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‘हर शिकायत पर होगी कार्रवाई’— जनता दर्शन में फरियादियों से मिले मुख्यमंत्री योगी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा ‘जनता दर्शन’ के जरिए प्रदेशवासियों से मिलकर सीधे उनकी समस्या सुनने और उसके निराकरण की पहल निरंतर जारी है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी ने सोमवार को भी ‘जनता दर्शन’ किया। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए प्रत्येक फरियादी से मिले, समस्याएं सुनीं, सभी का प्रार्थना पत्र लिया और अधिकारियों को सख्त व उचित कार्रवाई का निर्देश दिया। ‘जनता दर्शन’ में पीएसी के सिपाही ने अपनी समस्या से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अवगत कराया। इस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारी को प्रार्थना पत्र देते हुए मामले के उचित निस्तारण का निर्देश दिया। शाहजहांपुर से आए किसान ने मुख्यमंत्री जी से धान खरीद केंद्र की लापरवाही की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अन्नदाता किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्हें किसी प्रकार की समस्या न हो, शासन-प्रशासन के अधिकारी इसका ध्यान रखें। मुख्यमंत्री ने शाहजहांपुर के डीएम को निर्देशित किया कि क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण करें। किसी भी केंद्र पर धान ले जाने वाले किसानों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। प्रयागराज से भी कुछ फरियादी अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। इस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित मामले में प्रयागराज के जिला व पुलिस प्रशासन को निर्देशित किया कि इन समस्याओं का निस्तारण कराएं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर जरूरतमंद की सेवा ही सरकार का लक्ष्य है। सरकार पहले दिन से ही लोगों की सेवा, सुरक्षा व सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। साढ़े 8 वर्ष में जनता की समस्या सुनने और उसके निराकरण के लिए सरकार नियमित रूप से कार्य कर रही है। सीएम योगी ने ‘जनता दर्शन’ में आए लोगों को आश्वस्त किया कि हर समस्या का उचित निस्तारण कराएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभिभावकों के साथ आए बच्चों से भी मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने सभी से नाम पूछा, चॉकलेट दी और मन लगाकर पढ़ने करने को कहा। सीएम ने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद भी दिया।

फर्जी वोटरों के खिलाफ निर्णायक जंग: सीएम योगी बोले– बूथ बनेगा रणभूमि

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भाजपा नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि आने वाला चुनाव बूथ स्तर पर लड़ा जाएगा और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) ही उसकी सबसे बड़ी धुरी है। नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं को चेताते हुए कहा गया कि विरोधियों के पास ताकत नहीं है, लेकिन उनके छद्म और छल का जवाब देने के लिए कार्यकर्ताओं में उतना ही शौर्य और साहस होना चाहिए। मुख्यमंत्री योगी ने रविवार को संगठन पर्व के अंतर्गत प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय परिषद सदस्य निर्वाचन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा गया कि काशी कॉरिडोर का निर्माण, नैमिषारण्य सहित अन्य तीर्थ स्थलों का कायाकल्प और अयोध्या में भव्य राम मंदिर, यह सब बदले हुए उत्तर प्रदेश की पहचान है। पहले प्रदेश में बिजली इसलिए नहीं आती थी क्योंकि डकैती अंधेरे में ही डाली जा सकती थी, लेकिन अब रोस्टर के हिसाब से बिजली आपूर्ति हो रही है। एसआईआर को बेहद अहम बताते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं की क्षमता पर कोई शक नहीं है, लेकिन कई बार उदारता के कारण लापरवाही हो जाती है। एसआईआर के दौरान अगर पूछा जाए तो अक्सर जवाब मिलता है कि हमारे यहां काम हो गया जबकि हकीकत यह नहीं होती। एक जिले में तो विरोधियों ने बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम तक मतदाता सूची में दर्ज करवा दिए हैं, जहां बेटे की उम्र 20 साल, पिता 30 साल और दादा 40 साल दिखाए गए हैं, जबकि मतदाता असम के रहने वाले हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि हर बूथ से फर्जी नामों पर आपत्ति दर्ज कराई जाए और जो वास्तविक मतदाता सूची से छूट गए हैं, उनके नाम हर हाल में जुड़वाए जाएं। बताया गया कि यूपी की आबादी करीब 25 करोड़ है, इस हिसाब से लगभग 16 करोड़ मतदाता होने चाहिए, लेकिन एसआईआर के बाद सूची में केवल 12 करोड़ नाम सामने आए हैं। यानी चार करोड़ मतदाताओं का गैप है, जिनमें 85 से 90 प्रतिशत भाजपा के संभावित मतदाता हैं। कार्यकर्ताओं के पास केवल 12 दिन हैं और याद रखें—चुनावी लड़ाई बूथ पर ही जीती जाती है। उन्होंने कहा कि चुनाव की तीन-चौथाई मेहनत अभी करनी है। अगर यह मेहनत कर ली गई तो चुनाव में एक-चौथाई प्रयास से ही तीन-चौथाई सीटें जीती जा सकती हैं। हर बूथ पर फॉर्म नंबर-6 भरवाने में कोई कोताही न बरती जाए, क्योंकि बूथ की मेहनत ही परिणाम लाती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का स्वागत करते हुए चुनाव प्रक्रिया को निर्विवाद रूप से संपन्न कराने के लिए डॉ. महेंद्रनाथ पांडे का आभार जताया। उन्होंने कहा कि अनुभवी कार्यकर्ता को जिम्मेदारी मिलने से सरकार और संगठन मिलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को पूरा करेंगे। सीएम योगी ने कहा कि आज पूरी दुनिया का नजरिया भारत और भारतवासियों के प्रति बदला है। जो देश कभी भारत को नजरअंदाज करते थे, अब वही भारत को वैश्विक नेतृत्व के रूप में देख रहे हैं। उत्तर प्रदेश में जो परिवर्तन हुआ है, वह डबल इंजन सरकार और एक-एक कार्यकर्ता की ताकत का परिणाम है। आज यूपी दंगा, माफिया और अपराध मुक्त होकर पर्यटन और निवेश का बड़ा केंद्र बन चुका है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पौने नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है, 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं धरातल पर उतरी हैं और यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में 11 हजार करोड़ रुपये का व्यापार हुआ है।

भारतीय जनता पार्टी उप्र के प्रदेश अध्यक्ष व राष्ट्रीय परिषद सदस्यों के निर्वाचन समारोह में बोले मुख्यमंत्री

प्रदेश के मुखिया ने एसआईआर को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं को सहेजा, बोले-हर बूथ की समीक्षा व मेहनत ही लाएगी परिणाम  साढ़े 8 वर्ष में पौने नौ लाख नौजवानों को मिली सरकारी नौकरीः मुख्यमंत्री   लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी को शुभकामनाएं दीं और कहा कि अनुभवी कार्यकर्ता को यूपी के प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व मिला। उन्होंने कहाकि पीएम मोदी की मंशा के अनुरूप नई गति के साथ सरकार व संगठन मिलकर यूपी के संकल्प को बढ़ाएगा। पंकज जी यूपी की नई यात्रा के लिए कैप्टन के रूप में आ गए हैं। प्रदेश के मुखिया के रूप में सीएम योगी आदित्यनाथ ने एसआईआर को लेकर भी भाजपा कार्यकर्ताओं को सहेजा।  मुख्यमंत्री ने राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय, आशियाना में रविवार को भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष व राष्ट्रीय परिषद सदस्यों के निर्वाचन समारोह में भूपेंद्र चौधरी के कार्यकाल का भी जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष के रूप में साढ़े तीन वर्ष से अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए हर कार्यक्रम को गति प्रदान करने में योगदान दिया।  सीएम की अपील-12 दिन का बेहतर उपयोग कीजिए  सीएम ने कार्यकर्ताओं से कहा कि अबसे 12 दिन का बेहतर उपयोग करिए। चुनाव का परिणाम विधानसभा व लोकसभा में आता है, लेकिन चुनाव लड़ा जाता है बूथ पर। पीएम मोदी कहते हैं कि ‘मेरा बूथ-सबसे मजबूत’ यानी लड़ाई बूथ पर होती है, इसलिए वह सबसे मजबूत होना चाहिए। सीएम ने कार्यकर्ताओं से कहा कि हर बूथ पर औसतन पौने दो सौ से ढाई सौ घर होंगे। राष्ट्रीय पदाधिकारी से लेकर शक्ति केंद्र के पदाधिकारी एक साथ मिलकर अपने बूथ पर मतदाता सूची, ड्राफ्ट सूची के साथ ही छूटे, फर्जी, मृतक, अनलैपिंग, अब्सेंट व शिफ्ट करने वालों के नाम का अवलोकन कर लें।  हर बूथ से फर्जी नामों पर आपत्ति दर्ज कराइए सीएम ने एक जनपद के दौरे का वृत्तांत सुनाते हुए विरोधियों द्वारा भरे गए मतदाता सूची का जिक्र किया। बोले कि उसमें कुछ बांग्लादेशियों के भी नाम हैं। सीएम ने चिंता भी व्यक्त की, बोले कि एक जनपद में ऐसा फॉर्म भरा गया, जहां मतदाता की आयु 20, पिता की 30 व बाबा की आयु 40 साल है। सीएम ने फर्जी नाम का उदाहरण दिया और बताया कि मतदाता असम के हैं, लेकिन बने हैं संभल में। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि हर बूथ से फर्जी नाम पर आपत्ति दर्ज कराइए। नाम जोड़ने व काटने के लिए समय है। सीएम ने मेहनत करने पर जोर देते हुए कहा कि एसआईआर की वजह से आपकी तीन चौथाई मेहनत अभी हो जाएगी तो विधानसभा चुनाव में सिर्फ एक चौथाई मेहनत ही करनी पड़ेगी, फिर यूपी में तीन चौथाई सीट भाजपा व गठबंधन प्रत्याशी जीतेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि अपने बूथ को सबसे मजबूत कीजिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि एसआईआर के जो प्रपत्र जमा नहीं हो पाए, युद्ध स्तर पर लगकर उन्हें जमा कराइए। सीएम ने अलग-अलग फॉर्म संख्या व उनकी उपयोगिता के बारे में भी बताते हुए कार्यकर्ताओं को मंत्र दिया कि हर बूथ की समीक्षा व मेहनत ही परिणाम लाएगी।  आज भारत के अंदर लोगों को नजर आता है वैश्विक नेतृत्व  सीएम योगी ने कहा कि हर व्यक्ति आज नए भारत का दर्शन कर रहा है। 11 वर्ष में भारत व भारतवासियों के प्रति दुनिया का नजरिया बदला है। 11 वर्ष पहले जो लोग भारत को कमतर आंकते थे, उन्हें भारत में वैश्विक नेतृत्व नजर आता है। भारत अब बिना रुके, डिगे व झुके अपनी यात्रा को बढ़ा रहा है। हमारा सौभाग्य है कि दुनिया के सबसे यशस्वी नेता नरेंद्र मोदी का प्रधानमंत्री के रूप में 11 वर्ष से अधिक समय से नए भारत को नेतृत्व प्राप्त हो रहा है।   सीएम योगी ने कार्यकर्ताओं की मेहनत को दिया परिवर्तन का श्रेय  सीएम योगी ने कहा कि साढ़े 8 वर्ष में यूपी में हम जो भी परिवर्तन करने में सफल हुए हैं, वह पीएम मोदी के मार्गदर्शन-नेतृत्व, डबल इंजन सरकार की डबल स्पीड की ताकत, एक-एक कार्यकर्ता की मेहनत का परिणाम है। यूपी के बारे में जो धारणा थी, उसे हमने दूर किया। बीमारू राज्य के धब्बे से मुक्त करके यूपी को रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में स्थापित किया। आज यूपी दंगा, माफिया व अपराधमुक्त होकर पर्यटन, निवेश के लिए देश के बेहतरीन राज्यों में शामिल है।  साढ़े 8 वर्ष में पौने नौ लाख नौजवानों को मिली सरकारी नौकरी  सीएम योगी ने कहा कि यूपी में साढ़े 8 वर्ष में बिना भेदभाव पौने नौ लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई। डेढ़ करोड़ से अधिक नौजवानों को परंपरागत उद्यम में नौकरी व रोजगार से जोड़ा गया। निवेश, सुरक्षा, कानून के राज में बेहतर तरीके से जो कार्य बढ़ा, उसकी वजह से 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश की योजनाएं धरातल पर उतरीं। सरकार छह लाख करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की ग्राउंड ब्रेकिंग की तैयारी कर रही है।  सीएम योगी ने केंद्रीय मंत्री के प्रति जताया आभार  केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का आभार जताते हुए सीएम योगी ने कहा कि पीएम, रक्षा मंत्री, गृह मंत्री, राष्ट्रीय अध्य़क्ष के नेतृत्व में प्रदेश के विकास योजनाओं को बढ़ाने के लिए जब भी पीयूष गोयल से सहयोग मांगा, तब उन्होंने यूपी के प्रस्ताव को मंजूरी दी। ओडीओपी के लिए हमने पैकेजिंग इंस्टीटयूट मांगा तो लखनऊ में भारत सरकार ने इसे स्वीकृति दी। इसका सत्र भी प्रारंभ हो गया है। यूपी उद्यमियों के प्रोडक्ट को दुनिया के बाजार में पहुंचा सके और शोकेस कर सकें, इसके लिए कोई ट्रेड शो ऐसा हो। इस पर जब पीय़ूष जी से चर्चा की, उन्होंने पहले वर्ष ही कहा कि कम से कम 500 फॉरेन बायर्स यूपी भेज रहा हूं। इसे दुनिया के मार्केट में पहुंचाने की जिम्मेदारी हमारी है।  

वित्तीय वर्ष 2025-2026 में समय पर किया गया 97 फीसदी से अधिक का भुगतान

मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में अनुसूचित जाति-जनजाति के लोगों को मिल रही प्राथमिकता मनरेगा के जरिए मजबूत हुआ ग्रामीण रोजगार, योगी सरकार में बन रहे रिकॉर्ड लखनऊ उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में रोजगार सृजन को लेकर सकारात्मक और ठोस परिणाम सामने आ रहे हैं। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 48 लाख से अधिक परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। इनमें 31 प्रतिशत से अधिक परिवार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग से हैं, जो सामाजिक समावेशन और समान अवसर की दिशा में योगी सरकार के प्रयासों और प्राथमिकता को दर्शाता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में मनरेगा के तहत 97 प्रतिशत से अधिक श्रमिकों को समय पर भुगतान किया जा चुका है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों में भरोसा बढ़ा है और श्रमिकों को उनकी मेहनत का पूरा और पारदर्शी लाभ मिल रहा है। योगी सरकार ने 6703 करोड़ रुपए की धनराशि व्यय की है, जिससे गांवों में आय के नए स्रोत तैयार हुए हैं। अनुसूचित जाति-जनजाति के परिवारों को मनरेगा में विशेष प्राथमिकता योगी सरकार की प्राथमिकता है कि लोगों को रोजगार के साथ सम्मान भी मिले। इसी सोच के तहत अनुसूचित जाति-जनजाति के परिवारों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि पलायन पर भी प्रभावी रोक लगी है। उत्तर प्रदेश में समावेशी विकास और मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में रोजगार सृजन का बेहतर माहौल बन रहा है। मनरेगा के जरिए गांवों में विकास कार्यों को गति मिल रही है और लाखों परिवार आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं। यह मॉडल उत्तर प्रदेश में समावेशी विकास और मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर पेश कर रहा है।

एएनटीएफ को मिलेंगे 150 से नये ज्यादा जांबाज, विभाग की कार्रवाई में आएगी तेजी

अवैध नशे पर लगाम और ड्रग माफियाओं की कमर तोड़ने का सीएम योगी ने लिया फैसला लखनऊ प्रदेश के युवाओं को नशे के आगोश में धकेलने वाले अवैध नशे के सौदागरों की अब खैर नहीं। योगी सरकार अवैध नशे के सौदागरों पर बड़ा एक्शन लेने जा रही है। इसके लिए योगी सरकार ने एंटी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स (एएनटीएफ) को और मबजूत करने का निर्णय लिया है। वर्तमान में एएनटीएफ में पुलिस कर्मियों को प्रतिनियुक्ति पर तैनात किया गया है। इसके अलावा विभाग में नियतन के हिसाब से फोर्स भी कम है। ऐसे में योगी सरकार ने एएनटीएफ को और मजबूत करने के लिए रेग्युलर पुलिस कर्मियों की तैनाती और नियतन के अनुसार फोर्स उपब्लध कराने का निर्णय लिया है। इससे जहां एएनटीएफ को मजबूती मिलेगी, वहीं दूसरी ओर अवैध नशे के सौदागरों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी आएगी। एएनटीएफ यूनिट पर 18 और थानों पर 28 पदों पर तैनाती का है नियतन एएनटीएफ आईजी अब्दुल हमीद ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में अवैध नशे पर नकेल कसने और ड्रग माफियाओं के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने के लिए वर्ष 2022 में एएनटीएफ का गठन किया था। इस दौरान 6 थाने और 8 यूनिट का गठन किया गया। इन थानों में 28 पुलिसकर्मियों की तैनाती का नियतन रखा गया। इसमें एक निरीक्षक, 4 उपनिरीक्षक, 3 कंप्यूटर ऑपरेटर, 3 मुख्य आरक्षी, 12 आरक्षी, 2 आरक्षी चालक और 3 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल हैं। इसी तरह यूनिट में 18 पुलिस अधिकारियों समेत कर्मचारियों की तैनाती का नियतन रखा गया। इसमें एक पुलिस उपाधीक्षक, 1 निरीक्षक, 2 उप निरीक्षक, 1 कंप्यूटर ऑपरेटर, 2 मुख्य आरक्षी, 8 आरक्षी, 2 आरक्षी चालक, 2 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में उच्च अधिकारियों के साथ एएनटीएफ की समीक्षा बैठक की थी।  वर्तमान में 236 पदों पर तैनात हैं अधिकारी-कर्मचारी, 150 और मिलेंगे नये जांबाज बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बताया कि वर्तमान में एएनटीएफ में फोर्स को प्रतिनियुक्ति पर तैनात किया गया है। वहीं मानक के अनुरूप फोर्स भी नहीं है। इस पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने उच्च अधिकारियों को एएनटीएफ में सभी पुलिसकर्मियों को रेग्युलर तैनाती के निर्देश दिये। साथ ही नियतन के अनुसार जल्द से जल्द फोर्स तैनात करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ड्रग माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए विभाग का गठन किया गया। ऐसे में उन्हे ड्रग माफियाओं की कमर तोड़ने के लिए फोर्स के साथ आधुनिक उपकरण तत्काल उपलब्ध कराएं जाएं। आईजी ने बताया कि एएनटीएफ में पुलिस अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों की नियुक्ति का नियतन 386 है। इसमें राजपत्रित अधिकारी 15, मुख्यालय पर 59, 6 थानों पर 168, 8 यूनिट पर 144 पदों पर तैनाती का नियतन है। वर्तमान में विभाग में 236 पदों पर तैनाती की गयी है जबकि 150 पद खाली हैं। सीएम योगी के निर्देश के बाद जल्द सभी खाली पदों पर तैनाती की जाएगी।

सीएम योगी ने आजमगढ़ बैठक में लापता मतदाताओं की संख्या पर जताई चिंता, SIR अभियान को तेज करने के आदेश

आजमगढ़  यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक के दौरान आजमगढ़ जिले में 'लापता मतदाताओं की संख्या' को लेकर चिंता जताई और पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे सभी मतदाताओं तक पहुंचें. मुख्यमंत्री ने कलेक्ट्रेट सभागार में आजमगढ़ मंडल के अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की. बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में सुभासपा (सुभेलदेव भारतीय समाज पार्टी) के अध्यक्ष अरविंद राजभर ने कहा कि प्राथमिक एजेंडा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) था. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी विधानसभा क्षेत्रों का विस्तृत डाटाबेस सौंपा और संदेहास्पद रूप से अधिक संख्या में लापता मतदाताओं पर चिंता व्यक्त की. उनके अनुसार, मुख्यमंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे जमीन स्तर पर मतदाताओं से संपर्क करें और जिनके नाम मतदाता सूची से गायब हैं, उनका नाम जोड़ना सुनिश्चित करें. राजभर ने कहा कि फर्जी मतदाताओं को हटाना, जिले के बाहर रहने वाले वास्तविक मतदाताओं को जोड़ना और मृतकों को चिह्नित करना बेहद आवश्यक है. वास्तविक मतदाताओं  को शामिल करने का लक्ष्य इस बैठक में ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा भी उपस्थित थे. बांसडीह की विधायक केतकी सिंह ने कहा कि बैठक में मंडल में विकास कार्यों की प्रगति और SIR अभियान की स्थिति की समीक्षा की गई. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि मृत मतदाताओं की पहचान कर उन्हें हटाएँ और लापता मतदाताओं को खोजें, ताकि सभी वास्तविक मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल किया जा सके. जागरूकता और सहभागिता पर जोर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आह्वान किया कि जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर यह सुनिश्चित करें कि मतदाता पुनरीक्षण अभियान प्रक्रिया के दौरान पात्र नागरिकों का नाम सूची में शामिल हो सके. उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि अपात्र नामों का समय पर परीक्षण और आवश्यक सुधार लोकतंत्र की पारदर्शिता को सुदृढ़ करते हैं. उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा जताई कि वे मतदाता सूची पुनरीक्षण के महत्व को जनता तक सहज भाषा में पहुंचाएं और प्रत्येक बूथ स्तर पर गहन संपर्क बनाए रखें. फीडबैक व सतत संवाद की आवश्यकता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यकर्ताओं से प्राप्त फीडबैक को बेहद मूल्यवान बताते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों का धरातल से जुड़ा अनुभव मतदाता पुनरीक्षण अभियान जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया को सुचारु बनाने में अहम भूमिका निभाता है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि निरंतर संवाद से बेहतर समन्वय स्थापित होता है, जिससे अभियान का प्रभाव और बढ़ता है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीनों जनपदों में हुई बैठकों के माध्यम से यह संदेश भी दिया कि जनता के बीच निरंतर उपस्थिति और सक्रियता ही लोकतांत्रिक मूल्यों की वास्तविक शक्ति है.  

‘स्किल्ड’ हो रहा उत्तर प्रदेश, लाखों युवाओं के हुनर को मिल रहा हौसला

ईवी, सोलर व रोबोटिक्स जैसे कोर्सेज उद्योगों को प्रशिक्षित कार्यबल उपलब्ध कराने का बन रहे माध्यम प्रदेश में स्वरोजगार के खुले नए अवसर, वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी में भी हुआ इजाफा  लखनऊ उत्तर प्रदेश में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में योगी आदित्यनाथ सरकार का विजन यूपी को 'स्किल्ड' बनाने की दिशा में  सार्थक बदलाव की कहानी लिख रहा है। बदलते दौर की तकनीकों और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण देकर लाखों युवाओं को रोजगार के योग्य बनाया जा रहा है। सरकार की नीतियों का असर यह है कि प्रदेश में लाखों युवाओं को विभिन्न ट्रेड्स में प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ा जा चुका है। प्रशिक्षण न सिर्फ युवाओं को नया भविष्य दे रही है, बल्कि प्रदेश के औद्योगिक विकास को भी नई गति दे रही है। योगी आदित्यनाथ सरकार की यह नीति रही है कि युवाओं को केवल डिग्री नहीं, बल्कि हुनर दिया जाए। इसी सोच के तहत ईवी मेंटेनेंस, सोलर टेक्नीशियन, रोबोटिक्स, सीएनसी ऑपरेशन और हॉस्पिटैलिटी जैसे नई पीढ़ी के कोर्स शुरू किए गए हैं। प्रदेश भर में सैंकड़ों प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका नतीजा यह है कि अब उद्योगों को बाहर से वर्कफोर्स बुलाने की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि उन्हें यूपी में ही प्रशिक्षित युवा उपलब्ध हो रहे हैं।  महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और आत्मनिर्भरता की नई कहानी प्रदेश के वर्कफोर्स में महिलाओं का प्रतिशत पिछली सरकारों की अपेक्षा में काफी बढ़ा है, जो लगभग 36 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। वहीं, प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे कैंडिडेट्स में भी महिलाओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह साबित करता है कि सरकार की योजनाएं जमीनी स्तर तक असर दिखा रही हैं। पहले जहां तकनीकी प्रशिक्षण को पुरुष प्रधान क्षेत्र माना जाता था, वहीं आज महिलाएं भी सोलर टेक्नीशियन, रोबोटिक्स और सीएनसी जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं। स्वरोजगार के माध्यम से हजारों युवतियां अपने परिवार की आर्थिक रीढ़ बन रही हैं। ऐसा ही एक उदाहरण बेकार सामानों से कलाकृतियां तैयार करने वाली झांसी की नीलम सारंगी के स्टार्टअप 'बेकार के आकार' का भी है, जिसे उत्तर प्रदेश सरकार ने सम्मानित करने के साथ ही प्रोत्साहित भी किया है। वह झांसी नगर निगम के साथ मिलकर स्वच्छता अभियान के अंतर्गत निष्प्रयोज्य सामानों से पार्कों में सुंदर कलाकृतियां तैयार करने का काम कर रही हैं। प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने नीलम सारंगी को अनूठे स्टार्टअप को नवदेवी सम्मान भी दिया है। उनका स्टार्टअप इस समय बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के इंक्यूबेशन सेंटर में पंजीकृत है। प्रदेश में नीलम जैसे कई उदाहरण हैं, जहां महिलाएं प्रदेश सरकार के सहयोग से अपने कौशल को निखारकर स्वरोजगार स्थापित कर रही हैं और न केवल प्रेरणा बन रही हैं बल्कि अन्य महिलाओं व लोगों के लिए रोजगार सृजन कर रही हैं।   प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मिल रही नई ताकत नीलम सारंगी के अनुसार, नगर निगम, स्मार्ट सिटी, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय और उत्तर प्रदेश सरकार ने उनके स्टार्टअप 'बेकार को आकार' को प्रोत्साहित करने में जो मदद की, वह अनुकरणीय है और सार्थकता का उदाहरण प्रस्तुत कर रही है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट विजन है कि उत्तर प्रदेश को देश का स्किल हब बनाया जाए। इसी दिशा में कौशल विकास की विभिन्न योजनाएं प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार दे रही हैं। प्रशिक्षित युवा न केवल खुद आत्मनिर्भर बन रहे हैं, बल्कि उद्योगों को भी मजबूती दे रहे हैं। यह साबित करता है कि सही नीति, सही दिशा और मजबूत इच्छाशक्ति से किसी भी राज्य की तकदीर बदली जा सकती है।

योगी सरकार का घुसपैठियों के खात्मे के लिए सर्जिकल स्ट्राइक प्लान तैयार

योगी सरकार जीरो टॉलरेंस नीति के तहत घुसपैठियों पर करेगी करारा प्रहार  घुसपैठियों पर कार्रवाई से सरकारी योजनाओं में आएगी और पारदर्शिता, हर पात्र को आसानी से मिलेगा योजना का लाभ प्रदेश में बढ़ेंगे युवाओं के लिए रोजगार के नये अवसर, सरकारी धन की रुकेगी बर्बादी  मुख्यमंत्री योगी के निर्देश से नागरिक सेवाओं में हो रहा सुधार, अवैध गतिविधियों पर लग रही लगाम  सीमा पर सुरक्षा होगी और मजबूत, पासपोर्ट के सत्यापन आदि का टर्नअराउंड टाइम तेजी से होगा कम  लखनऊ  योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश की आतंरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए घुसपैठियों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक करने का खाका तैयार कर लिया है। योगी सरकार ने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत घुसपैठियों के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है। योगी सरकार के इस कदम से जहां प्रदेश की आतंरिक सुरक्षा और सुदृढ़ होगी, वहीं दूसरी ओर प्रदेशवासियों को सरकारी योजनाओं का लाभ और पारदर्शी तरीके से मिलेगा। इस निर्णय से पात्र व्यक्ति ही योजनाओं का लाभ उठा सकेगा।  अपराधियों और अवैध गतिविधियों पर लगेगी लगाम योगी आदित्यनाथ सरकार घुसपैठियों की पहचान कर उन्हे डिटेंशन सेंटर में शिफ्ट करेगी। इन डिटेंशन सेंटर की सुरक्षा व्यवस्था अभेद होगी, जिसे भेद पाना किसी के लिए भी नामुमकिन होगा। योगी सरकार के सख्त कदम से प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था पर एक सकारात्मक असर पड़ेगा। यह कदम अपराधियों और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण को आसान बनाएगा। प्रदेश में अपराधों की संख्या कम होगी और इसके साथ ही लोगों का विश्वास भी सरकार की कार्यप्रणाली पर बढ़ेगा। इतना ही नहीं इस कदम से कानून-व्यवस्था में और सुधार होगा, जिससे प्रदेशवासियों की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी। सीएम योगी की सख्ती से प्रदेश में अपराध के ग्राफ में और कमी होगी। वहीं पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियाें की सीमावर्ती जिलों में अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह से लगाम लग सकेगी। पात्र लाभार्थियों को आसानी से मिलेगा योजनाओं का लाभ, बढ़ेंगें राेजगार के अवसर प्रदेश में घुसपैठियों की वजह से सरकारी योजनाओं का लाभ अपात्र लोग भी उठे रहे हैं। ऐसे में इनकी पहचान होने से सरकारी योजनाओं का लाभ असली हकदारों तक पहुंचेगा। इससे सरकारी धन की बर्बादी भी रुकेगी। साथ ही भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी। योगी सरकार के इस कदम से स्थानीय युवाओं और कामगारों के लिए रोजगार के अवसरों का नया रास्ता खुलेगा। घुसपैठियों के खिलाफ उठाए गए कदमों से अब रोजगार की प्रतिस्पर्धा और स्पष्ट होगी। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर अधिक आसानी से और सुरक्षित तरीके से मिल सकेंगे। नागरिक सेवाओं में होगा सुधार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस कदम से न केवल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और रोजगार के अवसरों में सुधार होगा, बल्कि नागरिक सेवाओं का भी सुधार होगा। अब नागरिकों की शिकायतों और सेवाओं जैसे पासपोर्ट, सत्यापन, लाइसेंस आदि का टर्नअराउंड टाइम तेजी से कम होगा। इससे लोगों को सरकारी सेवाओं का लाभ जल्दी और प्रभावी तरीके से मिलेगा। इसके साथ ही फर्जी आईडी, धोखाधड़ी और अपराध से जुड़ी घटनाओं में भी कमी आएगी। साथ ही उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था का माहौल बेहतर होगा और प्रदेशवासियों का विश्वास सरकार की कार्यप्रणाली में बढ़ेगा।

कृषि यंत्रों पर अनुदान देकर किसानों को सशक्त कर रही योगी सरकार

किसानों द्वारा विभागीय पोर्टल पर की जाती है बुकिंग पारदर्शिता पूर्ण ई-लॉटरी के माध्यम से कृषकों को मिलता है कृषि यंत्रों का लाभ  प्रदेश में 5000 से अधिक फार्म मशीनरी बैंक स्थापित, हजारों किसानों को हुआ लाभ लखनऊ योगी आदित्यनाथ सरकार प्रदेश के किसानों को अनुदान पर कृषि यंत्रों का लाभ देती है। किसानों को पारदर्शिता से इसका लाभ मिले, इसके लिए सभी 75 जनपद में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कृषि विभाग द्वारा ई-लॉटरी के माध्यम से किसानों का चयन भी किया जाता है। यह प्रक्रिया सभी जनपदों में समान रूप से चलती है। प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन फॉर इन-सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेज्ड्यू एवं सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन योजना के अंतर्गत कृषि यंत्रों की बुकिंग तथा नेशनल मिशन ऑन एडिबल (ऑइलसीड) योजना के अंतर्गत मिनी ऑइल मिल एक्स्ट्रैक्सन यूनिट एवं तिरपाल की बुकिंग किसानों द्वारा विभागीय पोर्टल पर की जाती है। इसका पारदर्शी पूर्ण चयन ई-लाटरी के माध्यम से कृषि विभाग द्वारा कराया जाएगा। 2.31 लाख से अधिक कृषि यंत्रों का किया जा चुका वितरण  कृषि यंत्रों के वितरण के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं में 2017-18 से 2024-25 तक कुल 2,31,012 उन्नत कृषि यंत्रों का वितरण, 8405 कस्टम हायरिंग सेंटर व 7351 फॉर्म मशीनरी बैंक की स्थापना कराई जा चुकी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अक्टूबर तक 8531 कृषि यंत्र व 82 फार्म मशीनरी बैंक के बिल पोर्टल पर अपलोड कराए जा चुके हैं।  चयनित नहीं होने वाले किसानों की जमानत धनराशि की जाती है वापस  ई लॉटरी में चयनित किसानों को मोबाइल पर एसएमएस भेजा जाता है। सूचना एवं बिल अपलोड की अंतिम तिथि की सूचना के साथ-साथ प्रतीक्षा सूची में चयनित कृषकों को भी सूचित किया जाता है। ई लॉटरी में चयनित नहीं होने वाले किसानों की जमानत धनराशि अधिकतम छह महीने में वापस कर दी जाती है। योगी सरकार की प्राथमिकता है कि कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनायें किसान हित में पारदर्शिता से संपादित हो और इसका लाभ किसानों को मिले। कृषि विभाग ने अपील की है कि जिन किसानों ने कृषि विभाग के पोर्टल पर कृषि यंत्रों की बुकिंग की है, वे जनपद में होने वाली ई-लाटरी प्रक्रिया में अवश्य प्रतिभाग करें।

सीएम योगी की अध्यक्षता में होगा एमपीएसपी के संस्थापक सप्ताह समारोह मुख्य महोत्सव

मुख्य अतिथि होंगे उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह बुधवार को महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, आरोग्यधाम परिसर में होगा मुख्य महोत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह एमपी शिक्षा परिषद के स्मृतिशेष अध्यक्ष पर केंद्रित पुस्तक का भी होगा विमोचन श्रेष्ठतम संस्था, परिचारक, कर्मचारी, शिक्षक और विद्यार्थियों के साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता होंगे पुरस्कृत गोरखपुर महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद (एमपीएसपी)  के 93वें संस्थापक सप्ताह समारोह का मुख्य महोत्सव (समापन कार्यक्रम) बुधवार (10 दिसंबर) को महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर (एमजीयूजी) आरोग्यधाम, बालापार रोड के परिसर में भव्यतापूर्वक होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता गोरक्षपीठाधीश्वर एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह शामिल होंगे। समारोह में उत्कृष्टता के आधार पर एमपी शिक्षा परिषद की संस्थाओं, शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और संस्थापक सप्ताह समारोह के तहत आयोजित विविध प्रतियोगिताओं के विजेताओं को ट्रॉफी, पदक व नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर एमपी शिक्षा परिषद के स्मृतिशेष अध्यक्ष प्रो. यूपी सिंह के व्यक्तित्व और कृतित्व पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी होगा। मुख्य महोत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह बुधवार प्रातः 9.30 बजे से प्रारम्भ होगा।  महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के 93वें संस्थापक सप्ताह के मुख्य महोत्सव में सप्ताह भर चली विभिन्न प्रतियोगिताओं के मेधावियों को पुरस्कृत किया जाएगा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाएं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह के हाथों पुरस्कृत होंगी। इस दौरान करीब 750 विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया जाएगा। संस्थापक समारोह के मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह के हाथों महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के पूर्व अध्यक्ष, पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति स्वर्गीय प्रो. यूपी सिंह पर केंद्रित पुस्तक का विमोचन किया जाएगा। इस पुस्तक ‘जीवन के साधना पथ का गृहस्थ सन्यासी प्रो. उदय प्रताप सिंह एवं जीवन मूल्य’ का प्रकाशन प्लाक्षा प्रकाशन ने किया है। दिग्विजयनाथ बालिका कन्या इंटर कॉलेज को मिलेगा श्रेष्ठतम संस्था का पुरस्कार महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के 93वें संस्थापक समारोह के समापन अवसर पर श्रेष्ठतम संस्था का महायोगी श्री गोरक्षनाथ स्वर्ण पदक दिग्विजयनाथ बालिका इंटर कॉलेज चौक बाजार महराजगंज को मिलेगा। श्रेष्ठतम परिचारक के लिए ब्रह्मलीन महंत गोपालनाथ स्वर्ण पदक दिग्विजयनाथ इंटरमीडिएट कॉलेज चौक बाजार महराजगंज के रमाकांत को, श्रेष्ठतम कर्मचारी के लिए योगिराज बाबा ब्रह्मनाथ स्वर्ण पदक एमपी कन्या इंटर कॉलेज रमदत्तपुर के अश्वनी कुमार गुप्ता को, श्रेष्ठतम शिक्षक के लिए योगिराज बाबा गंभीरनाथ स्वर्ण पदक महाराणा प्रताप महाविद्यालय जंगल धूसढ़ की शिप्रा सिंह को प्राप्त होगा।  श्रेष्ठतम विद्यार्थी और स्मृति पुरस्कार भी दिए जाएंगे महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की संस्थाओं में स्नातकोत्तर के श्रेष्ठतम विद्यार्थी के रूप में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ स्वर्ण पदक महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के एमएससी बॉयोटेक के शिवम पांडेय को, स्नातक के श्रेष्ठतम विद्यार्थी के रूप में ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ स्वर्ण पदक महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय की बीएससी बॉयोटेक की आकृति को तथा हाईस्कूल-इंटर के श्रेष्ठतम विद्यार्थी का महाराणा मेवाड़ स्वर्ण पदक एमपी बालिका इंटर कॉलेज सिविल लाइंस की प्रज्ञा कुशवाहा को प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर विविध स्मृति पुरस्कार भी दिए जाएंगे। समारोह में कुल 750 विद्यार्थी पुरस्कृत किए जाएंगे।