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ड्रोन टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर बनेगा भारत, राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ ने किया शुभारंभ

नोएडा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शनिवार को नोएडा पहुंचे। दोनों नेताओं ने सेक्टर-81 स्थित राफी मोहिब ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और रक्षा उपकरण एवं इंजन टेस्ट फैसिलिटी का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बढ़ती रक्षा क्षेत्र की चुनौतियों को देखते हुए अत्याधुनिक ड्रोन, एयरक्राफ्ट इंजन और एयरोस्पेस टेस्ट फैसिलिटी देश के लिए बड़ी उपलब्धि है। भारत 1947 से लगातार चुनौतियों का सामना करता आ रहा है और 'ऑपरेशन सिंदूर' ने युद्ध के नए दौर में देश की सामर्थ्य और शक्ति का प्रदर्शन किया है। आपके पास ताकत है तो दुनिया आपके सामने नतमस्तक होती है। शास्त्र और शस्त्र दोनों का बेहतर समन्वय होगा तो शांति कायम होगी। उन्होंने शेर और बकरी का उदाहरण देते हुए कहा कि शेर सामर्थ्य और राज दोनों का प्रतीक है। सीएम योगी ने महाराणा प्रताप की वीरता का भी उल्लेख किया और कहा कि उत्तर प्रदेश में नौ ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियां संचालित हैं। राज्य सरकार ने साढ़े 12 हजार एकड़ भूमि डिफेंस कॉरिडोर के लिए उपलब्ध कराई है, जिसमें आगरा, अलीगढ़, झांसी, चित्रकूट और कानपुर शामिल हैं। साथ ही लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल की यूनिट स्थापित की गई है, जिसने 'ऑपरेशन सिंदूर' में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। सीएम योगी ने कहा कि लखनऊ की मुस्कुराहट तब और बढ़ेगी जब वहां से ब्रह्मोस मिसाइल दुश्मन पर निशाना साधेगी। उन्होंने नई ड्रोन यूनिट को बधाई देते हुए आश्वस्त किया कि यूपी सरकार देश की सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह यूनिट देश को समर्पित है और डिफेंस सिस्टम में साइंटिफिक रिवॉल्यूशन का प्रतीक है। 2017 में महज 10 लोगों के साथ कंपनी की शुरुआत हुई थी और आज 3,600 से ज्यादा वैज्ञानिक व इंजीनियर यहां काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका या चीन का कोई भी डिफेंस सिस्टम इस कंपनी के बने ड्रोन को डिटेक्ट नहीं कर सकता। इसे देश की सबसे इनोवेटिव एयरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट बताते हुए उन्होंने कहा कि यह सिस्टम दुश्मन में दहशत पैदा करने वाला है। रक्षा मंत्री ने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था इतनी खराब थी कि यहां उद्योग लगाने की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी, लेकिन आज योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य निवेशकों की पहली पसंद बन गया है। उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि ड्रोन अब सिर्फ निगरानी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आधुनिक युद्ध का अहम हिस्सा बन चुके हैं। उन्होंने 1998 के पोखरण परमाणु परीक्षण को याद करते हुए कहा कि विरोध झेलने के बावजूद भारत ने हमेशा नई राह बनाई है। मात्र 14 महीनों में इस कंपनी और डीआरडीओ के बनाए प्रोडक्ट्स 'ऑपरेशन सिंदूर' में इस्तेमाल हुए। संकल्प, साहस और विज्ञान के मेल से ही यह संभव हो पाया और सेना के जवानों की वीरता का भी जिक्र किया जाना चाहिए।

श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री ने किया षोडशोपचार विधि से पूजन-अर्चन

मुख्यमंत्री ने काशी विश्वनाथ और काल भैरव के किए दर्शन-पूजन  श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री ने किया षोडशोपचार विधि से पूजन-अर्चन  विधि-विधान से दर्शन-पूजन कर सीएम योगी ने की लोकमंगल और जनकल्याण की कामना – सीएम योगी को देख मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं ने हर हर महादेव के जयघोष से किया अभिनंदन वाराणसी  प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ शुक्रवार शाम दो दिवसीय दौरे पर काशी पहुंचे। दौरे के पहले ही दिन उन्होंने धर्मनगरी की आस्था परंपरा का निर्वहन करते हुए काशी के पुराधिपति बाबा विश्वनाथ और काशी कोतवाल बाबा काल भैरव के दरबार में हाजिरी लगाई। मुख्यमंत्री ने लोकमंगल और जनकल्याण की कामना के साथ बाबा विश्वनाथ का षोडशोपचार पूजन-अभिषेक किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले बाबा काल भैरव के दरबार में दर्शन कर आरती की। इस दौरान उन्होंने हाथ जोड़कर श्रद्धालुओं का अभिवादन भी स्वीकार किया। बाबा काल भैरव मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे। गर्भगृह में प्रवेश कर उन्होंने विधिविधान से पूजन कर लोककल्याण की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री के दर्शन के दौरान मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने “हर-हर महादेव” के जयकारे लगाए। मुख्यमंत्री ने भी भक्तों का अभिवादन स्वीकार किया। ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा मुख्य रूप से मॉरीशस के प्रधानमंत्री के प्रस्तावित आगमन की तैयारियों की समीक्षा, कानून व्यवस्था और विकास परियोजनाओं की प्रगति का आकलन करने के लिए है। हालांकि, वाराणसी आगमन के बाद उन्होंने पहले बाबा विश्वनाथ और काशी कोतवाल का आशीर्वाद लेकर परंपरा का निर्वहन किया।

सियासत गरमाई! Sambhal हिंसा पर CM Yogi ने कहा- दोषियों को छोड़ना होगा यूपी

प्रतापगढ़  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभल में हुई हालिया हिंसा पर टिप्पणी करते हुए शुक्रवार को कहा कि न्यायिक आयोग की एक दिन पहले सौंपी गई रिपोर्ट दंगों की साजिश की पुष्टि करती है। विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद यहां आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने रिपोर्ट के निष्कर्षों का जिक्र किया।  रिपोर्ट में यूपी पुलिस को दिया गया "नरसंहार" रोकने का श्रेय  मुख्यमंत्री ने कहा, "न्यायिक आयोग ने कल संभल घटना पर अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें 2024 में दंगों की साजिश के कुछ हिस्सों का खुलासा किया गया है।" योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के समय में हिंदुओं को निशाना बनाया गया और उनकी जनसांख्यिकी को कम किया गया। उन्होंने कहा कि लेकिन आज, डबल इंजन वाली सरकार है जो जनसांख्यिकी को बदलने नहीं देगी। बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री कार्यालय को सौंपी गई रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश पुलिस को "नरसंहार" रोकने का श्रेय दिया गया है और इसमें यह भी उल्लेख किया गया है कि जिले में "बाहर से दंगाइयों को लाया गया था।"  संभल में सांप्रदायिक दंगों का इतिहास रिपोर्ट में आज़ादी के बाद से संभल में हुए महत्वपूर्ण जनसांख्यिकीय परिवर्तनों पर चिंता व्यक्त की गयी है, जब संभल की नगरपालिका आबादी में हिंदुओं की हिस्सेदारी 45 प्रतिशत थी। सूत्रों ने कहा कि रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि संभल में सांप्रदायिक दंगों का इतिहास रहा है, जिसकी शुरुआत 1953 में शिया-सुन्नी संघर्ष से हुई, जिसके बाद 1956, 1959 और 1966 में दंगे हुए। उत्तर प्रदेश के संभल में पिछले साल 24 नवंबर को शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा के मामले की जांच के लिये गठित तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग ने बृहस्पतिवार को अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी।   

बड़े औद्योगिक और श्रम सुधारों की ओर बढ़ रहा उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री

राज्य में जल्द आएगा ’सुगम्य व्यापार (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक  लखनऊ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म के मंत्र के अनुरूप मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में औद्योगिक व श्रम सुधारों की दिशा में बड़े कदम उठाना शुरू कर दिए हैं। राज्य में उद्योग और व्यापार से जुड़े 13 राज्य अधिनियमों के लगभग 99 फीसदी आपराधिक प्रावधान समाप्त करने की तैयारी कर रही है। ऐसा होने पर उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बनने जा रहा है, जो व्यावहारिकता के दृष्टिकोण से इतने बड़े पैमाने पर आपराधिक प्रावधानों को गैर-आपराधिक श्रेणी में परिवर्तित करेगा। गुरुवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस को और सशक्त बनाने के लिए नए कदम उठाना समय की मांग है। साथ ही यह भी उतना ही आवश्यक है कि औद्योगिक विकास के साथ श्रमिकों की सुरक्षा और सुविधा की गारंटी सुनिश्चित हो। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘श्रमेव जयते’ के भाव को आत्मसात करते हुए हमें ऐसे सुधार करने होंगे, जो उद्यमियों और श्रमिकों; दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध हों। मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य सरकार शीघ्र ही ‘सुगम्य व्यापार (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक, 2025’ लाने जा रही है। इसके अंतर्गत आबकारी अधिनियम, शीरा अधिनियम, वृक्ष संरक्षण अधिनियम, राजस्व संहिता, गन्ना अधिनियम, भूगर्भ जल अधिनियम, नगर निगम अधिनियम, प्लास्टिक कचरा अधिनियम, सिनेमा अधिनियम तथा क्षेत्र व जिला पंचायत अधिनियम सहित कई कानूनों को अधिक व्यावहारिक स्वरूप दिया जाएगा। इनमें जहां पहले कारावास की सज़ा का प्रावधान था, वहां अब अधिक आर्थिक दंड व प्रशासनिक कार्रवाई को वरीयता देने की योजना है। नए प्रावधानों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अनावश्यक दंडात्मक प्रावधानों को समाप्त कर, उनकी जगह पारदर्शी और न्यायसंगत व्यवस्था लागू करना समय की मांग है। बैठक में अवगत कराया गया कि इस विधेयक पर संबंधित 14 विभागों से राय ली गई है। अधिकांश विभाग सहमत हैं, जबकि कुछ ने आपत्तियाँ दर्ज कराई हैं। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि आपत्तियों और सुझावों पर गंभीरता से विचार करते हुए विधेयक को ऐसा स्वरूप दिया जाए, जो उद्योग और श्रमिकों के हितों में संतुलित हो। बैठक में श्रम कानूनों के सरलीकरण पर भी चर्चा हुई। प्रस्तावों में फैक्ट्री लाइसेंस की अवधि बढ़ाने, दुकानों व प्रतिष्ठानों के नियमों में व्यावहारिक बदलाव करने और महिलाओं को अधिक अवसर उपलब्ध कराने जैसे कदम शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि निरीक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए स्व-सत्यापन और थर्ड पार्टी ऑडिट की प्रणाली अपनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से जहां उद्योगों का बोझ कम होगा, वहीं श्रमिकों का हित भी सुरक्षित होगा। सुधारों की शृंखला में ‘निवेश मित्र 3.0’ पर भी विचार-विमर्श हुआ।  इसके तहत निवेशकों की आवेदन व अनुमोदन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और सुगम बनाया जाएगा। कॉमन एप्लिकेशन फॉर्म, पैन-आधारित पहचान, स्मार्ट डैशबोर्ड, बहुभाषी सहायता और एआई चैटबॉट जैसी सुविधाएँ जोड़ी जाएंगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सेवाओं की समयबद्ध डिलीवरी और निवेशकों की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि निवेश मित्र पोर्टल का नया संस्करण शीघ्र ही लॉन्च किया जाए, जिससे ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस को नई मजबूती मिलेगी।  

बिहार के दरभंगा के अतरबेल में कांग्रेस-आरजेडी की रैली में दी गई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भद्दी-भद्दी गालियां

मातृ शक्ति का अपमान करने पर भड़के योगी, कहा- एक साधारण मां ने संघर्ष से गढ़ा राष्ट्रसेवक, आज मोदी विश्व के सबसे लोकप्रिय नेता लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिहार के दरभंगा के अतरबेल में कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल की रैली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ प्रयोग की गई बेहद अभद्र भाषा की कड़ी निंदा की है। यह कार्यक्रम बिहार यूथ कांग्रेस के नौशाद द्वारा कराया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे लोकतांत्रिक मर्यादा और भारतीय संस्कृति पर सीधा प्रहार बताया।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि कांग्रेस और आरजेडी के नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के प्रति इस्तेमाल की गई अपमानजनक भाषा न केवल प्रधानमंत्री का अपमान है, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य है। योगी आदित्यनाथ ने लिखा, "कांग्रेस और आरजेडी के मंच से आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के लिए प्रयुक्त अभद्र भाषा अत्यंत निंदनीय एवं राजनीतिक मर्यादा का पतन है। यह कृत्य सिर्फ प्रधानमंत्री जी का नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतवासियों की भावनाओं का अपमान है।" उन्होंने आगे कहा कि एक साधारण मां ने अपने संघर्ष और संस्कारों से ऐसे पुत्र को गढ़ा, जिसने स्वयं को राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित कर दिया और आज वह विश्व के सबसे लोकप्रिय नेता के रूप में करोड़ों भारतीयों के हृदय में बसते हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि बिहार की जनता इस तरह की 'घृणित राजनीति' का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी और भारतीय संस्कृति तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करेगी।

श्रमिकों के बच्चों की आधुनिक शिक्षा के लिए पारदर्शी व रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी संभव- सीएम

– प्रदेश में 57 मुख्यमंत्री अभ्युदय और कंपोजिट विद्यालयों की स्थापना का कार्य जारी- सीएम योगी – सीएम योगी ने ‘श्रम न्याय सेतु पोर्टल’, औद्योगिक न्यायाधिकरण वेबसाइट और ई-कोर्ट पोर्टल की भी शुरुआत की लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित “रोजगार महाकुंभ 2025” के अवसर पर अटल आवासीय विद्यालयों के लिए एकीकृत निगरानी प्रणाली (Integrated Monitoring System Portal) का शुभारंभ किया। इस पोर्टल के जरिए प्रदेश के 18 अटल आवासीय विद्यालयों की गतिविधियों की रीयल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल श्रमिकों के बच्चों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और अनुशासित शिक्षा दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। विद्यालयों के सभी क्रियाकलापों की हो सकेगी डिजिटल निगरानी  अटल कमांड सेंटर आधारित ERP प्रणाली के माध्यम से विद्यालयों के सभी क्रियाकलापों की डिजिटल निगरानी शुरू की गई है। इस प्रणाली की प्रमुख विशेषताएं हैं: 1.     उपस्थिति प्रबंधन : छात्र-छात्राओं और स्टाफ की दैनिक उपस्थिति रीयल-टाइम में अद्यतन होगी। 2.     शैक्षणिक निगरानी: छात्रों की प्रोफाइल, प्रगति, परीक्षा परिणाम और रिपोर्ट कार्ड ERP पर उपलब्ध होंगे, साथ ही कमांड सेंटर से शिक्षण गुणवत्ता पर नजर रखी जाएगी। 3.     स्टाफ प्रोफाइल: शिक्षकों और कर्मचारियों का विवरण जुड़ा होगा, जो जवाबदेही और अनुशासन सुनिश्चित करेगा। 4.     वित्तीय प्रबंधन: व्यय, बजट और बिलिंग की पारदर्शी जानकारी ERP पर दर्ज होगी। 5.     CCTV एकीकरण: विद्यालयों के सीसीटीवी को ERP से जोड़ा गया है, जिससे अटल कमांड सेंटर से लाइव निगरानी संभव होगी, सुरक्षा और अनुशासन को बढ़ाएगी। 6.     छात्र प्रोफाइल : प्रत्येक छात्र की व्यक्तिगत जानकारी और प्रगति का समग्र मूल्यांकन कमांड सेंटर से होगा। सीएम ने कहा कि यह प्रणाली 18,000 बच्चों को निशुल्क लॉजिंग, फीडिंग और आधुनिक शिक्षा प्रदान करने वाले अटल आवासीय विद्यालयों में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी। बीओसी बोर्ड से जुड़े श्रमिकों के बच्चों के लिए वरदान है अटल आवासीय विद्यालय- सीएम  सीएम ने कहा कि अटल आवासीय विद्याल बीओसी बोर्ड से जुड़े श्रमिकों के बच्चों के लिए वरदान है। उन्होंने कहा कि श्रमिक अपना पसीना बहाकर दूसरों के लिए घर और स्कूल बनाता था, लेकिन उसका अपना बच्चा पढ़ नहीं पाता था। यह पीड़ा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की थी, जिसे पूरा करने के लिए श्रम और सेवायोजन मंत्रालय ने 18 आवासीय विद्यालय शुरू किए। इन विद्यालयों में उत्तम इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक शिक्षा की व्यवस्था है, जो यूपी के किसी अन्य विद्यालय में नहीं है। सीएम योगी ने कहा कि अब उसी तर्ज पर हमने बेसिक एजुकेशन में भी इंटीग्रेटेड कैंपस की एक व्यवस्था प्रारंभ की है। पहले चरण में 57 मुख्यमंत्री अभ्युदय और कंपोजिट विद्यालयों की स्थापना का कार्य हमने प्रारंभ कर दिया है। यह डे स्कूल होंगे जहां बच्चों को आधुनिक शिक्षा प्राप्त होगी। श्रमिकों के लिए डिजिटल न्याय सेतु पोर्टल की हुई शुरुआत इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘श्रम न्याय सेतु पोर्टल’, औद्योगिक न्यायाधिकरण वेबसाइट और ई-कोर्ट पोर्टल की भी शुरुआत की। सीएम योगी ने कहा कि यह श्रमिकों के हित में बड़ी पहल है। उन्होंने कहा कि इस पोर्टल से श्रमिकों को त्वरित, पारदर्शी और टाइम-बाउंड न्याय मिलेगा। श्रम विवादों का ऑनलाइन समाधान, 24 घंटे सेवाएं और जवाबदेही सुनिश्चित की गई है। उद्यम चले, लेकिन श्रमिकों का शोषण न हो, यह हमारी प्राथमिकता है। यह कदम उद्यमों और श्रमिकों के हित को संतुलित करने की दिशा में उठाया गया है। रोजगार महाकुंभ 2025 में सीएम योगी ने 15 अभ्यर्थियों को दिया नियुक्ति पत्र रोजगार महाकुंभ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए, जिनका चयन यूएई और अन्य विदेशी कंपनियों ने किया है। 11 कंपनियों ने सर्वाधिक नियुक्ति का आश्वासन दिया। रोजगार महाकुंभ 2025 में 1,00,000 से अधिक पंजीकरण, 50,000 नौकरियों के अवसर तथा 15,000 अंतरराष्ट्रीय रिक्तियां शामिल होंगी, जिनमें संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, जापान और जर्मनी में प्लेसमेंट भी होंगे। इसी तरह 35,000 घरेलू अवसर देश की अग्रणी कंपनियों के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे। इस तीन दिवसीय रोजगार महाकुंभ में 100 से अधिक भर्ती साझेदार इसमें भाग ले रहे हैं, जिनमें 20 अंतर्राष्ट्रीय भर्तीकर्ता भी होंगे। इस अवसर पर 10,000 से अधिक ऑफर लेटर जारी किए जाएंगे, जिनमें से 2,000 से अधिक विदेशी प्लेसमेंट के लिए होंगे। इस अवसर पर श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, राज्यमंत्री मनोहर लाल ‘मन्नू’, प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन एमकेएस सुंदरम्, निदेशक नेहा प्रकाश, श्रम आयुक्त मार्कंडेय शाही समेत रोज़गार महाकुंभ 2025’ के रणनीतिक पार्टनर के अधिकारीगण मौजूद रहे।   

‘मजार को छूकर देख लो…’ धमकी भरा संदेश, CM योगी और विधायक शलभ मणि पर खतरा

देवरिया  उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से एक गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है। देवरिया सदर से विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जान से मारने की धमकी दी गई है। यह धमकी 'एमडी सेराज' नाम की ईमेल आईडी से भेजी गई है। पुलिस को जैसे ही इसकी जानकारी मिली, जांच शुरू कर दी गई है और मामला साइबर सेल को सौंप दिया गया है। धमकी क्यों मिली? मामला देवरिया के गोरखपुर रोड पर बने एक मजार (दरगाह) से जुड़ा है। विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने पहले शिकायत की थी कि यह मजार रेलवे के ओवरब्रिज के पास बनी है और हर साल इसका दायरा अवैध रूप से बढ़ता जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि बंजर जमीन और नेशनल हाइवे पर यह मजार कैसे बनी? इसका नक्शा किसने पास किया? क्या रेलवे ब्रिज के नीचे निर्माण की इजाजत दी जा सकती है? इसी मुद्दे को लेकर विधायक जून 2025 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मिले थे और उन्होंने खुद मजार के विस्तार पर आपत्ति जताई थी। क्या लिखा था धमकी में? 'मजार को छूकर देख लो', 'सदर विधायक को गोली मार देंगे', मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हाल भी बुरा कर देंगे'। यह धमकी सोशल मीडिया और एक वेबसाइट के कमेंट बॉक्स में पोस्ट की गई थी, जिसके बाद मामला तेजी से वायरल हो गया। पुलिस और साइबर सेल की जांच शुरू देवरिया के एसपी विक्रांत वीर ने बताया कि सोशल मीडिया पर जैसे ही यह धमकी वायरल हुई, पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की। कमेंट बॉक्स की जांच हो रही है, IP ऐड्रेस और ईमेल आईडी की ट्रेसिंग के लिए मामला साइबर सेल को सौंप दिया गया है।

रोजगार महाकुंभ से खुलेगा अवसरों का द्वार, सीएम योगी ने किया उद्घाटन

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रम न्याय सेतु पोर्टल का सीएम ने शुभारंभ किया। अटल इंटीग्रेटेड मॉनीटरिंग सिस्टम पोर्टल का शुभारंभ। रीयल टाइम निगरानी हो सकेगी। 15 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिया। इस दौरान योगी ने कहा कि हर युवा को रोजगार व नौकरी की गारंटी मिलेगी। रोजगार महाकुंभ इसे आगे बढ़ाने का माध्यम है। मार्केट व इंडस्ट्री की डिमांड के अनुसार हमें कोर्स संचालित करने होंगे। उसी के अनुसार अपने युवाओं को प्रशिक्षित करेंगे। उद्यम चलने चाहिए मगर युवाओं का शोषण भी न हो, इसकी जवाबदेही सुनिश्चित की गई है। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित रोजगार महाकुंभ में कहा कि पीएम के मिशन रोजगार के अभियान की कड़ी में विकसित भारत के संकल्पना के साथ हर व्यक्ति, हर संस्था भी अपना योगदान दे सके, उसके लिए आवश्यक है कि हर युवा के हाथ को उसकी योग्यता के अनुसार कार्य मिल जाए। युवा अपार ऊर्जा का स्त्रोत है। यह उत्तर प्रदेश का सौभाग्य है कि दुनिया में सबसे बड़ी युवा आबादी भारत में और भारत में सबसे ज्यादा युवा आबादी उत्तर प्रदेश में है। जहां भी इन युवाओं को अवसर मिला है, उसने अपनी प्रतिभा व सामर्थ्य का लोहा, उस क्षेत्र और उद्यम को लाभांवित करने में लगाया है। यूपी के इस प्रतिभा व सामर्थ्य की मांग न केवल देश में बल्कि दुनिया के अन्य देशों में भी हो रही है। यह एक अवसर है जब यहां पर इंडस्ट्री और एंप्लायर एक साथ जुड़ रहे हैं। एक ओर वे संस्थाएं हैं जो रोजगार देने को उत्सुक हैं। दूसरी ओर वे युवा हैं जो स्किल डवलपमेंट के साथ जुड़कर उस रोजगार को पाने का इच्छुक है। सीएम योगी ने कहा कि 21 से 40 वर्ष का कोई भी युवा को ब्याज मुक्त, गारंटी मुक्त ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई गई। जो लोन वो ले रहा है, उसका ब्याज सरकार देगी। 10 प्रतिशत तक मार्जन मनी भी सरकार उपलब्ध कराएगी। अब तक 70 हजार युवाओं ने इस योजना से जुड़कर काम करना शुरू किया है। सरकार ने अपने स्तर पर भी नौकरी उपलब्ध कराने की कार्रवाई की। आठ साल में यूपी पुलिस में 2.19 लाख भर्तियां कीं। 1.56 लाख शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता से संपन्न किया। सभी विभाग शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सहित सभी को जोड़कर साढ़े आठ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने वाला यूपी सबसे बड़ा राज्य। निवेशकों ने यूपी को सबसे अच्छे डेस्टीनेशन के रूप में चयन किया यूपी में अपराध व अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति का नतीजा यह हुआ कि निवेशकों ने यूपी को सबसे अच्छे डेस्टीनेशन के रूप में चयन किया। इसके लिए प्रदेश सरकार को अपनी नीतियों में परिवर्तन करना पड़ा। अब तक 33 से अधिक सेक्टोरियल पॉलिसी तैयार की हैं। निवेशक इन्वेस्ट यूपी के पोर्टल पर जाकर क्लिक करे और जिस क्षेत्र में निवेश करना है, उसकी पूरी जानकारी मिल जाएगी। उसकी सहायता के लिए निवेश मित्र व निवेश सारथी भी है। यदि उसने निवेश कर लिया है तो पॉलिसी के तहत मिलने वाला निवेश भी ऑनलाइन उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। 70 सालों में उद्योगों को जितना इंसेटिंव नहीं मिला, उतना हमने आठ साल में दिया। 15 लाख करोड़ के निवेश धरातल पर उतरे। सात लाख युवाओं को काम। यूपी रोजगार मिशन लागू करने वाला अग्रणी राज्य बना है। यूपी रोजगार के लिए न्यूनतम गारंटी देने वाला राज्य बन रहा आज की मांग एआई, ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स की है। हमने इसके लिए लैब उपलब्ध कराई हैं। नये समय की टेक्नोलॉजी के लिए यूपी के नौजवानों को प्लेटफार्म उपलब्ध कराया है। दुनिया के तमाम देशों में यूपी के नौजवानों की आज मांग हो रही है। आज हम दुनिया की मांग के अनुरूप वर्क फोर्स तैयार कर रहे हैं।यूपी रोजगार के लिए न्यूनतम गारंटी देने वाला राज्य बन रहा है। श्रम एवं सेवायोजन पोर्टल से नियुक्ति पाने वाला और नियोक्ता दोनों को इस पोर्टल से जोड़ना होगा। हर नियोक्ता यह सुनिश्चित करेगा कि वो कार्मिक को उसका पूरा वेतन उपलब्ध कराएगा। किसी कार्मिक के वेतन से कोई कटौती नहीं करेगा। नियोक्ता को जो भी इंसेंटिव होगा, वो उसे सरकार देगी। इसे हम श्रम एवं सेवायोजन विभाग के माध्यम से आगे बढ़ाएंगे।  

किसी परियोजना में खामी मिली तो संबंधित लोगों के खिलाफ होगी कार्रवाई : मुख्यमंत्री

सीएम योगी ने गोरखपुर में की विकास परियोजनाओं की समीक्षा गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को दो टूक हिदायत दी है कि हर विकास परियोजना को तय समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करना सुनिश्चित करें। हर परियोजना के लिए एक नोडल अधिकारी बनाया जाए जो कार्य की नियमित निगरानी करें। यदि किसी परियोजना में ठेकेदार की लापरवाही मिले तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। किसी विकास परियोजना में कोई खामी मिली, गुणवत्ता से समझौता किया तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई तय है। हर परियोजना के लिए अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।  मुख्यमंत्री, रविवार को दोपहर बाद गोरखपुर के एनेक्सी भवन में जिले में जारी विकास परियोजनाओं की समीक्षा बैठक कर रहे थे। गोरखपुर में चल रही विकास परियोजनाओं की अद्यतन प्रगति की जानकारी लेते हुए सीएम योगी ने कहा कि विकास कार्यों से गोरखपुर के प्रति पूरे देश में मजबूत सकारात्मक धारणा बनी है। विकास कार्यों में किसी भी तरह का व्यवधान नहीं आना चाहिए। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि वह हर विकास परियोजना की प्रगति की जानकारी उस प्रोजेक्ट के नोडल अधिकारी से खुद लेते रहें। सीएम ने पीएसी महिला बटालियन, खजांची बाजार, पादरी बाजार, बरगदवा, गोरखनाथ, पैडलेगंज-नौसढ़ फ्लाईओवर, भोपा बाजार ओवरब्रिज सहित सभी बड़ी विकास परियोजनाओं में तेजी लाते हुए निर्माण कार्यों को तय समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।  बीमारियों से बचाव को चलाएं जागरूकता अभियान समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी पूर्वांचल के लिए अभिशाप रहे इंसेफेलाइटिस (जेई और एईएस)को नियंत्रित कर लिया गया है। पर, सतत सावधानी की जरूरत है। इसी तरह डेंगू और अन्य मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए जनता को जागरूक करते रहना होगा। इसके लिए लोगों के बीच जागरूकता और स्वच्छता से जुड़े अभियान चलाए जाएं। जागरूकता को लेकर प्रचार-प्रसार को बढ़ाया जाए। यह कार्य सभी नगर निकायों में हो। पनपने न दें मेडिकल माफिया मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर सहित पूरे प्रदेश में माफियाराज को ध्वस्त कर दिया गया है। मेडिकल पेशे में कभी-कभी एम्बुलेंस माफिया या मरीजों को भर्ती कराने में बिचौलियों के खेल की शिकायतें आती हैं। इस पर सतत सख्ती जरूरी है। ऐसी कार्रवाई की जाए जिससे मेडिकल फील्ड में कोई माफिया पनपने न पाए।  न लगने पाए जाम, स्ट्रीट वेंडर्स का करें व्यवस्थित पुनर्वास सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर की प्रतिस्पर्धा बड़े स्मार्ट शहरों से हो रही है। ऐसे में सुगम यातायात अपरिहार्य है। यातायात पुलिस और नगर निगम मिलकर ऐसी व्यवस्था बनाए जिससे शहर में कहीं जाम न लगने पाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित हो कि सड़क पर ठेले-खोमचे न लगें। इसके लिए स्ट्रीट वेंडर्स का व्यवस्थित पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए।  यूनिफॉर्म में ही आएं सरकारी स्कूलों के बच्चे मुख्यमंत्री ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के यूनिफॉर्म, बैग, जूता-मोजा आदि के लिए सरकार उनके अभिभावकों के बैंक खातों में धनराशि भेजती है। ऐसे में इस बात का ध्यान रखा जाए कि यह धनराशि इसी के लिए खर्च हो। विद्यालयों की जांच कर यह व्यवस्था बनाई जाए कि बच्चे यूनिफॉर्म में ही स्कूल आएं। इससे बच्चों के बीच समन्वय और सकारात्मक, अनुशासित माहौल बनेगा।  जनप्रतिनिधियों को कराएं बाल वाटिका का भ्रमण मुख्यमंत्री ने जिले में बच्चों के लिए प्री स्कूलिंग से पहले खोले गए बाल वाटिका की जानकारी ली। बताया कि यह एक शानदार पहल है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे जनप्रतिनिधियों को भी बाल वाटिका का भ्रमण कराएं और जरूरत पड़ने पर बाल वाटिका के लिए उनका सहयोग प्राप्त करें। उन्होंने माध्यमिक विद्यालयों के लिए संचालित प्रोजेक्ट अलंकार की भी समीक्षा की और कहा कि इसके तहत हो रहे निर्माण में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए।  गोड़धोइया नाला प्रोजेक्ट में तेजी से हो काम सीएम योगी ने शहर में जलजमाव दूर करने के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट गोड़धोइया नाला की भी समीक्षा की। कहा कि इसके निर्माण में और तेजी लाने की आवश्यकता है। बरसात से अगर काम प्रभावित हो रहा हो तो वैकल्पिक व्यवस्था बनाकर काम को सुचारू तरीके से आगे बढ़ाया जाए।  एसटीपी बनाने वाली फर्म ही करे दस साल अनुरक्षण मुख्यमंत्री ने शहर में अमृत योजना के तहत एसटीपी निर्माण की समीक्षा करते हुए कहा कि निर्माण के बाद मेंटीनेंस भी बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि निर्माण कराने वाली फर्म से अगले दस साल के अनुरक्षण के लिए भी एग्रीमेंट होना चाहिए।  कहीं पेड़ काटना पड़े तो नया पौधा लगाना भी सुनिश्चित करें मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी विकास परियोजना को आगे बढ़ाने में यदि कहीं पेड़ काटना पड़े तो उसके एवज में नया पौधा लगाना भी सुनिश्चित किया जाए। पौधे की सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड भी जरूर लगाया जाए।  समीक्षा बैठक में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री एवं बांसगांव के सांसद कमलेश पासवान, गोरखपुर के सांसद रविकिशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, राजेश त्रिपाठी, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, सीपी चंद और प्रशासन व विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ के 42वें अधिवेशन में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए न्यायिक व्यवस्था सुगम और त्वरित होना जरूरी- सीएम योगी – उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ के 42वें अधिवेशन में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ – सीएम योगी ने न्यायिक सेवा संघ के लिए 50 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड देने की घोषणा की – न्यायपालिका के सुदृढ़ीकरण के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की प्रतिबद्ध है- मुख्यमंत्री – हमारी गति जितनी तेज होगी, आम जनमानस में विश्वास उतना ही मजबूत होगा- मुख्यमंत्री – विकसित उत्तर प्रदेश का सपना तभी साकार होगा, जब न्यायिक व्यवस्था और मजबूत हो- मुख्यमंत्री – समय पर सस्ता और सुगम न्याय मिले, सरकार हर स्तर पर सहयोग करने को तैयार है- सीएम योगी  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सुशासन का लक्ष्य तभी प्राप्त हो सकता है, जब हमारी न्यायिक व्यवस्था सुगम, त्वरित और सुलभ हो। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए विकसित उत्तर प्रदेश का निर्माण आवश्यक है और इसके लिए एक मजबूत और त्वरित न्यायिक व्यवस्था अनिवार्य है। सीएम योगी शनिवार को उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ के 42वें अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। लखनऊ में आयोजित इस भव्य सम्मेलन में सीएम योगी ने न्यायिक अधिकारियों को संबोधित करते हुए न्यायपालिका को सुशासन का रक्षक बताया और कहा कि इसके सुदृढ़ीकरण के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर सीएम ने संघ की स्मारिका का अनावरण भी किया। इस दौरान सीएम योगी ने न्यायिक सेवा संघ के लिए 50 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड देने की घोषणा भी की। न्यायिक अधिकारियों का महाकुंभ एकता और दक्षता का प्रतीक- सीएम योगी सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ के 42वें अधिवेशन को 'न्यायिक अधिकारियों का महाकुंभ' बताते हुए कहा कि यह आयोजन न केवल एकता और परस्पर सहयोग का प्रतीक है, बल्कि व्यावसायिक दक्षता और बेस्ट प्रैक्टिस को बढ़ावा देने का भी मंच है। सीएम ने इस अवसर पर सभी उपस्थित न्यायमूर्तियों, अवकाश प्राप्त न्यायमूर्तियों और प्रदेश भर से आए न्यायिक अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह अधिवेशन ऐसे समय में आयोजित हुआ, जब भारत अपने संविधान के अमृत महोत्सव वर्ष में प्रवेश कर चुका है। सीएम ने कहा कि संविधान की मूल थीम ‘न्याय, स्वतंत्रता और बंधुता’ इस आयोजन का आधार है। उन्होंने प्रयागराज के महाकुंभ का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह महाकुंभ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है, उसी तरह यह अधिवेशन न्यायिक अधिकारियों की एकता और उनकी पेशेवर दक्षता को प्रदर्शित करता है। देश का सबसे बड़ा उच्च न्यायालय उत्तर प्रदेश का गौरव है- मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि उत्तर प्रदेश में देश का सबसे बड़ा उच्च न्यायालय मौजूद है। प्रयागराज में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की मुख्य पीठ और लखनऊ में इसकी बेंच प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। यह न केवल हमारे लिए, बल्कि देश और दुनिया के सामने उत्तर प्रदेश की छवि को विश्वास के रूप में प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि 102 वर्षों के अपने इस इतिहास में उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ ने अनेक उपलब्धियां हासिल की है और मुझे विश्वास है कि यहां मौजूद सभी न्यायिक अधिकारी न केवल न्यायिक सेवा से जुड़े हुए हैं बल्कि, परस्पर सहयोग, एकता और व्यावसायिक दक्षता का भी एक अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करने में सफल होंगे। एक वर्ष में 72 लाख मामलों का निस्तारण बड़ी उपलब्धि है- सीएम योगी  सीएम योगी ने जोर देकर कहा कि सुशासन का लक्ष्य तभी प्राप्त हो सकता है, जब न्यायिक व्यवस्था समयबद्ध, सस्ती और सुलभ हो। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में जनपद और ट्रायल कोर्ट में 72 लाख मामलों का निस्तारण हुआ, जो एक बड़ी उपलब्धि है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अभी भी 1.15 करोड़ से अधिक मामले लंबित हैं, जो एक चुनौती है। सीएम योगी ने कहा कि हमारी गति जितनी तेज होगी, आम जनमानस में विश्वास उतना ही मजबूत होगा। इसके लिए सरकार हर स्तर पर सहयोग करने को तैयार है। सीएम ने नए आपराधिक कानूनों, भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के लागू होने का उल्लेख किया, जो 1 जुलाई 2024 से प्रभावी हुए। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक आशंकाओं के बावजूद, न्यायिक अधिकारियों ने इन्हें तत्परता से लागू किया, जिससे ये कानून दंड पर आधारित न होकर न्याय की सुदृढ़ व्यवस्था पर केंद्रित साबित हुए। सीएम योगी ने विश्वास जताते हुए कहा कि ये कानून भारत की न्यायपालिका और लोकतंत्र को और मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होंगे। सीएम योगी ने न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किए गए प्रयासों का विस्तार से किया उल्लेख  मुख्यमंत्री ने योगी सरकार द्वारा न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किए गए प्रयासों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि सरकार ने उच्च न्यायालय के लिए आवासीय और अन्य सुविधाओं के लिए व्यापक धनराशि स्वीकृत की है। इसमें प्रयागराज में उच्च न्यायालय के न्यायमूर्तियों के आवास के लिए निर्माण 62.41 करोड़ रुपये, लखनऊ बेंच के लिए 117 करोड़ रुपये। उच्च न्यायालय के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए: 99 करोड़ रुपये। प्रयागराज में 896 आवासीय इकाइयों के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति। वाणिज्यिक खंड के निर्माण के लिए 112.06 करोड़ रुपये। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के हेरिटेज भवन के रखरखाव के लिए: 44.91 करोड़ रुपये की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति प्रमुख हैं। इसके अलावा, सरकार ने 10 जनपदों में इंटीग्रेटेड कोर्ट परिसर की स्थापना के लिए 1,645 करोड़ रुपये स्वीकृत किए, जिनमें से 6 जनपदों में कार्य शुरू हो चुका है। ये परिसर जनपद न्यायालयों, मोटर दुर्घटना दावों, परिवार न्यायालयों और वाणिज्यिक अदालतों को एकीकृत सुविधा प्रदान करेंगे। महिलाओं और बच्चों के प्रति अपराधों पर सख्ती महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि 381 पॉक्सो और फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, केंद्र सरकार के सहयोग से कोर्ट रूम और आवासीय निर्माण के लिए 2023-24 में 148 करोड़, 2024-25 में 239 करोड़ और 2025-26 में 75 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी की गई है।  डिजिटल और आधुनिक तकनीक का उपयोग के लिए सरकार प्रयासरत- सीएम योगी सीएम ने डिजिटल बुनियादी ढांचे और आधुनिक तकनीक … Read more