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ठंड से ठिठुरा बिहार: 14 जिलों में Cold Day का अलर्ट जारी

पटना बिहार के अधिकांश जिलों में इन दिनों गंभीर शीत लहर और कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार दिन और रात के तापमान में बेहद कम अंतर रह जाने से राज्यभर में कनकनी काफी बढ़ गई है। फिलहाल पटना, अरवल और औरंगाबाद समेत 14 जिलों में शीत दिवस (Cold Day) की स्थिति बनी हुई है और अगले 3 से 4 दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना नहीं है। कई इलाकों में छाया रहेगा घना कोहरा मौसम विभाग ने बताया है कि बिहार के अलग-अलग हिस्सों में Dense Fog बने रहने के आसार हैं। सुबह और रात के समय कोहरे का असर ज्यादा रहेगा, जिससे सामान्य जनजीवन के साथ-साथ यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। 7–8°C के साथ सबसे ठंडा रहा गयाजी बीते 24 घंटों के दौरान गयाजी राज्य का सबसे ठंडा स्थान दर्ज किया गया। यहां न्यूनतम तापमान 7 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया, जिससे ठंड का प्रकोप और ज्यादा महसूस किया गया। रेल, सड़क और हवाई सेवाएं प्रभावित घने कोहरे के कारण कम दृश्यता की स्थिति बनी हुई है। इसका सीधा असर रेल, सड़क और हवाई यातायात पर पड़ा है। पटना, दरभंगा और पूर्णिया एयरपोर्ट से आज भी कई नियमित उड़ानें रद्द की गई हैं, जबकि कुछ फ्लाइट्स देरी से संचालित हो रही हैं। वहीं कोहरे की वजह से लंबी दूरी की कई ट्रेनें अपने तय समय से काफी देरी से चल रही हैं। ठंड के चलते स्कूलों में छुट्टी तेज ठंड और शीतलहर से बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे असर को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों को लेकर अहम फैसले लिए हैं—     पटना जिला: कक्षा 8 तक के सभी स्कूल 27 दिसंबर तक बंद     लखीसराय: कक्षा 8 तक शैक्षणिक गतिविधियां 4 जनवरी 2026 तक स्थगित     कक्षा 9 और उससे ऊपर की कक्षाएं सावधानी के साथ जारी     शेखपुरा: कक्षा 8 तक के स्कूलों में 26 दिसंबर तक पठन-पाठन पर रोक     प्रशासन ने अभिभावकों से बच्चों को ठंड से बचाने की अपील की है।

कड़ाके की सर्दी में बड़ा फैसला, पहली से आठवीं तक सभी स्कूलों में छुट्टी

पटना बिहार में लगातार बढ़ रही ठंड और घने कोहरे के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। वहीं, ठंड के बढ़ते असर को देखते हुए जहानाबाद जिला प्रशासन ने बड़ा  फैसला लिया है। जिले में कक्षा 1 से 10वीं तक के सभी स्कूल बंदकर दिए गए हैं। 27 दिसंबर तक बंद रहेंगे स्कूल बता दें कि यह आदेश 24 दिसंबर से प्रभावी होकर 24 दिसंबर 2025 तक लागू रहेगा। जिला पदाधिकारी अलंकृता पांडे द्वारा जारी पत्र के अनुसार, कक्षा 1 से लेकर कक्षा 8 वीं तक के सभी सरकारी स्कूल, निजी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र 24 से 27 दिसंबर तक बंद कर दिए गए हैं। वहीं, बाकी कक्षाएं सुबह 10 से 2 बजे तक चलेंगी। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे ठंड में अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें। डीएम की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, भीषण ठंड की वजह से बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। बच्चे बीमार पड़ सकते हैं। एहतियातन प्रशासन ने जिले के सभी निजी एवं सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में कक्षा 8 तक की शैक्षणिक गतिविधियों पर 27 दिसंबर तक रोक लगाने का आदेश जारी किया है। गौरतलब हो कि मौसम विभाग के अनुसार, बिहार के 14 जिलों में शीत दिवस की स्थिति बनी हुई है और अगले 3 से 4 दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना नहीं है। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे ठंड में अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें।

झारखंड में शीतलहर और घना कोहरा, कई जिलों में IMD का येलो अलर्ट जारी

रांची भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने झारखंड के कुछ हिस्सों में ठंड और घने कोहरे को लेकर अलर्ट जारी किया है। राज्य के कई जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। इन जिलों में अलर्ट जारी आईएमडी के अनुसार, गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार और लोहरदगा जिलों के लिए ठंड को लेकर ‘येलो अलर्ट' जारी किया गया है। वहीं, गढ़वा, पलामू, चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, रांची, रामगढ़, बोकारो, धनबाद और खूंटी सहित कुल 15 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है। छह जिलों में शीतलहर की संभावना आईएमडी ने एक बुलेटिन में बताया कि राज्य के छह जिलों में शीतलहर जैसी स्थिति भी दर्ज की गई है, जहां न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया। इन जिलों में गुमला, हजारीबाग, खूंटी, लातेहार, लोहरदगा और रांची शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के कारण नमी वाली हवा ठंडी सतह से टकरा रही है, जिससे जलवाष्प की महीन बूंदें कुहासे में बदल रही हैं। धूलकण और प्रदूषण के कण इसमें शामिल होकर द्दश्यता और कम कर रहे हैं, जिसके कारण दिन में भी ठंड और कनकनी महसूस हो रही है।

Weather Update: Western Disturbance के असर से 7 दिन तक शीतलहर, इन राज्यों में कंपकंपाती ठंड

नई दिल्ली देश के विभिन्न हिस्सों में ठंड लगातार बढ़ती जा रही है। कुछ राज्यों में लोग अब सुबह और रात के समय ही ठंड का अनुभव कर रहे हैं, जबकि कुछ राज्यों में कड़ाके की सर्दी ने लोगों को कंपकंपी में डाल दिया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले दिनों एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाला है, जिससे इस बार सर्दी अपने चरम पर पहुंच सकती है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले सात दिनों के लिए कई राज्यों में शीतलहर की चेतावनी जारी की है। उत्तर-पश्चिम भारत उत्तर-पश्चिमी राज्यों में ठंड की मार अगले हफ्ते और तेज होने वाली है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कई जिलों में शीतलहर के कारण ठंड का प्रकोप रहेगा। इसके अलावा, सुबह के समय कई इलाकों में घना कोहरा रहने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी ठंड और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी और मध्य भारत मध्य और पूर्वी राज्यों में भी अगले सात दिनों में ठंड बढ़ने वाली है। मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कई जिलों में शीतलहर से ठिठुरन बढ़ेगी। मौसम विभाग ने इस क्षेत्र में लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। पश्चिमी भारत पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से महाराष्ट्र के मध्य जिलों में भी अगले सप्ताह शीतलहर के असर की संभावना है। इससे वहां के तापमान में गिरावट आएगी और ठंड बढ़ेगी। दक्षिण भारत दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी ठंड के बढ़ने का अनुमान है। कर्नाटक के दक्षिणी आंतरिक इलाकों और तेलंगाना के कई क्षेत्रों में शीतलहर के कारण लोगों को ठंड का अनुभव अधिक होगा। उत्तरी-पूर्वी भारत उत्तरी-पूर्वी राज्यों में सुबह के समय घना कोहरा और ठंड का प्रभाव देखा जाएगा। मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा और नागालैंड में शीतलहर को लेकर चेतावनी जारी की गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले सात दिन कई राज्यों में सर्दी के चरम अनुभव के संकेत दे रहे हैं, इसलिए लोगों को गर्म कपड़े पहनने और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है।  

शीतलहर से आज भी नहीं मिलेगी पूरी राहत, इंदौर में ठंड रहेगी कायम

इंदौर शुक्रवार को प्रदेश में रात का सबसे कम चार डिग्री सेल्सियस तापमान शिवपुरी में दर्ज किया गया। शाजापुर, शिवपुरी में शीतलहर एवं इंदौर में तीव्र शीत लहर का प्रभाव रहा। 20 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम पर रहा। दिन का सबसे अधिक 30.8 डिग्री सेल्सियस तापमान नर्मदापुरम में दर्ज किया गया। सुबह के समय कोहरे के कारण सागर में दृश्यता 200 मीटर, नौगांव एवं जबलपुर में न्यूनतम दृश्यता 500 मीटर दर्ज की गई। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक अलग-अलग स्थानों पर बने दो पश्चिमी विक्षोभ के असर से न्यूनतम तापमान में कुछ गिरावट होने से ठंड से मामूली राहत मिल सकती है। शनिवार-रविवार को इंदौर, शाजापुर, राजगढ़ में शीतलहर का प्रभाव रह सकता है। ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, जबलपुर एवं शहडोल संभाग में कहीं-कहीं कोहरा छा सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ जम्मू एवं उसके आसपास के क्षेत्र में हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। एक नया पश्चिमी विक्षोभ दक्षिण-पश्चिम ईरान और उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में सक्रिय है। उत्तर भारत के ऊपर 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 185 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से जेट स्ट्रीम हवाएं चल रही हैं। अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय दो पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से रात के तापमान में कुछ बढ़ोतरी हो सकती है। इस वजह से ठंड से मामूली राहत मिल सकती है। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला के मुताबिक मौजूदा पश्चिमी विक्षोभ की तीव्रता कम है। इस वजह से अधिकतर शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री या उससे कम पर ही बना रहने की संभावना है।

उत्तर भारत में ठंड का कहर: हरियाणा-पंजाब और चंडीगढ़ कोहरे की चादर में लिपटे

चंडीगढ़ पंजाब एवं हरियाणा व चंडीगढ़ में कड़ाके की ठंड जारी है और दोनों राज्यों के कई इलाकों में शनिवार को घने कोहरे की चादर छाई रही। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को पंजाब में फरीदकोट सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। स्थानीय मौसम विभाग के मुताबिक, अमृतसर में न्यूनतम तापमान 9.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक है। लुधियाना और पटियाला में क्रमशः 9.6 और 9.2 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया जो सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक है। पठानकोट में न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि बठिंडा में यह 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गुरदासपुर का न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस रहा। पंजाब एवं हरियाणा की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान 11.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री अधिक है। पड़ोसी राज्य हरियाणा के जींद में न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अंबाला में न्यूनतम तापमान 11.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से चार डिग्री अधिक है जबकि हिसार में 6.2 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री कम है। करनाल में न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस और नारनौल में 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि रोहतक, भिवानी और सिरसा में क्रमशः 6.8, सात और सात डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा।

घना कोहरा और ठंड बढ़ने की चेतावनी, छत्तीसगढ़ के कई जिलों में सतर्कता

रायपुर छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड का सितम जारी है. राज्य के मध्य हिस्से में अगले दो दिन शीतलहर के हालात बनने और उत्तरी इलाके में सुबह के वक्त घना कोहरा रहने का अलर्ट मौसम विभाग द्वारा जारी किया गया है. वहीं अगले दो दिनों तक 6 जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा 7 जिलों में कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के अनुसार, सरगुजा संभाग के जिलों में कुछ स्थानों पर मध्यम से घना कोहरा छा सकता है. वहीं बिलासपुर संभाग के जिलों में भी एक-दो स्थानों पर कोहरे की स्थिति बनने की संभावना है. अगले दो दिनों तक तापमान में विशेष बदलाव के आसार नहीं हैं. इसके बाद 3 दिनों में 1-2 डिग्री सेल्सियस तापमान बढ़ सकता है. पिछले चौबीस घंटे में माना समेत कई इलाकों का तापमान एक बार फिर 10 डिग्री से नीचे जा चुका है. प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 30.0 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में दर्ज किया गया. वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया. 6 जिलों में शीतलहर का अलर्ट, 7 जिलों में छाए रहेगा कोहरा मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों के लिए रायपुर, खैरागढ़- छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, कबीरधाम और बेमेतरा जिलों के एक दो पैकेट में शीतलहर चलने की संभावना जताई है. इसी तरह 21 दिसंबर तक गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी- भरतपुर, सूरजपुर, सरगुजा, जशपुर और बलरामपुर जिलों में मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की संभावना जताई है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? राजधानी रायपुर में आज सुबह के वक्त कुहासा छाए रहने की संभावना जताई गई है. अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस के करीब रहने के आसार हैं.

झारखंड में क्रिसमस से न्यू ईयर तक कड़ाके की ठंड का अलर्ट, इतने डिग्री तक जाएगा पारा

रांची झारखंड में इस वक्त जबरदस्त ठंड देखने को मिल रही है। ठंड से लोगों का हाल बेहाल हो गया है। कहा जा रहा है कि अभी ठंड में और इजाफा होगा। मौसम विभाग के मुताबिक क्रिसमस से न्यू ईयर तक भीषण ठंड देखने को मिल सकती है। राज्य भर में क्रिसमस से न्यू ईयर तक प्रचंड ठंड मौसम विभाग के मुताबिक 19 से 25 दिसंबर के बीच न्यूनतम तापमान छह से 14 डिग्री तो 26 दिसंबर से एक जनवरी के दौरान सात से 14 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। ऐसे में राज्य भर में क्रिसमस से न्यू ईयर तक प्रचंड ठंड रह सकती है। क्रिसमस से न्यू ईयर तक ठंड में और इजाफा देखने को मिल सकता है। इसी बीच राहत की बात ये है कि इस दौरान स्कूली बच्चों की छुट्टियां पड़ जाएंगी जिससे उन्हें सुबह घने कोहरे में स्कूल जाना नहीं पड़ेगा। कहीं-कहीं शीतलहरी चलने की संभावना रांची मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक अभिषेक आनंद के मुताबिक, आज यानी शुक्रवार को राज्य के 10 जिलों गढ़वा, पलामू, हजारीबाग, चतरा, लातेहार, गिरिडीह, रांची, खूंटी और देवघर में घना कोहरा छाया रहेगा। इसके साथ ही कहीं-कहीं शीतलहरी चलने की संभावना है। इसके अलावा अन्य जिलों में भी सुबह के समय सामान्य कोहरा और कनकनी बढ़ने के साथ-साथ ठंडी हवा चलने की संभावना है। ठंड की वजह से घरों में दुबके लोग मौसम विभाग का कहना है अगले दो दिनों तक झारखंड में शीतलहर से लोगों को बचना है। राज्य की राजधानी रांची सहित अधिकांश जिलों का तापमान 10 डिग्री से नीचे चल रहा है। अधिकांश जिलों में कोहरे का व्यापक असर देखा जा रहा है तो वही शीतलहरी की दोहरी मार भी लोगों पर पड़ रह रही है। आलम यह है कि सुबह 7:00 बजे से पहले लोगों की सुबह की सैर पर निकलना भी मुश्किल हो गया है। वही शाम के बाद ग्रामीण इलाकों में पूरी तरीके से सड़क पर सन्नाटा देखा जा रहा है क्योंकि ठंड की वजह से लोग घर से निकलना नहीं चाह रहे है।  

मप्र में ठंड का कहर, कोहरे की वजह से विजिबिलिटी कम; ट्रेनों और उड़ानों का परिचालन प्रभावित

भोपाल  मध्य प्रदेश में इस हफ्ते का मौसम (MP Weather Update) बेहद ठंडा रहा है। मालवा-निमाड़, ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में न्यूनतम तापमान 4-5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। कोहरे और कोल्ड वेव के चलते ट्रेनों और फ्लाइट्स में देरी देखने को मिली। विशेषज्ञों का कहना है कि, इस बार की सर्दी को कोल्ड वेव और जेट स्ट्रीम, वेस्टर्न डिस्टरबेंस और ला नीना जैसी मौसमी परिस्थितियों ने बढ़ाया है।  घने कोहरे का सबसे ज्यादा असर रीवा में देखने को मिला, जहां 50 मीटर के बाद कुछ भी साफ नजर नहीं आया। दतिया और सागर में दृश्यता 200 से 500 मीटर, जबकि ग्वालियर, सतना, जबलपुर और नौगांव में 500 से 1 हजार मीटर के बीच रही। इंदौर, मंडला और खजुराहो में विजिबिलिटी 1 से 2 किलोमीटर दर्ज की गई। भोपाल, उज्जैन, राजगढ़, दमोह और उमरिया में 2 से 4 किलोमीटर तक दृश्यता रही। राजधानी भोपाल में सुबह से ही कोहरे का असर बना रहा। शहर के कई इलाकों में दृश्यता कम रही, जिससे लोगों को सर्द हवाओं के साथ ठंड का ज्यादा अहसास हुआ। इंदौर का पारा 4.1 डिग्री, शिवपुरी सबसे ठंडा गुरुवार-शुक्रवार की रात के न्यूनतम तापमान की बात करें तो इंदौर 4.1 डिग्री सेल्सियस के साथ बड़े शहरों में सबसे ठंडा रहा। वहीं प्रदेश में शिवपुरी सबसे ठंडा जिला रहा, जहां पारा 4 डिग्री तक गिर गया। राजगढ़ में 5 डिग्री, पचमढ़ी में 5.6, मलाजखंड में 6.8, रायसेन में 7.4 और मंडला में 7.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। मुख्य बिंदु:     सबसे ठंडा न्यूनतम तापमान: इंदौर 4.1°C और शिवपुरी 4.0°C।     सबसे गर्म अधिकतम तापमान: नर्मदापुरम 30°C।     सबसे ज्यादा गिरावट पिछले 24 घंटे में: ग्वालियर -3.6°C। कोहरा और ट्रैवल पर असर     ग्वालियर-चंबल, रीवा और सागर संभाग में घना कोहरा, दृश्यता सिर्फ 1-4 किलोमीटर।     दिल्ली से इंदौर और भोपाल आने वाली ज्यादातर ट्रेनों में 30 मिनट से 5 घंटे तक देरी।     भोपाल, इंदौर, ग्वालियर से उड़ानें भी कोहरे के कारण 20 मिनट से 1 घंटे लेट। सुरक्षित ट्रैवल टिप्स:     गाड़ी धीरे चलाएं और फॉग लाइट का इस्तेमाल करें।     जहां संभव हो, ट्रैफिक नियमों का पालन करें। स्वास्थ्य और कृषि पर असर स्वास्थ्य:     तेज ठंड में सिर, गर्दन और हाथ-पैर अच्छी तरह ढकें।     फ्लू, सर्दी और खांसी-जुकाम होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।     विटामिन C युक्त फल और सब्जियां खाएं। कृषि:     मिट्टी में पर्याप्त नमी होने पर गेहूं, चना, सरसों-मटर की बुआई करें।     बुआई पहले हो चुकी फसलों के लिए कृषि विशेषज्ञ से सलाह लें।     पुरानी फसल अवशेष (ठूंठ) जलाने से बचें। क्यों बढ़ रही ठंड? जेट स्ट्रीम: 12 किमी की ऊंचाई पर तेज हवाएं (195–222 किमी/घंटा) उत्तर भारत से ठंडी हवा ला रही हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस: दिसंबर में सक्रिय, मावठा और कोल्ड डे बढ़ाता है। ला नीना प्रभाव: प्रशांत महासागर ठंडा – ठंडी हवाएं भारत की ओर – मध्य प्रदेश में अधिक ठंड। उत्तर भारत में जल्दी हुई बर्फबारी ने मध्य भारत की ठंड 20-30% तक बढ़ा दी। इन सभी कारणों से इस बार सर्दी लंबी और तेज बनी हुई है। आने वाले दिनों का पूर्वानुमान दिसंबर और जनवरी में कई जिलों में कोल्ड वेव बनी रहेगी। सबसे ज्यादा ठंड वाले जिले: ग्वालियर-चंबल, उज्जैन, भोपाल संभाग (सीहोर-विदिशा), सागर और जबलपुर संभाग। अनुमानित अवधि: 20-22 दिन तक तेज ठंडी हवाएं। ट्रेनें 30 मिनट से लेकर 5 घंटे तक देरी से चल रही कोहरे के कारण दिल्ली से इंदौर और भोपाल आने वाली ज्यादातर ट्रेनें 30 मिनट से लेकर 5 घंटे तक देरी से चल रही हैं। गुरुवार को पंजाब मेल, शताब्दी, झेलम एक्सप्रेस, सचखंड, मालवा, छत्तीसगढ़, कोल्हापुर एसएफ और मंगला लक्षद्वीप एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों पर असर पड़ा। ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन स्टेशनों पर आने वाली ट्रेनें भी देर से पहुंचीं। शुक्रवार सुबह भी कोहरे के चलते कई ट्रेनें अपने समय से लेट रहीं। फ्लाइट्स पर भी असर भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट से दिल्ली, मुंबई, गोवा और बेंगलुरु जाने वाली फ्लाइट्स भी कोहरे से प्रभावित हुईं। गुरुवार को कई उड़ानें 20 मिनट से लेकर एक घंटे तक देरी से रवाना हुईं।

कोल्ड वेव की चेतावनी: MP में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच मौसम ने दिखाई सख्ती

भोपाल  मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के साथ एक बार फिर शीतलहर का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने बुधवार को प्रदेश के कई शहरों में कोल्ड वेव का अलर्ट जारी किया है। इंदौर, उज्जैन और देवास में घने कोहरे के साथ तेज ठंडी हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। कोहरे के कारण दृश्यता कम होने से सड़क यातायात के साथ-साथ हवाई और रेल यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वाहन चालकों को कोहरे के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इंदौर में ठंड का प्रचंड रूप इंदौर में ठंड ने तीखे तेवर दिखाए हैं और तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। बुधवार सुबह शहर का न्यूनतम तापमान 5 डिग्री के नीचे चला गया और 4.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सामान्य तापमान से 5.8 डिग्री कम है। इससे पहले मंगलवार को दिन का तापमान 26.6 डिग्री था, लेकिन रात भर चली तेज ठंडी हवाओं ने पारे को नीचे गिरा दिया। सुबह के वक्त शहर में घना कोहरा छाया रहा, हालांकि बाद में तेज धूप निकलने से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली। मौसम विभाग ने बुधवार को भोपाल, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, कटनी, जबलपुर, दमोह, सागर और विदिशा में घना कोहरा छाने का अलर्ट जारी किया है। वहीं, इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, मंडला, शिवपुरी, श्योपुर, नीमच, मंदसौर में भी कोहरा छाया रहा। कोहरा छाने के दौरान वाहनों को सावधानी से चलाने की समझाइश भी दी गई है। ट्रेन और हवाई सेवाओं पर असर घने कोहरे और कम दृश्यता की मार यातायात व्यवस्था पर पड़ी है। इंदौर आने-जाने वाली कई फ्लाइट्स निरस्त करनी पड़ी हैं और देशभर में कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं। उत्तर भारत, विशेषकर दिल्ली में खराब मौसम और घने कोहरे का सीधा असर मध्य प्रदेश के रेल यातायात पर पड़ा है। दिल्ली से भोपाल और इंदौर की ओर आने वाली ट्रेनें लगातार दूसरे दिन घंटों की देरी से पहुंचीं।  2 दिन में 35 से ज्यादा ट्रेनें लेट, रेलवे बोला- धीमी गति से चला रहे दिल्ली तरफ और उत्तर भारत में घने कोहरे और खराब मौसम का असर लगातार दूसरे दिन मंगलवार को भी रेल यातायात पर देखने मिला। दिल्ली की ओर से भोपाल आने वाली कई ट्रेनें घंटों की देरी से पहुंचीं। सबसे ज्यादा असर लंबी दूरी की ट्रेनों पर पड़ा, जिनमें कुछ ट्रेनें 6 से 7 घंटे तक लेट रहीं। इससे यात्रियों को स्टेशन पर लंबा इंतजार करना पड़ा। रेल अधिकारियों के अनुसार, कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम हो गई है। हालांकि, ट्रेनों में एंटी फॉग डिवाइस लगाए गए हैं, लेकिन उनका असर उतना कारगर नहीं हो पा रहा है, जितना अपेक्षित था। इसी वजह से ट्रेनों की गति कम रखनी पड़ रही है, जिससे देरी बढ़ रही है। भोपाल में पारा रिकॉर्ड 4.8 डिग्री, 10 साल में तीसरी सबसे सर्द रात मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार-मंगलवार की रात प्रदेश के कई शहरों में न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड लुढ़क गया। भोपाल में सीजन की सबसे सर्द रात रही। यहां तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। साल 2016 से अब तक 10 साल में यह तीसरी सबसे सर्द रात रही। पिछले साल 16 दिसंबर को पारा 3.3 डिग्री दर्ज किया गया था। भोपाल देश का 8वां और मप्र का दूसरा सबसे ठंडा शहर बन रहा। प्रदेश में शाजापुर में सबसे कम तापमान 4.4 डिग्री दर्ज किया गया। इंदौर में तापमान 5.4 डिग्री, ग्वालियर-जबलपुर में 9 डिग्री और उज्जैन में 9.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रीवा, सतना और सीधी में विजिबिलिटी 200 से 500 मीटर तक रही। शाजापुर सबसे ठंडा रहा। यहां तापमान 4.4 डिग्री पहुंच गया। मंदसौर में 4.6 डिग्री, शहडोल के कल्याणपुर, नौगांव-राजगढ़ में 5 डिग्री, पचमढ़ी में 5.2 डिग्री, रीवा में 5.5 डिग्री, रायसेन में 6.5 डिग्री, मलाजखंड में 7.1 डिग्री, उमरिया में 7.2 डिग्री, नरसिंहपुर-खजुराहो में 8 डिग्री, दमोह-मंडला में 8.2 डिग्री, दतिया में 8.3 डिग्री, बैतूल में 8.5 डिग्री, सतना में 8.7 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री, गुना में 9.5 डिग्री, छिंदवाड़ा, खरगोन और रतलाम में तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह कोहरा…इसलिए गाड़ी संभलकर चलाने की सलाह प्रदेश में कोहरा छा रहा है। ऐसे में एक्सपर्ट ने लोगों को सुरक्षित ड्राइविंग करने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने हेल्थ और फसलों को लेकर एडवाइजरी भी जारी की है।     ट्रैफिक – कोहरा होने पर गाड़ी चलाते समय या किसी ट्रांसपोर्ट के जरिए ट्रैवल करते समय सावधान रखें। ड्राइविंग धीरे करें और फॉग लाइट का इस्तेमाल करें।     हेल्थ- तेज ठंड होने पर शरीर की गर्माहट बनाए रखने के लिए सिर, गर्दन, हाथ-पैर की उंगलियों को अच्छे से ढंके। फ्लू, सर्दी, खांसी-जुकाम होने पर डॉक्टर को दिखाए। विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं।     कृषि– जहां मिट्‌टी में पर्याप्त नमी हो, वहां गेहूं, चना, सरसों-मटर की बुआई करें। जहां बुआई हो चुकी है, वहां जरूरत पड़ने पर कृषि वैज्ञानिकों से सलाह लें। पिछली फसलों के अवशेष यानी, ठूंठ को कभी न जलाएं। 17 दिसंबर से फिर नया सिस्टम, ठंड बढ़ेगी मौसम विभाग के अनुसार, नए नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) 17 दिसंबर की रात से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना है। जिसका असर एमपी में अगले दो-तीन दिन में दिखाई देने लगेगा। इसके पीछे ही एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस आ रहा है। इससे ठंड का असर और भी बढ़ेगा। जेट स्ट्रीम की रफ्तार 222 किमी प्रतिघंटा वर्तमान में जेट स्ट्रीम भी चल रही है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जेट स्ट्रीम का असर है। रविवार तक यह जमीन से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 176 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बह रही थी, लेकिन पिछले 2 दिन से यह 222 किमी प्रतिघंटा तक पहुंच गई है। इसका असर भी एमपी में देखने को मिल रहा है। क्या होती है जेट स्ट्रीम? मौसम एक्सपर्ट की माने तो प्रदेश में ठंड बढ़ने की वजह खास वजह जेट स्ट्रीम भी है। यह जमीन से लगभग 12 किमी ऊंचाई पर चलने वाली तेज हवा है। इस बार रफ्तार 222 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई है। यह देश के उत्तरी हिस्से में सक्रिय … Read more