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रामलला के दरबार में फिर गूंजेगा जय श्रीराम! 25 नवंबर को अयोध्या में ध्वजारोहण समारोह

अयोध्या  यह वर्ष राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के सौ वर्ष पूरे होने के कारण समूचे देश में शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है। इसी शताब्दी वर्ष में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के पुनर्निर्माण के राष्ट्रीय संकल्प की पूर्णता ध्वजारोहण समारोह से होगी। 25 नवम्बर को संघ के सर संघचालक डॉ. मोहनराव भागवत की उपस्थिति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ध्वज स्थापित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से भेंट कर उन्हें आमंत्रण भी दिया। इसके पूर्व श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपतराय ने स्वयं प्रधानमंत्री मोदी से भेंटकर ट्रस्ट की ओर से औपचारिक निमंत्रण पत्र दिया व उनके अयोध्या आने की सहमति भी प्राप्त की। यह जानकारी तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की मीडिया के हवाले से दी गयी। बताया गया कि कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी के अतिरिक्त संघ प्रमुख डॉ मोहनराव भागवत समेत प्रमुख धर्माचार्य, महंत, संत, विभिन्न संप्रदायों के लोगों सहित गांव के अंतिम व्यक्ति के लिए काम करने वाले जमीन से जुड़े लोगों को आमंत्रित किया गया है। अनुमान है कि लगभग 10 से 15 हजार के आसपास श्रद्धालु रामभक्त अयोध्या पहुंचेंगे। इस अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर “ऱघुवंश” के ध्वज का आरोहण कर सम्पूर्ण विश्व को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की पूर्णता का संदेश दिया जाएगा। ट्रस्ट कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी ने बताया कि राम मंदिर पर लगने वाले ध्वज की लंबाई 22 फीट व चौड़ाई 11 फीट होगी। श्रीराम मंदिर के 161 फीट ऊंचे शिखर पर लगे 42 (दस फीट ढांचे में, 32 बाहर) फीट ऊंचे ध्वजदंड पर यह ध्वज आरोहित किया जाएगा। इस ध्वज पर वाल्मीकि रामायण में वर्णित रघुवंश के प्रतीक सूर्य, ॐ व कोविदार वृक्ष के प्रतीकों को रखा गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महामंत्री चंपतराय के अनुसार मंदिर का निर्माण परंपरागत नागर शैली में हुआ है। मंदिर की लंबाई (पूर्व-पश्चिम) 380 फीट, चौड़ाई 250 फीट है। मंदिर तीन मंजिल है और प्रत्येक की ऊंचाई 20 फीट है। मंदिर में कुल 392 खंभे और 44 द्वार हैं। भूतल गर्भगृह में प्रभु श्रीराम का बाल रूप अर्थात् श्रीराम लला का विग्रह, प्रथम तल पर श्रीराम सभा के दर्शन हो रहे हैं। परिसर में पंचायतन के सभी मंदिरों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। लिफ्ट संग बुजुर्गों को मिलेगी गोल्फ कार्ट की सुविधा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र महासचिव के मुताबिक तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए अपोलो अस्पताल की ओर से मंदिर परिसर स्थित श्रद्धालु सुविधा केंद्र भवन के भूतल में 24 घंटे चलने वाला नि:शुल्क आपातकालीन मेडिकल केयर सेंटर भी है। दर्शन को आने वाले राम भक्तों के लिए भक्त निवास की विशाल व्यवस्था तैयार की जा रही है। बुजुर्गों और दिव्यांग जनों के लिए लिफ्ट व्यवस्था और साथ ही नि:शुल्क कार्ट से ले जाने लाने की सुविधा भी दी गई है। मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण के लिए हरियाली और पेड़ पौधे भी लगाए गए हैं, साथ ही पंचवटी भी बनायी जा रहा है।  

सीएम योगी ने बहराइच में नाव हादसे से प्रभावित परिवारों से की मुलाकात, बोले- सरकार हर कदम पर उनके साथ

मुख्यमंत्री ने हवाई सर्वे कर लिया हालात का जायजा, अधिकारियों से हासिल की हर जानकारी अफसरों को एक महीने के अंदर राहत, जमीन और आवास की प्रक्रिया पूरी करने के दिये निर्देश सीएम ने पीड़ित परिवारों को चार-चार लाख रुपए के चेक सौंपे, जिले में घने जंगलों में रहने वालों को भी विस्थापित करने के दिये निर्देश लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बहराइच में नाव दुर्घटना में अपनों की जान गंवाने वाले पीड़ित परिवारों से रविवार को मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवदेना व्यक्त की। साथ ही पीड़ित परिवारों को चार-चार लाख रुपये की राहत राशि की चेक सौंपी। सीएम ने कहा कि इस दुख की घड़ी में सरकार और जनप्रतिनिधि उनके साथ खड़े हैं। इससे पहले सीएम योगी ने हवाई सर्वे कर हालात का बारीकी से जायजा लिया।     सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि एक माह के अंदर भरथापुर के पीड़ित परिवारों को विस्थापित किया जाए। इसके लिए 21 करोड़ 55 लाख की राशि भी स्वीकृत कर दी गयी। इस दौरान अफसरों को निर्देश दिए कि सभी प्रभावित परिवारों को धनराशि, जमीन और आवास की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि भरथापुर के विस्थापित होने वाले सभी परिवारों को गांव के नाम से कॉलोनी बनाकर विस्थापित किया जाए। इसके अलावा बहराइच में भरथापुर जैसे अन्य गांव के लोगों को भी विस्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की जाए और विस्थापन के लिए जरूरी बजट को शासन के समक्ष प्रस्तुत किया जाए ताकि उन्हे भी जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जा सके। सीएम योगी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर कहा कि दुख की इस घड़ी में सरकार पीड़ित परिवार के साथ है। हमारी सरकार और जनप्रतिनिधि हर संभव सहायता प्रदान करेंगे। उन्हाेंने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया कि एक माह के अंदर सभी गांववासियों को उनके गांव के नाम पर कॉलोनी को विकसित कर विस्थापित किया जाएगा, जहां पर उन्हे हर सुविधा मुहैया कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन्होंने अपने परिजनों को खोया है, उनके दुख की इस घड़ी में सरकार संवेदना और सहयोग के साथ खड़ी है। इससे पहले सीएम योगी ने क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण भी किया और मौके पर मौजूद अधिकारियों से बारीकी से घटना की जानकारी हासिल की। इस दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी पीड़ित परिवारों समेत गांववासियों के लिए कॉलोनी बनाकर एक माह में व्यवस्थित पुनर्वास की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत सभी आवश्यक सुविधाएं बिजली, पानी, सड़क और आवास सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि इस प्रक्रिया को एक महीने के अंदर पूरा कर लिया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों का पुनर्वास कार्य शीघ्र हो सके। उन्होंने कहा कि इसके अलावा बहराइच में जो लोग घने जंगलों के बीच रहने के लिए मजबूर हैं, उन्हें तत्काल सुरक्षित स्थानों पर विस्थापित करने की व्यवस्था की जाए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में हुए शामिल

 धर्म हमारे लिए जीवन पद्धति का हिस्सा है, जबकि उपासना आस्था का विषय : योगी आदित्यनाथ  प्रदेश में 10 जिलों में चल रहा इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स के निर्माण का कार्य : मुख्यमंत्री महिलाओं और बच्चों के लिए 380 से अधिक फास्ट ट्रैक और पॉक्सो कोर्ट स्थापित किये गये : सीएम योगी लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, लखनऊ के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह विश्वविद्यालय प्रदेश और देश दोनों के लिए गौरव का विषय है। यहां से निकलने वाले छात्र समाज और राष्ट्र की न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में दिया जाने वाला दीक्षा मंत्र, 'सत्यं वद्, धर्मं चर' (सत्य बोलो, धर्म का आचरण करो) भारत की प्राचीन गुरुकुल परंपरा की नींव है। यही भावना हमारे संविधान, संसद और न्यायपालिका के बोधवाक्य “धर्मो रक्षति रक्षितः” और “यतो धर्मस्य ततो जयः” में भी प्रतिबिंबित होती है। न्याय व्यवस्था जितनी मजबूत होगी, सुशासन के लक्ष्यों को प्राप्त करना उतना ही सरल होगा सीएम योगी ने कहा कि धर्म हमारे लिए जीवन पद्धति का हिस्सा है, जबकि उपासना आस्था का विषय है। धर्म का अर्थ है अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करना। इसी भावना के साथ युवाओं को आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की सफलता के लिए एक सुदृढ़ न्यायिक प्रणाली अत्यंत आवश्यक है। न्याय व्यवस्था जितनी मजबूत होगी, सुशासन के लक्ष्यों को प्राप्त करना उतना ही सरल होगा। मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि प्राचीन काल का रामराज्य भेदभाव रहित और न्यायसंगत शासन का प्रतीक था, जिसे आज की आधुनिक व्यवस्था में सुशासन के रूप में प्राप्त किया जा सकता है। प्रदेश सरकार ने न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किये कई कार्य मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार ने न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ई-कोर्ट प्रणाली, वैकल्पिक विवाद निपटान (ADR), साइबर लॉ प्रशिक्षण, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग पर विशेष जोर दिया है। इसके साथ ही विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में आधुनिक प्रशिक्षण कक्ष, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और छात्रावास के निर्माण कार्य भी कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि न्यायिक अधिकारियों, अभियोजकों, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के स्किल डेवलपमेंट और प्रशिक्षण के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। रूल ऑफ लॉ तभी प्रभावी, जब बेंच और बार के बीच बेहतरीन समन्वय सीएम योगी ने कहा कि स्वतंत्रता के अमृत काल में भारत ने तीन नए कानूनों- भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य संहिता को लागू कर न्याय व्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन की दिशा में कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रूल ऑफ लॉ तभी प्रभावी हो सकता है जब बेंच (न्यायपीठ) और बार (अधिवक्ता समाज) के बीच बेहतरीन समन्वय हो। बेंच विवेक का प्रतीक है और बार संवेदना का। जब विवेक और संवेदना साथ आते हैं, तब न्याय का सच्चा स्वरूप मूर्त रूप लेता है। इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स बनाने की दिशा में कार्य प्रारंभ हो चुका है सीएम योगी ने जानकारी दी कि प्रदेश में इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स बनाने की दिशा में कार्य प्रारंभ हो चुका है। 10 जनपदों में इसके लिए धनराशि जारी कर दी गई है, जहां एक ही परिसर में सभी स्तरों के न्यायालय, अधिवक्ता कक्ष और आवासीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने बताया कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय अब अपने उत्कृष्ट बुनियादी ढांचे के लिए देशभर में जाना जा रहा है। इसके साथ ही महिलाओं और बच्चों से संबंधित अपराधों के त्वरित निस्तारण के लिए प्रदेश में 380 से अधिक पॉक्सो और फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए गए हैं। साथ ही, लोक अदालतों के माध्यम से त्वरित न्याय उपलब्ध कराने के प्रयास भी तेज हुए हैं। हर रेंज में विधि विज्ञान प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में हर रेंज पर विधि विज्ञान प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं तथा उत्तर प्रदेश राज्य फॉरेंसिक संस्थान की स्थापना कर युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ई-कोर्ट, ई-पुलिसिंग, ई-प्रॉसिक्यूशन और ई-फॉरेंसिक को एकीकृत प्लेटफॉर्म पर जोड़ने की प्रक्रिया जारी है। इससे न्यायिक प्रणाली अधिक पारदर्शी, त्वरित और सशक्त बनेगी। न्यायमूर्ति सूर्यकांत को दी अग्रिम बधाई अंत में मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के छात्रों से कहा कि वे सत्य, धर्म और निष्ठा के पथ पर चलते हुए देश की न्याय व्यवस्था को नई दिशा दें। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सूर्यकांत को भी बधाई दी, जो इस माह भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ लेंगे। इस अवसर पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति सूर्यकांत, विश्वविद्यालय के विजिटर और सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली, प्रदेश सरकार में मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय, विवि के कुलपति प्रो अमर पाल सिंह, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्तिगण, विवि के फैकल्टी मेम्बर्स, विधायक राजेश्वर सिंह, उपाधि प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावकगण मौजूद रहे।   दीक्षांत समारोह में इन विद्यार्थियों ने प्राप्त किये मेडल डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, लखनऊ के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में इस वर्ष कई छात्र-छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विभिन्न श्रेणियों में मेडल प्राप्त किए। एलएलएम वर्ग में हर्षिता यादव ने गोल्ड मेडल, आकृति श्रीवास्तव ने सिल्वर मेडल और ऋषभ ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। वहीं बीए एलएलबी वर्ग में अभ्युदय प्रताप को गोल्ड मेडल, साइमा खान को सिल्वर मेडल तथा दर्शिका पांडेय को ब्रॉन्ज मेडल से सम्मानित किया गया। बीए एलएलबी ऑनर्स के अंतर्गत विषयवार सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वालों में लॉ ऑफ टेक्सेशन में स्वर्णायती, क्रिमिनल लॉ में मुस्कान शुक्ला और कॉन्स्टिट्यूशनल लॉ में दर्शिका पांडेय को सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया। विशेष पुरस्कारों में ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ का खिताब दर्शिका पांडेय को, ‘बेस्ट मोअरटर ऑफ द ईयर’ का सम्मान अभ्युदय प्रताप को तथा ‘बेस्ट परफॉर्मेंस इन यूपीएससी/स्टेट पब्लिक सर्विस एग्जाम’ का पुरस्कार धीरज दिवाकर को मिला। इसी प्रकार साइबर लॉ विषय में अमन कुमार ने गोल्ड, संयुक्ता सिंह ने सिल्वर और प्रांजल पांडेय ने ब्रॉन्ज मेडल प्राप्त किया। इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स में आत्रेय त्रिपाठी को गोल्ड, अक्षिता सिंह को सिल्वर और श्रेया अवस्थी को ब्रॉन्ज मेडल दिया गया। वहीं मीडिया लॉ … Read more

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया गोरखपुर पुस्तक महोत्सव का शुभारंभ

– 200 से अधिक स्टॉलों पर उपलब्ध होंगी विविध विषयों की पुस्तकें – मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों से की बातचीत, वितरित कीं पुस्तकें – बोले मुख्यमंत्री, स्मार्टफोन पर निर्भरता युवाओं में अवसाद और विचलन बढ़ा रही है – अच्छी पुस्तकें होती हैं व्यक्ति की सच्ची साथी : मुख्यमंत्री – यूपी सरकार हर ग्राम पंचायत में पुस्तकालय स्थापित कर रही है : योगी आदित्यनाथ  – मुख्यमंत्री ने श्रीराम दरस मिश्र को दी श्रद्धांजलि गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयू) परिसर में आयोजित गोरखपुर पुस्तक महोत्सव 2025 का शुभारंभ किया। यह पुस्तक मेला 1 से 9 नवंबर तक चलेगा। कार्यक्रम का आयोजन नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) और डीडीयू विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में किया गया है। शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री ने बच्चों को पुस्तकें वितरित कीं और स्कूली विद्यार्थियों से संवाद भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यक्ति की सबसे सही मार्गदर्शक और सच्ची साथी अच्छी पुस्तकें होती हैं। उन्होंने भारत की श्रवण परंपरा और गुरु-शिष्य परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे ऋषियों ने ज्ञान को लिपिबद्ध कर आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की अद्भुत परंपरा विकसित की। जब नागरिक पढ़ते हैं तभी देश आगे बढ़ता है उन्होंने कहा कि यह पुस्तक महोत्सव आने वाले 9 दिनों तक 200 से अधिक स्टॉलों के माध्यम से गोरखपुर और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों को अपनी रुचि की पुस्तकें खरीदने का शानदार अवसर प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि पीएम मोदी हमेशा कहते हैं 'वेन सिटिजन, कंट्री लीड' यानी जब नागरिक पढ़ते हैं तभी देश आगे बढ़ता है। सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर की भूमि इसलिए भी विशेष है क्योंकि पिछले 100 वर्षों से गीता प्रेस भारत और विश्व में सनातन धर्म की विचारधारा को अपनी पुस्तकों के माध्यम से पहुंचा रहा है। उन्होंने साहित्यकार फिराक गोरखपुरी, मुंशी प्रेमचंद, प्रो. विश्वनाथ त्रिपाठी जैसे लेखकों का स्मरण किया और हाल ही में दिवंगत साहित्यकार श्रीराम दरस मिश्र को श्रद्धांजलि दी। डबल इंजन की सरकार राज्यभर में पुस्तकालयों का जाल बिछा रही मुख्यमंत्री ने कहा कि पुस्तकें हमेशा नई प्रेरणा देती हैं। हमें उनसे जुड़ना चाहिए। अगले 9 दिनों में यहां अनेक विमर्श, परिचर्चा, पुस्तकों के विमोचन और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। गोरखपुर विश्वविद्यालय के साथ शहर की सभी संस्थाओं को इसमें भागीदारी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार राज्यभर में पुस्तकालयों का जाल बिछा रही है। प्रदेश की 57,600 ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालयों के साथ पुस्तकालय स्थापित किए गए हैं। 1.56 लाख से अधिक प्राथमिक विद्यालयों में से 1.36 लाख विद्यालयों का कायाकल्प किया गया है, जिनमें पुस्तकालय और डिजिटल लाइब्रेरी की व्यवस्था की गई है ताकि बच्चों में पढ़ने की संस्कृति विकसित हो सके। स्मार्टफोन पर निर्भरता युवाओं में अवसाद और विचलन बढ़ा रही है मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे स्मार्टफोन पर अनावश्यक समय व्यर्थ न करें और अपने समय का सदुपयोग पुस्तकों के अध्ययन में करें। उन्होंने कहा कि स्मार्टफोन पर निर्भरता युवाओं में अवसाद और विचलन बढ़ा रही है। प्रधानमंत्री मोदी की पुस्तक एग्जाम वारियर्स छात्रों के लिए एक उपयोगी मार्गदर्शक है। इसे हर विद्यार्थी को पढ़ना चाहिए। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अच्छी पुस्तकें न केवल परीक्षा में मदद करती हैं बल्कि जीवन के कठिन समय में भी मार्गदर्शन देती हैं। धार्मिक, पर्यावरणीय, तकनीकी और एआई से जुड़ी पुस्तकों से हमें ज्ञान और प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि हम सभी को स्मार्टफोन पर खर्च घटाकर पुस्तकों में निवेश करना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देवोत्थान एकादशी है, यह शुभ अवसर भगवान विष्णु की कृपा का प्रतीक है। इसी पावन दिन पर पुस्तक महोत्सव का शुभारंभ हुआ है, यह पूरे प्रदेश के लिए शुभ संकेत है। मुख्यमंत्री ने बच्चों और आंगनबाड़ी दीदियों को किया सम्मानित इससे पहले मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में आंगनबाड़ी दीदियों को सम्मानित किया। इसमें निशा, चिंता, प्रेमलता, पुष्पा, बिंद्रावती को मुख्यमंत्री ने पुस्तकें भेंटकर सम्मानित किया। वहीं एनबीटी और डीडीयू की ओर से आयोजित प्रतियोगिता में विजयी बच्चों को सम्मानित किया गया। इसमें श्रीजा शरण, अभय वर्मा, रश्मिका दुबे, आदेश कुंवर सिंह, दिव्या विश्वकर्मा, शिवम कुमार गुप्ता, तोषिका चौहान, शिवांगी पांडेय, निलय कुमार, अभिषेक सिंह, देवानंद गुप्ता और आयुष किशोर को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया।  इस अवसर पर सांसद रविकिशन शुक्ला, विधायकगण विपिन सिंह, प्रदीप शुक्ला, श्रीराम चौहान, श्रवण निषाद, विमलेश पासवान, महिला आयोग उपाध्यक्ष चारू चौधरी, डीडीयू की कुलपति प्रो पूनम टंडन, अवनीश अवस्थी, एनबीटी के चेयरमैन मिलंद सुधारक मराठे, युवराज मलिक, आचार्य पवन त्रिपाठी सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।

एआई, बिग डेटा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, कोडिंग एंड प्रोग्रामिंग जैसी भविष्य की प्रौद्योगिकियों में प्रदान किए जाएंगे प्रमाण पत्र

गोरखपुर उद्योग और सेवा क्षेत्र की मांग के अनुसार अद्यतन व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए सैमसंग इंडिया के सहयोग से संचालित सैमसंग इनोवेशन कैंपस के तहत गोरखपुर विश्वविद्यालय के 1600 विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया है। प्रशिक्षण प्राप्त विद्यार्थियों को शनिवार को प्रमाण पत्र का वितरण किया जाएगा। योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित प्रमाण पत्र वितरण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कुछ विद्यार्थियों को अपने हाथों से प्रमाण पत्र सौंपेंगे। इस अवसर पर विद्यार्थियों को सीएम योगी से मार्गदर्शन भी प्राप्त होगा।  सैमसंग इनोवेशन कैंपस प्रमाण पत्र वितरण समारोह में  विशिष्ट अतिथि के रूप में सैमसंग इंडिया के प्रेसिडेंट एवं सीईओ जेबी पार्क तथा इलेक्ट्रानिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल आफ इंडिया के अध्यक्ष विनोद शर्मा की सहभागिता रहेगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन करेंगी। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के 1600 से अधिक विद्यार्थी, जिन्होंने सैमसंग इनोवेशन कैंपस के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त किया है, उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बिग डेटा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, कोडिंग एंड प्रोग्रामिंग जैसी भविष्य की प्रौद्योगिकियों में प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम इलेक्ट्रानिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल आफ इंडिया के सहयोग से तथा स्वदेश (सोशल वेलफेयर एंड डेवलपमेंट फॉर इम्पॉवर्ड सोसाइटी) संस्था द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है। गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन का कहना है कि सैमसंग इनोवेशन कैंपस जैसी पहलें विश्वविद्यालय के ‘स्किल टू एम्प्लॉयमेंट’ मिशन को नई गति देती हैं। इसका लाभ हमारे विद्यार्थियों के साथ-साथ क्षेत्र की युवा पीढ़ी को भी मिलेगा। यह गोरखपुर और पूर्वांचल के लिए डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिहार के बक्सर में की जनसभा, बीजेपी व एनडीए प्रत्याशियों के लिए मांगे वोट

बिहार विधानसभा चुनाव – बक्सर, डुमरांव और ब्रह्मपुर के एनडीए प्रत्याशियों पूर्व आईपीएस आनंद मिश्रा, राहुल सिंह और हुलास पांडेय के समर्थन में सीएम योगी की जनसभा – कांग्रेस और आरजेडी ने तो गरीब का हक ही नहीं, पशुओं का चारा तक डकार लिया था, अब लालटेन नहीं, विकास की रोशनी चाहिए – सीएम योगी  – ताड़का, मारीच, सुबाहू के रूप में कार्य कर रही आरजेडी-कांग्रेस बिहार को फिर अंधकार में धकेलना चाहती हैं – बक्सर की धरती से बोले सीएम योगी, बिहार बदलेगा तो भारत बदलेगा, आरजेडी-कांग्रेस का अंधकार खत्म होगा – जब बिहार अंगड़ाई लेता है तो भारत अंगड़ाई लेता है, बिहार विकसित होगा तो भारत विकसित होने से कोई ताकत रोक नहीं सकती- सीएम योगी – सीएम योगी ने जनता से किया आह्वान, बोले- बिहार को भ्रष्टाचार और अराजकता से मुक्त कर विकास की राह पर आगे बढ़ाना है – बक्सर की यह धरती केवल ऐतिहासिक ही नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक दिशा तय करने वाली भूमि है- सीएम योगी – खेसारी लाल यादव का बिना नाम लिए सीएम योगी ने कसा तंज, कहा- मूर्खों को नहीं पता कि मंदिर से पहले अयोध्या में हुआ मेडिकल कॉलेज का निर्माण – डबल इंजन की सरकार ने अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और 500 वर्षों बाद रामलला के भव्य मंदिर का निर्माण कराया- योगी  – बोले सीएम योगी- बिहार और उत्तर प्रदेश की आस्था एक-दूसरे से जुड़ी है, अयोध्या से सीतामढ़ी तक ‘राम-जानकी मार्ग’ का निर्माण जारी है – बहनों की इज्जत से खेलने वालों को मिलेगा यमराज के घर का टिकट, यूपी इसका उदाहरण, अब बिहार को भी यही राह चुननी है- सीएम योगी बक्सर बिहार विधानसभा चुनाव की गर्मी के बीच बक्सर की पवित्र भूमि बुधवार को “हर हर महादेव” और “जय श्रीराम” के नारों से गूंज उठी, जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां आईटीआई ग्राउंड में जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्ष पर तीखे प्रहार किए। भीड़ से लबालब भरे मैदान में सीएम योगी ने कहा कि जब डकैती डालनी होती थी, लालटेन बुझा देते थे। कांग्रेस और आरजेडी ने तो गरीब का हक ही नहीं, पशुओं का चारा तक डकार लिया था। लालटेन बुझाकर डकैती डालने वाली ये पार्टियां बिहार को फिर अंधकार में धकेलना चाहती हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बक्सर की यह धरती केवल ऐतिहासिक ही नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक दिशा तय करने वाली भूमि है। उन्होंने कहा कि त्रेता युग में महर्षि विश्वामित्र ने यहीं आतंक से मुक्ति का संकल्प लिया था और भगवान राम ने इसी धरती से राक्षसों का नाश कर ‘रामराज्य’ की स्थापना की थी। सीएम योगी ने कहा कि बक्सर की यही भूमि आज फिर से आतंक, भ्रष्टाचार और लालटेन के अंधकार से मुक्ति कर एक नए युग की शुरुआत करने जा रही है। आरजेडी, कांग्रेस और उनके सहयोगी अराजकता, अपराध और भ्रष्टाचार के प्रतीक हैं- सीएम योगी सीएम योगी ने बिहार की जनता को चेताते हुए कहा कि कांग्रेस और आरजेडी जैसी पार्टियां जनता के अधिकारों पर डकैती डालने वाली हैं। उन्होंने कहा कि ये वही लोग हैं जिन्होंने बिहार को अपहरण उद्योग बना दिया था, जहां अपराधी और भ्रष्टाचारी सत्ता की पहचान थे। लालटेन बुझाकर डकैती डालने वाली ये पार्टियां बिहार को फिर अंधकार में धकेलना चाहती हैं। योगी ने आरजेडी-कांग्रेस गठबंधन को “अपराध की फैक्ट्री और विकास के बैरियर” बताते हुए कहा कि आज अगर बिहार में शांति और प्रगति की बात हो रही है, तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में चल रही डबल इंजन की सरकार की देन है। भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाने वाली कांग्रेस का असली चेहरा सबको पता है- योगी जनसभा में योगी आदित्यनाथ ने धर्म और संस्कृति के मुद्दे पर कांग्रेस और आरजेडी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कहती है कि भगवान राम हुए ही नहीं! ये वही लोग हैं जो राम भक्तों पर गोली चलाते हैं और राम मंदिर के स्थान पर अस्पताल बनाने की बात करते हैं। छपरा से आरजेडी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे भोजपुरी कलाकार खेसाली लाल यादव द्वारा राम मंदिर निर्माण पर पूर्व में दिए गए बयान पर बिना नाम लिए सीएम योगी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इन मूर्खों को यह भी नहीं पता कि यह भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन की सरकार ही थी जिसने अयोध्या में राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज, महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और फिर 500 वर्षों बाद रामलला के भव्य मंदिर का निर्माण कराया। रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे यह वादा मोदी जी ने पूरा किया है, कांग्रेस और आरजेडी कभी नहीं कर सकते थे। अब लालटेन नहीं, डबल इंजन की रोशनी चाहिए- योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज बिहार में कनेक्टिविटी, मेडिकल कॉलेज, बिजली और सड़क जैसी सुविधाएं तेजी से बढ़ रही हैं। बिहार में अब अपहरण नहीं, रोजगार की चर्चा होती है। हर गरीब को राशन, घर, शौचालय, गैस और स्वास्थ्य सुरक्षा मिल रही है। यह है मोदी जी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ का असली चेहरा है। उन्होंने कहा कि यूपी में डबल इंजन की सरकार ने जिस तरह माफियाओं पर बुलडोजर चलाया, उसी तर्ज पर बिहार में भी अब आरजेडी-कांग्रेस जैसे “राजनीतिक माफियाओं” को बेदखल करने का समय आ गया है। रामराज्य की राह पर चल पड़ा यूपी, अब बिहार की बारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज ‘रामराज्य के नए युग’ में प्रवेश कर चुका है, जहां अपराधियों की जगह गरीबों को मकान मिल रहा है और बहन-बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि जो गरीब का हक मारेगा, जो बहनों की इज्जत से खेलेगा, उसे यमराज के घर का टिकट मिलेगा।  

बिहार में राजद और कांग्रेस का कार्यकाल कलंक से कम नहींः सीएम योगी

बिहार विधानसभा चुनाव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने शाहपुर विधानसभा में की जनसभा, भाजपा प्रत्याशी राकेश रंजन ओझा के पक्ष में कमल खिलाने की अपील  2005 से पहले बिहार अराजकता, गुंडागर्दी व माफियाराज का शिकार हो गया था, 20 वर्ष में अथक परिश्रम कर नीतीश सरकार ने उससे उभाराः मुख्यमंत्री  सीएम योगी का कटाक्ष- यूपी में माफिया की छाती पर जब बुलडोजर दौड़ता है तो सपा वाले फातिहा पढ़ने चले जाते हैं भोजपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को दूसरी रैली शाहपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी राकेश रंजन ओझा के पक्ष में की। सीएम ने स्थानीय भाषा में संवाद की शुरुआत की और मतदाताओं से कमल खिलाने की अपील की। यहां उन्होंने विपक्षी दलों (राजद, कांग्रेस) को खूब धोया। सीएम ने कहा कि इंद्रदेव के आशीर्वाद से यह तय हो गया है कि फिर से एनडीए सरकार बिहार में बनेगी।  योगी के निशाने पर रही कांग्रेस व राजद   सीएम योगी ने कांग्रेस व राजद को निशाने पर रखा। बोले कि इन लोगों ने विकास कार्यों को पूरा नहीं किया, क्योंकि जो पशुओं का चारा खा जाए, वह मनुष्य का हक भी डकार जाता है। आज मोदी जी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास के भाव के साथ हर नौजवान, गरीब, किसान, माता-बहन को योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। मोदी जी के कार्यकाल में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से उबरकर स्वावलंबन के पथ पर आगे बढ़े हैं। अब बिहार से पलायन नहीं होता, बल्कि यहां से निकले इंजीनियर बिहार को प्रगति पथ पर आगे बढ़ा रहे हैं। सीएम ने बिहार की प्रतिभा की सराहना की।बोले कि यहां के नौजवानों में ईश्वर प्रदत्त बुद्धि है। थोड़ा सा प्लेटफॉर्म मिले तो बिहार का नौजवान दुनिया को अपनी बुद्धि से आकर्षित रखने का सामर्थ्य रखता है। देश में जहां भी बिहार के युवाओं ने कार्य किया, अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।  राजद व कांग्रेस के समय भगवान भरोसे हो गई थी बेटी-बहन की सुरक्षा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बिहार पर भारत का हर नागरिक गौरव की अनुभूति करता है। सीएम ने बिहार की धरती के महापुरुषों, लोकतंत्र सेनानियों का जिक्र किया और कहा कि यहां का अतीत गौरवशाली रहा, लेकिन राजद का 15 वर्ष और उससे पहले कांग्रेस का कार्यकाल कलंक से कम नहीं है। इस दौरान बिहार के नागरिकों को पहचान के संकट से गुजरना पड़ता था। नौजवान पलायन,  किसान आत्महत्या,  व्यापारी डरा-सहमा रहता था और बेटी-बहन की सुरक्षा भगवान भरोसे हो गई थी। बिहार ने जब 2005 में अंगड़ाई ली और नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार बनी तो माफिया की उल्टी गिनती शुरू हो गई। बिहार नई दिशा की ओर आगे बढ़ा। बिहार में आज वह सब कुछ है, जो 50 वर्ष पहले हो जाना चाहिए। यहां कनेक्टिविटी, बाढ़ प्रबंधन, स्कूली शिक्षा, मेडिकल, इंजीनियरिंग कॉलेज समेत गरीबों के लिए अनेक योजनाएं हैं।  2005 से पहले अराजकता व गुंडागर्दी की चपेट में आकर माफियाराज का शिकार हो गया था बिहार  मुख्यमंत्री ने कहा कि 2005 के पहले परिवारवाद का दंश झेल रहा बिहार अराजकता व गुंडागर्दी की चपेट में आकर माफियाराज का शिकार हो गया था, लेकिन 20 वर्ष में अथक परिश्रम कर नीतीश सरकार ने उसे उभारने में बड़ी मदद की। आज बिहार पर कोई प्रश्न नहीं खड़ा करता। जो बिहार के नागरिकों की आकांक्षा है, आज यहां वह सब कुछ है। उन्होंने अपील की कि बिहार के विकास में चल रही रफ्तार थमनी नहीं चाहिए। डबल इंजन सरकार बुलेट ट्रेन की स्पीड से बिहार की प्रगति को बढ़ा सके, इसके लिए आपका आह्वान करता हूं।  राम मंदिर का विरोध करती थी कांग्रेस, राजद व सपा  सीएम योगी ने कहा कि बिहार में आज विकास व विरासत भी है। राम-कृष्ण-शिव, बाबा महेंद्र नाथ, महर्षि विश्वामित्र,  महात्मा बुद्ध, बाबू जगजीवन राम, डॉ. राजेंद्र प्रसाद की परंपरा ही हमारी विरासत है। सीएम ने बिहारवासियों से पूछा कि राम मंदिर बनने से आप खुश हैं, जवाब आया हां। सीएम ने कहा कि कांग्रेस, राजद व यूपी में इनका पार्टनर समाजवादी पार्टी राम मंदिर का विरोध कर रहे थे। यह लोग अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण नहीं करा पाते। कांग्रेस कहती थी कि राम हुए ही नहीं, राजद ने कहा कि हम मंदिर नहीं बनने देंगे। सपा रामभक्तों पर गोली चलाती थी। हम तब भी कहते थे कि गोली चले या डंडा, रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे। आज मंदिर बन गया।  जनसभा स्थल पर बुलडोजर देख बोले योगी- यूपी में यह माफिया की छाती पर दौड़ता है जनसभा स्थल पर बुलडोजर देख सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एनडीए की भाजपा सरकार जो कहती है, करके दिखाती है। हमने कहा था कि माफिया राज का अंत करेंगे और किया भी। यूपी में माफिया की छाती पर बुलडोजर दौड़ता है तो सपा व उसके पार्टनर्स को सिर्फ फातिहा पढ़ने का अवसर मिलता है। बिहार भी जंगलराज से उभरकर प्रगति के नए प्रतिमान को स्थापित कर रहा है। योगी ने अपील की कि बिहार जिस दिशा में बढ़ा है, वह गति रूकनी, थमनी, झुकनी नहीं चाहिए।

लखनऊ में मुख्यमंत्री ने किया चरण सुहावे गुरु चरण (जोड़े साहिब) यात्रा का स्वागत

गुरु परंपरा ने भारत को दिया त्याग और बलिदान का संदेश- सीएम योगी  लखनऊ में मुख्यमंत्री ने किया चरण सुहावे गुरु चरण (जोड़े साहिब) यात्रा का स्वागत  जहां गुरु के चरण पड़ते हैं, वह स्थान रामराज्य की तरह पवित्र बन जाता है- सीएम योगी   यह यात्रा हमें उस गौरवशाली गुरु परंपरा से जोड़ती है, जिसने भारत की संस्कृति, साहस और बलिदान की भावना को नई दिशा दी- सीएम योगी सिख गुरुओं का भारत की सनातन परंपरा में योगदान अविस्मरणीय है- मुख्यमंत्री – यह यात्रा केवल अतीत की स्मृति नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए मार्गदर्शन है- मुख्यमंत्री लखनऊ  सिख समुदाय की आस्था का प्रतीक 'चरण सुहावे गुरु चरण  यात्रा' के पवित्र जोड़ा साहिब का लखनऊ में भव्य स्वागत हुआ। यह यात्रा सिख समुदाय के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी और माता साहिब कौर के पवित्र जोड़ा साहिब से जुड़ी है, जो सिख आस्था का अत्यंत पवित्र प्रतीक मानी जाती है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु परंपरा ने भारत को केवल आस्था नहीं, बल्कि राष्ट्र की रक्षा, सेवा और बलिदान का आदर्श भी दिया है। उन्होंने कहा कि हमारी जिम्मेदारी है कि हम इस विरासत को अक्षुण्ण रखें और आने वाली पीढ़ियों तक इसकी प्रेरणा पहुंचाएं। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी मौजूद रहे। लखनऊ के यहियागंज गुरुद्वारे में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवाणी सुनी और यात्रा सदस्यों को पटुका पहनाकर सम्मानित किया। गुरुद्वारा कमेटी ने सीएम योगी को अंग वस्त्र व स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारी परंपरा में यह कहा गया है, ‘जिथे जाए बहे मेरा सतगुरु, सो थान सुहावा राम राजे।’ अर्थात जहां भी गुरु महाराज के पावन चरण पड़ते हैं, वह स्थान रामराज्य की तरह पवित्र और पुण्यभूमि बन जाता है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा हमें उस गौरवशाली गुरु परंपरा से जोड़ती है, जिसने भारत की संस्कृति, साहस और बलिदान की भावना को नई दिशा दी। यह त्याग, बलिदान और राष्ट्र समर्पण की प्रेरणा देने वाली यात्रा है- सीएम सीएम योगी ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की उपस्थिति के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह यात्रा गुरु तेग बहादुर जी महाराज के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर शुरू हुई है। यह केवल श्रद्धा की यात्रा नहीं, बल्कि त्याग, बलिदान और राष्ट्र समर्पण की प्रेरणा देने वाली यात्रा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख गुरुओं का भारत की सनातन परंपरा में योगदान अविस्मरणीय है। गुरु नानक देव जी से लेकर गुरु गोविंद सिंह जी महाराज और उनके चार साहिबजादों ने जिस प्रकार धर्म, देश और मानवता की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया, वह भारत के इतिहास को नई प्रेरणा देता है। यहियागंज गुरुद्वारा हमारी साझा आस्था और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है- मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग ढाई सौ वर्षों से गुरु महाराज के पावन चरण पादुकाएं, जो पहले अखंड भारत के हिस्से पाकिस्तान में थीं, अब पटना साहिब में स्थापित की जा रही हैं। दिल्ली से शुरू हुई यह यात्रा पूरे देश में गुरु परंपरा के प्रति सम्मान और गौरव का भाव जगाती जा रही है। उन्होंने कहा कि लखनऊ का यहियागंज गुरुद्वारा इसलिए भी विशेष है क्योंकि गुरु तेग बहादुर जी और गुरु गोविंद सिंह जी महाराज की स्मृतियां इस स्थान से जुड़ी हैं। यह गुरुद्वारा हमारी साझा आस्था और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। यह यात्रा केवल अतीत की स्मृति नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए मार्गदर्शन है- मुख्यमंत्री सीएम योगी ने सिख समुदाय के प्रति आदर व्यक्त करते हुए कहा कि गुरु परंपरा ने भारत को केवल आस्था नहीं, बल्कि राष्ट्र की रक्षा, सेवा और बलिदान का आदर्श भी दिया है। उन्होंने कहा कि हमारी जिम्मेदारी है कि हम इस विरासत को अक्षुण्ण रखें और आने वाली पीढ़ियों तक इसकी प्रेरणा पहुंचाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख समाज की यह यात्रा केवल अतीत की स्मृति नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए मार्गदर्शन है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे इस “गुरु चरण यात्रा” को राष्ट्रीय एकता और आध्यात्मिक जागरण के संदेश के रूप में आगे बढ़ाएं। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, यूपी कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना, राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य सरदार परबिंदर सिंह के अलावा गुरुद्वारा कमेटी के पदाधिकारी व कई जनप्रतिनिधिगण मौजूद रहे।

CM योगी का बड़ा फैसला: लखीमपुर के मुस्तफाबाद का नाम बदलेगा

मुस्तफाबाद  उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार जिले के मुस्तफाबाद गांव का नाम बदलकर 'कबीरधाम' करने का प्रस्ताव लाएगी. उन्होंने कहा कि इस बदलाव से संत कबीर से जुड़ी इलाके की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान फिर से बहाल होगी. मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि नाम बदलना उनकी सरकार के पिछले फैसलों के मुताबिक है, जिसमें पुराने शासकों द्वारा बदले गए जगहों के नाम "फिर से बहाल" किए गए थे.  "स्मृति महोत्सव मेला 2025" के दौरान एक सभा को संबोधित करते हुए, योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी सरकार अब "कब्रिस्तान की चारदीवारी बनाने" के बजाय धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाली जगहों को फिर से बनाने पर खर्च कर रही है.  मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें यह जानकर हैरानी हुई कि गांव का नाम मुस्तफाबाद रखा गया, जबकि वहां कोई मुस्लिम आबादी नहीं है. उन्होंने जनसभा में आए लोगों से कहा, "जब मैंने इस गांव के बारे में पूछा, तो मुझे बताया गया कि इसका नाम मुस्तफाबाद है. मैंने पूछा कि यहां कितने मुसलमान रहते हैं, और मुझे बताया गया कि कोई नहीं है. फिर मैंने कहा कि नाम बदल देना चाहिए. इसे कबीरधाम कहा जाना चाहिए." जल्द प्रपोजल लाए सरकार मुख्यमंत्री योगी ने आगे कहा कि उनकी सरकार नाम बदलने के लिए एक फॉर्मल प्रपोजल मांगेगी और ज़रूरी एडमिनिस्ट्रेटिव कदम उठाएगी. उन्होंने कहा, "हम प्रपोजल लाएंगे और इसे आगे बढ़ाएंगे. यह संत कबीर की विरासत से जुड़ी जगह का सम्मान वापस दिलाने के बारे में है." योगी आदित्यनाथ ने इसकी तुलना हाल के सालों में अपनी सरकार द्वारा किए गए नाम बदलने के कामों से की. उन्होंने कहा, "पहले राज करने वालों ने अयोध्या का नाम बदलकर फैजाबाद, प्रयागराज का नाम बदलकर इलाहाबाद और कबीरधाम का नाम बदलकर मुस्तफाबाद कर दिया था. हमारी सरकार इसे उलट रही है- अयोध्या को फिर से बसा रही है, प्रयागराज को फिर से बसा रही है, और अब कबीरधाम को उसके सही नाम पर फिर से बसा रही है." मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि भारतीय जनता पार्टी की "डबल-इंजन सरकार" राज्य भर में सभी धार्मिक जगहों को डेवलप करने और सुंदर बनाने के लिए कमिटेड है.  सीएम बोले- हर तीर्थस्थल को सुंदर बनाया जाना चाहिए उन्होंने कहा, "हमने कहा है कि हर तीर्थस्थल को सुंदर बनाया जाना चाहिए. भक्तों के लिए रेस्ट हाउस और शेल्टर जैसी सुविधाएं बनाई जानी चाहिए, और टूरिज्म और कल्चर डिपार्टमेंट के ज़रिए, हम आस्था की हर बड़ी जगह को फिर से ज़िंदा कर रहे हैं. चाहे वह काशी हो, अयोध्या हो, कुशीनगर हो, नैमिषारण्य हो, मथुरा-वृंदावन हो, बरसाना हो, गोकुल हो या गोवर्धन हो." मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पहले के मुकाबले अब सरकारी पैसे कल्चरल और धार्मिक सुधार प्रोजेक्ट्स पर खर्च किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा, "पहले, यह पैसा 'कब्रिस्तान' की चारदीवारी बनाने में जाता था. अब इसका इस्तेमाल हमारी आस्था और विरासत के सेंटर्स को डेवलप करने में किया जा रहा है." योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ऐसी कोशिशें कल्चरल गर्व और निरंतरता की भावना दिखाती हैं.  उन्होंने आगे कहा, "यह अपनेपन की भावना है, हमारी सभ्यता की पहचान को फिर से ज़िंदा करना है. सरकार उन जगहों की शान को वापस लाने के लिए काम करती रहेगी जो भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जड़ों को दिखाती हैं."

सीएम योगी की मंशा के अनुरूप चल रहे महाभियान ने बनाया व्यापक जनसंपर्क व संवाद का रिकॉर्ड

फीडबैक देने में शीर्ष पांच जनपदों में जौनपुर, संभल, प्रतापगढ़, बिजनौर और गोरखपुर शामिल लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन ‘समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047: समृद्धि का शताब्दी पर्व महाभियान’ के अंतर्गत प्रदेशभर में जनता से सीधे संवाद और विकास के रोडमैप पर फीडबैक जुटाने का अभियान निरंतर जारी है। 25 अक्टूबर, 2025 तक जनता की राय एवं सुझाव एकत्र करने के लिए बनाए गए पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर 53 लाख से अधिक फीडबैक प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 41.50 लाख से अधिक सुझाव ग्रामीण क्षेत्रों से और 11.50 लाख से अधिक सुझाव नगरीय क्षेत्रों से आए हैं। इनमें करीब 26 लाख सुझाव 31 वर्ष से कम आयु वर्ग से, करीब 25 लाख सुझाव 31 से 60 वर्ष आयु वर्ग से तथा 2.5 लाख से ज्यादा सुझाव 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग से प्राप्त हुए हैं। कृषि क्षेत्र से सर्वाधिक फीडबैक विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त सुझावों में कृषि क्षेत्र में सर्वाधिक 13 लाख सुझाव मिले हैं, इसके अलावा शिक्षा क्षेत्र से 12.50 लाख से ज्यादा और अर्बन डेवलेपमेंट से 10.77 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा पशुधन एवं डेयरी,, इंडस्ट्री, आईटी व टेक, पर्यटन, ग्रामीण विकास, इन्फ्रास्ट्रक्चर, समाज कल्याण, नगरीय एवं स्वास्थ्य तथा सुरक्षा से जुड़े विषयों पर भी व्यापक पैमाने पर सुझाव प्राप्त हुए हैं।  सर्वाधिक सुझाव देने में जौनपुर अव्वल जनपदवार फीडबैक के अनुसार शीर्ष पांच जनपदों में जौनपुर, संभल, प्रतापगढ़, बिजनौर और गोरखपुर शामिल हैं। जौनपुर से 3.21 लाख से ज्यादा, संभल से 3 लाख से ज्यादा, प्रतापगढ़ से 1.76 लाख से ज्यादा, बिजनौर से 1.67 लक्ष्य ज्यादा और गोरखपुर से 1.58 लाख से ज्यादा फीडबैक मिले हैं। इसके अलावा बरेली से 1.28 लाख से अधिक,  बाराबंकी से करीब 1.25 लाख, सोनभद्र से 1.20 लाख से ज्यादा, गोंडा से 1.12 लाख से अधिक और हरदोई से करीब 1.15 लाख सुझाव मिले हैं। जनसहभागिता के लिए व्यापक आयोजन महाभियान के तहत जनजागरूकता व संवाद के लिए प्रदेशभर में व्यापक आयोजन भी किए गए हैं। अब तक 15 नगर निगमों, 212 नगर पालिकाओं, 528 नगर पंचायतों, 56 जिला पंचायतों, 713 क्षेत्र पंचायतों तथा 42,666 ग्राम पंचायतों में बैठकों, सम्मेलनों और गोष्ठियों का सफल आयोजन किया जा चुका है। इन आयोजनों के माध्यम से स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों के बीच संवाद व सहभागिता को और अधिक सशक्त किया गया है।