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दुर्ग-बलरामपुर के बाद रायगढ़ में भी अफीम खेती का खुलासा, एक आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़ छत्तीसगढ़ के दुर्ग, बलरामपुर के बाद अब रायगढ़ जिले में अफीम की खेती पकड़ी गई है, जहां तरबूज, ककड़ी की खेती के बीच करीब एक एकड़ में अफीम की खेती हो रही थी। मामले की सूचना पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची है। पूरा मामला तमनार थाना क्षेत्र के आमाघाट का है। बताया जा रहा कि आमाघाट के नदी किनारे करीब एक एकड़ में अफीम की खेती हो रही थी। इसकी जानकारी मिलते ही एसपी, एडिशनल एसपी समेत जिला प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर रहे हैं। पुलिस झारखंड के आरोपी मार्शल सांगां को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। मिली जानकारी के मुताबिक, रायगढ़ निवासी सुषमा खलखो की झारखंड में शादी हुई है। लल्लूराम डॉट कॉम से बातचीत करते हुए रायगढ़ कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने बताया, झारखंड से यहां आकर सुषमा खलखो का पति अफीम की खेती कर रहा था। एक आरोपी को हिरासत में लिया गया है। पूछताछ जारी है। पूछताछ के बाद गिरफ्तारी की जाएगी। कलेक्टर ने बताया, मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद छानबीन की कार्रवाई की जा रही है। छानबीन के दौरान यह मामला पकड़ में आया है। अन्य फसलों के बीच करीब एक एकड़ में अफीम की खेती की जा रही थी। बता दें कि सबसे पहले दुर्ग जिले में करीब पांच एकड़ में अफीम की खेती पकड़ी गई थी, जहां समोदा गांव में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार के खेत में अवैध अफीम की खेती हो रही थी। इस मामले में बड़ी लापरवाही सामने आने के बाद कलेक्टर ने ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू को निलंबित कर दिया गया है। वहीं पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें विकास बिश्नोई (जोधपुर, राजस्थान), विनायक ताम्रकार (तेमरापारा, दुर्ग) और मनीष उर्फ गोलू ठाकुर (समोदा), छोटू राम शामिल हैं। जांच में सामने आया कि अफीम की खेती के लिए बीज उपलब्ध कराने में छोटू राम की अहम भूमिका थी, जिसे राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया गया है। बलरामपुर में दो जगहों पर पकड़ाई थी अफीम की खेती दुर्ग के बाद बलरामपुर जिले में दो स्थानों पर अफीम की खेती पकड़ी गई थी। झारखंड सीमा से लगे करोंधा थाना क्षेत्र के चंदाडांडी गांव और कुसमी थाना क्षेत्र के त्रिपुरी गांव में करीब तीन एकड़ जमीन पर अवैध अफीम की खेती की जा रही थी। पुलिस ने अफीम की खेती करने के मामले में किसान सहादुर नगेशिया और टुईला राम को गिरफ्तार किया है। टुईला राम ने पुलिस को बताया कि उसके पास खेत नहीं है। उसने गांव के ही रहने वाले रोपना से छह हजार रुपये सालाना देने के शर्त पर खेत को लीज पर लिया था। उसने खेत पर मक्के की फसल लगाई लेकिन उसे फायदा नहीं हुआ। इसके बाद दोनों किसानों का संपर्क झारखंड के चतरा जिले के रहने वाले भूपेंद्र उरांव से हुआ। उसने कहा था कि मसालों की खेती करने से फायदा होगा। भूपेंद्र उरांव ने कहा कि अगर मैं खेत में मसाले की खेती कराऊंगा कतो मुनाफे में कुछ हिस्सा लूंगा जिसके बाद दोनों किसान तैयार हो गए। भूपेन्द्र ने अफीम की फसल दो किस्तों में बोई गई थी। पहले सहादुर नगेशिया के खेत में अफीम की फसल लगाई गई। यहां अफीम के डोडों पर छह से सात चीरे लगे थे। जिसका मतलब है कि बड़ी मात्रा में अफीम निकाली जा चुकी है। उसके बाद टुईला राम के खेत में अफीम लगाई गई। इसके खेत में अभी फसल में डोडे लगे हुए हैं और कुछ पौधों में डोडे लग रहे हैं। कई डोडों में चीरा भी लगाया गया था। दोनों किसानों ने बताया कि झारखंड के चार से पांच लोग फसल की पहरेदारी सहित अन्य काम करते थे। खेतों में काम भी वही लोग करते थे। पुलिस के पहुंचने से पहले ही वे मौके से फरार हो गए।

छत्तीसगढ़ विधानसभा से पारित हुआ नगर एवं ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक 2026

छत्तीसगढ़ विधानसभा से पारित हुआ नगर एवं ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक 2026  छत्तीसगढ़ में सुनियोजित शहरी विकास को मिलेगी नई दिशा -वित्त मंत्री ओपी चौधरी रायपुर छत्तीसगढ़ में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और सुव्यवस्थित विकास की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक 2026 को विधानसभा ने ध्वनिमत से पारित कर दिया। इस संशोधन का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में अनियंत्रित विस्तार और अवैध प्लॉटिंग पर नियंत्रण स्थापित करते हुए योजनाबद्ध विकास को गति देना है। सदन में चर्चा के दौरान वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि वर्तमान में नगर विकास योजनाएं तैयार करने और उनके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी मुख्यतः रायपुर विकास प्राधिकरण और नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण जैसे प्राधिकरणों पर निर्भर है। हालांकि, राज्य गठन के बाद विभिन्न कारणों से ऐसी योजनाओं की संख्या अपेक्षाकृत कम रही, जिससे कई शहरों में अव्यवस्थित विकास और अवैध प्लॉटिंग की समस्या बढ़ी है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में विभिन्न एजेंसियों की भागीदारी से नगर विकास योजनाओं के बेहतर परिणाम सामने आए हैं। विशेष रूप से अहमदाबाद में रिंग रोड जैसी प्रमुख परियोजनाएं योजनाबद्ध तरीके से विकसित की गई हैं। वित्त मंत्री चौधरी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में भी रायपुर मास्टर प्लान के अंतर्गत एम.आर.-43 मार्ग का निर्माण नगर विकास योजना के माध्यम से किया जा रहा है, जो इस प्रणाली की उपयोगिता को दर्शाता है। संशोधन के तहत छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा-38 में बदलाव किया गया है। इसके अनुसार अब नगर विकास योजनाएं तैयार करने के लिए अधिकृत एजेंसियों के दायरे का विस्तार किया जाएगा। नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकरणों के अलावा राज्य शासन के अभिकरणों और सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियों को भी इस कार्य के लिए अधिकृत किया जा सकेगा। इस बदलाव के बाद छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम जैसे संस्थान भी नगर विकास योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन में भागीदारी निभा सकेंगे। इससे योजनाओं की संख्या में वृद्धि होने के साथ-साथ औद्योगिक और आवासीय विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि इस विधेयक का मूल उद्देश्य राज्य में सुनियोजित शहरी विकास को बढ़ावा देना, अवैध प्लॉटिंग पर अंकुश लगाना और उद्योग व आवास के लिए व्यवस्थित भूखंडों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह संशोधन छत्तीसगढ़ के शहरी परिदृश्य को अधिक सुव्यवस्थित और विकासोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।

छत्तीसगढ़ का सामूहिक विवाह बना विश्व रिकॉर्ड, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज

6,412 जोड़ों के साथ सामाजिक समरसता के साथ ऐतिहासिक मिसाल रायपुर, छत्तीसगढ़ ने सामाजिक समरसता, जनभागीदारी और संवेदनशील शासन की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए विश्व स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान दर्ज कराई है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक विवाह समारोह को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला है। एक ही दिन में हजारों जोड़ों का विवाह संपन्न कराकर छत्तीसगढ़ ने सामाजिक एकता और अंत्योदय की भावना का ऐसा प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिसकी देशभर में सराहना हो रही है। 10 फरवरी को राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित इस भव्य समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सान्निध्य में पूरे प्रदेश से कुल 6,412 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे। इनमें से 1,316 जोड़ों का विवाह रायपुर में प्रत्यक्ष रूप से संपन्न हुआ, जबकि शेष जोड़े प्रदेश के विभिन्न जिलों से वर्चुअल माध्यम से इस ऐतिहासिक आयोजन से जुड़े। सभी विवाह धार्मिक परंपराओं और सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुरूप संपन्न कराए गए, जिससे यह आयोजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम न रहकर सामाजिक समरसता और सामूहिक खुशियों का विराट उत्सव बन गया। इस ऐतिहासिक आयोजन को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया जाना छत्तीसगढ़ के लिए गर्व और गौरव का विषय है। इस समारोह की विशेषता यह भी रही कि इसमें हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध तथा विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के जोड़ों ने अपने-अपने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह संपन्न किए। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता, आपसी सद्भाव और सर्वधर्म समभाव की भावना का जीवंत प्रतीक बन गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए सम्मान, विश्वास और सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार बन गई है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बेटियों का विवाह बड़ी चिंता का विषय होता था, लेकिन इस योजना ने उस चिंता को दूर कर हजारों परिवारों के जीवन में नई खुशियां और विश्वास का संचार किया है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक नवविवाहित दंपति को 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में की गई थी और वर्तमान सरकार इसे और अधिक व्यापक स्वरूप देते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे और सामाजिक समरसता को और मजबूत बनाया जाए। यह ऐतिहासिक आयोजन इस बात का प्रमाण है कि जब शासन की योजनाएं संवेदनशीलता, जनभागीदारी और सामाजिक सहयोग के साथ लागू होती हैं, तब वे केवल सरकारी योजनाएं नहीं रह जातीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा बन जाती हैं। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को सामाजिक समरसता और जनकल्याण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान प्रदान करती है।

छत्तीसगढ़ में मौसम का यू-टर्न: बस्तर में बारिश और तेज हवा की चेतावनी

रायपुर छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रही गर्मी के बीच मौसम विभाग ने दक्षिण छत्तीसगढ़ के लिए बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से बस्तर संभाग के कई जिलों में शुक्रवार से मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार 13 से 15 मार्च के बीच बस्तर क्षेत्र में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। यदि बारिश होती है तो तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बिहार और झारखंड के बीच समुद्र तल से करीब 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक ट्रफ लाइन सक्रिय है। इसी सिस्टम के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में बादल छाने और बारिश होने के संकेत मिल रहे हैं। जगदलपुर, बीजापुर समेत बस्तर संभाग के अधिकांश जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि इन इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति भी बन सकती है। प्रदेश में बढ़ रही गर्मी फिलहाल प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। राजनांदगांव में अधिकतम तापमान करीब 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि रायपुर और बिलासपुर संभाग के अधिकांश जिलों में पारा लगभग 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। वहीं न्यूनतम तापमान के मामले में अंबिकापुर सबसे ठंडा रहा, जहां तापमान करीब 13.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि राज्य में मार्च के दूसरे और तीसरे पखवाड़े में गर्मी और तेज हो सकती है। कई जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना जताई गई है।

सीमा पर दहशत का बाघ: मवेशी पर झपटा, जान बचाने पेड़ पर चढ़े ग्रामीण

 मोहला-मानपुर जिला अंतर्गत छत्तीसगढ़–महाराष्ट्र सीमा में बाघ का आतंक एक बार फिर सामने आया है। बीते 12 फरवरी से अब तक एक माह के भीतर एक ग्रामीण समेत दो मवेशियों को मौत के घाट उतार चुके बाघ की इस बार औंधी तहसील क्षेत्र अंतर्गत बागडोंगरी ग्राम पंचायत क्षेत्र में आमद हुई, जहां 6 मार्च को दिन-दहाड़े बाघ ने आतंक मचाया और मवेशियों पर हमला किया। वहीं 6 और 7 मार्च की दरमियानी रात बाघ इंसानी बस्ती में पहुंच गया, जिससे ऐसे खौफनाक हालात बन गए कि ग्रामीणों को पेड़ पर चढ़कर अपनी जान बचानी पड़ी। बता दें, मानपुर दक्षिण वन परिक्षेत्र अंतर्गत औंधी क्षेत्र के बागडोंगरी गांव निवासी ग्रामीण का बैल, जो गांव के आसपास चर रहा था, उस पर बाघ ने हमला कर दिया। जैसे-तैसे बाघ के चंगुल से छूटकर बैल अपने पालक के घर पहुंचा तो पता चला कि बैल के शरीर में बाघ के पंजों की खरोंचें हैं और बाघ के दांतों ने भी बैल की गर्दन में छेद कर दिए हैं। यही नहीं, बाघ ने इसी बागडोंगरी ग्राम पंचायत के आश्रित मोहल्ले मरकाटोला में भी आतंक मचाया, जहां खेत में भुट्टे की फसल की रखवाली के लिए घूम रहे दो ग्रामीणों को इस बाघ ने दौड़ाया। हालांकि ये ग्रामीण फुर्ती से एक पेड़ पर चढ़ गए, जिससे वे बाघ के हमले से बच गए, लेकिन जिस पेड़ पर ये ग्रामीण चढ़े, उसके इर्द-गिर्द ही बाघ मंडराते हुए ग्रामीणों पर हमले की फिराक में जुटा रहा। इसी बीच गांव में लोगों को इस हालात की जानकारी लगी और बड़ी संख्या में ग्रामीण टॉर्च जलाते हुए मौके की ओर बढ़े। तब जाकर टॉर्च की रोशनी और ग्रामीणों की आहट से घबराकर बाघ मौके से भागा और पेड़ पर चढ़े ग्रामीण सुरक्षित नीचे उतर सके। क्षेत्रवासी ग्रामीण बाघ की लगातार आमद और उसके द्वारा किए जा रहे शिकार से खासे भयभीत हैं। यह महुआ जैसे अहम वनोपज के संग्रहण का दौर है, लेकिन महुआ संग्रहण और बिक्री से आय अर्जित करने वाले ग्रामीणों के सामने बाघ के भय के चलते महुआ व अन्य वनोपज के लिए जंगल जाना दूभर होता दिख रहा है। दूसरी ओर वन महकमा भी अपनी यथासंभव कसरतों में जुटा हुआ है। ट्रैप कैमरों का उपयोग किया जा रहा है। वन महकमे ने ग्रामीणों से भी अपील की है कि सुरक्षित रहें, सतर्क रहें। क्योंकि यह केवल वनोपज संग्रहण का मसला नहीं है, बल्कि स्कूली बच्चे भी जंगल के रास्ते स्कूलों का सफर तय करते हैं। और बाघ की चहलकदमी से स्कूली बच्चों की राह भी खौफजदा प्रतीत हो रही है। गौरतलब है कि बाघ का आतंक इस इलाके में बीते करीब डेढ़ पखवाड़े से फैला हुआ है। बीते 12 फरवरी को बाघ ने गहनगट्टा गांव में एक मवेशी का शिकार किया था। इसके बाद बाघ ने इसी औंधी इलाके से लगे महाराष्ट्र के केहकावाही में एक ग्रामीण को मार डाला था। यही नहीं, ग्रामीण को मारने के अगले रोज फिर छत्तीसगढ़ में आकर पीटेमेटा गांव में एक मवेशी को भी बाघ ने शिकार बनाया था। इन घटनाक्रमों के बाद अब बाघ ने बागडोंगरी इलाके में आतंक मचाया है।

गर्मी का प्रकोप तेज: छत्तीसगढ़ में तापमान बढ़ने के आसार, फिलहाल राहत की उम्मीद नहीं

रायपुर छत्तीसगढ़ में मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है और फिलहाल प्रदेशवासियों को बारिश से राहत मिलने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले चार दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक क्रमिक वृद्धि हो सकती है। इसके बाद अगले दो दिनों तक तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं होने की संभावना जताई गई है। न्यूनतम तापमान की बात करें तो आगामी सात दिनों तक इसमें भी किसी बड़े परिवर्तन के संकेत नहीं हैं। यानी दिन में गर्मी बढ़ेगी, जबकि रात का तापमान लगभग स्थिर बना रहेगा। प्रदेश में पूरे दिन मौसम साफ और शुष्क बना रहा। कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दिन और रात के तापमान में यह अंतर आने वाले दिनों में भी बना रह सकता है, जिससे सुबह-शाम हल्की ठंडक और दोपहर में गर्मी महसूस होगी। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वोत्तर बांग्लादेश और उससे सटे मेघालय क्षेत्र से लेकर गंगीय पश्चिम बंगाल, आंतरिक ओडिशा और दक्षिणी छत्तीसगढ़ होते हुए विदर्भ तक एक द्रोणिका (ट्रफ लाइन) समुद्र तल से लगभग 0.9 किलोमीटर ऊपर बनी हुई है। हालांकि वर्तमान में इस प्रणाली का छत्तीसगढ़ के मौसम पर कोई विशेष प्रभाव दिखाई नहीं दे रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस सिस्टम की सक्रियता बढ़ती है तो हल्के बादल छाने या आंशिक परिवर्तन की स्थिति बन सकती है, लेकिन फिलहाल ऐसी कोई संभावना नहीं है। मौसम विभाग ने प्रदेश में किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की है। आने वाले दो दिनों तक मौसम शुष्क ही रहने के आसार हैं। दिन में धूप तेज रहेगी और दोपहर के समय गर्मी का असर अधिक महसूस किया जाएगा। ग्रामीण इलाकों में सुबह के समय हल्की ठंडक बनी रह सकती है, लेकिन दिन चढ़ने के साथ तापमान तेजी से बढ़ेगा। राजधानी रायपुर में आज आसमान मुख्यतः साफ रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान लगभग 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दोपहर के समय गर्म हवाओं का असर महसूस हो सकता है, इसलिए विशेषज्ञों ने दोपहर में अनावश्यक धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है।

मध्य प्रदेश भेजी जाने वाली गांजे की खेप का भंडाफोड़, छत्तीसगढ़ में दो आरोपी गिरफ्तार

महासमुंद छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. कार में ओडिशा से अवैध गांजा भरकर मध्यप्रदेश लेकर जा रहे तस्करों को गिरफ्तार करने में पुलिस को सफलता मिली. कार्रवाई में 35 किलो गांजा बरामद किया गया, जिसकी कीमत 17 लाख से अधिक रुपए बताई जा रही है. थाना सिंघोडा क्षेत्र का मामला है. नेशनल हाइवे 53 पर रेहटीखोल से कार में अवैध गांजा की तस्करी की सूचना पर नाकेबंदी की गई. एंटी नारकोटिक्स फोर्स और सिंघोड़ा पुलिस की टीम ने कार को रुकवाकर पूछताछ की तो युवकों ने अपना नाम पंकज राठौर और हेमंत सिंह तोमर बताया, दोनों मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के निवासी बताया. इस दौरान पुलिस ने कार की तलाशी ली तो पीछे सीट में बने चेंबर में गांजा रखना पाया गया. पुलिस ने आरोपियों के पास से 17,50,000 रुपए का गांजा और कार जब्त कर लिया गया. दोनों युवकों के खिलाफ अपराध धारा (20बी (दो)(सी), 29 -1) एनडीपीएस एक्ट की तहत कार्रवाई करते गिरफ्तार कर लिया गया. कोर्ट में पेशी के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है. बता दें कि इससे पहले ओडिशा से महाराष्ट्र तक फैले गांजा तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त किया गया था. 68 लाख के गांजे के साथ 8 अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार करने में पुलिस को सफलता मिली, इस गिरफ्तारी में एक आरोपी महिला भी शामिल थी.

छत्तीसगढ़ में होली के दिन नहीं खुलेंगी शराब दुकानें, सरकार का बड़ा फैसला

रायपुर छत्तीसगढ़ में होली पर्व को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। होली के दिन प्रदेशभर में सभी शराब दुकानें बंद रहेंगी। इस संबंध में छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग ने आदेश जारी कर दिया है। जारी आदेश के अनुसार 4 मार्च 2026 को होली त्योहार के अवसर पर पूरे राज्य में शुष्क दिवस (ड्राई डे) घोषित किया गया है। इस दिन देशी-विदेशी मदिरा की सभी फुटकर दुकानें, बार और शराब से संबंधित अन्य प्रतिष्ठान पूर्ण रूप से बंद रहेंगे। आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। किसी भी दुकान के खुले पाए जाने या अवैध रूप से शराब बिक्री करने पर संबंधित संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने जिला आबकारी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाएं और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर काम करें। होली के मद्देनजर यह कदम सामाजिक शांति और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, ताकि त्योहार सौहार्द और सुरक्षित वातावरण में मनाया जा सके। प्रदेशवासियों से भी अपील की गई है कि वे नियमों का पालन करते हुए शांतिपूर्ण और जिम्मेदारी के साथ होली मनाएं।

बजट सत्र की शुरुआत के साथ राज्यपाल का संबोधन, छत्तीसगढ़ के विकास पर दिया जोर

रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र आज यानी सोमवार से शुरू हुआ। बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल रमेन डेका का अभिभाषण हुआ उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में विकास की अपार संभावनायें हैं। छत्तीसगढ़ की 6वीं विधानसभा के अष्टम् सत्र में अभिभाषण पढ़ते हुए राज्यपाल ने कहा कि आप सभी को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना और हमारी विधानसभा की रजत जयंती की बहुत-बहुत बधाई। राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के करकमलों से हमारी विधानसभा के नवीन भवन का लोकार्पण हुआ। आप सभी को लोकतंत्र के मंदिर इस नये भवन की हार्दिक शुभकामनाएं। प्रदेश की षष्ठम् विधानसभा के वर्ष 2026 में आयोजित इस प्रथम सत्र में आप सभी का हार्दिक अभिनंदन है। अब हमारे प्रदेश ने विकसित राज्य की ओर अपना नया सफर शुरू किया है। सामूहिक प्रयत्न और संकल्प से निश्चित रूप से हम वर्ष 2047 तक विकसित राज्य का लक्ष्य प्राप्त करेंगे। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी ने हमारे राज्य का निर्माण किया। उन्होंने जिस संकल्पना को लेकर छत्तीसगढ़ बनाया, उसे पूरा होते देखकर बहुत खुशी होती है। छत्तीसगढ़ में विकास की असीम संभावनाएं हैं। यहां की सरल, सहज और मेहनतकश जनता की बदौलत मेरी सरकार इन संभावनाओं को साकार करने की दिशा में कड़ी मेहनत कर रही है। इससे पूर्व राज्यपाल के विधानसभा पहुंचने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष डॉ चरण दास महंत ने उनका आत्मीय स्वागत किया। पढ़ें राज्यपाल का अभिभाषण     मेरी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता अंत्योदय का कल्याण है। मेरी सरकार की प्रत्येक नीति में यह सोच है कि इसके लागू होने से आखिरी पंक्ति में खड़े नागरिक को किस तरह से लाभ मिलेगा। जब इस सोच के अनुरूप नीति बनती है तो समावेशी विकास की दिशा में कदम स्वतः बढ़ जाते हैं।       समावेशी विकास में महिला सशक्तिकरण की महत्वपूर्ण भूमिका है। मातृ शक्ति को सशक्त बनाना मेरी सरकार की प्राथमिकता है। इसी सोच के साथ इस वर्ष को ‘महतारी गौरव वर्ष‘ के रूप में मनाया जा रहा है।     सामाजिक कल्याण के साथ तीव्र आर्थिक विकास के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए नये जमाने के अनुरूप मेरी सरकार ने नवाचार भी किया है जिसका व्यापक असर प्रदेश के आर्थिक विकास के आंकड़ों में नजर आता है।     विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब किसान मजबूत और समृद्ध होंगे। इसलिए मेरी सरकार उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ने, फसल का उचित मूल्य दिलाने और बाजार तक उनकी आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए निरंतर काम कर रही है।     इस वर्ष 25 लाख 24 हजार किसानों से समर्थन मूल्य पर 141.04 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया और 33 हजार 431 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। मेरी सरकार ने ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत होली से पहले किसानों को 10 हजार 292 करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्णय लिया है।     केंद्र में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी की सरकार भी किसान हितैषी सरकार है। छत्तीसगढ़ के 24 लाख 72 हजार किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है।     मेरी सरकार के कल्याणकारी दायरे में भूमिहीन कृषक मजदूर भी शामिल हैं। राज्य के 5 लाख से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूरों को ‘दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना‘ के तहत सालाना 10 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। 24 फरवरी को वित्त मंत्री ओपी चौधरी पेश करेंगे बजट वित्त मंत्री ओपी चौधरी 24 फरवरी को दोपहर 12.30 बजे बजट पेश करेंगे। हर बार की तरह इस बार का बजट आकर्षक और खास होने की उम्मीद जताई जा रही है। 20 मार्च तक कुल 15 बैठकें छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू गया है जो 20 मार्च तक चलेगा। 23 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण से सत्र की शुरुआत हुई। राज्यपाल के अभिभाषण के कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्ताव पर सभा में बुधवार 25 फरवरी को चर्चा होगी। सत्र में कुल 15 बैठकें होंगी। 26 और 27 फरवरी को आय-व्यय पर सामान्य चर्चा होगी। इसके बाद 9 से 17 मार्च तक विभागवार अनुदान मांगों पर चर्चा की जाएगी। ये वित्तीय एवं शासकीय कार्य होंगो संपादित      निधन उल्लेख- दीनदयाल सिंह पोर्ते, अविभाजित मध्यप्रदेश विधान सभा के पूर्व सदस्य।     वित्तीय कार्य-वित्तमंत्री ओपी चौधरी वर्ष 2026-2027 के आय व्ययक का उपस्थापन 24 फरवरी 2026 को दोपहर 12.30 बजे करेंगे।     26 फरवरी 2026 एवं शुक्रवार 27 फरवरी 2026 को वित्तीय वर्ष 2026-27 के आय-व्ययक पर सामान्य चर्चा होगी।     9 से 17 मार्च 2026 तक सभा में विभागवार अनुदान मांगों पर चर्चा होगी।     17 मार्च 2026 आय-व्ययक की मांगों से संबंधित विनियोग विधेयक का पुनर्स्थापन होगा।     आय-व्ययक की मांगों से संबंधित विनियोग विधेयक पर चर्चा एवं पारण के लिये दिनांक 18 मार्च, 2026 की तिथि निर्धारित की गई है। विधि विषयक कार्य अभी तक शासकीय विधि-विषयक कार्यों के अंतर्गत निम्नलिखित विधेयकों की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं (A) छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026 (B) छत्तीसगढ़ लोक सुरक्षा (उपाय) प्रवर्तन विधेयक, 2026  प्रश्न, स्थगन एवं ध्यानकर्षण सूचनाएं इस सत्र के लिए माननीय सदस्यों से अभी तक प्राप्त प्रश्नों की कुल 2813 सूचनाएं प्राप्त हुई हैं, जिनमें तारांकित प्रश्नों की कुल संख्या 1437 एवं अतारांकित प्रश्नों की कुल संख्या 1376 है। (क) ध्यानाकर्षण प्रस्ताव की 61 सूचनाएं (ख) नियम 139 के अधीन अविलंबनीय लोक महत्व के विषय पर चर्चा के लिए 01 सूचनाएं (ग) अशासकीय संकल्प की कुल 13 सूचनाएं (घ) शून्यकाल की 09 सूचनाएं (ड़) याचिका की 112 सूचना

मौसम का मिजाज बदलेगा: छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में 23-24 फरवरी को हल्की बारिश के आसार

रायपुर लगातार बढ़ते तापमान के बीच छत्तीसगढ़ में मौसम एक बार फिर करवट लेने की तैयारी में है। प्रदेश में फिलहाल दिन का तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है, लेकिन अगले 48 घंटों में कुछ हिस्सों में हल्की राहत मिल सकती है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय निम्न दाब क्षेत्र और उससे जुड़े चक्रवाती परिसंचरण का असर प्रदेश पर पड़ रहा है, जिससे नमी युक्त हवाएं प्रवेश कर रही हैं। शनिवार को प्रदेश का मौसम शुष्क रहा, हालांकि तापमान में तेजी दर्ज की गई। सुकमा में अधिकतम तापमान 35.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। नमी बढ़ने के कारण रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखी जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 22 फरवरी को अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन 23 और 24 फरवरी को मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में हल्की से अति हल्की वर्षा हो सकती है। एक-दो स्थानों पर बादल गरजने और बिजली चमकने की संभावना भी जताई गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह बदलाव प्री-समर गतिविधियों की शुरुआत का संकेत हो सकता है। नमी और गर्मी के संयोजन से स्थानीय स्तर पर बादल बन सकते हैं, जिससे शाम या रात के समय छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखें, खासकर जिन क्षेत्रों में सब्जी और दलहन की फसल तैयार अवस्था में है। राजधानी रायपुर में आज आसमान मुख्यतः साफ रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान लगभग 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। दिन में हल्की गर्मी महसूस होगी, जबकि सुबह और देर शाम मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रह सकता है। आगामी दिनों में तापमान में बड़े उतार-चढ़ाव की संभावना नहीं है, लेकिन नमी के प्रभाव से वातावरण में हल्का बदलाव बना रहेगा। मौसम विभाग ने फिलहाल किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की है, फिर भी गरज-चमक की स्थिति में खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।