samacharsecretary.com

शिक्षक भर्ती प्रक्रिया तेज़: टेट की तारीख जारी, सेट नोटिफिकेशन का इंतज़ार खत्म होने वाला

रायपुर एससीईआरटी द्वारा छत्तीसगढ़ शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट-26) के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 13 नवंबर गुरुवार से शुरू हो चुकी है। आठ दिसंबर तक आनलाइन आवेदन मंगाए गए हैं। स्कूल शिक्षकों के लिए टेट की परीक्षा फरवरी 2026 में होगी। साथ ही कॉलेज में शिक्षकों के लिए सेट की परीक्षा भी मार्च-अप्रैल में आयोजित की जाएगी। इसके लिए दिसंबर 2025 में अधिसूचना जारी हो सकती है। सरकार ने स्कूलों में 5,000 और कालेजों में 700 पदों पर सहायक प्राध्यापकों की भर्ती की घोषणा की थी। इसके बाद कालेजों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू भी हो चुकी है। अब स्कूलों के लिए टेट परीक्षा के बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी। एक बार पास करने पर आजीवन वैधता मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार ने भर्ती परीक्षा कराने से पहले स्थानीय युवाओं को अधिक से अधिक लाभ मिले, इसके लिए पात्रता परीक्षा कराने के लिए विभागों को कहा है। टेट के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के प्रस्ताव पर व्यावसायिक परीक्षा मंडल (सीजी व्यापमं) ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रदेश में अभी तक 2011, 2014, 2016, 2017, 2019, 2022 और 2024 में टेट परीक्षा हो चुकी है। एक बार परीक्षा उत्तीर्ण होने के बाद इसकी वैधता आजीवन रहेगी। वहीं कालेजों के लिए सेट परीक्षा सातवीं बार होगी। यह है टेट-सेट टेट राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) द्वारा 2010 में अनिवार्य किया गया था। यह परीक्षा तय करती है कि कोई उम्मीदवार कक्षा एक से आठ तक पढ़ाने के योग्य है या नहीं। सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश से हजारों शिक्षक प्रभावित होंगे, खासकर वे जिन्हें पदोन्नति की उम्मीद थी। इसी तरह कॉलेजों में सेट एक राज्य स्तरीय पात्रता परीक्षा है, जो विश्वविद्यालयों और कालेजों में सहायक प्राध्यापक बनने के लिए अनिवार्य है। इसे यूजीसी की अनुमति से प्रत्येक राज्य आयोजित करता है। विभाग से मिल चुकी है मंजूरी स्कूलों में पांच हजार और कॉलेजों में 700 शिक्षक समेत अन्य पदों पर भर्ती होनी है। इसके लिए वित्त विभाग से मंजूरी मिल चुकी है। भर्ती के लिए स्वीकृत पदों में सहायक प्राध्यापक के 625 पद शामिल किए गए हैं। इसी क्रम में क्रीड़ा अधिकारी के 25 पद हैं। इनकी नियुक्ति से महाविद्यालयों में खेलकूद और शारीरिक शिक्षा की गतिविधियों को और अधिक सशक्त बनाया जा सकेगा। राज्य के स्कूलों में कुल एक लाख 88 हजार 721 शिक्षक कार्यरत हैं, जिसमें से सरकारी स्कूलों में एक लाख 86 हजार 657 शिक्षक हैं। जबकि शिक्षकों के करीब 40 हजार पद खाली हैं। इसी तरह कालेजों में लगभग 2,600 सहायक प्राध्यापक के पद खाली हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद टेट के लिए बढ़ी सक्रियता एक सितंबर 2025 को उच्चतम न्याय ने शिक्षा जगत से जुड़े हजारों शिक्षकों पर असर डालने वाला आदेश सुनाया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अब नौकरी और पदोन्नति चाहने वाले सभी शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) पास करनी अनिवार्य होगी। यह आदेश पूरे देश के सरकारी और गैर-सरकारी शिक्षण संस्थानों पर लागू होगा। लेकिन अल्पसंख्यक दर्जा प्राप्त स्कूलों को इसमें छूट दी गई है। जिन शिक्षकों की नौकरी में पांच साल से ज्यादा का समय शेष है, उन्हें हर हाल में टीईटी पास करना होगा। अगर ऐसा नहीं किया गया तो उन्हें या तो इस्तीफा देना होगा या फिर कंपल्सरी रिटायरमेंट लेनी पड़ेगी। वहीं जिनकी सेवा अवधि पांच साल से कम है, उन्हें अपने पद पर बने रहने के लिए टीईटी देना अनिवार्य नहीं होगा, लेकिन अगर वे पदोन्नति चाहते हैं तो परीक्षा पास करनी होगी।

बढ़ती ठिठुरन ने बढ़ाई चिंता: मौसम विभाग ने रायपुर सहित कई इलाकों में दी चेतावनी

रायपुर छत्तीसगढ़ में अंबिकापुर, पेण्ड्रारोड, राजनांदगांव, दुर्ग शीत लहर की चपेट में है. उत्तर से आ रही ठंडी और शुष्क हवाओं से मौसम का मिजाज बदला हुआ है. मौसम विभाग ने आज उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में शीत लहर चलने की संभावना जताई है. पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान जगदलपुर में 30.02 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. इसी के साथ ही सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 7.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है. इन इलाकों में शीतलहर की चेतावनी प्रदेश के जशपुर, कबीरधाम, मुंगेली, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर और कोरबा में एक दो पॉकेट में शीत लहर चलने की संभावना है. मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि प्रदेश में उत्तर से ठंडी और शुष्क हवाओं का आगमन लगातार जारी है. इसके कारण प्रदेश में न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट के साथ विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है. सरगुजा संभाग और उससे लगे जिले, राजनांदगांव और दुर्ग जिलों में एक दो पैकेट्स में शीत लहर की स्थिति बनी रहेगी. वहीं 17 नवंबर से मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ में ठंड से कुछ राहत मिलने की सम्भावना बन रही है. प्रदेश में आज मौसम शुष्क रहने की संभावना है. इसके अलावा अगले एक सप्ताह तक वर्षा की सम्भावना नहीं है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम? राजधानी रायपुर मैं आज आकाश साफ रहने की संभावना बताई गई है. वही अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.

रेलवे अलर्ट: छत्तीसगढ़ में कई ट्रेनों के रूट में बदलाव, 3 रद्द और 2 प्रभावित — जारी हुई सूची

 बिलासपुर छत्तीसगढ़ में एक बार फिर रेल यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल अंतर्गत बिलासपुर–झारसुगुड़ा सेक्शन में चौथी रेल लाइन का निर्माण कार्य जारी है. इसके चलते सारागांव स्टेशन में नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य किया जाएगा, जिसकी वजह से 13 से 17 नवंबर तक कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा. रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है और प्रभावित ट्रेनों की सूची जारी की है. प्रभावित रहने वाली ट्रेनें:     68738/68737 बिलासपुर–रायगढ़–बिलासपुर मेमू पैसेंजर 14 से 17 नवंबर तक रद्द रहेगी.     68736 बिलासपुर–रायगढ़ मेमू पैसेंजर 13 से 16 नवंबर तक रद्द रहेगी.     68735 रायगढ़–बिलासपुर मेमू पैसेंजर 14 से 17 नवंबर तक रद्द रहेगी.     68861 गोंदिया–झारसुगुड़ा मेमू अब केवल बिलासपुर तक ही चलेगी.     68862 झारसुगुड़ा–गोंदिया मेमू का परिचालन बिलासपुर से शुरू होगा. रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि यात्रा से पहले समय सारिणी और ट्रेन की स्थिति की पुष्टि अवश्य कर लें.

कड़ाके की सर्दी की शुरुआत: छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में शीतलहर का असर

रायपुर प्रदेश में लगातार ठंड बढ़ती जा रही है. अम्बिकापुर समेत उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में शीतलहर चल रही है. अम्बिकापुर में न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया. इधर, राजधानी में न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस और माना में 12.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग ने बुधवार को उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में एक-दो क्षेत्रों में शीतलहर चलने की संभावना जताई है. मंगलवार को रायपुर में अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस, माना एयरपोर्ट में 29.5 डिग्री सेल्सियस, बिलासपुर में 28.2 डिग्री, पेंड्रारोड में 26.8 डिग्री, अम्बिकापुर में 26.2 डिग्री, जगदलपुर में 30.7 डिग्री और दुर्ग में 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं रायपुर में न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस, माना एयरपोर्ट में 12.6 डिग्री सेल्सियस, बिलासपुर में 12.6 डिग्री, पेंड्रारोड में 9 डिग्री, अम्बिकापुर में 7.6 डिग्री, जगदलपुर में 16.4 डिग्री, दुर्ग में 10.2 डिग्री और राजनांदगांव में 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? रायपुर में बुधवार को आकाश साफ रहने और अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है.

मुख्यमंत्री ने किया शंकर पांडे की पुस्तक छत्तीसगढ़ अतीत से अब तक’’ का विमोचन

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में वरिष्ठ पत्रकार शंकर पांडे की पुस्तक छत्तीसगढ़ अतीत से अब तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने इस पुस्तक में छत्तीसगढ़ के अतीत को समेटने के प्रयास की सराहना करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री  साय को श्री पांडे ने बताया कि छत्तीसगढ़ पर केंद्रित यह उनकी 6वीं पुस्तक है जिसमें छत्तीसगढ़ के महापुरुषों, पर्यटन स्थल, प्राचीन इतिहास, राज-परिवार, मंदिरों के इतिहास से सम्बंधित जानकारियां संकलित की गयी हैं। उन्होंने बताया कि पुस्तक में छत्तीसगढ़ के कई अनछुए पहलुओं सहित राज्य के सभी मुख्यमंत्री, राज्यपाल, प्रमुख राजनीतिक घटनाओं, राजनेताओं व साहित्यकारों का भी उल्लेख है। इस अवसर पर  प्रियंका कौशल, विशाल यादव सहित स्नेहा पांडे तथा मास्टर अंश पांडे भी उपस्थित थे।

मौसम अलर्ट: छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में शीतलहर का असर, तापमान में भारी गिरावट की संभावना

रायपुर राज्य में ठंडी हवा का असर होने लगा है. उत्तरी सीमा के कुछ क्षेत्रों में तापमान में खासी गिरावट के बाद शीतलहर चलने की संभावना है. इधर पिछले चौबीस घंटे में शहर के न्यूनतम तापमान में दो डिग्री की कमी आई है. अगले दो से तीन दिन तक शहर में ठंड बढ़ने की संभावना बनी हुई है. पिछले चौबीस घंटे में राजद्य में सबसे कम तापमान 11 डिग्री के करीब अंबिकापुर का दर्ज किया गया. नवंबर के दूसरे सप्ताह में राज्य में ठंड की शुरुआत हो चुकी है. इस बार उत्तर-पूर्व से आने वाली शुष्क हवा के असर से  तापमान में गिरावट होने लगा है. इसके साथ वातावरण में मौजूद नमी में हुई गिरावट से मौसम रूखा होने लगा है. हवा की दिशा में बदलाव होने की वजह से न्यूनतम तापमान में आने वाली कमी से पिछले दो तीन दिन से बढ़ती ठंड महसूस हो रही है. पिछले चौबीस घंटे में तो राज्य के न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री की कमी आई है. अंबिकापुर का पारा जो 13 डिग्री से अधिक था वह गिरकर 11 डिग्री से नीचे चला गया. रायपुर का न्यूनतम तापमान 20 से 18 डिग्री के करीब पहुंचा गया. मौसम विभाग ने तापमान में आ रही गिरावट को ध्यान में रखते हुए अगले दो से तीन दिनों में राज्य की उत्तरी सीमा के कुछ क्षेत्रों में शीतलहर की संभावना जताई गई है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? राजधानी रायपुर में आज मौसम विभाग ने आसमान मुख्यत: साफ रहने की संभावना जताई है. अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रह सकता है.

छत्तीसगढ़ में जैव ईंधन के उत्पादन में 3,500 करोड़ रुपये का हो रहा निवेश

सीबीडीए द्वारा बायोफ्यूल एक्सपो तथा सेमीनार का आयोजन रायपुर, छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण द्वारा राजधानी रायपुर में बायोफ्यूल एण्ड बायो एनर्जी एक्सपो का आयोजन 7 से 9 नवंबर तक स्थानीय श्रीराम बिजेनस पार्क में किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल रोडमैप विजन 2024-29 पर आयोजित सेमीनार में बायोफ्यूल तकनीक पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण के सीईओ श्री सुमित सरकार ने छत्तीसगढ़ की जैव ईंधन रोडमैप की चर्चा करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य को बायोफ्यूल के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की पहल की जा रही है।  सीईओ श्री सुमित सरकार ने बताया कि छत्तीसगढ़ में निजी कंपनियों ने छत्तीसगढ़ औद्योगिक नीति 2024-2030 के अनुरूप, लगभग 3,500 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। गेल और बीपीसीएल जैसी ओजीएमसी ने विभिन्न यूएलबी में 8 एमएसडब्ल्यू/बायोमास आधारित संपीड़ित बायोगैस संयंत्र स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ओएनजीसी ग्रीन और एचपीसीएल ग्रीन वर्तमान में सीबीजी उत्पादन इकाइयाँ स्थापित करने के लिए विभिन्न स्थानों का सर्वेक्षण कर रही हैं।  राज्य में चावल, मक्का और चने के अवशेषों का उपयोग करके बायोएथेनॉल और कम्प्रेस्ड बायोगैस बनाने के लिए फीडस्टॉक-आधारित परीक्षण किया जा रहा हैं। इसके साथ ही कृषि अपशिष्ट को सब्सट्रेट के रूप में उपयोग करके एंजाइम उत्पादन परीक्षण और नए माइक्रोबियल स्ट्रेन का संवर्धन हो रहा है। उन्होंने बताया कि बायो-विमानन ईंधन के क्षेत्र में सीबीडीए अब बायोमास-आधारित हाइड्रोजन के उत्पादन की तैयारी कर रहा है, जिसका उपयोग बाद में हाइड्रोप्रोसेस्ड एस्टर और फैटी एसिड तकनीक के माध्यम से एसएएफ उत्पादन के लिए किया जाएगा। छत्तीसगढ़ में अधिशेष चावल को प्राथमिक फीडस्टॉक के रूप में उपयोग करके बायोएथेनॉल उत्पादन के लिए पहले ही एक मानक संचालन प्रक्रिया विकसित कर ली है। हाल ही में, राष्ट्रीय शर्करा संस्थान (एनएसआई), कानपुर के सहयोग से, सीबीडीए बायोफ्यूल कॉम्प्लेक्स स्थल, ग्राम गोढ़ी, जिला दुर्ग में एक वैकल्पिक फीडस्टॉक स्थापित करने के लिए चुकंदर की खेती पर परीक्षण शुरू किया है। अगला कदम इथेनॉल उत्पादन के लिए इसकी क्षमता का परीक्षण करना है, जिससे भारत के 20 प्रतिशत मिश्रण लक्ष्य और उससे आगे की उपलब्धि में सहायता मिलेगी, जिससे इस पहल की निरंतर सफलता सुनिश्चित होगी। इस सेमीनार में गैल के सीजीएम श्री मोहम्मद नजीब कुरैशी और डीजीएम जितेन्द्र पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन के पाइप लाईन नेटवर्क के बारे में जानकारी दी। बीपीसीएल के डीजीएम श्री संजय ठाकुर ने छत्तीसगढ़ में कम्प्रेस बायोगैस की संभावनाओं के बारे में प्रस्तुतीकरण दिया। इसी प्रकार रिलायंस इंडस्ट्रीज के डीजीएम श्री सुशील वर्मा ने धान से कम्प्रेस बायोगैस उत्पादन के बारे में जानकारी दी।   इसी प्रकार आरईवीवाय के इन्वारमेंटल साल्यूशन प्रा.लि. के फाउंडर डायरेक्टर डॉ. वनिता प्रसाद ने बायोगेस प्लांट के संचालन, एट्रीएम इनोवेशन प्रा.लि. पुणे के डायरेक्टर श्री राजेश दाते ने एनोरोबिक काम्पोस्टिंग सिस्टम, इंग्रोटेक एक्वा इंजीनियर्स प्रा.लि. संबलपुर के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री सुकांत कुमार मेहेर ने एसटीपी प्लांट से कम्प्रेस बायोगैस की उत्पादन की संभावनाओं और एईसी एग्रीटेक प्रा.लि. के सीईओ श्री जितेन्द्र नारायण ने कम्प्रेस बायोगैस पॉलिसी, प्रोक्योरमेंट और प्राइसिंग के बारे में जानकारी दी।

जनजातीय गौरव दिवस: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 20 नवंबर को करेंगी छत्तीसगढ़ आगमन

रायपुर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 20 नवंबर को छत्तीसगढ़ प्रवास का कार्यक्रम प्रस्तावित है. इस दौरान राष्ट्रपति अंबिकपुर के पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस के कार्यक्रम में शामिल होंगी. उनके दौरे की तैयारियों को लेकर मंत्रालय (महानदी भवन) में 11 नवंबर को शाम 4 बजे मुख्य सचिव विकास शील की अध्यक्षता में बैठक होगी. बैठक में सभी प्रमुख मंत्रालय और विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों सहित संबंधित जिलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल होंगे. उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान सरगुजा के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगी. मुख्यसचिव द्वारा राष्ट्रपति के निर्बाध और गरिमामय प्रवास के लिए सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, आवागमन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों सहित आवश्यक व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा की जाएगी. अधिकारियों को दायित्व निर्वहन के निर्देश दिए जाएंगे.

मौसम में आएगा बदलाव: छत्तीसगढ़ में तापमान 4 डिग्री तक नीचे जाने की संभावना

रायपुर छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदल गया है. बारिश थमने के बाद बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र से आने वाली नमी की मात्रा में कमी होने लगी है. अब लोगों के घरों में एसी-पंखे का स्विच ऑफ हो गए हैं. रजाई और कंबल बाहर निकाल लिए गए हैं. मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले चार दिनों में तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट की संभावना जताई है. पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 31.1 डिग्री सेल्सियस रायपुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड हुआ. सिनोप्टिक सिस्टम मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई. छत्तीसगढ़ में आगामी दिनों तक मौसम शुष्क बने रहने के आसार हैं. 7 नवंबर को मौसम शुष्क रह सकता है. किसी भी इलाके में बारिश की संभावना नहीं है. दो दिनों के बाद भी मौसम में किसी बड़े परिवर्तन की उम्मीद नहीं है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? मौसम विभाग ने राजधानी रायपुर में आज आसमान मुख्यतः साफ रहने की संभावना जताई है. अधिकतम तापमान लगभग 31 डिग्री सेल्सिलय और न्यूनतम तापमान करीब 19 डिग्री सेल्सिलय के आसपास रह सकता है.

मुख्यमंत्री ने किया ‘मेक इन सिलिकॉन’ संगोष्ठी का शुभारंभ

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अंतरराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) नवा रायपुर के 10वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय ‘मेक इन सिलिकॉन’ संगोष्ठी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह आयोजन भारत को सेमीकंडक्टर निर्माण और तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपना रजत जयंती वर्ष मना रहा है और आज राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ का भी ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेशवासियों और ट्रिपल आईटी परिवार को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संस्थान महान शिक्षाविद् डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर स्थापित है, जिन्होंने शिक्षा, एकता और औद्योगिक विकास को राष्ट्र की प्रगति से जोड़ा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने सेमीकंडक्टर मिशन, इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप निर्माण के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल की हैं। यह मिशन न केवल बुनियादी ढांचा विकसित कर रहा है, बल्कि युवाओं को सशक्त बनाने और नवाचार को प्रोत्साहन देने का भी कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सेमीकंडक्टर आज आधुनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है— मोबाइल, सैटेलाइट, रक्षा प्रणाली और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सभी इससे जुड़े हैं। ऐसे में ‘मेक इन सिलिकॉन’ जैसी पहल भारत की चिप क्रांति को नई दिशा देने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ इस मिशन में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक नीति में सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में कुशल मानव संसाधन, सुदृढ़ औद्योगिक ढांचा, निर्बाध बिजली आपूर्ति और तकनीकी विकास के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध है।  नवा रायपुर में सेमीकंडक्टर यूनिट की स्थापना का भूमिपूजन हो चुका है, जिससे युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर को आईटी और इनोवेशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य का ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन डॉक्यूमेंट’ सतत विकास पर केंद्रित है, जिसमें सेमीकंडक्टर को प्रमुख क्षेत्र के रूप में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार  इज ऑफ डूइंग बिज़नेस के साथ अब स्पीड आफ डूइंग बिज़नेस पर भी बल दे रही है। मुख्यमंत्री ने देशभर से आए विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस संगोष्ठी से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश को लाभ मिलेगा। उन्होंने आह्वान किया कि “हम सब मिलकर छत्तीसगढ़ को मध्य भारत का ज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार का केंद्र बनाएं तथा भारत के सेमीकंडक्टर मिशन में सक्रिय योगदान दें।” वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि जब मैं पढ़ाई कर रहा था, तब छत्तीसगढ़ में एक भी राष्ट्रीय स्तर का संस्थान नहीं था। किंतु पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता के कारण आज प्रदेश में आईआईटी, आईआईएम, एचएनएलयू, एम्स, एनआईटी और ट्रिपल आईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान स्थापित हुए हैं। इन संस्थानों ने राज्य को उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में नई पहचान दी है। चौधरी ने कहा कि वर्तमान समय में छत्तीसगढ़ में शिक्षा और तकनीकी विकास की अपार संभावनाएँ हैं। आज का युग टेक्नोलॉजी-ड्रिवन इकोनॉमी का है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट के सर्वर डाउन होने से विश्वभर में जिस प्रकार कार्य प्रभावित हुए, उससे स्पष्ट है कि पावर टेक्नोलॉजी आज जीवन, अर्थव्यवस्था और वैश्विक प्रणाली को किस हद तक प्रभावित करती है। इसलिए हमें इन चुनौतियों का सामना करने के लिए अभी से तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि नवाचार, कौशल और काबिलियत ही भविष्य में आपकी वास्तविक उपयोगिता सिद्ध करेंगे। बड़ी उपलब्धियाँ वही व्यक्ति प्राप्त करता है, जो अपनी क्षमता को निरंतर तराशता है। युवाओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि परिवर्तन हमेशा दृष्टिकोण, संकल्प और निरंतर प्रयास से आता है। साउथ कोरिया के तकनीकी परिवर्तन का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि “हमें भी उसी प्रकार शिक्षा, तकनीक और शोध में निवेश बढ़ाकर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ना होगा।” वित्त मंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे तकनीकी दक्षता, शोध और रचनात्मक सोच को अपने जीवन का आधार बनाएं, क्योंकि आने वाला समय उन्हीं का होगा जो ज्ञान और नवाचार को अपनी शक्ति बनाएंगे। उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि सेमीकंडक्टर और औद्योगिक क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ‘मेक इन सिलिकॉन’ संगोष्ठी एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप शैक्षणिक संस्थान सेमीकंडक्टर क्षेत्र में शोध और नवाचार को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार उच्च शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने युवाओं से कहा कि “आपका नवाचार और आपका संकल्प भारत की तकनीकी पहचान को नई ऊँचाई देगा।” डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अंतरराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) नवा रायपुर के निदेशक प्रो. ओम प्रकाश व्यास ने अतिथियों को संस्थान की 10 वर्षों की उपलब्धियों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि संस्थान में विकसित भारत की अवधारणा के अनुरूप शिक्षण, अनुसंधान और नवाचार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। छात्रों के कौशल विकास और क्षमता निर्माण के लिए उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण एवं उद्योग आधारित परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर ट्रिपल आईटी इलाहाबाद के निदेशक प्रो. मुकुल सुतावणे, आईआईटी इंदौर के प्रो. संतोष विश्वकर्मा, मनोज कुमार मजूमदार सहित शिक्षाविद् एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहीं। उल्लखेनीय है कि ‘मेक इन सिलिकॉन’ – स्वदेशी सेमीकंडक्टर इंफ्रास्ट्रक्चर पर राष्ट्रीय संगोष्ठी – ट्रिपल आईटी नया रायपुर के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी (ECE) विभाग के माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स और वीएलएसआई डिजाइन समूह द्वारा आयोजित की जा रही है। इस संगोष्ठी का उद्देश्य भारत की सेमीकंडक्टर क्षमताओं को सशक्त बनाना और आत्मनिर्भर सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण को प्रोत्साहित करना है। यह आयोजन शिक्षा जगत, उद्योग और अनुसंधान संस्थानों के बीच नवाचार, ज्ञान-विनिमय और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक सशक्त मंच है, जिससे भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा सके। संगोष्ठी में वीएलएसआई डिजाइन और माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स … Read more