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सीधी में सीएम का सख्त तेवर: कामचोर अफसरों को दी सीधी चेतावनी

सीधी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अल्प प्रवास पर सीधी पहुंचे, जहां उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्हें अधिकारी-कर्मचारियों की शिकायत मिली है, जिस पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने कार्रवाई की ओर इशारा किया है। सीएम ने कहा कि रात तक औचक निरीक्षण का परिणाम देखने को मिलेगा। उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि जिन अधिकारियों को मैदान में रहकर काम नहीं करना, वे वल्लभ भवन में रहें। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जनता में भारी असंतोष बता दें कि पिछले कई महीनों से जिले के दो बड़े अधिकारियों के कामकाज को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ आमजन में असंतोष है। भाजपा के पदाधिकारियों ने इसका खुलकर विरोध भी किया है। इतना ही नहीं, प्रभारी मंत्री की उपस्थिति में भी इसका असर देखने को मिला है। बदलाव की सुगबुगाहट अधिकारी-कर्मचारी के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि भी तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं। हालांकि, सीएम के बयान का असर देर रात तक स्पष्ट हो जाएगा। मुख्यमंत्री की इस चेतावनी के बाद जिले के प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।  

एमजीएम इंदौर में बनेगा अत्याधुनिक अस्पताल भवन, क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं होंगी मजबूत: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

 अधोसंरचना विकास कार्यों की वृहद समीक्षा की भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधोसंरचनात्मक विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में एमजीएम मेडिकल कॉलेज इन्दौर में प्रस्तावित नवीन आधुनिक चिकित्सालय भवन सहित विभिन्न विकास कार्यों पर चर्चा कर उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने आवश्यक निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी दिशा में चिकित्सा अधोसंरचना के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। इन्दौर में प्रस्तावित नवीन आधुनिक चिकित्सालय भवन के निर्माण से बिस्तरों की संख्या में वृद्धि होगी, साथ ही विभिन्न सुपर स्पेशियलिटी विभागों, अत्याधुनिक आईसीयू, मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर, आधुनिक रेडियोलॉजी एवं प्रयोगशाला सुविधाओं के माध्यम से मरीजों को बेहतर एवं त्वरित उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रस्तावित अत्याधुनिक आकस्मिक चिकित्सा विभाग इन्दौर शहर सहित आसपास के क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के लिए महत्वपूर्ण सुविधा सिद्ध होगा। साथ ही चिकित्सा शिक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से नर्सिंग विद्यार्थियों के लिए छात्रावास, अध्ययन क्षेत्र तथा प्रशिक्षण विधाओं का भी विकास किया जा रहा है। परिसर में आंतरिक मार्गों के चौड़ीकरण, समुचित पार्किंग व्यवस्था, आधुनिक लॉन्ड्री, सीएसएसडी, सेंट्रल लैब, ब्लड बैंक तथा सीवरेज और ईफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट जैसी आधारभूत सुविधाओं के विकास से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और दक्षता में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण एवं अधोसंरचना विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए, ताकि प्रदेश के नागरिकों को बेहतर, सुलभ और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का अधिकतम लाभ मिल सके। बैठक में आयुक्त स्वास्थ्य धनराजू एस, एमडी बीडीसी सिबी चक्रवर्ती सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में बताया गया कि नवीन चिकित्सालय भवन को भवन विकास नियमन एवं मानदण्डों के अनुसार उच्च-भवन के रूप में सभी आवश्यक बिल्डिंग सर्विसेस के साथ विकसित किया जाएगा। इसमें कुल लगभग 1450 बिस्तरों की व्यवस्था प्रस्तावित है, जिसमें मेडिसिन, सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, पीडियाट्रिक्स, मातृत्व एवं शिशु, नेत्र, त्वचा, ईएनटी तथा इमरजेंसी मेडिसिन जैसे विभिन्न विभाग शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त 200 बिस्तरीय आईसीयू यूनिट, 16 मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर, 2 इमरजेंसी ऑपरेशन थियेटर, आधुनिक रेडियोलॉजी विभाग, सेंट्रल लैब एवं ब्लड बैंक जैसी अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराया जाना प्रस्तावित है। प्रस्तावित भवन, वर्तमान सुपर स्पेशियलिटी भवन एवं निर्माणाधीन कैंसर चिकित्सालय के मध्य निर्मित किया जाएगा, जिससे सभी चिकित्सा सेवाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके। साथ ही 210 बिस्तरीय अत्याधुनिक आकस्मिक चिकित्सा विभाग भी स्थापित किया जाएगा, जो इन्दौर शहर एवं आसपास के क्षेत्रों के रोगियों के लिए और अधिक सुविधाजनक होगा। परियोजना अंतर्गत नर्सिंग महाविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए 550 बिस्तरीय नवीन छात्रावास, 250 सीट क्षमता का मिनी ऑडिटोरियम, विभिन्न संकायों के अध्ययन क्षेत्र, प्रयोगशालाएँ तथा प्राध्यापकों के कक्ष भी विकसित किए जाएंगे। परिसर में आंतरिक मार्गों का चौड़ीकरण, पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था, आधुनिक लॉन्ड्री, सीएसएसडी, स्टोर तथा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट एवं ईफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना का भी प्रावधान किया गया है।  

सीएम मोहन यादव का कांग्रेस पर तंज: संकट के समय तिरंगा लेकर चले जहाज, विपक्ष फैलाता रहा भ्रम

कटनी  बरही में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने करीब एक हजार करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का जिक्र करते हुए किसानों के लिए कृषि महोत्सव आयोजित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को आधुनिक और लाभकारी खेती के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व की सरकारों ने प्रदेश के विकास के लिए पर्याप्त काम नहीं किया। साथ ही उन्होंने बताया कि आवास योजनाओं के लिए फिर से सर्वे कराया जा रहा है और जल्द ही जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना भी की जाएगी। भव्य आभार रैली मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का शनिवार को कटनी जिले के बरही में भव्य आभार रैली के माध्यम से स्वागत किया गया। बड़ा तालाब से विजयनाथ धाम मंदिर के मेला प्रांगण तक करीब एक किलोमीटर लंबी रैली निकाली गई। बरही के मुख्य बाजार मार्ग से रथ में निकली इस रैली के दौरान लोगों ने पुष्प वर्षा कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। रैली के दौरान मुख्यमंत्री के साथ रथ में खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा, विजयराघवगढ़ विधायक संजय सत्येंद्र पाठक और जिला भाजपा अध्यक्ष दीपक टंडन सोनी भी मौजूद रहे। किसानों, व्यापारियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और प्रबुद्धजनों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया।  

अशोकनगर को रंग पंचमी पर मिला विकास का तोहफा, 115.35 करोड़ की परियोजनाओं का ऐलान

भोपाल/अशोकनगर  रंग पंचमी के मौके पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अशोकनगर जिले के लिए खुशियों का पिटारा खोल दिया। उन्होंने 8 मार्च को यहां 115 करोड़ 35 लाख रुपये की लागत के 50 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। उन्होंने करीला माता धाम में आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता भी की। सीएम डॉ. यादव ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ दिए। इससे पहले उन्होंने वनोपज, कृषि आधारित उत्पादों और स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मद्देनजर उन्होंने विभिन्‍न क्षेत्रों में उत्‍कृष्‍ट कार्य करने वाली जिले की सात महिलाओं को सम्‍मानित भी किया। महिलाओं के कल्याण के लिए कई योजनाएं चलाई इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार महिलाओं के कल्याण के लिए अनेको योजनाएं संचालित कर रही है। साथ ही, आगामी लोकसभा-विधानसभा निर्वाचन में भी 33 प्रतिशत महिलाओं को आरक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहनों को प्रदेश सरकार हर महीने 1500 रुपये दे रही है। महिलाओं को विभिन्न विभागों में आरक्षण देकर उच्च पदों पर नियुक्ति दी गईं हैं। किसान कल्याण वर्ष का आयोजन प्रदेश में किया जा रहा है। किसानों के उत्थान के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार 6-6 हजार रुपये की राशि किसान सम्मन निधि के रूप में दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की बड़ी घोषणा इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ यादव ने ग्राम दीपनाखेड़ा से करीला धाम तक 10 किलोमीटर की सड़क की स्वीकृत किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कलेक्टर को निर्देश दिए कि करीला धाम तीर्थ के लिए कार्य योजना बनाई जाए। बता दें, इससे पहले उन्होंने करीला धाम पहुंचकर माता जानकी के दर्शन किए। यहां उन्होंने प्रदेश वासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। पूजा-पाठ के बाद उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ खेली फूलों की होली भी खेली। इस दौरान उन्होंने कहा कि करीला धाम में आस्था के साथ पूर्ण श्रद्धा भाव से श्रद्धालु माता जानकी के दर्शन करने आते हैं। माता जानकी श्रद्धालुओं की मनोकामना पूर्ण करती हैं। उन्होंने कहा कि आज का दिन अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर माता जानकी के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया है। माता सीता शक्ति पराक्रम की देवी है, माता सीता का प्रताप गौरवशाली संस्कृति है। इस पवित्र स्थान से महर्षि वाल्मीकि, सीता माता एवं लव कुश की कहानी जुड़ती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक काल में अलग-अलग देवताओं का महत्व रहा है। हमारी भारतीय संस्कृति में मातृशक्ति को प्रथम स्थान दिया गया है। इतनी लागत के होंगे निर्माण कार्य अशोकनगर में सांदीपनी शासकीय उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय महिदपुर (लागत 29.45 करोड़), मोहन पुर लिधोरा मार्ग से किर्राया सड़क (लागत 1.26 करोड़), मुंगावली चंदेरी मार्ग से डुंगासरा तक सड़क निमार्ण (लागत 25 लाख रुपये), नदी पर उच्‍च स्‍तरीय पुल निमार्ण (लागत 7.06 करोड़ रुपये), 30 बिस्‍तरीय सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र भवन राजपुर (लागत 10.94 करोड़ रुपये), आंगनवाड़ी भवन निर्माण ग्राम खैरोना (लागत 95 लाख रुपये), पंचायत भवन निमार्ण कजराई (लागत 2 लाख 25 हजार रुपये), शासकीय गणेश शंकर विद्यार्थी महाविद्यालय (लागत 5.42 करोड़ रुपये), 100 बिस्‍तरीय बालिका छात्रावास मल्‍हारगढ़ (लागत 1.78 करोड़ रुपये), प्राथमिक शाला भवन अथाई घाट (लागत 43 लाख रुपये) का लोकार्पण हुआ। इसके अलावा मां जानकी करीला धाम परिसर में वीआईपी दर्शन एप्रोच मार्ग (लागत 6.50 लाख रुपये), सीता रसोई के पास हट निर्माण (लागत 5 लाख रुपये), टीनशेड निर्माण (लागत 2.5 लाख रुपये), हेलीपेड-रोड निर्माण (लागत 15 लाख रुपये), वीआईपी पार्किंग के लिए रैंप निर्माण (लागत 5 लाख रुपये), पानी टंकी निर्माण (लागत 40 लाख रुपये), पेयजल के लिए नए 5 हैंडपंप (लागत 89 लाख रुपये) का लोकार्पण भी हुआ।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सभी महिलाओं को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश, समाज और परिवार की प्रगति में हर चुनौती में सहभागी रहने वाली मातृशक्ति को शत्-शत् नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में सफल हों, नए प्रतिमान गढ़ें, यही मेरी मंगलकामनाएं हैं।  

क्वींस ऑन द व्हील्स 3.0 को CM मोहन यादव ने दिखाई हरी झंडी

भोपाल. मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से 'नारी सशक्तिकरण' और 'साहस' की एक नई मिसाल पेश की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास से 'क्वींस ऑन द व्हील्स 3.0' (Queens on The Wheel 3.0) के तहत देश के कोने-कोने से आई 25 महिला सुपर बाइकर्स को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। महिला बाइकर्स 7 दिन में 1400 किमी का सफर तय कर एमपी के पर्यटन का प्रचार करेंगी। सांची, चंदेरी, कूनो, ग्वालियर और ओरछा होते हुए खजुराहो जाएंगी। 1400 किलोमीटर की यह रोमांचक बाइक ट्रायल 13 मार्च को भोपाल में समाप्त होगी। 7 दिन और 1400 किलोमीटर का सफर 'क्वींस ऑन द व्हील्स' बाइक रैली का यह तीसरा संस्करण एक बड़े उद्देश्य के साथ शुरू हुआ है। 25 सुपर बाइकर्स का यह ग्रुप अगले 7 दिनों तक मध्यप्रदेश की सड़कों पर 1400 किलोमीटर का सफर तय करेगा। यह यात्रा भोपाल से शुरू होकर सांची, चंदेरी, कूनो नेशनल पार्क, ग्वालियर और ओरछा जैसे प्रमुख ऐतिहासिक व प्राकृतिक स्थलों से गुजरते हुए खजुराहो पहुँचेगी। नारी शक्ति और सुरक्षा का संदेश कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सुपर बाइकर्स को शुभकामनाएं दी, उन्होंने कहा कि "देश का दिल मध्यप्रदेश अजब भी है, गजब भी है और महिलाओं की सुरक्षा के लिए सजग भी है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि यह आयोजन केवल एक बाइक रैली नहीं है, बल्कि यह बदलते समाज की सकारात्मक तस्वीर है। यह रैली 'रिस्पॉन्सिबल ट्रैवल' (जिम्मेदार पर्यटन) को प्रोत्साहित करेगी और यह दिखाएगी कि प्रदेश की सड़कें महिलाओं के लिए सुरक्षित हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्वींस ऑन द व्हील 3.0 केवल एक बाइक रैली नहीं, बल्कि नारी सशक्तिकरण, साहस और पर्यटन के माध्यम से मध्यप्रदेश की पहचान को देश-दुनिया तक पहुंचाने का अनूठा अभियान है। मुख्यमंत्री ने कहा- 'देश का दिल' मध्य प्रदेश अजब भी है, गजब भी है और महिलाओं के लिए सुरक्षित व सजग भी है। ऐतिहासिक स्थलों का होगा प्रचार-प्रसार इस यात्रा का रूट मैप प्रदेश के समृद्ध इतिहास और वन्यजीवों की झलक दिखाने के लिए तैयार किया गया है। बाइकर्स जहाँ चंदेरी की बुनाई और सांची के स्तूपों को करीब से देखेंगी, वहीं कूनो में चीतों की धरती का अनुभव भी लेंगी। इस साहसिक यात्रा का समापन 13 मार्च को वापस भोपाल में ही होगा।

बड़वानी में आधुनिक सब्जी मंडी से मजबूत होगी कृषि अर्थव्यवस्था : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

50 एकड़ में स्थापित होगा आदर्श बीज उत्पादन केंद्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी कृषि एवं विकास योजनाओं की सौगात राजकीय गरिमा के साथ मनाया गया भगोरिया पर्व : जुलवानिया भगोरिया हाट में उड़ा उल्लास और परंपरा का रंग भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भगोरिया केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ आनंद में झूमने का पर्व है। पर्व में महिला और पुरुष समान रूप से कदम से कदम मिलाकर नृत्य करते हैं और पारंपरिक वेशभूषा में लोक संस्कृति की अद्भुत छटा बिखेरते हैं। ताड़ी जैसे पारंपरिक पेय का आनंद भी इस उत्सव का हिस्सा है। जनजातीय संस्कृति की अपनी विशिष्ट पहचान और महत्व है। इसी परंपरा को संरक्षित करने के लिये राज्य सरकार ने इस पर्व को राजकीय पर्व का दर्जा देकर इसकी गरिमा को और बढ़ाया गया है। यह बातें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बड़वानी जिले के जुलवानिया में भगोरिया उत्सव में कही। बड़वानी के जुलवानिया में भगोरिया हाट में उस समय उल्लास और उमंग का अनूठा दृश्य देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनजातीय बंधुओं के भगोरिया उत्सव में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आगमन से पूरा हाट परिसर उत्साह, रंग और पारंपरिक उल्लास से सराबोर हो गया। जनजातीय संस्कृति की जीवंत छटा से सजे इस पारंपरिक पर्व में मांदल की गूंजती थाप, पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित नर्तक-नर्तकियों की मनमोहक प्रस्तुतियां तथा गुलाल से रंगीन वातावरण ने भगोरिया को और भी आकर्षक बना दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय कलाकारों के साथ मांदल की थाप पर कदम मिलाकर उनकी कला और परंपराओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निमाड़ क्षेत्र अपनी सांस्कृतिक समृद्धि, उत्सवधर्मिता और जीवन के प्रति आनंदमयी दृष्टिकोण के लिए प्रसिद्ध है। यहां प्रत्येक मौसम के अनुरूप त्यौहारों की परंपरा रही है, जिससे जीवन में उल्लास और सामूहिकता बनी रहे। पूर्वजों द्वारा स्थापित यह आनंदमयी परंपरा आज भी जीवंत है। सदियों से भगोरिया पर्व इस क्षेत्र में हर्ष, उमंग और लोक जीवन की ऊर्जा का प्रतीक बना हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निमाड़ का क्षेत्र, मां नर्मदा के आशीर्वाद से समृद्ध है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जल प्रबंधन एवं सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से सूखे खेतों तक पानी पहुंचा है और फसलें लहलहा रही हैं। यहां विविध प्रकार की फसलें, फल और सब्जियों का उत्पादन हो रहा है। प्राकृतिक खेती को भी किसान उत्साहपूर्वक अपना रहे हैं, जिसके कारण बड़वानी जिले के फल एवं सब्जियों की मांग देश-विदेश में बनी हुई है। अब लक्ष्य है कि फसल को खेत से कारखाने तक पहुंचाया जाए और फूड प्रोसेसिंग के माध्यम से किसानों के जीवन में व्यापक परिवर्तन लाया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगोरिया के आनंद और बड़वानी की उन्नत कृषि को सम्मान देने के उद्देश्य से कृषि कैबिनेट का आयोजन किया गया, जिसमें किसान कल्याण वर्ष की पहली कैबिनेट में 27,500 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के निर्णय लिए गए। किसानों के हित में भावांतर भुगतान योजना में सोयाबीन पर 1,500 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई। लाड़ली बहनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिये 1,500 रुपये प्रतिमाह की सहायता दी जा रही है। किसान सम्मान निधि के माध्यम से किसानों को आर्थिक संबल प्रदान कर समान अवसर सुनिश्चित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कैबिनेट के साथ पहली बार भीलट देव के दर्शन कर मन आनंदित हुआ। निमाड़ महान संत सिंगाजी, दादा धूनिवाले जैसी विभूतियों की पावन भूमि है, जिन्होंने समरसता और सद्भाव का संदेश दिया। आपसी द्वेष और मतभेद भुलाकर प्रेम और भाईचारे के साथ होली का त्यौहार मनाने का संदेश देते हुए अग्रिम शुभकामनाएं दी गईं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बड़वानी जिले में उद्यानिकी फसलों का रकबा अधिक है। इसके विस्तार के लिये कोल्ड स्टोरेज, फूड प्रोसेसिंग इकाइयों के साथ आधुनिक सब्जी मंडी की स्थापना की जाएगी। जनजातीय बहुल क्षेत्रों के लिए पानसेमल एवं वरला माइक्रो सिंचाई उद्वहन परियोजनाओं को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं से हजारों हैक्टेयर भूमि को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी और जनजातीय किसानों को सीधा लाभ होगा। खेतिया कृषि उपज मंडी को आदर्श मंडी के रूप में विकसित किया जाएगा। प्राकृतिक खेती के विस्तार के लिये 25 किसानों को अन्य राज्यों में प्रशिक्षण देकर मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया जाएगा। बीज उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 50 एकड़ क्षेत्र में आदर्श बीज उत्पादन केंद्र स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षेत्र के विकास को नई गति प्रदान करते हुए विभिन्न महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पलसूद बायपास एवं ओझर बायपास का निर्माण कराया जाएगा, जिससे यातायात सुगम होगा और क्षेत्रीय आवागमन को नई सुविधा मिलेगी। साथ ही एबी रोड से भंवरगढ़ स्थित खाज्या नायक स्मारक तक पहुँच मार्ग का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों को बेहतर संपर्क सुविधा उपलब्ध हो सके। साथ ही दीवानी से जोगवाड़ा पहुँच मार्ग तक 5 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण भी कराया जाएगा। इन सभी कार्यों से क्षेत्र के विकास, व्यापारिक गतिविधियों और आमजन की सुविधा में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।  

वन विभाग का “विजन@2047 री-इमेजिनिग फॉरेस्ट रिसोर्सेस फॉर द क्लाइमेट रेसिलियंट फ्यूचर” महत्वपूर्ण डाक्यूमेंट

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत@2047 के लक्ष्य की पूर्ति में प्रदेश की ओर से हर संभव योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके परिणामस्वरुप ही समृद्ध मध्यप्रदेश@2047 के लिए प्रदेश में सभी क्षेत्रों में समग्र विकास को दृष्टिगत रखते हुए कार्य किया जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के वन केवल राज्य ही नहीं अपितु राष्ट्र की अत्यंत महत्वपूर्ण धरोहर हैं। वर्ष 2047 में देश की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूर्ण होने के दृष्टिगत प्रदेश के वन संसाधनों के संरक्षण, उनके समुदाय आधारित प्रबंधन और 21वीं सदी में भारत के पर्यावरणीय तथा विकास लक्ष्यों में वनों के योगदान संबंधी दीर्घकालिक लक्ष्य निर्धारित करते हुए कार्य योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में जैव विविधता, समृद्ध सामुदायिक सहभागिता आधारित वन प्रबंधन की दीर्घकालिक रूपरेखा "विजन @2047 री-इमैजिनिंग फॉरेस्ट रिसोर्सेस फॉर द क्लाइमेट रेसिलियंट फ्यूचर" महत्वपूर्ण डाक्यूमेंट है। मध्यप्रदेश, विविध और समृद्ध वनों से परिपूर्ण है। यहां घने वनों से लेकर अर्ध-शुष्क वन और नदी तटीय पारिस्थितिक तंत्र तक विद्यमान हैं। ये वन असंख्य वनस्पतियों और वन्य जीवों को आश्रय प्रदान करते हैं तथा प्रमुख नदियों के उद्गम क्षेत्र बनकर लाखों लोगों की जल सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। प्रदेश के वन, जनजातियों एवं वन-आश्रित समुदायों की आजीविका का आधार हैं, जिनकी संस्कृति और पहचान, वन पारिस्थितिकी से परस्पर जुड़ी है। इन वनों की सुरक्षा केवल पर्यावरणीय दायित्व नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक अनिवार्यता भी है। विजन@2047 इस विश्वास पर आधारित है कि केवल नियमन और संरक्षण पर आधारित पारंपरिक वन प्रबंधन पद्धतियाँ अब पर्याप्त नहीं हैं। बदलते वर्षा पैटर्न, बढ़ता तापमान, वनों में लगने वाली आग और भूमि उपयोग का दबाव व्यापक एवं दूरदर्शी समाधान की मांग करते हैं। इस संदर्भ में यह विज़न पारिस्थितिकी-आधारित, जलवायु- अनुकूल, विज्ञान-आधारित दृष्टिकोण को अपनाता है। विजन@2047 का प्रमुख आधार समुदायों की भागीदारी है। विजन में वन-आश्रित समुदायों को केवल लाभार्थी के रूप में नहीं, बल्कि वन संसाधनों के सह-प्रबंधक एवं संरक्षक के रूप में देखा गया है। जब समुदायों को वनों से प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होता है, तो वे उनके सबसे सशक्त संरक्षक बन जाते हैं। इस विश्वास के साथ यह विज़न समावेशी विकास को बढ़ावा देता है। यह विज़न वन प्रबंधन के आधुनिकीकरण पर भी विशेष बल देता है। शासकीय प्रक्रियाओं में डिजिटल प्रौद्योगिकी के माध्यम से पारदर्शिता, कार्यकुशलता और जवाबदेही को सुदृढ़ करने पर विजन डॉक्यूमेंट में विशेष महत्व दिया गया है। संस्थागत सुधार और क्षमता निर्माण विज़न@2047 की आधारशिला हैं। नीतियों को प्रभावी परिणामों में परिवर्तित करने के लिए एक दक्ष, प्रशिक्षित और प्रेरित कार्यबल अत्यंत आवश्यक है। विभाग प्रशिक्षण, नेतृत्व विकास, वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार में सतत निवेश करेगा। विजन@2047 को 5 अध्यायों में विभाजित किया गया है। इसमें वन विभाग के इतिहास और संरचना, विभाग की दृष्टि- मिशन और नीति निर्देशक सिद्धांतों, वर्ष 2024 तक के लक्ष्यों पर विशेष अध्याय शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही विजन@2024 को क्रियान्वित करने के प्रमुख 11 स्तंभों क्रमश: वन प्रबंधन, वन्य जीव संरक्षण, वन संरक्षण, वन संसाधनों का श्रेष्ठतम उपयोग, वन भूमि के बाहर हरित आच्छादन, सामुदायिक वानिकी और आजिविका, पर्यावरण पर्यटन और प्रकिृत शिक्षा, जलवायु सहनशीलता, कार्बन एवं परिस्थितिकीय तंत्र सेवाएं, नीतिगत एवं विधिक सुधार, मानव संसाधन- क्षमता एवं कल्याण और डिजिटल एवं डेटा रूपांतरण की रूपरेखा प्रस्तुत की गई है। विजन@2047 ऐसा दस्तावेज है, जो समय के साथ उभरती चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप आकार लेता रहेगा। यह दृष्टि पत्र 33% हरित आच्छादन के लक्ष्य तथा वर्ष 2017 तक नेट जीरो उत्सर्जन के राष्ट्रीय संकल्प के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के वन आने वाले वाली पीढियों के लिए स्वस्थ, उत्पादक और सम सामयिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहे।  

अब हर महीने ₹3000! लाड़ली बहना योजना को लेकर CM मोहन यादव की बड़ी घोषणा

भोपाल विधानसभा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव(CM Mohan Yadav Ladli Behna Yojana) ने सोमवार को स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के लिए राशि बढ़ाकर तीन हजार रुपये करने का वादा भाजपा के संकल्प (घोषणा) पत्र में किया गया है। यह पांच साल यानी 2028 तक के लिए है। उन्होंने कहा कि किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है, हम तीन हजार रुपये देकर रहेंगे। नए पंजीयन को लेकर उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे सब होगा। कांग्रेस के सदस्य सरकार के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और विरोध स्वरूप बहिर्गमन कर गए। प्रश्नकाल में उठा मुद्दा प्रश्नकाल में कांग्रेस के महेश परमार ने नए पंजीयन न होने, तीन हजार रुपये का वादा करने के बाद भी न देने और 60 वर्ष के होते ही योजना से हितग्राही का नाम काटने का मुद्दा उठाया। साथ ही कहा कि सेना की अधिकारी सोफिया कुरैशी का अपमान करने वाले मंत्री विजय शाह यहां बैठे हैं। उन्होंने रतलाम में कहा कि सीएम के सम्मान कार्यक्रम में लाड़ली बहना नहीं आएंगी तो नाम काट देंगे। वहीं, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा पर भी धमकाने का आरोप लगाया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पंजीयन प्रारंभ करने की तिथि पूछी। महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने बताया कि योजना के प्रारंभ से प्रश्न दिनांक तक 1,31,06,525 महिलाओं का पंजीयन किया गया। वर्तमान में 1,25,29,051 पंजीयन सक्रिय हैं। नए पंजीयन का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। लाड़ली बहना योजना में मृत्यु होने या 60 वर्ष से अधिक आयु होने पर हितग्राही को योजना से बाहर किया जाता है। 60 वर्ष से अधिक आयु होने पर अन्य योजना में पात्रता अनुसार आवेदन किया जा सकता है। राशि और व्यय का ब्यौरा वर्ष 2025-26 में 1,500 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से लाड़ली बहनों को 18,528 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। एक हजार रुपये प्रतिमाह से प्रारंभ हुई योजना की राशि में निरंतर वृद्धि हो रही है। इसका उपयोग बहनें शिक्षा, पोषण सहित अन्य कार्यों में कर रही हैं। विपक्ष ने किया बहिर्गमन मुख्यमंत्री ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि जब योजना लागू हुई थी तब कहा जाता था कि यह चुनावी योजना है और बंद हो जाएगी, लेकिन आज हम 1,500 रुपये प्रतिमाह दे रहे हैं। तीन हजार रुपये देने की घोषणा हमारे संकल्प पत्र में है, जो पांच वर्ष के लिए है और हम देकर रहेंगे। पंजीयन पर उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे सब होगा। विपक्ष जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ और नारेबाजी करते हुए बहिर्गमन कर गया।

टेकऑफ के तुरंत बाद डगमगाया CM मोहन यादव का हेलीकॉप्टर, बाल-बाल टला हादसा

खंडवा मध्य प्रदेश के खंडवा में मुख्यमंत्री मोहन यादव के हेलीकॉप्टर की उड़ान के दौरान कुल पल के लिए तब लोगों की सांसें थम गईं जब टेक ऑफ के तुरंत बाद यह आगे बढ़ने की बजाए पीछे हटने लगा। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। इस घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोग सीएम की सुरक्षा को लेकर चिंतित हो गए थे। यह घटना हाल ही में तब हुई जब CM मोहन यादव खंडवा जिले के पंधाना में लाड़ली बहना योजना के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। खंडवा के पंधाना में उड़ान भरने के दौरान अचानक मुख्यमंत्री मोहन यादव का हेलीकॉप्टर आगे जाने के बजाय पीछे और नीचे की ओर झुकने लगा। यह सीन देखकर वहां मौजूद लोग और सुरक्षाकर्मी घबरा गए लेकिन पायलट ने सूझबूझ से हेलीकॉप्टर को संभाल लिया। आखिरकार हेलीकॉप्टर सुरक्षित रूप से हवा में संतुलित कर जब आगे अपने सफर के लिए रवाना हुआ तो लोगों ने राहत की सांस ली।