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सर्दी का कहर: कश्मीर-बर्फ, कानपुर-स्कूल टाइमिंग बदली, दिल्ली में स्मॉग के बीच एयरपोर्ट पर चेतावनी

 नई दिल्ली उत्तर भारत के कई हिस्सों में घने कोहरे और ठंडी हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है. दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में कोहरे की मोटी चादर ने विजिबिलिटी कम कर दी है, जिससे हवाई, सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ है. कानपुर में शीतलहर के कारण स्कूलों की टाइमिंग बदली गई है. कश्मीर घाटी में पहली बर्फबारी के बाद गुलमर्ग जाने वाले वाहनों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की गई है. हिमाचल प्रदेश के शिमला, मनाली, कुफरी और नारकंडा में ठंड बढ़ी है और येलो अलर्ट जारी किया गया है. इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (दिल्ली) ने सुबह 8 बजे यात्री सलाह (पैसेंजर एडवाइजरी) जारी की है. एयरपोर्ट प्रबंधन ने बताया कि रनवे पर घने जहरीले स्मॉग की मोटी परत छाई हुई है, जिससे विजिबिलिटी लो हो गई है. हालांकि, सभी फ्लाइट ऑपरेशंस सामान्य रूप से चल रहे हैं. साथ ही लो विजिबिलिटी की ध्यान में रखते हुए दिल्ली एयरपोर्ट ने एडवाइजरी जारी कर यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी संबंधित एयरलाइंस से नए फ्लाइट अपडेट की जानकारी देख लें, क्योंकि कोहरे के कारण कई उड़ानों में देरी की आशंका बनी हुई है. कानपुर में बदली स्कूलों की टाइमिंग वहीं, यूपी के कानपुर में कोहरे का स्तर एक बार फिर बढ़ गया है. शीतलहर के बीच विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम हो गई है. जीटी रोड पर वाहन ब्लिंकर जलाकर धीमी गति से चल रहे हैं. आज तक और इंडिया टुडे की टीम ने ग्राउंड रिपोर्ट में दिखाया कि कोहरा इतना घना है कि सामने कुछ दिखाई नहीं दे रहा. शहर का AQI स्तर 400 तक पहुंच गया है जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है. कोहरे और ठंड को देखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है- अब स्कूल सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक चलेंगे. गुलमर्ग जाने वाले वाहनों के लिए एडवाइजरी कश्मीर में कल हुई बर्फबारी के बाद मौसम और विजिबिलिटी में सुधार हुआ है. द्रास, सोनमर्ग, गुलमर्ग, पहलगाम और गुरेज में अच्छी बर्फबारी हुई है. लेकिन उम्मीद के मुताबिक बर्फबारी नहीं हुई है. मौसम की पहली भारी बर्फबारी देखने के लिए लोग गुलमर्ग की ओर उमड़ पड़े, जिससे फिसलन भरी सड़कों के कारण दर्जनों वाहन फंस गए. इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने बचाव कार्य के लिए सख्त निर्देश दिए हैं. अधिकारियों ने कहा कि गुलमर्ग की और केवल 4×4 वाहन और चेन लगे टायर वाले वाहनों को ही जाने की  अनुमति दी जाएगी. शिमला-मनाली में छाए बादल उधर, हिमाचल प्रदेश में दिसंबर के तीसरे हफ्ते में मौसम ने करवट बदली है. शिमला, मनाली, कुफरी और नारकंडा जैसे हिल स्टेशनों में बादल छाए रहने से ठंड का प्रकोप बढ़ गया है. शिमला में अधिकतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 5 डिग्री अधिक है. मनाली में 6.7, कुफरी में 8.6 और कल्पा में 3.4 डिग्री तापमान रहा. जनजातीय इलाकों में न्यूनतम तापमान माइनस तक पहुंच गया है. राज्य की ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी हुई, लेकिन पर्यटन स्थलों तक बर्फ नहीं पहुंची. निचले जिलों जैसे बिलासपुर, ऊना और मंडी में घने कोहरे ने सड़क यातायात को प्रभावित किया. येलो अलर्ट जारी मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है और अगले कुछ दिनों तक सुबह-शाम घना कोहरा रहने की चेतावनी दी है. आज कुछ हिस्सों में बारिश या बर्फबारी हो सकती है, लेकिन 22 से 27 दिसंबर तक मौसम शुष्क रहेगा. सबसे बड़ी खबर ये है कि 25 दिसंबर को क्रिसमस के दिन शिमला, मनाली और कुफरी में 'व्हाइट क्रिसमस' नहीं होगा- सीजन की पहली बर्फबारी का इंतजार अभी बना हुआ है.

ठिठुरता झारखंड! रांची सहित इन इलाकों में अगले 4 दिन छाया रहेगा घना कोहरा, मौसम विभाग की चेतावनी

रांची झारखंड के कुछ हिस्सों में अगले चार दिनों तक घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिससे दृश्यता बुरी तरह प्रभावित होगी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने  इसकी जानकारी दी। इन जिलों में घने कोहरे की संभावना मौसम विभाग के अनुसार, पलामू, देवघर, रांची, रामगढ़, हजारीबाग, बोकारो और धनबाद में घने कोहरे का अलर्ट हैं। इसमें कहा गया है कि इन जिलों में सुबह के समय दृश्यता में काफी कमी आ सकती है और यह 50 से 200 मीटर के बीच रहेगी। रांची मौसम विज्ञान केंद्र के उप निदेशक अभिषेक आनंद ने बताया, "झारखंड के निचले क्षोभमंडल में हल्की दक्षिण-पूर्वी से पूर्वी हवाएं चल रही हैं। उत्तरी और कुछ मध्य जिलों के अधिकांश हिस्सों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। यह स्थिति 23 दिसंबर तक बनी रहेगी।" उन्होंने कम दृश्यता के कारण सुबह-सुबह यात्रा के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी।  अगले पांच दिनों में न्यूनतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव होने की संभावना नहीं है। 

पंजाब में दृश्यता सिर्फ 30 मीटर, घने कोहरे के बीच सड़क हादसे; आज घर से निकलते समय सतर्क रहें

पटियाला  पंजाब में घने कोहरे की चादर छाई हुई है। इससे ठंड का कहर बढ़ा है और साथ ही दृश्यता भी प्रभावित रही। पटियाला में गुरुवार को दृश्यता मात्र 30 मीटर और अमृतसर व लुधियाना में 50-50 मीटर दर्ज की गई। पंजाब में दिन के तापमान में 2.1 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। इससे लुधियाना व पटियाला का पारा सामान्य के नीचे दर्ज किया गया। सबसे अधिक 26.8 डिग्री का पारा बठिंडा का दर्ज किया गया।   घने कोहरे की वजह से शुक्रवार सुबह जालंधर-चंडीगढ़ रोड पर बलाचौर में घने कोहरे के कारण नेशनल हाईवे पर खड़े ट्रक से एम्बुलेंस की टक्कर हो गई। इस भीषण हादसे में एम्बुलेंस बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। मिली जानकारी के अनुसार एम्बुलेंस ड्राइवर मरीज को लेकर जा रहा था, इस दौरान यह हादसा हो गया। जिसके बाद घटनास्थल पर दूसरी एम्बुलेंस को बुलाकर मरीज को उसमें शिफ्ट किया गया और उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया। घटना की सूचना मिलते ही सड़क सुरक्षा फोर्स की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई, जहां राहगीरों की मदद से एम्बुलेंस को सड़क से किनारे करवाया गया। पुलिस ने बताया कि घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी काफी कम हो गई है, जिसके कारण यह हादसा हुआ है। अमृतसर के अजनाला में धुंध की वजह से सिविल अस्पताल के पास एक स्कूल वैन और ऑल्टो कार में टक्कर हो गई। कार वाला बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए जा रहा था। इससे कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इससे कार में बैठे बच्चे बाल-बाल बच गए। हादसे के बाद स्कूल वैन चालक धुंध का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने दोनों हादसाग्रस्त गाड़ियों को कब्जे में लेकर थाने भेज दिया। कार मालिक ने आरोप लगाया कि स्कूल वैन का ड्राइवर शराब के नशे में था। उन्होंने स्कूलों में तत्काल छुट्टियां घोषित करने की मांग की। हालांकि सरकार 21 से 31 दिसंबर तक छुटिट्यों की घोषणा कर चुकी है। मोगा में फिरोजपुर मेन रोड पर सरकारी गैस्ट हाउस के सामने कॉलेज बस ने पैदल जाते व्यक्ति को कुचल दिया। बस मोगा से फिरोजपुर साइड जा रही थी जबकि व्यक्ति साइड पर चल रहा था। धुंध की वजह से बस ड्राइवर को वह नजर नहीं आया। बस के कुचलने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उसे इलाज के लिए तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। धुंध की वजह से चंडीगढ़ एयरपोर्ट से आने-जाने वाली 5 फ्लाइटें डिले हो गई हैं। इनमें मुंबई, दिल्ली, कोलकाता और बेंगलुरु जाने वाली फ्लाइटें शामिल हैं। वहीं जालंधर में देर रात घने कोहरे की वजह से कार अधूरे पुल के लिए खोदे गड्‌ढे में गिर गई। जिससे कार पूरी तरह से टूट गई। ड्राइवर को भी चोटें लगी हैं। पुलिस के मुताबिक यहां पुल के निर्माण के लिए गड्ढे खोदे गए हैं लेकिन रेडियम टेप नहीं लगाई गई है। कार हिमाचल नंबर है और जालंधर कैंट जा रही थी। चंडीगढ़ में बढ़ते प्रदूषण को लेकर मानवाधिकार आयोग ने सुओ मोटो लिया है। आयोग ने बढ़ते AQI पर प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है। मौसम विभाग ने कल के लिए भी घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। परसों (20 दिसंबर) से 3 दिन बारिश की संभावना है। कल नवांशहर राज्य का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां मिनिमम टेंपरेचर 6.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। घने कोहरे का अलर्ट जारी मौसम विभाग ने आज और कल बेहद घने कोहरे की चेतावनी दी है। विभाग के मुताबिक शनिवार से हल्की बरसात हो सकती है, जिससे आने वाले दिनों में पारा गिरेगा और ठंड का कहर बढ़ेगा। हालांकि पंजाब के न्यूनतम तापमान में 0.3 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। यह सामान्य से 3.5 डिग्री ऊपर बना हुआ है। सबसे कम 6.9 डिग्री का न्यूनतम पारा एसबीएस नगर का दर्ज किया गया। अमृतसर का न्यूनतम पारा 9.1 डिग्री, लुधियाना का 9.8 डिग्री, पटियाला का 10.4 डिग्री, पठानकोट का 10.0 डिग्री, बठिंडा का 8.6 डिग्री व फरीदकोट का 7.0 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं अमृतसर का अधिकतम तापमान 22.8 डिग्री, लुधियाना का 16.8 डिग्री (सामान्य से 4.2 डिग्री नीचे ), पटियाला का 19.2 डिग्री (सामान्य से 0.6 डिग्री नीचे), पठानकोट का 20.8 डिग्री, बठिंडा का 24.0 डिग्री, गुरदासपुर का 21.0 डिग्री, एसबीएस नगर का 20.2 डिग्री दर्ज किया गया। दुबई की उड़ान पांच घंटे लेट, शिमला व कोलकाता की उड़ान रद्द कोहरे के कारण अमृतसर के श्री गुरु रामदास एयरपोर्ट पर एयर इंडिया एक्सप्रेस की दुबई उड़ान 5 घंटे की देरी से उतरी जिसमें यह उड़ान सुबह 1:00 बजे की बजाय 5:55 पर आई। इसी तरह से स्पाइसजेट की सुबह 7:50 वाली दुबई उड़ान 11.34 पर आई। वहीं 9.45 बजे आने वाली शिमला उड़ान, इंडिगो की दोपहर 12.25 बजे वाली कोलकाता उड़ान रद्द रही। इसकी वजह से जाने वाली उड़ानें भी प्रभावित हुईं। 

भोपाल-इंदौर-ग्वालियर में ठंड की मार, ट्रेनें और सड़क यातायात कोहरे से लेट

भोपाल   मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड का कहर जारी है। उत्तर से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक शीतलहर से राहत नहीं मिलने की चेतावनी दी है। साथ ही कई जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे विजिबिलिटी मात्र 200 मीटर तक रहने की संभावना है। दिल्ली से मध्यप्रदेश आने वाली ट्रेनें कोहरे की वजह से 30 मिनट से 8 घंटे तक लेट चल रही हैं। गुरुवार को पंजाब मेल, शताब्दी, झेलम, सचखंड, मालवा, छत्तीसगढ़, कोल्हापुर एसएफ, मंगला लक्षद्वीप समेत कई ट्रेनें अपने तय समय से देरी से चल रही हैं। दूसरी ओर आज सुबह भोपाल, ग्वालियर-उज्जैन समेत 12 जिलों में कोहरा छाया रहा। रीवा और सागर में विजिबिलिटी 1 से 2 किलोमीटर दर्ज की गई। भोपाल, गुना, ग्वालियर, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, उज्जैन खजुराहो, मंडला में विजिबिलिटी 2 से 4 किमी तक रही। उत्तरी हिस्से के अन्य जिलों में भी कोहरे का असर देखा गया। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार-गुरुवार की रात में कई शहरों में पारे में गिरावट का दौर जारी रहा। इंदौर प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 5.4 डिग्री, इंदौर में 4.5 डिग्री, ग्वालियर में 9.3 डिग्री, उज्जैन में 7.3 डिग्री और जबलपुर में पारा 9.2 डिग्री रहा। अन्य प्रमुख शहरों का तापमान इस प्रकार रहा      ग्वालियर: 9.8 डिग्री     उज्जैन: 8.0 डिग्री     दमोह: 8.5 डिग्री     जबलपुर: 8.6 डिग्री     खजुराहो: 8.2 डिग्री     मंडला: 8.5 डिग्री     नरसिंहपुर: 8.6 डिग्री     रीवा: 7.3 डिग्री     सतना: 8.4 डिग्री मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर भारत की पहाड़ियों पर बर्फबारी से ठंडी हवाएं एमपी पहुंच रही हैं, जिससे शीतलहर का प्रभाव बढ़ गया है। घने कोहरे के कारण सड़क, रेल और हवाई यातायात पर असर पड़ सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटों में तापमान में और गिरावट आ सकती है।  शाजापुर में 50 मीटर बाद कुछ नहीं दिखा, भोपाल-ग्वालियर में भी कोहरा इससे पहले बुधवार सुबह भोपाल, ग्वालियर समेत 22 जिलों में कोहरा छाया रहा। कोहरे की वजह से ट्रेनें-फ्लाइट भी डिले हुई। भोपाल, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, कटनी, जबलपुर, दमोह, सागर और विदिशा में घना कोहरा छाया रहा। ग्वालियर, नर्मदापुरम, उज्जैन, मंडला, रीवा, सतना में 1 से 2 किलोमीटर तक विजिबिलिटी रही। वहीं, भोपाल, जबलपुर, खजुराहो, नौगांव, मलाजखंड, दतिया, गुना, इंदौर, रतलाम में 2 किमी के बाद कुछ भी नहीं दिखाई दे रहा था। कोहरा छाने के दौरान वाहनों को सावधानी से चलाने की समझाइश भी दी गई। शाजापुर में इतना कोहरा था कि 50 मीटर के बाद कुछ भी नहीं दिख रहा था।   मंदसौर-शाजापुर सबसे ठंडे, पारा 4 डिग्री से नीचे मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार-बुधवार की रात प्रदेश के कई शहरों में पारे में खासी गिरावट देखी गई। 5 बड़े शहरों की माने तो इंदौर में सबसे कम 4.9 डिग्री रहा। भोपाल में 5.1 डिग्री, ग्वालियर में 9.8 डिग्री, उज्जैन में 8 डिग्री और जबलपुर में 8.6 डिग्री रहा। मंदसौर प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा। यहां न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री पहुंच गया। शाजापुर में पारा 3.8 डिग्री रहा। वहीं, राजगढ़ में 4.4 डिग्री, पचमढ़ी-नौगांव में 5.4 डिग्री, उमरिया-मलाजखंड में 5.6 डिग्री, रायसेन में 6.6 डिग्री, छिंदवाड़ा में 6.8 डिग्री, रीवा में 7 डिग्री, मंडला में 8.1 डिग्री, खंडवा-सतना में 8.4 डिग्री, दमोह-बैतूल में 8.5 डिग्री, नरसिंहपुर में 8.6 डिग्री, खजुराहो, रतलाम-गुना में 9.6 डिग्री और दतिया में 9.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह कोहरा…इसलिए गाड़ी संभलकर चलाने की सलाह प्रदेश में कोहरा छा रहा है। ऐसे में एक्सपर्ट ने लोगों को सुरक्षित ड्राइविंग करने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने हेल्थ और फसलों को लेकर एडवाइजरी भी जारी की है।     ट्रैफिक – कोहरा होने पर गाड़ी चलाते समय या किसी ट्रांसपोर्ट के जरिए ट्रैवल करते समय सावधान रखें। ड्राइविंग धीरे करें और फॉग लाइट का इस्तेमाल करें।     हेल्थ– तेज ठंड होने पर शरीर की गर्माहट बनाए रखने के लिए सिर, गर्दन, हाथ-पैर की उंगलियों को अच्छे से ढंके। फ्लू, सर्दी, खांसी-जुकाम होने पर डॉक्टर को दिखाए। विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं।     कृषि- जहां मिट्‌टी में पर्याप्त नमी हो, वहां गेहूं, चना, सरसों-मटर की बुआई करें। जहां बुआई हो चुकी है, वहां जरूरत पड़ने पर कृषि वैज्ञानिकों से सलाह लें। पिछली फसलों के अवशेष यानी, ठूंठ को कभी न जलाएं। 19 दिसंबर से फिर नया सिस्टम, ठंड बढ़ेगी मौसम विभाग के अनुसार, नए नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) 19 दिसंबर से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना है। जिसका असर एमपी में अगले दो-तीन दिन में दिखाई देने लगेगा। इसके पीछे ही एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस आ रहा है। इससे ठंड का असर और भी बढ़ेगा। जेट स्ट्रीम की रफ्तार 185 किमी प्रतिघंटा वर्तमान में जेट स्ट्रीम भी चल रही है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जेट स्ट्रीम का असर है। बुधवार को यह जमीन से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 185 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बह रही है। बीते दिनों रफ्तार 222 किमी प्रतिघंटा तक पहुंच चुकी है। क्या होती है जेट स्ट्रीम? मौसम एक्सपर्ट की माने तो प्रदेश में ठंड बढ़ने की वजह खास वजह जेट स्ट्रीम भी है। यह जमीन से लगभग 12 किमी ऊंचाई पर चलने वाली तेज हवा है। इस बार रफ्तार 222 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई है। यह देश के उत्तरी हिस्से में सक्रिय है। पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवा के अलावा ये ऊंची हवा सर्दी बढ़ा रही है। उत्तर के मैदानी इलाकों से जब ठंडी हवा और पहाड़ी इलाकों से बर्फीली हवा हमारे यहां आती है, तब तेज ठंड पड़ती है। यह सब उत्तर भारत में पहुंचने वाले मौसमी सिस्टम वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण होता है। ऐसे में यदि जेट स्ट्रीम भी बन जाए तो सर्दी दोगुनी हो जाती है। इस बार यही हो रहा है।

कोहरा बना किसानों का दोस्त! हरियाणा में इन फसलों के लिए बेहद लाभकारी रहेगा मौसम

नूंह  नूंह जिले में मौसम ने अचानक तीखे तेवर दिखा दिए हैं। तड़के सुबह से ही घने कोहरे ने पूरे नूंह जिले को अपने आगोश में ले लिया, वहीं हाड़ कंपा देने वाली ठंड ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया। रविवार को गलियों, चौक-चौराहों और बाजारों में लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेते नजर आए। कोहरे की मोटी चादर के कारण सड़कों पर दृश्यता बेहद कम रही, जिससे वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। हाईवे से लेकर ग्रामीणों में सड़कों तक वाहन रेंगते दिखाई दिए। चालकों ने हेडलाइट जलाकर सावधानीपूर्वक वाहन चलाए, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके। सुबह-सुबह काम पर निकलने वाले मजदूरों, बुजुर्गों और बच्चों पर ठंड का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। ठंड के इस मौसम में चाय की दुकानों पर खासा जमावड़ा नजर आया, जहां लोग गरमागरम चाय की चुस्कियां लेते हुए ठंड से राहत लेते दिखे। हालांकि यह मौसम किसानों के लिए खुशखबरी लेकर आया है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक घना कोहरा और ठंड रबी फसलों के लिए बेहद फायदेमंद मानी जा रही है। इससे गेहूं, सरसों सहित अन्य फसलों में नमी बनी रहेगी, जिससे पैदावार बेहतर होने की उम्मीद है। वहीं मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी ठंड और कोहरे के बने रहने की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, सुबह और देर रात अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

भोपाल में 3 दिन से शीतलहर, इंदौर में कड़ाके की ठंड ने बनाया नया रिकॉर्ड

भोपाल  मध्यप्रदेश में कड़ाके की सर्दी लगातार बढ़ती जा रही है। ठंड और कोहरे के चलते कई शहरों में दिन का तापमान सामान्य से नीचे चला गया है। भोपाल में लगातार तीसरे दिन शीतलहर चली, जबकि इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और छिंदवाड़ा सहित कई जिलों में तापमान 10 डिग्री के नीचे दर्ज हुआ। भोपाल में 7°C पारा, लगातार तीसरे दिन शीतलहर राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार हवा की दिशा उत्तर पश्चिमी होने से ठंड और तेज महसूस हो रही है। इंदौर समेत 4 शहरों में कोल्ड डे आज इंदौर, ग्वालियर, छिंदवाड़ा और शहडोल संभाग के कई शहरों में कोल्ड डे की स्थिति रही। इंदौर का तापमान 8.4 डिग्री, ग्वालियर में 8.4 डिग्री, जबकि जबलपुर का न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री दर्ज हुआ। राजधानी भोपाल में पिछले 3 दिन से शीतलहर चल रही है। सुबह से ही लोग ठंड से बचने के जतन करते नजर आए। यहां न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री दर्ज किया गया। उज्जैन में सीजन की सबसे सर्द रात रही, यहां पारा 9 डिग्री रहा। ग्वालियर में 8.9 डिग्री और जबलपुर में पारा 8.3 डिग्री पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार-सोमवार की रात में प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां पारा 5.2 डिग्री दर्ज किया गया। उमरिया में 5.6 डिग्री, राजगढ़ में 6 डिग्री, नौगांव में 6.5 डिग्री, रायसेन में 7 डिग्री, खजुराहो में 7.4 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। रीवा में 7.5 डिग्री, मलाजखंड में 7.8 डिग्री, मंडला में 7.9 डिग्री रहा। इसी तरह शिवपुरी में 8 डिग्री, बैतूल-सतना में 8.2 डिग्री, दमोह में 8.6 डिग्री, नरसिंहपुर में 9 डिग्री, छिंदवाड़ा में 9.2 डिग्री, खंडवा-सीधी में 9.4 डिग्री और गुना में पारा 9.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। मौसम विभाग ने आज भी कोल्ड वेव और कोल्ड डे का अलर्ट जारी किया है। इंदौर, उज्जैन और जबलपुर संभाग के कई शहरों में कोल्ड डे (ठंडा दिन) की स्थिति है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, सोमवार को इंदौर, शाजापुर, धार-नरसिंहपुर में कोल्ड डे और भोपाल में कोल्ड वेव का अलर्ट है। इससे पहले रविवार को भोपाल-शहडोल में शीतलहर चली। शाजापुर, नरसिंहपुर-बैतूल में कोल्ड डे रहा। इसलिए कड़ाके की ठंड का दौर मौसम विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की वजह से पहाड़ी राज्यों- हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी-बारिश हुई है। यहां से सर्द हवाएं एमपी में आ रही हैं। पिछले 3 दिन से सर्द हवाएं चल रही हैं। ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, भोपाल और सागर संभाग में शीतलहर का सबसे ज्यादा असर है। उत्तर से हवाएं सीधे यहां आ रही हैं इसलिए अन्य जिलों की तुलना में यहां सर्दी ज्यादा है। दिन-रात दोनों ही ठंडे हैं। राज्य के प्रमुख शहरों का न्यूनतम तापमान     शहडोल (कल्याणपुर) – 4.3°C (MP का सबसे ठंडा स्थान)     पचमढ़ी – 5.4°C     उमरिया – 6.1°C     राजगढ़ – 6.6°C     रीवा – 6.8°C     मलाजखंड – 7.1°C     मंडला – 7.4°C     खजुराहो – 7.8°C     नरसिंहपुर, शिवपुरी, नौगांव – 8°C     छिंदवाड़ा – 8.4°C     रायसेन – 8.6°C     बैतूल – 8.7°C     सतना – 9.3°C     सीधी, दमोह, श्योपुर – 9.4°C  

जहरीली हवा + कड़ाके की ठंड: दिल्ली की सांसें थमीं, AQI फिर खतरे के स्तर पर

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ठंड के कहर के साथ-साथ प्रदूषण की मार भी जारी है। बीता दिन शनिवार (6 दिसंबर) भी दिल्लीवासियों के लिए बेहद प्रदूषित रहा जहां 24 घंटे का औसत AQI 330 दर्ज किया गया जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। केंद्र और राज्य सरकारों के तमाम प्रयासों के बावजूद राजधानी पिछले डेढ़ महीने से ज़हरीली हवा की गिरफ़्त से बाहर नहीं निकल पाई है। CPCB के समीर ऐप के अनुसार दिल्ली के 40 में से 31 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI 'बहुत खराब' श्रेणी में दर्ज हुआ। मुंडका में AQI 387 और नेहरू नगर में 369 तक पहुंच गया। शनिवार सुबह 9 बजे तक भी औसत AQI 335 बना रहा। शनिवार शाम को दिल्ली-NCR की हवा में PM10 का स्तर 275.7 और PM2.5 का स्तर 157.4 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा जो मानक से करीब तीन गुना ज़्यादा है। 14 अक्टूबर के बाद एक भी दिन ऐसा नहीं रहा जब AQI 200 से नीचे आया हो। अगले 3-4 दिन सुधार के आसार नहीं वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली का अनुमान है कि अगले तीन से चार दिनों तक AQI इसी खराब स्तर के आसपास बना रहेगा। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक रविवार सुबह हल्की धुंध का अनुमान है और आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रहेगा। सरकारी एजेंसियों का कहना है कि प्रदूषण को कम करने के लिए बारिश या तेज़ हवा ही चाहिए लेकिन फिलहाल ऐसी किसी मौसमी गतिविधि की संभावना कम है। सेहत पर बढ़ता सीधा खतरा राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण का सीधा असर लोगों की सेहत पर दिख रहा है। सबसे अधिक समस्या अस्थमा मरीजों और बुजुर्गों को हो रही है। लोगों में आंखों में जलन, संक्रमण, गले में खराश, खांसी और दर्द की शिकायत बढ़ रही है। फेफड़ों पर बुरा असर पड़ रहा है और लोगों में थकान, घबराहट, सिरदर्द जैसे लक्षण भी बढ़े हैं। ठंड का सितम भी जारी प्रदूषण के साथ-साथ दिल्ली के लोगों को ठंड का सितम भी झेलना पड़ रहा है। न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस पर बना हुआ है जबकि अधिकतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है। पहाड़ों में बर्फबारी जारी रहने के कारण इसका असर मैदानी इलाकों में देखा जा रहा है। 10 से 12 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं ने शहर की सिहरन और बढ़ा दी है। वहीं मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए शीतलहर के लिए अलर्ट भी जारी कर दिया है।  

उमरिया में 4.8 डिग्री तापमान, मध्य प्रदेश के 24 शहरों में 10 डिग्री से कम पारा, ठिठुरते लोग

भोपाल  मध्य प्रदेश में दिसंबर की शुरुआत से ही ठंड ने जोर पकड़ा हुआ है, वहीं अब हाड़ कंपा देने वाली ठंड की एंट्री हो गई है. बर्फीली हवाओं ने प्रदेश पर ऐसा असर किया है कि शुक्रवार को पचमढ़ी हिल स्टेशन से ज्यादा ठंडा रीवा हो गया है. यहां रात का न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पचमढ़ी में तापमान 6.7 डिग्री सेल्सियस रहा. पहाड़ों पर बर्फबारी से बढ़ी ठिठुरन पहाड़ों पर भारी बर्फबारी और उत्तरी हवाओं ने मध्य प्रदेश में ठिठुरन बढ़ा दी है. गुरुवार-शुक्रवार रात राजधानी भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर समेत 19 से ज्यादा शहरों का तापमान गोता लगाते हुए 10 डिग्री सेल्सियस के नीचे पहुंच गया था. मौसम विभाग के मुताबिक हिमाचल में वेस्टर्रन डिस्टर्बेंस की वजह से भारी बर्फबारी के आसार हैं, इसी वजह से उत्तरी हवाएं एमपी में भी ज्यादा ठंड ला रही हैं. मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ी राज्य- हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के चलते बर्फबारी और बारिश होने की संभावना है। यहां से सर्द हवाएं भी एमपी में आ रही है। 7-8 दिसंबर को ठंड का असर और बढ़ेगा। शुक्रवार-शनिवार की रात में एमपी में पहली बार पारा 5 डिग्री से नीचे आ गया। उमरिया में सबसे कम 4.8 डिग्री दर्ज किया गया। राजगढ़ में 5 डिग्री, रीवा में 5.4 डिग्री, छतरपुर के नौगांव में 5.7 डिग्री और खजुराहो में 6.4 डिग्री, रायसेन में 7.4 डिग्री, दमोह-सतना में 7.5 डिग्री, मंडला में 8 डिग्री, मलाजखंड में 8.1 डिग्री, दतिया में 8.3 डिग्री, गुना में 8.4 डिग्री, बैतूल में 8.5 डिग्री, सीधी में 8.6 डिग्री, छिंदवाड़ा में 8.8 डिग्री, धार में 9.1 डिग्री, श्योपुर, सिवनी-नरसिंहपुर में 9.4 डिग्री, सागर में 9.9 डिग्री रहा। बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में सबसे कम 6.2 डिग्री, भोपाल में 8.2 डिग्री, ग्वालियर में 7.6 डिग्री, उज्जैन में 10 डिग्री और जबलपुर में पारा 7.8 डिग्री दर्ज किया गया। दिसंबर में टूटेंगे ठंड के कई रिकॉर्ड मौसम विभाग के मुताबिक इसबार नवंबर में ही दिसंबर-जनवरी जैसे ठंड पड़ी, जिससे कई रिकॉर्ड टूटे हैं. 1941 के बाद पहली बार राजधानी भोपाल में नवंबर में इतनी तेज ठंड पड़ी. 1941 में जहां नवंबर में 6.1 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तामपान दर्ज किया गया था तो वहीं 17 नवंबर 2025 को यह 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग का मानना है कि अगर ठंड के ऐसे ही तेवर रहे, तो दिसंबर में भी कई रिकॉर्ड ध्वस्त हो सकते हैं. कहां कितना रहा न्यूनतम तापमान? मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर से आ रही हवाओं का सबसे ज्यादा असर ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग पर पड़ा है. वहीं पूरे प्रदेश में औसत तापमान 2 से 3 डिग्री तक नीचे गिर गया है. गुरुवार-शुक्रवार रात रीवा में न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री, राजगढ़ में 6 डिग्री, पचमढ़ी में 6.7 डिग्री, चित्रकूट में 6.8 डिग्री, शिवपुरी में 7 डिग्री, उमरिया में 7.1 डिग्री, ग्वालियर में 7.5 डिग्री, नौगांव में 8.2 डिग्री, भोपाल में 8.2 डिग्री, सतना में 8.6 डिग्री, दमोह-खजुराहो में 9 डिग्री, गुना में 9.5 डिग्री, सीधी में 9.6 डिग्री, मलाजखंड में 9.7 डिग्री और जबलपुर व धार में तापमान 9.9 डिग्री सेल्सियस रहा. इस बार समय से पहले इतनी ठंड क्यों? मध्य प्रदेश में समय से पहले इतनी तेज ठंड के पीछे की वजह पहाड़ों पर बर्फबारी को बताया जा रहा है. भोपाल में सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने कहा, '' इस वर्ष उत्तरी राज्यों के पहाड़ी इलाकों में नवंबर की शुरुआत से ही बर्फबारी होने लगी थी. यही वजह है कि मध्य प्रदेश में जैसी ठंड दिसंबर के अंत और जनवरी में पड़ती थी, वैसी नवंबर से पड़ने लगी. दरअसल, उत्तर से आने वाली बर्फीली हवाओं से ही प्रदेश में ज्यादा ठंड पड़ती है. नवंबर की शुरुआत में तेज ठंड के बाद आखिरी सप्ताह में हवा की दिशा बदलते ही तापमान बढ़ गया था, लेकिन दिसंबर में फिर ठंड ने जोर पकड़ा है.'' दिन में भी बढ़ा सर्दी का असर मध्य प्रदेश के ज्यादातर शहरों में रात के वक्त जहां हाड़ कंपा देने वाली ठंड पड़ रही है, तो वहीं दिन में भी सर्दी का असर बरकरार है. शुक्रवार को नरसिंहपुर में दिन का अधिकतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस, बैतूल में 23.7 डिग्री, शिवपुरी में 24 डिग्री, धार में 24.4 डिग्री, नौगांव में 24.5 डिग्री, श्योपुर में 24.6 डिग्री और रीवा में 24.8 डिग्री रहा. वहीं बड़े शहर भोपाल, इंदौर, जबलपुर व ग्वालियर में भी दिन का अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस का आसपास रहा. पचमढ़ी से भी ठंडी रही रीवा की रात बीती रात रीवा प्रदेश में सबसे ठंडा इलाका रहा। यहां न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो राज्य के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी से भी कम रहा। भोपाल में पारा 8.2 डिग्री, ग्वालियर में 7.5 डिग्री, जबलपुर में 9.9 डिग्री, इंदौर में 11 डिग्री और उज्जैन में 11.7 डिग्री दर्ज हुआ। राजगढ़-कल्याणपुर में 6 डिग्री, पचमढ़ी 6.7, चित्रकूट 6.8, शिवपुरी 7, उमरिया 7.1, नौगांव 8.2, सतना 8.6, दमोह और खजुराहो में 9 डिग्री, गुना 9.5, सीधी 9.6, मलाजखंड 9.7 और धार में 9.9 डिग्री न्यूनतम तापमान रहा। दिन के तापमान में भी गिरावट सर्द हवाओं का असर दिन में भी देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को पचमढ़ी और नरसिंहपुर में अधिकतम तापमान 23.2 डिग्री दर्ज किया गया। बैतूल 23.7, शिवपुरी 24, धार-सिवनी 24.4, नौगांव 24.5, श्योपुर 24.6, रीवा 24.8 और टीकमगढ़ में तापमान 25 डिग्री के आसपास रहा। पांच प्रमुख शहरों में भोपाल का अधिकतम तापमान 25 डिग्री, इंदौर 24.8, ग्वालियर 25.6, जबलपुर 25.3 और उज्जैन में 26.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दिसंबर में भी पड़ेगी कड़ी ठंड मौसम विभाग का अनुमान है कि इस बार ठंड का दौर लंबा और अधिक प्रभावी रहेगा। भोपाल में नवंबर महीने की ठंड ने 84 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया, जबकि इंदौर में 25 वर्षों में सबसे ज्यादा ठंड दर्ज की गई। इसी तरह दिसंबर में भी ठंड नए रिकॉर्ड बना सकती है। नवंबर पहले ही बना चुका है रिकॉर्ड भोपाल में इस बार नवंबर में लगातार 15 दिन तक शीतलहर का असर रहा, जो साल 1931 के बाद सबसे लंबा दौर माना जा रहा है। 17 नवंबर की रात … Read more

ठंड में कांपते स्कूली बच्चे: सरकारी व्यवस्था की पोल खोलता झारखंड का हाल

बोकारो झारखंड में भीषण ठंड ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। राज्य के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। आलम ये है कि बोकारो के स्कूली बच्चों को भीषण ठंड में बिना स्वेटर के स्कूल जाना पड़ रहा है क्योंकि यहां अभी तक छात्र-छात्राओं को स्वेटर नहीं मिला है। बताया जा रहा है कि जिले के 9 प्रखंड में स्थित 1553 सरकारी स्कूलों में पढ़ाई कर रहे पहली कक्षा से लेकर आठवीं कक्षा तक के लगभग 1 लाख 42 हजार छात्र-छात्राओं को अभी तक स्वेटर नहीं मिला है जबकि नवंबर महीना बीतने को है। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में जिले का तापमान 10 डिग्री तक लुढ़कने की संभावना है। इस बढ़ती ठंड में जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों को स्वेटर नहीं मिला है जिससे बिना स्वेटर के ही बच्चे स्कूल जाने को मजबूर हैं। मामले में विभाग का कहना है कि राज्य सरकार से ही राशि का आवंटन प्राप्त नहीं हुआ है। इसके कारण राशि का वितरण नहीं किया गया है, लेकिन विभाग से राशि का आवंटन नहीं होने और बच्चों को देरी से राशि मिलने से ठंड में बच्चों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। बता दें कि ठंड के मौसम में हर साल जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को पोशाक के साथ स्वेटर खरीदने के लिए राशि दी जाती है। इसमें स्वेटर के लिए कक्षा 1 से 5वीं तक के बच्चों को 600 रुपए और कक्षा 6 से 12वीं तक के बच्चों को 860 रुपए दिए जाते हैं। इसमें कक्षा 1 से 2 के बच्चों को एसएमसी के खाता में और कक्षा-3 से 12वीं तक के बच्चों के बैंक खाता में राशि भेजी जाती है।  

भोपाल में 15 दिन की कोल्ड वेव खत्म, मध्य प्रदेश में अब शीतलहर से मिलेगी थोड़ी राहत

भोपाल  मध्यप्रदेश में पिछले 24 घंटों में मौसम आमतौर पर सूखा ही रहा। खरगौन में शीतलहर का प्रभाव था। वहीं नरसिंहपुर में शीतल दिन रहा। अधिकतम तापमान में अधिकतर जिलों में कोई खास परिवर्तन नहीं हुआ। इंदौर, उज्जैन, चंबल, रीवा और सागर में तापमान सामान्य से 1.5°C-2.0°C कम था। बाकी जिलों में तापमान सामान्य स्तर पर बना रहा। न्यूनतम तापमान में भी कोई विशेष बदलाव नहीं हुआ। भोपाल और इंदौर में तापमान सामान्य से 3.6°C-3.9°C तक कम रहा। अन्य जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य स्तर पर रहा। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में मौसम में ज्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं है। हालांकि, रात के तापमान में गिरावट हो सकती है। ठंड का असर अगले कुछ दिनों में बढ़ सकता है।  तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज हुआ—     नौगांव (छतरपुर): 8.2°C     मंदसौर: 8.6°C     नरसिंहपुर: 8.6°C     शाजापुर: 8.8°C     राजगढ़: 9°C भोपाल में भी रातें जमाने लगी हैं और न्यूनतम तापमान 9.4°C दर्ज किया गया। बड़े शहरों में हल्की राहत, लेकिन सुबह की सर्दी तेज दिन का तापमान सामान्य बना हुआ है, लेकिन सुबह की ठंड शहरों में भी महसूस की जा रही है।     इंदौर: 11.7°C     ग्वालियर: 12.1°C     जबलपुर: 12.2°C     उज्जैन: 12.5°C अगले 5 दिनों का मौसम: बादल रहेंगे, ठंड भी जारी मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के सक्रिय होने के कारण कई हिस्सों में बादलों की मौजूदगी बनी रहेगी। इससे दिन के तापमान में मामूली बढ़ोतरी होगी, लेकिन रातें ठंडी ही रहेंगी। पूर्वानुमान —     इस सप्ताह शीतलहर की कोई संभावना नहीं     रात के तापमान में 2–3 डिग्री की और गिरावट के संकेत     विंध्य और मालवा में घना कोहरा बढ़ सकता है     दिसंबर की शुरुआत से ठंड का असली दौर सामने आने की संभावना   मप्र का तापमान: पांच शहरों का मौसम मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के पांच प्रमुख बड़े शहरों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इंदौर में 9.8 डिग्री, भोपाल में 10.2 डिग्री, उज्जैन में 11.2 डिग्री, ग्वालियर में 8.3 डिग्री और जबलपुर में रात का पारा 8.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दूसरी तरफ, नरसिंहपुर में दिन का तापमान 23.6 डिग्री तक आ गया। मंडला में 30.0 डिग्री, उज्जैन में 29.7 डिग्री, सीहोर में 29.6 डिग्री, नर्मदापुरम में 29.4 डिग्री और विदिशा में 29.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रविवार को प्रदेश में सबसे कम तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस पचमढ़ी में रिकॉर्ड किया गया जबकि दिन का अधिकतम तापमान 30.0 डिग्री सेल्सियस मंडला में दर्ज किया गया। ग्री, नौगांव में 8.8 डिग्री, नरसिंहपुर में 9.4 डिग्री सेल्सियस रहा। बाकी शहरों में पारा 10 डिग्री या इससे अधिक ही दर्ज किया गया। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि विंड पैटर्न चेंज हुआ है। इस वजह से दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। फिलहाल अगले 5 दिन तक कहीं भी शीतलहर का अलर्ट नहीं है। कई शहरों में 100 मीटर के बाद देखना भी मुश्किल कड़ाके की ठंड से राहत मिलने के बाद अब घना कोहरा भी छाने लगा है। कई जगहों पर तो 100 मीटर के बाद दूर नहीं दिखा। शनिवार को शाजापुर में घना कोहरा छाया। अकोदिया, शुजालपुर क्षेत्र में सुबह विजिबिलिटी 100 मीटर तक ही रही। इससे गाड़ियों की हेड लाइटें चालू रही। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, दतिया, इंदौर, जबलपुर में 1 हजार मीटर तक विजिबिलिटी रही। गुना, ग्वालियर, सतना, रीवा, खजुराहो में 500 से 1 हजार मीटर विजिबिलिटी दर्ज की गई। मौसम विभाग की एडवाइजरी-फ्लू, सर्दी-जुकाम होने पर डॉक्टर को दिखाएं     ट्रैफिक- कोहरा होने पर गाड़ी चलाते समय या किसी ट्रांसपोर्ट के जरिए ट्रैवल करते समय सावधान रखें। ड्राइविंग धीरे करें और फॉग लाइट का इस्तेमाल करें।     हेल्थ- तेज ठंड होने पर शरीर की गर्माहट बनाए रखने के लिए सिर, गर्दन, हाथ-पैर की उंगलियों को अच्छे से ढंके। फ्लू, सर्दी, खांसी-जुकाम होने पर डॉक्टर को दिखाए। विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं।     कृषि- जहां मिट्टी में पर्याप्त नमी हो, वहां गेहूं, चना, सरसों-मटर की बुआई करें। जहां बुआई हो चुकी है, वहां जरूरत पड़ने पर कृषि वैज्ञानिकों से सलाह लें। पिछली फसलों के अवशेष यानी, ठूंठ को कभी न जलाएं। एमपी में ठंड से अब तक दो की मौत कड़ाके की ठंड की वजह से पिछले दो दिन में दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। रीवा के अमहिया थाना क्षेत्र स्थित अस्पताल चौराहा पर सड़क किनारे एक व्यक्ति की लाश पड़ी मिली थी। इससे पहले रायसेन में भी एक शख्स की मौत हो चुकी है। परिजनों का दावा है कि ठंड की वजह से ही मौत हुई, लेकिन प्रशासन ने ठंड से मौत होने की पुष्टि नहीं की है।