृजन और आधारभूत संरचना पर केंद्रित यह एजेंडा डबल इंजन सरकार की विकासोन्मुखी राजनीति की पहचान बनेगा। आज की बैठक ने यह स्थापित कर दिया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिलासपुर का विकास केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक मजबूत राजनीतिक संकल्प है। डबल इंजन सरकार की ताकत के साथ बिलासपुर अब राष्ट्रीय शहरी विकास मानचित्र पर अपनी निर्णायक उपस्थिति दर्ज कराने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

कोहरे की चादर में लिपटा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, शीतलहर ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में देर रात से छाए घने कोहरे और शीतलहर ने ठंड के असर को और तीव्र कर दिया है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में आए अचानक बदलाव के कारण सुबह के समय दृश्यता बेहद कम हो गई है, जिससे सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। न्यूनतम तापमान गिरकर 8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिसके चलते लोग गर्म कपड़ों और अलाव का सहारा ले रहे हैं। विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाव की अधिक आवश्यकता महसूस हो रही है। घने कोहरे के कारण वाहन चालकों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई है और यातायात प्रभावित हुआ है। दृश्यता की कमी के कारण हेडलाइट जलाकर सावधानीपूर्वक वाहन चला रहे हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों, मजदूरों और सुबह टहलने निकलने वाले लोगों को विशेष दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कोहरे और ठंड के बने रहने की संभावना जताई है और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने तथा सतर्क रहने की सलाह दी है।

छत्तीसगढ़ के केशकाल के दरबार मेले में देवी आने पर झूमे बीजेपी सांसद

केशकाल. भंगाराम माईं के दरबार में मेला का शनिवार देर शाम आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के सभी देवी-देवताओं की उपस्थिति रही। भंगाराम मेला के बाद से बस्तर के ग्रामीण क्षेत्रों में मेले की शुरुआत होती है। आज कांकेर में भी मेला आयोजित किया गया है। मेले में आप देख सकते हैं कि किस प्रकार से ग्रामीण क्षेत्रों में आँगा देव की पूजा की जाती है। छोटे-छोटे बच्चे आँगा देव को पकड़े हुए होते हैं, और अचानक उन पर शक्ति का संचार होता है। इस दौरान बच्चे और आँगा देव दोनों एक साथ खेलते और कूदते दिखाई देते हैं। इस अवसर पर कांकेर के सांसद भोजराज नाग भी भंगाराम माईं के मेले में शामिल हुए। उन्हें भी देव का आशीर्वाद प्राप्त हुआ, और वे सभी देवी-देवताओं के साथ मेले का परिक्रमा करते नजर आए। आपको बता दें कि ग्रामीण क्षेत्रों में मेला का बेसब्री से इंतजार किया जाता है। जब देवी-देवताओं का आगमन होता है, तो ग्रामीण उन्हें विधिवत पूजा अर्चना करने के बाद मेला की शुरुआत करते हैं।

सीएम साय ने प्रदेशवासियों को लोकपर्व छेरछेरा की दी बधाई

रायपुर. छत्तीसगढ़ में धान और अन्न के दान का सबसे बड़ा पर्व लोकपर्व छेरछेरा पुन्नी आज मनाया जा रहा है. इस दिन को पौष पूर्णिमा व शांकभरी जयंती के नाम से भी जाना जाता है. छत्तीसगढ़ में छेरछेरा पुन्नी का अलग ही महत्व है. वर्षों से मनाया जाने वाला ये पारंपरिक लोक पर्व साल के शुरुआत में मनाया जाता है. इस दिन रुपए-पैसे नहीं बल्कि अन्न का दान करते हैं. इस पर्व में सरकार भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती है.महादान और फसल उत्सव के रूप त्यौहार मनाया जाने वाला छेरछेरा तिहार छत्तीसगढ़ के सामाजिक समरसता, समृद्ध दानशीलता की गौरवशाली परम्परा का संवाहक है. इस दिन ‘छेरछेरा, कोठी के धान ल हेरहेरा’ बोलते हुए गांव के बच्चे, युवा और महिलाएं खलिहानों और घरों में जाकर धान और भेंट स्वरूप प्राप्त पैसे इकट्ठा करते हैं और इकट्ठा किए गए धान और राशि से वर्षभर के लिए कार्यक्रम बनाते हैं. छत्तीसगढ़ के किसानों में उदारता के कई आयाम दिखाई देते हैं. यहां उत्पादित फसल को समाज के जरूरतमंद लोगों, कामगारों और पशु-पक्षियों के लिए देने की परम्परा रही है. छेरछेरा का दूसरा पहलू आध्यात्मिक भी है, यह बड़े-छोटे के भेदभाव और अहंकार की भावना को समाप्त करता है. फसल के घर आने की खुशी में पौष मास की पूर्णिमा को छेरछेरा पुन्नी तिहार मनाया जाता है. इसी दिन मां शाकम्भरी जयंती भी मनाई जाती है. पौराणिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान शंकर ने माता अन्नपूर्णा से भिक्षा मांगी थी, इसलिए लोग धान के साथ साग-भाजी, फल का दान भी करते हैं. पौष पूर्णिमा धान के लिए प्रसिद्ध है. संपूर्ण भारतवर्ष में इस शुभदिन अन्न, दलहन-तिलहन का दान करना बेहद शुभ माना जाता है. यह सूर्य के उत्तरायण की प्रथम पूर्णिमा है. अत: इसका विशेष महत्व माना गया है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध लोकपर्व छेरछेरा के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और निरंतर प्रगति की मंगलकामना की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छेरछेरा महादान, सामाजिक समरसता और दानशीलता का प्रतीक पर्व है, जो छत्तीसगढ़ की समृद्ध, गौरवशाली और मानवीय मूल्यों से ओत-प्रोत परंपरा को सजीव रूप में अभिव्यक्त करता है। नई फसल घर आने की खुशी में यह पर्व पौष मास की पूर्णिमा को बड़े हर्ष और उत्साह के साथ मनाया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी दिन मां शाकंभरी जयंती भी मनाई जाती है, जो अन्न, प्रकृति और जीवन के संरक्षण का संदेश देती है। पौराणिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान शिव ने माता अन्नपूर्णा से भिक्षा ग्रहण की थी। इसी परंपरा के अनुरूप छेरछेरा पर्व पर धान के साथ-साथ साग-भाजी, फल एवं अन्य अन्न का दान कर लोग परस्पर सहयोग, करुणा और मानवता का परिचय देते हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छेरछेरा पर्व हमें समाज में आपसी प्रेम, सौहार्द और साझा समृद्धि की भावना को सुदृढ़ करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से इस लोकपर्व को सद्भाव, उल्लास और पारंपरिक मूल्यों के साथ मनाने का आह्वान किया।

भोरमदेव कॉरिडोर विकास परियोजना का केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र शेखावत एवं मुख्यमंत्री साय ने किया भूमिपूजन

देश के पर्यटन मानचित्र पर सबसे तेजी से उभरता छत्तीसगढ़ : शेखावत रायपुर, केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि भारत के विकास का ग्रोथ इंजन छत्तीसगढ़ बनता जा रहा है छत्तीसगढ़ इस संकल्प के साथ में हम सब लोग काम करेंगे ऐसा भरोसा और विश्वास आप सबको दिलाते हुए आप सबको बहुत सारी बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सतत आगे बढ़े और छत्तीसगढ़ का पर्यटन विकसित हो छत्तीसगढ़ की संस्कृति सुरक्षित और संरक्षित हो जिससे छत्तीसगढ़ की एक अलग पहचान बने। स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत 146 करोड़ रुपये की लागत से भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण कार्य का विधिवत भूमिपूजन सम्पन्न किया गया। स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत भोरमदेव मंदिर परिसर से मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुआ एवं सरोदा जलाशय तक एक सुव्यवस्थित एवं समग्र पर्यटन कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इस कॉरिडोर के निर्माण होने से जिले के प्रमुख धार्मिक एवं पुरातात्विक स्थलों को एक सशक्त पर्यटन श्रृंखला में जोड़ते हुए भोरमदेव को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन पटल पर विशिष्ट पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगी। उज्जैन और वाराणसी की तर्ज पर भोरमदेव कॉरिडोर का विकास किया जाएगा।     छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, उपमुख्यमंत्री व कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने नववर्ष के अवसर पर कबीरधाम जिले को बड़ी सौगात दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा के आग्रह पर भोरमदेव से बोड़ला तक सड़क चौड़ीकरण एवं नवीनीकरण कार्य की भी घोषणा की। केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने भोरमदेव महोत्सव स्थल पर कॉरिडोर के भूमिपूजन के बाद कल सभा को संबोधित करते हुए कबीरधाम जिले सहित पूरे प्रदेश के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। उन्होंने नववर्ष की बधाई देते हुए कहा कि बीते दो वर्षों में छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्पों को धरातल पर उतारते हुए विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद प्रदेश के विकास में सबसे बड़ी बाधा थी, जिसे समाप्त करने का बीड़ा राज्य सरकार ने उठाया है और आज प्रदेश नक्सलवाद की समाप्ति की दिशा में निर्णायक रूप से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के नागरिकों में यह विश्वास मजबूत हुआ है कि भारत को कमजोर करने वाली किसी भी ताकत या षड्यंत्र को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद के विरुद्ध लिए गए कठोर निर्णयों ने देश की सुरक्षा नीति को नई मजबूती प्रदान की है। केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि भारत तेजी से विकसित राष्ट्र की ओर अग्रसर है। सड़कों, पुल-पुलियों एवं अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण के साथ-साथ प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, पेयजल, बिजली, डीबीटी के माध्यम से राशि का अंतरण और रोजगार जैसी सुविधाएं गरीबों के घर-घर तक पहुंच रही हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना में सकारात्मक बदलाव करते हुए अब 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों का रोजगार प्रदान किया जा रहा है। साथ ही रोजगार उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में हर्जाने की गारंटी भी इस योजना में शामिल की गई है। उन्होंने इसे ‘मोदी की गारंटी’ बताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने कहा कि भोरमदेव मंदिर लगभग एक हजार वर्ष पुरानी ऐतिहासिक धरोहर है और इस कॉरिडोर निर्माण के माध्यम से आने वाले हजार वर्षों तक इसे संरक्षित रखने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने निर्माण एजेंसियों एवं अधिकारियों से आग्रह किया कि 146 करोड़ रुपये की इस परियोजना में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए, क्योंकि यह कार्य धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा हुआ है।     कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं नागरिक उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि एक हजार साल पुराने बाबा भोरमदेव के मंदिर विकास हेतु आज भूमिपूजन हुआ है जो बहुत ही हर्ष की बात है। सावन के महीने में यहां हजारों की संख्या श्रद्धालु कावड़िये अमरकंटक से माता नर्मदा का जल लेकर बाबा भोरमदेव का जलाभिषेक करते हैं जिनका स्वागत करने के लिए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के साथ मैं भी आया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शासन ने हर वर्ग के विकास के लिए निरन्तर कार्य किया जा रहा है। कवर्धा के जंगलों में वास करने वाले राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहलाने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति के बैगा जैसे प्रदेश की पिछड़ी जनजातियों के लिए शासन द्वारा पीएम जनमन योजना प्रारम्भ की गई है, जिससे अब गांव-गांव तक पक्की सड़कें, प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे अनेक योजनाओं का लाभ यहां के लोगों को मिल रहा है। वहीं उनके स्वास्थ्य की देखभाल के लिए आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट प्रारम्भ किए गए हैं, जिनमें एंबुलेंस के साथ में डॉक्टर एवं नर्स सहित पूरा तकनीकी स्टाफ भी उपलब्ध रहेगा जो घर घर जाकर लोगों का उपचार करेगा। उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता से प्रधानमंत्री मोदी ने वादे किए थे जिन्हें पूरा करने का कार्य शासन द्वारा किया जा रहा है। मोदी की गारंटी को काम पूरा होने की गारंटी बताते हुए उन्होंने कहा हमारी सरकार बनते ही 18 लाख आवास से वंचित लोगों को आवास का अधिकार दिलाया, 70 लाख महिलाओं के खाते में हर महीने एक हजार रुपए पहुंच रहे है इसी तरह छत्तीसगढ़ के हजारों लोगों में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का भी लाभ लिया है।     उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा लगातार क्षेत्र का दौरा कर यहां के विकास के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। चौत्र माह के तेरहवीं तिथि को भोरमदेव महोत्सव का आयोजन किया जाता है। पिछले वर्ष जब स्वदेश दर्शन योजना में शामिल करने के लिए हमने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से निवेदन किया था और भोरमदेव महोत्सव के दिन ही हमें भोरमदेव कॉरिडोर की स्वीकृति प्राप्त हुई थी और आज भूमिपूजन भी सम्पन्न हो गया है। उन्होंने … Read more

इन इलाकों में ठंड बढ़ने की चेतावनी, अगले पांच दिन में न्यूनतम तापमान में उतार-चढ़ाव

रायपुर छत्तीसगढ़ में सर्दी लगातार बढ़ती जा रही है. मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में शीतलहर चलने की बात कही है. खासकर अंबिकापुर, कोरिया, सरगुजा, बलरामपुर जैसे इलाकों में सुबह-शाम ठंड बढ़ने की संभावना है. वहीं अगले 5 दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि की संभावना है, जिससे ठंड कुछ हद तक कम हो सकती है. अंबिकापुर में 5 डिग्री से नीचे पहुंचा तापमान दर्ज पिछले 24 घंटा में प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान 4.8 सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे अधिक अधिकतम तापमान 29.4 सेल्सियस जगदलपुर में रहा. प्रदेश में इस दौरान कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई है और न ही किसी बड़े मौसमी सिस्टम की उपस्थिति है. विभाग ने 30 दिसंबर के लिए भी मौसम के शुष्क रहने का अनुमान जताया है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम रायपुर शहर में भी ठंड का असर दिखेगा, जहां सुबह के समय कुहासा छाया रहने की संभावना है. अधिकतम तापमान 27 सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 12 सेल्सियस के आसपास रह सकता है.

अरुण सिंह का छत्तीसगढ़ आगमन आज, संगठनात्मक बैठक के साथ 500 कार्यकर्ताओं को मिलेगा सम्मान

रायपुर भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह मंगलवार को रायपुर आएंगे. वे यहां पर ठाकरे परिसर में जहां अटल स्मृति आयोजन समिति के सदस्यों की बैठक लेंगे, वहीं एकात्म परिसर में आयोजित अटल स्मृति सम्मेलन में शामिल होंगे. इस सम्मेलन के साथ ही भाजपा के सदस्यता अभियान में 100 से 500 या इससे ज्यादा सदस्य बनाने वाले कार्यकर्ताओं का सम्मान भी किया जाएगा. भाजपा का राष्ट्रीय संगठन स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी पर उनके जन्म दिवस से लेकर कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है. ये कार्यक्रम देश के सभी राज्यों में हो रहे हैं. प्रदेश का भाजपा संगठन भी अलग-अलग आयोजन कर रहा है. अटल स्मृति आयोजन के लिए प्रदेश स्तर के साथ जिलों में भी समिति बनाई गई है. अब प्रदेशस समिति की भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह मंगलवार को ठाकरे परिसर में बैठक लेंगे और जानेंगे कि अब तक कहां क्या-क्या कार्यक्रम किए गए हैं और आने वाले समय में कहां क्या कार्यक्रम किए जानें हैं. अटल स्मृति सम्मेलन और कार्यकर्ताओं का सम्मान शहर जिला भाजपा ने एकात्म परिसर में अटल स्मृति सम्मेलन का आयोजन मंगलवार को दोपहर एक बजे किया है. इसी के साथ भाजपा के सदस्यता अभियान में जिले के 100 से 500 सदस्य बनाने वालों को शतकवीर और 500 से ज्यादा सदस्य बनाने वालों को शक्ति वीर सम्मान से सम्मानित किया जाएगा. शहर जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर ने बताया ऐसे 500 कार्यकर्ता हैं जिनका सम्मान होगा. कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष किरण देव, रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल, संभाग के प्रभारी राजेंद्र शर्मा के साथ ही शहर के सभी विधायक भी शामिल होंगे.

राजधानी में सुबह रहेगी धुंध, मौसम विभाग ने जारी किया शीतलहर का पूर्वानुमान

रायपुर राजधानी रायपुर सहित पूरे प्रदेशवासियों को नए साल में ही ठंड से ही राहत मिलेगी. दिसंबर अंत तक तापमान में विशेष राहत की कोई संभावना नहीं है. मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले 48 घंटों तक न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगा. इस दौरान अर्थात अगले 2 दिनों तक जिलों में एक-दो स्थानों में शीत लहर चलने की संभावना है. छत्तीसगढ़ में अगले 2 दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होने तत्पश्चात 1-2 डिग्री की वृद्धि होने की संभावना जताई गई है. प्रदेश में एक-दो पॉकेट में शीतलहर चलने की आशंका भी प्रकट की गई है. राजधानी में देर शाम से सुबह तक बगैर गर्म कपड़ों लोगों के लिए रहना मुश्किल हो चला है, जबकि आउटर में ठंड अधिक होने के कारण दिन में भी गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है. अंबिकापुर में ठंड का सितम किसी भी स्थान पर पारा 30 डिग्री तक नहीं पहुंच पाया है. प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 29.6 डिग्री दुर्ग में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 4.3 डिग्री अंबिकापुर में दर्ज किया गया. यहां हाड़ कंपाने वाली ठंड का सामना लोगों को करना पड़ रहा है. कुछ क्षेत्रों में बर्फ जमने की स्थिति निर्मित हो गई है. छग में वर्षा के आंकड़े निरंक रहे अर्थात पूरे प्रदेश में कहीं भी बारिश नहीं हुई. फिलहाल प्रदेश का मौसम शुष्क ही रहेगा. रायपुर शहर के लिए पूर्वानुमान जारी करते हुए मौसम विभाग ने कहा है कि 29 दिसंबर को धुंध छाए रहेंगे. इसके पूर्व रविवार को राजधानी का अधिकतम तापमान सामान्य से 0.6 डिग्री कम 27.3 डिग्री रहा. वहीं न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम 12.1 डिग्री दर्ज किया गया. माना क्षेत्र का न्यूनतम तापमान 9 डिग्री दर्ज हुआ. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? राजधानी रायपुर में आज धुंध छाए रहने के आसार हैं. इस दौरान अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना जताई गई है.

‘महतारी गौरव वर्ष’ पर आधारित 2026 का शासकीय कैलेंडर जारी, CM साय ने किया लॉन्च

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में वर्ष 2026 के शासकीय कैलेंडर का विमोचन किया। वर्ष 2026 को राज्य सरकार द्वारा ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। इसी थीम पर आधारित यह कैलेंडर सशक्त एवं समृद्ध छत्तीसगढ़ के संकल्प को अभिव्यक्त करता है। बता दें कि कैलेंडर के मुख्य पृष्ठ पर छत्तीसगढ़ के पांच प्रमुख शक्तिपीठ मां बमलेश्वरी डोंगरगढ़, मां महामाया रतनपुर, मां दंतेश्वरी दंतेवाड़ा, मां चंद्रहासिनी चंद्रपुर और मां कुदरगढ़ी सूरजपुर के पावन धाम को प्रमुखता से स्थान दिया गया है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के छायाचित्र भी अंकित हैं। पृष्ठभूमि में सिरपुर एवं राजिम के मंदिर, आदिवासी संस्कृति, मधेश्वर पहाड़ तथा चित्रकोट जलप्रपात के आकर्षक ग्राफिकल प्रतिरूप सम्मिलित किए गए हैं, जो छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहर का प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि “राज्य सरकार के लिए मातृशक्ति का सम्मान और सशक्तिकरण सर्वोच्च प्राथमिकता है। महतारी गौरव वर्ष के रूप में मनाया जा रहा यह वर्ष महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन को समर्पित है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया यह शासकीय कैलेंडर महिला सशक्तिकरण, राज्य की प्राथमिकताओं और हमारी उपलब्धियों का सशक्त प्रतीक है। इसमें जनकल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक सरोकारों को समाहित किया गया है, जो सशक्त एवं समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।” कैलेंडर के विभिन्न मासिक पृष्ठों में विषयानुसार योजनाओं एवं अभियानों को समाहित किया गया है। जनवरी माह के पृष्ठ पर राज्य के प्रमुख शक्तिपीठों का दर्शन कराया गया है। फरवरी माह में राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान को दर्शाया गया है, वहीं मार्च माह को महतारी वंदन योजना को समर्पित किया गया है। अप्रैल माह में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, मई माह में तेंदूपत्ता संग्रहण एवं चरण पादुका योजना, तथा जून माह में बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ अभियान को प्रमुखता दी गई है। जुलाई माह में महिला मुखिया के नाम से पीडीएस राशनकार्ड की व्यवस्था को दर्शाया गया है। अगस्त माह में रक्षाबंधन उत्सव, सितंबर में दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना और अक्टूबर माह में शौर्य का सम्मान विषय को स्थान दिया गया है। नवंबर माह को “सेवा ही संकल्प” की भावना के साथ प्रस्तुत किया गया है, जबकि दिसंबर माह को महिला सशक्तिकरण के प्रतीक रूप में दर्शाया गया है। शासकीय कैलेंडर 2026 के विमोचन के इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल, जनसंपर्क सचिव रोहित यादव, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत और आयुक्त जनसंपर्क रवि मित्तल उपस्थित थे।

डिजिटल अपराध से निपटने की तैयारी, छत्तीसगढ़ के 9 नए जिलों में Cyber थाने शुरू होंगे

रायपुर मार्च 24 और मार्च 25 के स्टेट बजट में घोषित 9 जिलों में सायबर थाने (Cyber Police Station) खोलने की अधिसूचना नवंबर में जारी कर दी गई है. पीएचक्यू ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं. उम्मीद है कि जनवरी में ये थाने शुरू कर दिए जाएंगे. वर्तमान में राज्य में पांच रेंज स्तरीय सायबर थाने काम कर रहे हैं. माना जा रहा है कि जिलों में सायबर थाने खुलने से रेंज थानों पर भी केस का दबाव कम होगा. चूंकि रेंज सायबर थाने सीमित साधनों के साथ संचालित हो रहे हैं, ऐसे में जिलों के सायबर थानों को पर्याप्त विवेचक, स्टाफ और तकनीकी सुविधाओं के साथ खोले जाने की जरूरत है. रायपुर रेंज में हो जाएंगे चार सायबर थाने पहले बजट मार्च 2024 में पांच जिलों और दूसरे बजट मार्च 2025 में 4 जिलों में सायबर थाने मंजूर किए गए थे. सभी 9 थानों को खोलने की अधिसूचना नवंबर में जारी की गई है. ये सायबर थाने बलौदाबाजार, धमतरी, महासमुंद, कोरबा, रायगढ़, राजनांदगांव, कबीरधाम, जांजगीर चाम्पा और जशपुर में खोले जाने हैं. रायपुर रेंज में जल्द ही चार सायबर थाने हो जाएंगे. वर्तमान में रेंज स्तरीय थाना रायपुर में है. जबकि बलौदाबाजार, धमतरी महासमुंद में जिला सायबर थाने खोले जाने हैं. वर्तमान में पांचों संभागों रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, सरगुजा और बस्तर में रेंज सायबर थाने काम कर रहे हैं. अभी रेंज सायबर थानों के लिए भी पद मंजूर नहीं हैं इसलिए पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) अपने अधीनस्थ जिलों से डीएसपी, निरीक्षक समेत अन्य स्टाफ की पदस्थापना करके सायबर अपराधों की विवेचना और कार्रवाई करवा रहे हैं. फिर भी नियमित मंजूर स्टाफ नहीं होने से कई तरह की तकनीकी दिक्कतें सामने आ रही हैं. 2026 के बजट में फंड की उम्मीद इसलिए हाल ही में संपन्न डीजीपी आईजीपी कॉन्फ्रेंस में सायबर क्राइम पर भी खासतौर पर चर्चा हुई थी. PM, यूएचएम समेत 9 से ज्यादा वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इस कॉन्फ्रेंस में मौजूद थे. देश भर में सायबर ठगों से निपटने के लिए पुलिस के पास मौजूद संसाधन नाकाफी माने गए. दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ में दो साल में बजट में घोषित 9 सायबर थानों का संचालन शुरू नहीं होने से भी किरकिरी हुई है. यही वजह है कि कॉन्फ्रेंस के तुरंत बाद अधिसूचना जारी की गई. मार्च 2026 के स्टेट बजट में सायबर थानों के लिए पृथक से फंड मिलने की उम्मीद भी अधिसूचना जारी करने की एक वजह है. राज्य में 39 हजार सिम और सेलफोन ब्लॉक, 1116 गिरफ्तार तारांकित प्रश्न पर विधानसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक राज्य में 2782 पुलिस अधिकारी, कर्मचारी व जिला लोक अभियोजन अधिकारियों को सायबर, महिला व बाल अपराधों की विवेचना पर कार्रवाई हेतु प्रशिक्षण दिया गया है. अब तक फर्जी सिम विक्रेताओं पर 103 प्रकरणों में 159 लोगों एवं म्यूल एकाउंट पर 253 प्रकरणों में 863 लोगों कुल 1116 पर कार्रवाई की गई है. सायबर फ्रॉड में शामिल 28946 मोबाइल नंबर व 10409 आईएमईआई नंबर को अवरुद्ध कराया गया है. सायबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1030 के माध्यम से 82.5 करोड़ रुपए सायबर अपराधियों के हाथों में पहुंचने से पहले होल्ड कराए गए हैं.