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मुख्यमंत्री साय ने कुम्हार के चाक पर गढ़ा दीया, पारंपरिक शिल्पकारों से किया आत्मीय संवाद:

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का एक आत्मीय और सहज रूप उस समय देखने को मिला, जब उन्होंने कुम्हार के चाक पर स्वयं मिट्टी का दीया और कलश गढ़कर पारंपरिक शिल्प के प्रति सम्मान और जुड़ाव का सशक्त संदेश दिया।  अवसर था सरगुजा विकास प्राधिकरण की बैठक का, जिसमें शामिल होने वे कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर पहुंचे थे। जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित बैठक के साथ परिसर में स्व-सहायता समूहों एवं स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। इसी प्रदर्शनी में सोनहत विकासखंड निवासी शिल्पकार  देवी दयाल प्रजापति इलेक्ट्रिक चाक पर मिट्टी से दीया और कलश बनाने का सजीव प्रदर्शन कर रहे थे। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री  साय उनके स्टॉल पर पहुंचे और कुछ देर तक उनकी शिल्पकला का बारीकी से अवलोकन किया। कला के प्रति उत्सुकता बढ़ने पर मुख्यमंत्री ने स्वयं चाक पर हाथ आजमाने की इच्छा व्यक्त की। शिल्पकार की सहमति से उन्होंने घूमते हुए चाक पर रखी गीली मिट्टी को हाथों से साधा और देखते ही देखते उसे सुंदर दीये का आकार दे दिया। मुख्यमंत्री की सहज कुशलता देखकर स्वयं शिल्पकार भी आश्चर्यचकित रह गए, वहीं उपस्थित जनसमूह ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ इस क्षण का स्वागत किया। मुख्यमंत्री  साय ने इस दौरान शिल्पकार देवी दयाल प्रजापति से उनके व्यवसाय, आय और परिवार की जानकारी ली तथा उन्हें शासन की विभिन्न स्वरोजगार एवं कारीगर हितैषी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पारंपरिक शिल्प, कारीगरों और ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि स्थानीय कला और हुनर को नई पहचान और बाजार मिल सके। इस अवसर पर कृषि मंत्री  रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल, खाद्य मंत्री  दयाल दास बघेल, महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े, सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष मती गोमती साय, सांसद  चिंतामणि महाराज, विधायक  भैयालाल राजवाड़े, कलेक्टर  चंदन त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक  रविकुमार कुर्रे सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा- पर्यटन स्थलों के विकास और सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार प्रतिबद्ध

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोरिया प्रवास के दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा बैकुंठपुर स्थित प्रसिद्ध झुमका पर्यटन स्थल में निर्मित ओपन थिएटर का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने झुमका जलाशय में बोटिंग करते हुए क्षेत्र के मनोहारी प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया तथा यहां विकसित की गई पर्यटन सुविधाओं का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री साय ने झुमका जलाशय में शिकारा पर सवार होकर नौका विहार किया। चारों ओर हरियाली, शांत जलराशि और कमल के फूलों से सजा यह रमणीय स्थल अब एक आकर्षक पिकनिक स्पॉट के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री ने यहां बोटिंग, वाटर स्पोर्ट्स सहित विकसित पर्यटन गतिविधियों की जानकारी ली और व्यवस्थाओं की सराहना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने लगभग 27 लाख रुपए की लागत से निर्मित ओपन थिएटर का लोकार्पण किया।500 दर्शकों की बैठक क्षमता वाला यह ओपन थिएटर सांस्कृतिक आयोजनों के लिए नया केंद्र बनेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि झुमका जलाशय केवल कोरिया जिले की पहचान ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाओं का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन स्थलों के विकास, सौंदर्यीकरण और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में स्थापित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पर्यटकों की सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए तथा स्थानीय युवाओं को पर्यटन गतिविधियों से जोड़कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएँ। इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक भैयालाल राजवाड़े, संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक झा, कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुर्रे सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

अन्नदाता भाइयों-बहनों की समृद्धि ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय

कोसमनारा में सामुदायिक भवन विस्तार हेतु 50 लाख रुपये की घोषणा रायगढ़ महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर कोसमनारा धाम में आयोजित स्थापना दिवस एवं शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि समाज जब संगठित और जागरूक होता है, तब विकास को वास्तविक मजबूती मिलती है। साहू समाज की एकजुटता, शिक्षा और समर्पण प्रदेश के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में समाज की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले 25 लाख से अधिक किसानों को ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से अंतर राशि होली से पूर्व एकमुश्त प्रदान की जाएगी। लगभग ₹10,000 करोड़ की राशि सीधे किसानों के खातों में अंतरित की जाएगी। उन्होंने कहा कि अन्नदाता भाइयों-बहनों की समृद्धि ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सरकार किसानों के परिश्रम का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे पूर्व मुख्यमंत्री साय ने कोसमनारा स्थित श्री 108 सत्यनारायण बाबा जी एवं भक्त माता कर्मा-कृष्ण मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की तथा महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 16 फरवरी 1998 से पूज्य सत्यनारायण बाबा खुले आकाश के नीचे निरंतर तपस्या में लीन हैं। तीनों ऋतुओं में 28 वर्षों से अधिक समय तक साधना करना अत्यंत अद्वितीय और प्रेरणादायक है। यह धाम सामाजिक समरसता, आस्था और भाईचारे का सशक्त प्रतीक बन चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा जी के आशीर्वाद से उन्हें चार बार सांसद रहने का अवसर मिला और आज मुख्यमंत्री के रूप में सेवा का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने बाबा भोलेनाथ एवं बाबा सत्यनारायण से प्रदेशवासियों पर निरंतर कृपा बनाए रखने की कामना की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कोसमनारा स्थित कर्मा साहू सामुदायिक भवन के ऊपर अतिरिक्त निर्माण के लिए ₹50 लाख की घोषणा की। साथ ही उन्होंने रामलला दर्शन योजना एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से प्रदेशवासियों को अयोध्या सहित देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा का अवसर मिल रहा है। समारोह में समाज कल्याण में उत्कृष्ट योगदान के लिए त्रिभुवन साहू, भरत लाल साहू, कपिल नाथ, अरुणा साहू, मनोज साहू एवं वेदराम साहू को सम्मानित किया गया। कोरबा जिला साहू संघ की पत्रिका तथा बाबा सत्यनारायण चालीसा का विमोचन भी किया गया। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि साहू समाज की एकजुटता विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कोसमनारा धाम के विकास हेतु लगभग डेढ़ करोड़ रुपये के प्रस्तावित कार्यों की जानकारी दी। साहू समाज के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नीरेंद्र साहू ने बिलासपुर संभाग के सात जिलों के नव निर्वाचित जिला साहू संघ पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। कार्यक्रम में लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया, कसडोल विधायक संदीप साहू, जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू, नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान, पूर्व सांसद लखनलाल साहू, तेलघानी बोर्ड अध्यक्ष जितेंद्र साहू, डिग्रीलाल साहू सहित बिलासपुर संभाग के सात जिलों के नव निर्वाचित पदाधिकारी, बाबा सत्यनारायण की माता हंसमती देवी, संभागायुक्त सुनील जैन, आईजी रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह सहित अन्य अधिकारीगण स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।  

वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास की सुरक्षा और सह-अस्तित्व के सिद्धांतों के अनुरूप हो सभी गतिविधियों का संचालन : मुख्यमंत्री साय

रायपुर. मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य वन्य जीव बोर्ड की बैठक संपन्न मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य वन्यजीव बोर्ड की 16वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में बोर्ड की 15वीं बैठक के पालन प्रतिवेदन तथा नवीन एजेंडों पर चर्चा उपरांत प्रस्तावों को राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड के निर्णय हेतु प्रेषित करने पर सहमति बनी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि वन्यजीव हमारी प्रकृति की अमूल्य धरोहर हैं और उनके संरक्षण–संवर्धन के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए सतत निगरानी, अवैध गतिविधियों पर रोक तथा उनकी सुरक्षा के लिए जनभागीदारी को बढ़ावा देने पर जोर दिया। साथ ही, वनों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ाने और युवाओं की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री ने न्यूनतम हस्तक्षेप के सिद्धांत को अपनाते हुए अत्यावश्यक कार्यों को ही वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में बिना किसी छेड़छाड़ के पूर्ण करने पर बल दिया। उन्होंने सह-अस्तित्व के सिद्धांतों के अनुरूप सभी गतिविधियों के संचालन की बात कही।          बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति (Standing Committee of State Board for Wildlife) के गठन को मंजूरी दी गई। स्थायी समिति का गठन वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री की अध्यक्षता में किया जाएगा, जिसमें 11 अन्य सदस्य शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि वन्य प्राणियों की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में होने वाले कार्यों के प्रस्तावों पर राज्य वन्यजीव बोर्ड का अभिमत अनिवार्य होता है। बोर्ड की बैठकों के बीच अधिक अंतराल के कारण प्रस्तावों की स्वीकृति में विलंब की स्थिति बनती है। स्थायी समिति के गठन से वैधानिक मंजूरियों के त्वरित निपटान तथा वन्यजीव प्रबंधन से संबंधित मुद्दों के शीघ्र निराकरण में सहायता मिलेगी।     बैठक में उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व अंतर्गत बरबांधा जलाशय में बांध एवं नहरों के जीर्णोद्धार एवं नवीन कार्य, पीएम जनमन योजना के अंतर्गत कबीरधाम जिले के कवर्धा वनमंडल में पंडरीपानी मेन रोड से सौरु तक मार्ग मजबूतीकरण, गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने से संबंधित 6 प्रस्ताव, सेमरसोत अभ्यारण्य में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने, उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व में सीआरपीएफ कैंप की स्थापना तथा उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने के प्रस्तावों का अनुमोदन कर उन्हें राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्वीकृति हेतु प्रेषित करने पर सहमति दी गई।               कार्यक्रम में वन मंत्री  केदार कश्यप, विधायक  धर्मजीत सिंह, मुख्य सचिव  विकास शील, अपर मुख्य सचिव मती ऋचा शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख  व्ही. निवास राव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव)  अरुण कुमार पाण्डेय सहित बोर्ड के अन्य सदस्य एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री साय ने कांग्रेस के धान खरीदी आंदोलन पर साधा निशाना, कहा– मुद्दाविहीन राजनीति कर रही है कांग्रेस

रायपुर धान खरीदी का मुद्दा एक बार फिर प्रदेश में गर्म है. इस मुद्दे पर कांग्रेस के प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस मुद्दाविहीन है, इसलिए इस तरह का आंदोलन कर रही है. कांग्रेस का धर्म ही विरोध करना है. नारायणपुर रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मीडिया से चर्चा में कहा कि आज धान खरीदी की अंतिम तारीख है, धान खरीदी अच्छे से हो रही है. दो दिन पहले ही समीक्षा कर अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि किसानों का धान समय पर बिके और टोकन मिलने में देर न हो. अधिकारी लगातार इस पर काम कर रहे हैं. वहीं जमीन गाइडलाइन को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि गाइडलाइन में संशोधन किए गए हैं. सुझाव भी मांगे गए थे. अभी इस पर वर्किंग चल रही है. वहीं निजी अस्पतालों के आयुष्मान कार्ड से इलाज नहीं करने के ऐलान पर उन्होंने कहा कि जो भी बकाया है, उसे जारी किया जाएगा. बता दें कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय नारायणपुर में दो दिन के प्रवास पर रहेंगे. राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा भी मुख्यमंत्री के साथ जा रहे हैं. इस दौरान 361 करोड़ के अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन होगा.

गढ़बेगाल घोटुल में गूंजी मांदर की थाप

रायपुर. आधुनिक घोटुल नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ेगा: मुख्यमंत्री  साय   मुख्यमंत्री   विष्णुदेव साय ने अपने दो दिवसीय नारायणपुर प्रवास के दौरान आज ‘गढ़बेंगाल घोटुल‘ पहुंचकर बस्तर की गौरवशाली परंपराओं और लोक-संस्कृति के प्रति अपनी गहरी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। इस मौके पर पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर ध्वनि और ग्रामीणों के आत्मीय स्वागत के बीच मुख्यमंत्री   साय स्वयं लोक-रंग में रंगे नजर आए।     मुख्यमंत्री   साय ने घोटुल की अनूठी स्थापत्य कला का अवलोकन किया और बस्तर की विभूतियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री   साय ने कहा कि घोटुल प्राचीन काल से ही आदिवासी समाज के लिए शैक्षणिक एवं संस्कार केंद्र रहा है। चेंद्रु पार्क के समीप स्थित यह आधुनिक घोटुल न केवल नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ेगा, बल्कि देश-दुनिया के पर्यटकों को भी आदिवासी जीवनशैली और सामाजिक व्यवस्था से परिचित कराने का सशक्त माध्यम बनेगा। गढ़बेंगाल का यह घोटुल हमारी गौरवशाली विरासत को सहेजने का प्रतीक है। हमारी सरकार बस्तर की इस अनूठी संस्कृति, परंपरा और ज्ञान को संरक्षित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।    मुख्यमंत्री   साय ने घोटुल परिसर के लेय्योर एवं लेयोस्क कुरमा: युवाओं और युवतियों के लिए निर्मित कक्षों के साथ ही बिडार कुरमा: पारंपरिक वेशभूषा, प्राचीन वाद्ययंत्र एवं सांस्कृतिक सामग्रियों का संग्रह का निरीक्षण किया। इस दौरान ग्रामीणों की आग्रह पर मुख्यमंत्री   साय ने सगा कुरमा में बस्तर के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लेकर क्षेत्र की खान-पान संस्कृति का सम्मान किया। इस दौरान मुख्यमंत्री के भोजन में विशेष रूप से भोजन गाटो-भात, कोदो-भात, उड़िद दार, हिरुवा दार, जीरा भाजी, कनकी पेज, भाजी घिरोल फुल, चाटी भाजी, कांदा भाजी, मुनगा भाजी, इमली आमट, मड़िया पेज, टमाटर चटनी, चिला रोटी, रागी कुरमा, रागी केक, रागी लट्टू, रागी जलेबी परोसा गया।      इस दौरान वन मंत्री   केदार कश्यप, राजस्व मंत्री   टंकराम वर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष   रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष   नारायण मरकाम, पद्म    पंडीराम मंडावी, लोककलाकार   बुटलू राम, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि  मती संध्या पवार ने साथ बैठकर छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया। बस्तर की विभूतियों से आत्मीय भेंट     मुख्यमंत्री ने इस प्रवास को केवल एक औपचारिक दौरा न रखते हुए इसे एक आत्मीय मिलन का रूप दिया। क्षेत्र की महान प्रतिभाओं – वैद्यराज पद्म  हेमचंद मांझी, पद्म  पंडीराम मंडावी और सुप्रसिद्ध लोक-कलाकार बुटलू राम से भेंट कर उनका सम्मान किया। उन्होंने टाइगर ब्वॉय चेंदरू के परिवारजनो से भी मुलाकात की।  इको-फ्रेंडली घोटुल:     वन विभाग और पद्म  पंडीराम मंडावी के मार्गदर्शन में निर्मित यह घोटुल पूर्णतः इको-फ्रेंडली (लकड़ी, मिट्टी और बांस) सामग्री से बना है। मुख्यमंत्री ने घोटुल के खंभों पर की गई बारीक नक्काशी की मुक्तकंठ से प्रशंसा की, जिसे स्वयं पद्म  पंडीराम मंडावी ने उकेरा है। जिसमें नक्काशी, सांस्कृतिक जुड़ाव, विरासत का संरक्षण का प्रभावी प्रयास किया गया है।

मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग के 255 करोड़ रुपए की लागत के विकास कार्यों का किया वर्चुअली लोकार्पण

रायपुर. मुख्यमंत्री   विष्णु देव साय ने आज पुलिस मुख्यालय नया रायपुर से वर्चुअली जुड़कर विभिन्न जिलों में 8 नए साइबर थानों और 255 करोड़ रुपए की लागत से तैयार पुलिस आवासीय भवनों तथा थाना भवनों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों और पुलिस के जवानों को इस विशेष पहल के लिए शुभकामनाएं दी।               मुख्यमंत्री   साय ने इस मौके पर कहा कि आज का दिन पुलिस विभाग के लिए अत्यंत सौभाग्य का है, क्योंकि 255 करोड़ रुपए के विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रेजेंटेशन के माध्यम से हमने देखा कि साइबर थाना, एसडीओपी कार्यालय, चौकी भवन, ट्रांजिट हॉस्टल एवं आवासीय भवन अत्यंत सुंदर और सुविधाजनक बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने गुणवत्तापूर्ण निर्माण के लिए संबंधित एजेंसियों की सराहना करते हुए कहा कि इन सुविधाओं से पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सकारात्मक वातावरण में कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी और वे अपने कर्तव्यों का और अधिक प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकेंगे।   साय ने कहा कि सरकार का सतत प्रयास है कि कर्मचारियों और अधिकारियों को बेहतर आवास एवं कार्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे प्रदेश में कानून व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सके। उन्होंने कहा कि यह एक अच्छी शुरुआत है और इससे सुदूर अंचलों तक भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा।           उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री   विजय शर्मा ने बताया कि प्रदेश में साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अनेक स्थानों पर साइबर पुलिस थानों की शुरुआत की जा रही है। आज जशपुर, रायगढ़ और राजनांदगांव जिलों सहित कुल 8 नए साइबर थानों का शुभारंभ किया गया है। इससे पूर्व प्रदेश के पांच जिलों में साइबर थाना संचालित हैं। भविष्य में आवश्यकता के अनुसार अन्य जिलों में भी साइबर थाने स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही चार जिलों में भारत वाहिनी के कैंपस, नौ जिलों में नए थाना भवन, माना में सेंट्रल आर्म्ड फोर्स की चौकी तथा आवासीय भवनों का भी लोकार्पण किया गया। गृहमंत्री   शर्मा ने 255 करोड़ रुपए की लागत से पूर्ण हुए इन निर्माण कार्यों एवं 8 नए साइबर थानों की स्वीकृति और लोकार्पण के लिए मुख्यमंत्री   विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।             इस अवसर पर मुख्य सचिव   विकास शील, अपर मुख्य सचिव   मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव   सुबोध कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक   अरुण देव गौतम, मुख्यमंत्री के सचिव   राहुल भगत, गृह विभाग के सचिव   हिमशिखर गुप्ता, पुलिस महानिदेशक पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन   पवन देव, एडीजी   एसआरपी कल्लूरी, एडीजी   प्रदीप गुप्ता, एडीजी विवेकानंद सिन्हा, एडीजी   दीपांशु काबरा, एडीजी   अमित कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही वनमंत्री   केदार कश्यप, उद्योग मंत्री   लखन लाल देवांगन, विधायक   योगेश्वर राजू सिन्हा, विधायक   भईया लाल रजवाड़े,   ललित चंद्राकर, विधायक  मती रायमुनि भगत एवं जनप्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में सहभागी रहे।        उल्लेखनीय है कि आज मुख्यमंत्री ने बालोद जिले के 21वीं भारत रक्षित वाहिनी करकाभाट, पुलिस थाना भवन सनौद, महासमुंद जिले के 20वीं भारत रक्षित वाहिनी परसदा, धमतरी जिले के पुलिस चौकी भवन करेलीबड़ी, रायपुर जिले के सेन्ट्रल आर्म्स स्टोर, 4थीं वाहिनी माना, ट्रांजिट हॉस्टल, बस्तर जिले के 19वीं भारत रक्षित वाहिनी करनपुर, बीजापुर जिले के पुलिस थाना भवन तर्रेम, पुलिस थाना भवन नैमेड़, सुकमा जिले के पुलिस थाना भवन चिंतागुफा, पुलिस थाना भवन चिंतलनार, कांकेर जिले के 22वीं भारत रक्षित वाहिनी भीरावाही, नारायणपुर जिले के पुलिस थाना भवन भरण्डा, पुलिस थाना भवन बैनुर, ट्रांजिस्ट हॉस्टल नारायणपुर, दुर्ग जिले के पुलिस थाना भवन पद्द्मनाभपुर, पुलिस थाना भवन पुलगांव, 36 अराजपत्रित एवं 48 प्रधान आरक्षक आवासगृह, एस.डी.ओ.पी. कार्यालय भवन धमधा, बेमेतरा जिले के एस.डी.ओ.पी. कार्यालय भवन बेरला, राजनांदगांव जिले के एस.आई.बी. फिल्ड यूनिट, ट्रांजिट हॉस्टल, दुर्ग, सूरजपुर जिले के पुलिस चौकी कुदरगढ़, कोरिया जिले के 24 अराजपत्रित एवं 144 प्र.आर./आरक्षक आवासगृह बैकुण्ठपुर एवं ट्रांजिट हॉस्टल बलरामपुर का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री साय ने कांसाबेल में किया स्मार्ट क्लास रूम का शुभारंभ

शासकीय विद्यालयों में 206 इंटरएक्टिव पैनल लगाए जाएंगे रायपुर, जशपुर जिले के स्कूली बच्चे अब स्मार्ट क्लास रूम के जरिए पढ़ाई करेंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज कांसाबेल के सरस्वती शिशु मंदिर में स्मार्ट क्लास रूम का शुभारंभ किया। इस परियोजना के लिए एसईसीएल द्वारा सीएसआर मद से 5 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिसके अंतर्गत जिले के शासकीय विद्यालयों में 206 इंटरएक्टिव पैनल लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से शिक्षा को रोचक एवं प्रभावी बनाना समय की आवश्यकता है, ताकि ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों के बच्चों को भी शहरों के समान बेहतर शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों में नवाचार, जिज्ञासा एवं तकनीकी दक्षता का विकास होगा, जो उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बनेगा। इस अवसर पर कार्यक्रम में विधायक श्रीमती गोमती साय सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।          अधिकारियों ने बताया कि एमओयू के तहत जशपुर जिले के चयनित शासकीय विद्यालयों में चरणबद्ध रूप से इंटरएक्टिव पैनल स्थापित किए जाएंगे। इन उपकरणों के माध्यम से शिक्षक डिजिटल कंटेंट, वीडियो, प्रेजेंटेशन एवं ई-लर्निंग संसाधनों का उपयोग कर कक्षाओं को अधिक रोचक, सरल एवं प्रभावी बना सकेंगे। इस पहल से जिले के सैकड़ों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण डिजिटल शिक्षा की बेहतर सुविधा प्राप्त होगी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री की पहल पर जशपुर जिले के शासकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने की दृष्टिकोण से विगत माह जिला प्रशासन एसईसीएल एवं ईडूसीआईएल के मध्य त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर हुए थे।  

रायपुर में आईपीएल आयोजन की पहल: मुख्यमंत्री साय को आरसीबी का विशेष आमंत्रण

रायपुर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की ओर से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को टीम का आधिकारिक जर्सी भेंट कर रायपुर में प्रस्तावित आईपीएल मैच के आयोजन के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया गया। इस अवसर पर आरसीबी के वाइस प्रेसिडेंट राजेश मेनन तथा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के संयुक्त सचिव प्रभतेज सिंह भाटिया उपस्थित थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजनों से युवाओं में खेल के प्रति उत्साह बढ़ेगा, खेल अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी और राज्य को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल और युवा प्रतिभाओं के प्रोत्साहन के लिए हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। यह प्रस्ताव रायपुर को एक उभरते हुए स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

बस्तर के समग्र विकास को लेकर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

नक्सल उन्मूलन के साथ विकास के रोडमैप पर हुई व्यापक चर्चा सचिवों को बस्तर क्षेत्र का दौरा कर योजनाओं की जमीनी प्रगति की समीक्षा के निर्देश कनेक्टिविटी, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क, पेयजल, बिजली और संचार जैसी मूलभूत सुविधाओं पर विशेष फोकस रायपुर छत्तीसगढ़ के विकास में लंबे समय से सबसे बड़ी बाधा रहे नक्सलवाद का अंत अब निर्णायक चरण में पहुँच चुका है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के सशक्त नेतृत्व तथा सुरक्षाबलों के अदम्य साहस के कारण नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति बहाल हो रही है। यह सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है कि नक्सलवाद की हिंसक विचारधारा फिर कभी सिर न उठा सके और इसके लिए बस्तर अंचल से सतत संवाद, विकास कार्यों और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के माध्यम से लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में बस्तर अंचल के समग्र विकास पर केंद्रित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार का स्पष्ट लक्ष्य बस्तर का सर्वांगीण और संतुलित विकास सुनिश्चित करना है। राज्य और केंद्र सरकार मिलकर सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ बस्तर को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि आगामी तीन वर्षों के लिए बस्तर के विकास का एक व्यापक एक्शन प्लान तैयार कर मिशन मोड में उसका क्रियान्वयन किया जाएगा। मुख्यमंत्री साय ने सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने तथा सचिवों को बस्तर क्षेत्र का दौरा कर योजनाओं की जमीनी प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नक्सलवाद की समाप्ति के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क, पेयजल, बिजली और संचार जैसी मूलभूत सुविधाओं का तीव्र गति से विस्तार अत्यंत आवश्यक है, ताकि दूरस्थ से दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास की रोशनी पहुँचे और शासन-प्रशासन पर लोगों का भरोसा सुदृढ़ हो। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों में स्वस्फूर्त जनभागीदारी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बस्तर के लोग शांति और विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। बैठक में पेयजल, विद्युतीकरण और मोबाइल कनेक्टिविटी की गहन समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने फ्लोराइड प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी समाधान के लिए सतही जल स्रोतों से आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने, शेष गांवों के शीघ्र विद्युतीकरण तथा दूरस्थ इलाकों में मोबाइल टावरों की स्थापना में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने आधार कार्ड निर्माण, बच्चों के लिए विशेष अभियान चलाकर शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। पर्यटन विकास पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री साय ने होम-स्टे को प्रोत्साहन देने, स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत चिन्हित स्थलों के विकास, बस्तर टूरिज्म कॉरिडोर के निर्माण तथा युवाओं को पर्यटन आधारित आजीविका से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने आईआईटीटीएम ग्वालियर से प्रशिक्षित बस्तर के 32 स्थानीय गाइडों को प्रशिक्षण दिए जाने के पहल की विशेष रूप से सराहना की। बैठक में वनधन केंद्रों के माध्यम से लघु वनोपज के संग्रहण एवं प्रसंस्करण, शिक्षा के क्षेत्र में भवन विहीन विद्यालयों के लिए शीघ्र राशि स्वीकृति, नवोदय एवं पीएमश्री स्कूलों का विस्तार, स्वास्थ्य अधोसंरचना का सुदृढ़ीकरण, मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, पीएम-अभीम योजना, बाइक एम्बुलेंस सेवा, सिंचाई परियोजनाएँ, आंगनबाड़ी एवं बालवाड़ी संचालन, ग्रामीण बस योजना तथा रोजगार और आजीविका से जुड़े विभिन्न कार्ययोजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री साय ने सभी संबंधित विभागों को विशेष केंद्रीय सहायता के लिए आवश्यक प्रस्ताव शीघ्र मुख्य सचिव कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए, ताकि बस्तर के समग्र, संतुलित और टिकाऊ विकास को नई गति मिल सके। बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश बंसल, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस., समस्त विभागीय सचिव तथा वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।