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छत्तीसगढ़ी संस्कृति से प्रभावित दिखे रणदीप हुड्डा, रायपुर में की खुलकर तारीफ

रायपुर बॉलीवुड एक्टर रणदीप हुड्डा रविवार को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे. रायपुर पहुंचने पर उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए छत्तीसगढ़ी संस्कृति और फिल्मों की खुलकर तारीफ की. एक्टर रणदीप ने कहा कि उन्होंने पहले भी छत्तीसगढ़ एक्सप्लोर किया है. राज्य में तैयार हो रही फिल्में अपनी भाषा और संस्कृति को करीब से जानने का एक माध्यम है. छत्तीसगढ़ की संस्कृति काफी समृद्ध है. लोगों में नक्सली समस्या को लेकर भ्रम था, लेकिन ऐसा नहीं है. छत्तीसगढ़ में काफी डेवलपमेंट हुआ है.   वीर सावरकर सबसे इंस्पायरिंग फिल्म : एक्टर रणदीप एक्टर रणदीप हुड्डा ने अपनी फिल्म वीर सावरकर को लेकर भी बातचीत की. उन्होंने बताया कि कोई भी इंसान अच्छे से अच्छा और बुरे से बुरा किरदार निभा सकता है. अलग-अलग रोल में खुद को ढालना एक बड़ा चैलेंज है. उन्होंने वीर सावरकर फिल्म को उनके जीवन की सबसे प्रेरणादायक फिल्म बताया. रणदीप ने कहा- फिटनेस उनके काम का हिस्सा फिल्म इंडस्ट्री में एक्टर रणदीप अपने गजब के बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन को लेकर भी चर्चा में रहते हैं. रायपुर में एक्टर ने कहा कि फिटनेस उनके काम का हिस्सा है और इसके लिए लक्ष्य होना जरूरी है. यह शरीर बेशकीमती, इसका ध्यान रखना बेहद जरूरी है. इस दौरान उनके साथ मंत्री राजेश अग्रवाल भी मौजूद थे. रणदीप ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर उन्हें मंत्री राजेश को फिट बनाना हो, तो वह उन्हें कमरे में बंद कर देंगे और खाने के लिए कुछ नहीं देंगे.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की

रायपुर की IPHL देश की पहली NQAS प्रमाणित प्रयोगशाला बनी – छत्तीसगढ़ ने स्थापित किया राष्ट्रीय मानक केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने ऐतिहासिक उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ को दी बधाई: मुख्यमंत्री  साय ने आभार व्यक्त किया, राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने का संकल्प दोहराया रायपुर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने जिला अस्पताल रायपुर स्थित इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लेबोरेटरी (IPHL) को नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड्स (NQAS) का प्रमाणन प्राप्त होने पर छत्तीसगढ़ सरकार को सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल करने के लिए बधाई दी है। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को लिखे  पत्र में नड्डा ने उल्लेख किया कि रायपुर IPHL देश में अपनी तरह की पहली प्रयोगशाला बन गई है, जिसे यह प्रतिष्ठित प्रमाणन प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य की विश्वसनीय एवं क्वालिटी-अश्योर्ड डायग्नोस्टिक सेवाएँ प्रदान करने की बढ़ती क्षमता को दर्शाती है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने इस उपलब्धि को राज्य सरकार की प्रतिबद्धता और रायपुर जिला अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों के समर्पण का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि उनके प्रयासों ने सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में जनविश्वास को मजबूत किया है और सेवा-प्रदाय के नए मानक स्थापित किए हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा ने आगे कहा कि IPHL की स्थापना प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अधोसंरचना मिशन (PM-ABHIM) का एक महत्वपूर्ण घटक है। यह मिशन पूरे देश में स्वास्थ्य निगरानी, प्रयोगशाला नेटवर्क और आपदा तैयारी तंत्र को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मिशन का मूल उद्देश्य गुणवत्ता-सुनिश्चित, अस्पताल-विशिष्ट एवं रोग-विशिष्ट प्रयोगशाला निदान उपलब्ध कराना है। रायपुर IPHL को प्रदान किया गया यह प्रमाणन इस बात की पुष्टि करता है कि प्रयोगशाला ने अपने मानव संसाधन, अत्याधुनिक उपकरणों और उन्नत अधो संरचना का सफलतापूर्वक एकीकरण करते हुए राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को प्राप्त किया है। केन्द्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि यह उपलब्धि अन्य राज्यों के लिए एक राष्ट्रीय मानक स्थापित करती है। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार से आग्रह किया कि वह रायपुर मॉडल को श्रेष्ठ अभ्यास (बेस्ट प्रैक्टिस) के रूप में अपनाते हुए राज्य के अन्य जिलों और क्षेत्रों में भी उच्च गुणवत्ता वाली डायग्नोस्टिक सेवाओं का विस्तार सुनिश्चित करे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को सुदृढ़ बनाने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री साय ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार  जिलों में गुणवत्तापूर्ण प्रयोगशाला एवं डायग्नोस्टिक सेवाओं का निरंतर विस्तार करती रहेगी। उन्होंने कहा कि  यह उपलब्धि प्रौद्योगिकी-सक्षम और मानक-आधारित सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की दिशा में छत्तीसगढ़ के प्रयासों को भी दर्शाती है। यह प्रमाणन संस्थागत परिपक्वता और सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थाओं में गुणवत्ता आश्वासन की सुदृढ़ होती संस्कृति का परिचायक है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि रायपुर IPHL को प्राप्त NQAS प्रमाणन छत्तीसगढ़ की संपूर्ण स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह सफलता दर्शाती है कि राज्य में प्रयोगशाला सेवाओं के मानकीकरण, गुणवत्ता आश्वासन, प्रशिक्षित मानव संसाधन, आधुनिक उपकरणों और मजबूत अवसंरचना के क्षेत्र में सतत एवं परिणाममूलक सुधार किए गए हैं। जायसवाल ने कहा कि यह प्रमाणन केवल एक संस्थान की उपलब्धि नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के डॉक्टरों, लैब तकनीशियनों, पैरामेडिकल स्टाफ और जिला अस्पताल रायपुर की समर्पित टीम के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य के अन्य जिलों में भी IPHL को इसी मॉडल पर विकसित किया जाएगा, ताकि प्रत्येक नागरिक को समयबद्ध, सटीक और विश्वसनीय जांच सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा ने पुनः आश्वस्त किया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना के विस्तार और गुणवत्ता संवर्धन के लिए निरंतर सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सार्वजनिक स्वास्थ्य परिवर्तन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपना स्थान सुदृढ़ करेगा।

छत्तीसगढ़ के CM साय ने पेश किया 15 वर्षीय विकास विजन

रायपुर. छत्तीसगढ़ की डबल इंजन सरकार ने आज यह स्पष्ट संदेश दे दिया कि आने वाले दशक में बिलासपुर राज्य का अगला ग्रोथ इंजन बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक ने बिलासपुर के समग्र विकास के लिए एक बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक अभियान का स्वरूप ग्रहण कर लिया है। बैठक में जिस प्रकार केंद्र और राज्य के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी दर्ज हुई, उसने यह साबित कर दिया कि बिलासपुर का विकास केवल स्थानीय मुद्दा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ में प्राथमिकता का विषय बन चुका है। बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, विधायक अमर अग्रवाल , विधायक सुशांत शुक्ला, विधायक धरमलाल कौशिक, महापौर पूजा विधानी, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह तथा विभिन्न विभागों के सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारी सभी एक ही मंच पर उपस्थित थे। इस संयुक्त उपस्थिति ने यह शक्तिशाली संदेश दिया कि बिलासपुर का विकास दिल्ली और रायपुर—दोनों स्तरों के बीच प्रत्यक्ष समन्वय से आगे बढ़ेगा और योजनाओं की स्वीकृति, वित्तीय प्रावधान और क्रियान्वयन में गति लाने के लिए राजनीतिक तथा प्रशासनिक इच्छा-शक्ति पूरी तरह सक्रिय है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक में स्वयं बिलासपुर के अगले 10–15 वर्षों के शहरी विकास का विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने केवल वर्तमान समस्याओं पर नहीं, बल्कि भविष्य की जनसंख्या वृद्धि, शहरी विस्तार, ट्रैफिक प्रबंधन, आवास, जल आपूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज और समग्र नगर नियोजन पर व्यापक चर्चा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि “नाली से लेकर नगर नियोजन तक” कोई भी विषय चर्चा से बाहर नहीं छोड़ा गया। यही संदेश यह स्थापित करता है कि सरकार केवल घोषणाएँ नहीं कर रही, बल्कि बारीकी से जमीन पर लागू होने योग्य योजना बना रही है। इस दृष्टिकोण ने मुख्यमंत्री की छवि एक दूरदर्शी शहरी विकास नेता के रूप में और सुदृढ़ की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यह भी संकेत दिया कि बिलासपुर को सिर्फ एक बड़े शहर के रूप में नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के नए आर्थिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य हब विकसित किया जाएगा। लॉजिस्टिक सपोर्ट, इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और निवेश के नए अवसरों के साथ बिलासपुर को मध्य भारत का प्रमुख शहरी केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। आने वाले वर्षों में बिलासपुर को मॉडल सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा, जहाँ आधुनिक नगरीय सुविधाएँ, स्वच्छता व्यवस्था, सस्टेनेबल शहरी ढांचा और रोजगार सृजन के नए अवसर साथ-साथ आगे बढ़ेंगे। इससे न केवल बिलासपुर, बल्कि पूरे उत्तर छत्तीसगढ़ क्षेत्र को नई आर्थिक दिशा मिलेगी। बैठक में जनप्रतिनिधियों की व्यापक भागीदारी ने समावेशी राजनीति का स्पष्ट संदेश दिया। विधायक, महापौर और अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने यह स्थापित किया कि बिलासपुर का विकास शहर के भविष्य का सामूहिक संकल्प है। वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी ने कहा कि बिलासपुर विकास रोडमैप के लिए वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। केंद्र–राज्य समन्वय के इस मॉडल ने यह सिद्ध कर दिया कि छत्तीसगढ़ की शहरी विकास योजनाएँ अब सीधे राष्ट्रीय मिशनों से जुड़ चुकी हैं। स्मार्ट सिटी, अमृत मिशन, हाउसिंग, नगरीय परिवहन और आधारभूत संरचना से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन में गति आएगी, जिससे बिलासपुर को विशेष लाभ मिलेगा। बैठक में बताया गया कि बिलासपुर आने वाले समय में छत्तीसगढ़ का अगला ग्रोथ इंजन बनेगा। औद्योगिक निवेश, शहरी रोजगार, रियल एस्टेट, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से यहाँ विकास की नई लहर उत्पन्न होने जा रही है। बिलासपुर के विकास का यह अभियान प्रदेश के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगा। शहरी विकास, रोजगार सृजन और आधारभूत संरचना पर केंद्रित यह एजेंडा डबल इंजन सरकार की विकासोन्मुखी पहल की पहचान बनेगा। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिलासपुर का विकास केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक मजबूत राजनीतिक संकल्प है। डबल इंजन सरकार की ताकत के साथ बिलासपुर अब राष्ट्रीय शहरी विकास मानचित्र पर अपनी निर्णायक उपस्थिति दर्ज कराने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

छत्तीसगढ़ को नई रफ्तार: मुख्यमंत्री साय का 15 वर्षीय विज़न, बिलासपुर को बनाया जाएगा ग्रोथ हब

रायपुर  छत्तीसगढ़ की डबल इंजन सरकार ने आज यह स्पष्ट संदेश दे दिया कि आने वाले दशक में बिलासपुर राज्य का अगला ग्रोथ इंजन बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक ने बिलासपुर के समग्र विकास के लिए एक बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक अभियान का स्वरूप ग्रहण कर लिया है। बैठक में जिस प्रकार केंद्र और राज्य के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी दर्ज हुई, उसने यह साबित कर दिया कि बिलासपुर का विकास केवल स्थानीय मुद्दा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ में प्राथमिकता का विषय बन चुका है। बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, विधायक अमर अग्रवाल , विधायक सुशांत शुक्ला, विधायक धरमलाल कौशिक, महापौर पूजा विधानी, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह तथा विभिन्न विभागों के सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारीगण सभी एक ही मंच पर उपस्थित थे। इस संयुक्त उपस्थिति ने यह शक्तिशाली संदेश दिया कि बिलासपुर का विकास दिल्ली और रायपुर दोनों स्तरों के बीच प्रत्यक्ष समन्वय से आगे बढ़ेगा और योजनाओं की स्वीकृति, वित्तीय प्रावधान और क्रियान्वयन में गति लाने के लिए राजनीतिक तथा प्रशासनिक इच्छा-शक्ति पूरी तरह सक्रिय है। मुख्यमंत्री साय ने बैठक में स्वयं बिलासपुर के अगले 10–15 वर्षों के शहरी विकास का विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने केवल वर्तमान समस्याओं पर नहीं, बल्कि भविष्य की जनसंख्या वृद्धि, शहरी विस्तार, ट्रैफिक प्रबंधन, आवास, जल आपूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज और समग्र नगर नियोजन पर व्यापक चर्चा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि “नाली से लेकर नगर नियोजन तक” कोई भी विषय चर्चा से बाहर नहीं छोड़ा गया। यही संदेश यह स्थापित करता है कि सरकार केवल घोषणाएँ नहीं कर रही, बल्कि बारीकी से जमीन पर लागू होने योग्य योजना बना रही है। इस दृष्टिकोण ने मुख्यमंत्री की छवि एक दूरदर्शी शहरी विकास नेता के रूप में और सुदृढ़ की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यह भी संकेत दिया कि बिलासपुर को सिर्फ एक बड़े शहर के रूप में नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के नए आर्थिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य हब विकसित किया जाएगा। लॉजिस्टिक सपोर्ट, इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और निवेश के नए अवसरों के साथ बिलासपुर को मध्य भारत का प्रमुख शहरी केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है।आने वाले वर्षों में बिलासपुर को मॉडल सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा, जहाँ आधुनिक नगरीय सुविधाएं, स्वच्छता व्यवस्था, सस्टेनेबल शहरी ढांचा और रोजगार सृजन के नए अवसर साथ-साथ आगे बढ़ेंगे। इससे न केवल बिलासपुर, बल्कि पूरे उत्तर छत्तीसगढ़ क्षेत्र को नई आर्थिक दिशा मिलेगी। बैठक में जनप्रतिनिधियों की व्यापक भागीदारी ने समावेशी राजनीति का स्पष्ट संदेश दिया। विधायक, महापौर और अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने यह स्थापित किया कि बिलासपुर का विकास किसी एक दल का मुद्दा नहीं, बल्कि शहर के भविष्य का सामूहिक संकल्प है। सरकार ने यह भी संकेत दिया कि विकास के प्रश्न पर दलगत राजनीति को पीछे छोड़ दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। इससे यह संदेश गया कि बिलासपुर विकास रोडमैप केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके लिए वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। सरकार ने आवश्यक बजट प्रावधान और दीर्घकालिक निवेश योजना के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। केंद्र और राज्य समन्वय के इस मॉडल ने यह सिद्ध कर दिया कि छत्तीसगढ़ की शहरी विकास योजनाएं अब सीधे राष्ट्रीय मिशनों से जुड़ चुकी हैं। स्मार्ट सिटी, अमृत मिशन, हाउसिंग, नगरीय परिवहन और आधारभूत संरचना से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन में गति आएगी, जिससे बिलासपुर को विशेष लाभ मिलेगा। बैठक के बाद मीडिया में प्रमुखता से यह संदेश उभरा कि बिलासपुर आने वाले समय में छत्तीसगढ़ का अगला ग्रोथ इंजन बनेगा। औद्योगिक निवेश, शहरी रोजगार, रियल एस्टेट, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से यहाँ विकास की नई लहर उत्पन्न होने जा रही है। बिलासपुर के विकास का यह अभियान प्रदेश की समग्र राजनीति में भी महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगा। शहरी विकास, रोजगार सृजन और आधारभूत संरचना पर केंद्रित यह एजेंडा डबल इंजन सरकार की विकासोन्मुखी राजनीति की पहचान बनेगा। आज की बैठक ने यह स्थापित कर दिया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिलासपुर का विकास केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक मजबूत राजनीतिक संकल्प है। डबल इंजन सरकार की ताकत के साथ बिलासपुर अब राष्ट्रीय शहरी विकास मानचित्र पर अपनी निर्णायक उपस्थिति दर्ज कराने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

कोहरे की चादर में लिपटा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, शीतलहर ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में देर रात से छाए घने कोहरे और शीतलहर ने ठंड के असर को और तीव्र कर दिया है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में आए अचानक बदलाव के कारण सुबह के समय दृश्यता बेहद कम हो गई है, जिससे सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। न्यूनतम तापमान गिरकर 8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिसके चलते लोग गर्म कपड़ों और अलाव का सहारा ले रहे हैं। विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाव की अधिक आवश्यकता महसूस हो रही है। घने कोहरे के कारण वाहन चालकों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई है और यातायात प्रभावित हुआ है। दृश्यता की कमी के कारण हेडलाइट जलाकर सावधानीपूर्वक वाहन चला रहे हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों, मजदूरों और सुबह टहलने निकलने वाले लोगों को विशेष दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कोहरे और ठंड के बने रहने की संभावना जताई है और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने तथा सतर्क रहने की सलाह दी है।

छत्तीसगढ़ के केशकाल के दरबार मेले में देवी आने पर झूमे बीजेपी सांसद

केशकाल. भंगाराम माईं के दरबार में मेला का शनिवार देर शाम आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के सभी देवी-देवताओं की उपस्थिति रही। भंगाराम मेला के बाद से बस्तर के ग्रामीण क्षेत्रों में मेले की शुरुआत होती है। आज कांकेर में भी मेला आयोजित किया गया है। मेले में आप देख सकते हैं कि किस प्रकार से ग्रामीण क्षेत्रों में आँगा देव की पूजा की जाती है। छोटे-छोटे बच्चे आँगा देव को पकड़े हुए होते हैं, और अचानक उन पर शक्ति का संचार होता है। इस दौरान बच्चे और आँगा देव दोनों एक साथ खेलते और कूदते दिखाई देते हैं। इस अवसर पर कांकेर के सांसद भोजराज नाग भी भंगाराम माईं के मेले में शामिल हुए। उन्हें भी देव का आशीर्वाद प्राप्त हुआ, और वे सभी देवी-देवताओं के साथ मेले का परिक्रमा करते नजर आए। आपको बता दें कि ग्रामीण क्षेत्रों में मेला का बेसब्री से इंतजार किया जाता है। जब देवी-देवताओं का आगमन होता है, तो ग्रामीण उन्हें विधिवत पूजा अर्चना करने के बाद मेला की शुरुआत करते हैं।

सीएम साय ने प्रदेशवासियों को लोकपर्व छेरछेरा की दी बधाई

रायपुर. छत्तीसगढ़ में धान और अन्न के दान का सबसे बड़ा पर्व लोकपर्व छेरछेरा पुन्नी आज मनाया जा रहा है. इस दिन को पौष पूर्णिमा व शांकभरी जयंती के नाम से भी जाना जाता है. छत्तीसगढ़ में छेरछेरा पुन्नी का अलग ही महत्व है. वर्षों से मनाया जाने वाला ये पारंपरिक लोक पर्व साल के शुरुआत में मनाया जाता है. इस दिन रुपए-पैसे नहीं बल्कि अन्न का दान करते हैं. इस पर्व में सरकार भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती है.महादान और फसल उत्सव के रूप त्यौहार मनाया जाने वाला छेरछेरा तिहार छत्तीसगढ़ के सामाजिक समरसता, समृद्ध दानशीलता की गौरवशाली परम्परा का संवाहक है. इस दिन ‘छेरछेरा, कोठी के धान ल हेरहेरा’ बोलते हुए गांव के बच्चे, युवा और महिलाएं खलिहानों और घरों में जाकर धान और भेंट स्वरूप प्राप्त पैसे इकट्ठा करते हैं और इकट्ठा किए गए धान और राशि से वर्षभर के लिए कार्यक्रम बनाते हैं. छत्तीसगढ़ के किसानों में उदारता के कई आयाम दिखाई देते हैं. यहां उत्पादित फसल को समाज के जरूरतमंद लोगों, कामगारों और पशु-पक्षियों के लिए देने की परम्परा रही है. छेरछेरा का दूसरा पहलू आध्यात्मिक भी है, यह बड़े-छोटे के भेदभाव और अहंकार की भावना को समाप्त करता है. फसल के घर आने की खुशी में पौष मास की पूर्णिमा को छेरछेरा पुन्नी तिहार मनाया जाता है. इसी दिन मां शाकम्भरी जयंती भी मनाई जाती है. पौराणिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान शंकर ने माता अन्नपूर्णा से भिक्षा मांगी थी, इसलिए लोग धान के साथ साग-भाजी, फल का दान भी करते हैं. पौष पूर्णिमा धान के लिए प्रसिद्ध है. संपूर्ण भारतवर्ष में इस शुभदिन अन्न, दलहन-तिलहन का दान करना बेहद शुभ माना जाता है. यह सूर्य के उत्तरायण की प्रथम पूर्णिमा है. अत: इसका विशेष महत्व माना गया है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध लोकपर्व छेरछेरा के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और निरंतर प्रगति की मंगलकामना की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छेरछेरा महादान, सामाजिक समरसता और दानशीलता का प्रतीक पर्व है, जो छत्तीसगढ़ की समृद्ध, गौरवशाली और मानवीय मूल्यों से ओत-प्रोत परंपरा को सजीव रूप में अभिव्यक्त करता है। नई फसल घर आने की खुशी में यह पर्व पौष मास की पूर्णिमा को बड़े हर्ष और उत्साह के साथ मनाया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी दिन मां शाकंभरी जयंती भी मनाई जाती है, जो अन्न, प्रकृति और जीवन के संरक्षण का संदेश देती है। पौराणिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान शिव ने माता अन्नपूर्णा से भिक्षा ग्रहण की थी। इसी परंपरा के अनुरूप छेरछेरा पर्व पर धान के साथ-साथ साग-भाजी, फल एवं अन्य अन्न का दान कर लोग परस्पर सहयोग, करुणा और मानवता का परिचय देते हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छेरछेरा पर्व हमें समाज में आपसी प्रेम, सौहार्द और साझा समृद्धि की भावना को सुदृढ़ करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से इस लोकपर्व को सद्भाव, उल्लास और पारंपरिक मूल्यों के साथ मनाने का आह्वान किया।

भोरमदेव कॉरिडोर विकास परियोजना का केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र शेखावत एवं मुख्यमंत्री साय ने किया भूमिपूजन

देश के पर्यटन मानचित्र पर सबसे तेजी से उभरता छत्तीसगढ़ : शेखावत रायपुर, केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि भारत के विकास का ग्रोथ इंजन छत्तीसगढ़ बनता जा रहा है छत्तीसगढ़ इस संकल्प के साथ में हम सब लोग काम करेंगे ऐसा भरोसा और विश्वास आप सबको दिलाते हुए आप सबको बहुत सारी बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सतत आगे बढ़े और छत्तीसगढ़ का पर्यटन विकसित हो छत्तीसगढ़ की संस्कृति सुरक्षित और संरक्षित हो जिससे छत्तीसगढ़ की एक अलग पहचान बने। स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत 146 करोड़ रुपये की लागत से भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण कार्य का विधिवत भूमिपूजन सम्पन्न किया गया। स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत भोरमदेव मंदिर परिसर से मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुआ एवं सरोदा जलाशय तक एक सुव्यवस्थित एवं समग्र पर्यटन कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इस कॉरिडोर के निर्माण होने से जिले के प्रमुख धार्मिक एवं पुरातात्विक स्थलों को एक सशक्त पर्यटन श्रृंखला में जोड़ते हुए भोरमदेव को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन पटल पर विशिष्ट पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगी। उज्जैन और वाराणसी की तर्ज पर भोरमदेव कॉरिडोर का विकास किया जाएगा।     छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, उपमुख्यमंत्री व कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने नववर्ष के अवसर पर कबीरधाम जिले को बड़ी सौगात दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा के आग्रह पर भोरमदेव से बोड़ला तक सड़क चौड़ीकरण एवं नवीनीकरण कार्य की भी घोषणा की। केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने भोरमदेव महोत्सव स्थल पर कॉरिडोर के भूमिपूजन के बाद कल सभा को संबोधित करते हुए कबीरधाम जिले सहित पूरे प्रदेश के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। उन्होंने नववर्ष की बधाई देते हुए कहा कि बीते दो वर्षों में छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्पों को धरातल पर उतारते हुए विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद प्रदेश के विकास में सबसे बड़ी बाधा थी, जिसे समाप्त करने का बीड़ा राज्य सरकार ने उठाया है और आज प्रदेश नक्सलवाद की समाप्ति की दिशा में निर्णायक रूप से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के नागरिकों में यह विश्वास मजबूत हुआ है कि भारत को कमजोर करने वाली किसी भी ताकत या षड्यंत्र को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद के विरुद्ध लिए गए कठोर निर्णयों ने देश की सुरक्षा नीति को नई मजबूती प्रदान की है। केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि भारत तेजी से विकसित राष्ट्र की ओर अग्रसर है। सड़कों, पुल-पुलियों एवं अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण के साथ-साथ प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, पेयजल, बिजली, डीबीटी के माध्यम से राशि का अंतरण और रोजगार जैसी सुविधाएं गरीबों के घर-घर तक पहुंच रही हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना में सकारात्मक बदलाव करते हुए अब 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों का रोजगार प्रदान किया जा रहा है। साथ ही रोजगार उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में हर्जाने की गारंटी भी इस योजना में शामिल की गई है। उन्होंने इसे ‘मोदी की गारंटी’ बताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने कहा कि भोरमदेव मंदिर लगभग एक हजार वर्ष पुरानी ऐतिहासिक धरोहर है और इस कॉरिडोर निर्माण के माध्यम से आने वाले हजार वर्षों तक इसे संरक्षित रखने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने निर्माण एजेंसियों एवं अधिकारियों से आग्रह किया कि 146 करोड़ रुपये की इस परियोजना में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए, क्योंकि यह कार्य धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा हुआ है।     कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं नागरिक उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि एक हजार साल पुराने बाबा भोरमदेव के मंदिर विकास हेतु आज भूमिपूजन हुआ है जो बहुत ही हर्ष की बात है। सावन के महीने में यहां हजारों की संख्या श्रद्धालु कावड़िये अमरकंटक से माता नर्मदा का जल लेकर बाबा भोरमदेव का जलाभिषेक करते हैं जिनका स्वागत करने के लिए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के साथ मैं भी आया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शासन ने हर वर्ग के विकास के लिए निरन्तर कार्य किया जा रहा है। कवर्धा के जंगलों में वास करने वाले राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहलाने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति के बैगा जैसे प्रदेश की पिछड़ी जनजातियों के लिए शासन द्वारा पीएम जनमन योजना प्रारम्भ की गई है, जिससे अब गांव-गांव तक पक्की सड़कें, प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे अनेक योजनाओं का लाभ यहां के लोगों को मिल रहा है। वहीं उनके स्वास्थ्य की देखभाल के लिए आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट प्रारम्भ किए गए हैं, जिनमें एंबुलेंस के साथ में डॉक्टर एवं नर्स सहित पूरा तकनीकी स्टाफ भी उपलब्ध रहेगा जो घर घर जाकर लोगों का उपचार करेगा। उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता से प्रधानमंत्री मोदी ने वादे किए थे जिन्हें पूरा करने का कार्य शासन द्वारा किया जा रहा है। मोदी की गारंटी को काम पूरा होने की गारंटी बताते हुए उन्होंने कहा हमारी सरकार बनते ही 18 लाख आवास से वंचित लोगों को आवास का अधिकार दिलाया, 70 लाख महिलाओं के खाते में हर महीने एक हजार रुपए पहुंच रहे है इसी तरह छत्तीसगढ़ के हजारों लोगों में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का भी लाभ लिया है।     उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा लगातार क्षेत्र का दौरा कर यहां के विकास के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। चौत्र माह के तेरहवीं तिथि को भोरमदेव महोत्सव का आयोजन किया जाता है। पिछले वर्ष जब स्वदेश दर्शन योजना में शामिल करने के लिए हमने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से निवेदन किया था और भोरमदेव महोत्सव के दिन ही हमें भोरमदेव कॉरिडोर की स्वीकृति प्राप्त हुई थी और आज भूमिपूजन भी सम्पन्न हो गया है। उन्होंने … Read more

इन इलाकों में ठंड बढ़ने की चेतावनी, अगले पांच दिन में न्यूनतम तापमान में उतार-चढ़ाव

रायपुर छत्तीसगढ़ में सर्दी लगातार बढ़ती जा रही है. मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में शीतलहर चलने की बात कही है. खासकर अंबिकापुर, कोरिया, सरगुजा, बलरामपुर जैसे इलाकों में सुबह-शाम ठंड बढ़ने की संभावना है. वहीं अगले 5 दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि की संभावना है, जिससे ठंड कुछ हद तक कम हो सकती है. अंबिकापुर में 5 डिग्री से नीचे पहुंचा तापमान दर्ज पिछले 24 घंटा में प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान 4.8 सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे अधिक अधिकतम तापमान 29.4 सेल्सियस जगदलपुर में रहा. प्रदेश में इस दौरान कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई है और न ही किसी बड़े मौसमी सिस्टम की उपस्थिति है. विभाग ने 30 दिसंबर के लिए भी मौसम के शुष्क रहने का अनुमान जताया है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम रायपुर शहर में भी ठंड का असर दिखेगा, जहां सुबह के समय कुहासा छाया रहने की संभावना है. अधिकतम तापमान 27 सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 12 सेल्सियस के आसपास रह सकता है.

अरुण सिंह का छत्तीसगढ़ आगमन आज, संगठनात्मक बैठक के साथ 500 कार्यकर्ताओं को मिलेगा सम्मान

रायपुर भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह मंगलवार को रायपुर आएंगे. वे यहां पर ठाकरे परिसर में जहां अटल स्मृति आयोजन समिति के सदस्यों की बैठक लेंगे, वहीं एकात्म परिसर में आयोजित अटल स्मृति सम्मेलन में शामिल होंगे. इस सम्मेलन के साथ ही भाजपा के सदस्यता अभियान में 100 से 500 या इससे ज्यादा सदस्य बनाने वाले कार्यकर्ताओं का सम्मान भी किया जाएगा. भाजपा का राष्ट्रीय संगठन स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी पर उनके जन्म दिवस से लेकर कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है. ये कार्यक्रम देश के सभी राज्यों में हो रहे हैं. प्रदेश का भाजपा संगठन भी अलग-अलग आयोजन कर रहा है. अटल स्मृति आयोजन के लिए प्रदेश स्तर के साथ जिलों में भी समिति बनाई गई है. अब प्रदेशस समिति की भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह मंगलवार को ठाकरे परिसर में बैठक लेंगे और जानेंगे कि अब तक कहां क्या-क्या कार्यक्रम किए गए हैं और आने वाले समय में कहां क्या कार्यक्रम किए जानें हैं. अटल स्मृति सम्मेलन और कार्यकर्ताओं का सम्मान शहर जिला भाजपा ने एकात्म परिसर में अटल स्मृति सम्मेलन का आयोजन मंगलवार को दोपहर एक बजे किया है. इसी के साथ भाजपा के सदस्यता अभियान में जिले के 100 से 500 सदस्य बनाने वालों को शतकवीर और 500 से ज्यादा सदस्य बनाने वालों को शक्ति वीर सम्मान से सम्मानित किया जाएगा. शहर जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर ने बताया ऐसे 500 कार्यकर्ता हैं जिनका सम्मान होगा. कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष किरण देव, रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल, संभाग के प्रभारी राजेंद्र शर्मा के साथ ही शहर के सभी विधायक भी शामिल होंगे.