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आने वाले दो दिन ठंड की मार, राजधानी में पारा गिरने की संभावना

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में आज शुक्रवार को शीत लहर के आसार हैं। मौसम विभाग ने इसके लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, आज आसमान साफ रहेगा और सुबह हल्की धुंध देखने को मिल सकती है। कुछ इलाकों में शीत लहर चलने की संभावना भी जताई गई है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट के संकेत हैं। हालांकि, फिलहाल शीत लहर का अलर्ट सिर्फ शुक्रवार के लिए ही प्रभावी रहेगा। मौसम विभाग ने आज के लिए तापमान और शीत लहर को लेकर विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में करीब 1-2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। इसके बाद, अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में लगभग 3-4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी की संभावना है। वहीं, अधिकतम तापमान अगले दो दिनों में 2-3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। कुल मिलाकर, न्यूनतम और अधिकतम दोनों तापमान सामान्य से नीचे बने रहेंगे। दिल्ली में गुरुवार को दिसंबर की अब तक की सबसे ठंडी सुबह दर्ज की गई। इस दौरान न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो इससे पहले 1 दिसंबर को दर्ज हुए 5.7 डिग्री से भी कम है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार के लिए शीतलहर का येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने अनुमान जताया है कि शुक्रवार को न्यूनतम तापमान गिरकर 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। IMD ने नागरिकों को सलाह दी है कि घर से बाहर निकलते समय सर्द हवाओं से बचाव करें और गर्म कपड़े पहनकर ही बाहर निकलें। गुरुवार को दर्ज न्यूनतम तापमान में 3.9 डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखी गई। वहीं, अधिकतम तापमान भी सामान्य से 2.2 डिग्री कम रहा और 23.1 डिग्री सेल्सियस पर दर्ज किया गया। IMD का कहना है कि शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 1–2 डिग्री और गिरकर करीब 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। अधिकतम तापमान 21 से 23 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। सुबह के समय सतही सर्द हवाओं की रफ्तार 5–10 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी, जो दोपहर तक बढ़कर 10–15 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तरी पंजाब में सक्रिय नया पश्चिमी विक्षोभ इस बदलाव की मुख्य वजह है और इसका असर दिल्ली में भी दिखाई देगा। गुरुवार सुबह राजधानी में हल्का कोहरा छाया रहा, लेकिन दोपहर में हवाएं तेज होने से आसमान साफ हुआ और धूप खिली रही। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को आसमान साफ रहेगा और सुबह हल्की धुंध छा सकती है। कुछ इलाकों में शीतलहर चलने की संभावना भी बनी हुई है। विभाग ने अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट के संकेत दिए हैं। हालांकि शीतलहर का अलर्ट केवल शुक्रवार के लिए ही प्रभावी है। शनिवार से बुधवार तक शीतलहर के लिए किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की गई है। दिल्ली-NCR का AQI बेहद खराब गुरुवार सुबह दिल्ली में दिन की शुरुआत धुंध और हल्के कोहरे के साथ हुई। आसमान में छाई धुंध की परत के कारण विजिबिलिटी कम रही। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (DPCC) के अनुसार, सुबह राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 304 रिकॉर्ड किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है और स्वास्थ्य के लिए खतरनाक स्थिति दर्शाता है। बुधवार की तुलना में AQI में 38 अंकों की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन इस मामूली सुधार से राहत नहीं मिल पाई। विशेषज्ञों का कहना है कि धुंध न केवल विजिबिलिटी प्रभावित करती है, बल्कि सांस संबंधी समस्याओं का खतरा भी बढ़ा देती है। ऐसे में लोगों को मास्क पहनकर बाहर निकलने और खुले में लंबे समय तक रुकने से बचने की सलाह दी जा रही है। गुरुवार सुबह AQI 299 के साथ हल्का सुधार दिखा था, लेकिन दोपहर तक वायु गुणवत्ता फिर बिगड़ गई। वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक दिल्ली की हवा ‘बेहद खराब’ श्रेणी में ही रहने की संभावना है। दिल्ली में वायु प्रदूषण से हालात खराब सीपीसीबी के ‘समीर’ ऐप के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के 40 निगरानी केंद्रों में से 27 केंद्रों पर पूरे दिन ‘बेहद खराब’ श्रेणी की वायु गुणवत्ता दर्ज की गई। इनमें नेहरू नगर सबसे प्रदूषित रहा, जहां AQI 362 तक पहुंच गया। पूरे हफ्ते के रुझान पर नजर डालें तो दिल्ली की वायु गुणवत्ता में लगातार उतार-चढ़ाव देखा गया। 30 नवंबर को AQI 279 था, जो 1 दिसंबर को बढ़कर 304 हो गया। 2 दिसंबर को यह स्तर 372 तक पहुंच गया, जो गंभीर श्रेणी की ओर बढ़ता संकेत था। इसके बाद हल्के सुधार के बावजूद गुरुवार की शाम फिर गिरावट देखी गई। 3 दिसंबर को AQI 342 दर्ज किया गया। वहीं, दिल्ली के वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, गुरुवार को दिल्ली के कुल प्रदूषण में परिवहन क्षेत्र का योगदान 13.7% रहा, जो स्थानीय प्रदूषण स्रोतों में सबसे अधिक है।

सर्दी ने बढ़ाई रफ्तार: शेखावाटी में यलो अलर्ट, फतेहपुर में ठंड की दस्तक

जयपुर राजस्थान में गुरुवार से कड़ाके की सर्दी का दौर तेज होने जा रहा है। उत्तर भारत से आने वाली बर्फीली हवाओं के कारण राज्य के उत्तर-पूर्वी जिलों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की जाएगी। हिमालय पर आज से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होता नजर आ रहा है। इसके प्रभाव से मैदानी इलाकों में अगले कुछ दिनों में सर्दी का प्रभाव तेजी से बढ़ेगा। शेखावाटी क्षेत्र में सुबह और शाम कपकपाने वाली ठंड पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने 4, 5 और 6 दिसंबर के लिए झुंझुनूं, चूरू और सीकर जिलों में कोल्ड वेव का यलो अलर्ट जारी किया है। सीकर में हल्की बारिश के बाद मंगलवार रात तापमान गिरकर 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। बढ़ती सर्द हवा ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। ग्रामीण इलाकों में रात के समय ओस जमने लगी है। गुरुवार सुबह कई जिलों में घना कोहरा छाया रहा। सीकर, नागौर और शेखावाटी के अन्य इलाकों में विजिबिलिटी प्रभावित हुई। सोमवार को सबसे कम तापमान लूणकरणसर (बीकानेर) में 4.7°C रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटों में प्रदेश के शेखावाटी क्षेत्र में ता पमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है। इस दौरान जबरदस्त शीतलहर का प्रभाव भी रहेगा। प्रदेश में सर्वाधिक न्यूनतम तापमान की बात करें तो सीकर के फतेहपुर में 3.2 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा। वहीं बीकानेर के लूणकरणसर में भी पारा 3.2 डिग्री रहा।  सीकर में बुधवार देर शाम हल्की बारिश हुई जिसके चलते वहां पारे में तेज गिरावट देखने को मिली। अन्य शहरों में न्यूनतम तापमान की बात करें तो  गंगानगर में 6.9°C, चूरू में 9°C, बीकानेर  9.3°C, अलवर  8°C  और जैसलमेर में 10°C रहा। वहीं दिन के अधिकतम तापमान में भी गिरावट देखने को मिली। इसमें सीकर में  24.5°C, पिलानी में 26.2°C जयपुर में 26.6°C व अलवर  26.5°C पारा दर्ज किया गया।

IMD अलर्ट: राजस्थान में मौसम पलटेगा, जयपुर-बीकानेर में शीतलहर के आसार

जयपुर राजस्थान में गुरुवार से शीतलहर की चेतावनी जारी कर दी गई है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटों में राजस्थान में सर्दी का प्रभाव तेजी से बढ़ने वाला है। हिमालय पर अगले 48 घंटों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से आने वाले एक सप्ताह में तेज सर्दी पड़ने का अनुमान  है। उत्तर भारत से आने वाली बर्फीली हवाओं के कारण राज्य के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में तापमान में भी गिरावट दर्ज होगी। मौसम विभाग ने शेखावाटी क्षेत्र में सुबह-शाम कड़ाके की सर्दी पड़ने की संभावना जताई है। गुरुवार से शेखावाटी के सीकर, चूरू और झुंझुनू में शीतलहर का अलर्ट भी जारी किया गया है। खास तौर पर सीकर के फतेहपुर में मौसम में जबरदस्त गलन महसूस की जा रही है।  बीते 24 घंटों में मौसम पूरी तरह साफ रहा, दिन में धूप निकली, लेकिन शाम ढलते ही ठंड तेजी से बढ़ी। बीकानेर के लूणकरणसर में न्यूनतम तापमान 4.7°C रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।फतेहपुर में 6.6°C, गंगानगर 6.9°C, चूरू 9°C, बीकानेर 9.3°C, अलवर 8°C और जैसलमेर में 10°C तापमान दर्ज हुआ। उधर सीकर और पिलानी में मंगलवार को हल्की बढ़ोतरी के साथ न्यूनतम तापमान क्रमशः 12°C और 10.4°C रेकॉर्ड किया गया। दिन में भी ठंडक बनी रही और कई शहरों में अधिकतम तापमान में गिरावट देखी गई। सीकर में 24.5°C, पिलानी में 26.2°C, जयपुर में 26.6°C और अलवर में 26.5°C अधिकतम तापमान दर्ज हुआ। वहीं राष्ट्रीय राजमार्गों की बात करें तो मौसम विभाग ने आज किसी भी राजमार्ग पर कोहरे की चेतावनी जारी नहीं की है। हालांकि जयपुर सीकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर शीतलहर चलने का अनुमान जारी किया गया है।

मौसम विभाग की चेतावनी: छत्तीसगढ़ में अगले 48 घंटे में ठंड बढ़ने की संभावना

रायपुर  छत्तीसगढ़ का मौसम लगातार करवट ले रहा हैं. फिल्हाल इसे प्रभावित करने वाला दितवाह तूफान का असर अवदाब के बाद कमजोर हो कर निम्न दबाव क्षेत्र में तबदील हो गया है. दो दिनों में तापमान में फिर से वृद्धि होने की संभावना है. पारा एक से तीन डिग्री तक लुढ़केगा. अभी सरगुजा समेत पूरे प्रदेश में न्यूनतम तापमान अपनी सामान्य स्थिति से नीचे नहीं है. अब राज्य में आने वाली हवा की दिशा में बदलाव होने की संभावना है. इससे रात के न्यूनतम तापमान में पुनः गिरावट का दौर शुरू होने के आसार हैं. अनुमान है कि गुरुवार की रात से पारा सामान्य से नीचे जाएगा, जिससे ठंड का बढ़ता प्रभाव महसूस होगा. पिछले 24 घंटे में राज्य में सबसे कम पारा 9.5 दुर्ग और सबसे अधिक 30.2 दुर्ग का दर्ज किया गया. अगले चौबीस घंटे में इसमें बदलाव आने की उम्मीद कम है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम रायपुर में सुबह कोहरा रहने के बाद आकाश मुख्यतः साफ़ रहने की संभावना है. अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है.

मध्य प्रदेश में रिकॉर्ड तोड़ सर्दी, मौसम विभाग ने शीतलहर और कोल्ड वेव अलर्ट जारी किया

भोपाल  मध्य प्रदेश में नवंबर महीने के लास्ट में शुरू हुए सर्दी का असर दिसंबर के महीने में भी देखने को मिल रहा है। यहां लगातार मौसम बदल रहा है। उत्तर से आने वाली बर्फीली हवाओं के चलते 2-3 डिग्री की गिरावट हो सकती है। बुधवार के दिन मौसम शुष्क रहेगा। इसके बाद न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट होगी। मौसम विभाग की मानें तो अगले 24 घंटे में मौसम साफ रहेगा। इसके चलते न्यूनतम तापमान में गिरावट हो सकती है। इसकी वजह है बंगाल की खाड़ी में बनने वाला चक्रवर्ती तूफान दितवाह है। यह तूफान उत्तर की ओर बढ़ सकता है। वहीं,एक अन्य साइक्लोनिक सर्कुलेशन पंजाब के आसपास सक्रिय है। इसके चलते अगले 24 घंटे में शीतलहर का दौर होगा। इसके साथ ही 5 दिसंबर से शीतलहर तेज हो सकती है। तापमान लगातार सामान्य से कम इन दिनों भी शहर में तापमान लगातार सामान्य से कम बने हुए हैं। सर्द हवा के कारण तेज सर्दी का अहसास हो रहा है। मंगलवार को भी भोपाल में न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री रहा, जबकि पचमढ़ी में 7.2 डिग्री दर्ज किया गया। इंदौर में 8.6 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश के चार महानगरों में भी भोपाल सबसे सर्द रहा। दो दिन सामान्य वरिष्ठ मौसम विज्ञानी एचएस पांडे का कहना है अभी दो दिन तापमान इसी तरह रहने की संभावना है। इस समय एक प्रतिचक्रवात मध्यभारत के ऊपर बना हुआ है, इसके कारण उत्तरी हवा में रूकावट हो रही है, हांलाकि पूर्वी और मध्यक्षेत्र तक हवा पहुंच रही है। इसलिए भोपाल में इस समय अन्य शहरों के मुकाबले ज्यादा सर्दी है। अगले दो दिनों में यह प्रतिचक्रवात कमजोर पडऩे की संभावना है। 5 दिसंबर के आसपास तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते आगे बर्फबारी होने की भी संभावना है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस करेगा प्रभावित वेस्टर्न डिस्टर्बेंस 5 दिसंबर के दिन से वेस्टर्न हिमालयी एरिया को प्रभावित करेगा। इसके चलते प्रदेश में दिन और रात के तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज होगी। इसके चलते नवंबर के आखिरी दिनों में मिली राहत ज्यादा समय तक नहीं रहेगी। दिसंबर में इस बार ठंड पिछले कई सालों से ज्यादा पड़ सकती है। देश के हिमालयी क्षेत्रों में जल्दी बर्फबारी के कारण मध्य प्रदेश में ठंडी हवाओं का असर बढ़ा है। वर्तमान स्थिति: 12 शहरों में पारा 10°C से नीचे पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पहले भी प्रदेश में कड़ाके की ठंड जारी है। सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात में प्रदेश के 12 शहरों में न्यूनतम तापमान 10°C से नीचे रहा। प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी 7.2°C के साथ सबसे ठंडा रहा। भोपाल और इंदौर में भी पारा 9°C  से नीचे दर्ज किया गया। मंगलवार को दिन के तापमान में भी गिरावट का सिलसिला जारी रहा और सुबह के समय कई स्थानों पर कोहरा छाया रहा। ग्वालियर में विजिबिलिटी 500 से 1,000 मीटर तक दर्ज की गई, जबकि भोपाल और दतिया में भी दृश्यता 1,000 मीटर तक रही। नवंबर में टूटा था रिकॉर्ड वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस साल नवंबर में सर्दी ने कई पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त किए हैं। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली, जो साल 1931 के बाद शीतलहर के सबसे ज्यादा दिन का रिकॉर्ड है। वहीं, 17 नवंबर की रात में पारा $5.2°C  तक पहुंच गया था, जो ओवरऑल रिकॉर्ड रहा। पिछले पांच सालों में दिसंबर में सबसे कम न्यूनतम तापमान -16 दिसंबर 2024 – 3.3  20 दिसंबर 2023 – 8.8 -8 दिसंबर 2022 – 8.6 -20 दिसंबर 2021 – 3.4 -20 दिसंबर 2020 – 6.7

मौसम विभाग अलर्ट: अगले पाँच दिनों तक कड़ाके की ठंड, पारा लुढ़कने की उम्मीद

पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने चेतावनी जारी की है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बिहार में ठंड का असर तेजी से बढ़ रहा है और आगामी चार से पांच दिनों में राज्य में न्यूनतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। विभाग के अनुसार, इस बार दिसंबर पिछले वर्ष की तुलना में अधिक ठंडा रहेगा और लोगों को कड़ाके की ठंड और कोल्ड वेव का सामना करना पड़ सकता है। उत्तर बिहार के जिलों में कोहरे की घनत्व बढ़ने की संभावना है। आने वाले दो दिनों में कुछ इलाकों में सुबह हल्के से मध्यम कोहरे की स्थिति बन सकती है, जिससे द्दश्यता कम हो सकती है। विभाग का कहना है कि अगले चार से पांच दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं देखा जाएगा। 48 घंटों में दो से चार डिग्री तक गिर सकता है तापमान हालांकि, न्यूनतम तापमान अगले 48 घंटों में दो से चार डिग्री तक गिर सकता है, जिसके बाद यह सामान्य स्तर पर लौट आएगा। सुबह और शाम की ठंड में बढ़ोतरी तय है। पिछले 24 घंटों में बिहार का मौसम पूरी तरह शुष्क रहा और किसी भी जिले में बारिश नहीं हुई। राज्य में अधिकतम तापमान 25 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा और सबसे अधिक 28 डिग्री सेल्सियस मोतिहारी में दर्ज किया गया। उसी प्रकार किशनगंज में न्यूनतम तापमान 11.8 से 17.7 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। कई जिलों में तापमान सामान्य रहा। वहीं पूर्णिया में घने धुंध के कारण न्यूनतम द्दश्यता 500 मीटर दर्ज की गई। 

दिसंबर की दस्तक के साथ झारखंड में ठंड तेज, तीन दिन बाद चलेगी शीतलहर

रांची झारखंड में दिसंबर की शुरुआत होते ही कड़ाके की ठंड ने लोगों की रफ्तार पकड़ ली है। रांची, पलामू, लोहरदगा, खूंटी और लातेहार जैसे जिलों में बर्फीली हवाएं हड्डियां जमा रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आज न्यूनतम तापमान 10-13 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जबकि अधिकतम 24-27 डिग्री तक पहुंचा। इन इलाकों में ठंड का असर सबसे ज्यादा पड़ा जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां में न्यूनतम पारा 16 डिग्री तक दर्ज हुआ, लेकिन ठंडी हवाओं ने सुबह-शाम कंपकंपी बढ़ा दी। रांची के मैक्लुस्कीगंज और कांके में पारा 5 डिग्री तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से रातें और ज्यादा ठंडी होंगी। पिछले 24 घंटे में चाईबासा का अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री रहा, जबकि गुमला का न्यूनतम तापमान 8.3 डिग्री दर्ज किया गया। दिन में हल्की गर्माहट महसूस हुई, लेकिन हवा की ठंडक ने स्वेटर पहनना लोगों की मजबूर कर दिया है। रांची, कोडरमा, गढ़वा, लातेहार, गुमला और पलामू में न्यूनतम तापमान 10-11 डिग्री पर अटका रहा, जिससे इन इलाकों में ठंड का असर सबसे ज्यादा पड़ा। हिमालयी प्रभाव से राज्य में शुष्क मौसम बना हुआ है, कोई बारिश की संभावना नहीं। सुबह-शाम गर्म कपड़े, ग्लव्स और मफलर पहनें मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 4 और 5 दिसंबर को कई जिलों में शीतलहर जैसी स्थिति बन सकती है। जिन जगहों पर पारा 4 से 5 डिग्री तक पहुंचेगा, वहां पाला पड़ने की आशंका भी है। सुबह घना कोहरा और धुंध छाएगी, द्दश्यता बेहद कम हो जाएगी। न्यूनतम तापमान 4-8 डिग्री तक गिर सकता है, तेज बर्फीली हवाएं चलेंगी। रांची सहित कई जिलों में अगले चार दिनों तक ठंड और कोहरे का दौर रहेगा। किसानों को फसलों को पाला और ठंड से बचाने की सलाह दी गई है। विभाग ने कहा कि मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन ठंड बढ़ने से नुकसान हो सकता है। आम लोगों से अपील है कि सुबह-शाम गर्म कपड़े, ग्लव्स और मफलर पहनें। वाहन चालकों को कोहरे में सावधानी बरतने को कहा गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सर्दी-जुकाम से बचाव के लिए गर्म भोजन करने की आवश्यकता बताया है।  

बिहार में चक्रवात का प्रभाव: तापमान गिरा, कोहरे से जनजीवन प्रभावित

पटना दित्वाह चक्रवात का असर आज से बिहार में दिखने लगा है। सोमवार की सुबह राज्य के ज्यादातर हिस्सों में धूप नदारद रही। पटना, पूर्णिया, बेतिया, बेगूसराय, मोतिहारी, गोपालगंज समेत कई जिलों में देर रात से कोहरा छाया रहा। पछुआ हवा चलने के कारण सुबह और रात में ठंड अचानक बढ़ गई। मौसम विभाग ने लोगों से सावधान रहने की अपील की है। विभाग का कहना है कि चक्रवाती प्रणाली की वजह से अगले कुछ दिनों में राज्य के अधिकतर हिस्सों में ठंड और तेज़ी से बढ़ेगी। बताया गया है कि 5 दिसंबर के बाद न्यूनतम तापमान गिरावट के साथ 10 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है, जिससे ठंड का असर और व्यापक होगा। बिहार में पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम पूरी तरह शुष्क रहा और राज्य के किसी भी हिस्से में बारिश दर्ज नहीं की गई। अधिकतम तापमान 26.0 डिग्री सेल्सियस से 29.5 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जिसमें अररिया में 29.4 डिग्री सेल्सियस का सर्वाधिक तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान 12.6 डिग्री सेल्सियस से 20.5 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा और किशनगंज में सबसे कम 12.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पूर्णिया में 500 मीटर की न्यूनतम दृश्यता के साथ सुबह के समय हल्का कोहरा छाया रहा, जबकि तापमान में कोई खास उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के ऊपर बहने वाली हवाओं की दिशा और दबाव में बदलाव फिलहाल दो सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों के कारण है। उत्तरी पंजाब और आसपास ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जिसका असर उत्तरी हरियाणा तक पहुंच रहा है। इसके साथ ही 5.8 किमी ऊंचाई पर मौजूद द्रोणिका के रूप में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ 20 डिग्री उत्तरी अक्षांश के उत्तर में 61 डिग्री पूर्वीदेशांतर की ओर बढ़ रहा है। इन दोनों प्रणालियों की वजह से पछुआ हवा लगातार बिहार में प्रवेश कर रही है, जिससे ठंड का प्रभाव धीरे-धीरे बढ़ने लगा है।   मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक सुबह के समय हल्के से मध्यम कोहरे की संभावना जताई है और वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। आगामी 4 से 5 दिनों में अधिकतम तापमान में किसी खास परिवर्तन की उम्मीद नहीं है, जबकि न्यूनतम तापमान अगले 48 घंटों तक स्थिर रहेगा। इसके बाद राज्य के अधिकांश हिस्सों में रात का पारा नीचे जाने के आसार हैं, जिससे ठंड और बढ़ेगी।  

MP में तापमान गिरावट जारी, दिसंबर में 5 डिग्री से नीचे; नवंबर में टूटे 84 साल पुराने रिकॉर्ड की छाया

भोपाल  इस बार मध्य प्रदेश में नवंबर माह के भीतर ही कड़ाके की ठंड के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। विभाग की मानें तो नवंबर की विदाई तेज सर्दी के साथ हुई है, जिसने राजधानी भोपाल में बीते 84 साल का रिकॉर्ड तोड़ा है। हालांकि, ये तो सिर्फ ठंड की शुरुआत है। आज से शुरु हुए दिसंबर महीने में और कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि, इस बार नवंबर से ज्यादा ठंड दिसंबर में पड़ने की अधिक संभावना है। इसका कारण ये है कि, इस बार शहर में उत्तरी के साथ-साथ राजस्थान की ओर से पश्चिमी हवा का प्रभाव भी बना हुआ है, जिससे अधिक रफ्तार से सर्द हवा एमपी में एंटर हो रही है। ऐसे में दिसंबर में भी तेज सर्दी का दौर दिखाई दे सकता है। पहले सप्ताह में सर्दी का असर मिलाजुला रहेगा, लेकिन दूसरे सप्ताह से तेज ठंड का दौर शुरु होगा। बता दें कि प्रदेश में 20 दिसंबर से कड़ाके की ठंड का दौर आता है, जो जनवरी तक बना रहता है। पिछले 10 साल में ऐसा ही ट्रेंड रहा है। इस बार भी कड़ाके की ठंड और कोल्ड वेव का असर रहेगा। सबसे ज्यादा सर्दी उज्जैन, ग्वालियर-चंबल संभाग में रहेगी। वजह यहां बर्फीली हवाओं का सीधे आना है। नवंबर में सर्दी ने ऐसे तोड़ा रिकॉर्ड नवंबर में सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली। रिकॉर्ड के अनुसार, साल 1931 के बाद शीतलहर के यह सबसे ज्यादा दिन है। दूसरी ओर, 17 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी रहा। इससे पहले 30 नवंबर 1941 में तापमान 6.1 डिग्री रहा था। इंदौर में भी पारा 6.4 डिग्री ही रहा। यहां भी सीजन की सबसे सर्द रात रही। 25 साल में पहली बार पारा इतना लुढ़का। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन बताती हैं, इस बार उत्तरी राज्यों में नवंबर के पहले ही सप्ताह में बर्फबारी होने लगी। इस वजह से ठंडी हवाएं प्रदेश में पहुंची। आखिरी सप्ताह में हवा की दिशा बदल गई। जिससे ठंड का असर कम रहा है। दूसरे हफ्ते से बढ़ेगी ठंड मौसम विशेषज्ञ ए.के शुक्ला का कहना है कि, इस बार भोपाल में कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। इसी तरह का ट्रेंड दिसंबर में भी रहने के आसार है। इसका कारण ये है कि, अबतक जो हवा आ रही है, वह उत्तर और पश्चिम से आ रही है। सर्द हवा को राजस्थान की ओर से भी गति मिल रही है, जो मध्य क्षेत्र तक बनी है। साथ ही, इस बार लानीना का भी प्रभाव है। इसके कारण भोपाल में अपेक्षाकृत नवंबर में ज्यादा सर्दी रही है और रिकांर्ड टूटा है। इसी तरह का ट्रेंड दिसंबर में भी रहने की उम्मीद है। ठंड के लिए दिसंबर-जनवरी खास मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से दिसंबर में मावठा भी गिरता है। इससे दिन में भी सर्दी का असर बढ़ जाता है। अब जानिए दिसंबर में कैसा रहेगी ठंड? मौसम का ट्रेंड देखें तो दिसंबर में स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आते हैं। वहीं, उत्तरी हवाएं आने से दिन-रात के तापमान में गिरावट होती है। इस बार भी यही अनुमान है। इन जिलों में सबसे ज्यादा सर्दी रहेगी     ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग के सभी जिलों में कड़ाके की ठंड पड़ेगी। यहां बर्फीली हवाएं सीधे आएंगी।     भोपाल संभाग के सीहोर-विदिशा में ठंड का जोर रहेगा।     सागर संभाग के निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़-पन्ना, रीवा संभाग के मऊगंज, सीधी-सिंगरौली में तेज ठंड पड़ेगी।     जबलपुर संभाग के मंडला-डिंडौरी, इंदौर संभाग के इंदौर, धार और झाबुआ में कड़ाके की ठंड रहेगी। 20-22 दिन चल सकती है कोल्ड वेव मौसम एक्सपर्ट की माने तो दिसंबर में प्रदेश के कई शहरों में कोल्ड वेव यानी सर्द हवाएं चलेंगी। जनवरी में यह 20 से 22 दिन तक चल सकती है।

शीत लहर का असर: जमशेदपुर के सभी ICSE और CBSE स्कूलों का समय बदला, सोमवार से होगा लागू

रांची झारखंड में भीषण ठंड ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। राज्य के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। भीषण ठंड में स्कूली बच्चों को सुबह-सुबह स्कूल जाना पड़ रहा है। वहीं, इसके चलते जमशेदपुर के आईसीएसई और सीबीएसई स्कूलों ने सोमवार से अपने स्कूल समय में बदलाव किया है। सुबह के समय पड़ने वाली शीतलहर को देखते हुए लिया फैसला आईसीएसई बोर्ड से संबद्ध स्कूलों ने अपने समय में आधे घंटे का बदलाव किया है। पहले जहां बच्चों का स्कूल में प्रवेश समय सुबह 7:30 बजे था, वहीं अब इसे बढ़ाकर 8 बजे कर दिया गया है। वहीं सीबीएसई स्कूलों ने समय में एक घंटे का बदलाव किया है। पहले ये स्कूल सुबह 7 बजे खुलते थे, लेकिन अब इन्हें 8 बजे से खोलने का निर्णय लिया गया है। स्कूल प्रशासन का यह कदम छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उठाया गया एक महत्वपूर्ण निर्णय है। इसके अलावा लगातार बढ़ती ठंड और सुबह के समय पड़ने वाली शीतलहर को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। गुमला का तापमान पहुंचा 7.7°C मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों में भी रात के तापमान में कोई खास बढ़ोतरी नहीं होगी। 29 नवंबर से 2 दिसंबर के बीच न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री तक की और गिरावट देखने मिल सकती है, जिससे ठंड बढ़ने की उम्मीद है। वहीं, झारखंड के गुमला जिले की अगर हम बात करें, तो पिछले 24 घंटे में सबसे कम न्यूनतम तापमान यहां 7.7 डिग्री दर्ज किया गया है। वहीं, सबसे अधिकतम तापमान गोड्डा में 31.1 डिग्री दर्ज किया गया है।